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निशुल्क हेल्थ चेकअप कैंप, चिकित्सक किरन वर्मा करेंगी बॉडी स्कैनिंग टेस्ट

मनेद्रगढ़/एमसीबी स्वस्थ जीवन शैली एवं नियमित दिनचर्या से लंबे समय तक स्वस्थ शरीर एवं प्रफुल्लित मन प्राप्त किया जा सकता है। इसी पृष्ठभूमि पर आधारित स्वस्थ जीवन शैली के लिए निशुल्क हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर योग प्रांगण में नए वर्ष के उपलक्ष में 1 जनवरी को प्रातः 6:30 बजे से किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों से स्वस्थ जीवन शैली के लिए समर्पित सुप्रसिद्ध चिकित्सक किरण वर्मा द्वारा पतंजलि योग समिति के माध्यम से निशुल्क हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन किया जा रहा है। कैंप में बॉडी कंपोजिशन के अतिरिक्त प्रोटीन ,बॉडी फैट,पानी ,विशरल फैट , आदि की जांच स्क्रीनिंग मशीन के माध्यम से की जाएगी निशुल्क चिकित्सा के बाद संबंधित मरीज को बॉडी हिस्ट्री के तहत रिपोर्ट भी निशुल्क प्रदान की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सहायक नेत्राधिकारी आर डी दीवान एवं पतंजलि योग समिति के वरिष्ठ योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय से संपर्क किया जा सकता है।

नए साल का जश्न मनाना, मुबारकबाद देना और जलसा आयोजित करना इस्लामी शरीयत की रोशनी में नाजायज है:मौलाना शहाबुद्दीन रजवी

बरेली दो दिन बाद नए साल यानी अंग्रेजी नववर्ष 2025 का आगाज होने वाला है. इस मौके पर जश्न मनाने और एक-दूसरे को मुबारकबाद देने के लिए होटल, रिसॉर्ट और पर्यटन स्थलों में तमाम कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इस पर चश्मे दारूल इफ्ता के हेड मुफ्ती और मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने एक फतवा जारी कर दिया है. कहा है कि नए साल का जश्न मनाना, मुबारकबाद देना और जलसा आयोजित करना इस्लामी शरीयत की रोशनी में नाजायज है. फतवे में कहा गया है कि नया साल जनवरी से शुरू होता है जो ईसाइयों का नया साल है. ईसाइयों की मजहबी धार्मिक मान्यता है कि वो हर साल के पहले दिन ज़श्न मनाते हैं, इसमें तमाम कार्यक्रम का आयोजन करते हैं. ये ईसाइयों का खालिस ‘मजहबी शिआर’ यानी कि धार्मिक कार्यक्रम है, इसलिए मुसलमानों को नए साल का जश्न मनाना जायज नहीं है. इस्लाम इस तरह के कार्यक्रमों को सख्ती के साथ रोकता है. मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने फतवे में कहा- नए साल का जश्न मनाना, एक-दूसरे को मुबारकबाद देना, पटाखे दागना, तालियां बजाना, शोर मचाना, सीटियां बजाना, लाइट बंद करके हुड़दंग करना, फिर लाइट को दोबारा जलाना, नाच-गाना करना, शराब पीना, जुआ खेलना, अपने मोबाइल वॉट्सएप से एक-दूसरे को मैसेज भेजकर मुबारकबाद देना, ये सारे काम इस्लामी शरीयत की रोशनी में नाजायज हैं. फतवे में मुसलमानों से कहा गया है कि गैरों के धार्मिक त्योहारों में शामिल होने, या खुद करने, या उसका एहतमाम देखने से बचें और दूसरे मुसलमानों को भी रोंके. अगर कोई व्यक्ति इस तरह का गैर शरई काम अंजाम देता है तो वो सख्त गुनहगार होगा. मुसलमानों को चाहिए कि शरीयत के खिलाफ कोई भी काम न करें.  

सौरभ शर्मा की हो सकती है हत्या; सरकार मुहैया कराए सुरक्षा, जीतू पटवारी ने उठाई मांग

Saurabh Sharma may be murdered; Government should provide security, Jitu Patwari raised demand Saurabh Sharma Case: मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों आरक्षक सौरभ शर्मा का नाम खूब चर्चा में हैं। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि सौरभ शर्मा की हत्या हो सकती है। क्योंकि उसके पकड़े जाने से कई बड़े चेहरों के नाम का खुलासा हो जाएगा। सरकार को उसे गिरफ्तारी देकर सुरक्षा देनी चाहिए साथ इस मामले का सच उजागर करना चाहिए। महाकाल मंदिर में घोटाला पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि महाकाल मंदिर में जिन लोगों को प्रशासक बना रखा है। उन्होंने 1-1.50 करोड़ के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किए हैं। ये भ्रष्टाचार भोलेनाथ को भी नहीं छोड़ रहा है। पहले महाकाल लोक में करप्शन किया था। उसमें मुख्यमंत्री समेत कई लोगों पर उंगली उठी थी। इन्हें भगवान के दर्शन में भी पैसे चाहिए। ये भगवान के सबसे बड़े भक्त हैं। भोलेनाथ के ऑनलाइन दर्शन कराने के लिए अलग से पैसे दो और अपनी जेब में डालकर परिवार का पालन-पोषण करेंगे। बंगले बनाएंगे और प्लॉट खरीदेंगे। ये हैं बीजेपी और आरएसस से जु़ड़े हुए लोगों के नैतिक दायित्व। रिश्वत नहीं पहुंची तो हत्या हुई आगे पटवारी ने कहा कि देवास के सतवास थाने में 35 साल का बेटा। जिसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। बूढ़ी मां घर में अकेली है। एक 6 हजार की रिश्वत देने में देरी हुई तो इसमें हत्या कर दी। मैंने खुद ने जब इस पाठ का निरीक्षण किया तो कंधे बराबर जाली से लटके फांसी लेने का पुलिस का बयान आया या उन्होंने प्रचारित किया। जो सरासर गलत है। सीएम को मैंने कहा था कि पूरा थाना सस्पेंड करो मैसेज जाएगा कि अगर रक्षक भक्षक बनते हैं तो सरकार अलर्ट रहेगी। मुख्यमंत्री जी से मेरा आग्रह है कि 1 करोड़ रुपए परिवार को दो।पीसीसी चीफ ने आरोप लगाते हुए कहा कि NCRB की रिपोर्ट के अनुसार दलितों परल अत्याचार के मामलों में मध्यप्रदेश भारत में सबसे ऊपर है। यह स्थिति तब है। जब भाजपा प्रदेश में पिछले 20 सालों से सत्ता में हैं।

रोड और नाली निर्माण की बड़ी समस्या से मिलेगी निजात

रायपुर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के प्रयासों से कोरबा शहर के तीन वार्ड क्रमांक 30, 53 और 16 के कुल आठ विकास कार्यों के लिए कुल एक करोड़ की स्वीकृति मिली है।    कोरबा शहर के विकास कार्यों के लिए  वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन द्वारा बीते एक साल में 300 करोड़ की स्वीकृति दिलाई जा चुकी है। यही वजह है कि शहर के विकास कार्यों में तेज़ी आई है। लगातार भूमिपूजन कर कार्यों की आधारशिला रखी जा रही है। मंत्री देवांगन ने वार्ड क्रमांक 30 मानिकपुर और वार्ड क्रमांक 53 के विभिन्न स्थानों पर सड़क और नाली निर्माण के लिए मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत प्रस्ताव भेजा था। शनिवार को इसकी स्वीकृति आदेश भी जारी हो गई।    हर मद के कार्य हो रहे प्रारंभ  मंत्री देवांगन के प्रयासों से सभी मद से विकास कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। अधोसंरचना मद से कुल 77 कार्य, 14 वित से 27 कार्य, जिला खनिज न्यास से 153 कार्य, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मद से 7, प्रभारी मंत्री मद से 15, विधायक मद से 25, सीएसआर से 9 कार्य प्रारम्भ हो चुके हैं। इसके अलावा आरईएस के माध्यम से भी कार्य शुरू हो चुके हैं।    इन कार्यों को मिली स्वीकृति  वार्ड क्रमांक 30 मीना लहरे गली में सीसी रोड एवम् नाली निर्माण लागत 26 लाख, सुरेश चौरसिया घर से मंदिर के पीछे गली में सीसी रोड, नाली निर्माण, लागत 18 .70 लाख, सत्यम शुक्ला घर के आगे आर सीसी रोड एवम् नाली निर्माण 10. 30 लाख। वार्ड क्रमांक 53 श्रम नगर डॉ कश्यप घर से भूषण मेहर घर तक आरसीसी रोड एवम् नाली निर्माण लागत 11.50 लाख, योगेश बरेठ से रमेश नवरंग घर तक आरसीसी रोड एवम् नाली निर्माण 11.80 लाख , तारंग घर से प्रभु सतनामी घर तक 9. 50 लाख, पप्पू घर से प्रजापति घर तक आरसीसी रोड एवं नाली निर्माण लागत 7. 20 लाख, वार्ड क्रमांक 16 में मंच निर्माण 5 लाख की लागत की स्वीकृति मिली है।

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ प्रदेश शौंडिक समाज के प्रतिनिधि मंडल ने की भेंट

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  शाम मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में शौंडिक समाज के प्रतिनिधि मण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय को प्रतिनिधि मण्डल ने राजधानी रायपुर में 11 जनवरी 2025 को आयोजित होने वाले अखिल भारतीय शौंडिक सामाजिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर शिवरतन प्रसाद गुप्ता, श्याम किशोर गुप्ता, ओम प्रकाश गुप्ता और सुरेश प्रसाद गुप्ता सहित शौंडिक समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

फसल उपार्जन के लिए जो छोटे किसान नहीं आते, उन्हें भी सरकार सहयोग देने पर कर रही विचार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राकृतिक आपदा से फसलों की क्षति के प्रावधान के अनुसार किसानों को राहत राशि दी जाएगी। देश के साथ प्रदेश में भी मौसम बदला है। किसानों के किसी भी संकट में सरकार संवेदनशील होकर उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को किसी भी माध्यम से फसल बेचे जाने की सुविधा देती है। ऐसे छोटे किसान जिनकी फसलों का उपार्जन नहीं हो पाता और वे अपने स्तर से फसल बेच देते हैं, उन्हें प्रति हैक्टेयर राशि प्रदान करने अथवा बोनस के संबंध में आवश्यक सहायता के लिए शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। इस संबंध में विचार कर उन किसानों को लाभान्वित करने का निर्णय लिया जाएगा जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं अथवा अपेक्षाकृत सक्षम नहीं हैं। ओला,पाला आदि से फसलों के नुकसान पर जिला स्तर पर आवश्यक निर्देश दिये गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से आहवान किया कि विपरीत मौसम में फसलों के साथ स्वयं की सुरक्षा के लिए समस्त ऐहतियात बरतें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में ट्यूब बैल खुले नहीं रहना चाहिए। ट्यूब वेल खुले रखना प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में जानकारी मिलते ही क्षेत्र के थाने में जानकारी दी जाए। ऐसी लापरवाही पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के नागरिकों को भी असमय वर्षा, शीत आदि से बचाव के लिए सावधानियां बरतने का आग्रह किया है।  

मुख्यमंत्री ने कहा – बस्तर ओलंपिक का आयोजन यह सिद्ध करता है कि शांति, विकास और सामूहिक प्रयासों से प्रत्येक चुनौती का सामना किया जा सकता है

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की ‘मन की बात’ में  बस्तर ओलंपिक आयोजन की प्रशंसा बस्तर ओलंपिक एक ऐसा मंच है जहां विकास और खेल का हो रहा संगम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों की ओर से जताया आभार मुख्यमंत्री ने कहा – बस्तर ओलंपिक का आयोजन यह सिद्ध करता है कि शांति, विकास और सामूहिक प्रयासों से प्रत्येक चुनौती का सामना किया जा सकता है रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात की 117वीं कड़ी में देश को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित बस्तर ओलंपिक-2024 की प्रशंसा की। मोदी ने कहा पहली बार हुए बस्तर ओलंपिक से बस्तर में नई क्रांति जन्म ले रही है। मेरे लिए यह बहुत ही खुशी की बात है कि बस्तर ओलंपिक का सपना साकार हुआ है। यह ओलंपिक उस क्षेत्र में हो रहा है जो जगह कभी माओवादी हिंसा का गवाह रहा है। मोदी ने कहा कि बस्तर ओलंपिक का शुभंकर है वनभैंसा और पहाड़ी मैना – इसमें बस्तर की समृद्ध संस्कृति की झलक दिखती है। इस बस्तर खेल महाकुंभ का मूलमंत्र है, ‘करसाय ता बस्तर, बरसाय ता बस्तर’ यानी खेलेगा बस्तर, जीतेगा बस्तर।   प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर ओलंपिक-2024 की सराहना करते हुए कहा कि पहली ही बार में बस्तर ओलंपिक में बस्तर संभाग के 7 जिलो के एक लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं युवाओं के संकल्प की गौरव गाथा है। एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो और बॉलीवॉल हर खेल में हमारे युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में बस्तर ओलंपिक के प्रतिभागियों के उत्साह का भी जिक्र किया। उन्होंने बस्तर की कारी कश्यप का जिक्र करते हुए कहा कि एक छोटे से गांव से आने वाली कारी जी ने तीरंदाजी में रजत पदक जीता है, वे कहती हैं बस्तर ओलंपिक ने हमें खेल का मैदान नहीं जीवन में आगे बढ़ने का अवसर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सुकमा की पायल कवासी जी की बात भी कम प्रेरणादायक नही है, जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतने वाली पायल जी कहती हैं कि अनुशासन और कड़ी मेहनत से जीवन में कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर के दोरनापाल में रहने वाले पुनेम सन्ना की कहानी को नए भारत की प्रेरक कथा बताते हुए कहा कि एक समय नक्सलियों के प्रभाव में आए पुनेम जी आज व्हीलचेयर पर दौड़कर मेडल जीत रहे हैं, उनका साहस और हौसला हर किसी के लिए प्रेरणा है। कोंडागांव के तीरंदाज रंजू सोरी जी को बस्तर यूथ आइकॉन चुना गया है, उनका मानना है बस्तर ओलंपिक दूरदराज के युवाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर दे रहा है। बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल आयोजन नहीं यह ऐसा मंच है जहां विकास और खेल का संगम हो रहा है, जहां हमारे युवा अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं और एक नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर ओलंपिक के आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने आह्वान किया कि ऐसे खेल आयोजन को प्रोत्साहित करें और स्थानीय खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दें। खेल से न केवल शारीरिक विकास होता है, बल्कि यह खेल भावना के विकास के द्वारा समाज को जोड़ने का भी एक सशक्त एवं प्रभावकारी माध्यम है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर ओलंपिक की प्रशंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार बस्तर में बदलाव और यहां के लोगों के जीवन में खुशहाली लाने दृढ़संकल्पित है। बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक लोगों का प्रतिभागी होना ओलंपिक की सफलता को दर्शाता है। बस्तर में अब बंदूक की आवाज नहीं, खेलों का शोर सुनाई देता है, हंसते-खेलते लोगों के चेहरे दिखाई देते हैं। निश्चित ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस प्रोत्साहन और विश्वास से हमारी सरकार को बस्तर की प्रगति के लिए कार्य करने की नई ऊर्जा मिलेगी, साथ ही बस्तरवासियों का मनोबल बढ़ेगा। लोगों के उत्साह ,ऊर्जा और सहभागिता ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। यह आयोजन भविष्य में भी खेल और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से क्षेत्र के विकास की संभावनाओं को और मजबूती प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन यह सिद्ध करता है कि शांति, विकास और सामूहिक प्रयासों से प्रत्येक चुनौती का सामना किया जा सकता है।

रायपुर : मंत्रिपरिषद की बैठक 30 दिसम्बर को

 रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक 30 दिसम्बर को अपरान्ह 3.30 बजे से मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित होगी।

मेमू ट्रेन बंद होने से यात्री परेशान, 6 नंबर प्लेटफार्म के कई रास्ते बंद, वेलफेयर एसोसिएशन ने रेल प्रबंधक को बताई समस्या

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से मेमू ट्रेन को दो महीने के लिए रद्द करने प्लेटफार्म का गेट नंबर 6 को बंद करने यात्रियों को परेशानी हो रही है। इन समस्याओं से निजात दिलाने के लिए रेलवे अप डाऊनर्स प्रोग्रेसिव वेलफेयर एसोसिएशन संस्था ने भोपाल रेल मंडल के प्रबंधक और भोपाल सांसद आलोक शर्मा को ज्ञापन सौंपा है। बता दें कि भोपाल रेलवे स्टेशन से रोजाना लाखों यात्री रेल पर सफर करते हैं। इन दिनों भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधा के नाम पर सिर्फ दिखावा किया जा रहा है। रेलवे अप डाऊनर्स प्रोग्रेसिव वेलफेयर संस्था ने मांग की मेमू ट्रेन को 2 महीने के लिए बंद कर दिया गया है जिससे कई यात्रियों को परेशानी होगी उसको चालू किया जाए। भोपाल रेलवे स्टेशन पर 6 नंबर प्लेटफार्म साइड कई रास्ते को बंद कर दिया है जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। मेट्रो रेल के नाम पर कई कई इमरजेंसी गेट भी बंद कर दिए हैं जिससे विकलांग यात्री को परेशानी हो रही है। 6 नंबर स्टेशन के पास पार्किंग भी बंद कर दी जिससे काफी समस्या आ रही है। ऑटो चालकों ने भी मांग की है कि 6 नंबर के पास पार्किंग को रेलवे व्यवस्थित करें। इस समस्या से ऑटो नहीं चला पा रहे हैं।

पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर लगाया आरोप, डीएमएफ फंड से हुआ करीब 10 हजार करोड़ का घोटाला, सीबीआई जांच की मांग

रायपुर भाजपा नेता और पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने छत्तीसगढ़ में करीब 10 हजार करोड़ रूपए के घोटाले का आरोप लगाया है. उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है. पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर अक्सर अपनी सरकार के खिलाफ दिए गए बयानों और आरोपों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. इस बार उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों में डीएमएफ फंड से हुए करीब 10 हजार करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया है. ननकीराम कंवर ने कलेक्टरों की भूमिका पर भी सवाल उठाया है. उन्होंने कोरबा कलेक्टर पर एक निजी कंपनी को फायदा पहुँचाने का आरोप लगते हुए जांच के दायरे में लाने की माँग की है. पूर्व मंत्री ने अपने आरोप में कहा है कि कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत ने फ्लोरा मैक्स कंपनी को फायदा दिलाने के पक्ष में काम किया है. पूर्व मंत्री कंवर ने इस मामले में एसपी पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है. उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के अलावा सीबीआई को की गई शिकायत में दावा किया है कि केंद्र सरकार बिहान योजना के तहत महिलाओं को लोन देती है. केंद्र की इस योजना में यह घोटाला किया है और इस घोटाले से 40 हजार से अधिक महिलाएं केवल कोरबा में प्रभावित हुई हैं. ननकीराम कंवर का दावा है कि उक्त योजना के तहत रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, महासमुंद, दंतेवाड़ा समेत प्रदेश के अन्य जिलों की महिलाएं भी शामिल हैं.

आगामी महाकुंभ मेला 13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज में मनाया जाएगा, आर्थिक अवसर भी प्रदान करेगा

नई दिल्ली 2025 में होने वाला महाकुंभ मेला भारत का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सव होने के साथ-साथ एक विशाल आर्थिक अवसर भी प्रदान करेगा। यह मेला हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है और आगामी महाकुंभ मेला 13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज में मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 दिसंबर को प्रयागराज का दौरा किया और शहर की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए 5,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। पर्यटन और रोजगार सृजन का अवसर महाकुंभ मेला भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का प्रतीक है और यह हर बार लाखों तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित करता है। अनुमान है कि 2025 में इस मेले में 400-450 मिलियन पर्यटक शामिल होंगे जिससे शहर में व्यावसायिक गतिविधियाँ तेज होंगी। कुंभ मेला सिर्फ धार्मिक अवसर नहीं है बल्कि यह पर्यटन, रोजगार, और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने का भी एक बड़ा जरिया है। स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर कुंभ मेले के दौरान शहर में ठहरने की सुविधाओं की भारी मांग होती है जिससे ट्रैवल एजेंसियों, होटल व्यवसायों और टूर ऑपरेटरों को फायदा होता है। इसके अलावा कुंभ मेला टेंट किराए जैसी सेवाओं की भी काफी डिमांड होती है जो तीर्थयात्रियों को मेले के नजदीक आरामदायक आवास प्रदान करती हैं। महाकुंभ के आयोजन से हवाई, रेल और सड़क परिवहन के लिए यात्रा बुकिंग्स में भी तीव्र वृद्धि देखी जाती है जिससे इन क्षेत्रों को लाभ होता है। स्थायी और अस्थायी रोजगार के अवसर महाकुंभ के आयोजन से निर्माण, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कार्यक्रम नियोजन जैसे क्षेत्रों में रोजगार के बड़े अवसर उत्पन्न होते हैं। इन क्षेत्रों में अस्थायी और स्थायी दोनों तरह के रोजगार मिलते हैं जिससे बेरोजगारी को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, छोटे व्यवसायों और कारीगरों को भी अपने सामान बेचने का मौका मिलता है जिससे स्थानीय समुदायों को आर्थिक लाभ मिलता है। स्थानीय व्यवसायों को मिलता है फायदा कुंभ मेला स्थानीय व्यवसायों के लिए भी एक शानदार अवसर होता है। तीर्थयात्रियों की बड़ी संख्या के कारण स्थानीय दुकानदारों, खाद्य व्यवसायों और स्मृति चिन्ह विक्रेताओं को अच्छा फायदा होता है। इस मेले के दौरान, तीर्थयात्री भोजन, कपड़े, धार्मिक वस्तुएं और अन्य सामान खरीदते हैं जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलता है। इसके अलावा यह आयोजन स्थानीय कला, हस्तशिल्प और देशी व्यंजनों की मांग को भी बढ़ाता है। वाणिज्यिक और वित्तीय प्रभाव महाकुंभ मेला न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण है बल्कि यह एक बड़े वाणिज्यिक और वित्तीय अवसर का भी केंद्र है। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के अनुसार 2019 के कुंभ मेले से 1.2 लाख करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ था। इसी तरह 2013 के महाकुंभ से 12,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इसके अतिरिक्त CII का अनुमान है कि महाकुंभ मेले की आर्थिक गतिविधियों ने 2019 में छह लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार सृजित किया। सूत्रों के अनुसार 45 दिनों तक चलने वाले महाकुंभ मेले के दौरान व्यवसायियों को खपत के अपार अवसर मिलते हैं। भारतीय उद्योग जगत ने ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर कम से कम 3,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है जिससे मेले के व्यावसायिक लाभ में और वृद्धि होगी। बता दें कि महाकुंभ मेला 2025 न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का है बल्कि यह स्थानीय और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा अवसर साबित होने वाला है। इस मेले के दौरान उत्पन्न होने वाली वाणिज्यिक गतिविधियाँ और रोजगार के अवसर भारत की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दे सकते हैं।

ब्लिंकिट ने रायपुर में अपनी सेवाओं की शुरुआत की, 10 मिनट में घर पहुंचेगा राशन

 रायपुर  ब्लिंकिट ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में अपनी सेवाओं की शुरुआत की है. यह ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म अब शहरवासियों को 10 मिनट में जरूरी सामान की डिलीवरी का वादा करता है. ब्लिंकिट के इस कदम से रायपुर में रहने वाले लोग अब अपने घरों के आराम से किराना, ताजे फल-सब्जियां, स्नैक्स, दवाइयां, और अन्य जरूरी सामान महज कुछ मिनटों में मंगा सकेंगे. ब्लिंकिट पहला स्टोर कुछ दिन पहले आदर्श नगर में खुला. यह स्टोर आसपास के क्षेत्रों जैसे देवेंद्र नगर, शंकर नगर, VIP कॉलोनी, अवंती विहार, LIC कॉलोनी, भावना नगर और अन्य स्थानों में डिलीवरी प्रदान करेगा. एक और स्टोर अगले कुछ दिनों में खुलने जा रहा है, जो सिविल लाइन्स समेत अन्य क्षेत्रों को कवर करेगा. किराना और अन्य सामान की त्वरित डिलीवरी की सुविधा ब्लिंकिट के माध्यम से रायपुर के निवासी अब अपनी रोज़मर्रा की जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकते हैं. कंपनी ने दावा किया है कि उसके गोदाम शहर में रणनीतिक स्थानों पर स्थित हैं, जिससे डिलीवरी का समय कम से कम किया जा सके. रायपुर के विभिन्न इलाकों में इसके गोदामों के चलते ग्राहकों को त्वरित सेवा मिलेगी. रायपुर में रोजगार के नए अवसर ब्लिंकिट की रायपुर में शुरुआत से न केवल स्थानीय निवासियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. कंपनी ने अपनी योजना में बताया कि इसके संचालन के लिए स्थानीय कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा. कोरोना महामारी के बाद बढ़ी डिलीवरी सेवाओं की मांग ब्लिंकिट का मानना है कि कोरोना महामारी के बाद ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं की मांग में लगातार वृद्धि हुई है. यह सेवा महामारी के दौरान लोगों के लिए और अधिक महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, क्योंकि यह उन्हें घर से बाहर बिना निकले अपनी जरूरतों को पूरा करने की सुविधा देती है. कंपनी का विस्तार और भविष्य की योजनाएं ब्लिंकिट ने रायपुर में अपनी शुरुआत के साथ यह भी घोषणा की कि अगले कुछ महीनों में कंपनी पूरे छत्तीसगढ़ में अपनी सेवाओं का विस्तार करने का विचार कर रही है. इसके अलावा, ग्राहकों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए कंपनी समय-समय पर नए ऑफर्स और योजनाओं की पेशकश भी करेगी. रायपुरवासियों की उम्मीदें और प्रतिक्रिया रायपुर के निवासियों का कहना है कि ब्लिंकिट की इस सेवा से उनकी खरीदारी का तरीका और भी सरल हो जाएगा. लोग अब घर बैठे आराम से अपने जरूरी सामान मंगा सकेंगे, जो कोरोना काल में एक बड़ी राहत है. ब्लिंकिट की इस पहल से रायपुर में ऑनलाइन शॉपिंग और डिलीवरी सेवाओं का अनुभव और भी बेहतर हो जाएगा.

PF के 5 बड़े नियम नए साल में बदलने वाले हैं, लाखों कर्मचारियों पर होगा सीधा असर!

नई दिल्‍ली अगर आप भी एक प्राइवेट सेक्‍टर के कर्मचारी हैं और हर महीने आपका पैसा पीएफ अकाउंट में जमा होता है तो नए साल यानी 2025 में कई बड़े बदलाव होने की संभावना है. कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) साल 2025 में कई महत्‍वपूर्ण बदलावों से गुजरने वाला है, जिसका असर पूरे भारत में लाखों सैलरीड कर्मचारियों पर पड़ेगा. इन बदलावों का लक्ष्‍य अनुभव को बढ़ाना, प्रक्रियाओं को सुव्‍यवस्‍थ‍ित करना और एम्‍प्‍लाई-एम्‍प्‍लॉयर ट्रांसपैरेंसी में सुधार करना है. इन बदलावों से लाखों भारतीय कर्मचारियों के फाइनेंशियल सेफ्टी पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्‍मीद है. जिससे फ्यूचर के लिए ज्‍यादा मजबूत और सुरक्षित रिटायरमेंट सुनिश्चित होगी. यहां कुछ ऐसे बदलाव के बारे में जानकारी दी जा रही है, जो साल 2025 में लागू हो सकते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में एक-एक जरूरी बात. एटीएम से पीएफ का पैसा रिपोर्ट के अनुसार, EPFO एक ATM कार्ड जारी करेगा, जिससे सदस्य चौबीसों घंटे पैसे निकाल सकेंगे. यह सदस्यों के लिए सेवाओं में महत्वपूर्ण बदलाव का हिस्सा है. यह अनुमान है कि एटीएम निकासी की यह सेवा अगले वित्तीय वर्ष के दौरान लागू की जाएगी. कर्मचारी की कंट्रीब्‍यूशन लिमिट रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों के EPF कंट्रीब्‍यूशन की लिम‍िट खत्‍म कर दी जाएगी. फिलहाल, कर्मचारी हर महीने अपने मूल वेतन का 12% ईपीएफ खाते में जमा करते हैं. हालांकि EPFO द्वारा तय 15,000 रुपये का उपयोग करने के बजाय, सरकार कर्मचारियों को उनके वास्तविक वेतन के अनुसार कंट्रीब्‍यूट करने देने पर विचार कर रही है. इक्विटी लिमिट बढ़ाना कुछ रिपोर्टों के अनुसार, रिटर्न को बढ़ाने के लिए EPFO ईटीएफ इनकम के एक हिस्‍से को शेयरों और अन्‍य असेट में फिर से निवेश करने के लिए बारे विचार कर रहा है. इसे नए वित्त वर्ष के दौरान कभी भी लागू किया जा सकता है. किसी भी बैंक ब्रांच से पेंशन सितंबर 2024 में लेबल मिनिस्‍टर मनसुख मंडाविया ने सेंट्रलाइज पेंशन पेमेंट सिस्‍टम (CPPS) को अप्रूव किया था. जिसके तहत 7.8 मिलियन सदस्‍य किसी भी बैंक ब्रांच से कर्मचारी पेंशन योजना के तहत पेंशन पर सकते हैं. यह नियम 1 जनवरी 2025 से लागू होगी. हायर पेंशन डेडलाइन कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) ने नियोक्ताओं को 31 जनवरी, 2025 तक कर्मचारियों का सैलरी डिटेल अपलोड करने का अंतिम मौका दिया है. इसके अलावा, नियोक्ताओं को उच्च पेंशन आवेदन पर कार्रवाई करने के लिए 15 जनवरी, 2025 तक ईपीएफओ द्वारा अनुरोधित स्पष्टीकरण प्रदान करना आवश्यक है. 

एक दूसरे की हीनभावना को दूर करें पति-पत्नी

पति−पत्नी गृहस्थी के दो पहिए हैं। एक−दूसरे के बिना गृहस्थी की गाड़ी नहीं चल सकती। ऐसे में आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी एक का हीनभावना से ग्रस्त हो जाना पूरे परिवार की गाड़ी में ब्रेक लगा देता है। हीनभावना का कारण चाहे कुछ भी हो परन्तु पति−पत्नी को एक−दूसरे की हीनभावना को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। कई बार महिलाएं समझ ही नहीं पाती हैं कि उनके पति हीनभावना से ग्रस्त हैं। इसके लिए उनके व्यवहार में आए बदलाव को नोट किया जा सकता है। यदि पति आफिस से आकर अपने कपड़े तथा जूते−मोजे इधर−उधर फेंक कर कमरा अस्त−व्यस्त कर दे तो समझ जाइए कि उन्हें आफिस में कोई परेशानी है। कई बार होता यह है कि आफिस में महिला बॉस आ जाए और वह सख्ती शुरू करे तो पुरुष उसे आसानी से सहन नहीं कर पाते। महिला बॉस की एक−दो डांट से ही पुरुषों के मन में हीनभावना पनपने लगती है। कई बार पत्नी की खूबसूरती भी पति में हीनभावना पनपाने में सहायक होती है। हर कोई जब पत्नी की खूबसूरती की तारीफें करता रहे और पति को पूछे भी न और यह कहे कि तुम्हारी तो लाटरी खुल गई जो तुम जैसे को इतनी खूबसूरत पत्नी मिल गई। ऐसे में पति के मन में हीनभावना पनपना स्वाभाविक ही है। अपने पति को हीनभावना से निकालना आपका कर्तव्य है। पहले तो प्रयास करें कि ऐसे लोगों से दूर रहें जो आपके गुणों के कारण नहीं बल्कि खूबसूरती के कारण आपकी तारीफ करते हैं। अपने पति को यह अहसास दिलाना जरूरी है कि आपकी नजरों में खूबसूरती से ज्यादा गुण महत्व रखते हैं और आप उन्हें इसीलिए चाहती हैं क्योंकि उनमें सब गुण मौजूद हैं। उन्हें बताइए कि आप उनके कुछ गुणों को अपनाना चाहती हैं। पति की उदासीनता के कई कारण माने गए हैं पर सबसे बड़ा कारण अहं होता है। जब किसी आदमी के अहं को ठेस पहुंचती है तो वह या तो दुनिया से स्वयं को काट लेता है या दुनिया पर हावी हो जाने की कोशिश करता है। जो व्यक्ति हावी हो जाता है वह अपनी हीनभावना की कड़वाहट को प्रसिद्धि पाने के प्रयास में उपयोग कर लेता है और जो व्यक्ति स्वयं को दुनिया से अलग कर एक जगह बंद हो जाता है उसका व्यक्तित्व ही समाप्त हो जाता है। कई बार पत्नी की शोहरत से ईष्र्या कर के भी पति के मन में हीनभावना आ जाती है। पति के मन में यदि हीनभावना घर कर जाए तो वह आपको नजरअंदाज तो करेगा ही और बच्चों की तरफ भी ज्यादा नहीं ध्यान देगा। निश्चय ही वह अपने लिए बाहर कोई सहारा तलाश करेगा। यदि आप पत्नी होकर पति से अपने बर्थडे व अन्य खास बातें याद रखने को कहती हैं तो पत्नी होकर आपका भी दायित्व बनता है कि आप पति के साथ कदम से कदम मिला कर दांपत्य जीवन को सफल बनाएं न कि पति के हीनभावना से ग्रस्त होने पर उनका दामन छोड़ कर मायके चली जाएं। पति−पत्नी दोनों के ही कुछ कर्तव्य होते हैं। जब आपको पति ने कुछ हक दिए हैं तो उसी के साथ आपके कुछ कर्तव्य भी हैं जिनका पालन करना आपके लिए बेहद जरूरी है। आपको चाहिए कि पति की हीनभावना दूर करने के लिए भरसक प्रयास करें।  

अब प्रदेश सरकार अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी से देगी जनपद व ग्राम पंचायतों के कर्मचारियों को सैलरी, कबसे होगा लागू, जाने

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने जनपद और ग्राम पंचायतों के अधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन-भत्ते और मानदेय का भुगतान करने के लिए अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी की राशि का उपयोग करने के नए नियम जारी किए हैं। यह कदम पंचायत राज संस्थाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा। यह नियम 20 जनवरी से अमल होना शुरू हो जाएगा। मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 75 के तहत स्टाम्प ड्यूटी पर एक प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लिया जा सकता है। इस राशि का उपयोग पंचायती राज संस्थाओं के कर्मचारियों के वेतन-भत्तों और मानदेय का भुगतान करने के लिए किया जाएगा। यह कदम पंचायत संस्थाओं को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया है, जिससे पंचायतों के कार्यों में किसी भी तरह की कोई रुकावट न आ सके। राशि का उपयोग कैसे किया जाएगा? नए नियमों के तहत अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी से प्राप्त राशि का प्रमुख उपयोग जनपद पंचायत के कर्मचारियों के वेतन और भत्तों के लिए किया जाएगा। इसके अलावा जनपद पंचायत के पदाधिकारियों के मानदेय का भी भुगतान इसी राशि से किया जाएगा। ग्राम पंचायतों के रोजगार सहायकों, सचिवों और पदाधिकारियों के मानदेय और वेतन का भुगतान भी इसी राशि से होगा। बचत राशि का होगा उपयोग अतिरिक्त राशि बचती है, तो उसे जनपद और ग्राम पंचायतों के अवसंरचना कार्यों में खर्च किया जाएगा। यह राशि ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जनसंख्या के आधार पर पंचायतों को अंतरित की जाएगी, जिससे पंचायतों को बेहतर वित्तीय सहायता मिल सकेगी।

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