LATEST NEWS

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु पहुंचीं बागेश्वर धाम, 251 बेटियों के विवाह समारोह में हुईं शामिल

President Draupadi Murmu reached Bageshwar Dham, attended the marriage ceremony of 251 daughters छतरपुर। बागेश्वर धाम पर आयोजित होने वाले कन्या विवाह समारोह की घड़ी आ गई है। आज महाशिवरात्रि पर्व पर 251 बेटियां परिणय सूत्र में बंधेंगी और उनको आशीर्वाद देने के लिए राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु पहुंचीं। समूचा बागेश्वर धाम आज जनकपुर जैसा लग रहा है। बागेश्वर धाम में राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय परंपरा में संतों ने सदियों से अपने कर्म और वाणी से जनमानस को राह दिखाई है। उन्होंने समाज में फैले अंधविश्वासों के बारे में लोगों को जागरूक किया है, छुआ-छूत और ऊंच-नीच के भेद-भाव को दूर करने की सीख दी है। आज जब हमारा देश वूमन डेवलपमेंट से वूमन लीड डेवलपमेंट की ओर अग्रसर है तब समाज के सभी लोगों का कर्तव्य बनता है कि वे बेटियों और बहनों को सबल और सक्षम बनाने में अपना योगदान दें। बेटियों के विवाह की खुशियां फैलीचारों तरफ बेटियों के विवाह की खुशियां फैली हैं। बागेश्वर धाम सज धज कर अपने 251 दूल्हों के स्वागत के लिए आतुर है। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने सभी जमाइयों को घोड़े पर बैठाकर उनकी बरात निकलवाएंगे। महाराज श्री का संकल्प है कि किसी के बीच जाति पांति और ऊंच नीच का भेदभाव न हो। मंगलवार को केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, महाराष्ट्र के मंत्री सतेन्द्र सिंह राठौर ने आकर महाराजश्री का आशीर्वाद लिया। फाइट कराकर ग्रेट खली ने दिया नशा न करने का संदेशअमेरिका की सुख सुविधा त्याग कर ग्रेट खली अपने देश के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। ग्रेट खली का कहना है कि यदि युवा नशा त्यागेंगे और खेलों की ओर आकर्षित होंगे तो न केवल देश का मान बढ़ेगा बल्कि देश खेलों में सशक्त होगा। ग्रेट खली ने बीती रात अपने शागिर्दों से जो खलबली मचाई वह देखने लायक थी। बागेश्वर धाम के लिए यह एक अनोखा प्रदर्शन रहा। महिला पहलवानों में रुचिका,दया कौर, तानिया सहित सभी 6 महिलाए जालंधर पंजाब एकेडमी की स्टूडेंट हैं। वहीं पुरुष वर्ग में जेटी बाबा, माजा,सहित 14 पहलवानों ने अपने दांवपेच दिखाए। राष्ट्र चेतना के उत्थान में आगे बढ़ें : ऋतंभरा22 फरवरी से 25 फरवरी तक बागेश्वर धाम में साध्वी ऋतंभरा दीदी मां के मंगल प्रवचन सुनने का लोगों को अवसर मिला। यहां आए लाखों लोगों को दीदी मां ने संदेश दिया कि राष्ट्र चेतना के उत्थान में हम सब अपना योगदान दें। दीदी मां ने कहा कि जब राष्ट्र का उत्थान होगा तभी हिन्दू राष्ट्र बनेगा। बीते दो दिनों से बागेश्वर धाम में देश के प्रख्यात संतों का आगमन जारी है। विगत रोज जगतगुरू स्वामी रामानंदाचार्य महाराज के अलावा अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक चिन्मयानंद बापू जी, राज राजेश्वरानंद महाराज लंदन, डॉ. हनुमान ददरूआ सरकार, इंद्रेश उपाध्याय, राजूदास महाराज हनुमानगढ़ी अयोध्या, गीता मनीषी जी शामिल हैं। धाम के कार्यक्रमों को देखकर अभिभूत हूं : विष्णुदेव सायछत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंगलवार को बागेश्वर धाम पहुंचे। उन्होंने बालाजी के दर्शन करने के बाद बागेश्वर महाराज का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत पावन और पुनीत अवसर है कि हमें भी यहां आने का सौभाग्य मिला। उन्होंने बताया कि उनके साथ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, अन्य साथी रामप्रताप सिंह व उनके पुत्र दर्शन करने आए हैं।

केंद्र सरकार की विशेष सहायता से कामकाजी महिलाओं के लिए बनेगा हाॅस्टल

रायपुर   केन्ंद्र शासन की विशेष सहायता से छत्तीसगढ़ में कामकाजी महिलाओं के लिए 6 हाॅस्टल बनाए जाएंगे। इसके लिए केन्द्र  के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 202 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। इनमें राजधानी में तीन के साथ ही नवा रायपुर में सेक्टर-16 में एक और बिलासपुर तथा सिरगिट्टी में सीएसआईडीसी को दो हॉस्टल के लिए राशि दी गई है। राजधानी  रायपुर में  कामकाजी महिलाओंके लिए लगभग 48 करोड़ रुपए की लागत से  तीन वर्किंग वूमन्स हॉस्टल  बनाए  जाएंगे।  इस हॉस्टल की योजना वर्ष 2024 में केंद्र शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। केंद्र  सरकार द्वारा 24 फरवरी को इस प्रस्ताव की मंजूरी दे  दी  गई  है। नगर निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा ने बताया कि 250-250 बेड के इस हॉस्टल के बनने से राजधानी में कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवासीय सुविधा सस्ती दर पर मिलेगी। तीनों हॉस्टल तीन माले की होगी। इनमें से प्रत्येक हॉस्टल में 250-250 बेड का इंतजाम किया जाएगा।   हॉस्टल के कमरे डबल बेडरूम वाले होंगे और उसमें अटैच वासरूम रहेगा। कोशिश रहेगी कि सभी हॉस्टल में मेस की सुविधा रहे, जिससे कामकाजी महिलाओं को नाश्ता व खाने के लिए बाहर न जाना पड़े। ये हॉस्टल रिहायशी इलाकों में ही  बनाए  जाएंगे,जिससे महिलाओं को आने-जाने में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। आयुक्त ने कहा है कि प्रक्रियाओं को तेज करते हुए इन हॉस्टल को एक साल के अंदर तैयार करने की कोशिश की जाएगी। तीनों हॉस्टल की निर्माण एजेंसी निगम रहेगा और इसका संचालन व संधारण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर किया जाएगा। लगभग 10 हजार महिलाएं कर रही काम रोजगार कार्यालय से  अनुसार राजधानी में लगभग 10 हजार महिलाएं बाहर से आकर सरकारी विभागों में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि निजी संस्थानों में यह संख्या बढ़ सकती है।

