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दीनदयाल रसोई योजना में अब तक 4 करोड़ से अधिक भोजन थाली जरूरतमंदों को उपलब्ध कराई जा चुकी

भोपाल प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में व्यवसाय और श्रम कार्य के लिये ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले गरीब परिवारों को नगरीय एवं आवास विभाग द्वारा रियायती दर मात्र 5 रुपये में थाली उपलब्ध करायी जा रही है। प्रदेश में संचालित दीनदयाल रसोई योजना का 3 चरणों में विस्तार किया गया है। योजना में अब तक 4 करोड़ से अधिक भोजन थाली जरूरतमंदों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। वर्तमान में 124 नगरीय निकायों में 191 रसोई केन्द्र संचालित हो रहे हैं। इनमें 166 स्थायी और 25 चलित रसोई केन्द्रों से शहरी जरूरतमंदों को भोजन थाली उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश के 16 नगर निगमों में 58 स्थायी रसोई केन्द्र, 99 नगरपालिका परिषद में 99 स्थायी रसोई केन्द्र और 9 नगर परिषदों में 9 स्थायी रसोई केन्द्र संचालित हो रहे हैं। प्रदेश में संचालित 25 चलित रसोई केन्द्र में से 16 नगर निगमों में 23 चलित रसोई केन्द्र और 2 नगरपालिका परिषद में 2 चलित रसोई केन्द्र संचालित हो रहे हैं। नगरीय निकायों में चलित रसोई केन्द्र की सुविधा इसलिये प्रारंभ की गई है कि जरूरतमंदों को उनके श्रम स्थान पर पहुंचकर ही भोजन थाली उपलब्ध कराई जा सके। संस्था को दी जाने वाली अनुदान राशि नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा रसोई योजना संचालित करने वाली संस्था को विभाग द्वारा प्रति थाली 10 रुपये अनुदान राशि उपलब्ध करायी जा रही है। रसोई योजना का संचालन प्रतिदिन प्रात: 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक रसोई केन्द्र में स्वच्छता के साथ किये जाने की व्यवस्था की गयी है। व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी नगरीय निकायों के अमले को सौंपी गयी है। शहरी क्षेत्र में 25 चलित रसोई केन्द्रों के लिये सुसज्जित वाहन विभाग द्वारा नगरीय निकायों को दिये गये हैं। प्रदेश के 6 धार्मिक नगरों मैहर, चित्रकूट, ओंकारेश्वर, महेश्वर, ओरछा और अमरकंटक में भी रसोई केन्द्र की व्यवस्था की गयी है। इन धार्मिक नगरों में बड़ी संख्या में निर्धन वर्ग के श्रद्धालु इन स्थानों पर पहुंचते हैं। विभाग द्वारा योजना के विस्तार के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।  

जीआईएस के दौरान गजब संभाला ट्रैफिक, 48 घंटों में रेगुलर फ्लाइट्स के साथ आए 52 जेट्स

भोपाल  राजधानी के राजा भोज एयरपोर्ट ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के दौरान कमाल का काम दिखाया। एयरपोर्ट ने कई विमानों की आवाजाही को बड़ी कुशलता से संभाला। इस दौरान एक अंतर्राष्ट्रीय उड़ान और 52 प्राइवेट जेट (आने और जाने दोनों) एयरपोर्ट पर आए। लगभग 15 प्राइवेट जेट 24 और 25 फरवरी को एयरपोर्ट पर ही रुके रहे। किसी भी तरह की उड़ानों के लिए तैयार एयरपोर्ट भोपाल एयरपोर्ट के डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया कि दुबई से एक चार्टर्ड फ्लाइट आई थी। अवस्थी ने कहा, ‘सभी उड़ानों को पूरी सुविधाएं दी गईं।’ नियमित उड़ानें भी इन अतिरिक्त उड़ानों के साथ बिना किसी रुकावट के चलती रहीं। अवस्थी ने यह भी कहा, ‘अब हम किसी भी तरह की उड़ानों के लिए पूरी तरह तैयार हैं, भोपाल एयरपोर्ट ने यह साबित कर दिया है।’ कमाल का दिखा मैनेजमेंट GIS के दौरान, एयरपोर्ट स्टाफ ने दुबई से आए एक इंटरनेशनल चार्टर्ड फ्लाइट और बीस प्राइवेट जेट्स को संभालने के लिए बहुत अच्छा तालमेल दिखाया। दुबई की फ्लाइट में तीन यात्री थे जो समिट में शामिल होने आए थे। एयरपोर्ट पर 24 और 25 फरवरी को काफी ज़्यादा काम का बोझ था, क्योंकि पंद्रह प्राइवेट जेट रात भर वहीं खड़े रहे। इतनी व्यस्तता के बावजूद, एयरपोर्ट ने अपनी नियमित व्यावसायिक उड़ानों का शेड्यूल बिना किसी देरी या रुकावट के बनाए रखा। बिना रुके काम करती रहीं टीम ग्राउंड हैंडलिंग टीम ने बिना रुके काम किया ताकि सभी काम सुचारू रूप से चलते रहें। उन्होंने सभी विमानों के लिए ईंधन भरने, मेंटेनेंस चेक और यात्रियों की देखभाल जैसी सभी ज़रूरी सेवाएं दीं। एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर ने बढ़े हुए टेकऑफ़ और लैंडिंग को बड़ी कुशलता से मैनेज किया। अवस्थी ने आगे बताया, ‘एयरपोर्ट का इंफ्रास्ट्रक्चर एक साथ कई तरह के विमानों को संभालने के लिए पर्याप्त साबित हुआ। पार्किंग बे में प्राइवेट जेट के साथ-साथ नियमित व्यावसायिक विमानों के लिए भी जगह रही। टर्मिनल बिल्डिंग ने अतिरिक्त यात्रियों को सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए कुशलता से संभाला।’

6 किमी लंबे ‘सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर’ पर इंदौर में यात्री सेवा मार्च में शुरू

इंदौर  6 किमी लंबे ‘सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर’ पर इंदौर में यात्री सेवा शुरू हो सकती है। भोपाल में भी मेट्रो का काम चल रहा है, लेकिन कुछ देरी हो रही है। इस देरी का कारण भोपाल में प्रायोरिटी कॉरिडोर का विस्तार और कुछ ज़रूरी निर्माण कार्य हैं। दोनों शहरों में एक साथ मेट्रो का काम शुरू हुआ था, लेकिन इंदौर अब आगे निकल गया है। इंदौर में सुरक्षा जांच पूरी हो चुकी है, जबकि भोपाल में अभी कुछ महीने और लगेंगे। एक साथ शुरु हुआ था प्रोजेक्ट इंदौर और भोपाल, दोनों शहरों में मेट्रो परियोजना एक साथ शुरू हुई थी। लेकिन, अब इंदौर भोपाल से आगे निकल गया है। इंदौर में 6 किलोमीटर लंबे ‘सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर’ पर अगले महीने, यानी मार्च के आखिरी हफ़्ते में यात्री सेवा शुरू होने की उम्मीद है। इस कॉरिडोर पर पांच मेट्रो स्टेशन बनाए गए हैं। इंदौर मेट्रो ने सभी ज़रूरी परीक्षण और जांच पूरी कर ली हैं। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम ने भी निरीक्षण कर लिया है। बस अब उनकी तरफ से NOC मिलना बाकी है। लखनऊ से बोगी लेकर आती है टीम अब उम्मीद है कि अगले महीने मेट्रो कंपनी पूरे ट्रैक का परीक्षण करवाने के लिए रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) को बुला सकती है। RDSO लखनऊ से अपनी तकनीकी उपकरणों के साथ एक पूरी बोगी में आता है। RDSO के परीक्षण के बाद ही मेट्रो सेवा शुरू करने की अनुमति मिलती है। भोपाल में भी तेजी पकड़ रहा काम भोपाल में भी मेट्रो का काम तेज़ी से चल रहा है, लेकिन अभी कुछ समय और लगेगा। भोपाल का प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किमी लंबा है, जो इंदौर से थोड़ा बड़ा है। शुरुआत में भोपाल में सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक ही मेट्रो चलाने की योजना थी। लेकिन बाद में इस कॉरिडोर को एम्स तक बढ़ा दिया गया। इसके अलावा, रेलवे लाइन के ऊपर पुल बनाने का काम भी जुड़ गया। इन वजहों से भोपाल मेट्रो में देरी हो रही है। अफसरों ने बताया कि मेट्रो शुरू होने में अभी 5 महीने और लग सकते हैं। एनओसी मिलते ही शुरु हो जाएगी सेवा भोपाल मेट्रो के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने एक बयान में बताया कि इंदौर में बस CMRS की NOC का इंतज़ार है। NOC मिलते ही यात्री सेवा शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि भोपाल में प्रायोरिटी कॉरिडोर का सिविल वर्क लगभग पूरा होने वाला है। सुभाष नगर डिपो में भी अभी 20% काम बाकी है। सुभाष नगर से आरकेएमपी स्टेशन तक ट्रायल रन हो चुका है। आरकेएमपी से एम्स तक ट्रैक बनाने में लगभग 17 महीने लग गए। भोपाल में आरओबी की अनुमति में लगा समय इन 17 महीनों में सबसे ज़्यादा समय गणेश मंदिर के सामने रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) की अनुमति लेने में लगा। इसमें लगभग 9 महीने लग गए। इस दौरान रेलवे से अनुमति लेनी पड़ी और स्टील का पुल बनाना पड़ा।

2 लाख का इनाम जीतो, रील बनाने पर सरकार देगी पैसा, बस करना होगा ये काम

भोपाल मध्यप्रदेश मे अब राज्य सरकार रील बनाने पर युवाओं को पैसा देगा. रील प्रतियोगिता के तहत सरकार युवाओं को दो लाख रुपए तक की प्रोत्साहन राशि देगी. दरअसल, राज्य सरकार की तरफ से स्वच्छ एमपी रील प्रतियोगिता की घोषणा की गई है. इसके लिए प्रतिभागियों को 15 अप्रैल तक गांवों में कचरे से जुड़ी जागरूकता पर रील बनाकर सरकार द्वारा निर्धारित लिंक पर अपलोड करनी होगी. पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने प्रतियोगिता की घोषणा करते हुए कहा कि, प्रदेशभर से प्राप्त रीलों में से सर्वश्रेष्ठ पांच प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा. नकद पुरस्कार दिया जाएगा आपको बता दें कि MP पंचायत एवं ग्रामीण विकास ने स्वच्छता पर रील बनाने वाले को इनाम देने का ऐलान किया है। 15 अप्रैल तक गांवों में कचरे से जुड़ी जागरूकता पर रील बनाना होगा। इस प्रतियोगिता के तहत राज्य सरकार युवाओं को 2  लाख रुपए तक की प्रोत्साहन राशि देगी। प्रदेशभर से प्राप्त रीलों में से सर्वश्रेष्ठ 5  प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा। पहला पुरस्कार 2  लाख रुपए, दूसरा पुरस्कार 1 लाख रुपए, तीसरा पुरस्कार 50 हजार रुपए और 25-25 हजार रुपए के 2  सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे। रील बनाकर भेज सकते हैं आपको बतादें कि इस संबंध में कैबिनेट मिनिस्टर प्रहलाद पटेल ने जानकारी देते हुए कहा कि गांवों में कचरा न फैले, इसके लिए कचरा प्रबंधन पर सभी को साथ मिलकर काम करना होगा। इस उद्देश्य से स्वच्छ एमपी रील प्रतियोगिता शुरू कर रही है। प्रतियोगिता के तहत नौजवान बेटे-बेटियां और अभिभावक स्वच्छता और अच्छी आदतों पर रील बनाकर भेज सकते हैं। मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि, गांवों में कचरा न फैले, इसके लिए कचरा प्रबंधन पर सभी को साथ मिलकर काम करना होगा. इस उद्देश्य से स्वच्छ एमपी रील प्रतियोगिता शुरू की जा रही है. इस प्रतियोगिता के तहत नौजवान बेटे-बेटियां और अभिभावक स्वच्छता और अच्छी आदतों पर रील बनाकर भेज सकते हैं.  रील बनाने पर मिलेगा इनाम प्रहलाद पटेल ने कहा इस पहल से न केवल प्रतिभागी आर्थिक पुरस्कार प्राप्त करेंगे, बल्कि समाज को जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. इसलिए सभी से अनुरोध है कि, एक बार कैमरा उठाएं और स्वच्छता के संदेश के साथ रील बनाने के लिए आगे आएं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन की कल्पना की थी. इसी को साकार करने के लिए सरकार ने ‘कचरा नहीं, यह कंचन है’ का संदेश दिया है. यदि कचरे को सही तरीके से अलग किया जाए, तो यह आय का भी स्रोत बन सकता है.  इस लिंक पर करें अपलोड स्वच्छता के प्रति जागृति संबंधी रील बनाकर https://mp.mygov.in/task/swachh-madhya-pradesh-reel-making-contest… पर रजिस्ट्रेशन कर रील अपलोड करना होगा. इसमें प्रथम पुरस्कार की राशि 2 लाख रुपए है. मंत्री प्रहलाद पटेल से आग्रह किया है कि ‘स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ‘स्वच्छ एमपी रील प्रतियोगिता’ में भाग लेकर http://mp.mygov.in पर 15 अप्रैल तक अपलोड करें. बता दें कि पहला पुरस्कार दो लाख रुपए, दूसरा पुरस्कार एक लाख रुपए और तीसरा पुरस्कार 50 हजार रुपए दिलाएगा. इसके अलावा 25-25 हजार रुपए के दो सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे.

