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Sports Ministry ने WFI से बैन हटाया, 16 महीने बाद लिया फैसला, संजय सिंह ही रहेंगे अध्यक्ष

नई दिल्ली खेल मंत्रालय ने मंगलवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) पर लगा निलंबन वापस ले लिया. जिससे उनके लिए घरेलू प्रतियोगिताओं के आयोजन और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए राष्ट्रीय टीमों के चयन का रास्ता साफ हो गया. मंत्रालय ने अंडर-15 और अंडर-20 राष्ट्रीय चैंपियनशिप की जल्दबाजी में घोषणा करने के कारण 24 दिसंबर 2023 को डब्ल्यूएफआई को निलंबित कर दिया था. संजय सिंह के नेतृत्व वाली समिति ने 21 दिसंबर, 2023 को डब्ल्यूएफआई का चुनाव जीता था, लेकिन पूर्व डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के गढ़ गोंडा के नंदिनी नगर में राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए स्थल के चयन से सरकार नाराज थी. मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि डब्ल्यूएफआई ने सुधारात्मक कदम उठाए हैं, इसलिए उसने निलंबन हटाने का फैसला किया है. जनवरी 2023 में, विनेश फोगट, साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया और अन्य सहित ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय पहलवानों के एक समूह ने बृज भूषण द्वारा महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न के कारण WFI को भंग करने की मांग करते हुए धरना दिया था. जिसके बाद बृजभूषण को निलंबन का सामना करना पड़ा था. उनकी जगह उनके करीबी संजय सिंह को WFI का अध्यक्ष बनाया गया था.

भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम का कार्यकर्ताओं ने लड्डुओं से तौलकर किया सम्मान

भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम का कार्यकर्ताओं ने लड्डुओं से तौलकर किया सम्मान  पुष्पराजगढ़ के बेनीबारी मंडल में जिला अध्यक्ष का हुआ भव्य स्वागत अनूपपुर  भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम का इन दोनों अनूपपुर जिले के समस्त मंडलों में स्वागत सम्मान समारोह का कार्यक्रम निरंतर चल रहा है इसी कड़ी में 10 मार्च 2025 को  पुष्पराजगढ़ विधानसभा के बेनीबारी मंडल में भाजपा मंडल अध्यक्ष रजनीश उद्दे्य  द्वारा कार्यशाला तथा भाजपा जिला अध्यक्ष का स्वागत सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया जहां पर भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम  का फूल मालाओं से स्वागत करते हुए कार्यकर्ताओं ने लड्डुओं से तौल कर सम्मान किया। भाजपा जिला अध्यक्ष का वजन 75 किलो ग्राम लड्डुओं से तौल कर किया गया। आदिवासी अंचल में आयोजित सम्मान समारोह में पहुंचे भाजपा जिला अध्यक्ष का कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया।  हीरा सिंह श्याम ने सभी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार प्रकट किया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे भाजपा संगठन का एक-एक कार्यकर्ता संगठन की नीव होता है जिसके दम पर आज भारतीय जनता पार्टी बट वृक्ष के रूप में दिखाई दे रही है संगठन के और विस्तार के लिए हम सभी को मिलकर आगे कार्य करना होगा जिससे कि भारतीय जनता पार्टी अंतोदय के सपने को पूरा कर सके। केंद्र में मोदी  एवं प्रदेश में मोहन सरकार के द्वारा आदिवासियों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चलाकर उनके जीवन में परिवर्तन लाने का कार्य किया गया है। बैगा आदिवासियों की चिंता आज तक किसी सरकार ने नहीं की लेकिन हमारे देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री के द्वारा बैग जनजातीय समाज के लिए विशेष योजना लाकर उनके जीवन में परिवर्तन लाने का कार्य किया है। समाज कल्याण की दिशा में भाजपा एवं भाजपा की सरकार निरंतर कार्य करते हुए देश को परम वैभव की शिखर पर ले जाने की ओर अग्रसर है। आयोजित कार्यशाला एवं स्वागत सम्मान समारोह में भाजपा के मंडल अध्यक्ष रजनीश उद्दे्य गोपाल सिंह केशव सिंह धुर्वे प्रवीण सिंह गहरवार अरुण चौकसे उमेश पाठक नरेश मिश्रा राजेंद्र चतुर्वेदी के अलावा भाजपा के कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे

होली खेलने के वक्त ही पढ़नी है नमाज़ तो जैसे बेगम हिजाब पहनती हैं, वैसे ही एक तिरपाल पहन लें, ताकि रंगों से बच जाएं : मंत्री रघुराज सिंह

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री रघुराज सिंह ने अलीगढ़ में विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि होली में जिसको रंग से बचना है वह तिरपाल (पॉलिथीन) का हिजाब पहने, जैसे मुस्लिम महिलाएं पहनती हैं. पुरुष भी वैसे ही तिरपाल पहनें ताकि रंग से उनकी टोपी और शरीर बचा रहे, अगर ये नहीं कर सकते तो घर पर ही रहें. मंत्री रघुराज सिंह ने आगे कहा कि होली में व्यवधान उत्पन्न करने वालों के लिए तीन जगहें हैं- जेल जाएं, प्रदेश छोड़ दें या फिर यमराज के पास अपना नाम लिखवा लें. रघुराज सिंह ने यह भी कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मंदिर बनेगा, उन लोगों को बहुसंख्यकों का सम्मान करना चाहिए. मंत्री रघुराज सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि साल में 52 बार जुमे आते हैं और होली एक दिन. इसलिए एक दिन देरी से नमाज पढ़ लें. अगर नमाज होली खेलने के वक्त ही पढ़नी है तो मेरा सुझाव है कि जैसे बेगम हिजाब पहनती हैं, वैसे ही एक तिरपाल पहन लें, ताकि रंगों से बच जाएं. बकौल मंत्री- सरकार का आदेश है कि होली मनाई जाएगी, होली मनेगी भी. क्योंकि, यह एक आस्था का प्रश्न है. सतयुग, द्वापर, त्रेता के बाद अब कलयुग में भी होली मनाई जा रही है. रंगों से बचना है तो टोपी वाले लोग तिरपाल का अच्छा से एक हिजाब बनवाएं और उसको पहनकर बाहर जाएं. इससे उनकी टोपी गीली नहीं होगी. चूंकि, हम यह नहीं कह सकते कि रंग 20 मीटर तक डालो या 25 मीटर तक डालो, ऐसा हो नहीं सकता, जिनको रंग से ऐतराज है वह ये काम करें. जिनको एतराज नहीं है उनका स्वागत है. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी मामले में मंत्री रघुराज सिंह ने कहा कि AMU प्रशासन से मैं आग्रह करूंगा कि यह यूनिवर्सिटी हिंदुस्तान में है, पाकिस्तान में नहीं. जैसा बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ व्यवहार हो रहा है, वैसा नहीं चलेगा. यहां बहुसंख्यकों के अनुरूप चलना पड़ेगा. हमारे टैक्स से इनको सैलरी मिलती है. AMU वाले गलतफहमी के शिकार ना हों. हिंदुस्तान का कानून यहां लागू होता है. तब कांग्रेस का जमाना था, जिसमें ये सब चलता था, लेकिन अब होली मनाई जाएगी और होली में जो व्यवधान करेगा उसके लिए जेल का रास्ता है. नहीं तो प्रदेश छोड़ दो या ऊपर चले जाओ. मंत्री ने यह भी कहा कि AMU में मंदिर बनाया जाए इसके लिए मैं सहमत हूं. वहां मस्जिद है तो मंदिर भी होना चाहिए. मंदिर बना तो मैं सबसे पहला व्यक्ति रहूंगा जो जमीन-जायदाद बेचकर दान दूंगा. अबू धाबी में मंदिर बन सकता है तो एएमयू में क्यों नहीं बन सकता है. इन लोगों को बड़ा दिल दिखाना चाहिए. जो कठमुल्ले मंदिर का विरोध कर रहे हैं उनको कहना चाहूंगा कि तुम्हारे बाप दादाओं के पैसे से यूनिवर्सिटी संचालित नहीं होती. हम लोगों के पैसे से यूनिवर्सिटी संचालित होती है. इसलिए मंदिर बनना ही चाहिए. अपनी हद पार नहीं करनी चाहिए.   BHU कैंपस में छात्रों ने एक दूसरे को लगाया रंग और गुलाल, भोजपुरी गानों पर किया डांस काशी हिंदू विश्वविद्यालय में होली पर फाल्गुन की मस्ती का उल्लास छात्र-छात्राओं के सिर चढ़कर बोला। भोजपुरी गीतों पर थिरकते युवाओं के कदम और एक दूसरे को रंगों सराबोर कर देने को जो सिलसिला चला तो बीएचयू में मस्ती का आलम छाया रहा। साइंस स्टूडेंट्स ने चौराहे पर ही खेली कपड़ा फाड़ होली भरपूर आनंद साइंस के स्टूडेंट ने लिया उन्होंने अपने हॉस्टल के ठीक सामने डीजे की व्यवस्था की और कपड़ा फाड़ होली खेली। इतना ही नहीं भोजपुरी गानों की भरमार रही। एक दूसरे को स्टूडेंट रंग पोते दिखाई दिए इसमें छात्राएं भी शामिल रही। हर कोई एक दूसरे को होली की बधाई देते दिखाई दिया क्योंकि छुट्टी के बाद सभी स्टूडेंट अपने घर होली मनाने के लिए जाएंगे।  

