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योगी आदित्यनाथ ने कहा- महाकुंभ को बदनाम करने के लिए विरोधियों ने दुष्प्रचार का कोई मौका नहीं छोड़ा, विपक्ष पर बरसे

महाकुंभ नगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुंभ-2025 के समापन के बाद विपक्ष पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ को बदनाम करने के लिए विरोधियों ने दुष्प्रचार का कोई मौका नहीं छोड़ा। कोई काहिरा की तो कोई काठमांडू की घटना का वीडियो दिखाकर प्रयागराज को बदनाम करता रहा। सीएम योगी ने कहा कि आस्था का इतना विशाल समागम दुनिया के अंदर कभी नहीं हुआ। 66 करोड़ 30 लाख श्रद्धालु किसी आयोजन का हिस्सा बने और कोई अपहरण की घटना नहीं, कोई लूट की घटना नहीं, कोई छेड़छाड़, कोई दुष्कर्म की घटना नहीं, कोई भी ऐसी घटना नहीं, जिसके बारे में कोई सवाल उठा सके। दूरबीन लगाकर, माइक्रोस्कोप लगाकर भी ऐसी घटना को ढूंढा नहीं जा सकता। हालांकि, फिर भी विरोधियों ने दुष्प्रचार का कोई मौका नहीं छोड़ा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिनको आस्था का यह समागम अच्छा नहीं लगा, उन्होंने कोई मौका नहीं छोड़ा। मौनी अमावस्या के दिन 8 करोड़ श्रद्धालु यहां पर थे, हमारी प्राथमिकता थी कि इन श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान कर उनके गंतव्य की ओर प्रस्थान कराया जाए। लेकिन, विरोधी लगातार दुष्प्रचार कर रहे थे, बदनाम कर रहे थे। उनकी भाषा अपमानित करने वाली थी। कोई काहिरा की तो कोई काठमांडू की घटना का दृश्य दिखाकर प्रयागराज को बदनाम कर रहा था। पहले की सरकारों ने भारत की आस्था का सम्मान नहीं किया। उन्होंने महाकुंभ के माध्यम से अर्थव्यवस्था में आई मजबूती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ ने आस्था और आर्थिकी का एक नया संदेश दिया। भगवान वेद व्यास ने 5,000 साल पहले ही कहा था कि मैं बाहें उठा करके चिल्ला-चिल्लाकर कह रहा हूं कि धर्म के मार्ग पर चलो, धर्म से ही अर्थ और कामनाओं की पूर्ति हो सकती है। प्रयागराजवासियों ने भगवान वेदव्यास की इस वाणी को सत्य साबित कर दिया। लाखों रोजगार मिले, उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था एक नया आयाम छूने के लिए उतावली दिखाई दे रही है। सीएम योगी ने कहा कि आज आस्था के साथ नई अर्थव्यवस्था का जो आधार बना है, वह अद्भुत है। यहां आने के लिए दुनिया चकित और लालायित है। केवल भारत ही नहीं, दुनिया के अंदर एक दर्जन देशों के मंत्री या राष्ट्राध्यक्ष भी इस आयोजन का हिस्सा बने और 74 देशों के एंबेसडर और हाई कमिश्नर भी यहां आए। पहली बार 80 से अधिक देशों के लोग इस आयोजन में भागीदार बने। जो आया, वह अभिभूत होकर गया।

BJP मुख्यालय में कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, बैठक के दौरान दो कार्यकर्ताओं के बीच लात-घूंसे चले, प्रदेशाध्यक्ष भी थे मौजूद

जयपुर राजधानी जयपुर स्थित भाजपा मुख्यालय में गुरुवार को उस समय हंगामे की स्थिति पैदा हो गई जब अल्पसंख्यक मोर्चा की एक बैठक के दौरान दो कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस मारपीट में बदल गई। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ भी मौजूद थे। जानकारी के अनुसार, बैठक का आयोजन पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा द्वारा किया गया था, जिसमें विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ता शामिल हुए थे। बैठक की शुरुआत सामान्य तरीके से हुई, लेकिन जैसे-जैसे चर्चा आगे बढ़ी, माहौल गरमा गया। सूत्रों के अनुसार, विवाद की जड़ स्वागत समारोह को लेकर हुई असहमति थी। एक कार्यकर्ता ने दूसरे कार्यकर्ता पर कार्यक्रम की तैयारियों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया, जिससे दोनों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया। जब कार्यकर्ताओं के बीच झड़प बढ़ने लगी और लात-घूंसे चलने लगे, तो बैठक में मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी हस्तक्षेप किया और दोनों कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे इतने आक्रोश में थे कि किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। कुछ ही देर में पूरे मुख्यालय में अफरा-तफरी मच गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस अप्रिय घटना के दौरान अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने तुरंत पहल की और दोनों पक्षों को अलग करने का प्रयास किया। मुख्यालय में मौजूद सुरक्षा कर्मियों को भी हस्तक्षेप करना पड़ा ताकि स्थिति को काबू में लाया जा सके। घटना के बाद बैठक को बीच में ही रोकना पड़ा और प्रदेश अध्यक्ष ने सभी कार्यकर्ताओं को शांति बनाए रखने की अपील की। इस विवाद के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इसे अस्वीकार्य बताया और अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई करने के संकेत दिए। सूत्रों के अनुसार, पार्टी इस पूरे मामले की आंतरिक जांच करा सकती है और दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि पार्टी के भीतर अनुशासन बहुत महत्वपूर्ण है, और इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच इस तरह का विवाद हुआ। भाजपा एक अनुशासित पार्टी है और हम इस तरह की घटनाओं को कतई स्वीकार नहीं करेंगे। पार्टी जल्द ही इस घटना की समीक्षा करेगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।” इस घटना के बाद भाजपा मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। कार्यकर्ताओं के बीच झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे पार्टी की छवि पर असर पड़ सकता है। इसे देखते हुए अब मुख्यालय में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने पर विचार किया जा रहा है। इस घटना ने राजस्थान की राजनीति में हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों ने इसे भाजपा के अंदरूनी कलह का संकेत बताया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि “जब खुद भाजपा कार्यकर्ता ही अपने नेताओं की उपस्थिति में अनुशासनहीनता कर रहे हैं, तो यह पार्टी के अंदर बढ़ते असंतोष को दर्शाता है।” जयपुर स्थित भाजपा मुख्यालय में हुई यह घटना पार्टी के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यह मामला न केवल भाजपा की छवि को प्रभावित कर सकता है, बल्कि इससे कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ते असंतोष की भी झलक मिलती है। अब यह देखना होगा कि भाजपा नेतृत्व इस मामले को कैसे संभालता है और क्या अनुशासनात्मक कदम उठाए जाते हैं।

