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कॉलेजियम के हाईकोर्ट में जजों के करीबी रिश्तेदारों की नियुक्ति के खिलाफ तैयार किए जा रहे प्रस्ताव की सराहना की

नई दिल्ली कांग्रेस नेता और प्रसिद्ध वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के हाईकोर्ट में जजों के करीबी रिश्तेदारों की नियुक्ति के खिलाफ तैयार किए जा रहे प्रस्ताव की सराहना की है। उन्होंने कहा इस प्रस्ताव को जल्द लागू किया जाए। क्योंकि अब न्यायिक नियुक्तियों का कोई उद्देश्य नहीं रह गया है। एक्स पर पोस्ट में कांग्रेस नेता ने लिखा कि यदि सच है, तो सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के विचाराधीन दोनों प्रस्ताव क्रांतिकारी और अच्छे हैं। इन्हें जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायिक नियुक्तियों की वास्तविकता मूल रूप से कल्पना की तुलना में बहुत अधिक अस्पष्ट और बहुत अधिक गैर-उद्देश्यपूर्ण है। आपसी पीठ खुजाना, चाचा जज, पारिवारिक वंश आदि दूसरों का मनोबल गिराते हैं और कोर्ट की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि कहना आसान है, करना मुश्किल। अभी तक हम हाईकोर्ट में जज के रिश्तेदारों के रूप में वकील रिश्तेदारों के अभ्यास पर प्रतिबंध लगाने में असमर्थ हैं। यह व्यवस्था सुधार के लिए वांछनीय आवेगों से अधिक मजबूत साबित हुई है। उन्होंने कहा कि मैंने दशकों पहले लिखा था कि कॉलेजियम के न्यायाधीशों को खुद को छिपाना चाहिए और उन न्यायाधीशों की अदालतों में बैठना चाहिए जिन्हें पदोन्नति के लिए चुना गया है या पदोन्नति से पहले कार्रवाई कर रहे वकीलों को यह मौका दिया जाए। जैसे पुराने समय के कुछ सुल्तानों ने अपने जागीर की वास्तविक समस्याओं को जानने के लिए किया था। हम सभी सीवी और वास्तविकता के बीच कागजी मूल्यांकन बनाम अदालत के प्रदर्शन के बीच के अंतराल पर चकित होंगे। अब प्रस्तावित साक्षात्कार मेरे सुझाव के अनुसार अच्छे नहीं है, लेकिन कम से कम दूसरा सबसे अच्छा है। हालांकि छिपे हुए आश्चर्य की जांच पूरी तरह से अवास्तविक नहीं है। यह है कॉलेजियम का प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम एक नए प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। इस प्रस्ताव के तहत मौजूदा या पूर्व संवैधानिक न्यायालय के जजों के परिवार के सदस्यों को हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश फिलहाल रोकी जा सकती है। सूत्रों की माने तो ऐसा इसलिए किया जा रहा क्योंकि एक आम धारणा है कि इन वकीलों को पहली पीढ़ी के वकीलों की तुलना में जज बनने की प्रक्रिया में प्राथमिकता मिलती है। सूत्रों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के करीबी रिश्तेदारों की नियुक्ति के खिलाफ विचार कर सकता है। कॉलेजियम हाईकोर्ट के कॉलेजियम को ऐसे उम्मीदवारों की सिफारिश न करने का निर्देश देने पर विचार कर सकता है, जिनके माता-पिता या करीबी रिश्तेदार सर्वोच्च न्यायालय या हाईकोर्ट के वर्तमान या पूर्व न्यायाधीश रहे हों। कॉलेजियम में सीजेआई संजीव खन्ना और जस्टिस बी आर गवई, सूर्यकांत, हृषिकेश रॉय और ए एस ओका शामिल हैं। वे जानते हैं कि कुछ योग्य उम्मीदवार, जो वर्तमान या पूर्व सुप्रीम कोर्ट या हाकोर्ट जजों के करीबी रिश्तेदार हैं, इस प्रस्ताव से वंचित हो सकते हैं।  

अजीत जोगी की जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ का प्रदेश कांग्रेस कमेटी में होगा विलय

रायपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) का विलय होने की उम्मीद है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने कांग्रेस में विलय के लिए प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज को पत्र लिखकर प्रस्ताव भेजा है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की स्थापना 23 जून 2016 को पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने किया था। वर्ष-2018 के विधानसभा चुनाव में बसपा के साथ मिलकर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने चुनाव लड़ा था। गठनबंधन को 90 में से केवल सात सीटें ही मिलीं, जिसमें जोगी की पार्टी को पांच और बसपा की दो शामिल थीं। 2023 के विधानसभा चुनाव में जोगी की पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ा। 77 सीटों पर प्रत्याशी उतरे, लेकिन किसी को जीत का स्वाद नही मिला। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में होगा बदलाव कांग्रेस में बड़े बदलाव की आवाज पिछले कई महीनों से उठ रही है। पार्टी नेतृत्व ने इस बारे में पहले भी कई मौकों पर संकेत दिया है। अभी तक पार्टी में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है, लेकिन अब बदलाव की आवाज जोर-शोर से उठने लगी है। प्रदेश कांग्रेस संगठन में महामंत्री, सचिव और जिला अध्यक्ष सहित कई पद रिक्त हैं। इन पदों पर नए लोगों को नियुक्त किया जाना है। ये पद काफी समय से रिक्त हैं। नये वर्ष में कई जिलों में शहरी और ग्रामीण जिला अध्यक्ष बदले जाएंगे, जिसकी तैयारी कर ली गई है। प्रदेश में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव कराए जाएंगे, इसके लिए तैयारी पूरी की जा चुकी है। भाजपा और कांग्रेस ने लोगों के बीच जाने के लिए मुद्दे तय कर लिए हैं। प्रदेश के 14 नगर निगमों में से 10 में चुनाव होना है। इनमें अंबिकापुर, धमतरी, कोरबा, बिलासपुर, चिरमिरी, राजनांदगांव, जगदलपुर, रायगढ़, दुर्ग, रायपुर शामिल हैं। रिसाली, भिलाई, बीरगांव और भिलाई-चरोदा में अभी चुनाव नही होंगे। 14 में से 13 निगमों में कांग्रेस की सरकार है। राज्य निर्माण के बाद पहली बार तय कार्यकाल के पूरा होने के बाद भी चुनाव नहीं हो पाए हैं। पहली बार प्रदेश में प्रशासक की नियुक्ति की जाएगी। पंचायत चुनाव में भी पंचायतों में नए सरपंच मिलेंगे।

जल जीवन मिशन से विश्वप्रसिद्ध पर्यटन ग्राम तीरथगढ़ के हर घर पहुंचा जल

पानी बचाओ मुहिम से जुड़ी महिलाएं जागरूकता की जगा रही अलख जगदलपुर, जल जीवन मिशन से विश्वप्रसिद्ध पर्यटन ग्राम तीरथगढ़ के हर घर पहुंचा जलसरकार की एक महत्वपूर्ण योजना जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है इस योजना ने न केवल स्वास्थ्य में सुधार किया है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी बड़ा परिवर्तन लाया है। इसी क्रम में जिले के विकासखण्ड दरभा अंतर्गत प्रसिद्ध पर्यटन ग्राम तीरथगढ़ में भी जल जीवन मिशन के द्वारा जलापूर्ति होने से लोगों के जीवन में परिवर्तन आया है। इसी गांव में विश्व प्रसिद्ध जलप्रपात है जो मुनगाबहार नदी से बनता है इसकी सुन्दरता मन को मोह लेने वाली है चारों ओर पहाड़ एवं घने जंगल और हरी-भरी वादियां हैं जो पर्यटको को रोमांच से भर देती है। बाहरी लोगों के सम्पर्क में आने के कारण यहां के ग्रामीणों के जीवन में बाहरी बदलाव भी देखने को मिलता है। महिलाएं दुकान चलाती हैं और पुरूष खेती-किसानी करते हैं।       तीरथगढ़ के डेढ़ हजार से अधिक की आबादी पहले जलसंकट से जूझ रही थी, मुनगाबहार नदी में नहाने व कपड़ा धोने रोज जाया करते थे। पीने का पानी भी बोरिंग से लाया करते थे, घरेलू जिम्मेदारी का निर्वहन करने वाली महिलाओं को ज्यादा तकलीफ थी। घर से दूर स्थित हैंडपंप से पानी लाने के कारण उनके शरीर में थकान सहित स्वभाव चिड़चिड़ापन हो गया था। लेकिन अब सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना इस गांव में आई और उसने पूरे गांव में बदलाव लाना शुरू कर दिया है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम तीरथगढ़ में 09 मीटर 10 किलोलीटर के 03 एवं 12 मीटर 10 किलोलीटर के 06 सोलर सिस्टम लगे हैं। जिससे तीरथगढ़ ग्राम पंचायत के सभी पारे-टोले के हर घर में नियमित तौर पर जलापूर्ति किया जा रहा है। साथ ही इस ग्राम पंचायत के 08 स्कूलों, 06 आंगनबाड़ी केंद्रों सहित पंचायत भवन एवं सामुदायिक भवन में भी नल कनेक्शन प्रदान कर जल प्रदाय किया जा रहा है। यहां की सरपंच श्रीमती महेश्वरी कश्यप बताती हैं कि हरेक घर के साथ ही सार्वजनिक भवनों में नल कनेक्शन के जरिए जलापूर्ति से ग्रामीणों को काफी सहूलियत हो रही है और उन्हें अपने खेती-किसानी और अन्य कामकाज के लिए अतिरिक्त समय मिल रहा है। अब गांव की महिलाओं का कहना है कि हमें हैंडपंप से पानी लेकर आना कष्टदायक था, विशेषकर बारिश के मौसम में ज्यादा तकलीफ होती थी। अब जल जीवन मिशन के जल प्रदाय योजना से स्थिति बदल गई है और हम घर से बाहर निकल कर अन्य काम में ज्यादा समय दे रहे हैं। इन महिलाओं ने सरकार के इस भगीरथ पहल के लिए साधुवाद दिया। इस ग्राम पंचायत में जल वाहिनी से जुड़ी ग्रामीण महिला श्रीमती सुषमा ठाकुर गांव में जल का सदुपयोग सहित पानी बचाने की मुहिम में एक अलग भूमिका निभा रही हैं। वह गांव की महिलाओं के साथ बैठकर उन्हें पानी के महत्व के बारे में बताती हैं और नल से पानी भरने के बाद टोटी को बंद करने की समझाइश देते हुए भावी पीढ़ी के लिए जल की बचत को दूरगामी सोच निरुपित करती हैं। वहीं इस महत्वपूर्ण पहल के लिए निरंतर महिलाओं को प्रोत्साहित कर रही हैं यह उनकी जल संरक्षण के प्रति जीवट लगाव को प्रदर्शित करता है। अब सुषमा की इस मुहिम से जुड़कर महिलाएं समीपस्थ ग्रामों में पानी बचाओ संबंधी जागरूकता की अलख जगा रही हैं।

बच्ची की खांसी के कारण एक यात्री का गुस्सा बढ़ गया कि उसने विमान में हंगामा करना शुरू कर दिया, करनी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग

नई दिल्ली हाल ही में एक विमान में हुई इमरजेंसी लैंडिंग ने सभी को चौंका दिया। दरअसल, उड़ान के दौरान एक दस साल की बच्ची की खांसी के कारण एक यात्री का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उसने विमान में हंगामा करना शुरू कर दिया। बताया गया है कि यह महिला इतनी नाराज हो गई कि उसने क्रू मेंबर्स को चाकू मारने की धमकी दी और फिर फ्लाइट को उतारने का फैसला करना पड़ा। घटना में महिला ने बच्ची को धमकी दी और उसके पीछे-पीछे शौचालय तक गई, फिर बच्ची की मां को गालियाँ देने लगी। स्थिति तब और बिगड़ गई जब महिला ने विमान के दरवाजे का हैंडल तोड़ दिया और यात्रियों पर जूते फेंके। इससे कई यात्री तनाव में आ गए, जिनमें से कुछ बीमार पड़ गए। पायलट ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी लैंडिंग का निर्णय लिया। एयरपोर्ट पर पहले से पुलिस, अग्निशमन दल और मेंटेनेंस टीम तैयार थी। घटना के बाद महिला को गिरफ्तार कर लिया गया और यात्रियों से बयान लिए गए। विमान कंपनी इजीजेट ने माफी मांगी और इस प्रकार की घटनाओं को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया।

नए साल के मौके पर मणिपुर सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया, अब मिलेगा 39% महंगाई भत्ता

मणिपुर नए साल के मौके पर मणिपुर सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 7% की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस फैसले के बाद अब कर्मचारियों को 39% महंगाई भत्ता मिलेगा, जो पहले 32% था। सरकार के इस कदम से राज्य के 1 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा फायदा होगा। केंद्र से अब भी कम DA हालांकि, यह महंगाई भत्ता अभी भी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के मुकाबले 14% कम है। केंद्र के कर्मचारी वर्तमान में 53% DA प्राप्त कर रहे हैं। केंद्र सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता हर छह महीने में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत बढ़ाया जाता है। माना जा रहा है कि केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता भी जल्द ही बढ़ सकता है। विस्थापितों के लिए बिना गारंटी लोन मणिपुर के मुख्यमंत्री ने राज्य में विस्थापित लोगों की सहायता के लिए भी अहम पहल की है। मुख्यमंत्री उद्यमिता सहायता योजना के तहत जातीय हिंसा के कारण विस्थापित 426 लोगों को 50,000 रुपये तक का कर्ज बिना किसी गारंटी के दिया जा रहा है। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने सात स्टार्टअप्स की पहचान की है जो 432 विस्थापित लोगों को रोजगार देंगे। इसके अलावा, करीब 500 युवाओं को एयर इंडिया और इंडिगो में केबिन क्रू के रूप में शामिल होने के लिए दिल्ली में आवासीय कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। मणिपुर सरकार का विकास पर जोर सीएम एन बीरेन सिंह ने बताया कि राज्य सरकार लगातार नई पहल कर रही है ताकि कर्मचारियों, उद्यमियों और युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें। इस तरह की योजनाएं न केवल आर्थिक स्थिति को मजबूत करेंगी बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगी।

नए वर्ष में प्रदेश के राजनीतिक समीकरण में कई बदलाव, साय सरकार के मंत्रिमंडल में जुड़ेंगे नए चेहरे

रायपुर नए वर्ष में प्रदेश के राजनीतिक समीकरण में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के मंत्रिमंडल में नए विधायकों को जगह मिलने से नया राजनीतिक समीकरण बनेगा। हरियाणा की तर्ज पर प्रदेश में भी 14 मंत्री बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगी तो साय सरकार के मंत्रिमंडल में तीन नए चेहरों को मौका मिलेगा। अभी प्रदेश की 90 सीटों वाली विधानसभा में 15 प्रतिशत के हिसाब से 13.5 प्रतिशत विधायकों को ही मंत्री बनाने का प्रविधान है। हालांकि हरियाणा में भी भाजपा सरकार है और वहां भी विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं, इसके बावजूद वहां पर 14 मंत्री बनाए गए हैं। अभी साय मंत्रिमंडल में 11 मंत्री हैं ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि छत्तीसगढ़ में भी हरियाणा फार्मूला चल सकता है। मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के रायपुर सांसद बनने के बाद साय मंत्रिमंडल में अभी 11 मंत्री हैं। मंत्रिमंडल के अलावा साय सरकार 33 निगम मंडलों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और सदस्यों की भी नियुक्ति करेगी। इसी तरह विधानसभा में उपाध्यक्ष और कांग्रेस की तरफ से उप नेता प्रतिपक्ष बनाने की भी कवायद हो सकती है।

महतारी वंदन की राशि से पुष्पा कर रही है अपने पति की मदद

महासमुंद महासमुंद अंतर्गत वार्ड नम्बर 04 की निवासी पुष्पा यादव  को महतारी वंदना योजना का नियमित लाभ मिल रहा है। प्रतिमाह एक हजार रुपए मिलने वाली राशि से न केवल उनके दैनिक जीवन की जरूरतें पूरा हो रही है, बल्कि मासिक राशन खर्च के लिए भी मददगार साबित हो रहा है। पुष्पा ने बताया कि वे इस राशि का उपयोग अपने पति के बढाई व्यवसाय में उपयोग होने वाले सामग्रियों की खरीद के लिए भी कर रही है। इससे उनके मन सुकून के साथ एक नए आत्मविश्वास जागृत हुआ है। साथ ही अब उनके पति का व्यवसाय आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रहा है।     पुष्पा ने बताया कि जब भी वे अपने पति को परिश्रम करते देखती थी उनके मन में सहयोग की भावना जागृत होती थी लेकिन हाथ में पैसे नहीं होने के कारण वे सीधे मदद नहीं कर पा रही थी। महतारी वंदन की राशि मिलने से उन्होंने अपने पति के व्यवसाय के लिए कटर और रेंदा मशीन खरीदी जिससे उनके पति के बढ़ाई काम में गति आई। अब उनके पति गुणवत्तापूर्ण और तेज गति से कार्य करने में सक्षम हो गया है। उनके पति श्री संतोष यादव ने बताया कि महतारी वंदन योजना की राशि से मेरे व्यवसाय में गति आई है। अब मैं उसी सामग्री को कम समय में और सफाई के साथ बना लेता हूं। बेहतर काम करने के कारण अब मुझे काम की भी कमी नहीं रहती है। पुष्पा और उनके पति ने इस महत्वपूर्ण योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित शासन-प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है। गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य तथा पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए महतारी वंदन योजना की शुरूआत की गई है। इस योजना के तहत प्रतिमाह 01 हजार रूपए महिलाओं के बैंक खाते में अंतरित की जाती है। योजना से महिलाओं में आत्मविश्वास जागृत हुआ है। जिले के लगभग 3 लाख 26 हजार महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। योजना अंतर्गत महतारी वंदन योजना की 10 किस्त की राशि जारी हो चुकी है।

नए साल में सतना को बड़ा तोहफा,सतना से पीएम पर्यटन हवाई सेवा की हुई शुरुआत

सतना आज पूरे भारतवर्ष में नए साल का जश्न बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। रात 12 बजे से ही लोग पटाखे फोड़ कर एक-दूसरे को बधाइयां देकर नए साल की शुरुआत कर रहे हैं। आज के दिन को स्पेशल बनाने के लिए लोग तमाम तरह की एक्टीविटिज करते हैं। दोस्तों के संग पिकनिक, पार्टी आदि करते हैं। कुछ लोग घर पर ही पार्टी ऑर्गेनाइजर करते हैं। कुछ लोग साल के पहले दिन मंदिर घूमने जाते हैं। वहीं, मध्य प्रदेश की सतना वीडियो के लिए भी नया साल ढ़ेरों सौगात लेकर आया है। दरअसल, आज से पीएम पर्यटन हवाई सेवा शुरू हुई । जब रनवे पर सुबह 11:30 छह सीटर प्लेन उतरा । यह स्थानीय लोगों के लिए नए साल का बेहतरीन तोहफा माना जा रहा है। पीएम पर्यटन हवाई सेवा शुरू हवाई सेवा के शुरू होने से एक शहर से दूसरे शहर की कनेक्टिविटी बेहद आसान और सुगम हो जाएगी। अब लोगों को कहीं जाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। पहले कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण लोगों को दूसरे शहर जाने के लिए ट्रेन या बस का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन अब उनकी यह समस्या दूर हो चुकी है। हालांकि, यह हवाई सेवा सप्ताह में केवल दो दिन मिलेगी जिनमें रविवार और बुधवार शामिल है। रविवार को पैसेंजर्स सतना से वाया खजुराहो होकर भोपाल की यात्रा कर सकते हैं। वहीं, बुधवार को सतना से वाया जबलपुर होकर भोपाल के लिए फ्लाई ओला एयरलाइन की वायु सेवा जाएगा। यात्रा करने से पहले फ्लाइट के रूट के बारे में अवश्य जान लें। रूट     रविवार को सबसे पहले फ्लाइट भोपाल से खजुराहो आएगी। यहां से सतना आकर सिंगरौली जाएगी। उसके बाद सिंगरौली से फिर रवाना होकर सतना होते हुए खजुराहो होकर भोपाल को वापसी करेगी।     वहीं, बुधवार को भी भोपाल से जबलपुर और फिर सतना जाकर सिंगरौली जाएगी। इसी तरह वापसी में सिंगरौली से वापस सतना होते हुए जबलपुर के रास्ते भोपाल को पहुंचेगी। किराया किराए की बात करें तो यह यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बहुत कम रखा गया है। एक तरफ के लिए यात्रियों को 2500 से ₹4000 तक खर्च करने होंगे।

नक्सलियों के गंगालूर एरिया कमेटी के डिप्टी कमांडर ने किया आत्मसमर्ण, 3 लाख का था इनामी

दंतेवाड़ा नक्सल प्रभावित क्षेत्र दंतेवाड़ा में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. नक्सलियों के गंगालूर एरिया कमेटी के डिप्टी कमांडर ने आज आत्मसमर्ण कर दिया है. SP गौरव रॉय और CRPF डीआईजी राकेश कुमार के सामने लोन वर्राटू (घर वापसी अभियान) के तहत सरेंडर किया. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली हुर्रा के सिर पर 3 लाख रुपए का ईनाम घोषित था. जानकारी के मुताबिक, आत्मसमर्पित माओवादी गंगालूर एरिया कमेटी अंतर्गत प्लाटून नंबर 12 में ए सेक्शन डिप्टी कमांडर के पद पर था सक्रिय. जिसने आज आत्मसमर्पण कर दिया है. आत्मसमर्पित नक्सली को सरकार 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि और 10 हजार की मासिक 3 वर्ष तक आर्थिक सहायता प्रदान करेगी. लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 209 ईनामी माओवादी सहित कुल 889 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके है.

श्रीनाथ जी से प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दौसा के मेहंदीपुर बालाजी धाम एवं पूंछरी का लौठा में किए दर्शन

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नववर्ष से पूर्व दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी धाम तथा डीग जिले के पूंछरी का लौठा स्थित श्रीनाथजी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली एवं सुख-समृद्धि की कामना की। श्री शर्मा ने सर्वप्रथम दौसा जिले में स्थित मेहंदीपुर बालाजी धाम में दर्शन किए। मंदिर महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज ने मुख्यमंत्री को मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कराई। इस दौरान गृह राज्यमंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म, विधायक श्री विक्रम बंशीवाल, श्री भागचंद टांकड़ा, जयपुर रेंज आईजी श्री अजयपाल लांबा, दौसा कलक्टर श्री देवेन्द्र कुमार, करौली कलक्टर श्री नीलाभ सक्सेना सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने पूंछरी का लौठा में किए श्रीनाथ जी के दर्शन- मुख्यमंत्री इसके बाद पूंछरी का लौठा धाम पहुंचे तथा श्रीनाथ जी मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर नववर्ष 2025 में प्रदेश की प्रगति तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। श्री शर्मा ने पूंछरी ग्राम में आमजन के साथ भी आत्मीयता के साथ मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी तथा बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। इस दौरान गृह राज्यमंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म, भरतपुर रेंज आईजी श्री राहुल प्रकाश, जिला कलेक्टर डीग श्री उत्सव कौशल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नववर्ष के प्रथम दिन 1 जनवरी (बुधवार) को पूंछरी का लौठा धाम में गिरिराज जी की विशेष पूजा-अर्चना कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके साथ ही वे स्थानीय कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।

नए साल में मोदी सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा, आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने विभिन्न योजनाओं को मंजूरी

नई दिल्ली 1 जनवरी 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में किसानों के लिए कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इस बैठक में सरकार ने किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं और पैकेजों को मंजूरी दी। इन फैसलों से किसानों को राहत मिल सकती है, खासकर उर्वरकों और फसल बीमा से जुड़े मामलों में। डीएपी उर्वरक कंपनियों के लिए स्पेशल पैकेज केंद्र सरकार ने डीएपी (डायअमोनियम फास्फेट) उर्वरक बनाने वाली कंपनियों के लिए एक स्पेशल पैकेज की घोषणा की है। इस पैकेज के तहत कंपनियों को मिलने वाली सब्सिडी के अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। डीएपी उर्वरक की मांग भारत में बहुत अधिक है, लेकिन इसके अधिकतर कच्चे माल का आयात किया जाता है, खासकर चीन, सऊदी अरब और मोरक्को जैसे देशों से। वैश्विक बाजार में कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के कारण डीएपी की लागत बढ़ी है, जिससे किसानों के लिए उर्वरक की कीमतें भी बढ़ी हैं। सरकार ने इन कंपनियों को वित्तीय सहायता देने का फैसला लिया है ताकि उर्वरक की कीमतों को स्थिर रखा जा सके और किसानों को राहत मिले। यह पैकेज 31 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगा, जिससे अगले कुछ वर्षों तक किसानों को महंगे उर्वरकों से राहत मिलेगी और उनकी उत्पादन लागत में कमी आएगी। फसल बीमा योजना में किए सुधार केंद्र सरकार ने किसानों के लिए फसल बीमा योजना को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कई अहम फैसले किए हैं। फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, बीमारी या अन्य कारणों से फसल को हुए नुकसान के लिए किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। अब, सरकार ने इस योजना के नियमों को संशोधित करने का निर्णय लिया है, ताकि यह किसानों के लिए और अधिक सुलभ हो। सरकार के मुताबिक, फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम की दर को कम किया जाएगा और बीमा प्राप्त करना किसानों के लिए आसान बनाया जाएगा। पहले जहां किसानों को बीमा लेने के लिए जटिल प्रक्रिया का सामना करना पड़ता था, वहीं अब इसे सरल बनाया जाएगा। इसके अलावा, सरकार इस योजना में कवरेज की सीमा बढ़ाने पर भी विचार कर रही है, ताकि किसानों को और अधिक सहायता मिल सके। इस कदम से छोटे और मझले किसानों को फायदा होने की संभावना है, क्योंकि उन्हें कम खर्च में अधिक बीमा कवर मिलेगा और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्राप्त होगी। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) का सुप्रीम कोर्ट की कमेटी से किया मना इस बीच, संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी के साथ बातचीत करने से मना कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने एसकेएम को 3 जनवरी 2025 को बैठक में शामिल होने का निमंत्रण भेजा था, लेकिन एसकेएम ने इसे ठुकरा दिया। एसकेएम का कहना है कि वे किसी भी न्यायालयिक हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करते क्योंकि उनकी लड़ाई केंद्र सरकार के साथ नीतिगत मुद्दों पर है, और इसमें न्यायालय की कोई भूमिका नहीं हो सकती। एसकेएम ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपने संघर्ष को न्यायालय से बाहर, सीधे तौर पर सरकार से करेंगे। एसकेएम के नेताओं का कहना है कि वे सरकार से किसानों के लिए ज्यादा राहत देने और उनके मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत करेंगे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के साथ कोई भी बैठक नहीं करेंगे। खनौरी बॉर्डर पर महापंचायत की घोषणा संयुक्त किसान मोर्चा ने 4 जनवरी 2025 को खनौरी बॉर्डर पर एक महापंचायत बुलाने की घोषणा की है। इस महापंचायत में पंजाब और आसपास के राज्यों के किसानों को आमंत्रित किया गया है। किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने इस महापंचायत का आयोजन किया है, और उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में किसानों को महत्वपूर्ण संदेश दिए जाएंगे। किसान नेताओं का कहना है कि इस महापंचायत में आगामी आंदोलन की रणनीतियों और किसानों की समस्याओं को लेकर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, किसान नेताओं का कहना है कि महापंचायत के माध्यम से वे सरकार को यह संदेश देंगे कि किसानों के अधिकारों की रक्षा की जाएगी और उनके हितों के खिलाफ किसी भी नीतिगत फैसले को मंजूरी नहीं दी जाएगी। किसानों के संघर्ष की निरंतरता किसान आंदोलन ने पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण मोड़ लिए हैं, और अब यह आंदोलन कृषि नीतियों के विरोध में केंद्र सरकार से सीधे संवाद की ओर बढ़ रहा है। जबकि सरकार ने अब तक कई फैसले किसानों के पक्ष में लिए हैं, एसकेएम और अन्य किसान संगठन चाहते हैं कि सरकार उनके द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों पर पूरी तरह से ध्यान दे और ठोस कदम उठाए। इस महापंचायत में किसानों को आगामी फैसलों और रणनीतियों पर बातचीत करने का अवसर मिलेगा। एसकेएम के नेता इसे किसानों की आवाज को और अधिक मजबूत करने के एक मौके के रूप में देख रहे हैं। सरकार के फैसलों का असर सरकार द्वारा लिए गए इन फैसलों का असर किसानों पर पड़ेगा, क्योंकि ये न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने का प्रयास कर रहे हैं, बल्कि उन्हें कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए आवश्यक संसाधन और सहायता भी प्रदान कर रहे हैं। विशेषकर डीएपी की सब्सिडी और फसल बीमा में सुधार से किसानों को सीधी राहत मिल सकती है, जो उनकी आय को स्थिर रखने में मदद करेगा। सरकार का यह कदम कृषि क्षेत्र के सुधारों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल है, जो किसानों की जरूरतों और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