विदिशा में गेहूं खरीदी की तारीख बदली, 15 की जगह 1 मार्च से शुरू होगी खरीदी, 200 केंद्र तैयार

भोपाल  समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय की तैयारी में जुटे किसानों के लिए यह जरूरी खबर है. प्रदेश में एक मार्च से गेहूं खरीदी शुरू होने जा रही है, लेकिन दो मार्च से प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. प्रदेश के पश्चिम-उत्तरी हिस्सों के किन इलाकों में बारिश होगी, आज देर शाम तक मौसम केंद्र इसका आकलन जारी करेगा. मौसम केंद्र से जारी अलर्ट के अनुसार मार्च के पहले सप्ताह में मध्यप्रदेश के पश्चिम-उत्तरी हिस्से में हल्की बारिश होने के आसार हैं. वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने से ऐसी स्थिति निर्मित हुई है. दो मार्च से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है. फिलहाल प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर है. मौसम केंद्र के अनुसार प्रदेश के किन-किन हिस्सों में बारिश के आसार हैं, इसका सटिक आकलन आज देर शाम और कल जारी किया जाएगा. बता दें कि प्रदेश में गर्मी की दस्तक ने आभास करा दिया है. इस बीच बारिश का अलर्ट होने से कुछ दिन और तापमान स्थिर रहने का अनुमान है. इधर, प्रदेश में गेहूं की फसल तैयार है. किसान एक मार्च से समर्थक मूल्य पर होने जा रही गेहूं खरीदी केंद्रों पर अपनी उपज लाने की तैयारी कर रहे हैं. इस साल सरकार ने 80 लाख टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य तय किया है. केंद्र सरकार ने 2425 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तय किया है. विदिशा में गेहूं खरीदी की तारीख बदली विदिशा जिले में इस साल गेहूं की सरकारी खरीदी में बदलाव किया गया है। हर साल 15 मार्च से शुरू होने वाली खरीदी इस बार 1 मार्च से ही शुरू होगी। किसानों के लिए पंजीयन की प्रक्रिया 31 मार्च तक चलेगी। जिले में अभी गेहूं की कटाई शुरू नहीं हुई है। मार्च के पहले सप्ताह में कटाई तेज होने की उम्मीद है। इसके बाद किसान अपनी उपज खरीदी केंद्रों पर ला सकेंगे। प्रशासन ने इस बार 200 खरीदी केंद्र स्थापित किए हैं। किसानों के पंजीयन के लिए 728 केंद्र बनाए गए हैं। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने खरीदी की तैयारियों की समीक्षा बैठक ली थी। उन्होंने सभी खरीदी केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रति क्विंटल इतने रुपए होगा दाम  1 मार्च से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस साल किसानों को प्रति क्विंटल 2600 रुपये का भुगतान किया जाएगा, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से 150 रुपए और राज्य सरकार की ओर से 175 रुपए का बोनस शामिल है। जिले में कुल 91 खरीदी केंद्र होंगे, जहां से गेहूं की खरीदी की जाएगी। इस वर्ष 20,955 किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण करवाया है, और अब यह प्रक्रिया पूरी तरह से तैयार है। किसानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य मिल सके, इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार ने सभी कदम उठाए हैं। किसानों को उनकी मेहनत का सही भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने खरीदी केंद्रों पर आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखा है, ताकि किसी भी किसान को परेशानी का सामना न करना पड़े। खरीदी केंद्रों पर होंगी शानदार सुविधाएं इंदौर कलेक्टर कार्यालय में आयोजित एक बैठक में इन तैयारियों का मूल्यांकन किया गया, जिसमें अपर कलेक्टर गौरव बेनल, जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन, और इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ आर.पी. अहिरवार सहित अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी किसान को समस्याओं का सामना न करना पड़े और खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चले। मार्च से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी, प्रति क्विंटल इतने रुपए होगा दाम इस बार के खरीदी अभियान में प्रशासन ने किसानों की सुविधा को सर्वोपरि रखा है। पिछले वर्षों में किसानों को लंबी कतारों और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार सभी व्यवस्थाएं पहले से सुचारू की गई हैं। खरीदी केंद्रों पर तौल कांटे, बारदाना (बोरियां), पेयजल, बैठने की उचित व्यवस्था और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। निष्पक्ष और समय पर भुगतान मध्य प्रदेश सरकार ने कृषि उपज की खरीदी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अहम कदम उठाए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को बिना किसी देरी के उनका उचित मूल्य देना है। अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि खरीदी केंद्रों पर कोई भी अनियमितता न हो और भुगतान निश्चित समय पर किसानों के खाते में किया जाए। इस साल गेहूं की खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और सुव्यवस्थित किया गया है, जिससे किसानों को दलालों और बिचौलियों से बचाया जा सके। अब सभी किसानों की उपज का पूरी तरह से रिकॉर्ड रखा जाएगा और उनके बैंक खातों में सीधे भुगतान किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके। गेहूं की खरीदी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी     खरीदी की शुरुआत: 1 मार्च 2025     कुल खरीदी केंद्र: 91 (इंदौर जिले में)     समर्थन मूल्य (MSP): ₹2,600 प्रति क्विंटल     पंजीकृत किसान: 20,955     तौल और भुगतान: तुलाई और भुगतान की प्रक्रिया उसी दिन की जाएगी  

