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मुख्यमंत्री ने 2 चीते और 3 शावकों को बाड़े से स्वछंद विचरण के लिये किया मुक्त

मध्यप्रदेश की पावन धरा पर रफ्तार भर रहा है चीता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव चीते के कुनबे में हो रही निरंतर वृद्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पर्यटन के क्षेत्र में कूनो की बन गई है विशिष्ट पहचान मुख्यमंत्री ने 2 चीते और 3 शावकों को बाड़े से स्वछंद विचरण के लिये किया मुक्त भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह देखकर अत्यंत सुख की अनुभूति होती है कि कभी एशिया महाद्वीप से विलुप्त हो चुके चीते आज मध्यप्रदेश की पावन धरा पर रफ्तार भर रहे हैं और अपना कुनबा भी बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, “जीव चराचर जंतु समाना’’ की भावना वाले मध्यप्रदेश की धरा अद्भुत है, जो वन्य-जीवों की आश्रय-स्थली बन गई और कई विलुप्तप्राय वन्य-प्राणियों की अठखेलियों का आँगन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम आने वाली पीढ़ियों के लिये वन्य-जीवन को सहेज कर रखने और जैव-विविधता के संरक्षण के लिये प्रतिबद्ध हैं और आगे भी ऐसे नवाचारों के मध्यप्रदेश की पुण्य धरा को गौरवान्वित करते रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को पालपुर-कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता आशा, धीरा और आशा के 3 शावकों को बाड़े से खुले जंगल में स्वछंद विचरण के लिये मुक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चीतों की पुनर्स्थापना से कूनो की पर्यटन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पहले 2 चीते खुले जंगल में छोड़े थे, जिससे वन्य जीवन में चीतों की पुन: बसाहट हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आज 5 चीतों को जंगल में छोड़ने का अवसर मिला है। मैं प्रदेशवासियों को इसकी बधाई देता हूँ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परमात्मा करे कि यह चीते अच्छे से बढ़ें और पर्यटकों के लिये आकर्षण का केन्द्र बन सकें। उन्होंने वन्य-जीव संरक्षण और नेशनल पार्क की जैव-विविधता की सुरक्षा में जुटे कर्मियों के समर्पण की सराहना की और उनके कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो अभयारण्य में ईको-टूरिज्म की पहल को प्रोत्साहित किया। इससे न केवल संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिये रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि चीतों की पुनर्स्थापना के लिये भविष्य में कूनो राष्ट्रीय उद्यान को एक आदर्श वन्य-जीव अभयारण्य बनाने के लिये आवश्यकतानुसार प्रबंध किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ग्रामीण आजीविका मिशन की स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने जड़ी-बूटियों से निर्मित राखी भेंट की। कूनो नेशनल पार्क से अभी तक 7 चीतों को जंगल में स्वछंद विचरण के लिये छोड़ा गया है। कूनो में वीरा के नये 2 शावकों को मिलाकर कुल 26 चीते हो गये हैं। इन चीतों की मॉनीटरिंग के लिये 2 दल गठित किये गये हैं, जो छोड़े गये शावकों की निगरानी और सुरक्षा करेंगे। कूनो नेशनल पार्क में चीता रिलीज कार्यक्रम के दौरान कमिश्नर ग्वालियर-चंबल श्री मनोज खत्री, आई.जी. चंबल श्री सुशांत सक्सेना, कलेक्टर श्योपुर श्री अर्पित वर्मा, सीसीएफ श्री उत्तम शर्मा और डीएफओ कूनो श्री आर. थिरुकुराल सहित प्रशासनिक एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।  

12 फरवरी को मथुरा में अलंकरण समारोह आयोजित, जिसमे वीरता और विशिष्ट सेवा पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा

जम्मू भारतीय सेना की उत्तरी कमान 12 फरवरी को उत्तर प्रदेश के मथुरा सैन्य स्टेशन में एक प्रतिष्ठित अलंकरण समारोह आयोजित करेगी, जिसमें कमान के अधिकारियों और सैनिकों को उनके कर्तव्य से परे बहादुरी के कार्यों और राष्ट्र के लिए विशिष्ट सेवा के लिए वीरता और विशिष्ट सेवा पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि उत्तरी कमान इस समारोह में अपने बहादुर और असाधारण सैनिकों और इकाइयों को श्रद्धांजलि देगी। उन्होंने कहा कि उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) लेफ्टिनेंट जनरल एम वी सुचींद्र कुमार उत्तरी कमान के अधिकारियों और सैनिकों को उनके कर्तव्य से परे बहादुरी के कार्यों और राष्ट्र के लिए विशिष्ट सेवा के लिए वीरता और विशिष्ट सेवा पुरस्कारों से सम्मानित करेंगे। प्रवक्ता ने कहा कि विभिन्न इकाइयों को उनके असाधारण पेशेवर कार्यों और अद्वितीय उपलब्धियों के सम्मान में जीओसी-इन-सी यूनिट प्रशस्ति से भी सम्मानित किया जाएगा। उत्तरी कमान और इकाइयों के सैनिकों ने असाधारण साहस का परिचय दिया है और उन्होंने अक्सर अपनी मातृभूमि की संप्रभुता और रक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगायी है। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘उनके उल्लेखनीय कार्य और बलिदान जुझारूपन, समर्पण और प्रतिबद्धता के उच्चतम मानकों का उदाहरण हैं, जो भारतीय सेना के चरित्र को परिभाषित करते हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस समारोह के माध्यम से सेना न केवल अपने कर्मियों की व्यक्तिगत और सामूहिक उपलब्धियों का जश्न मनाती है, बल्कि वफादारी, निस्वार्थ सेवा और देशभक्ति के मूल्यों को भी रेखांकित करती है, जो इसके मिशन का अभिन्न अंग हैं। प्रवक्ता के अनुसार, ‘‘यह अलंकरण समारोह राष्ट्र की सुरक्षा और स्वतंत्रता को बनाए रखने में इन नायकों द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाएगा, जो भविष्य की पीढ़ियों को उत्कृष्टता और सेवा की विरासत को जारी रखने के लिए प्रेरित करेगा।’’ देश की सबसे पुरानी सैन्य छावनियों में से एक मथुरा सैन्य छावनी को इसकी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के कारण इस समारोह के लिए चुना गया है। समारोह में बड़ी संख्या में सैन्यकर्मी, गणमान्य नागरिक और पुरस्कार विजेताओं के गौरवशाली परिजन शामिल होंगे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- अंतर्विभागीय समन्वय एवं जागरूकता से फ़ाईलेरिया को करें जड़ से ख़त्म

