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भारत को विकसित देश बनाने के लिए परमाणु उर्जा आवश्यक है: नायक

भारत को विकसित देश बनाने के लिए परमाणु उर्जा आवश्यक है : परमाणु वैज्ञानिक डॉ. नायक जीवन में आगे बढ़ने के लिए और वैज्ञानिक सोच रखने के लिए एक विजन आवश्यक : डॉ. शर्मा भारत को विकसित देश बनाने के लिए परमाणु उर्जा आवश्यक है:  नायक 11 वें विज्ञान मेले का समापन भोपाल परमाणु वैज्ञानिक एवं प्रमुख, परमाणु नियंत्रण और योजना विंग, परमाणु उर्जा विभाग डॉ. अरुण कुमार नायक ने कहा कि भारत को विकसित देश बनाने के लिए परमाणु उर्जा आवश्यक है। आने वाले समय में वह देश ही विकास कर पाएंगे जिनके पास उर्जा के स्त्रोत होंगे। वैज्ञानिक नायक 11 वें भोपाल विज्ञान मेले के समापन सत्र में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विश्व में प्रमुख अर्थव्यवस्था 2047 तक बनने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अत्यंत आवश्यक है बिना इसके विकास संभव नहीं है। बढ़ती जनसंख्या के कारण संसाधनों एवं उर्जा की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि परमाणु उर्जा ही हमारी उर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकती है। परमाणु वैज्ञानिक डॉ. नायक ने कहा कि परमाणु उर्जा सुरक्षित है एवं इसमें विकिरण को लेकर बहुत ही भ्रांतियां है। उन्होंने आह्वान किया कि देश में निर्मित वस्तुओं का ही उपयोग करें जिससे देश की इकोनामी मजबूत होने में मदद मिलेगी। परमाणु वैज्ञानिक डॉ. नायक ने परमाणु ऊर्जा के महत्व को विस्तार से बताया कि कैसे यह ऊर्जा भारत को आत्मनिर्भर और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की दिशा में अग्रसर कर सकती है। डॉ. नायक ने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा संसाधनों का उचित उपयोग करके भारत आने वाले 25 वर्षों में विश्व का अग्रणी राष्ट्र बन सकता है। उन्होंने छात्रों को परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में शोध और नवाचार के लिए प्रेरित किया। अखिल भारतीय संगठन सचिव विज्ञान भारती डॉ. शिव कुमार शर्मा ने इस अवसर पर छात्रों से आह्वान किया कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए और वैज्ञानिक सोच रखने के लिए एक विजन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छात्रों की वैज्ञानिक जिज्ञासाओं का समाधान शिक्षकों द्वारा आवश्यक है क्योंकि पार्थ जैसा विद्यार्थी और कृष्ण जैसा गुरु जीवन को वैज्ञानिक सार्थकता और सफलता प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम अपने दृष्टिकोण को सकारात्मक रखें और अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर मेहनत करते रहें तो हम समाज की सभी बुराइयों को दूर कर सकते हैं।इस अवसर पर डॉ. अनिल कोठारी, महानिदेशक, म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्, डॉ धीरेन्द्र स्वामी, सह सचिव विज्ञान भारती, डॉ अमोघ गुप्ता, अध्यक्ष विज्ञान भारती मध्य भारत, संजय कौरव, सचिव विज्ञान भारती मध्य भारत उपस्थित थे। डॉ. धीरेन्द्र स्वामी ने पूरे 4 दिनों का प्रतिवेदन सभी के समक्ष रखा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. जीतेन्द्र अग्रवाल एवं डॉ. प्रदीप सिंगोर ने किया। चार दिवसीय विज्ञान मेले में 150 से अधिक वैज्ञानिक मॉडलों का प्रदर्शन किया गया। इन मॉडलों में छात्रों ने अपनी रचनात्मकता, नवीन सोच, और तकनीकी दक्षता का परिचय दिया। आईईएस पब्लिक स्कूल, सागर पब्लिक स्कूल, कार्मेल कॉन्वेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सीएम राइज स्कूल, आईंटीआई और कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी जैसे संस्थानों ने अपने मॉडल्स के माध्यम से विभिन्न वैज्ञानिक समस्याओं और उनके समाधान को प्रस्तुत किया। 11वाँ भोपाल विज्ञान मेला एक वैज्ञानिक जागरूकता अभियान था, जिसने छात्रों और दर्शकों को विज्ञान के प्रति रुचि, जिज्ञासा और नवाचार की भावना से प्रेरित किया। इस मेले ने यह संदेश दिया कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं, बल्कि यह जीवन का एक अभिन्न अंग है। भोपाल विज्ञान मेला आने वाले वर्षों में विज्ञान के क्षेत्र में छात्रों को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रेरणा देता रहेगा और आत्म-निर्भर भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।  

आयुष मंत्री परमार की अध्यक्षता में शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय की सामान्य परिषद की बैठक संपन्न

शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय में विभिन्न कार्यों के निर्माण का अनुमोदन छात्राओं के लिए 150 बिस्तरीय अतिरिक्त छात्रावास भवन निर्माण की स्वीकृति आयुष मंत्री परमार की अध्यक्षता में शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय की सामान्य परिषद की बैठक संपन्न भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय की सामान्य परिषद की बैठक हुई। आयुष मंत्री परमार ने महाविद्यालयीन गतिविधियों की समीक्षा की एवं विद्यार्थियों के हितों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। परमार ने महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के समग्र विकास, बेहतर अध्ययन-अध्यापन, शैक्षणिक एवं अकादमिक गुणवत्ता सुधार हेतु आवश्यक क्रियान्वयन कर, संस्थान की उत्तरोत्तर उत्कृष्टता के लिए कार्य करने के दिशा निर्देश दिए। मंत्री परमार ने महाविद्यालय में फार्मेसी, अतिरिक्त महिला छात्रावास भवन का निर्माण एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ करने सहित विभिन्न बिंदुओं पर व्यापक चर्चा की। परमार ने महाविद्यालय में पदस्थ व्याख्याताओं एवं अधिकारियों के समयमान-वेतनमान संबंधी प्रक्रिया एवं इसके उपरांत उच्च पद प्रभार प्रक्रिया का भी नियत समयावधि पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने महाविद्यालय में नव चयनित व्याख्याताओं की नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। मंत्री परमार ने महाविद्यालय में औषधी निर्माण शाला (फार्मेसी) शीघ्र प्रारंभ करने के लिए व्यापक कार्य योजना के साथ, आवश्यक यंत्र, उपकरण एवं मशीनरी आदि की उपलब्धता नियमानुसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परमार ने राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग नई दिल्ली के द्वारा प्रत्यायोजित दो विषयों सामुदायिक चिकित्सा एवं डर्मेटोलॉजी में स्नातकोत्तर एम.डी. होम्योपैथी पाठ्यक्रम प्रारंभ किये जाने एवं इसके लिए मापदण्डानुसार आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री परमार ने छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिगत वर्तमान में संचालित 200 बिस्तरीय बालिका छात्रावास के साथ, 150 बिस्तरीय अतिरिक्त छात्रावास भवन के निर्माण का अनुमोदन किया। महाविद्यालय भवन के चहुंओर बाउंड्रीवॉल निर्माण करने को भी कहा। महाविद्यालय के विद्यार्थियों के सुलभ आवागमन के लिये कॉलेज बस क्रय करने के लिए भी अनुमोदन किया। महापौर श्रीमती मालती राय ने होम्योपैथिक वेलनेस सेंटर के ऊपर एक फ्लोर के निर्माण कार्य कराये जाने, परिसर में हाईमास्क लाइट लगवाने एवं सीवेज समस्या के निराकरण करने की बात कही। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा, आयुक्त आयुष श्रीमति उमा आर. माहेश्वरी, राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग नई दिल्ली के प्रतिनिधि एवं संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. एस.के. मिश्रा सहित सामान्य परिषद के अन्य सदस्यगण सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर एवं चंबल संभाग की बैठक लेकर दिए निर्देश

सरकार की जन हितैषी योजनाओं का मिले सबको लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास के लिए विधायक अपनी विधानसभा का बनाएं मास्टर प्लान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर एवं चंबल संभाग की बैठक लेकर दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सभी विधायक अपनी-अपनी विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित होकर कार्य करें। जनता के काम समय पर हों, हम सबको इसकी चिंता करनी होगी। इसलिए सभी विधायक अपनी विधानसभा का अगले 5 साल का मास्‍टर प्लान बनाएं, जिससे क्षेत्र का योजनाबद्ध विकास हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में ग्वालियर एवं चंबल संभाग की समीक्षा बैठक में वर्चुअली जुड़े स्थानीय जन-प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जन कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, क्षेत्रीय विधायिका सुसरला रावत, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, ग्वालियर संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, चंबल संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव सहित अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, प्रमुख सचिव संजय शुक्ल, प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल सहित अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए जनता को बेहतर सेवाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसमें किसी प्रकार की उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने दोनों संभागों में चल रहे एवं लंबित विकास कार्यों की गहनता से समीक्षा कर कहा कि निर्माण कार्य तय वक्त पर ही पूरे करें, जिससे आमजन को समय पर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। जनकल्याण अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 11 दिसम्बर से 26 जनवरी, 2025 तक जनकल्याण अभियान चलाया जा रहा है। ‘आपकी सरकार-आपके द्वार’ की भावना को अंगीकृत कर सरकार ने जन-जन तक पहुंचने का अभियान चलाया है। सभी विधायक और अधिकारी सुनिश्चित करें कि सरकार की जन हितैषी योजनाओं का लाभ प्रभावितों पर पहुंचे। इसके लिए सभी विधायक और अधिकारी घर-घर तक जाएं और अभियान की प्रगति का स्वयं अवलोकन करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने विभागीय मैदानी अमले को सतर्क करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की सेवाओं, सुविधाओं, योजनाओं एवं विकास कार्यक्रमों का लाभ पाने से वंचित न रहे। ग्वालियर की जेसी मिल्स के मजदूरों का लंबित भुगतान तुरंत कराएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर के जेसी मिल्स के मजदूरों का भुगतान लंबित होने की जानकारी मिली है। कलेक्टर ग्वालियर एवं संबंधित राजस्व अधिकारी जल्द से जल्द जरूरी कार्यवाही पूरी कर इन मजदूरों को उनका लंबित भुगतान प्रदान करें। उन्होंने कहा कि जेसी मिल्स का कोई भी मजदूर उसके वाजिब हक या दावा भुगतान पाने से वंचित न रहे। सभी कलेक्टर सावधानी रखें, लापरवाही बर्दाशत नहीं की जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले के राघौगढ़ में हुई बोरवेल दुर्घटना पर संज्ञान लेकर कलेक्टर गुना से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बोरवैल में गिरने से बालक की मृत्यु बेहद दु:खद है। सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने पाए। सरकार किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने सभी कलेक्टर को निजी परिसर में भी खुले पड़े बोरवैलों को बंद करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अपने मैदानी अमले को मुस्तैद करें और बोरवेल खुले न छोड़े जाएं इसके लिए समाज में जन-जागरूकता का प्रसार भी करें। गौ-शालाओं का करें समुचित प्रबंधन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये हैं कि गौ-वंश के लिए चारे की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें। नगरपालिका एवं नगर निगम अपनी-अपनी सीमा क्षेत्र में छोटी गौ-शालाओं का समुचित प्रबंधन करें। बड़ी गौ-शालाओं के लिए राज्य सरकार प्रबंधन की व्यवस्था करेगी। प्रभारी अपर मुख्य सचिव 8 जनवरी को ग्वालियर में करेंगे समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर संभाग के जन-प्रतिनिधियों द्वारा रखे गये सुझाव पर बताया कि ग्वालियर संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल 8 जनवरी 2025 को ग्वालियर में बैठक करेंगे। सभी जन-प्रतिनिधि लिखित में अपना मांग-पत्र सौंप दें। सभी की मांगों पर विचार कर सरकार समुचित निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि अब संभाग स्तरीय बैठकों में वित्त विभाग के संभागीय अधिकारी भी शामिल होंगे। यह अधिकारी वित्तीय मामलों में अपनी पक्ष और सुझाव रख सकेंगे।  

ताल दरबार, कत्थक कुंभ, उज्जैन डमरू वादन, गीता पाठ और शास्त्रीय बैंड के बने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

पांच गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने प्रदेश की संस्कृति और कला को दिलाई वैश्विक पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का रचा जा रहा नया इतिहास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ताल दरबार, कत्थक कुंभ, उज्जैन डमरू वादन, गीता पाठ और शास्त्रीय बैंड के बने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक अभ्युदय के नए युग में प्रवेश कर रहा है। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के द्वारा स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का नया इतिहास रचा जा रहा है। सांस्कृतिक संवहन के क्रम में प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह का स्वर्ण जयंती वर्ष और तानसेन समारोह का शताब्दी वर्ष का गौरवशाली आयोजन किया गया। हमारे देश में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परम्परा के गौरव को अक्षुण्ण बनाए रखने की परम्परा निरंतर विद्यमान रही है। सांस्कृतिक आयोजनों और धरोहरों को आज की पीढ़ी से जोड़ते हुए ताल दरबार, कथक कुंभ, उज्जैन डमरू वादन, गीता पाठ और शास्त्रीय बैंड में बने पांच गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने प्रदेश की संस्कृति और कला को वैश्विक पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि संगीत सम्राट तानसेन की नगरी ग्वालियर में तानसेन समारोह के अवसर पर भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम की धुन पर ग्वालियर किले की प्राचीर पर ‘ताल दरबार’ में 1282 तबला साधकों ने मध्यप्रदेश के शास्त्रीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई है। यूनेस्को द्वारा चयनित संगीत नगरी में राष्ट्रीयता का उद्घोष करते हुए कला साधकों ने प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और संगीत की त्रिमूर्ति को 25 दिसंबर 2023 को पहली बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहों के कंदरिया महादेव मंदिर के विशाल प्रांगण में अन्तर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह के दौरान ‘राग बसंत’ की लय पर 20 फरवरी 2024 को 1484 कथक नृत्य साधकों के थिरकते कदमों ने दूसरा गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड रच दिया। कथक कुंभ में हाथों में दीपक लेकर जब लय और ताल के साथ घुंघरू साधकों के कदम मिले तब भारतीय संस्कृति और परंपरा एक साथ मुस्कुरा उठीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पवित्र श्रावण मास में उज्जैन में भगवान श्रीमहाकालेश्वर चंद्रमौलेश्वर के रूप में पालकी में, हाथी पर मनमहेश के रूप में और गरूड़ रथ पर शिव-तांडव स्वरूप में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले। उनका स्वागत करते हुए 5 अगस्त 2024 को महाकाल लोक के शक्तिपथ पर 1500 से अधिक डमरू वादकों ने एक साथ एक समय-समय में लयबद्ध डमरू वादन कर तीसरा विश्व कीर्तिमान रचा। यह सिर्फ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड नहीं था बल्कि बाबा महाकाल की नगरी से देश के आध्यात्मिक पुनरुत्थान का शंखनाद था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म से लेकर मृत्यु तक अपनी लीलाओं और आदर्शों के माध्यम से समूचे समाज को प्रेरणा दी है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और पवित्र धर्मग्रंथ “गीता” की कर्म पथ, भक्ति मार्ग और शांति का संदेश से जन जन को आलोकित करते हुए 1721 आचार्य और बटुकों ने इतिहास रच दिया। 11 दिसंबर 2024 को गीता जयंती के अवसर पर श्रीमद्भगवद गीता के तीसरे ध्याय कर्मयोग का सस्वर पाठ कर चौथा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का पावन कार्य किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में विद्यमान संगीत की लंबी प्राचीन विरासत की परंपरा को जीवंत रखते हुए तानसेन संगीत समारोह का गौरवशाली शताब्दी समारोह मनाया गया। स्वर सम्राट तानसेन को स्वराजंलि अर्पित करते हुए एक बार फिर ऐतिहासिक ग्वालियर किले के प्राचीर से शास्त्रीय बैंड के 546 कला साधकों ने 9 शास्त्रीय वाद्यों क्रमश: वायलेन, हारमोनियम, सारंगी, बांसुरी, सरोद, संतूर, शहनाई, पखावज, तबले पर समवेत प्रस्तुति कर पांचवॉ विश्व कीर्तिमान रच दिया। भारतीय शास्त्रीय संगीत की सुर, लय और ताल को विश्व पटल पर अंकित करने का यह अनूठा संगीतमय प्रयास रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि यह विश्व रिकॉर्ड प्रदेश की उपलब्धियों का साधन मात्र नहीं है, अपितु भारत की सांस्कृतिक विरासत की वैश्विक स्थापना का पुण्य प्रवाह है। प्रधानमंत्री मोदी के आध्यात्मिक-सांस्कृतिक अभ्युदय के संकल्प सि‌द्धि की दिशा में हमारी मध्यप्रदेश सरकार भी ठोस कदमों से आगे बढ़ रही है। मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों की ओर दुनिया भर से खिंचे चले आते संस्कृति और कला प्रेमी मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के अंतर्राष्ट्रीय संवाहक बन रहे हैं। निश्चित है आने वाले समय में मध्यप्रदेश न सिर्फ देश का सांस्कृतिक केंद्र बनेगा बल्कि सारथी बन देश को सांस्कृतिक अभ्युदय के नए युग में प्रवेश कराएगा।  

वाटर फॉल, नर्मदा नदी और प्राचीन मंदिर…जबलपुर के भेड़ाघाट में मनाइए नए साल का जश्न

new year celebration in bhedaghatspectacular amidst marble valleys and sparkling waterfalls भेड़ाघाट ! जबलपुर के पास स्थित एक शांत और ऐतिहासिक स्थल है, जो संगमरमर की वादियों, धुआंधार जलप्रपात, और पवित्र नर्मदा नदी के लिए प्रसिद्ध है. यहां के प्राचीन मंदिरों और प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करना हर पर्यटक के लिए अविस्मरणीय होता है. यह स्थल विशेष रूप से नए साल के जश्न या किसी भी खास अवसर पर शांति और सुकून का आनंद लेने के लिए सही है. भारत में प्रकृति की अपार धरोहरें हर कोने में फैली हुई हैं, और मध्य प्रदेश का जबलपुर शहर इन धरोहरों का प्रमुख केंद्र है. अगर आप नए साल का जश्न प्रकृति के करीब और शांत वातावरण में मनाना चाहते हैं, तो जबलपुर का भेड़ाघाट और इसके आसपास के स्थल आपके लिए आदर्श स्थान हो सकते हैं. read more: https://youtu.be/V5wcMkX490o?si=TF8QyG53-KavifTw जबलपुर को ‘संस्कारधानी’ के नाम से भी जाना जाता है, और यह शहर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है. इस शहर के प्रमुख स्थल भेड़ाघाट, बरगी डेम, धुआंधार जलप्रपात, 64 योगिनी मंदिर, त्रिपुर सुंदरी मंदिर और अन्य ऐतिहासिक स्थल न केवल प्रकृति की मनमोहक सुंदरता का अनुभव कराते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति, इतिहास और पौराणिक कथाओं के महत्व को भी जीवित रखते हैं. संगमरमर वादियों में नाव की सैर, रोपवे से धुआंधार का नज़ारा, और नर्मदा की लहरों का संगीत इस अनुभव को यादगार बना देंगे. इसके साथ बरगी डेम में क्रूज पर भी यात्रा कर सकते है. धुआंधार जलप्रपातभेड़ाघाट का प्रमुख आकर्षण धुआंधार जलप्रपात है, जहां नर्मदा नदी लगभग 30 मीटर की ऊंचाई से गिरती है. गिरते हुए पानी से उठता झाग धुएं जैसा प्रतीत होता है, इसलिए इसे ‘धुआंधार’ नाम दिया गया. इसकी तुलना अक्सर नियाग्रा फॉल्स से की जाती है. रोपवे के जरिए इस जलप्रपात का दृश्य और भी रोमांचक बनता है. संगमरमर की वादियांभेड़ाघाट में संगमरमर के पहाड़ नर्मदा नदी के साथ दो किलोमीटर तक फैले हुए हैं. इन संगमरमर की चट्टानों में सफेद, गुलाबी, हरी, और काली रंगों की छटा देखने को मिलती है. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय इन वादियों का दृश्य और भी मनोरम होता है. बंदर कूदनीसंगमरमर की इन चट्टानों के बीच ‘बंदर कूदनी’ नामक स्थान है, जहां चट्टानों की निकटता के कारण ऐसा प्रतीत होता है कि एक बंदर कूदकर इसे पार कर सकता है. यह स्थल कई पौराणिक कथाओं और किंवदंतियों से जुड़ा हुआ है. चौंसठ योगिनी मंदिरयह 9वीं शताब्दी का प्राचीन मंदिर भेड़ाघाट के पहाड़ पर स्थित है. यह मंदिर शक्ति.पासना का केंद्र था और इसे तांत्रिकों की विश्वविद्यालय माना जाता है. मंदिर में चौसठ योगिनियों की मूर्तियां हैं, जो हरियाली लिए पीले बलुआ पत्थरों से बनी हैं. इस मंदिर का निर्माण कल्चुरी राजाओं द्वारा किया गया था. त्रिपुर सुंदरी मंदिरभेड़ाघाट से कुछ दूरी पर स्थित त्रिपुर सुंदरी मंदिर कल्चुरी काल की उत्कृष्ट कृति है. यहां देवी के तीन रूप महाकाली, महालक्ष्मी, और महासरस्वती की पूजा होती है. यह स्थान तीन शहरों की सुंदर देवियों के वास का प्रतीक है. कुंभेश्वर महादेव मंदिरलम्हेटा घाट पर स्थित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान राम ने यहां लक्ष्मण के साथ शिव की आराधना की थी. इंद्र गयाइंद्र गया वह स्थान है जहां इंद्रदेव ने अपने पिता की अस्थियों का विसर्जन किया था. यह स्थान आज भी धार्मिक कर्मकांडों के लिए प्रसिद्ध है. लम्हेटा घाटयह स्थान नर्मदा किनारे डायनासोर के अंडों के अवशेषों के लिए जाना जाता है. यहां डायनासोर के जीवाश्म मिलने के प्रमाण भी मिले हैं, जो इसे वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाते हैं. भेड़ाघाट की फिल्मी पहचानभेड़ाघाट के संगमरमर वादियों में कई फिल्मों की शूटिंग हुई है. यह स्थान भारतीय फिल्म उद्योग के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहा है. भेड़ाघाट में नाव यात्रा पर्यटकों के लिए विशेष अनुभव है. नाविक की रोचक कमेंट्री, जिसमें ऐतिहासिक और पौराणिक कथाओं का जिक्र होता है, सैर को और भी यादगार बनाती है. नए साल का जश्ननए साल के जश्न या किसी भी अन्य अवसर पर भेड़ाघाट एक अद्भुत पर्यटन स्थल है. यहां के प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थान परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए उपयुक्त हैं. भेड़ाघाट न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे भारत के लिए एक अनमोल धरोहर है. इसकी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक महत्व और पौराणिक कहानियां इसे विशेष बनाती हैं. यह स्थान न केवल देखने और महसूस करने का है बल्कि आत्मा को शांति और सुकून देने वाला है. यहां की यात्रा हर किसी को जीवन में एक बार अवश्य करनी चाहिए.

उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में मुस्लिम छात्राएं बुर्का पहनकर पहुंची संस्कृत विश्वविद्यालय

हरिद्वार सनातन नगरी हरिद्वार के उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में बुर्का और हिजाब पहने हुए मुस्लिम छात्राओं के प्रवेश ने एक बार फिर से विवाद खड़ा कर दिया है। इसकी भी चर्चा हो रही है कि क्या उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में भी इस्लामीकरण की बयार बहने लगी है और वह भी सनातन तीर्थ स्थली में ? जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें मुस्लिम छात्राएं, हिजाब और बुर्का पहने हुए परिसर में दिखाई दे रही हैं। संस्कृत विश्वविद्यालय में कई मुस्लिम छात्राएं अध्ययनरत हैं। पहले ये सामान्य छात्राओं की तरह ही परिधान में विद्यालय आती थीं किंतु अचानक कुछ दिनों से ये सभी छात्राएं या तो बुर्के में या फिर हिजाब पहने हुए कॉलेज में आने लगी हैं और क्लासरूम में भी बुर्का और हिजाब पहनकर बैठती हैं। ऐसा क्यों हुआ? छिड़ी बहस “पाञ्चजन्य” ने इस बारे में विश्वविद्यालय प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए कुलपति से वार्ता की और उक्त वीडियो के बारे में जानकारी साझा की। इस पर कुलपति डा. दिनेश चंद्र शास्त्री ने बताया कि ये विषय उनके संज्ञान में आया है। इस बारे में कुलसचिव और संबंधित एचओडी से बैठक कर एक महिला चेंजिंग रूम बनाने का निर्णय लिया गया है ताकि छात्राएं बुर्का आदि बदलकर अपने क्लास रूम में जाएं। बहरहाल ये छात्राएं यहां इतिहास और अन्य विषय तो पढ़ने आ रही हैं, लेकिन क्या वे साथ ही साथ वे इस्लामिक संस्कृति को भी इस संस्कृत विश्वविद्यालय में प्रवेश कराने में सफल हो गई है ? ये बात हरिद्वार में चर्चा का विषय बन गई है। उल्लेखनीय ये भी है कि गंगा नगरी हरिद्वार के आसपास डेमोग्राफी चेंज की घटना भी सामने आई है, जिसको लेकर सोशल मीडिया और अन्य मीडिया में लगातार खबरें चल रही हैं। सुप्रीम कोर्ट का निर्देश बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा हिजाब और बुर्के पर प्रतिबंध के फैसले पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये निर्देश दिया कि क्लास में बुर्का अथवा हिजाब पहन कर बैठने की इजाजत नहीं दी जा सकती। विद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधियों की भी अनुमति नहीं दी जाएगी।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा संभाग में एमपीआरडीसी के निर्माण कार्यों की समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा संभाग में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए, जिससे आमजन को इन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का शीघ्र लाभ मिल सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सीधी से सिंगरौली 4-लेन (लंबाई 105.59 किमी) और रीवा बायपास (लंबाई 19.20 किमी) के निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्यों को पूर्ण किया जाए। बताया गया कि सीधी-सिंगरौली मार्ग का शेष निर्माण कार्य 30 जून 2025 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। रीवा बायपास का कार्य आगामी दो वर्षों में पूर्ण किया जाएगा। रीवा-बायपास के लिए आरओडब्ल्यू उपलब्ध है और चिन्हांकन का कार्य प्रगतिरत है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आगामी शहडोल रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव को ध्यान में रखते हुए संबंधित सड़क निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने रीवा-शहडोल मार्ग (टेटका मोड़ तक एसएच-57) की प्रगति की समीक्षा की और वन विभाग द्वारा पूर्व में स्वीकृत मार्ग के सुदृढ़ीकरण के कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। एमडी एमपीआरडीसी अविनाश लवानिया सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मनेन्द्रगढ़ में बहरूपिया प्रतियोगिता 2024 का आयोजन प्रतिभागी बहरूपिया बनकर करेंगे आम जनता का मनोरंजन

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी 31 दिसंबर 2024 को मनेन्द्रगढ़ के सांस्कृतिक माहौल में एक और महत्वपूर्ण आयोजन होने जा रहा है। मनेन्द्रगढ़ सांस्कृतिक मंच ने इस साल भी बहरूपिया प्रतियोगिता का आयोजन करने की घोषणा की है। यह आयोजन हर साल की तरह इस बार भी नगरवासियों और आसपास के क्षेत्रीय कलाकारों के लिए एक शानदार सांस्कृतिक उत्सव साबित होने जा रहा है। बहरूपिया प्रतियोगिता मनेन्द्रगढ़ में हर साल 31 दिसंबर को आयोजित होती है और इसका मुख्य उद्देश्य सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करना, स्थानीय कला को बढ़ावा देना और नगरवासियों को एक बेहतरीन सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करना है। इस आयोजन के दौरान विभिन्न जिलों से युवा कलाकारों की टोली बहरूपिया की वेशभूषा में सजे-धजे हुए नगर के विभिन्न चौकों में घूमते हैं। ये कलाकार ना केवल अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं बल्कि विभिन्न पात्रों, मजेदार रूपों और भिन्न-भिन्न समाजिक संदेशों के माध्यम से जनता का मनोरंजन भी करते हैं प्रतियोगिता के लिये निर्धारित है दो वर्ग इस आयोजन की खास बात यह है कि बहरूपिया प्रतियोगिता को दो अलग-अलग वर्गों में आयोजित किया जाता है वयस्क वर्ग- इस वर्ग में वयस्क कलाकार भाग लेते हैं जो बहरूपिया की परंपरा और सांस्कृतिक धारा को संरक्षित रखते हुए अपनी प्रस्तुति से नगरवासियों को प्रभावित , करते हैं। इस बार की बहरूपिया प्रतियोगिता में 100 से अधिक कलाकार भाग लेंगे जो विभिन्न प्रकार की रंग-बिरंगी और आकर्षक वेशभूषाओं में सजकर नगर भर में घूमते हुए आम जन को मनोरंजन और हंसी-खुशी का अनुभव कराएंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले कलाकार विभिन्न प्रकार के पात्रों के रूप में सजते हैं-कुछ ऐतिहासिक, कुछ सामाजिक संदेश देने वाले, तो कुछ परंपरागत भारतीय देवी-देवताओं के रूप में। कलाकारों के द्वारा किए गए विभिन्न प्रस्तुतियों में हंसी-ठिठोली, नृत्य, गाने, नाटक और अन्य प्रकार की मनोरंजन की विधाओं का मिश्रण होता है, इस प्रतियोगिता का सबसे अनूठा पहलू यह है कि कलाकारों को नगद पुरस्कार की बजाय उनके प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए मनेन्द्रगढ़ के सैकड़ों व्यापारी, जनप्रतिनिधि अपनी दुकानों से विभिन्न प्रकार के उपहार और वस्त्र प्रदान करते हैं। इन उपहारों को सभी भागीदारों के बीच वितरित किया जाता है। इस अनूठे तरीके से कलाकारों को प्रोत्साहन मिलता है और स्थानीय व्यापारियों का भी इस आयोजन में योगदान रहता है जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी एक सकारात्मक बढ़ावा मिलता है। मनेन्द्रगढ़ की बहरूपिया प्रतियोगिता सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं है बल्कि यह समाज में एकता और सहयोग का संदेश देने का भी एक महत्वपूर्ण साधन बन गई है। इस प्रतियोगिता के दौरान, विभिन्न क्षेत्रीय कलाकारों की एकजुटता से यह प्रमाणित होता है कि भिन्न-भिन्न समुदाय और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के लोग एक साथ आकर किसी भी आयोजन को सफल बना सकते हैं। यह आयोजन ना केवल सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का एक प्रयास है बल्कि यह एक सामाजिक समरसता और भाईचारे का प्रतीक भी बन चुका है।

इंदौर पुलिस ने होटल, रिसोर्ट और फार्म हाउस की चेकिंग की, अतिरिक्त पेट्रोलिंग पार्टियां और पुलिस बल तैनात रहेगा

इंदौर  इंदौर ग्रामीण पुलिस ने 2024 के अंतिम दिन और नए साल के जश्न को शांतिपूर्ण और विघ्नहीन रूप से कराने के लिए सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। 31 दिसंबर की रात और एक जनवरी को जगह-जगह कार्यक्रम, इवेंट और पार्टी होगी। इन आयोजनों में सुरक्षा और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए थाना खुड़ैल, सिमरोल, बड़गोंदा और मानपुर क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सभी होटल, रिसॉर्ट और फार्म हाउस की चेकिंग की गई। दो दिन पूर्व भी महू के बड़गोंदा थाना क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक स्थानों की चेकिंग की गई। शराब के लिए लेना होगा लाइसेंस ग्रामीण एसपी हितिका वासल के निर्देश पर एक माह पहले से ही होटल, रिसॉर्ट व फार्म हाउस मालिक व संचालकों की बैठक आयोजित की गई थी। इसमें आवश्कतानुसार एफएसएसएआई का लाइसेंस, गुमाश्ता लाइसेंस और पार्टी के अनुसार शराब का लाइसेंस लेने के निर्देश दिए थे। इंदौर में सबसे ज्यादा फार्म हाउस महू क्षेत्र में है। संचालकों से कहा गया कि फार्म हाउसों पर सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त कराए जाए और हर आने वाले आंगतुक का रिकार्ड रखे। पार्टी के नाम पर हुंडदंग हुई और ग्रामीणों की शिकायत पुलिस तक पहुंची तो फिर केस भी दर्ज हो सकता है। संचालकों ने कहा कि वे तय समय पर पार्टी समाप्त करवा देंगे। बगैर अनुमति शराब नहीं पिलाई जाना चाहिए। पबों पर कंट्रोल रुम से रखी जाएगी नजर शहर के पबों व बियर बारों पर एआई आधारित कैमरों से आबकारी विभाग के कंट्रोल रुम से नजर रखी जाएगी। इंदौर में अन्य होटलों में नए साल के जश्न के लिए एक दिन का बार लाइसेंस तय शुल्क जमा कर लिया जा सकता है। जिन्हें एक दिन का लाइसेंस दिया गया है वहां भी रात 12 बजे के बाद शराब का सेवन नहीं हो सकेगा। यदि अवैध रुप से शराब पार्टी हुई तो आबकारी विभाग इस मामले में एक्शन लेगा। उधर 31 दिसंबर को पुलिसकर्मी भी शहर के प्रमुख चौराहों पर तैनात रहेंगे। तीन सवारी या शराब पीकर वाहन चलाने वालों के वाहन पुलिस जब्त करेगी। पुलिस ने रिसोर्ट में की चेकिंग इसके तहत उप पुलिस अधीक्षक उमाकांत चौधरी, थाना प्रभारी खुड़ैल, थाना प्रभारी सिमरोल, थाना प्रभारी बड़गोंदा एवं थाना प्रभारी मानपुर ने पुलिस बल के साथ रिसोर्ट पर चेकिंग की। रजिस्टर में होगी हर आने-जाने वाली की एंट्री सभी जगह सीसीटीवी फुटेज, सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। कर्मचारियों की आईडी प्रूफ सहित सूची थाने पर जमा कराने के भी निर्देश दिए। वहीं मैनेजरों को आने-जाने वाले लोगों की रजिस्टर में एंट्री करने की भी समझाइश दी। ग्रामीण एसपी सभी थाना क्षेत्रों में अतिरिक्त पेट्रोलिंग पार्टियां और पुलिस बल लगाया जा रहा है, जो कि आयोजनों पर नजर रखेंगे।  

आमला के शिक्षक हरिदास बड़ोदे(डाक्टर हरिप्रेम मेहरा) मथुरा मंच पर नवाजे गए ।

Amla’s teacher Haridas Barode (Dr. Hariprem Mehra) was honored on the Mathura stage. हरिप्रसाद गोहेआमला । बैतूल जिले के आमला निवासी शिक्षक हरिदास बड़ोदे ( डाक्टर हरीप्रेम मेहरा ) एक कुशल शिक्षक के साथ गीत संगीत एवं साहित्य के क्षेत्र में भी बखूबी जाने एवं पहचाने जाते है। इन्होंने क्षेत्र सहित समूचे मध्यप्रदेश में साहित्य के क्षेत्र में अपनी अमिट पहचान बनाई है अब उन्हें उत्तरप्रदेश के मथुरा में आयोजित साहित्य सम्मान वर्ष 2024 से नवाजा गया बडौदे की उपलब्धि पर क्षेत्र में हर्ष व्याप्त है। उन्हें सभी ने बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की है । गौरतलब हो की मथुरा : नव उदय पब्लिकेशन ग्वालियर (मध्यप्रदेश) के द्वारा वर्ष 2024 के समाप्ति के अवसर पर तीन दिवस पूर्व दिनांक 29 दिसंबर 2024 को प्रभु श्री कृष्ण जी की पावन जन्मभूमि मथुरा (उत्तरप्रदेश) में स्थान- जी. एस. फार्म, गोवर्धन चौराहा, गोवर्धन रोड, मथुरा में राष्ट्रीय भव्य सम्मान समारोह के अंतर्गत विशाल कवि सम्मेलन, पुस्तक विमोचन, काव्य पाठ, कविता पाठ, गीत, गायन आदि विभिन्न श्रृंखला का आयोजन किया गया। जिसमे भारत वर्ष के प्रत्येक राज्य के अलावा विश्व स्तर के विद्वान, साहित्यकार, कवि, कवयित्री, लेखकों के सहित समाजसेवी, शिक्षाविदों, डॉक्टर, पर्यावरण प्रेमी, जनकल्याण के क्षेत्र में विभिन्न अभियान से जुड़े समाजसेवी, समाजसेवी संस्थाओं के संस्थापक आदि लगभग 250 विद्वानों को विशाल मंच पर एकत्रित कर सम्मानित किया गया है। उक्त कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह में शामिल होकर काव्य पाठ व गीत गायन करने का सुनहरा अवसर व आमंत्रण साहित्य के क्षेत्र में भूमिका बनाने वाले मध्यप्रदेश के बैतूल जिला के आमला निवासी- ‘डॉ. हरिदास बड़ोदे हरिप्रेम मेहरा’ को प्राप्त हुआ। मथुरा विशाल कवि सम्मेलन में डॉ. हरिप्रेम मेहरा, धर्मपत्नी- श्रीमती आरती बड़ोदे एवं पुत्री- आंशी मेहरा के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। सुबह 8 बजे से सायं 8 बजे तक चलने वाले कार्यक्रम में प्रत्येक सहभागी को केवल पांच मिनट का समय दिया गया था। लेकिन काव्य पाठ के दौरान एवं श्री कृष्ण जी को समर्पित स्वलिखित गीत- तेरे चरणों की धूल…नामक मौलिक गीत की प्रस्तुति ने मंच ने अतिरिक्त समय देने के लिए मजबूर कर दिया और डॉ. हरिप्रेम मेहरा ने मंच के पूरे दस मिनट लेने के बावजूद जोरदार तालियों से समां बांधा। मंचासीन अतिथियों के द्वारा डॉ. हरिदास बड़ोदे हरिप्रेम मेहरा को “महाकवि सूरदास नव उदय गीतकार व साहित्यकार सम्मान-2024” के सम्मान-पत्र सह मोमेंटो प्रदान करके गौरवांवित किया गया है। इस अवसर पर आयोजक समिति के द्वारा सम्मानित मंच पर सभी सम्मानित सदस्यों के फेमिली सदस्यों को प्रदेशवार मंच पर एक साथ बुलाकर अतिथियों के द्वारा अभिवादन किया गया। ये रहे अतिथि अद्वितीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि- आदरणीय दर्शन सिंह चौधरी, लोकसभा सांसद, नर्मदापुरम (मध्यप्रदेश), बत्तीलाल मीणा सचिव- कृषि मंत्रालय, आगरा (उत्तरप्रदेश), अजीत कुमार (PCS, SDM) मथुरा, डॉ. बृजेश यादव (CPO-दीनदयाल उपाध्याय बेट्रीनरी कॉलेज) मथुरा, वेद प्रकाश राय (राष्ट्रीय सचिव, मीडिया प्रभारी-अखिल भारतीय भोजपुर समाज) लखनऊ, डॉ धर्मेंद्र कुंतल (डायरेक्टर- कुंतल मल्टीस्पेसिलिटी हॉस्पिटल) मथुरा, रवि चौधरी (डायरेक्टर- राइट वाइट् एग्रोफ़ूड) आगरा, राघवेश तिवारी (नायब तहसीलदार) मथुरा, डॉ हर्ष गुप्ता (MBBS, MD, MCh, यूरोलोजिस्ट, किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन) मथुरा, जुगल किशोर प्रधान, भूपेंद्र कुमार (फाउंडर- MD ऑफ ऐफोरिया ग्रुप) नोएडा, कैप्टन डॉ. राजश्री (असोसिएट- NCC officer B.B.A. युनिवर्सिटी लखनऊ, मंच संचालक, विशेष अतिथि- कविश्रेष्ठ सत्यप्रकाश ‘सत्य’ देहरादून (उत्तराखंड), श्रीमती अर्चना द्विवेदी कवयित्री श्रृंगार रस अयोध्या, कवि अनूप कुमार नवोदयन लखनऊ, मंच संचालक, कवयित्री भारती शर्मा मथुरा, शेरसिंह मथुरा, नरेंद्र चौधरी मथुरा, कर्मवीर गुर्जर मथुरा, मोहित मानधन्या, भोपाल (मध्यप्रदेश), राज शेखर लखनऊ, अम्बरीष पांडेय (वरिष्ठ पत्रकार व सम्पादन ZEE न्यूज़) नोयडा, अविनाश कुमार (राष्ट्रीय अध्यक्ष- नवोदय जनतांत्रिक पार्टी, MD ब्राम्हीह अंतरराष्ट्रीय फाउंडेशन), गरिमा श्रीवास्तव (न्यूज रीडर, एंकर जनतंत्र टीवी चैनल), रक्षा सिन्हा (मंच संचालक) गाज़ियाबाद, वर्तिका (पत्रकार ndtv न्यूज़ रीडर) मथुरा (उत्तरप्रदेश), कविश्रेष्ठ प्रभात कुमार ‘प्रभात’ मथुरा, मुख्य संचालिका- मैडम ऋतु अग्रवाल (संपादिका- नव उदय मासिक पत्रिका, एवं नव उदय पब्लिकेशन) ग्वालियर, संस्थापिका व आयोजिका- शिव्या जैन (नव उदय मासिक पत्रिका व नव उदय प्रकाशन) ग्वालियर (मध्यप्रदेश) आदि उपस्थित थे। किया आमला का नाम रोशन डॉ. हरिदास बड़ोदे हरिप्रेम मेहरा, वर्तमान में शिक्षक, कवि, गीतकार, लेखक, साहित्यकार होने के साथ साथ कुशल व्यवहार, मृदुभाषी व मिलनसार है। स्वर्णिम मध्यप्रदेश में जिला बैतूल की तहसील मुलताई में सूर्यपुत्री माँ ताप्ती देवी, उद्गम स्थल के समीप वटवृक्ष से शोभायमान पैतृक ग्राम बानूर जन्मभूमि के साधारण बड़ोदे परिवार व विशाल मेहरा समाज के सपूत और आमला शहर के मूलतः निवासी को इस उपलब्धि के लिए आमला शहर का नाम रोशन करने पर सभी ईष्ट मित्रों, रिश्तेदारों, परिवारजनों, नगरवासियों के द्वारा उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामना की है।

महाकुंभ मेला में जाने से पहले ध्यान रखें ये विशेष बातें

प्रयागराज महाकुंभ मेला 2025 का आयोजन प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक किया जाएगा। यह मेला हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है और इसे विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक उत्सव माना जाता है। लाखों श्रद्धालु, साधु-संत, और पर्यटक इस आयोजन में भाग लेते हैं। महाकुंभ में जाना एक अनूठा आध्यात्मिक अनुभव होता है, लेकिन इसके लिए सही तैयारी जरूरी है। यात्रा के लिए ध्यान रखने योग्य बातें ठंड के कपड़े रखें साथ महाकुंभ का आयोजन जनवरी और फरवरी के ठंडे महीनों में होता है। गंगा और यमुना के संगम के पास वातावरण और ठंडा होता है। इसलिए, गर्म कपड़े जैसे जैकेट, स्वेटर, मफलर, और इनर साथ ले जाना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें किसी भी आपातकालीन स्थिति से बचने के लिए फर्स्ट एड किट और दवाएं जरूर साथ रखें। बुखार, सर्दी-जुकाम, सिरदर्द, और पेट दर्द जैसी सामान्य दवाएं अपने पास रखें। सही योजना बनाएं यात्रा की तारीख, समय, और आवास की पहले से व्यवस्था कर लें। कुंभ मेले के समय आवास ढूंढना मुश्किल हो सकता है। आप होटल, धर्मशाला, या टेंट सिटी में रुकने की योजना बना सकते हैं। भीड़ से बचाव करें मेले में बच्चों या बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। बच्चों के गले में पहचान पत्र लटका दें, जिसमें माता-पिता का नाम, पता, और संपर्क नंबर लिखा हो। परिवार के लिए एक मीटिंग प्वाइंट तय करें। साथ ले जाने वाली चीजें खाने-पीने का सामान: हल्का और पोषण युक्त खाना जैसे ड्राई फ्रूट्स, फल, और पानी की बोतल जरूर रखें। दस्तावेज: पहचान पत्र, बुकिंग डिटेल्स, और अन्य जरूरी कागजात। स्वास्थ्य सामग्री: प्राथमिक चिकित्सा किट, मास्क, और सैनिटाइजर। ये सावधानियां रखें स्नान के लिए अधिकृत घाटों का ही उपयोग करें। कचरा फेंकने के लिए कूड़ेदान का प्रयोग करें। अजनबियों पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें। महाकुंभ का यह पावन आयोजन न केवल आध्यात्मिकता को गहराई से समझने का अवसर है, बल्कि यह अनुशासन और सतर्कता की भी परीक्षा है। इन सावधानियों का पालन करके अपनी यात्रा को सुरक्षित और यादगार बना सकते हैं।

महासमुन्द सर्किट हाऊस में प्रेस कान्फ्रेस के दौरान मची अफरा तफरी, आपस में भिड़े मुस्लिम समुदाय के लोग

महासमुन्द महासमुंद सर्किट हाउस में उस वक्त अफरा तफरी मच गई जब मुस्लिम समुदाय के लोग आपस में ही भीड़ गए आए विवाद देखते देखते इतना बढ़ गया कि चाकू रॉड एक दूसरे पर बरसाने लगे। कुछ लोगों के सिर फूटे तो किसी को चाकू मार दिया गया। कुछ कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस पहुंची और भीड़ को तीतर बितर किया गया। हम आपको बता दें कि आज स्थानीय सर्किट हाउस में डॉक्टर सलीम राज अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड वक्फ बोर्ड समितियों और संस्था के पदाधिकारियों के कार्यों की समीक्षा करने पहुंचे थे। महासमुंद पहुंचते ही मुस्लिम समुदाय के दो गुटों में आपस में विवाद हो गया। विवाद के बीच ही वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सर्किट हाउस पहुंचे और प्रेसवार्ता शुरू किए। अपनी बात पूरी कर भी नहीं पाए थे के अध्यक्ष के सामने ही मुस्लिम समुदाय के दोनों गुट आपस में भीड़ गए। दोनों गुट के लड़ाई के भीड़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष को सर्किट हाउस के एक कमरे में सुरक्षित किया गया। सर्किट हाउस के बाहर भी लगभग 20-25 मिनट तक एक दूसरे पर लात घुसो, लाठी, रॉड और चाकू से एक दूसरे पर वार करते रहे।

देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री में डॉ मोहन यादव ,,,,,, वें स्थान पर ,ताजा रिपोर्ट से मचा हड़कंप

Dr. Mohan Yadav ranked 10th among the richest Chief Ministers of the country, latest report creates stir एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव(Dr Mohan Yadav) देश के पांचवें सबसे अमीर सीएम है। विधानसभा चुनाव 2023 के समय डॉ. मोहन यादव के पास 1.41 लाख व पत्नी सीमा के पास 3.38 लाख नकद थे। रिपोर्ट के मुताबिक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू 931 करोड़ रुपए की कुल संपत्ति के साथ देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं, जबकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (15 लाख रुपए) के पास सबसे कम संपत्ति है। वहीं देश के 31 मुख्यमंत्रियों(Richest Chief Ministers) की कुल संपत्ति 1630 करोड़ रुपए है। 2023-24 में भारत की प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय लगभग, 85, 854 थी, जबकि एक मुख्यमंत्री की औसत आमदनी 13, 64, 310 रुपए है, जो औसत प्रति व्यक्ति आय का लगभग 7.3 गुना है। डॉ. मोहन यादव के पास इतनी संपत्ति चल संपत्ति: विस चुनाव 23 के समय डॉ. मोहन(CM Mohan Yadav) यादव के पास 1.41 लाख व पत्नी सीमा के पास 3.38 लाख नकद थे। डॉ. यादव के पास 5.66 करोड़, पत्नी के पास 3.23 करोड़, परिवार के पास 59.66 लाख और बेटा अभिमन्यु के पास 42.96 लाख की चल संपत्ति थी।अचल संपत्ति का विवरण: डॉ. मोहन यादव के पास चुनाव के पहले 13.36 करोड़ और पत्नी सीमा पास 18.75 करोड़ की अचल संपत्ति थीं।चुनाव के पहले मोहन यादव पर 5.75 करोड़, पत्नी सीमा पर 1.86 करोड़, परिवार पर 4 लाख रुपए की देनदारियां थीं। देखें अमीर मुख्यमंत्रियों की लिस्ट

बिलासपुर में साइबर अपराधी लोगों से कर रहे ठगी, डिजिटल प्लेटफार्म पर जानकारी साझा करने से बचें

बिलासपुर आधुनिक जीवनशैली के बीच साइबर ठगी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। जिससे हर वर्ग परेशान है। गृह मंत्रालय द्वारा प्रत्येक टेलीफोन काल पर सतर्कता के संदेश भी दिए जा रहे हैं। फिर भी साइबर अपराधी लोगों को नई-नई तरकीबों से ठगने में सफल हो रहे हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए जागरूकता और सतर्कता अनिवार्य हैं। साइबर ठगी का मुख्य कारण हमारी निजता का हनन और डिजिटल प्लेटफार्म पर जानकारी साझा करने की लापरवाही है। पर्यटन, स्कूल-कॉलेज या रेंटल कार जैसी सामान्य जानकारियों की खोज करने पर उनसे संबंधित विज्ञापन और डेटा सोशल मीडिया पर स्वतः दिखने लगते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से साइबर अपराधी हमारी आदतों और गोपनीयता तक पहुंच बना लेते हैं। सावधानी और जागरूकता ही हमारी सुरक्षा का सबसे मजबूत कवच है। सटीक निर्णय और सतर्कता से हम साइबर अपराधियों के जाल से बच सकते हैं। सामान्य ठगी के प्रकार फर्जी ईमेल और कॉल: बैंक या सरकारी विभाग के नाम से ईमेल भेजकर डराने और त्रुटियों को ठीक करने के नाम पर पैसे मांगना। फर्जी एप और ओटीपी: अनजान नंबर से आए फोन या ईमेल पर अपलोड लिंक या ओटीपी साझा करने की गलती से बचें। आपात स्थितियों का बहाना: स्वजनों के एक्सीडेंट या बीमारियों की झूठी सूचना देकर मदद के नाम पर पैसे मांगना। कोरियर ठगी: कस्टम जब्ती और कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे ऐंठना। पुलिस कार्रवाई के नाम पर भी धमकाते हैं। फर्जी सोशल मीडिया आईडी: दोस्तों और रिश्तेदारों के नाम से फर्जी आईडी बनाकर आर्थिक मदद मांगना। बचने के लिए अपनाएं ये उपाय     किसी भी अज्ञात फोन कॉल या ईमेल पर तुरंत विश्वास न करें। पहले उसके सही होने की पुष्टि करें।     कभी भी ओटीपी, बैंक विवरण या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के भी साथ साझा करने से बचें।     अनावश्यक दबाव या डर के माहौल में कोई भी निर्णय लेने से बचें। किसी जानकार से मदद मांगे।     गलतफहमी होने पर डरें नहीं, तुरंत साइबर पुलिस या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत कराएं।  

ढोलेवार कुंबी समाज एवं गुगनानी परिवार की पहल ने गौसेवा के नए आयाम रचे ।

The initiative of Dholewar Kumbi Samaj and Gugnani family created new dimensions of cow service. हरिप्रसाद गोहेआमला । गौसेवा और गौपूजा पीढ़ियों से सनातन संस्कृति की समृद्ध परम्पराओ का हिस्सा रहा है, आमला में इसी भाव को सहेजते हुए जनसहयोग से शहर की पहली गौशाला का निर्माण किया गया है। सहृदयी दानदाताओ व सहयोगियों के प्रयासों से यहां निरन्तर व्यवस्था को सुदृढ किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार का दिन भी श्री महावीर हनुमान गौशाला में उल्लेखनीय रहा। विस्तृत सांस्कृतिक विरासत,कृषि कार्यो से जुड़ाव एवं आधुनिक जगत से सामंजस्य बनाकर स्वयं की विशेष पहचान बनाने वाले ढोलेवार कुंबी समाज द्वारा रविवार को श्री महावीर हनुमान गौशाला,आमला में सेवा व सहयोग दिया गया। समाज के जिलाध्यक्ष,पदाधिकारीगण,वरिष्ठ जन एव युवा सदस्य उत्साह के साथ गौशाला पहुँचे, एवं अपना पूरा दिन गौसेवा को समर्पित किया, गौपूजा के साथ शुरुआत करते हुए उन्होंने गौमाताओं को हर चार खिलाया,व सफाई कार्यो में भी योगदान दिया। ढोलेवार कुंबी समाज ने गौसेवा के इस कार्य के प्रति जागरूकता दिखा कर एक उत्तम नवाचार किया है, जो कि इस बात का प्रमाण है कि ढोलेवार कुंबी समाज के मन मंदिर में कृषि, भूमि एवं गौमाताओं के प्रति कितनी अगाध श्रद्धा है। समाज के बुजुर्ग एवं युवा सदस्यों ने जिस उत्साह के साथ रविवार को गौसेवा के कार्य मे हाथ बटाया एवं आगे भी इसी तरह सहयोगी बनने का वचन दिया,वो अपने आप में बेहद अनुकरणीय है, अगर ढोलेवार कुंबी समाज की तरह ही अन्य समाज भी पहल करें तो गौसेवा का ये प्रकल्प बहुत जल्द एक नई ऊंचाई प्राप्त कर लेगा। इस नवाचार के लिए परोपकारी ढोलेवार कुंबी समाज वास्तविक प्रसंशा का हकदार है।इसके अलावा इस जागरूक समाज द्वारा 5100 रुपए की राशि भी सहयोग स्वरूप गौशाला को प्रदान की गई, एवं एक ट्राली गन्ने की बांड भी उनके द्वारा गौमाताओं के चारे के लिए लाई गई तथा आगे भी ऐसे ही सहयोग के साथ जुड़े रहने का संकल्प उनके द्वारा किया गया। जिस भाव से ढोलेवार कुंबी समाज ने गौसेवा का नया आयाम रचा उसी तरह एक परिवार द्वारा भी गौसेवा के साथ अपनत्व का मधुर संदेश दिया गया। जिले के प्रतिष्ठित गुगनानी परिवार का सहयोग भी आज बेहद प्रसंशनीय रहा, “नमन्ति फलिनो वृक्षा: , नमन्ति गुणिनो जना:” के विशुद्ध उदाहरण श्री दाताराम गुगनानी जी के परिवार के राजेश गुगनानी जी द्वारा आज उनकी ओर से स्वरूचि भोज का आयोजन गौशाला परिसर में किया गया, विनम्र, संवेदनशील, सरल हृदय व्यक्तित्व के धनी राजेश गुगनानी जी गौशाला के प्रारंभिक दौर से इस प्रकल्प के लिए सहयोग करते आ रहे है और काफी पहले उन्होंने वादा किया था कि गौशाला का संचालन जब सुव्यवस्थित रूप से शुरू हो जाएगा तब सभी सहयोगियों को उनके द्वारा भोजन करवाया जाएगा,एवं अपने वादे को पूर्ण करते हुए उन्होंने आज भोज का आयोजन किया,जिसमे लगभग 200 से अधिक गौसेवकों ने उनके द्वारा आयोजित भोज एवं उनके मधुर व्यवहार का स्वाद ग्रहण किया। गुगनानी परिवार के ही ज्येष्ठ पुत्र, कलम के धनी,एवं जिले में ही नही अपितु राष्ट्रीय स्तर पर अपने ज्ञान के बूते विशिष्ट पहचान बनाने वाले प्रवीण गुगनानी जी द्वारा गौशाला परिसर में गौमाताओ के लिए एवं विभिन्न उपयोग के लिए होने वाले बोर का सम्पूर्ण व्यय प्रदान करने की घोषणा की। सेवाभावी व्यक्तित्व से ओतप्रोत श्री प्रवीण गुगनानी जी को हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित अटल बिहारी साहित्य अकादमी सम्मान से सम्मानित किया गया है एवं उनके व्यक्तित्व की विराटता ही है कि उन्होंने प्राप्त एक लाख रुपये की राशि को भी साहित्य परिषद को भेंट कर दिया है, अब यहां उनके माध्यम से होने वाले बोर से गौमाताओं को निर्मल जल लगातार प्राप्त होते रहेगा। स्वरूचि भोज का कार्य जिस प्रेम से पूर्ण हुआ उससे राजेश गुगनानी भाव विभोर हुए एवं उन्होंने कहा कि भोज के दौरान एक विशेष अनुभूति मुझे हुई,ऐसा लगा जैसे गौसेवक नही अपितु साक्षात गोविंद भोजन का आनंद ले रहे हों।इसलिए अब मन है कि स्वरूचि भोज का ये कार्यक्रम अब अगले वर्ष मैं और ज्यादा बड़े पैमाने पर करूंगा,ताकि गोविंद की कृपा का ऐसा ही पात्र बना रहूं। सहयोग की इस धारा में शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी पंजाबराव देशमुख जी द्वारा भी विशेष सहयोगी भाव दिखाया एवं गौशाला में होने वाले बोर के लिये अपनी ओर से मोटर प्रदान करने की घोषणा की।गौशाला परिवार के सदस्यों ने बताया कि दानदाताओं व सहयोगियों के प्रयास ही है जिससे गौशाला में लगातार व्यवस्थाओ में वृद्धि की जा रही है। भूसे की पर्याप्त व्यवस्था के साथ हरे चारे के लिए भी यहां व्यवस्था की गई है, साथ ही बीमार व घायल गौमाताओ के उपचार की भी व्यवस्था लगातार शानदार होते जा रही है, वहीं हाल ही में रोशनी के लिए विशेष तरह की एलईडी लाइट्स परिसर में लगवाई गयी है, साथ ही गौशाला परिवार ने आह्वान किया कि सभी नगरवासी गौशाला अवश्य पधारें एवं गौसेवा के इस कार्य मे अपना योगदान अवश्य दें।

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