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इंदौर कोर्ट ने चूड़ीवाले तस्लीम अली को किया बरी, पीड़िता भी आरोपी को कोर्ट में नहीं पहचान पाई

इंदौर:  इंदौर की एक अदालत ने चूड़ी बेचने वाले तस्लीम अली को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। तस्लीम पर 2021 में एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ और फर्जी नाम से व्यापार करने का आरोप था। यह मामला उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी तस्लीम के साथ हुआ था। इस घटना के बाद बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। तस्लीम के समर्थन में प्रदर्शन करने वालों को भी गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष तस्लीम पर लगे आरोप साबित करने में नाकाम रहा है। चूड़ी बेचने के दौरान लगा था छेड़छाड़ का आरोप 22 अगस्त 2021 को, उत्तर प्रदेश के हरदोई के 25 वर्षीय तस्लीम अली, इंदौर के बाणगंगा इलाके में चूड़ियां बेच रहे थे। तभी भीड़ ने उन पर फर्जी पहचान और नाबालिग से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए हमला कर दिया। इस घटना का वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद पुलिस स्टेशन पर देर रात विरोध प्रदर्शन हुआ। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सरकार से रिपोर्ट मांगी। कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। कथित आरोपियों की हुई थी गिरफ्तारी तस्लीम ने भी अपने ऊपर हुए हमले की पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उनके कथित हमलावरों को भी गिरफ्तार किया गया। तत्कालीन मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आरोप लगाया था कि तस्लीम ‘एक अलग समुदाय से होने के बावजूद हिंदू नाम से व्यापार कर रहा था’। उन्होंने कहा था कि ‘दोनों पक्षों के खिलाफ’ कार्रवाई की गई है। पॉक्सो के तहत हुई थी कार्रवाई तस्लीम पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करना), 354-A (यौन उत्पीड़न), 467 (जालसाजी), 468, 471, 420 (धोखाधड़ी), 506 (धमकी) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 8 (यौन उत्पीड़न) के तहत मामला दर्ज किया गया था। चार महीने तक जेल में रहा तस्लीम तस्लीम को लगभग चार महीने जेल में बिताने पड़े। 2021 में एमपी हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपों की प्रकृति को देखते हुए उन्हें हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं है। हाईकोर्ट ने यह भी नोट किया कि तस्लीम का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। नाम गलत हो गया था दर्ज सुनवाई के दौरान, हरदोई के बीरैचमऊ ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने अदालत को बताया कि वे तस्लीम को ‘मुस्लिम बंजारा’ के रूप में जानते हैं। वह विभिन्न राज्यों में चूड़ियां बेचता है। अदालत ने पाया कि तस्लीम के पास दो आधार कार्ड थे। एक में उसका नाम ‘गोलू सिंह’ लिखा था। वकील शेख अलीम ने स्पष्ट किया कि ‘गोलू’ एक उपनाम था। ‘सिंह’ गलती से उनके पिता के उपनाम से लिया गया था, जो एक आधिकारिक दस्तावेज में गलत दर्ज हो गया था। अधिकारी ने कहा कि हो जाती हैं ऐसी गलतियां अदालत ने यह भी देखा कि एक स्थानीय अधिकारी ने अपने बयान में स्वीकार किया कि मतदाता पहचान पत्र अक्सर आधिकारिक दस्तावेजों के मिलान के बजाय नामों की यादों के आधार पर जारी किए जाते हैं। इस प्रथा के कारण औपचारिक नामों और उपनामों के बीच अक्सर विसंगतियां होती हैं। इसके अलावा, अदालत ने इस बात पर प्रकाश डाला कि तस्लीम के पिता के पहचान दस्तावेजों में भी ऐसी ही त्रुटियां थीं। उनकी संपत्ति के रिकॉर्ड में एक तकनीकी गलती के कारण, तस्लीम के पिता, मोहर अली, को आधिकारिक कागजात में ‘मोहर सिंह’ के रूप में दर्ज किया गया था। तस्लीम के आधार कार्ड में दिखी यह गलती यह त्रुटि बाद में तस्लीम के आधार कार्ड में दिखाई दी, जहां उनके पिता का नाम ‘मोहर अली’ के बजाय ‘मोहर सिंह’ के रूप में दर्ज था। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि तस्लीम के परिवार ने गांव में एक घर बनाया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उसके नाम पर 1.2 लाख रुपये मंजूर किए गए थे। ऋण प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड का उपयोग किया गया था, लेकिन ऋण राशि अभी जारी नहीं हुई है। पीड़िता भी आरोपी को नहीं पहचान पाई अपने फैसले में, जस्टिस रश्मि वाल्टर ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि आरोपी ने लड़की से छेड़छाड़ की थी। लड़की भी तस्लीम की पहचान करने में विफल रही। जज ने कहा कि लड़की के माता-पिता ने आरोपी द्वारा दी गई धमकियों के बारे में कुछ नहीं बताया। हरदोई के गवाहों के बयानों को देखते हुए जाली दस्तावेजों (आधार कार्ड) के आरोप भी साबित नहीं हुए। इसलिए तस्लीम को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया। तस्लीम के वकील शेख अलीम ने बताया कि हमले का मामला, जिसमें तस्लीम शिकायतकर्ता हैं, जिला अदालत में लंबित है।  

पीसीबी ने साउथ अफ्रीका दौरे के लिए पाकिस्तान ने टीम का हुआ ऐलान, शाहीन अफरीदी को नहीं मिला मौका

नई दिल्ली पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी ने साउथ अफ्रीका दौरे के लिए पाकिस्तान की टीम का ऐलान कर दिया है। पाकिस्तान को साउथ अफ्रीका में तीन-तीन मैचों की वनडे और टी20 सीरीज और दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। टेस्ट टीम में बाबर आजम की वापसी हो गई है, जबकि तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी अभी भी टेस्ट टीम से बाहर हैं। इसके पीछे बोर्ड ने कारण बताया है कि चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की वजह से उनका वर्कलोड मैनेज किया जा रहा है। इसलिए उनको अभी वनडे और टी20 टीम में रखा है। पाकिस्तान मेंस सिलेक्शन कमिटी ने 10 दिसंबर से 7 जनवरी तक साउथ अफ्रीका में खेली जाने वाली तीनों फॉर्मेट की सीरीज के लिए अलग-अलग टीम का चयन किया है। बाबर आजम के अलावा मोहम्मद रिजवान, सईम अयूब और सलमान अली आगा तीनों फॉर्मेट में हैं। वहीं, नसीम शाह टेस्ट और वनडे सीरीज खेलेंगे। इसके अलावा मोहम्मद अब्बास की करीब ढाई साल टीम में वापसी हुई है। उनको टेस्ट सीरीज के लिए चुना गया है। नसीम शाह की भी वापसी टेस्ट टीम में हुई है, जो इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी दो मैचों से ड्रॉप किए गए थे। नसीम शाह और मोहम्मद अब्बास के अलावा टेस्ट टीम में पेसर के तौर पर खुर्रम शहजाद और मीर हम्जा होंगे। इन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। इसके अलावा इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 19 विकेट निकालने वाले ऑफ स्पिनर साजिद खान टीम का हिस्सा नहीं हैं, क्योंकि बोर्ड ने माना है कि न्यूलैंड्स और सेंचुरियन में स्पिनरों को मदद नहीं मिलती। ऐसे में टीम में सिर्फ एक स्पेशलिस्ट स्पिनर नोमान अली को चुना है। सूफयान मुकीम को पहली बार वनडे टीम में जगह दी गई है। लेफ्ट आर्म स्पिनर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दो टी20आई मैचों में 8 विकेट चटरकाए हैं, जिसमें से पांच विकेट उन्होंने दूसरे टी20 मैच में चटकाए थे। पाकिस्तान टीम सिलेक्शन की प्रमुख बातें 1. बाबर आजम की टेस्ट टीम में वापसी 2. शाहीन अफरीदी टेस्ट से अभी भी बाहर 3. साजिद खान टेस्ट टीम से बाहर 4. नसीम शाह टी20 टीम से बाहर 5. फखर जमां नहीं हैं किसी भी टीम का हिस्सा 6. उस्मान खान को वनडे टीम में जगह 7. सूफयान मोकिम वनडे टीम में शामिल पाकिस्तान की टीमें इस प्रकार हैं टेस्ट टीम: शान मसूद (कप्तान), सऊद शकील (उप-कप्तान), आमिर जमाल, अब्दुल्ला शफीक, बाबर आजम, हसीबुल्लाह (विकेटकीपर), कामरान गुलाम, खुर्रम शहजाद, मीर हमजा, मोहम्मद अब्बास, मोहम्मद रिजवान (विकेटकीपर), नसीम शाह , नोमान अली, सईम अयूब और सलमान अली आगा वनडे टीम: मोहम्मद रिजवान (कप्तान और विकेटकीपर), अब्दुल्ला शफीक, अबरार अहमद, बाबर आजम, हारिस रऊफ, कामरान गुलाम, मोहम्मद हसनैन, मुहम्मद इरफान खान, नसीम शाह, सईम अयूब, सलमान अली आगा, शाहीन शाह अफरीदी, सुफयान मोकिम, तय्यब ताहिर और उस्मान खान (विकेटकीपर) T20I टीम: मोहम्मद रिजवान (कप्तान और विकेटकीपर), अबरार अहमद, बाबर आजम, हारिस रऊफ, जहांदाद खान, मोहम्मद अब्बास अफरीदी, मोहम्मद हसनैन, मुहम्मद इरफान खान, ओमैर बिन यूसुफ, सईम अयूब, सलमान अली आगा, शाहीन शाह अफरीदी, सुफियान मोकिम, तैयब ताहिर और उस्मान खान (विकेटकीपर)

सचिन तेंदुलकर ने बताया है कि सारा तेंदुलकर हमारे फाउंडेशन को डायरेक्टर के तौर पर जॉइन कर रही हैं

नई दिल्ली क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर काफी समय से एक फाउंडेशन चला रहे हैं। इसका नाम उन्होंने सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन रखा है, जिसके तहत वे गरीब बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल से जोड़ने का काम करते हैं। इसी फाउंडेशन में अब उनकी बेटी सारा तेंदुलकर को अहम जिम्मेदारी दी गई है। सचिन तेंदुलकर ने बताया है कि सारा तेंदुलकर हमारे फाउंडेशन को डायरेक्टर के तौर पर जॉइन कर रही हैं। सारा तेंदुलकर ने अपनी मास्टर डिग्री भी लगभग इसी फाउंडेशन से जुड़े कार्यों में हासिल की है। इंटरनेशनल क्रिकेट में शतकों का शतक लगाने वाले एकमात्र बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर सारा तेंदुलकर को लेकर लिखा, “मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि मेरी बेटी सारा तेंदुलकर एसटीएफ (सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन) में डायरेक्टर के रूप में शामिल हो गई हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन से क्लिनिकल एंड पब्लिक हेल्थ न्यूट्रिशन में मास्टर डिग्री हासिल की है। जब वह खेल, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा के माध्यम से भारत को सशक्त बनाने की इस यात्रा पर निकल पड़ीं, तो यह इस बात की याद दिलाता है कि वैश्विक शिक्षा कैसे पूर्ण चक्र में आ सकती है।” सारा तेंदुलकर इस फाउंडेशन के कार्यों में पहली भी अपना हाथ बटाती आई हैं। अब जब उनकी एजुकेशन पूरी हो गई है और तो उनको डायरेक्टर बना दिया गया है। सारा तेंदुलकर की तमाम तस्वीरें इस फाउंडेशन के पेज पर आपको मिल जाएंगी, जहां वे अपने पिता सचिन तेंदुलकर, मां अंजलि तेंदुलकर और भाई अर्जुन तेंदुलकर के साथ दिख जाएंगी। अब उन्हीं के कंधों पर इस फाउंडेशन के जरिए लोगों की सेवा करने की जिम्मेदारी है। सचिन तेंदुलकर ने कई साल पहले इस फाउंडेशन की स्थापना की थी और वे अब तक हजारों बच्चों की मदद कर चुके हैं। सचिन तेंदुलकर की पत्नी इस फाउंडेशन की को-फाउंडर और डायरेक्टर हैं।

सुसाइड नोट में पत्नी-बेटे की मौत में फंसाने का आरोप, राजस्थान-झालवाड़ में युवक-बड़े बेटे सहित फांसी पर झूला

झालवाड़. झालवाड़ में एक पत्नी ने अपने पति को फंसाने के लिए पहले अपने बच्चे को मारा, फिर खुद ने फांसी लगा ली। इसके बाद पति ने अपने ससुराल वालों के डर से अपने बड़े बेटे सहित खुद को भी फांसी के फंदे पर लटका लिया। यह दिल दहलाने वाली घटना मंगलवार को झालवाड़ में सामने आई। एक परिवार के चार लोगों की मौत से गांव में मातम पसर गया। हालांकि घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट ने एक राज खोला है। ये नोट मृतक नागूसिंह ने फांसी लगाने से ठीक पहले लिखा। इसमें उन्होंने लिखा…जब मैं उठा तो देखा मेरी पत्नी ने छोटे बेटे को मार कर फांसी लगा ली। मैं भी फांसी लगाने को मजबूर हूं, क्योंकि मेरे बीच इस बारे में बात हुई थी। उसके माता-पिता और बेडला के गोवर्धन सिंह ने यह बात कही थी कि हमारी लड़की को कुछ हो गया तो तुम दोनों बाप-बेटे को जिंदा जला देंगे। इसकी गवाही रामसिंह पदमाखेड़ी और गोवर्धन सिंह बेडला और मेरे गांव का दशरथ सिंह, भैरूसिंह देगा। इसी बात का डर था। क्या है घटना जानकारी के अनुसार, फांसी के फंदे पर तीन शव मिले और सात साल के बच्चे का शव बिस्तर पर पड़ा मिला। बताया जा रहा है कि सबसे पहले अपने 2 वर्षीय बालक का गला घोंटा, उसके बाद दंपती नागु सिंह एवं उसकी पत्नी संतोष और एक 7 वर्षीय बालक युवराज ने फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। मामला पारिवारिक विवाद का ही माना जा रहा था। अब सुसाइड नोट में इसका खुलासा भी हो गया। पुलिस अधीक्षक रिचा तोमर ने बताया कि गंगधार थाना क्षेत्र के जेताखेड़ी गांव निवासी नाथू सिंह पुत्र शिव सिंह उसकी पत्नी संतोष और एक 7 वर्षीय बालक युवराज एवं 2 वर्षीय बालक, एक साथ रहते थे। इनकी पैतृक जमीन को लेकर परिवार में ही विवाद चल रहा था। इसी गृह क्लेश के चलते नाथू सिंह उसकी पत्नी संतोष एवं 7 वर्षीय बालक युवराज ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने पहले इन्होंने दो वर्षीय बालक का भी गला घोंट कर मौत के घाट उतार दिया।

चूरू के हनुमानगढ़ मेगा हाईवे पर दर्दनाक हादसा, कैंटर और टाटा सफारी की टक्कर में 5 लोगों की मौत

 चुरू चूरू-हनुमानगढ़ मेगा हाईवे पर हुए एक भयंकर हादसे में 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई जबकि कैंटर ड्राइवर समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह हादसा 3 दिसंबर की रात करीब ढाई बजे चूरू जिले के सरदारशहर में हुआ। नॅशनल डेस्क। चूरू-हनुमानगढ़ मेगा हाईवे पर हुए एक भयंकर हादसे में 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई जबकि कैंटर ड्राइवर समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह हादसा 3 दिसंबर की रात करीब ढाई बजे चूरू जिले के सरदारशहर में हुआ। हादसा कैसे हुआ? इस मौके पर थानाधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि टाटा सफारी गाड़ी में सवार सभी लोग सरदारशहर से हनुमानगढ़ की ओर जा रहे थे। जैसे ही गाड़ी हनुमानगढ़ रोड मेगा हाईवे पर स्थित बुकनसर फांटा के पास पहुंची। सामने से आ रहे कैंटर से उनकी गाड़ी की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में सफारी गाड़ी में सवार पांच लोगों की मौत हो गई जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज जारी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है। वहीं पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का बयान इस घटना की सूचना मिलने के बाद DSP रामेश्वर लाल भी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने बताया कि यह हादसा तेज रफ्तार और वाहन के नियंत्रण से बाहर होने की वजह से हुआ हो सकता है लेकिन अभी तक कारणों का पता नहीं चल सका है। अंत में कह सकते हैं कि यह हादसा सड़क सुरक्षा की अहमियत को एक बार फिर उजागर करता है। दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए यह एक बड़ी त्रासदी है। पुलिस अब इस मामले में जांच कर रही है ताकि सही कारणों का पता चल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

कैबिनेट बैठक के बीच 2 बड़े IPS अफसरों के तबादले

भोपाल ! मध्य प्रदेश में एक तरफ मोहन यादव की कैबिनेट की मीटिंग पर सभी की नजर थी, बीच में दो बड़े IPS अफसरों के तबादले की खबर आ गई. बता दें अजय कुमार शर्मा को EOW महानिदेशक पद से हटा दिया है. उन्हें अध्यक्ष पुलिस हाऊसिंग बना दिया है. इसके अलावा उपेंद्र कुमार जैन आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के महानिदेशक बनाये गए. कैलाश मकवाना के DGP बनने के बाद अध्यक्ष पुलिस हाऊसिंग का पद खाली था

20 हजार रुपये की चोरी, राजस्थान-केकड़ी में बावड़ी के बालाजी मंदिर के दान पात्र का ताला टूटा

केकड़ी. केकड़ी जिले के सांपला गांव में रात्रि अज्ञात चोर बावड़ी के बालाजी मंदिर में रखे दानपात्र का लॉकर तोड़कर उसमें इकट्ठा हुए करीब 20 हजार रुपये चुराकर रफूचक्कर हो गए। वारदात की जानकारी सुबह हुई, जब श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने पहुंचे, तो दानपात्र का लॉकर टूटा हुआ पाया। लोगों ने तुरन्त गांव में अन्य लोगों को इसकी सूचना दी, जिससे मंदिर में भीड़ जमा हो गई। चोरी की इस वारदात से ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। बालाजी मंडल के सदस्य उप सरपंच मुकेश माली ने बताया कि बालाजी नवयुग मंडल द्वारा इस मंदिर में दानपात्र रखा गया है, जिसमें मंदिर में होने वाले विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों को दौरान बालाजी के भक्तों द्वारा क्षमता अनुसार दान की राशि डाली जाती है। अज्ञात चोरों ने अंधेरे का फायदा उठाते हुए इस भारी दान पात्र के लॉकर के तीन ताले तोड़कर उसमें रखी 20 हजार रुपयों से अधिक राशि चुरा ली। बालाजी नवयुग मंडल के सदस्य अर्जुन सिंह राठौड़, कान्हा माली, मोनू शर्मा, रामदेव बलाई, कालू धोबी सहित सभी सदस्यों व बालाजी के भक्तों ने चोरों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इन लोगों ने बताया कि सांपला में रियासतकाल से ही बहुत पुरानी पुलिस चौकी स्थापित थी। मगर दो साल पहले इस चौकी को प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी व जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण सदर थाना केकड़ी में मर्ज कर दिया गया। तब से ही इस क्षेत्र में आए दिन अपराध बढ़ते जा रहे हैं। साथ ही चोरों के हौसले भी बुलंद होते जा रहे हैं, जिसके कारण चोर विद्यालय व घरों के साथ साथ अब मंदिरों को निशाना बना रहे हैं। इनका कहना है कि बार-बार अवगत कराने के बावजूद भी सांपला चौकी पर पुलिस कर्मचारी तैनात नहीं किये जा रहे हैं, जबकि सांपला गांव केकड़ी जिले के अंतिम छोर पर स्थित है।

आईपीएल में पृथ्वी शॉ नहीं दिखेंगे इस पर पीटरसन के बाद वॉटसन ने किया सपोर्ट, कहा-अच्छे से ट्रेनिंग करें और दमदार वापसी करें

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ इस समय मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट जरूर खेल रहे हैं, लेकिन आईपीएल 2025 में आपको नजर नहीं आएंगे। आईपीएल के मेगा ऑक्शन में पृथ्वी शॉ को किसी भी टीम ने नहीं खरीदा। इसके पीछे का कारण है उनकी फिटनेस और अनुशासनहीनता। इसी वजह से टीमों ने उन्हें खरीदने से दूरी बनाई। ऐसे में अब पूर्व क्रिकेटरों का समर्थन पृथ्वी शॉ को मिल रहा है और उन्हें हर कोई सलाह दे रहा है कि वे अच्छे से ट्रेनिंग करें और दमदार वापसी करें, क्योंकि कमबैक की कहानियां बहुत रोचक होती हैं। ये कहना है केविन पीटरसन का, जिससे शेन वॉटसन भी सहमत हैं। शेन वॉटसन और पृथ्वी शॉ दिल्ली कैपिटल्स में साथ में काम कर चुके हैं। केविन पीटरसन ने लिखा था, “कुछ बेहतरीन खेल कहानियां कमबैक की स्टोरीज हैं। अगर पृथ्वी शॉ के आस-पास अच्छे लोग हैं जो उनकी दीर्घकालिक सफलता की परवाह करते हैं, तो वे उसे बैठाएंगे, उसे सोशल मीडिया से दूर रहने और पूरी तरह से फिट होने के लिए ट्रेनिंग करने के लिए कहेंगे। यह उन्हें सही रास्ते पर वापस लाएगा, जहां वे पिछली सफलता को वापस पा सकते हैं। इन सभी चीजों को त्यागने के लिए वह बहुत ही प्रतिभाशाली हैं।” इस पर शेन वॉटसन ने लिखा, “मैं पूरी तरह से सहमत हूं, केविन पीटरसन आपसे। पृथ्वी एक असाधारण प्रतिभा हैं और उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े हीरो में से एक बनने के लिए बस यही सब चाहिए।” बता दें कि पृथ्वी शॉ बहुत ही प्रतिभाशाली खिलाड़ी थी। यहां तक कि वे देश को अंडर 19 विश्व कप जिता चुके हैं और टेस्ट डेब्यू में शतक जड़ चुके हैं। हालांकि, इसके बावजूद उनको ज्यादा मौके इंटरनेशनल क्रिकेट में नहीं मिले। वे 6 साल दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेले, लेकिन फॉर्म के कारण उनको ड्रॉप कर दिया गया। बाद में रिटेंशन में उनको रिटेन नहीं किया गया और ऑक्शन में दिल्ली क्या, किसी भी टीम ने उन पर दिलचस्पी नहीं दिखाई। उनकी बेस प्राइस आईपीएल में 75 लाख रुपये थी।

टीचर ने छुट्टी के लिए बनाया छात्र की मौत का बहाना, ‘दाह संस्कार’ के नाम पर निकल लिया, हुआ सस्पेंड

रीवा  मऊगंज में एक शिक्षक ने छुट्टी लेने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने एक जिंदा बच्चे को मरा हुआ बता दिया। शिक्षक हीरालाल पटेल ने स्कूल रजिस्टर में लिखा कि वह छात्र जितेंद्र कोरी के अंतिम संस्कार में जा रहे हैं। लेकिन जितेंद्र एकदम स्वस्थ था। इस झूठ का पता चलने पर बच्चे के पिता ने शिकायत की। कलेक्टर ने शिक्षक को निलंबित कर दिया है और जांच के आदेश दिए हैं। छुट्टी के लिए स्टूडेंट को बता दिया मरा हुआ मऊगंज जिले के नईगढ़ी इलाके में स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय चिगिरका टोला में यह अजीबोगरीब वाकया हुआ। तीसरी कक्षा के छात्र जितेंद्र कोरी को शिक्षक हीरालाल पटेल ने मृत घोषित कर दिया। हीरालाल पटेल छुट्टी चाहते थे। इसलिए उन्होंने स्कूल रजिस्टर में लिखा, ‘मैं हीरालाल पटेल प्राथमिक शिक्षक, छात्र जितेंद्र कोरी के निधन के कारण उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहा हूं।’ परिजनों के उड़े होश जब यह बात जितेंद्र के परिवार वालों को पता चली तो उनके होश उड़ गए। जितेंद्र तो बिल्कुल ठीक था। उसके पिता रामसरोज कोरी को शिक्षक की यह हरकत बिल्कुल रास नहीं आई। उन्होंने नईगढ़ी थाने में शिक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। रामसरोज ने शिक्षक पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। कलेक्टर ने की कार्रवाई मामला जिला कलेक्टर अजय श्रीवास्तव तक पहुंचा। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने शिक्षक हीरालाल पटेल को निलंबित कर दिया। साथ ही, मामले की जांच के आदेश भी दिए। डीपीसी सुदामा लाल गुप्ता को इस मामले की जांच की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। कलेक्टर अजय श्रीवास्तव ने शिक्षक की इस हरकत को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि एक जीवित बच्चे को मृत बताकर छुट्टी लेना सरकारी कामकाज के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिक्षक के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

कैसे बनें सफल ऑनलाइन फिटनेस ट्रेनर, तरीके ये अपनाएं और लाखों कमाएं

यह डिजिटलाइजेशन का युग है और इसने अलग-अलग सेक्टरर्स के लिए कई ऑपरट्यूनिटीज खोल दी हैं। फूड ऑर्डर करना हो या फिर और कोई सर्विस, ऐसी चीजें अब स्माईर्टफोन पर सिर्फ एक टैप दूर हैं। इस गैलरी के जरिए हम आपको बता रहे हैं कि कैसे फिटनेस ट्रेनर के करियर पर डिजिटलाइजेशन का असर हुआ है और आप भी किस तरह से एक सफल ऑनलाइन पर्सनल ट्रेनर बन सकते हैं… हेल्थत और फिटनेस को लेकर लोग सजग पिछले 5 वर्षों में इंडियन फिटनेस इंडस्ट्रीऑ में काफी ग्रोथ हुई है। एक समय था जब इस प्रफेशन को आकर्षक या लाभप्रद नहीं माना जाता था। उस वक्त  ट्रेनर्स भी उतने क्वाीलिफाइड नहीं होते थे और जिम के लिए ऐसा माना जाता था कि ये सिर्फ बॉडीबिल्ड्र्स के लिए हैं। अब 2019 में चीजें बदल गई हैं। लोग हेल्थन और फिटनेस को लेकर काफी सजग हो गए हैं, फिर वे चाहे बच्चेर हों, महिलाएं हों, बुजुर्ग हों या फिर पुरुष। ऐसे में अब क्वा लिफाइड और एजुकेटेड पर्सनल ट्रेनर्स की डिमांड भी बढ़ गई है। सोशल मीडिया प्लैबटफॉर्म्स  की ताकत डिजिटलाइजेशन की वजह से करियर के कई ऑप्शषन खुल गए हैं जिनमें से एक ऑनलाइन फिटनेस ट्रेनर भी है। अब ट्रेनर्स इंस्टा्ग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लैनटफॉर्म्स् पर अपने काम का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। वे रियल लाइफ फिल्टरर्ड ऑडियंस से कनेक्टल होते हैं। ऑनलाइन पर्सनल ट्रेनर होने का फायदा यह भी है कि आप स्का।इप, वॉट्सऐप और ईमेल्से की मदद से एक समय पर कई लोगों को कोच कर सकते हैं। कैसे बनें ऑनलाइन फिटनेस ट्रेनर इसके लिए जिन स्किफल्सर की जरूरत है, उनमें आपका केयरिंग और हेल्पिंसग नेचर का होना बेहद जरूरी है। इसके अलावा आपकी कम्युकनिकेशन स्कि ल्सन बेहतर हो और एक्सर्साइज व न्यूरट्रिशन के लिए आपका पैशन हो। क्याआ होनी चाहिए प्रफेशनल क्वािलिफिकेशन फिटनेस कोच होने के लिए फॉर्मल एजुकेशन होना जरूरी है। ऐसे कई इंस्टिट्यूट्स हैं जो पर्सनल ट्रेनिंग कोर्स में सर्टिफिकेट देते हैं/डिप्लोसमा देते हैं। कोर्स के लिए के11 इंस्टिट्यूट ऑफ फिटनेस ऐंड साइंस, टीम अमिंदर फिटनेस अकैडमी, क्लालसिक फिटनेस अकैडमी, गोल्ड  इंस्ट्यिू ट, कुछ पॉप्युजलर इंडियन इंस्टिसट्यूट्स हैं। आईएसएसए, एसीई, एसीएसएम, एनएएसएम और जेपीएस कुछ जानी-मानी इंटरनैशनल अकैडमीज हैं जो पर्सनल ट्रेनर्स और स्पॉ,र्ट्स न्यूलट्रिशन के ऑनलाइन कोर्स ऑफर करती हैं। कोर्स की फीस 40 हजार से 2 लाख तक (अकैडमी के अनुसार) है और कोर्स का ड्यूरेशन 2 महीने से 1 साल तक (अकैडमी के अनुसार) हो सकता है। कितनी हो सकती है कमाई शुरुआत में आप 30 से 50 हजार तक की कमाई कर सकते हैं। ऐसे कोच जिनके पास एक्सऔपीरियंस है, उनके लिए कोई लिमिट नहीं है। एक बार ट्रेनर के पास अच्छी  संख्याक में अच्छेर और पॉजिटिव क्लाआइंट हो गए, सोशल मीडिया पर अच्छीर रीच हो गई, अच्छीा इंटरनेट प्रेजेंस हो गई तो आप लाखों में कमा सकते हैं। काम के घंटे और स्ट्रे स लेवल इस करियर में काम के घंटे और स्ट्रे स लेवल को लेकर चीजें फिक्सग नहीं हैं। आपके जितने ज्यानदा क्लारइंट होंगे, आपको उतना ही ज्यालदा समय देना होगा। इस करियर में क्लाजइंट की प्रोग्रेस के लिए डेडिकेशन की सबसे ज्याेदा जरूरत होती है। क्ला‍इंट की प्रोफाइल, मेडिकल हिस्ट्रीं और फिर उनके प्लाकन को कस्टजमाइज करना महत्वहपूर्ण है।  

‘मिर्जापुर’ फिल्म की कहानी एक हो सकती है प्रीक्वल !

मुंबई ‘मिर्जापुर’ ओटीटी की दुनिया की सबसे पॉपुलर सीरीज रही है। इसका पहला सीजन साल 2018 में आया था, और अब तभी से यह सीरीज दर्शकों के दिलों-दिमाग पर छा गई। गुड्डू भैया से लेकर मुन्ना और कालीन भैया तक… ‘मिर्जापुर’ सीरीज का हर किरदार लोगों के दिलों में रच-बस गया। ‘मिर्जापुर’ का तीसरा सीजन जुलाई 2024 में रिलीज हुआ था, और अब इस पर फिल्म आ रही है। मेकर्स ने कुछ समय पहले ‘मिर्जापुर’ फिल्म का ऐलान किया था, जिसके बाद से ही फैंस के बीच उथल-पुथल मच गई। हर कोई जानने को उत्सुक हो गया कि आखिर फिल्म में क्या होगा। अब गुड्डू भैया यानी अली फजल ने बताया कि ‘मिर्जापुर’ फिल्म में क्या कुछ हो सकता है। अली फजल ने जो हिंट दिया है, उससे कयास लगाए जाने लगे हैं कि ‘मिर्जापुर’ फिल्म की कहानी एक प्रीक्वल हो सकती है। अली फजल ने इस नाम की सीरीज में गुड्डू पंडित का रोल प्ले किया था, और घर-घर मशहूर हो गए थे। अली फजल ने ‘द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया’ से बातचीत में कहा, ‘हम सभी बेहद एक्साइटेड हैं। इसमें ओजी कास्ट (मिर्जापुर सीरीज की ओरिजनल और पुरानी कास्ट) होगी और हम पीछे जाएंगे। शायद पीछे की कहानी और पहले का समय दिखाया जाएगा, क्योंकि कुछ पुराने वो लोग भी नजर आएंगे, जो सीरीज में मर चुके हैं।’ जब अली फजल से पूछा गया कि क्या ‘मिर्जापुर’ फिल्म एक प्रीक्वल होगी, तो वह बोले, ‘आपको पता चल जाएगा। पर फिलहाल हम इसे सिनेमाघरों में लाने के लिए काफी एक्साइटेड हैं।’ साल 2026 में थिएटर्स में आएगी ‘मिर्जापुर’ ‘मिर्जापुर’ साल 2026 में रिलीज होगी। इसमें अली फजल के अलावा मुन्ना यानी दिव्येंदु, कालीन भैया उर्फ पंकज त्रिपाठी और अभिषेक बनर्जी भी नजर आएंगे। अभिषेक ने सीरीज में कंपाउंडर का रोल प्ले किया था।

तलाश में जुटी सभी थानों की पुलिस, राजस्थान-पाली में घर के बाहर खेलते ढाई साल का मासूम हुआ लापता

पाली. अपने घर के बाहर खेल रहा मनन पुत्र दिनेश सरगरा कल दोपहर को अपने घर के बाहर खेल रहा था। उस वक्त मनन के पिता मजदूरी पर गए हुए थे। खास बात यह है कि मनन के घर के बाहर गली में खेलने के दौरान उसकी मां भी वहीं मौजूद थी और गली की औरतों से बातें कर रही थी। जब कुछ देर बाद उसने अपने बच्चे को देखा तो मनन वहां नहीं था। इसके बाद अपने स्तर पर मनन को आस-पास खोजा गया, पर जब वह नहीं मिला तो पुलिस को घटना की सूचना दी गई। मामला जब पुलिस तक पहुंचा तो पुलिस ने घर के आस-पास सहित पूरे क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले खंगाले, लेकिन संयोग से दोपहर को 10 से 15 मिनट तक बिजली गुल होने के कारण सीसीटीवी कैमरों से पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला पाया। घर के आसपास एवं थाना क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी में भी मनन की कोई गतिविधि नजर नहीं आने से पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल पाया। इसके बाद पुलिस ने आनंद नगर से लेकर रीको, ग्रेनाइट और महाराणा प्रताप सर्किल तक खाली पड़े भूखंड़ों के साथ कुएं व नालों तक को चेक किया, परंतु वहां भी मनन नहीं मिला। अब पुलिस रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और शहर के सभी मार्गों पर एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर लगे सीसीटीवी फुटेज जुटा छानबीन में लगी है, वहीं मासूम मनन के नहीं मिलने से उसकी मां का रो-रो कर हाल बुरा हैं। आज सुबह तक नहीं मिला मासूम सीओ सिटी देरावर सिंह सोढ़ा ने बताया कि मासूम की तलाश के लिए औद्योगिक थाना क्षेत्र एसएचओ पाना चौधरी के साथ कोतवाल किशोर सिंह भाटी, टीपी नगरएसएचओ अनिता रानी समेत पुलिस टीमें देर रात तक तलाश में जुटी रही, पर अभी तक मासूम का कोई सुराग नहीं लगा है।

आईसीसी ने इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की टीम पर स्लो ओवर रेट के लिए टेस्ट मैच में लगा जुर्माना, WTC पॉइंट्स कटे

नई दिल्ली इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की टीम पर स्लो ओवर रेट के लिए टेस्ट मैच में जुर्माना लगा। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी ने दोनों को सजा सुनाई। दोनों टीमों के डब्ल्यूटीसी के पॉइंट्स भी काट लिए गए। आईसीसी के इस फैसले से इंग्लैंड की टीम के कप्तान बेन स्टोक्स नाखुश हैं। उन्होंने एक इंस्टा स्टोरी शेयर करते हुए आईसीसी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि मैच 10 घंटे पहले खत्म हो गया, फिर भी स्लो ओवर रेट के लिए जुर्माना लगाया गया है। बेन स्टोक्स ने अपनी इंस्टा स्टोरी में एक न्यूज को पोस्ट किया है, जिसमें इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के पॉइंट्स काटे जाने की खबर छपी है। इसके कैप्शन में स्टोक्स ने लिखा, “बहुत अच्छे, आईसीसी। खेल खत्म हुआ, अभी 10 घंटे का खेल बाकी था।” फिर भी आईसीसी ने धीमी ओवर गति का जुर्माना लगा दिया। न्यूजीलैंड और इंग्लैंड दोनों टीमों के खिलाड़ियों पर मैच फीस का 15% जुर्माना लगाया गया और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के तीन अंक काटे गए हैं। ये सजा दोनों ही टीमों को WTC 23-25 ​​चक्र के बहुत ही महत्वपूर्ण मोड़ मिली है, क्योंकि इस समय दोनों टीमें शीर्ष दो में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। काइस्टचर्च में इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को 8 विकेट से हरा दिया। ये मैच चौथे दिन के दूसरे सेशन में ही खत्म हो गया। यही मुद्दा बेन स्टोक्स ने उठाया है कि जब मैच जल्दी खत्म हो गया तो इससे क्या फर्क पड़ता है कि आपने दिन में कितने ओवर फेंके। आपकी जानकारी के लिए बता दें, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023-25 के चक्र में अब तक इंग्लैंड के 22 पॉइंट्स काट लिए गए हैं। इसका मतलब है कि आपने करीब दो मैच जीतने के अंक खो दिए हैं। एक मैच जीतने पर 12 पॉइंट्स मिलते हैं। इसका घाटा इंग्लैंड को विनिंग पर्सेंटेज में भी हुआ है। यही कारण है कि आज इंग्लैंड की टीम छठे स्थान पर है। इंग्लैंड के अलावा ऑस्ट्रेलिया को 10 पॉइंट्स का जुर्माना लग चुका है, जबकि पाकिस्तान के 8 पॉइंट्स कटे हैं। न्यूजीलैंड और बांग्लादेश के 3-3 और भारत के 2 अंक काटे गए हैं।

हंगामे के आगे झुके दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून, वापस लिया मार्शल लॉ

सियोल दक्षिण कोरिया में इस समय राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है. मार्शल लॉ लगाने के उनके ऐलान और फिर फैसले से यूटर्न के बाद से उन्हें लोगों के गुस्से का भी सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में उनकी धुर विरोधी डेमोक्रेटिक पार्टी ने ही नहीं सत्तारूढ़ पार्टी के कई सदस्यों ने बगावती सुर अख्तियार किए हैं. कई इस्तीफे हो चुके हैं. खुद राष्ट्रपति पर भी महाभियोग की तलवार लटक रही है. दक्षिण कोरिया की न्यूज एजेंसी योनहाप के मुताबिक, राष्ट्रपति यून सुक योल के चीफ ऑफ स्टाफ सहित कैबिनेट के कई शीर्ष सहयोगियों ने इस्तीफा दे दिया है. कहा जा रहा है कि कैबिनेट के 12 मंत्री इस्तीफा सौंप चुके हैं. कई अन्य शीर्ष नेताओं ने भी इस्तीफे की पेशकश की है. मार्शल लॉ के फैसले का सिर्फ विरोधी ही नहीं बल्कि कैबिनेट के ही कई नेता भी विरोध कर रहे हैं. उनकी पार्टी पीपुल पावर पार्टी के बड़े नेता हान डोंग हून ने इस फैसले को गलत बताते हुए मुख्य विपक्षी नेता ली जे-म्यूंग से हाथ मिला लिए हैं. सड़कों पर राष्ट्रपति के खिलाफ रैलियों निकाली जा रही हैं, जिसमें मांग की जा रही है कि उनके खिलाफ महाभियोग लाया जाए. उन पर भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं. राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग की मांग राष्ट्रपति का ऐलान और फिर उस फैसले से यूटर्न उन पर भारी पड़ता नजर आ रहा है. कहा जा रहा है कि संसद में राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग लाया जा सकता है. अगर नेशनल असेंबली में दो-तिहाई से ज्यादा सांसद इसके पक्ष में वोट करते हैं तो उनके खिलाफ महाभियोग चलाया जा सकता है. बता दें कि नेशनल असेंबली में राष्ट्रपति की पीपुल पावर पार्टी के 300 में से 108 सांसद हैं. विपक्ष का राष्ट्रपति को अल्टीमेटम दक्षिण कोरिया की विपक्षी पार्टी ने राष्ट्रपति यू को अल्टीमेटम दिया है कि अगर उन्होंने राष्ट्रपति पद से तुरंत इस्तीफा नहीं दिया तो उनके खिलाफ महाभियोग लाया जाएगा. अगर नेशनल असेंबली में दो-तिहाई से ज्यादा सांसद इसके पक्ष में वोट करते हैं तो उनके खिलाफ महाभियोग चलाया जा सकता है. महाभियोग के प्रस्ताव को संवैधानिक कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा. यहां नौ में से कम से कम छह जज अगर इसे मंजूरी दे देते हैं तो आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इस दौरान अंतिम फैसला आने तक राष्ट्रपति को अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करने की मनाही होगी. इस दौरान प्रधानमंत्री अंतरिम नेता के तौर पर कामकाज देखेंगे. महाभियोग होने के 60 दिनों के भीतर चुनाव कराने होंगे. अमेरिका को दक्षिण कोरिया का माना जाता है. इस समय अमेरिका के लगभग 30,000 सैनिक दक्षिण कोरिया में तैनात हैं. ऐसे में इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका ने कहा कि हमारी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर है. हम किसी भी स्थिति में मार्शल लॉ का समर्थन नहीं करते.  

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