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देश की राजधानी दिल्ली पर जिस पार्टी ने सबसे ज्यादा राज किया, आज उसे जनता ने किया पहचानने से इनकार!

नई दिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली पर जिस पार्टी ने सबसे ज्यादा राज किया, आज उसे दिल्ली की जनता ने शायद पूरी तरह भुला दिया है। दिल्ली में 15 साल तक लगातार सरकार चलाने वाली कांग्रेस पार्टी इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 से गायब हो गई है। पूरा मुकाबला आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच ही सिमट कर रह गया है। अभी तक के रुझानों में दिल्ली की 70 सीटों में से एक पर भी खाता खुलता नहीं दिख रहा है। वोट प्रतिशत की भी बात करें, तो कांग्रेस बहुत ही बुरी स्थिति में दिख रही है। सुबह 10.30 बजे तक के रुझानों में कांग्रेस को महज 6.86 फीसदी वोट ही मिले हैं। मौजूदा रुझानों में 69 में से बीजेपी 41 तो आम आदमी पार्टी 28 सीटों पर आगे चल रही है। अगर इस बार भी कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिलती है तो यह लगातार तीसरा मौका होगा, जब कांग्रेस को दिल्ली ने पूरी तरह से नकार दिया। 2020 में भी नहीं खुला था खाता दिल्ली में हुए पिछले विधानसभा चुनाव 2020 में भी कांग्रेस का बुरा हाल था। पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली थी। उसका वोट प्रतिशत भी महज 4.26 फीसदी ही रहा था। 2015 में भी कांग्रेस ने सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। वोट शेयर भी 9.7 फीसदी ही रहा था। आम आदमी पार्टी के उदय ने किया बंटाधार 2013 में आम आदमी पार्टी के उदय ने अगर किसी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है तो वो कांग्रेस ही है। इस चुनाव से पहले 1998 से लगातार कांग्रेस की सरकार दिल्ली में थी। मगर 2013 में जनता ने अपना नया नेता चुन लिया। एक नई पार्टी ने चमत्कार कर दिया। 2008 के चुनावों में 40 फीसदी से ज्यादा वोट शेयर लेकर सरकार बनाने वाली कांग्रेस 2013 में 25 फीसदी से भी कम वोट शेयर पर आ गिरी। पार्टी का वोट शेयर 24.25 फीसदी ही रहा और सीटें भी 43 से घटकर महज 8 ही रह गई। इसके बाद से तो पार्टी को एक सीट मिलना भी दूभर हो गया। लोकसभा चुनाव का नहीं मिला फायदा कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में देशभर में अच्छा प्रदर्शन किया था। पार्टी ने बीजेपी को कड़ी टक्कर दी थी। हालांकि दिल्ली की सातों सीटों पर उसे हार ही मिली थी। लेकिन 18 फीसदी जनता ने राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पर भरोसा जताया था। मगर इसका फायदा कांग्रेस को दिल्ली के विधानसभा चुनावों में नहीं मिला।

एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा के छोटे भाई सिद्धार्थ चोपड़ा की शादी में खूब नाचीं

मुंबई एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा के छोटे भाई सिद्धार्थ चोपड़ा की शुक्रवार को मुंबई में नीलम उपाध्याय से शादी हो गई। शादी से पहले कई गानों पर नाचते हुए बारात के कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आई हैं। एक क्लिप में प्रियंका 2008 की फिल्म ‘दोस्ताना’ के अपने हिट गाने ‘देसी गर्ल’ पर डांस करती नजर आईं। उनके साथ उनके पति-सिंगर निक जोनस भी आ गए। उन्होंने प्रियंका के बगल में खड़े होकर कुछ स्टेप्स किए। डांस में उनके परिवार और दोस्त भी शामिल हुए। शादी में प्रियंका और निक के अलावा उनके माता-पिता केविन जोनास सीनियर और डेनिस मिलर-जोनस भी शामिल हुए। नीता अंबानी, प्रियंका की चचेरी बहन परिणीति चोपड़ा और उनके पति राघव चड्ढा भी शादी में शामिल हुए। शादी के एक वीडियो में प्रियंका दुल्हन नीलम को स्टेज तक ले जाने में मदद करती नजर आ रही हैं। शादी से पहले उन्हें सिद्धार्थ के साथ मंडप की ओर जाते हुए भी देखा गया था। शादी की रस्में निभा रहे निक जोनस एक वीडियो में प्रियंका और निक शादी की रस्में निभाते नजर आ रहे हैं। शादी के लिए, परिणीति ने एक एथनिक स्कर्ट चुनी, जिसे उन्होंने ब्लड-रेड ब्लाउज और जैकेट के साथ पेयर किया। राघव ने ब्राउन जैकेट के साथ ऑफ-व्हाइट रंग का कुर्ता पहना था। प्रियंका नीले रंग के लहंगे में नजर आईं और उन्होंने अपने बालों का जूड़ा बना रखा था। निक को क्रीम बंदगला और मैचिंग पैंट में देखा गया। क्या करती हैं प्रियंका चोपड़ा की भाभी? प्रियंका अपनी तीन साल की बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनस के साथ पिछले महीने भारत आईं। निक गुरुवार को मुंबई पहुंचे। अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर सिद्धार्थ चोपड़ा ने खुद को प्रोड्यूसर लिखा है। नीलम एक ऐसी एक्ट्रेस हैं जिन्होंने मिस्टर 7, एक्शन 3डी, उन्नोडु ओरु नाल और ओम शांति ओम जैसी तेलुगू और तमिल फिल्मों में काम किया है।