13 जीवनरक्षक दवाइयां निकली अमानक, मध्य प्रदेश में इनके उपयोग पर लगाई रोक

13 life saving medicines turned out to be substandard, their use banned in Madhya Pradesh इंदौर। भोपाल की ड्रग टेस्टिंग लैब में 13 जीवनरक्षक दवाइयां अमानक निकली हैं। इस कारण इनके उपयोग पर प्रदेश में रोक लगा दी गई है। इनमें से कुछ दवाइयों के सैंपल ड्रग विभाग ने एमवाय अस्पताल से भी सामान्य प्रक्रिया के अंतर्गत लिए थे। मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य सेवा निगम ने जीवनरक्षक दवाएं, सलाइन और सिरिंज अमानक पाए जाने पर तत्काल रोक लगाने के आदेश दिए हैं। यह आदेश प्रदेश के सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग को भेजे हैं। इसमें गर्भवती महिलाओं में हार्मोन बढ़ाने वाली दवाइयों के साथ ही एनेस्थिसिया के इंजेक्शन भी शामिल हैं। आदेश के मुताबिक डेक्सट्रोस 5 प्रतिशत (बैच नंबर- एमपी230801055), नार्मल सलाइन 0.9 प्रतिशत (बैच नंबर-एमपी22063102), डिस्पोजेबल सिरिंज विथ निडल 2 एमएल (बैच नंबर- आर2203171), केटेमाइन हाइड्रोक्लोराइड 10 एमजी (बैच नंबर- वी22197), माइक्रोनाइज्ड प्रोगेस्ट्रोन 100 एमजी (बैच नंबर यूएचटी22004), सोडियम बिकार्बोनेट इंजेक्शन (बैच नंबर-1322038), नाइट्रोग्लिसरिन इंजेक्शन 25 एमजी (बैच नंबर-एआई22328), एस्प्रिन लो डोज 75 एमजी (बैच नंबर-एपीएसटी1012) आदि पर रोक लगाई है। डॉक्टरों पर एमवायएच में भर्ती मरीज से मारपीट का आरोपअक्सर शिकायत आती रहती हैं कि एमवाय अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता है। मंगलवार को ऐसी घटना सामने आई है। आरोप है कि वार्ड में भर्ती एक मरीज के साथ डॉक्टरों ने मारपीट की और बिना इलाज के उसे भगा दिया। मरीज 34 वर्षीय दीपक मोरे निवासी परदेशीपुरा की बस इतनी गलती थी कि वह पैर का पट्टा खोलकर शौचालय गया था। मरीज हाथ जोड़कर छोड़ने की गुहार लगाता रहा, लेकिन डॉक्टर ने जिस पैर में चोट लगी, उसे ही मोड़ दिया। मारपीट का आरोप विभागाध्यक्ष डॉ. कुंदन कुशवाह की यूनिट में जूनियर डॉक्टरों पर लगाया गया है। मामले में अस्पताल अधीक्षक को मरीज की पत्नी ने लिखित शिकायत की है।

भारतीय रेलवे ने कहा है कि मध्य प्रदेश में उत्पादित सभी बिजली को हम खरीदेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश बिजली के मामले में सरपल्स स्टेट है। अब रिन्यूएबल एनर्जी की दिशा में भी मध्य प्रदेश में जबरदस्त काम हो रहा है। मध्य प्रदेश से उत्पादित बिजली को भारतीय रेलवे खरीदेगी। यहां से रेलवे को सबसे सस्ती बिजली मिल रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गत वर्षों में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में तेज गति से वृद्धि हुई है। अब यह हमारी कुल ऊर्जा उत्पादन का 15% हो गई है। सस्ती बिजली बनाने का रेकॉर्ड उन्होंने कहा कि साथ ही मध्यप्रदेश ने सबसे सस्ती बिजली बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया है। प्रदेश के नीमच जिले में स्थापित सोलर परियोजना में 02 रुपए 14 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उत्पादन किया जा रहा है। यह सस्ती बिजली हमारी सरकार भारतीय रेलवे को बेच रही है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। सोलर उर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा विशेष रूप से सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है। रीवा में 750 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क स्थापित किया गया है। इसी प्रकार नीमच में 500 मेगावाट का सोलर पॉवर प्लांट और भारत का सबसे बड़ा पम्पड हाइड्रो पॉवर स्टोरेज प्रोजेक्ट लगाया गया है। यह सबसे सस्ती बिजली का उत्पादन कर रहा है। ओंकारेश्वर में भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट स्थापित किया गया है। बाबई में पहला मैन्युफैक्चरिंग जोन नर्मदापुरम जिले के मुहासा बाबई में भारत का पहला पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन बनाया गया है। पहले इसके क्षेत्र को बढ़ाकर 884 एकड़ किया गया था, अब इसमें 1000 एकड़ क्षेत्र और बढ़ाया जा रहा है। मध्यप्रदेश भारत के 500 गीगावॉट के नवकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। भारतीय रेल खरीदेगी बिजली वहीं, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेश का अच्छा माहौल बना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक भारतीय रेल ऊर्जा के क्षेत्र में “नेट जीरो” हो जाएगी, अर्थात शत-प्रतिशत बिजली पर चलेगी। अभी 97% रेलवे लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन कर लिया गया है। आज मध्यप्रदेश के साथ 170 मेगावाट का पावर परचेज एग्रीमेंट किया गया है, जो अपने आप में अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश जितनी भी अतिरिक्त बिजली उत्पादित करेगा हम खरीदेंगे। वैष्णव ने कहा कि मध्य प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का ऐतिहासिक कार्य चल रहा है। इस क्षेत्र में 01 लाख 4 हजार करोड रुपए का निवेश किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2014 के बाद 2456 किलोमीटर का रेलवे नेटवर्क तैयार किया गया है। गौरतलब है कि प्रदेश में 10 वर्ष पहले मात्र 500 मेगावाट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादित होती थी जो अब 7000 मेगावाट हो गई है। प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर जल, जमीन, वायु और सूर्य का प्रकाश है, वे यहां इन्वेस्ट करें।

