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15 दिसंबर से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ

मेष राशि: मेष राशि के जातकों के लिए कल दिन समस्याएं लेकर आने वाला है आपके कामों को लेकर टेंशन रहेगी क्योंकि आपका बिजनेस पहले जैसा नहीं चलेगा लेकिन खर्च बेटा आशा बढ़ेंगे जो आपकी टेंशन को बढ़ाएंगे आपको अपनी किसी पुरानी गलती से सबक लेने की आवश्यकता है बिजनेस में आपको योजना बनाकर काम करना हगा आपके सहयोगी की भी कामों में आपका पूरा साथ देंगे. वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातकों के लिए दिन की शुरुआत थोड़ा कमजोर रहेगी. आपने  यदि किसी से कुछ कर्ज लिया था, तो वह भी आपसे वापस मांग सकते हैं. सांसारिक सुख भोग के साधनों में वृद्धि होगी, लेकिन सामाजिक क्षेत्रो में कार्यरत लोगों को अपने कामों पर पूरा ध्यान देना होगा. आप अपने कामों में एकाग्र होकर जुटेगे, तभी वह समय से पूरे हो सकगे. मिथुन राशि: मिथुन राशि के जातकों के लिए कल दिन किसी नये वाहन की खरीदारी के लिए अच्छा रहेगा. आपका कोई परिजन आपके लिए कोई इन्वेस्टमेंट प्लान लेकर आ सकता है. आप अपने घर की साज सज्जा व रखरखाव पर पूरा ध्यान देंगे. आपको किसी पुराने मित्र से लंबे समय बाद मिलकर खुशी होगी. प्रेम जीवन जी रहे लोगों की अपने साथी से बॉन्डिंग अच्छी रहने की संभावना है. कर्क राशि: कर्क राशि के जातकों के लिए कल दिन वाणी व व्यवहार पर संयम बनाये रखने के लिए रहेगा. राजनीति की और कदम बड़ा रहे लोगों को अपने कामों पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है. आपको अपनी संतान की सेहत में कोई कंप्रोमाइज नहीं करना है. विद्यार्थियों की किसी नये कोर्स के प्रति रुचि जागृत हो सकती है. आपको अपने पारिवारिक मामलों पर भी पूरा ध्यान देना होगा. किसी से धन उधार लेने से बचे. सिंह राशि: सिंह राशि के साथ जो जातक बिजनेस में कार्यरत  है, उनकी दीर्घकालीन योजनाओ को गति मिलेगी. आपके मन में कामों को लेकर जल्दबाजी रहेगी, जिससे कोई गड़बड़ी होने की संभावना है. आपको कोई निर्णय सोच समझ कर लेना होगा. आपके कुछ नहीं विरोधी उत्पन्न हो सकते हैं. आप अपने कामों में कोई बदलाव करने की योजना बना सकते हैं. परिवार में किसी सदस्य के विवाह की बाधा दूर होगी. कन्या राशि: कन्या राशि के जातकों के लिए कल दिन अकस्मात् लाभ दिलाने वाला रहेगा. आपको अपने कामों में लाभ मिलने से खुशी होगी. किसी की कोई बात बुरी लगने से आपका मन थोड़ा परेशान तो रहेगा, लेकिन आप अपने अच्छी सोच का कार्य क्षेत्र में लाभ उठाएंगे. आप आय और व्यय का लेखा जोखा रखे,  तभी आप भविष्य को लेकर कुछ धन संचय करने की प्लानिंग कर सकते हैं. आपके किसी काम को लेकर यदि संशय बना है, तो उसे काम को बिल्कुल ढील ना दे. तुला राशि: तुला राशि के जातकों के लिए कल दिन समस्याओं भरा रहने वाला है. आपको अपने पारिवारिक मामलों को मिल बैठकर दूर करने की आवश्यकता है. कोई बाहरी व्यक्ति इसमें उंगली कर सकता है, इसलिए आप किसी से कोई जरूरी जानकारी शेयर ना करें. किसी काम को लेकर यदि आप अपने मित्र से धनु उधर लेंगे, तो वह भी आपको आसानी से मिल जाएगा.  आप उन्नति की राह पर आगे बढ़ेंगे. वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए कल दिन किसी नये वाहन की प्राप्ति के लिए रहेगा. आपको कार्य क्षेत्र में तरक्की करते देख बॉस आपका प्रमोशन कर सकते हैं. आपने यदि किसी प्रॉपर्टी को लेकर कोई लोन आदि अप्लाई किया था, तो उसके भी मिलने की आपको संभावना है. नौकरी में कार्यरत लोग बदलाव का प्लान बना सकते हैं. किसी नए काम की शुरुआत करना आपके लिए अच्छा रहेगा. धनु राशि: धनु राशि के जातकों के लिए कल दिन अपने खर्चों पर पूरा ध्यान देने वाला रहेगा. आपके खर्चे तो बढ़ेंगे, लेकिन आप उन्हें संभालने की पूरी कोशिश करेंगे. परिवार में किसी सदस्य के स्वास्थ्य में अकस्मात गिरावट आने से भागदौड़ अधिक रहेगी. आपकी टेंशन भी बढ़ेगी. माता जी आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकती हैं, जिससे आपको घबराने की आवश्यकता नहीं है. आप कोई लेनदेन भी सोच विचार कर करें. मकर राशि: मकर राशि के जातकों के लिए कल दिन उत्तम संपत्ति के संकेत दे रहा है. आपकी संपत्ति बढ़ने से आपका मन प्रसन्न रहेगा. परिवार में सदस्यों में खटपट होने की संभावना है, लेकिन आप उससे घबराएं नहीं. आपने यदि अपने किसी काम में किसी दूसरे व्यक्ति से सलाह ली, तो वह आपके कामों को बिगाडने की कोशिश करेगा. अविवाहित जातकों के लिए कोई बेहतर रिश्ता आ सकता है. कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातको को अपने कामों मे एकाग्र होकर जुटना होगा, तभी उनके काम समय से पूरे हो सकेंगे. आप जीवनसाथी को  बिजनेस की शुरुआत करा सकते हैं, जो आपके लिए अच्छी रहेगी. आपकी किसी पुराने मित्र से लंबे समय बाद मुलाकात होगी. संतान आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी. आपकी किसी पुरानी गलती से पर्दा उठ सकता है, जिस कारण परिवार के सदस्य नाराज हो सकते हैं. मीन राशि: मीन राशि के जातकों के लिए कल दिन ऊर्जावान रहने वाला है.  आपके अंदर काफी एनर्जी रहेगी. संतान की नौकरी को लेकर यदि आप परेशान थे, तो आपकी वह चिंता समाप्त होगी. किसी से धन उधार यदि आपको लेना होगा, तो वह भी आपको आसानी से मिल जाएगा. बैंकिंग क्षेत्रों में कार्यरत लोग अपने कामों पर पूरा ध्यान दें और किसी अच्छी जगह इन्वेस्टमेंट करने का मौका मिलेगा.

