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अध्यक्ष शर्मा के काफिले से लेकर डायल 100 तक जो सामने आया, सबको ठोका… भोपाल से राजगढ़ तक ‘मौत’ बनकर दौड़ा ट्रक

भोपाल बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के एयरपोर्ट जाते समय उनके काफिले में एक ट्रक घुस गया और कारों में ठोकर मारी। ट्रक ड्राइवर ने पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की। पुलिस ने उसका पीछा किया और आखिरकार पचोर में उसे पकड़ लिया, जहां ट्रक का डीजल खत्म हो गया था। ड्राइवर पर कई थानों में FIR दर्ज हुई है, जबकि उसके साथ मौजूद क्लीनर फरार है। बाल-बाल बचे वीडी शर्मा गुरुवार रात वीडी शर्मा एयरपोर्ट जा रहे थे। तभी अचानक एक ट्रक उनके काफिले में घुस आया और लापरवाही से चलने लगा। शर्मा की कार बाल-बाल बची। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी। गांधी नगर पुलिस ने स्टॉपर लगाकर ट्रक को रोक लिया। लेकिन ड्राइवर नीचे उतरने की बजाय स्टॉपर तोड़कर भाग गया। पुलिस की गाड़ियों में भी मारी टक्कर पुलिस ने ट्रक का पीछा किया। परवलिया और दौराहा में भी पुलिस उसे नहीं रोक पाई। ब्यावरा टोल पर भी वह स्टॉपर तोड़कर निकल गया। पुलिस ने घेराबंदी की, लेकिन ड्राइवर पुलिस की गाड़ियों को नुकसान पहुंचाते हुए भाग निकला। आखिरकार पचोर में ट्रक का डीजल खत्म होने पर वह रुका और पुलिस ने उसे पकड़ लिया। साथ में मौजूद क्लीनर भागने में कामयाब रहा। लापरवाही से चला रहा था ट्रक ट्रक ड्राइवर बेहद लापरवाही से ट्रक चला रहा था। वह किसी भी गाड़ी को आगे नहीं निकलने दे रहा था और ट्रक को लहराकर चला रहा था। पुलिस को डर था कि वह किसी गाड़ी को टक्कर मार देगा। दूसरे वाहन चालकों ने भी उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुका। पुलिस ने रोका तो स्टॉपर तोड़कर भागा गांधी नगर थाने के पास जब पुलिस ने पहली बार ट्रक को रोका था, तब ड्राइवर ट्रक से नीचे नहीं उतरा। जब पुलिस उसे नीचे उतारने का प्रयास कर रही थी, तभी उसने अचानक ट्रक आगे बढ़ा दिया और स्टॉपर तोड़कर भाग निकला। पुलिस ने उसका पीछा किया, लेकिन वह तेज़ और लापरवाही से ट्रक चला रहा था। परवलिया में भी पुलिस उसे नहीं रोक पाई। चार थानों में FIR दर्ज इस घटना के बाद ड्राइवर पर चार अलग-अलग थानों में FIR दर्ज की गई है। गांधी नगर, परवलिया, ब्यावरा देहात और देवगढ़ पुलिस ने उसके खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। पुलिस अब फरार क्लीनर की तलाश कर रही है।

अन्न योजना: समस्त हितग्राहियों के ईकेवायसी करने की अनिवार्यता है, एक से 28 फरवरी तक होगी: मंत्री गोविंद सिंह राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत पात्र परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों की पहचान सुनिश्चित कर वास्तविक हितग्राहियों को ही निःशुल्क खाद्यान्न वितरण करने और दोहरे/अपात्र/साईलेन्ट हितग्राहियों को पोर्टल से हटाने के लिये ईकेवायसी किया जाना आवश्यक है। उन्होंने बताया है कि उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली द्वारा याचिका क्रमांक एमए No. 94/2022 इन एसएमडब्ल्यू (सी) No. 6/2020 में पारित आदेशानुसार समस्त हितग्राहियों के ईकेवायसी करने की अनिवार्यता है। ईकेवायसी 1 से 28 फरवरी तक अभियान चलाकर की जायेगी। अभी तक 3 करोड़ 77 लाख से अधिक हितग्राहियों के हुये ईकेवायसी वर्तमान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत 5 करोड़ 53 लाख 08 हजार में से 3 करोड़ 77 लाख 32 हजार पात्र हितग्राहियों के ईकेवायसी किए जा चुके हैं। इस प्रकार 1 करोड़ 75 लाख 76 हजार हितग्राहियों के ईकेवायसी किए जाना शेष है। शेष पात्र हितग्राहियों के निर्धारित समय सीमा में ईकेवायसी करने की कार्यवाही अभियान चलाकर करने के निर्देश सभी जिला कलेक्टर्स को दिये गये हैं। ईकेवायसी करने की व्यवस्था राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत सम्मिलित समस्त पात्र हितग्राहियों के डाटाबेस में आधार नंबर की प्रविष्टि की जा चुकी है। उचित मूल्य दुकानों पर लगाई गई पीओएस मशीन से पात्र हितग्राहियों के निःशुल्क ईकेवायसी करने की सुविधा उपलब्ध है। उचित मूल्य दुकान के विक्रेता द्वारा पात्र हितग्राही के ईकेवायसी उचित मूल्य दुकान स्तर पर किए जा रहे हैं। पात्र हितग्राही के डाटाबेस में त्रुटिपूर्ण आधार नंबर/अन्य व्यक्ति का आधार नंबर दर्ज होने पर सही व्यक्ति का आधार नंबर दर्ज करने की सुविधा पीओएस मशीन में उपलब्ध है। साथ ही त्रुटिपूर्ण आधार नंबर के स्थान पर सही आधार नंबर दर्ज करने की सुविधा एक समय के लिए दी गई है।विशेष अभियान में उचित मूल्य दुकान के विक्रेता को हितग्राही के घर जाकर भी ईकेवायसी कराने के निर्देश दिये गये हैं।

वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की नवीन पदस्थापना

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने एक बार फिर आईएएस अधिकारियों की नवीन पदस्थापना की है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी जेएन कांसोटिया (1989) को गृह विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार जेएन कांसोटिया (1989) महानिदेशक, आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, मध्यप्रदेश भोपाल को अपर मुख्य सचिव गृह विभाग में भेजा गया है। वहीं अनिरूद्ध मुकर्जी (1993), आवासीय आयुक्त, मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली तथा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) की नवीन पदस्थापना अध्यक्ष राजस्व मण्डल, मध्यप्रदेश ग्वालियर तथा अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) के पद पर की गई है। सचिन सिन्हा (1995), प्रशासकीय सदस्य, राजस्व मण्डल, मध्यप्रदेश, ग्वालियर तथा अध्यक्ष, राजस्व मण्डल, मध्यप्रदेश, ग्वालियर (अतिरिक्त प्रभार) की नवीन पदस्थापना वि.क.अ. सह-महानिदेशक, आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, मध्यप्रदेश भोपाल में की गई है। इसके अलावा श्रीमती रश्मि अरूण शमी (1994) प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग तथा विशेष आयुक्त (समन्वय), मध्यप्रदश भवन, नई दिल्ली तथा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग (अतिरिक्त प्रभार) को अपने वर्तमान कर्त्तव्यों के साथ-साथ अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक आवासीय आयुक्त, मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा गया है।  

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने वृद्धजन एवं दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण किये वितरित

भोपाल स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि राज्य और केन्द्र सरकार वृद्धजनों और दिव्यांगजनों के स्वास्थ्य का ख्याल रख रही है। उन्होंने कहा कि नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र में कौंडिया से कामती तक 100 करोड़ रुपये लागत का बायपास रोड मंजूर हो चुका है। इसी के साथ गाडरवारा में रेलवे फाटक पर फ्लाई-ओवर बनाया जा रहा है, इससे नगर का यातायात सुगम होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह शुक्रवार को गाडरवारा और ग्राम सालीचौका में वृद्धजन और दिव्यांगजनों को उपकरण वितरित करने के बाद नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। गाडरवारा और सालीचौका के कार्यक्रमों में 396 वृद्धजनों और दिव्यांगजनों को 595 सहायक उपकरण वितरित किये गये। मंत्री सिंह ने कहा कि दिव्यांगजनों के प्रति जन-सामान्य में मदद का भाव होना चाहिये। उन्होंने कहा कि निर्धन वर्ग का परिवार अपनी बेटी का विवाह सरलता से कर सके, इसके लिये जिले में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किये जाएंगे। पात्र हितग्राहियों को 55 हजार रुपये की राशि दी जायेगी। मंत्री सिंह ने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। शिविर में दिव्यांगजनों को ट्रायसिकल, व्हील-चेयर, वॉकिंग-स्टिक, ब्रेल किट, श्रवण यंत्र सहित अन्य उपकरण वितरित किये गये।  

जनता की अदालत में विधायक ने लगाई पुलिस की क्लास, कहा- ‘अगर गुंडों को नहीं पकड़ सकते तो बता दें’

MLA held police class in Janata Adalat, said- ‘If you can’t catch the goons then tell us’ कटनी के इतिहास में पहली बार गुंडा बदमाशों से परेशान व्यापारियों ने पूरा मार्केट बंद रखा था, जिसको समर्थन देने सत्ता पक्ष के मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल खुद पहुंचे। जहां उन्होंने भरी जनता के बीच कटनी पुलिस की कार्यप्रणाली सवालिया निशान खड़े किए है। इस दौरान विधायक संदीप जायसवाल ने टीआई और सीएसपी ख्याति मिश्रा से पूछा कि आखिर क्यों एक गुंडा व्यापारियों से अवैध वसूली करता है, जमीनों से कब्जे हटवाता है, क्रिकेट सट्टे की वसूली करता है और खुलेआम अवैध उत्खनन करने के साथ मारपीट करता है। जिस पुलिस को कार्रवाई करना चाहिए उसे भी वो गुंडा मारता है। पहले किसी पत्रकार से भी मारपीट की है। उन्होंने कहा कि आखिर क्यों पुलिस इस पर शिकंजा नहीं कस पाई है। किसके इशारे में वो हर महीने 2 करोड़ की वसूली करता है। पुलिस पर तंज कसते हुए विधायक संदीप जायसवाल ने कहा कि अगर आप से नहीं होता तो बता दो हम सब व्यापारी उसी गुंडे से हाथ पैर जोड़कर शांति व्यवस्था की मांग करेंगे। भले इसके लिए हर महीने गुंडा टैक्स देना पड़े। बता दें कि 24 घंटे पहले कोतवाली थाना क्षेत्र में राकेश उर्फ रोकी मोटवानी को 30 जनवरी की शाम डॉक्टर पाल गली से ले जाकर कटनी स्टेशन के पास हाथ से अंगूठी-चेन, दो ब्रेसलेट, सहित मोबाइल और नगद पैसे छीनते हुए बेदम मारपीट की गई। जिसमें राकेश के हाथ में चाकू लगा है और पैर फ्रैक्चर हो गया है। जबकि कुछ दिन पूर्व ही राकेश मोटवानी की शादी होना है। फिलहाल कोतवाली पुलिस ने विनय वीरवानी, राहुल बिहारी, करण बिहारी, केतु रजक सहित अन्य लोगों के विरुद्ध मारपीट सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