प्रदेश अध्यक्ष की लिस्ट में सबसे आगे नरोत्तम मिश्रा, वीडी शर्मा को रिपीट करने की कम है संभावना

भोपाल  मध्यप्रदेश बीजेपी में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह और कैलाश विजयवर्गीय के बीच हुई गुप्त बैठक के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है। यह बैठक भोपाल स्टेट हैंगर पर हुई। चर्चा है कि मार्च के पहले हफ्ते में मध्य प्रदेश बीजेपी के नए अध्यक्ष की घोषणा हो सकती है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव भी 20 मार्च तक होने की संभावना है। इसके लिए आधे राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होना जरूरी है। वीडी शर्मा के वापस आने का चांस कम वीडी शर्मा को संसद की याचिका समिति में जगह मिलने से उनके दोबारा अध्यक्ष बनने की संभावना कम हो गई है। बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि पार्टी ने शर्मा को यह पद देकर उन्हें अध्यक्ष पद से दूर रखने का संकेत दे दिया है। ऐसे में नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। वे इस रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष बनने की लिस्ट में ये भी आगे अब लिस्ट में सबसे आगे नरोत्तम मिश्रा और कैलाश विजयवर्गीय के अलावा फग्गन सिंह कुलस्ते, सुमेर सिंह सोलंकी, हिमाद्री सिंह, दुर्गादास उइके, हेमंत खंडेलवाल, अर्चना चिटनिस, रामेश्वर शर्मा और आलोक शर्मा जैसे कई नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। अंतिम चरण में है तलाश मध्यप्रदेश बीजेपी में नए कप्तान की तलाश अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। कई दिनों से टल रहे इस चुनाव को लेकर अब तेजी आ गई है। इसका सबसे बड़ा कारण केंद्रीय मंत्री अमित शाह और बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के बीच हुई एक गुप्त बैठक है। यह बैठक भोपाल के स्टेट हैंगर पर हुई, जहां शाह ने विजयवर्गीय को फ़ोन करके बुलाया था। इसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। माना जा रहा है कि इस बैठक में नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर मंथन हुआ है। हालांकि, इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सबसे ज्यादा चर्चा में नरोत्तम मिश्रा इस गुप्त बैठक के बाद से ही पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम सबसे ज़्यादा चर्चा में है। सूत्रों की मानें तो विजयवर्गीय ने शाह के सामने नरोत्तम मिश्रा के नाम का प्रस्ताव रखा है। ऐसी भी खबरें हैं कि पार्टी कैलाश विजयवर्गीय को भी यह मौका दे सकती है। मार्च के पहले हफ्ते तक प्रदेश बीजेपी को नया अध्यक्ष मिल सकता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी होना है चुनाव बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव भी 20 मार्च तक होने की संभावना है। देश के लगभग 12 राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव हो चुके हैं। अभी भी 6 राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है। इन्हीं चुनावों के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। देश में कुल 18 राज्य हैं, जहां बीजेपी की सरकार है या फिर प्रमुख विपक्षी दल है। इसलिए 9 राज्यों में चुनाव पूरा होना अनिवार्य है।

करोड़ों EPFO के सब्सक्राइबर्स को लगेगा तगड़ा झटका! इंटरेस्ट रेट पर चल सकती है कैंची

नई दिल्ली  प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले करोड़ों लोगों को झटका लग सकता है। ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की आज  मीटिंग होगी जिसमें फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए पीएफ पर इंटरेस्ट रेट का फैसला होगा। बिजनस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक पीएफ के लिए ब्याज दर में कटौती की जा सकती है। इसकी वजह यह है कि स्टॉक मार्केट और बॉन्ड यील्ड से ईपीएफओ की कमाई में गिरावट आई है। साथ ही ज्यादा दावों का सेटलमेंट किया गया है। पिछली बार इसे बढ़ाकर 8.25% किया गया था। उससे पहले 2022-23 में पीएफ सब्सक्राइबर्स को 8.15% ब्याज दिया गया था। ईपीएफओ के बोर्ड की इनवेस्टमेंट कमेटी की पिछले हफ्ते बैठक हुई थी। इसमें ईपीएफओ के इनकम और एक्सपेंडीचर प्रोफाइल पर चर्चा हुई ताकि बोर्ड को ईपीएफ इंटरेस्ट रेट की सिफारिश की जा सके। बोर्ड में शामिल कर्मचारियों के एक प्रतिनिधि ने बताया कि इस साल इंटरेस्ट रेट पिछले साल के मुकाबले कम हो सकता है। इसकी वजह यह है कि हाल के महीनों में बॉन्ड यील्ट में गिरावट आई है। ऐसे में अगर ज्यादा ब्याज दिया जाता है तो फिर ईपीएफओ के पास कोई सरप्लस नहीं रह जाएगा। कब मिला सबसे ज्यादा ब्याज प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों की बेसिक सैलरी पर 12% की कटौती ईपीएफ खाते के लिए की जाती है। साथ ही कंपनी भी इतना ही पैसा कर्मचारी के पीएफ खाते में जमा करती है। ईपीएफओ के करीब सात करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक EPFO ने 2024-25 में 5.08 करोड़ से ज्यादा क्लेम निपटाए हैं। इन क्लेम की कुल राशि ₹2.05 लाख करोड़ है। 2023-24 में 4.45 मिलियन क्लेम निपटाए गए थे, जिनकी कुल वैल्यू ₹1.82 लाख करोड़ थी। मतलब इस साल लोगों ने अपने PF अकाउंट से पैसा ज्यादा पैसा निकाला है। साथ ही स्टॉक मार्केट और बॉन्ड से ईपीएफओ को कम कमाई हुई है। 1952-53 में ईपीएफओ की ब्याज दर 3% थी। धीरे-धीरे बढ़ते हुए 1989-90 में यह 12% तक पहुंच गई। यह अब तक की सबसे ज्यादा ब्याज दर थी। साल 2000-01 तक यही ब्याज दर रही। उसके बाद 2001-02 में यह घटकर 9.5% हो गई। साल 2005-06 में यह और गिरकर 8.5% पर आ गई। फिर 2010-11 में ब्याज दर को बढ़ाकर 9.50% किया गया। लेकिन 2011-12 में इसे फिर से घटाकर 8.25% कर दिया गया। 2021-22 में यह सबसे कम 8.10% तक पहुंच गई थी।

