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भोपाल एवं इटारसी स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस के समय में किया संशोधन

भोपाल रेलवे प्रशासन द्वारा 20911/20912 इंदौर-नागपुर-इंदौर वंदे भारत सुपरफास्ट एक्सप्रेस के नर्मदापुरम स्टेशन पर ठहराव प्रदान करने के कारण इसके भोपाल एवं इटारसी स्टेशन के समय में संशोधन किया गया , जो 10 फरवरी 2025 से प्रभावी होगा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि इटारसी जंक्शन पर 20911 वंदे भारत एक्सप्रेस अब 10:45 बजे पहुंचेगी और 10:50 बजे प्रस्थान करेगी, जबकि 20912 वंदे भारत एक्सप्रेस इटारसी में 19:00 बजे आएगी और 19:05 बजे रवाना होगी। इसीप्रकार  20912 वंदे भारत एक्सप्रेस भोपाल  में 20.38 बजे आएगी और 20.43 बजे रवाना होगी। यात्रियों से अनुरोध है कि वे यात्रा से पूर्व रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट अथवा संबंधित रेलवे स्टेशन से अद्यतन समय-सारणी की जानकारी प्राप्त कर लें।

क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने कहा- राष्ट्रपति की गर्मजोशी और आतिथ्य ने मेरे राष्ट्रपति भवन दौरे को खास बना दिया

नई दिल्ली क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने राष्ट्रपति भवन की अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के “गर्मजोशी और आतिथ्य” के लिए उनका आभार व्यक्त किया और कहा कि हर पल बेहद निजी लगा। तेंदुलकर ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की। राष्ट्रपति और तेंदुलकर ने अमृत उद्यान का भी दौरा किया। “राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक अतिथि विंग में अपने परिवार के साथ रहना एक सम्मान की बात है, जिसे हम हमेशा याद रखेंगे।” “माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा दी गई गर्मजोशी और आतिथ्य ने इस यात्रा को खास बना दिया। सचिन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “डिनर पर दिल से की गई बातचीत से लेकर इतिहास से जुड़े गलियारों में घूमने तक, हर पल बेहद निजी लगा।” तेंदुलकर ने राष्ट्रपति भवन की पहल ‘राष्ट्रपति भवन विमर्श सम्मेलन’ के तहत एक संवादात्मक सत्र में हिस्सा लिया और एक क्रिकेटर के रूप में अपनी यात्रा के किस्सों के माध्यम से प्रेरणा के सिद्धांतों को साझा किया। “विमर्श सम्मेलन का हिस्सा बनकर आभारी हूं, यह एक खूबसूरत पहल है जो सार्थक बातचीत को बढ़ावा देती है और भावी पीढ़ियों को प्रेरित करती है। उन्होंने कहा, “कुछ अनुभव हमेशा आपके साथ रहते हैं और यह उनमें से एक था।” इस सत्र में महत्वाकांक्षी खिलाड़ियों और विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों ने भाग लिया, उन्होंने टीम वर्क, दूसरों का ख्याल रखने, दूसरों की सफलता का जश्न मनाने, कड़ी मेहनत, मानसिक और शारीरिक मजबूती विकसित करने और जीवन निर्माण के कई अन्य पहलुओं के महत्व पर प्रकाश डाला। पोस्ट के अंत में लिखा गया, “हर किसी को राष्ट्रपति भवन की भव्यता और विरासत को देखने के लिए वहां जाना चाहिए।” हाल ही में सचिन को बीसीसीआई के लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया, जिसमें क्रिकेट के दिग्गज के असाधारण 24 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर को मान्यता दी गई, जहां व्यक्तिगत उपलब्धियों और राष्ट्रीय जीत, चुनौतियों और जीत के माध्यम से उन्होंने न केवल अपने बल्ले बल्कि पूरे देश की उम्मीदों को आगे बढ़ाया। इसने न केवल एक क्रिकेटर को बल्कि एक ऐसी घटना को मान्यता दी, जिसने भारतीय क्रिकेट को एक वैश्विक महाशक्ति में बदल दिया।

राजस्थान रोडवेज बस में शराबी कंडक्टर ने महिला यात्री से बदसलूकी, लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा

सवाई माधोपुर सवाई माधोपुर रोडवेज डिपो से जयपुर जा रही बस में कंडक्टर पर महिला यात्री से अभद्र व्यवहार करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम सवाई माधोपुर आगार की रोडवेज बस के कंडक्टर देवीलाल जाट शराब के नशे में धुत होकर यात्रियों के टिकट बना रहा था। इस दौरान उसने एक महिला यात्री को गलत टिकट दिया और विरोध करने पर उससे बदसलूकी की। इससे  गुस्साएं यात्रियों ने बस रोक दी और थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने कंडक्टर को हिरासत में ले लिया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद रोडवेज प्रबंधन ने आरोपी कंडक्टर को रूट से हटा दिया और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। जानकारी के मुताबिक सवाई माधोपुर रोडवेज डिपो से एक बस वाया बौंली होते हुए जयपुर की ओर जा रही थी। इस इस दौरान बस कंडक्टर देवीलाल जाट शराब के नशे में धुत होकर बस में यात्रियों के टिकट बनाने लगा। इस दौरान एक महिला यात्री ने बस कंडक्टर से बार-बार जामडोली का टिकट मांगा, लेकिन नशे में धुत बस कंडक्टर ने महिला यात्री का टिकट जामडोली की बजाय निवाई का बना दिया। जिस पर महिला यात्री ने बस कंडक्टर को टोका तो बस कंडक्टर महिला यात्री के साथ बदसलूकी पर उतर आया। इस दौरान नशे में धुत बस कंडक्टर अन्य यात्रियों के साथ भी गलत तरीके से पेश आया। आरोप है कि कंडक्टर ने शराब पी रखी थी और नशे में धुत था। लगातार बस में सवार यात्रियों से दुर्व्यवहार कर रहा था। शराबी बस कंडक्टर की हरकतों से तंग आकर गुस्साए बस यात्रियों ने टोरडा गांव में रोडवेज बस को रोक लिया और सभी आक्रोशित यात्री बस से नीचे आ गए। हंगामा देख गांव के ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए और बौंली थाना पुलिस को भी मौके पर बुला लिया। ग्रामीणों ने कहा कि कंडक्टर देवीलाल जाट आए दिन शराब पीकर ही बस में अपनी ड्यूटी करता है और यात्रियों से दुर्व्यवहार करता है। ऐसे में ड्यूटी पर लापरवाही बरतने वाले कंडक्टर के खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए। भीड़ का गुस्सा देखकर पुलिस ने कंडक्टर को हिरासत में ले लिया। उसके बाद रोडवेज बस को रवाना किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने घटना का वीडियो भी बना लिया और वायरल कर दिया। रोडवेज ने जारी किया नोटिस शराब के नशे में धुत बस कंडक्टर द्वारा महिला यात्री सहित अन्य यात्रियों के साथ बदसलूकी करने का वीडियो वायल होने के बाद सवाई माधोपुर रोडवेज आगार प्रबंधक पीयूष जैन द्वारा आरोपी बस कंडक्टर देवीलाल जाट को रूट से हटा दिया गया। साथ ही नोटिस जारी किया गया है। मामले को लेकर रोडवेज आगार प्रबंधक पीयूष जैन का कहना है कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी बस कंडक्टर के खिलाफ आवश्यक विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं बौंली थाना पुलिस आरोपी बस कन्डेक्टर की शांतिभंग में गिरफ्तार किया है।

मुख्यमंत्री साय ने त्वरित प्रशासन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए ई-ऑफिस के क्रियान्वयन के लिए मंत्रियों को लिखा पत्र

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने त्वरित प्रशासन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए ई-ऑफिस के क्रियान्वयन के लिए मंत्रिमंडलीय सहयोगियों को पत्र लिखा है. इस कार्य के लिए 31 मार्च की समय सीमा निर्धारित की गई है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्र में 1 जनवरी को विभागीय सचिवों की बैठक में तमाम शासकीय विभागों में ई-ऑफिस के क्रियान्वयन के लिए निर्देशित किए जाने का जिक्र किया. इसके साथ ही बताया कि वे स्वयं सामान्य प्रशासन विभाग की अधिकतर फाइलें ई-ऑफिस के माध्यम से सम्पादित कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि ई-ऑफिस की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कार्यालयीन स्टॉफ को भी प्रशिक्षण दिया गया है. इसके साथ जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जाएंगे.

सुभाष नगर में पुलिस के दखल के बाद मोतीनगर बस्ती में दुकानदारों ने समान हटाना शुरू

भोपाल राजधानी भोपाल के सुभाष नगर मार्केट में करीब 110 दुकानों को हटाने की नगर निगम, पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई 8 फरवरी को होगी. गुरुवार को पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर लोगों को स्वेच्छा से दुकान हटाने को कहा. इसके बाद दुकानदार आज सुबह से सामान हटाते नजर आए. 4 दिन से पुलिस फोर्स न होने के चलते दुकानों पर बुलडोजर नहीं चल पा रहा था. जिला प्रशासन, नगर निगम और रेलवे ने इससे पहले 4 फरवरी तक बस्ती को खाली करने का नोटिस जारी किया था. जिसके बाद से बस्ती में रहने वालों को बेघर होने का डर सता रहा है. हालांकि, रहवासियों की मांग और परीक्षाओं को देखते हुए बस्ती हटाने पर 2 महीने तक रोक लग गई है, लेकिन दुकानों को हटाने पर रोक नहीं लगी है और इसलिए दुकानों को शनिवार को तोड़ना शुरू कर दिया जाएगा.   दरअसल, भोपाल में सुभाष नगर आरओबी की ​थर्ड लेग के निर्माण के लिए सुभाष नगर मार्केट और चौथी रेल लाइन बिछाने के लिए मोती नगर बस्ती को हटाने की कार्रवाई होनी है. डीसीपी जोन-1 प्रियंका शुक्ला ने पुलिस अफसरों के साथ  मुआयना भी किया। वहीं, एडीएम प्रकाश नायक और एमपी नगर एसडीएम एलके खरे ने निरीक्षण किया था। अफसरों की समझाइश के बाद कई दुकानदारों ने सामान हटाना भी शुरू कर दिया, लेकिन कई अभी भी अड़े हैं। ऐसे में शुक्रवार को प्रशासन इन्हें नगर निगम के अमले की मदद से हटाने की कार्रवाई करेगा। 4 फरवरी को ही होनी थी कार्रवाई बता दें कि 4 फरवरी तक बस्ती खाली करने का समय था, लेकिन पुलिस फोर्स नहीं मिलने की वजह से कार्रवाई नहीं हो सकी। दो दिन तक कार्रवाई अटकी रही। बस्ती में कुल 384 मकान मोतीनगर बस्ती में कुल 384 मकान हैं। यहां 110 पक्की दुकानें भी हैं। इन दुकानों को हटाने से कार्रवाई की शुरुआत होगी। नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। दुल्हन को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच चुके कांग्रेसी मोतीनगर बस्ती को हटाने का विरोध भी किया जा रहा है। तीन दिन पहले कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला एक दुल्हन को लेकर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के पास पहुंच गए थे। शुक्ला ने कहा था, जिला प्रशासन की कार्रवाई के पहले मोतीनगर से कई मानवीय पहलू सामने आ रहे हैं। यदि प्रशासन मौजूद सैकड़ों परिवारों को मोहलत नहीं देता है तो उनके सामने आर्थिक संकट के अलावा नैतिक संकट भी खड़े हो रहे हैं। किसी के घर में बेटी के हाथ पीले होने हैं तो कहीं बेटे की शादी की तैयारी हो रही है। इस स्थिति में भी कार्रवाई होती है तो कई शादियां भी टालनी होगी। दूसरी ओर, बच्चों की परीक्षाएं भी हैं। हालांकि, बच्चों की संख्या को लेकर प्रशासन ने सर्वे भी किया है।  