ताहिर हुसैन को टिकट देने के मुद्दे पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा-कानून इसकी इजाजत देता है, केजरीवाल भी दूध के धुले नहीं हैं

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में दिल्ली दंगे के आरोपी ताहिर हुसैन को टिकट देने के मुद्दे पर एआईएमआईएम सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी दलीलें दीं। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि कानून इसकी इजाजत देता है। कहा कि अरविंद केजरीवाल भी दूध के धुले नहीं हैं। दिल्ली दंगे के आरोपी ताहिर हुसैन को दिल्ली विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी द्वारा टिकट देने के बाद काफी हो हल्ला मचा था। न्यूज चैनल आजतक के एक कार्यक्रम में ओवैसी ने इसको लेकर पूछे गए सवालों पर कई सारी दलीलें दीं। ओवैसी ने कहा कि हम मीडिया बाई ट्रायल को नहीं मानते। ताहिर का मामला कोर्ट में है। मुझे उम्मीद है कि कोर्ट इंसाफ करेगा। जब उनसे पूछा गया कि आपने ताहिर को ही क्यों चुना, जब वह दंगे का मुख्य आरोपी है। इस पर ओवैसी ने कहा कि वह अभी सिर्फ आरोपी है। आप जज नहीं हैं। मीडिया बाई ट्रायल ने कई लोगों की जिंदगी खराब की है। पार्टी को लगा कि उन्हें टिकट देना चाहिए। कोर्ट में मामला है, वह तय करेगा। ओवैसी ने कहा कि ताहिर पर अभी सिर्फ आरोप है। कोर्ट ने अभी दोषी नहीं माना है। मुझे विश्वास है कि इंसाफ मिलेगा। जब उनसे पूछा गया कि ताहिर पर उनकी नजर कैसे पड़ेगी, इस पर ओवैसी ने कहा कि नजर यूं पड़ी कि अरविंद केजरीवाल के उपर भी केस है। वो भी जेल गए। सिसोदिया भी जेल गए। दूध के धुए हैं क्या वो? बताइए वो भी तो जेल गए। यह अलग बात है कि उन दोनों को बेल मिल गई, जबकि वह पांच साल से जेल में है। ओवैसी ने स्टेन स्वामी हत्या मामले में ज्यूडिशियल सिस्टम पर भी अंगुली उठाया। साथ ही कहा कि यह ज्यूडिशियल सिस्टम को देखना होगा कि केजरीवाल और सिसोदिया को बेल मिल गई और ताहिर पांच साल से जेल में है। कहा कि समझ में नहीं आ रहा है कि ये क्या हो रहा है। दिल्ली दंगे में मारे गए आईबी अधिकारी अंकित शर्मा का जिक्र करने पर ओवैसी बोले कि हम उसकी निंदा करते हैं, लेकिन ताहिर पर अभी सिर्फ आरोप है। ओवैसी ने कहा कि संसद में 40-45 प्रतिशत ऐसे सांसद हैं जिनपर ग्रीवियस चार्जेज हैं। इनमें किडनैपिंग से लेकर रेप तक के चार्जेज हैं। उनके बारे में कोई नहीं पूछेगा। और वे जीत जाते हैं। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर से कोई नहीं पूछेगा।

एस जयशंकर से मिली कांग्रेस सांसद सुधा, श्रीलंकाई सरकार से बात कर भारतीय मछुआरों को रिहा कराने की मांग उठाई

नई दिल्ली तमिलनाडु के मयिलादुथुराई से कांग्रेस सांसद आर सुधा ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने श्रीलंकाई सरकार से बात कर भारतीय मछुआरों को रिहा कराने की मांग उठाई। कांग्रेस सांसद ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि, वो श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका पर दबाव बनाए कि वे 15-17 दिसंबर को तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान भारतीय मछुआरों को रिहा करें। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से अनुरोध किया, श्रीलंकाई नौसेना द्वारा कैद किए गए 141 भारतीय मछुआरों और भारतीय मछुआरों के स्वामित्व वाली 198 मछली पकड़ने वाली नौकाओं को तत्काल छोड़ दिया जाए। कांग्रेस सांसद ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच मछुआरों के मुद्दे के स्थायी समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने केंद्र सरकार से कच्चाथिवु समझौते पर ध्यान देने और तमिलनाडु के 14 तटीय जिलों में रहने वाले 2.1 करोड़ लोगों के जीवन में शांति लाने के लिए कार्रवाई करने की भी अपील की। जयशंकर को दिए ज्ञापन में इस बात का जिक्र है। इसमें लिखा गया है, “श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायको की 17 दिसंबर, 2024 को प्रस्तावित नई दिल्ली यात्रा, भारत और श्रीलंका से संबंधित कुछ गंभीर सामाजिक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों को सामने लाने का एक और अवसर है। इस दौरान श्रीलंकाई जेलों में बंद अवैध रूप से गिरफ्तार भारतीय मछुआरों और श्रीलंका द्वारा अवैध रूप से जब्त की गई मछली पकड़ने वाली नौकाओं और ट्रॉलरों की रिहाई सुनिश्चित करने का भी अवसर है।” बता दें कि तमिलनाडु का तट 1,076 किलोमीटर तक लंबा है, जो भारत की कुल तटीय लंबाई का लगभग 15 प्रतिशत है। प्रदेश के कुल 38 जिलों में से 14 तटीय हैं। इसमें मयिलादुथुराई भी शामिल है। वहीं, अन्य तटीय जिले तिरुवल्लूर, चेन्नई, चैंगलपट्टू, विल्लुपुरम, कुड्डालोर, नागपट्टिनम, तिरुवरुर, तंजावुर, पुदुकोट्टई, रामनाथपुरम, थूथुकुडी, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी हैं।  