देश में सौ दिवसीय गहन टीबी-मुक्त भारत अभियान की शुरुआत, 5 लाख से अधिक टीबी रोगी चिन्हित

नईदिल्ली देश में सौ दिवसीय गहन टीबी-मुक्त भारत अभियान की शुरुआत के बाद से इसने उल्लेखनीय प्रगति की है। 455 रोकथाम वाले जिलों में 3.5 लाख से अधिक टीबी रोगियों की संख्‍या दर्ज की गई है और 10 करोड़ से अधिक कमजोर व्यक्तियों की जांच की गई है। यह त्वरित मामले का पता लगाने के प्रयासों, निदान में देरी को कम करने, दवा प्रतिरोधी मामलों की जल्द पहचान करने और उपचार के परिणामों में सुधार के परिणामस्वरूप हुआ है। 7 दिसंबर, 2024 को हुई 100-दिवसीय गहन टीबी-मुक्त भारत अभियान की शुरुआत केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा द्वारा 7 दिसंबर, 2024 को 100-दिवसीय गहन टीबी-मुक्त भारत अभियान की शुरुआत के बाद से, पूरे भारत में 5.1 लाख से अधिक रोगियों की संख्‍या दर्ज की गई है। टीबी की शुरुआती पहचान के लिए एक नई रणनीति तैयार की गई स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय के अनुसार टीबी के बढ़ते उच्च जोखिम वाले लोगों के लिए जांच उपकरण के रूप में एक्स-रे की पेशकश करके टीबी की शुरुआती पहचान के लिए एक नई रणनीति तैयार की गई थी। अल्ट्रापोर्टेबल हैंड-हेल्ड एक्स-रे के उपयोग और घर-घर जाकर एकत्र सेटिंग्स में पहुंचने के तीव्र प्रयासों के साथ, मधुमेह, धूम्रपान करने वालों, शराब पीने वालों, एचआईवी से पीड़ित लोगों, अतीत में टीबी से पीड़ित लोगों, वृद्ध लोगों, टीबी रोगियों के घरेलू संपर्कों जैसे जोखिम समूहों की पहचान करना और एक्स-रे के साथ लक्षणहीन और लक्षण वाले दोनों की जांच करना और उसके बाद न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्टिंग (एनएएटी) का उपयोग करके पुष्टि करना कई लक्षणहीन टीबी रोगियों की पहचान कर चुका है। अभियान ने उल्लेखनीय प्रगति की है आज तक, अभियान ने उल्लेखनीय प्रगति की है। 455 रोकथाम वाले जिलों में 3.5 लाख से अधिक टीबी रोगियों की संख्‍या दर्ज की गई है और 10 करोड़ से अधिक कमजोर व्यक्तियों की जांच की गई है। यह त्वरित मामले का पता लगाने के प्रयासों, निदान में देरी को कम करने, दवा प्रतिरोधी मामलों की जल्द पहचान करने और उपचार के परिणामों में सुधार के परिणामस्वरूप हुआ है। पहचाने गए लोगों में से, 2.4 लाख रोगियों की संख्‍या सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में दर्ज की गई है जबकि 1.1 लाख की पहचान निजी स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से की गई है। इसके अतिरिक्त, 10 लाख से अधिक निक्षय शिविर आयोजित किए गए हैं और टीबी सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए 836 निक्षय वाहन तैनात किए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सबसे दूरदराज के क्षेत्रों को भी कवर किया जा सके। छाती के एक्स-रे का उपयोग करके 38 लाख से अधिक लोगों की जांच की गई है जिसमें एक बड़ी आबादी शामिल है जिसमें टीबी के सामान्य लक्षण या कोई लक्षण नहीं दिखाई दिए। साथ ही, अभियान पूर्ण उपचार सुनिश्चित करने, तत्काल देखभाल की आवश्यकता वाले रोगियों, अस्पताल में भर्ती, कुपोषित टीबी रोगियों की पहचान करने के लिए अलग टीबी देखभाल को बढ़ाने और कमजोर आबादी के लिए निवारक टीबी उपचार प्रदान करने के लिए काम कर रहा है। वहीं, अभियान के शुभारंभ के बाद से, 2.4 लाख से अधिक निक्षय मित्र पंजीकृत हो चुके हैं और 2.3 लाख से अधिक खाद्य टोकरियाँ वितरित की जा चुकी हैं।  

जयपुर से दिल्‍ली का सफर मात्र 30 मिनट में! देश का पहला हाइपरलूप टेस्‍ट ट्रैक तैयार1100 KM प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ेगी ट्रेन