28 फरवरी शुक्रवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- मेष राशि वालों का मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। परिश्रम अधिक रहेगा। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों का मन प्रसन्न तो रहेगा, फिर भी बातचीत में संयत रहें। व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। आय में वृद्धि होगी, परंतु स्थान परिवर्तन हो सकता है। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। शैक्षिक कार्यों के प्रति सचेत रहें। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। स्थान परिवर्तन हो सकता है। लाभ में वृद्धि होगी। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन में नकारात्मक विचारों से बचें। वाणी में मधुरता रहेगी। फिर भी धैर्यशीलता बनाए रखें। नौकरी में बदलाव की संभावना बन रही है। आय में वृद्धि होगी। सिंह राशि- सिंह राशि वालों का मन परेशान हो सकता है। सेहत का ध्यान रखें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। परिश्रम अधिक रहेगा। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव के योग बन रहे हैं। कन्या राशि- कन्या राशि वालों का मन परेशान रहेगा। संयत रहें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। भागदौड़ अधिक रहेगी। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। खर्चों में वृद्धि होगी। तुला राशि- तुला राशि वालों का मन परेशान रहेगा। संयत रहें। क्रोध व आवेश के अतिरेक से बचें। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों में मन लगेगा। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। आय में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र भी बढ़ेगा। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों का आत्मविश्वास तो बहुत रहेगा, परंतु धैर्यशीलता बनाए रखने के प्रयास करें। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। माता-पिता से धन मिल सकता है। धनु राशि- धनु राशि वाले आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे, परंतु मन में नकारात्मक विचारों से बचें। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। मकर राशि- मकर राशि वालों के मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। कला व संगीत के प्रति रूझान बढ़ सकता है। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ में वृद्धि होगी। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों का मन प्रसन्न तो रहेगा फिर भी धैर्यशीलता बनाए रखें। बातचीत में संयत रहें। व्यर्थ के लड़ाई-झगड़ों से बचें। सेहत के प्रति सचेत रहें। कारोबार में वृद्धि होगी। मीन राशि- मीन राशि वाले आत्मविश्वास से लबरेज तो रहेंगे, परंतु मन परेशान भी हो सकता है। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है।

बीजेपी निर्वाचन क्षेत्र में एक भी नहीं लगाया गया सीसीटीवी कैमरा, अब इस मामले की होगी जांच, PWD मंत्री ने दिए आदेश

नई दिल्ली दिल्ली के पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण मंत्री) प्रवेश साहिब सिंह ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि पिछली आप सरकार के दौरान भाजपा विधायकों के आठ निर्वाचन क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगाए गए, इसकी जांच की जाएगी। दिल्ली विधानसभा में इस मुद्दे पर संबोधित करते हुए वर्मा ने कहा कि इन निर्वाचन क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अब प्राथमिकता होगी। उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि राजनीतिक पूर्वाग्रह के कारण सुरक्षा उपायों से समझौता न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बीजेपी निर्वाचन क्षेत्र में एक भी नहीं लगाया गया सीसीटीवी कैमरा भाजपा के विश्वास नगर से विधायक ओपी शर्मा ने विधानसभा सदन में यह मामला उठाया और आरोप लगाया कि आप सरकार के तहत उनके निर्वाचन क्षेत्र में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया। उन्होंने मामले की केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) से जांच की मांग की। इस दावे का समर्थन करते हुए लक्ष्मी नगर विधायक अभय वर्मा ने साफ किया कि भाजपा विधायकों ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया था और अदालत के आदेश और मुख्य सचिव की सिफारिश के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। BJP विधायकों के आठ विधानसभा क्षेत्रों को किया गया नजरअंदाज विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदन को बताया कि दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में से प्रत्येक में 2,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने थे, लेकिन पिछली सरकार ने भाजपा विधायकों के आठ विधानसभा क्षेत्रों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा कि आप ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में लगाने के लिए 1.40 लाख कैमरे खरीदे, फिर भी इन आठ सीटों को बाहर रखा गया। इन चिंताओं का जवाब देते हुए पीडब्ल्यूडी मंत्री पवर्मा ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों को परिणाम भुगतने होंगे।

क्रिप्टोकरेंसी की बड़ी ठगी, उत्तर कोरिया के हैकरों पर दुबई स्थित कंपनी से डेढ़ अरब चुराने का लगा आरोप: एफबीआई