छत्तीसगढ़ में HMPV वायरस : बिलासपुर में तीन साल के बच्चे की रिपोर्ट पॉजिटिव

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में HMPV वायरस ने दस्तक दे दी है. बिलासपुर संभाग में तीन साल के बच्चे की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में HMPV का यह पहला मामला है. कोरबा जिले का बच्चा HMPV से संक्रमित मिला है. वह 27 जनवरी से बिलासपुर के अपोलो अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है. उनका इलाज जारी है. बच्चा स्वस्थ है. उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. वहीं बिलासपुर और कोरबा जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है. बच्चे को सर्दी, खांसी और बुखार की थी शिकायत बिलासपुर के जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी, डॉक्टर प्रमोद तिवारी ने बताया कि कोरबा जिले के निवासी एक व्यक्ति का तीन वर्षीय बेटा सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित था. जब उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो 27 जनवरी को उसे बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया. बच्चे में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस संक्रमण की संभावना को देखते हुए उसका सैंपल रायपुर के एम्स में जांच के लिए भेजा गया था. जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि बच्चा HMPV से संक्रमित है. संक्रमित बालक को अस्पताल में अन्य मरीजों से अलग रखते हुए आईसीयू में भर्ती किया गया है, जहां शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुशील कुमार की देखरेख में उसका इलाज किया जा रहा है. रायपुर एम्स रेफर करने की तैयारी सीएमएचओ डॉक्टर तिवारी ने बताया कि बच्चे की हालत में कोई विशेष सुधार नहीं हो रहा है. उसे बेहतर इलाज के लिए एम्स, रायपुर भेजने पर विचार किया जा रहा है. कोरबा जिले में सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ित लोगों का सर्वे करा रहे हैं. पीड़ित बच्चे के परिवार के तीन अन्य बच्चों को भी निगरानी में रखा गया है, लेकिन उनमें से किसी में भी संक्रमण के लक्षण नहीं पाए गए हैं.

सेवानिवृत्ति पर शाखा प्रबंधक को दी बिदाई बक्सवाहा से स्थांतरण शाखा प्रबंधक श्री राजेश जैन ने संभाला पदभार

घुवारा  मध्यांचल ग्रामीण बैंक बमनौरा कलां से शाखा प्रबंधक श्री हरी विनायक वर्मा को दी समारोह पूर्वक बिदाई दी गई श्री वर्मा ने लगातार पूरे 21 महीने तक लगन और मेहनत से अपनी सेवाए दी और आज दिनाक 31 जनवरी 2025 को शाम 4 बजे श्री वर्मा का सेवानिवृत्ति समारोह आयोजित किया गई जिसमे  क्षेत्रीय प्रबंधक अग्रिम प्रबंधक जी ने उनके कार्यकाल को सराहा और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की बक्सवाहा से शाखा प्रबंधक श्री सार्थक पांडेय घुवारा शाखा प्रबंधक श्री पुखराज सिंह घुवारा कार्यालय सहायक वीरन रैकवार बमनौरा कैशियर राहुल सिंह संजय सेन पत्रकार बंधु श्री मुकेश यादव श्री गजेन्द्र राय राकेश कुमार ग्राम के गणमान्य नागरिक कियोस्क संचालक श्री राकेश अहिरवार रक्षपाल यादव दिलीप सिंह रामप्यारे मुकेश जैन अखिलेश एवं समस्त स्टाफ मौजूद रहा

