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GG flyover की 1 से 5 जनवरी के बीच ब्रिज की जाएगी ओपनिंग

भोपाल जीजी फ्लाइओवर पीडब्ल्यूडी की अंदरूनी खींचतान में उलझकर जीजी फ्लाइओवर को शुरू करने का काम फिलहाल टल गया है। दूसरी और इसके नीचे की सड़क को बनाने के लिए मेट्रो तैयार है इन पीडब्ल्यूडी। दोनों के निर्माण के दौरान ये सड़क खराब हुई, लेकिन दोनों ही एजेंसी अपने अपने कॉरिडोर के नीचे की ड़क दुरुस्त कर रहे हैं। करीब दस से पंद्रह फीट का हिस्सा बेहाल लावारिस छोड़ दिया। स्थिति ये कि भोपाल पुलिस ने सड़क निर्माण के लिए एक दिन ट्रैफिक बंद करने का कहा, लेकिन सवाल फिर कि इसे कौन बनाएगा? इसमें ही उलझ गया। यह भोपाल का सबसे लंबा ब्रिज है। इसकी लंबाई 2734 मीटर यानी, करीब पौने 3 किमी है। इसका काम दिसंबर 2020 में शुरू हुआ था। जिसे 2 साल में बन जाना था, लेकिन इसे बनने में 4 साल लगे। आखिरकार अब इसका काम आखिरी दौर में है। पहले 26 दिसंबर को ब्रिज की ओपनिंग करने की बात सामने आई थी, लेकिन थर्ड आर्म नहीं बनने की वजह से ट्रैफिक शुरू नहीं हो सका। वहीं, मंत्री गुजरात दौरे पर चले गए। ऐसे में अब उम्मीद है कि 1 से 5 जनवरी के बीच ब्रिज की ओपनिंग हो जाएगी। लाइट की टेस्टिंग शुरू गणेश मंदिर से वल्लभ भवन चौराहा के बीच दो आर्म्स के बीच कुल 230 पोल पर लाइटें लगाई गई हैं। जिसकी टेस्टिंग की जा रही है। करीब 15 मीटर चौड़े इस ब्रिज की थर्ड आर्म पर भी लाइट लगाई जाएगी। ताकि, यह हिस्सा भी रोशन हो सके। यदि लाइटिंग और सर्विस रोड समय पर बन जाती है तो थर्ड आर्म पर भी ट्रैफिक शुरू हो सकता है। वरना, गणेश मंदिर से वल्लभ भवन चौराहा तक ही ट्रैफिक शुरू होगा। लोड टेस्ट पूरा पीडब्ल्यूडी के अफसरों के मुताबिक, गणेश मंदिर से वल्लभ भवन चौराहा की ओर आने वाली पहली और दूसरी आर्म का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। इस रूट पर लोड टेस्ट भी हो चुका है। फिर भी ट्रैफिक का संचालन शुरू होने पर लोगों को कोई परेशानी न आए, इसलिए यहां कुछ उपाय किए जा रहे हैं। ऐसा मैनिट के एक्सपर्ट्स से मिली सलाह के बाद पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने ये बदलाव करने का फैसला लिया है। ऐसे समझें स्थिति • मेट्रो रेल कारपोरेशन का स्टेशन यहां है। इसके नीचे की रोड भी खराब है, लेकिन इसे मेट्रो कारपोरेशन बनाने को तैयार है। इसके साथ ही पास अंडरग्राउंड ड्रेन बनाएंगे। ये स्टेशन की लंबाई के बराबर ही होगी, उसके बाद काम नहीं होगा। इसमें उलझन है। • पीडब्ल्यूडी ब्रिज के नीचे की सड़क ठीक है। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की ओर वाला करीब 200 मीटर का हिस्सा बैरिकेडिंग से ढंका है, इसे बनाना है, लेकिन बनाया नहीं गया। यहां भी मेट्रो का एफओबी बन रहा है, इसलिए पीडब्ल्यूडी ने मेट्रो से ही इसे ठीक करने कहा। इतना ही नहीं, स्टेशन से लगे जिस हिस्से पर मेट्रो ड्रेन बनाएगा, उसके दोनों किनारों पर करीब 150-150 मीटर लंबाई में रोड पर डामर का काम पीडब्लयूडी ने मेट्रो से करने का कहा है। मामले अभी उलझन में है। इस तरह ट्रैफिक प्रभावित जिंसी, पुराना भोपाल, जहांगीराबाद, प्लेटफार्म नंबर छह से सुभाष ब्रिज, पुल बोगदा और आगे तक का ट्रैफिक एमपी नगर, साकेत नगर, नर्मदापुरम रोड तक आवाजाही करता है। बोर्ड ऑफिस के पास मेट्रो स्टेशन व रोड का हिस्सा मेट्रो क्यों नहीं बना रहे इस मामले में मेट्रो कारपोरेशन के अफसर स्पष्ट जवाब देने को तैयार नहीं है।

सर्द हवाओं और तापमान में भारी गिरावट, कुछ हिस्सों में ओले पड़ने और तेज हवाओं के साथ बारिश

नई दिल्ली इस साल सर्दियों का मौसम अपने शबाब पर है। एक तरफ बर्फीले थपेड़े और घना कोहरा आम जिंदगी को ठहरने पर मजबूर कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ बारिश की बूंदों ने कई हिस्सों में मौसम को तरोताजा बना दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 28 दिसंबर 2024 से 8 जनवरी 2025 तक के लिए विस्तारित मौसम का हाल पेश किया है, जिसमें सर्दी, बारिश और कोहरे से जुड़ी अहम जानकारियां शामिल हैं। उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का कहर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सर्दी का प्रकोप जारी है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में शीतलहर की गंभीर चेतावनी दी गई है। राजस्थान के चुरु में इस सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया। घने कोहरे ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में आम जनजीवन को प्रभावित किया है। 28 -31 दिसंबर के बीच कोहरा और ज्यादा घना होने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक पश्चिमी हिमालय और आसपास के इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के चलते 27-28 दिसंबर को बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इससे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओले पड़ने और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान तापमान में गिरावट भी दर्ज की जाएगी। सर्द हवाओं और तापमान में बदलाव की संभावना उत्तर और पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान अगले दो दिनों में 2 डिग्री तक गिर सकता है। मध्य भारत और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर रहने की उम्मीद है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में शीतलहर और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहेगा। दक्षिण भारत में बारिश का जोर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में पिछले हफ्ते भारी बारिश ने मौसम को बदल दिया। यह निम्न दबाव क्षेत्र के कारण इन इलाकों में गरज के साथ बारिश हुई। अगले कुछ दिनों में तमिलनाडु, पुदुचेरी और आंध्र प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। दक्षिण भारत में इस बार मानसून के बाद की बारिश सामान्य से 15% ज्यादा रही है।

एमपी में बड़ा हादसा : हटा-पन्ना राजमार्ग पर बस और ट्रक की टक्कर में 25 घायल, दोनों वाहनों के चालक फरार

Major accident in MP: 25 injured in collision between bus and truck on Hata-Panna highway, drivers of both vehicles absconding जिले के हटा पन्ना राजमार्ग पर गैसाबाद में व्यारमा नदी पुल के पास शनिवार सुबह यात्री बस और ट्रक की आमने सामने टक्कर हो गई। हादसे में बस में सवार करीब 25 यात्री घायल हो गए और अफरा तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को हटा सिविल अस्पताल भिजवाया। घटना के बाद बस और ट्रक चालक मौके से भाग निकले। हादसे के बाद घायलों को बाहर निकालने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ा] क्योंकि बारिश हो रही थी] जिससे रेस्क्यू में समय भी लग गया। जानकारी के अनुसार बस क्रमांक एमपी 34 पी 0241 दमोह से पन्ना की ओर जा रही थी। ट्रक क्रमांक एमपी 33 एच 2852 सीमेंट लोड कर रीवा से सागर की तरफ जा रहा था। गैसाबाद में पुल के पास पहुंचते ही दोनों वाहनों की आमने सामने टक्कर हो गई। जिससे बस में सवार यात्री घायल हो गए और चीख पुकार मच गई। हादसे में दोनों वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। सूचना मिलते ही मौके पर गैसाबाद थाना प्रभारी प्रीति पांडे पुलिस बल के साथ पहुची गंभीर घायलो को 108 की मदद से हटा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया वहीं कुछ घायल सिमरिया अस्पताल चले गए। मौके से ट्रक ड्राइवर व बस ड्राइवर भाग गए हैं। सिविल अस्पताल में घायलों का इलाज शुरू किया गया। एक घायल सतीश कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि हादसा कैसे हुआ कुछ समझ नहीं आया। अचानक दोनों वाहन आपस में टकरा गए और यात्रियों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। घायलों की जानकारी लेने के हटा तहसीलदार प्रवीण त्रिपाठी एसडीएम राकेश मरकाम भी पहुंच गए। एसडीएम ने बताया ट्रक और बस की टक्कर में 20 से अधिक यात्री घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए हटा सिविल अस्पताल लाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है हादसा कैसे हुआ।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का आलेख

Article by former Chief Minister of Madhya Pradesh Kamal Nath कमलनाथमध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार का एक साल का कार्यकाल 13 दिसंबर को पूरा हो गया। अब बीजेपी इस एक साल को स्वर्णिम कार्यकाल बताकर अपनी पीठ थपथपा रही है। लेकिन मोहन सरकार ने गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, दलितों और सभी वर्गों के लोगों के लिए क्‍या किया है यह विचारणीय है। महिला सुरक्षा, दलित और आदिवासी सुरक्षा के मामले में मध्यप्रदेश का रिकॉर्ड और भी खराब हो गया है। स्वास्थ्य शिक्षा का हाल यह है कि मध्यप्रदेश की पहचान व्यापमं और नर्सिंग जैसे घोटालों से होने लगी है। समाज की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था, हर पहलू पर इतनी नाकामी क्यों हासिल हो रही है? इससे बढ़कर चिंता की बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार इन सारे विषयों पर एकदम चुप है। क्या जनता के विकास के ये सबसे महत्वपूर्ण पैरामीटर सरकार की प्राथमिकता से बाहर हो गए हैं? ऐसा लगता है कि मध्य प्रदेश की सरकार ने जमीनी सच्चाई से पूरी तरह पीठ फेर ली है और प्रदेश को उसके हाल पर छोड़ कर, खुद सिर्फ झूठी ब्रांडिंग से अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त हो गई है। हकीकत से मुंह फेर कर मोहन सरकार झूठे प्रचार-प्रसार में मस्‍त है। जबकि चुनावों के पहले बीजेपी ने बड़े-बड़े वादे कर जनता को गुमराह करने का काम किया। आज प्रदेश की जनता खुद सरकार से सवाल करना चाहती है कि वादों का क्‍या हुआ? सरकार कर्ज पर कर्ज लेकर अपनी गाड़ी को चला रही है। और सपने ऐसे दिखाए जा रहे हैं कि प्रदेश ने विकास के कई सोपान गढ़ लिए हैं। दलितों पर अत्‍याचार पिछले एक साल में प्रदेश में दलितों पर काफी अत्‍याचार हुए हैं। वह चाहे शिवपुरी की घटना हो या सागर की घटना हो। सारे प्रदेश में दलितों पर हो रहे अत्‍याचारों से यही लगता है कि यह साल दलित अत्‍याचार पर केन्द्रित रहा है। शिवपुरी के इंदरगढ़ में एक दलित युवक की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मध्यप्रदेश के सागर जिले के ग्राम बरोदिया नोनागिर में दलित युवती द्वारा छेड़छाड़ की शिकायत से गुस्साए गुंडों ने युवती के भाई की पिछले वर्ष अगस्त माह में हत्या कर दी थी। हत्या में बीजेपी नेताओं पर आरोप लगे। पीड़ित परिवार समझौते के लिये तैयार नहीं हुआ तो दो दिन पूर्व पीड़िता के चाचा की भी हत्या कर दी गई। मंदसौर जिले के एक गांव में एक महिला का पीछा करने के आरोप में दलित व्यक्ति को चेहरा काला करके, गले में जूतों की माला डालकर घुमाया गया। यह दोनों घटनाएं तो सिर्फ ऐसी थी जो सुर्खियों में ज्‍यादा रहीं लेकिन‍ ऐसी न जाने हजारों घटनाएं हैं जो रोज दलितों से साथ घटती रहीं। दुर्भाग्य की बात है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस तरह के विषयों पर कुछ भी कहने से बचते रहे और दलितों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने में पूरी तरह नाकाम रहे। कर्ज के भरोसे सरकार मध्य प्रदेश में कर्ज दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। ऐसा कोई महीना नहीं बीतता है जब सरकार कर्ज न ले रही हो। सरकार पिछले 11 महीनों में 40 हजार 500 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। राज्य यादव सरकार के एक साल पूरे होने के साथ कर्ज का आंकड़ा 52.5 हजार करोड़ तक पहुंचने वाला है। दिसंबर 2023 से अब तक सरकार ने 47.5 हजार करोड़ का कर्ज लिया है। साल 2024 के अंत तक राज्य पर कुल कर्ज 4 लाख करोड़ से अधिक हो जाएगा। पिछले 6 माह में हर महीने 05-05 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक 30 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा चुका है। 31 मार्च 2025 तक मप्र सरकार का कर्ज 4.21 लाख करोड़ पहुंचेगा। मौजूदा वित्त वर्ष में सरकार अपनी जरूरतों के लिए लगभग 25 हजार करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेगी। पिछले साढ़े चार साल में मप्र सरकार पर कर्ज का बोझ सबसे तेजी से बढ़ा है। मार्च 2020 की स्थिति में सरकार पर लगभग 2.01 लाख करोड़ का ही कर्ज था, लेकिन पिछले साढ़े चार साल में यह दोगुना हो गया है। वादे पूरे करने में नाकाम मोहन सरकार सरकार अपने कार्यकाल का एक साल पूरा होने का जश्न मना रही है। लेकिन‍ अपने वादों को भूल गई है। चुनावों के समय जो वादे किये थे उन पर ध्‍यान ही नहीं है। लाडली बहनों को 3,000 रुपये की राशि देने का वादा, किसानों को उपज का दाम मिलना, युवाओं को रोजगार देने का वादा, महिलाओं को सुरक्षा देने का वादा, भ्रष्‍टाचार मुक्‍त प्रदेश बनाने का वादा ऐसे तमाम वादे थे जो एक साल में शुरू ही नहीं हुए हैं। किसान परेशान, जश्‍न में सरकार मध्य प्रदेश में खाद की कमी के कारण किसानों की आय पर भी काफी असर पड़ा है। किसानों ने खाद की कमी के कारण अपनी फसल ही नहीं बोई। किसानों को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पहले साल के कार्यकाल में ऐसे मामले हैं जहां मोहन यादव की सरकार बैकफुट पर नजर आई। राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल 13 दिसंबर 2023 को मोहन यादव राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। मोहन यादव के पहले कार्यकाल में मध्य प्रदेश में क्राइम के कई ऐसे मामले आए जिसके राज्य सरकार की किरकिरी हुई। वैसे तो प्रदेश को शांति का टापू कहा जाता है लेकिन प्रदेश में दिनोंदिन बढ़ रहे अपराधों ने मध्‍यप्रदेश को बदनाम किया है। अपराधों के आंकड़ों में लगातार इजाफा हो रहा है। क्‍या महिलाएं क्‍या बच्चियां, कोई सुरक्षित नहीं है। साइबर क्राइम भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। नौकरियों की घोषणा पर भर्ती नहीं राज्य के युवाओं को साधने के लिए मोहन यादव की सरकार ने एक लाख पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। दिसंबर महीने से भर्ती शुरू होनी थी लेकिन कई विभाग ऐसे हैं जो यह रिपोर्ट तक नहीं दे पाए हैं कि उनके विभाग में कितने पद खाली हैं। बीते एक साल से भर्ती नहीं होने पर युवाओं में ओवरएज होने का डर है। नर्सिंग घोटाला से धूमिल हुई छवि राज्य में नर्सिंग घोटाले के बाद प्रदेश सरकार की छवि धूमिल हुई है। राज्य में कॉलेजों की संख्या कम की गई है। नर्सिंग घोटाले … Read more

क्या वेजिटेबल जूस में मिला सकते हैं फ्रूट्स, क्या यह सेहत के लिए हो सकता है खतरनाक?

lifestyle health mixing fruits and vegetables in juice can be dangerous to your health कुछ लोग ऐसे होते हैं जो कच्ची सब्जियों का जूस पीना पसंद करते हैं. फिटनेस फ्रिक वाले लोग हरी सब्जियों को ज्यादा से ज्यादा अपनी डाइट में शामिल करते हैं. ऐसे डाइट लेने वाले समर्थकों का दावा है कि कच्ची सब्ज़ियों में कई जरूरी विटामिन और खनिज होते हैं जो खाना पकाने के दौरान खत्म हो जाते हैं और ये इम्युनिटी को बढ़ाने और बीमारियों को रोकने के लिए बहुत बढ़िया हैं. यह बात सही हो सकती है लेकिन किसी भी चीज़ को हद से ज्यादा खाना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. सर्दियां आ रही हैं और यह वह मौसम है जब हरी पत्तेदार सब्जियां काफी ज्यादा मार्केट में होती हैं और लोग हर संभव दिलचस्प तरीके से उन्हें अपने आहार में शामिल करके उनका अधिकतम लाभ उठाने की कोशिश करते हैं. कुछ लोग इस मौसम में कच्ची सब्जियों का जूस पीना भी पसंद करते हैं. लेकिन क्या ये सभी वाकई सेहतमंद और सुरक्षित हैं? आपको हरी सब्जियां किस तरह खानी चाहिए – उन्हें पकाकर या कच्चे रूप में खाकर. आयुर्वेद और आंत स्वास्थ्य कोच डॉ. डिंपल जांगडा ने अपने हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा है कि अधिक मात्रा में कच्चे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पेट में कुछ संक्रमण या अपच का खतरा हो सकता है. पके हुए भोजन की तुलना में कच्चे खाद्य पदार्थों को पचाना शरीर के लिए अधिक कठिन होता है, क्योंकि पके हुए भोजन पहले से ही गर्मी, मसालों और पकाने की विधि से टूट जाते हैं. वे अवशोषण के लिए अधिक जैविक रूप से उपलब्ध होते हैं और पाचन अग्नि पर तनाव को कम करते हैं. कुछ कच्चे खाद्य पदार्थों में एंटी-पोषक तत्व भी होते हैं जो वास्तव में खाद्य पदार्थों के पोषण अवशोषण को पूरी तरह से अवरुद्ध कर देते हैं.हल्का खाना पकाने की सलाह दी जाती है. विशेषज्ञ कहते हैं, यदि आप मतली, थकान, चक्कर आना, पेट फूलना, दस्त या आईबीएस जैसे लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो आपका शरीर आपसे बात कर रहा है. आयुर्वेद बड़ी मात्रा में कच्चे खाद्य पदार्थों या ठंडे खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह नहीं देता है, क्योंकि वे परजीवियों का घर होते हैं, जिन्हें केवल धोने से नष्ट नहीं किया जा सकता है. कच्ची सब्ज़ियां जिनसे बचना चाहिए Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

लोहे की काली कड़ाही को मिनटों में चमका देगी 10 रुपये की फिटकरी, सालों पुरानी जमी कालिख भी हो जाएगी साफ

shopping how to clean cast iron pan or lohe ki kadhai quickly by using alum or fitkari लोहे की काली कड़ाही को साफ करने में अच्छे-अच्छों की हालत पतली हो जाती है। जलने के बाद कड़ाही पर लगे दाग इतने ज्यादा जिद्दी हो जाते हैं कि आसानी से निकलते ही नहीं है। ऐसे में हम आपको 10 रूपये की फिटकरी का इस्तेमाल करने का तरीका बता रहे हैं, जिससे सालों पुरानी जमी कालिख भी साफ हो जाएगी। माना जाता है कि लोहे की कड़ाही में भोजन पकाने से स्वादिष्ट और पोष्टिक बनता है। मगर, सबसे बड़ी दिक्कत है कि यह बहुत जल्दी काली और गंदी हो जाती है। जिसकी वजह से पकने वाला भोजन भी काला हो जाता है और जल्दी जलने लगता है। अगर, ज्यादा दिनों तक कड़ाही को साफ ना किया जाए तो इसमें कालिख जमने लग जाती है। अब लोहे की काली कड़ाही को साफ करना बहुत ही मेहनत का काम होता है। आज भी गांव के लोग इसे साफ करने के लिए ईंट या राख की मदद लेते हैं। लेकिन हर कोई इतनी मेहनत नहीं कर सकता है और शहरों में ईंट या राख कड़ाही साफ करने के लिए मुश्किल ही है। ऐसे में 10 रुपये की फिटकरी वाला सस्ता और आसान तरीका बता रहे हैं। कड़ाही क्लीन करने की पहली स्टेप सबसे पहले आप काड़ाही को गैस पर रखकर गर्म कर लीजिए। अब इस पर फिटकरी को रगड़ दीजिए। जब आप लोहे की गर्म कड़ाही पर फिटकरी को रगड़ेंगी को कालिख छूटना शुरू हो जाएगी। रगड़ने के बाद आपको इसपर पानी डालना होगा। साथ ही बचे फिटकरी के तुकड़े को एक चम्मच नमक के साथ डालकर 5 मिनट के लिए छोड़ दीजिए। यूं चमक जाएगी लोहे की काली कड़ाही तय समय बाद आप कड़ाही में मिक्स घोल को किसी कटोरी में निकाल लीजिए। अब कड़ाही पर डिश बार या लिक्विड डालकर थोड़ा सा रगड़कर साफ कर लीजिए। इस दौरान फिटकरी घुले पानी का इस्तेमाल भी करते रहें। इस तरह थोड़ी देर में फिटकरी की मदद से आपकी काली कड़ाही नई जैसी चमक जाएगी।

UPI नहीं, कैश… इंदौर के व्यापारियों का ऐलान, दुकानों के बाहर क्यों लगाए ऐसे पोस्टर?

indore traders declare that they will not accept payments through upi posters put up outside shops stwma देश भर में साइबर फ्रॉड के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. इसी के तहत साइबर क्राइम टीम भी लगातार काम कर रही है. कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है और कई लोगों के खिलाफ अभी भी लगातार जांच जारी है. इसमें सबसे बड़ी समस्या व्यापारियों के लिए सामने आती है. इंदौर ! मध्य प्रदेश के इंदौर में व्यापारियों ने UPI पेमेंट लेने से इनकार कर दिया है. कोई भी दुकानदार ग्राहक से यूपीआई के जरिए पेमेंट नहीं लेंगे. इसकी जानकारी वह अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर पोस्टर लगाकर दे रहे हैं. दुकानदारों के इस निर्णय से ग्राहक परेशान हो रहे हैं. इस मामले को लेकर जिला कलेक्टर व्यापारियों से बात करेंगे. वहीं, यूपीआई पेमेंट ने लेने पर व्यापारियों का कहना है कि साइबर फ्रॉड के कारण वह परेशान हो रहे हैं, पुलिस भी उनके अकाउंट होल्ड कर देती है. पूरी दुनिया डिजिटलाइजेशन पर निर्भर हो चुकी है. अब हर चीज मोबाइल से ऑपरेट की जाती है. इसके कई फायदे भी हैं तो कई नुकसान भी. व्यापारियों का कहना है कि सबसे बड़ा नुकसान साइबर फ्रॉड है. उनका कहना है कि जब कोई बदमाश एक अकाउंट से पैसा लेकर दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर करता है और उसी अकाउंटस से वह किसी व्यापारी के यहां से खरीदारी करता है. जांच में वह अकाउंट पाया जाता है तो व्यापारी का भी अकाउंट सीज कर लिया जाता है. इस समस्या से परेशान इंदौर के व्यापारियों ने यूपीआई पेमेंट को अब ना कह दिया है. कैश और क्रेडिट कार्ड से लेंगे पेमेंट इंदौर के व्यापारी ग्राहक से कैश और क्रेडिट कार्ड के जरिए पेमेंट लेंगे. उन्होंने यूपीआई के जरिए पेमेंट लेने से इनकार कर दिया है. इसका फैसला राजवाड़ा के व्यापारी एसोसिएशन ने लिया है. व्यापारियों का कहना है कि अगर कोई ग्राहक उनकी दुकान पर आता है और वह यूपीआई पेमेंट करता है, जब पुलिस जांच में वह ग्राहक गुनाहगार निकलता है तो पुलिस व्यापारियों का अकाउंट भी सीज कर देती है. उसको खुलवाने में कई महीनों लग जाते हैं. तब तक व्यापारी का पैसा उसी अकाउंट में रखा रह जाता है. इस बीच न वो उसका इस्तेमाल कर सकता है और न पेमेंट निकाल सकता है, जिससे की कई व्यापारी परेशान हो जाते हैं. कलेक्टर करेंगे व्यापारियों से बात इस मामले में इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने शुक्रवार को बताया कि जैसे ही साइबर फ्रॉड की शिकायत आती है, पुलिस प्रशासन उस पर तुरंत कार्रवाई करता है. अगर एक दो ट्रांजेक्शन के कारण ऐसा हुआ है और यूपीआई पेमेंट को गलत कहना गलत हे. वहीं व्यापारियों द्वारा लगाए गए पोस्टरों पर कहा कि हम एक टीम भेजकर उनसे बातचीत करेंगे, क्योंकि डिजिटल इकोनॉमी भी बहुत आवश्यक है. उसमें अगर किसी चीज की कमी है तो उसको दूर किया जाना चाहिए

नीतीश रेड्डी ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर जड़ा ऐतिहासिक शतक, भारत के सभी बल्लेबाज छूटे पीछे

nitish kumar reddy first indian batter to score hundred in australia at number 8 or below नीतीश कुमार रेड्डी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट मैच में शतक जड़ने में कामयाब रहे. ये उनके इंटरनेशनल करियर का पहला शतक है. नीतीश ने ये पारी 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए खेली. वह जब बल्लेबाजी के लिए उतरे थे को भारतीय टीम पर फॉलो ऑन का खतरा मंडरा रहा था. नीतीश कुमार रेड्डी… क्रिकेट की दुनिया में नाम नया है, लेकिन कारनामा बड़ा करके दिखाया है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट मैच में वह शतक जड़ने में कामयाब रहे. नीतीश रेड्डी की ये पारी एक अहम मौके पर आई. वह जब बल्लेबाजी करने उतरे तो टीम इंडिया ने 191 रन पर ही 6 विकेट गंवा दिए थे. इसके बाद नीतीश रेड्डी ने टीम इंडिया की पारी को संभालने का काम किया और मैदान के चारों ओर रन भी बनाए. ये उनके इंटरनेशनल करियर का पहला शतक है. उन्होंने इस पारी से ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया. नीतीश रेड्डी का ऐतिहासिक शतक नीतीश रेड्डी ने इस सीरीज के पहले मुकाबले से ही दमदार खेल दिखाया है और हर अहम मौके पर टीम इंडिया के लिए रन बनाए हैं. मेलबर्न में भी उन्होंने ऐसे समय पर रन बनाए जब टीम इंडिया पर फॉलो ऑन का खतरा मंडरा रहा है. वह इस मैच में 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे, ऐसे में उनके साथ कोई भी फुल टाइम बल्लेबाज नहीं था. इन सब के बावजूद उन्होंने इस ऑस्ट्रेलियाई बॉलिंग अटैक का जमकर सामना किया और एक यादगार शतक जड़ा. उन्होंने 100 रन तक पहुंचने के लिए 171 गेंदें लीं. बता दें, नीतीश कुमार रेड्डी ने इस शतकीय पारी के साथ ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर इतिहास भी रच दिया है. वह नंबर-8 या उससे नीचे खेलकर ऑस्ट्रेलिया में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने हैं. वहीं, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नंबर-8 पर खेलकर शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय हैं. इससे पहले रिद्धिमान साहा भी ये कारनामा कर चुके हैं. हालांकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ये शतक भारत में लगाया था. बॉक्सिंग डे टेस्ट में शतक जड़ने वाले सबसे युवा भारतीयनीतीश कुमार रेड्डी इसी के साथ बॉक्सिंग डे टेस्ट में शतक लगाने वाले सबसे युवा भारतीय भी बन गए हैं. नीतीश ने ये कारनामा 21 साल 216 दिन की उम्र में किया है. वहीं, इससे पहले कार्ल हूपर ने 21 दिन 011 दिन की उम्र में बॉक्सिंग डे टेस्ट में शतक लगाया था.

मध्यप्रदेश शासन कि फिर चली ट्रांसफर बुलेट ट्रेन: 18 आईएफएस बदले: इंदौर, देवास डीएफओ बदले, जे देवा पेंच के फील्ड डायरेक्टर

Madhya Pradesh government’s transfer bullet train started again: 18 IFS transferred: Indore, Dewas DFOs transferred, J Deva Pench’s field director भोपाल । राज्य शासन ने शुक्रवार देर रात को 18 आईएफएस और 11 राज्य वन सेवा के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इंदौर, देवास, और बालाघाट के डीएफओ बदल दिए गए हैं। 2006 बैच के आईएफएस जे. देवा प्रसाद को छिंदवाड़ा सीसीएफ के पद से मुक्त करते हुए पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी का स्थाई फील्ड डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, अभी तक उनके पास इसका अतिरिक्त प्रभार था। जबलपुर में वर्किंग प्लान सीएफ रमेश चंद्र विश्वकर्मा और सिवनी के वर्किंग प्लान सीएफ हरिशंकर मिश्रा दोनों को वन मुख्यालय भोपाल में पदस्थ किया गया है। इंदौर वर्किंग प्लान सीएफ आदर्श श्रीवास्तव को शिवपुरी सर्किल का सीएफ बनाया गया है। नर्मदापुरम वर्किंग प्लान के सीएफ पीएन मिश्रा को इंदौर सर्किल में सीएफ बनाकर भेजा गया है। सामाजिक वानिकी सर्किल ग्वालियर के सीएफ नरेश यादव को सीएफ छतरपुर सर्किल बनाया है। वहीं राज्य वन सेवा के 11 अफसरों को पदोन्नत होने से पहले ही बदल दिया गया है।

मध्यप्रदेश के कईं जिलों में अलर्ट; भोपाल-इंदौर, उज्जैन में आधी रात तेज बारिश: 1 जनवरी से पड़ेगी कड़ाके की ठंड

Alert in many districts of Madhya Pradesh; Heavy rain in Bhopal-Indore, Ujjain at midnight: Severe cold will start from January 1 इंदौर और उज्जैन में देर रात तेज बारिश शुरू हो गई। भोपाल । मध्यप्रदेश में ओले-बारिश का दौर शुरू हो गया है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में देर रात को गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। शुक्रवार को रतलाम, मंदसौर, बैतूल, आलीराजपुर समेत कई जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे। शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रहेगा। मौसम विभाग भोपाल के मुताबिक, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा समेत 12 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट है। जबकि 40 से 50 Km प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन समेत 25 जिलों में हल्की बारिश, बादल छाए रहेंगे। उज्जैन में तेज बारिश के बीच महाकाल लोक की बिजली चली गई। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। वहीं, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से हवा नमी लेकर आ रही है। जिसकी वजह से प्रदेश में ओले और बारिश का दौर शुरू हो गया है। अगले 24 घंटे भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। 1 जनवरी से तेज सर्दी का दौर शुरू हो जाएगा। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 28 दिसंबर: उमरिया, डिंडौरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और पांढुर्णा में ओले-बारिश का दौर बना रहेगा। यहां 30 से 40 Km प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। वहीं, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, दतिया, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में हल्की बारिश, बादल और तेज हवा चलने का अलर्ट है। 29 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहेगा। 30 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कोहरा छाया रहेगा। 31 दिसंबर से बढ़ेगी ठंड सिस्टम के गुजरने के बाद प्रदेश में कोहरे और ठंड का असर बढ़ जाएगा। यानी, नए साल पर लोगों को कड़ाके की ठंड के दौर से गुजरना पड़ सकता है। इसके बाद पूरे एक महीने तक कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है।

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