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति और कार्य योजना की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने स्टेट टास्क फ़ोर्स की बैठक में निर्देश दिए कि सभी विभाग अंतर्विभागीय समन्वय और जागरूकता से फायलेरिया को जड़ से ख़त्म करने के लिये अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न विभाग मैदानी अमलों से 10 फ़रवरी से प्रारंभ हो रहे मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन जमीनी कार्यकर्ताओं का उन्मुखीकरण सुनिश्चित करें साथ ही अभियान में आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करें। बैठक में स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य, वन, नगरीय निकाय और आवास, स्कूल शिक्षा और केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित थे। वितरित दवाओं का नागरिक अवश्य करें सेवन उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्टेट टास्क फ़ोर्स की बैठक में वर्तमान में प्रदेश में लिम्फेटिक फायलेरियासिस बीमारी की स्थिति, मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन चक्र-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये एक्शन प्लान और फायलेरिया उन्मूलन गतिविधियों के संचालन के लिये अन्य विभागों से अपेक्षाएं एवं सहयोग के विषयों की वृहद् समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों में युद्ध स्तर से प्रयास करें। उप मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि एमडीए अभियान में वितरित दवाओं का अवश्य सेवन करें। फायलेरिया के उन्मूलन में सहयोग करें। 4 ज़िलों के 12 ब्लॉक में एमडीए का हुआ सफल क्रियान्वयन मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि मध्यप्रदेश के छतरपुर, दतिया, कटनी, पन्ना, उमरिया रीवा, मउगंज, टीकमगढ़, निवाड़ी फायलेरिया बीमारी से ज्यादा प्रभावित हैं। इसके अतिरिक्त वर्ष-2025 में नॉन एण्डेमिक जिला शहडोल एमडीए गतिविधि अंतर्गत शामिल किया गया है। वर्ष-2024 में मध्यप्रदेश के 12 जिलों के 35 ब्लॉक में एमडीए का क्रियान्वयन किया गया। वर्ष-2024 में प्रदेश के 4 जिलों सागर, सतना, छिन्दवाड़ा एवं दमोह में एमडीए को सफलतापूर्वक संचालन कर बंद कर दिया गया है। प्रदेश में कुल लिम्फेडिमा के 3059 और हाइड्रोसील के 1011 मामले दर्ज कर विभाग द्वारा सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। एमडीए 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन की योजना प्रदेश में 10 फरवरी से 25 फरवरी तक 9 जिलों के 23 चिन्हित विकासखण्डों में प्रशिक्षित दवा सेवकों के माध्यम से बूथ डे एवं घर-घर भ्रमण के दौरान फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन समस्त पात्र हितग्राहियों को कराया जाएगा। एमडीए अंतर्गत डी.ए. अर्थात् डाय ईथाइल कार्बामैज़िन सीट्रेट (डीईसी) और अल्बेंडाजोल का सेवन शहडोल, दतिया एवं निवाड़ी में और आई.डी.ए अर्थात् ट्रिपल ड्रग – डी.ई.सी, एल्बेण्डाज़ोल एवं आइवरमेक्टिन का सेवन जिला- मउगंज, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, कटनी, उमरिया में कराया जाएगा।  

राजधानी भोपाल में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियां जोरों पर, मेहमान चखेंगे मालवा-निमाड़ का स्वाद

भोपाल  ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। नगर निगम व लोक निर्माण विभाग शहर को संवार रहे हैं। इसी तरह मप्र टूरिज्म बोर्ड मेहमानों की खातिरदारी की व्यवस्था में लगा हुआ है। डाटा सेंटर में निवेश के प्रयास भी किए जा रहे हैं। पहले दिन ही दूसरी समिट ऊर्जा एवं नवकरणीय ऊर्जा की होगी। इसमें खासतौर पर मोहासा बाबई में बन रहे ऊर्जा पार्क को प्रोजेक्ट कर उसमें बड़ी कंपनियों से निवेश आमंत्रित किया जाएगा। बता दें कि भोपाल में 24 फरवरी से दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) शुरू होगी। इसका शुभारंभ पीएम नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को सुबह 10 बजे करेंगे। नामी कंपनियों को आमंत्रण पांच सेक्टर एमएसएमई, खनिज, आईटी, ऊर्जा और नगरीय विकास में सबसे ज्यादा निवेश प्रस्ताव आकर्षित करने के लिए अलग-अलग समिट कराई जाएंगी। इन क्षेत्रों से संबंधित विभाग तैयारी में जुटे हैं। इन समिट में कम से कम एक हजार उद्योगपतियों और निवेशकों को लाने का टारगेट दिया गया है। हालांकि इन समिट में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। 24 को दो विभागीय समिट होंगी। पहली आइटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की। तैयारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और मप्र इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा की जा रही है। टीसीएस, इंफोसिस, आइबीएम जैसी कंपनियों को भी न्योता दिया जा रहा है। हाल ही में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसियों को लॉन्च किया गया है। दूसरे दिन यह होगा 25 को पहली समिट एमएसएमई और स्टार्टअप को लेकर होगी। प्रदेश के एमएसएमई और स्टार्टअप परिदृश्य की ब्रांडिंग की जाएगी। माइनिंग की दूसरी समिट में प्रदेश में उपलब्ध क्रिटिकल मिनरल जैसे ग्रेफाइट, रॉक फॉस्फेट, ग्लूकोनाइट आदि की ब्रांडिंग होगी। एक्सप्लोरेशन और खनिज संबंधी उद्योगों की स्थापना पर फोकस रहेगा। तीसरी समिट नगरीय विकास की होगी। शहरों के विकास, मूलभूत सुविधाओं, बड़ी कचरा प्रबंधन परियोजनाओं, सीवेज ट्रीटमेंट परियोजनाओं आदि के लिए निवेश आमंत्रित किया जाएगा। मेहमान चखेंगे मालवा-निमाड़ का स्वाद भोपाल में 24 और 25 फरवरी को होने जा रहे इंवेस्टर्स समिट में देश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों को बुलाया गया है. इसमें रिलायंस समूह के मुकेश अंबानी, अदाणी समूह के गौतम अडानी सहित कई बड़े उद्योगपति के अलावा विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. समिट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी होंगे. उधर समिट में आने वाले देशी-विदेशी मेहमानों को प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के फूड से लुभाया जाएगा. इसके लिए एमपी टूरिज्म द्वारा खाने का मेन्यू तैयार कराया जा रहा है. देश-विदेश के मेहमानों को मालवा के दाल पानिये, मटर मोगरी की सब्जी परोसी जाएगी. वहीं बुंदेखंड के बरा और चंबल के बफोरी भी मेन्यु में शामिल किए जा रहे हैं. स्थानीय खानों के अलावा कॉन्टिनेंटल, चाइनीज फूड भी होंगे. 50 से ज्यादा व्यंजन परोसे जाएंगे ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में उद्योगपतियों के साथ मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं के साथ मध्य प्रदेश के आथित्य और अलग-अलग क्षेत्र के स्वाद से भी रू-ब-रू कराया जाएगा. समिट में देश के नामचीन उद्योगपतियों के अलावा दूसरे देशों की बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. समिट में करीबन 5 हजार निवेशकों और कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. इन मेहमानों के सामने मध्य प्रदेश के संस्कृति और खान-पान की ब्रांडिंग भी की जाएगी. इसके लिए मेहमानों के सामने 50 से ज्यादा व्यंजन परोसे जाएंगे. इनमें मध्य प्रदेश की अलग-अलग क्षेत्रों की डिसेस को परोसा जाएगा. इसमें इंडियन और इंटरनेशनल फूड के अलावा स्थानीय डिसेस भी होंगी. इनके हिसाब से अलग-अलग फूड जोन बनाए जाएंगे. दाल बाफले, दाल पानिए परोसे जाएंगे देशी-विदेशी मेहमानों को मालवा क्षेत्र के प्रसिद्ध दाल बाफले परोसे जाएंगे. इसके अलावा दाल पानिये, आमड़ी की भाजी और मटर मोगरी की सब्जी परोसी जाएगी. बुंदेलखंड क्षेत्र के बरा, गक्कड़-भर्ता, चंबल का बफोरी के अलावा मिलेट्स की रोटी और मिलेट्स के स्वीट्स परोसे जाएंगे. मेन्यु में मध्य प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के एक-एक स्पेशल व्यंजन को शामिल किया जाएगा. फूड जोन में व्यंजनों के साथ उनकी खासियत और क्षेत्र के नामों को प्रदर्शित किया जाएगा. दिल्ली-मुंबई से बुलाए जा रहे मसाले पर्यटन विकास निगम के कॉर्पोरेट शेफ सिद्धार्थ वीरेन्द्र बताते हैं कि “मेन्यू में विदेश से आने वाले मेहमानों के स्वाद का विशेष ख्याल रखा जाएगा. हमारी कोशिश है कि यहां आने वाले सभी मेहमान सभी डिसेस का स्वाद लेकर जाएं. व्यंजनों में स्थानीय के साथ इंडियन और इंटरनेशनल फूड को भी शामिल किया जाएगा. कई डिसेज के लिए मुंबई और पुणे से स्पेशल मसालों को बुलाया जा रहा है. इसमें स्नोपी, बूसल, स्प्राट खासतौर से बुलाए जा रहे हैं.