हाथ मिलाने का तरीका आपकी पर्सनालिटी से जुड़े खोलता है ये राज

सफल लोगों में कुछ खास आदतें होती हैं जिनकी वजह से वे आम लोगों से अलग दिखते हैं। ये आदतें उनके बोलने, खाने, रहने और जीवन को देखने के नजरिए से जुड़ी हो सकती हैं। व्यक्ति की पर्सनालिटी उसके जीवन से जुड़े कई राज बिना कहे भी खोल सकती है। ऐसा ही एक राज उसके हाथ मिलाने के तरीके से भी खुल सकता है। आइए जानते हैं व्यक्ति के हाथ मिलाने के तरीके से उसके व्यक्तित्व के बारे में क्या पता चलता है। कसकर हाथ मिलाना कई लोगों को दूसरे व्यक्ति से कसकर हाथ मिलाने की आदत होती है। ऐसे लोग आत्मविश्वासी प्रवृत्ति के होने के साथ सामने वाले व्यक्ति को सम्मान देना अच्छी तरह जानते हैं। ये लोग दूसरे लोगों में भेद नहीं करते हैं। ऐसे लोगों को ज्यादातर लोग पसंद करते हैं। दोनों हाथों से पकड़कर हाथ मिलाना अगर कोई व्यक्ति अपने दोनों हाथों से सामने वाले व्यक्ति की हथेली को थामकर हाथ मिलाता है तो उस पर विश्वास करना थोड़ा मुश्किल होता है। ऐसे लोगों को जीवन में सफलता बड़े संघर्ष के बाद मिलती है। ये लोग सिर्फ अपना हित देखकर आगे बढ़ने पर विश्वास रखते हैं। कंधे पर हाथ रखना कई लोग सामने वाले व्यक्ति से हाथ मिलाते समय उसके कंधे पर हाथ रख देते हैं। ऐसे लोग स्वभाव से सब का भला सोचने वाले होते हैं और अपने आसपास के लोगों की उन्नति और समृद्धि की चाहत रखते हैं। ऐसे लोग अपने दोस्त-रिश्तेदारों का हर सुख-दुख और हंसी-खुशी में साथ देते हैं। देर तक हाथ पकड़ना अगर कोई व्यक्ति हाथ मिलाते समय देर तक सामने वाले व्यक्ति का हाथ पकड़कर रखता है तो इसका मतलब होता है उसे दूसरों पर नियंत्रण करना अच्छा लगता है। ऐसे लोग चाहते हैं कि सभी लोग इनकी बातें माने और जब ऐसा नहीं होता तो यह चिढ़ जाते हैं। वहीं कुछ लोगों का यह भी मानना है कि ऐसे लोग सामने वाले व्यक्ति में गहरी रुचि और भरोसे को दर्शाते हैं। हल्का हाथ मिलाना जो लोग हल्का हाथ मिलाते है, यह उनकी झिझक और आत्मविश्वास की कमी को दिखाता है।

सरवणकुमार ने 14 साल बाद अपने कर्मचारियों से किया गया वादा पूरा किया और स्टाफ को बांटा 14 करोड़ रुपए का बोनस