“मैं भी बाघ’’ और “हम हैं बदलाव’’ थीम पर

“मैं भी बाघ’’ और “हम हैं बदलाव’’ थीम पर वन विहार में वन, वन्य-प्राणी एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता शिविर भोपाल वन विभाग द्वारा मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड भोपाल के समन्वय से “मैं भी बाघ’’ और “हम हैं बदलाव’’ थीम पर प्रशिक्षण-सह-जागरूकता शिविर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में आयोजित किया गया। शिविर में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मिसरोद के 120 छात्र-छात्राओं और 5 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सहभागिता की। शिविर में सम्मिलित हुए प्रत्येक छात्र-छात्रा को अनुभूति बुक, अनुभूति बैग, कैप, ब्रोशर दिये गये। छात्र-छात्राओं को जलीय पक्षी, स्थलीय पक्षी, तितली प्रजाति, गिद्ध कुंजी के ब्रोशर भी दिये गये। मास्टर ट्रेनर एवं नवीन प्रेरकों द्वारा पक्षी दर्शन, वन्य-जीव दर्शन, प्रकृति पथ-भ्रमण स्थल पर विद्यमान वानिकी गतिविधियों की जानकारी दी गयी। शिविर में शामिल सहभागियों ने फूड बैग, फूड चैन जैसे खेल खेलकर वन, वन्य-जीव एवं पर्यावरण से संबंधित रोचक गतिविधियों में हिस्सा लिया। इसमें सहभागिता करने वालों की जिज्ञासाओं को भी शांत किया गया। रेस्क्यू टीम द्वारा छात्र-छात्राओं को वन्य-जीवों को कैसे रेस्क्यू किया जाता है, के संबंध में रेस्क्यू वाहन के माध्यम से रेस्क्यू करने संबंधी जानकारी दी गयी। इसका सभी सहभागियों ने भरपूर आनंद लिया। अनुभूति कार्यक्रम के मास्टर ट्रेनर के रूप में सेवानिवृत्त उप वन संरक्षक डॉ. एस.आर. वाघमारे और वन विहार के सहायक संचालक एस.के. सिन्हा एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर के समापन में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड डॉ. समिता राजौरा, उप वन संरक्षक ईको पर्यटन विकास बोर्ड स्वरूप कुमार दीक्षित विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिविर में सम्मिलित सभी छात्र-छात्राओं को वन्य-जीव, पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलायी गयी। सहभागियों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र भी प्रदान किये गये।  

नेता प्रतिपक्ष सिंघार बोले-बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया बजट,वहां कई विशेष पैकेज दिए

Leader of Opposition Singhar said – The budget was made keeping in mind the Bihar elections, many special packages were given there. मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय बजट को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये केंद्रीय बजट बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, वहां कई विशेष पैकेज दिए गए। उन्होंने कहा नीतीश कुमार के भरोसे भाजपा की सरकार चल रही है इसलिए उनपर ही मेहरबानी की गई है। एमएसपी कानून की गारंटी पर कोई बात नहींनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री जी शायद भूल गए हैं कि देश का बजट पूरे देश के लिए होता है। उन्होंने कहा इस बजट में किसानों की एमएसपी कानून की गारंटी पर कोई बात नहीं की गई। प्रधानमंत्री आवाज योजना 13670 करोड़ कर दी गयी। जल जीवन मिशन 70 हजार करोड़ था अब 22694 करोड़ कर दिया। एससी एसटी ओबीसी की योजनाओं में भी कटौती की गई है। एससी एसटी और गरीबों के लिए कुछ नहींनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ये बजट भाजपा सरकार ने एक राज्य में चुनाव जीतने के हिसाब से बनाया गया है। उमंग सिंघार ने कहा कि किसानों के एमएसपी, आवास योजना, एससी एसटी और गरीबों के लिए कुछ नहीं किया गया है, उनकी योजनाओं को लेकर कटौती की गई है। उमंग सिंघार ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी आप इन्हीं लोगों के कारण प्रधानमंत्री बने हैं और उन्हीं को आज भूल गए। ये देश का बजट है देश के हिसाब से होना