श्रद्धा वालकर मर्डर केस के दो साल… पिता को अंतिम संस्कार का है इंतजार

नई दिल्ली आपको श्रद्धा बाल्कर हत्याकांड तो याद होगा। किस तरह से एक लड़की को प्यार के जाल में फंसाया गया और फिर कर दी गई निर्मम हत्या। इस हत्याकांड के बाद दिल्ली में मानों हड़कंप सा मच गया। लेकिन श्रद्धा के पिता को आज भी बेटी के अंतिम संस्कार का इंतजार कर रहे हैं। उनका आज भा यही सवाल है कि आखिर कब मिलेगा मेरी बेटी को इंसाफ…. इसी पूरे मामले में आज हम आपको इस खबर का पूरा विशलेषण करने जा रहे हैं। छोटे से बाक्स में बंद है श्रद्धा का शव दिल्ली में एक पुलिस थाने के मालखाने में एक छोटा सा बक्सा रखा है, जिसमें बंद है श्रद्धा वॉल्कर। जिसे आज भी अपने अंतिम संस्कार का इंतजार है। ये वही श्रद्धा वॉल्कर है, जिसे उसके प्रेमी ने मौत की नींद सुला दिया था और लाश के टुकड़ों को कई दिनों तक फ्रीज में बंद रखा था। दो साल पूरे होने को हैं इस मुकदमें को शुरू हुए करीब दो साल पूरे होने वाले हैं। लेकिन अब भी इस केस हर दिन सुनवाई का इंतजार था। अब जाकर अदालत ने फैसला किया है कि मार्च के महीने से अब हर दिन इस केस की सुनवाई होगी। हालांकि इस केस में अभी तक बहुत सी कार्रवाई अधूरी है। महरौली थाने का है पूरा मामला महरौली थाने से लगभग 4 किलोमीटर दूरी पर मौजूद है साकेत कोर्ट। 1 जून 2023 यानी लगभग पिछले पौने दो साल से इसी कोर्ट में श्रद्धा केस की सुनवाई लंबित है। इस सुनवाई के दौरान ऐसा कई बार हुआ जब एक छोटे से बक्से में बंद श्रद्धा को महरौली थाने के मालखाने से निकाल कर कोर्ट में पेश किया गया। यह कहना है पिता का श्रद्धा के पिता विकास वॉल्कर को नवंबर 2022 में पहली बार पता चला था कि उनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है। उनकी बेटी श्रद्धा के इसी दोस्त यानी आफताब पूनावाला ने श्रद्धा का कत्ल करने के बाद लाश के टुकड़ों को महरौली के जंगलों में किस्तों में ठिकाने लगा दिया था। लगभग सवा दो साल से विकास वॉल्कर को पता है कि उनकी बेटी श्रद्धा अब इस दुनिया में नहीं है। श्रद्धा के नाम पर कुछ है तो छोटे से बक्से में बंद उसकी चंद हड्डियां। मगर इस बदकिस्मत बाप की बदनसीबी देखिए कि श्रद्धा तो छोड़िए उसकी लाश के बचे खुचे टुकड़े तक उन्हें अंतिम संस्कार के लिए नहीं सौंपे गए। दो साल काट रहे हैं कोर्ट के चक्कर बीते पौने दो साल से जब जब विकास वॉल्कर साकेत कोर्ट में हाजिर होते हैं, तो बस कभी कभार कोर्ट रूम के अंदर ही उन्हें बक्से में बंद श्रद्धा नजर आ जाती है। न जाने ये कैसा मजाक है जो कानून के नाम पर एक बेबस बाप के साथ किया जा रहा है। जिस बाप की जवान बेटी को पहले ही उससे छीन लिया गया हो, जिसके कत्ल और कत्ल के तरीके की कहानी को सुन कर श्रद्धा को न जानने वाले भी गमजदा हो जाते हों, उसी श्रद्धा के अंतिम संस्कार के लिए पिछले सवा दो साल से उसके बाप को इंतजार कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तराखण्ड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल, 2025 के रोइंग प्रतियोगिता के लाइट वेट डबल स्कल्स इवेंट में मध्यप्रदेश की महिला खिलाड़ी रुक्मणि और पूनम के स्वर्ण पदक तथा रोइंग खेल के महिला-क्वाड्रापल इवेंट में संतोष यादव, खुशप्रीत, पूनम और रुक्मणि को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि भारत की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रुक्मणि और पूनम की इस उपलब्धि से पूरा प्रदेश गौरवान्वित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 38वें राष्ट्रीय खेल, 2025 के रोइंग प्रतियोगिता में पुरूषों के डबल स्कल लाइटवेट इवेंट में मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ी सुशील और नितिन देओल के कांस्य पदक जीतने पर इन्हें भी बधाई देते हुए इनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश का नया केंद्र बन रहा है मध्यप्रदेश

भोपाल सूचना प्रौद्योगिकी अब केवल एक सेक्टर नहीं, बल्कि हर उद्योग की आधारभूत आवश्यकता बन चुका है। स्वास्थ्य से लेकर कृषि, शिक्षा, उद्योग सहित हर क्षेत्र में आईटी की महत्वपूर्ण भूमिका है। मध्यप्रदेश इस बदलाव का केंद्र बन रहा है, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्ट-अप्स और अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी मिलकर नए अवसरों को जन्म दे रहे हैं। राज्य सरकार की आईटी और ईएसडीएम नीति, डेटा सेंटर पार्क, आईटी पार्क्स और इनक्यूबेटर्स के विकास ने मध्यप्रदेश को तकनीकी निवेश के लिए आकर्षक स्थान बनाया है। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहर आईटी कंपनियों के नए केंद्र बन रहे हैं। टीसीएस, इनफोसिस, यश टेक्नॉलोजीज, इंपीट्स जैसी कंपनियाँ यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 24-25 फरवरी को भोपाल में होने वाली जीआईएस में आईटी, आईटीइएस और ईर्एसडीएम सेक्टर की बड़ी कम्पनियां शामिल होंगी। जिससे मध्यप्रदेश इस सेक्टर में भी नई ऊँचाईयों को प्राप्त करेगा। डिजिटल इंडिया मिशन के साथ कदम मिलाकर मध्यप्रदेश अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, बिग डेटा, ब्लॉक-चेन और साइबर सिक्योरिटी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आज आईटी सेक्टर ही नहीं बल्कि मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स और एग्रीटेक सेक्टर में भी तकनीकी नवाचार हो रहे हैं। राज्य में 15 आईटी पार्क और 5 आईटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन पहले से कार्यरत हैं और आने वाले वर्षों में इंदौर में क्रिस्टल आईटी पार्क-3 और 4, 50 एकड़ में डेटा सेंटर पार्क, जबलपुर में 1 लाख वर्गफुट का आईटी टॉवर और कई अन्य परियोजनाएँ डिजिटल विकास को नई गति देंगी। मध्यप्रदेश केवल आईटी निवेश के लिए नहीं, बल्कि वर्क-लाइफ बैलेंस, किफायती ऑपरेशनल लागत और सरकारी सहयोग के कारण भी स्टार्ट-अप्स और आईटी कंपनियों के लिए एक आदर्श स्थान बन रहा है। मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक स्थान, निवेश-अनुकूल नीतियों और अत्याधुनिक अवसंरचना के कारण तेजी से आईटी, आईटीईएस (इन्फोर्मेशन टेक्नॉलोजी इनेबल्ड सर्विसेज) और ईएसडीएम (इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग) के लिए एक प्रमुख हब बन रहा है। भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2025) में इस क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति इसे पूरे देश के बाजारों तक सीधा और सुगम संपर्क प्रदान करती है। राज्य में 6 प्रमुख हवाई अड्डे और 6 इनलैंड कंटेनर डिपो मौजूद हैं, जिससे वैश्विक व्यापार को गति मिलती है। प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और समर्पित फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ा यह राज्य लॉजिस्टिक्स और परिवहन के लिए भी अनुकूल है। वर्तमान में 1 मिलियन वर्गफुट आईटी स्पेस उपलब्ध है, और 5 लाख वर्गफुट का नया आईटी अवसंरचना निर्माण कार्य जारी है। राज्य में डेटा सेंटर पार्क (50 एकड़) विकसित किया जा रहा है, जिससे एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और बड़े डेटा केंद्रों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इंदौर में क्रिस्टल आईटी पार्क 3 और 4 विकसित किए जा रहे हैं, जिससे नई आईटी कंपनियों के लिए बेहतरीन अवसर खुलेंगे। एलटीआई माइंड ट्री इंदौर में ₹800 करोड़ रूपये का निवेश कर रहा है और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) रक्षा अनुसंधान एवं विकास के लिए उभरती तकनीकों का एक केंद्र स्थापित कर रहा है। राज्य की आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश प्रोत्साहन नीति 2023 निवेशकों को विभिन्न प्रकार की रियायतें और सुविधाएँ प्रदान करती है। आईटी और आईटीईएस कंपनियों को ₹30 करोड़ रूपये तक की पूंजीगत सहायता, ईएसडीएम सेक्टर के लिए ₹150 करोड़ रूपये तक की प्रोत्साहन राशि और डेटा सेंटर निवेशकों को 125 करोड़ तक की सहायता उपलब्ध है। भूमि शुल्क में 75 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है, जबकि स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क पूरी तरह से माफ किया गया है। राज्य सरकार द्वारा ₹10 करोड़ तक की मार्केटिंग सहायता और ₹15 करोड़ तक की रोजगार सहायता प्रदान की जा रही है। छोटे एवं मध्यम उद्यमों को विशेष अनुदान और टैक्स छूट के अतिरिक्त बिजली शुल्क प्रतिपूर्ति ₹2 प्रति यूनिट तक और 100 प्रतिशत बिजली शुल्क की छूट दी जा रही है। भोपाल तेजी से आईटी और ईएसडीएम के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहाँ आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और कई स्टार्ट-अप्स इनक्यूबेटर्स उपलब्ध हैं। रोजगार के बेहतरीन अवसर, जीवन की उच्च गुणवत्ता और निम्न लागत पर व्यवसाय संचालन की सुविधा इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है। जबलपुर, जो अपनी डिफेंस पीएसयू कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए प्रसिद्ध है, तकनीकी निवेश के लिए एक उभरता हुआ केंद्र है। यहाँ 60 एकड़ का आईटी पार्क और 40 एकड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर मौजूद है। इसके अतिरिक्त 1 लाख वर्गफुट का नया आईटी टॉवर भी विकसित किया जा रहा है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश को और बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश न केवल अपनी रणनीतिक अवस्थिति, निवेश-अनुकूल नीतियों और तकनीकी अवसंरचना के कारण, बल्कि अपने स्थिर प्रशासन, कुशल मानव संसाधन और सशक्त डिजिटल इको-सिस्टम के कारण भी आईटी और ईएसडीएम उद्योगों के लिए भारत में सबसे आकर्षक निवेश स्थानों में से एक बनता जा रहा है। भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाले जीआईएस-2025 में आईटी और टेक्नोलॉजी निवेशकों को प्रदेश की व्यापक संभावनाओं से परिचित होने का बेहतरीन अवसर मिलेगा।