जासूसी के आरोप से बाइज्जत बरी एक व्यक्ति को अपर जिला जज के तौर पर नियुक्त करने हाईकोर्ट ने दिया आदेश

प्रयागराज/कानपुर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में जासूसी के आरोप से बाइज्जत बरी एक व्यक्ति को अपर जिला जज के तौर पर नियुक्त करने का राज्य सरकार को निर्देश दिया है। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने और राजद्रोह के दो मुकदमों में आरोपी रहे इस व्यक्ति को निचली अदालत द्वारा बरी कर दिया गया था। अदालत ने राज्य सरकार को याचिकाकर्ता को अपर जिला जज (उच्च न्यायिक सेवा काडर के तहत) के पद पर नियुक्ति पत्र 15 जनवरी 2025 तक जारी करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता ने 2017 में उच्च न्यायिक सेवा परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की थी। प्रदीप कुमार नाम के व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश पारित करते हुए न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति डी. रमेश की पीठ ने कहा, ”याचिकाकर्ता को दो आपराधिक मामलों में ‘बाइज्जत बरी’ कर दिया गया था और दोनों ही मामलों में आरोपों में कोई सत्यता नहीं पाई गई।” अदालत ने राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता का आचरण सत्यापन कराने और सभी औपचारिकताएं पूरी कर 15 जनवरी 2015 तक नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता ने उत्तर प्रदेश उच्च न्यायिक सेवा (सीधी भर्ती) परीक्षा, 2016 के लिए आवेदन किया था जिसमें उसने अपने खिलाफ चले दो मुकदमों (एक जासूसी और दूसरा राजद्रोह) और उन मुकदमों में छह मार्च 2014 को बरी किए जाने का उल्लेख किया था। ये मुकदमे कोतवाली, कानपुर नगर में वर्ष 2002 में दर्ज किए गए थे। याचिकाकर्ता ने चयन प्रक्रिया में भाग लिया और उसे सफल घोषित किया गया। इसके बाद 18 अगस्त 2017 को उच्च न्यायालय ने चयनित अभ्यर्थियों की सूची राज्य सरकार को भेजी और नियुक्ति की सिफारिश की। हालांकि, याचिकाकर्ता को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया। अदालत ने छह दिसंबर के अपने आदेश में कहा, ”इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि याचिकाकर्ता को जासूसी के गंभीर आरोप का सामना करना पड़ा और राज्य सरकार के लिए इस पर गंभीरता से विचार करना जरूरी था। लेकिन दूसरी तरफ इस आपराधिक मुकदमे में याचिककर्ता को ‘बाइज्जत बरी’ कर दिया गया जहां आरोप में कोई सच्चाई नहीं पाई गई।” अदालत ने यह भी कहा, ”याचिकाकर्ता ने किसी विदेशी एजेंसी के लिए काम किया हो, यह निष्कर्ष निकालने के लिए राज्य सरकार के पास कोई साक्ष्य मौजूद नहीं हैं। वह खुफिया एजेंसियों के राडार पर था, इस बात का कोई मतलब नहीं है।” प्रदीप कुमार और उनका परिवार कानपुर के मेस्टन रोड इलाके में रहता है। ‘पीटीआई-भाषा’ द्वारा संपर्क किए जाने पर परिवार ने इस विषय पर बात करने से यह कहते हुए मना किया कि ‘प्रदीप यहां नहीं हैं।’

आज वर्तमान पर बात होनी चाहिए, आज संविधान अगर धोखे में है तो इसे महाराष्ट्र में देखा गया: आदित्य ठाकरे

मुंबई कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को लोकसभा में संविधान और मनुस्मृति की प्रतियां दिखाते हुए सरकार पर हमला बोला जिसको लेकर बयानबाजियों का दौर शुरू हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज संविधान और हमारे भविष्य पर बात होनी चाहिए। आज वर्तमान पर बात होनी चाहिए। आज संविधान अगर धोखे में है तो इसे महाराष्ट्र में देखा गया। संविधान का अपमान महाराष्ट्र में हुआ था। 50 साल या हजार साल पहले क्या हुआ, इस विषय में भाजपा या कांग्रेस को जाने की जरूरत नहीं है। मुझे लगता है कि हमें आज के मुद्दे पर बात करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल चुनावों के लिए हिंदुओं का उपयोग करती है और फिर फर्जी समाचार प्रचारित करना शुरू कर देती है। कुछ सिद्धिविनायक मंदिर के स्वामित्व का दावा करते हैं। सच्चाई यह है कि अगर आप देश भर में देखें तो सबसे अधिक हिंदू और हिंदू मंदिर भाजपा शासित राज्यों में खतरे में हैं। आदित्य ठाकरे ने कहा कि दादर इलाके में 80 साल पुराने हनुमान मंदिर को नोटिस भेजा गया था। हमारे विरोध के बाद बीजेपी के कई नेता हनुमान मंदिर पर नाटक करने पहुंचे थे। अगर इतनी ही हिम्मत है तो बांग्लादेश में हिन्दुओं को बचाओ। हमारी मांग यही है कि जो हनुमान मंदिर को नोटिस भेजा गया था, उस नोटिस पर स्टे लगना चाहिए। कल उद्धव ठाकरे ने बीजेपी के नकली हिंदुत्व, बीजेपी के चुनावी हिंदुत्व को उजागर किया। रेलवे ने दादर मंदिर को दिए गए नोटिस को खारिज कर दिया। आज हम दादर मंदिर जा रहे हैं। महाराष्ट्र के दादर रेलवे स्टेशन के बाहर बने हनुमान मंदिर को अब नहीं हटाया जाएगा। रेलवे ने मंदिर को दिए गए नोटिस पर रोक लगा दी है। मध्य रेलवे की ओर से कहा गया कि भाजपा नेता आशीष शेलार और मंगल प्रभात लोढ़ा के अनुरोध पर हनुमान मंदिर के खिलाफ रेलवे के नोटिस पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। रेलवे ने चार दिसंबर को दादर रेलवे स्टेशन के बाहर बने हनुमान मंदिर के ट्रस्टी और पुजारी को भेजे नोटिस में कहा था कि यह अतिक्रमण है। इससे यात्रियों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। रेलवे प्रशासन ने मंदिर को सात दिन में हटाने के लिए कहा था।