रोम उत्तर कोरिया से जुड़े हैकरों ने दुबई की एक कंपनी को बड़ा भारी चूना लगाया है। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने उत्तर कोरिया से जुड़े हैकरों पर दुबई स्थित एक कंपनी से लगभग डेढ़ अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की इथेरियम (एक तरह की क्रिप्टोकरेंसी) चुराने का आरोप लगाया है। एफबीआई ने इसे वैश्विक स्तर पर क्रिप्टोकरेंसी (आभासी मुद्रा) की सार्वजनिक रूप से ज्ञात सबसे बड़ी चोरी में से एक बताया है। एजेंसी के मुताबिक, ‘ट्रेडर ट्रेटर’ और ‘लजारस ग्रुप’ समूह के हैकरों ने फरवरी की शुरुआत में बाईबिट को निशाना बनाया, जो दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज में शामिल है। बाईबिट ने कहा कि हैकरों ने तथाकथित “कोल्ड” या ऑफलाइन वॉलेट के जरिये इथेरियम के नियमित हस्तांतरण में “हेरफेर” की और उसे विभिन्न ब्लॉकचेन पर मौजूद हजारों अज्ञात खातों में स्थानांतरित कर दिया। एफबीआई ने कहा कि हैकर “क्रिप्टोकरेंसी का कारोबार करने वाले एप्लिकेशन के जरिये क्रिप्टोकरेंसी की चोरी को अंजाम देते हैं, जिनमें ऐसे मालवेयर (वायरस) शामिल किए जाते हैं, जो आभासी मुद्रा की चोरी को आसान बनाते हैं। ठगी के लिए बनाया ब्लैकचेन एजेंसी ने बुधवार रात एक ऑनलाइन सार्वजनिक घोषणा में कहा कि उसका मानना है कि इस चोरी के पीछे उत्तर कोरिया समर्थित हैकरों का हाथ है। घोषणा के मुताबिक, “ट्रेडर ट्रेटर के हैकर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और उन्होंने कई ब्लॉकचेन पर मौजूद हजारों अज्ञात खातों के जरिये चोरी के कुछ इथेरियम को बिटकॉइन और अन्य आभासी मुद्राओं में बदल दिया है।” ‘ब्लॉकचेन’ एक साझा डिजिटल बहीखाते को कहते हैं, जो किसी मंच पर आभासी मुद्रा के लेन-देन पर नजर रखता है और उसे रिकॉर्ड करता है। एफबीआई ने कहा, “माना जा रहा है कि इन आभासी मुद्राओं को आगे भी अन्य मुद्राओं में बदला जाएगा और अंत में वैध मुद्रा का रूप दे दिया जाएगा।” उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने फिलहाल न तो चोरी की खबर और न ही एफबीआई के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी का दावा है कि उत्तर कोरिया ने पिछले पांच वर्षों में क्रिप्टोकरेंसी और अन्य आभासी संपत्तियों के रूप में अनुमानित 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर की चोरी की है। यूएन भी कर रहा उत्तर कोरियाई हैकरों की जांच संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों की एक समिति ने बताया था कि वह 2017 से 2023 के बीच कथित तौर पर उत्तर कोरिया की ओर से किए गए 58 साइबर हमलों की जांच कर रही है, जिनके जरिये “देश के परमाणु हथियार कार्यक्रम का समर्थन करने के लिए” लगभग तीन अरब अमेरिकी डॉलर की चोरी की गई। बाईबिट के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बेन झाऊ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में घटना की पुष्टि की। उन्होंने पोस्ट के साथ उस वेबसाइट का लिंक साझा किया, जिसने चोरी की आभासी मुद्रा का पता लगाने और उसे अन्य एक्सजेंच द्वारा ‘फ्रीज’ कराने के बदले 14 करोड़ अमेरिकी डॉलर के इनाम की पेशकश की है।

प्रदेश की भौगोलिक स्थिति एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर गौ अभ्यारण्य की स्थापना का निर्णय लिया जाएगा :गोपालन मंत्री

जयपुर गोपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि मध्य-प्रदेश व उड़ीसा की तर्ज पर प्रदेश में गौ अभ्यारण्य स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा इन राज्यों से आवश्यक जानकारी एकत्र की जा रही है। परीक्षण के पश्चात् प्रदेश की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। गोपालन मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018-19 में तत्कालीन राज्य सरकार द्वारा बीकानेर जिले के नापासर ग्राम में 5 करोड़ रुपये की लागत से गौ अभ्यारण्य स्थापित करने की घोषणा की गई थी। इस गौ अभ्यारण्य की स्थापना के लिए राज्य सरकार द्वारा 5 करोड़ रुपये एवं एमओयू की सहभागी संस्था द्वारा भी 5 करोड़ रुपये की राशि दिए जाने का प्रावधान किया गया था। उन्होंने बताया कि निदेशालय गोपालन द्वारा इस सम्बन्ध में दिशानिर्देश जारी कर जिला कलेक्टर बीकानेर की अध्यक्षता में जिला गोपालन समिति द्वारा गौ अभ्यारण्य के प्रबंधन हेतु श्री सोहनलालजी बुलादेवीजी ओझा गौशाला समिति नापासर, बीकानेर का चयन किया गया था। तत्पश्चात् जिला कलेक्टर, बीकानेर एवं इस समिति के मध्य एमओयू किया गया। राजस्व ग्रुप 3 द्वारा गौ अभ्यारण्य के लिए 221.31 हेक्टेयर चरागाह भूमि भई प्रदान की गई। लेकिन संस्था द्वारा अनुबंध की शर्तों की पालना नहीं किये जाने के कारण वर्ष 2020 में तत्कालीन सरकार द्वारा एमओयू निरस्त करने के निर्देश दिए गए। श्री कुमावत ने बताया कि प्रदेश में कुल 1 करोड़ 39 लाख गौवंश हैं। निराश्रित गौवंश के संरक्षण एवं संधारण के लिए प्रदेश में 4 हजार 140 पंजीकृत गौशालाएं हैं। राज्य सरकार द्वारा इन पात्र गौशालाओं को गौवंश के भरण-पोषण के लिए बड़े गौवंश को 44 रुपये एवं छोटे गौवंश को 22 रुपये का अनुदान दिया जाता है।  इस वर्ष के बजट में यह अनुदान 15 प्रतिशत बढाकर बड़े गौवंश को 50 रूपये एवं छोटे गौवंश को 25 रूपये करने की घोषणा की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 में 21 फरवरी, 2025 तक 1147 करोड़ रूपये का अनुदान जारी कर दिया गया है। गोपालन मंत्री ने जानकारी दी कि गौवंश के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में अनेकों गौशालाएं भी संचालित की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा जिला स्तरीय 15 गौशालाओं में 6 करोड़ 75 लाख के कार्य, पंचायत समिति स्तर की 95 गौशालाओं में 49.47 करोड़ के कार्य करवाए गए हैं। इसी प्रकार ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित पशु आश्रय स्थल योजना के तहत 10 गौशालाओं में 4 करोड़ के कार्य करवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि गौशाला विकास योजना के तहत भी 455 गौशालाओं में 26.16 करोड़ के कार्य करवाए गए हैं। इसके साथ ही गौ-काष्ठ मशीन योजनान्तर्गत प्रदेश की 100 गौशालाओं को रियायती दरों पर गौ-काष्ठ मशीनें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इससे पहले विधायक श्री कालीचरण सराफ के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में  गोपालन मंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा मध्य-प्रदेश व उड़ीसा की तर्ज पर प्रदेश में गौ अभ्यारण्य स्थापित करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

युनूस सरकार की निकली हेकड़ी!, बांग्लादेश में छात्रों ने खुद की बनाई पार्टी, नाहिद इस्लाम संयोजक होंगे

ढाका बांग्लादेश में छात्रों के एक समूह ने एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा की है। इन छात्रों के आंदोलन ने पिछले साल अगस्त में शेख हसीना सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था। नए गणतांत्रिक छात्र संसद या डेमोक्रेटिक स्टूडेंट काउंसिल में शक्तिशाली स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन (एसएडी) समूह के प्रमुख आयोजक शामिल हैं। बांग्लादेशी अखबार डेली स्टार के मुताबिक, नई पार्टी का नाम जतिया नागरिक पार्टी (National Citizen Party) रखा गया है और इसे शुक्रवार को लॉन्च किया जाएगा। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में सलाहकार रह चुके नाहिद इस्लाम को पार्टी का संयोजक और अख्तर हुसैन को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।   इन लोगों को भी मिलेगी पार्टी में जगह इसके अतिरिक्त, हसनत अब्दुल्ला को मुख्य आयोजक (दक्षिण) के रूप में नामित किया गया है, जबकि सरजिस आलम को उत्तरी क्षेत्र का मुख्य आयोजक और नसीरुद्दीन पटवारी को मुख्य समन्वयक के रूप में नामित किया गया है। ये निर्णय नागोरिक समिति और भेदभाव विरोधी छात्रों की संयुक्त बैठक के दौरान लिए गए, जो आज दोपहर राजधानी के बांग्लामोटर स्थित नागोरिक समिति के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित की गई। नाहिद ने पार्टी को लेकर क्या कहा? नाहिद इस्लाम यूनुस सरकार की कैबिनेट में सूचना सलाहकार के पद थे लेकिन बुधवार को उन्होंने नाटकीय ढंग से इस्तीफा दे दिया। नाहिद इस्लाम ने इस्तीफे के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ”देश के मौजूदा हालात को देखते हुए एक नई पार्टी का उदय जरूरी हो गया है. मैंने जन विद्रोह को मजबूत करने के लिए सड़कों पर बने रहने का फैसला किया है. इसलिए कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया.” नाहिद इस्लाम ने पिछले साल जुलाई में पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की अवामी लीग सरकार के खिलाफ़ ‘भेदभाव विरोधी’ छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया था।

हटाया गया आपात प्लान, फिर बदली प्रयागराज रेलवे स्टेशन की व्यवस्था, परिवर्तित मार्ग हुआ समाप्त

प्रयागराज महाकुंभ के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर महादेव की कृपा ऐसी रही कि यात्रियों को आपात प्लान के कारण डायवर्जन का सामना नहीं करना पड़ा। रेलवे ने आपात प्लान हटा दिया, जिससे यात्रियों को सीधे रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में कोई समस्या नहीं हुई। यात्री आश्रय स्थल के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्लेटफार्म तक ले जाया गया। रात आठ बजे तक रेलवे ने 272 ट्रेनों का संचालन किया था। जबकि रात 12 बजे तक लगभग 300 ट्रेनें चला दी गई। भीड़ को आश्रय स्थल पर रोकने की जगह उन्हें तेजी के साथ गंतव्य तक भेजने के लिए आन डिमांड ट्रेनों के संचालन की योजना कारगर रही। आश्रय स्थल में भीड़ नहीं जुटी तो स्टेशन मार्ग पर भी लगातार आवागमन सुचारू रहा।   कंट्रोल रूम से डीआरएम हिमांशु बड़ोनी लगातार सड़क व स्टेशन पर भीड़ का सजीव प्रसारण देखते रहे। उन्होंने हर रूट पर भीड़ प्रबंधन के लिए कार्ययोजना बनाई थी, जिसे क्रियान्वित किया गया। बुधवार रात आठ बजे तक रेलवे ने 141 विशेष ट्रेन और 131 दैनिक ट्रेनों का संचालन किया। शाम के बाद रेलवे स्टेशनों पर भीड़ का दबाव तो बढ़ा लेकिन लगातार ट्रेनों के संचालन से स्थिति सामान्य बनी रही। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से आश्रय स्थल तक ले जाया जाता रहा। एक-एक लोग को सीट पर बैठाया जाता। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार को रात आठ बजे तक प्रयागराज जंक्शन से 76, छिवकी से 13 ,नैनी से 15, सूबेदारगंज पांच, प्रयाग स्टेशन से नौ, रामबाग से छह और झूंसी से 17 विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया। रेलवे स्टेशनों पर लगातार होती रही उद्घोषणा वहीं, दूसरी ओर सभी रेलवे स्टेशनों पर लगातार उद्घोषणा की जाती रही कि उन्हें किस दिशा और किस गंतव्य की ट्रेन कहां मिलेगी। इससे भीड़ सिर्फ प्रयागराज जंक्शन पर ही नहीं जुटी, बल्कि वह अलग-अलग स्टेशनों पर गई। इससे भीड़ प्रबंधन में आसानी रही। वहीं, दूसरी ओर यात्रियों के लिए खुसरोबाग आश्रय स्थल भी खोल दिया गया था। जिन यात्रियों को आराम करना था वह यहां जाकर बैठे और लेटे रहे। मंडल पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि खुसरोबाग में यात्रियों की सुविधा व मनोरंजन के लिए टीवी स्क्रीन लगाया गया था। जिस पर रामायण धारावाहिक सभी को दिखाया गया।

चेन्नई से कोलकाता 3 घंटे में 600 रुपये में? IIT-M स्टार्टअप की ‘ई-फ्लाइंग बोट’ का अनावरण