राज्य सभा में रेलवे (संशोधन) विधेयक 2025 पारित

प्रधानमंत्री मोदी जी के विजन ‘विकसित भारत’ के लिए तीन गुना मेहनत का संकल्प –  रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव विकसित भारत के लिए करनी होगी तीन गुना मेहनत : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव राज्य सभा में रेलवे (संशोधन) विधेयक 2025 पारित नई दिल्ली राज्यसभा ने भारतीय रेल के संचालन को सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया। सदन को संबोधित करते हुए, रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह विधेयक रेलवे क्षेत्र में सशक्तिकरण, दक्षता में वृद्धि और सहकारी संघवाद को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री ने चर्चा में भाग लेने वाले 25 सांसदों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह विधेयक मौजूदा कानूनों को सरल बनाने के लिए लाया गया है, जिससे राज्य सरकारों की शक्तियां कम नहीं होंगी बल्कि विकेंद्रीकरण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि रेलवे ज़ोन के महाप्रबंधकों को अब ₹1,000 करोड़ तक की परियोजनाओं को स्वीकृत करने की पूर्ण स्वतंत्रता दी गई है। वैष्णव ने यह भी उल्लेख किया कि सरकार द्वारा उन राज्यों में भी रेलवे के लिए पर्याप्त बजट आवंटित किया गया है, जहां सत्ताधारी दल की सरकार नहीं है। केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को पूर्व की सरकारों की तुलना में कई गुना अधिक बजट मिला है। रेलवे क्षेत्र में प्रमुख सुधार और उपलब्धियां: बुनियादी ढांचा विकास •     पिछले 11 वर्षों में 34,000 किलोमीटर नई रेलवे पटरियां बिछाई गईं, जो जर्मनी के कुल रेल नेटवर्क से अधिक है। •     45,000 किलोमीटर रेलवे का विद्युतीकरण पूरा किया गया, जिससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता में कमी आई। •     50,000 किलोमीटर पुरानी पटरियों को नई, उच्च गुणवत्ता वाली पटरियों से बदला गया। सुरक्षा सुधार •    रेलवे सुरक्षा में निवेश बढ़कर ₹1.14 लाख करोड़ हुआ, जो पिछली सरकारों में केवल ₹8,000 करोड़ था। •    रेल फ्रैक्चर की घटनाओं में 91% की कमी आई—2013-14 में 2,548 घटनाएं होती थीं, जो अब न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई हैं। •    ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली लागू की गई, जिसे SIL-4 प्रमाणन प्राप्त है, जो रेलवे संचालन के लिए उच्चतम सुरक्षा स्तर सुनिश्चित करता है। रोजगार और क्षमता निर्माण •    एनडीए सरकार के दौरान 5,02,000 नौकरियां दी गईं, जबकि यूपीए शासन में यह संख्या 4,11,000 थी। •     लाखों अभ्यर्थियों की भागीदारी के साथ रेलवे भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी रूप से आयोजित की गईं। •     आईजीओटी प्लेटफॉर्म पर रेलवे कर्मचारियों के लिए उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू किए गए। यात्री सुविधाएं और आधुनिकीकरण •    3,10,000 आधुनिक शौचालय रेलवे कोचों में स्थापित किए गए, जिससे स्वच्छता मानकों में जबरदस्त सुधार हुआ। •     लोको पायलटों के लिए 558 रनिंग रूम अब पूरी तरह वातानुकूलित हैं। •     नई पीढ़ी के इंजन अत्याधुनिक तकनीक और बेहतर कार्य वातावरण के साथ निर्मित किए जा रहे हैं। वैष्णव ने रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन को लेकर उठाई गई चिंताओं पर भी चर्चा की। उन्होंने घोषणा की कि 60 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पूर्ण एक्सेस कंट्रोल लागू किया जाएगा, जिससे केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को ही प्लेटफॉर्म पर प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा, उच्च भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर यात्रियों की अप्रत्याशित संख्या को समायोजित करने के लिए विशेष ट्रेनों की तैनाती की जाएगी। अपने संबोधन के अंत में, मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के विजन को दोहराया और रेलवे कर्मचारियों और सभी हितधारकों से आग्रह किया कि वे पिछले एक दशक में रखी गई मजबूत नींव पर तीन गुना अधिक मेहनत करें। इस विधेयक का पारित होना भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण के सफर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित, कुशल और सुविधाजनक सेवाएं सुनिश्चित करेगा। रेलवे एक्ट 2025 का संक्षिप्त विवरण रेलवे बोर्ड की देखरेख में रेलवे अपने जोन, डिवीजन और उत्पादन इकाइयों आदि के माध्यम से काम करता है। रेलवे बोर्ड रेलवे संचालन के लिए सभी नीतिगत निर्णय भी लेता है। अब रेलवे संशोधन अधिनियम 2025 बिल औपनिवेशिक काल के प्रावधानों की जगह लेगा। अब रेलवे बोर्ड के प्रावधान रेलवे अधिनियम, 1989 में शामिल किए गए हैं। नए अधिनियम बिल से दो अधिनियमों का संदर्भ कम हो जाएगा। अब केवल एक अधिनियम का संदर्भ देने की आवश्यकता होगी। रेलवे बोर्ड, जोन, डिवीजन, उत्पादन इकाइयों आदि की प्रकृति, दायरा और कार्यप्रणाली वही रहेगी।  • 09 अगस्त, 2024 को यानी 18वीं लोकसभा के पहले सत्र के आखिरी दिन लोकसभा में ‘रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2024’ पेश करने का प्रस्ताव रखा गया। * ‘रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2024’ (2024 का विधेयक संख्या 113-सी) 11.12.2024 को लोकसभा में पारित हुआ। * यह विधेयक 10.03.2025 को राज्य सभा की कार्यसूची में मद संख्या 10 के रूप में आया और ‘रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2025’ के रूप में पारित हुआ।

राजनीति जगत को बड़ा झटका, दिग्गज बीजेपी नेता सुरेंद्रनाथ सिंह का हुआ निधन, पसरा मातम