आईजीएनपी का सिंचित क्षेत्र सीमित होने से गडरा रोड़ उप-शाखा का शेष निर्माण कार्य प्रस्तावित नहीं: स्वास्थ्य मंत्री

जयपुर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह ने कहा कि वर्तमान में गडरा रोड़ उप-शाखा का नहर निर्माण कार्य बन्द है। इन्दिरा गांधी नहर परियोजना में सिंचाई हेतु पानी की कमी के कारण नहर निर्माण के मात्र प्रगतिधीन कार्यों को ही पूर्ण करने की अनुमति राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2005 में दी गई। जिससे इंदिरा गांधी नहर परियोजना का सिंचित क्षेत्र सीमित हो गया। इस कारण गडरा रोड़ उप-शाखा के 92.05 किमी तक का ही कार्य पूर्ण हो सका। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गुरुवार को प्रश्नकाल में इस संबंध में सदस्य द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का इन्दिरा गांधी नहर मंत्री की ओर से जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि पंजाब व राजस्थान सरकार के मध्य वर्ष 1981 में इन्दिरा गांधी नहर परियोजना को लेकर संधि हुई, जिसमें राजस्थान को शेष देय 0.6 एमएएफ पानी पंजाब सरकार द्वारा उपलब्ध नहीं करवाया गया। इससे पहले विधायक श्री रविन्द्र सिंह भाटी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि इन्दिरा गांधी नहर परियोजना के द्वितीय चरण की संशोधित परियोजना रिपोर्ट में बाड़मेर जिले में गडरा रोड़ उप-शाखा की स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसे प्रथम: वर्ष 1987 में स्वीकृत इन्दिरा गांधी नहर परियोजना द्वितीय चरण के संशोधित एस्टीमेट में सम्मिलित किया गया था। जिसे वर्ष 1993 में संशोधित किया गया। उन्होंने बताया कि योजना आयोग द्वारा वर्ष 1998 में स्वीकृत इन्दिरा गांधी नहर परियोजना द्वितीय चरण के संशोधित एस्टीमेट (कुल लागत रू 3398.91 करोड़) में गडरा रोड़ उप शाखा प्रणाली के लिये 487.59 करोड़ रुपये का प्रावधान निर्धारित था। श्री सिंह ने बताया कि गडरा रोड़ उप-शाखा, सागरमल गोपा शाखा की आर.डी. 314 (टेल) (रामगढ़, जैसलमेर) से शुरू होकर 114 किमी लम्बाई में तथा इसकी टेल से 80.77 किमी लम्बाई में गडरा रोड़ वितरिका गडरा रोड़ तक निर्मित की जानी प्रस्तावित थी। जिसमें से 92.05 किमी तक उप-शाखा तथा इससे निकलने वाले वितरण प्रणाली का निर्माण 437.93 किमी में किया गया है। उन्होंने बताया कि गडरा रोड़ उप-शाखा प्रणाली हेतु वर्ष 1998 में स्वीकृत इ.गा.न.प द्वितीय चरण के संशोधित एस्टीमेट (कुल स्वीकृत राशि 3398.91 करोड़) में गडरा रोड़ उप-शाखा प्रणाली हेतु रू 487.59 करोड़ का प्रावधान निर्धारित था। इस नहर प्रणाली के प्लानिंग व सर्वे का कार्य वर्ष 1987 से ही आरम्भ कर दिया गया था तथा वर्ष 2013 तक नहर निर्माण कार्य किया गया। तब तक उक्त कार्य पर रू 374.26 करोड़ व्यय किये गये। उक्त नहर प्रणाली के सिंचित क्षेत्र में विगत 5 वर्षो में औसत 13 हजार 116 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की गई है। उन्होंने बताया कि परियोजना के सिंचित क्षेत्र सीमित हो जाने के कारण उक्त नहर का आगे निर्माण कार्य वर्तमान में प्रस्तावित नहीं है।

अमेरिका के नये नागरिकता कानून को लेकर दुनिया भर में मचा हड़कंप, भारतीय लोगों के लिए मिली खास छूट, ट्रंप ने स्वयं बताया

वाशिंगटन अमेरिका के नये नागरिकता कानून को लेकर दुनिया भर में हड़कंप मचा है। नये राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी प्रवासियों के लिए जन्मजात नागरिकता के अधिकार को भी खत्म कर दिया है। मगर भारतीय लोगों के लिए एक खास छूट दी है, जिसे ट्रंप ने स्वयं बयां किया है। ट्रंप का कहना है कि प्रस्तावित ‘गोल्ड कार्ड’ पहल से अमेरिकी कंपनियों को हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड जैसे शीर्ष अमेरिकी विश्वविद्यालयों से भारतीय स्नातकों को नियुक्त करने की अनुमति मिलेगी। ट्रंप ने बुधवार को धनी विदेशियों के लिए ‘गोल्ड कार्ड’ पहल की शुरुआत की, जिसके तहत 50 लाख अमेरिकी डॉलर के शुल्क के बदले उन्हें अमेरिका में रहने और काम करने का अधिकार दिया जाएगा तथा नागरिकता की पेशकश की जाएगी। ‘सीएनएन’ की खबर के मुताबिक, ट्रंप ने कहा, ‘‘हम ‘गोल्ड कार्ड’ की बिक्री करने जा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपके पास ‘ग्रीन कार्ड’ है। यह एक ‘गोल्ड कार्ड’ है। हम इस कार्ड की कीमत लगभग 50 लाख अमेरिकी डॉलर रखने जा रहे हैं और इससे आपको ग्रीन कार्ड के विशेषाधिकार मिलेंगे, साथ ही यह अमेरिकी नागरिकता पाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। इस कार्ड के जरिये अमीर लोग अमेरिका का रुख करेंगे।’’ ट्रंप ने बताया नागरिकता का नया प्लान ट्रंप ने कहा कि मौजूदा आव्रजन प्रणाली ने शीर्ष अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं, खासकर भारतीय को, अमेरिका में रहने और काम करने से रोक दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘कोई व्यक्ति भारत, चीन, जापान और अन्य देशों से आता है, हार्वर्ड या व्हार्टन स्कूल ऑफ फाइनेंस में पढ़ाई करता है। उन्हें नौकरी के अवसर मिलते हैं, लेकिन यह अवसर प्रभावित होते हैं क्योंकि इस बारे में कोई निश्चितता नहीं होती कि वह व्यक्ति देश में रह सकता है या नहीं।’’ ट्रंप ने कहा कि इसकी वजह से कई प्रतिभाशाली स्नातक, जिन्हें अमेरिका छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा, अपने देश में सफल उद्यमी बन गए। उन्होंने कहा, ‘‘वे भारत या अपने देश लौटते हैं, व्यवसाय शुरू करते हैं और अरबपति बन जाते हैं, हजारों लोगों को रोजगार देते हैं।’’ ट्रंप ने कहा कि कोई कंपनी ‘गोल्ड कार्ड’ खरीद सकती है और इसका इस्तेमाल इस तरह के स्नातकों की भर्ती में कर सकती है।

किसान कल्याण मिशन बनेगा खेती को लाभ का धंधा बनाने का माध्यम : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि किसान कल्याण मिशन अंतर्गत किसानों की आय में वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह मिशन कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने का प्रमुख माध्यम बनेगा। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा प्राकृतिक कृषि के प्रसार एवं किसानों को प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश प्राकृतिक कृषि विकास बोर्ड का गठन किया गया है। प्राकृतिक खेती कर रहे एवं प्राकृतिक खेती के इच्छुक राज्य के किसानों के पंजीयन के लिए पोर्टल प्रारंभ किया गया है।पोर्टल पर प्राकृतिक खेती करने के इच्छुक कुल 72 हजार 967 किसानों ने पंजीयन करवाया है। प्रत्येक पंचायत में पीएम किसान समृद्धि केन्द्र की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में 81 लाख से अधिक किसानों को गत वर्ष चार हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि का अंतरण किया गया है। रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना में किसानों को एक हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 3 हजार 900 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जा रही है। शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पकालीन फसल ऋण के लिए इस वर्ष 600 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। विगत वर्ष में किसानों को समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ पर प्रति क्विंटल 125 रुपये का बोनस प्रदाय किया गया। देश में पहली बार राज्य सरकार ने सोयाबीन का 4 हजार 892 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर उपार्जन करने का निर्णय लिया। लगभग 2 लाख किसानों से प्रदेश में पहली बार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सोयाबीन का उपार्जन कर 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि का भुगतान किया गया। खरीफ-2024 में 1.23 लाख क्विंटल से अधिक प्रमाणित बीज का वितरण किया गया। किसानों को उर्वरक प्रदाय करने के लिए केन्द्रों की संख्या बढ़ाने के साथ ही अमानक उर्वरक बेचने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने और उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोग शालाओं की भूमिका को सक्रिय बनाकर किसान हित सुनिश्चित किया गया। मध्यप्रदेश को कृषि उत्पादन में निरंतर अग्रणी स्थान मिला है। सात बार कृषि कर्मण अवॉर्ड भी प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना अब प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के नाम से लागू है। कृषकों को सौर ऊर्जा के लाभ से लाभांवित करने के लिए प्रदेश में अस्थाई विद्युत कनेक्शन लेने वाले लगभग सवा लाख किसानों को सौर ऊर्जा के पम्प प्रदाय किये जाएँगे। अगले चार वर्ष में सौर ऊर्जा पम्प प्रदाय कर किसानों को विद्युत आपूर्ति में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। किसानों को अधिक दाम प्रदान करने वाली फसलों को लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रदेश के सिंचित क्षेत्र का रकबा अगले पाँच वर्ष में 50 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर एक करोड़ लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य है। मध्यप्रदेश में उद्यानिकी फसलों का रकबा 26 लाख हेक्टेयर से अधिक है। संतरा, टमाटर, धनिया, लहसुन और मसाला उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में प्रथम है। प्रदेश में 50 हाइटेक नर्सरी बनाई जा रही हैं। नर्सरियों के कुशल प्रबंधन के लिए ई-नर्सरी पोर्टल भी तैयार किया गया है।  

संभल हिंसा मामला में जेल में बंद 17 आरोपियों की कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज

संभल उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पिछले साल 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा हुई थी। इस मामले में जेल में बंद 17 आरोपियों की कोर्ट ने गुरुवार को जमानत याचिका खारिज कर दी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट इससे पहले 42 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर चुका है। बवाल के आरोप में जेल में बंद अब तक कुल 59 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज की जा चुकी है। कोर्ट का कहना है कि सभी आरोपियों पर गंभीर आरोप हैं। शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश सैनी ने गुरुवार को बताया कि शाही जामा मस्जिद प्रकरण में 29 लोगों के प्रार्थना पत्र पहले खारिज हो चुके हैं। कोर्ट में आज 17 जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई है। सभी 17 याचिकाओं को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कुल मिलाकर अब 59 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज की जा चुकी है। जानकारी के अनुसार, संभल हिंसा मामले में 80 आरोपी जेल में बंद हैं। हालांकि, आरोपी पक्ष के वकीलों ने हाल में जमानत याचिका खारिज होने पर हाईकोर्ट जाने की बात कही थी। संभल के एसपी कृष्ण बिश्नोई ने शुक्रवार (21 फरवरी) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया था कि 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के मामले में अब तक कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिसमें से सात मामले संभल कोतवाली, चार मामले नखासा थाने और एक जीरो एफआईआर मुरादाबाद में दर्ज की गई है। छह मामलों में पुलिस ने चार्जशीट पेश कर दी है। सबसे पहले लिखी गई दो एफआईआर में उपनिरीक्षक शाह फैसल की पर्सनल बुलेट और सरकारी गाड़ियों को आग लगाने का प्रयास किया गया। सरकारी गाड़ी जल गई, जबकि उपनिरीक्षक की पर्सनल गाड़ी को जलने से बचा लिया गया। सीसीटीवी के आधार पर इस मामले में 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। उन्होंने कहा कि दूसरे मामले में एक अपराधी ने फायरिंग की थी, जिसमें 25 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। इसके अलावा एक और मामले में 21 लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया था। नामजद अभियुक्त समेत 53 लोगों के खिलाफ इसमें चार्जशीट दायर की गई है। चौथे मामले में एसडीएम पथराव के दौरान घायल हुए थे। उसमें 37 लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है। साथ ही कोतवाली क्षेत्र के एक मामले में सीओ को पैर में गोली लगी थी। इस केस में 38 लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई है। इसके अलावा, जामा मस्जिद के पास हथियारों को लूटने के मामले में 39 लोगों को जेल भेजा गया है। एसपी कृष्ण बिश्नोई ने बताया कि छह मुकदमों में शुरुआत से 36 लोग नामजद थे। इसके बाद 123 लोगों के नाम प्रकाश में आए थे। कुल मिलाकर 159 लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से 80 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। साथ ही 79 लोगों की गिरफ्तारी अभी बाकी है।

प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती शमी ने की समीक्षा

भोपाल प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने गुरूवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सागर एवं शहडोल संभाग के कमिश्नर एवं कलेक्टर्स से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों से अच्छी गुणवत्ता का गेहूं उपार्जित करें। साथ ही उपार्जित गेहूं का भुगतान समय पर करें। गौरतलब है कि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने गत दिनों गेहूं उपार्जन की समीक्षा के दौरान जिलेवार उपार्जन तैयारियों की समीक्षा के निर्देश दिये थे। श्रीमती शमी ने कहा कि उपार्जन केन्द्रों में किसानों के लिये सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। किसानों को गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन कराने के लिये जागरूक करें। उन्होंने संभागायुक्त और जिलों के कलेक्टर्स से अलग-अलग बात कर गेहूं उपार्जन के लिये की गई तैयारियों की जानकारी ली। अभी तक 3 लाख से अधिक किसान गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन करा चुके हैं। श्रीमती शमी ने बताया कि वेयर हाउस के लंबित भुगतान भी जल्द किये जायेंगे। उन्होंने उचित मूल्य दुकानों से राशन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों का ई-केवायसी कराने के निर्देश भी दिये। उन्होंने बताया कि गेहूं उपार्जन के लिये किसान 31 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूं का उपार्जन 1 मार्च से 18 अप्रैल तक होगा। शेष संभागों में 17 मार्च से 5 मई तक गेहूं का उपार्जन किया जायेगा। संचालक खाद्य श्री कर्मवीर शर्मा ने कहा कि उपार्जित गेहूं का परिवहन जल्द किया जाये। गेहूं के भंडारण की समुचित व्यवस्था करें। उपार्जन केन्द्रों की माइक्रो प्लानिंग करें। इस बात ध्यान रखें कि उपार्जन केन्द्रों में किसानों को कोई कठिनाई नहीं हो। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों का सत्यापन कराएं। उचित मूल्य दुकान के स्टॉक का भौतिक सत्यापन 7 दिन में करा लें। उपार्जन कार्यों की मॉनिटरिंग के लिये संबंधित अधिकारियों की ड्यूटी लगाएं। उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त बारदानों की व्यवस्था करें। एमडी नागरिक आपूर्ति निगम श्री अनुराग वर्मा ने किसानों के रजिस्ट्रेशन पर जोर दिया। उन्होंने धान मिलिंग की समीक्षा की तथा मिलिंग का कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिये। श्री वर्मा ने परिवहन संबंधी लंबित बिलों को जल्द भेजने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि भुगतान की कार्यवाही शीघ्र की जायेगी। जिला कलेक्टर्स ने गेहूं उपार्जन संबंधी तैयारियों की जानकारी दी।  

AAP की हार से बढ़ गई ममता की टेंशन, बोली 2026 में बंगाल में खेला होगा और जोरदार होगा

 कोलकाता अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि 2026 में बंगाल में फिर से खेला होगा और ज़ोरदार होगा. ममता बनर्जी कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रही थीं. दरअसल 2021 में हुए पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के दौरान ममता बनर्जी ने ही ‘खेला होबे’ का नारा दिया था. उसके बाद से ही ये नारा देशभर में चर्चित हो गया था. बीजेपी (BJP) के आक्रामक कैंपेन के बावजूद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी (TMC) ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल की थी. बीजेपी पर निशाना टीएमसी के चुनावी प्रबंधन का काम देख रही आईपैक कंपनी का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, ‘यह प्रशांत किशोर की आईपैक नहीं है, उनकी नई पार्टी है. आप सभी को आईपैक को समझना होगा और सहयोग करना होगा, वे नई टीम हैं. भाजपा के पास 50 एजेंसियां ​​हैं, हम एक रख सकते हैं.’ ममता बनर्जी ने कहा, ‘भाजपा ने एक कंपनी भेजी है जिसमें प्रतिभाशाली लोग हैं. वे डेटा ऑपरेटर के पास जा रहे हैं. पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में हरियाणा, राजस्थान के लोगों के नाम डाल रहे हैं. यह ऑनलाइन किया जा रहा है. भाजपा नहीं चाहती कि बंगाल में उसकी संस्कृति बरकरार रहे.’ ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को चेतावनी देते हुए कहा कि हम महाराष्ट्र नहीं हैं, हम चुनाव आयोग के सामने धरना दे सकते हैं. चुनाव आयोग पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, ‘इसी तरह उन्होंने महाराष्ट्र और दिल्ली को हराया, लेकिन हमने उनकी चाल पकड़ ली है. अगर मैं 26 दिनों तक धरने पर बैठ सकती हूं, तो मैं चुनाव आयोग के सामने भी धरने पर बैठ सकती हूं ताकि उसकी विश्वनीयता वापस पहले जैसी हो जाए.’. भाजपा पर हमला, संगठन में बदलाव के संकेत टीएमसी का यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब भाजपा केंद्रीय एजेंसियों के जरिए तृणमूल को घेरने की कोशिश कर रही है। हालांकि, टीएमसी का दावा है कि जनता का भरोसा अब भी पार्टी के साथ है। सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी पार्टी संगठन को पुनर्गठित करने का संदेश दे सकती हैं। लंबे समय से पार्टी के अंदर कॉर्पोरेट मानसिकता के खिलाफ नाराजगी रही है, जिसे दूर करने के लिए ममता बनर्जी चुनावी रणनीति के लिए बाहरी एजेंसियों पर कम और पार्टी कार्यकर्ताओं पर अधिक भरोसा करना चाहती हैं। जनसंपर्क अभियान पर रहेगा जोर पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि टीएमसी नेतृत्व का मुख्य फोकस जमीनी कार्यकर्ताओं को अधिक प्रभावी बनाना होगा। ममता बनर्जी पहले ही इस बात पर जोर दे चुकी हैं कि राज्य सरकार की योजनाओं और सेवाओं का लाभ सही तरीके से जनता तक पहुंचे। राज्यभर में डिजिटल प्रसारण की व्यवस्था सम्मेलन में जिलों से आए नेताओं की मौजूदगी रहेगी, जबकि जो नेता सभा में शामिल नहीं हो पाएंगे, उनके लिए पूरी बैठक ऑनलाइन प्रसारित की जाएगी। पार्टी चाहती है कि ममता बनर्जी और महासचिव अभिषेक बनर्जी का संदेश जमीनी स्तर तक पहुंचे। टीएमसी का मिशन 2026 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल एक बार फिर अपनी रणनीति को धार देने में जुट गई है। यह सम्मेलन पार्टी के लिए आगामी चुनावों की दिशा तय करने वाला अहम पड़ाव साबित हो सकता है।

मोहन सिंह बिष्ट बने दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर, आतिशी को मिली नेता प्रतिपक्ष की मान्यता

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आतिशी को विपक्षी दल के नेता के रूप में मान्यता प्रदान की है। यह निर्णय विधानसभा सदस्य आतिशी, जो सदन में सरकार के विपक्ष में सर्वाधिक सदस्यों वाले दल की नेता हैं, को दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता देने के लिए लिया गया। इस संदर्भ में विधानसभा अध्यक्ष ने 2001 के ‘विधानसभा नेता प्रतिपक्ष (वेतन एवं भत्ते) अधिनियम, 2001’ की धारा-2 के तहत आतिशी को तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दी। दिल्ली विधानसभा चुनाव-2025 में आम आदमी पार्टी (आप) को भारतीय जनता पार्टी से कड़ी शिकस्त मिली। इस हार के बाद आतिशी मुख्यमंत्री पद से हट गईं, लेकिन उनकी सैलरी और भत्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दिल्ली में मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को समान वेतन और सुविधाएं मिलती हैं। इसका मतलब यह है कि भले ही अब आतिशी मार्लेना की मुख्यमंत्री की कुर्सी छिन गई हो, उनकी सैलरी, भत्तों और सुविधाओं में किसी तरह की कोई कटौती नहीं होगी। अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आतिशी को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाया गया था। हालांकि, यह पहले से ही तय था कि विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें यह कुर्सी छोड़नी होगी। चुनाव हारने के बाद आम आदमी पार्टी को विपक्ष में बैठना पड़ा और पार्टी ने आतिशी को नेता प्रतिपक्ष बना दिया। इसी वजह से उन्हें मुख्यमंत्री के समान वेतन और अन्य भत्ते मिलते रहेंगे। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत तमाम दिग्गज नेताओं के हारने के बाद विधानसभा पहुंची आतिशी ही वह नेता थीं, जिसे आम आदमी पार्टी ने सर्वसम्मति से अपने दल का नेता चुना था।  दिल्ली की मुस्तफाबाद विधानसभा सीट से विधायक मोहन सिंह बिष्ट को डिप्टी स्पीकर चुना गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मोहन सिंह बिष्ट को डिप्टी स्पीकर बनाने का प्रस्ताव रखा था। मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रस्ताव को समर्थन दिया था। वहीं, दिल्ली विधानसभा में वरिष्ठ नेता विजेंद्र गुप्ता स्पीकर हैं। करावल नगर से कई बार विधायक रह चुके हैं मोहन सिंह बिष्ट दिल्ली की सियासत में अनुभवी नेता माने जाते हैं। वह करावल नगर विधानसभा सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि, इस बार वो मुस्तफाबाद सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के आदिल अहमद खान को 17 हजार से अधिक वोट से शिकस्त दी थी। करावल नगर से कपिल मिश्रा को टिकट मिला करावल नगर सीट से मोहन सिंह बिष्ट ने पहली बार 1998 में चुनाव जीता था और 2015 तक इस सीट से विधायक रहे। 2015 के चुनाव में उन्हें कपिल मिश्रा के हाथों शिकस्त मिली थी। तब कपिल मिश्रा ‘आप’ के टिकट पर चुनाव लड़े थे। बाद में वो बीजेपी में शामिल हो गए। इसके बाद मोहन बिष्ट ने एक बार फिर 2020 में करावल नगर सीट से जीत दर्ज की, जबकि 2025 के चुनाव में उन्हें मुस्तफाबाद से टिकट मिला और यहां से चुनाव जीते। बीजेपी ने इस बार कपिल मिश्रा को करावल नगर से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने यहां बड़े अंतर से जीत दर्ज की और रेखा गुप्ता की सरकार में मंत्री बने। दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत बता दें कि 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) को 22 सीटें मिलीं। राष्ट्रीय राजधानी की सत्ता में बीजेपी 27 सालों के बाद वापसी की है।

मीडिया और सिनेमा की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका : राज्यमंत्री गौर

भोपाल मीडिया और सिनेमा की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका है। फिल्में समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखती है। हमारी फिल्में केवल कथा और कहानी नहीं होतीं, इनमें राष्ट्र और समाज को सशक्त करने का संदेश भी होता है। आज के डिजिटल युग में मीडिया और सिनेमा की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर सेज विश्वविद्यालय के सभागार में सतपुड़ा चलचित्र समिति के ग्वालियर शार्ट फिल्म फेस्टिवल के पोस्टर विमोचन समारोह को संबोधित कर रही थी। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि ग्वालियर शार्ट फिल्म फेस्टिवल में युवा भाग लेगें और अपनी रचानात्मक और सृजनात्मक क्षमता से नवाचार करेंगे। उन्होंने कहा कि हमें युवा पीढ़ी पर गर्व है। युवा वर्ग देश में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि युवाओं की समाज और देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि फिल्मों के माध्यम से सामाजिक मूल्यों, परम्पराओं और संस्कृति को संरक्षित करने के साथ ही समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण कार्य किया जा सकता है। सतपुड़ा चलचित्र समिति इस दिशा में बहुत अच्छा कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा ने हमारे राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विविधता को सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि सिनेमा को समाज से जोड़ने का माध्यम बनाने की दिशा में समिति का प्रयास सराहनीय है। मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि आज के युग में कुछ डिजिटल प्लेटफार्म पर असामाजिक व्यक्ति परिवारिक मूल्यों को नष्ट करने का दुष्प्रयास कर रहे है। ऐसे समय में सतपुड़ा चलचित्र समिति जैसी संस्थाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर शार्ट फिल्म फेस्टिवल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक विचारधारा का विस्तार है। यह नवोदित फिल्मकारों के लिये एक मंच है। इस फेस्टिवल के माध्यम से हम ऐसे सिनेमा को प्रोत्साहित करेगें जो भारतीय मूल्यों को संरक्षित रखते हुए समाज के समक्ष सार्थक विषय प्रस्तुत कर रहे हैं। ग्वालियर शार्ट फिल्म फेस्टिवल के पोस्टर विमोचन समारोह के प्रारंभ में सतपुडा़ चलचित्र समिति और विश्व संवाद केन्द्र मध्यप्रदेश के अध्यक्ष श्री लाजपत आहूआ ने कार्यक्रम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में सेज विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव श्री नीरज उपमन्यु ने अध्यक्षयीय उद्बोधन दिया। उन्होंने अतिथियों का आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रय में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।  

पीड़ित लड़कियों ने अपने पिता के खिलाफ बलात्कार की नालासोपारा थाने में शिकायत दर्ज कराई, पुलिस ने किया अरेस्ट

नालासोपारा महाराष्ट्र में पुलिस ने एक व्यक्ति को अपनी तीन बेटियों के साथ बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित लड़कियों ने नालासोपारा थाने में शिकायत दर्ज कराई। रिश्ते को कलंकित करने वाली इस घटना से शहर में आक्रोश फैल गया। आरोपी पिता पर रंगदारी, फायरिंग और हत्या जैसे गंभीर अपराधों के भी आरोप हैं। नालासोपारा पुलिस ने लड़कियों के बयान दर्ज कर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित लड़कियां बहनें हैं। वे मूल रूप से कोंकण के एक क्षेत्र में रहती हैं। लड़कियों का 56 वर्षीय पिता एक कुख्यात अपराधी है। उसकी चार बेटियां हैं। वह कोंकण में अपने गांव में रहने के दौरान इन लड़कियों के साथ जबरन बलात्कार करता था। पुलिस ने बताया कि इनमें से एक लड़की का चार बार गर्भपात भी कराया गया था। आखिरकार पिता की प्रताड़ना से तंग आकर मां अपनी बेटियों को लेकर नालासोपारा में अपने एक रिश्तेदार के यहां रहने चली गई। तीनों बेटियों में सबसे बड़ी बेटी 21 साल की है और बाकी दो नाबालिग हैं। उन्होंने हिम्मत करके पिता के अत्याचार के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने का फैसला किया। इस संबंध में सबसे बड़ी बेटी ने शिकायत दर्ज कराई है। लड़कियों ने पुलिस को बताया कि वे अपने पिता के डर से अब तक चुप थीं। लड़कियों की शिकायत के आधार पर नालासोपारा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया। आरोपी आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। नालासोपारा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विशाल वलवी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जोन 3 के पुलिस उपायुक्त जयंत बजबले ने बताया कि अब तक की जांच में पता चला है कि उसने तीन लड़कियों का यौन शोषण किया है। ज्ञात हो कि अभी कुछ दिन पहले ही विरार में एक व्यक्ति ने तीन नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार किया था। इनमें से एक लड़की 17 साल की थी और बाकी दो 13 साल की थीं। इस घटना से शहर में हड़कंप मच गया था।

मंत्री सारंग ने की जीआईएस में सहकारिता विभाग की फॉलो-अप समीक्षा

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सहकारिता विभाग में निवेश विंग की स्थापना के लिये अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने विंध्याचल भवन स्थित सहकारिता विभाग में सहकारिता संबंधी निवेशकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिये एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा। साथ ही उन्होंने एक कमेटी गठित करने के भी निर्देश दिये, जो आये प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के बाद हायर लेवल पर प्रस्तुत करेगी। मंत्री श्री सारंग मंत्रालय में जीआईएस के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा कर रहे थे। हितग्राहियों को परस्पर लाभ देने के लिये सीपीपीपी मॉडल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि विभाग के को-ऑपरेटिव पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप (सीपीपीपी) मॉडल का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के हितग्राहियों को परस्पर लाभ प्रदान करने के साथ ही प्रदेश के दूसरे और तीसरे दर्जे के क्षेत्रों के विकास को तिगुनी गति प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इसीलिये निवेशकों का विशेष ख्याल रखा जाये। सिंगल विण्डो सिस्टम से किसी भी प्रकार की समस्या का निराकरण हो। बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में सहकारिता क्षेत्र में को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (सीपीपीपी) मॉडल के अंतर्गत कुल अनुमानित 2305 करोड़ रुपये के 19 एमओयू हुए हैं। इनमें प्रमुख रिलायंस द्वारा 1000 करोड़ और वैधनाथ ग्रुप द्वारा निवेश का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। मैजेस्टिक बासमती राइस प्राइवेट लिमिटेड रायसेन द्वारा 1000 करोड़ रुपये, आरएम ग्रुप द्वारा 100 करोड़ रुपये, मशरूम वर्ल्ड भोपाल द्वारा 100 करोड़ रुपये, वी विन लिमिटेड भोपाल द्वारा 40 करोड़ रुपये, न्यूट्रेलिस कृषि उत्पादक सहकारी समिति नोएडा यूपी द्वारा 30 करोड़ रुपये, एग्रीविस्टा एआई प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 25 करोड़ रुपये और सवीर बॉयो टेक लिमिटेड नोएडा यूपी द्वारा 10 करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। साथ ही प्रतिभा सिंटेक्स इंदौर, पतंजलि, भारतीय बीज सहकारी समिति, न्यूट्रेलिस कृषि उत्पादक सहकारी समिति नोएडा आदि ने भी मध्यप्रदेश में निवेश में रुचि जाहिर की है। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, प्रबंध संचालक मार्कफेड श्री आलोक कुमार सिंह, सहकारिता आयुक्त श्री मनोज पुष्प, अपेक्स बैंक के प्रभारी प्रबंध संचालक श्री मनोज कुमार गुप्ता, राज्य सहकारी संघ के प्रबंध संचालक श्री ऋतुराज रंजन, बीज संघ के प्रबंध संचालक श्री महेन्द्र दीक्षित सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

हम सभी लोगों को योगी का दिल से धन्यवाद करना चाहिए कि उन्होंने इस तरह का आयोजन करवाया: एकनाथ शिंदे

मुंबई महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को महाकुंभ नहीं जाने वाले नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ये लोग खुद को हिंदुत्ववादी कहते हैं, लेकिन कुंभ नहाने नहीं गए। 65 करोड़ से ज्यादा लोगों ने कुंभ में स्नान किया। लेकिन, ये लोग कुंभ नहीं गए। यह काफी हैरान करने वाली बात है। उन्होंने महाकुंभ के आयोजन को अद्भुत बताया। कहा कि 144 बाद इस तरह का आयोजन हुआ, जो अपने आप में हम सभी लोगों के लिए हर्ष की बात है, जो कोई भी वहां जाता है, उसका जन्म लेना सार्थक हो जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दिल से धन्यवाद करना चाहिए कि उन्होंने इस तरह का आयोजन करवाया। इसके साथ ही हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करना चाहिए, क्योंकि उनके मार्गदर्शन में पूरा आयोजन बहुत अच्‍छे से संपन्न हुआ। उन्हीं के प्रयासों की वजह से लोगों को महाकुंभ में स्नान करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि कुंभ के सफल आयोजन के लिए हमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद करना चाहिए। उनके मार्गदर्शन में सुरक्षा के मोर्चे पर सराहनीय काम किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा ना हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। कुंभ के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि क‍िसी को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। इस दिशा में प्रशासन मुस्तैद रहा। श्रद्धालुओं की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा गया। प्रशासन ने इस दिशा में सराहनीय पहल की। उन्होंने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग इस बार कुंभ नहीं गए, हमें उनसे पूछना चाहिए कि आखिर आप क्यों नहीं गए।

अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, तब भी वह अग्रिम जमानत के लिए अदालत जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि अग्रिम जमानत का प्रावधान जीएसटी और कस्टम कानूनों पर भी लागू होता है। यानी, अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, तब भी वह अग्रिम जमानत के लिए अदालत जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति एमएम सुंदरश और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने पिछले साल 16 मई को इस मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। फैसला सुनाते हुए, सीजेआई संजीव खन्ना ने कहा कि अग्रिम जमानत से जुड़े दंड प्रक्रिया संहिता और नए कानून ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ के प्रावधान, जीएसटी और कस्टम कानूनों पर भी लागू होंगे। इस फैसले के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को जीएसटी या कस्टम कानून के तहत गिरफ्तारी का डर है, तो वह अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकता है, भले ही एफआईआर दर्ज न हुई हो।  इस मामले में विस्तृत फैसला आना अभी बाकी है। यह याचिका 2018 में राधिका अग्रवाल नाम की महिला तरफ से दायर की गई थी।

आरडीएसएस की तर्ज पर स्मार्ट मीटर कार्यक्रम में भी केन्द्र से मिले 60 प्रतिशत अनुदान: ऊर्जा मंत्री

जयपुर ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर ने केन्द्र  सरकार से स्मार्ट मीटर कार्यक्रम को आरडीएसएस योजना की तर्ज पर 60 अनुपात 40 के  आधार पर संचालित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इससे बिजली वितरण कंपनियों को अपने घाटे को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रदेश की पीक डिमांड को पूरा करने के लिए बैटरी एनर्जी स्टोरेज परियोजनाओं को बढ़ावा देने में भी केन्द्र से समुचित सहयोग का आग्रह किया है। श्री नागर गुरूवार को विद्युत भवन से वीडियो काँफ्रें​स के माध्यम से ‘वॉयबिलिटी ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज’ विषय पर मंत्री समूह की बैठक को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीपाद येसो नायक की अध्यक्षता में मुम्बई के सहयाद्री विश्रांतिगृह में हुई ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की इस दूसरी बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडनवीस सहित उत्तर प्रदेश, आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यों के ऊर्जा मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित हुए। राजस्थान से ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक तथा डिस्कॉम्स चेयरमैन सुश्री आरती डोगरा भी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक से जुड़े। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार थर्मल आधारित महंगी बिजली के वैकल्पिक, सस्ते एवं सुलभ स्रोत के रूप में सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही है। पीएम-कुसुम योजना के तहत राज्य में 12 हजार मेगावाट से अधिक क्षमता की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं जिसके अन्तर्गत 4 हजार 355 मेगावाट क्षमता के पावर परचेज एग्रीमेंट किए जा चुके हैं। एनर्जी ट्रांजिशन को गति देने के लिए हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल जैसे नवाचार पर भी काम चल रहा है। पीएम सूर्यघर योजना में 136 मेगावाट के रूफ टॉप संयंत्र लगाए जा चुके हैं। इन प्रयासों से प्रदेश में विकेन्द्रित सौर ऊर्जा उत्पादन उत्पादन में बीते एक वर्ष में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। चेयरमैन डिस्कॉम्स सुश्री आरती डोगरा ने सस्ती एवं सुलभ विकेन्द्रित सौर ऊर्जा पर कृषि क्षेत्र की मांग को शिफ्ट करने, बिजली खरीद की दरों में कमी, परिचालन लागत को कम कर एटी एंड सी हानियों को कम करने की दिशा में किए जा रहे सुधार एवं नवाचारों पर आधारित प्रस्तुतीकरण दिया।

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