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मुख्यमंत्री साय बोले – छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं और संस्कृति को प्रदर्शित करने का माध्यम बनेगा राजिम कुंभ कल्प

रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रयाग के रूप में प्रसिद्ध  राजिम में 12 फरवरी से 26 फरवरी 2025 तक कुंभ कल्प का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष यह अद्भुत धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन 52 एकड़ के नए प्रस्तावित मेला स्थल में संपन्न होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन स्थित बैठक कक्ष में आज राजिम कुंभ कल्प के तैयारियों के संबंध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने शाही स्नान, गंगा आरती, संत समागम समेत कुंभ कल्प के प्रमुख आयोजनों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प 2025 धर्म, आस्था और संस्कृति का अद्भुत समागम होगा और यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं और  संस्कृति को प्रदर्शित करने का भी सुंदर माध्यम है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि श्रद्धालुओं को यहां अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त हो और यह आयोजन हमारी गौरवशाली विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाएं। मुख्यमंत्री श्री साय  ने राजिम कुंभ कल्प के आयोजन में शामिल समस्त विभागों और प्रशासनिक अमले को आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं के आवागमन की व्यवस्था, सुरक्षा संबंधी उपाय और स्वच्छता के लिए विशेष ध्यान देने को कहा। श्री साय ने कहा कि “हम सबकी जिम्मेदारी है कि इस आयोजन को सफल बनाएं और  छत्तीसगढ़ की पहचान के रूप में इसे स्थापित करें। उन्होंने 12 फरवरी को आयोजित माघी पुन्नी स्नान, 21 फरवरी जानकी जयंती के अवसर पर संत समागम और 26 फरवरी को होने वाले शाही स्नान की तैयारी पर विशेष ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री श्री साय को अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू ने राजिम कुंभ कल्प 2025 के आयोजन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से आयोजन स्थल में विभिन्न गतिविधियों के लिए निर्धारित स्थानों के बारे में बताया। कुंभ कल्प में नागरिक सुविधाओं, साधु संतों के आवागमन, शाही स्नान और गंगा आरती को लेकर विभाग के तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजिम कुंभ कल्प का शुभारंभ होगा और 26 फरवरी महाशिवरात्रि को इसका समापन होगा। राजिम कुंभ कल्प पैरी, महानदी और सोंढूर नदी के संगम पर आयोजित होगा। श्रद्धालु इन पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे। राजिम कुंभ कल्प के संपूर्ण आयोजन के लिए पर्यटन विभाग को नोडल बनाया गया है। 15 दिनों तक चलने वाले इस कुंभ कल्प में पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी साधु संतों का विराट समागम होगा। माघी पुन्नी स्नान, शाही स्नान, जानकी जयंती के अवसर पर संत समागम विशेष रूप से आयोजित होगा। प्रतिदिन सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन, मेला, मड़ई, मीना बाजार और विभागीय प्रदर्शनी भी कुंभ कल्प का विशेष आकर्षण के रूप में शामिल हैं। बैठक में विधायक श्री रोहित साहू, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, सचिव धर्मस्व श्री अन्बलगन पी., संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य, आईजी रायपुर श्री अमरेश मिश्रा, कलेक्टर गरियाबंद श्री दीपक अग्रवाल सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

श्री राम जन्मभूमि मंदिर में भगवान श्री रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ 11 जनवरी, 2025 को मनाई जाएगी

अयोध्या श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के प्रथम वर्षगांठ प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी तिथि के अनुसार पौष शुक्ल द्वादशी तदनुसार 11 जनवरी को है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इसे “प्रतिष्ठा द्वादशी “ का नाम दिया है। इस अवसर पर 11 जनवरी से 13 जनवरी तक राम मंदिर में चार स्थानों पर तीन दिवसीय आयोजन होंगे। अयोध्या के संत भी होंगे आमंत्रित समारोह में अयोध्या के संतो को आमंत्रित किया जा रहा है। जिसके लिए बैठक की गई और आमंत्रित करने वाले संतो की सूची फाइनल की गई। “प्रतिष्ठा द्वादशी “ के आयोजन पर अंगद टीला पर होने वाले समस्त कार्यक्रमों में सम्पूर्ण समाज को आमंत्रित किया जा रहा है। इसके लिए आमंत्रण पत्र भी बटना शुरू हो गया हैं। यहां आने के लिए आम श्रद्धालुओं को भी सुरक्षा सम्बन्धी कोई बाधा , रोक टोक नहीं होगी और प्रतिदिन भोजन प्रसाद भी सभी के लिए उपलब्ध रहेगा। ट्रस्ट महामंत्री चंपत राय ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा का प्रथम वर्ष भारतीय काल गणना के अनुसार मनाया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा पौष शुक्ल द्वादशी (22 जनवरी 2024) को की गई थी । वर्ष 2025 के जनवरी मास में पौष शुक्ल द्वादशी 11 जनवरी को है। इसे “प्रतिष्ठा द्वादशी “ कहा जाएगा, इस अवसर पर चार स्थानों पर तीन दिवसीय आयोजन होंगे। मंदिर परिसर के यज्ञ मण्डप में होंगे आयोजन उन्होंने बताया कि शुक्ल यजुर्वेद मध्यन्दनी शाखा के 40 अध्यायों के 1975 मंत्रो से अग्नि देवता को आहुति दी जाएगी, 11 वैदिक मन्त्रोंच्चार करेंगे| होम का यह कार्य प्रातः काल 8 से 11:00 बजे तक और अपराह्न 2 से सायं 5:00 बजे तक होगा। श्रीराम मंत्र का जप यज्ञ भी इसी कालखंड में दो सत्रों में होगा, 6 लाख मंत्र जप किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राम रक्षा स्त्रोत, हनुमान चालीसा, पुरुष सूक्त, श्री सूक्त, आदित्य हृदय स्तोत्र, अथर्वशीर्ष आदि के पारायण भी होंगे। द्वितीय स्थान मन्दिर के भूतल पर होंगे कार्यक्रम श्री चंपत राय ने बताया कि दक्षिणी दिशा के प्रार्थना मंडप में नित्य अपराह्न 3 से 5 बजे तक भगवान को राग सेवा प्रस्तुत की जाएगी। मंदिर की कोली में नित्य सायं काल 6 से 9:00 बजे तक रामलला के सम्मुख बधाई गान प्रस्तुत होंगे। तृतीय स्थान यात्री सुविधा केंद्र पर होंगे कार्यक्रम श्री चंपत राय ने बताया कि राम मंदिर के यात्री सुविधा केंद्र के प्रथम तल पर तीन दिवसीय संगीतमय मानस पाठ होगा। चतुर्थ स्थान अंगद टीला के मैदान में होंगे कार्यक्रम श्री चंपत राय ने बताया कि अंगद टीला के मैदान पर नित्य अपराह्न 2 से 3:30 बजे तक राम कथा और अपराह्न 3:30 से 5:00 बजे तक मानस पर प्रवचन होंगे। नित्य सायंकाल 5:30 से 7:30 बजे तक अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसी स्थान पर 11 जनवरी को प्रातः काल से भगवान के भोजन प्रसाद का वितरण प्रारंभ होगा|उन्होंने बताया कि अंगद टीला के समस्त कार्यक्रमों में सम्पूर्ण समाज सादर आमंत्रित है। यहां सुरक्षा सम्बन्धी कोई बाधा / रोक टोक नहीं होगी। इन स्थलों पर 11 से 13 जनवरी तक रोज होंगे कार्यक्रम 1- यज्ञ मंडप (मंदिर परिसर) – शुक्ल यजुर्वेद के मंत्रों से अग्निहोत्र (सुबह 8-11 बजे और दोपहर 2-5 बजे) – छह लाख श्रीराम मंत्र जाप, रामरक्षा स्त्रोत, हनुमान चालीसा, आदि का पाठ 2- मंदिर भूतल पर कार्यक्रम – राग सेवा (3 से 5 बजे) – बधाई गान (6 से 9 बजे) 3-यात्री सुविधा केंद्र के प्रथम तल पर – संगीतमय मानस पाठ 4- अंगद टीला – रामकथा (2 से 3:30 बजे) – मानस प्रवचन (3:30 से 5 बजे) – सांस्कृतिक कार्यक्रम (5:30 से 7:30 बजे) – भगवान का प्रसाद वितरण (प्रातः काल से)

