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पर्वतदान (अन्न) एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 छत्तीसगढ़ के कण कण में बसी हुई है भगवान श्रीराम की स्मृतियां – मुख्यमंत्री साय मां नाथल दाई पर्यटन केंद्र के रूप में होगा विकसित  – मुख्यमंत्री साय पर्वतदान (अन्न) एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर हमारी सरकार लगातार लोगों की सुख-समृद्धि के लिए काम कर रही है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी, 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी से किसानों में समृद्धि आई है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर महीने 70 लाख माताओं-बहनों को एक हजार रुपए प्रति महीने की किश्त हम दे रहे हैं। देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए हम लोग मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना आरंभ करने जा रहे हैं। इस योजना के माध्यम से भी यात्रियों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के ग्राम टिमरलगा में आयोजित पर्वतदान (अन्न) एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही। सरकार लगातार लोगों की सुख-समृद्धि के लिए काम कर रही है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी, 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी से किसानों में समृद्धि आई है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर महीने 70 लाख माताओं-बहनों को एक हजार रुपए प्रति महीने की किश्त हम दे रहे हैं। देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए हम लोग मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना आरंभ करने जा रहे हैं। इस योजना के माध्यम से भी यात्रियों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के ग्राम टिमरलगा में आयोजित पर्वतदान (अन्न) एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्राम टिमरलगा में पर्वतदान एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि जब भी बड़े धार्मिक आयोजन होते हैं, आसपास का पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में सराबोर हो जाता है।छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है। यह वो धरती है जहां भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकतम समय बिताया। छत्तीसगढ़ की पावन धरती में शिवरीनारायण में माँ शबरी ने प्रभु श्रीराम को जूठे बेर खिलाये थे। हमारी छत्तीसगढ़ की भूमि बहुत पवित्र भूमि है। हमारे यहां वाल्मीकि जी का आश्रम तुरतुरिया में है।वाल्मीकि आश्रम ही वह भूमि है जहां लव और कुश ने अश्वमेध यज्ञ के घोड़े को पकड़ा था। छत्तीसगढ़ के कण कण में भगवान श्रीराम की स्मृतियां बसी हुई हैं। प्रभु श्रीराम की स्मृतियों को सहेजने के लिए हम लगातार कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  हम प्रदेश की पांच शक्तिपीठों को जोड़ने के लिए भी हम कार्य कर रहे हैं। हम लोगों ने त्रिवेणी संगम की नगरी राजिम में भी कुंभ मेले का पुनः आयोजन शुरू किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्राम टिमरलगा के माध्यमिक स्कूल का हाईस्कूल में उन्नयन, मां नाथल दाई को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने सौंदर्यीकरण, ग्राम टिमरलगा के उपस्वास्थ्य केंद्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन की घोषणा की। इस अवसर पर रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, श्रीमती केरा बाई मनहर,शमशेर सिंह, श्रीमती पुष्पा देवी सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

इजरायल ने यमन पर की एयरस्ट्राइक, बाल-बाल बचे WHO चीफ “ट्रेडोस एडनॉम”

तेल अवीव विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के डायरेक्टर-जनरल टेड्रोस एडनॉम,  यमन के सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इजरायल की एयरस्ट्राइक में बाल-बाल बच गए. इस हमले में करीब दो लोगों की मौत की खबर सामने आई है. डॉ. टेड्रोस अपने संयुक्त राष्ट्र (US) और WHO सहयोगियों के साथ एक फ्लाइट में सवार होने वाले थे और इसी वक्त हमला हो गया. इस दौरान फ्लाइट क्रू मेंबर्स चालक का एक सदस्य घायल हो गया. WHO चीफ टेड्रोस एडनॉम ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “UN स्टाफ बंदियों की रिहाई के लिए बातचीत करने, यमन में स्वास्थ्य और मानवीय स्थिति का आकलन करने का हमारा मिशन आज खत्म हो गया. हम बंदियों की तत्काल रिहाई के लिए कोशिश जारी रखेंगे. करीब दो घंटे पहले जब हम सना से अपनी फ्लाइट लेने वाले थे, तो एयरपोर्ट पर हवाई बमबारी हुई. हमारे प्लेन के क्रूब मेंबर्स के सदस्यों में से एक घायल हो गया.” उन्होंने आगे कहा, “एयरपोर्ट पर करीब दो लोगों के मारे जाने की खबर मिली है. हमें रवाना होने से पहले एयरपोर्ट को हुए नुकसान की मरम्मत होने तक इंतजार करना होगा. मैं, मेरे UN और WHO के सहकर्मी सुरक्षित है. उन परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं, जिनके प्रियजनों ने हमले में अपनी जान गंवाई.” ‘वर्कर्स को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए…’ संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हमले की निंदा करते हुए अंतर्राष्ट्रीय कानून का सम्मान करने का आह्वान किया. इसके अलावा उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों और मानवतावादी वर्कर्स को कभी भी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. ‘हमले खतरनाक…’ संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने यमन और इजरायल के बीच हाल ही में बढ़े तनाव पर दुख जताया. इसके साथ ही उन्होंने और यमन में सना एयरपोर्ट, लाल सागर बंदरगाहों और बिजलीघरों पर हवाई हमलों को ‘खतरनाक’ बताया. UN चीफ प्रमुख के मुताबिक, हवाई हमलों में कथित तौर पर कई लोग हताहत हुए हैं, जिनमें करीब तीन लोग मारे गए और दर्जनों अन्य घायल हुए. उन्होंने सभी पक्षों से सैन्य कार्रवाई बंद करने और संयम बरतने की बात कही है. इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) के मुताबिक, इजराइली वायु सेना ने पश्चिमी तट और यमन में हूती विद्रोहियों के सैन्य ठिकानों पर हमले किए. ये हमले हूती सैन्य ढांचे पर किए गए, जिसका इस्तेमाल उसकी सैन्य गतिविधियों के लिए किया जाता है. टार्गेट की गई जगहों में सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट, हिज़्याज़, रास कनातिब पॉवर स्टेशन्स के अलावा पश्चिमी तट पर अल-हुदैदाह, सालिफ और रास कनातिब बंदरगाह शामिल थे. यमन में हूतियों के खिलाफ इजरायल ने उतार दी पूरी फौज, 100 से ज्यादा फाइटर जेट ने बोला हमला इजरायल की सेना ने अब लाल सागर में अपने सबसे बड़े दुश्मन हूती के खिलाफ हमला शुरू कर दिया है। इजरायली सेना ने गुरुवार को कहा कि उसने यमन में हूती विद्रोहियों से जुड़े कई ठिकानों पर हमला किया, जिसमें सना अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और पश्चिमी तट पर तीन बंदरगाह शामिल हैं। इजरायली अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वायुसेना ने यमन में अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। यमन की मीडिया के मुताबिक एयरपोर्ट का कंट्रोल टावर इस कारण निष्क्रिय हो गया और हूती प्रशासन की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले नागरिक विमान भी क्षतिग्रस्त हो गए। हमले में दो लोगों के मारे जाने की खबर है। यह एयर स्ट्राइक युद्ध स्तर का हमला था, जिसमें इजरायल ने बड़ी संख्या में विमानों का इस्तेमाल किया। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में 100 से ज्यादा विमानों ने भाग लिया। यह ऑपरेशन अमेरिका के साथ समन्वय में किया गया था। वाईटी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक एक इजरायली सूत्र ने कहा, ‘हमने कहा था कि हूती भारी कीमत चुकाएंगे और वे हमारी ताकत देखेंगे।’ उन्होंने यह भी कहा कि यह हमला आखिरी नहीं होगा। नेतन्याहू ने दी हूतियों को धमकी कतर के अल-अरबी नेटवर्क ने दावा किया कि हमलों के कारण देश भर में आंशिक बिजली कटौती हुई। हमलों के दौरान, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वायुसेना कमान केंद्र से कहा, ‘हम ईरान के आतंक के हाथ को काटने के लिए दृढ़ हैं।’ इससे पहले बुधवार को एक भाषण में उन्होंने कहा था कि हूती भी वही सबक सीखेंगे, जो हमास, हिजबुल्ला, असद सरकार और अन्य लोगों ने सीखा है। रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा, ‘जो इजरायल को नुकसान पहुंचाएगा, उसका पीछा किया जाएगा। कोई भी हूती नेता इजरायल की पहुंच से नहीं बच पाएगा।’ इजरायल ने अपनी सुरक्षा बढ़ाई हिजबुल्लाह से जुड़े लेबनानी आउटलेट अल मयादीन ने आरोप लगाया कि इजरायली हमलों के दौरान अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत भी शामिल थे। इजरायल ने इस हमले के बाद संभावित हूती प्रतिक्रिया को देखते हुए अपने एयर डिफेंस का स्तर बढ़ा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक हमले के दौरान WHO के महानिदेशक और सना में संयुक्त राष्ट्र के समन्वयक यमन में हवाई अड्डे पर मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी हेमबती नाग को दी बधाई और शुभकामनाएं

रायपुर राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आयोजित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 से राष्ट्रीय जुडो खिलाड़ी, कोंडागांव की बिटिया हेमबती नाग को आज राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने हेमबती नाग को शुभकामनाएं दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह समस्त प्रदेशवासियों के लिए यह गर्व का विषय है। हेमबती ने कठिन परिस्थितियों में भी अपना हौसला नहीं खोया, अपनी अथक मेहनत और कड़े संघर्ष से उन्होंने खेलो इंडिया नेशनल गेम्स और राष्ट्रीय स्तर की अन्य प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का परचम लहराया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार ऐसे प्रतिभावान बच्चों को प्रोत्साहित करने और उनके सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बिटिया की यह उपलब्धि प्रदेश की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणास्त्रोत है।

नए साल से पहले उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे के लिए एक खुशखबरी सामने आई, 70 से अधिक IPS अफसरों के प्रमोशन पर लगी मुहर, DPC की बैठक में हुआ तय

लखनऊ उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. उत्तर प्रदेश पुलिस के 70 से अधिक IPS अधिकारियों के प्रमोशन करने पर शासन ने अपनी मोहर लगा दी है. मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है. इसके अलावा 2000 बैच के तीन आईपीएस अधिकारियों को भी ADG के पद पर प्रमोशन मिला हैं. 31 दिसंबर को रिटायर्ड होने पर एडीजी अभियोजन दीपेश जुनेजा के प्रमोशन करने की मंजूरी प्रदान की गई. मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई डीपीसी की बैठक में उत्तर प्रदेश पुलिस के 70 से अधिक आईपीएस अधिकारियों का प्रमोशन करने की सहमति विभागीय पदोन्नति समिति में बनी. मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई डीपीसी की बैठक में डीजी सीबीसीआईडी एसएन साबत 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने पर एडीजी अभियोजन दीपेश जुनेजा को पदोन्नति करने की मंजूरी प्रदान की गई. इसी के साथ 2000 बैच के 3 IPS अधिकारियों को एडीजी के पद पर प्रमोशन मिला है. 3 IPS अधिकारियों का ADG पद पर हुआ प्रमोशन आईजी रेंज लखनऊ प्रशांत कुमार द्वितीय, आईजी एटीएस नीलाब्जा चौधरी शामिल और नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह का नाम शामिल हैं. इन सभी को एडीजी के पद पर प्रमोशन मिला है. इसी के साथ 2007 बैच के 10 IPS अधिकारियों को DIG से IG के पद पर प्रमोट करने पर बैठक में सहमति बनी हैं, जिसमें गीता सिंह, विपिन कुमार मिश्रा, योगेश, जोगिंदर कुमार, विनोद कुमार सिंह, रवि शंकर छवि, राकेश प्रताप सिंह, अमित पाठक, भारती सिंह और बाबूराम का नाम शामिल हैं. SSP से DIG के पद पर किया प्रमोट कई IPS अधिकारियों को SSP से DIG के पद पर प्रमोट किया गया है, जिसमें 2010 और 11 बैच के शैलेश पांडे, अरुण कुमार श्रीवास्तव, अजय पाल शर्मा, डॉ अरविंद चतुर्वेदी, अरविंद कुमार मौर्य, स्वप्निल ममगैन, डी प्रदीप कुमार, राजेश कुमार सक्सेना, राजेश यश, कमला प्रसाद यादव, आलोक प्रियदर्शी, शालिनी, हेमंत कुटियाल, सुभाष सकेत, अजय कुमार, विकास वैध, अभिषेक सिंह, सुनीता सिंह, सुधा सिंह और दिनेश सिंह समेत कई अन्य अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं. इसके अलावा 2012 बैच के 15 आईपीएस अधिकारियों को SP से SSP के पद पर और 20 अफसर को SP से SSP रैंक प्रमोशन पर सहमति बनी हैं. अलग-अलग बैच के अधिकारियों को मिलेंगे अलग-अलग प्रमोशन  इसके साथ ही 2010 और 2011 बैच के आईपीएस अफसर डीआईजी पद पर भी प्रमोट होंगे. डीआईजी बनने वालों में शैलेश पांडे, अजय कुमार, अभिषेक सिंह, अजय पाल शर्मा, राजेश एस, आलोक प्रियदर्शी, सुधा सिंह, हेमंत कुटियाल, शालिनी, स्वप्निल ममगाईं, डॉ. प्रदीप कुमार, अरुण कुमार श्रीवास्तव, विकास कुमार वैद्य, राजेश कुमार सक्सेना, डॉक्टर अरविंद चतुर्वेदी, सुनीता सिंह, दिनेश सिंह, कमला प्रसाद यादव, अरविंद कुमार मौर्य शामिल हैं. इसके अलावा 2012 बैच के 15 आईपीएस अफसर एसपी से एसएसपी बनाए जाएंगे. वहीं 20 आईपीएस अफसर को ASP से SP पद पर भी प्रमोट किया जाएगा.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय धमतरी में आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल, 50 हजार से अधिक आबादी भूमि के रहवासियों को मिलेेंगे भूमि संबंधी रिकार्डस

रायपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वर्चुअल उपस्थिति में 27 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में ग्रामीण रहवासियों को मालिकाना हक देने के साथ रिकॉर्ड ऑफ राइट्स प्रदान किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी स्वामित्व योजना के तहत पूरे देश में 57 लाख से अधिक सम्पत्ति कार्ड का वितरण करेंगे। इनमें छत्तीसगढ़ के 17 जिलों के 50 हजार से अधिक सम्पत्ति मालिकों के भूमि संबंधी रिकार्डस शामिल हैं। स्वामित्व योजना में मालिकाना हक के साथ ही रिकॉर्ड ऑफ राइट्स प्रदान करने के लिए जिलों में समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन दोपहर 12:30 बजे से प्रारंभ होगा। इन जिलों में आयोजित होंगे कार्यक्रम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय धमतरी में आयोजित समारोह में शामिल होंगे। इसी प्रकार उपमुख्यमंत्री अरुण साव कोरबा, उपमुख्यमत्री विजय शर्मा दुर्ग, कृषि मंत्री रामविचार नेताम बलरामपुर-रामानुजगंज, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल महासमुंद, वन मंत्री केदार कश्यप राजनांदगांव, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, कबीरधाम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बलौदाबाजार-भाटापारा, वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी सरगुजा और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सूरजपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके अलावा 7 अन्य जिलों कोण्डागांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, बालोद, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, सक्ती में भी स्वामित्व कार्डों का वितरण होगा। स्वामित्व योजना के हैं कई लाभ स्वामित्व योजना का उद्देश्य भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण के माध्यम से ग्रामीणों को संपत्ति का अधिकार प्रदान करना है। इस योजना में ड्रोन सर्वे और जीआईएस मानचित्रों की सहायता से भूमि रिकार्डस को सटीक बनाया जाएगा। भूमि संबंधी सर्टिफिकेट मिलने से भूमि संबंधी विवादों मे कमी आएगी। सम्पत्ति की खरीदी बिक्री और हस्तान्तरण आसान हो जाएगा। भूमि मालिकों को बैंकऋण मिलने में आसानी होगी। इसके अलावा शासकीय और सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।   योजना की शुरूआत 24 अप्रैल 2020 से स्वामित्व योजना की शुरूआत 24 अप्रैल 2020 को ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में ग्रामीण रहवासियों को मालिकाना हक देने के लिए हुई थी। देश के अब तक 3.17 लाख गांव में ड्रोन सर्वे पूरा किया गया है एवं 1.49 लाख गांव के लिए 2.19 करोड़ सम्पत्ति कार्ड तैयार किए गए है। छत्तीसगढ़ के सभी आबादी गांव में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है एवं 1384 गांवों में 1.84 लाख सम्पत्ति कार्ड तैयार किए गए है।

प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षाओं पर निरंतर खरा उतरेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विचार मंथन द्वितीय सत्र सार्थक रहा मंथन: 2024, मंत्रीगण के मिले महत्वपूर्ण सुझाव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश को अनेक क्षेत्रों में हब बनाने पर हुआ गंभीर विचार-विमर्श प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षाओं पर निरंतर खरा उतरेगा मध्यप्रदेश अगला मंथन शिविर विभागीय स्तर पर होगा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पूरे दिन चला मंथन-2024 का आयोजन सार्थक रहा। मुख्य रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा युवा, गरीब, महिला और किसान, इन चार प्रमुख वर्गों के कल्याण के लिए निर्धारित की गई प्राथमिकता के अनुसार कार्य किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही चार मिशन कार्य करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने सुशासन का महत्व प्रतिपादित किया है। सुशासन को दृष्टिगत रखते हुए आज सम्पन्न मंथन शिविर बैठक में विस्तृत विचार- विमर्श किया गया है। आज लिए गए निर्णय के अनुसार इस तरह की विमर्श बैठकें अब विभाग स्तर पर की जाएंगी। मध्यप्रदेश को अनेक क्षेत्रों में हब बनाने पर गुरूवार को गंभीर विचार-विमर्श हुआ है। मंत्रि-परिषद के सदस्यों को विभागीय कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिक से अधिक जनकल्याण राज्य सरकार का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए मध्यप्रदेश सरकार निरंतर प्रयास करेगी। प्रदेश में अस्पतालों में वरिष्ठ रोगियों को सम्मान और सुविधा प्राप्त हो, इस दृष्टि से उनकी पृथक पंक्ति और बैठक का प्रबंध किया जाएगा। प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं ओर चिकित्सा शिक्षा संस्थाओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है। प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म की दृष्टि से भी प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के लिए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की जो शुरूआत की गई, उसके सफल परिणाम मिल हैं। उन्होंने बतायया कि प्रधानमंत्री फरवरी 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में आयेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों को भूमि प्रदान करने के लिए उदार नीति का पालन करते हुए अधोसंरचना विकास के प्रयास बढ़ाए जाएंगे। उद्योग स्वयं विभिन्न विकास कार्यों को आवंटित भूमि के अनुसार क्रियान्वित करेंगे, इससे राज्य की अपनी सम्पदा के विकास और सुविधाओं में वृद्धि संभव होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश की प्रशंसा की गई , प्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. अटल जी की 100वीं जयंती पर खजुराहो में 25 दिसम्बर को केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के भूमि-पूजन के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने एक वर्ष में प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन की उन्होंने सराहना की और विश्व के 10 बड़े पर्यटन संभावनाओं से भरे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश के शामिल होने का विशेष उल्लेख किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा किए गए मध्यप्रदेश के इस विशेष उल्लेख का सदैव सम्मान करेगी। मध्यप्रदेश पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य करेगा। प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। आने वाले एक वर्ष में इनकी संख्या 50 से अधिक हो जाएगी। पांच नए आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने की पहल हुई है और शीघ्र ही प्रदेश में इनकी संख्या 60 हो जाएगी। प्रदेश में 55 जिले हैं, जिलों से इससे अधिक मेडिकल कॉलेज प्रदेश में हो जाएंगे, जिससे मध्यप्रदेश चिकित्सा का हब भी बनेगा। विभिन्न क्षेत्रों में मध्यप्रदेश बनेगा सिरमौर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली युवा कार्य और रोजगार के लिए अन्य प्रदेशों में जाते हैं। सूचना प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों के विकास, नए मेडिकल कॉलेजों के प्रारंभ होने से उत्पन्न होने वाले रोजगार के अवसर, शिक्षा के क्षेत्र में कार्य की संभावनाओं और कृषि एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विभिन्न कार्यों को गति मिलने से बड़ी संख्या में युवाओं को काम मिलेगा। मध्यप्रदेश पर्यटन क्षेत्र में हब भी बनेगा। इसके साथ ही चिकित्सा क्षेत्र और आईटी में भी हब बनेगा। संभाग स्तर पर हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के प्रस्ताव क्रियान्वित होंगे। हरित अर्थ व्यवस्था, स्वच्छता, सुशासन के ठोस प्रयासों से राज्य के विकास को गति मिलेगी। मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा के उपयोग में आगे है। ओंकारेश्वर में प्रारंभ फ्लोटिंग सोलर प्लांट एक उदाहरण है। नर्मदापुरम जिले के मोहासा-बावई में नवकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण की इकाइयों को स्थापित करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है। किसानों को सस्ती ही नहीं मुफ्त बिजली देने का कार्य नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के उपायों से संभव हो रहा है। यह क्रांतिकारी परिर्वतन है। मंथन शिविर में मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने क्या कहा     टीम भावना से कार्य करने का प्रयास आवश्यक है।     युवा, महिला, किसान और गरीब कल्याण पर आज मंथन हुआ है।     मंथन शिविर मंत्रीगण और विभागों को कार्यों से यश-प्राप्ति का अवसर भी है।     प्रदेश का बजट पांच वर्ष में दोगुना करने का प्रयास है।     इस मंथन बैठक के बाद आगामी मंथन विभागीय स्तर पर होगा।     ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री मोदी जी ने फरवरी माह में मध्यप्रदेश आने की सहमति दी है। यह समिट अपेक्षा से अधिक सफल होगी।     मंत्रीगण पूरे वर्ष के कार्यों की समीक्षा करें।     विभाग स्तर की समीक्षा से यह ज्ञात होगा कि किस क्षेत्र में प्रयास बढ़ाने हैं।     समान स्वरूप के कार्य विभाग किस तरह संयुक्त रूप से कर सकते हैं, यह विचार-विमर्श भी किया गया है।     कुपोषण कम करने के अभियान और 23 जिलों में टीबी नियंत्रण के अभियान सफल हों, ऐसे प्रयास हों।     मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी पूर्व की महत्वपूर्ण घोषणाओं और निर्णयों के क्रियान्वयन पर ध्यान दें।     सायबर अपराध नियंत्रण के प्रयास बढ़ाने की आवश्यकता है, इसके लिए निर्धारित रणनीति के अमल पर ध्यान दिया जाए।     मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम को प्रदेश में पुन: प्रारंभ करने के संबंध में प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।     नगरों के विकास के लिए टियर-2 और टियर 3 श्रेणी के अनुसार आबादी के आधार पर अधोसंरचना विकास के लिए भारत सरकार से अधिकतम सहयोग प्राप्त करने के लिए भी मार्ग निकाले जा रहे हैं।     वृंदावन ग्राम और नगरों में गीता भवनों की योजना को शीघ्र क्रियान्वित किया जाएगा।     कृष्ण पाथेय के विकास और राम वन गमनपथ के कार्यों को गति दी जाएगी।     दीर्घ अवधि की योजना … Read more

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हृदय रोग के एचओडी डॉ. राजीव गुप्ता को ‘नेशनल वेटरन एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित होने पर बधाई दी

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भोपाल के हमीदिया अस्पताल में हृदय रोग विभाग के एचओडी डॉ. राजीव गुप्ता को ‘नेशनल वेटरन एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित होने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल डॉ. गुप्ता के व्यक्तिगत समर्पण और उत्कृष्टता का प्रमाण है, बल्कि यह मध्यप्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि डॉ. गुप्ता का योगदान भविष्य में अन्य लोगों को भी प्रेरित करेगा तथा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) ने मध्यप्रदेश के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गुप्ता को ‘नेशनल वेटरन एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित किया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान चिकित्सा क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान और आधुनिक चिकित्सा के प्रति उनकी निष्ठा का प्रमाण है। यह सम्मान समारोह हिटेक्स एग्जीबिशन सेंटर, हैदराबाद, तेलंगाना में आयोजित हुआ, जहां देशभर से चिकित्सा जगत की प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।  

पहले दिन सड़क एवं भवन निर्माण के विभिन्न पहलुओं सहित बेस्ट प्रैक्टिसेज़ और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा हुई

लोक निर्माण मंत्री सिंह ने गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल से की मुलाकात लोक निर्माण मंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गुजरात अध्ययन यात्रा पर पहले दिन सड़क एवं भवन निर्माण के विभिन्न पहलुओं सहित बेस्ट प्रैक्टिसेज़ और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा हुई भोपाल मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने गुरुवार को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से गांधीनगर में मुलाकात की। मंत्री सिंह के नेतृत्व में विभाग का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 26 और 27 दिसम्बर को गुजरात की दो दिवसीय अध्ययन यात्रा पर है। मंत्री सिंह ने गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल का मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से अपने व्यस्त कार्यक्रम से प्रतिनिधिमंडल को समय देने के लिए आभार व्यक्त किया। गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल के पास सड़क एवं भवन विभाग का प्रभार है, बैठक में सड़क एवं भवन निर्माण के विभिन्न पहलुओं सहित बेस्ट प्रैक्टिसेज और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री सिंह ने गुजरात में अपनाई गई बेस्ट प्रैक्टिसेज और नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में गुजरात के इन सफल प्रयासों को मध्यप्रदेश में लागू करने के लिए विभागीय स्तर पर ठोस योजना तैयार की जाएगी। मंत्री सिंह ने बताया कि अध्ययन यात्रा में गुजरात की निविदा शर्तों पर भी विस्तार से चर्चा हुई, क्योंकि गुजरात इस क्षेत्र में आदर्श कार्य करने में अग्रणी राज्य है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निविदा शर्तों में सकारात्मक बदलाव किए जाएंगे। मंत्री सिंह ने कहा कि गुजरात की यह अध्ययन यात्रा मध्यप्रदेश में सड़क और भवन निर्माण को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने इस यात्रा को राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। गुजरात सड़क एवं भवन विभाग ने मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल के समक्ष अपनी योजनाओं, नीतियों, नवाचारों, नवीन निर्माण तकनीकों और बेस्ट प्रैक्टिसेज की जानकारी साझा की। इनमें प्रमुख रूप से रोड असेट मैनेजमेंट सिस्टम, कोर रोड नेटवर्क, ग्रीन हाईवे पहल, मास्टर प्लान 2031, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP), गुणवत्ता नियंत्रण, सड़क निर्माण में ग्लास ग्रिड, जियो ग्रिड और कॉपर स्लैग जैसी तकनीकों का उपयोग शामिल था। प्रतिनिधिमंडल को आईटी आधारित प्रबंधन प्रणाली के तहत रोड असेट मैनेजमेंट सिस्टम, वर्क मॉनिटरिंग सिस्टम और पॉट होल रिपोर्टिंग सिस्टम जैसी तकनीकों के माध्यम से निर्माण परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जानकारी दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर निर्माण कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग प्रक्रिया का अवलोकन भी किया, जो निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में गुजरात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अध्ययन दल में मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। भवन विकास निगम के प्रबंध संचालक पंकज जैन, प्रमुख अभियंता (सड़क एवं पुल) केपीएस राणा, प्रमुख अभियंता (भवन) एसआर बघेल, प्रमुख अभियंता (भवन विकास निगम) अनिल श्रीवास्तव, और अन्य इंजीनियर शामिल थे। मंत्री सिंह के कार्यालय से राहुल सिंह राजपूत, रितेश जैन और सुशिवानी राजपूत ने भी भाग लिया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रेजेंटेशन देखने के बाद जरूरी निर्देश भी दिए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में हुए मंथन शिविर में विभिन्न प्रेजेंटेशन देखे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रेजेंटेशन देखने के बाद जरूरी निर्देश भी दिए।     मंथन: 2024 के अंतर्गत किसान कल्याण के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि सचिव के प्रेजेंटेशन के पश्चात कहा कि किसान संगठनों से भी चर्चा कर सुझाव प्राप्त किए जाएं। मत्स्य-पालन और पशुपालन के लिए किस तरह सुविधाएं बढ़ाई जा सकती हैं।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के लिए संभाग स्तर पर मेले लगाकर कई कृषि तकनीक और लाभकारी फसलों की जानकारी दी जाए।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेस्ट प्रैक्टिसेज अपनाई जाएं। अन्य राज्यों में कृषि क्षेत्र के श्रेष्ठ कार्यों का अध्ययन कर राज्य में लागू करें।     आदर्श,श्रेष्ठ और नवाचार आधारित कृषि कार्यों में संलग्न कृषक सम्मानित भी किए जाएं।     मंथन:2024 के अंतर्गत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख सचिव संजय शुक्ला के प्रेजेंटेशन के बाद कहा कि मध्यप्रदेश में बड़े नगरों और महानगरों में अधोसंरचना विकास की दृष्टि से भारत सरकार से अधिकतम सहयोग प्राप्त करने के प्रयास हों।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव के नवकरणीय ऊर्जा के प्रेजेंटेशन के बाद निर्देश दिए कि एक लाख किसानों को सौर ऊर्जा पम्प के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अभियान संचालित करें। योजना को जमीन पर उतारें।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख सचिव उद्योग के प्रेजेंटेशन के बाद कहा कि संभाग स्तर की अगली कॉन्क्लेव 16 जनवरी को शहडोल में होगी। पूर्व में हुए कॉन्क्लेव में निवेश से संबंधित निर्णयों और प्रस्तावों का फॉलो-अप लिया जा रहा है।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मध्यप्रदेश आने की सहमति दी है। यह समिट अपेक्षा से अधिक सफल होगी।     मुख्य सचिव‍ अनुराग जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सामूहिकता की शक्ति का उपयोग कार्यशैली में करने, संवेदनशीलता बरतते हुए, क्रियान्वयन पर जोर दिया है। सुशासन प्राथमिकता हो, कानून-व्यवस्था की स्थिति मजबूत हो। प्रधानमंत्री मोदी ने आधारभूत संरचना को भी सशक्त करने पर बल दिया है।     मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रिफार्म, परफार्म, ट्रांस्फार्म और इन्फार्म की प्रक्रिया का महत्व बताते हुए त्वरित प्रतिक्रिया और निर्णय की जरूरत बताई।     मुख्य सचिव ने चक्रीय अर्थ-व्यवस्था और अपशिष्ट प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण की प्राथमिकता की भी जरूरत बताई।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सौजन्य भेंट के लिए पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती के श्यामला हिल्स स्थित निवास पहुंचे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को सौजन्य भेंट के लिए पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती के श्यामला हिल्स स्थित निवास पहुंचे। इस अवसर पर सुश्री भारती ने कहा कि बुंदेलखंड अंचल की तस्वीर बदलने वाली विश्व की पहली नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा का शिलान्यास प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जाना अभिनन्दनीय है। इस परियोजना की मंजूरी कई वर्ष से लंबित थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से ही यह संभव हुआ है। यह अपने आप में एक महत्वपूर्ण परियोजना है। सुश्री भारती ने कहा कि बाढ़ और सूखा दोनों अपनी तरह की समस्याएं हैं। विभिन्न क्षेत्रों में यह समस्याएं उत्पन्न होती हैं और इन दोनों समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण उपाय नदी जोड़ो परियोजना है। केन-बेतवा नदी जोड़ो सामान्य परियोजना न होकर अर्थव्यवस्था को बदलने वाली परियोजना है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का सपना प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से साकार होगा। पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर स्वागत और सम्मान किया। पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री भारती ने कहा कि वे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निवास जाकर ही उन्हें केन- बेतवा परियोजना से भूमि-पूजन पर धन्यवाद देना चाहती थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आग्रहपूर्वक कहा कि वे स्वयं ही भेंट करने आ रहे है। उनके आगमन एवं बुंदेलखंड अंचल के साथ संपूर्ण प्रदेश की समृद्धि की दृष्टि से केन-बेतवा परियोजना की शुरुआत में डॉ. यादव की महत्वपूर्ण भूमिका से उन्हें हार्दिक प्रसन्नता हुई है। वर्षों से लंबित परियोजना को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक वर्ष के कार्यकाल में ही संभव बना दिया।  

11वां भोपाल विज्ञान मेला आज से 30 दिसंबर 2024 तक जंबूरी मैदान में होगा आयोजित

भोपाल मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मध्यप्रदेश शासन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग) और विज्ञान भारती द्वारा संयुक्त रूप से 11वां भोपाल विज्ञान मेला आज से 30 दिसंबर 2024 तक जंबूरी मैदान में आयोजित होगा। यह मेला विज्ञान, तकनीकी शिक्षा और नवाचार को प्रोत्साहन देने का एक महत्वपूर्ण मंच है। चार दिवसीय मेले में विभिन्न कार्यक्रमों, संवाद सत्रों, वर्कशॉप और विशेषज्ञ व्याख्यानों से विज्ञान के प्रति जागरूकता और रुचि को बढ़ावा दिया जाएगा। मेले के शुभारंभ दिवस आज ‘विज्ञान प्रतिभा सम्मान’ और प्रतिभागियों ‘सीधा संवाद’ किया जाएगा। ‘सीखो-कमाओ योजना वर्कशॉप’ और ‘विज्ञान भारती परिचय एवं नवाचार मार्गदर्शन’ सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। 28 दिसंबर को विज्ञान शिक्षक कार्यशाला में शिक्षकों के लिए विशेष सत्र आयोजित होंगे, जिसमें उन्हें आधुनिक विज्ञान शिक्षण तकनीकों से अवगत कराया जाएगा। 29 दिसम्बर को विद्यार्थी संवाद’ और ‘आईकेएस (भारतीय ज्ञान प्रणाली) पर विशेषज्ञ व्याख्यान’ प्रमुख आकर्षण होंगे। मेले का समापन 30 दिसम्बर को होगा, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। बीवीएम-2024 का केंद्रीय विषय “विकसित भारत 2047, का आधार: विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार” है। बीवीएम एक ऐसा अद्वितीय मंच प्रदान करता है, जो संवाद के अवसर तो प्रदान करता ही है, साथ ही अत्याधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी गतिविधियों का दुर्लभ अनुभव भी देता है। बीवीएम के प्रमुख आकर्षणों में वर्तमान विज्ञान और प्रौद्योगिकी में हो रही प्रगति, ग्रामीण प्रौद्योगिकी, विद्यार्थियों-वैज्ञानिकों का संवाद, उद्घाटन सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि शामिल हैं। इसमें विभिन्न विषयों पर आधारित पेवेलियन्स जैसे क्रिएटिव लर्निंग सेंटर, प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी पेवेलियन, हस्तशिल्प पेवेलियन, औषधीय पौधों का पेवेलियन, कृषि-प्रौद्योगिकी पेवेलियन, प्रमुख वैज्ञानिकों की जीवनी पर पेवेलियन, विभिन्न सरकारी योजनाओं पर पवेलियन आदि भी होंगे। विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तर के संगठन/संस्थाएँ जैसे डीएई, इसरो, डीआरडीओ, एनटीपीसी, एनएचडीसी, सीआईएल, सीएसआईआर प्रयोगशालाएँ और कृषि परिषदें अपने सफलतापूर्वक किए गए कार्यों और नवाचारों को प्रदर्शित करने के लिए आमंत्रित की गई हैं।    

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर किया दुःख व्यक्त

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि  पूर्व प्रधानमंत्री, प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह जी अर्थशास्त्र के उन दिग्गजों में से एक थे, जो देश के वित्त मंत्री, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर और योजना आयोग के प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उन्होंने  शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों और शुभचिंतकों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

पांढुर्णा: भाजपा जिला अध्यक्ष के लिए संगठन ने भेजा नामों का पैनल, आलाकमान करेगा अंतिम फैसला

पांढुर्णा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पांढुर्णा जिला संगठन में जिलाध्यक्ष के चयन को लेकर प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। रायशुमारी के माध्यम से संभावित नामों का चयन किया गया और पैनल तैयार कर प्रदेश नेतृत्व को भेजा गया। इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व इन नामों का आकलन कर अंतिम निर्णय करेगा। जिलाध्यक्ष चयन प्रक्रिया: पहली बार नई रणनीति भाजपा ने पहली बार लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तरह जिलाध्यक्षों के चयन के लिए विस्तृत और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई है। पार्टी ने तय किया है कि संगठनात्मक क्षमता, सामाजिक समीकरण, और नेतृत्व कौशल को प्राथमिकता दी जाएगी। चयन प्रक्रिया का स्वरूप भाजपा जिला कार्यालय में 12 मंडल अध्यक्षों, तीनों तहसीलों (पांढुर्णा, सौंसर, नांदनवाड़ी) के वरिष्ठ पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ रायशुमारी की गई। रायशुमारी के आधार पर तीन-तीन नामों का पैनल तैयार किया गया। सभी नाम प्रदेश भाजपा कार्यालय भेजे गए, जहां से यह सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी। केंद्रीय नेतृत्व दावेदारों का मूल्यांकन कर अंतिम चयन करेगा। प्रबल दावेदार और सामाजिक समीकरण जिलाध्यक्ष पद के लिए कई नाम चर्चा में हैं। इनमें मुख्यतः कुनबी समाज से वर्तमान जिलाध्यक्ष श्रीमती वैशाली ताई महाले, राहुल मोहोड़, संदीप मोहड़, देवीदास राउत, वही पावर समाज से श्रीमती सुनीता यादवराव डोबले, क्रिष्णकुमार डोबले और तेली समाज से श्रीमती मीनाक्षी ताई खुरसंगे, ठाकुर समाज से नरेंद्र परमार जैसे दावेदार भी चर्चा में रहे। हालाकि संगठन नेतृत्व में प्रबल नाम वर्तमान जिलाध्यक्ष श्रीमती वैशाली महाले का माना जा रहा है। केंद्रीय नेतृत्व करेगा अंतिम फैसला संगठन ने सामाजिक समीकरण और कार्यकर्ताओं की अनुभवजन्य क्षमता को ध्यान में रखते हुए पैनल तैयार किया है। केंद्रीय नेतृत्व सभी नामों का आकलन करेगा और जनवरी 2025 तक जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा संभव है। संघ की पृष्ठभूमि और संगठनात्मक अनुभव को मिलेगी प्राथमिकता भाजपा ने स्पष्ट किया है कि ऐसे कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जो लंबे समय से संगठन से जुड़े हैं, जिनकी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पृष्ठभूमि है, और जिन्होंने संगठन में अनुकरणीय कार्य किया है। भाजपा की नई रणनीति इस बार भाजपा ने जिलाध्यक्ष चयन में पारदर्शिता और संगठनात्मक शक्ति को बढ़ाने के लिए नई रणनीति अपनाई है। पार्टी का उद्देश्य है कि सक्षम और प्रभावी नेतृत्व तैयार किया जाए, जो आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में संगठन को मजबूत कर सके।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह नहीं रहे, 92 साल की उम्र में AIIMS में निधन

नई दिल्ली भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का गुरुवार, 26 दिसंबर 2024 को निधन हो गया। 92 वर्षीय डॉ. मनमोहन सिंह को स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद गुरुवार शाम एम्स, नई दिल्ली में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। एम्स नई दिल्ली ने मनमोहन के निधन की पुष्टि करते हुए न्यूज बुलेटिन जारी किया है। एम्स ने कहा, “अत्यंत दुःख के साथ हम भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन की सूचना देते हैं। उन्होंने 92 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। वे उम्र से संबंधित बीमारियों के कारण उपचाराधीन थे और 26 दिसंबर 2024 को घर पर अचानक बेहोश हो गए थे। घर पर ही उन्हें तुरंत पुनर्जीवित करने के उपाय शुरू किए गए। उन्हें रात 8:06 बजे एम्स, नई दिल्ली के मेडिकल इमरजेंसी में लाया गया। तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और रात 9:51 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।” पीएम मोदी ने भी पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी है। पीएम मोदी ने लिखा, “भारत अपने सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन पर शोक मना रहा है। साधारण पृष्ठभूमि से उठकर वे एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री बने। उन्होंने वित्त मंत्री सहित विभिन्न सरकारी पदों पर कार्य किया और वर्षों तक हमारी आर्थिक नीति पर अपनी गहरी छाप छोड़ी। संसद में उनके हस्तक्षेप भी बहुत ही व्यावहारिक थे। हमारे प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए।” इससे पहले कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने इस खबर की पुष्टि की। पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद, हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मनमोहन सिंह के निधन पर श्रद्धांजलि दी। डॉ. मनमोहन सिंह अपनी सरलता, ईमानदारी और उत्कृष्ट आर्थिक नीतियों के लिए जाने जाते थे। उनका निधन भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।  मनमोहन सिंह के निधन पर हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने जताया दुख पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, “देश ने एक राजनेता ही नहीं, बल्कि एक अर्थशास्त्री भी खो दिया है। पंजाब के एक गांव में जन्म लेने से लेकर अर्थशास्त्री और प्रधानमंत्री बनने तक का उनका सफर राष्ट्र सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्हें उनकी सादगी और उनके आर्थिक फैसलों के लिए हमेशा याद किया जाएगा। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति मिले।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। आर्थिक सुधार के प्रणेता और ‘अनिच्छुक राजा’ ब्रिटिश मीडिया BBC ने डॉ. मनमोहन सिंह के निधन की जानकारी देते हुए अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि, ‘भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और आर्थिक सुधार के प्रणेता मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. सिंह भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्रियों में से एक थे और उन्हें प्रमुख उदारवादी आर्थिक सुधारों का निर्माता माना जाता है.’ न्यूज़ एजेंसी Reuters ने लिखा है, ‘प्रधानमंत्री के तौर पर अपने पहले कार्यकाल में वह ‘अनिच्छुक राजा’ के तौर पर वर्णित किए गए. मृदुभाषी मनमोहन सिंह, जिनका गुरुवार को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया, यकीनन भारत के सबसे सफल नेताओं में से एक थे. वह भारत का नेतृत्व करने वाले पहले सिख प्रधानमंत्री थे. उन्हें भारत को अभूतपूर्व आर्थिक विकास की ओर ले जाने और करोड़ों लोगों को भयंकर गरीबी से बाहर निकालने का श्रेय दिया जाता है. क़तरी ब्रॉडकास्टर अल जज़ीरा ने पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर लिखा है कि, वह 90 के दशक में भारत के आर्थिक उदारीकरण के वास्तुकार थे. पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वित्त मंत्री के तौर पर अपने पहले कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था को उदार बनाया. अलजज़ीरा ने लिखा कि, ‘सौम्य स्वभाव वाले टेक्नोक्रेट सिंह भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्रियों में से एक थे. डॉ. मनमोहन सिंह: एक महानायक की जीवन यात्रा डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत (अब पाकिस्तान में) के गाह गांव में हुआ था। विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आ गया। बचपन से ही वे मेधावी छात्र रहे। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की और आगे की पढ़ाई के लिए कैम्ब्रिज और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय गए। डॉ. सिंह ने 1950 के दशक में अपने करियर की शुरुआत आर्थिक मामलों में शोधकर्ता के रूप में की। उनके उल्लेखनीय योगदान के कारण उन्हें 1971 में भारत सरकार में आर्थिक सलाहकार के पद पर नियुक्त किया गया। बाद में वे योजना आयोग के उपाध्यक्ष और भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के पद पर भी रहे। उदारीकरण के जनक 1991 में, भारत जब गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा था, उस समय डॉ. मनमोहन सिंह को वित्त मंत्री नियुक्त किया गया। उन्होंने ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों की शुरुआत की, जिसने भारत को आर्थिक उदारीकरण की राह पर आगे बढ़ाया। उनके नेतृत्व में अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों में विदेशी निवेश के दरवाजे खुले और आर्थिक विकास को गति मिली। प्रधानमंत्री के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक दो कार्यकालों के लिए भारत के प्रधानमंत्री रहे। वे पहले ऐसे प्रधानमंत्री थे, जो लोकसभा चुनाव नहीं जीते थे और राज्यसभा सदस्य रहते हुए इस पद पर आसीन हुए। उनके कार्यकाल में आर्थिक विकास और सामाजिक योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया। निजी जीवन डॉ. मनमोहन सिंह एक सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले नेता थे। उनकी पत्नी गुरशरण कौर और तीन बेटियां हैं। वे साहित्य, संगीत और अध्यात्म में गहरी रुचि रखते थे। डॉ. मनमोहन सिंह के निधन की खबर सुनते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।

महाकुंभ: प्रयागराज जाने के लिए छत्तीसगढ़ से कुंभ मेला पांच स्पेशल ट्रेनों का परिचालन होगा, जानिए शेड्यूल

रायपुर प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ को ध्यान में रखकर रेलवे ने संगम में स्नान करने वाले श्रद्वालुओं को बड़ी सुविधा दी है। दक्षिण रेलवे से चलने वाली पांच महाकुंभ स्पेशल ट्रेन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के गोंदिया, बालाघाट और नैनपुर होकर गुजरेगी। महाकुंभ के दौरान 3,000 स्पेशल ट्रेनें सहित 13,000 से अधिक ट्रेनें दौड़ेगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा तीन कुंभ मेला स्पेशल ट्रेनों का परिचालन रायगढ़-वाराणसी, दुर्ग-वाराणसी और बिलासपुर-वाराणसी के मध्य तीन फेरे के लिए चलाई जा रही है। ट्रेन नंबर 08251/08252 रायगढ़-वाराणसी-रायगढ़ कुंभ मेला स्पेशल, ट्रेन नंबर 08791/08792 दुर्ग-वाराणसी-दुर्ग कुंभ मेला स्पेशल और ट्रेन नंबर 08253/08254 बिलासपुर-वाराणसी-बिलासपुर कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन व्हाया बिलासपुर, कटनी, प्रयागराज के मार्ग से चलाई जा रही है। इन स्टेशन्स से होकर गुजरेंगी ट्रेन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर चलने वाली ट्रेन नंबर 08530/08529 विशाखपत्तनम-पंडित दीनदयाल उपाध्याय-विशाखपत्तनम और ट्रेन नंबर 08562/08561 विशाखपत्तनम-गोरखपुर–विशाखपत्तनम कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन चल रही है। ये सभी ट्रेनें रायपुर, बिलासपुर, उसलापुर, रायगढ़, चांपा, पेंड्रारोड, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया स्टेशन पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी। इसी प्रकार दक्षिण रेलवे से चलने वाली पांच महाकुंभ मेला स्पेशल ट्रेन में 06005/06006 कन्याकुमारी-गया- कन्याकुमारी साप्ताहिक कुंभ मेला स्पेशल, ट्रेन नंबर 06021/06022 कोचुवेलि-गया-कोचुवेलि साप्ताहिक कुंभ मेला स्पेशल, ट्रेन नंबर 06001/06002 चेन्नई सेंट्रल-गोमती नगर-चेन्नई सेंट्रल साप्ताहिक कुंभ मेला स्पेशल, ट्रेन नंबर 06003/06004 कन्याकुमारी-बनारस-कन्याकुमारी साप्ताहिक कुंभ मेला स्पेशल और ट्रेन नंबर 06007/06008 कोचुवेलि-बनारस-कोचुवेलि साप्ताहिक कुंभ मेला स्पेशल शामिल हैं। इतवारी-टाटानगर रद चक्रधरपुर मंडल के राजगांगपुर स्टेशन यार्ड में एफओबी गर्डर लांचिंग के लिए रेलवे ने मेगा ब्लॉक लिया है। इसके चलते 29 दिसंबर को नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी एवं टाटानगर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18110/18109 इतवारी एक्सप्रेस रद रहेगी। वहीं, 28 दिसंबर को हैदराबाद से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 07051 हैदराबाद-रक्सौल स्पेशल एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से चार घंटे देरी से रवाना होगी। इसी तरह से 28 दिसंबर को सिकंदराबाद जंक्शन से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 17007 सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से एक घंटे देर से चलेगी। वहीं, 29 दिसंबर को दुर्ग से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से पांच घंटे देरी से रवाना होगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि असुविधा से बचने पूछताछ सेवा 139 से ट्रेनों की सही स्थिति की जानकारी लें।

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