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15 मार्च 2025 को ‘विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस’ का आयोजन किया जायेगा, संभाग स्तरीय पुरस्कार

भोपाल उपभोक्ताओं को उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में जागरूक करने की मशा से प्रतिवर्ष 15 मार्च 2025 को ‘विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस’ का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर उल्लेखनीय कार्य करने वाले स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों, व्यक्तियों एवं छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिये पुरस्कार योजनान्तर्गत उत्कृष्ट प्रविष्टियां का चयन किया जाकर राज्य एवं संभाग स्तरीय पुरस्कार प्रदान किया जायेगा। राज्य स्तरीय पुरस्कार उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्था/व्यक्तियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार दिया जायेगा। प्रथम पुरस्कार मय प्रशस्ति-पत्र एक लाख 11 हजार रुपये, ‌द्वितीय पुरस्कार मय प्रशस्ति-पत्र 51 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार मय प्रशस्ति-पत्र 25 हजार रूपये का दिया जायेगा। संभाग स्तरीय पुरस्कार उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संगठन/व्यक्ति को संभाग स्तरीय पुरस्कार दिया जायेगा। प्रथम पुरस्कार मय प्रशस्ति-पत्र 21 हजार रुपये, ‌द्वितीय पुरस्कार मय प्रशस्ति-पत्र 11 हजार रूपये और तृतीय पुरस्कार मय प्रशस्ति-पत्र 5 हजार रूपये का दिया जायेगा। पुरस्कार हेतु आवेदन की प्रक्रिया एवं शर्त राज्य स्तरीय एवं संभाग स्तरीय पुरस्कार के लिये ऐसे स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठन व्यक्ति का चयन किया जायेगा जो विशेष रूप से उपभोक्ता हित संरक्षण एवं संवर्धन में संलग्न हो। आवेदक संगठन व्यक्ति द्वारा एक प्रति में आवेदन के मुख्य पृष्ठ पर ‘राज्य स्तरीय पुरस्कार संभाग स्तरीय वर्ष 2024-25 हेतु’ सुस्पष्ट रूप से लिखकर जिला कलेक्टर, जिला आपूर्ति नियन्त्रक अधिकारी को 23 जनवरी 2025 तक प्रस्तुत करना होगा। विलम्ब से प्रस्तुत आवेदन स्वीकार नहीं किये जायेंगे। संगठन व्यक्ति द्वारा उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में कैलेण्डर वर्ष 2024 (1) जनवरी 2024 से 31 दिसबर 2024 के दौरान प्रत्येक माह में की गई गतिविधियों की सप्रमाण विस्तृत विवरण रिपोर्ट संलग्न करना होगा।  

6 जनवरी एफआईआर दर्ज, 7 को एपीसीसीएफ मीना एक और शाखा का प्रभार

FIR registered on 6th January, charge of another branch of APCCF Meena on 7th भोपाल। जंगल महकमे के इतिहास में यह पहला प्रकरण है कि महिला प्रताड़ना को लेकर जिस एपीसीसीएफ मोहन मीणा के विरुद्ध उसी अफसर को अगले दिन 7 जनवरी को अनुसंधान विस्तार एवं लोकवानिकी शाखा का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया। मौजूदा तौर पर मीणा नीति विश्लेषण मूल्यांकन शाखा में पदस्थ है। पीसीसीएफ प्रशासन एक विवेक जैन के आदेश पर महकमे के अधिकारी हतप्रभ हैं।विभाग में एपीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों के कमी के चलते प्रभार दिया जा रहा है। ऐसे में एपीसीसीएफ मीणा को भी नीति विश्लेषण मूल्यांकन शाखा के अलावा अनुसंधान विस्तार एवं लोकवानिकी शाखा का अतिरिक्त प्रभार देने का आदेश पीसीसीएफ विवेक जैन ने जारी कर दिया है। पीसीसीएफ जैन के आदेश जारी करने की टाइमिंग पर सवाल उठ रहे हैं। आखिरकार फिर दर्ज होने के पहले तक मीणा को प्रभार क्यों नहीं दिया गया? तब भी कैंपा सहित अन्य शाखाओं के प्रभार अन्य एपीसीसीएफ को प्रभार दिए गए थे। पीसीसीएफ जैन के आदेश पर विभाग के शीर्ष अधिकारियों से बातचीत की। बातचीत के दौरान नाम न छापने की शर्त पर अपने – अपने कमैंट्स दिए। किसी ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने पर उनके हौसले को बरकरार रखने के लिए अतिरिक्त प्रभार दिया गया। अन्यथा लंबे समय से विभाग में मीणा की उपेक्षा की जा रही थी। उन्हें पहले भी दिया जा सकता था। एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि समझ से परे है। एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस प्रशासन को चुनौती है और महिलाओं के प्रति उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है। एक म्यान में दो तलवार नहीं रह सकती है। इस कहावत के पीछे उनकी धारणा है कि पीसीसीएफ पी धीमान और एपीसीसीएफ मोहन मीणा के बीच 36 का आंकड़ा है। काम करने में उनमें टकराहट की खबरें सुनाई देने लगेंगे। एक अफसर ने व्यंग्य कसते हुए कहा कि योग्यता के आधार पर प्रभार दिया गया है। उल्लेखनीय है कि 6 जनवरी को बैतूल के गंज पुलिस स्टेशन में कार्यस्थल पर महिला प्रताड़ना को लेकर एपीसीसीएफ मीणा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एफआईआर दर्ज करने से पहले जिला न्यायालय के प्रथम व्यवहार न्यायधीश के समक्ष पीड़ता ने 164 में बयान दर्ज कराए। यह मामला 2021 का है। तब एपीसीसीएफ मोहन मीणा बैतूल वन वृत में पदेन सीसीएफ के रूप में पदस्थ थे।

महाकुंभ 2025 : सरकारी बसों में इन लोगों को नहीं देने होंगे पैसे, मुफ्त में होगी यात्रा

लखनऊ महाकुंभ 2025 को लेकर उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है. इस बीच रोडवेज ने सामूहिक रूप से लोगों को मेले में शामिल करने के लिए या सार्वजनिक वाहनों के उपयोग को लेकर प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. जिसके तहत परिवहन विभाग ने एक क्षेत्र से 50 से ज्यादा श्रद्धालुओं को एक साथ बस से मेला स्थल भेजने पर दो लोगों के मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दी जाएगी. महाकुंभ को लेकर वाराणसी मंडल से 320 बसों का संचालन किया जा रहा है. जो अलग-अलग जनपद से प्रयागराज के झूंसी तक चलेंगी. इसके बाद शटल बस से यात्रियों को मेला स्थल तक पहुंचाया जाएगा. वाराणसी मंडल के परिवहन विभाग ने वाराणसी कैंट स्थित डिपो में एक सहायता केंद्र भी स्थापित किया है. जहां से यात्री यात्रा के संबंध में जानकारी ले सकते हैं. इसके लिए हेल्पलाइन नंबर (8726005 897) जारी किया गया है. बता दें कि महाकुंभ के लिए रोडवेज की ओर से कुल 7000 ग्रामीण और 350 शटल बसें चलाई जा रही हैं. मुख्य स्नान की अवधि में प्रयागराज आउटर मेला क्षेत्र में बने 8 अस्थायी बस स्टेशन से इनका संचालन होगा. इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है. यात्रियों को 24 घंटे मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम से सहायता मिलेगी. साथ ही रोडवेज ने भी टोल फ्री नंबर 18001802877 जारी किया है.

सिकंदराबाद-रक्सौल साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के कोच में किसी तरह कोई बदलाव नहीं

बिलासपुर यात्रियों की सुविधाओं एवं मांग को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर जाने वाली 07005/07006 सिकंदराबाद-रक्सौल साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के परिचालन अवधि बढ़ाई गई है। अब यात्रियों को इस ट्रेन की सुविधा तीन अप्रैल तक मिलेगी। पूर्व में इसे दो जनवरी तक ही चलाने का निर्णय लिया गया था। 07005 सिकंदराबाद-रक्सौल स्पेशल ट्रेन प्रत्येक सोमवार को सिकंदराबाद से 31 मार्च तक और 07006 रक्सौल-सिकंदराबाद साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन प्रत्येक गुरुवार को रक्सौल से 09 जनवरी से 03 अप्रैल चलेगी। कोच में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। पहले की तरह यह ट्रेन एक एसी थ्री, दो एसी टू टायर, एक एसी प्रथम कम एसी टू टायर, 12 स्लीपर, चार सामान्य कोच के साथ चलेगी। लिंक एक्सप्रेस की फ्लैशर लाइट में खराबी कोरबा-विशाखापत्तनम लिंक एक्सप्रेस मंगलवार को 40 मिनट तक जोनल स्टेशन में खड़ी रही। इस ट्रेन के इंजन की फ्लैशर लाइट में तकनीकी खराबी आ गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर पहले लाइट को सुधारने का प्रयास किया। सुधार नहीं होने पर दूसरा इंजन लगाने का निर्णय लिया गया। इसके चलते यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह ट्रेन कोरबा से शाम छह बजे बिलासपुर पहुंचती है और 10 मिनट ठहराव के बाद रवाना होती है। मंगलवार को भी ट्रेन तय समय पर जोनल स्टेशन के प्लेटफार्म चार पर आकर खड़ी हुई। इसके बाद जैसे ही ट्रेन रवाना करने से पहले फ्लैशर लाइट जलाई गई, वह चालू नहीं हुई। बिना इस लाइट के परिचालन सुरक्षित नहीं होता। इसलिए चालक ने गार्ड और गार्ड ने तत्काल कंट्रोल व स्टेशन मास्टर को सूचना दी। इस पर इलेक्ट्रिक विभाग का सुधार दल पहुंचा और लाइट को ठीक करने में जुट गया। काफी जद्दोजहद के बाद भी सुधार नहीं हुआ। तब अधिकारियों से चर्चा कर दूसरा इंजन जोड़कर ट्रेन को रवाना करने का निर्णय लिया गया। मालूम हो कि फ्लैशर लाइट बेहद महत्वपूर्ण होती है। सेक्शन में जब ट्रेन खड़ी होती है, तब इसे जलाकर रखने का नियम है। इसके अलावा कोहरे के दौरान इस लाइट के सहारे ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन में मदद भी मिलती है। लिहाजा, इस लाइट के बिना ट्रेन को रवाना नहीं किया जा सकता था। इसलिए दूसरा इंजन लगाकर ट्रेन को रवाना किया गया।

12 जनवरी को बीसीसीआई सचिव और कोषाध्यक्ष चुने जाएंगे देवजीत सैकिया और प्रभतेज सिंह भाटिया

नई दिल्ली देवजीत सैकिया और प्रभतेज सिंह भाटिया 12 जनवरी को निर्विरोध बीसीसीआई सचिव और कोषाध्यक्ष चुने जाएंगे, क्योंकि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की अंतिम सूची में केवल दो नाम ही शामिल हैं। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची बीसीसीआई के चुनाव अधिकारी और भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार जोति ने मंगलवार को तैयार की। नामांकन दाखिल करने की समयसीमा पिछले सप्ताह समाप्त हो गई थी, जबकि नामांकन वापस लेने की समयसीमा मंगलवार दोपहर 2 बजे समाप्त हो गई। चूंकि कोई नाम वापस नहीं लिया गया, इसलिए निर्वाचन अधिकारी ने मंगलवार शाम 5 बजे चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची प्रकाशित की। चुनाव 12 जनवरी को बीसीसीआई की एसजीएम के दौरान होंगे और परिणाम, जो अब एक औपचारिकता है, उसी दिन घोषित किया जाएगा। जय शाह के 1 दिसंबर को आईसीसी चेयरमैन बनने के बाद से सैकिया बीसीसीआई के अंतरिम सचिव के रूप में काम कर रहे हैं। भाटिया ने कोषाध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया था, क्योंकि यह पद आशीष शेलार के रिक्त होने के कारण रिक्त हुआ था, जिन्होंने हाल ही में महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है।  

मकर संक्रांति पर इन मंत्रों का जाप करते हुए सूर्य को दे अर्घ्य

साल की शुरुआत में हिंदू धर्म का पहला और महत्वपूर्ण पर्व मकर संक्राति मनाया जाता है. इस दिन पूजा-पाठ करने के साथ स्नान और दान का विशेष महत्व है. इस दिन सूर्यदेव की अराधना और अर्घ्य देना बहुत ही शुभ होता है. मान्यात है कि ऐसा करने से व्यक्ति पर सूर्यदेव की कृपा होती है. इसके अलावा यदि मकर संक्रांति के दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देते हुए कुछ खास मंत्रों का जाप किया जाए तो व्यक्ति को जीवन से कार्यों में सफलता हासिल होती है. कब है मकर संक्रांति? हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार मंकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मंगलवार के दिन मनाया जाएगा इस दिन सूर्य देव सुबह 9 बजकर 3 मिनट पर धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. सूर्य बीज मंत्र ॐ हूं सूर्याय नम: सूर्य शक्ति मंत्र ॐ सूर्याय आदित्याय श्री महादेवाय नमः सूर्य सिद्धि मंत्र ॐ सूर्याय सुर्याय नमः सूर्य यंत्र मंत्र ॐ हं सूर्याय नमः गायत्री मंत्र ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।। आदित्य हृदयम मंत्र नमस्कारं च देवेशं लोकनाथं जगतां पतिं। सूर्यमस्तकं बध्यं ब्राह्मणं बद्धमाश्रयेत्॥ मकर संक्रांति का महत्व मकर संक्रांति का पर्व नई फसल के आगमन का प्रतीक होता है. इस दिन किसन नई फसल के लिए ईश्वर का धन्यवाद करते हैं. इस दिन सूर्य देव की अराधना करने से व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और अध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है. वहीं इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. साथ ही जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और समृद्धि आती है.

पीएम मोदी 13 जनवरी को कश्मीर आएंगे और जेड-मोड़ सुरंग का उद्घाटन करेंगे

श्रीनगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जनवरी को जम्मू-कश्मीर का दौरा करेंगे और श्रीनगर-सोनमर्ग मार्ग पर जेड-मोड़ सुरंग का उद्घाटन करेंगे। सुरंग के माध्यम से सोनमर्ग तक हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी 13 जनवरी को यहां आएंगे और जेड-मोड़ सुरंग का उद्घाटन करेंगे। यह सुरंग गगनगीर से सोनमर्ग तक रोड को बाईपास करेगी, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को पूरे साल हिल स्टेशन पर आने की सुविधा मिलेगी। गगनगीर-सोनमर्ग खंड भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण बंद हो जाता है, जो हर साल इस क्षेत्र में होता है। जेड-मोड़ सुरंग जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में गगनगीर और सोनमर्ग के बीच 6.5 किलोमीटर लंबी 2-लेन वाली सड़क सुरंग है। पहले जो रोड उपयोग में थी, वह हिमस्खलन से प्रभावित थी और अक्सर कई महीनों तक बंद हो जाती थी। लेकिन जेड-मोड़ सुरंग सोनमर्ग पर्यटक शहर को सभी मौसमों में जोड़ने वाली सुविधा प्रदान करती है। इस 6.5 किलोमीटर लंबी सुरंग को पार करने में केवल 15 मिनट लगते हैं, जबकि पहाड़ियों पर ऊपर-नीचे टेढ़े-मेढ़े रास्ते से यात्रा करने में घंटों लगते थे। साथ ही यह, पास की जोजी-ला सुरंग के साथ, श्रीनगर-लेह हाईवे पर यह भू-रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सुरंग बालटाल (अमरनाथ गुफा), कारगिल और लद्दाख क्षेत्र के अन्य स्थानों को साल भर मौसम-रहित कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इससे सैन्य रसद में भी वृद्धि होगी और पर्यटन तथा अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। सोनमर्ग को सभी मौसमों में कनेक्टिविटी प्रदान करने के अलावा, यह सुरंग स्थानीय युवाओं को रोजगार देने में मदद करेगी और क्षेत्र में पर्यटन तथा संबद्ध गतिविधियों को बढ़ावा देगी। यह 31 सड़क सुरंगों में से एक है, जिनमें से 20 जम्मू-कश्मीर में और 11 लद्दाख में हैं। सुरंग का निर्माण 2018 में शुरू हुआ था। 20 अक्टूबर 2024 को सुरंग के कर्मचारियों पर आतंकवादी हमला हुआ था। दो आतंकवादी गगनगीर में श्रमिकों के शिविर में घुसे और अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस हमले में जेड-मोड़ सुरंग का निर्माण कर रही इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के छह गैर-स्थानीय श्रमिकों सहित सात नागरिक मारे गए थे। इस हमले में एक स्थानीय डॉक्टर की भी मौत हो गई थी।  

भुसावल-कटनी-चोपन ट्रेन की प्रस्तावित समय-सारिणी और ठहराव को अंतिम रूप दिया जा चुका है, अब चोपन तक चलेगी

जबलपुर जबलपुर से सिंगरौली और चोपन तक की यात्रा करने वालों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे ने भुसावल-कटनी एक्सप्रेस को चोपन तक चलाने की तैयारी लगभग पूर्ण कर ली है। भुसावल-कटनी-चोपन ट्रेन की प्रस्तावित समय-सारिणी और ठहराव को अंतिम रूप दिया जा चुका है। प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए रेल बोर्ड के पास भेजा गया है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो फरवरी से ट्रेन का संचालन आरंभ हो जाएगा। अभी जबलपुर से सिंगरौली के लिए दो सीधी ट्रेन चलती हैं। जबलपुर से सुबह के समय सिंगरौली जाने और वापसी में सिंगरौली से शाम को जबलपुर के लिए सीधी ट्रेन नहीं है। यह कमी नई ट्रेन से पूरी हो जाएगी। स्पेशल ट्रेन के रूप में लिया ट्रायल भुसावल-कटनी एक्सप्रेस को चोपन तक चलाने का ट्रायल किया जा चुका है। रेलवे ने गत वर्ष दीपावली और छठ पूजा के समय पर ट्रेन को कटनी से चोपन के मध्य स्पेशल ट्रेन के रूप में चलाया था। उस समय ट्रेन को भुसवाल-कटनी और कटनी-चौपन के मध्य दो अलग-अलग ट्रेन के रूप में संचालित किया गया। कटनी-चौपन रेलखंड में स्पेशल ट्रेन बनकर चलने के कारण यात्री किराया अपेक्षाकृत अधिक था। यात्री नहीं मिलने पर ट्रेन का संचालन बंद कर दिया गया था। भुसावल से कटनी पहुंचने के बाद इस ट्रेन का रैक लगभग 16 घंटे कटनी में खड़ा रहता है। इतने समय में ट्रेन कटनी-चोपन-कटनी का फेरा पूरा कर सकती है। इसलिए ट्रेन को अब उसी रैक से भुसावल से चोपन तक सीधे एक्सप्रेस के रूप में चलाने की योजना बनाई गई है। विस्तारित ट्रेन का ठहराव कटनी जंक्शन के स्थान पर कटनी साउथ होगा। ट्रेन के ठहराव का पुननिर्धारण करते हुए गति में वृद्धि का प्रस्ताव बनाया है। स्पेशल के स्थान पर नियमित ट्रेन दौड़ाने का विचार है, ताकि यात्री सामान्य किराए पर यात्रा कर सकें।   तीन राज्यों के यात्रियों को मिलेगा लाभ भुसावल-चोपन एक्सप्रेस के संचालन से तीन राज्यों (मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र) के यात्रियों को लाभ होगा। रेलमार्ग पर ट्रेन का अपेक्षाकृत छोटे स्टेशनों पर ठहराव रहेगा, जहां पर अन्य एक्सप्रेस ट्रेनें नहीं रुकती हैं। चोपन, कटनी, जबलपुर, इटारसी, खंडवा एवं भुसावल जैसे प्रमुख जंक्शन तक यात्रियों के लिए पहुंचना सरल होगा। भुसावल से चोपन के मध्य अभी नियमित सीधी ट्रेन सेवा नहीं है। भुसावल-चोपन एक्सप्रेस ट्रेन के चलने से यात्रियों को पहली नियमित ट्रेन उपलब्ध होगी। हाल ही में धनबाद-नासिक के मध्य एक स्पेशल ट्रेन आरंभ की गई है। ये ट्रेन भुसावल एवं चोपन को जोड़ती है, लेकिन सप्ताह में दो दिन चलती है। भुसावल-चोपन एक्सप्रेस एक नजर में प्रस्थान से गंतव्य तक यह ट्रेन लगभग 967 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। भुसवाल से सुबह 11:15 पर प्रस्थान कर दोपहर में 12 बजे चोपन पहुंचेगी। चोपन से शाम को चार बजे प्रस्थान कर शाम 5 बजे भुसावल पहुंचेगी। 15 कोच वाले रैक से ट्रेन का संचालन होगा। समस्त श्रेणी के कोच होंगे। लगभग 65 स्टेशनों में रुकेगी। अभी भुसावल-कटनी के बीच ही 59 ठहराव है। दोनों नगर के मध्य नियमित रूप से संचालित होने वाली पहली ट्रेन होगी।  

इन दिनों न्यूनतम तापमान में गिरावट, आउटर इलाकों में अभी ठंड बरकरार

रायपुर छत्तीसगढ़ में इन दिनों न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन हवा की दिशा बदलने से ठंड में कम हो रही है। साथ ही रात का तापमान बढ़ने लगा। हालांकि आउटर इलाकों में अभी ठंड बरकरार है। सुबह के समय कोहरा छाए हुए रहते हैं। गुरुवार को मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिनों में न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री तक की गिरावट होगी। इसके बाद फिर से न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री तक की वृद्धि होने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि 10 जनवरी से एक नए पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। प्रदेश में आगामी दो दिनों तक मौसम में कुछ बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद मौसम में बदलाव आएगा। साथ ही न्यूनतम तापमान बढ़ने की संभावना है। इससे लोगों को ठंड से राहत मिल सकती है। राजधानी रायपुर में न्यूनतम तापमान बढ़ने से ठंड कम हो गई है। प्रदेश में सबसे ठंडा अंबिकापुर रहा। यहां रात का पारा 9.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।  

महाकुंभ के दौरान रेलवे ने श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की, जाने पूरी लिस्ट

नई दिल्ली 2025 का महाकुंभ मेला 13 जनवरी से शुरू हो रहा है, जो 26 फरवरी को महा शिवरात्रि के साथ समाप्त होगा। यह मेला हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है और इस बार का महाकुंभ उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर होगा। इस मेले में लाखों श्रद्धालु स्नान और पूजा करने के लिए पहुंचते हैं। इस बार महाकुंभ के दौरान प्रमुख स्नान तिथियों में मकर संक्रांति (14 जनवरी), मौनी अमावस्या (29 जनवरी) और बसंत पंचमी (3 फरवरी) शामिल हैं। महाकुंभ के दौरान तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने इस विशेष आयोजन के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। इन ट्रेनों के चलने से श्रद्धालुओं को यात्रा में आसानी होगी और कंफर्म टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ जाएगी। 13,000 से अधिक ट्रेनें चलाने का ऐलान भारतीय रेलवे ने महाकुंभ मेला के दौरान कुल 13,000 से अधिक ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। इसमें 10,000 नियमित ट्रेन सेवाएं, 3,000 स्पेशल ट्रेनें और 560 रिंग रेल ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनें से प्रयागराज और अयोध्या, वाराणसी, जौनपुर, चित्रकूट जैसे शहरों के बीच यात्रा करना और भी आसान हो जाएगा। प्रयागराज से 16 स्पेशल ट्रेनें दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने प्रयागराज से विभिन्न गंतव्यों को जोड़ने के लिए 16 स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा। ये ट्रेनें विभिन्न शहरों के बीच तीर्थयात्रियों के लिए समय पर और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करेंगी। महाकुंभ 2025 के लिए स्पेशल ट्रेनों की लिस्ट:     ट्रेन 7701: गुंटूर से आजमगढ़, 23:00 बजे प्रस्थान, अगले दिन 17:15 बजे पहुंचेगी (24 जनवरी)     ट्रेन 7702: आजमगढ़ से गुंटूर, 19:45 बजे प्रस्थान, अगले दिन 09:00 बजे पहुंचेगी (26 जनवरी)     ट्रेन 7707: मौला अली से आजमगढ़, 23:55 बजे प्रस्थान, अगले दिन 17:15 बजे पहुंचेगी (18 जनवरी और 21 फरवरी)     ट्रेन 7711: मौला अली से गया, 17:50 बजे रवाना, अगले दिन 09:00 बजे पहुंचेगी (19 जनवरी)     ट्रेन 7719: गुंटूर से गया, 14:20 बजे प्रस्थान, अगले दिन 09:00 बजे पहुंचेगी (25 जनवरी)     ट्रेन 7725: काचीगुडा से पटना, 16:45 बजे रवाना, अगले दिन 10:30 बजे पहुंचेगी (25 जनवरी) इन स्पेशल ट्रेनों का उद्देश्य श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को अधिक आरामदायक और सुविधाजनक बनाना है। महाकुंभ मेला 2025 के लिए सभी तैयारियां पूरी महाकुंभ मेला भारत के सबसे पवित्र धार्मिक आयोजनों में से एक है। 2025 में यह मेला और भी भव्य होगा, और भारतीय रेलवे की इन स्पेशल ट्रेनों से यात्रा और भी सरल और सुरक्षित हो जाएगी।

दिल्ली के किसान, इस बार किसकी खड़ी करेंगे खाट, शिवराज-आतिशी में जमकर वाकयुद्ध!

delhi farmers whose cot will they destroy time fierce war of words between shivraj and atishi Delhi’s Farmers: दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार किसान भी मुद्दा बन रहे हैं। दिल्ली विधानसभा क्षेत्रों में करीब 300 से ज्यादा गांव हैं। ये गांव करीब आधा दर्जन सीटों को प्रभावित करते हैं। इस बार किसान महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। भाजपा ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पूरी तरह से इस काम में लगा रखा है। चौहान दिल्ली के किसानों से लगातार मिल रहे हैं। वह आप सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप भी लगा रहे हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और शिवराज सिंह में किसानों को लेकर बयानबाजी हो चुकी है। शिवराज के पत्र पर आतिशी ने किया पलटवार शिवराज ने पिछले दिनों आतिशी को पत्र लिखकर दिल्ली के किसानों की व्यथा बताई थी। पलटवार करते हुए आतिशी ने जवाब दिया था कि भाजपा का किसानों के बारे में बात करना वैसे ही है, जैसे दाऊद अहिंसा पर प्रवचन दे रहा हो। उन्होंने कहा कि जितना बुरा हाल किसानों का भाजपा के समय हुआ, उतना कभी नहीं हुआ। पंजाब में किसान आमरण अनशन पर बैठे हैं। भाजपा के राज में किसानों पर गोलियां और लाठियां चलाई गई थीं। ‘शीशमहल’ पर सियासत…धरने पर बैठे आप नेता दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद ‘शीशमहल’ मामले को लेकर सियासत गर्मा गई है। आप सांसद संजय सिंह ने भाजपा को चुनौती दी कि वह 2700 करोड़ रुपए में बने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आलीशान राजमहल को दिखाए। संजय सिंह ने कहा था कि वह पहले मुख्यमंत्री आवास जाएंगे। उसके बाद प्रधानमंत्री का आवास देखने जाएंगे। वह सौरभ भारद्वाज के साथ दिल्ली सीएम आवास पहुंचे। आप नेताओं को सीएम आवास में जाने से पुलिस ने रोक दिया। इस पर आप नेता धरने पर बैठ गए। बाद में दोनों नेता पीएम आवास के लिए निकले। रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस और आप नेताओं के बीच नोकझोंक हुई। दोनों आप नेता प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठ गए।

अब यूपी की कड़क मिजाज पुलिस नहीं करेगी कोई तू-तड़ाक, बल्कि जनता को आप कहकर सम्बोधित करेगी

आगरा पुलिस का नाम सुनते ही आम आदमी कांपने लगता है। थाने जाने के नाम पर  उसके पैर लड़खड़ाने लगते हैं। मात्र बात करने भर से भी डर लगने लगता है। अब आम आदमी को पुलिस से डरने की कोई जरूरत नहीं है। अपना कड़क मिजाज रखने वाली पुलिस ने खुद को सुधारने की मुहिम शुरू की है। आगरा के पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड़ ने शिष्टाचार संवाद नीति की शुरूआत की है। जिसके तहत अब आगरा पुलिस ‘तुम’ या ‘तू’ के लहजे में नहीं बल्कि ‘आप’ कहकर लोगों को संबोधित करेगी। पुलिस कराएगी चाय-नाश्ता आगरा पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस के रवैया को बदलने के लिए ये मुहीम शुरू की गई है। पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड़ ने सभी थानेदारों को आदेश दिया है कि अगर कोई भी फरियादी थाने में आता है, तो थानेदार सबसे पहले खड़ा होकर उसका स्वागत करे, फिर चाय नाश्ता कराने के साथ ही उसकी फरियाद को सुने। इतना ही नहीं पुलिस आपको फोन आने पर सबसे पहले नमस्ते कहगी। निगरानी के लिए थानों में लग रहे सीसीटीवी पहले जो पुलिस तू, तड़ाक करके बात करती थी, अब वही पुलिस आप, श्रीमान जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर आपको संबोधित करेगी। इसकी निगरानी के लिए अब आगरा के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए जा रहे हैं। साथ ही अगर कोई थानेदार अपने रवैया में बदलाव नहीं करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।

आईओए के कोषाध्यक्ष ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए गेम्स अलॉटमेंट फीस को लेकर जताई चिंता

नई दिल्ली भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के कोषाध्यक्ष सहदेव यादव ने 28 जनवरी से 14 फरवरी तक उत्तराखंड में आयोजित होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए “गेम्स अलॉटमेंट फीस” को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मेजबान राज्य उत्तराखंड ने तय की गई 5 करोड़ रुपये की राशि पूरी तरह से नहीं दी है, जो 2023 की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में तय हुई थी। आईओए अध्यक्ष पी.टी. उषा को लिखे एक पत्र में सहदेव यादव ने बताया कि जब उन्होंने इस फीस के भुगतान की जानकारी मांगी, तो पता चला कि राज्य से केवल 2.5 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं। पत्र में लिखा गया, “उत्तराखंड से 38वें राष्ट्रीय खेलों की गेम्स अलॉटमेंट फीस के भुगतान की जानकारी लेने पर पता चला कि केवल 2.5 करोड़ रुपये मिले हैं। जबकि 11 मार्च 2023 को हुई एजीएम में 5 करोड़ रुपये फीस तय की गई थी।” आगे लिखा गया, “36वें राष्ट्रीय खेलों के लिए गुजरात सरकार और 37वें राष्ट्रीय खेलों के लिए गोवा सरकार से 5 करोड़ रुपये की फीस प्राप्त हुई थी। यही राशि उत्तराखंड सरकार से भी प्राप्त होनी चाहिए।” आईओए के कोषाध्यक्ष ने पी.टी. उषा से आग्रह किया है कि वह उत्तराखंड सरकार से शेष 2.5 करोड़ रुपये की राशि जल्द से जल्द प्राप्त करने की बात करें। उन्होंने लिखा, “आपसे अनुरोध है कि उत्तराखंड सरकार से संपर्क कर यह सुनिश्चित करें कि 2.5 करोड़ रुपये की शेष राशि खेलों के शुरू होने से पहले मिल जाए।” 2023 में, उत्तराखंड सरकार ने सभी 34 खेलों के आयोजन के लिए अपनी तैयारी दोहराई थी और बताया था कि इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास सही तरीके से हो रहा है। आईओए अध्यक्ष और गेम्स टेक्निकल कंडक्ट कमेटी (जीटीसीसी) ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए 32 खेल विधाओं और 4 डेमो खेलों को मंजूरी दी है।  

बालोद को CM साय ने दी 141 करोड़ रुपये की सौगात, बोले – अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुशासन पहुंचाने हमारी सरकार प्रतिबद्ध

रायपुर हमने अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में वर्ष 2025 को अटल निर्माण वर्ष घोषित किया है. इस वर्ष गुणवत्तायुक्त विकास कार्य पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. सबका साथ-सबका विकास-सबका प्रयास और सबका विश्वास मूलमंत्र के साथ हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि अपने क्षेत्र के विकास और निर्माण कार्यों की सतत निगरानी करें और विकसित छत्तीसगढ़ राज्य बनाने में अपना योगदान दें. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को बालोद जिले के ग्राम जुगेरा में आयोजित 141 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लोर्कापण और शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए यह बात कही. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई संसाधन और सड़कों के रखरखाव पर फोकस करते हुए अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुशासन पहुंचाने प्रतिबद्ध है. भारतीय प्राचीन ग्रंथों में जिसे रामराज्य कहा गया है, वही तो सुशासन है. सुशासन का सूर्याेदय हो गया है, यह सब आप लोगों के स्नेह और अपार जनसमर्थन से यह संभव हो सका है. हमें विश्वास है कि आप सबका भरोसा अटूट रहेगा. सभी मिलजुलकर विकासशील छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाएंगे. सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि कोई भी भारतीय खुले आसमान के नीचे नहीं सोएगा. हर नागरिक का पक्का मकान होगा. पक्का छत वाले मकान निर्माण की योजना प्रधानमंत्री आवास के तहत बालोद जिले में 31 हजार से अधिक परिवार लाभान्वित हुए हैं. इनमें आधे से अधिक आवास बन गए हैं. शेष का निर्माण किया जा रहा है. उन्होंने नए आवास में प्रवेशित हितग्राहियों को बधाई और शुभकामनाएं दी. मुख्यमंत्री साय ने बालोद जिले के ग्राम जुगेरा में आयोजित कार्यक्रम में 141 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया. उन्होंने इस अवसर पर बालोद में 400 सीटर ऑडिटोरियम के निर्माण और जुगेरा स्थित बंजारी माता मंदिर में दर्शनार्थियों की सुविधा में विस्तार के लिए डोम सेट निर्माण की भी घोषणा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही बालोद में नालंदा परिसर का निर्माण होगा, इसकी स्वीकृति भी मिल चुकी हैं. उन्होंने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट नर्सिंग अफसर के रूप में सेवा दे रही बालोद के ग्राम जमरूवा निवासी वीणा साहू की सराहना करते हुए उसके उज्जवल भविष्य की कामना की. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बालोद जिले में बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता हितग्राही हैं, हमने उनके हित में तेंदूपत्ता खरीदी की दर में प्रति मानक बोरा 15 सौ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि करते हुए 5500 रूपये प्रति मानक दर से खरीदी सुनिश्चित की. हमने डौंडीलोहारा विकासखंड के मटियामोती जलाशय के नहरों का लाइनिंग मरम्मत और पुर्ननिर्माण के लिए भूमिपूजन किया है. करीब 30 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाली इस नहर से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक उन्नति योजना से बालोद जिले के करीब डेढ़ लाख किसान लाभान्वित हुए हैं. उनके खाते में 2023-24 में बेचे गए खरीफ सीजन के धान की राशि 686 करोड़ रूपये अंतरित की गई है, इससे किसानों में समृद्धि आयी है. किसान खुशहाल हुए हैं. हमारा मानना है कि जब हमारे अन्नदाता खुशहाल होंगे तो सभी का जीवन सुखमय रहेगा. बालोद जिले में डेढ़ लाख से अधिक किसानों के खाते में 223 करोड़ रुपये बकाया बोनस की राशि भी हमने गत वर्ष दिया है. उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मोदी की गारंटी वाली विष्णुदेव साय की सरकार में विकास कार्यों के लिए पैसे की कोई कमी नहीं होगी. कार्यक्रम को सांसद भोजराज नाग ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रदेश के सांची ब्रांड को और मजबूत किया जाएगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज हमारा देश विश्व में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में पहले स्थान पर और मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। देश के दुग्ध उत्पादन में 57.62% की वृद्धि हुई है और यह विश्व रिकॉर्ड है। डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन का औसत 673 ग्राम है, जबकि राष्ट्रीय औसत 471 ग्राम से अधिक है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने भी प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन के अनुसार ही प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों की आय दोगुनी करने एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एम.पी. स्टेट को-ओपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं संबद्ध दुग्ध संघों तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच सहकार्यता अनुबंध (कोलेबोरेशन एग्रीमेंट) किया गया है। इसे मंत्रि-परिषद ने भी मंजूरी दे दी है। अनुबंध की अवधि 5 वर्ष होगी, जिसका आपसी सहमति से विस्तार किया जा सकेगा। डॉ. यादव ने बताया कि अनुबंध के तहत मुख्य रूप से प्रत्येक ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेन्टर स्थापित किए जाएंगे, दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि की जायेगी तथा दुग्ध समितियों की संख्या 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार की जायेगी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जाताई कि इस सबके परिणामस्वरूप दुग्ध उत्पादकों की कुल वार्षिक आय 1700 करोड़ रूपये से बढ़कर दोगुनी से भी अधिक (3500 करोड़ रूपये) हो जाएगी। मध्यप्रदेश देश का डेयरी कैपिटल बन जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश में दूध की खरीद सुनिश्चित करने एवं डेयरी किसानों को दूध की सही कीमत दिलाने में मदद के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में डेयरी सहकारी समिति एवं कलेक्शन सेंटर खोले जाएंगे। श्वेत क्रांति मिशन के अंतर्गत ढाई हजार करोड़ के निवेश से प्रत्येक जिले में सांची डेयरी के साथ मिल्क कूलर, मिनी डेयरी प्लांट एवं चिलिंग सेंटर की संख्या में वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संकल्पों को पूरा करने में एनडीडीबी के साथ हुआ अनुबंध महत्वपूर्ण साबित होगा। यह राज्य के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत सहकारी प्रणाली और सांची ब्रांड को मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दूध की खरीद सुनिश्चित करने एवं सही कीमत दिलाने में मदद के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेन्टर स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश में दुग्ध समितियों की संख्या 6 हजार है, जिसे बढ़ाकर 9 हजार किया जाएगा। एक दुग्ध समिति लगभग 1 से 3 गांव में दुग्ध संकलन करती है, 9 हजार दुग्ध समितियां के माध्यम से लगभग 18 हजार ग्रामों को कवर किया जा सकेगा। दुग्ध संकलन भी 10.50 लाख किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 20 लाख किलोग्राम प्रतिदिन हो जाएगा। इसके अतिरिक्त एनडीडीबी द्वारा दुग्ध उत्पादक संस्थाओं (एमपीओ) के माध्यम से कवर किए गए गांव की संख्या 1390 से बढ़ाकर 2590 की जाएगी तथा दूध की खरीद को 1.3 लाख किलोग्राम से बढ़ाकर 3.7 लाख किलोग्राम प्रतिदिन किया जाएगा। दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि की जायेगी। वर्तमान में डेयरी प्लांट की क्षमता 18 लाख लीटर प्रतिदिन है, जिसे बढ़ाकर 30 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। सांची ब्रांड होगा और मजबूत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रदेश के सांची ब्रांड को और मजबूत किया जाएगा। व्यापक प्रचार-प्रसार से इसे राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जायेगा। ब्रांड के नाम में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। दुग्ध संघ के प्रबंधन एवं संचालन के लिए प्रबंधन शुल्क और नए प्रसंस्करण प्लांट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए कोई परामर्श शुल्क नहीं लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि आवश्यकता अनुसार तकनीकी एवं प्रबंधन विशेषज्ञों को सरकार के पे-रोल पर दुग्ध संघ में पदस्थ किया जाएगा तथा कार्यरत अमले का हित संरक्षण भी किया जाएगा। दुग्ध सहकारी समितियां से संबद्ध डेयरी किसानों की शिकायतों के निराकरण के लिए शिकायत निवारण प्रणाली भी विकसित की जाएगी। दुग्ध उत्पादकों की समृद्धि के लिए समर्पित सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विगत चैत्र माह से प्रारंभ हुए नव वर्ष से आने वाली गुड़ी-पड़वा तक गौ-वंश रक्षा वर्ष मनाया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने प्रदेश के हर ब्लॉक में एक गाँव को वृंदावन गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। डॉ. यादव ने बताया कि सरकार ने दुधारू पशु पालने पर अनुदान तथा दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पशुपालकों एवं गौसंवर्धन के लिए पूरी तरह समर्पित है।

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