भोपाल मध्य प्रदेश में बीजेपी के सीनियर नेता के निधन की खबर सामने आई है. बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक और भोपाल में बीजेपी के जिलाध्यक्ष रह चुके सुरेंद्र नाथ सिंह का निधन हो गया है. वह कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे, भोपाल में उन्हें ‘मम्मा’ के नाम से जाना जाता था. सुरेंद्र नाथ सिंह बीजेपी में कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके थे, उन्हें फायरब्रांड हिंदू नेता माना जाता था और वह भोपाल समेत आसपास के जिलों में सक्रिए रहते. हालांकि पिछले कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था, जिसके चलते उन्हें कई बार अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था. स्वास्थ्य के चलते ही उन्होंने पिछला चुनाव भी नहीं लड़ा था. भोपाल मध्य से रह चुके थे विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह (मम्मा) भोपाल मध्य विधानसभा सीट से विधायक भी रह चुके थे, भोपाल में वह बीजेपी के सीनियर नेता थे, सुरेंद्र नाथ सिंह बीजेपी जिला अध्यक्ष और बीडीए के अध्यक्ष भी रह चुके थे. पिछले लंबे समय से बीमार चल रहे थे, उनके परिजनों ने बताया कि पिछले दिनों उनकी हार्ट सर्जरी भी हुई थी. लेकिन उनके स्वास्थ्य में ज्यादा सुधार नहीं दिखा था. वह भोपाल के अस्पताल में भर्ती हुए थे. हाल ही में हुई थी हार्ट सर्जरी बताया जा रहा है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेन्द्र नाथ सिंह (मम्मा) की हाल ही में हार्ट सर्जरी भी हुई थी. वे लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे. सुरेंद्रनाथ सिंह भाजपा की सक्रिय राजनीति से काफी समय से दूर थे, इसके बावजूद पार्टी में उनकी एक अलग ही पहचान थी. उन्होंने भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर रहते हुए भोपाल के विकास व जनकल्याण के लिए कई कार्य किए. प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने जताया दुख मध्यप्रदेश भाजापा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने सुरेंद्रनाथ सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, ” भोपाल नगर के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक एवं बीडीए के पूर्व अध्यक्ष श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है. ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकमय परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें. ॐ शांति: शिवराज सिंह के करीबी थे ‘मम्मा’ भोपाल में ‘मम्मा’ के नाम से मशहूर रहे सुरेंद्रनाथ सिंह शिवराज सिंह के काफी करीबी माने जाते थे. उनके असामयिक निधन पर पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया है. सुरेंद्रनाथ सिंह लंबे समय से भाजपा और आरएसएस के लिए काम कर रहे थे. उनकी गिनती भाजपा के कट्टर नेताओं में की जाती थी. कैलाश विजयवर्गीय ने जताया दुख वरिष्ठ भाजपा नेता व कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ” भाजपा मध्यप्रदेश के वरिष्ठ नेता और भोपाल के पूर्व विधायक, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संघर्ष के साथी श्री सुरेंद्र नाथ सिंह जी के असमय निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह असीम दुख सहने की शक्ति दें. ॐ शांति.

कलेक्टर विलास भोसकर एवं अधिकारियों ने भी की खरीदा हर्बल गुलाल

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अम्बिकापुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत डिगमा की राधे कृष्णा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं हर्बल गुलाल का निर्माण कर अपनी अलग पहचान बना रही हैं। उनका यह प्रयास न केवल आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में एक कदम है, बल्कि लोगों को रासायनिक मुक्त और प्राकृतिक रंगों से सुरक्षित होली मनाने का भी अवसर दे रहा है।     समूह की महिलाओं ने बताया कि वे हर्बल गुलाल बनाने के लिए फलों, चुकंदर और पलाश के फूलों का उपयोग करती हैं, जिससे यह गुलाल पूरी तरह प्राकृतिक और त्वचा के लिए सुरक्षित होता है। यह पहल न केवल एक स्वस्थ विकल्प प्रदान कर रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक है। पिछले वर्ष समूह ने 10 क्विंटल हर्बल गुलाल का विक्रय कर एक लाख 54 हजार रुपये की आमदनी अर्जित की थी। इस वर्ष उन्होंने बिक्री का लक्ष्य 20 क्विंटल निर्धारित किया है, जिससे उनकी आय और अधिक होगी। महिला समूह द्वारा कलेक्ट्रेट कंपोजिट बिल्डिंग में लगाए गए हर्बल गुलाल के स्टॉल पर कलेक्टर विलास भोसकर सहित अन्य अधिकारियों ने भी होली के लिए हर्बल गुलाल खरीदा। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाएं अब स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित हर्बल गुलाल का उपयोग करें और रासायनिक रंगों से बचकर प्राकृतिक और सुरक्षित होली मनाएं।  

मुख्यमंत्री साय ने चार नए महिला थानों का उद्घाटन, पुलिस बल को और सशक्त बनाने पर जोर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी में उप निरीक्षक संवर्ग के 840 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए  कहा कि राज्य में पुलिस बल की क्षमता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पुलिस का कार्य केवल अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण निर्मित हो, यह सुनिश्चित करना भी पुलिस विभाग की महती जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल का कार्य लोगों के बीच शांति, विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देना भी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। तकनीकी संसाधनों के समावेश से पुलिस बल को अधिक दक्ष और प्रभावी बनाया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में पुलिस बल के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्दी का अर्थ केवल अधिकार नहीं, बल्कि समाज की सेवा और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने नव नियुक्त पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे अपनी वर्दी का सम्मान करें और इसे हमेशा गर्व से धारण करें। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने जशपुर, रायगढ़, जगदलपुर और दंतेवाड़ा में नए महिला थानों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इन थानों के माध्यम से महिलाओं को अधिक सुरक्षित वातावरण और त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार पुलिस बल को और अधिक सशक्त बनाने के लिए नई योजनाओं पर विचार कर रही है। इन योजनाओं के तहत तकनीकी उन्नयन, आधुनिक हथियारों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने नव नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि यह पुलिस सेवा में उनके सफर की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि एक सशक्त पुलिस अधिकारी बनने के लिए उच्च मनोबल और अनुशासन अनिवार्य है। इस अवसर पर आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगुआ सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

रेलवे (संशोधन) विधेयक 2025 पारित: सरकार अधिक दक्षता, सुरक्षा और सशक्तिकरण का आश्वासन देती है

नई दिल्ली  राज्यसभा ने भारत में रेलवे संचालन को सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक विधेयक पारित किया। सदन को संबोधित करते हुए, रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने क्षेत्रीय कार्यालयों को सशक्त बनाने, दक्षता बढ़ाने और सहकारी संघवाद को मज़बूत करने में विधेयक की भूमिका पर ज़ोर दिया। मंत्री ने चर्चा में भाग लेने वाले 25 सांसदों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मूल्यवान सुझावों और बहसों को स्वीकार किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि विधेयक मौजूदा क़ानूनों को सरल बनाने के लिए बनाया गया है और राज्य सरकारों की शक्तियों को कम नहीं करता है। इसके बजाय, यह रेलवे क्षेत्रों में महाप्रबंधकों को 1,000 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को मंजूरी देने का पूरा अधिकार देकर विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देता है। राज्यवार रेलवे विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए, वैष्णव ने उन राज्यों में पर्याप्त बजट आवंटन का हवाला दिया जहां सत्तारूढ़ पार्टी सत्ता में नहीं है। केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सभी को पिछले प्रशासनों की तुलना में काफ़ी अधिक आवंटन प्राप्त हुआ है। रेलवे में प्रमुख उपलब्धियां और सुधार: बुनियादी ढांचा विकास * पिछले 11 वर्षों में, जर्मनी के कुल रेल नेटवर्क को पार करते हुए, 34,000 किलोमीटर नई रेलवे ट्रैक बिछाई गई हैं। * 45,000 किलोमीटर का विद्युतीकरण पूरा हो गया है, जिससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता काफ़ी कम हो गई है। * 50,000 किलोमीटर पुरानी पटरियों को नई, उच्च गुणवत्ता वाली रेलों से बदल दिया गया है। संरक्षा संवर्द्धन * रेलवे संरक्षा में निवेश पिछले प्रशासन के तहत ₹8,000 करोड़ से बढ़कर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ₹1.14 लाख करोड़ हो गया है। * रेल फ्रैक्चर में 91% की कमी आई है, जिसमें 2013-14 में 2,548 से घटकर आज सिर्फ़ एक अंश हो गया है। * एसआईएल 4 प्रमाणन के साथ कावाच सुरक्षा प्रणाली की शुरूआत, रेलवे संचालन में उच्च स्तरीय सुरक्षा सुनिश्चित करती है। रोजगार और क्षमता निर्माण * यूपीए युग के दौरान 4,11,000 की तुलना में एनडीए सरकार के तहत 5,02,000 से अधिक नौकरियां प्रदान की गई हैं। * बड़े पैमाने पर भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी रूप से आयोजित की गई हैं, जिसमें लाखों उम्मीदवार भाग ले रहे हैं। * आईजीओटी प्लेटफ़ॉर्म पर उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रमों में रेलवे कर्मचारियों से अधिकतम नामांकन देखा गया है। यात्री सुविधाएं और आधुनिकीकरण * रेलवे कोचों में 3,10,000 आधुनिक शौचालय स्थापित किए गए हैं, जिससे स्वच्छता मानकों में उल्लेखनीय रूप से सुधार हुआ है। * लोको पायलटों के लिए 558 चलने वाले कमरे अब पूरी तरह से वातानुकूलित हैं। * अत्याधुनिक तकनीक और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के साथ नए इंजनों का निर्माण किया जा रहा है। वैष्णव ने रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन के बारे में चिंताओं को भी संबोधित किया, विशेष रूप से हाल की घटनाओं के आलोक में। उन्होंने घोषणा की कि 60 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पूर्ण पहुंच नियंत्रण लागू किया जाएगा, जिससे केवल टिकट वाले यात्री ही प्लेटफ़ॉर्म में प्रवेश कर सकें। यात्रियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि को समायोजित करने के लिए विशेष ट्रेनें उच्च यातायात स्टेशनों के पास तैनात की जाएंगी। अपने भाषण का समापन करते हुए, मंत्री ने ‘विकास भारत’ (विकसित भारत) के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण को दोहराया, रेलवे कर्मचारियों और हितधारकों से पिछले दशक में रखी गई मज़बूत नींव पर निर्माण करने के लिए तीन गुना अधिक मेहनत करने का आग्रह किया। इस विधेयक को पारित करना भारत की रेलवे आधुनिकीकरण यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो भविष्य के लिए सुरक्षित, अधिक कुशल और यात्री-अनुकूल सेवाएं सुनिश्चित करता है। रेलवे (संशोधन) विधेयक 2025 पर संक्षिप्त रेलवे रेलवे बोर्ड की देखरेख में अपने ज़ोन, डिवीज़न और उत्पादन इकाइयों आदि के माध्यम से कार्य करता है। रेलवे बोर्ड भी रेलवे संचालन के लिए सभी नीतिगत निर्णय लेता है। अब, रेलवे संशोधन अधिनियम 2025 विधेयक औपनिवेशिक काल के प्रावधानों की जगह लेता है। अब रेलवे बोर्ड के प्रावधान को रेलवे अधिनियम, 1989 में शामिल किया गया है। नया अधिनियम विधेयक दो अधिनियमों के संदर्भ को कम करेगा। अब, केवल एक अधिनियम को संदर्भित करने की आवश्यकता होगी। रेलवे बोर्ड, ज़ोन, डिवीज़न, प्रोडक्शन यूनिट आदि की प्रकृति, दायरा और कामकाज समान रहेगा। * ‘रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2024’ को पेश करने का प्रस्ताव 09 अगस्त, 2024 को लोकसभा में पेश किया गया था, अर्थात 18 वीं लोकसभा के पहले सत्र के अंतिम दिन। * ‘रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2024’ (बिल न. 11.12.2024 को लोकसभा में पारित 2024 का 113-सी) * विधेयक 10.03.2025 को राज्य सभा की कार्य सूची में आइटम नंबर 10 के रूप में आया है और ‘रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2025’ के रूप में पारित किया गया है।

बालोद जिले की महिलाएं होली पर्व को खास और सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभा रही

