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ईओडब्लू की सात सदस्यी टीम ने महिला बाल विकास विभाग में मारा छापा, मचा हड़कंप

ईओडब्लू की सात सदस्यी टीम ने महिला बाल विकास विभाग में मारा छापा, मचा हड़कंप चम्मच,  जग व थाली खरीदी के नाम पर 5 करोड़  के गड़बड़ झाला का आरोप सिंगरौली  सिंगरौली महिला बाल विकास विभाग मे 1550 आंगनबाड़ी केन्द्रो के लिए चम्मच, जग व थाली खरीदी के नाम 4 करोड़ 98 लाख रूपये के हुए भारी भरकम घोटाले की जाँच के लिए आर्थिक अपराध शाखा रीवा की सात सदस्यी टीम आज दोपहर महिला विकास विभाग मे दबिश दी. इस दौरान  डीपीओ राजेश राम गुप्ता तो नदारद रहे . ईओडब्लू  टीम ने प्रभारी डीपीओ से सामान खरीदी के दस्तावेज लेकर गहन जाँच पड़ताल शुरू कर दी है. डीपीओ मे बर्तन घोटाले के आलावा अन्य कई सामानो के खरीदी का पर्दाफास कर सकती है. जानकारी के अनुसार ईओडब्लू निरीक्षक मोहित सक्सेना के नेतृत्व मे  उप निरीक्षक अभिषेक पाण्डेय, संतोष पाण्डेय, प्रधान आरक्षक कुल भूषण द्विवेदी, पुष्पेंद्र पटेल, घनश्याम त्रिपाठी व आरक्षक संतोष मिश्रा की सात सदस्यी टीम शुक्रवार को महिला बाल विकास विभाग सिंगरौली मे दबिश दी है जहाँ 1550 आंगन बाड़ी केन्द्रो मे चम्मच, जग व थाली आदि बर्तन खरीदी के नाम पर हुए 4 करोड़ 98 लाख के  भारी भरकम घोटाले की पड़ताल शुरू कर दी है. निरीक्षक श्री सक्सेना के अनुसार  महिला बाल विकास विभाग अधिकारी राजेश राम गुप्ता कार्यालय मे नही है. बताया गया कि वह किसी आवश्यक विभागीय कार्य से भोपाल गये है. प्रभारी डीपीओ आर पी सिंह से उक्त सामानो के खरीदी के आवश्यक सभी दस्तावेजों को मांग कर जाँच की जा रही है, पूरी जाँच होने के बाद ही बर्तन घोटाले आरोप की सत्यता का पता चलेगा. श्री सक्सेना के अनुसार बर्तन के साथ अन्य सामान खरीदी के दस्तावेजों की जाँच करेंगे. ग़ौरतलब हो कि जब चम्मच, जग व थाली खरीदी के नाम पर 5 करोड़ रूपये के भ्रस्टाचार का मामलला जब उजागर हुआ था तो मीडिया के सवालों के जवाब मे महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने इसकी जाँच कराने का आश्वासन दिया था. माना जा रहा है कि उनके आदेश पर यह कार्यवाही हो रही है. और बर्तन के आलावा कई अन्य घोटालो का भी पर्दाफास हो सकता है.  आरोप है कि महिला बाल विकास विभाग ने जिले की 1550 आंगनबाड़ियों के लिए 4 करोड़ 98 लाख 88 हजार 300 रुपए में बर्तन खरीदे थे। जैम पोर्टल के जरिए इस खरीदी में 3100 जग, 629 सर्विस स्पून और 40 हजार 500 चम्मच शामिल हैं। जिनमें एक साधारण चम्मच की कीमत 810 रुपए, एक सर्विस स्पून की कीमत 1,348 रुपए और एक जग की कीमत 1,247 रुपए आंकी गई, जो बाजार मूल्य से कई गुना अधिक है। बर्तन खरीदी मे हुए भारी भरकम घोटाले की जाँच करने पहुंची टीम से आदिवासी विकास विभाग मे हुए लगभग 3करोड़ घोटाले की भी जाँच की मांग उठने लगी. सूत्रों की माने तो चर्चित महिला बाल विकास अधिकारी  राजेश राम गुप्ता के पास आदिवासी विकास विभाग का भी प्रभार है. इनके कार्यकाल मे विभाग मे 3 करोड़ रूपये का फर्नीचर ख़रीदा गया है. ई ओ डब्ल्यू टीम को उसकी भी जाँच करनी चाहिए.

खजुराहो को सिविल अस्पताल तथा गढ़ा बागेश्वर धाम में नवीन स्वास्थ्य केंद्र की सौगात…

राजनगर राजनगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी खजुराहो को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से उन्नयन कर सिविल अस्पताल एवं प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल ग्राम गढ़ा बागेश्वर धाम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति हमारे खजुराहो क्षेत्र के सांसद विष्णु दत्त शर्मा एवं विधायक अरविंद पटेरिया जी के विशेष प्रयासों से एक बड़ी सौगात प्राप्त हुई है, राजनगर विधानसभा क्षेत्र के खजुराहो में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कर उसे सिविल अस्पताल में परिवर्तित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय जनता को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। साथ ही, ग्राम गढ़ा बागेश्वर धाम में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकेंगी एवं आने वाले श्रद्धालुओं को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त होगी । इस महत्वपूर्ण सौग़ात के लिए क्षेत्रीय विधायक अरविंद पटेरिया ने प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय मोहन यादव जी, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और खजुराहो सांसद श्री वीडी शर्मा जी एवं प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जो स्वास्थ मंत्री के पद का दायित्व निभा रहे हैं श्री राजेंद्र शुक्ल जी का आभार व्यक्त किया है तथा आपने कहा कि यह कदम भारतीय जनता पार्टी की सरकार के जनकल्याणकारी नीतियों का प्रमाण है जो हर नागरिक को सुलभ और गुणवत्ता पूर्वक चिकित्सा सुविधा देने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है । इन स्वास्थ्य केंद्रों के सशक्तिकरण से क्षेत्रीय जनता को लाभ मिलेगा, इलाज की सुविधाएँ बढ़ेंगी और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुदृढ़ होगी। यह स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल है, जिससे जन-जन को लाभ मिलेगा तथा विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी खजुराहो जो की देसी विदेशी पर्यटकों की यहां बड़ी आमद है वही गढ़ा बागेश्वर धाम जैसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल जो कि इन दिनों  देश दुनिया में विख्यात है यहां आने वाले हजारों लाखों श्रद्धालुओं को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त हो सकेगी ।

हमीदिया अस्पताल को मिलेंगे 3 करोड़ 45 लाख रुपये लागत के अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपकरण

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। गांधी मेडिकल कॉलेज और हमीदिया अस्पताल में अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपकरणों की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा लक्ष्य है कि शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों को अत्याधुनिक उपकरणों और उन्नत चिकित्सा सेवाओं से सुसज्जित किया जाए। राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों को भी ऐसे उन्नत उपकरणों से लैस करने की योजना पर कार्य कर रही है। उन्होंने चिकित्सकों से इन सुविधाओं का उपयोग कर राज्य के नागरिकों को श्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिये हैं। गांधी मेडिकल कॉलेज और हमीदिया अस्पताल में 3 करोड़ 45 लाख रुपये लागत के अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपकरणों की स्थापना की स्वीकृति दी गयी है। इनमें एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS), एसोफेजियल मैनोमेट्री, पीएच मैट्री और ब्रीथ एनालाइज़र जैसी तकनीकें शामिल हैं। यह उन्नत सुविधाएँ किसी भी सरकारी अस्पताल में पहली बार उपलब्ध कराई गई हैं। इन नवीन उपकरणों की मदद से पाचन तंत्र की गंभीर बीमारियों की सटीक और त्वरित पहचान संभव हो सकेगी। अब मध्य प्रदेश के मरीजों को उन्नत और सटीक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपचार के लिए अन्य राज्यों या निजी अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उपकरणों का विवरण     एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS): पेट और आंतों की गहराई से जांच कर कैंसर, पैंक्रियास की बीमारियों और अन्य गंभीर समस्याओं का जल्द पता लगाने में मदद करता है।     एसोफेजियल मैनोमेट्री: निगलने में होने वाली समस्याओं के सही निदान में सहायक।     पीएच मैट्री: एसिडिटी और रिफ्लक्स से जुड़ी बीमारियों के सटीक निदान के लिए उपयोगी।     ब्रीथ एनालाइज़र: एक दर्द-रहित जांच जो आंतों में बैक्टीरिया की अधिकता और लैक्टोज असहिष्णुता जैसी समस्याओं का पता लगाने में मदद करता है।  

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मुझे खुशी है जापान की बड़ी कम्पनियाँ मध्यप्रदेश में आकर अपने व्यवसाय और व्यापार को और अधिक बढ़ाने के लिये तैयार हैं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मुझे खुशी है कि जापान की बड़ी कम्पनियाँ मध्यप्रदेश में आकर अपने व्यवसाय और व्यापार को और अधिक बढ़ाने के लिये तैयार हैं। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहाँ से उत्पादों को न केवल भारत में, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक भी आसानी से पहुँचाया जा सकता है। इसका लाभ जापानी कंपनियों को तो मिलेगा ही साथ ही प्रदेश में औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पैनासोनिक और ब्रिजस्टोन जैसी कम्पनियों सहित जापानी निवेशकों ने मध्यप्रदेश में निवेश के लिये सहमति जताई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी 4 दिवसीय जापान यात्रा के दौरान व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान के उद्योग, संस्कृति और तकनीक को करीब से समझने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश का वातावरण बदल रहा है। बौद्ध धर्म और संस्कृति से जुड़ाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान में कई बौद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि “हमारे यहां धार्मिक स्थलों की यात्रा करने की परंपरा है। जापान की बौद्ध संस्कृति भगवान सूर्य और गौतम बुद्ध से भी जुड़ी हुई है, जिससे हमें अपनी साझा विरासत को समझने का अवसर मिला।” जापान की औद्योगिक नीति और मध्यप्रदेश में संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जापानी कंपनियां निवेश के फैसले लेने में बेहद सतर्क रहती हैं और गहन अध्ययन एवं शोध के बाद ही आगे बढ़ती हैं। जापान यात्रा के दौरान हमने जिन प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात कि सभी ने सकरात्मक रूख अपनाते हुए मध्यप्रदेश में निवेश करने की बात कही। उन्होंने बताया कि रेडीमेड गारमेंट्स से जुड़े उद्यमियों से भी चर्चा हुई, जिन्होंने मध्यप्रदेश में निवेश की संभावना को लेकर रुचि दिखाई है। बुलेट ट्रेन और भविष्य की संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान की बुलेट ट्रेन में सफर किया और इसकी उन्नत तकनीक की सराहना की। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अहमदाबाद से मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन परियोजना की बात कही है। ऐसी ही अन्य परियोजनाओं पर काम हो रहा है। जापान की सहायता से भारत में भी भविष्य में इसी तरह की अत्याधुनिक रेल परियोजनाओं को साकार किया जा सकता है।” जापानी लोगों का भारत के प्रति प्रेम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापानी लोगों की मेहमाननवाजी की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि जापान के लोग न केवल अपने देश से प्रेम करते हैं, बल्कि भारत के प्रति भी उनके मन में विशेष सम्मान और आत्मीयता है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान में भारतीय दूतावास और वहां के अधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा मध्यप्रदेश और जापान के बीच व्यापारिक, सांस्कृतिक और तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाई देने में सहायक होगी। पारंपरिक जापानी स्थापत्य और बौद्ध संस्कृति का प्रतीक है किंकाकूजी स्वर्ण मंदिर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान यात्रा के चौथे दिन क्योटो स्थित विश्व प्रसिद्ध किंकाकूजी (स्वर्ण मंदिर) का भ्रमण किया। पारंपरिक जापानी स्थापत्य और बौद्ध संस्कृति का प्रतीक यह मंदिर अपनी सोने की परतों से ढंकी भव्य संरचना और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का अवलोकन किया और जापानी संस्कृति में इसकी ऐतिहासिक महत्ता को करीब से समझा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर के सामने स्थित क्योकाची तालाब के किनारे कुछ समय बिताया, जहां मंदिर का प्रतिबिंब एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। उन्होंने कहा कि “ऐसी ऐतिहासिक धरोहरें सिर्फ स्थापत्य कला का उदाहरण नहीं होतीं, बल्कि वे एक सभ्यता की आत्मा को दर्शाती हैं। जापान ने अपनी संस्कृति को सहेजने का जो प्रयास किया है, वह प्रशंसनीय है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जापान यात्रा सिर्फ सांस्कृतिक आदान-प्रदान तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने जापानी धरोहर संरक्षण, पर्यटन विकास और वास्तुकला के नवाचारों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भी अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है और जापान से इस दिशा में बहुत कुछ सीखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जापान यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच निवेश के साथ सांस्कृतिक और औद्योगिक संबंधों को भी और अधिक सशक्त बनाना है। भ्रमण के दौरान उन्होंने जापान की परंपरागत और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाए रखने की नीति को भी सराहा। जापान में ऐतिहासिक टेम्पल्स में दर्शन के साथ किया कैसल का किया भ्रमण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जापान दौरे के चौथे दिन क्योटो में ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को समझने और मध्यप्रदेश के साथ संभावित सहयोग के नए अवसरों पर विचार-विमर्श के उद्देश्य से प्रसिद्ध निजो-जो कैसल, शेंजुशेंगेन्डो और टोजी टेम्पल का भ्रमण कर दर्शन किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्योटो स्थित निजो-जो कैसल का अवलोकन किया, जो जापान की समृद्ध ऐतिहासिक धरोहर और स्थापत्य कला का प्रतीक है। उन्होंने इस दौरान जापान की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उसके प्रबंधन से जुड़े पहलुओं को भी जाना। इसके साथ ही, उन्होंने शेंजुशेंगेन्डो मंदिर में दर्शन किए, जो अपनी अनूठी वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जापान और मध्यप्रदेश के बीच सांस्कृतिक और औद्योगिक संबंध पहले से ही सुदृढ़ हैं इन्हेंऔर अधिक प्रगाढ़ करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए आयामतलाशे जा रहे हैं, जिससे पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जापान की ऐतिहासिक संरचनाओं और उनके संरक्षण के अनुभव से सीखकर मध्यप्रदेश के पर्यटन और धरोहर स्थलों के विकास में नवाचार लाया जा सकता है। उन्होंने इस दौरे को प्रदेश के विकास और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।  