शीनबाम ने कहा, नागरिकों को मेक्सिको वापस भेजने के नियम हैं, ऐसा नहीं है कि पुलिस उन्हें रोकती है और फिर भेज देती है

मेक्सिको सिटी राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने कहा कि अमेरिका में स्थित मेक्सिको के वाणिज्य दूतावास अपने नागरिकों के लिए कानूनी सहायता को और बेहतर करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें उनके अधिकारों और निर्वासन प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी मिले। उन्होंने कहा कि हम मेक्सिको में मेक्सिकन लोगों के स्वाग्त के लिए तैयार हैं। प्रेसिडेंट शीनबाम का यह बयान, अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से लगातार दी जा रही सामूहिक निर्वासन की धमकियों के जवाब में आया। ट्रंप ने अवैध इमीग्रेशन को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाने के लिए मेक्सिको की आलोचना की है। शीनबाम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “(नागरिकों) को मेक्सिको वापस भेजने के नियम हैं। ऐसा नहीं है कि पुलिस उन्हें रोकती है और फिर उसी दिन उन्हें बॉर्डर पर भेज देती है। ऐसे मानक और नियम हैं जिनका पालन किया जाना चाहिए, और उन्हें बिना किसी कारण के निर्वासित नहीं किया जा सकता है।” उन्होंने कहा, “हम संयुक्त राज्य अमेरिका में अपने वाणिज्य दूतावासों की क्षमता को मजबूत कर रहे हैं और कानूनी सहायता के स्तर में सुधार कर रहे हैं। सरकार वाणिज्य दूतावासों के लिए संपर्क जानकारी प्रदान करेगी, ताकि मैक्सिकन नागरिक निर्वासन के मामले में सहायता प्राप्त कर सकें।” शीनबाम ने कहा, “हम मेक्सिको में मेक्सिकन लोगों का स्वागत करने के लिए हैं और उन्हें निर्वासित किए जाने की स्थिति में उनकी जरुरत की हर चीज तैयार कर रहे हैं।” इससे पहले नवंबर में, राष्ट्रपति शिनबाम ने प्रवासियों के संभावित बड़े पैमाने पर निर्वासन के लिए चिंता व्यक्त की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति-चुनाव डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि उनके पदभार संभालने के बाद ऐसा हो सकता है। सिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक शीनबाम ने कहा, “यदि निर्वासन होता है, तो हम मैक्सिकन लोगों को स्वीकार करेंगे, और हमारे पास इसके लिए एक योजना है।” प्रवासियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किए जाने पर अपनी असहमति व्यक्त करते हुए, उन्होंने कहा, “इसलिए दुनिया भर में न्याय की संस्थाएं मौजूद हैं ताकि बुनियादी अधिकारों की रक्षा की जा सके। सरकार निर्वासन के जोखिम में फंसे प्रवासियों की बेहतर सुरक्षा के लिए अमेरिका में मैक्सिकन वाणिज्य दूतावासों के नेटवर्क को मजबूत कर रही है। ट्रंप, जो 20 जनवरी, 2025 को शपथ लेंगे, ने अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर अवैध प्रवासियों के प्रवाह को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की धमकी दी है।

मृत बताकर पेंशन निरस्त करने वालो पर मुख्यमंत्री भजनलाल ने जताई नाराजगी, 5 सस्पेंड, 48 कर्मचारियों 17 सीसीए के नोटिस

जयपुर राजस्थान में मृत बताकर पेंशन निरस्त करने वाले ग्राम विकास अधिकारियों पर भजनलाल सरकार ने गाज गिरा दी है । इस मामले में मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद राजसमंद कलेक्टर ने 4 दोषी ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि ब्यावर में एक दोषी कार्मिक को निलंबित किया गया है । वहीं अब तक कुल 48 सरकारी कर्मचारियों को 17 सीसीए के नोटिस थमाए गए है । सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव बचनेश कुमार अग्रवाल की तरफ से मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई एक रिपोर्ट से इस कार्रवाई की बात सामने आई है । आपको बता दे कि 2 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में यह मामला सामने आया था। इस मामले पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए । मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद राजसमंद और ब्यावर जिला कलेक्टर ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है । इसमें राजसमंद के 29 कार्मिको को आरोप पत्र जारी किए गए है । जबकि ब्यावर के 9 ग्राम विकास अधिकारियों, 5 खण्ड विकास अधिकारियों व 5 अन्य कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा राजसमंद में 4 दोषी ग्राम विकास अधिकारियों और ब्यावर में एक कर्मचारी को निलंबित भी किया गया है । वहीं सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग ने इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचने के लिए, सभी जिला कलेक्टरों को विभागीय पत्र जारी किए गए हैं। पत्र के जरिये यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है कि भविष्य में किसी भी जीवित पेंशनधारी की पेंशन बिना वजह से नहीं रोकी जाए। साथ ही, पेंशनधारियों को समय पर उनकी पेंशन मिले, इसके लिए प्रशासन को सतर्क रहने के लिए भी कहा गया है।

पुलिस से परेशान होकर शंभू किसानी मोर्चे में शामिल एक किसान ने मानसिक तनाव के कारण पिया ज़हर, हालत बिगड़ी

पटियाला शंभू किसानी मोर्चे में शामिल एक किसान ने हरियाणा पुलिस द्वारा सख्ती किए जाने के बाद मानसिक तनाव के कारण सल्फास (ज़हर) पी लिया। इस घटना के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई और उसे तत्काल पटियाला के सरकारी राजेंद्र अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर्स के अनुसार, किसान की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। शंभू बॉर्डर से दिल्ली की ओर मार्च कर रहे किसानों पर हरियाणा पुलिस द्वारा अचानक सख्ती की गई। पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई से वहां मौजूद किसान खासे तनाव में थे। इस दौरान जोरा सिंह, जो लुधियाना जिले के खन्ना स्थित गांव रतन खेड़ी का निवासी है और उम्र 50 साल है, पुलिस की इस बर्बरता को देख पाता है कि उसके आत्मविश्वास को गहरा धक्का लगा। मानसिक अवसाद के चलते जोरा सिंह ने एक हताशा की स्थिति में सल्फास पी लिया। किसान नेता सुरजीत सिंह फुल ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि यह घटना बहुत ही दुखद है। उन्होंने कहा कि “किसान शांतिपूर्वक अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन हरियाणा पुलिस ने उन्हें बुरी तरह से पीटा। इस घटना को देखकर जोरा सिंह, जो अपनी भूमि के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा था, मानसिक रूप से टूट गया और उसने सल्फास पी लिया।” फुल ने आगे कहा कि “हमारे किसान भाइयों पर इस तरह की हिंसा दुखद है। हम इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं और सरकार से अपील करते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।” जोरा सिंह की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि वे पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल उसकी हालत स्थिर नहीं हुई है। उसे तुरंत इलाज के लिए भर्ती किया गया और चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं।

स्कूल में गिरा ओवरहेड वॉटर टैंक गिरने से हुआ हादसा, तीन छात्रों की मौत, 2 घायल

ईटानगर अरुणाचल प्रदेश में एक दुखद हादसे में निजी स्कूल का ओवरहेड वाटर टैंक गिर गया, जिसकी चपेट में आने से तीन छात्रों की मौत हो गई। समाचार एजेंसी एएनआई ने घटना की जानकारी देते हुए पुलिस के हवाले से बताया कि नाहरलागुन इलाके में शनिवार को एक निजी स्कूल के तीन छात्रों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 9 बजे मॉडल विलेज के सेंट अल्फोंसा स्कूल में हुई। नाहरलागुन के पुलिस अधीक्षक मिहिन गाम्बो ने एजेंसी से कहा, ‘पांच में से तीन की मौत हो गई और दो अन्य का इलाज चल रहा है।’ प्रिंसिपल और मालिक पुलिस हिरासत में एसपी ने कहा, ‘मॉडल विलेज, नाहरलागुन में सेंट अल्फोंसा स्कूल की ओवरहेड वॉटर टैंक की दीवार गिर गई और स्कूल के कुछ छात्रों पर गिर गई। घायल छात्रों को टोमो रीबा इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज (TRIHMS) मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले जाया गया।’ पुलिस ने कहा कि मृतक कक्षा 9 के छात्र हैं, जबकि घायल कक्षा 6 और 8 के छात्र हैं। पुलिस ने स्कूल के प्रिंसिपल, मालिक और चार अन्य कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जांच में जुटी पुलिस मिहिन गाम्बो ने कहा, ‘शुरुआत में हमने इमारत के मालिक और स्कूल के प्रिंसिपल सहित छह लोगों को हिरासत में लिया है और हम उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। तीनों मृतक छात्र कक्षा 9 के छात्र हैं। घायल हुए दो छात्रों में से एक कक्षा 6 का छात्र है और दूसरा कक्षा 8 का छात्र है।’ पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पाकिस्तान के सरेंडर वाली तस्वीर को भारतीय सेना ने हटाई, उस तस्वीर की जगह एक नई पेंटिंग ने ली

नई दिल्ली 53 साल पहले जब पाकिस्तानी जनरल नियाजी ने भारतीय सेना के सामने सरेंडर किया था, उसकी एक ऐतिहासिक तस्वीर ने भारतीय सेना की शक्ति को दुनिया के सामने रखा था। लेकिन अब, भारतीय थलसेना प्रमुख के ऑफिस में वह तस्वीर हटा दी गई है और उसकी जगह एक नई पेंटिंग लगाई गई है, जो भारतीय सेना के नए सैन्य फोकस को दर्शाती है। यह पेंटिंग न केवल सेना की आधुनिक रणनीति और तकनीकी विकास को दिखाती है, बल्कि यह स्पष्ट संदेश भी देती है कि अब भारत का ध्यान पाकिस्तान पर नहीं, बल्कि चीन पर केंद्रित है।   क्या है  खास पेंटिंग में? 1971 की प्रसिद्ध तस्वीर में जनरल नियाजी भारतीय सेना के सामने सरेंडर करते हुए नजर आ रहे थे, लेकिन अब थलसेना प्रमुख के लॉन्ज में उस तस्वीर की जगह एक नई पेंटिंग ने ली है। इस पेंटिंग में लद्दाख के पैंगांग लेक का दृश्य दिखाई दे रहा है, जिसमें आधुनिक टैंक, बोट, ऑल-टेरेन व्हीकल्स और अपाचे हेलिकॉप्टर जैसे युद्ध उपकरण हैं। पेंटिंग में महाभारत के युद्ध में अर्जुन के रथ को खींचने वाले भगवान कृष्ण, चाणक्य की युद्ध नीति, और भारतीय सेना के तीनों अंगों के समन्वय को दिखाने वाले चित्र भी हैं। यह सब मिलकर एक संदेश देते हैं कि अब भारतीय सेना का मुख्य फोकस पाकिस्तान पर नहीं, बल्कि चीन पर है। भारत का नया सैन्य फोकस चीन पर दुनिया में बदलते समय और रणनीतियों के साथ भारतीय सेना ने भी अपनी रणनीति में बदलाव किया है। पेंटिंग में दिखाए गए आधुनिक सैन्य उपकरण, जैसे टैंक, बोट, हेलिकॉप्टर और ऑल-टेरेन व्हीकल्स, यह दर्शाते हैं कि भारतीय सेना अब समन्वित तरीके से और उच्च तकनीकी स्तर पर युद्ध के लिए तैयार है। रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल अशोक कुमार का कहना है कि यह पेंटिंग भारतीय सेना के तीनों अंगों – थलसेना, वायुसेना और नौसेना – के समन्वय को दिखाती है, जो मिलकर किसी भी संभावित युद्ध में तेज और प्रभावी तरीके से प्रतिक्रिया देने के लिए सक्षम हैं। इसके अलावा, यह पेंटिंग आत्मनिर्भर भारत की सैन्य रणनीति और सोच को भी प्रदर्शित करती है, जिसमें भारतीय सेना ने आधुनिक तकनीक और आत्मनिर्भरता के आधार पर अपनी ताकत को बढ़ाया है। चीन को स्पष्ट संदेश: चाणक्य और गीता की नीति चीन, जो शुन त्जू की प्रसिद्ध “आर्ट ऑफ वॉर” से प्रेरित होकर युद्ध की रणनीति अपनाता है, भारतीय सेना से 2020 में पूर्वी लद्दाख में हार चुका है। भारतीय सेना ने चाणक्य की नीति और गीता के सिद्धांतों से प्रेरित होकर एक ऐसी रणनीति अपनाई, जिसने न केवल चीन के आक्रमण को नाकाम किया, बल्कि उसे बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर कर दिया। इस पेंटिंग में भारतीय सेना की ताकत और उसकी आधुनिकता को दिखाने के साथ यह संदेश भी दिया जा रहा है कि भारतीय सेना अपने विरोधियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। सेना के तीनों अंगों का समन्वय, जमीन, हवा और समुद्र में ऑपरेशन की क्षमता, और उच्च तकनीकी प्रणालियों के उपयोग से यह पेंटिंग यह संदेश देती है कि भारत के पास चीन जैसी शक्तियों को हराने के लिए रणनीति और संसाधन दोनों हैं। सैन्य रणनीति का प्रतीक यह पेंटिंग भारतीय सेना के धार्मिक और शाश्वत दृष्टिकोण को भी दर्शाती है, जैसे महाभारत की गीता और चाणक्य की नीति में दिखाया गया है। सेना अब केवल देश की रक्षा नहीं कर रही, बल्कि वह राष्ट्र के मूल्यों, न्याय और धर्म की रक्षा करने के लिए भी संघर्ष कर रही है। यह पेंटिंग भारत की सेना की तैयारी और उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाती है, जो भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है। भारत की तैयारी और चीन के खिलाफ संदेश इस पेंटिंग से यह भी स्पष्ट हो जाता है कि चीन के पास शुन त्जू की “आर्ट ऑफ वॉर” हो सकती है, लेकिन भारत के पास चाणक्य की नीति और गीता का सार है, जो किसी भी युद्ध में न केवल धार्मिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से प्रभावी साबित होते हैं, बल्कि आधुनिक तकनीकी युद्ध के साथ पूरी तरह से सक्षम हैं। यह पेंटिंग केवल एक सैन्य चित्र नहीं है, बल्कि यह भारतीय सेना की शक्ति, आधुनिकता, और चाणक्य की नीति के साथ दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गई है, जो भविष्य में किसी भी संघर्ष में भारत की सफलता की कुंजी साबित हो सकती है।

श्रद्धालुओं की बस पर आतंकी हमले के आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर, 9 की हुई थी मौत

जम्मू राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को शिवखोड़ी में श्री माता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं की बस पर हुए आतंकी हमले में लिप्त एक आरोपित के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। यह आरोपपत्र जम्मू स्थित विशेष अदालत में दायर किया गया है। एनआईए के प्रवक्ता ने बताया कि आज दायर किए गए आरोपपत्र में हाकम खान उर्फ हाकिम दीन को आरोपित बनाया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि श्री माता वैष्णो देवी की तीर्थयात्रा पर आए श्रद्धालुओं का एक दल नौ जून 2024 को कटड़ा से आगे शिवखोड़ी स्थित भगवान शिव की पवित्र गुफा में विराजमान पवित्र शिवलिंग के दर्शन करने के बाद जब वापस लौट रहे थे तो रास्ते में कंडा, झंडी मोढ़ के पास आतंकियों ने उनकी बस पर हमला किया। इस हमले में आठ श्रद्धालु और बस चालक बलिदानी हो गए। हमले में 41 श्रद्धालु जख्मी हो गए थे। हाकम खान के खिलाफ सबूत जुटाकर किया गिरफ्तार आतंकियां ने यह हमला जम्मू प्रांत में लोगों में भय की भावना पैदा करने और जम्मू-कश्मीर में आने वाले श्रद्धालुओं को रोकने के षडयंत्र के तहत किया था। आतंकियों द्वारा दागी गई एक गोली बस चालक के सिर में लगी थी और इसके साथ ही बस बेकाबू हो सड़क के साथ सटी खाई में जा गिरी थी। केंद्रीय गृहमंत्रालय के निर्देशानुसार, एनआईए ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली। एनआईए जांच के दौरान हाकम खान उर्फ हाकिमदीन के खिलाफ आवश्यक सुबूत जुटाए और उसे गिरफ्तार कर लिया। हाकम दीन ने हमले में लिप्त आतंकियों के लिए सुरक्षित ठिकाने के अलावा अन्य साजो सामान का भी बंदोबस्त किया था। उसने आतंकियों के लिए उस जगह का चुनाव किया था, जहां हमला किया गया। इसके अलावा उसने ही आतंकियों को वहां तक पहुंचाया था। एनआईए के प्रवक्ता ने बताया कि अभी इस मामले की जांच जारी है।

नए साल से किसानों को बिना गारंटी के मिलेगा ₹2 लाख तक का लोन, आरबीआई ने दी बड़ी राहत

नई दिल्ली रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने किसानों को बड़ी राहत दी है। खेती में बढ़ते खर्च को देखते हुए सेंट्रल बैंक ने किसानों को बिना गारंटी के किसानों को मिलने वाले लोन की सीमा को 2 लाख रुपये तक बढ़ा दिया है। पहले लिमिट 1.6 लाख रुपये थी। एग्रीकल्चर मिनिस्ट्री ने शनिवार को जारी किए गए बयान में कहा है कि यह नई लिमिट 1 जनवरी 2025 से प्रभावी रहेगी। उम्मीद की जा रही है कि इस योजना का फायदा करोड़ों किसानों को मिलेगा। आरबीआई ने कृषि क्षेत्र को बिना गांरटी के लोन देने की शुरुआत 2010 में की थी। तब सेंट्रल बैंक ने एक लाख रुपये बिना गांरटी के देने का ऐलान किया। 2019 में जिसकी सीमा बढ़ाकर 1.6 लाख रुपये कर दी गई थी। अब एक बार इसमें इजाफा किया गया है। छोटे किसानों को होगा बड़ा फायदा एग्रीकल्चर सेक्टर में बढ़ती महंगाई की वजह से छोटे और मझोले किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। जिसकी वजह से उनकी खेती प्रभावित हो रही थी। रिजर्व बैंक ने जो सीमा बढ़ाई है उसका इन किसानों को होगा। खेती किसानी करने वाले लोगों के पास बहुत सीमित संसाधन होते थे। ऐसे में बिना गारंटी के मिलने वाले इस लोन का फायदा किसानों को होगा। कृषि मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है “यह कदम विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों (क्षेत्र के 86% से अधिक) के लिए लोन पहुंच को बढ़ाता है। ये कम उधार लागत और अतिरिक्त आवश्यकताओं को हटाने से लाभान्वित होते हैं।” सेंट्रल बैंक का यह फैसला संशोधित ब्याज अनुदान योजना (MISS) जैसी सरकारी कोशिश के अनुरूप है। जोकि किसानों को 3 लाख रुपये के लोन पर 4 प्रतिशत के ब्याज की पेशकश करता है। ये फैसले भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने के प्रयास से किया जा रहा है। सरकार की तरफ से मिलता है डायरेक्ट पैसा किसानों को केंद्र सरकार की तरफ से साल में 2000-2000 रुपये की तीन किश्त मिलती है। कुछ राज्य सरकारें अपनी तरफ से भी किसानों को इस राशि में कुछ जोड़कर अलग से भुगतान करती हैं। बता दें, इसके अलावा किसानों को सब्सिडी के जरिए सस्ती खाद भी उपलब्ध करवाई जाती है।

पत्नी और ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ित किए जाने पर बेंगलुरु पुलिस के हेड कांस्टेबल ने वर्दी में की आत्महत्या

बेंगलुरु एक दिल दहला देने वाली घटना में बेंगलुरु पुलिस के हेड कांस्टेबल ने वर्दी में आत्महत्या कर ली। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि यह कदम उन्होंने पत्नी और ससुराल वालों द्वारा कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने के बाद उठाया। यह घटना बिहार के इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले के बाद सामने आई है, जिन्होंने सोमवार को एक वीडियो और नोट जारी करते हुए अपनी पत्नी पर प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया और आत्महत्या कर ली। हेड कांस्टेबल थिप्पन्ना ने दी जान बेंगलुरु के हुलिमावु ट्रैफिक पुलिस स्टेशन में तैनात 34 वर्षीय हेड कांस्टेबल थिप्पन्ना, विजयपुरा जिले के सिंधगी के पास हैंडिगनुर गांव के निवासी थे। उन्होंने शुक्रवार रात शहर के हीलालिगे रेलवे स्टेशन और कार्मेलाराम हुसागुरु रेलवे गेट के बीच रेल पटरियों पर जान दे दी। घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें थिप्पन्ना ने अपनी पत्नी और ससुर यमुनप्पा को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया। नोट में उन्होंने लिखा, “12 दिसंबर को उन्होंने मुझे रात 7:26 बजे फोन किया और 14 मिनट तक बात की। इस दौरान उन्होंने मुझे धमकी दी। अगले दिन जब मैंने अपने ससुर से बात की, तो उन्होंने मुझे मर जाने को कहा और कहा कि उनकी बेटी मेरे बिना बेहतर रहेगी।” नोट में लिखा है, “उन्होंने मेरे साथ दुर्व्यवहार भी किया।” पुलिस ने दर्ज किया मामला थिप्पन्ना के शव को अस्पताल के मोर्चरी में भेजा गया और बयप्पनाहल्ली रेलवे पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 108, 351(3), और 352 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इंजीनियर अतुल सुभाष का मामला इस घटना से पहले बेंगलुरु में कार्यरत एक इंजीनियर अतुल सुभाष ने आत्महत्या की थी। उन्होंने एक घंटे लंबे वीडियो और 24 पन्नों के सुसाइड नोट में पत्नी और उसके परिवार पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। नोट में अतुल ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया ने तलाक के लिए 3 करोड़ रुपये की मांग की थी। उन्होंने लिखा, “अगर अदालत मेरे आरोपों को नकार देती है, तो मेरी अस्थियों को अदालत के बाहर नाले में डाल देना। जब तक मेरे दोषियों को सजा न मिले, मेरी अस्थियों का विसर्जन मत करना।” अतुल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और सुप्रीम कोर्ट को ईमेल भेजकर प्रताड़ित पतियों के लिए मदद की गुहार भी लगाई थी। सोशल मीडिया पर उठा #MenToo अभियान अतुल की आत्महत्या के बाद सोशल मीडिया पर #MenToo और #JusticeForAtulSubhash ट्रेंड हुआ। कई पुरुषों ने इस अभियान के जरिए अपनी पीड़ा और अनुभव साझा किए। दोनों घटनाओं ने समाज में पुरुषों के अधिकारों और विवाह संबंधी विवादों में न्याय की मांग को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पुलिस दोनों मामलों की गहन जांच कर रही है।

