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नाक के ऊपर जमे ब्लैकहेड्स घर पर ही इन तरीकों से करे साफ

आजकल फेस पैक और स्क्रब को छोड़कर लोग नाक और चिन से ब्लैकहेड्स हटाने के लिए टिशु पेपर का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये सुनने में भले ही आपको थोड़ अटपटा लगे लेकिन कई महिलाओं ने इसे आजमाया है और इस नुस्खे को असरदार बताया है। हम बात कर रहे हैं ब्यूटी कंटेंट क्रिएकर इसरा अब्दुल्लाह के बताए घर पर नोज स्कीप बनाने के तरीके की। जी हां, और आज हम आपको भी घर पर नोज स्ट्रिप बनाने और इसे इस्तमाल करने का तरीका बताने वाले हैं। ये नुस्खा बनाने और लगाने, दोनों में ही आसान है। आपको इसके लिए टिशु पेपर के साथ कुछ और चीजों की भी जरूत होगी। आइए जानते हैं टिशु पेपस से नोज स्ट्रिप बनाने का तरीका। नोज स्ट्रिप बनाने के लिए क्या चाहिए?     टिशु पेपर- 1     अंडा- 1 छोटी कटोरी     चावल का आटा- 1/2 चम्मच     मुल्तानी मिट्टी- 1/2 चम्मच ऐसे तैयार और इस्तेमाल करें नुस्खा     सबसे पहले आप एक कटोरी लें और उसमें अंडे का सफेद भाग निकाल लें।     अब इसमें चावल का आटा और मुल्तानी मिट्टी डालकर अच्छे से मिक्स कर लें।     अब नोज स्ट्रिप बनाने के लिए आप अपने ब्लैकहेड्स और वाइटहेड्स वाले एरिया पर टिशु की डबल लेयर लगाएं।     इसके लिए पहले आप अंडे वाले पैक को अपनी नाक पर लगाएं और फिर उसपर टिशू पेपर चिपका दें।     इसी तरह जहां-जहां आपके चेहरे पर जैसे की नाक और ठुड्डी पर ब्लैकहेड्स हैं वहां अंडा और टिशू पेपर लगा दें।     अब इसे सूखने के लिए चेहरे पर ऐसे ही लगा रहने दें।     जब ये सूख जाए तो हल्क हाथों से इस स्ट्रिप को निकाल लें।     आप देखेंगे कि नाक एकदम साफ हो गई है और त्वचा काफी फ्लॉलेस दिख रही है।     इसमें सभी नेचुरल चीजों का इस्तेमाल किया गया है इसलिए आप इस नुस्खे को हफ्ते में दो से तीन बार या अपनी जरूरत के अनुसार भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

करंट लगने से मौत की आशंका, छत्तीसगढ़-कोरबा के जंगली तालाब में मिली हाथी की लाश

कोरबा. कोरबा जिले में एक दंतैल हाथी की मौत से हड़कंप मच गया है। हाथी का शव पानी में मिला है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच आगे की कार्यवाही में जुट गई है। मौत की वजह करंट बताया जा है।मामला कोरबा वनमण्डल के कुदमुरा रेंज अंतर्गत गीतकुंवरी क्षेत्र का है जहां शनिवार की सुबह वन विभाग को हाथी की मौत के मामले की जानकारी मिली। हाथी की मौत किन परिस्थितियों में हुई इस बात का अभी पता नहीं लग सका है। बताया जा रहा है कि सुबह के वक्त ग्रामीण जंगल की ओर गए हुए थे इस दौरान अचानक हाथी पर नज़र पड़ी देखने के बाद मौके पर हड़कप मच गया है।वहीं देखते ही देखते ग्रामीणों के भीड़ एकत्रितहो गई। इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई जहां मौके पर पहुंचे घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए आगे की जांच कार्यवाही शुरू की जिस स्थान पर हाथी डूबा है वह नाला नुमा है और पानी ज्यादा नहीं है। वन विभाग की ओर से एसडीओ दक्षिण सूर्यकांत सोनी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के टीम मौके पर पहुंची हुई है और जांच कार्यवाही शुरू कर दी है हाथी की मौत कब कैसे और किन परिस्थितियों में हुई है यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है हाथी कहां से आया है और किसी ओर से आया है इसकी जांच कर आगे की कार्यवाही की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि जंगली जानवर किसी कार्य करने के लिए करंट प्रवाहित तार लगाया गया था जिसकी चपेट में आने से उसकी मौत होने की आशंका जताई जा रही है फिलहाल करंट से मौत होने की पुष्टि नहीं की जा रही है।

हड्डियों को मजबूत बनाने और स्किन को चमकदार बनाने के लिए सही तरीके से खाएं मूंगफली

सर्दियों के मौसम में मूंगफली सिर्फ टाइमपास स्नैक्स नहीं, बल्कि सेहत का खजाना है। ठंड के दिनों में लोग इसे खूब चाव से खाते हैं, क्योंकि यह न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होती है, बल्कि शरीर को गर्म रखने के साथ एनर्जी भी देती है। सलाह रुचि सहाय, फाउंडर, अर्थीलिया के अनुसार, मूंगफली में आयरन, कैल्शियम, विटामिन-ई और जिंक जैसे जरूरी नुट्रिएंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह न केवल इम्यूनिटी को मजबूत करती है, बल्कि हड्डियों को मजबूत बनाने और स्किन को चमकदार बनाए रखने में भी मददगार है। मूंगफली का सेवन दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें अच्छे फैट्स होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखते हैं। साथ ही यह डायबिटीज और वेट कंट्रोल करने में भी सहायक है। सर्दियों में मूंगफली खाने के सही तरीके और फायदे मूंगफली को सर्दियों का सुपर फूड कहा जाता है, क्योंकि यह शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे सही तरीके से खाने से ही इसके अधिकतम फायदे मिल सकते हैं। रुचि सहाय, फाउंडर, अर्थीलिया के अनुसार, मूंगफली को खाने के सही तरीके अपनाकर आप इसके नुट्रिएंट्स को बेहतर तरीके से अपना सकते हैं। तो आइये जानते है मूंगफली खाने के सही तरीके और इसके फायदे।​ ​मूंगफली खाने के सही तरीके भुनी हुई मूंगफली का सेवन करें: डॉक्टर का मानना है कि भुनी हुई मूंगफली में नुट्रिएंट्स ज्यादा सुरक्षित रहते हैं। इसे बिना तेल के तवे पर भूनना या हल्का सेक कर खाना सबसे अच्छा विकल्प है। इससे न केवल मूंगफली का स्वाद बेहतर होता है, बल्कि डाइजेशन में भी आसान होता है। – सुबह के नाश्ते के बाद या शाम के समय मूंगफली खाने से शरीर को एनर्जी मिलती है और यह डाइजेशन को भी बेहतर बनाती है। यह उन लोगों के लिए आदर्श स्नैक है जो लंबे समय तक भूखे नहीं रहना चाहते। – गुड़ और मूंगफली का कॉम्बिनेशन न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि यह शरीर को आयरन और अन्य जरूरी नुट्रिएंट्स भी प्रदान करता है।​ ऊर्जा का बेहतर स्रोत मूंगफली में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स की भरपूर मात्रा होती है। यह शरीर को तुरंत एनर्जी प्रदान करती है, खासकर उन लोगों के लिए जो दिनभर की व्यस्तता में थकावट महसूस करते हैं। दिल की सेहत के लिए अच्छा मूंगफली में मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स दिल को स्वस्थ रखते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करती है और हार्ट डिसीसेस का खतरा कम करती है। हड्डियों को मिलती है मजबूती कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे नुट्रिएंट्स से भरपूर मूंगफली हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। यह बुजुर्गों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है।

20 नागरिकों की मौत, सूडान में दो कैंपों पर अर्धसैनिक बल ‘आरएसएफ’ ने किए हमले

खार्तूम। सूडान के एल फशर शहर में दो कैंपों पर अर्धसैनिक बल ‘रैपिड सपोर्ट फोर्स’ (आरएसएफ) के हमलों में कम से कम 20 नागरिक मारे गए और 17 अन्य घायल हो गए। एक स्थानीय सरकारी अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उत्तरी दारफुर राज्य के स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक इब्राहिम खातिर ने कहा, “कल रात आरएसएफ मिलिशिया ड्रोन ने एल फशेर में सैकड़ों विस्थापित लोगों के शिविर, कोज बेना स्कूल पर चार बम गिराए। इसमें 19 नागरिक मारे गए और 16 अन्य घायल हो गए।” उन्होंने कहा, “आज सुबह मिलिशिया ने एल फशर के उत्तर में अबू शौक विस्थापन शिविर पर गोलाबारी की। इसमें एक नागरिक की मौत हो गई और एक लड़की घायल हो गई।” आरएसएफ ने अबू ज़ेरिगा क्षेत्र पर हमले पर कोई टिप्पणी जारी नहीं की है। इससे पहले चार दिसंबर को, सूडान के दारफुर क्षेत्र के गवर्नर ने घोषणा की थी कि सूडान के उत्तरी दारफुर राज्य के एक क्षेत्र में अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) द्वारा किए गए हमले में 20 नागरिक मारे गए थे। गवर्नर मिन्नी आर्को मिन्नावी ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में कहा, “आरएसएफ ने एल फशर शहर के दक्षिण में अबू ज़ेरिगा क्षेत्र में नरसंहार किया, इसमें 20 नागरिक मारे गए और 20 अन्य घायल हो गए।” मिन्नावी ने कहा कि हमला 3 दिसंबर को हुआ था। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवीय संगठनों से अपराधों का की जांच करने और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय जांच दल भेजने की अपील की। साथ ही सहायता संगठनों से क्षेत्र में गहराते मानवीय संकट के बीच प्रभावित आबादी को मानवीय सहायता प्रदान करने के प्रयासों को तेज करने की भी अपील की। इस बीच, गैर-सरकारी सूडानी डॉक्टर्स नेटवर्क ने कहा कि हमले में 21 नागरिक मारे गए और 13 अन्य घायल हो गए। 10 मई से, सूडानी सशस्त्र बलों (एसएएफ) और आरएसएफ के बीच एल फशर में भीषण झड़पें हुईं, जो एक क्रूर संघर्ष में उलझी हुई थीं। अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के ताजा अनुमानों के अनुसार, सूडान अप्रैल 2023 के मध्य से एसएएफ और आरएसएफ के बीच विनाशकारी संघर्ष की चपेट में था। इसने कम से कम 29,683 लोगों की जान ले ली और 14 मिलियन से अधिक लोगों को विस्थापित कर दिया।

ठंड में गलत तरीके से नहाने पर हार्ट अटैक का खतरा, जाने नहाने का सही तरीका

नहाने से शरीर की गंदगी दूर होती है और तरोताजा महसूस होता है। लेकिन ठंड में गलत तरीके से नहाने पर हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है। डॉक्टर ने बताया कि ठंडे मौसम में नहाने का सही तरीका क्या है और सबसे पहले कहां पानी डालना चाहिए। सर्दियों के मौसम में हार्ट अटैक के मामले बहुत ज्यादा देखने को मिलते हैं। इनमें से कई सारे मामलों में बाथरूम के अंदर हार्ट अटैक आता है। जिसमें से कई सारे लोगों की जान बच नहीं पाती। नहाने का गलत तरीका इसके पीछे का कारण हो सकता है और करीब 90 प्रतिशत लोग ऐसे ही नहाते हैं। ठंड में खून की नलियां सिकुड़ जाती हैं और दिल को ब्लड पंप करने में काफी मेहनत करनी पड़ती है। इससे हृदय पर तनाव बढ़ जाता है और हार्ट अटैक आ सकता है। कोलेस्ट्रॉल की समस्या इस खतरे को और ज्यादा कर देती हैं। इस मौसम में नहाते हुए गलती करना भारी पड़ सकता है। डॉक्टर निशांत गुप्ता का कहना है कि इस खतरे से गर्म पानी भी नहीं बचा सकता। ठंडे पानी से नहाएं या फिर गर्म पानी से, अगर तरीका सही नहीं है तो खतरा हमेशा मंडराता रहेगा। ​​ सिर पर पानी डालने की गलती जब कोई नहाने जाता है तो सबसे पहले सिर के ऊपर पानी डालता है और यहीं गलती हो जाती है। जो लोग शॉवर से नहाते हैं, वो अधिकतर बार यही गलती करते हैं। सिर पर पानी डालने से हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। नहाने का बेस्ट तरीका डॉक्टर कहते हैं कि पानी ठंडा हो या गर्म, लेकिन ठंड में एकदम से सिर पर पानी नहीं डालना चाहिए। सबसे पहले थोड़े पानी को पैरों पर डालकर मलें। इसके बाद पेट पर पानी डालकर मलें और फिर छाती पर मलें। इसके बाद सिर पर पानी डालना चाहिए। ऐसे बचेगी जान डॉक्टर का कहना है कि ठंड में नहाने का यह तरीका शरीर के अंदर एक तरह का थर्मोस्टेट बनाता है। जो कि बदन का तापमान सामान्य रखता है। बता दें कि थर्मोस्टेट एक डिवाइस है जिसे तापमान को कंट्रोल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ये लोग रहें ज्यादा सावधान जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल या डायबिटीज हाई है उन्हें ज्यादा संभल कर रहना चाहिए। ठंड में पैरों में दर्द रहना, थकान, सीने में दर्द उठना जैसी दिक्कतें दिल की खराब हेल्थ का इशारा कर सकती हैं। जिसके बाद हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

प्रयागराज नगरी के साथ-साथ ट्रेन की बोगियों को महाकुंभ की थीम पर किया जा रहा तैयार

लखनऊ जनवरी में होने वाले महाकुंभ को लेकर रेलवे की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों की बोगियों को महाकुंभ की थीम पर तैयार किया जा रहा है। इससे बोगियों का लुक बदल गया है। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने बताया कि महाकुंभ को लेकर युद्घस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। शनिवार को डीआरएम सचिंद्र मोहन शर्मा ने प्रयाग स्टेशन का दौरा किया। वहां कराए जा रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया तथा तय समय से पहले काम पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं दूसरी ओर लखनऊ या अन्य रूटों से प्रयागराज की ओर आने-जाने वाली ट्रेनों को नया लुक दिया जा रहा है। बोगियों को महाकुंभ की थीम की विनाइल कोटिंग की गई है, जो यात्रियों को महाकुंभ की ओर आकृष्ट करेगी। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा को लेकर प्रयाग के स्टेशनों पर काफी काम किया जा रहा है। 3200 रेलकमी, अधिकारी संभालेंगे मोर्चा सीनियर डीसीएम ने बताया कि 700 कॉमर्शियल डिपार्टमेंट के अधिकारी, कर्मचारी महाकुम्भ के दौरान ड्यूटी देंगे। वहीं अन्य विभागों के अधिकारियों ने बताया कि आरपीएफ, ऑपरेटिंग, मैकेनिकल सहित कुल 32 सौ कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। महाकुम्भ के दौरान प्रयागराज के रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा पुख्ता करने के लिए सीसीटीवी चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे। कुल 1680 एचडी सीसीटीवी लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त जीआरपी व आरपीएफ के जवानों को अतिरिक्त रूप से तैनात किया जाएगा। 5400 यात्रियों के लिए बनेंगे तीन होल्डिंग एरिया सीनियर डीसीएम ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए तीन होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे, जो कलर कोडेड होंगे। होल्डिंग एरिया में 5400 यात्रियों के रुकने के इंतजाम होंगे। होल्डिंग एरिया यात्रियों की आवाजाही के अनुसार बनेंगे। पांच गुने तक रेलयात्रियों की होगी आवाजाही सीनियर डीसीएम ने बताया कि स्टेशनों पर पांच गुने तक रेलयात्रियों के आने की संभावनाएं हैं। बता दें कि वर्ष 2019 में हुए कुम्भ मेले में प्रयागराज, प्रयागराज संगम व फाफामऊ स्टेशनों पर कुल 2,62,000 यात्रियों की आवाजाही हुई थी, यह संख्या टिकटों की बिक्री से निकाली गई है। जबकि इस बार पांच गुना वृद्घि की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