ईओडब्लू की सात सदस्यी टीम ने महिला बाल विकास विभाग में मारा छापा, मचा हड़कंप

ईओडब्लू की सात सदस्यी टीम ने महिला बाल विकास विभाग में मारा छापा, मचा हड़कंप चम्मच,  जग व थाली खरीदी के नाम पर 5 करोड़  के गड़बड़ झाला का आरोप सिंगरौली  सिंगरौली महिला बाल विकास विभाग मे 1550 आंगनबाड़ी केन्द्रो के लिए चम्मच, जग व थाली खरीदी के नाम 4 करोड़ 98 लाख रूपये के हुए भारी भरकम घोटाले की जाँच के लिए आर्थिक अपराध शाखा रीवा की सात सदस्यी टीम आज दोपहर महिला विकास विभाग मे दबिश दी. इस दौरान  डीपीओ राजेश राम गुप्ता तो नदारद रहे . ईओडब्लू  टीम ने प्रभारी डीपीओ से सामान खरीदी के दस्तावेज लेकर गहन जाँच पड़ताल शुरू कर दी है. डीपीओ मे बर्तन घोटाले के आलावा अन्य कई सामानो के खरीदी का पर्दाफास कर सकती है. जानकारी के अनुसार ईओडब्लू निरीक्षक मोहित सक्सेना के नेतृत्व मे  उप निरीक्षक अभिषेक पाण्डेय, संतोष पाण्डेय, प्रधान आरक्षक कुल भूषण द्विवेदी, पुष्पेंद्र पटेल, घनश्याम त्रिपाठी व आरक्षक संतोष मिश्रा की सात सदस्यी टीम शुक्रवार को महिला बाल विकास विभाग सिंगरौली मे दबिश दी है जहाँ 1550 आंगन बाड़ी केन्द्रो मे चम्मच, जग व थाली आदि बर्तन खरीदी के नाम पर हुए 4 करोड़ 98 लाख के  भारी भरकम घोटाले की पड़ताल शुरू कर दी है. निरीक्षक श्री सक्सेना के अनुसार  महिला बाल विकास विभाग अधिकारी राजेश राम गुप्ता कार्यालय मे नही है. बताया गया कि वह किसी आवश्यक विभागीय कार्य से भोपाल गये है. प्रभारी डीपीओ आर पी सिंह से उक्त सामानो के खरीदी के आवश्यक सभी दस्तावेजों को मांग कर जाँच की जा रही है, पूरी जाँच होने के बाद ही बर्तन घोटाले आरोप की सत्यता का पता चलेगा. श्री सक्सेना के अनुसार बर्तन के साथ अन्य सामान खरीदी के दस्तावेजों की जाँच करेंगे. ग़ौरतलब हो कि जब चम्मच, जग व थाली खरीदी के नाम पर 5 करोड़ रूपये के भ्रस्टाचार का मामलला जब उजागर हुआ था तो मीडिया के सवालों के जवाब मे महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने इसकी जाँच कराने का आश्वासन दिया था. माना जा रहा है कि उनके आदेश पर यह कार्यवाही हो रही है. और बर्तन के आलावा कई अन्य घोटालो का भी पर्दाफास हो सकता है.  आरोप है कि महिला बाल विकास विभाग ने जिले की 1550 आंगनबाड़ियों के लिए 4 करोड़ 98 लाख 88 हजार 300 रुपए में बर्तन खरीदे थे। जैम पोर्टल के जरिए इस खरीदी में 3100 जग, 629 सर्विस स्पून और 40 हजार 500 चम्मच शामिल हैं। जिनमें एक साधारण चम्मच की कीमत 810 रुपए, एक सर्विस स्पून की कीमत 1,348 रुपए और एक जग की कीमत 1,247 रुपए आंकी गई, जो बाजार मूल्य से कई गुना अधिक है। बर्तन खरीदी मे हुए भारी भरकम घोटाले की जाँच करने पहुंची टीम से आदिवासी विकास विभाग मे हुए लगभग 3करोड़ घोटाले की भी जाँच की मांग उठने लगी. सूत्रों की माने तो चर्चित महिला बाल विकास अधिकारी  राजेश राम गुप्ता के पास आदिवासी विकास विभाग का भी प्रभार है. इनके कार्यकाल मे विभाग मे 3 करोड़ रूपये का फर्नीचर ख़रीदा गया है. ई ओ डब्ल्यू टीम को उसकी भी जाँच करनी चाहिए.

खजुराहो को सिविल अस्पताल तथा गढ़ा बागेश्वर धाम में नवीन स्वास्थ्य केंद्र की सौगात…

राजनगर राजनगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी खजुराहो को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से उन्नयन कर सिविल अस्पताल एवं प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल ग्राम गढ़ा बागेश्वर धाम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति हमारे खजुराहो क्षेत्र के सांसद विष्णु दत्त शर्मा एवं विधायक अरविंद पटेरिया जी के विशेष प्रयासों से एक बड़ी सौगात प्राप्त हुई है, राजनगर विधानसभा क्षेत्र के खजुराहो में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कर उसे सिविल अस्पताल में परिवर्तित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय जनता को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। साथ ही, ग्राम गढ़ा बागेश्वर धाम में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकेंगी एवं आने वाले श्रद्धालुओं को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त होगी । इस महत्वपूर्ण सौग़ात के लिए क्षेत्रीय विधायक अरविंद पटेरिया ने प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय मोहन यादव जी, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और खजुराहो सांसद श्री वीडी शर्मा जी एवं प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जो स्वास्थ मंत्री के पद का दायित्व निभा रहे हैं श्री राजेंद्र शुक्ल जी का आभार व्यक्त किया है तथा आपने कहा कि यह कदम भारतीय जनता पार्टी की सरकार के जनकल्याणकारी नीतियों का प्रमाण है जो हर नागरिक को सुलभ और गुणवत्ता पूर्वक चिकित्सा सुविधा देने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है । इन स्वास्थ्य केंद्रों के सशक्तिकरण से क्षेत्रीय जनता को लाभ मिलेगा, इलाज की सुविधाएँ बढ़ेंगी और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुदृढ़ होगी। यह स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल है, जिससे जन-जन को लाभ मिलेगा तथा विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी खजुराहो जो की देसी विदेशी पर्यटकों की यहां बड़ी आमद है वही गढ़ा बागेश्वर धाम जैसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल जो कि इन दिनों  देश दुनिया में विख्यात है यहां आने वाले हजारों लाखों श्रद्धालुओं को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त हो सकेगी ।

हमीदिया अस्पताल को मिलेंगे 3 करोड़ 45 लाख रुपये लागत के अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपकरण

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। गांधी मेडिकल कॉलेज और हमीदिया अस्पताल में अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपकरणों की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा लक्ष्य है कि शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों को अत्याधुनिक उपकरणों और उन्नत चिकित्सा सेवाओं से सुसज्जित किया जाए। राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों को भी ऐसे उन्नत उपकरणों से लैस करने की योजना पर कार्य कर रही है। उन्होंने चिकित्सकों से इन सुविधाओं का उपयोग कर राज्य के नागरिकों को श्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिये हैं। गांधी मेडिकल कॉलेज और हमीदिया अस्पताल में 3 करोड़ 45 लाख रुपये लागत के अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपकरणों की स्थापना की स्वीकृति दी गयी है। इनमें एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS), एसोफेजियल मैनोमेट्री, पीएच मैट्री और ब्रीथ एनालाइज़र जैसी तकनीकें शामिल हैं। यह उन्नत सुविधाएँ किसी भी सरकारी अस्पताल में पहली बार उपलब्ध कराई गई हैं। इन नवीन उपकरणों की मदद से पाचन तंत्र की गंभीर बीमारियों की सटीक और त्वरित पहचान संभव हो सकेगी। अब मध्य प्रदेश के मरीजों को उन्नत और सटीक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपचार के लिए अन्य राज्यों या निजी अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उपकरणों का विवरण     एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS): पेट और आंतों की गहराई से जांच कर कैंसर, पैंक्रियास की बीमारियों और अन्य गंभीर समस्याओं का जल्द पता लगाने में मदद करता है।     एसोफेजियल मैनोमेट्री: निगलने में होने वाली समस्याओं के सही निदान में सहायक।     पीएच मैट्री: एसिडिटी और रिफ्लक्स से जुड़ी बीमारियों के सटीक निदान के लिए उपयोगी।     ब्रीथ एनालाइज़र: एक दर्द-रहित जांच जो आंतों में बैक्टीरिया की अधिकता और लैक्टोज असहिष्णुता जैसी समस्याओं का पता लगाने में मदद करता है।  

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मुझे खुशी है जापान की बड़ी कम्पनियाँ मध्यप्रदेश में आकर अपने व्यवसाय और व्यापार को और अधिक बढ़ाने के लिये तैयार हैं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मुझे खुशी है कि जापान की बड़ी कम्पनियाँ मध्यप्रदेश में आकर अपने व्यवसाय और व्यापार को और अधिक बढ़ाने के लिये तैयार हैं। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहाँ से उत्पादों को न केवल भारत में, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक भी आसानी से पहुँचाया जा सकता है। इसका लाभ जापानी कंपनियों को तो मिलेगा ही साथ ही प्रदेश में औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पैनासोनिक और ब्रिजस्टोन जैसी कम्पनियों सहित जापानी निवेशकों ने मध्यप्रदेश में निवेश के लिये सहमति जताई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी 4 दिवसीय जापान यात्रा के दौरान व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान के उद्योग, संस्कृति और तकनीक को करीब से समझने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश का वातावरण बदल रहा है। बौद्ध धर्म और संस्कृति से जुड़ाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान में कई बौद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि “हमारे यहां धार्मिक स्थलों की यात्रा करने की परंपरा है। जापान की बौद्ध संस्कृति भगवान सूर्य और गौतम बुद्ध से भी जुड़ी हुई है, जिससे हमें अपनी साझा विरासत को समझने का अवसर मिला।” जापान की औद्योगिक नीति और मध्यप्रदेश में संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जापानी कंपनियां निवेश के फैसले लेने में बेहद सतर्क रहती हैं और गहन अध्ययन एवं शोध के बाद ही आगे बढ़ती हैं। जापान यात्रा के दौरान हमने जिन प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात कि सभी ने सकरात्मक रूख अपनाते हुए मध्यप्रदेश में निवेश करने की बात कही। उन्होंने बताया कि रेडीमेड गारमेंट्स से जुड़े उद्यमियों से भी चर्चा हुई, जिन्होंने मध्यप्रदेश में निवेश की संभावना को लेकर रुचि दिखाई है। बुलेट ट्रेन और भविष्य की संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान की बुलेट ट्रेन में सफर किया और इसकी उन्नत तकनीक की सराहना की। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अहमदाबाद से मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन परियोजना की बात कही है। ऐसी ही अन्य परियोजनाओं पर काम हो रहा है। जापान की सहायता से भारत में भी भविष्य में इसी तरह की अत्याधुनिक रेल परियोजनाओं को साकार किया जा सकता है।” जापानी लोगों का भारत के प्रति प्रेम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापानी लोगों की मेहमाननवाजी की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि जापान के लोग न केवल अपने देश से प्रेम करते हैं, बल्कि भारत के प्रति भी उनके मन में विशेष सम्मान और आत्मीयता है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान में भारतीय दूतावास और वहां के अधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा मध्यप्रदेश और जापान के बीच व्यापारिक, सांस्कृतिक और तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाई देने में सहायक होगी। पारंपरिक जापानी स्थापत्य और बौद्ध संस्कृति का प्रतीक है किंकाकूजी स्वर्ण मंदिर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान यात्रा के चौथे दिन क्योटो स्थित विश्व प्रसिद्ध किंकाकूजी (स्वर्ण मंदिर) का भ्रमण किया। पारंपरिक जापानी स्थापत्य और बौद्ध संस्कृति का प्रतीक यह मंदिर अपनी सोने की परतों से ढंकी भव्य संरचना और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का अवलोकन किया और जापानी संस्कृति में इसकी ऐतिहासिक महत्ता को करीब से समझा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर के सामने स्थित क्योकाची तालाब के किनारे कुछ समय बिताया, जहां मंदिर का प्रतिबिंब एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। उन्होंने कहा कि “ऐसी ऐतिहासिक धरोहरें सिर्फ स्थापत्य कला का उदाहरण नहीं होतीं, बल्कि वे एक सभ्यता की आत्मा को दर्शाती हैं। जापान ने अपनी संस्कृति को सहेजने का जो प्रयास किया है, वह प्रशंसनीय है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जापान यात्रा सिर्फ सांस्कृतिक आदान-प्रदान तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने जापानी धरोहर संरक्षण, पर्यटन विकास और वास्तुकला के नवाचारों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भी अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है और जापान से इस दिशा में बहुत कुछ सीखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जापान यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच निवेश के साथ सांस्कृतिक और औद्योगिक संबंधों को भी और अधिक सशक्त बनाना है। भ्रमण के दौरान उन्होंने जापान की परंपरागत और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाए रखने की नीति को भी सराहा। जापान में ऐतिहासिक टेम्पल्स में दर्शन के साथ किया कैसल का किया भ्रमण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जापान दौरे के चौथे दिन क्योटो में ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को समझने और मध्यप्रदेश के साथ संभावित सहयोग के नए अवसरों पर विचार-विमर्श के उद्देश्य से प्रसिद्ध निजो-जो कैसल, शेंजुशेंगेन्डो और टोजी टेम्पल का भ्रमण कर दर्शन किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्योटो स्थित निजो-जो कैसल का अवलोकन किया, जो जापान की समृद्ध ऐतिहासिक धरोहर और स्थापत्य कला का प्रतीक है। उन्होंने इस दौरान जापान की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उसके प्रबंधन से जुड़े पहलुओं को भी जाना। इसके साथ ही, उन्होंने शेंजुशेंगेन्डो मंदिर में दर्शन किए, जो अपनी अनूठी वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जापान और मध्यप्रदेश के बीच सांस्कृतिक और औद्योगिक संबंध पहले से ही सुदृढ़ हैं इन्हेंऔर अधिक प्रगाढ़ करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए आयामतलाशे जा रहे हैं, जिससे पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जापान की ऐतिहासिक संरचनाओं और उनके संरक्षण के अनुभव से सीखकर मध्यप्रदेश के पर्यटन और धरोहर स्थलों के विकास में नवाचार लाया जा सकता है। उन्होंने इस दौरे को प्रदेश के विकास और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।  