कांग्रेस के नेहरू-गांधी परिवार पर हमला बोलते हुए कहा कि एक परिवार ने संविधान को चोट पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी: मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में संविधान पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे हैं। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने दो टूक कहा कि हमारा संविधान भारत की एकता का आधार है। इसको बनाने में समाज के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व था। उन्होंने कांग्रेस के नेहरू-गांधी परिवार पर हमला बोलते हुए कहा कि एक परिवार ने संविधान को चोट पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इस बात का इसलिए जिक्र कर रहा, क्योंकि इस परिवार ने 55 साल तक देश पर राज किया। इसी वजह से जानने का अधिकार है कि क्या-क्या हुआ। पीएम मोदी ने कहा, ‘’इस परिवार के कुविचार, कुनीति आदि की परंपरा लगातार चल रही है। हर स्तर पर इस परिवार ने संविधान को चुनौती दी है। 1947 से 1952 तक देश में चुनी हुई सरकार नहीं थी। अस्थायी व्यवस्था थी और चुनाव नहीं हुए थे। 1952 से पहले राज्यसभा का भी कोई गठन नहीं हुआ था और जनता का भी कोई आदेश नहीं था, लेकिन इसके बाद भी 1951 अध्यादेश लाकर संविधान को बदल दिया और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला कर दिया।” पीएम मोदी ने कहा कि भारत बहुत ही जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में मजबूत कदम रख रहा है। 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प है कि जब आजादी की शताब्दी मनाएंगे तो देश को विकसित भारत बनाकर रहेंगे। इस संकल्प से सिद्धि के लिए सबसे बड़ी जरूरत है, वह है भारत की एकता। संविधान के निर्माण कार्य में देश के बड़े बड़े दिग्गज, साहित्यकार, स्वंत्रतासेनानी थे। कई फील्ड के प्रोफेशल्स थे। लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”जब हम संविधान लागू होने के 75 वर्ष का उत्सव मना रहे हैं तो अच्छा संयोग है कि राष्ट्रपति पद पर एक महिला आसीन हैं जो संविधान की भावना के अनुरूप भी है। भारत का गणतांत्रिक अतीत विश्व के लिए प्रेरक रहा है और इसलिए देश को लोकतंत्र की जननी के रूप में जाना जाता है। हमारी सरकार के निर्णयों में लगातार भारत की एकता को मजबूती देने का प्रयास किया जाता रहा है, अनुच्छेद 370 एकता में रुकावट बना हुआ था और इसलिए हमने जमीन में गाड़ दिया।” प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि संविधान निर्माताओं के दिमाग में एकता की भावना थी, लेकिन आजादी के बाद देश की एकता के मूल भाव पर प्रहार हुआ और गुलामी की मानसिकता में पले-बढ़े लोग विविधता में एकता की जगह विरोधाभास खोजते रहे। पीएम मोदी ने कहा कि हमने संविधान की एकता की भावना के अनुरूप नई शिक्षा नीति में मातृभाषा को बहुत बल दिया है और अब गरीब परिवार के बच्चे मातृभाषा में पढ़ाई करके डॉक्टर-इंजीनियर बन सकते हैं।

भारत का संविधान सिर्फ एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, यह हमारे देश की आत्मा है: राहुल गांधी

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संविधान और उसमें निहित विचारधारा पर जोर देते हुए कहा कि जब हम संविधान खोलते हैं, तो उसमें हमें डॉ. भीमराव अंबेडकर, महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू की आवाजें और उनके विचार सुनाई देते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान में हमारी विरासत की झलक है। राहुल गांधी ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान संविधान और लोकतंत्र की महत्ता पर अपनी बात रखते हुए कहा, “भारत का संविधान सिर्फ एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, यह हमारे देश की आत्मा है। इसमें हर नागरिक के अधिकार, कर्तव्य और देश के प्रति जिम्मेदारी का विवरण दिया गया है। यह हमें समानता, स्वतंत्रता और भाईचारे की भावना सिखाता है।” राहुल गांधी लोकसभा में मनुस्मृति लेकर पहुंचे थे। उनके एक हाथ में संविधान था तो दूसरे हाथ में मनुस्मृति। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारत के संविधान को “भारत माता” का दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा, “संविधान आधुनिक भारत का दस्तावेज है, लेकिन इसे प्राचीन भारत और उसके विचारों के बिना कभी नहीं लिखा जा सकता था।” राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष में संविधान को बचाने की बात करने वाले लोग बैठे हैं। इस दौरान उन्होंने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सावरकर ने संविधान के खिलाफ बोला था। राहुल गांधी ने एकलव्य का किस्सा सुनाते हुए कहा कि “आप (भाजपा) गरीबों का, पूरे देश का अंगूठा काट रहे हो।” लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को लोकसभा में सरकार पर तीखा प्रहार किया और आरोप लगाया कि जिस तरह एकलव्य का अंगूठा काटा गया उसी तरह से आज सरकार देश के युवाओं का अंगूठा काट रही है। उन्होंने ‘संविधान की 75 वर्ष की गौरवशाली यात्रा’ पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि आज भारत में एक वैचारिक लड़ाई चल रही है और विपक्ष की तरफ संविधान के विचारों के संरक्षक हैं। राहुल गांधी ने कहा कि द्रोणाचर्य और एकलव्य की गाथा का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे एकलव्य का अंगूठा काटा गया, उसी तरह सरकार पूरे देश आप पूरे देश का युवाओं का अंगूठा काट रही है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप एक उद्योगपति को धारावी परियोजना देते हो, बंदरगाह और हवाईअड्डे को देते हैं तो आप हिंदुस्तान का अंगूठा काटते हैं।’’ राहुल गांधी ने दावा किया कि विनायक दामोदर सावरकर ने संविधान के बारे में कहा था कि इसमें कुछ भी भारतीय नहीं है। कांग्रेस नेता ने सत्तापक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘जब आप संविधान की रक्षा की बात करते हैं तो आप सावरकर को कमतर और अपमानित करते हैं।’’ राहुल गांधी ने सावरकर का हवाला देते हुए कहा कि “उन्होंने कहा था कि भारत के संविधान की सबसे बुरी बात यह है कि इसमें कुछ भी भारतीय नहीं है। मनुस्मृति वह धर्मग्रंथ है जो हमारे हिंदू राष्ट्र के लिए वेदों के बाद सबसे अधिक पूजनीय है और जिससे हमारा प्राचीन काल हमारी संस्कृति, रीति-रिवाज, विचार और व्यवहार का आधार बना है। इस पुस्तक ने सदियों से हमारे राष्ट्र की आध्यात्मिक और दैवीय यात्रा को संहिताबद्ध किया है। आज मनुस्मृति ही कानून है।” ये सावरकर के शब्द हैं।” राहुल गांधी ने लोकसभा में अपने भाषण के दौरान भाजपा पर हमला करने के लिए एकलव्य की कहानी का हवाला दिया। गांधी ने कहा, “जैसे द्रोणाचार्य ने एकलव्य के अंगूठे काटे थे, वैसे ही भाजपा भारत में युवाओं के अंगूठे काट रही है।” उन्होंने कहा, “जब भाजपा धारावी को अडानी को देती है, तो आप छोटे व्यापारियों के अंगूठे काट रहे हैं।”

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