LATEST NEWS

आम आदमी पार्टी के ‘अजेय’ होने का दंभ बना हार का कारण, फ्रीबीज पॉलिटिक्स में बीजेपी ने केजरीवाल को दे दी पटखनी

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की आंधी में आम आदमी पार्टी हवा हो गई। वो आम आदमी पार्टी जो लगातार दो चुनावों में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई थी। लेकिन इस बार बीजेपी की कुछ ऐसी हवा चली कि AAP के बड़े-बड़े शूरमा उखड़ गए। खुद अरविंद केजरीवाल चुनाव हार गए। मनीष सिसोदिया चुनाव हार गए। AAP के तमाम दिग्गज चुनाव हार गए। न फ्री का वादा काम आया, न मुफ्त की रेवड़ियां काम आईं और न ही ‘कट्टर ईमानदार’ अरविंद केजरीवाल का चेहरा काम आया। आखिर ऐसा क्या हुआ कि कभी 70 में से 67 और 62 सीटें जीतने वाली आम आदमी पार्टी को इस बार बुरी शिकस्त का सामना करना पड़ा? आइए देखते हैं AAP की हार के 7 बड़े कारण क्या रहे। 1- एंटी-इन्कंबेंसी आम आदमी पार्टी ने अपने जन्म के साथ ही दिल्ली के लोगों के दिल पर राज किया। 2013 के अपने पहले चुनाव में वह बीजेपी के बाद दूसरे नंबर पर रही थी लेकिन त्रिशंकु विधानसभा में वह उस कांग्रेस से हाथ मिला ली, जिसके कथित भ्रष्टाचार के विरोध से राजनीति शुरू की थी। खैर, कांग्रेस के साथ गठबंधन वाली आम आदमी पार्टी की वो सरकार 2 महीने भी नहीं टिकी। उसके बाद 2015 में 70 में से 67 और 2020 में 70 में से 62 सीटों पर जीत के साथ इतिहास रचा। पार्टी लगातार 10 सालों तक दिल्ली की सत्ता में रही। लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करना वैसे भी बहुत आसान नहीं होता क्योंकि सत्ताविरोधी रुझान यानी एंटी-इन्कंबेंसी का खतरा बना रहता है। आम आदमी पार्टी को भी इस फैक्टर का नुकसान उठाना पड़ा। 2- करप्शन का दाग अब इसे विडंबना ही कहेंगे कि जिस पार्टी ने भ्रष्टाचार-विरोधी आंदोलन से जन्म लिया, सत्ता में आने पर वह भी अपने दामन को करप्शन की कालिख से नहीं बचा पाई। खुद को कट्टर ईमानदार कहने वाले अरविंद केजरीवाल को करप्शन का दाग भारी पड़ा। भ्रष्टाचार के आरोपों में उन्हें खुद जेल जाना पड़ा। मनीष सिसोदिया को जेल जाना पड़ा। सत्येंद्र जैन को जेल जाना पड़ा। केजरीवाल और आम आदमी पार्टी लगातार खुद के कट्टर ईमानदार होने की दुहाई देते रहे लेकिन दिल्ली की जनता ने उनको नकार दिया। अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के शिल्पी अरविंद केजरीवाल जब दिल्ली की सत्ता में आए तो एक नई तरह की साफ-सुथरी, ईमानदार और वैकल्पिक राजनीति का वादा किया था। लेकिन किया क्या? सीएजी की रिपोर्ट को विधानसभा की पटल तक पर नहीं रखा। कभी जिस दिल्ली के एक मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना जैन हवाला कांड में अपना नाम लिए जाने पर ही पद से इस्तीफा दे दिया था, उसी दिल्ली में अरविंद केजरीवाल आरोप तो छोड़िए, जेल में जाने के बाद भी इस्तीफा नहीं दिया। लालू प्रसाद यादव से लेकर हेमंत सोरेन तक तमाम मुख्यमंत्रियों ने जेल जाने की नौबत आने पर नैतिकता के आधार पर पद से इस्तीफा दिया था। लेकिन ईमानदारी की राजनीति के कथित चैंपियन केजरीवाल ने तो जेल से सरकार चलाने की ऐसी जिद दिखाई जो भारत की राजनीति में कभी नहीं हुआ। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने इस्तीफा जरूर दिया लेकिन शायद तबतक बहुत देर हो चुकी थी। अगर जेल जाते ही इस्तीफा दिए होते तो 3- मुफ्त बिजली-पानी मॉडल से आगे नहीं बढ़ पाना अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने पहली बार सत्ता में आने के बाद मुफ्त-बिजली पानी वाला मॉडल पेश किया। सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की दशा में भी सुधार का दावा किया। सुधार हुए भी, लेकिन उतने भी नहीं जितना आम आदमी पार्टी ढिंढोरा पीटती है। इस मॉडल की बदौलत दो बार सरकार भी बनाई लेकिन पार्टी इससे आगे नहीं बढ़ पाई। हर नाकामी का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने का चलन चलाया। सड़कें बदहाल रहीं। जगह-जगह गंदगी का अंबार रहा। निगम चुनाव में जीत के बाद साफ-सफाई की जिम्मेदारी से भाग भी नहीं सकते थे। यमुना को साफ करने पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए लेकिन पानी आचमन तो छोड़िए नहाने लायक भी नहीं रहा। ये सब चीजें आम आदमी पार्टी के खिलाफ गईं। 4- फ्रीबीज पॉलिटिक्स में केजरीवाल को मिला तगड़ा कंपटिशन दूसरी तरफ, विरोधियों ने भी केजरीवाल के खिलाफ उसी हथियार का इस्तेमाल किया जो उनकी ताकत थी। ये हथियार था मुफ्त वाली योजनाओं का जिन्हें राजनीति में फ्रीबीज या मुफ्त की रेवड़ियां भी कहा जाता है। केजरीवाल की फ्रीबीज पॉलिटिक्स को मुफ्त की रेवड़ियां बताकर और देश के लिए घातक बताकर खारिज करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी भी इसी होड़ में कूद गए। बीजेपी ने भी महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये, त्योहारों पर मुफ्त सिलिंडर, बुजुर्गों के लिए बढ़ी हुई पेंशन, मुफ्त इलाज जैसे लोकलुभावन वादे किए। साथ में ये भी कि आम आदमी पार्टी की सरकार की तरफ से चलाई जा रहीं मुफ्त वाली योजनाओं को भी जारी रखेंगे। इस चुनाव से पहले तक बीजेपी दिल्ली में मुफ्त की रेवड़ियों का विरोध किया था लेकिन इस बार उसने केजरीवाल के ही हथियार से केजरीवाल को मात दे दी। ये बात दीगर है कि फ्रीबीज पॉलिटिक्स से दिल्ली की इकॉनमी का कचूमर निकलता है, सत्ता तो आ ही गई। 5- केंद्रीय बजट दिल्ली में आम आदमी पार्टी की हार के कारणों में केंद्रीय बजट को भी गिना ही जाएगा। चुनाव से ठीक पहले जिस तरह बजट में मध्यम वर्ग को बड़ी सौगात दी गई, 12 लाख रुपये तक की आमदनी और वेतनभोगियों के मामले में तो 12.75 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी को इनकम टैक्स से मुक्त करने का जो ऐलान हुआ, उसका सीधा लाभ बीजेपी को दिल्ली चुनाव में मिला है। 6-अरविंद केजरीवाल की गैर-जिम्मेदार राजनीति अरविंद केजरीवाल ने सियासत में कदम रखते ही अलग तरह की राजनीति के नाम पर बिना किसी सबूत या आधार के बाकी सभी पार्टियों और उनके नेताओं को थोक के भाव में चोर-बेईमान का सर्टिफिकेट बांटना शुरू किया था। ये सिलसिला तब खत्म हुआ जब उन्हें नितिन गडकरी, कपिल सिब्बल, अवतार सिंह भड़ाना जैसे तमाम नेताओं से अदालतों में माफी मांगनी पड़ी। खैर इन सबका उन्हें राजनीतिक नुकसान नहीं उठाना पड़ा, बस ये फर्क पड़ा कि हर विरोधी नेता को चोर बताने की उनकी आदत छूट गई। लेकिन इस बार के दिल्ली … Read more

छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के मामलों का त्वरित किया जा रहा निपटारा

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के मामलों का त्वरित निपटारा किया जा रहा है। उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने कमजोर वर्ग, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों के शीघ्र समाधान और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है। इसका सकारात्मक असर दिख रहा है। मुख्य न्यायाधीश के निर्देशानुसार, छत्तीसगढ़ में 28 विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए हैं, जहां न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। इन कोर्ट्स में महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई हो रही है, जिससे पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल रहा है। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज नवंबर 2019 से जनवरी 2025 तक इन फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 8,500 नए मामलों को दर्ज किया। वहीं, इसी अवधि में 10,006 मामलों का निराकरण किया गया। यह दिखाता है कि इन मामलों की निपटान दर 118 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो न्यायिक प्रक्रिया में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। पीड़ितों को दिया जा रहा मुआवजा मुख्य न्यायाधीश द्वारा स्वप्रेरणा से दायर जनहित याचिका (पीआईएल) क्रमांक- 23/2024 में पारित आदेश के अनुसार, महिलाओं से जुड़े आपराधिक मामलों में पीड़ितों को आर्थिक मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत अब तक 26,41,00,200 रुपये (26.41 करोड़ रुपये) की राशि पीड़ितों को वितरित की जा चुकी है। अपराधों की संख्या में आई कमी तेजी से मामलों के निराकरण के चलते महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों में गिरावट देखी गई है। इससे समाज में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और पीड़ितों को राहत मिल रही है। फास्ट ट्रैक कोर्ट की इस सफलता ने छत्तीसगढ़ को त्वरित न्याय प्रणाली के क्षेत्र में अग्रणी बना दिया है। महिलाओं व बच्चों को न्याय देने की इस पहल से समाज में न्याय की नई रोशनी फैली है। कानून का पालन करना सभी का कर्तव्य पेंड्रारोड की जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र गौरेला में पहुंची। यहां लगाए गए विधिक साक्षरता शिविर में उन्होंने कहा कि कानून का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है। इसके लिए कानून की जानकारी आवश्यक है। उन्होंने संस्था में मौजूद 220 छात्र-छात्राओं को कानून की जानकारी दी। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरैशी के मार्गदर्शन में विधिक जागरूकता शिविर तालुका विधिक सेवा समिति पेंड्रारोड के द्वारा किया गया। इन मामलों की दी गई जानकारी इस मौके पर तालुका विधिक सेवा समिति पेंड्रारोड की अध्यक्ष एवं जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल के मार्गदर्शन में शिविर आयोजित किया गया। विधिक शिविर में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश अग्रवाल ने निश्शुल्क अधिवक्ता से संबंधित, नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य प्रकरणों से संबंधित, मोटर यान अधिनियम एवं साइबर अपराध से संबंधित जानकारी दी गई। शिविर में पैरालीगल वालेंटियर लीलावती राठौर एवं अनिल कुमार रैदास उपस्थित थे। शिविर में प्राचार्य डीएस आर्मो एवं शिक्षक सुरेंद्र चतुर्वेदी, अरविंद पांडेय, हरीश जांगड़े, सुमित तिवारी, टेकलाल पाटले, मिनी आभा पांडेय, भारती छलके अन्य उपस्थित थे।  

बजट में मोदी सरकार का टैक्स छूट वाला दांव दिल्ली चुनाव में मास्टरस्ट्रोक हुआ साबित

नई दिल्ली  दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 का रिजल्ट लगभग आ चुका है। बीजेपी दिल्ली में सरकार बनाती हुई साफ दिखाई दे रही है। इसकी सिर्फ औपचारिकता ही बाकी है। आम आदमी पार्टी की करारी हार हो चुकी है। बीजेपी राष्ट्रीय राजधानी में 27 साल बाद सरकार बनाएगी। 8वें वेतन आयोग और 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री करने की घोषणा, ये दो ऐसे कारण रहे जिनसे बीजेपी को फायदा हुआ। दिल्ली में ऐसे काफी लोग हैं जिनकी सैलरी 12 लाख रुपये सालाना है। इतनी सैलरी इनकम टैक्स फ्री करने से ऐसे लोगों को फायदा होगा। वहीं दिल्ली में रहने वाले केंद्र सरकार के रिटायर कर्मचारियों की संख्या भी काफी है। केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। इन दो कारणों से भी दिल्ली का मिडिल क्लास वोटर बीजेपी के पक्ष में जाता नजर आया है। 8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग को बनाने की घोषणा की है। इससे करीब 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी मिलेगी। 8वां वेतन आयोग लागू होने से न केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी होगी, बल्कि महंगाई भत्ता (डीए) भी बढ़ेगा। इसके अलावा 8वें वेतन आयोग से करीब 65 लाख रिटायर्ड केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की पेंशन और भत्ते में भी बढ़ोतरी होगी। केंद्रीय कर्मचारियों की दिल्ली में अच्छी खासी संख्या है। वहीं यहां काफी रिटायर्ड कर्मचारी भी रहते हैं। ऐसे में उन्हें बीजेपी में एक उम्मीद दिखाई दी और इनका अधिकतर वोट बीजेपी के पक्ष में जाता दिखाई दिया। इनकम टैक्स में कटौती इस महीने एक फरवरी को केंद्रीय बजट आया था। इसमें सरकार ने सालाना 12 लाख रुपये तक की सैलरी वालों का इनकम टैक्स जीरो कर दिया है। दिल्ली में ऐसे लोगों की संख्या काफी है जिनकी सालाना सैलरी 12 लाख रुपये तक है। वहीं दूसरी ओर सरकार ने इनकम टैक्स की नई व्यवस्था को भी संशोधित किया है। इसके स्लैब में बदलाव होने से लोगों को अब कम इनकम टैक्स चुकाना होगा। इनकम टैक्स में हुए इन बदलावों को देखते हुए हाई सैलरीड क्लास वर्ग भी बीजेपी के पक्ष में नजर आया। इसके अलावा इनकम टैक्स में राहत से मिडिल क्लास भी काफी खुश नजर आया और उनसे भी बीजेपी की जीत में अपना योगदान दिया।

भारतीय रेलवे ने 15 फरवरी से शुरू की इन रूट्स पर 10 स्पेशल ट्रेन, वेटिंग होने से पहले बुक कर लें टिकट

भोपाल रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे ने फरवरी में यूपी, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के रास्ते 10 स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है।इन स्पेशल ट्रेनों का परिचालन फरवरी मेंअलग-अलग तिथि को किया जाएगा। यात्री अपनी सुविधा के हिसाब से टिकट बुकिंग करा सकते हैं। गाड़ी संख्य 69233/69234 वड़ोदरा-दाहोद-वड़ोदरा मेमू समेत एक दर्जन ट्रेनें 28 फरवरी तक निरस्त रहेगी।यात्री इन स्पेशल ट्रेनों के ठहराव की विस्तृत जानकारी रेल मदद नम्बर 139 या फिर www.enquiry.indianrail.gov.in या NTES App पर जाकर भी डिटेल्स प्राप्त कर सकते हैं। फरवरी में चलेगी ये स्पेशल ट्रेन     गाड़ी संख्या 09537 राजकोट-बनारस ट्रेन 15 और 19 फरवरी को राजकोट से सुबह 06.05 बजे रवाना होकर अगले दिन 02.45 बजे बनारस पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09538 बनारस-राजकोट ट्रेन 16 और 20 फरवरी को बनारस से शाम 07.30 बजे रवाना होकर तीसरे दिन तड़के 04.10 बजे राजकोट पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09555 भावनगर टर्मिनस-बनारस 16 व 20 फरवरी को भावनगर से सुबह 5 बजे रवाना होगी, और अगले दिन दोपहर 2:45 बजे बनारस पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09556 बनारस-भावनगर टर्मिनस 17 और 21 फरवरी को रात 7:30 बजे बनारस से रवाना होकर तीसरे दिन सुबह 5 बजे भावनगर पहुंचेगी।यह महेसाना, पालनपुर, आबूरोड, ब्यावर, अजमेर, किशनगढ, जयपुर, भरतपुर, आगरा फोर्ट, फतेहपुर, प्रयागराज समेत कई स्टेशनों पर रूकेगी।     गाड़ी संख्या 09453, साबरमती-बनारस महाकुंभ मेला स्पेशल रेलसेवा दिनांक 21.02.25 को (01 ट्रिप) साबरमती से 11.00 बजे रवाना होकर जयपुर स्टेशन पर 23.10 बजे आगमन व 23.20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 16.00 बजे बनारस पहुंचेगी।यह महेसाणा, पालनपुर, आबूरोड,ब्यावर, अजमेर, किशनगढ, जयपुर, भरतपुर, आगराफोर्ट,इटावा,फतेहपुर, प्रयागराज समेत कई स्टेशनों पर रुकेगी।     गाड़ी संख्या 09454, बनारस-साबरमती महाकुंभ मेला स्पेशल रेलसेवा दिनांक 22.02.25 को (01 ट्रिप) बनारस से 19.30 बजे रवाना होकर अगले दिन जयपुर स्टेशन पर 13.15 बजे आगमन व 13.20 बजे प्रस्थान कर दिनांक 24.02.25 को 00.30 बजे साबरमती पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09139 विश्वामित्री-बलिया महाकुंभ स्पेशल 22 फ़रवरी को सुबह 8:35 बजे विश्वामित्री से चलकर दाहोद (12:12/12:14), रतलाम (1:35/1:45), नागदा (2:38/2:40), उज्जैन (3:55/4:05) व शुजालपुर (5:58/6:00) बजे होती हुई अगले दिन 20:30 बजे बलिया पहुंचेंगी।     गाड़ी संख्या 09140 बलिया-विश्वामित्री महाकुंभ स्पेशल 23 फरवरी को रात 11:30 बजे बलिया से चलकर शुजालपुर (1:27/1:29), उज्जैन (3:40/3:50), नागदा (4:40/4:42), रतलाम (5:20/5:30), दाहोद (7:01/7:03) होती हुई सोमवार सुबह 10:05 बजे विश्वामित्री पहुंचेंगी।     गाड़ी संख्या 01203 नागपुर-दानापुर कुंभ मेला स्पेशल  08 फरवरी को नागपुर से 15:00 बजे खुल कर अगले दिन 06:20 बजे प्रयागराज छिवकी रुकते हुए 13:00 बजे दानापुर पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 01204 दानापुर-नागपुर कुंभ मेला स्पेशल 09 फरवरी को दानापुर से 14:30 बजे खुल कर 21.25 बजे प्रयागराज छिवकी रुकते हुए अगले दिन 11:40 बजे नागपुर पहुंचेगी। 28 फरवरी तक ये ट्रेने रद्द     ट्रेन नंबर 12355 अर्चना एक्सप्रेस 8, 11, 15, 18, 22, 24 फरवरी तक ।ट्रेन नंबर12356 अर्चना एक्सप्रेस  9, 12, 16, 19, 23, 25 फरवरी तक ।     ट्रेन नंबर 15655 कामाख्या-माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस 9, 16, 23 फरवरी तक ।ट्रेन नंबर 15656 माता वैष्णो देवी कटरा-कामाख्या एक्सप्रेस 12, 19, 26 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 12469 कानपुर-जम्मू एक्सप्रेस 12, 14, 19, 21, 26, 28 फरवरी के लिए ।ट्रेन नंबर 12470 जम्मू-कानपुर एक्सप्रेस  11, 13, 18, 20, 25, 27 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 12491 बरौनी-जम्मू मोरध्वज एक्सप्रेस 9, 16, 23 फरवरी तक।ट्रेन संख्या- 8035/18036, खड़गपुर-हटिया-खड़गपुर एक्सप्रेस 9 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 12492 जम्मू-बरौनी मोरध्वज एक्सप्रेस  14, 21, 28 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 14611 गाजीपुर-वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस 14, 21, 28 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 14612 वैष्णो देवी कटरा-गाजीपुर एक्सप्रेस 13, 20 और 27 फरवरी तक ।

सैटेलाइट नेटवर्क से ग्रामीण इलाकों में पहुंचा इंटरनेट

नई दिल्ली एलन मस्क हो या जियो… अभी सभी कंपनियों का पूरा फोकस सैटेलाइट नेटवर्क पर है। दरअसल इस नेटवर्क की मदद से सभी कंपनियों की यूजर्स तक पकड़ काफी आसान होने वाला है। लेकिन अभी बहुत सारे लोगों के मन में सवाल है कि आखिर सैटेलाइट नेटवर्क या सैटेलाइट इंटरनेट क्या चीज है और ये कैसे काम करता है। ऐसे बहुत सारे मौके साबित हुए हैं जब इस तकनीक ने लोगों की काफी मदद की है। आज हम आपको इसके बारे में जानकारी देने जा रहे हैं तो चलिये आपको भी इसके बारे में बताते हैं- सैटेलाइट नेटवर्क सैटेलाइट नेटवर्क की जगह पहले हम अभी उपलब्ध नेटवर्क की बात करते हैं। इंटरनेट की बात करें तो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को इंटरनेट सिग्नल Fiber की मदद से मिलता है और ये डेटा सर्वर से आता है। इस सिग्नल को सेंट्रल स्टेशन पर भेजा जाता है और फिर इसे मॉडम या सब्सक्राइबर्स को वितरित किया जाता है। अब इसमें क्या होगा कि बीच में सैटेलाइट की एंट्री होगी और इंटरनेट सिग्नल सैटेलाइट की मदद से वितरित किया जाएगा। पृथ्वी से सिग्नल सैटेलाइट को दिया जाएगा और फिर इसे अलग-अलग राउटर पर ट्रांसफर कर दिया जाएगा। ग्राउंड स्टेशन की मदद से नेटवर्क को सैटेलाइट को भेज दिया जाएगा और ये हर किसी को नेटवर्क ट्रांसफर करेगा। सैटेलाइट की मदद से नेटवर्क वितरित करने का सबसे बड़ा फायदा होगा कि ये ग्रामीण इलाकों में भेजा जाएगा। यही इसका सबसे बड़ा फायदा होता है। साथ ही नेटवर्क की पहुंच भी ज्यादा हो जाती है। सैटेलाइट नेटवर्क हर लिहाज से पॉजिटिव साउंड करता है। एलन मस्क की तरफ से भी इस पर तेजी से काम किया जा रहा है। वोडाफोन-आइडिया की तरफ से हाल ही में सैटेलाइट नेटवर्क की मदद से कॉलिंग भी की गई है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि भारत में भी बहुत जल्द इस नेटवर्क की शुरुआत हो सकती है।

आज तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला अपने नाम करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा भारत

कटक श्रृंखला के शुरूआती मैच में शानदार प्रदर्शन से उत्साहित भारत रविवार को बाराबती स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले दूसरे मैच में रविवार को तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला अपने नाम करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा वहीं मेहमान इंग्लैंड सीरीज को जीवित रखने के लिए पुरजोर कोशिश करेगा। नागपुर में पहले वनडे में आसान जीत हासिल करने के बाद, भारतीय टीम मुकाबले में लय के साथ उतरेगी। हालाँकि, कप्तान रोहित शर्मा की फॉर्म को लेकर चिंता बनी हुई है। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी से पहले केवल दो मैच बचे हैं और सलामी बल्लेबाज अपनी फार्म को वापस पाने के लिये बेकरार होगा। रोहित ने मैच से पहले कहा, “मैं बस यही चाहता हूं कि हम यह सुनिश्चित करते रहें कि हम जितनी बार संभव हो सही चीजें करें। ऐसा कुछ भी खास नहीं है जिसे हम हासिल करना चाहते हैं। हम सिर्फ गेंदबाजी, बल्लेबाजी और अन्य पहलुओं को चुस्त दुरुस्त और अधिक बेहतर रखना पसंद करेंगे।” नागपुर में पदार्पण मैच पर प्रभावित करने वाले युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा अपने प्रदर्शन को आगे बढ़ाना चाहेंगे। हालाँकि इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों ने उन्हें शुरू में ही दबाव में डाल दिया था, लेकिन उन्होंने जोरदार वापसी की और तीन महत्वपूर्ण विकेट लेकर मेहमान टीम को 248 रन पर रोक दिया। दूसरे वनडे में इंग्लैंड के शीर्ष क्रम के खिलाफ उनकी भूमिका अहम साबित हो सकती है। रन मशीन विराट कोहली की वापसी से भारत के बल्लेबाजी क्रम में बदलाव देखने को मिल सकता है। अनुभवी बल्लेबाज घुटने में दर्द के कारण पहला वनडे नहीं खेल सके और इस मैच में उनकी भागीदारी की अभी भी साफ नहीं हुई है। यदि वह लौटते हैं, तो टीम प्रबंधन को कठिन निर्णय का सामना करना पड़ेगा कि किसे बाहर रखा जाए, क्योंकि उनकी जगह लेने वाले श्रेयस अय्यर ने सफल रन चेज़ में शानदार अर्धशतक बनाया है। अय्यर ने मैच के बाद कहा था, “हम सभी जानते हैं, दुर्भाग्य से, एक खिलाड़ी चोटिल हो गये और फिर मुझे मौका मिला। लेकिन मैंने खुद को तैयार रखा। मुझे पता था कि किसी भी समय, मुझे मौका मिल सकता है।” दूसरी ओर, इंग्लैंड वापसी के लिए बेताब होगा। श्रृंखला के शुरुआती मैच में उनकी बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और उन्हें अपने मध्यक्रम से मजबूत प्रयास की जरूरत होगी। मेहमान भारत की मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप को रोकने के लिए अपने गेंदबाजों पर भी भरोसा करेंगे, जिन्होंने नागपुर में आसानी से लक्ष्य का पीछा किया था। दोनों टीमों के बीच बहुत कुछ दांव पर होने के कारण, बाराबती स्टेडियम में क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक रोमांचक मुकाबला इंतजार कर रहा है। भारत की जीत सीरीज पर कब्जा कर लेगी, जबकि इंग्लैंड सीरीज को निर्णायक मुकाबले में धकेलने के लिए बेताब होगा। टीम इंडिया: रोहित शर्मा (कप्तान), शुबमन गिल, श्रेयस अय्यर, यशस्वी जयसवाल, विराट कोहली, ऋषभ पंत, केएल राहुल, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, वरुण चक्रवर्ती। टीम इंग्लैंड: जोस बटलर (कप्तान), हैरी ब्रूक, बेन डकेट, जो रूट, फिलिप साल्ट, जेमी स्मिथ, जैकब बेथेल, ब्रायडन कार्स, लियाम लिविंगस्टोन, जेमी ओवरटन, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, साकिब महमूद, आदिल राशिद, मार्क वुड।  

बेंगलुरु में पब और नाइटलाइफ क्षेत्र में अभूतपूर्व संकट, पिछले एक साल में 40 से अधिक पब बंद हो गए

बेंगलुरु  कर्नाटक का आईटी हब बेंगलुरु, जहां देशभर से आए सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स रहते हैं। यह वह शहर है जहां पांच दिन दफ्तरों पर भीड़ रहती है और वीकेंड्स पर बार और पब फुल रहते हैं। सुबह तक इतनी शराब पी जाती है कि बार-पब्स का पूरे हफ्ते की आमदनी दो दिनों में होती है। लेकिन अब यहां लग रहा है कि इंजीनियर्स में पार्टी का बुखार खत्म हो गया है। शहर का पब और नाइटलाइफ क्षेत्र एक अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा है, क्योंकि पिछले एक साल में 40 से अधिक पब बंद हो गए हैं। उद्योग जगत के लिकर लीडर्स में अब टेंशन बढ़ गई है। उनका मानना है कि पब्स के बंद होने के पीछे बढ़ती संचालन लागत, फुट-फॉल में 0.20-25 प्रतिशत की गिरावट और सरकार के लगाए गए मूल्य वृद्धि है। बेंगलुरु में 2000 से ज्यादा पब पब मालिक तत्काल कर्नाटक राज्य सरकार से नीतिगत सुधारों, वित्तीय सहायता और सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं के लिए आह्वान कर रहे हैं ताकि उनके व्यवसाय को बनाए रखने में मदद मिल सके। बेंगलुरु में 2000 से ज्यादा पब और शराब बनाने के कारखाने हैं। पिछले दिनों से कोरमंगला जैसे क्षेत्रों में कुछ सबसे गंभीर प्रभाव दिख रहे हैं। जहां पिछले साल कई पब बंद हो गए।  रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) बेंगलुरु चैप्टर के सचिव अनंत नारायण ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार बहुत जरूरी राहत नहीं देती, तब तक बंद होने की दर बढ़ सकती है। पब के बजाय हो रहीं हाउस पार्टियां? पब्स में घटती भीड़ के पीछे कुछ लोग अन्य कारण भी बताते हैं। लोगों में सोशल बिहेवियर चेंज देखने को मिल रहा है। अब वे बाहर जाकर पार्टी करने की बजाए घर पर पार्टीज करना पसंद कर रहे हैं। यही कारण है कि पबों में कम ग्राहक आए हैं। इसके अतिरिक्त, कॉर्पोरेट खर्च में कमी और नौकरी की असुरक्षा ने रात्रि जीवन की घटती मांग में योगदान दिया है। यह क्षेत्र, जिसका मूल्य 600 करोड़ रुपये से 1,000 करोड़ रुपये के बीच है, भारी वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है, जिसमें अचल संपत्ति और वेतन सहित परिचालन लागत सालाना लगभग 10 प्रतिशत बढ़ रही है, जबकि मुनाफे में गिरावट जारी है। बढ़ीं चुनौतियां चिन लंग रेस्टो बार चेन के मालिक प्रज्वल लोकेश ने जोर देकर कहा कि कर्मचारियों की चुनौतियों और भयंकर प्रतिस्पर्धा ने स्थिति को और बढ़ा दिया है। जबकि कर्मचारियों को कुशल बनाना और रुझानों के साथ बने रहना महत्वपूर्ण है। इस मार्केट में कभी छोटे प्रतिष्ठानों का वर्चस्व था, अब मुख्य रूप से छूट-उन्मुख मानसिकता से संचालित है, जिससे नए उद्यमों की सफलता की संभावना कम हो जाती है। जटिल है लाइसेंस की प्रक्रिया जटिल और बोझिल लाइसेंस प्रक्रिया एक और महत्वपूर्ण बाधा है। पब मालिकों को कानूनी रूप से संचालित करने के लिए कम से कम नौ अलग-अलग लाइसेंस प्राप्त करने होते हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें हाल ही में मूल्य वृद्धि की गई है। बीयर की कीमतों में वृद्धि ने, विशेष रूप से, अतिरिक्त तनाव पैदा कर दिया है, कुछ प्रतिष्ठान अतिरिक्त लागतों का प्रबंधन करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कर्नाटक आबकारी आयुक्त आर. वेंकटेश कुमार ने बीयर और भारतीय निर्मित शराब (आईएमएल) पर हाल ही में शुल्क वृद्धि का बचाव किया। उन्होंने कहा, कि वृद्धि मामूली थी और मुख्य रूप से उच्च-स्तरीय उत्पादों को टारगेट किया गया था। उन्होंने कहा कि निचले स्तर के उत्पाद, जो उद्योग के लिए अधिकांश राजस्व उत्पन्न करते हैं, अप्रभावित रहे। यह स्वीकार करते हुए कि मुद्रास्फीति ने कुछ लागतों को बढ़ाया है, उन्होंने समग्र क्षेत्र पर शुल्क वृद्धि के प्रभाव को कम किया।

EPFO :15 फरवरी तक पूरा कर लें ये काम वरना नहीं मिलेगा ये लाभ

नई दिल्ली  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organization) के कर्मचारियों-खाताधारकों के लिए जरूरी खबर है। ईएलआई योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए यूएएन एक्टिवेशन और बैंक खातों के साथ आधार सीडिंग की समय सीमा एक बार फिर बढ़ा दी गई है, अब कर्मचारी 15 फरवरी 2025 तक ये काम पूरा कर सकते है। ध्यान रहे एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम का लाभ उठाने के लिए EPFO मेंबर्स को अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर एक्टिवेट करना और बैंक अकाउंट में आधार लिंक करना जरूरी है।EPFO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि EPFO के अंतर्गत आने वाले नियोक्ता ध्यान दें!ELI योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए UAN एक्टिवेशन और बैंक खातों के साथ आधार सीडिंग की समय सीमा 15 फरवरी 2025 तक बढ़ा दी गई है।कर्मचारियों को सुचारू लाभ के लिए समय पर अनुपालन सुनिश्चित करें! क्या है ईएलआई स्कीम     केन्द्र सरकार ने बजट-2024 में ELI स्कीम की घोषणा की थी, इस स्कीम में 3 तरह की योजनाएं शामिल हैं, A, B और C। तीनों ही योजनाओं का मकसद एंप्लायमेंट जेनरेशन को बढ़ावा देना और नए कर्मचारियों को आर्थिक मदद मुहैया कराना है।     EPFO के प्रत्येक सब्सक्राइबर के पास आधार से जुड़ा UAN होना आवश्यक है, जिसे सदस्य पोर्टल पर लॉगिन बनाकर सक्रिय करना होगा ताकि सिंगल विंडो से कई सुविधाएं प्राप्त की जा सकें।     वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में रोजगार से जुडी प्रोत्साहन योजना के लिए 3 योजना ए,बी और सी की घोषणा की गई थी।ELI  का मुख्य उद्देश्य नई नौकरियां बढ़ाना और कर्मचारियों व नियोक्ताओं को मदद देना है।     इसमें 2 लाख करोड़ रुपये के खर्च के साथ 5 साल में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और दूसरे मौके पैदा करने का टार्गेट रखा गया है।ईएलआई स्कीम का टार्गेट 2 साल में 2 करोड़ से ज्यादा जॉब्स पैदा करना है।     योजना के तहत जो पहली बार नौकरी कर रहे हैं, उन कर्मचारियों को 15,000 रुपए तक की सैलरी तीन किश्तों में दी जाएगी। यह पैसा सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में जाएगा।     इस योजना में नियोक्ता और नए कर्मचारियों को EPFO योगदान पर 4 साल तक इंसेंटिव मिलेगा।इसमें हर नए कर्मचारी पर सरकार नियोक्ता को 3,000 रुपए प्रति माह देगी।यह मदद दो साल तक मिलेगी। नियोक्ता ज्यादा लोगों को नौकरी पर रख सकेंगे। 1 लाख रुपए तक की सैलरी वाले कर्मचारी भी इसका लाभ ले सकते हैं। UAN नंबर कैसे एक्टिवेट करें     सबसे पहले ईपीएफओ की वेबसाइट epfindia.gov.in पर जाएं।      सर्विसेंज सेक्शन में For Employees पर क्लिक करें।     सर्विसेज कॉलम में दूसरे स्थान पर नजर आ रहे Member UAN Online Service OCS OTCP पर क्लिक करें।     इसके बाद Activate UAN पर क्लिक करें।     अब 12 डिजिट वाला UAN और आधार नंबर, नाम, डेट ऑफ बर्थ, आधार लिंक मोबाइल नंबर, कैप्चा कोड आदि भरें।     नीचे दिए गए डिक्लेयरेशन के चेक बॉक्स पर क्लिक करें।     Get Authorization Pin बटन पर क्लिक करें।     अब ओटीपी को भरें और सबमिट बटन पर क्लिक करें।     इस तरह से आपका UAN एक्टिवेट हो गया है।

प्रसव कक्ष में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर को नवजात शिशुओं की देखभाल और उपचार के बारे में एम्स के विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी

भोपाल  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल द्वारा नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। जिसमें सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट, एन बी सी सी, एन बी एस यू और प्रसव कक्ष में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर को नवजात शिशुओं की देखभाल और उपचार के बारे में एम्स के विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में शासकीय और निजी चिकित्सा महाविद्यालयों और अस्पतालों के नर्सिंग अधिकारी शमिल होंगे। एम्स के विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि नवजात शिशुओं का स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। नवजात देखभाल और उपचार सेवाओं को और बेहतर करने के लिए उन्मुखीकरण प्रशिक्षण आयोजित किया गया है।  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल द्वारा नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। जिसमें सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट, एन बी सी सी, एन बी एस यू और प्रसव कक्ष में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर को नवजात शिशुओं की देखभाल और उपचार के बारे में एम्स के विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में शासकीय और निजी चिकित्सा महाविद्यालयों और अस्पतालों के नर्सिंग अधिकारी शमिल होंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि नवजात शिशुओं का स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। नवजात देखभाल और उपचार सेवाओं को और बेहतर करने के लिए उन्मुखीकरण प्रशिक्षण आयोजित किया गया है।

ग्रीस के खूबसूरत सेंटोरिनी द्वीप पर भूकंप का आना लगातार जारी, आपात स्थिति घोषित

एथेंस  ग्रीस के खूबसूरत सेंटोरिनी द्वीप पर भूकंप का आना लगातार जारी है। पर्यटकों की पंसदीदा इस जगह पर पिछले दो हफ्तों में 7,700 से ज्यादा बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं। इनमें कई दफा भूकंप की तीव्रता 5.0 के आसपास रही है। इस स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। यहां आए सभी पर्यटकों को निकाल लिया गया है, जबकि कई इलाकों से स्थानीय लोगों को भी सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। भूकंपों का असर सेंटोरिनी के ज्वालामुखी पर भी पड़ा है। इस घटनाक्रम ने सेंटोरिनी के लोगों को 1956 के भयावह भूकंप की याद दिला दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सेंटोरिनी में भूकंप का दौर 26 जनवरी से शुरू हुआ। इसके बाद से लगातार भूकंप आ रहे हैं। सबसे ज्यादा झटके इस हफ्ते मंगलवार को आए, जब एक ही दिन में 1300 बार धरती हिली। इनमें से कुछ की तीव्रता 4.9 से 5.0 तक थी। इससे लोगों में दहशत फैली हुई है। ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस ने सेंटोरिनी के हालात का जायजा लिया है। उन्होंने कहा है कि सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है, लोग शांति बनाए रखें। ज्वालमुखी का भी डर भूकंप का असर सेंटोरिनी के ज्वालामुखी पर भी देखा गया है। सैटेलाइट से मिले रडार डेटा के आधार पर थेसालोनिकी के एरिस्टोटल यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर माइकलिस फॉउमेलिस ने बताया है कि हमें ज्वालामुखी में कुछ बदलाव दिख रहे हैं। पहले यह शांत था लेकिन अब इसमें हलचल हुई है। हालांकि यह बदलाव बहुत ज्यादा नहीं हैं। आने वाले दिनों में पूरी तस्वीर साफ होगी। भूकंपों के झटके और ज्वालामुखी की आशंका को देखते हुए सरकार तैयारी कर रही है। एहतियातन 15,000 लोगों को द्वीप से निकाला जा चुका है। इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। पुरुष अपने घरों में ही रुके हुए हैं। एक महिला क्रिसा पप्पस ने कहा कि पुरुष फिलहाल घरों की देखभाल के लिए रुके हैं। हम सब बहुत डरे हुए हैं। हमारा द्वीप लगातार हिल रहा है और किसी को नहीं पता कि आगे क्या होगा। 1956 जैसे हालात होने का डर! ग्रीक भूकंपविज्ञानी अकिस त्सेलेपिस ने चेतावनी दी है कि 1956 के विनाशकारी भूकंप के लिए जिम्मेदार फॉल्ट लाइन फिर से सक्रिय हो गई है। 69 साल पहले आए इस भूकंप में 50 लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे। उन्होंने कहा कि भूकंपीय गतिविधि कम नहीं हो रही है बल्कि यह गति पकड़ रही है। आशंका है कि हम फिर से उसी परिमाण का भूकंप देख सकते हैं।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट : स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश जारी

भोपाल भोपाल में 24 व 25 फरवरी को प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा व्यवस्था के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल द्वारा सभी शासकीय और निजी चिकित्सा संस्थाओं को चिकित्सा सेवाओं की तैयारी करने हेतु कहा गया है। 24 एवं 25 फरवरी को आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री, अधिकारीगण, मल्टीनेशनल कंपनियों के प्रतिनिधि, उद्योगपति एवं गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। तैयारी रखने के निर्देश समिट के दौरान 23 से 26 फरवरी के बीच पी एम श्री एयर एम्बुलेंस सर्विसेज को आकस्मिक स्थिति के लिए एयर एम्बुलेंस तैयार रखने हेतु कहा गया है। भोपाल जिले में संचालित सभी 108 एम्बुलेंस तथा उनके उपकरणों की कार्यशीलता सुनिश्चित की जा रही है। आवश्यक होने पर अन्य जिलों की 108 एम्बुलेंस को भी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अतिथियों के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक बिंदु पर समीक्षा कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। सी एम एच ओ भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी द्वारा जारी निर्देशों में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ , सपोर्ट स्टाफ की उपलब्धता , आकस्मिक स्थिति हेतु पर्याप्त संख्या में बेड्स की व्यवस्था, ऑपरेशन थिएटर, विभिन्न समूह के रक्त की व्यवस्था, जीवन रक्षक उपकरणों, औषधियां, ऑक्सीजन, वेंटीलेटर, एचएफएनसी, सीपेप, एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कहा गया है। पहले से ही रिहर्सल कर मुस्तैद रहने के आदेश जारी सभी स्वास्थ्य संस्थाओं को चिकित्सा सेवाओं के साथ साथ उपकरणों, एम्बुलेंस, विद्युत व्यवस्था, जनरेटर इत्यादि की कार्यशीलता के परीक्षण हेतु कहा गया है। वी आई पी कारकेड हेतु अत्यधिक मेडिकल उपकरणों से युक्त एम्बुलेंस, विशेषज्ञ चिकित्सकीय दल, ब्लड ग्रुप के आधार पर डोनर्स की व्यवस्था , शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य संस्थाओं में आईसीयू कक्ष आरक्षित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर भी चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाएगी।

अगले महीने लगने वाला है सूर्य ग्रहण, पहला सूर्यग्रहण 29 मार्च को और दूसरा 21-22 सितंबर को होगा

इंदौर साल 2025 में चार बड़ी खगोलीय घटनाएं होने वाली हैं- दो सूर्य ग्रहण (सूर्य ग्रहण) और दो चंद्र ग्रहण (चंद्र ग्रहण)। साल का पहला सूर्य ग्रहण, एक गहरा आंशिक ग्रहण, 29 मार्च, 2025 को होगा। हालांकि, यह घटना भारत में दिखाई नहीं देगी। 29 मार्च को होने वाला सूर्य ग्रहण आंशिक होगा, जिसका मतलब है कि चंद्रमा सूर्य की सतह के केवल एक हिस्से को ही ढकेगा। खगोलविदों के अनुसार, चंद्रमा की केंद्रीय छाया पृथ्वी को नहीं छुएगी, जिसका मतलब है कि कोई पूर्ण ग्रहण नहीं होगा। जबकि यूरोप के अधिकांश हिस्से आंशिक सूर्य ग्रहण देखेंगे, भारत इस खगोलीय घटना को नहीं देख पाएगा। यह घटना यूरोप, एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और अटलांटिक और आर्कटिक महासागरों के कुछ हिस्सों में दिखाई देगी।   इस साल होंगे दो सूर्यग्रहण वर्ष 2025 में दो सूर्यग्रहण होंगे, लेकिन जनवरी में कोई भी नहीं होगा। पहला सूर्यग्रहण 29 मार्च को और दूसरा 21-22 सितंबर को होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्यग्रहण को अशुभ माना जाता है और इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने से परहेज़ किया जाता है।   ग्रहण कब शुरू होगा? नासा के अनुसार, 29 मार्च को आंशिक सूर्य ग्रहण इस समय शुरू होगा: 4:50 AM EDT (पूर्वी डेलाइट टाइम) 8:43 AM GMT (ग्रीनविच मीन टाइम) सूर्य ग्रहण क्या है? सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है, जिससे हमारे ग्रह पर छाया पड़ती है। यह संरेखण केवल अमावस्या के चरण के दौरान होता है, जो इसे एक आकर्षक घटना बनाता है। 2025 में, पृथ्वी दो सूर्य ग्रहण देखेगी, जिनमें से दोनों आंशिक ग्रहण होंगे। वर्ष का दूसरा सूर्य ग्रहण सितंबर 2025 में बाद में होने की उम्मीद है। खुली आंखों से देखना आंखों के लिए घातक विशेषज्ञ सूर्य ग्रहण देखते समय सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। ग्रहण के दौरान नंगी आँखों से सूर्य को देखना आपकी आँखों को नुकसान पहुँचा सकता है। इस खगोलीय घटना का सुरक्षित रूप से आनंद लेने के लिए धूप का चश्मा, दूरबीन या सोलर व्यूअर जैसे सुरक्षात्मक गियर का उपयोग करना आवश्यक है।

भोपाल में जीआईएस आगंतुकों के लिए 1500 कमरे तैयार, 50 देशों के प्रतिनिधि सम्मेलन में शामिल होंगे

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट समिट के लिए तैयार है। कई देशों से आने वाले मेहमानों के लिए 50 होटलों में 1500 कमरे बुक किए गए हैं। साथ ही 100 टेंट वाली एक खास टेंट सिटी भी बनाई गई है। एमपी टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन मेहमानों की ठहरने की व्यवस्था देख रहा है। सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। भोपाल में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में दुनिया भर के 50 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इन मेहमानों के स्वागत के लिए भोपाल पूरी तरह से तैयार है। ठहरने के लिए वीआईवी और वीवीआईपी कमरे बुक किए गए हैं। इसके अलावा टेंट सिटी भी मेहमानों को एक अनोखा अनुभव प्रदान करेगी। एमपी टूरिज्म देख रहा रहने की व्यवस्था मेहमानों के ठहरने की पूरी जिम्मेदारी एमपी टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के पास है। कॉर्पोरेशन के एमडी इलया राजा ने कहा कि किसी भी तरह की कमी नहीं होने देंगे। मेहमानों के स्वागत के लिए राजधानी पूरी तरह तैयार है। यह कथन दर्शाता है कि प्रशासन मेहमान नवाजी के लिए कितना तत्पर है। होटलों की किया जा रहा अपग्रेड चुने गए होटलों को सभी मानकों के अनुसार अपग्रेड किया जा रहा है। सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और सांस्कृतिक अनुभवों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सम्मेलन के दौरान बुकिंग और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने एक समर्पित समन्वय प्रकोष्ठ स्थापित किया है। मेहमानों के लिए जगह जगह हेल्प डेस्क होटल, टेंट सिटी और समिट स्थल के बीच परिवहन की व्यवस्था अंतिम रूप दे दी गई है। सभी जगहों पर पर्यावरण के अनुकूल उपायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रतिनिधियों की सहायता के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर सूचना कियोस्क और हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। यादगार समिट बनाने की तैयारी कॉर्पोरेशन सेवाओं के सुचारू समन्वय को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसके अलावा, अंतिम समय की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त आवास विकल्पों की भी पहचान की गई है। पर्यटन विभाग ने मेहमानों के लिए शहर के विस्तृत गाइड भी तैयार किए हैं। इससे मेहमान शहर की खूबसूरती का आनंद ले पाएंगे। सब मिलकर इस सम्मेलन को यादगार बनाने के लिए प्रयासरत हैं। भोपाल में 24 और 25 फरवरी को ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस) होगी। इसमें देश-विदेश से करीब 20 हजार मेहमान आएंगे। अंबानी, अडाणी, महिंद्रा, टाटा समेत देश के 50 बड़े उद्योगपति भी आएंगे। VVIP के लिए फाइव स्टार होटल्स में 1 लाख रुपए के रूम भी बुक हो रहे हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजभवन में रुक सकते हैं। जीआईएस में आ रहे मेहमानों के रुकने के लिए व्यवस्था की जिम्मेदारी मप्र राज्य पर्यटन विकास को सौंपी गई है। एमपी टूरिज्म और प्राइवेट समेत कुल 48 होटल्स में प्रीमियम, सुइट और डीलक्स स्तर के 1397 कमरे 23, 24 और 25 फरवरी के लिए ब्लॉक किए गए हैं। इन रूम्स का रोज का किराया ही एक लाख रुपए है। इनमें अंबानी-अडाणी जैसे बड़े उद्योगपतियों को रुकवाया जा सकता है। हालांकि, अभी कौन किस होटल में रुकेगा, यह तय नहीं हुआ है। उद्योगपतियों के आने का ‘ओके’ होते ही यह तय हो जाएगा। मेहमानों के लिए इन होटल्स में बुकिंग 5 स्टार होटल ताज लेक फ्रंट, कोटयार्ड बाय मेरियट और होटल रेडिशन में प्रेसिडेटिंयल सुइट, लग्जरी सुइट, एक्जीक्यूटिव सुइट, डीलक्स लेक व्यू, लग्जरी, डीलक्स रूम, कोटयार्ड सुइट, क्लब रूम, जूनियर सुइट, विंटरग्रीन जैसे रूम हैं। जिनका एक दिन का किराया 12 हजार से 1 लाख रुपए तक है। 2, 3 और 4 स्टार होटल्स में भी 1600 से 4 हजार रुपए प्रतिदिन तक के कमरे हैं। सांची, उदयगिरी में भी ठहरेंगे मेहमान भोपाल की 5 सितारा होटलों में बड़े उद्योगपति, केंद्रीय मंत्रियों को रुकवाने का प्लान है। इसलिए यहां सुरक्षा का कड़ा घेरा रहेगा। विदेशी मेहमानों के लिए भी यहां रुकने की व्यवस्था हो सकती है। हालांकि, बड़े होटल्स में करीब 2 हजार कमरे ही हैं। ऐसे में सांची, उदयगिरी और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद बड़े होटल या रिसोर्ट में भी मेहमानों का इंतजाम किया जा रहा है। कुछ होटलों में शादियों की बुकिंग दरअसल, 24 फरवरी को कई शादियां भी होंगी। इसके लिए प्राइवेट होटलों में पहले से बुकिंग हो चुकी है। इस कारण भी शहर से बाहर बड़े होटलों की लिस्ट बनवाई गई है। इन प्रमुख उद्योगपतियों को आमंत्रण जीआईएस में जिन प्रमुख उद्योगपतियों को आमंत्रित किया जा रहा है, उनमें मुकेश अंबानी, गौतम अडाणी, एन. चंद्रशेखरन, नोएल एन. टाटा, आनंद महिंद्रा, जमशेद एन. गोदरेज, संजीव पुरी, संजीव बजाज, सतीश रेड्‌डी, नादिर गोदरेज, पवन मुंजाल, एसएन सुब्रह्मण्यम, रिशद प्रेमजी, अजीज प्रेमजी, सलिल एस. पारेख, दिलीप संघवी, वेणु श्रीनिवासन, सुनील भारत मित्तल, बाबा एन. कल्याणी, उदय कोटक शामिल हैं। कुछ की सहमति मिल गई है, जबकि बाकी की आ रही है। इसके अलावा, कई विदेशी मेहमान भी भोपाल पहुंचेंगे। इनमें से कई 23 फरवरी को ही आ जाएंगे, जिनके स्वागत के लिए खास तैयारियां की जा रही हैं। प्लान के अनुसार, 23 फरवरी की रात में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भोपाल में आ सकते हैं। वे और सीएम डॉ. मोहन यादव रात में इन मेहमानों के साथ डिनर करेंगे, जबकि 24 और 25 फरवरी को लंच और डिनर का आयोजन होगा। मेहमानों के लिए खास मेन्यू तैयार किया जा रहा है, जिसमें भारतीय, इंटरनेशनल और मध्यप्रदेश की पारंपरिक डिशेज़ को शामिल किया गया है। खास मेहमानों को परोसेंगे 50 स्पेशल डिश अब तक यह समिट इंदौर में होती आई थी, लेकिन इस बार भोपाल को इसकी मेजबानी का मौका मिला है। इसे लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार बैठकें हो रही हैं, और खासतौर पर मेहमानों के खानपान को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कुल 50 तरह के व्यंजन परोसे जाएंगे। खास मेन्यू को लेकर अधिकारियों-शेफ्स में चर्चा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भारत के प्रमुख उद्योगपतियों समेत जापान, स्पेन और अन्य देशों से विदेशी निवेशक भी आएंगे। उनके स्वागत के लिए एमपी टूरिज्म बोर्ड एक अनोखा और बहुआयामी मेन्यू तैयार कर रहा है, ताकि विदेशी और भारतीय मेहमानों को मध्य प्रदेश के स्वादिष्ट पारंपरिक व्यंजन परोसे जा सकें। खास मेन्यू को लेकर संबंधित अधिकारियों और शेफ्स के बीच चर्चा … Read more

इस बार उज्जैन सिंहस्थ 2028 कुछ हटकर होगा, सिंहस्थ की जमीन पर हाईटेक और स्थायी कुंभ नगरी बसाने की योजना

उज्जैन  सिंहस्थ क्षेत्र को आधुनिक स्वरूप देने की बड़ी योजना पर काम शुरू हो गया है. सिंहस्थ की भूमि पर स्थायी कुंभ नगरी बसाने की तैयारी है. इसमें हाईटेक अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी. इस प्रोजेक्ट के तहत उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) लैंड पूलिंग स्कीम के तहत लगभग 2378 हेक्टेयर क्षेत्र में कुंभ नगरी विकसित करेगी. इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य सिंहस्थ 2028 के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है. स्थायी संरचनाओं के साथ आधुनिक सुविधाएं अब तक सिंहस्थ मेले के दौरान अस्थायी निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते थे, जो सिंहस्थ के पूरा होते ही हटा दिए जाते थे. लेकिन इस बार स्थायी सड़कें, बिजली, सीवरेज सिस्टम, जल आपूर्ति और अन्य नागरिक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा. इस हाईटेक धार्मिक नगरी की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं. देश में पहली बार स्थायी कुंभ नगरी उज्जैन में     इंटरकनेक्टेड सड़कों का नेटवर्क : 60 से 200 फीट चौड़ी सड़कें बनाई जाएंगी, जो मेला क्षेत्र को सुव्यवस्थित तरीके से जोड़ेंगी.     स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट : भीड़ नियंत्रण के लिए सड़कों को इस तरह डिज़ाइन किया जाएगा कि सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को सुगमता से डायवर्ट किया जा सके.     अत्याधुनिक सीवरेज और जल निकासी प्रणाली : अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम और वॉटर मैनेजमेंट से सफाई बनी रहेगी.     भव्य प्रवेश द्वार : धार्मिक महत्व को दर्शाने वाले शानदार प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे.     हरे-भरे सार्वजनिक स्थल : पार्क, वॉकिंग पाथवे, ओपन जिम, और प्लांटेशन का विशेष ध्यान रखा जाएगा. उज्जैन के लोगो के साथ ही किसानों को लाभ मिलने का दावा सरकार का दावा है कि यह योजना सिर्फ सिंहस्थ के लिए नहीं, बल्कि उज्जैन के किसानों और स्थानीय लोगों के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखकर बनाई गई है.     लैंड पूलिंग स्कीम के तहत 50% भूमि किसानों के पास ही रहेगी, जिससे उन्हें अपनी जमीन पर बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.     25% भूमि सड़क निर्माण में जाएगी, जिसमें बिजली, पानी, और सीवरेज जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी.     5% भूमि हरित क्षेत्र, उद्यान, और सार्वजनिक पार्कों के लिए आरक्षित होगी.     5% भूमि पर अस्पताल, स्कूल, पुलिस स्टेशन, और अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. स्थायी कुंभ नगरी पर खर्च होंगे 2 हजार करोड़ रुपए इस परियोजना पर करीब 2000 करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य है. पहली बार सिंहस्थ क्षेत्र में स्थायी विकास होगा, जिससे हर 12 साल में बार-बार अस्थायी निर्माण की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे भविष्य में खर्च भी कम होगा और उज्जैन को एक सुनियोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी के रूप में पहचान मिलेगी. उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी का कहना है “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदृष्टि यह है कि उज्जैन को धार्मिक पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित किया जाए. इसके तहत सिंहस्थ 2028 के लिए तैयार होने वाली यह कुम्भ नगरी न केवल श्रद्धालुओं के लिए सहूलियत लाएगी, बल्कि स्थानीय किसानों, व्यापारियों और निवासियों के लिए भी वरदान साबित होगी.” 1806 किसानों की जमीन होगी लैंड पूलिंग स्थायी कुंभ सिटी तैयार करने उज्जैन विकास प्राधिकरण 1806 किसानों की करीब 5000 सर्वे वाली जमीन की लैंड पूलिंग करेगा। ऐसा पहली बार होगा जब सिंहस्थ भूमि पर स्थायी सड़कें, बिजली के पोल और अन्य निर्माण कार्य किए जाएंगे। यहां 60 से 200 फीट तक की सड़कें बनेगी। ये सभी इंटर कनेक्ट रहेंगी। इसका फायदा यह होगा कि श्रद्धालु सुगमता से कुंभ में आ-जा सकेंगे। प्रशासन भी भीड़ बढ़ने पर क्राउड को समय रहते शिफ्ट कर सकेगा। दरअसल, अब तक सिंहस्थ भूमि पर स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं थी। जिससे मंगलनाथ क्षेत्र और शिप्रा नदी से मुरलीपुरा तक के आसपास की सिंहस्थ भूमि पर विकास नहीं हो पाया था। लेकिन, उज्जैन विकास प्राधिकरण की इस योजना से यह पूरा क्षेत्र स्थायी तौर पर विकसित हो सकेगा।

प्रदेश में अब किसान, किसान समूह या निजी व्यक्ति लैंड पुलिंग करके टाउनशिप बना सकेंगे

 भोपाल मध्य प्रदेश में शहरों के आसपास किसान, किसानों के समूह या निजी व्यक्ति लैंड पुलिंग करके टाउनशिप बना सकेंगे यानी यदि उनके पास एकीकृत टाउनशिप बनाने के लिए आवश्यक भूमि नहीं है तो वे आसपास के किसान या निजी भूमि को मिलाकर परियोजना बनाएंगे। इसके लिए भूमि दिलाने के लिए डेवलपर या विकासकर्ता विकास प्राधिकरण या अन्य एजेंसियों से अनुरोध कर सकेंगे। वह आपसी सहमति के आधार पर भूमि दिलाने में भूमिका निभाएगी। यदि परियोजना क्षेत्र में सरकारी भूमि आती है तो अधिकतम आठ हेक्टेयर सीमा की छूट दी जा सकेगी। टाउनशिप नीति तैयार की इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने एकीकृत टाउनशिप नीति तैयार की है। इसमें लैंड पुलिंग का प्रावधान रखा गया है। नियम सरल बनाए गए हैं। यह प्रावधान विकास प्राधिकरण सहित अन्य हाउसिंग प्रोजेक्ट करने वाली एजेंसियों के लिए भी लागू होंगे। प्रस्तावित नीति पर अंतिम निर्णय 11 फरवरी को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में होगा। सुविधाओं का विकास नहीं हो पाता अभी कॉलोनाइजर नियम में कॉलोनी बनाने के लिए न्यूनतम क्षेत्र की कोई आवश्यकता नहीं है इसलिए शहरों में छोटे-छोटे समूहों में कॉलोनियों का निर्माण हो रहा है, लेकिन इसमें सुविधाओं का विकास नहीं हो पाता है। इसके लिए एकीकृत टाउनशिप नीति तैयार की गई है। एक निश्चित स्थान पर कॉलोनी बनेगी इसमें नगर निगम सीमा या योजना क्षेत्र के भीतर पांच लाख से कम जनसंख्या वाले शहर में न्यूनतम दस हेक्टेयर में कॉलोनी का विकास किया जाएगा। पांच लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहर में भूमि की यह सीमा दस हेक्टेयर और नगर निकाय सीमा या उसके बाहर न्यूनतम 40 हेक्टेयर रहेगी। इसका मतलब यह हुआ कि अब छोटे-छोटे समूह के स्थान पर एक निश्चित क्षेत्र में कॉलोनी बनेगी। परियोजना क्षेत्र निर्धारित होगा इसके लिए किसान या निजी व्यक्ति के पास आवश्यकता के अनुरूप भूमि नहीं है तो वह समूह बनाकर काम करेगा। लैंड पुलिंग करके परियोजना क्षेत्र निर्धारित होगा। डेवलपर प्रस्तावित टाउनशिप की सीमा के अंदर 80 प्रतिशत भूमि प्राप्त कर चुका है और शेष भूमि प्राप्त करने में विफल रहता है तो वो संबंधित प्राधिकरण से भूमि अधिग्रहित करने का अनुरोध करेगा। सीमा में छूट दी जाएगी आपसी सहमति के आधार पर भूमि की व्यवस्था कराई जाएगी। सरकारी भूमि के परियोजना क्षेत्र में आने पर अधिकतम आठ हेक्टेयर तक छूट दी जा सकती है। कृषि भूमि खरीदने पर उच्चतम जोत सीमा में छूट दी जाएगी क्योंकि भूमि उद्देश्य विशेष के लिए ली जा रही है। 50 प्रतिशत का उपयोग जनसुविधा के लिए स्टांप ड्यूटी और अतिरिक्त फ्लोर रेशियो एरिया में छूट दी जाएगी। इसके साथ ही विकास प्राधिकरण या अन्य निर्माण एजेंसी अधिग्रहित की गई जमीन में से 50 प्रतिशत का उपयोग जनसुविधा के लिए कर सकेंगी।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet