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‘भविष्य का नर्मदापुरम् होगा विकसित’ रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के लिये 4 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के हर क्षेत्र में संतुलित और सामान विकास के संकल्प को सकार करने के लिये पूरे प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आज  7 दिसंबर को नर्मदापुरम में होगी, जिसकी तैयारी जोरों है। नर्मदापुम् राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय उद्योगपतियों के स्वागत के लिये तैयार है। इसके माध्यम से स्थानीय निवेशकों और उद्योगपतियों को भी प्रदेश की औद्योगिक रणनीतियों से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदापुरम में आयोजित होने वाले इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में नर्मदापुरम और आस-पास के क्षेत्र के औद्योगिक विकास और निवेश संभावनाओं के लिहाज से एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसमें उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि और विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों, विकासात्मक योजनाओं और विभिन्न उद्योगों की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी होगा क्षेत्रीय इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में क्षेत्रीय उद्योगों से संबंधित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। व्यापार संवर्धन केंद्र भी खुले रहेंगे, जहां निवेशक मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को देख सकेंगे और संभावनाओं पर चर्चा कर सकेंगे। यह सम्मेलन न केवल राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक अहम कदम साबित होगा। कॉन्क्लेव में निवेश के अवसर विषय पर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी, आईटीईएस और ईएसडीएम, माइनिंग, पर्यटन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र शामिल हैं। इसके बाद दोहपर 12 बजे प्रमुख उद्योगपतियों द्वारा राज्य के व्यवसायिक माहौल पर अपने विचार साझा किए जाएंगे। राज्य की विकासात्मक संभावनाओं पर एक शार्ट फिल्म का प्रजेंटेशन भी किया जायेगा। कॉन्क्लेव में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी होगा। 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का महत्व नर्मदापुरम का यह आयोजन राज्य की औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और एमएसएमई के लिए नई संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करेगा। 75 प्रमुख निवेशक और 5 देशों के प्रतिनिधि यहां उद्योग और रोजगार के लिए नए रास्ते खोजने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं का वर्चुअल भूमिपूजन और उद्घाटन करेंगे, और निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग करेंगे। नर्मदापुरम की नई पहचान     नर्मदापुरम, जो पहले अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता था, अब एक उभरते हुए औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और वस्त्र क्षेत्रों में नए अवसरों का पता लगाना है। इस आयोजन की थीम नए क्षितिज, नई संभावनाएं है। स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी कॉन्क्लेव में 60 से अधिक स्टॉल लगाए जा रहे हैं, जहां एमएसएमई, पर्यटन, हस्तशिल्प विकास निगम और ओडीओपी (ODOP) उत्पादों का प्रदर्शन होगा। यह प्रदर्शनी स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने और उनका प्रचार करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी। इसमें निवेशकों के साथ साझेदारी के अवसर भी मिलेंगे। उद्योग और रोजगार के लिए नया कदम कॉन्क्लेव का उद्देश्य नर्मदापुरम को औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करना और सरकार तथा निवेशकों के बीच सहयोग को सशक्त बनाना है। यह आयोजन नर्मदापुरम को क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएगा और प्रदेश के हर क्षेत्र को औद्योगिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद करेगा। इस कॉन्क्लेव की थीम क्या है? नर्मदापुरम, जो अपनी धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है, अब एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है. ‘नए क्षितिज, नई संभावनाएँ’ थीम के अंतर्गत इस कार्यक्रम में कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और वस्त्र जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है. उद्योग और रोजगार के लिए नई राह ‘उद्योग वर्ष 2025’ अंतर्गत आयोजित इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र को औद्योगिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में आयोजित सफल कार्यक्रमों की श्रृंखला में नर्मदापुरम का यह आयोजन क्षेत्रीय संभावनाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का एक और महत्वपूर्ण कदम है. इस कॉन्क्लेव से नर्मदापुरम क्षेत्र को औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के साथ-साथ निवेशकों और सरकार के बीच आपसी सहयोग को और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी.

प्रदेश में खोले जाएंगे 11 केन्द्रीय विद्यालय; CM मोहन यादव ने जताया PM मोदी का आभार

11 Kendriya Vidyalayas will be opened in the state; CM Mohan Yadav expressed gratitude to PM Modi भोपाल ! मध्य प्रदेश की केंद्र सरकार की तरफ से 11 केन्द्रीय विद्यालयों की बड़ी सौगात मिली है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आर्थिक मामलों की मंत्रि-मंडलीय समिति ने बीते दिन एक बैठक में देश भर में 85 नए केन्द्रीय विद्यालय (KV) स्थापना को स्वीकृति दे दी है। इन 85 नए केन्द्रीय विद्यालय में से 11 विद्यालय मध्य प्रदेश में स्थापित होंगे। इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी से मिली इस सौगात के साथ मध्य प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र को नई ऊंचाई मिलेगी। यहां स्थापित होंगे 11 केन्द्रीय विद्यालय केंद्र सरकार से मिले 11 केन्द्रीय विद्यालयों को मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले के अशोक नगर, उज्जैन के नागदा जिला, सतना के मैहर, बालाघाट के तिरोड़ी, सिवनी के बरघाट, निवाड़ी जिले के निवाड़ी क्षेत्र, छतरपुर के खजुराहो, कटनी के झिनझारी, मुरैना के सबलगढ़, राजगढ़ के नरसिंहगढ़ और भोपाल के सेन्ट्रल अकादमी पुलिस अकादमी कान्हासैया क्षेत्र में स्थापित किए जाएंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 से होगी पढ़ाई इन सभी केन्द्रीय विद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 अनुसार पीएमश्री स्कूल के रूप में नामित किया गया है। ये स्कूल एनईपी-2020 के इम्प्लीमेंटेशन को अंडरलाइन करता है। साथ ही बाकी के लिए आदर्श स्कूल के रूप में काम करता है। केन्द्रीय विद्यालय अपने क्वालिटी टीचिंग, इनोवेटिव टीचिंग मेथेड और अपडेट इंफ्रास्ट्रक्चर की उन स्कूलों में से एक है, जिसकी सबसे ज्यादा मांग है। हर साल केन्द्रीय विद्यालय के कक्षा 1 में प्रवेश के लिए अप्लाए वाले छात्रों की संख्या में लगातार बढ़ती जा रही है। CBSE की तरफ से आयोजित बोर्ड परीक्षाओं में केन्द्रीय विद्यालयों के छात्रों का प्रदर्शन हमेशा अच्छी रहता है।

कछरवार की रहने वाली गुड्डी बाई के लिए अनुग्रह सहायता राशि बनी वरदान

भोपाल जीवन में कई बार विपरीत परिस्थितियाँ आकर हमें तोड़ने की कोशिश करती हैं, लेकिन सही समय पर मिला सहारा नई राह दिखा सकता है। ऐसी ही एक कहानी है, उमरिया जिले के गांव कछरवार की रहने वाली गुड्डी बाई की, जिनके परिवार को मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना ने न केवल सहारा दिया, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य को भी सुरक्षित किया। गुड्डी बाई के जीवन में पहली चुनौती 15 साल पहले आई जब उनके पति हेतराम का निधन हुआ। परिवार का सहारा बनने की जिम्मेदारी उनके बड़े बेटे प्रभाकर रजक ने संभाली। प्रभाकर ने इलेक्ट्रिशियन का काम शुरू किया और घर-परिवार को आर्थिक रूप से स्थिरता दी। लेकिन किस्मत ने एक और परीक्षा ली, प्रभाकर की एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई। इस घटना ने परिवार को आर्थिक और भावनात्मक रूप से तोड़ दिया। जीविकोपार्जन के लिए छोटे बेटे सुधाकर ने इलेक्ट्रिशियन का काम सीखना शुरू किया और बड़े बेटे दिवाकर ने खेती-बाड़ी का जिम्मा संभाला। संबल योजना ने दी नई ऊर्जा प्रभाकर का नाम मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना 2.0 में पंजीकृत था। उनकी मृत्यु के बाद योजना के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक से 4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि गुड्डी बाई के खाते में जमा कराई। इस राशि ने न केवल परिवार को आर्थिक संकट से उबारा, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य को संवारने का अवसर भी दिया। गुड्डी बाई कहती हैं, “यह राशि हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अब मैं अपने बच्चों की पढ़ाई और उनके काम-धंधे को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकती हूँ। यह सहायता हमें फिर से जीने की ताकत दे रही है।” गुड्डी बाई ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके जैसे असहाय परिवारों को फिर से अपने पैरों पर खड़े होने का मौका दिया है। संबल योजना से न केवल आर्थिक सहायता दी, बल्कि एक टूटे हुए परिवार को फिर से खड़ा करने की प्रेरणा दी।  

राज्य सरकार प्रदेश के विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूह के स्वास्थ्य सुधार के प्रति संवेदनशील होकर प्रतिबद्ध प्रयास

भोपाल राज्य सरकार प्रदेश के विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के स्वास्थ्य सुधार के प्रति संवेदनशील होकर प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार की पीवीटीजी बहुल 21 जिलों के दूरस्थ गांवों की 1270 बसाहटों तक मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (एमएमयू) संचालित करने की योजना है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) योजना के तहत सरकार द्वारा कुल 74 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स चलाई जाएंगी, जिन पर तीन वर्षों में लगभग 50 करोड़ 31 लाख 18 हजार रुपये व्यय किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को पीवीटीजी समुदाय के लोगों के घर-घर तक पहुंचाना है। योजना के तहत अब तक तेजी से काम किया गया है। कुल 74 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स में से आगामी 15 दिसंबर 2024 तक 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स संचालित कर दी जायेंगी। सरकार की यह पहल विशेष रूप से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करेगी। सरकार के इन प्रयासों से पीवीटीजी समुदाय के स्वास्थ्य में सुधार होगा और उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। राज्य सरकार द्वारा मोबाइल मेडिकल यूनिट के लिये पीवीटीजी बहुल जिले भी चिन्हित कर लिये गये हैं। सरकार द्वारा शिवपुरी जिले के लिये 11, शहडोल जिले के लिये 10, बालाघाट एवं सीधी के लिये 6-6, डिंडोरी, गुना, ग्वालियर एवं मंडला के लिये 5-5, अशोकनगर 4, अनूपपुर 3, दतिया, मुरैना एवं श्योपुर के लिये 2-2 तथा छिंदवाड़ा, कटनी, नरसिंहपुर, सतना, जबलपुर, रायसेन, उमरिया एवं विदिशा जिले के पीवीटीजी बहुल क्षेत्रों के लिये 1-1 मोबाइल मेडिकल यूनिट की गई है। पीएम जन-मन में पीवीटीजी के लिये मंजूर 74 में से 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स जल्द ही संचालित हो जायेंगी। शेष 8 मोबाइल मेडिकल यूनिट के लिये टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। वर्तमान में इन जिलों के पीवीटीजी बहुल क्षेत्रों में वैकल्पिक तौर पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के माध्यम से 74 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स चलाई जा रही हैं।  

नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने तैयार की 2875 करोड़ रुपये की योजना

प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में बनेंगे गीता भवन प्रदेश में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 413 नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने का निर्णय लिया नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने तैयार की 2875 करोड़ रुपये की योजना भोपाल प्रदेश में धार्मिक ग्रंथों, साहित्य और वैज्ञानिक अनुसंधानों के सुलभ अध्ययन के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 413 नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिये विभाग ने 2 हजार 875 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है। यह योजना आगामी 3 वर्षों में पूरी की जायेगी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि 5 लाख से अधिक जनसंख्या वाले 5 नगर निगमों में 1500 बैठक क्षमता और 5 लाख से कम जनसंख्या वाले नगर निगमों में एक हजार बैठक क्षमता वाले एक-एक गीता भवन तैयार किये जायेंगे। प्रदेश की 99 नगरपालिका परिषद और 298 नगर परिषद क्षेत्र में क्रमश 500 एवं 250 बैठक क्षमता के एक-एक गीता भवन तैयार किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि गीता भवन का निर्माण राज्य शासन द्वारा कराया जायेगा। नगरीय निकाय पीपीपी मोड पर भी गीता भवन का निर्माण कर सकेंगे। नगरीय विकास मंत्री ने बताया कि प्रत्येक गीता भवन में एक पुस्तकालय होगा। इनमें 3 रीडिंग रूम की व्यवस्था होगी। गीता भवन में ई-लायब्रेरी कक्ष की व्यवस्था भी प्रस्तावित की गयी है। गीता भवन में साहित्य सामग्री बिक्री केन्द्र भी प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने बताया कि गीता भवन में कैफेटेरिया-स्वल्पाहार गृह की सुविधा भी विकसित कर सकेंगे। गीता भवन केन्द्रों को आत्म-निर्भर बनाने के होंगे प्रयास नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि प्रदेश में बनाये जा रहे गीता भवन केन्द्रों को आत्म-निर्भर बनाने के लिये नगरीय निकाय समुचित स्थान पर व्यावसायिक उपयोग कर सकेंगे। जिन नगरीय निकायों में पूर्व से भवन हैं, उनका विस्तार कर गीता भवन के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। नगरीय निकायों में बनाये जाने वाले गीता भवनों में ऑडिटोरियम का भी प्रावधान रखा गया है। इन ऑडिटोरियम में नगरीय निकायों की आबादी के मान से सभागार की बैठक क्षमता निर्धारित रहेगी। गीता भवन में चार पहिया और दो पहिया की सुलभ पॉर्किंग व्यवस्था का भी प्रावधान रखा गया है। गीता भवन का निर्माण ऐसे स्थान पर किया जायेगा, जहाँ नागरिकों की पहुँच आसान हो। मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि नगरीय निकाय ‘सुराज’ योजना की भूमि पर भी गीता भवन बना सकेंगे। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में गीता भवन संचालनालय नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा स्वीकृत नक्शे के अनुसार निर्मित किये जायेंगे। गीता भवन की डिजाइन इस प्रकार की होगी कि जिसमें मध्यप्रदेश के विशेष ऑर्किटेक्चर की झलक देखने को मिले।  

प्रदेश में चिकनगुनिया का खौफ बरकरार, 142 मरीज हो चुके शिकार

Fear of chikungunya continues in the state, 142 patients fell victim to it in a day शहर में चिकनगुनिया बेकाबू हो रहा है। मरीजों की संया लगातार बढ़ती जा रही है। शहर में एक साथ चिकनगुनिया के मरीज बढ़ने के बाद इसके वैरिएंट का पता लगाने के लिए जीआरएमसी के माइक्रो बायोलॉजी विभाग द्वारा 20 सैंपल पुणे भेजे हैं। इन वैरिएंट के माध्यम से पता चलेगा कि आखिर यह कैसे एक साथ बढ़े। ग्वालियर ! चिकनगुनिया(Chikungunya Alert) के मरीजों की भरमार के चलते यह संया 142 तक पहुंच गई है। चिकनगुनिया के सबसे ज्यादा मरीज वार्ड 19 के पुष्कर कॉलोनी में सामने आए हैं। इसमें छह दिनों में ही 55 तक मरीज पहुंच गए हैं। इसके बावजूद भी आसपास के क्षेत्रों में भी मरीजों को चिकनगुनिया की समस्या बनी हुई है। पिछले चार दिनों से लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां पर मरीजों की जांच कर रही है, जिससे ज्यादातर मरीजों को समय पर उपचार भी मिलने लगा है। वहीं चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए पुष्कर कॉलोनी के पार्क में शनिवार को निशुल्क होयोपैथिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविार दोपहर 2 बजे से शाम 4.30 बजे तक लगेगा। हर पांचवां सैंपल निकल रहा पॉजिटिव शुक्रवार को 74 सैंपल की जांच में 17 लोगों को चिकनगुनिया की पुष्टि हुई है। इसमें वार्ड 55 में रहने वाले 4 वर्षीय बच्चे के साथ वार्ड 19 के नाना नगर में रहने वाले 63 वर्षीय व्यक्ति को भी चिकनगुनिया(Chikungunya Alert) की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही तारागंज, साईं कॉलोनी, मामा का बाजार, लोहा मंडी, आपागंज, गोले का मंदिर, ज्योति नगर, काशीपुरा मुरार, धर्मवीर पेट्रोल पंप के पास , सुरेश नगर, कोटेश्वर आदि क्षेत्र में मरीज सामने आए। डेंगू के मरीज होने लगे कम दिसंबर के महीने में डेंगू के मरीजों की संया न के बराबर आ गई है। वहीं चिकनगुनिया(Chikungunya Alert) ने पैर पसार रखे हैं। हालात यह हो गए कि दिसंबर के छह दिन में डेंगू के मरीज घटकर सिर्फ 15 आए हैं।डॉ अजयपाल सिंह, मेडिसिन विभाग जीआरएमसी, इन दिनों डेंगू के मरीज काफी कम हो गए है। वहीं चिकनगुनिया तेजी से फैल रहा है। इसमें बुखार के साथ दर्द काफी परेशान कर रहा है। हालात यह हैं कि बच्चे 15 दिन में तो बुजुर्ग को दो से तीन महीने तक का समय लग रहा है। इस समय चिकनगुनिया से पीड़ित ओपीडी में भी ज्यादा पहुंच रहे हैं।

2024-25 में प्रदेश के जनजातीय बहुल जिलों में 163 नये निर्माण कार्य मंजूर किये

भोपाल राज्य सरकार प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिये विशेष प्रयास कर रही है। बीते वर्षों के प्रगतिरत निर्माण कार्यों के अतिरिक्त सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश के जनजातीय बहुल जिलों में 163 नये निर्माण कार्य मंजूर किये हैं। कुल 404 करोड़ 86 लाख रूपये की लागत से बनने वाले इन सभी 163 निर्माण कार्यों के लिये निविदा की प्रक्रिया प्रचलन में है। जल्द ही सभी कार्य प्रारंभ किये जायेंगे। जनजातीय कार्य लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि नये निर्माण कार्यों में राज्य शासन द्वारा छात्रावास, आश्रम शालाओं, अप्रोच रोड एवं सामुदायिक भवन आदि मंजूर किये गये हैं। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा संविधान के अनुच्छेद-275(1) के तहत अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के लिये राज्यों को भारत की संचित निधि से अनुदान दिया जाता है। संचित निधि से प्राप्त अनुदान से राज्य शासन द्वारा 161 करोड़ रूपये की लागत से 40 नये छात्रावास निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई। प्रत्येक छात्रावास 4 करोड़ 4 लाख रूपये की लागत से बनाया जायेगा। इसी प्रकार 143.22 करोड़ रूपये की लागत से 52 नई आश्रम शालाएं बनाई जायेंगी। प्रत्येक आश्रम शाला 2 करोड 75 लाख 43 हजार रूपये की लागत से बनाइ जायेगी। इसी क्रम में 5 करोड़ 21 लाख रूपये की लागत से 13 छात्रावासों में उन्नयन कार्य, 44 करोड़ 18 लाख रूपये की लागत से 30 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में अप्रोच रोड का निर्माण कार्य, 5 करोड़ रूपये से 10 सामुदायिक भवनों का निर्माण (50 लाख प्रति सामुदायिक भवन), 6 करोड़ रूपये से 3 सामुदायिक भवनों का निर्माण (2 करोड़ प्रति सामुदायिक भवन), 11 करोड़ 91 लाख रूपये लागत से आधारताल, जबलपुर में 150 सीटर महाविद्यालयीन बालक छात्रावास निर्माण कार्य एवं 9 करोड़ 21 लाख रूपये की लागत से 8 कन्या शिक्षा परिसरों में अप्रोच रोड का निर्माण कार्य कराया जायेगा। जनजातीय कार्य मंत्री शाह ने बताया कि पीवीटीजी की संस्कृति के संरक्षण के लिये भी सरकार गंभीर होकर प्रयास कर रही है। पीवीटीजी कल्याण (सांस्कृतिक भवन) योजना के तहत 5 करोड़ रूपये लागत से ग्राम टिकटोली जिला श्योपुर में सहरिया जनजातीय सांस्कृतिक केन्द्र भवन निर्माण कार्य, मंडला में 5 करोड़ रूपये की लागत से बैगा जनजातीय सांस्कृतिक केन्द्र भवन निर्माण कार्य, धार में 2 करोड़ 80 लाख रूपये की लागत से भील जनजातीय सांस्कृतिक केन्द्र भवन निर्माण कार्य सहित 1.50 करोड़ लागत से शाहपुर जिला बैतूल के बालक क्रीडा परिसर में बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य, ग्राम पंचायत पिपलानी में 24 लाख रूपये की लागत से कोरकू समाज के लिये मंगल भवन का‍निर्माण कार्य तथा ग्राम ईंटखेड़ी जिला रायसेन में 3 करोड़ 98 लाख रूपये की लागत से सीनियर आदिवासी कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य कराया जायेगा।

लाड़ली बहनों के खाते में इस दिन आएगी साल की आखिरी किस्त, जाने बडा अपडेट

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार लाड़ली बहना योजना के तहत राज्य की बहनों और बेटियों को आर्थिक मदद करती है ताकि वे सशक्त बन सकें। सरकार की ओर से मिलने वाली राशि से बहनों के चेहरे पर खुशी भी देखी जाती है। राज्य सरकार की यह योजना न केवल एमपी में बल्कि पूरे देश में काफी मशहूर है। तो चलिए आपको बताते हैं कि मोहन सरकार लाड़ली बहनों के खातों में कब किस्त की राशि ट्रांसफर कर सकती है। कब जारी होगी 19वीं किस्त?     बता दें कि पिछले कुछ महीनों से महीने की 10 तारीख से पहले ही महिलाओं के खातों में किस्त की रकम आ रही है। खबरों की मानें तो इस बार भी राज्य की मोहन सरकार 19वीं किस्त की राशि महीने की 10 तारीख से पहले महिलाओं के खातों में पैसे ट्रांसफर कर सकती है। ये इस साल की आखिरी किस्त होगी। वहीं संभावना ऐसी भी हैं कि जनवरी 2025 से मोहन सरकार लाड़ली बहनों की किस्त में इजाफा भी कर सकती है बहनों को बेसब्री से है इंतजार मध्य प्रदेश में चलाई जा रही लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस स्कीम के तहत सरकार महिलाओं को हर महीने 1250 रुपए की धनराशि देती है ताकि महिलाएं अपना जरूरत की चीजें खरीद सकें। साथ ही सरकार का यह भी उद्देश्य जीवन अच्छे से जी सकें और उन्हें अपने छोटे-मोटे खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े। गौरतलब है कि सरकार 18वीं किस्त जारी कर चुकी है और अब प्रदेश की महिलाएं 19वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है। अब देखना होगा कि मोहन सरकार बहन-बेटियों के खाते में कब राशि ट्रांसफर करती है। कब शुरू हुई थी योजना? दरअसल, मुख्यमंत्री लाड़ली बहाना योजना की शुरुआत राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले की थी। आपको बता दें कि योजना की पहली चार किस्तों में महिलाओं के खातों में 1-1 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद किस्त की राशि बढ़ाकर 1,250 कर दी गई। तब से इस योजना के तहत हर महीने महिलाओं को 1250 रुपए की राशि भेजी जाती है। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ राज्य की करीब 1.29 करोड़ महिलाओं को मिल रहा है।  मध्य प्रदेश में लाड़ली बहनों के लिए खुशियों की घंटी फिर बजने वाली है. प्रदेश की 1 करोड़ 29 लाख बहनों के खाते में लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त की राशि आने वाली है. ये इस बरस की आखिरी किस्त है. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि साल के आखिरी किस्त तय तारीख से पहले भी आ सकती है. माना जा रहा है कि इस बार तय तारीख 10 दिसम्बर के पहले लाड़ली बहनों को इस योजना की 19वी किस्त के रुप में 1250 रुपए की धनराशि भेजी जा सकती हैं. वहीं संभावना ऐसी भी है कि जनवरी 2025 से मोहन सरकार लाड़ली बहनों की किस्त में इजाफा भी कर सकती है. तारीख से पहले आ सकती है लाड़ली बहना की किस्त ! लाड़ली बहना योजना की दिसंबर महीने की किस्त क्या 10 दिसम्बर से पहले भी आ सकती है. ये इस बरस की आखिरी किस्त है. 1250 की ये किस्त समय से पहले भी लाड़ली बहनों के खाते में डाली जा सकती है. ये लाड़ली बहना योजना की 19वी किस्त होगी. त्योहार के समय में जिस तरह से नियत समय से पहले ये राशि लाड़ली बहनों के खाते में डाली गई, क्या इस बार भी ऐसा होगा. हालांकि इस बारे में सरकार की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है. क्या अगले महीने से बढ़ जाएगी लाड़ली बहना की राशि चर्चा ये भी है कि जनवरी 2025 से लाड़ली बहना योजना की राशि में इजाफा हो सकता है. असल में बुधनी और विजयपुर विधानसभा चुनाव के दौरान सीएम डॉ मोहन यादव ने इस बात के संकेत दिए थे कि वे लाड़ली बहना योजना की राशि में वादे के मुताबिक किस्त की राशि बढ़ाई भी जा सकती है. सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा था कि जो वादा किया गया है. लाड़ली बहनों से पूरा किया जाएगा. उसी के बाद से ये अटकलें तेज हो गई कि क्या नए वर्ष की शुरुआत से सरकार लाड़ली बहनों की राशि बढ़ा सकती है. बीजेपी के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल कहते हैं, “इसमें दो राय नहीं कि लाड़ली बहन-बेटियों के लिए समर्पित है. हमारी सरकार और उनके आर्थिक आत्मनिर्भरता से लेकर उन्हें हर तरह का संबल देने के प्रयास सरकार की ओर से किए जा रहे हैं. सरकार ने लाड़ली बहनों से जो वादा किया है. वो भी पूरे होंगे. बीजेपी की सरकार ने पूर्व में भी अपने वचन पूरे किए हैं और इस बार भी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.” कब शुरु हुई थी योजना, लाड़ली बहनों का कितना बजट एमपी में लाड़ली बहना अकेली ऐसी योजना है. जिसके लिए सरकार ने बजट में हमेशा विशेष प्रावधान किए हैं. 2023 में शुरु की गई योजना में पहले साल 12 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया था. 23 से साठ वर्ष की महिलाओं के लिए हर महीने हजार रुपए की धनराशि का प्रावधान शुरुआत में किया गया, जो बढ़कर 1250 रुपए का प्रावधान कर दिया गया. पांच वर्षों लक्ष्य में इसे 60 हजार करोड़ इसका बजट माना गया था. जब किस्त की धनराशि 1250 कर दी गई, तो बजट में भी प्रावधान किया गया. अब तैयारी ये है कि 2025 के बजट में महिला बाल विकास विभाग के साथ महिलाओं पर केन्द्रित योजनाओं के लिए धनराशि बढ़ाई जाए.  

पहाड़ों पर बर्फबारी एवं बारिश होने से ठंडी हवाएं चलेगी और प्रदेश में तापमान में गिरावट के साथ सर्दी में तेजी आएगी

भोपाल फ़ेंगल तूफान का असर खत्म होने लगा है, ऐसे में 7 दिसंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने से फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। खास करके उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी एवं बारिश होने से ठंडी हवाएं चलेगी और प्रदेश में तापमान में गिरावट के साथ सर्दी में तेजी आएगी। इस दौरान पूर्वी हिस्से में कहीं कहीं बादल छाने के साथ बूंदाबांदी भी देखने को मिल सकती है। एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान फेंगल के कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में बदलने से तापमान में इजाफा हो रहा है। अगले 48 घंटे तक प्रदेश के तापमान में कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं देखने को मिलेगा और मौसम ऐसा ही बना रहेगा।इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के असर से जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं। Madhya Pradesh के मौसम का ताजा हाल एमपी मौसम विभाग के अनुसार, फेंगल तूफान का असर खत्म के बाद पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों पर बर्फबारी होगी और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के आने से ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में रात के तापमान में गिरावट आएगी और तेज ठंड का असर देखने को मिलेगा।पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी होगी। प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर 20 दिसंबर से शुरू होगा, जो जनवरी तक बना रहेगा। 40 दिनों में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव यानी, सर्द हवाओं की भी स्थिति बन सकती है। वर्तमान में सक्रिय है ये मौसम प्रणालियां वर्तमान में उत्तर भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम और पूर्व-मध्य अरब सागर में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में मौजूद है।हवाओं का रुख उत्तरी एवं उत्तर-पूर्वी बना हुआ है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है।7 दिसंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने की संभावना है। उसके प्रभाव से उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी एवं वर्षा होने के आसार हैं। इससे फिर कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होने का अनुमान है। उसके पूर्व मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने के आसार हैं।

सीएम 8 दिसम्बर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अधिकारियों को जन कल्याण उत्सव के संबंध में निर्देश देंगे

भोपाल मोहन सरकार के एक साल पूरे होने पर प्रदेश में जन कल्याण पर्व मनाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 8 दिसम्बर को शाम 6 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को जन कल्याण उत्सव के संबंध में निर्देश देंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होने वाली बैठक में संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर, एसपी, मंत्रियों के अलावा जिलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी शामिल होने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री जन कल्याण पर्व के दौरान गरीब, युवा, किसान और महिलाओं को लेकर एक साल में किए गए कार्यक्रमों पर फोकस करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसंबर को भोपाल एवं सभी जिलों में गीता जयंती महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन समारोह आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन कल्याण पर्व के आयोजन के लिए मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई हैं। किसानों के लिए गठित समिति का अध्यक्ष किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना को बनाया गया है। युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को बनाया गया है। गरीब कल्याण से जुड़ी समिति का अध्यक्ष पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को और महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को बनाया गया है। ये सभी मंत्री पूरे प्रदेश में कार्यक्रमों के संबंध में रूपरेखा तैयार कर उसका क्रियान्वयन कराएंगे। 11 से 26 दिसम्बर तक मनाया जाना है जन कल्याण पर्व जन कल्याण उत्सव प्रदेश के सभी जिलों में 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक मनाया जाना है। मुख्यमंत्री डॉ यादव वीसी के माध्यम से एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर सभी जिलों में महिला, किसान, युवा और गरीब कल्याण सहित विकास से जुड़े अलग-अलग कार्यक्रमों के बारे में अफसरों को निर्देश देंगे।  

भारत में 2014 से लेकर 2024 तक मेडिकल कॉलेजों और MBBS सीटों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी, कॉलेजों की संख्या में 102% और MBBS सीटों में 130% का इजाफा हुआ

नई दिल्ली  भारत में 2014 से लेकर 2024 तक मेडिकल कॉलेजों और MBBS सीटों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेजों की संख्या में 102% और MBBS सीटों में 130% का इजाफा हुआ है। 2014 में जहां देश में केवल 387 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब 2024 में यह संख्या बढ़कर 780 हो गई है। इसी तरह, 2014 में जहां MBBS सीटों की संख्या 51,348 थी, अब यह बढ़कर 1,18,137 हो गई है। इन राज्यों में खुले नए मेडिकल कॉलेज कुछ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पहले कोई मेडिकल कॉलेज नहीं थे, जैसे अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, दादरा और नगर हवेली, मिजोरम, नागालैंड और तेलंगाना। इन राज्यों में अब मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं और तेलंगाना में तो 65 कॉलेज तक स्थापित हो चुके हैं। कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में बढ़ी मेडिकल सीटें कर्नाटक में 2014 में 46 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 73 हो गए हैं। उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 30 से बढ़कर 86 हो गई है। महाराष्ट्र में भी सीटों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जहां 5,590 सीटों से बढ़कर 11,845 सीटें हो गईं। तेलंगाना और राजस्थान में हुआ बदलाव तेलंगाना, जो पहले मेडिकल कॉलेजों से पूरी तरह से वंचित था, अब वहां 9,040 MBBS सीटें उपलब्ध हैं। राजस्थान में भी 2013-14 में 10 कॉलेजों और 1,750 सीटों से संख्या बढ़कर 43 कॉलेजों और 6,475 सीटों तक पहुंच गई है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दिल्ली में बढ़ोतरी मध्य प्रदेश ने अपने कॉलेजों की संख्या 12 से बढ़ाकर 31 और सीटों की संख्या 1,700 से बढ़ाकर 5,200 कर दी है। छत्तीसगढ़ में कॉलेजों की संख्या पांच से बढ़कर 16 हो गई, और सीटों की संख्या 600 से बढ़कर 2,455 हो गई है। दिल्ली में भी कॉलेजों की संख्या 7 से बढ़कर 10 हो गई और सीटों की संख्या 900 से बढ़कर 1,497 हो गई है। गोवा और चंडीगढ़ में कॉलेजों की संख्या पहले जैसी रही, लेकिन इन दोनों राज्यों में सीटों की संख्या में थोड़ी बढ़ोतरी जरूर हुई है। इस बढ़ोतरी से यह साफ होता है कि सरकार देशभर में मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है, जिससे अब अधिक छात्र मेडिकल क्षेत्र में अपना करियर बना सकेंगे।  

मधुमेह के मरीजों को पंचकर्म बाद औषधियां देने से शुगर लेवल 200 तक आ गया : शोध

 भोपाल  डायबिटीज (मधुमेह) पर आयुर्वेदिक औषधियों और पंचकर्म का प्रभाव जानने के लिए एक बड़ा शोध भोपाल के पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद कॉलेज में चल रहा है। यहां 1050 रोगियों पर किए जा रहे शोध के प्रारंभिक परिणाम उत्साहित करने वाले हैं। डॉक्टरों ने बताया कि जिन रोगियों का एचबीए1सी स्तर (वैल्यू) 13 यानी तीन महीने का औसत शुगर लेवल 350 के करीब था उन्हें पंचकर्म की वस्ति क्रिया (दस्त करवाने) के बाद औषधियां देने से कुछ मरीजों का एक सप्ताह तो कुछ का 15 दिन में ही शुगर लेवल 200 तक आ गया। 1050 रोगियों को तीन समूहों में बांटा गया शोध टीम में शामिल काय चिकित्सा के सहायक प्राध्यापक डॉ. विवेक शर्मा बताते हैं कि 1050 रोगियों को औचक (रैंडम) आधार पर बराबर संख्या वाले तीन समूहों में बांटा गया है। एक समूह को पंचकर्म के साथ औषधियां, दूसरे को मात्र औषधियां और तीसरे को सिर्फ खान-पान व जीवन शैली में परिवर्तन करवाया गया है। तीन महीने तक उन पर प्रयोग किया जाना है, हालांकि प्रारंभिक परिणामों में अधिकतर रोगियों की शुगर नियंत्रित मिल रही है। इनमें किसी को एलोपैथी दवाएं नहीं दी जा रही हैं। इस तरह के दिखे परिणाम पंचकर्म विभाग की सह प्राध्यापक डॉ. कामिनी सोनी ने बताया कि आयुष मंत्रालय के दिशानिर्देश के अनुसार जिन रोगियों का एचबीए1सी 10 से कम है उन्हें ही शोध में शामिल किया है, जिससे स्वास्थ्य को लेकर कोई जोखिम न हो। अभी एक माह में अलग-अलग समय में अस्पताल में भर्ती हुए 10 रोगियों को पंचकर्म और दवा देने के बाद देखने में आया है कि आठ का एचबीए1सी स्तर काफी सुधरा हुआ मिला। औसत रूप से मानें तो इसका स्तर 10 से घटकर छह के आसपास आ गया। इसके पहले भर्ती हुए रोगियों में परिणाम भी लगभग ऐसे ही थे। अपवादस्वरूप कुछ रोगी तो ऐसे भी थे जिनका एचबीए1सी 13 था। पंचकर्म के बाद औषधियां देने से यह छह से सात के बीच आ गया है। बता दें, एचबीए1सी जांच रक्त में शुगर का तीन महीने का औसत स्तर बताती है। यह होता है पंचकर्म     वमन – उल्टी कराना। इसके कई तरीके हैं। कई लाभ हैं पर ज्यादा उपयोग कफज रोग में होता है।     विरेचन – दस्त कराना। इसका अधिक उपयोग पित्त संबंधी बीमारियों में किया जाता है।     अनुवासन वस्ति – इसमें एनिमा की तरह काम होता है। इसके लिए अलग-अलग तरह के तेल का उपयोग किया जाता है।     निरूह वस्ति – इसमें काढ़े का उपयोग कर दस्त कराया जाता हैं। पेट और हार्मोन संबंधी बीमारी में अधिक उपयोगी है।     नस्य कर्म – इसमें नाक से औषधियां दी जाती हैं। 70 प्रतिशत काम हो गया है     कॉलेज की रिसर्च एथिक्स कमेटी की स्वीकृति के बाद 1050 रोगियों पर यह शोध किया जा रहा है। इतनी संख्या में मरीजों पर देश में पहली बार शोध हो रहा है। इसमें रोगियों से बाकायदा सहमति पत्र लिया गया है। लगभग 70 प्रतिशत काम हो गया है। शोध के शुरुआती परिणाम बहुत उत्साहजनक रहे हैं। – डॉ. उमेश शुक्ला, प्राचार्य, पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज औषधि पैंक्रियाज को ठीक करने का काम करेगी     हर पैथी का अपना सिद्धांत है, इसलिए उस पर संदेह नहीं करना चाहिए। डायबिटीज के उपचार में एलोपैथी व अन्य पैथी के सिद्धांत कुछ हद तक समान हो सकते हैं। जैसे जीवन शैली में बदलाव। पंचकर्म भी लगभग उसी तरह की प्रक्रिया है। जहां तक दवा की बात है जो आयुर्वेदिक औषधि पैंक्रियाज को ठीक करने या मोटापा कम करने पर काम करेगी वह डायबिटीज में भी लाभकारी होगी। अभी सामान्य जनसंख्या में शहरी क्षेत्र में लगभग 10 से 12 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र में छह से आठ प्रतिशत लोग डायबिटीज से प्रभावित हैं। – डॉ. मनुज शर्मा, हार्मोन रोग विशेषज्ञ, गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल  

प्रदेश में नए कॉलेज नहीं खुलेंगे, सरकार ने सुनवाई के दौरान कोर्ट से कही ये बात

New colleges will not be opened in the state, the government told this to the court during the hearing. जबलपुर ! मप्र हाईकोर्ट में प्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े की सुनवाई चल रही है. शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि सत्र 2024-25 में एक भी नया नर्सिंग कॉलेज नहीं खोला जाएगा, सिर्फ पुराने और सीबीआई जांच में पात्र पाए गए कॉलेजों को मान्यता दी जाएगी. जस्टिस संजय द्विवेदी व जस्टिस एके पालीवाल की युगलपीठ ने नर्सिंग काउंसिल की रजिस्ट्रार के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश देते हुए अगली अगली सुनवाई 12 दिसंबर को निर्धारित की है. क्या है पूरा मामला? गौरतलब है कि लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की ओर से नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े को लेकर याचिका दायर की गई थी. इसमें प्रदेश में फर्जी नर्सिंग कॉलेज संचालित किए जाने का मामला उठाया गया था. याचिका की सुनवाई के दौरान द विजन एजुकेशन एंड रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी छतरपुर ने भी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मध्यप्रदेश सरकार के उस निर्णय को चुनौती दी, जिसमें इस सत्र में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता के लिए सिर्फ पुराने कॉलेजों के रिन्यूल के लिए पोर्टल खोला गया. याचिका में कहा गया कि नियम अनुसार मान्यता प्राप्त करने नए व पुराने संचालित सभी कॉलेजों को बराबर अवसर मिलना चाहिए. सरकार ने दिया ये जवाब सरकार की ओर से कहा गया, ” क्योंकि नर्सिंग कॉलेजों का मामला दो साल से हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग में सीबीआई जांच में है, इस कारण इस साल केवल मान्यता नवीनीकरण हेतु पोर्टल खोला गया है. सीबीआई जांच में पात्र पाए गए कालेजों को नवीनीकरण की मान्यता दी जाएगी. वहीं याचिकाकर्ता विशाल बघेल ने शासन के उस निर्णय को चुनौती दी जिसमें नर्सिंग घोटाले की अनियमितता में लिप्त एक इंस्पेक्टर अनीता चांद को ही नर्सिंग काउंसिल का रजिस्ट्रार बना दिया गया. हाईकोर्ट ने प्रकरण में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं. अगल सुनवाई 12 दिसंबर को होगी.

एचडीएफसी बैंक का 16वां वार्षिक रक्तदान अभियान 6 दिसंबर 2024 को विजयनगर शाखा जबलपुर में मनाया गया 

HDFC Bank’s 16th Annual Blood Donation Drive was celebrated on 6th December 2024 at Vijayanagar Branch Jabalpur भारत का अग्रणी निजी क्षेत्र का बैंक एच डी एफ सी ने अपनी प्रमुख सीएसआर पहल, परिवर्तन के तहत अपने राष्ट्रव्यापी रक्तदान अभियान के 16वें संस्करण का आयोजन विजयनगर शाखा जबलपुर में किया l जबलपुर । यह अभियान भारत भर के 1100 से अधिक शहरों में चलाया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन क्षेत्र के युवा विधायक माननीय अभिलाष पांडे जी के कर कमलों द्वारा किया गया। एचडीएफसी बैंक के सर्किल हेड श्री अनूप शर्मा ने बताया की बैंक विगत 15 वर्षों से इस सामाजिक कार्य में लगी हुई है और यह हमारे बैंक के कार्यकारी निदेशक श्री भावेश ज़वेरी जी की दूरदर्शिता है जिस ने युवाओं को इस अभियान से जोड़ा और बैंक को समाज में एक नई पहचान दिलवाई है। जबलपुर सर्कल द्वारा कुल   यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। क्षेत्र के विधायक  अभिलाष पांडे ने एच डी एफ सी बैंक और अथ  यथार्थ फाउंडेशन के संस्थापक योगाचार्य श्री रमाकांत पल्हा को इस पुनीत कार्य से जुड़ने के लिए धन्यवाद दिया।  पांडे ने रक्त दान

7 दिसंबर से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ

मेष राशि- आज मन में उतार-चढ़ाव रहेगा। आर्थिक रूप से थोड़ा परेशान होंगे लेकिन दिन के अंत में सफलता हासिल होगी। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। कारोबार में वृद्धि होगी। वाहन सुख में वृद्धि भी हो सकती है। किसी नए काम की शुरुआत के लिए अच्छा दिन है। वृषभ राशि- आज आपका मन प्रसन्न रहेगा। शुभ समाचार की प्राप्ति संभव है। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आज किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता हासिल होने से उत्सुकता बरकरार रह सकती है। मिथुन राशि- आज आपके साहस में वृद्धि होगी और कार्यों में सफलता हासिल हो सकती है। हालांकि किसी बात को लेकर मन परेशान हो सकता है। नौकरी के लिए इंटरव्यू आदि में सफलता मिलेगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। उच्चाधिकारी आपके काम से प्रभावित होंगे। आर्थिक रूप से अच्छा दिन है। कर्क राशि- आज वाणी में मधुरता रहेगी। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। फिर भी मानसिक शांति के लिए प्रयास करें। किसी रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। सेहत का ध्यान रखें। व्यापार का विस्तार होगा। भूमि, वाहन व वाहन की खरीदारी संभव है। भौतिक सुख बढ़ेगा। सिंह राशि- आज पिता की सेहत का ध्यान रखें। परिवार का साथ मिलेगा। कारेाबार का विस्तार होगा। वाहन सुख बढ़ेगा। नपा-तुला रिस्क ही लें। किसी भी तरह की जल्दबाजी करने से बचें, वरना नुकसान हो सकता है। नौकरी की तलाश करने वालों के लिए यह अच्छा समय है। कन्या राशि- मन परेशान रहेगा। अज्ञात भय सताएगा। बच्चों की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। व्यर्थ के क्रोध व वाद-विवाद से बचें। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। किसी प्रकार का कोई रिस्क न लें। तुला राशि- आज खर्च की अधिकता मन को परेशान करेगी। आत्मसंयत रहें। सेहत का ध्यान रखें। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। भवन की साज-सज्जा व वस्त्रों पर खर्च बढ़ सकते हैं। कारोबारियों को मुनाफे के अवसर मिलेंगे। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। तरक्की के अवसर खुद सामने आ सकते हैं। वृश्चिक राशि- आज धार्मिक कार्यों में रुचि रहेगी। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति संभव है। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। मान-सम्मान की प्राप्ति रहेगी। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार अच्छा रहने वाला है। धनु राशि- आज आपका दिन अच्छा रहने वाला है। हालांकि वाद-विवाद से दूर रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। बातचीत में संतुलन बनाए रखें। माता के सहयोग से कोई पैतृक संपत्ति प्राप्त हो सकती है। परिवार में मान-सम्मान मिलेगा। ऑफिस में तरक्की के योग बन रहे हैं। मकर राशि- आज आपका मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। शिक्षा से जुड़े कार्यों में मान-सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। सेहत का ध्यान रखें। जीवनसाथी के साथ व स्वास्थ्य पर नजर रखें। कुटुंबों में वृद्धि होगी। धन आगमन हो सकता है। व्यापारियों के लिए अच्छा समय। कुंभ राशि- आज आपकी आर्थिक लाइफ खुशहाल रहेगी। दांपत्य सुख में वृद्धि होगी। परिवार में सुख-शांति रहेगी। धर्म के प्रति सद्भाव रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। व्यापारियों के लिए आज का दिन अनुकूल रहने वाला है। प्रेम की स्थिति अच्छी रहने वाली है। मीन राशि- आज आपका मन प्रसन्न रहेगा। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति से उत्साहित रहेंगे, फिर भी धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। खर्च बढ़ेंगे। आय व व्यय में बैलेंस बनाना जरूरी है।

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