विश्वास सारंग ने सहकारिता वर्ष-2025 में राज्य स्तर पर हर माह सहकारिता संबंधी एक भव्य आयोजन होगा

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सहकारिता वर्ष-2025 में राज्य स्तर पर हर माह सहकारिता संबंधी एक भव्य आयोजन करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह और सहकारिता विभाग से जुड़े संबंधित विभागों के केन्द्रीय मंत्री के मुख्य आतिथ्य में हर माह कार्यक्रम होंगे। मंत्री श्री सारंग मंत्रालय में सहकारिता वर्ष-2025 के लिये राज्य स्तर पर किये जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहे थे। देश के सहकारी आंदोलन से जुड़े प्रख्यात लोगों को भी जोड़ें मंत्री श्री सारंग ने कहा कि इन कार्यक्रमों में देशभर के सहकारी आंदोलन से प्रख्यात जुड़े लोगों को भी जोड़ा जाये। उन्होंने कहा कि इस दौरान अन्य राज्य के दलों को आमंत्रित कर मध्यप्रदेश में नवाचार और उत्कृष्ट कार्य वाली संस्थाओं का भ्रमण एवं प्रदर्शन करवाया जाये। इसके लिये जो स्टडी ग्रुप आयें, तो उनके साथ मध्यप्रदेश का एक दल उन्हें प्रदेश में किये गये नवाचार और उत्कृष्ट कार्य के बारे में बखूबी जानकारी दे। ग्राम पंचायतों में भी सहकारिता से जुड़ी गतिविधियाँ हों संचालित मंत्री श्री सारंग ने कहा कि राज्य स्तर के साथ हर जिले और ग्राम पंचायतों में भी सहकारिता से जुड़ी गतिविधियाँ संचालित हों। हर जिले में ग्रुप बनाये जायें और ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाये। साथ ही सहकार और सहकारिता के बारे में हायर एजुकेशन के विद्यार्थियों को जानकारी दी जाये। हर गाँव में सहकार सभा जैसे कार्यक्रम हों। इसमें सरपंच और जन-प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाये। सहकारी बैंकों में उपलब्ध सुविधाओं के लिये हो जन-जागरूकता मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सहकारी बैंकों में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जन-जागरण किया जाये। बैंक का बिजनेस बढ़ाने के लिये अभियान चलाया जाये। कृषक और आमजन सहकारी बैंक से जुड़ें, इस पर फोकस किया जाये। वार्षिक कैलेण्डर में सहकारी मंथन, सहकारी सम्मेलन, ग्राहक जागरूकता सम्मेलन, पौध-रोपण अभियान, टर्म-लोन वितरण, नवीन केसीसी स्वीकृति, अमानत संग्रहण, विचार संगोष्ठी, सर्वोत्तम कार्य करने वालों का सम्मान जैसी गतिविधियों का भी समावेश किया जाये। बैठक में प्रबंध संचालक मार्कफेड श्री आलोक कुमार सिंह, पंजीयक सहकारिता श्री मनोज पुष्प, उप सचिव श्री मनोज सिन्हा, प्रबंध संचालक सहकारी संघ श्री ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक आवास संघ श्री रमाशंकर विश्वकर्मा, दुग्ध संघ के डॉ. दुरवार, संयुक्त पंजीयक श्री अमरीश वैद्य, संयुक्त पंजीयक वनोपज संघ श्री बी.पी. सिंह, ओएसडी अपेक्स बैंक सुश्री कृति सक्सेना, सचिव मत्स्य महासंघ श्री यतीश त्रिपाठी और उप सचिव श्री हितेन्‍द्र सिंह वघेला सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

जीसीसी नीति लागू करने वाला भारत का पहला राज्य बना मध्यप्रदेश, तकनीकी उत्कृष्टता का केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने भारत की पहली समर्पित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) नीति 2025 लागू की है। इससे राज्य नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता का केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर हो गया है। यह नीति भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे टियर-2 शहरों को वैश्विक परिचालन केंद्रों के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त करेगी, जिससे भारत में विस्तार की चाह रखने वाले व्यवसायों को प्रतिस्पर्धी लाभ मिलेगा। आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2023 की सफलता को आगे बढ़ाते हुए यह नई नीति मध्यप्रदेश को एक सशक्त जीसीसी ईको सिस्टम प्रदान करने और राज्य को भारत के तकनीकी विकास में अग्रणी बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हाल ही में इस नीति को कैबिनेट की स्वीकृति मिल चुकी है, जो इसके रणनीतिक महत्व और प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाती है। भारत पहले से ही वैश्विक जीसीसी परिदृश्य में अग्रणी है, जहां इसका 50% से अधिक बाजार हिस्सेदारी है और 2023 में यह सेक्टर 46 अरब डॉलर का था, जो 2030 तक 110 अरब डॉलर से अधिक होने की संभावना है। वर्तमान में भारत में 1,600 से अधिक जीसीसी परिचालन में हैं, जहां 19 लाख से अधिक पेशेवर कार्यरत हैं और 2030 तक यह संख्या 45 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है। मध्यप्रदेश के लिए यह क्षेत्र में प्रवेश करने का उपयुक्त समय है, जिससे वह 2030 तक अनुमानित 2,400 से अधिक जीसीसी केंद्रों में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी प्राप्त कर सकेगा। जीसीसी नीति के तहत प्रमुख फोकस सेक्टर मध्यप्रदेश की जीसीसी नीति में पारंपरिक परिचालन के लिए लेवल-1 जीसीसी और उच्च-मूल्य नवाचार के लिए एडवांस जीसीसी को लक्षित किया गया है। नीति आईटी/आईटीईएस, ऑटोमोबाइल, फार्मास्युटिकल्स, जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम और अन्य तकनीकी क्षेत्रों पर केंद्रित है। राज्य में 5 विशेष आर्थिक क्षेत्र और 15 से अधिक आईटी पार्क हैं, जो उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों के लिए समर्पित उत्कृष्टता केंद्रों से सुसज्जित हैं। मध्यप्रदेश की स्वच्छतम शहरों में पूरे वर्ष कम वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) दर्ज किया जाता है, जिससे श्रेष्ठ जीवनशैली और कार्य-जीवन संतुलन सुनिश्चित होता है। यहां कम यात्रा समय और किफायती जीवनयापन के कारण पेशेवरों और व्यवसायों के लिए यह आदर्श स्थान बनता जा रहा है। स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य की कुल स्थापित क्षमता का 27% नवकरणीय ऊर्जा स्रोतों से आता है और ओपन एक्सेस नीतियों के तहत उद्योगों को इसका अधिकतम लाभ मिल रहा है। मध्यप्रदेश में निवेश और व्यवसायों की स्थापना को सरल बनाने के लिए “नो क्वेरी पोर्टल” के माध्यम से सिंगल विंडो क्लियरेंस की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। निवेशकों को मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के माध्यम से व्यापक सहायता प्रदान की जाती है। मध्यप्रदेश में व्यवसाय संचालन की लागत मेट्रो शहरों की तुलना में काफी कम है, जहां कार्यालय स्थान पर 50% तक की बचत, संचालन लागत में 55% तक की कमी और रहने की लागत 60% तक कम है, जिससे यह कंपनियों और पेशेवरों के लिए एक आकर्षक स्थान बनता जा रहा है। राज्य की नई नीति के तहत कंपनियों को विभिन्न प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जिसमें 40% पूंजीगत सब्सिडी (अधिकतम 30 करोड़ रुपये तक), किराया सहायता और पेरोल सब्सिडी शामिल हैं। इसके अलावा, अपस्किलिंग व री-स्किलिंग के लिए प्रतिपूर्ति, मार्केटिंग सहायता, पेटेंट फाइलिंग और आर एण्ड डी खर्चों पर अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश की यह नीति सिर्फ एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि भविष्य का वादा, सतत विकास का रोडमैप और तकनीकी क्रांति में अग्रणी बनने का संकल्प है। जीसीसी नीति-2025 के माध्यम से राज्य भारत के तकनीकी नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी प्रमुख भूमिका सुनिश्चित कर रहा है।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा- एम.पी. ट्रांसको ने सृदृढ की पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत पारेषण व्यवस्था

भोपाल एम.पी. ट्रांसको (म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी) ने धार जिले के 220 के.व्ही. सबस्टेशन पीथमपुर सेक्टर –III में एक 200 एम.व्ही.ए. क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत किया है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि पीथमपुर क्षेत्र के लिये भविष्य में औद्योगिक उपभोक्ताओं की विद्युत की बढ़ती जरूरत और पारेषण विश्वसनीयता के मद्देनजर एम.पी. ट्रांसको ने सबस्टेशन की क्षमता वृद्धि करते हुए इस पावर ट्रांसफार्मर को स्थापित कर ऊर्जीकृत किया है। यह धार जिले का पहला 200 एम.व्ही.ए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने बताया कि लगभग 20.5 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से स्थापित इस ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र की पारेषण क्षमता को सुदृढ़ता प्रदान हुई है। इससे इस सबस्टेशन से जुडे़ अनेक औद्योगिक विद्युत उपभोक्ताओं को काफी फायदा पहुंचेगा, अब उन्हें गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति अतिरिक्त़ क्षमता के साथ उपलब्ध रहेगी । इस ट्रांसफार्मर के स्थापित हो जाने से पीथमपुर सबस्टेशन की क्षमता बढ़कर 819 एम.व्ही.ए. हो गई है। उन्होंने इस सफलता के लिए एम.पी. ट्रांसको के कार्मिकों को बधाई दी है। उल्लेखनीय है कि एम.पी. ट्रांसको के इस सब स्टेशन से सिर्फ औद्योगिक क्षेत्र के लिए ही विद्युत आपूर्ति की जाती है। धार जिले की ट्रांसफारमेशन कैपेसिटी में बढ़ोतरी इस क्षमता वृद्धि से धार जिले की ट्रांसफारमेशन कैपेसिटी बढ़कर 5414 एम.व्ही.ए. की हो गई है। धार जिले में एम.पी. ट्रांसको (मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी) अपने 400 के.व्ही. के दो सबस्टेशन पीथमपुर एवं बदनावर, 220 के.व्ही. के छह: सबस्टेशन धार, पीथमपुर सेक्टर -I, सेक्टर-III, कुक्षी , राजगढ़ धार व कानवान तथा 132 के.व्ही. के 11 सब स्टेशनो के माध्येम से विद्युत पारेषण करती है। एम.पी. ट्रांसको की ट्रांसफारमेशन कैपेसिटी हुई 80914 एम.व्ही.ए. मध्यप्रदेश में एम.पी. ट्रांसको (मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी) अपने 416 सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है। इस क्षमता .वृद्धि से मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी की कुल ट्रांसफारमेशन क्षमता बढ़कर 80914 एम.व्ही.ए. की हो गई है । प्रदेश में एम.पी. ट्रांसको (मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी) के कुल 1022 पावर ट्रांसफार्मर क्रियाशील हैं।  

बिजली तार से हाथियों की मौत: ऊर्जा विभाग के सचिव से व्यक्तिगत शपथ पत्र में कोर्ट ने मांगा जवाब

बिलासपुर बिजली के तारों के कारण हाथियों की मौत के मामले में हाई कोर्ट में शुक्रवार को जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. कोर्ट ने ऊर्जा विभाग के सचिव से व्यक्तिगत शपथ पत्र में जवाब मांगा है. रायगढ़ वन प्रभाग के चुहकीमार जंगल में तीन मादा हाथियों, जिनमें एक शावक भी शामिल था, की मौत ढीले पड़े 11 केवी तार के संपर्क में आने से हो गई थी. यह खबर मीडिया में आने के बाद हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था. इस पूरे मामले में शुक्रवार को चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की डिवीजन बैंच में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत ने इस मामले में हस्तक्षेप याचिका दाखिल करने के बाद हुई हाथी की मौत के मामले में एक किसान पर की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी. वहीं कोर्ट ने अधिकारियों पर जांच कार्रवाई के बारे में भी पूछा. सुनवाई के दौरान यह तथ्य निकलकर आया कि एक याचिका में बिजली तारों की ऊंचाई को बढ़ाने का आदेश दिया गया था. कोर्ट ने कहा कि 14 से बढ़ाना 20 फीट करना किस विभाग की जिम्मेदारी है..? इसके बाद बैंच ने इस मामले में ऊर्जा सचिव और सीएसपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक को नोटिस कर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों के हित में कई नवाचार किऐ जा रहे

भोपाल राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिये कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों के हित में कई नवाचार किऐ जा रहे हैं और उपलब्धियाँ हासिल हो रहीं है। वर्ष 2024-25 में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा मिशन अंतर्गत 2 लाख से अधिक किसानों को लाभांवित किया गया है। मध्यप्रदेश राज्य मिलेट मिशन अंतर्गत कृषकों को डेढ़ करोड़ रूपये से अधिक राशि का लाभ प्रदान किया गया है। वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजनांतर्गत 207 करोड़ रूपये के प्रोजेक्ट एवं 644 करोड़ रूपये की वार्षिक कार्ययोजना स्वीकृत की गई है। रबी विपणन वर्ष 2023-24 में कुल 81 लाख कृषक आवेदनों का 41.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के लिए बीमांकन किया गया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत 25.79 लाख कृषकों को 755 करोड़ राशि के दावा भुगतान किये गये। किसानों को शीघ्रता से हरसंभव दावा भुगतान करने के प्रयास किये जा रहे हैं। बीज से संबंधित एक वर्ष की उपलब्धि     खरीफ 2024 में कुल 22.87 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का शासकीय, सहकारी एवं पंजीकृत निजी बीज उत्पादक संस्थाओं के माध्यम से वितरण किया गया।     प्रदेश के कृषकों को उच्च गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्धता के लिये संभाग स्तर पर 10 बीज परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं।     वर्ष 2023-24 में 21920 बीज नमूना विश्लेषण के लक्ष्य के विरुद्ध कुल 17376 बीज नमूने लिये जाकर 14085 नमूने बीज परीक्षण प्रयोगशाला में विश्लेषित किये गये। जिसमें 12955 मानक तथा 1130 अमानक पाये गये। अमानक नमूनों में 1070 विक्रय प्रतिबंधित, 186 लाइसेंस निलंबन तथा 70 लाईसेंस निरस्त किये गये।     खरीफ 2024 में 13140 बीज नमूना विश्लेषण के लक्ष्य के विरूद्ध कुल 10235 नमूने लिये गये एवं 10212 विश्लेषित किये गये। जिसमें 9422 मानक तथा 790 अमानक पाये गये। अमानक नमूनों में 534 विक्रय प्रतिबंधित, 25 लाइसेंस निलंबन तथा 8 लाईसेंस निरस्त किये गये। राष्ट्रीय मिशन ऑन ईडीबल ऑईल तिलहन वर्ष 2024-25 में स्वीकृत कार्य योजना अनुसार 3629.05 लाख रूपये का आवंटन जिलों को जारी किया गया, जिसके विरुद्ध जिलों ‌द्वारा 1991.45 लाख रूपये का व्यय किया गया है। रेनफेड ऐरिया डेवेलपमेंट योजनान्तर्गत वर्ष 2023-24 में 144.35 लाख रूपये व्यय किये जाकर 1392 हेक्टेयर क्षेत्र के कृषको को लाभान्वित किया गया। सब मिशन ऑन एग्रोफारेस्ट्री योजना सब मिशन ऑन एग्रोफारेस्ट्री योजना में वर्ष 2023-24 में 141 लाख रूपये व्यय किये जाकर 4 नर्सरियों को लाभान्वित किया गया। बलराम तालाब प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनान्तर्गत बलराम तालाब योजना में कृषकों को स्वयं के व्यय पर तालाब निर्माण निर्माण पर सामान्य कृषकों को लागत राशि का 40 प्रतिशत अधिकतम राशि रु. 80 हजार रूपये, लघु सीमान्त कृषकों को लागत राशि का 50 प्रतिशत अधिकतम राशि, 80 हजार रूपये तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के कृषकों को लागत राशि का 75 प्रतिशत अधिकतम एक लाख रूपये का अनुदान दिए जाने का प्रावधान निहित है। वर्ष 2023-24 में 569.30 लाख व्यय किये जाकर 662 बलराम तालाब निर्मित किये गये गये हैं। विभाग ‌द्वारा वर्ष 2024-25 के लिये राशि रुपये 5308.34 का वित्तीय लक्ष्य एवं 6144 बलराम तालाब निर्मित किये जाने का भौतिक लक्ष्य रखा गया है। फसल विविधीकरण फसल विविधीकरण योजनान्तर्गत 6726 किसानों के साथ 4797 हेक्टेयर में विविधीकरण कार्य किया गया है एवं अभी तक लगभग 983.45 लाख रुपये का बायबैक किया गया है  

MP News: लाड़ली बहनों को जल्द मिल सकती है खुशखबरी, बजट में लाड़ली बहना योजना को ज्यादा राशि का प्रावधान!

 भोपाल मध्यप्रदेश की चर्चित योजनाओं में शुमार लाड़ली बहना योजना को मार्च 2025 में बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि मोहन सरकार फरवरी अंतिम या मार्च की शुरुआत में अपना पूर्ण बजट लेकर आ रही है। जिसमें लाड़ली बहना योजना को ज्यादा राशि का प्रावधान किया गया था।  दरअसल, सीएम बनने के बाद डॉ सीएम मोहन यादव ने अपना पहला पूर्ण बजट जुलाई 2024 में प्रस्तुत किया था। साल 2024-25 का बजट 3,65,067 करोड़ रुपये था। जो कि 2023-24 से 16 प्रतिशत ज्यादा था। साल 2024-25 बजट में सबसे ज्यादा ध्यान प्रदेश सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग को दिया था। जिसमें लाड़ली बहना योजना के लिए 18984 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान किया गया था। साल 2024 के बजट को देखते हुए 2025 में भी उम्मीद राज्य सरकार ने साल 2024 के बजट में लाड़ली बहना योजना को ज्यादा तव्वजो दी गई थी। अब साल 2025 के बजट में भी माना जा रहा है कि बहनों के बजट को बढ़ाया जाएगा। अगर ऐसा होता है तो लाड़ली बहनों को मिलने वाली मासिक किस्त की राशि में बढ़ोत्तरी हो सकती है। साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर घोषणा की गई थी कि 1250 की राशि को बढ़ाकर 3 हजार रुपए किया जाएगा। ऐसे में अब पूरी निगाहें बजट पर टिकी हैं। आपको बता दें कि, लाड़ली बहना योजना की शुरुआत साल 2023 के मार्च में तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई थी। जिसमें बहनों को 1 हजार रुपए की सहायता दी जाती थी। इसके बाद रक्षाबंधन पर राशि को बढ़ाकर राशि को 1250 रुपए कर दिया गया। उसके बाद से ही राशि को नहीं बढ़ाया गया है। हालांकि, लाड़ली बहना योजना की किस्त न बढ़ाए जाने का एक कारण कर्ज का बोझ भी है। सरकार पर देश के कुल बकाया कर्ज का पांच प्रतिशत से अधिक बोझ है। लाड़ली बहना योजना चलाने के लिए सरकार को हर महीने 1600 करोड़ रुपए जरूरत रहती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि साल 2025 के बजट में सरकार लाड़ली बहना योजना के लिए कितने रुपए का प्रावधान करती है।

प्रयागराज महाकुंभ में मंत्री जयशंकर के साथ 116 देशों के राजनयिक संगम में आज लगाएंगे डुबकी

प्रयागराज संपूर्ण दुनिया के आकर्षण का केंद्र बना प्रयागराज महाकुंभ नित नए कीर्तिमान रच रहा है। विश्व के 116 देशों के राजनयिक कल महाकुंभनगर आ रहे हैं। सभी राजनयिक प्रयागराज के बमरौली एयरपोर्ट पर उतरेंगे। वहां से हेलीकाप्टर से अरैल पहुंचेंगे। राजनयिकों के साथ विदेशमंत्री एस.जयशंकर पहुंच रहे हैं।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी का प्रयागराज में स्वागत करेंगे। सभी राजनयिक अरैल पहुंचने पर सबसे पहले अपने देश का झंडा फहरायेंगे। इसके बाद संगम में डुबकी लगाने पहुंचेंगे ।यह वैश्विक आयोजन मां गंगा के तट पर होगा। इस समागम में धुर विरोधी रूस और यूक्रेन के राजदूत भी शामिल होंगे। इसके अलावा अमेरिका, बांग्लादेश, जापान, जर्मनी, हंगरी, बेलारूस, कजाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, मलेशिया, जिम्बाम्बे, कम्बोडिया, इटली, नेपाल, थाईलैंड, स्वीडन व स्विटजरलैंड समेत 116 देशों के राजनयिक अमृतकाल के साक्षी बनेंगे।मेला अधिकारी विजय किरन आनंद के अनुसार, इस संबंध में सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राजनयिक संगम में डुबकी लगाने के बाद अक्षयवट और लेटे हुए हनुमान जी का दर्शन करेंगे। इसके बाद डिजिटल अनुभूति केंद्र में प्रयागराज के महात्म्य के संबंध में जानकारी लेंगे। इस बार 116 देशों के राजनायिक आ रहे हैं। वे आज शनिवार को सुबह अरैल पहुंचेंगे। अरैल स्थित टेंट सिटी में उनका परंपरागत तरीके से स्वागत किया जाएगा। इसी क्रम में राजनायिक झंडे को सलामी देंगे। इसके बाद उन्हें क्रूज से वीआईपी घाट लाया जाएगा। संगम पर उनके स्नान की भी व्यवस्था रहेगी। इसके लिए जेटी तैयार की जा रही है। वे अक्षयवट, हनुमान मंदिर में दर्शन करेंगे और संतों से भी मिलेंंगे। विदेशी डेलीगेट्स कला कुंभ, डिजिटल अनुभूति केंद्र समेत अन्य प्रदर्शनियों का अवलोकन करेंगे। शाम को सांस्कृतिक आयोजन में भी शामिल होंगे। इसके बाद वे वाराणसी के लिए रवाना होंगे। मेले में वाटर एटीएम दे रहा है फ्री आरओ पानी यूपी जल निगम ने मेला क्षेत्र में 200 वाटर एटीएम लगाए हैं। इनके माध्यम से श्रद्धालुओं को फ्री आरओ पानी मिल रहा है। प्रतिदिन 12 से 15 हजार लीटर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि मेला प्रशासन ने पहले इसके लिए एक रुपये का शुल्क लगाया था, पर अब यह पूरी तरह मुफ्त है। वाटर एटीएम पर ऑपरेटर बैठते हैं, जो श्रद्धालुओं के कहने पर बटन दबाकर शुद्ध जल उपलब्ध करा रहे हैं। इनकी सेंसर के माध्यम से निगरानी भी होती है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति को डेढ़ करोड़ ने किए हस्ताक्षर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति और मंदिर के भव्य निर्माण को लेकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास की ओर से मेले में चल रहे अभियान में डेढ़ करोड़ लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं। एक फरवरी को सेक्टर-16 स्थित जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राजेश्वर माऊली के पंडाल में महासंवाद होगा। इसमें आगे के आंदोलन की आधारशिला रखी जाएगी। अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की मूल जन्मस्थली (वर्तमान में शाही ईदगाह मस्जिद) को मुक्त कराने के लिए अभियान की शुरुआत जन्मभूमि के मुख्य द्वार से की गई थी। इसमें अब तक डेढ़ करोड़ लोगों ने हस्ताक्षर कर आंदोलन को समर्थन दिया है। साधु-महात्मा, महामंडलेश्वर, जगद्गुरु और शंकराचार्य महासंवाद में शामिल होंगे।  

इंवेस्टर्स समिट में एमपी का जायका चख मेहमानों के मुंह में आ जाएगा पानी , दिल्ली-मुंबई से बुलाए जा रहे मसाले

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 24 और 25 फरवरी को होने जा रहे इंवेस्टर्स समिट में देश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों को बुलाया गया है. इसमें रिलायंस समूह के मुकेश अंबानी, अदाणी समूह के गौतम अडानी सहित कई बड़े उद्योगपति के अलावा विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. समिट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी होंगे. उधर समिट में आने वाले देशी-विदेशी मेहमानों को प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के फूड से लुभाया जाएगा. इसके लिए एमपी टूरिज्म द्वारा खाने का मेन्यू तैयार कराया जा रहा है. देश-विदेश के मेहमानों को मालवा के दाल पानिये, मटर मोगरी की सब्जी परोसी जाएगी. वहीं बुंदेखंड के बरा और चंबल के बफोरी भी मेन्यु में शामिल किए जा रहे हैं. स्थानीय खानों के अलावा कॉन्टिनेंटल, चाइनीज फूड भी होंगे. 50 से ज्यादा व्यंजन परोसे जाएंगे ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में उद्योगपतियों के साथ मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं के साथ मध्य प्रदेश के आथित्य और अलग-अलग क्षेत्र के स्वाद से भी रू-ब-रू कराया जाएगा. समिट में देश के नामचीन उद्योगपतियों के अलावा दूसरे देशों की बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. समिट में करीबन 5 हजार निवेशकों और कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. इन मेहमानों के सामने मध्य प्रदेश के संस्कृति और खान-पान की ब्रांडिंग भी की जाएगी. इसके लिए मेहमानों के सामने 50 से ज्यादा व्यंजन परोसे जाएंगे. एमपी की खास डिश होगी सर्व इनमें मध्य प्रदेश की अलग-अलग क्षेत्रों की डिसेस को परोसा जाएगा. इसमें इंडियन और इंटरनेशनल फूड के अलावा स्थानीय डिसेस भी होंगी. इनके हिसाब से अलग-अलग फूड जोन बनाए जाएंगे. दाल बाफले, दाल पानिए परोसे जाएंगे देशी-विदेशी मेहमानों को मालवा क्षेत्र के प्रसिद्ध दाल बाफले परोसे जाएंगे. इसके अलावा दाल पानिये, आमड़ी की भाजी और मटर मोगरी की सब्जी परोसी जाएगी. बुंदेलखंड क्षेत्र के बरा, गक्कड़-भर्ता, चंबल का बफोरी के अलावा मिलेट्स की रोटी और मिलेट्स के स्वीट्स परोसे जाएंगे. मेन्यु में मध्य प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के एक-एक स्पेशल व्यंजन को शामिल किया जाएगा. फूड जोन में व्यंजनों के साथ उनकी खासियत और क्षेत्र के नामों को प्रदर्शित किया जाएगा. दिल्ली-मुंबई से बुलाए जा रहे मसाले पर्यटन विकास निगम के कॉर्पोरेट शेफ सिद्धार्थ वीरेन्द्र बताते हैं कि “मेन्यू में विदेश से आने वाले मेहमानों के स्वाद का विशेष ख्याल रखा जाएगा. हमारी कोशिश है कि यहां आने वाले सभी मेहमान सभी डिसेस का स्वाद लेकर जाएं. व्यंजनों में स्थानीय के साथ इंडियन और इंटरनेशनल फूड को भी शामिल किया जाएगा. कई डिसेज के लिए मुंबई और पुणे से स्पेशल मसालों को बुलाया जा रहा है. इसमें स्नोपी, बूसल, स्प्राट खासतौर से बुलाए जा रहे हैं. इसके अलावा पांच अलग-अलग तरह की सलाद, 5 अलग-अलग डेजर्ट, तीन तरह से सूप और सादा रोटी के अलावा मिलेट्स तक की रोटी मिलेंगी.” मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के सीजीएम अमन मिश्रा बताते हैं कि “मेन्यू इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि मेहमानों को स्थानीय स्वाद से लेकर इंटरनेशनल डिसेज शामिल हों.” एमपी के स्वाद से सजेगा जीआईएस का मेन्यू ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के लिए ऐसा मेन्यू तैयार किया जा रहा है, जिससे मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और खानपान विरासत की ब्रांडिंग भी हो। मेन्यू को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की खास डिशेस के आधार पर तैयार किया जा रहा है। इसमें मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड और बघेलखंड की पारंपरिक और लोकप्रिय डिशेस शामिल होंगी। कुल 50 तरह के व्यंजन परोसे जाएंगे, जिनमें इंडियन, कॉन्टिनेंटल और चाइनीज जैसे इंटरनेशनल फूड भी रहेंगे। इस खास मेन्यू का उद्देश्य विदेशी और भारतीय मेहमानों को एमपी के स्वाद और व्यंजनों से रूबरू कराना है, ताकि राज्य की खानपान संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान मिले। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मेहमानों के लिए खास मेन्यू ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में 25 देशों के करीब 1000 प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। इसे देखते हुए एमपी टूरिज्म बोर्ड मेहमानों के लिए लोकल, इंडियन और इंटरनेशनल फूड का खास मेन्यू तैयार कर रहा है। इसमें मध्य प्रदेश के पांचों प्रमुख क्षेत्रों – मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड, बघेलखंड और महाकौशल की विशेष व्यंजन शामिल किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विदेश यात्राओं के बाद सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि विदेशी मेहमानों को एमपी के पारंपरिक स्वाद का अनुभव कराया जाए। इसके लिए बोर्ड के अधिकारी लोकल फ्लेवर के साथ पनीर और अन्य कॉमन डिशेस को भी शामिल कर रहे हैं। मप्र पर्यटन विकास निगम के कॉर्पोरेट शेफ सिद्धार्थ बीरेंद्र के मुताबिक, मेन्यू को विदेशी मेहमानों की पसंद के हिसाब से तैयार किया जा रहा है, ताकि हर अतिथि एमपी के स्वाद का आनंद लेकर जाए। समिट के लिए खास मसाले भी होंगे इस्तेमाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के मेन्यू को खास बनाने के लिए कई मसाले और सामग्री मुंबई और पुणे से मंगाई जा रही हैं। कुछ डिशेज में स्नोपी और बूसल स्प्राउट्स जैसे खास इंग्रीडिएंट्स का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, इंटरनेशनल फूड्स के लिए कुछ आवश्यक सामग्री और मसाले विदेशों से भी आयात किए जा सकते हैं, ताकि हर व्यंजन का स्वाद और गुणवत्ता बरकरार रहे। एमपी टूरिज्म बोर्ड इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारी कर रहा है।

प्रदेश में तीन जिलों की फोरलेन सड़क को क्रॉस करेगी नई रेल लाइन, साल 2025 पूरा हो जाएगा काम

भोपाल  ब्यावरा जिले के महत्वपूर्ण भोपाल-रामगंजमंडी रेल लाइन का काम अलग-अलग हिस्सों में भोपाल, सीहोर और राजगढ़ जिले में चल रहा है।ब्यावरा में देवास-ब्यावरा फोरलेन के ऊपर से होकर नई रेल लाइन गुजरेगी तो जयपुर-जबलपुर नेशनल हाइवे राजगढ़ रोड पर सड़क के नीचे से ट्रेन गुजरेगी। दरअसल, दोनों ही जगह काम चालू है। यहां ट्रैक को तैयार करने आसपास पटरियां बिछाई जा रही हैं और ओवरब्रिज के लिए सड़क के दोनों और पिलर खड़े कर दिए हैं।  वहीं, राजगढ़ रोड का उक्त हिस्से का ट्रैफिक डायवर्ट कर रोड को खोदना शुरू कर दिया है, जिसके बाद बड़ा ब्रिज बनेगा और नीचे से ट्रेन गुजरेगी। इसके अलावा अलग-अलग हिस्सों में रेलवे का काम चल रहा है। हालांकि जमीन से जुड़े मामलों को लेकर नरसिंहगढ़ ब्लॉक में कुछ अड़चने हैं, जिन्हें प्रशासन दूर नहीं कर पा रहा है। जमीनी स्तर पर उनका काम जारी है लेकिन निराकरण नहीं हो पाने से रेलवे काम नहीं कर पा रही। पूरे प्रोजेक्ट को यूं समझें एक नजर में भोपाल मंडल निशातपुरा डी-संत हिरदाराम नगर: करीब 10 माह पूर्व यह 10 किमी का ट्रैक तैयार हो चुका है। सीआरएस निरीक्षण हो चुका है। अब यहां से ट्रेन चालू होगी। संत हिरदाराम नगर- झरखेड़ा: यह ट्रैक भी लगभग तैयार है। खिलचीपुर में होने वाले सीआरएस निरीक्षण के साथ ही यहां भी फरवरी के आखिर में निरीक्षण का अनुमान है। राजगढ़ जिला कुरावर-नरसिंहगढ़: जमीन के मामले अटके होने से यहां काम सुस्त है। तुर्कीपुरा और बड़ोदिया तालाब के ग्रामीणों का प्रकरण कोर्ट में है। प्रशासन हल नहीं निकाल पा रहा। ब्यावरा-राजगढ़: स्टेशन बनने के साथ ही नेवच नदी पर ब्रिज बन रहा है। रास्ते में हाइवे को खोदकर नीचे से ट्रैक निकालने का काम किया जा रहा है। खिलचीपुर-नयागांव: पटरियां लगभग बिछाई जा चुकी हैं, फरवरी के आखिर तक इस वाले ट्रैक पर सीआरएस निरीक्षण की उम्मीद जताई जा रही है। कोटा मंडल झालावाड जिला घाटोली-झालावाड़: यह ट्रैक पूरी तरह से तैयार है। यहां ट्रेन चालू है। पैसेंजर गाडिय़ां आने लगी हैं। अब मप्र के नयापुरा तक का ट्रैक तैयार किया जा रहा है। जिले में यहां-यहां रोड क्रॉस करेगी रेल लाइन खिलचीपुर से चलकर जीरापुर रोड को क्रॉस कर राजगढ़ पहुंचेगी। यहां जयपुर-जबलपुर नेशनल हाइवे को क्रॉस कर ब्यावरा पहुंचेंगे। यहां से पड़ोनिया बायपास होकर देवास-गुना फोरलेन को क्रॉस करते हुए भोपाल की और जाएगी। नरसिंहगढ़ में फिर भोपाल-ब्यावरा फोरलेन को क्रॉस कर कुरावर पहुंचेगी। यहां से श्यामपुर जाएगी और फिर वहां दोबारा भोपाल-ब्यावरा फोरलेन को क्रॉस कर झरखेड़ा स्टेशन के लिए निकलेगी। तेजी से चल रहा है काम निशातपुरा से संत हिरदाराम नगर का ट्रैक तैयार है। अब झरखेड़ा वाला तैयार होगा। मप्र की सीमा में विभिन्न जगह काम चल रहे हैं। जमीनों के कुछ मामले शेष हैं। फिलहाल दिसंबर 2025 की डेडलाइन तय है। -हर्षित श्रीवास्तव, सीपीआरओ, पश्चिम मध्य रेल, जबलपुर काम में तेजी आई है, ज्यादा अड़चनें नहीं हैं। बजट को लेकर भी समस्या नहीं है। डेड लाइन की जहां तक बात है तो जल्द से जल्द ट्रैक तैयार करने पर फोकस है। जमीन के प्रकरणों के लिए प्रशासन से बात की है। -रोडमल नागर, सांसद, राजगढ़

पॉवर ट्रांसफार्मर से भोपाल के चौकसे नगर, शारदा नगर, लाबाखेड़ा परेवा खेड़ा, जगदीशपुर बाईपास सहित अनेक गांव होंगे लाभान्वित

भोपाल मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्रांतर्गत भोपाल वृत्त के लाम्बाखेड़ा स्थित 33/11 केवी उपकेंद्र पर 5 एमवीए पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि कर 8 एमवीए नवीन पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के तहत इस पॉवर ट्रांसफार्मर की स्थापना से चौकसे नगर, शारदा नगर, लाम्बाखेड़ा परेवाखेड़ा, जगदीशपुर बायपास, देवल खेड़ी, बिशन खेड़ी, अरवलिया, परवलिया सानी, श्यामपुर आदि ग्रामों के उपभोक्ताओं को निर्बाध तथा गुणवत्तापूर्ण सतत बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने कहा है कि कंपनी कार्यक्षेत्र के अंतर्गत सभी श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कंपनी कृत संकल्पित है। उन्होंने बताया कि ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि से एक ओर जहॉं विद्युत वितरण प्रणाली मजबूत होगी वहीं दूसरी ओर विद्युत हानियां कम होकर प्रणाली की क्षमता वृद्धि से उपभोक्ताओं को पर्याप्त वोल्टेज पर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।  

आज से नए नियम होंगे लागू, UPI ट्रांजेक्शन से लेकर LPG दाम में होंगे ये बड़े बदलाव

नई दिल्ली देश में आज केंद्रीय आम बजट होगा पेश, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में प्रस्तुत करेंगी। बजट को लेकर आम जनता और उद्योग जगत की नजरें टिकी हुई हैं, लेकिन इसके साथ ही कुछ अहम बदलाव भी आज से लागू हो रहे हैं, जो हर घर और जेब पर असर डाल सकते हैं।   1. एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों की समीक्षा करती हैं। बीते कुछ महीनों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कई बदलाव हुए हैं, जबकि 14 किलोग्राम घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर बने हुए हैं। 1 फरवरी को नई दरें जारी होने की उम्मीद है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है या फिर कीमतों में बढ़ोतरी संभव हो सकती है। 2. एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में संशोधन महाकुंभ 2025 के चलते प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण हवाई किराए में उछाल देखा गया, जिसके बाद सरकार और DGCA को हस्तक्षेप करना पड़ा। 1 फरवरी से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हवाई ईंधन (ATF) के दामों में संशोधन करेंगी। बीते महीनों में ATF की कीमतों में कटौती की गई थी, और इस बार भी ऐसी उम्मीद जताई जा रही है। यदि दाम घटते हैं तो हवाई यात्रा करना सस्ता हो सकता है, लेकिन बढ़ोतरी हुई तो यात्रियों की जेब पर असर पड़ेगा। 3. UPI ट्रांजेक्शन के नियमों में बदलाव यूपीआई पेमेंट से जुड़ा एक नया नियम 1 फरवरी से लागू होने जा रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूपीआई ट्रांजैक्शन आईडी को स्टैंडर्डाइज्ड करने का फैसला लिया है। अब केवल अल्फान्यूमेरिक कैरेक्टर्स वाली आईडी से ही ट्रांजैक्शन होंगे। यदि किसी ऐप की ट्रांजैक्शन आईडी में स्पेशल कैरेक्टर्स होंगे, तो वह पेमेंट अमान्य कर दी जाएगी। इस बदलाव का असर Paytm, PhonePe, Google Pay सहित अन्य यूपीआई ऐप के उपयोगकर्ताओं पर पड़ेगा। 4. मारुति सुजुकी की कारें होंगी महंगी देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने 1 फरवरी से अपनी कई कारों के दाम बढ़ाने की घोषणा की है। कंपनी ने लागत बढ़ने के कारण कुछ मॉडल्स की कीमतों में 32,500 रुपये तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इसमें ऑल्टो K10, एस-प्रेसो, सेलेरियो, वैगन आर, स्विफ्ट, डिजायर, ब्रेजा, अर्टिगा, इग्निस, बलेनो, सियाज, XL6, फ्रोंक्स, इनविक्टो, जिम्नी और ग्रैंड विटारा शामिल हैं। अगर आप नई कार खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो इस बदलाव को ध्यान में रखना जरूरी है। 5. बैंकिंग नियमों में बदलाव कोटक महिंद्रा बैंक ने 1 फरवरी 2025 से अपने बैंकिंग नियमों में बदलाव करने की घोषणा की है। इसके तहत एटीएम ट्रांजेक्शन की फ्री लिमिट में कटौती की जा सकती है और कुछ अन्य सेवाओं पर शुल्क बढ़ाए जाने की संभावना है। यदि आप कोटक महिंद्रा बैंक के ग्राहक हैं, तो इन नए बदलावों का सीधा असर आपके बैंकिंग खर्चों पर पड़ेगा। निष्कर्ष: आज से देश में न सिर्फ बजट पेश होगा, बल्कि कई अहम बदलाव भी लागू हो रहे हैं। इनमें गैस सिलेंडर की कीमतें, हवाई ईंधन दरें, यूपीआई नियम, कारों के दाम और बैंकिंग सेवाओं में संशोधन शामिल हैं। इन बदलावों का असर हर व्यक्ति की जेब पर पड़ेगा, इसलिए पहले से तैयारी करना फायदेमंद रहेगा।  

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