राजस्थान के मायरे ने फिर चौंकाया, बहन के भरा 3 करोड़ का मायरा

नागौर  राजस्थान में एक बार फिर मायरा चर्चा का विषय बन गया है। यहां नागौर के साडोकण गांव के तीन भाइयों ने अपनी बहन के बच्चों की शादी में जो किया, उसे जानकर हर कोई हैरान है। उन्होंने मायरे यानी भात में 1 करोड़ 51 लाख रुपये नकद, 25 तोला सोना, 5 किलो चांदी और नागौर शहर में 2 प्लॉट दिए हैं। 7 फरवरी, 2025 को हुई इस कार्यक्रम में बहन के लिए भाईयों ने दिल खोल के मायरा भरा। बता दें कि राजस्थान में बहन के बच्चों की शादी में भाई की ओर से मायरा यानी (तोहफे) देने की परंपरा है। नागौर में यह परंपरा अक्सर करोड़ों के मायरे के रूप में देखने को मिलती है। इससे पहले भी नागौर में 2 करोड़ और 8 करोड़ के मायरे की खबरें सामने आ चुकी हैं। भांजे और भांजी की शादी में करोड़ों का मायरा यह मायरा इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि तीनों भाइयों ने मिलकर अपनी बहन बीरज्या देवी के बच्चों, भांजे और भांजी की शादी में 1 करोड़ 51 लाख रुपये नकद दिए। इसके अलावा 25 तोला सोना, 5 किलो चांदी और नागौर शहर में 2 प्लॉट भी मायरे में शामिल थे। यह शादी फरदोद गांव में हुई थी। यहां बीरज्या देवी के पति मदनलाल रहते हैं। भाइयों के नाम हरनिवास खोजा, दयाल खोजा और हरचंद खोजा हैं। जानिए क्या है मायरे की परंपरा राजस्थान में बहन के बच्चों की शादी में भाई की ओर से मायरा देने की परंपरा काफी पुरानी है। यह परंपरा रियासतकाल से चली आ रही है। आमतौर पर बेटी के पिता या भाई अपनी बहन के बच्चों की शादी में कपड़े और कुछ पैसे मायरे के रूप में देते हैं। मायरे को भात भी कहा जाता है। लेकिन नागौर जिले में यह परंपरा थोड़ी अलग है। यहां अक्सर करोड़ों के मायरे देखने को मिलते हैं, जो लोगों को हैरान करते हैं। कुछ समय पहले ही नागौर में एक टीचर ने 2 करोड़ रुपये का मायरा दिया था। उससे पहले एक और भाई ने 8 करोड़ रुपये का मायरा दिया था। अब यह नया मामला सामने आया है, जिसमें 1 करोड़ 51 लाख रुपये का मायरा दिया गया है। रामबक्स के दोहिते और दोहिती की आज शादी थी। इनका आज मायरा था। मायरे की रीत-रिवाज नागौर में जायल के खिंयाला का रियासत काल से ही प्रसिद्ध था। रामबक्स अपने परिवार, रिश्तेदारों और मिलने वालों के साथ बेटी के घर दो हजार लोगों के साथ पहुंचे। तीनों भाइयों ने मिलकर अपनी बहन बिराजया को चुनरी ओढ़ाई और मायरे की शुरुआत की। मायरे में एक करोड़ 51 लाख रुपये नकद, 30 तोला सोना, पांच किलो चांदी और दो प्लॉट नागौर शहर में बहन के नाम किए। इस दौरान महेंद्र चौधरी (पूर्व राजस्थान सरकार के उप मुख्य सचेतक) सुनीता चौधरी (पूर्व जिला प्रमुख) और रिद्धकरण लामरोड़ (पूर्व प्रधान जायल) सहित हजारों लोग मौजूद रहे। नागौर का मायरा सदियों से प्रसिद्ध नागौर में जायल के जाटों का मायरा सदियों से प्रसिद्ध है। मारवाड़ में इस मायरे को कॉफी सम्मान की नजर से देखा जाता है। गूगल साम्राज्य के दौरान जायल के खियाला और जायल के जाटों ने मिलकर लिछमा गुजरी को अपनी धर्म की बहन मानकर भर गए थे। मायरा आज भी जब शादी होती है और उस समय मायरा आता है तो महिलाएं लोकगीत में भी गाती हैं। कहा जाता है कि खियाला के जाट धर्माराम और गोपालराम दोनों मुगल साम्राज्य में बादशाह के लिए टैक्स कलेक्शन का काम करते थे और टैक्स कलेक्शन कर टैक्स को जमा करवाने के लिए वह दिल्ली दरबार जा रहे थे। जब दोनों भाई दिल्ली टैक्स कलेक्शन दिल्ली दरबार में जमा करवाने जा रहे थे। इसी दौरान बीच रास्ते में शादी के दिन लिछमा गुजरी नामक एक महिला बिलखती हुई रोती हुई नजर आई। जब उन्होंने कारण पूछा तो लिछमा गुजरी ने बताया कि उसके घर पर शादी है, बेटों की और उसके कोई भाई नहीं हैं, जिसके कारण उसके बच्चों की शादी में अब मायरा कौन लेकर आएगा। तब उन्होंने धर्माराम और गोपाल रामजाट ने ढांढस बांधते हुए कहा कि वह तुम्हारे भाई हैं और तुम चलो घर हम करेंगे मायरा। उस दौरान दोनों जाटों ने अपनी बहन लिछमा गुजरी के लिए टैक्स कलेक्शन के सारे रुपये से मायरा भर दिया। दूसरी तरफ बादशाह नाराज हो गए, वह समय पर नहीं पहुंचे थे। जब वह पहुंचे तब सारी बात बादशाह के सामने रखी तो उन्होंने सजा देने के बजाय उनको माफ कर दिया। कब हुई मायरे की शुरुआत मायरे की शुरुआत 600 साल पूर्व नरसी भगत ने शुरू की थी। नरसी भगत का जन्म गुजरात के जूनागढ़ में 600 साल पहले हुआ था, उस समय हुमायूं का शासन काल था। नरसी भगत जो कि जन्म से ही गूंगे और बहरे थे। वह अपनी दादी के पास ही रहते थे, उनके एक भाई भाभी भी थे। भाभी का स्वभाव कड़क था, लेकिन नरसी भगत जो कि एक संत प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। इसी प्रवृत्ति के चलते उनको आवाज और उनका वीरप्पन ठीक हो गया। नरसी जी के मां बाप एक महामारी के शिकार हो गए, नरसी भगत की शादी हुई थी और पत्नी भी भगवान के प्यारी हो गई। नरसी जी की दूसरी शादी भी करवाई, कुछ दिन बीतने पर नरसी जी के घर पर एक लड़की का जन्म हुआ और उसका नाम नानीबाई रखा नरसी बाई नरसी भगत ने अपनी बेटी की शादी अंजार नगर में करवा दी। दूसरी तरफ नरसी जी की भाभी ने उनको घर से निकाल दिया, नरसी भगवान श्री कृष्ण के अटूट भगत हैं। वह उन्हीं की भक्ति में लीन हो गए, भगवान शंकर की कृपा से उन्होंने ठाकुर जी के भी दर्शन कर लिए। उसके बाद तो नरसी जी ने सांसारिक मोहेबी त्याग दिया और संत बन गए उधर नरसी भाई ने पुत्री को जन्म दिया और पुत्री विवाह लाइक हो गई। किंतु नरसी को कोई खबर नहीं थी, लड़की के विवाह पर ननिहाल की तरफ से भात भरने की रसम के चलते नरसी जी को नरसी के पास देने के कुछ नहीं थे, नरसी जी के पास खुद की टूटी-फूटी बैलगाड़ी और बूढ़े 220 हैं। नरसी जी ने अपने कुटुम के भाई लोगों … Read more

भोजपुरी एक्ट्रेस आम्रपाली दुबे पहुंचीं प्रयागराज, लगाई आस्था की डुबकी

प्रयागराज भोजपुरी स्टार आम्रपाली दुबे उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जारी महाकुंभ में पहुंची हैं। उन्होंने वहां की झलक सोशल मीडिया पर शेयर की है। वो एक आलीशान टेंट में ठहरीं और फिर संगम में आस्था की डुबकी लगाई। उनके फैंस के बीच उनका पोस्ट वायरल हो रहा है। मालूम हो कि महाकुंभ में अब तक कई सेलेब्स आ चुके हैं और संगम में स्नान कर चुके हैं। इनमें हेमा मालिनी से लेकर अनुपम खेर, राजकुमार राव सहित कई सितारे शामिल हैं। फैंस ने लुटाया प्यार आम्रपाली के पोस्ट पर फैंस खूब प्यार लुटा रहे हैं। एक ने लिखा, ‘आपक जवाब नहीं आप लाजवाब हो।’ दूसरे ने लिखा, ‘हर हर महादेव।’ कुछ फैंस कह रहे हैं कि वो उनकी फेवरेट एक्ट्रेस हैं और वो उनकी एक्टिंग के कायल हैं। 38 की उम्र में कुवांरी हैं आम्रपाली 38 साल की आम्रपाली दुबे का जन्म गोरखपुर में हुआ है। वो अपने दादा के साथ मुंबई शिफ्ट हो गई थीं और वहीं पर अपनी पढ़ाई पूरी की। उन्होंने टीवी सीरियल ‘सात फेरे’ से एक्टिंग की शुरुआत की थी। फिर निरहुआ हिंदुस्तानी फिल्म से भोजपुरी इंडस्ट्री में कदम रखा था। वो सबसे ज्यादा फीस लेने वाली भोजपुरी एक्ट्रेसेस में से एक हैं। उनके इंस्टाग्राम पर 4.9 मिलियन फॉलोअर्स हैं। उन्होंने अभी तक शादी नहीं की है।