नई दिल्ली भारत अब भविष्य को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक यातायात सुविधाओं को विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है. इस कड़ी में बुलेट ट्रेन के साथ-साथ अब हाइपरलूप ट्रैक का नाम भी शामिल हो चुका है. इस दिशा में तेजी आगे बढ़ते हुए ही देश में पहली हाइपरलूप टेस्ट ट्रैक को तैयार कर लिया गया है. इस हाइपर लूप के शुरू होने से महज 30 मिनट में 300 किलोमीटर का सफर तय किया जा सकेगा. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे लेकर सोशल मीडिया साइट एक्स एक पोस्ट भी साझा किया है. 422 मीटर के इस हाइपरलूप टेस्ट ट्रैक को IIT मद्रास की मदद से तैयार किया गया है. रेल मंत्री ने टेस्ट ट्रैक के तैयार होने पर बधाई भी दी है. साथ ही कहा है कि ये भविष्य के यातायात को और सुगम बनाएगा. रेल मंंत्री ने हाइपरलूप को लेकर किया सोशल मीडिया पोस्ट आपको बता दें कि हाइपर लूप को भविष्य की तकनीक माना जा रहा है. इस तकनीक के तहत ट्रेन को एक खास ट्यूब में हाई स्पीड में चलाया जा सकता है. उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इसपर ट्रेन के ट्रायल शुरू होंगे. सब कुछ ठीक रहा और भारत में हाइपरलूप ट्रेन की शुरुआत होती है तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट का पूरा ढांचा ही बदल जाएगा. हाइपरलूप ट्रैक आखिर होता क्या है? आसान भाषा में अगर समझना चाहें तो हाइपलूप एक अत्याधुनिक परिवहन प्रणाली है, जो वैक्यूम ट्यूब में विशेष कैप्सूल के जरिए अत्यधिक तेज रफ्तार से यात्रा करने की संभावना प्रदान करती है. वर्जिन हाइपरलूप का टेस्ट 9 नवंबर 2020 को अमेरिका के लास वेगास में 500 मीटर के ट्रैक पर एक पॉड के साथ आयोजित किया गया था.  इसकी रफ्तार 161 किलोमीटर प्रति घंटा थी. भारत में कौन कर रहा है इस तकनीक को विकसित अगर बात भारत में इस तकनीक के विकसित किए जाने की करें तो आईआईटी मद्रास के डिस्कवरी कैंपस में स्थित इस टेस्टिंग ट्रैक को  भारतीय रेलवे, आईआईटी मद्रास की अविष्कार हाइपरलूप टीम और TuTr हाइपरलूप स्टार्टअप की साझेदारी से बनाया गया है. इस ट्रैक की शुरुआत 100 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से की गई थी, और आगामी टेस्ट्स में इसे 600 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तर तक टेस्ट किया जाएगा. यूरोप में इस्तेमाल में लाई जा रही है ये तकनकी विश्व के कई देशों में हाइपरलूप तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. यूरोप में सबसे लंबा हाइपरलूप टेस्ट ट्रैक खुल चुका है. इसे ऑपरेट करने वालों का कहना है कि यह सुविधा आने वाले समय में लोगों के सामने हाइपरलूप की आवश्यकता को और बेहतर तरीके से परिभाषित करेगी. कहा जा रहा है कि वर्ष 2050 तक यूरोप के चारों ओर हाइपरलूप का कुल 10000 किलोमीटर लंबा जाल विकसित हो चुका होगा. क्या है हाइपरलूप हाइपरलूप एक ऐसी तकनीक है, जिसमें ट्रेन को एक खास ट्यूब में टॉप स्पीड पर चलाया जाता है। इस तकनीक की मदद से लोगों को बहुत तेज और सुरक्षित यात्रा का अनुभव होगा। ट्रायल सफल रहने के बाद यह तकनीक भारत के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को पूरी तरह से बदल सकती है। हाइपरलूप एक हाई-स्पीड ट्रंसपोर्ट सिस्टम है, जिसमें पॉड्स को वैक्यूम ट्यूब के भीतर चुंबकीय तकनीक पर चलाया जाता है। घर्षण और वायुगतिकीय दबाव नहीं होने के कारण होता पॉड्स 1100 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकते हैं। इस प्रणाली में ऊर्जा खपत बेहद कम होती है और यह लगभग शून्य प्रदूषण पैदा करती है।

सनातनी युवक से इश्क कर बैठी मुस्लिम युवती, मंदिर में की शादी, अपनाया सनातन धर्म

खंडवा  प्यार, इश्क, मोहब्बतें इन सबमें गहराई से डूब जाने की बातें आज AI के दौर में अगर कोई करे तो लोग इसे बेईमानी करार देंगे। अपने इस प्यार को पाने के लिए उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाली एक युवती ने ऐसा कदम उठाया जिसने उसके पूरे परिवार को सदमे में लाकर रख दिया। अपने प्रेमी को पाने के लिए न सिर्फ परिवार के खिलाफ युवती ने विवाह रचाया बल्कि अपने इस्लाम धर्म का भी त्याग कर दिया। महादेव गढ़ मंदिर पहुंचे प्रेमी जोड़े विवाह करने की लालसा लिए सहाना और संतोष दोनों खंडवा पहुंचे। खंडवा में विवाह करने के लिए महादेवगढ़ संरक्षक अशोक पालीवाल से उन्होंने मुलाकात की। अशोक पालीवाल ने मौके पर महादेवगढ़ मंदिर के पुजारी को बुलाया और युवक से उसकी राय जानी। मुस्लिम धर्म से ताल्लुक रखने के कारण युवक संतोष अपनी प्रेमिका की बात सुनकर पहले थोड़ा हिचकिचाया लेकिन सहाना ने उसके मन में चल रहे द्वंद्व को पढ़ लिया। सहाना ने तत्काल धर्म परिवर्तन करने का फैसला भी ले लिया। संतोष के मन में चल रहे सारे किंतु-परंतु समाप्त हो गए। सहाना से बनीं शारदा खंडवा के महादेवगढ़ मंदिर में पूरे विधि विधान से युवती सहाना का पहले धर्म परिवर्तन करवाया गया और उसको नए नाम से नामांकित भी किया गया। युवती ने इस्लाम धर्म त्याग कर सनातन धर्म को अंगीकार कर लिया। सहाना से बदलकर उसे शारदा नाम दिया गया। शारदा नाम से नामांकित होने के बाद सोमवार शाम को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से अग्नि को साक्षी मानकर युवक युवती ने सात फेरे लिए। दोनों ने अग्नि और महादेव को साक्षी मानकर एक दूसरे से सनातन परंपरा के द्वारा विवाह रचाया और एक दूसरे की गले में वरमाला डाली। भोपाल में युवक युवती की हुई थी दोस्ती उत्तर प्रदेश के देवरिया की रहने वाली सहाना जो अब शारदा बन गई है, उसका भोपाल में अपने रिश्तेदार के यहां आना जाना था। हाल ही में खंडवा की एक मुस्लिम लड़की शमामा इस्लाम से धर्म परिवर्तन कर पहले साधना बनी फिर अपने प्रेमी वीरेंद्र से विवाह रचा लिया। शमामा की हिम्मत वाली कहानी सुनकर सहाना ने भी अपने प्रेमी संतोष से विवाह रचाने के लिए प्रस्ताव रख दिया। सहाना काफी ज़िद कर युवक को अपने साथ खंडवा के महादेवगढ़ लेकर आ गई। यहां पर अपने जीवन की नैया पूरे संतोष के साथ संतोष के हवाले कर दी। महादेवगढ़ मंदिर में पिछले दो महीने में एक दर्जन से ज्यादा लोगों का धर्म परिवर्तन खंडवा के अति प्राचीन महादेवगढ़ मंदिर में पिछले दो महीने की अगर बात करें तो करीब एक दर्जन से ज्यादा लोगों का धर्म परिवर्तन हो चुका है। वह इस्लाम का त्याग कर सनातन में प्रवेश कर चुके हैं।

वस्त्र एवं परिधान एक ऐसा उद्योग है, जो सिन्धु घाटी सभ्यता से स्थापित : शमी राव

भोपाल सचिव, वस्त्र मंत्रालय श्रीमती नीलम शमी राव ने भारत सरकार द्वारा टैक्सटाइल क्षेत्र में निवेश के लिये दी जा रही सुविधाओं एवं महत्वपूर्ण योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा उद्योग है, जो सिन्धु घाटी सभ्यता से स्थापित है। भारत प्राचीनकाल से ही टैक्सटाइल उद्योग में विश्व का अग्रणी देश है। मध्यप्रदेश में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों का एक सशक्त नेटवर्क होने से यह टैक्सटाइल उद्योग के लिये सर्वाधिक अनुकूल है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की नीतियाँ सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों पर केन्द्रित हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के “5-एफ विजन” फार्म, फाइबर, फैक्ट्री, फैशन और फॉरेन पर जोर देते हुए कहा कि देश में उत्पाद मूल्य श्रृंखला के सभी तत्व मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि वस्त्र उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये केन्द्र सरकार देश के विभिन्न राज्यों में 7 पीएम मित्र पार्क स्थापित कर रही है। देश का सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क राज्य के धार जिले में स्थापित किया जा रहा है। इससे एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार एवं 2 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। राज्य ने सूक्ष्म एवं लघु उद्योग स्थापित करने में बेहतर कार्य किया है। सचिव, श्रीमती राव ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन टैक्सटाइल एवं एपेरल पर आयोजित सत्र को संबोधित कर रही थीं। सचिव, वस्त्र मंत्रालय श्रीमती राव ने कहा कि भारत सरकार टैक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिये पीएलआई योजना, नेशनल टैक्सटाइल मिशन, पीएम मित्र योजना एवं समर्थ योजना का संचालन कर रही है। हैण्डलूम और हैण्डीक्रॉफ्ट उद्योगों को विकसित करने के लिये नेशनल हैण्डलूम मिशन का संचालन भी किया जा रहा है। भारत सरकार टैक्सटाइल उद्योगों के स्टार्ट-अप्स को भी सभी सुविधाएँ प्रदान कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया है कि मध्यप्रदेश अपनी बेहतर नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन से टैक्सटाइल उद्योगों के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करेगा। प्रमुख सचिव राजस्व विभाग विवेक पोरवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 3-टी टेक्नोलॉजी, टैक्सटाइल एवं टूरिज्म में से टैक्सटाइल के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में असीम संभावनाएँ हैं। इस क्षेत्र में सर्वाधिक रोजगार सृजन करने की क्षमता है। मध्यप्रदेश द्वारा लांच की गई नवीन टैक्सटाइल नीति में निवेशकों के लिये रिटर्न ऑफ इन्सेंटिव, सब्सिडी, ट्रेनिंग के लिये अतिरिक्त इंसेन्टिव, एफडीआई के प्रावधान किये गये हैं। मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है, जहाँ पर टैक्सटाइल क्षेत्र में निवेश पर रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट सर्वाधिक है। इसके अतिरिक्त ट्रेनिंग और कौशल विकास के लिये अतिरिक्त इंसेन्टिव भी दिये जाते हैं। मध्यप्रदेश में टैक्सटाइल इण्डस्ट्रीज के लिये सर्वाधिक भूमि की उपलब्धता है। यहाँ पर मैन पॉवर मेहनती और अनुशासित है। प्रमुख सचिव पोरवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे शांतिपूर्ण राज्य में से एक है। यहाँ औद्योगिक अशांति की घटनाएँ सबसे कम होती है। राज्य में उद्योगों के लिये पानी और बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है। नवीन इण्डस्ट्रीज स्थापित करने पर सभी प्रकार की अनुमतियाँ सिंगल विण्डो सिस्टम से बहुत कम समय में प्रदान की जाती हैं। उन्होंने कहा कि देश के मध्य में स्थित होने से यहाँ सुगमता से पहुँचा जा सकता है। राज्य की यह सभी विशेषताएँ मध्यप्रदेश को टैक्सटाइल क्षेत्र में निवेश के लिये महत्वपूर्ण स्थान प्रदान करती हैं। सीईओ ओबीटी प्रायवेट लिमिटेड इंगो सोयलर ने कहा कि टेक्निकल नॉन वूवन फेब्रिक बनाने की लीडिंग कम्पनी है। उन्होंने बताया कि टेक्निकल फेब्रिक के वर्तमान वस्त्र उद्योग में कई उपयोग हैं एवं यह तेजी से बढ़ता उद्योग है। उन्होंने बताया कि ओबीटी कम्पनी 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर भोपाल में उद्योग स्थापित कर रही है, जिसका भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किया गया था। उन्होंने बताया कि टैक्सटाइल नीति द्वारा प्रदान की गयी इन्सेंटिव एवं सब्सिडी का लाभ उनकी कम्पनी को मिला है। सोयलर ने अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में भी अवगत कराया। अरविंद ग्रुप के ग्रुप हेड कॉर्पोरेट अफेयर्स डॉ. परम शाह ने बताया कि टेक्निकल टैक्सटाइल उद्योग में अरविंद कम्पनी मध्यप्रदेश में 800 करोड़ से अधिक का निवेश करने जा रही है। उन्होंने बताया कि मेक इन इण्डिया मिशन के सपने को साकार करते हुए उनकी कम्पनी रोजगार के अवसर भी सृजित करेगी। आदित्य बिरला फैशन एवं रिटेल्स के सीईओ आर. स्वामीनाथन ने बताया कि भारत में भारतीय परिधानों का बाजार भी तेजी से विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश फेब्रिक निर्माण में महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। उन्होंने डिजिटल व्यापार पर जोर देते हुए कहा कि ई-कॉमर्स सेक्टर में मध्यप्रदेश में असीम संभावनाएँ हैं। वस्त्र उद्योग में रिसर्च के लिये भी असीम संभावनाएँ हैं। एपीईसी के सेक्रेटरी जनरल मिथलेश्वर ठाकुर ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत@2047 के मिशन को पूरा करने के लिये टैक्सटाइल क्षेत्र का विशेष योगदान रहेगा। भारत को वस्त्र उद्योग के निर्यात को बढ़ाना चाहिये। टैक्सटाइल उद्योग को 150 बिलियन डॉलर से 350 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने के लिये ई-कॉमर्स सहित सभी क्षेत्रों में सामूहिक प्रयास करने चाहिये। डायरेक्टर शेखानी ग्रुप ऑफ कम्पनीज रिनिश शेखानी ने फास्ट फैशन और फास्ट फैशन ब्रॉण्ड की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश द्वारा टैक्सटाइल क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये किये जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। मध्यप्रदेश टैक्सटाइल नीति में वस्त्र निर्माण के लिये आवश्यक फेब्रिक से लेकर उत्पाद तक सभी पहलुओं को शामिल किया गया है। एनआईएफटी के निदेशक समीर सूद ने कहा कि भारत वस्त्र उद्योग में सस्टेनेबल ग्रोथ पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “भारत टैक्स” जैसी पहल से देश का वस्त्र उद्योग समावेशी विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी नीतियाँ अपनानी चाहिये, जिससे पर्यावरण का नुकसान कम हो। मध्यप्रदेश में देश के स्वच्छतम राज्यों से एक है। यहाँ टैक्सटाइल रिसायकिलिंग की संभावनाएँ अधिक हैं।  

आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश और ज्यादा चमकेगाम, मोहन सरकार राज्य को मिनी मुंबई इंदौर का रूप देगी

भोपाल आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश और ज्यादा चमकेगा। प्रदेश की मोहन सरकार पूरे राज्य को मिनी मुंबई इंदौर का रूप देगी। जबकि, इंदौर को दिल्ली-मुंबई तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इतना ही नहीं, मेट्रोपॉलिटन कॉन्सेप्ट के आधार पर कई जिलों को आपस में जोड़कर और बड़ा किया जाएगा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव अब इस योजना पर फोकस कर रहे हैं। उन्होंने राजधानी भोपाल में आयोजित वैश्विक सम्मेलन ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 में इस योजना पर चर्चा की। जीआईएस के दूसरे दिन यानी 25 फरवरी को ‘अनलॉकिंग लैंड वैल्यू इन सिटीज’ सेशन आयोजित किया गया। इस सेशन में शहरों के विकास पर मंथन किया गया। इस सेशन में हरियाणा के पूर्व सीएम और वर्तमान केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर एवं प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद रहे। सेशन में सीएम मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद हमने कई सेक्टर में काम करने का संकल्प लिया। हमने रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव और इंवेस्टर समिट की। इस दौरान प्रदेश में रोजगार, उद्योग और निवेश का वातावरण बनाने का प्रयास किया। यह प्रयोग बहुत अच्छा रहा। इनकी वजह से हमें कई तरह के लाभ मिले। इन्हीं सबके बीच हमें पता चला कि राज्य के छोटे से छोटे स्थान पर भी इंवेस्टर समिट हो सकती है। इससे हमारा कॉन्फिडेंस बढ़ा। हमें पता चला कि नर्मदापुरम जैसी छोटी जगह पर भी निवेश की उम्मीदें हैं। जगह छोटी पर फायदा बड़ा सीएम यादव ने कहा कि कुछ समय पहले हम रिन्यूएबल एनर्जी के उपकरण निर्माण उद्योग के भूमि पूजन के लिए नर्मदापुरम के मुहासा-बाबई गए थे। यहां जब हम औद्योगिक केंद्र का भूमि पूजन कर रहे थे, तो उस वक्त 200 एकड़ जमीन थी। हमारा कार्यक्रम चालू ही था कि 400 एकड़ और जमीन की मांग आ गई। इस तरह जमीन की 800 एकड़ हो गई। हमने जब इस मांग को पूरा किया, तो पता चला कि 800 एकड़ जमीन की और मांग आ गई। यही छोटी-छोटी जगहों पर इंवेस्टर समिट करने का फायदा है। इस तरह बसाएंगे महानगर     मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इंदौर को दिल्ली-मुंबई की तरह बनाना है और बाकी प्रदेश को इंदौर की तरह बनाना है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने निवेश का और काम करने का माहौल बना दिया है।     हम मेट्रोपॉलिटन कॉन्सेप्ट के आधार पर आसपास के जिलों को जोड़ेंगे। भविष्य में इंदौर-उज्जैन-देवास-शाजापुर-पीथमपुर (धार) को जोड़कर इंडस्ट्रियल सेंटर की कल्पना की है।     इस तरह सब मिलाकर लगभग 8000 किलोमीटर का पूरा क्षेत्र मिलाने की योजना है। मेट्रोपॉलिटन की कल्पना में मामले को कानूनी पेंच में उलझाने की बजाए एक आउट लाइन तय की है।     रोड-रेलवे-बिजली-पानी-सीवर लाइन जैसी सुविधाएं मुहैया कराएंगे।     इस तरह 25 सालों में इस क्षेत्र को महानगर के रूप में विकसित करेंगे। इसी तरह भोपाल-सीहोर-विदिशा-रायसेन-नर्मदापुरम का एक हिस्सा मिलाए जाने की कल्पना है। एमपी का चहुंओर विकास होगा- मंत्री विजयवर्गीय नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जिस तरह प्रदेश में निवेश हो रहा है उससे लग रहा है कि राज्य अग्रणी होगा। शहरीकरण देश की जरूरत है। 2047 तक हमारी जनसंख्या बढ़ेगी। चूंकि, हमें कल का प्रदेश बनाना है, इसलिए उस पर चिंतन करना जरूरी है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में सिर्फ दो दिन में 18 नई पॉलिसियों को मंजूरी दी गई। इन पॉलिसियों से प्रदेश का चहुंओर विकास होगा।

मध्य प्रदेश में NHAI 5 वर्षों में 60,000 करोड़ का कार्य करेगा, 40,000 करोड़ के कार्य 5 वर्षों में

भोपाल  मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बीच हाई स्पीड कॉरिडोर और एक्सप्रेस-वे के निर्बाध निर्माण को सुनिश्चित करने का उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता मोओयू हस्ताक्षर हुए हैं. यह एक लाख करोड़ का मोओयू है जो कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी हस्ताक्षर किया गया है. मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में NHAI 5 वर्षों में लगभग 60,000 करोड़ का कार्य करेगा. प्रयास यह होगा कि शेष 40,000 करोड़ के कार्य भी इन 5 वर्षों में आरंभ हो जाए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जीएसआई का जो सफल आयोजन हुआ है, उसमें NHAI और मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के एमओयू का भी अध्याय जुड़ गया है. इस एमओयू के कारण 2037 तक होने वाले निर्माण कार्य आगामी 5 साल में ही हो जाएंगे. मध्य प्रदेश इस प्रकार के कार्य में देश का पहला राज्य बन गया है. सड़क पर दिखेगा MOU का असर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने यह दावा किया है कि इस समझौते का असर सड़क पर दिखेगा. राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेस हाईवे के विकास के लिए एक लाख करोड़ का निवेश किया जाएगा, जिसमें लगभग 4010 किलोमीटर की सड़क का निर्माण होगा. इस समझौते के अंतर्गत हाई स्पीड कॉरिडोर, एक्सेस कंट्रोल, सिक्स लेन, एग्जैक्टिंग रोड के अलावा विकास के द्वार खुलेंगे. इन राज मार्गों दिखेगा असर लोक निर्माण मंत्री के मुताबिक भोपाल जबलपुर ग्रीन फील्ड हाई स्पीड कॉरिडोर, प्रयागराज- जबलपुर- नागपुर एक्सप्रेस वे, लखनादौन-रायपुर एक्सप्रेस, आगरा-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग, उज्जैन-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग, इंदौर रिंग रोड, जबलपुर-दमोह राष्ट्रीय राजमार्ग, सतना-चित्रकूट राष्ट्रीय राजमार्ग, रीवा-सिद्धि राष्ट्रीय राज्य मार्ग और ग्वालियर शहर के पश्चिमी छोर पर फोरलेन बाईपास सहित कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजना का विकास किया जाएगा.