विश्वास सारंग ने सहकारिता वर्ष-2025 में राज्य स्तर पर हर माह सहकारिता संबंधी एक भव्य आयोजन होगा

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सहकारिता वर्ष-2025 में राज्य स्तर पर हर माह सहकारिता संबंधी एक भव्य आयोजन करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह और सहकारिता विभाग से जुड़े संबंधित विभागों के केन्द्रीय मंत्री के मुख्य आतिथ्य में हर माह कार्यक्रम होंगे। मंत्री श्री सारंग मंत्रालय में सहकारिता वर्ष-2025 के लिये राज्य स्तर पर किये जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहे थे। देश के सहकारी आंदोलन से जुड़े प्रख्यात लोगों को भी जोड़ें मंत्री श्री सारंग ने कहा कि इन कार्यक्रमों में देशभर के सहकारी आंदोलन से प्रख्यात जुड़े लोगों को भी जोड़ा जाये। उन्होंने कहा कि इस दौरान अन्य राज्य के दलों को आमंत्रित कर मध्यप्रदेश में नवाचार और उत्कृष्ट कार्य वाली संस्थाओं का भ्रमण एवं प्रदर्शन करवाया जाये। इसके लिये जो स्टडी ग्रुप आयें, तो उनके साथ मध्यप्रदेश का एक दल उन्हें प्रदेश में किये गये नवाचार और उत्कृष्ट कार्य के बारे में बखूबी जानकारी दे। ग्राम पंचायतों में भी सहकारिता से जुड़ी गतिविधियाँ हों संचालित मंत्री श्री सारंग ने कहा कि राज्य स्तर के साथ हर जिले और ग्राम पंचायतों में भी सहकारिता से जुड़ी गतिविधियाँ संचालित हों। हर जिले में ग्रुप बनाये जायें और ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाये। साथ ही सहकार और सहकारिता के बारे में हायर एजुकेशन के विद्यार्थियों को जानकारी दी जाये। हर गाँव में सहकार सभा जैसे कार्यक्रम हों। इसमें सरपंच और जन-प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाये। सहकारी बैंकों में उपलब्ध सुविधाओं के लिये हो जन-जागरूकता मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सहकारी बैंकों में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जन-जागरण किया जाये। बैंक का बिजनेस बढ़ाने के लिये अभियान चलाया जाये। कृषक और आमजन सहकारी बैंक से जुड़ें, इस पर फोकस किया जाये। वार्षिक कैलेण्डर में सहकारी मंथन, सहकारी सम्मेलन, ग्राहक जागरूकता सम्मेलन, पौध-रोपण अभियान, टर्म-लोन वितरण, नवीन केसीसी स्वीकृति, अमानत संग्रहण, विचार संगोष्ठी, सर्वोत्तम कार्य करने वालों का सम्मान जैसी गतिविधियों का भी समावेश किया जाये। बैठक में प्रबंध संचालक मार्कफेड श्री आलोक कुमार सिंह, पंजीयक सहकारिता श्री मनोज पुष्प, उप सचिव श्री मनोज सिन्हा, प्रबंध संचालक सहकारी संघ श्री ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक आवास संघ श्री रमाशंकर विश्वकर्मा, दुग्ध संघ के डॉ. दुरवार, संयुक्त पंजीयक श्री अमरीश वैद्य, संयुक्त पंजीयक वनोपज संघ श्री बी.पी. सिंह, ओएसडी अपेक्स बैंक सुश्री कृति सक्सेना, सचिव मत्स्य महासंघ श्री यतीश त्रिपाठी और उप सचिव श्री हितेन्‍द्र सिंह वघेला सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