बेंगलुरु कल्पना कीजिए कि चेन्नई से कोलकाता तक मात्र तीन घंटे में मात्र 600 रुपये में यात्रा की जाए – जो कि एसी थ्री-टियर ट्रेन टिकट से भी सस्ता है।यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो आईआईटी-मद्रास द्वारा संचालित स्टार्टअप वाटरफ्लाई टेक्नोलॉजीज, जो विंग-इन-ग्राउंड (डब्ल्यूआईजी) क्राफ्ट विकसित कर रही है, जिसे इलेक्ट्रिक सीग्लाइडर के रूप में जाना जाता है, जल्द ही तटीय क्षेत्रों में यात्रियों और माल का परिवहन करेगी। बेंगलुरु में एयरो इंडिया में वाटरफ्लाई टेक्नोलॉजीज ने अपना डिज़ाइन प्रदर्शित किया, जिसका प्रोटोटाइप जल्द ही आने की उम्मीद है। ये शिल्प पारंपरिक हवाई यात्रा और नौकाओं के लिए एक टिकाऊ विकल्प प्रदान करते हैं। दरअसल, IIT मद्रास के इनक्यूबेशन सेल की तरफ से समर्थित स्टार्टअप वॉटरफ्लाई टेक्नोलॉजीज ने यह चौंकाने वाला दावा किया है. कंपनी के इस दावे के मुरीद मशहूर कारोबारी और महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा भी हो गए हैं. आनंद महिंद्रा ने तो यह तक कह दिया कि आईआईटी मद्रास स्टार्टअप को बढ़ावा देने के मामले में सिलिकॉन वैली को टक्कर देता दिख रहा है…! हाल ही में बेंगलुरु में एयरो इंडिया 2025 में वॉटरफ्लाई टेक्नोलॉजीज ने भारत में एक नए ट्रांसपोर्ट मोड के डिज़ाइन को शोकेस किया है. इसे विग क्रॉफ्ट (WIG Craft) नाम दिया गया है. जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि ये विग क्राफ्ट समुद्र की सतह से 4 मीटर ऊपर चलेगा और इससे कोलकाता से चेन्नई तक की यात्रा महज 600 रुपये में की जा सकेगी. आनंद महिंद्रा ने इस इलेक्ट्रिक सीग्लाइडर के डिजाइन की प्रशंसा की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि, “आईआईटी मद्रास स्टार्टअप को बढ़ावा देने के मामले में सिलिकॉन वैली को टक्कर दे रहा है…! लगभग हर हफ़्ते एक नए ‘टेकवेंचर’ की खबर आती है. इसमें मुझे जो पसंद आया वह सिर्फ़ हमारे भव्य जलमार्गों के दोहन का वादा नहीं है, बल्कि यह फैक्ट भी है कि इस क्राफ्ट का डिज़ाइन बहुत ही शानदार है!” क्या है विग क्रॉफ्ट मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, वाटरफ्लाई टेक्नोलॉजीज इलेक्ट्रिक सी ग्लाइडर डेवलप कर रहा है. जिसे विंग-इन-ग्राउंड (WIG) क्राफ्ट के रूप में भी जाना जाता है. ये विग क्राफ्ट एयरोप्लेन और शिप के लिए एक बेहतर विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है. कथित तौर पर इस विग क्राफ्ट को पानी की सतह से लॉन्च किया जाएगा. जो सतह से तकरीबन 4 मीटर उपर चलेगा और इफिशिएंसी बढ़ाने के लिए ग्राउंड इफ़ेक्ट का उपयोग करेगा. इसकी स्पीड 500 किमी/घंटा तक हो सकती है. मनीकंट्रोल को दिए गए एक बयान में, वॉटरफ्लाई के सीईओ और को-फाउंडर हरीश राजेश ने कहा “कोलकाता से चेन्नई तक WIG Craft के जरिए 1,600 किमी की यात्रा के लिए प्रति सीट सिर्फ 600 रुपये का खर्च आएगा. जो एसी थ्री-टियर ट्रेन टिकट की तुलना में बहुत सस्ता है, जिसकी कीमत 1,500 रुपये से अधिक है.” उन्होंने यह भी कहा कि ये क्रॉफ्ट पानी से उड़ान भरने में सक्षम होगा और चार मीटर की स्थिर ऊंचाई बनाए रखेगा. जिससे किसी तरह के एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं होगी. इसके अलावा ये क्रॉफ्ट पानी, बर्फ, रेगिस्तान या किसी भी अन्य इलाके में भी उड़ान भरने में सक्षम होगा. वाटरफ्लाई कथित तौर पर इन सीग्लाइडर्स को एयरलाइनों को बेचने की योजना बना रही है. ख़बर यह भी है कि वाटरफ्लाई 2029 तक दुबई-से-लॉस एंजिल्स  और चेन्नई-सिंगापुर जैसे अंतरराष्ट्रीय मार्गों की मैपिंग भी कर रही है.

एनआईए ने अदालत में अर्जी दाखिल कर तलब की फाइल्स, अब दिल्ली में चलेगा तहव्वुर राणा पर केस

नई दिल्ली 2008 में हुए मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा पर दिल्ली में केस चलाया जा सकता है। इस संभावना को बल इस वजह से मिल रहा है, क्योंकि दिल्ली की पटिलाया हाउस कोर्ट में मौजूद एनआईए अदालत ने मुंबई के ट्रायल कोर्ट से केस रिकॉर्ड तलब किया है। 26/11 हमले को लेकर दिल्ली और मुंबई में केस के रिकॉर्ड मौजूद थे, जिन्हें पहले मुंबई भेजा गया था। क्योंकि दोनों शहरों में इस पर सुनवाई हो रही थी। लेकिन हाल ही में एनआईए ने अदालत में अर्जी दाखिल कर मुंबई की निचली अदालत से केस रिकॉर्ड यहां तलब करने की अपील की थी। ट्रंप ने किया था प्रत्यर्पण का एलान डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका के राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालने के बाद पीएम मोदी दो दिवसीय अमेरिका दौरे पर गए थे। इस दौरान दोनों की मुलाकात के बीच तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण पर चर्चा हुई थी और तब ट्रंप ने एलान किया था कि प्रशासन ने तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जिसे 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है। वह पाकिस्तानी सेना में बतौर डॉक्टर काम कर चुका है। 2009 में एफबीआई ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। जनवरी 2025 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उसके प्रत्यर्पण की इजाजत दे दी थी। हेडली ने किया था खुलासा 26/11 हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक पाकिस्तानी-अमेरिकी डेविड कोलमैन हेडली ने खुलासा किया था कि उसने 2007 और 2008 के बीच पांच बार भारत की यात्रा की थी और हमलों के लिए मुंबई में संभावित लक्ष्यों की रेकी की थी।     राणा के खिलाफ गवाही देते हुए, हेडली ने कहा था कि उसने पांच साल के वीजा का उपयोग करके भारत का दौरा किया था, जिसे प्राप्त करने में उसके सह-साजिशकर्ता ने उसकी मदद की थी। हेडली ने यह भी खुलासा किया था कि राणा ने पहचान छिपाने के लिए एक इमीग्रेशन कंपनी स्थापित करने में उसकी सहायता की थी।     डोनाल्ड ट्रंप के एलान के बाद राणा ने अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पेटीशन फाइल की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। बताया जा रहा है कि उसने मानवीय आधार पर अंतिम अपील दायर की है, जिससे उसके प्रत्यर्पण में कुछ सप्ताह की देरी हो सकती है।  

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