महाभारत से सीखें लाइफ मैनेजमेंट टिप्स: नए साल में 5 बातें अपनाएंगे तो मुश्किल कामों में भी मिल सकती है सफलता

Learn life management tips from Mahabharata: If you adopt these 5 things in the new year, you can get success even in difficult tasks नया साल 2025 शुरू हो गया है। पिछले साल मिली असफलताओं और अपनी गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ेंगे तो इस बार सफलता जरूर मिल सकती है। महाभारत के किस्सों से समझें लाइफ मैनेजमेंट की 5 टिप्स, जिन्हें फॉलो करने से आपकी प्रॉब्लम्स दूर हो जाएंगी और मुश्किल काम में भी सफलता मिलने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी… 1. एकता बनाए रखें, साथियों पर भरोसा करें 2. अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएं 3. लक्ष्य बनाएं और उसी पर पूरा ध्यान लगाएं 4. समय का ही सही उपयोग जरूर करें 5. विकल्पों का चयन सतर्कता से करें

इंदौर प्रशासन ने अब भीख देने और भिखारियों से कोई सामान खरीदने पर कानूनी रोक लगाई

इंदौर इंदौर को भिक्षावृत्ति से मुक्त करने की कोशिशों में जुटे प्रशासन ने अब भीख देने और भिखारियों से कोई सामान खरीदने पर कानूनी रोक लगा दी है और इस प्रतिबंध के उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इंदौर में यदि अब कोई भीख देता हुआ पकड़ा गया तो 1000 रुपए जुर्माना वसूल किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारी आशीष सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी आदेश में कहा, ‘किसी भी प्रकार की भिक्षावृत्ति को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाता है। भिक्षुओं को भिक्षास्वरूप कुछ भी देना या उनसे किसी भी प्रकार का सामान खरीदना प्रतिबंधित किया जाता है।’ आदेश में कहा गया कि जो व्यक्ति भिखारियों को भिक्षास्वरूप कोई भी चीज देता या उनसे कोई सामान खरीदता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी इस आदेश के उल्लंघन पर कानूनी कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि आदेश के उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस कानूनी प्रावधान के तहत दोषी को एक वर्ष तक के कारावास या 5,000 रुपये तक के जुर्माने या दोनों सजाओं से दंडित किया जा सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रशासन के आदेश में भिक्षावृत्ति की सही सूचना देने वाले व्यक्ति को प्रोत्साहन राशि के रूप में 1,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की गई है। महिला और बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी दिनेश मिश्रा ने बताया कि शहर में गुजरे चार महीनों के दौरान भिक्षावृत्ति में शामिल करीब 400 लोगों को पुनर्वास के लिए एक आश्रय स्थल भेजा गया है, जबकि 64 बच्चों को बाल देखरेख संस्थान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा, ‘पिछले चार महीनों के दौरान हमने लोगों को भिक्षावृत्ति के खिलाफ जागरूक करने के लिए अलग-अलग अभियान चलाए। अब भीख लेने वाले और भीख देने वाले, दोनों तरह के लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’ केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने देश के 10 शहरों को भिक्षुकमुक्त बनाए जाने की प्रायोगिक (पायलट) परियोजना शुरू की है जिनमें इंदौर शामिल है।

IAS अधिकारी आकाश त्रिपाठी अपनी प्रतिनियुक्ति अवधि खत्म होने के पहले राज्य सरकार के आग्रह पर एमपी लौटेंगे

भोपाल   केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ एमपी कैडर के दो आईएएस अधिकारी इसी माह मध्यप्रदेश लौटने वाले हैं। आईएएस अधिकारी आकाश त्रिपाठी अपनी प्रतिनियुक्ति अवधि खत्म होने के पहले राज्य सरकार के आग्रह पर एमपी लौटने वाले हैं वहीं दिल्ली में स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ रूही खान अपने व्यक्तिगत कारणों एमपी लौटेंगी। प्रमुख सचिव स्तर के 1998 बैच के आईएएस अधिकारी आकाश त्रिपाठी एमपी में इंदौर कलेक्टर रहने के साथ विभिन्न विभागों में उपसचिव और सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। त्रिपाठी अक्टूबर 2022 से भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन मंत्रालय में माय जीओवी के सीईओ के तौर पर काम कर रहे हैं। मोहन यादव सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर आकाश त्रिपाठी को एमपी वापस भेजने का आग्रह किया है जिसे केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है और माना जा रहा है कि आकाश त्रिपाठी इसी माह एमपी वापस लौट सकते हैं। उनकी वापसी के बाद मोहन सरकार उन्हें किसी महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी सौंपने वाली है। दूसरी ओर राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस पद पर प्रमोट होने वाली 2013 बैच की आईएएस अधिकारी रूही खान अपने व्यक्तिगत कारणों की वजह से केंद्र में प्रतिनियुक्ति अवधि खत्म होने के पहले एमपी लौटने वाली हैं। केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण मंत्रालय ने इसे मंजूरी देते हुए उन्हें पैरेंटल कैडर मध्यप्रदेश लौटने की सहमति दे दी है। रूही खान भी जल्दी ही भोपाल में मंत्रालय में अपनी आमद देने वाली हैं। खान अभी दिल्ली में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में उपसचिव के पद पर पदस्थ हैं।  

संजीव खन्ना, बीआर गवई के बाद सूर्यकांत 2025 में SC को मिलेंगे तीन चीफ जस्टिस और रिटायर होंगे सात जज

 नई दिल्ली नए साल 2025 में सुप्रीम कोर्ट तीन मुख्य न्यायाधीशों के नेतृत्व में काम करेगा. इस साल दो चीफ जस्टिस समेत सात जज रिटायर होंगे. मौजूदा मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना 13 मई 2025 को सेवानिवृत्त होंगे. जस्टिस खन्ना दिल्ली हाईकोर्ट से 18 जनवरी 2019 को सुप्रीम कोर्ट में आए थे. चीफ जस्टिस के रूप में उनका कार्यकाल 11 नवंबर 2024 से 13 मई 2025 तक होगा. सीजेआई खन्ना के बाद जस्टिस बी.आर गवई चीफ जस्टिस बनेंगे. वह अगले छह महीने यानी 23 नवंबर तक इस पद पर रहेंगे. इसी साल तीसरे चीफ जस्टिस सूर्यकांत बनेंगे. उनका कार्यकाल करीब सवा साल फरवरी 2027 तक होगा. इस साल 2025 में सेवानिवृत्त होने वाले अन्य पांच जजों में जस्टिस सी.टी. रवि कुमार सबसे पहले हैं. वो तीन साल से अधिक का कार्यकाल पूरा कर 5 जनवरी 2025 को रिटायर होंगे. जस्टिस रवि कुमार 31 अगस्त, 2021 को केरल हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में आए थे. इसके बाद जस्टिस हृषिकेश रॉय चार साल से अधिक का सेवाकाल पूरा कर 31 जनवरी को रिटायर होंगे. जस्टिस हृषिकेश रॉय गुवाहटी हाईकोर्ट और फिर केरल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रहे. जस्टिस रॉय 23 सितंबर, 2019 को सुप्रीम कोर्ट आए थे. न्यायमूर्ति अभय श्रीनिवास ओक 24 मई, 2025 को अपना तीन साल से अधिक का सेवाकाल पूरा कर रिटायर होंगे. वह बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश बने फिर 2019 में कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाए. जस्टिस ओक 31 अगस्त 2021 को सुप्रीम कोर्ट आए थे. जस्टिस ओक के रिटायरमेंट के अगले महीने जस्टिस बेला माधुर्य त्रिवेदी 9 जून, 2025 को रिटायर होंगी. वह 31 अगस्त 2021 को गुजरात हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट आईं थीं. इसके बाद जस्टिस सुधांशु धूलिया 9 अगस्त 2025 को सेवानिवृत्त होंगे. ये उत्तराखंड हाईकोर्ट से जनवरी 2021 में गुवाहटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस नियुक्त किए गए थे. जस्टिस धूलिया वहां से 9 मई, 2022 को सुप्रीम कोर्ट आए थे. इसके बाद चीफ जस्टिस पद से जस्टिस बी.आर. गवई 23 नवंबर, 2025 को रिटायर होंगे. जस्टिस गवई बॉम्बे हाईकोर्ट से 24 मई, 2019 को सुप्रीम कोर्ट आए. वो मई में चीफ जस्टिस बनेंगे और छह महीने से ज्यादा वक्त तक देश की सर्वोच्च न्यायपालिका का नेतृत्व करेंगे. सुप्रीम कोर्ट के कितने न्यायाधीश 2025 में होंगे रिटायर? जस्टिस सीटी रविकुमार साल 2025 में सबसे पहले जस्टिस सीटी रविकुमार रिटायर होंगे. उन्होंने 31 अगस्त 2021 में सुप्रीम कोर्ट में बतौर न्यायाधीश के तौर पर सेवा देना शुरू किया था. जस्टिस सीटी रविकुमार इसी हफ्ते 5 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं. उन्होंने केरल राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष, केरल न्यायिक अकादमी के अध्यक्ष और केरल राज्य मध्यस्थता और सुलह केंद्र के अध्यक्ष सहित कई प्रमुख पदों पर काम किया है. बतौर न्यायाधीश उनके कुछ अहम फैसलों में पॉक्सो अधिनियम के अनुपालन से जुड़े मामलों पर महत्वपूर्ण फैसले, चुनावी वादों का सरकार के वित्त पर असर और गुरमेल सिंह मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 149 की व्याख्या शामिल है. हाल के फैसलों (2024) में, उन्होंने जुवेनाइल जस्टिस समय-सीमा और बाल हिरासत मामलों पर अहम फैसले लिए हैं. जस्टिस ऋषिकेष रॉय जस्टिस ऋषिकेष रॉय इस साल रिटायर होने पर दूसरे सुप्रीम कोर्ट जज होंगे. 31 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में उनका आखिरी दिन होगा. इससे पहले वह केरल हाईकोर्ट में बतौर चीफ जस्टिस कार्यरत थे. चीफ जस्टिस संजीव खन्ना चीफ जस्टिस संजीव खन्ना इसी साल मई में रिटायर हो जाएंगे. उन्हें साल 2019 में दिल्ली हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट किया गया था. पिछले साल नवंबर में संजीव खन्ना शीर्ष न्यायालय के चीफ जस्टिस बने थे. उन्होंने एक ऐतिहासिक 7 न्यायाधीशों के बेंच के फैसले में अहम भूमिका निभाई थी. इस फैसले में बिना मुहर वाले मध्यस्थता समझौतों पर कानून को स्पष्ट किया था. बतौर न्यायाधीश चीफ जस्टिस संजीव खन्ना शिल्पा शैलेश बनाम वरुण श्रीनिवासन केस (2023) में एक अहम संवैधानिक पीठ के फैसले में शामिल थे. इस फैसले में अनुच्छेद 142 के तहत तलाक के लिए एक वैध आधार की व्याख्या की थी. इसमें तय किसी गया था कि ‘जब किसी शादी में जुड़ाव की कोई गुंजाइश न बच जाए’ तो वह तलाक का आधार माना जा सकता है. इसके अलावा अन्ना मैथ्यूज बनाम भारत का सर्वोच्च न्यायालय (2023) मामले में, उन्होंने न्यायिक नियुक्तियों में पात्रता और उपयुक्तता के बीच महत्वपूर्ण अंतर को परिभाषित किया था. यह फैसला देते हुए कि पात्रता न्यायिक समीक्षा के अधीन है, उपयुक्तता इसके दायरे से बाहर है. जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका भी मई में रिटायर होंगे. 24 मई में सुप्रीम कोर्ट में उनका आखिरी दिन होगा. जस्टिस अभय बॉम्बे हाईकोर्ट में न्यायाधीश थे, इसके बाद वह कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने. साल 2021 में जस्टिस अभय सुप्रीम कोर्ट में जज बने थे. जस्टिस बेला एम त्रिवेदी जस्टिस बेला एम त्रिवेदी भी इसी साल रिटायर होंगी. 9 जून 2025 को सुप्रीम कोर्ट में उनका आखिरी कार्यदिवस होगा. जस्टिस बेला 2021 के अगस्त में सुप्रीम कोर्ट की जज बनी थीं, इससे पहले वह गुजरात हाईकोर्ट में जज रही चुकीं हैं. जस्टिस सुधांशु धुलिया जस्टिस सुधांशु धुलिया 9 अगस्त 2025 को रिटायर होंगे. 9 मई 2022 को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में बतौर न्यायाधीश पद की शपथ ली थी. इससे पहले वह उत्तराखंड हाईकोर्ट में जज रह चुके हैं. साल 2021 से मई 2022 तक वह गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस भी रह चुके हैं. जस्टिस बीआर गवई जस्टिस बीआर गवई इसी साल 23 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हो जाएंगे. रिटायरमेंट से पहले मई 2025 में चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की जगह ले लेंगे. बीआर गवई उस पीठ का हिस्सा थे जिसने अधिवक्ता प्रशांत भूषण (2020) के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई की थी और न्यायिक गरिमा बनाए रखने के महत्व पर जोर देते हुए 1 रुपये का प्रतीकात्मक जुर्माना लगाया था. इसके अलावा बीआर गवई ने पट्टाली मक्कल काची मामले (2022) में आरक्षण नीति पर महत्वपूर्ण फैसला दिया था. उन्होंने पुराने डेटा पर निर्भरता के कारण वन्नियार समुदाय के लिए तमिलनाडु सरकार के 10.5% आरक्षण के खिलाफ फैसला सुनाया था. जस्टिस बीआर गवई को न्याय से जुड़े फिलॉस्फी के जानकार के तौर पर माना जाता है. उन्होंने एक बार कहा था, कानून की प्रैक्टिस सीखने की एक शाश्वत प्रक्रिया है … Read more

आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास वर्ष-2025 में 20 अद्वैत जागरण युवा शिविर आयोजित करेगा

भोपाल आचार्य शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन और शिक्षाओं से युवाओं को परिष्कृत और सुसंस्कृत बनाने के लिए आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास वर्ष-2025 में 20 अद्वैत जागरण युवा शिविर आयोजित करेगा। 10 आचार्यों की दिव्य सान्निध्य में देश-विदेश के 18 वर्ष से 40 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभाशाली युवा अद्वैत वेदान्त अध्ययन कर सकेंगे। शिविर में शामिल होने के लिए इच्छुक युवा www.oneness.org.in पर जाकर पंजीयन करा सकते हैं। वर्ष-2025 का प्रथम शिविर 17 से 26 जनवरी तक आयोजित होगा। इसमें चिन्मय गार्डन, कोयम्बटूर, तमिलनाडु की स्वामिनी विमलानंद सरस्वती मनीषा पंचकम के माध्यम से युवाओं को अद्वैत से जोड़ेंगी। इसके बाद 1 से 10 फरवरी एवं 1 अगस्त से 10 अगस्त तक आर्ष विद्या गुरुकुलम्, कोयम्बटूर, तमिलनाडु में स्वामी परमात्मानंद सरस्वती तत्वबोध पर, 8 से 17 फरवरी तक ओंकारेश्वर आश्रम, मध्यप्रदेश में स्वामी प्रबुद्धानंद सरस्वती तत्वबोध पर, 15 से 24 फरवरी एवं 22 जून से 1 जुलाई तक अद्वैत आश्रम, मायावती, उत्तराखंड में स्वामी शुद्धिदानंद विवेक चूड़ामणि पर, 01 से 10 अप्रैल तक चिन्मय तपोवन, सिद्धबाड़ी, हिमाचल प्रदेश में स्वामी मित्रानंद सरस्वती, साधना पंचकम् पर, 4 से 13 अप्रैल एवं 21 से 30 मई तक तपोवन कुटी, उत्तरकाशी, उत्तराखंड में स्वामी हरिब्रह्न्द्रानंद तीर्थ तत्वबोध पर, 14 से 23 जुलाई तक चिन्मय इंटरनेशनल फाउंडेशन, केरल में स्वामी स्वात्मानंद सरस्वती साधना पंचकम पर युवाओं को अद्वैत वेदान्त का अध्ययन कराएंगे। युवाओं को 12 से 21 अगस्त एवं 23 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चिन्मय गार्डन, कोयम्बटूर, तमिलनाडु की स्वामिनी विमलानंद सरस्वती मनीषा पंचकम पर 27 अगस्त से 5 सितंबर एवं 24 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चिन्मय विभूति, पुणे, (महाराष्ट्र) में स्वामी अद्वैतानंद सरस्वती तत्वबोध पर, 4 से 13 अक्टूबर तक ओंकारेश्वर आश्रम, मध्यप्रदेश में स्वामिनी प्रव्राजिका दिव्यानंद प्राण तत्वबोध पर, 1 से 10 नवंबर तक आर्ष विद्या मंदिर, राजकोट, गुजरात के स्वामी परमात्मानंद सरस्वती तत्वबोध पर, 21 से 30 नवंबर तक चिन्मय तरंगिणी, चेन्नई, तमिलनाडु में स्वामी मित्रानंद सरस्वती भज गोविंदम् पर तथा इस वर्ष के अंतिम शिविर में 5 से 14 दिसंबर तक ओंकारेश्वर आश्रम में स्वामी प्रबुद्धानंद सरस्वती तत्वबोध पर युवाओं को व्याख्यान देंगे।  

राजस्थान पुलिस में पहली बार किसी इंस्पेक्टर ने ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया और वो भी विजेता बनी, थानेदार ने रच दिया इतिहास

राजस्थान  राजस्थान पुलिस ने एक नई मिसाल पेश की है दरअसल वैशाली नगर थाने में पोस्टेड महिला सब इंस्पेक्टर हेमलता शर्मा ब्यूटी कांटेस्ट जीत गईं। ‘मिसेज इंडिया ग्लैम’ का टाइटल जीतकर हेमलता ना सिर्फ पुलिस महकमे बल्कि समाज में भी एक प्रेरणास्त्रोत बन चुकी है । यह पहली बार था जब हेमलता ने किसी ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया और वो भी विजेता बनकर उभरीं। पहली बार किया पार्टिसिपेट, जीता टाइटल हेमलता शर्मा, जो जयपुर के वैशाली नगर थाने में सब इंस्पेक्टर के रूप में तैनात हैं, इस इवेंट के पहले किसी भी ब्यूटी कॉन्टेस्ट में शामिल नहीं हुई थीं। हालांकि आयोजकों से संपर्क होने के बाद उन्होंने अपनी नकारात्मक सोच को बदलते हुए इस प्रतियोगिता में भाग लेने का निर्णय लिया। इवेंट के आयोजकों ने हेमलता को आश्वासन दिया कि इस प्रतियोगिता में दो श्रेणियाँ हैं, जिनमें से एक मिसेज कैटेगरी में वे भाग ले सकती हैं। घरवालों का मिला साथ, प्रैक्टिस से मिली जीत हेमलता ने जब अपने घरवालों को इस इवेंट के बारे में बताया, तो उन्होंने भी उनका हौसला बढ़ाया। इसके बाद हेमलता ने रैंप वॉक की प्रैक्टिस की और एक्सपर्ट से मार्गदर्शन लिया। हालांकि शुरुआत में वह थोड़ी नर्वस भी थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करती रहीं। जयपुर में आयोजित इस प्रतियोगिता में 15 प्रतियोगी थे, लेकिन हेमलता का रैंप वॉक सभी से अलग था और सबसे ज्यादा सराहा गया। परिणामस्वरूप, उन्हें ‘मिसेज इंडिया ग्लैम’ का खिताब जीतने का गौरव प्राप्त हुआ। उनकी जीत ने यह साबित कर दिया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में मुकाम हासिल कर सकती हैं, चाहे वो पुलिस विभाग हो या फिर ब्यूटी कॉन्टेस्ट। पुलिस विभाग की ओर से बधाई हेमलता शर्मा की इस उपलब्धि पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनकी मेहनत व समर्पण को सराह रहे हैं। हेमलता की जीत ना केवल उनके लिए बल्कि पूरे राजस्थान पुलिस के लिए गर्व की बात है।

वंदे भारत स्लीपर का ट्रायल, 180 किलोमीटर की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ी

नई दिल्ली वंदे भारत ट्रेन ने लोगों का सफर पहले से आरामदायक बना दिया है. अब वंदे भारत स्लीपर को चलाने की तैयारियां आखिरी चरण में है. इसके लिए राजस्थान, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश में 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन किया जा रहा है. रेल यात्री लंबे समय से वंदे भारत स्लीपर का इंतजार कर रहे हैं. फिलहाल देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन चल रहा है. कोच में वजन लोड किया जा रहा ट्रायल राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में रेलवे पटरियों पर वंदे भारत स्लीपर को फर्राटा भरते हुए देखा जा सकता है. मध्यप्रदेश के खजुराहो, यूपी के महोबा रेल खंड और राजस्थान के कोटा रेल खंड पर वंदे भारत स्लीपर का ट्रायल रन हो रहा है. ट्रायल रन के दौरान स्लीपर वंदे भारत के खाली कोचों में वजन लोड कर किया जा रहा है. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन लखनऊ स्थित रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) द्वारा किया जा रहा है. किस जगह पर ट्रायल हुआ पूरा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन पिछले सप्ताह शुरू हुआ था और इसे दो चरणों में दो स्थानों पर चलाया जाएगा. इनमें से आरडीएसओ ने सोमवार 30 दिसंबर, 2024 को उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के झांसी डिवीजन में ट्रायल रन पूरा कर लिया.  वंदे भारत स्लीपर का विभिन्न मोडों – लोडेड (फुलाया/डिफ्लेट किया हुआ) और खाली (फुलाया/डिफ्लेट किया हुआ) में 180 किमी प्रति घंटे (परीक्षण गति) तक दोलन परीक्षण वंदे स्लीपर जेएचएस डिवीजन में कार्य पूरा हो चुका है. जल्द वंदे भारत स्लीपर में कर सकेंगे सफर अब ट्रायल रन का दूसरा चरण पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के कोटा डिवीजन में हुआ है. कोटा डिवीजन में किए जाने वाले वंदे स्लीपर ट्रायल के दूसरे चरण में शामिल हैं. विभिन्न मोड में 180 किमी प्रति घंटे (टेस्ट स्पीड) तक ऑसिलेशन ट्रायल, विभिन्न ब्रेकिंग मोड में ब्रेक परफॉर्मेंस ट्रायल और विभिन्न ऑपरेटिंग + ब्रेकिंग मोड में कपलर फोर्स ट्रायल किया गया है. ट्रायल रन पूरा होने के बाद वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात देश वासियों को मिलेगी. 26 जनवरी से पहले वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिल सकती है. वंदे भारत की 180KM स्पीड, रेलमंत्री वैष्णव ने वीडियो किया ट्वीट देश की पहली AC स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल हो गया है। कोटा रेल मंडल में दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ ट्रेन का ट्रायल किया गया। लखनऊ की रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) ट्रेन का ट्रायल कर रही है। मूवमेंट इंस्पेक्टर सुशील जेठवानी और लोको निरीक्षक आरएन मीना ने RDSO लखनऊ टीम के साथ को-ऑर्डिनेट किया। नागदा, सवाई माधोपुर से कोटा के बीच ट्रायल किया गया। ट्रायल का वीडियो रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने X हैंडल पर पोस्ट किया। वीडियो में देख सकते हैं कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 180 की स्पीड से दौड़ रही है और वीडियो में ट्रेन के एक कोच में रखा पानी का गिलास भी नजर आएगा, जिसे देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि वंदे भारत ट्रेन की इतनी ज्यादा स्पीड होने पर भी गिलास डगमगाया नहीं। इससे पानी छलका तक नहीं। ट्रेन का ट्रायल अलग-अलग इलाकों में जनवरी के पूरे महीने तक चलता रहेगा। ट्रायल पूरा होने के बाद रिपोर्ट रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। एक रूट पर अलग-अलग स्पीड से लिया गया ट्रायल मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान को इस साल वंदे भारत AC स्लीपर ट्रेन मिलेगी, जो मारवाड़ से रवाना होकर दिल्ली-मुंबई रूट पर दौड़ेगी। इसका किराया चेयर कार और एग्जीक्यूटिव कैटेगरी जितना ही होगा। वहीं ट्रेन के फीचर्स ऐसे होंगे कि यात्रियों को जरा-सी परेशानी न होगी। ट्रेन के नए AC स्लीपर मॉडल के लिए जोधपुर में सेंट्रलाइज मेंटेनेंस डिपो बनेगा, जिसे बनाने पर करीब 166 करोड़ खर्च होंगे। सिर्फ यही ट्रेन नहीं, बल्कि पूरे देश में जो भी वंदे भारत ट्रेन दौड़ेंगी, उनका मेंटेनेंस यहीं होगा। सीनियर DCM सौरभ जैन ने बताया कि वंदे भारत को कोटा के नागदा रेल खंड में रोहल खुर्द और चौमहला के बीच दौड़ाया गया और इसमें यात्रियों के बराबर वजन रखकर ही ट्रायल किया गया था। 31 दिसंबर को पहले 130, फिर 140 और फिर 150 की स्पीड से ट्रायल हुआ। 1 जनवरी 2025 को 160 और रोहल खुर्द विक्रमगढ़ के बीच 177 किलोमीटर की स्पीड से ट्रायल किया गया। इसके बाद रोहल खुर्द से कोटा के बीच 40 किलोमीटर की दूरी ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तय की।  

केंद्रीय कर्मचारियों की लगेगी लॉटरी, कर्मचारियों-पेंशनरों को नए साल में मिलेगा बड़ा गिफ्ट

नईदिल्ली केंद्र सरकार नए साल में केंद्रीय कर्मचारियों को तोहफा दे सकती है। सरकार जनवरी में महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 3-4 प्रतिशत तक की DA बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है। डीए में यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2025 से लागू मानी जाएगी। हालांकि, अगर पिछले सालों का रिकॉर्ड देखें तो सरकार जनवरी के डीए बढ़ाने का ऐलान मार्च में करती है। सरकार डीए बढ़ाने का ऐलान कभी भी करें लेकिन इसे लागू 1 जनवरी से ही माना जाता है। सरकार साल में 2 बार डीए बढ़ाती है 1 जनवरी और 1 जुलाई। अभी 53 फीसदी है महंगाई भत्ता और महंगाई राहत पिछले साल भी DA में बढ़ोतरी अक्टूबर के पहले सप्ताह में की गई थी। लेकिन इसे लागू 1 जुलाई से माना गया था। सरकार ने अक्टूबर में डीए में 3 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। तब डीए बढ़कर 53 फीसदी हो गया था। इससे पहले मार्च 2024 में डीए 4 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। तब महंगाई भत्ता 4 प्रतिशत बढ़ने से बेसिक पे का 50 प्रतिशत हो गया था। अब डीए बेसिक सैलरी का 53 फीसदी है। साथ ही पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) भी 53 फीसदी है। DA और DR हर साल दो बार बढ़ाए जाते हैं। DA केंद्रीय कर्मचारियों को दिया जाता है, जबकि DR पेंशनर्स को दिया जाता है। क्या 57 फीसदी होगा महंगाई भत्ता? अगर सरकार 4 फीसदी डीए बढ़ाती है तो डीए बढ़ाकर 57 फीसदी होगा। अगर सरकार नए साल में डीए 3 फीसदी बढ़ाती है तो ये बढ़कर 56 फीसदी होगा। COVID-19 के दौरान रुके हुए DA बकाए का क्या होगा? हाल ही में संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया कि सरकार COVID-19 महामारी के दौरान रोके गए 18 महीने के DA और DR के बकाए को जारी करने की संभावना नहीं देख रही है। मंत्री पंकज चौधरी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के 18 महीने के DA और DR बकाए को जारी करने पर विचारनहीं कर रही है जिसे COVID-19 के दौरान रोका गया था। कोविड महामारी के कारण आर्थिक परेशानी के चलते जनवरी 2020, जुलाई 2020 और जनवरी 2021 की तीन किश्तों को रोका गया था।

प्रयागराज महाकुम्भ की शुरुआत से पहले सज रही संगम नगरी, एयरपोर्ट से संगम नगरी तक 16 KM लंबा वीवीआईपी कॉरिडोर तैयार…

 प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कुंभ मेला 2025 की तैयारियों के तहत शहर का स्वरूप पूरी तरह बदल रहा है. संगम नगरी को एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 16 किलोमीटर लंबा और 550 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा VVIP कॉरिडोर लगभग तैयार हो चुका है. लोगों का कहना है कि यह कॉरिडोर न केवल यातायात को सुगम बना रहा है, बल्कि शहर की सुंदरता से भी ध्यान खींच रहा है. बता दें कि संगम की रेती पर कुंभ मेला की शुरुआत से पहले सज रही नगरी में प्रयागराज एयरपोर्ट (Prayagraj Airport) से संगम तक 16 किलोमीटर लंबा वीवीआईपी कॉरिडोर (VVIP Corridor) बनाया गया है. इस वीवीआईपी कॉरिडोर को बनाने में 550 करोड़ रुपये की लागत आई है. वीवीआईपी कॉरिडोर में पड़ने वाले चौराहों पर नटराज, नंदी, ऋषि-मुनियों की कलाकृतियां लगाई गई हैं. वहीं प्रयागराज एयरपोर्ट से आधा किलोमीटर आगे 84 विशेष स्तंभ लगाए गए हैं, जो चौरासी स्तंभ सृष्टि के सार का प्रतीक हैं. सनातन परंपरा में 84 लाख योनियां बताई गई हैं, यहां 84 स्तंभ उन्हीं के प्रतीक हैं. लाल पत्थर से तैयार किए जा रहे खंभों पर भगवान शिव के सहस्त्र नाम भी अंकित किए गए हैं. सड़कों के किनारे पौधे लगाए गए हैं, जिनमें फूलों के भी पौधे शामिल हैं. यहां आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि एक समय इस सड़क से गुजरने से डर लगता था, क्योंकि यहां सन्नाट पसरा रहता था, लेकिन एयरपोर्ट से जुड़ने के बाद इस सड़क का महत्व तो बढ़ा ही, साथ ही आवागमन भी तेज हो गया. वहीं दूसरी ओर सुंदरीकरण से सड़क का कायाकल्प हो गया. 84 विशेष स्तंभ भी लगाए गए हैं  प्रयागराज एयरपोर्ट से आधा किलोमीटर आगे 84 विशेष स्तंभ लगाए गए हैं. ये चौरासी स्तंभ सृष्टि के सार का प्रतीक है. सनातन परंपरा में 84 लाख योनियां होती हैं, 84 स्तंभ 84 लाख योनियों का प्रतीक हैं. लाल पत्थर से तैयार किए जा रहे इन खंभों पर भगवान शिव के सहस्त्र नाम भी अंकित किए गए हैं. यही नहीं सड़कों के किनारे पेड़-पौधे भी लगाए गए हैं, जिसमें फूलों के भी पौधे भी शामिल हैं. जिसकी वजह से सड़क की खूबसूरती बढ़ गई है. कभी इस सड़क पर सन्नाटा पसरा रहता था   आपको बता दें, एक समय था इस सड़क से लोग गुजरने से डरते थे, क्योंकि इन सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता था. लेकिन एयरपोर्ट पर जाने के बाद इस सड़क का महत्व तो बढ़ा ही साथ ही सड़क पर आवागमन भी तेज हो गया. वहीं दूसरी ओर सुंदरीकरण से इस सड़क का कायाकल्प भी हो गया. हर कोई इस सड़क से गुजरने वाला अब इस काम की जमकर तारीफ कर रहा है.  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज करेंगे चंबल अभयारण्य का भ्रमण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वन्य जीव पर्यटन की दिशा में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। आज शनिवार 4 जनवरी से वन्य-जीव पर्यटन को एक नया आयाम मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चंबल अभयारण्य का भ्रमण कर चंबल नदी के घड़ियाल अभयारण्य की व्यवस्थाओं का अवलोकन कर पर्यटन सुविधाओं का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रकृति ने मध्यप्रदेश को कई वरदान दिए हैं। सघन वन, वृक्षों की विविधता के साथ ही वन्य-प्राणियों की भी विविधता मध्यप्रदेश में देखने को मिलती है। वनों और वन्य-प्राणियों से मध्यप्रदेश की एक अलग पहचान बनी है। मध्यप्रदेश बाघ, तेंदुआ और घड़ियाल जैसे प्राणियों की सर्वाधिक संख्या वाला प्रदेश है। चीता पुनर्स्थापन करने वाला मध्यप्रदेश एक मात्र प्रदेश है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में ही नहीं पूरे विश्व में सर्वाधिक घड़ियाल चंबल नदी में पाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि विश्व में लगभग तीन हजार घड़ियाल हैं, तो इनमें से 85 प्रतिशत चंबल नदी में हैं। करीब चार दशक पहले घड़ियालों की गणना का कार्य शुरू हुआ, जिससे घड़ियालों के इतनी बड़ी संख्या में चंबल में होने की जानकारियां सामने आईं। जनवरी और फरवरी महीने में अनुकूल तापमान का अनुभव कर घड़ियाल पानी से बाहर निकलते हैं और उस वक्त घड़ियालों और मगरमच्छों की गिनती आसानी से हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य को राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल वन्य-जीव अभयारण्य के नाम से भी जाना जाता है। पर्यटकों में यह चंबल बोट सफारी के नाम से प्रसिद्ध है। यह तीन राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के संयुक्त प्रयासों से एक प्रमुख संरक्षण परियोजना है। मध्यप्रदेश में वर्ष 1978 में इसे वन्य-जीव अभयारण्य के रूप में मान्यता दी गई थी। चंबल घड़ियाल वन्य-जीव अभयारण्य का मुख्य उद्देश्य लुप्तप्राय घड़ियाल, लाल मुकुट वाले छत कछुए और लुप्तप्राय गांगेय डॉल्फिन को संरक्षित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अभयारण्य लगभग साढ़े पांच वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। पहाड़ियों और रेतीले समुद्र तटों से यह धरती भरी हुई है। यह वन्य-जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित है और इसका मुख्यालय मुरैना में है। घड़ियालों और गंगा डॉल्फिनों का निवास स्थान, पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है। घड़ियाल, लाल मुकुट वाले कछुए और डॉल्फ़िन यहाँ पाए जाते हैं। अन्य जानवर जो (दुर्लभ) श्रेणी में हैं, उनमें मगरमच्छ, चिकने-लेपित ऊदबिलाव, धारीदार लकड़बग्घा और भारतीय भेड़िये हैं, जो संरक्षण सूची की अनुसूची-1 में शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंबल नदी में कछुआ परिवार की 26 दुर्लभ प्रजातियों में से 08 प्रजातियाँ पाई जाती हैं। इनमें भारतीय संकीर्ण सिर एवं नरम खोल वाला कछुआ, तीन धारीदार छत वाला कछुआ और मुकुटधारी नदी वाला कछुआ शामिल हैं, जो यहां की पहचान है। शीतकाल है घड़ियाल देखने का उपयुक्त समय चंबल में घड़ियाल अभयारण्य देखने के लिए यात्रा का सर्वोत्तम समय अक्टूबर से जून तक रहता है। शीतकाल में घड़ियाल देखने और यह क्षेत्र घूमने का सबसे अच्छा समय माना गया है। राष्ट्रीय चंबल वन्य-जीव अभयारण्य में प्रकृति को देखने की बहुत सी गतिविधियाँ होती हैं। घड़ियाल, डॉल्फ़िन, अन्य सरीसृप, जल निकायों और सुंदर परिदृश्य की फोटोग्राफी नाव की सवारी से की जा सकती है। यहाँ की घाटियों और नदियों के किनारे पगडंडियों पर चलना प्रकृति को करीब से देखने का मौका देता है। चंबल नदी लगभग एक हजार किलोमीटर लंबी है। पर्यटक चंबल घड़ियाल सफारी अभयारण्य का आनंद उक्त क्षेत्र के निकटवर्ती नगरों में रहवास सुविधा का उपयोग ले सकते हैं।  