जीसीसी नीति लागू करने वाला भारत का पहला राज्य बना मध्यप्रदेश, तकनीकी उत्कृष्टता का केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने भारत की पहली समर्पित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) नीति 2025 लागू की है। इससे राज्य नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता का केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर हो गया है। यह नीति भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे टियर-2 शहरों को वैश्विक परिचालन केंद्रों के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त करेगी, जिससे भारत में विस्तार की चाह रखने वाले व्यवसायों को प्रतिस्पर्धी लाभ मिलेगा। आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2023 की सफलता को आगे बढ़ाते हुए यह नई नीति मध्यप्रदेश को एक सशक्त जीसीसी ईको सिस्टम प्रदान करने और राज्य को भारत के तकनीकी विकास में अग्रणी बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हाल ही में इस नीति को कैबिनेट की स्वीकृति मिल चुकी है, जो इसके रणनीतिक महत्व और प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाती है। भारत पहले से ही वैश्विक जीसीसी परिदृश्य में अग्रणी है, जहां इसका 50% से अधिक बाजार हिस्सेदारी है और 2023 में यह सेक्टर 46 अरब डॉलर का था, जो 2030 तक 110 अरब डॉलर से अधिक होने की संभावना है। वर्तमान में भारत में 1,600 से अधिक जीसीसी परिचालन में हैं, जहां 19 लाख से अधिक पेशेवर कार्यरत हैं और 2030 तक यह संख्या 45 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है। मध्यप्रदेश के लिए यह क्षेत्र में प्रवेश करने का उपयुक्त समय है, जिससे वह 2030 तक अनुमानित 2,400 से अधिक जीसीसी केंद्रों में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी प्राप्त कर सकेगा। जीसीसी नीति के तहत प्रमुख फोकस सेक्टर मध्यप्रदेश की जीसीसी नीति में पारंपरिक परिचालन के लिए लेवल-1 जीसीसी और उच्च-मूल्य नवाचार के लिए एडवांस जीसीसी को लक्षित किया गया है। नीति आईटी/आईटीईएस, ऑटोमोबाइल, फार्मास्युटिकल्स, जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम और अन्य तकनीकी क्षेत्रों पर केंद्रित है। राज्य में 5 विशेष आर्थिक क्षेत्र और 15 से अधिक आईटी पार्क हैं, जो उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों के लिए समर्पित उत्कृष्टता केंद्रों से सुसज्जित हैं। मध्यप्रदेश की स्वच्छतम शहरों में पूरे वर्ष कम वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) दर्ज किया जाता है, जिससे श्रेष्ठ जीवनशैली और कार्य-जीवन संतुलन सुनिश्चित होता है। यहां कम यात्रा समय और किफायती जीवनयापन के कारण पेशेवरों और व्यवसायों के लिए यह आदर्श स्थान बनता जा रहा है। स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य की कुल स्थापित क्षमता का 27% नवकरणीय ऊर्जा स्रोतों से आता है और ओपन एक्सेस नीतियों के तहत उद्योगों को इसका अधिकतम लाभ मिल रहा है। मध्यप्रदेश में निवेश और व्यवसायों की स्थापना को सरल बनाने के लिए “नो क्वेरी पोर्टल” के माध्यम से सिंगल विंडो क्लियरेंस की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। निवेशकों को मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के माध्यम से व्यापक सहायता प्रदान की जाती है। मध्यप्रदेश में व्यवसाय संचालन की लागत मेट्रो शहरों की तुलना में काफी कम है, जहां कार्यालय स्थान पर 50% तक की बचत, संचालन लागत में 55% तक की कमी और रहने की लागत 60% तक कम है, जिससे यह कंपनियों और पेशेवरों के लिए एक आकर्षक स्थान बनता जा रहा है। राज्य की नई नीति के तहत कंपनियों को विभिन्न प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जिसमें 40% पूंजीगत सब्सिडी (अधिकतम 30 करोड़ रुपये तक), किराया सहायता और पेरोल सब्सिडी शामिल हैं। इसके अलावा, अपस्किलिंग व री-स्किलिंग के लिए प्रतिपूर्ति, मार्केटिंग सहायता, पेटेंट फाइलिंग और आर एण्ड डी खर्चों पर अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश की यह नीति सिर्फ एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि भविष्य का वादा, सतत विकास का रोडमैप और तकनीकी क्रांति में अग्रणी बनने का संकल्प है। जीसीसी नीति-2025 के माध्यम से राज्य भारत के तकनीकी नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी प्रमुख भूमिका सुनिश्चित कर रहा है।

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