डिप्टी सीएम शर्मा ने गन्ना किसानों के अध्ययन दल को महाराष्ट्र के लिए रवाना किया

कवर्धा छत्तीसगढ़ के डिप्टी मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज गन्ना किसानों के एक अध्ययन दल को महाराष्ट्र के लिए रवाना किया. इस दल में भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना और सरदार पटेल सहकारी शक्कर कारखाना के कार्यक्षेत्र के शतक से अधिक किसान शामिल हैं. यह यात्रा किसानों को गन्ने की आधुनिक खेती की उन्नत तकनीकों से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित की गई है. इस दौरान डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने अपने संबोधन में किसानों को कृषि के क्षेत्र में नई जानकारियों और तकनीकों के महत्व को बताया. उनके साथ प्राधिकृत अधिकारी और कलेक्टर गोपाल वर्मा भी उपस्थित थे, जिन्होंने बताया कि यह यात्रा किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके माध्यम से वे गन्ने की खेती में नवीनतम अनुसंधान और तकनीकी जानकारी हासिल करेंगे. यह अध्ययन दल 1 जनवरी की सुबह कवर्धा से प्रस्थान कर महाराष्ट्र के पुणे स्थित वसंत दादा पाटिल शुगर इंस्टीट्यूट पहुंचेगा, जहां किसानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस प्रशिक्षण में गन्ने की आधुनिक किस्मों, अधिक उत्पादन और उच्च रिकवरी प्राप्त करने की तकनीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी. इसके बाद किसान महाराष्ट्र के पड़ेगांव गन्ना रिसर्च सेंटर और बारामती कृषि विज्ञान केंद्र का दौरा करेंगे, जहां उन्हें गन्ने की खेती में अनुसंधान आधारित नवीनतम तकनीकों की जानकारी मिलेगी. यात्रा के दौरान किसान पंढरपुर स्थित शक्कर कारखाने का भी भ्रमण करेंगे और शक्कर उत्पादन की प्रक्रिया को गहराई से समझेंगे. इसके बाद, सतारा में किसानों के साथ एक विशेष बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें गन्ने की खेती से जुड़े व्यावहारिक अनुभवों का आदान-प्रदान किया जाएगा. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य किसानों को गन्ने की खेती में आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी देना है, ताकि वे अपनी फसल में अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित कर सकें. इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि जिले में गन्ना उत्पादन को एक नई दिशा भी मिलेगी. इस अवसर पर दोनों शक्कर कारखानों के प्रबंधसंचालक, कैलाश चंद्रवंशी, भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे.

‘हम नई ऊर्जा और संकल्प के साथ विकसित बनने अग्रसर’, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का नववर्ष पर संदेश

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नववर्ष 2025 की पूर्व संध्या पर मंगलवार को प्रदेशवासियों के नाम एक पत्र लिखकर भावपूर्ण संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि वर्ष 2024 हमारे देश और राजस्थान के लिए उपलब्धियों और गर्व भरा रहा। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। इस वर्ष 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ और करोड़ों देशवासियों की अभिलाषा पूरी हुई। शर्मा ने कहा कि राजस्थान के लिए भी 2024 उपलब्धियों का वर्ष रहा। वर्षों से लंबित ईआरसीपी (पीकेसी) लिंक परियोजना की सौगात हमें इस वर्ष प्राप्त हुई। साथ ही, देवास परियोजना का काम शुरू होने तथा यमुना जल समझौते से प्रदेश के विकास और जल संकट के स्थाई समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनते ही हमने युवाओं को पेपरलीक के अभिशाप से मुक्ति दिलाते हुए भर्ती माफिया तंत्र का अंत किया और पेपरलीक मुक्‍त परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहली बार भर्ती परीक्षाओं का 2 साल का कैलेंडर जारी करते हुए युवाओं को मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव के माध्यम से रोजगार भी प्रदान किए। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए हमने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का सफल आयोजन किया, जिसमें 35 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी राजस्‍थान देश का अग्रणी प्रदेश बना है। हमारे किसान भाइयों को वर्ष 2027 तक दिन में बिजली उपलब्‍ध करवाने के संकल्‍प को पूरा करने की दिशा में राज्य सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में 2 लाख 24 हजार करोड़ रुपये के एमओयू किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस हाइवे बनाने के निर्णय से प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलेगी। इन सभी निर्णयों और केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं से विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्य की नींव रखी गई है। राज्य सरकार ने लिए कल्याणकारी फैसले— श्री शर्मा ने कहा राज्य सरकार ने राज्य के विभिन्न वर्गों के हित में कई कल्याणकारी फैसले लिए हैं। जिनमें किसानों की सम्मान निधि बढ़ाना, मातृवंदन योजना के तहत साढ़े चार लाख महिलाओं को सहायता, एक हजार नए आंगनबाड़ी केंद्र और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए लाडो प्रोत्साहन योजना शुरू करना तथा 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने जैसे निर्णय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, मा वाउचर योजना और रामाश्रय वार्ड की स्थापना से हमने स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित किए हैं। साथ ही, 35 हजार जरूरतमंदों को जमीन के पट्टे, 1 लाख 80 हजार घरों के निर्माण की स्वीकृति तथा 10 लाख परिवारों को पेयजल कनेक्शन देकर उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि खेल जगत में भी इस वर्ष प्रदेश का नाम देश-दुनिया में रोशन हुआ। पेरिस पैरा ओलंपिक में हमारे प्रदेश के आठ खिलाड़ियों ने भाग लेकर तीन पदक जीते। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2025 में सभी प्रदेशवासी नई ऊर्जा, नए संकल्प और नए उत्साह के साथ विकसित राजस्थान की ओर अग्रसर होंगे तथा नववर्ष प्रदेश के लिए उपलब्धियों भरा रहेगा।

नए साल में भीषण एक्सीडेंट: दर्शन के लिए निकला था परिवार, हुआ भीषण सड़क दुर्घटना, चार लोगों की मौत

नई दिल्ली नए साल की खुशियां महाराष्ट्र में एक दुखद हादसे से फीकी पड़ गईं। 1 जनवरी को अक्कलकोट के मिंदारगी के पास हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि सात से आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा इतना भयावह था कि सड़क पर बिखरे मंजर ने मौके पर मौजूद हर शख्स को हिला कर रख दिया। श्रद्धालुओं की यात्रा में आया मातम घटना उस समय हुई जब नांदेड़ जिले का एक परिवार स्कॉर्पियो गाड़ी से अक्कलकोट के श्री स्वामी समर्थ मंदिर में दर्शन के लिए गंगापुर जा रहा था। मिंदारगी के पास सामने से आ रहे वाहन ने उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में चार श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। घायलों का इलाज और राहत कार्य हादसे की सूचना मिलते ही अक्कलकोट पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल अक्कलकोट के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। दुर्घटना के कारण सड़क पर यातायात ठप हो गया था। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात को बहाल किया।   दुर्घटना की वजह का पता लगाने की कोशिश पुलिस ने बताया कि दुर्घटना की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। शुरुआती जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसा ड्राइवर की लापरवाही का नतीजा था या फिर खराब मौसम, धुंध, या सड़क की स्थिति इसके पीछे कारण थी। सड़क सुरक्षा की अहमियत यह हादसा सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने और सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर एक बड़ा संदेश देता है। नए साल की शुरुआत में हुई इस घटना ने सभी को गहरा झटका दिया है और परिवारों के लिए यह खुशी का दिन मातम में बदल गया।

भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024′ आज से लागू हो गया, 90 साल पुराना कानून होगा खत्म

नई दिल्ली भारत सरकार द्वारा विमान निर्माण और डिजाइन को प्रोत्साहन देने और विमानन क्षेत्र में कारोबार को आसान बनाने के लिए बनाए गए ‘भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024’ आज से लागू हो गया है। यह अधिनियम 90 वर्ष पुराने ‘विमान अधिनियम, 1934’ का स्थान लेगा। सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर 1 जनवरी, 2025 से इस अधिनियम को प्रभावी करने की घोषणा की। संसद ने इसे पिछले साल दिसंबर महीने की शुरुआत में मंजूरी दी थी। इस कानून का उद्देश्य विमान डिजाइन, निर्माण, रखरखाव, स्वामित्व, उपयोग, संचालन, बिक्री, निर्यात और आयात के नियमन और नियंत्रण को सुनिश्चित करना है। साथ ही यह विमानन क्षेत्र में सुधार और पारदर्शिता लाने का प्रयास करता है। नए कानून की प्रमुख विशेषताएं: अधिनियम विमान निर्माण और डिजाइन में भारतीय कंपनियों को सशक्त बनाएगा। यह पुराने कानून में मौजूद 21 बार संशोधन की गई जटिलताओं को दूर करेगा। भारत के तेजी से बढ़ते नागरिक विमानन बाजार को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने में सहायक होगा। यह अधिनियम केंद्र सरकार को वायुयान निर्माण, डिजाइन, मेंटेनेंस, स्वामित्व, इस्तेमाल, परिचालन, बिक्री, निर्यात और आयात पर पूरा नियंत्रण प्रदान करता है। वायुयान से जुड़े अन्य मामलों में भी नियमन और नियंत्रण का अधिकार केंद्र सरकार का होगा। अधिनियम में विमान को खतरनाक तरीके से उड़ाने, विमान में हथियार या विस्फोटक ले जाने, हवाई अड्डों के पास कूड़ा-कचरा फैलाने या जानवरों का वध करने को अपराध माना गया है। इन अपराधों के लिए तीन साल तक की कैद, एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून न केवल भारत को विमानन उद्योग में आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी एक मजबूत स्थिति प्रदान करेगा। ‘भारतीय वायुवान अधिनियम, 2024’ का लागू होना भारतीय विमानन क्षेत्र में सुधार और इनोवेशन का संकेत है। इससे देश में न केवल विमान निर्माण और डिजाइन के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि रोजगार और तकनीकी उन्नति के लिए भी नए द्वार खुलेंगे।

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