नई दिल्ली तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित एक एआई स्टार्टअप कोवई.को ने अपने कर्मचारियों को 14 करोड़ रुपए का बोनस दिया है, जो किसी भी स्टार्टअप के लिए एक बड़ा सपना होता है। इस कंपनी में कुल 140 कर्मचारी काम करते हैं, और उन्हें यह बोनस उनकी मेहनत और योगदान के लिए दिया गया है। कोवई.को की स्थापना 2011 में सरवणकुमार नामक एक व्यक्ति ने की थी। यह कंपनी बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) सास समाधान (SaaS solutions) प्रदान करती है। सरवणकुमार ने 14 साल बाद अपने कर्मचारियों से किया गया वादा पूरा किया और उन्हें यह बोनस दिया।   बड़े क्लाइंट्स के साथ कंपनी का नाम कोवई.को के पास बीबीसी, बोइंग और शेल जैसी बड़ी कंपनियां अपने ग्राहक के रूप में हैं। कंपनी का नाम कोयंबटूर शहर पर रखा गया है, जहां इसकी शुरुआत हुई थी। सरवणकुमार कोयंबटूर के मूल निवासी हैं, हालांकि वह पिछले 25 वर्षों से लंदन में रहते हैं। स्टार्टअप शुरू करने का फैसला सरवणकुमार ने बताया कि वह एक दशक से ज्यादा समय तक आईटी कर्मचारी थे, लेकिन उन्हें बाजार में कुछ कमी महसूस हुई। इसके बाद उन्होंने कोवई.को स्टार्टअप शुरू करने का निर्णय लिया। यह कंपनी पूरी तरह से बूटस्ट्रैप्ड है और इसने कोई बाहरी फंडिंग नहीं ली है। कर्मचारियों को 14 करोड़ रुपए का बोनस दिया आपके स्टार्टअप ने इतना बड़ा बोनस क्यों दिया है? तो सरवणकुमार ने कहा कि स्टार्टअप में काम करने वाले लोग एक दिन अमीर बनना चाहते हैं, लेकिन अक्सर उन्हें सिर्फ कागजी शेयर मिलते हैं। सरवणकुमार ने तीन साल पहले अपने कर्मचारियों से वादा किया था कि वह उन्हें जनवरी 2025 तक छह महीने का वेतन बोनस के रूप में देंगे। अब उन्होंने वह वादा पूरा किया और 14 करोड़ रुपए का बोनस दिया।   कंपनी का रेवेन्यू 100 मिलियन डॉलर पहुंचाना मकसद सरवणकुमार ने यह भी कहा कि वह कोवई.को को एक यूनिकॉर्न बनाना चाहते हैं। उनकी योजना 2030 तक कंपनी का रेवेन्यू 100 मिलियन डॉलर तक पहुंचाने की है। उन्होंने यह भी मजाक करते हुए कहा कि उन्होंने बुगाटी कार खरीदने का विचार छोड़ दिया है, और अब वह अपनी कर्मचारियों को बोनस देने के लिए उसी पैसे का उपयोग करना चाहते हैं। यह स्टार्टअप और इसके संस्थापक सरवणकुमार की एक प्रेरणादायक कहानी है, जो न केवल अपने कर्मचारियों के साथ विश्वास कायम कर रहे हैं, बल्कि अपने स्टार्टअप को एक नई ऊंचाई तक पहुंचाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।  

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के संचालन के लिए नए समय कार्यक्रम की घोषणा की, मंदिर अब सुबह छह बजे खुलेगा

अयोध्या अयोध्या में स्थित श्री राम मंदिर में दर्शन और अनुष्ठान के समय में अब बदलाव किया गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के संचालन के लिए नए समय कार्यक्रम की घोषणा की है। इस बदलाव के बाद, मंदिर अब सुबह छह बजे खुलेगा, जबकि पहले यह सुबह सात बजे खोला जाता था। इस समय में बदलाव श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि सभी श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकें और मंदिर में चल रहे विभिन्न अनुष्ठानों का भी समुचित लाभ उठा सकें। नया समय कार्यक्रम: – मंगला आरती: सुबह 4 बजे     मंगला आरती तड़के चार बजे होगी, जिसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। यह आरती मंदिर में विशेष रूप से भगवान श्री राम की पूजा के समय होती है।   – श्रृंगार आरती: सुबह 6 बजे     श्रृंगार आरती सुबह 6 बजे होगी, इसके साथ ही मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए भी खोल दिया जाएगा। श्रद्धालु अब इस समय से मंदिर में दर्शन कर सकेंगे। श्रृंगार आरती मंदिर के महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक है, जिसमें भगवान राम की सजावट की जाती है। – राजभोग: दोपहर 12 बजे     राजभोग अनुष्ठान दोपहर 12 बजे होगा। इसके बाद भी श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे, और मंदिर में भोग के समय भी श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिलेगा।   – संध्या आरती: शाम 7 बजे     संध्या आरती शाम सात बजे होगी। इस समय मंदिर के पट 15 मिनट के लिए बंद रहेंगे। फिर पुनः मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। संध्या आरती में विशेष रूप से दीप जलाने का कार्य किया जाता है, जो श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण का कारण है। – शयन आरती: रात 10 बजे     शयन आरती रात 10 बजे होगी, जबकि पहले यह 9:30 बजे होती थी। यह आरती भगवान राम को सोने के लिए तैयार करने का एक अनुष्ठान है, जिसके बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के चलते समय का विस्तार श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि के कारण मंदिर में दर्शन के समय और अनुष्ठान कार्यक्रम में यह बदलाव किया गया है। अब दिन में आधा घंटा और सुबह में डेढ़ घंटा अतिरिक्त समय जोड़ा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और वे आराम से दर्शन कर सकें। इसके अलावा, प्रसाद के समय भी श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। आगंतुकों की संख्या में भारी वृद्धि अयोध्या में पिछले कुछ वर्षों में धार्मिक पर्यटन में शानदार वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार ने जानकारी दी है कि राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या में आगंतुकों की संख्या में बहुत बढ़ोतरी हुई है। 2020 में अयोध्या में आगंतुकों की संख्या लगभग 60 लाख थी, जो 2024 में बढ़कर 16 करोड़ से अधिक हो गई है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार, राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या के धार्मिक पर्यटन में इस तरह की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। राम मंदिर का निर्माण कार्य राम मंदिर के निर्माण कार्य के बारे में बात करें तो, 22 जनवरी 2024 को मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह हुआ था, जब मंदिर के आंशिक निर्माण को पूरा किया गया था। अब तक मंदिर के पूरे ढांचे का निर्माण कार्य चल रहा है, और श्रद्धालु इसके हर चरण में शामिल हो रहे हैं। राम मंदिर के पूरा होने के बाद, यह धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बन गया है, और हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं।  

भीलवाड़ा के मांडलगढ़ में सड़क दुर्घटना में 8 युवकों की अंत्येष्टि में कलेक्टर भी हुए शामिल, बंद रहा बड़लियावास

भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बड़लियावास के 8 युवकों की गुरुवार देर शाम जयपुर के पास दूदू में हुए भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद बड़लियास सहित आसपास के गांवों में गमगीन माहौल है। बड़लियास गांव पूरी तरह से बंद रहा, जहां पांच मृतकों की अंत्येष्टि संपन्न हुई, जबकि तीन मृतकों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांवों में किया गया। भीलवाड़ा के जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू शुक्रवार सुबह बड़लियास पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी और मुख्यमंत्री की ओर से शोक संवेदना प्रकट की। उन्होंने घोषणा की कि प्रत्येक मृतक के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बड़लियास में पांच मृतकों की अंत्येष्टि के दौरान सैकड़ों लोग शामिल हुए। जानकारी के अनुसार मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बड़लियास और आसपास के गांवों के ये युवक महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज जा रहे थे। हादसा उस समय हुआ जब जोधपुर से आ रही एक रोडवेज बस का टायर फट गया और बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार करके श्रद्धालुओं की कार से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह पिचक गई और उसमें सवार सभी आठ युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में रविकांत पुत्र मदनलाल, बाबू रैगर पुत्र मदनलाल, नारायण निवासी बड़लियास, दिनेश कुमार पुत्र मदनलाल रैगर, बबलू मेवाड़ा पुत्र मदन मेवाड़ा, किशन पुत्र जानकीलाल, प्रमोद सुथार पुत्र मूलचंद निवासी मुकुंदपुरिया), मुकेश कुमार शामिल थे। एक ही जगह पर पांच चिताएं जलती देख पूरा गांव गमगीन हो गया। सैकड़ों लोगों ने अंतिम संस्कार में भाग लिया। जिला कलेक्टर ने बताया कि सरकार द्वारा आयुष्मान योजना के तहत भी मृतकों के परिजनों को सहायता दी जाएगी। वहीं ग्राम सरपंच प्रकाश रैगर ने मृतकों के परिवारों के लिए 21 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। मांडलगढ़ विधायक गोपाल खंडेलवाल ने इस भीषण सड़क हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। विधायक खंडेलवाल ने कहा कि वे हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हादसे के वक्त वे विधानसभा सत्र में थे, लेकिन सूचना मिलते ही तुरंत दूदू मोर्चरी पहुंचे। उन्होंने पुलिस को पंचनामा तैयार करवाने और शवों का पोस्टमार्टम कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। रात में सभी शवों को एंबुलेंस से उनके गांवों तक पहुंचाया गया।  

किसानों और लघु उद्यमियों को सहकारी भूमि विकास बैंकों के माध्यम से मिलेगा दीर्घकालीन ऋण

36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों को 130 करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य आवंटित जयपुर,  राज्य भूमि विकास बैंक प्रदेश के 36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों को 130 करोड़ रुपये के दीर्घकालीन ऋण वितरण करेगा। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने बताया कि राज्य के सभी जिलों के किसानों और लघु उद्यमियों को अब सहकारी भूमि विकास बैंकों के माध्यम से दीर्घकालीन कृषि एवं अकृषि ऋण उपलब्ध हो पाएंगे। सहकारिता मंत्री ने बताया कि कृषकों और लघु उद्यमियों को यह ऋण राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुरूप क्रमश: 7 प्रतिशत एवं 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना के तहत उपलब्ध करवाये जाएंगे। उन्होंने बताया कि नाबार्ड से पुनर्वित्त के अभाव में काफी समय से अधिकांश भूमि विकास बैंकों द्वारा उक्त योजनाओं के अंतर्गत ऋण वितरण नहीं हो पा रहा था। विगत दिनों नाबार्ड द्वारा पुनर्वित्त जारी करने एवं एनसीडीसी द्वारा ब्याज दरों में कमी किये जाने के परिणामस्वरूप अब ऋण वितरण संभव हो सकेगा। श्री दक ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा ब्याज अनुदान उपलब्ध करवाये जाने के फलस्वरूप भूमि विकास बैंकों द्वारा वितरित दीर्घकालीन कृषि ऋण मात्र 5.05 प्रतिशत एवं दीर्घकालीन अकृषि उत्पादक ऋण मात्र 7.05 प्रतिशत की ब्याज दर पर उपलब्ध होगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के ऐसे लगभग 15 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों, जहां पिछले 5-6 वर्षों से दीर्घकालीन ऋण वितरण नहीं किया जा रहा था, को भी ऋण वितरण के लक्ष्य आवंटित किये गये हैं। इनमें अजमेर, केकड़ी, टोंक, हिण्डौन, सवाई माधोपुर, जालौर, पाली, सिरोही, बारां, बूंदी, झालावाड़, कोटा, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक शामिल हैं। प्रदेश की दीर्घकालीन सहकारी साख संरचना के पुनरुद्धार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