भड़काऊ पोस्ट पर कमेन्ट करने या फिर उसे लाइक अथवा फ़ॉरवर्ड कने वाले पर भी सख्त कार्रवाई होगी : हरिनारायणाचारी मिश्र

भोपाल सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग को देखते हुए और इसे आपसी वैमनस्यता का माध्यम बनाते देख मध्य प्रदेश पुलिस एक्शन मोड में है, पुलिस आयुक्त नगरीय पुलिस भोपाल हरिनारायणाचारी मिश्र ने सख्त हिदायत दी है कि यदि किसी ने भी सोशल मीडिया पर सामाजिक ताने बाने को तोड़ने, धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली पोस्ट की तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा- 163 के तहत सख्त एक्शन होगा, इतना ही नहीं उस भड़काओ पोस्ट पर कमेन्ट करने वाले या फिर उसे लाइक अथवा फ़ॉरवर्ड कने वाले पर भी कार्रवाई होगी। पुलिस कमिश्नर भोपाल ने एक आदेश जारी के इस आशय के निर्देश दिए हैं और अपने अधीनस्थ स्टाफ को इसका कड़ाई से पालन करने के लिए कहा है, उन्होंने आदेश में कहा, मीडिया एवं अन्य जनसामान्य द्वारा यह तथ्य ध्यान में लाया गया है कि भोपाल शहर में सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स (ट्विटर) आदि के माध्यम से असामाजिक तत्वों के कई समूहों द्वारा सामाजिक तानेबाने को तोडने व दो समुदायों के मध्य संघर्ष / वैमनस्यता की स्थिति निर्मित करने हेतु तरह-तरह के आपत्तिजनक संदेश एवं चित्रों व वीडियो एवं ऑडियो मैसेज का प्रसारण किया जा सकता है। सामाजिक ताना बाना बनाये रखने पुलिस हुई सख्त इस प्रकार के प्रसारण से कई बार लोगों को एक स्थान पर एकत्रित होने एवं एक समुदाय के विरुद्ध वातावरण निर्मित करने जैसे संदेशों का प्रसारण किया जाता है। इससे भोपाल शहर के सामुदायिक सद्भाव एवं शांति व्यवस्था के लिए प्रतिकूल स्थितियां निर्मित हो सकती है। इसके अतिरिक्त धार्मिक भावनाओं को उभारने एवं साम्प्रदायिक वातावरण निर्मित करने का प्रयास भी किया जा सकता है। इस प्रकार के प्रसारण से कई बार विरूपित चित्र या आपत्तिजनक दृश्य सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि पर डालने से भी आमजन की भावनाएं आहत होकर कई बार लोक व्यवस्था को खतरा उत्पन्न होने की स्थितियां निर्मित हुई है। भड़काऊ पोस्ट की, लाइक किया, कमेंट किया, फ़ॉरवर्ड किया तो हॉग एक्शन उन्होंने आगे लिखा, यह उल्लेखनीय है कि आपत्तिजनक पोस्ट से उतनी वैमनस्यता का संचार नहीं होता है जितना कि उस पर आये कमेंट्स के कारण होता है इंटरनेट पर एक प्रकार वैमनस्यता की अभिव्यक्ति ऐसे पोस्ट के माध्यम से होती है जिस पर हर कोई बिना विचार किये एवं बिना किसी दायित्व के द्वेषपूर्ण एवं अश्लील शब्दों का प्रयोग कर धार्मिक भावनाओं को आहत करता है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा- 163 के तहत होगी कार्रवाई इस प्रकार के Internet Social Media Wars अभी भी सक्रिय हैं जिनसे लोक व्यवस्था एवं सामाजिक शांति भंग हो सकती है। उक्त संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए सोशल मीडिया पर इस प्रकार की आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों के विरुद्ध तथा महानगर भोपाल में जन सुरक्षा तथा लोक परिशांति बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा- 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये जा रहे हैं। आदेश के तहत ये सब रहेगा प्रतिबंधित     कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म जैसे-फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम, हाईक, एस.एम.एस. टेलीग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया साइट आदि का दुरुपयोग कर धार्मिक, सामाजिक, जातिगत भावनाओं एवं विद्वेष को भड़काने के लिए किसी भी प्रकार के संदेशों का प्रसारण नहीं करेगा।     कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म में किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक एवं उन्माद फैलाने वाले संदेश, फोटो, वीडियो, ऑडियो इत्यादि जिससे धार्मिक, सामाजिक, जातिगत आदि भावनाएं भड़क सकती हैं या सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हो सकता है उसे प्रसारित नहीं करेगा।     सोशल मीडिया के किसी भी पोस्ट जिसमें धार्मिक, सांप्रदायिक एवं जातिगत भावना भड़कती हो, को कमेंट, लाइक, शेयर या फॉरवर्ड नहीं करेगा। ग्रुप एडमिन की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वह ग्रुप में इस प्रकार के संदेशों को रोके।     कोई भी व्यक्ति सामुदायिक, धार्मिक, जातिगत विद्वेष फैलाने या लोगों अथवा समुदाय के मध्य घृणा, वैमनस्यता पैदा करने या दुष्प्रेरित करने या उकसाने या हिंसा फैलाने का प्रयास उपरोक्त माध्यमों से करेगा और न ही इसके लिए किसी को प्रेरित करेगा।     कोई भी व्यक्ति अफवाह या तथ्यों को तोड़ मरोडकर भड़काकर उन्माद उत्पन्न करने वाले संदेश जिससे लोग या समुदाय विशेष, हिंसा या गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हो जाएं, को प्रसारित नहीं करेगा और न ही लाइक, शेयर या फारवर्ड करेगा और न ही ऐसा करने के लिए किसी को प्रेरित करेगा।     कोई भी व्यक्ति, समुदाय ऐसे संदेशों को प्रसारित नहीं करेगा, जिसमें किसी व्यक्ति, संगठन, समुदाय आदि को एक स्थान पर एक राय होकर जमा होने और उनसे कोई गैरकानूनी गतिविधियां करने के लिए आव्हान किया गया हो, जिससे कानून एवं शांति व्यवस्था भंग होने की प्रबल संभावना विद्यमान हो। किसी को आपत्ति है तो पुलिस कमिश्नर कोर्ट में जा सकता है आदेश के अंत में लिखा है कि भोपाल नगर की सीमा में उपरोक्त गतिविधियों को प्रतिबंधित किया जाता है। चूंकि यह आदेश जन सामान्य के जानमाल की सुरक्षा तथा भविष्य में लोकशांति भंग होने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है तथा इतना समय उपलब्ध नहीं है कि जन सामान्य व इससे सम्बंधित सभी पक्षों को उक्त सूचना की तामीली की जा सके। अतः यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा- 163 (2) के अंतर्गत एक पक्षीय पारित किया जाता है। आदेश से व्यथित व्यक्ति भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के अंतर्गत पुलिस कमिश्नर के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा। अत्यंत विशेष परिस्थितियों में पुलिस कमिश्नर के संतुष्ट होने पर आवेदक को किसी भी लागू शर्तों से छूट दे सकेगा। दो महीने तक लागू रहेगा आदेश यह आदेश तत्काल प्रभावी होगा और यदि बीच में वापस ना लिया गया तो आगामी दो माह तक लागू रहेगा। इस आदेश अथवा इस आदेश के किसी अंश का उल्लंघन करना यथास्थिति अन्य अधिनियमों के साथ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है।

सत्ता में आते ही पानी के गलत बिल माफ होंगे, केजरीवाल ने फिर किया बड़ा ऐलान

rvind kejriwal pc no need to submit water-bill delhi assembly election 2025 aap press conference Arvind Kejriwal Press Conference PC: दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले राजधानी का सियासी पारा आसमान छूने लगा है। आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बड़ा ऐलान किया है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जिन दिल्ली वासियों के पास पानी का गलत बिल आया है, उनका बिल माफ किया जाएगा। माफ होंगे पानी के गलत बिल अरविंद केजरीवाल का कहना है कि दिल्ली सरकार हर महीने 20 हजार लीटर पानी मुफ्त दे रही है। मेरे जेल जाने के बाद इन्होंने पानी के बिल भेज दिए। जिन लोगों के पानी के गलत बिल आए हैं, दिल्ली में हमारी सरकार बनने के बाद वो सारे बिल माफ कर दिए जाएंगे। केजरीवाल ने क्या कहा? प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में सभी परिवारों को 20-20 हजार लीटर पानी फ्री दिया जाता है। दिल्ली में लगभग 12 लाख से ज्यादा परिवारों के पानी के बिल जीरो आते हैं। मगर जब मैं जेल गया तो इन्होंने पीछे से कुछ तो गड़बड़ की कि लोगों के हर महीने लाखों-हजारों रुपए पानी के बिल आने लगे। हमारे दिल्ली के लोग पानी के बिल को लेकर त्रस्त हैं। इसलिए आज मैं सार्वजनिक रूप से ऐलान करना चाहता हूं कि जिन लोगों को लगता है कि उनका पानी का बिल गलत आया है, उन्हें अपना बिल भरने की जरूरत नहीं है। आप इंतजार करिए। दिल्ली में एक बार फिर से आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद हम आपके सारे बिल माफ करवा देंगे। कांग्रेस पर साधा निशाना कांग्रेस पार्टी पर प्रहार करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस को जीत की भविष्यवाणी करने दीजिए। हमें जनता पर भरोसा है। कांग्रेस और बीजेपी को अब औपचारिक रूप से ऐलान कर देना चाहिए कि वो मिलकर आम आदमी पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस को वैसे भी कोई सीरियस नहीं लेता है। बीजेपी को घेरा बीजेपी पर बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि अभी तक बीजेपी के पास न कोई मुख्यमंत्री चेहरा है, न कोई नैरेटिव है और न कोई दिल्ली को लेकर विजन है कि वो आगे क्या करेंगे? 10 साल में बीजेपी ने कोई काम नहीं किया। अब वो केवल AAP को गालियां देकर ये चुनाव जीतना चाहती है। हम लोगों को बता रहे हैं कि हमने 10 साल में यह काम किया और आने वाले 5 साल में यह काम करेंगे। हमें हमारे कामों के आधार पर वोट दो। वहीं बीजेपी कह रही है कि पिछले 10 साल में हमने इतनी गालियां दी और आने वाले 10 साल में और अच्छी-अच्छी गालियां देंगे केजरीवाल को, हमें गालियों के नाम पर वोट दो। अब जनता तय करेगी कि किसे वोट देना है।

‘झगड़े के लिए नहीं सीखते हैं लाठी चलाना, बल्कि…’, इंदौर में क्या बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत?

wielding stick brings bravery rss chief mohan bhagwat statement राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत शुक्रवार को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे और स्वर शतकम कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया और बताया कि लाठी चलाना क्यों सीखना जरूरी है। मोहन भागवत ने यह भी कहा कि किसी भी मामले में हमारा देश पीछे रहने वाला नहीं है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया के पास जो है, वो हमारे देश के पास नहीं है, ऐसे नहीं हो सकता है। हमारा देश पीछे रहने वाला मुल्क नहीं है। हम भी ऐसा करने में पूरी तरह से सक्षम हैं। विश्व के देशों की पहली पंक्ति में बैठकर हम भी बता सकते हैं कि हमारे पास क्या-क्या है? कार्यक्रम करते हैं, इसलिए उसका प्रदर्शन होता है : मोहन भागवत उन्होंने आगे कहा कि एक बात और है। संघ कोई भी कार्य प्रदर्शन के लिए नहीं करता है, बल्कि जो काम करता है उसी का प्रदर्शन हो जाता है। संघ के जितने भी कार्यक्रम होते हैं और जिसका आप प्रदर्शन देखते हैं। हम शाखा में भी ये कार्यक्रम करते हैं, लेकिन वो प्रदर्शन के लिए नहीं करते हैं। कार्यक्रम करते हैं, इसलिए उसका प्रदर्शन होता है। इंसानों के सद्गुणों में होती है वृद्धि : RSS प्रमुख मोहन भागवत ने आगे कहा कि संघ के कार्यक्रमों से इंसान की प्रवृति, स्वभाव और संस्कार बनता है। उनके सद्गुणों में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि हम संघ में दंड सीखते हैं। लाठी चलाना प्रदर्शन या झगड़े करने के लिए नहीं सीखते हैं। अगर सीख गए और दोनों प्रसंग आए तो दोनों में काम आ जाते हैं। लाठी चलाने वाले व्यक्ति में आती है वीरता : भागवत आरएसएस प्रमुख ने आगे कहा कि हमें उत्सवों में प्रदर्शन करना पड़ता है। हम झगड़ा नहीं करते हैं। अगर कोई आकर झगड़ा करने लगे तो उसका इलाज करना ही पड़ता है। लाठी चलाना इसलिए नहीं सीखते हैं। लाठी चलाना इसलिए सीखते हैं, क्योंकि लाठी चलाने वाले व्यक्तियों में वीरता आती है। वो किसी से डरता नहीं है।

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