दिल्ली चुनाव: मालवीय नगर विधानसभा सीट से AAP नेता सोमनाथ भारती हारे

नई दिल्ली नई दिल्ली विधानसभा सीट से आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल चुनाव हार गए हैं. अरविंद केजरीवाल कुल 1200 वोटों से बीजेपी उम्मीदवार प्रवेश वर्मा से ये चुनाव हार गए हैं. नई दिल्ली सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा था. यहां से दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Kejriwal Election Result), भारतीय जनता पार्टी के प्रवेश वर्मा हैं और कांग्रेस के संदीप दीक्षित मैदान में थे. नई दिल्ली सीट की जनता ने चुनाव में बीजेपी का साथ देते हुए इस सीट पर कमल खिलाया है. बता दें दिल्ली विधानसभा चुनाव के रुझानों में बीजेपी को पूर्ण बहुमत का आंकड़ा मिला है. रुझानों के अनुसार, भाजपा 47 सीटों पर और आम आदमी पार्टी 23 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. 10 साल से सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी एक करारी हार की ओर बढ़ रही है. मनीष सिसोदिया भी हारे चुनाव आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार मनीष सिसोदिया भी जंगपुरा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव हार गए हैं. बीजेपी उम्मीदवार तरविंदर सिंह मारवाह ने इस सीट से जीत दर्ज की है. मीडिया से बात करते हुए सिसोदिया ने कहा कि लोगों ने उनका बहुत अच्छा समर्थन किया है और उम्मीद जताई कि भाजपा के उम्मीदवार निर्वाचन क्षेत्र के लिए काम करेंगे. उन्होंने कहा, “पार्टी कार्यकर्ताओं ने अच्छा संघर्ष किया, हम सभी ने कड़ी मेहनत की. लोगों ने भी हमारा समर्थन किया. लेकिन, मैं 600 वोटों से हार गया. मैं जीतने वाले उम्मीदवार को बधाई देता हूं. मुझे उम्मीद है कि वह निर्वाचन क्षेत्र के लिए काम करेंगे.” मालवीय नगर विधानसभा सीट से AAP नेता सोमनाथ भारती हारे नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के उम्मीदवार प्रवेश वर्मा ने मतगणना केंद्र जाने से पहले कनॉट प्लेस में स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन किए थे. हनुमान मंदिर में दर्शन के बाद प्रवेश वर्मा ने मीडिया से बात की थी.  उन्होंने कहा था, “आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है. हम बहुत समर्थन देख रहे हैं और पूरे दिन लगातार समर्थन मिल रहा है. हमारे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरा समर्थन मिलता रहेगा.” पिछले दस वर्षों से दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य पर आम आदमी पार्टी का दबदबा रहा है, जबकि बीजेपी 1998 से शहर की सत्ता से बाहर है. वर्ष 1998 से 2013 तक दिल्ली पर शासन करने वाली कांग्रेस पार्टी लगातार तीसरी बार हार की ओर अग्रसर दिख रही थी. दिल्ली में पांच फरवरी को हुए चुनाव में 1.55 करोड़ पात्र मतदाताओं में से 60.54 प्रतिशत ने मतदान किया था. करनैल सिंह ने सत्येंद्र जैन को हराया शकूरबस्ती से भाजपा के करनैल सिंह ने आप के सत्येंद्र जैन को हराया. जीतने वाले उम्मीदवार को बधाई देता हूं: मनीष सिसोदिया जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार मनीष सिसोदिया ने हार स्वीकार करते हुए कहा, पार्टी कार्यकर्ताओं ने अच्छी लड़ाई लड़ी, हम सभी ने कड़ी मेहनत की. लोगों ने भी हमारा समर्थन किया. लेकिन, मैं 600 वोटों से हार गया. मैं जीतने वाले उम्मीदवार को बधाई देता हूं. मुझे उम्मीद है कि वह क्षेत्र के लिए काम करेंगे. सभी का आभार व्यक्त करता हूं: रविंदर सिंह नेगी पटपड़गंज विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रविंदर सिंह नेगी ने कहा, मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि हमने दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा. यह उनका आशीर्वाद था, जिस तरह से उन्होंने आम आदमी पार्टी को आपदा कहा, उन्होंने कहा आपदा हटाओ, दिल्ली बचाओ. लोगों ने इसे स्वीकार भी किया। शीर्ष नेतृत्व के नेतृत्व में हमें जीत मिली है, मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं. ये जीत अरविंद केजरीवाल को समर्पित: कुलदीप कुमार कोंडली विधानसभा से AAP उम्मीदवार कुलदीप कुमार ने जीत दर्ज की. उन्होंने कहा, ये जीत अरविंद केजरीवाल को समर्पित है. उन्होंने दूसरी बार मुझे टिकट दिया था और मैं जीत के आया हूं. AAP दिल्ली में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है और अरविंद केजरीवाल चौथी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं.  

IBPS SO मेन्स का रिजल्ट जारी, इस Link पर करें चेक, जानें आगे क्या?

  नई दिल्ली आईबीपीएस एसओ मेन्स का रिजल्ट जारी कर दिया गया है. जो उम्मीदवार बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान स्पेशलिस्ट ऑफिसर (IBPS SO Result) मुख्य भर्ती परीक्षा में उपस्थित हुए थे, वे अब IBPS की आधिकारिक वेबसाइट ibps.in पर जाकर रिजल्ट देख सकते हैं. आईबीपीएस एसओ मेन्स का रिजल्ट 7 फरवरी से 14 फरवरी, 2025 तक आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा. रिजल्ट चेक करने के लिए उम्मीदवार नीचे बताए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं. IBPS SO Mains Result 2024: ऐसे चेक करें रिजल्ट स्टेप 1: IBPS की आधिकारिक वेबसाइट ibps.in पर जाएं. स्टेप 2: होम पेज पर उपलब्ध IBPS SO मेन्स रिजल्ट 2024 लिंक पर क्लिक करें. स्टेप 3: एक नया पेज खुलेगा जहां उम्मीदवारों को लॉगिन विवरण दर्ज करना होगा. स्टेप 4: सबमिट पर क्लिक करें और आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिख जाएगा. स्टेप 5: रिजल्ट चेक करें और पेज डाउनलोड करें. स्टेप 6: आगे की जरूरत के लिए इसकी हार्ड कॉपी अपने पास रख लें. अभी रिजल्ट चेक करने के लिए यहां क्लिक करें- दिसंबर में हुआ था आईबीपीएस एसओ मन्स एग्जाम दरअसल, आईबीपीएस एसओ ऑनलाइन मुख्य परीक्षा दिसंबर 2024 में आयोजित की गई थी. सीआरपी एसपीएल-XIV के लिए ऑनलाइन मुख्य परीक्षा में शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को बाद में भाग लेने वाले बैंकों द्वारा आयोजित और आईबीपीएस की मदद से प्रत्येक राज्य/यूटी/क्षेत्र में नोडल बैंकों द्वारा समन्वित किए जाने वाले साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा. जल्द जारी होगा इंटरव्यू शेड्यूल साक्षात्कार के लिए आवंटित कुल अंक 100 हैं. साक्षात्कार में न्यूनतम योग्यता अंक 40% (एससी/एसटी/ओबीसी/पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवारों के लिए 35%) से कम नहीं होंगे. उम्मीदवारों का संयुक्त अंतिम स्कोर सीआरपी-एसपीएल-XIV की ऑनलाइन मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त कुल अंकों के आधार पर निकाला जाएगा. अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार आईबीपीएस की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं.  