जम्मू-कश्मीर में कई महत्वपूर्ण ट्रेनें 9 से 26 फरवरी तक रद्द रहेंगी

जम्मू मसीत स्टेशन पर उच्चीकरण कार्यों के बीच, जम्मूतवी और हरदोई-बालामऊ स्टेशन के बीच ब्लॉक के चलते कई महत्वपूर्ण ट्रेनें 9 से 26 फरवरी तक रद्द रहेंगी। इस माह ट्रेनों से लंबी दूरी की यात्रा कठिन होगी। जम्मूतवी और हरदोई-बालामऊ स्टेशन के बीच मसीत स्टेशन पर उच्चीकरण के कार्यों के बीच ब्लॉक के चलते शुक्रवार से ट्रेनों का निरस्तीकरण शुरू हो जाएगा।इसके चलते 15655 कामाख्या-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेस नौ, 16, 23 फरवरी, 15656 श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा-कामाख्या एक्सप्रेस 12,19, 26 फरवरी, 12491 बरौनी-जम्मूतवी एक्सप्रेस नौ, 16, 23 फरवरी, 12492 जम्मूतवी-बरौनी एक्सप्रेस सात, 14, 21 व 28 फरवरी, 15119-20 वाराणसी-देहरादून एक्सप्रेस 15 से 17 फरवरी तक निरस्त रहेंगी।  इनमें शामिल हैं: 15655 कामाख्या-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेस (9, 16, 23 फरवरी) 15656 श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा-कामाख्या एक्सप्रेस (12, 19, 26 फरवरी) 12491 बरौनी-जम्मूतवी एक्सप्रेस (9, 16, 23 फरवरी) 12492 जम्मूतवी-बरौनी एक्सप्रेस (7, 14, 21, 28 फरवरी) 15119-20 वाराणसी-देहरादून एक्सप्रेस (15-17 फरवरी) इन ट्रेनों के रद्द होने के चलते, लंबी दूरी की यात्रा करना अधिक कठिन हो सकता है। 

मुख्यमंत्री साय बोले- छत्तीसगढ़ का अनुपम सौंदर्य सदैव आपकी स्मृतियों में रहेगा अंकित

नक्सल उन्मूलन से स्मार्ट सिटी तक अधिकारियों ने जाना छत्तीसगढ़ के विकास का सफर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रभावित हुए अधिकारी रायपुर, छत्तीसगढ़ बहुत सुंदर प्रदेश है और नैसर्गिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और समृद्ध जैव विविधता इसे खास पहचान देती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज से आए 18 सैन्य और सिविल सर्विस के अधिकारियों के दल ने छत्तीसगढ़ भ्रमण उपरांत उनसे मुलाकात कर अपने अनुभवों को साझा करते हुए यह बातें कही। मुख्यमंत्री ने उत्सुकता के साथ सभी सैन्य अधिकारियों से उनके छत्तीसगढ़ भ्रमण को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी अधिकारियों का आत्मीय स्वागत करते हुए प्रदेश की भौगोलिक विशेषताओं, सांस्कृतिक धरोहर और विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी अद्वितीय है। प्रदेश का 44 प्रतिशत भूभाग वनाच्छादित है, और आदिवासी समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा हमारी धरोहर का अभिन्न अंग हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सौंदर्य अनुपम है। आपने जो यात्रा की है, वह सिर्फ प्राकृतिक दृश्यों का अनुभव नहीं, बल्कि एक जीवंत संस्कृति और इतिहास से जुड़ा हुआ सफर भी है। यह अनुभव सदैव आपकी स्मृतियों में अंकित रहेगा। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि नक्सल उन्मूलन की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। हम न केवल सुरक्षा दृष्टिकोण से बल्कि शिक्षा, बुनियादी ढांचे और आर्थिक अवसरों के माध्यम से भी इस समस्या का समाधान कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में हमने औद्योगिक और शहरी विकास के साथ-साथ ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के उत्थान पर भी समान रूप से ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता, नवाचार और उत्कृष्ट शासन प्रणाली का उदाहरण बने। आपका यह भ्रमण हमारे प्रयासों को एक राष्ट्रीय और वैश्विक दृष्टिकोण से देखने का अवसर प्रदान करता है। नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने अपने प्रवास के दौरान आईआईएम रायपुर, इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर, ग्रीन फील्ड सिटी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का अवलोकन किया। इसके अलावा उन्होंने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से कानून व्यवस्था और नक्सल उन्मूलन अभियान के संबंध में चर्चा की। अधिकारियों ने सिरपुर, एजुकेशन सिटी दंतेवाड़ा, कांकेर वुड आर्ट सेंटर, जंगल वारफेयर कॉलेज, कोंडागांव के टाटामारी और शिल्पग्राम, बादल एकेडमी और चित्रकोट जलप्रपात का भ्रमण किया। दल का नेतृत्व कर रहे एडमिरल संदीप सिंह संधु ने बताया कि नेशनल डिफेंस कॉलेज के द्वारा प्रति वर्ष एक वर्षीय कोर्स संचालित किया जाता है, जिसमें सेना, सिविल सेवा और अंतरराष्ट्रीय रक्षा अधिकारियों को रणनीतिक विषयों पर प्रशिक्षित किया जाता है। इस वर्ष 124 अधिकारी इस कोर्स में शामिल हैं, जिनमें 13 भारतीय और 5 अन्य देशों के अधिकारी छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक ढांचे को समझने के लिए भ्रमण पर आए है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद सिन्हा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, श्री पी. दयानंद और डॉ. बसवराजू एस उपस्थित रहे। नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों में ब्रिगेडियर अमितोज सिंह, श्री संदीप कुमार मिश्रा, कोमोडोर कार्तिक मूर्ति, ब्रिगेडियर अनिरुद्ध सिंह कंवर, एयर कोमोडोर शेखर यादव, ब्रिगेडियर गुरप्रीत सिंह मान, ब्रिगेडियर रजनीश मोहन, कैप्टन एम. व्ही. ओरपे सहित श्रीलंका, मोरक्को, नाइजीरिया, नेपाल और यूएई के अधिकारी शामिल थे।

IMD ने जारी किया बारिश-शीतलहर का अलर्ट, दिन और रात के तापमान में गिरावट आई

भोपाल  पिछले दो दिनों से चल रही ठंडी हवाओं के कारण भोपाल वासियों ने फिर से दिन में गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए हैं। जबकि दो पहले गर्मी की वजह से अधिकतर लोगों ने स्वेटर या जैकेट दिन में पहनना बंद कर दिया था। हवा का रुख उत्तरी होने के साथ तेज गति से हवा के चलने के कारण गुरुवार को न्यूनतम तापमान में 3.2 डिग्री की गिरावट आ गई। फरवरी की शुरुआत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान बढ़ा हुआ था। लेकिन पश्चिमी विक्षोभ और बर्फबारी के बाद उत्तरी सर्द हवाएं चलने लगीं। इससे दिन और रात के तापमान में गिरावट आई है।  मध्यप्रदेश में पहाड़ी क्षेत्र और उत्तर भारतीय राज्यों में ठंड बढ़ने का असर भी दिखने लगा है। वहां से आ रही ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के मौसम में ठंडक घुल गई है। गुरुवार को प्रदेश में न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 7 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। पिछले कुछ दिनों से यह तापमान 10 डिग्री के पार पहुंच गया था। वहीं अधिकतम तापमान में भी गिरावट आई है। पिछले कुछ दिनों तक जहां तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया था, वहीं गुरुवार को तापमान 30 डिग्री के नीचे आ गया। 9 शहरों में तापमान 10 डिग्री के नीचे पहुंचा प्रदेश में सबसे कम 7 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो एवं राजगढ़ में दर्ज किया गया। वहीं हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का पारा 10.5 डिग्री सेल्सियस पर रहा। राज्य के नौ शहरों में न्यूननतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज हुआ। प्रमुख शहरों का तापमान एमपी के प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान खजुराहो में 7, सागर में 8.7, नौगांव में 9, सागर में 8.7, धार में 9.02, गुना में 9.5, ग्वालियर में आठ, रायसेन में 9.5, राजगढ़ में 7, रतलाम में 9, भोपाल में 10.8, इंदौर में 13.4, उज्जैन में 11.2, जबलपुर में 13.4 डिग्री सेल्सियस देखने को मिला। देखें तो भोपाल में 25.8, ग्वालियर में 25.4, इंदौर में 23.5, उज्जैन में 25, जबलपुर में 23.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। प्रदेश के किसी भी जिले में कोहरे की कोई स्थिति निर्मित नहीं हुई। रविवार से तापमान में हो सकती है वृद्धि मौसम विभाग के अनुसार आने वाले एक-दो दिनों तक प्रदेश के मौसम का मिजाज इसी तरह बने रह सकता है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि रविवार से प्रदेश के तापमान में फिर वृद्धि हो सकती है। वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू कश्मीर पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। इससे एक द्रोणिका भी संबद्ध है। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम चल रही हैं।  बुधवार को अधिकतम तापमान(MP Weather Update) में साढ़े पांच डिग्री की गिरावट हुई और गुरुवार को अधिकतम तापमान 25.8 और न्यूनतम 10.8 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान बुधवार के मुकाबले 3.2 तो अधिकतम आधा डिग्री कम रहा। शुक्रवार को भी तापमान में गिरावट की संभावना है। दस साल में फरवरी में न्यूनतम तापमान ● 9 फरवरी 2024 : 9 ● 2 फरवरी 2023 : 6.5 ● 5 फरवरी 2022 : 7.6 ● 1 फरवरी 2021 : 7.4 ● 9 फरवरी 2020 : 8.1 ● 9 फरवरी 2019 : 5.8 ● 15 फरवरी 2018 : 10.6 ● 1 फरवरी 2017 : 10.8 ● 4 फरवरी 2016 : 8.7 ● 1 फरवरी 2015 : 10.5 18 से 20 किमी की रतार से चली हवा गुरुवार को धूप में भी सर्द हवाएं चलीं। इससे मौसम में ठंडक रही। हवा की अधिकतम रतार 18 से 20 किमी के आसपास रही। अभी गिरावट, फिर बढ़ोतरी: मौसम विभाग के अनुसार हवा का रुख उत्तरी होने के कारण सर्दी बढ़ गयी है। 8 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा तब फिर से बदलाव आएगा और तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। जबकि, 10 फरवरी के बाद हल्के बादल की भी स्थिति बन सकती है।

अद्भुत उत्तम संयोग बन रहा माघ पूर्णिमा पर, जाने किसे होगा फायदा

माघी पूर्णिमा पर महाकुंभ का अगल महास्नान किया जाएगा. कहते हैं इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के साथ दान-पुण्य करने से वाले व्यक्ति को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है. माघ पूर्णिमा के दिन सूर्य और बुध ग्रह राशि में परिवर्तन करेंगे. इन ग्रहों के राशि परिवर्तन से कई शुभ योगों का निर्माण होगा. जिसका प्रभाव सभी 12 राशि के जातकों पर पड़ने वाला है, लेकिन कुछ राशि वालों के लिए यह योग बहुत ही शुभ फलदायी हो सकते हैं. माघ पूर्णिमा पर बनेंगे ये शुभ वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ मास की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत मंगलवार, 11 फरवरी 2025 को शाम 6 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी. वहीं तिथि का समापन बुधवार 12 फरवरी को शाम 7 बजकर 22 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार माघ पूर्णिमा 12 फरवरी को है. इस दिन सुबह सौभाग्य योग रहेगा उसके बाद सुबह 8 बजकर 1 मिनट पर शोभन योग लग जाएगा. यह संयोग कुछ राशि के जातकों के लिए बहुत ही लाभदायक साबित हो सकता है. माघ पूर्णिमा के दिन शुभ योग बनने से मेष राशि वालों को विशेष लाभ प्राप्त हो सकता है. इस दौरान मेष राशि वालों के परिवार में तालमेल और खुशियां बढ़ेगी. करियर-कारोबार में चल रही सभी परेशानियां दूर हो सकती है. बेरोजगारों को रोजगार प्राप्त हो सकता है. संपत्ति खरीदने की इच्छा पूरी हो सकती है, वृषभ राशि माघ पूर्णिमा वृषभ राशि वालों के लिए बहुत ही लाभकारी सिद्ध हो सकती है. इस दौरान वृषभ राशि के जातको को कारोबार में वृद्धि होने धन लाभ हो सकता है. नौकरी की तलाश कर रहें लोगों को सफलता मिलेगी. सेहत में सुधार होगा. इसके अलावा धार्मिक कार्यों तथा पूजा-पाठ में रुचि बढ़ेगी. मकर राशि मकर राशि वालों के लिए माघी पूर्णिमा खुशियों की सौगात लेकर आ रही है. इसके बाद मकर राशि वाले जातकों को करियर-कारोबार में बड़ी सफलता हासिल हो सकती है, जिससे अपार धन लाभ हो सकता है. साथ ही समाज में मान सम्मान बढ़ेगा.

उदय कोटक ने खरीदारी के साथ ही देश में प्रॉपर्टी के दामों का एक नया रेकॉर्ड बन गया

मुंबई देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इन दिनों रियल एस्टेट को लेकर चर्चा में है। बॉलीवुड सेलिब्रिटी से लेकर कारोबारी तक प्रॉपर्टी में रुचि दिखा रहे हैं। अब देश के सबसे अमीर बैंकर उदय कोटक भी मुंबई में प्रॉपर्टी खरीदने को लेकर चर्चा में आ गए हैं। कोटक महिंद्रा बैंक के फाउंडर उदय कोटक और उनके परिवार ने मुंबई में कोई अपार्टमेंट ही नहीं, बल्कि पूरी बिल्डिंग ही खरीद ली है। देश के सबसे अमीर बैंकर उदय कोटक और उनके परिवार ने मुंबई के वर्ली सी फेस की एक पूरी बिल्डिंग खरीदी है। यह रेजिडेंशियल बिल्डिंग है। इस बिल्डिंग की कीमत 400 करोड़ रुपये से ज्यादा की है। इस खरीदारी के साथ ही देश में प्रॉपर्टी के दामों का एक नया रेकॉर्ड बन गया है। उदय कोटक ने इस बिल्डिंग में रहने वाले सभी लोगों से उनके घर खरीद लिए हैं। कोटक परिवार ने जो यह बिल्डिंग खरीदी है, वह दो मंजिला है। इनमें कुल 24 अपार्टमेंट हैं। डॉक्यूमेंट्स के अनुसार उदय कोटक के परिवार ने 30 जनवरी को बिल्डिंग के कुल 24 अपार्टमेंट में से 12 अपार्टमेंट के सौदे रजिस्टर करवाए। एक सौदा सितंबर में रजिस्टर हुआ था। बाकी सौदे भी जल्द ही पूरे होने की उम्मीद है। जिनके सौदे बचे हैं, उन्हें टाकन राशि दी जा चुकी है। इस बिल्डिंग का सबसे बड़ा अपार्टमेंट 1,396 वर्ग फुट में फैला है और इसकी कीमत 38.24 करोड़ रुपये है। वहीं सबसे छोटे 173 वर्ग फुट के घर की कीमत 4.7 करोड़ रुपये से ज्यादा है। अब तक की सबसे ज्यादा कीमत कोटक परिवार इस बिल्डिंग के घर करीब 2.72 लाख रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से खरीदे हैं। यह किसी भी प्रॉपर्टी सौदे के लिए देश में अब तक की सबसे ऊंची कीमत है। इससे पहले देश में प्रति वर्ग फुट की सबसे ऊंची कीमत दक्षिण मुंबई के अल्टामाउंट रोड पर 2.25 लाख रुपये और भूलाभाई देसाई रोड पर 2.09 लाख रुपये थी। मुंबई में बॉलीवुड सितारे भी पीछे नहीं मुंबई इस समय रियल एस्टेट में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बॉलीवुड सेलिब्रिटी भी यहां प्रॉपर्टी को लगातार खरीद और बेच रहे हैं।     अक्षय कुमार और उनकी पत्नी ट्विंकल खन्ना में वर्ली स्थित एक लग्जरी अपार्टमेंट 80 करोड़ रुपये में बेचा है।     मशहूर संगीतकार अनु मलिक और उनकी पत्नी अंजू मलिक ने मुंबई के सांताक्रूज वेस्ट में दो अपार्टमेंट बेच दिए हैं। फरवरी में यह सौदा 14.49 करोड़ रुपये में हुआ।     सनी लियोनी ने भी मुंबई में 8 करोड़ रुपये में एक ऑफिस स्पेस खरीदा है। इसके लिए 35 लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी चुकाई है।     सोनाक्षी सिन्हा ने भी मुंबई के बांद्रा पश्चिम की एक हाउसिंग कांप्लेक्स का अपना अपार्टमेंट बेचा है। यह प्रॉपर्टी उन्होंने 22.50 करोड़ रुपये में बेची। सोनाक्षी सिन्हा ने मार्च 2020 में यह प्रॉपर्टी 14.0 करोड़ रुपये में खरीदी थी।     फिल्म निर्देशक सुभाष घई ने भी कुछ दिन पहले अपनी पत्नी के साथ मिलकर मुंबई में 24 करोड़ रुपये का एक अपार्टमेंट खरीदा है।     इससे पहले अमिताभ बच्चन ने ओशिवारा में अपना डुप्लेक्स अपार्टमेंट 83 करोड़ रुपये में बेचा था। उन्होंने इसे 31 करोड़ रुपये में खरीदा था।

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