महाकुंभ में स्नानर्थियों की कुल संख्या 40 करोड़ के करीब पहुंच गई, सरकार अनुमानित संख्या के करीब पहुंची

महाकुंभ, प्रयागराज महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. कल शाम 4 बजे तक 63.12 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया. संगम में 63.12 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. अब स्नानर्थियों की कुल संख्या 40 करोड़ के करीब पहुंच गई है. इसके साथ ही सरकार का अनुमानित आंकड़ा वास्तविकता की ओर बढ़ रहा है. वहीं महाकुंभ में 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने कल्पवास किया है. 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान महाकुंभ में इस बार 45 करोड़ श्रद्धालुओं के पवित्र संगम में स्नान करने का अनुमान है. हर 12 साल बाद लगने वाले इस कुंभ में 144 साल बाद खास संयोग बन रहा है, क्योंकि अब तक 12 कुंभ पूरे हो चुके हैं. इसी वजह से इसे महाकुंभ कहा जा रहा है और इसमें आने वाला श्रद्धालुओं की संख्या पहले के किसी भी कुंभ से ज्यादा है. ऐसे में कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की गिनती के लिए यूपी सरकार ने हाईटेक उपकरणों का सहारा लिया है और इस बार AI बेस्ड कैमरे की मदद से लोगों की गिनती की जा रही है. अब तक कौन-कौन कर चुका है स्नान महाकुंभ में अब तक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, अखिलेश यादव, रवि किशन, सीएम योगी और उनका पूरा मंत्रिमंडल, उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, कवि कुमार विश्वास, 73 देशों के प्रतिनिधिमंडल, भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक समेत कई बड़ी हस्तियां संगम में स्नान कर चुकी हैं. वहीं बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी त्रिवेणी संगम में स्नान किया है.

भोपाल-इंदौर में रात के तापमान में आई गिरावट, अगले 24 घंटों में चंबल, मुरैना और दतिया में हो सकती है बारिश

भोपाल मध्‍य प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिला जुला असर देखने को मिल रहा है। दिन के समय जहां गर्मी का अहसास शुरू हो गया है वहीं सुबह और रात के समय अभी भी ठंड का असर कायम है। मध्‍य प्रदेश के कई शहरों में ठंडी हवाएं चल रही हैं। इसके चलते लोगों ने फिर से ठिठुरन महसूस की। कहा जा सकता है कि बसंत पंचमी के बाद भी अभी सर्दी का मौसम पूरी तरह से बीता नहीं है। इस बीच मौसम के जानकारों का ताजा अनुमान है कि अगले 24 घंटों में प्रदेश का मौसम बदल सकता है। कुछ शहरों में गरज और चमक के साथ बारिश भी हो सकती है। प्रदेश का मौसम मंगलवार को मिलाजुला रहा। तीखी धूप की वजह से पूर्वी इलाकों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान बढ़े हैं, लेकिन पश्चिमी इलाकों में धूप-छांव की वजह से तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ। हालांकि भोपाल और इंदौर में रात के तापमान में जरूर मामूली गिरावट आई है। इसकी मुख्य वजह पश्चिमी विभोक्ष है, जो द्रोणिका के रूप में पाकिस्तान पर है। मध्य प्रदेश में दिन गर्म होते जा रहे हैं। सोमवार को इस मौसम में पहली बार तापमान 34 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। मंडला और सिवनी सबसे ठंडे स्थान रहे, जबकि भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत 14 शहरों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। हालांकि, अगले दो दिनों में तापमान में फिर गिरावट आ सकती है।   मौसम विभाग के अनुसार फरवरी में ठंड का एहसास सिर्फ सुबह और रात में ही होगा। 20 फरवरी के बाद ठंड और कम हो जाएगी। सोमवार को ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग के कुछ जिलों में कोहरा छाया रहा और मंगलवार को भी कोहरा छाया रह सकता है।

वित्त मंत्रालय ने एआई टूल जैसे ChatGPT और DeepSeek के इस्तेमाल को लेकर जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली सरकार ने एआई टूल जैसे ChatGPT और DeepSeek के इस्तेमाल को लेकर अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट को वित्त मंत्रालय की ओर से जारी किया गया है। मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय के अधिकारियों को ChatGPT और DeepSeek टूल न इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। इस एडवाइजरी में सरकार ने कहा कि एआई टूल संवेदनशील सरकारी डॉक्यूमेंट और डेटा के लिए रिस्क पैदा कर सकते हैं। ऐसे में सरकारी अधिकारियों को ऐसे टूल के इस्तेमाल से बचना चाहिए। डेटा सिक्योरिटी को लेकर जारी की चिंता भारत से पहले ऑस्ट्रेलिया और इटली की तरफ से DeepSeek को लेकर ऐसी ही चेतावनी जारी की गई थी। सरकार ने डेटा सिक्योरिटी पर गंभीर चिंता जाहिर की थी। इस एडवाइजरी को सोशल मीडिया पर देखा जा सकता है। बता दें कि ChaTGPT टूल बनाने वाले OpenAI के चीफ सैम ऑल्टमैन भारत दौरे पर आने वाले हैं। इस दौरान उनकी मीटिंग भारत के वित्त मंत्री के साथ प्रस्तावित है। डीपसीक और चैटजीपीटी को बताया खतरनाक वित्त मंत्रालय की ओर से 29 जनवरी को एक एडवाइजरी जारी की गई थी, जिसके मुताबिक दफ्तर के कंप्यूटर और डिवाइस पर एआई टूल जैसे चैटजीपीटी और डीपसीक चलाने को खतरनाक बताया है। इस मामले में भारत के वित्त मंत्रालय, चैटजीपीटी और डीपसीक की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया है। लेकिन वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि नोट बिल्कुल सही था साथ ही इस इंटरनल यूज के लिए इसी हफ्ते जारी किया गया है। रॉयटर ने कहा कि उसके पास जानकारी नहीं है कि इस तरह की एडवाइजरी बाकी मंत्रालय में जारी किया गया है या नहीं। डीपसीक पर भी डेटा चोरी के आरोप बता दें कि OpenAI इन दिनों भारत में काफी चर्चा में है, क्योंकि चैटजीपीटी पर टॉप मीडिया हाउस के हाई-प्रोफाइल कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगा है। कंपनी ने कहा है कि यह भारत के सर्वर का मामला नहीं है। ऐसे में भारतीय कोर्ट इस मामले की सुनवाई नहीं कर सकता है। बता दें कि DeepSeek पर भी इसी तरह के डेटा चोरी के आरोप लगे हैं, क्योंकि डीपसीक चीन में मौजूद सर्वर पर डेटा को स्टोर करता है। साथ ही सीमा विवाद की वजह से भारते के नॉर्थ ईस्ट और कश्मीर पर कोई जवाब नहीं दे रहा है।

माघ माह की पूर्णिमा कब है 11 या 12 फरवरी ?

हिंदू धर्म में माघ माह बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. माघी पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विधान है. यह दिन श्री हरि विष्णु और मां लक्ष्मी को प्रसन्न के लिए सबसे शुभ माना जाता है. माघी पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करना भी बहुत ही शुभ फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को जीवन के समस्त पापों से छुटकारा मिलता है. साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है. हिंदू पंचांक के अनुसार, माघ मास की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत मंगलवार, 11 फरवरी 2025 को शाम 6 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी. वहीं तिथि का समापन बुधवार 12 फरवरी को शाम 7 बजकर 22 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, इस बार माघी पूर्णिमा का व्रत 12 फरवरी को किया जाएगा. माघी पूर्णिमा पूजा विधि माघी पूर्णिमा का व्रत और पूजन करने के लिए सुबह स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद पूजा की शुरुआत करें. फिर चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या प्रतिमा को स्थापित करें. उसके बाद फूलमाला अर्पित करें और मां लक्ष्मी को सोलह श्रृंगार की चीजें चढ़ाएं. देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें. विष्णु जी के मंत्रों का जप और विष्णु चालीसा का पाठ करें. इसके बाद विधिपूर्वक व्रत कथा का पाठ करें. फल और मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं. अंत में जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें और लोगों में प्रसाद का वितरण करें. माघी पूर्णिमा श्री विष्णु रूपम मंत्र शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम् विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम् वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्॥     ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।     ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।  

सीजीपीएससी ने भर्ती के लिए साल 2021 में मंगवाए गए थे आवेदन, तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं

रायपुर सरकारी कॉलेजों में 30 विषयों के लिए 595 पदों पर प्रोफेसरों की भर्ती होनी है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) ने भर्ती के लिए साल 2021 में आवेदन मंगवाए गए थे। लगभग तीन वर्ष बीत जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। बता दें कि 2021 में जब यह भर्ती निकली थी, तब विभिन्न तरह के विवादों की वजह से भर्ती की प्रक्रिया स्थगित हो गई थी। फिर कुछ नियमों में बदलाव कर पिछले वर्ष अगस्त-सितंबर में आवेदन मंगवाए गए। दिसंबर 2024 में दस्तावेज सत्यापन शुरू हुए। 13 विषयों के हो गए हैं। एलाइड विषय नहीं होने के कारण 17 विषयों के दस्तावेज सत्यापन की तिथि नहीं आई है। एलाइड विषय तय हो गए हैं, लेकिन सीजीपीएससी ने अभी तक दस्तावेज सत्यापन के लिए तिथि घोषित नहीं की है। आचार संहिता के कारण हो रही देरी प्रदेश में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव होने के कारण आचार संहिता लगी हुई है। इस कारण से फरवरी में दस्तावेज सत्यापन होना मुश्किल है। दस्तावेज सत्यापन में हो रही देरी की वजह से साक्षात्कार में भी देरी होगी। प्रदेश के सरकारी कालेजों में शिक्षा सत्र 2025-26 में भी प्रोफेसरों की नियुक्ति होगी या नहीं, इस पर संशय है। बताते चलें कि राज्य में 335 शासकीय कॉलेज हैं। यहां प्रोफेसर के 760 पद स्वीकृत हैं और सभी खाली हैं। राज्य निर्माण के बाद पहली बार सरकारी कॉलेजों में प्रोफेसरों की सीधी भर्ती होगी। इन विषयों का हो चुका है दस्तावेज सत्यापन पहले चरण में 10 से 17 दिसंबर 2024 तक 13 विषयों का दस्तावेज सत्यापन हो चुके हैं। इसमें अंग्रेजी, माइक्रोबायोलॉजी, लोक प्रशासन, प्राचीन भारतीय इतिहास, बायोटेक्नोलॉजी, सैन्य विज्ञान, ज्योतिष, दर्शन शास्त्र, मानव शास्त्र, इतिहास, संस्कृत, विधि और गृह विज्ञान। इन विषयों का होना है दस्तावेज सत्यापन प्रोफेसर भर्ती के लिए जिन 17 विषयों का दस्तावेज सत्यापन होना है, उनमें राजनीति विज्ञान, हिंदी, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, भूगोल, भौतिकी, गणित, रसायन, वनस्पति विज्ञान, प्राणि विज्ञान, कंप्यूटर साइंस, कंप्यूटर एप्लीकेशन, भूगर्भ शास्त्र, वाणिज्य, मनोविज्ञान, वेद और सूचना प्रौद्योगिकी शामिल हैं। प्रोफेसर भर्ती के लिए 2021 में जारी नोटिफिकेशन के अनुसार चयन के लिए दो चरण हैं। पहले चरण में लिखित परीक्षा होगी और दूसरे चरण में साक्षात्कार होगा। लिखित परीक्षा 300 अंकों की और साक्षात्कार 30 अंकों का है। कुल 595 पदों के लिए 1,546 दावेदार हैं। दस्तावेज सत्यापन के बाद पात्र और अपात्र की लिस्ट जारी होगी। माना जा रहा है कि कई उम्मीदवार अपात्र हो सकते हैं। उम्मीदवारों की संख्या कम होने से लिखित परीक्षा होने की संभावना कम है। इसलिए माना जा रहा है कि भर्ती के लिए सिर्फ साक्षात्कार होगा।

मोहन सरकार का छात्रों को तोहफा, CM ने किया टॉपर्स को स्कूटी के बाद अब लैपटॉप देने का ऐलान

भोपाल मध्य प्रदेश के डॉ मोहन यादव सरकार स्कूटी के बाद अब मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत हाई सेकेंडरी की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप देने वाली है. फरवरी की 15 तारीख को लैपटॉप की सौगात विद्यार्थियों को मिल जाएगी. मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हायर सेकेंडरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की योजना शुरू की थी. यह योजना साल 2009 में शुरू हुई थी. उस समय 85% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की घोषणा की गई थी. इसके बाद सरकार ने अपने क्राइटेरिया में थोड़ी कमी लाते हुए बड़ा दिल दिखाया. सरकार ने घोषणा करते हुए कहा कि 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को भी लैपटॉप की सौगात दी जाएगी. सरकार की घोषणा के बाद विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत लैपटॉप का लाभ उठाया है. साल 2022-23 की बात करें तो 78,641 विद्यार्थियों को यह फायदा मिला था. इसके बाद इस साल लगभग 12,000 विद्यार्थियों का आंकड़ा बढ़ चुका है. इस बार लगभग 90,000 विद्यार्थियों को लैपटॉप की योजना का लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने घोषणा की है कि फरवरीमें लैपटॉप भी विद्यार्थियों को मिल जाएगा. उम्मीद की जा रही है कि 15 फरवरी से लैपटॉप दिए जाने की योजना अमली जामा पहनना शुरू कर देगी. ₹25000 देती है डॉ मोहन यादव सरकार मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत मध्य प्रदेश सरकार हाई सेकेंडरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए ₹25,000 की राशि देती है. इस साल इस योजना पर सरकार 225 करोड रुपये से ज्यादा की राशि खर्च करने वाली है. सरकार ने स्कूटी पर भी करोड़ों रुपये की राशि खर्च करते हुए विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाया है.

कौन से कानून के तहत सीएम के कार्यक्रम में निगमायुक्त डीजल भरवाए? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का सवाल

जबलपुर  मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री का सम्मान कार्यक्रम जबलपुर में रखा गया था, जिसमें बसों के डीजल का मामला कोर्ट पहुंच गया है. दरअसल, सीएम के सम्मान कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित की गई बसों में भरे गए डीजल का अबतक भुगतान नहीं किया गया है, जिसके बाद एक पेट्रोल पंप संचालक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. सीएम के कार्यक्रम के लिए 6 लाख का डीजल दरअसल, जबलपुर के आईएसबीटी बस स्टैंड के पास स्थित पेट्रोल पंप के संचालक सुगम चंद्र जैन ने ये याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया था कि 3 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री के सम्मान कार्यक्रम का आयोजन जबलपुर में किया गया था. कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में डीजल भरने के लिए नगर निगम के खाद्य अधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से आकर निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा था कि निगमायुक्त ने उक्त निर्देश दिए थे. कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में लगभग 6 लाख रु का डीजल उनके पेट्रोल पंप से भरा गया था. बिल भुगतान कराने के लिए की कई बार की मांग अगस्त 2024 में याचिकाकर्ता ने बिल भुगतान के लिए संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से संपर्क किया. इसके अलावा कलेक्टर कार्यालय से निगमायुक्त को राशि भुगतान के संबंध में आदेश जारी किए गए थे, पर भुगतान नहीं हुआ. एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता से पूछा कि अधिग्रहित बस में डीजल भरने के लिए प्रशासन की ओर से पीओएल जारी किया गया था या नहीं? याचिकाकर्ता ने इसपर जवाब दिया कि सिर्फ मौखिक आदेश जारी किए गए थे. बिना पीओल कैसे भर दिया बसों में डीजल? एकलपीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने आदेश में कहा है कि बिना किसी प्राधिकरण के याचिकाकर्ता ने बसों में कैसे डीजल भरा? इसके साथ ही कोर्ट ने संयुक्त कलेक्टर, जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से एसोसिएशन व उसके सदस्य को पीओएल की प्रतिपूर्ति करवाने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने कलेक्टर से मांगा जवाब कोर्ट ने इसके अलावा कलेक्टर से जवाब मांगा है कि किस कानून में यह लिखा है कि निगमायुक्त का दायित्व है कि वह मुख्यमंत्री की रैली में लगी बसों में डीजल भरवाए? एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि प्रथम दृष्टया यह सार्वजनिक धन के बड़े पैमाने पर गोलमाल का मामला प्रतीत हो रहा है. इस संबंध में एकलपीठ ने जिला कलेक्टर को हलफनामे में जवाब पेश करने के आदेश जारी किए हैं. एकलपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि याचिकाकर्ता अब याचिका वापस लेने का हकदार नहीं होगा. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष रावत ने पैरवी की. पेट्रोल पंप से भरवाया गया छह लाख का डीजल याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष रावत ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि आइएसबीटी बस स्टैंड के समीप याचिकाकर्ता का पेट्रोल पंप है। मुख्यमंत्री के सम्मान में तीन जनवरी, 2024 को जबलपुर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में डीजल भरने के लिए नगर निगम आयुक्त ने खाद्य अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से भेजा था। अधिग्रहित बसों में लगभग छह लाख रुपये का डीजल उनके पेट्रोल पंप से भरा गया था। डीजल का भुगतान न होने के कारण उन्होंने निगमायुक्त से संपर्क किया। निगमायुक्त द्वारा बताया गया कि संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी के कार्यालय की ओर से बसों में डीजल भरवाने कहा गया था। याचिकाकर्ता अब याचिका वापस लेने का हकदार नहीं याचिकाकर्ता ने अगस्त, 2024 को बिल भुगतान के लिए संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से संपर्क किया। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय से निगमायुक्त को राशि भुगतान करने के संबंध में लिखित निर्देश दिए गए थे। शपथ पत्र के जरिए जवाब प्रस्तुत करें संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त ने पीओएल की प्रतिपूर्ति करवाने का निर्देश दिए। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस संबंध में जिला कलेक्टर शपथ पत्र के जरिए जवाब प्रस्तुत करें। इसके अलावा यह भी बताएं कि किस कानून में निगमायुक्त का दायित्व है कि वह मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगी बसों में डीजल भरवाए। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि याचिकाकर्ता अब याचिका वापस लेने का हकदार नहीं होगा।

सीयूईटी पीजी परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आगामी 08 फरवरी को खत्म होने वाली है, जल्द भरें सीयूईटी परीक्षा फॉर्म

नई दिल्ली सीयूईटी पीजी परीक्षा के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए अहम सूचना है। परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आगामी 08 फरवरी, 2025 को खत्म होने वाली है। चूंकि रजिस्ट्रेशन की लास्ट डेट समाप्त होने में अब सिर्फ एक दिन का ही समय बचा है, इसलिए परीक्षार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे बिना देरी करे फटाफट एप्लीकेशन फॉर्म भर दें। अंतिम तिथि बीतने के बाद कोई आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा। अप्लाई करने के लिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइट https://exams.ntaonline.in/CUET-PG/ पर जाकर आवेदन करना होगा। परीक्षार्थी चाहें तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके भी आवेदन कर सकते हैं। सबसे पहले कैंडिडेट्स को आधिकारिक वेबसाइट, Exams.nta.ac.in/CUET-PG पर जाना होगा। अब, होमपेज पर, CUET PG 2025 लिंक पर क्लिक करें। यहां, ‘नया पंजीकरण’ चुनें। सटीक व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी के साथ आवेदन पत्र पूरा करें। लेटेस्ट पासपोर्ट आकार की तस्वीर और हस्ताक्षर सहित आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन शुल्क का भुगतान करें। फॉर्म जमा करें और भविष्य के संदर्भ के लिए एक प्रति सहेज कर रख लें। इस तारीख तक कर पाएंगे करेक्शन कैंडिडेट्स ध्यान दें कि परीक्षा के लिए फीस जमा करने की अंतिम तिथि 09 फरवरी, 2025 है। आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद कैंडिडेट्स को दो दिनों के लिए एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन का मौका दिया जाएगा। इसके तहत, अभ्यर्थियों को 10 से 12 फरवरी,2025 तक अपने आवेदन पत्र में सुधार करने का अवसर दिया जाएगा। इस दौरान कैंडिडेट्स, निर्धारित सेक्शन में बदलाव कर सकते हैं। जनवरी से शुरू हुई थी आवेदन की प्रक्रिया सीयूईटी पीजी परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया 02 जनवरी, 2025 को शुरू हुई थी। परीक्षार्थियों को 1 फरवरी, 2025 तक अप्लाई करने का मौका दिया गया था। हाल ही में एनटीए ने अंतिम तिथि में विस्तार करने की घोषणा की थी। इसके बाद, आवेदन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाकर 08 फरवरी 2025 कर दिया गया था। हालांकि, अब यह तिथि भी जल्द समाप्त होने वाली है। परीक्षा का आयोजन मार्च में 13 से 31 के बीच आयोजित की जाएगी।  परीक्षा के सफल संचालन के बाद आंसर-की रिलीज की जाएगी। यह भी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी हाेगी।

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