मध्य प्रदेश पिछड़ा वर्ग अनुसूचित जाति जनजाति अल्पसंख्यक अधिवक्ता संघ प्रतिनिधि मंडल ने सीएम को दिया ज्ञापन

भोपाल  मध्य प्रदेश पिछड़ा वर्ग अनुसूचित जाति जन जाति अल्प संख्यक अधिवक्ता संघ  प्रतिनिधि मंडल  के रूप में प्रदेश के मुखिया ,मुख्य मंत्री माननीय मोहन यादव जी  से  मिला एक ज्ञापन दिया एम् पी के ओबीसी, एस सी , एस टी, अल्पसंख्यक अधिवक्ताओं के हितों के अधिकारों पर चर्चा के एक ज्ञापन दिया एवं  जिला बार की ओर से लिफ्ट लगाए जाने के संबंध में ज्ञापन दिया । प्रतिनिधि मंडल में संघ के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट तुलसीराम पटेल,संरक्षक पूर्व महापौर संघ के संरक्षक दीपचंद यादव एडवोकेट ,साजिद अली एडवोकेट  ,महामंत्री लायन महेश साहू एडवोकेट  कोषाध्यक्ष लालचंद भारके एडवोकेट पिछड़ा वर्ग को माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में 13 प्रतिशत होल्ड को हटाने और  27 प्रतिशत  आरक्षण दिलाए जाने के संबंध में  पिछड़ा वर्ग के अधिवक्ताओं के होती के  लाभ दिलाते जाने पर चर्चा की  भी ज्ञापन दिया  ।

इंटरनेशनल लेवल पर मेडल्स जीतने वाले जूनियर एथलीटों को अब सरकार से नकद पुरस्कार नहीं मिलेगा

नई दिल्ली इंटरनेशनल लेवल पर मेडल्स जीतने वाले जूनियर एथलीटों को अब सरकार से नकद पुरस्कार नहीं मिलेगा. खेल मंत्रालय का यह नीतिगत बदलाव 1 फरवरी से लागू हुआ हुआ है. ज‍िसका लक्ष्य उद्देश्य डोपिंग और उम्र संबंधी धोखाधड़ी (एज फ्रॉड ) के दोहरे खतरे से निपटना और साथ ही युवा खि‍लाड़ि‍यों में जीत भूख को जिंदा रखना है. पहले जो पुराना स‍िस्टम था, उसके तहत जूनियर वर्ल्ड  चैम्पियनशिप में गोल्ड  पदक जीतने पर खिलाड़ी को लगभग 13 लाख रुपये मिलते थे, जबकि एश‍ियन या कॉमनवेल्थ गेम्स में टॉप पोजीशन पर रहने पर खिलाड़ी को 5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिलता था. ‘इंड‍ियन एक्सप्रेस’ को खेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि इस निर्णय के पीछे एक प्रमुख कारण जूनियर इवेंट्स को पोडियम फिनिश तक सीमित न रखकर इनका प्रमोशन करना है. इस अधिकारी ने कहा- हमने देखा कि केवल भारत ही ऐसे मॉडल का अनुसरण करता है, जहां जूनियर चैम्प‍ियनश‍िप को अधिक महत्व दिया जाता है,  नतीजतन, एथलीट उस स्तर पर इतनी मेहनत करते हैं, पर जब तक वो टॉप लेवल पर पहुंचते हैं, तब तक वे या तो थक जाते हैं या उनकी जीत भूख खत्म हो जाती है. सीन‍ियर एथलीट के ल‍िए भी न‍ियम बदले… सीन‍ियर एथलीटों के लिए पुरस्कार नीति में भी बदलाव किया गया है. खेल मंत्रालय ने राष्ट्रमंडल चैम्प‍ियनश‍िप और दक्षिण एशियाई खेलों को पुरस्कार सूची से हटा दिया है. अंतरराष्ट्रीय मास्टर या ग्रैंडमास्टर मानदंड जीतने वाले शतरंज खिलाड़ियों को भी अब प्रोत्साहन नहीं मिलेगा. क्यों ल‍िया खेल मंत्रालय ने ये फैसला पिछले कुछ सालों में नकद प्रोत्साहन को उन कारणों में से एक माना जाता रहा है, जो एथलीटों और उनके कोचों को उम्र धोखाधड़ी और डोपिंग अपराध करने के लिए प्रेरित करते हैं. 13 जनवरी तक राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, 2022 के बाद से भारत में डोप अपराधियों में से 10% से अधिक नाबालिग हैं, यानी 204 में से 22. हालांकि, उम्र में हेराफेरी करने वाले खिलाड़ियों की संख्या पर निगरानी रखने के लिए कोई केंद्रीय व्यवस्था नहीं है, फिर भी पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न खेलों में सैकड़ों खिलाड़ियों को निलंबित किया जा चुका है और कई अन्य खिलाड़ी बच निकले हैं.  

दिल्ली चुनाव में अरविंद केजरीवाल की आप पार्टी की हार के ये बड़े 5 फैक्टर

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 27 सालों का सूखा खत्म करते हुए सत्ता की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। भाजपा ने सीटों पर बढ़त बनाकर रुझानों में बहुमत हासिल कर लिया है। 2013 में अन्ना हजारे के ‘क्रांतिपथ’ से निकलकर राजनीति की राह में बढ़ने वाले अरविंद केजरीवाल को पहली राजनीतिक हार मिली है। मुफ्त बिजली, पानी, बस सफर जैसी स्कीमों के बाद उनकी हार ने काफी कुछ साफ कर दिया है। मुस्लिम बहुल इलाके हों, गांधी नगर जैसे कारोबारी क्षेत्र हों या फिर पूर्वी दिल्ली का पटपड़गंज हो, सभी जगहों पर आम आदमी पार्टी को करारा झटका लगा है तो साफ है कि अलग-अलग वर्गों में उसने अपने जनाधार को खोया है। इसकी पर्याप्त वजहें हैं, जो चुनाव के दौरान ही साफ थीं, लेकिन अरविंद केजरीवाल अपने नाम पर चुनाव में जीत दिलाने की कोशिश में थे।   दिल्ली की सड़कों की बदहाली अरविंद केजरीवाल एक तरफ रेवड़ियां बांटने के लगातार ऐलान करते रहे तो भाजपा ने सड़क, पानी जैसे मुद्दों को नहीं छोड़ा। बुराड़ी से संगम विहार तक और पटपड़गंज से उत्तम नगर तक अलग-अलग इलाकों में टूटी सड़कों को भाजपा दिखाती रही। भाजपा का कहना था कि कहीं जल बोर्ड ने सड़कें उखाड़ तो दीं, लेकिन उन्हें सही नहीं किया। वहीं तमाम इलाकों में 10 साल में एक बार भी सड़क नहीं बनी। खराब सड़कों की रिपेयरिंग तक नहीं हो सकी। यहां तक कि अरविंद केजरीवाल ने भी सड़कों की बदहाली को स्वीकार किया था और उनका कहना था कि हम इस मोर्चे पर काम नहीं कर सके। पानी के टैंकर और पलूशन का भी असर दिल्ली के कई इलाकों में टैंकर माफिया के सक्रिय होने और गर्मी के मौसम में हर साल पानी की किल्लत की खबरें आती रही हैं। एक तरफ फ्री बिजली और पानी देने के वादे तो कहीं पानी की ही किल्लत होने से दिक्कतें आईं। माना जा रहा है कि जनता ने पानी की परेशानी के नाम पर भी वोट दिया। एक तरफ भाजपा ने फ्री वाली स्कीमों को जारी रखने का वादा किया तो वहीं सुधार की भी बात कही। माना जा रहा है कि दिल्ली के लोगों ने पानी और सड़क के नाम पर भाजपा को मौका देने का फैसला लिया है। मुस्लिम वोटों का बंटवारा, दिल्ली दंगों ने बदला माहौल ओखला से लेकर मुस्तफाबाद तक में भाजपा ने बढ़त कायम की है। यहां असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने वोट काटे हैं तो वहीं कांग्रेस को भी मुस्लिमों का वोट मिला है। इस बार मुस्लिमों के बीच आम आदमी पार्टी के लिए एकतरफा वोटिंग नहीं हुई। माना जा रहा है कि इसके चलते भाजपा को सीधे बढ़त मिली है। कई मुस्लिम बहुल इलाकों में लोगों ने इस बात की शिकायत की कि 2020 के दंगों में अरविंद केजरीवाल ने साथ नहीं दिया। इसके अलावा कोरोना काल में मुस्लिमों को बदनाम किया गया। ऐसे में मुस्लिम वोटों का AAP के पक्ष में एकजुट न रहना उसके लिए झटके के तौर पर सामने आया है। 8वां वेतन आयोग, पेंशन और टैक्स राहत के ऐलान से भाजपा के साथ सरकारी कर्मी? आरके पुरम जैसी सीट पर भाजपा आगे है। यह सीट सरकारी कर्मचारिचों के बहुलता वाली मानी जाती है। ऐसे में कहा जा रहा है कि सरकारी कर्मचारियों ने भाजपा को समर्थन किया है। यूनिफाइड पेंशन स्कीम और फिर 8वां वेतन आयोग घोषित करके भाजपा ने दिल्ली चुनाव में सरकारी कर्मचारियों को लुभा लिया। यही नहीं 1 फरवरी को ही आए बजट में 12 लाख रुपये तक ही कमाने वालों की आय को टैक्स फ्री कर दिया गया है। माना जा रहा है कि इसका फायदा पार्टी को चुनाव में मिला है। आरएसएस ने संभाला मोर्चा, एकजुटता से लड़ा संगठन भाजपा ने लोकसभा चुनाव में दिल्ली में सातों सीटें पाई थीं। लेकिन कुछ राज्यों में झटका लगा था तो आरएसएस के साथ तालमेल को लेकर सवाल उठा था। इस बार भाजपा और आरएसएस के बीच बेहतर तालमेल दिखा। यही नहीं संघ के लोगों को बूथ मैनेजमेंट की जिम्मेदारी दी गई। इस तरह भाजपा और संघ के आनुषांगिक संगठनों में अच्छा समन्वय दिखा। माना जा रहा है कि इसका असर ग्राउंड पर दिखा और अब नतीजा सामने है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है, अब ‘ट्रिपल इंजन’ की सरकार बनानी होगी.

बिलासपुर नगरीय निकाय चुनाव (Nikay Chunav 2025) में भाजपा (BJP) के पक्ष में माहौल बनाने पहुंचे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने लोगों को ठगकर वोट लिया और शराब, कोयला और महादेव सट्टा घोटाले किए. बिलासपुर के तिफरा क्षेत्र में आयोजित सभा में उनके साथ केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल और धर्मजीत सिंह मौजूद रहे. ‘कांग्रेस ने लोगों को ठगकर वोट लिया’ सीएम विष्णुदेव साय ने पार्टी की महापौर प्रत्याशी पूजा विधानी के समर्थन में नारे लगवाए. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है, अब ‘ट्रिपल इंजन’ की सरकार बनानी होगी. उन्होंने पूर्व सीएम भूपेश बघेल पर घोटालों के आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने लोगों को ठगकर वोट लिया और शराब, कोयला और महादेव सट्टा घोटाले किए. सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि महतारी वंदन की राशि मिल गई है और भूमिहीन मजदूरों को 10 दिन में राशि मिल जाएगी. उन्होंने नजूल की जमीन पर मालिकाना हक देने और टैक्स में छूट की घोषणा दोहराई. कांग्रेस पर CM साय का तंज मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि वो मुद्दाविहीन हो चुकी है और अपनी हार से बौखला गई है. विपक्ष को न तो सही प्रत्याशी मिल पा रहे हैं और न ही ठीक से नामांकन भरवा पा रहे हैं.

कोर्ट में सज्जन कुमार के खिलाफ फैसला फिर टाला, 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़ा है मामला

नई दिल्ली दिल्ली की एक अदालत ने  कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार के खिलाफ 1984 के सिख विरोधी दंगों के हत्या मामले में अपना फैसला 12 फरवरी तक के लिए टाल दिया है। स्पेशल जज कावेरी बावेजा को आज इस मामले में आदेश पारित करना था, लेकिन किन्हीं कारणों से उन्होंने अपना फैसला टाल दिया। इससे पहले अभियोजन पक्ष द्वारा कुछ बिंदुओं पर आगे की दलीलें पेश करने के लिए समय मांगे जाने के बाद जनवरी में अदालत ने फैसला टाल दिया था। यह मामला 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान दिल्ली के सरस्वती विहार में दो व्यक्तियों की हत्या से संबंधित है। अदालत ने 1 नवंबर, 1984 को जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या से संबंधित मामले में अंतिम दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि, पुलिस ने शुरुआत में पंजाबी बाग थाने में मामला दर्ज किया था, लेकिन एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने जांच अपने हाथ में ले ली थी। अदालत ने 16 दिसंबर 2021 को तय किए थे आरोप   16 दिसंबर, 2021 को अदालत ने सज्जन कुमार के खिलाफ आरोप तय किए, जिसमें उनके खिलाफ “प्रथम दृष्टया” मामला पाया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, घातक हथियारों से लैस एक बड़ी भीड़ ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या का बदला लेने के लिए बड़े पैमाने पर लूटपाट, आगजनी और सिखों की संपत्तियों को नष्ट किया। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि भीड़ ने शिकायतकर्ता जसवंत की पत्नी के घर पर हमला किया, जिसमें उनके पति और बेटे की हत्या कर दी गई। साथ ही सामान लूट लिया और उनके घर को आग के हवाले कर दिया। सज्जन कुमार पर मुकदमा चलाते हुए, अदालत के आदेश में “प्रथम दृष्टया यह राय बनाने के लिए पर्याप्त सामग्री पाई गई कि वह न केवल एक भागीदार था, बल्कि उसने भीड़ का नेतृत्व भी किया था”।

बेटे जीत की शादी पर गौतम अदाणी के 10 हजार करोड़ रुपये के दान की जमकर हो रही है तारीफ

अहमदाबाद बेटे जीत अदाणी की शादी के मौके पर अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी द्वारा किए गए महादान की अब हर तरफ जमकर तारीफ हो रही है. खास बात ये है कि गौतम अदाणी ने अपने बेटे की शादी बेहद ही सादगी भरे अंदाज में और पारंपरिक तरीके से की, लेकिन इस शादी के मौके को और यादगार बनाने के लिए उन्होंने 10 हजार करोड़ रुपये दान करने का ऐलान किया. गौतम अदाणी की तरफ से किया गया ये दान उनके परमार्थ के विचार “सेवा साधना है, सेवा प्रार्थना है और सेवा ही परमात्मा है” पर आधारित है. उनके इस दान का बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य , शिक्षा और कौशल विकास के इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर खर्च किया जाएगा. गौतम अदाणी के इस महादान की तारीफ इंडिया टीवी के प्रधान संपादक रजत शर्मा ने भी की है.     अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के छोटे बेटे जीत अदाणी की शादी दिवा शाह के साथ शुक्रवार को अहमदाबाद में संपन्न हुई. यह शादी बेहद ही सादगी और पारंपरिक तरीके से संपन्न हुई. गौतम अदाणी ने इस मौके को और यादगार बनाने के लिए समाज सेवा के तौर पर 10,000 करोड़ रुपये दान करने का ऐलान। जीत और दिवा की शादी की तस्‍वीरें अपने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म पर शेयर करते हुए गौतम अडानी ने कहा कि परमपिता परमेश्वर के आशीर्वाद से जीत और दिवा आज विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए. यह शादी आज अहमदाबाद में प्रियजनों के बीच पारंपरिक रीति रिवाजों और शुभ मंगल भाव के साथ संपन्न हुआ. यह एक छोटा और अत्यंत निजी समारोह था, इसलिए हम चाह कर भी सभी शुभचिंतकों को आमंत्रित नहीं कर सके, जिसके लिए मैं क्षमाप्रार्थी हूं. मैं आप सभी से बेटी दिवा और जीत के लिए स्नेह और आशीष का हृदय से आकांक्षी हूं. दिव्‍यांगों को 10-10 लाख की मदद गौतम अडानी के छोटे बेटे जीत अडानी और दिवा शाह ने शादी (Jeet-Diva Wedding) से पहले ‘मंगल संकल्‍प’ लिया. जिसके तहत 500 दिव्यांग बहनों की शादी के लिए 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. गौतम अडानी ने जानकारी शेयर करते हुए कहा था कि जीत और दीवा ने हर साल 500 दिव्यांग बहनों की शादी के लिए 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है. एक पिता के रूप में उनके द्वारा की जाने वाली इस मंगल सेवा से मैं बहुत संतुष्ट हूं. मुझे पूरा विश्वास है कि इस प्रयास से अनेक दिव्यांग बेटियों और उनके परिवारों का जीवन सुख, शांति और सम्मान के साथ आगे बढ़ेगा. मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वह जीत और दीवा को सेवा के इस पथ पर आगे बढ़ते रहने का आशीर्वाद और शक्ति प्रदान करें. प्री-वेडिंग की झूमते दिखे थे जीत-दिवा जीत अडानी और दिवा शाह के प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन (Jeet-Diva Pre Wedding Celebration) का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें फेमस सिंगर दलेर मेहंदी के बेटे गुरदीप मेहंदी के साथ जीत-दिवा झूमते हुए दिखाई दिए. गुरदीप के साथ दूल्‍हा-दूल्‍हन ढोल की बीट्स पर पंजाबी भांगड़े पर डांस करते हुए भी नजर आए थे.

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रभावित हुए अधिकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ बहुत सुंदर प्रदेश है और नैसर्गिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और समृद्ध जैव विविधता इसे खास पहचान देती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज से आए 18 सैन्य और सिविल सर्विस के अधिकारियों के दल ने छत्तीसगढ़ भ्रमण उपरांत उनसे मुलाकात कर अपने अनुभवों को साझा करते हुए यह बातें कही। मुख्यमंत्री ने उत्सुकता के साथ सभी सैन्य अधिकारियों से उनके छत्तीसगढ़ भ्रमण को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी अधिकारियों का आत्मीय स्वागत करते हुए प्रदेश की भौगोलिक विशेषताओं, सांस्कृतिक धरोहर और विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी अद्वितीय है। प्रदेश का 44 प्रतिशत भूभाग वनाच्छादित है, और आदिवासी समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा हमारी धरोहर का अभिन्न अंग हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सौंदर्य अनुपम है। आपने जो यात्रा की है, वह सिर्फ प्राकृतिक दृश्यों का अनुभव नहीं, बल्कि एक जीवंत संस्कृति और इतिहास से जुड़ा हुआ सफर भी है। यह अनुभव सदैव आपकी स्मृतियों में अंकित रहेगा। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि नक्सल उन्मूलन की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। हम न केवल सुरक्षा दृष्टिकोण से बल्कि शिक्षा, बुनियादी ढांचे और आर्थिक अवसरों के माध्यम से भी इस समस्या का समाधान कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में हमने औद्योगिक और शहरी विकास के साथ-साथ ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के उत्थान पर भी समान रूप से ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता, नवाचार और उत्कृष्ट शासन प्रणाली का उदाहरण बने। आपका यह भ्रमण हमारे प्रयासों को एक राष्ट्रीय और वैश्विक दृष्टिकोण से देखने का अवसर प्रदान करता है। नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने अपने प्रवास के दौरान आईआईएम रायपुर, इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर, ग्रीन फील्ड सिटी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का अवलोकन किया। इसके अलावा उन्होंने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से कानून व्यवस्था और नक्सल उन्मूलन अभियान के संबंध में चर्चा की। अधिकारियों ने सिरपुर, एजुकेशन सिटी दंतेवाड़ा, कांकेर वुड आर्ट सेंटर, जंगल वारफेयर कॉलेज, कोंडागांव के टाटामारी और शिल्पग्राम, बादल एकेडमी और चित्रकोट जलप्रपात का भ्रमण किया। दल का नेतृत्व कर रहे एडमिरल संदीप सिंह संधु ने बताया कि नेशनल डिफेंस कॉलेज के द्वारा प्रति वर्ष एक वर्षीय कोर्स संचालित किया जाता है, जिसमें सेना, सिविल सेवा और अंतरराष्ट्रीय रक्षा अधिकारियों को रणनीतिक विषयों पर प्रशिक्षित किया जाता है। इस वर्ष 124 अधिकारी इस कोर्स में शामिल हैं, जिनमें 13 भारतीय और 5 अन्य देशों के अधिकारी छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक ढांचे को समझने के लिए भ्रमण पर आए है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद झा, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी. दयानंद और डॉ. बसवराजू एस उपस्थित रहे। नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों में ब्रिगेडियर अमितोज सिंह, संदीप कुमार मिश्रा, कोमोडोर कार्तिक मूर्ति, ब्रिगेडियर अनिरुद्ध सिंह कंवर, एयर कोमोडोर शेखर यादव, ब्रिगेडियर गुरप्रीत सिंह मान, ब्रिगेडियर रजनीश मोहन, कैप्टन एम. व्ही. ओरपे सहित श्रीलंका, मोरक्को, नाइजीरिया, नेपाल और यूएई के अधिकारी शामिल थे।

महायोगी,समाज सुधारक-आचार्य श्री विद्यासागर

महामुनिर्महामौनी,महाध्यानी महादम: । महाक्षमो महाशीलो,महायज्ञो महामख: ॥ विश्व के महानतम संत,परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का तपस्वी और संयमित जीवन चरित्र,महामुनि,महामौनी,महाध्यानी, महान क्षमांकर,महाशील आदि भगवत गुणों से परिपूर्ण रहा है ।उनका जन्म 10अक्टूबर 1946 को कर्नाटक राज्य के बेलगाँव जिले के सदलगा में शरद पूर्णिमा के दिन हुआ था। उनके बचपन का नाम विद्याधर था।घर में सभी पीलू नाम से पुकारते थे।उनके पिता श्री मल्लप्पा अष्टगे और माता का नाम श्रीमती अष्टगे था। आचार्य विद्यासागर महाराज को 30 जून 1968 में अजमेर में 22 वर्ष की आयु में उनके गुरु आचार्य ज्ञानसागर महाराज ने मुनि दीक्षा प्रदान की। आचार्य विद्यासागर महाराज को 22 नवम्बर 1972 में उनके गुरु आचार्य ज्ञानसागर महाराज द्वारा आचार्य पद प्रदान किया गया।आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने 500 से अधिक मुनि, आर्यिका, ऐलक, क्षुल्लक दीक्षाएं दीं।उनके घर के सभी सदस्यों ने सन्यास धारण कर वीतराग पथ अपनाया है। आचार्य विद्यासागर महाराज संस्कृत, प्राकृत,हिन्दी, मराठी, कन्नड़,अंग्रेजी,बंगाली भाषाओं में पारंगत रहे हैं।उनकी मातृभाषा कन्नड़ थी।उन्होंने हिन्दी और संस्कृत भाषा में अनेक रचनाएँ की हैं। सैकड़ों शोधार्थियों द्वारा उनके जीवन चरित्र और कृतित्व पर मास्टर्स और डॉक्ट्रेट उपाधि प्राप्त करने के लिए अध्ययन किया है। उन्होंने महान काव्य मूकमाटी  की रचना की है।मूकमाटी रूपक कथा-काव्य, अध्यात्म, दर्शन व युग-चेतना का संगम है। संस्कृति, जन और भूमि की महत्ता को स्थापित करते हुए आचार्यश्री ने इस महाकाव्य के माध्यम से राष्ट्रीय अस्मिता को पुनर्जीवित करने का दिव्य कार्य किया है। विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में यह स्नातकोत्तर उपाधि के हिन्दी पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाता है।उनकी रचनाओं में निरंजना शतक, भावना शतक, परीषह जया शतक, सुनीति शतक और श्रमण शतक  आदि सम्मिलित हैं।उनकी सिंह नाम की कविता को कई शैक्षणिक संस्थानों ने अपने पाठ्यक्रम में भी शामिल किया गया है। उन्होंने नर्मदा का नरम कंकर, तुम डूबों मत लगाओ डुबकी, तोता क्यों रोता, शारदा स्तुति आदि कई पुस्तकें लिखी हैं। आदर्श समाज सुधारक आचार्य विद्यासागर जी ने अपने जीवनकाल के दौरान अनेक सामाजिक प्रकल्पों को संचालित करने के लिए समाज को प्रेरित किया। गौ रक्षा एवं गौ सेवा के लिए गौशाला की स्थापना पर बल दिया ।उनके आह्वान एवं दिव्य मार्गदर्शन से अनेक राज्यों के अनेक स्थानों पर गौमाता की सेवा अनेकों गौ शाला के माध्यम से हो रही है।गौ उत्पाद,एवं आयुर्वेदिक औषधियों का प्रसंस्करण एवं विक्रय किया जा रहा है।जीवदया के अनेक प्रकल्प संचालित हैं। मातृभाषा हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित करने का आह्वान वह सदैव करते रहे। बालिका शिक्षा पर विशेष बल देते हुए अनेक स्थानों पर उच्चकोटि के शिक्षण संस्थानों का कुशल संचालन किया जा रहा है।भारतीय लोक सेवा आयोग, राज्य लोक सेवा आयोग एवं अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में प्रतियोगियों को सफल होने के लिए प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित हैं।भोपाल में अनुशासन संस्था यह कार्य कुशलता पूर्वक निष्पादित कर रही है। स्वदेशी को प्रोत्साहित कर अनेक स्थानों  पर हथकरघा केंद्र स्थापित किए गए हैं।रोजगार सृजित हो रहा है।उद्यमिता को भी प्रोत्साहित किया है।श्रमदान ब्रांड नाम से अनेक स्थानों पर वस्त्र विक्रय केंद्र संचालित हैं। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जीवन पर्यंत सदैव देश को इंडिया नहीं भारत बोलो पर जोर देते रहे।वर्तमान में प्रयागराज में महाकुंभ में भी शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा आचार्य विद्या सागर महाराज के दिव्य संकल्प पर विमर्श सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।इस सम्मेलन में ख्यातिलब्ध विद्वान सम्मिलित हो रहे हैं। आचार्य विद्यासागर महाराज ने सदैव आह्वान किया कि जैन समाज के संपन्न लोग,दो गरीब बच्चों को गोद लेकर उन्हें पढ़ाएं।उन्होंने बल दिया कि पर्यावरण की सुरक्षा प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।विश्व को उनका तपस्वी जीवन पर्यावरण में शून्य कार्बन उत्सर्जन की प्रेरणा देता है।उनका जीवन जीरो कार्बन फुट प्रिंट की अमिट छाप छोड़ता है।उनका आह्वान रहा कि दूसरों की भलाई के लिए सुखों का त्याग ही सच्ची सेवा है।उन्होंने समाज को सीख दी कि दो सूत्रों अहिंसा, जियो और जीने दो का पालन करो। आचार्य विद्यासागर महाराज की समाधि माघ शुक्ल अष्टमी को डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़) के चन्द्रगिरि पर्वत पर हुई।उनकी समाधि से भारत की जनता अनाथ हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आचार्य विद्या सागर महाराज से अत्यंत प्रभावित हैं।उनसे समय-समय पर मार्गदर्शन,आशीर्वाद प्राप्त करते थे।उन्होंने आचार्य विद्यासागर महाराज के विराट, महासागर रूपी व्यक्तित्व पर आलेख के माध्यम से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की थी।मुझे स्मरण है कि भाजपा के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गला रुंध गया था।सभी नेताओं ने एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने भी आलेख के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की थी।आचार्य विद्यासागर महाराज विश्व के महान संत हैं।महानतम समाज सुधारक हैं। उनका सकल जीवन चरित्र अखिल विश्व की मानव समाज के लिए अनुकरणीय है। आचार्य विद्या सागर महाराज को शत-शत नमोस्तु। इति श्री। लेखक-सत्येंद्र जैन

विराट कोहली की वापसी पर श्रेयस-यशस्वी में कौन होगा बाहर? राहुल-कुलदीप की जगह इन्हें मिल सकता है मौका

 कटक  भारतीय टीम रविवार को जब दूसरे वनडे में इंग्लैंड का सामना करेगी तो सबकी नजर विराट कोहली पर टिकी होगी। विराट पहले वनडे में घुटने की चोट की वजह से नहीं खेले थे। प्रैक्टिस के दौरान भी वह दाएं घुटने पर बैंड लगाए हुए दिखे थे। हालांकि, इंग्लैंड के खिलाफ 87 रन की पारी खेलकर भारत को चार विकेट से जीत दिलाने वाले शुभमन गिल ने स्पष्ट किया है कि विराट कोहली की चोट गंभीर नहीं है और वह नौ फरवरी को कटक में होने वाले दूसरे वनडे में खेलने उतरेंगे। विराट के घुटने में नागपुर में हुए वनडे मैच से पहले सूजन आ गई थी। उनकी जगह पर श्रेयस अय्यर को अंतिम क्षणों में टीम में शामिल किया गया था। नागपुर में प्लेयर ऑफ द मैच बने गिल का कहना है कि कोहली की चोट पर घबराने वाली बात नहीं है। ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि दूसरे वनडे में श्रेयस और यशस्वी जायसवाल में से किसे बाहर किया जाएगा? हालांकि, श्रेयस ने जिस तरह की पारी खेली, उनके बाहर होने की संभावना कम है। बोर्ड ने स्थिति नहीं की स्पष्ट विराट के नागपुर वनडे में नहीं खेलने के चलते उनके 19 फरवरी से शुरू होने जा रही चैंपियंस ट्रॉफी में फिटनेस को लेकर सवालिया निशान लग पड़े थे। हालांकि गिल ने विराट के दूसरे वनडे में खेलने की बात जरूर कही है, लेकिन विराट की चोट की गंभीरता को लेकर बीसीसीआई की मेडिकल टीम से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। विराट बीते माह गर्दन में खिचाव के चलते दिल्ली के लिए सौराष्ट्र के खिलाफ रणजी मैच में भी नहीं खेले थे, हालांकि वह रेलवे के खिलाफ रणजी मैच में खेले और सस्ते में आउट हो गए। विराट अगर दूसरे वनडे में खेलते हैं तो उन्हें अपनी फॉर्म और फिटनेस दोनों साबित करनी होगी। श्रेयस को बाहर करना होगा कठिन विराट कटक वनडे में खेलने पर चयन को लेकर एक बार फिर स्थितियां पेचीदा हो जाएंगी। विराट के नहीं खेलने पर टीम में अंतिम क्षणों श्रेयस अय्यर को शामिल किया गया। श्रेयस ने कहा भी कि वह मैच से पहले की रात फिल्म देख रहे थे, तब उनके पास कप्तान रोहित का फोन आया कि विराट के घुटने में सूजन है और उन्हें कम मैच खेलना पड़ सकता है। इसके बाद वह फिल्म छोड़कर सोने चले गए। श्रेयस ने 36 गेंद में 59 रन की धमाकेदार पारी खेली और गिल के साथ 94 रन की साझेदारी की। श्रेयस की इस पारी के बाद उन्हें दूसरे वनडे से बाहर करना कठिन फैसला होगा। पंजाब किंग्स के कोच रिकी पोंटिंग ने भी श्रेयस की वकालत करते हुए कहा, उन्हें हैरानी है कि श्रेयस सफेद गेंद के प्रारूप में टीम का नियमित हिस्सा नहीं हैं। समीकरण रोहित पर बना रहे दबाव शुभमन गिल ने भी 87 रन की पारी खेलकर अपनी जगह पक्की कर ली है। विराट की टीम में वापसी यशस्वी को बाहर करने पर हो सकती है, जिन्होंने अपने पहले मैच में 15 रन बनाए थे। ऐसे में गिल ओपनिंग करने उतर सकते हैं। चयन को लेकर ये सारे समीकरण रोहित शर्मा पर और ज्यादा दबाव बना रहे हैं। वही एक ऐसे बल्लेबाज हैं जो लंबे समय से रन नहीं बना रहे हैं। नागपुर में भी वह सात गेंद में दो रन बना सके। फॉर्म में नहीं होने के कारण उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने को सिडनी टेस्ट से खुद बाहर कर लिया था। हालांकि, अभी यह पहला वनडे है और खुद को बाहर करने की नौबत कटक में नहीं आनी चाहिए, लेकिन यह तय है रोहित जब कटक में बल्लेबाजी के लिए उतरेंगे तो उन पर रन बनाने का अत्यधिक दबाव होगा। रोहित के साथ गिल ओपनिंग उतर सकते हैं, जबकि कोहली तीसरे और फिर श्रेयस का नंबर आएगा। रोहित के साथ गंभीर चर्चा रोहित के बल्ले से रन नहीं निकलने का दर्द नागपुर में इंग्लैंड के खिलाफ मैच खत्म होने के बाद कोच गौतम गंभीर से बातचीत के दौरान उनके चेहरे पर साफ दिखाई दिया। गंभीर और रोहित के बीच लंबी मंत्रणा चली, लेकिन रोहित के चेहरे की भाव-भंगिमाएं बता रही थीं यह चर्चा गंभीर थी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह चर्चा रोहित की खुद की बल्लेबाजी को लेकर थी और चैंपियंस ट्रॉफी की रणनीति को लेकर। राहुल पर पंत को दी जाएगी तरजीह? देखने वाली बात यह भी होगी कि क्या टीम मैनेजमेंट एक मैच में केएल राहुल को आजमाने के बाद ऋषभ पंत को भी परखना चाहेगा। पहले मैच में राहुल को मौका मिला, लेकिन वह दो रन ही बना सके। ऐसे में पंत को मौका दिया जा सकता है और दोनों में से बेहतर खेलने वाले को आखिरी वनडे के रूप में एक और मैच की प्रैक्टिस मिल सकती है। इसके अलावा वरुण चक्रवर्ती को भी चैंपियंस ट्रॉफी टीम में शामिल करने की चर्चा बढ़ गई है। चोट से वापसी कर रहे कुलदीप यादव ने पहले वनडे में 9.4 ओवर में 53 रन खर्च किए थे और सिर्फ एक विकेट लिया था। ऐसे में कुलदीप की जगह वरुण को मौका दिया जा सकता है।  

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