विरोध को किया खारिज’, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बोले, ‘एच-1बी’ वीजा पर है विश्वास

न्यूयॉर्क। राष्ट्रपति-चुनाव डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि वे “एच-1बी” वीजा में विश्वास करते हैं, उन्होंने योग्य पेशेवरों के विरोध को लेकर चल रही खबरों को खारिज कर दिया। “यह एक शानदार कार्यक्रम है,” उन्होंने शनिवार को न्यूयॉर्क पोस्ट को एक फोन साक्षात्कार में बताया। अपने अनूठे अंदाज में उन्होंने कहा, “मुझे हमेशा से वीजा पसंद रहे हैं, मैं हमेशा से वीजा के पक्ष में रहा हूं। इसलिए हमारे पास ये हैं।” उन्होंने रूपर्ट मर्डोक-नियंत्रित न्यूज कॉर्प का हिस्सा अखबार से कहा, “मेरी संपत्तियों पर कई एच-1बी वीजा हैं। मैं एच-1बी में विश्वास करता रहा हूं। मैंने इसका कई बार इस्तेमाल किया है।” ट्रंप ने आव्रजन प्रणाली में सुधार का समर्थन किया है ताकि इसे योग्यता के अनुरूप ढाला जा सके। कनाडा या ऑस्ट्रेलिया की तरह एक अंक प्रणाली को अपनाया जा सके जो शैक्षणिक और रोजगार योग्यताओं को महत्व देती है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि अमेरिकी विश्वविद्यालयों से स्नातक करने वाले विदेशी छात्रों को उनके डिप्लोमा के साथ ग्रीन कार्ड मिले। उन्होंने इस साल अपने अभियान के दौरान कहा, “मैं जो करना चाहता हूं और जो मैं करूंगा, वह यह है कि आप कॉलेज से स्नातक हों, मुझे लगता है कि आपको अपने डिप्लोमा के हिस्से के रूप में इस देश में रहने में सक्षम होने के लिए स्वचालित रूप से ग्रीन कार्ड मिलना चाहिए।” एच-1बी वीजा और उच्च योग्यता वाले व्यक्तियों के आव्रजन पर मतभेद ट्रंप तब उभरा जब उन्होंने एक भारतीय अप्रवासी श्रीराम कृष्णन को अपना एआई सलाहकार नियुक्त किया। सबसे पहले हमला लॉरा लूमर ने विरोध में आवाज उठाई। जिन्हें ट्रंप के वफादारों में से एक माना जाता है। उन्होंने मस्क के एक्स पर पोस्ट किया, “श्रीराम कृष्णन की नियुक्ति को देखकर बहुत परेशान हूं।” लॉरा ने दावा किया कि कृष्णन ग्रीन कार्ड की संख्या पर सभी पाबंदी हटाने की ख्वाहिश रखते हैं। डेविड सैक्स, जिन्हें ट्रंप ने क्रिप्टो और एआई जार का नाम दिया है और जो कृष्णन के बॉस होंगे, ने एक्स पर बताया कि उन्होंने केवल उन ग्रीन कार्डों की सीमा को हटाने का सुझाव दिया था जो अलग-अलग देशों को दिए जा सकते हैं, जबकि समग्र सीमा को बनाए रखा ताकि ग्रीन कार्ड उन लोगों को वितरित किए जा सकें जिनके पास बहुत अधिक बैकलॉग हैं। जब कृष्णन के खिलाफ व्यक्तिगत हमले और झूठे आरोप लगे तो सैक्स फिर से उनके बचाव में आए और एक्स पर लिखा कि “झूठ बस बदल गया, जिसमें उन पर कुछ हमले भी शामिल थे।” मस्क ने व्यक्तिगत दृष्टिकोण अपनाया और एक्स पर पोस्ट किया, “मैं अमेरिका में इतने सारे महत्वपूर्ण लोगों के साथ हूं, जिन्होंने स्पेसएक्स, टेस्ला और सैकड़ों अन्य कंपनियों का निर्माण किया, जिन्होंने अमेरिका को मजबूत बनाया, इसका कारण एच-1बी है।” उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित किए बिना अमेरिका “हार” जाएगा। उन्होंने एक्स पर लिखा, “उत्कृष्ट इंजीनियरिंग प्रतिभा की स्थायी कमी है। यह सिलिकॉन वैली में मूलभूत सीमित कारक है।” उन्होंने लिखा, “यदि आप दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को दूसरे पक्ष के लिए खेलने के लिए मजबूर करते हैं तो अमेरिका हार जाएगा और आलोचकों को चुनौती देते हुए पूछा कि क्या वे अमेरिका को जीतते या हारते देखना चाहते हैं। भारतीय अब तक एच-1बी वीजा के सबसे बड़े प्राप्तकर्ता हैं, जिन्हें पिछले साल 72.3 प्रतिशत प्राप्त हुए।

देवास में पुलिस हिरासत में दलित युवक की मौत, कांग्रेस जीतू पटवारी का तीखा हमला, पैसे की मांग का आरोप

Death of Dalit youth in police custody in Dewas, sharp attack by Congress’s Jitu Patwari, allegation of demanding money. देवास जिले के सतवास में पुलिस हिरासत में एक दलित युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि पुलिस ने युवक से पैसे की मांग की थी, और जब रकम नहीं दी गई तो पुलिस की बर्बरता का शिकार बना युवक मौत की वजह बना। इस घटना के बाद पूरे देवास में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे पुलिस की बर्बरता करार दिया है। हिरासत में मौत का मामला मालागांव के रहने वाले 35 वर्षीय मुकेश लोंगरे को शनिवार दोपहर पुलिस ने एक महिला द्वारा दर्ज कराए गए मामले के तहत हिरासत में लिया था। लेकिन शाम होते-होते मुकेश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर दावा किया कि युवक ने आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन उसके परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उसे बिना किसी कारण हिरासत में लिया और उसके साथ बर्बरता की। पैसे की मांग का आरोप परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मामले में धाराएं कम करने के एवज में 6,000 रुपये की मांग की थी। मुकेश के साथ थाने में मौजूद एक साथी को यह राशि देने के लिए घर भेजा गया था। जब वह पैसे लेकर लौटा, तब तक मुकेश की मौत हो चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बिना उनकी जानकारी के मुकेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और शव के कमरे में बाहर से ताला लगा दिया, जिससे परिवार के लोग अंदर नहीं जा सके। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देवास में पुलिस ने एक और दलित युवक की बेरहमी से हत्या कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन अब गुंडों से ज्यादा दलित समाज पर अत्याचार कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए पूरे थाने के पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाए। सड़क पर उतरे लोग घटना के बाद स्थानीय लोग और मुकेश के परिजन सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे पुलिस प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने देवास जिले में पुलिस के खिलाफ गहरी नाराजगी को जन्म दिया है और लोग न्याय की उम्मीद में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। न्याय की मांग मुकेश के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की बर्बरता के कारण उनका परिवार टूट गया है। वे अब पुलिस के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं और न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं। इस मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं, और लोगों की मांग है कि दोषियों को सजा मिले और इस तरह के अत्याचार को रोका जाए। इस घटना ने देवास जिले में पुलिस प्रशासन के खिलाफ गुस्से को और बढ़ा दिया है, और अब लोग सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज उठाने को तैयार हैं।

‘पूर्व शासन के अवशेषों’ पर कार्रवाई, सीरिया के तटीय इलाकों में सैन्य हेलिकॉप्टरों की तैनाती

दमिश्क। सीरिया की अंतरिम प्रशासन के सैन्य बलों ने “पूर्व शासन के अवशेषों” के खिलाफ हवाई हमले तेज कर दिए हैं। अंतरिम प्रशासन “पूर्व शासन के अवशेष” असद सरकार के लिए लड़ रहे सशस्त्र लड़ाकों को कह रहा है। मीडिया चैनलों ने प्रशासन के एक बयान का हवाला देते हुए बताया कि हेलीकॉप्टर ग्रामीण लताकिया में इस्तामो एयरफील्ड से उड़ान भर रहे हैं, जो तटीय ग्रामीण इलाकों में अभी भी सक्रिय सशस्त्र तत्वों को निशाना बना रहे हैं। जिसमें उपयोग में आने वाले हेलीकॉप्टरों की संख्या या ऑपरेशन के दायरे के बारे में विस्तार से नहीं बताया गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, यह तैनाती राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा उपायों की एक श्रृंखला के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य नए नेतृत्व की सत्ता को मजबूत करना है। शनिवार को सीरिया के नवनियुक्त खुफिया प्रमुख अनस खत्ताब ने एक आधिकारिक बयान में देश की सुरक्षा व्यवस्था को “हमारे लोगों की बलिदानों और लंबी धरोहर के अनुरूप” पुनर्गठित करने का वादा किया। खत्ताब ने कहा कि सीरिया की सभी मौजूदा सुरक्षा शाखाओं को खत्म कर दिया जाएगा और उनका पुनर्गठन किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने इस पुनर्गठन के लिए कोई समयसीमा या विशिष्ट विवरण प्रदान नहीं किया। खत्ताब की ओर से यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब सीरिया 8 दिसंबर को पिछली सरकार के पतन के बाद एक संवेदनशील राजनीतिक परिवर्तन से गुजर रहा है। हयात तहरीर अल-शाम के नेतृत्व में एक सैन्य गठबंधन ने 27 नवंबर को उत्तरी सीरिया से एक बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत की। इसने दक्षिण की ओर बढ़ते हुए राजधानी दमिश्क पर कब्जा किया और 12 दिनों के भीतर पूर्व सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार को उखाड़ फेंका। सीरियाई सूचना मंत्रालय ने सीरियाई लोगों के बीच विभाजन फैलाने के उद्देश्य से सांप्रदायिक लहजे वाली किसी भी मीडिया सामग्री या समाचार के प्रसार या प्रकाशन पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। सीरियाई गृहयुद्ध ने सांप्रदायिक रूप लिया क्योंकि असद ने मध्य पूर्व से शिया मिलिशिया को अपने यहां पैर जमाने की खुली छूट दी। मीडिया ने बताया कि पुलिस ने हिंसक प्रदर्शन के बाद बुधवार रात कर्फ्यू लगा दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार प्रदर्शन में अलावी और शिया धार्मिक समुदायों के सदस्य शामिल थे। होम्स से बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए फुटेज में लोगों की भीड़ को तितर-बितर होते हुए और उनमें से कुछ को भागते हुए दिखाया गया। असद के लंबे समय तक सहयोगी रहे ईरान ने हाल के दिनों में सीरिया में हुई घटनाओं की आलोचना की। ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने सीरियाई युवाओं से अपील की कि वह उन लोगों के खिलाफ दृढ़ संकल्प के साथ खड़े होने का आह्वान किया जिन्होंने इस असुरक्षा को अंजाम दिया है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि सीरिया में एक मजबूत और सम्मानजनक समूह भी उभरेगा क्योंकि सीरियाई युवाओं के पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है। सीरिया के नवनियुक्त विदेश मंत्री, असद हसन अल-शिबानी ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान को सीरियाई लोगों की इच्छा और सीरिया की संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम उन्हें सीरिया में अराजकता फैलाने के खिलाफ चेतावनी देते हैं और हम उन्हें नवीनतम टिप्पणियों के नतीजों के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं।

जाम से रातभर यातायात प्रभावित, जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर माल से भरा ट्रेलर पलटा

दौसा। जयपुर आगरा नेशनल हाईवे 21 के आगरा रोड बाइपास तिराहे के पास माल से भरा ट्रेलर पलट गया। इसमें किसी के हताहत नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया। शनिवार रात्रि करीब 1:00 बजे जयपुर की ओर से आ रहा ट्रेलर अचानक पलटी खा गया। जिससे ट्रेलर में भरा ट्रांसपोर्ट का सामान हाईवे पर बिखर गया। ट्रेलर के पलटने से रात भर हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। एनएचएआई की क्रेन से सुबह ट्रेलर को हटवाकर यातायात सुचारू किया गया। ट्रेलर जयपुर से बिहार की ओर जा रहा था।

बीते साल के साथ ही इन आदतों करें बॉय-बॉय, साल 2025 में मिलेगी सक्सेज

साल 2024 गुजरने वाला है और इसके साथ ही लोग अपने इस साल के अच्छे और बुरे पलों को याद कर रहे हैं। जो लोग इस साल कुछ बड़ा अचीवमेंट नहीं पा सके या जिन्हें सक्सेज नहीं मिली। उन्हें अपनी रूटीन और हैबिट्स से इन चीजों को नेक्स्ट ईयर जरूर निकाल देना चाहिए। जिससे साल 2025 में सक्सेज जरूर मिल जाए। तो चलिए जानें वो कौन सी आदतें हैं जिन्हें लाइफ से बाहर कर देने से सफलता मिलनी आसान हो जाएगी। टॉक्सिक फ्रेंड्स अभी भी आप किसी ऐसे फ्रेंड के साथ दोस्ती निभाने में बिजी हैं जो आपको केवल पीछे की ओर खींचता है और अच्छे रास्ते की बजाय बुरे रास्तों पर चलने की सलाह देता है। माइंड में हमेशा निगेटिविटी भरता है तो आने वाले साल 2025 में ऐसे टॉक्सिक फ्रेंड से दूरी बना लें। जिससे आप अपनी सही मंजिल की ओर बढ़ सकें। बीती बातों में उलझे रहना जो बातें बीत चुकी हैं और उन्हें ठीक नहीं किया जा सकता। उस बारे में सोचकर अपने फ्यूचर को खराब ना करें। हमेशा बीती हुई बातें ही सोचते रहते हैं तो इस आदत को फौरन खत्म करने की कोशिश करें। पास्ट को भूलकर और उन गलतियों से सबक लेकर आगे बढ़ना सीखिए। तभी आने वाले साल में सफलता मिलेगी। बेवजह का स्ट्रेस हर इंसान की अपनी ओपिनियन होती है और जरूरी नहीं कि लाइफ में सबकुछ आपके मनमुताबिक हो। इसलिए हर छोटी बात को लेकर स्ट्रेस ना लें। अपने बिना वजह अंदर के डर को बाहर निकालें और स्ट्रेस ना लें। तभी 2025 में सक्सेज से मिलना आसान होगा। ‘ना’ कहना भी सीखें कुछ लोगों के सामने ना बोलना भी जरूरी होता है। ऑफिस हो या फिर घर, अगर कोई चीज बुरी लग रही या आप उसे नहीं कर सकते, तो फौरन ना बोलना सीखें। एक ना आपकी लाइफ को आसान बना देगी और माइंड पर अननेसेसरी बर्डेन से बच जाएंगे। बहाने बनाना बंद करें सक्सेज नहीं मिली क्योंकि मैं ये हो गया या फिर काम पूरा नहीं कर पाया क्योंकि वो हो गया। ऐसे टाइप के बहाने छोड़ दें। अपने फेलियर की जिम्मेदारी लेना सीखें। चीजों को कल पर टालने की बजाय पूरी लगन से करने और सीखने की कोशिश करें। तभी सफलता मिलेगी। अपनी सोच को छोटा रखना सोच को छोटा रखना या फिर फिक्स्ड माइंडसेट रखना। अगर सफलता चाहते हैं तो अपनी सोच के दायरे को बढ़ाएं। तभी नए साल में सफलता के रास्ते पर चल पाएंगे।

पीड़‍िता बोली- ‘मेरी सुनवाई नहीं हो रही’, भोपाल में आरबीआई ऑफिसर पर रेप का केस

भोपाल। भारतीय रिजर्व बैंक के भोपाल मुख्यालय में तैनात एक सहायक प्रबंधक पर उसकी पूर्व सहकर्मी ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। पुलिस कार्रवाई की जगह पीड़िता को ही थाने का चक्कर लगवा रही है। पीड़िता का आरोप है कि वह जब भी अपने केस की प्रगति जानने थाने जाती है वहां की थाना प्रभारी बात को घुमा देती हैं। अभी उन्होंने कहा है कि आरोपित का ट्रांसफर मुंबई हो गया और उच्च अधिकारी उन्हें वहां जाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। ऐसे में कार्रवाई अटकी हुई है। पीड़िता का दावा है कि आरोपित अब भी भोपाल कार्यालय में ही है। वह परिवार के साथ शहर में ही रह रहा है। पीड़िता के मुताबिक उसने वर्ष 2013 में आरबीआई में नौकरी शुरू की थी। शुरुआत में उसकी पोस्टिंग मुंबई में थी। इसी दौरान मूल रूप से महाराष्ट्र के बुलढाणा निवासी आरोपित भी वहां नियुक्त हुआ था। कुछ समय बाद दोनों का भोपाल ट्रांसफर हो गया था और दोनों यहां एक ही कैंपस में रहते थे। 2017 में आरोपित ने पीड़िता को बताया कि उसके घर में पार्टी है और सभी दोस्त आएंगे। नशीला पदार्थ मिलाकर किया रेप जब पीड़िता वहां पहुंची तो सिर्फ आरोपित ही मौजूद था। उसने जूस में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। वह बेहोश हो गई तो उसका फायदा उठाकर उसने दुष्कर्म किया। आरोपित ने उसका वीडियो भी बना लिया था और उससे शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। इससे वह काफी डरी हुई थी। वर्ष 2021 में उसने पुलिस को इसकी शिकायत की। तीन साल तक लगातार महिला थाना के चक्कर काटने के बावजूद पीड़िता की सुनवाई नहीं हुई थी। महिला अपनी फरियाद लेकर पुलिस आयुक्त के पास पहुंची तो उनके निर्देश पर इस साल 28 नवंबर को मामला दर्ज हुआ। महिला के खिलाफ चोरी की एफआईआर कर चुका है आरोपित बताया जा रहा है कि आरोपित ने दुष्कर्म का केस दर्ज कराने वाली महिला पर चोरी की एफआईआर दर्ज कराई थी। यह रिपोर्ट 2019 में दर्ज हुई थी। इसी आधार पर आरबीआई ने महिला को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। मामला न्यायालय में लंबित है। दूसरे राज्य में गिरफ्तारी की मांग आती है तो अनुमति दी जाती है पीड़‍िता की शिकायत पर एफआईआर तो दर्ज हो गई है। मेरे संज्ञान में यह नहीं है कि महिला थाने ने दूसरे राज्य में गिरफ्तारी के लिए कोई अनुमति मांगी है। इसको चेक करा लेंगे। अगर किसी थाने से ऐसी मांग आती है तो अनुमति दी जाती है। – हरिनारायणचारी मिश्र, पुलिस आयुक्त, भोपाल

मासिक शिवरात्रि का व्रत, जानें सही नियम

हिंदू धर्म शास्त्रों में मासिक शिवरात्रि पावन और बड़ी ही महत्वपूर्ण मानी गई है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन का विधान है. साथ ही इस दिन विधिपूर्वक भगवान भोलेनाथ का व्रत भी किया जााता है. मासिक शिवरात्रि का दिन बड़ा ही विशेष माना जाता है. इस दिन भगवान शिव का व्रत और शिव जी के परिवार की विधिपूर्वक पूजा से जीवन की तमाम बधाएं दूर हो जाती हैं. पूजा का शुभ मुहूर्त हिंदू पंचाग के अनुसार, मासिक शिवरात्रि आज मनाई जा रही है. इसका व्रत भी आज ही है. इसके व्रत का पारण कल 3 0 दिसंबर को किया जाएगा. आज विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 7 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त 2 बजकर 48 मिनट तक है. इसके बाद गोधूलि मुहूर्त शाम 5 बजकर 31 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त 5 बजकर 58 मिनट तक है. इस दिन रात में पूजा की जाती है. इस वजह से निशिता मुहूर्त में भगवान शिव का पूजन करें. निशिता मुहूर्त रात के 11 बजकर 56 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त रात 12 बजकर 51 मिनट तक है. हिंदू धर्म शास्त्रों में इस दिन व्रत का विशेष महत्व बताया गया है. हिंदू धर्म शास्त्रों में मासिक शिवरात्रि के व्रत और इसके महत्व के साथ ही इसके पारण के नियम भी बताए गए हैं. आइए जानते हैं क्या है व्रत के पारण के नियम क्या है. व्रत पारण के सही नियम     व्रत पारण वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके साफ वस्त्र पहन लेने चाहिए.     इसके बाद शिव जी की पूजा करनी चाहिए. उन्हें बेलपत्र और गंगाजल चढ़ाना चाहिए.     ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देनी चाहिए.     पारण के भोजन में लहसुन-प्याज न डालें.     व्रत पारण के समय तला भोजन खाने से बचें.     व्रत खोलने के बाद सात्विक भोजन भोजन खाएं मासिक शिवरात्रि के व्रत का महत्व मासिक शिवरात्रि के व्रत के महत्व को शिव पुराण में बताया गया है. धार्मिक मान्यता है कि जो भी मासिक शिवरात्रि का व्रत करता है उसका वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है. पति-पत्नी के बीच रिश्ते मजबूत होते हैं. मनचाहे वर के लिए भी कुंवारी कन्याओं की ओर से ये व्रत किया जाता है. मासिक शिवरात्रि वा व्रत करने वालों की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं और भगवान भोलेनाथ आशिर्वाद देते हैं.

मिचेल स्टार्क को ऋषभ पंत के एक बेहतरीन थ्रो के चलते पवेलियन लौटना पड़ा, ऐसे हुआ मिचेल स्टार्क का काम तमाम

नई दिल्ली ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी का थ्रो और विकेटकीपर ऋषभ पंत की मुस्तैदी भारतीय टीम के लिए वरदान साबित हुई और भारत को बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में 8वीं सफलता मिली। मिचेल स्टार्क को ऋषभ पंत के एक बेहतरीन थ्रो के चलते पवेलियन लौटना पड़ा। भारत के लिए ये बड़ा विकेट रहा, क्योंकि स्टार्क भी बल्लेबाजी कर लेते हैं और दूसरे छोर पर पैट कमिंस थे, जो काफी तेज गति से रन बनाने के लिए जाने जाते हैं। बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में रोमांचक तड़का लगता ही जा रहा है। मैच पांचवें दिन तक चलने वाला है। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी का 59वां ओवर जसप्रीत बुमराह लेकर आए। उनकी पहली गेंद को मिचेल स्टार्क ने स्क्वायर लेग की बाएं ओर खेला और एक रन दौड़े। हालांकि, उनको लगा कि दूसरा रन हो सकता है। स्टार्क ने पहले 2 का ही कॉल किया था, लेकिन पैट कमिंस ने देखा कि सिर्फ यहां एक ही रन है। ऐसे में कमिंस तो रुक गए, लेकिन स्टार्क उस समय तक आगे निकल आए…रोहित शर्मा ने थ्रो विकेटकीपर की ओर फेंका, जहां कमिंस सुरक्षित थे, लेकिन यहां विकेटकीपर ऋषभ पंत की मुस्तैदी काम आई। आप वीडियो में भी देख सकते हैं कि कैसे पंत ने सामने थ्रो मारा और स्टंप्स बिखेरे। ऋषभ पंत पहले तो तेजी से दौड़कर स्टंप्स के पास पहुंचे और रोहित शर्मा के थ्रो को अच्छे से कलेक्ट किया और जैसे ही देखा कि मिचेल स्टार्क नॉन स्ट्राइक एंड से आगे निकल आए तो जल्दी से उन्होंने नॉन स्ट्राइक पर थ्रो मारा जो सीधे स्टंप्स पर लगा और रिप्ले में देखने को मिला कि स्टार्क काफी पीछे रह गए। इस तरह भारत को 8वीं सफलता मिली। मिचेल स्टार्क 5 रन बनाकर पवेलियन लौटे। ये विकेट काफी अहम था, क्योंकि स्टार्क और कमिंस बल्लेबाजी कर सकते हैं। भारत चाहेगा कि ऑस्ट्रेलिया जल्द से जल्द ऑलआउट हो जाए।

जसप्रीत बुमराह ने बरपाया कहर, 51 साल के बाद ऑस्ट्रेलिया के मिडिल ऑर्डर का हुआ हाल बेहाल

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली पारी के आधार पर भारत के खिलाफ बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में आगे थी, लेकिन दूसरी पारी में भारत ने दमदार गेंदबाजी कर खुद को मैच में जीवित रखा है। इसका पूरा श्रेय जसप्रीत बुमराह को जाता है। जसप्रीत बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के मिडिल ऑर्डर की हालत खस्ता कर दी। यहां तक कि साल 1973 के बाद पहली बार ऐसा था, जब उनके नंबर 4 से नंबर 7 के बल्लेबाज कुल 20 रन भी नहीं बना पाए। 51 साल के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलिया का इतना हाल बेहाल हुआ है। मेलबर्न के एमसीजी में जारी बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने 16 रनों के भीतर नंबर 4 से नंबर 7 तक के बल्लेबाज को आउट कर दिया। इससे पहले अपने घर पर ऑस्ट्रेलिया की टीम ने इन बल्लेबाजों को 16 या इससे कम रन पर साल 1973 में खोया था। 51 साल पहले सिडनी क्रिकेट ग्राउंड यानी एससीजी में जनवरी 1973 में पाकिस्तान के खिलाफ 15 रन मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों ने बनाए थे। इस तरह इस मैच की दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की हालत खराब हो गई। ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में तीसरा झटका 80 पर लगा था, जब स्टीव स्मिथ को मोहम्मद सिराज ने आउट किया। इसके बाद चौथा झटका ऑस्ट्रेलिया को ट्रैविस हेड के रूप में लगा, जो जसप्रीत बुमराह का शिकार बने। इसी ओवर की आखिरी गेंद पर मिचेल मार्श को जसप्रीत बुमराह ने 85 के कुल स्कोर पर पवेलियन भेजा। एलेक्स कैरी महज को 91 रन के कुल स्कोर पर जसप्रीत बुमराह ने बोल्ड किया। इस तरह नंबर 4 से लेकर नंबर 7 तक के बल्लेबाज 16 से कम रन पर आउट हो गए। बुमराह ने इसी दौरान 200 विकेट टेस्ट क्रिकेट में पूरे किए। वे सबसे कम मैचों में 200 टेस्ट विकेट निकालने वाले भारत के पहले तेज गेंदबाज बन गए।

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