निवेशकों और मेहमानों ने जोन में स्थानीय व्यंजनों का अतिथियों ने उठाया लुत्फ

भोपाल ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 में आए विदेशी और स्वदेशी निवेशकों के लिये मानव संग्रहालय परिसर में “एक जिला-एक उत्पाद” जोन बनाया गया। यह जोन एक जिला-एक उत्पाद योजना में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से चयनित उत्पादों के परिचय और निवेश को आकर्षित करने के लिये बनाया गया। समिट में मध्यप्रदेश के एक जिला-एक उत्पाद योजना में स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने की दृष्टि से “वन ड्रिस्ट्रिक-वन प्रोडक्ट विलेज” की वृहद प्रदर्शनी भी लगाई गई। जीआईएस में शामिल विदेशी निवेशकों और मेहमानों के लिये यह जोन विशेष आकर्षण का केन्द्र रहा। निवेशकों ने ओडीओपी जोन में अलग-अलग जिलों के चयनित उत्पादों को देखा, समझा और सराहा। ओडीओपी जोन में दिखी प्रदेश की रंग-बिरंगी लोक संस्कृति की झलक मानव संग्रहालय परिसर के स्थित ओडीओपी जोन में विदेशी निवेशकों और मेहमानों को प्रदेश की रंग-बिरंगी लोक संस्कृति की झलक दिखाई गई। बुंदेलखंड के बधाई, बैतूल के कोरकू समुदाय का गडली सुसुन नृत्य, बांसूरी की मधुर तान, ढोल और झुंझुरी की थाप ने पूरे माहौल को आनंदित कर दिया। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकारों ने रंग-बिरंगे परिधानों से सजकर लोक नृत्य की प्रस्तुतियां दी। ओडीओपी जोन देखने आए निवेशकों और मेहमानों ने लोक कलाकारों का तालियों से उत्साहवर्धन किया और सेल्फी भी खिंचवाई। आतिथियों ने स्थानीय उत्पादों को सराहा, व्यंजनों का उठाया लुत्फ ओडीओपी जोन में प्रदेश के विभिन्न जिलों के विशिष्ट उत्पाद जैसे ग्वालियर सैंड स्टोन, बुरहानपुर केले के प्रोडक्ट, बैतूल मैटल की सजावट सामग्री, शिवपुरी जैकेट, सीहोर लकड़ी के खिलौने आदि उत्पादों का अवलोकन किया। सभी ने उत्पादों की गुणवत्ता और रचनात्मकता की सराहना की। मेहमानों ने बुंदेली, मालवी और परम्परागत जनजातीय व्यंजनों का लुत्फ उठाया। ओडीओपी में शामिल है 52 जिलों के विशिष्ट उत्पाद ओडीओपी योजना के अंतर्गत किसी क्षेत्र विशेष के विशेष उत्पादों को उनके भौगोलिक, जैविकीय, प्राकृतिक या उत्पादन की विशेषताओं के कारण शामिल किया जाता है। योजना में ऐसे उत्पादों का चयन कर उनके संरक्षण और संवर्द्धन के विशेष सरकारी प्रयास किये जाते है। इस समय मध्यप्रदेश के 52 जिलों में ओडीओपी योजना संचालित है, जिनमें हरी सब्जी, मोटे अनाज, क्राफ्टकला हथकरघा, हस्तशिल्प, उपकरण आदि शामिल है। अब तक प्रदेश के 19 उत्पादों को मिला है जीआई टैग प्रदेश सरकार द्वारा स्थानीय कलाकारों और उत्पादों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 19 विशिष्ट उत्पादों को अब तक जीओ-ग्राफिकल इंडीकेशन्स (जीआई) टैग प्रदान किये गये है। इसमें चंदेरी साड़ी, बाग प्रिंट, नागपुरी संतरा, रतलामी सेंव, कड़कनाथ मुर्गा, चिन्नौर चावल, बुटिक प्रिंट, स्टोन क्राफ्ट, लेदर टॉय, बेल मेटल वेअर, महेश्वरी साड़ी, महोबा देशवारी पान, मुरैना गजक, सुंदरजा आम, शरबती गेहूँ, गोंड पेंटिंग, रॉट आयरन क्राफ्ट, हेन्डमेड कारपेट, वारासिवनी की हेंडलूम साड़ी शामिल है। इनमें से 7 उत्पाद ओडीओपी योजना में भी शामिल है।  

20 फ़रवरी से 31 मार्च तक संचालित है ‘निरोगी काया अभियान’: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

30 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिक अभियान का अवश्य लें लाभ : उप मुख्यमंत्री शुक्ल जन-प्रतिनिधियों, समाज सेवियों और आमजन से सहभागिता की अपील की : उप मुख्यमंत्री शुक्ल 20 फ़रवरी से 31 मार्च तक संचालित है ‘निरोगी काया अभियान’: उप मुख्यमंत्री शुक्ल डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और फैटी लिवर जैसी असंक्रामक बीमारियों (एनसीडी) की हो रही है निःशुल्क जांच भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व में 20 फरवरी से 31 मार्च 2025 तक ‘निरोगी काया अभियान’ संचालित किया जा रहा है। इस महाभियान के तहत प्रदेश में 12 हज़ार से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों, जन आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिकों में 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की मधुमेह (डायबिटीज), रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) और फैटी लिवर जैसी प्रमुख असंक्रामक बीमारियों (एनसीडी) की निःशुल्क जांच की जा रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आमजनों, जन-प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रशासन से इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने आसपास के नागरिकों को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्रेरित करें, अभियान की मॉनिटरिंग करें और जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचाने में सहायता करें। उन्होंने सभी नागरिकों से अनुरोध किया कि वे अपने नजदीकी जन आरोग्य मंदिर, संजीवनी क्लिनिक या स्वास्थ्य केंद्र पर पहुँचकर अपनी निःशुल्क जांच अवश्य करवाएँ। स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएँ रविवार को छोड़कर सप्ताह में 6 दिन उपलब्ध हैं। अतः सभी नागरिकों से अनुरोध है कि अपना और अपने परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएँ और गंभीर बीमारियों से बचाव करें। समय पर जांच से रोगों के जटिल होने से पूर्व ही सहजता से होता है पूर्ण उपचार उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को असंक्रामक बीमारियों की रोकथाम और समय पर पहचान के प्रति जागरूक करना है। अक्सर यह देखा गया है कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप और फैटी लिवर जैसी बीमारियाँ आरंभिक अवस्था में लक्षणहीन होती हैं, जिससे लोग इन्हें पहचान नहीं पाते और समय पर इलाज नहीं हो पाता। यह समस्या खासकर ग्रामीण और सुदूर इलाकों में अधिक देखने को मिलती है। ऐसे में जब बीमारी बढ़ जाती है, तो मरीजों को गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का सामना करना पड़ता है। इस अभियान के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रदेश के हर व्यक्ति तक आवश्यक स्वास्थ्य जांच और उपचार सेवाएँ पहुंचें। अब तक 8 लाख नागरिकों की हो चुकी है निःशुल्क जांच उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि निरोगी काया अभियान के तहत अब तक 6 लाख लोगों की मधुमेह और रक्तचाप की जांच पूरी की जा चुकी है, जबकि 2 लाख लोगों की फैटी लिवर की जांच हो चुकी है। यह आँकड़े इस अभियान की सफलता को दर्शाते हैं और इस बात को प्रमाणित करते हैं कि नागरिकों में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet