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हंगामे के बाद कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित, विधानसभा के शीतकालीन सत्र में दो विधायकों ने ली शपथ

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया। अमरवाड़ा से विधायक कमलेश शाह और बुधनी से विधायक रमाकांत भार्गव के शपथ ग्रहण से विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने खाद की खाली बोरियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया। वे किसानों को खाद नहीं मिलने का मुद्दा उठा रहे थे। इसके बाद कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई। शीतकालीन सत्र में सरकार जन विश्वास विधेयक प्रस्तुत करेगी, जिसके माध्यम से छोटे-छोटे मामलों को कोर्ट-कचहरी के स्थान पर अर्थदंड लगाने का अधिकार अधिकारियों को दिया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2024-25 के लिए 17 दिसंबर को 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रथम अनुपूरक बजट के साथ नगर निगम और नगर पालिका अधिनियम और निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक भी प्रस्तुत किए जाएंगे। एमपी सरकार पेश करेगी विधेयक कामकाज को सरल बनाने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 में जन विश्वास विधेयक प्रस्तुत किया था। इसी तरह मध्य प्रदेश सरकार भी विधेयक प्रस्तुत करने जा रही है। इसमें नगरीय विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, ऊर्जा, श्रम, सहकारिता सहित अन्य विभागों के उन अधिनियमों में संशोधन किया जा रहा है, जिनमें दो-तीन माह की सजा या जुर्माने का प्रविधान है। ऐसे मामलों में समझौते का प्रविधान शामिल किया जा रहा है। उधर, नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव तीन वर्ष की कार्यावधि पूरी होने के बाद प्रस्तुत करने और उसे पारित कराने के लिए तीन चौथाई पार्षदों का समर्थन आवश्यक संबंधी प्रविधान करने अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित किया गया है। भाजपा के दो विधायक की शपथ विधानसभा के आज से प्रारंभ हुई शीतकालीन सत्र में सबसे पहले उपचुनाव में निर्वाचित दो विधायकों को शपथ दिलाई गई। लोकसभा चुनाव के समय छिंदवाड़ा जिले की विधानसभा सीट अमरवाड़ से कांग्रेस विधायक कमलेश शाह ने त्यागपत्र देकर भाजपा की सदस्यता ले ली थी। जुलाई 2024 में उपचुनाव कराए गए, जिसमें भाजपा के प्रत्याशी कमलेश शाह विजयी रहे। उन्होंने तब विधानसभा की सदस्यता नहीं ली थी। अब उन्हें शपथ दिलाई जाएगी। इसी तरह, शिवराज सिंह चौहान के विदिशा से सांसद निर्वाचित होने पर बुधनी और रामनिवास रावत के विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र देने पर विजयपुर में उपचुनाव कराया गया था।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में किया पेश, यूपी सरकार का बजट पूरे विकास पर होगा फोकस

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 का दूसरा अनुपूरक बजट मंगलवार को विधानसभा में प्रस्तुत करेगी। इसके पहले वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि बजट पूरे विकास पर फोकस होगा। योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पत्रकारों से कहा कि राजस्व सरप्लस राज्य है। योगी सरकार ने हर स्तर पर वित्तीय अनुशासन मेंटेन किया है। जहां जैसी जरूरत होती उसके अनुसार खर्च होता है। विकास एजेंडा हमारे सामने है। बड़े स्तर पर विकास का पहिया घूम रहा है। अनुपूरक बजट तो आना ही है। कुंभ तो शामिल ही है। कुंभ दुनिया का सबसे बड़ा इवेंट है। युनेस्को ने इसे मानवता की मूर्ति धरोहर बताया है। बजट पूरे विकास पर रहेगा। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद ने कहा कि विपक्ष का काम विरोध करना है। सरकार का विकास करना है। विकास का काम विरोध की वजह से रुकेगा नहीं। आज अनुपूरक बजट आ रहा है इसके बाद विकास की गति और बढ़ेगी। उन्होंने वन नेशन वन इलेक्शन आज संसद के पटल पर रखा जाएगा। इसका स्वागत होना चाहिए। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नेतृत्व में यह मसौदा तैयार हुआ है। कैबिनेट ने पास किया है। आज यह ससंद पटल पर रखा जाएगा। इसका पूरा हिंदुस्तान स्वागत कर रहा है। सपा के पास कोई मुद्दा नहीं है। इसके विरोध का मतलब बेमतलब है। यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि विकास के लिए धन की जरूरत है। विभिन्न विभागों में जो धन की आवश्यकता है उसके लिए सभी विभागों के लिए अनुपूरक बजट आ रहा है। प्रदेश की जनता के सामने विकास को लेकर जो सरकार ने वादा किया है उस मुद्दे पर ये बजट है।

फिजी सरकार ने शुरू कराई जांच, फाइव स्टार रिसॉर्ट में कॉकटेल पीने से सात पर्यटकों की हालत बिगड़ी

सुवा। फिजी के एक फाइव स्टॉर रिसॉर्ट में कॉकटेल पीने से चार ऑस्ट्रेलियाई समेत सात पर्यटकों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना का कारण शराब में जहर होना माना जा रहा है। फिजी सरकार ने मामले की जांच शुरू करा दी है। फिजी सरकार ने कहा कि विटी लेवु द्वीप के दक्षिणी तट पर वारविक फिजी रिसॉर्ट में कॉकटेल पीने के बाद पर्यटक बीमार पड़ गए। यह एक अलग तरह की घटना है। क्योंकि रिसॉर्ट के बार में केवल सात मेहमान ही इससे प्रभावित हुए। रिसॉर्ट प्रबंधन ने कहा कि उन्होंने मेहमानों को दिए जाने वाले पेय की गुणवत्ता न तो कोई बदलाव किया और न ही कोई सामग्री बदली गई। फिजी सरकार का कहना है कि यह बेहद चिंताजनक है। सुरक्षित पर्यटक स्थल माने जाने वाले फिजी में यह घटना अचंभित करने वाली है। सरकार ने कहा कि हमने मामले में तुरंत कार्रवाई की है। यह पता लगाया जा रहा है कि रिसॉर्ट में मेहमान बीमार कैसे पड़े। रिसॉर्ट के फ्रंट ऑफिस मैनेजर ने भी घटना की जांच की बात कही है। उन्होंने कहा कि हम अस्पताल में भर्ती मेहमानों की देखभाल पर काम कर रहे हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया सरकार के काउंसलर प्रभावित लोगों और उनके परिवार की मदद में जुट हैं। इसके अलावा फिजी पुलिस जहर की घटना को लेकर जांच कर रही है। ऑस्ट्रेलिया के कोषाध्यक्ष जिम चाल्मर्स ने कहा कि हम प्रभावित लोगों के दोस्तों और परिवार के बारे में सोच रहे हैं। क्योंकि यह उनके लिए दुखद है। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने फिजी यात्रा को लेकर पर्यटकों को एडवाइजरी जारी की है। इसमें शराब में जहर मिलाने के खतरों को उजागर किया गया है। चाल्मर्स ने कहा कि अगर आस्ट्रेलिया के लोग फिजी की यात्रा कर रहे हैं तो शराब में जहर मिलाने और शराब के जहर के जोखिमों के प्रति सतर्क रहें।

डाईट रायपुर मे हूई पदोन्नत प्रधान पाठक के पदस्थापना के लिए काउंसलिंग

टीचर्स एसोसिएशन ने पारदर्शिता काउंसलिंग के लिए डीईओ कार्यलय को दिया धन्यवाद रायपुर आज प्राथमिक शाला के पदोन्नत प्रधान पाठक के पद पर पदस्थापना के लिए डाईट रायपुर मे डीईओ कार्यलय रायपुर द्वारा प्राथमिक शाला पदोन्नत प्रधान पाठक के लिए दिव्यांग,गंभीर बिमारी से पीड़ित व महिला शिक्षकों की पहला दिन 102 लोगो की काउंसलिंग संपन्न हुई। कल सभी शेष 118 पुरुष शिक्षकों की काउंसलिंग होगी।  डीईओ कार्यलय रायपुर द्वारा पदस्थापना के लिए पूर्ण पारदर्शिता करते हुए काउंसलिंग की प्रक्रिया अपनाई गई। काउंसलिंग के दौरान टीचर्स एसोसिएशन व शिक्षक संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारीगण उपस्थित थे। काउंसलिंग के दौरान पदोन्नति के लिए  मनचाही पदस्थापना पाकर शिक्षकगण खुश नजर आये। पारदर्शिता काउंसलिंग के लिए संघ के पदाधिकारियों ने डीईओ खंडेलवाल, सहायक संचालकद्वय इंदिरा गाँधी व वर्मा,टेम्भुकर मेडम, रूपेन्द्र साहू व द्रोण साहू सहित काउंसलिंग के कार्य सम्पन्न कराने वाले अधिकारी व कर्मचारियों का धन्यवाद दिया गया।  इस अवसर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सोनकला,सुखनंदन साहू, टिकेश्वरी साहू,हरीश दीवान, राधेश्याम बंजारे,गंगा नागरची, पीलू राम सोनकर, पूर्णिमा साहू, शीला ठाकुर,अनिल वर्मा व मोर्चा के पदाधिकारियों मे हेम कुमार साहू, मनोज साहू व दीपक साहू सहित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

लोकसभा में दिया नोटिस, कांग्रेस ने विधेयक वन नेशन वन इलेक्शन विधेयक पेश करने का किया विरोध

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में वन नेशन वन इलेक्शन विधेयक पेश किए जाने का विरोध करने के लिए एक नोटिस दिया है। उन्होंने नोटिस में लिखा, “मैं संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक, 2024 को प्रक्रिया नियम के नियम 72 के तहत पेश किए जाने का विरोध करने के अपने इरादे का नोटिस देता हूं।” उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विधेयक पर उनकी आपत्तियां संवैधानिकता और संवैधानिकता के बारे में गंभीर चिंताओं पर आधारित हैं। अपनी आपत्तियों को सूचीबद्ध करते हुए उन्होंने नोटिस में लिखा कि विधेयक “संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। संविधान का अनुच्छेद 1 स्थापित करता है कि इंडिया, यानी भारत, राज्यों का एक संघ होगा, जो इसके संघीय चरित्र की पुष्टि करता है। संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक 2024, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने का प्रस्ताव करता है, राज्यों में एकरूपता लागू करके इस संघीय ढांचे को सीधे चुनौती देता है।” उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम से राज्य की स्वायत्तता खत्म होने, स्थानीय लोकतांत्रिक भागीदारी कम होने और सत्ता के केंद्रीकरण का जोखिम है, जिससे बहुलवाद और विविधता को नुकसान पहुंचेगा, जो भारत के लोकतांत्रिक लोकाचार की आधारशिला है। अलग-अलग राज्यों के अनूठे राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संदर्भों की अनदेखी न केवल उनकी विशिष्टता की उपेक्षा करती है बल्कि संविधान में निहित संघवाद और लोकतंत्र के सिद्धांतों को भी बुनियादी तौर पर कमजोर करती है।” कांग्रेस नेता ने कहा कि विधेयक संविधान के मूल ढांचे को प्रभावित करेगा। एक साथ चुनाव कराने के लिए संविधान में अनुच्छेद 82ए को शामिल करने का प्रस्ताव राज्य विधानसभाओं को समय से पहले भंग करने की आवश्यकता पैदा करता है, जिससे संविधान के अनुच्छेद 83 और 172 के तहत गारंटीकृत विधायी निकायों के निश्चित कार्यकाल में प्रभावी रूप से बदलाव होता है, जिसे प्रस्तावित विधेयक के माध्यम से और संशोधित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्थापित मूल ढांचे के सिद्धांत का उल्लंघन करता है, जो संसद को संविधान में इस तरह से संशोधन करने से रोकता है जिससे इसके मूल सिद्धांतों को नुकसान पहुंचे। कांग्रेस सांसद के नोटिस में कहा गया है, “विधेयक शासन के संघीय चरित्र को कमजोर करके और एकरूपता लागू करने और शक्तियों के पृथक्करण और गणतंत्रात्मक और लोकतांत्रिक ढांचे सहित बुनियादी ढांचे के मुख्य तत्वों का उल्लंघन करता है। जैसा कि माननीय मुख्य न्यायाधीश सीकरी ने फैसले में जोर दिया है कि संविधान की सर्वोच्चता, इसके संघीय और धर्मनिरपेक्ष चरित्र और शक्तियों के पृथक्करण जैसे मूलभूत सिद्धांत संसद के संशोधन प्राधिकरण पर अंतर्निहित सीमाएं लगाते हैं। यह प्रस्ताव एक महत्वपूर्ण अतिक्रमण का प्रतिनिधित्व करता है, जो संविधान के मूलभूत चरित्र को खतरे में डालता है।” तिवारी ने यह भी कहा कि यह विधेयक राज्य सरकारों को कमजोर करता है। यह विधेयक राज्य विधानसभा चुनावों को आम चुनावों के साथ कराने का प्रयास करता है, जो संविधान में निहित संघीय ढांचे के लिए एक सीधी चुनौती है। चुनाव प्रक्रियाओं को केंद्रीकृत करके, विधेयक निर्वाचित राज्य सरकारों के अधिकार को कमजोर करता है, वहीं जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को कमजोर करता है और स्थानीय शासन की स्वायत्तता का अतिक्रमण करता है। इसके अलावा, ऐसे मामलों में जहां राज्य सरकारें भंग होती हैं, अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन की विस्तारित अवधि की संभावना केंद्रीय नियंत्रण को मजबूत करने का जोखिम उठाती है, जिससे संघवाद के मूलभूत सिद्धांत नष्ट हो जाते हैं। तिवारी के नोटिस में लिखा, “संवैधानिक और प्रक्रियात्मक चिंताओं के मद्देनजर मैं संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक 2024 को इसके वर्तमान स्वरूप में पेश करने का कड़ा विरोध करता हूं। मैं केंद्र सरकार से आग्रह करता हूं कि जब तक इन मुद्दों को पर्याप्त रूप से संबोधित नहीं किया जाता है, तब तक इसे पेश करने पर पुनर्विचार करें।” सरकार ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के लिए संविधान संशोधन विधेयक मंगलवार को लोकसभा में पेश करने के लिए सूचीबद्ध किया है।

बीजापुर के गांव गुण्डम में महुआ पेड़ के नीचे केन्द्रीय गृह मंत्री ने लगाई चौपाल: ग्रामीणों से खुलकर की चर्चा

शासन की सभी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए ग्रामीणों को किया प्रेरित रायपुर  माओवादी आतंक से प्रभावित बीजापुर जिले के गुण्डम गांव में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने महुआ पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों से आत्मीयतापूर्वक खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर हमने माओवादी आतंक को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है, जिसका परिणाम है कि आज नक्सलवाद एक छोटे से दायरे में सिमट कर रह गया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा उपस्थित थे। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि माओवादी आतंक के भय से ग्रामीणों को मुक्त कराने के लिए बस्तर के विभिन्न स्थानों में सुरक्षा कैम्प स्थापित किए गए है। बस्तर अंचल में अमन और शांति का वातावरण स्थापित हो रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से ज्यादा से ज्यादा योजनाओं से जुड़ कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की। श्री शाह ने कहा कि बच्चों को स्कूल अवश्य भेंजे। शिक्षा से ही विभिन्न समस्याओं का समाधान निकलेगा। केन्द्रीय गृह मंत्री ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि गुण्डम के नजदीक स्थापित कैम्प में अस्पताल की सुविधा भी है जहां निःशुल्क उपचार हेतु ग्रामीण निःसंकोच होकर जाएं और झाड़-फूंक के भरोसे न रहें। उन्होंने ग्रामीणों को निःशुल्क 35 किलो चांवल, महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने गांव में स्थित प्राथमिक शाला का अवलोकन कर बच्चों से पढ़ाई सम्बधी जानकारी ली और नियमित स्कूल आने के लिए बच्चों को प्रेरित किया। वहीं उन्होंने महिलाओं को भी शिक्षा के लाभ से अवगत कराया। गृहमंत्री श्री अमित शाह ने ग्रामीणों हेतु जन सुविधा शिविर लगाकर आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज बनाने  के निर्देश कलेक्टर को दिए। उन्होंने कहा शासन कि समस्त योजनाओं का लाभ लेने के लिए बैंक पासबुक अनिवार्य है, इसलिए सभी का बैंक पासबुक जरूरी है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि एक वर्ष के भीतर गांव में सड़क, बिजली, स्कूल,अस्पताल, पेयजल जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।

युद्ध की तस्वीर बदल सकता है ये हथियार, रूस के स्टारलिंक किलर ने उड़ाई यूक्रेन और एलन मस्क की नींद

मॉस्को। रूस की सेना ने कथित तौर पर एक ऐसा हथियार विकसित कर लिया है, जिससे यूक्रेन और अमेरिकी अरबपति एलन मस्क की रातों की नींद उड़ सकती है। दरअसल रूसी सेना ने कथित तौर पर एक ऐसी उन्नत प्रणाली विकसित की है, जो दुश्मन यूएवी (ड्रोन्स) को स्टारलिंक सिस्टम से मिलने वाले सिग्नल को पकड़ सकती है। रूस के इस नए सिस्टम को स्टारलिंक किलर कहा जा रहा है। वहीं इसका आधिकारिक नाम कलिंका मॉनिटरिंग सिस्टम है। मीडिया रिपोर्ट्स को अगर सही माने तो इससे यूक्रेन का परेशान होना बनता है क्योंकि यूक्रेनी सेना ने रूस को ड्रोन्स हमलों से खासा परेशान किया है। अब अगर रूसी सेना ने ये नया सिस्टम विकसित कर लिया है तो फिर यूक्रेन ड्रोन्स से भी रूस को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा और इससे युद्ध की तस्वीर भी बदल सकती है। एलन मस्क के लिए ये चिंता की बात इसलिए है क्योंकि स्टारलिंक सिस्टम एलन मस्क का ही है और इसका काट मिलना कहीं न कहीं मस्क के लिए भी झटका है। 15 किलोमीटर दूर से ही दुश्मन ड्रोन्स का पता लग सकेगा रूस-यूक्रेन युद्ध में अमेरिका ने यूक्रेन की मदद के लिए एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक का संचार टर्मिनल दिया है। इस टर्मिनल का इस्तेमाल करके ही यूक्रेन द्वारा रूस पर हवाई और नौसैनिक ड्रोन्स से हमले किए जा रहे हैं। रूसी मीडिया के अनुसार, कलिंका मॉनिटरिंग सिस्टम को रूस के सेंटर फॉर अनमैन्ड सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज (CBST) द्वारा विकसित किया गया है। CBST के अध्यक्ष का दावा है कि अभी कलिंका मॉनिटरिंग सिस्टम्स का परीक्षण चल रहा है। यह सिस्टम 15 किलोमीटर दूर से ही दुश्मन ड्रोन्स का पता लगा सकता है। ये प्रणाली कथित तौर पर ड्रोन्स को मिल रहे स्टारलिंक सिग्नल का तेजी से पता लगा सकती है, जिसके बाद दुश्मन ड्रोन्स को निशाना बनाना आसान है। स्टारलिंक क्या है? स्पेसएक्स का स्टारलिंक एक उपग्रह-आधारित इंटरनेट सेवा है जो दुनिया भर में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं प्रदान करती है। यह फाइबर ऑप्टिक केबल की तरह प्रकाश के माध्यम से डेटा मुहैया करती है। स्टारलिंक के उपग्रह पृथ्वी की निचली कक्षा में मौजूद हैं, वहीं से जमीन पर मौजूद उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट मिलता है। रूस द्वारा यूक्रेन के बुनियादी ढांचे को तबाह कर दिया गया है, जिसके चलते यूक्रेनी सेना इंटरनेट के लिए स्टारलिंक पर निर्भर है। 

नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों के बीच पहुंचे केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह

  गुण्डम कैम्प में सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, डीआरजी सहित सुरक्षा बल के जवानों से किया सीधा संवाद केन्द्रीय गृहमंत्री से संवाद कर जवानों के हौंसले हुए बुलंद नक्सलमुक्त भारत में सुरक्षा बलों के जवानों का नाम स्वर्णिम अक्षर में लिखा जाएगा रायपुर केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने के अपने मिशन के तहत आज बीजापुर के सुदूर एवं माओवाद प्रभावित क्षेत्र गुण्डम में तैनात सुरक्षाबलों के जवानों के बीच पहुंचे। उन्होंने स्थित केन्द्रीय रिजर्व बल 153वीं वाहिनी बटालियन के कैम्प में सीआरपीएफ, कोबरा, डीआरजी सहित सुरक्षा बल के जवानों के साथ संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों से सीधे नक्सल ऑपरेशन की मैदानी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने जवानों के साथ दोपहर का भोजन भी किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा भी उपस्थित थे।     केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा की विगत एक वर्ष में बस्तर को नक्सल मुक्त करने नवीन सुरक्षा कैम्पों की स्थापना की गई है, जिसका सकारात्मक परिणाम यह रहा है की हमारे जवानों को नक्सल ऑपरेशन में लगातार सफलता मिली। बहुत बड़ी संख्या में नक्सली मारे गये, नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और उनकी गिरफ्तारी हुई। वह दिन दूर नहीं जब बस्तर और हमारा देश नक्सल प्रभाव से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त भारत बनाना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नक्सलमुक्त अभियान में सीआरपीएफ, बीएसएफ, कोबरा, छत्तीसगढ़ पुलिस, बस्तरिया बटालियन सहित सभी सुरक्षाबलों का महत्वपूर्ण योगदान है।     श्री अमित शाह ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज नक्सलवाद समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया है। उन्होने कहा कि सुरक्षा कैम्प के दायरे में आने वाले गांवों में सुरक्षाबल के अधिकारी यह अवश्य देखें की शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर कितनी अच्छी तरह हो रहा है, लोगों को उनके अधिकार मिल रहे हैं कि नही। शासन की योजनाओं का समुचित ढंग से लाभ ग्रामीणों को मिलते रहेगा तो वे शासन और प्रशासन के प्रति समर्पित भाव से सहयोग करेंगे और विकास की ओर अग्रसर होंगे। गृहमंत्री ने कैम्प परिसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान अर्न्तगत किया वृक्षारोपण गुण्डम की शासकीय उचित मूल्य दुकान का किया शुभारंभ बीजापुर के गुण्डम प्रवास के दौरान केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने कैम्प परिसर में बरगद का पौधा तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सल्फी का पौधा रोपा। उन्होंने इस मौके पर कैम्प परिसर के सामने नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सीआरपीएफ, पुलिस एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

केन्द्रीय मंत्री शाह ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में राज्य में वामपंथी उग्रवाद की स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

केन्द्रीय गृह मंत्री ने सभी बलों और एजेंसियों को मार्च, 2026 तक वामपंथी उग्रवाद को पूर्णतया समाप्त करने के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में संयुक्त प्रयास करने को कहा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार मार्च, 2026 तक नक्सलवाद को पूर्णतया समाप्त करने के प्रति कटिबद्ध है हमारे सुरक्षाबलों के कारण पिछले एक साल में नक्सलियों को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचा है जो एक बहुत बड़ी सफलता है रायपुर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के रायपुर में राज्य में वामपंथी उग्रवाद की स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशक उपस्थित थे। समीक्षा बैठक के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री ने सभी बलों और एजेंसियों को मार्च, 2026 तक वामपंथी उग्रवाद को पूर्णतया समाप्त करने के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में संयुक्त प्रयास करने को कहा। बैठक के बाद अपने समापन संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में छत्तीसगढ़ पुलिस और अन्य सुरक्षाबलों ने बहुत अच्छे और समन्वित तरीके से काम किया है। उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षाबलों के कारण पिछले एक साल में नक्सलियों को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचा है जो एक बहुत बड़ी सफलता है। श्री शाह ने कहा कि मार्च, 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में अभी हमें काफी काम करना बाकी है और इसमें NIA की बहुत प्रमुख भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि CRPF, ITBP, BSF, छत्तीसगढ़ पुलिस और DRG मिलकर एक साल में बहुत बड़े लक्ष्य की ओर बढ़े हैं और निश्चित रूप से मार्च, 2026 से पहले ही हम नक्सलवाद को समाप्त कर देंगे। इससे पहले, आज केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने बीजापुर में गुण्डम फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस का दौरा किया और बलों की ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की। श्री अमित शाह ने जवानों को 2024 में नक्सलवाद के खिलाफ मिली अप्रत्याशित सफलता पर बधाई दी और उन्हें इसी जोश के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे मार्च, 2026 तक देश को पूरी तरह से इस समस्या से मुक्ति दिलाई जा सके।

अमृतसर में पुलिस स्टेशन के पास धमाके पर बोले पुलिस कमिश्नर, ‘गिरफ्तार युवकों के साथियों ने किया विस्फोट’

अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में मंगलवार तड़के करीब 3 बजे इस्लामाबाद पुलिस स्टेशन के पास तेज धमाके की आवाज से इलाके में सनसनी फैल गई। धमाके की आवाज सुनकर लोगों की नींद खुल गई। धमाके के समय पुलिस थाने में भी कई पुलिस कर्मी मौजूद थे। हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। धमाके की खबर मिलते ही पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में जांच टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस का आलाधिकारी भी मौके पर पहुंच कर जायजा ले रहे हैं। अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि थाने के बाहर आवाज आई। हम अभी जांच कर कर रहे है। हमने कुछ दिन पहले ही एक मामले में कुछ युवक गिरफ्तार किए थे कि और कुछ युवकों की गिरफ्तारी होनी बाकी है, क्योंकि इस मामले में काफी युवक गिरफ्तार हुए थे तो वह अपनी मौजूदगी एहसास करवाने के लिए कुछ कर रहे है। जो युवक फरार हैं, उनको जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा । एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि धमाके की खबर मिलते ही हम लोग मौके पर पहुंचे हैं। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हम जल्दी ही निष्कर्ष पर पहुंच जाएंगे। स्थानीय निवासी पवन कुमार ने बताया कि रात में करीब 3.15 बजे बड़े ही तेज धमाके की आवाज आई। धमाका इतनी तेज था कि इसे सुनकर सारे लोग घबरा गए। धमाका जबरदस्त था। लेकिन शुरुआत में यह नहीं पता चल सका कि यह बम जैसी आवाज कहां से आई। उसके बाद लोग अपने-अपने घर चले गए। लेकिन, लोगों में जबरदस्त दहशत फैल गई। इसके बाद किसी व्यक्ति ने कहा कि इस्लामाबाद थाने में हमला हो रहा है। तो हम लोगों ने कहा कि यह हमला जैसा तो नहीं लग रहा है क्योंकि आवाज कुछ समय के लिए आई, फिर बंद हो गई। फिर हम लोगों को लगा कि कहीं बम तो नहीं फटा है। हम लोगों को अभी तक नहीं पता है कि यह हमला क्यों हुआ है।

सांसद आलोक शर्मा ने लोकसभा में उठाया भोपाल का गौरवशाली इतिहास

राजा भोज शोध संस्थान बने, लोगों को उस दौर की समृद्ध संस्कृति, सभ्यता और परंपरा की जानकारी हो भोपाल सांसद आलोक शर्मा एक बार फिर भोपाल शहर को लेकर संसद में मुखर हुए। सोमवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान उन्होंने भोपाल में राजा भोज शोध संस्थान बनाए जाने का मामला प्रमुखता से उठाया। सांसद शर्मा ने कहा कि भोपाल का एक हजार साल का गौरवशाली इतिहास रहा है। यहां की समृद्ध संस्कृति, सभ्यता और परंपराएं अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने लोकसभा स्पीकर के माध्यम से संस्कृति मंत्री से पूछा कि सरकार की राष्ट्रीय संस्कृति निधि के अंतर्गत भोपाल में राजभोज के नाम पर शोध संस्थान बनाने का विचार है? यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है? और यदि नहीं, तो राजा भोज के नाम पर कब तक भोपाल में शोध संस्थान स्थापित किया जाएगा। सांसद शर्मा ने लोकसभा स्पीकर से निवेदन किया कि भोपाल की गौरवशाली संस्कृति है। हमारा भोपाल राजा भोज का भोपाल है। हमारा भोपाल सम्राट अशोक का भोपाल है। हमारा भोपाल चंद्रगुप्त मौर्य का भोपाल है। हमारा भोपाल प्रत्यारवंशों का भोपाल है। हमारा भोपाल रानी कमलापति, गोंडों का भोपाल है भोपाल की वास्तविक विरासत को विश्व पटेल पर लाने हेतु सरकार की कोई कार्य योजना है कृपया बताने की कृपा करें। उल्लेखनीय है कि सांसद आलोक शर्मा पूर्व में भी विभिन्न मंचों से भोपाल की विरासत को संरक्षित करने और राजा भोज व रानी कमलापति के कालखंड के समृद्ध इतिहास को लेकर मामला उठाते रहे हैं। राजा भोज द्वारा बनवाया गया बड़ा तालाब शहर की जीवन रेखा है। तालाबों का संरक्षण हो। यहां राजा भोज की विशाल प्रतिमा लगाई गई है। वहीं जिस स्थान पर रानी कमलापति ने अपनी अस्मिता और सम्मान की रक्षा के लिए जौहर किया था। छोटे तालाब के उस स्थान पर आलोक शर्मा ने भोपाल महापौर रहते ही रानी कमलापति की विशाल प्रतिमा की स्थापना के साथ खूबसूरत आर्च ब्रिज का निर्माण कराया था। संभावनाओं की राजधानी भोपाल राजा भोज और रानी कमलापति का शहर है। इसकी ऐतिहासिक और सामाजिक पहचान है। यह शहर विरासतों को संरक्षित करते हुए नवाचार, प्रगति और अवसरों का केंद्र बनने का सपना देखता है। यह शहर की सांस्कृतिक समृद्धि और ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए इसे वैश्विक पहचान दिलाने की संभावनाओं को उजागर करता है।

शवयात्रा को लेकर स्टालिन सरकार-भाजपा में तनातनी, तमिलनाडु-कोयंबटूर बम धमाकों के मास्टरमाइंड बाशा की मौत

कोयंबटूर। कोयंबटूर में 1998 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मास्टर माइंड एसए बाशा की सोमवार शाम को मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि एसए बाशा को उम्र संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक बाशा के परिजन उसकी शवयात्रा निकालने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। इसे लेकर स्टालिन सरकार और भाजपा में तनातनी हो गई है। भाजपा ने एक अपराधी और आतंकी की शवयात्रा निकालने की अनुमति देने का विरोध किया है। एसए बाशा प्रतिबंधित संगठन अल-उम्मा का संस्थापक-अध्यक्ष था। उसने 14 फरवरी 1998 को कोयंबटूर में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों की योजना बनाई थी। इसमें 58 लोगों की जान चली गई थी। जबकि 231 लोग घायल हुए थे। मई 1999 में अपराध शाखा सीआईडी की विशेष जांच टीम ने बाशा के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। उस पर भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया। बाशा और उसके संगठन के 16 अन्य लोगों को 1998 के बम धमाकों के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हाल ही में मद्रास उच्च न्यायालय ने उसे पैरोल दी थी। पुलिस ने बताया कि वह पैरोल पर था और पिछले कुछ समय से उसकी तबीयत ठीक नहीं थी। तबीयत बिगड़ने पर उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया और 35 साल जेल में रहने के बाद सोमवार शाम को उसकी मौत हो गई। बाशा के परिजन दक्षिण उक्कदम से फ्लावर मार्केट स्थित हैदर अली टीपू सुल्तान सुन्नत जमात मस्जिद तक उसकी शवयात्रा निकालने की योजना बना रहे हैं। इसलिए पुलिस बल तैनात किया गया है। भाजपा ने किया विरोध भाजपा तमिलनाडु के उपाध्यक्ष नारायणन तिरुपति ने कहा कि पुलिस को शवयात्रा निकालने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। अगर किसी अपराधी, आतंकी, हत्यारे को शहीद घोषित किया गया तो इससे समाज में एक गलत मिसाल कायम होगी। उन्होंने एक्स पर लिखा कि किसी भी निर्मम हत्यारे के अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यह शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। यह बड़े सम्मान के साथ नहीं किया जाना चाहिए। क्योंकि वे इसके हकदार नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि कट्टरपंथी विचार, हिंसा और सांप्रदायिक समस्याएं 1998 के कोयंबटूर बम विस्फोटों से शुरू हुईं और बाशा इसके लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार था। आज भी विभिन्न राजनीतिक दलों और आंदोलनों में ऐसे सैकड़ों लोग हैं जो प्रतिबंधित अल-उम्मा के सदस्य रहे हैं। भाजपा नेता ने कहा कि उसकी शवयात्रा 1998 की भूली-बिसरी यादें ताजा कर सकती है। इससे भविष्य में सांप्रदायिक मुद्दे बढ़ सकते हैं। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन यह तय करें कि उसका जुलूस न निकले और मारे गए आतंकी बाशा का अंतिम संस्कार सिर्फ उनके परिवार के सदस्यों के साथ ही किया जाए।

कटोरा लेकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक: भाजपा सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन के गंभीर आरोप

Congress MLA reaches assembly with bowl: Serious allegations of financial mismanagement on BJP government नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार जी के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने आज मध्यप्रदेश विधानसभा के दूसरे दिन कटोरा लेकर सरकार के खिलाफ अनोखा विरोध दर्ज कराया।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के जनप्रतिनिधि “कर्ज लेकर घी पी रहे हैं” और जनता पर लगातार आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। सिंगार ने कहा, “जब नेतृत्व कमजोर हो, तो कर्ज बोझ बन जाता है और उसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है।”भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने इसे “वित्तीय अपराध” करार दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने न सिर्फ मध्यप्रदेश को कर्ज के तले दबाया है, बल्कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए जनता के खून-पसीने की मेहनत से भरे खजाने को नुकसान पहुंचाया है। “भाजपा सरकार ने राज्य को आर्थिक संकट में डाल दिया है और अब ‘कटोरा’ लेकर भीख मांगने की नौबत आ गई है,” विपक्ष ने सदन में सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा।कांग्रेस विधायकों ने कर्ज की बढ़ती दरों और राज्य की आर्थिक स्थिति के बिगड़ते हालातों को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की। उनका कहना था कि कर्ज का भार प्रदेश के विकास में बाधक बन रहा है और इसका सीधा असर आम जनता की जिंदगी पर पड़ रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि अगर भाजपा सरकार इसी तरह जनविरोधी आर्थिक नीतियों पर चलती रही, तो प्रदेश का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।

लगाए थे गंभीर आरोप, ट्रंप सरकार में हरमीत ढिल्लन को अहम पद मिलने से क्या बढ़ेंगी भारत की मुश्किलें?

वॉशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अपनी सरकार में हरमीत ढिल्लन को नागरिक अधिकारों के मामले में असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया था। ढिल्लन की ये नियुक्ति भारत की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। दरअसल हरमीत ढिल्लन ने बीते दिनों भारत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। हरमीत ढिल्लन ने गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश रचने के मामले में भारत पर अमेरिका में सिखों की हत्या के लिए मौत के दस्ते भेजने का आरोप लगाया था। अमेरिका में पन्नू मामले में अदालती सुनवाई चल रही है, ऐसे में अमेरिकी न्याय विभाग में हरमीत ढिल्लन की नियुक्ति भारत की परेशानी बढ़ा सकती है। हरमीत ढिल्लन (54 वर्षीय) ने बीते दिनों भारत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। ढिल्लन ने कहा था कि भारत अमेरिका में मौत के दस्ते भेज रहा है, जो उत्तरी अमेरिका में सिखों को निशाना बना रहे हैं। ढिल्लन की यह टिप्पणी खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश के खुलासे के बाद आई थी। हरमीत ढिल्लन ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा था कि ‘जैसा कि मैने कहा, भारत उत्तर अमेरिका के ऐसे सिखों को निशाना बनाने के लिए मौत के दस्ते भेज रहा है, पंजाब, कनाडा और अब अमेरिका में मानवाधिकारों की स्थिति पर मुखर रहे हैं। क्या हमारी सरकार इस बारे में कुछ करेगी? लोगों का जीवन खतरे में है।’ हरमीत ढिल्लन ने इस साल जुलाई में हुए रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन के दौरान अरदास का पाठ किया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कई नस्लवादी टिप्पणियां की गईं थी। हरमीत ढिल्लन ने रिपब्लिकन पार्टी की नेशनल कमेटी के अध्यक्ष का चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें उसमें हार का सामना करना पड़ा था।  ट्रंप ने की थी तारीफ हरमीत ढिल्लन के नाम का एलान करते हुए ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि ‘हरमीत ढिल्लन को अमेरिकी न्याय विभाग में नागरिक अधिकार मामलों का असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल नियुक्त करते हुए बहुत खुशी हो रही है। अपने करियर के दौरान हरमीत लगातार नागरिक अधिकारों की स्वतंत्रतता की सुरक्षा के लिए खड़ी रही हैं। उन्होंने बोलने की आजादी पर बड़ी तकनीकी कंपनियों की सेंसरशिप के खिलाफ भी लड़ाई लड़ी। हरमीत सिख समुदाय की सम्मानित सदस्य हैं। अपनी नई भूमिका में हरमीत हमारे संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा करेंगी।’

महाबोधि मंदिर में की पूजा-अर्चना, श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके बोधगया पहुंचे

गया। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने मंगलवार को बोधगया में विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर में भगवान बुद्ध की पूजा-अर्चना की। इस दौरान बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति (बीटीएमसी) के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति के बोधगया पहुंचने पर महाबोधि मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा खादा भेंट कर स्वागत किया गया। उसके बाद राष्ट्रपति महाबोधि मंदिर के गर्भगृह गए जहां उन्होंने भगवान बुद्ध की पूजा अर्चना की। इसके बाद वह पवित्र बोधिवृक्ष के पास गए। मान्यता है कि इसी महाबोधि वृक्ष के नीचे महात्मा बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। श्रीलंकाई राष्ट्रपति मंदिर परिसर स्थित भगवान बुद्ध से जुड़े सात स्थलों का भी दर्शन करेंगे। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर आम श्रद्धालुओं के महाबोधि मंदिर प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। राष्ट्रपति के जाने के बाद आम श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। इससे पहले श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके गया अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचे, जहां इनका जोरदार स्वागत किया गया। राष्ट्रपति का बिहार सरकार के मंत्री डॉ. प्रेम कुमार, मंत्री संतोष कुमार सुमन, ज़िला पदाधिकारी त्यागराजन एसएम, वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने उनका ज्ञान की भूमि में स्वागत किया। राष्ट्रपति गया हवाई अड्डे से सीधे महाबोधि मंदिर पहुंचे और भगवान बुद्ध का दर्शन कर विशेष पूजा अर्चना की। बोधगया बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। प्रतिवर्ष यहां लाखों की संख्या में बौद्ध धर्मावलंबी पहुंचते हैं। उनके साथ श्रीलंका के विदेश मंत्री विजीथा हेराथ और उप वित्त मंत्री अनिल जयंता और अन्य अधिकारियों का एक दल भी आया है। श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके के आगमन को लेकर गया जिला पुलिस अलर्ट पर है और सुरक्षा का कड़ा इंतजाम किया गया है। एयरपोर्ट से लेकर बोधगया सड़क मार्ग को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस क्रम में दोनों देशों के बीच कई समझौते पर सहमति बनी है।

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