रायपुर बालोद जिले की महिलाएं इस बार की होली पर्व को खास और सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। जिले के सभी विकासखंडों के 20 क्लस्टर की 172 महिलाएं मिलकर हर्बल गुलाल तैयार कर रही हैं, जिससे होली का यह त्यौहार केमिकलयुक्त गुलाल से मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल होने वाला है। बालोद जिले की महिलाओं का यह प्रयास न केवल उनकी आय का अतिरिक्त जरिया बन रहा है, बल्कि समाज को सुरक्षित और स्वच्छ होली मनाने का संदेश भी दे रहा है। इन महिलाओं द्वारा हर्बल गुलाल के निर्माण में पलाश, चुकंदर, सिंदूर बीज, पालक और कच्ची हल्दी जैसी सामग्रियों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे यह गुलाल न केवल त्वचा के लिए सुरक्षित है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी इस वर्ष महिलाओं ने लगभग 50 क्विंटल हर्बल गुलाल तैयार किया है, जिसमें से 26 क्विंटल गुलाल अब तक स्थानीय बाजार और अन्य जिलों में विक्रय किया जा चुका है। महिलाओं का यह प्रयास उनके आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन रहा है। हर्बल गुलाल का उत्पादन कर रही वृंदावन महिला संकुल संगठन जमरूवा की श्रीमती ओमलता देशमुख ने बताया कि उनके संगठन ने पिछले वर्ष भी हर्बल गुलाल बनाया था। इस बार मांग बढ़ने के कारण उन्होंने उत्पादन भी दोगुना कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस गुलाल की मांग अधिक है, क्योंकि यह पूरी तरह से प्राकृतिक है और त्वचा को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाता। समूह की सदस्य श्रीमती विद्या यादव और श्रीमती मनीषा कुंजाम ने बताया कि वे बिहान योजना के अंतर्गत कार्य कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। इसके अलावा उन्हें महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है, जिससे उनके कार्य को निरंतरता और प्रोत्साहन मिला है। समूह की महिलाओं ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। महिलाओं ने जिलेवासियों को होली पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए रासायनिक रंगों के बजाय हर्बल गुलाल के उपयोग की अपील की है।

कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह का सरकार पर हमला, शिक्षकों की कमी समेत ये मुद्दे उठाए

Congress MLA Jaivardhan Singh attacked the government, raised these issues including shortage of teachers विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने प्रदेश के स्कूलों में 70000 शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि विधायक अभिभाषण से हटकर वक्तव्य दे रहे हैं। सत्ता पक्ष के दूसरे सदस्य भी सारंग का समर्थन करने लगे। इससे शोर शराबे की स्थिति बन गई। जवाब में कांग्रेस विधायक भी शोर-शराबा करने लगे। बाद में विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि जो आंकड़े उन्होंने पेश किए हैं, वह स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़े हैं। वे गलत जानकारी नहीं दे रहे हैं। उनके वक्तव्य के दौरान डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने भी टोका। इसके बाद कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि यह उम्मीद जताई जा रही थी कि राज्यपाल के अभिभाषण में कुछ नया देखने को मिलेगा। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हुआ। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में जो योजनाएं चल रही थीं, उनको भी आगे बढ़ाने में सरकार पीछे रही है। जयवर्धन सिंह ने कहा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने वादा किया था कि अगर, उनकी सरकार फिर बनेगी तो हर परिवार को 450 रुपए में एलपीजी सिलेंडर देंगे। लेकिन, सरकार बनने के बाद ऐसा नहीं हुआ है। सीखो कमाओ योजना को लेकरजयवर्धन सिंह कांग्रेस विधायक ने कहा कि योजना का बजट 300 करोड़ है, लेकिन इसमें से केवल 30 करोड़ खर्च किए गए हैं। Gi सम्मिट को लेकर उन्होंने कहा कि मोहन सरकार में 1 साल में ये सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा किया है। मध्य प्रदेश में जो बड़े-बड़े उद्योग हैं, वह कांग्रेस की देन हैं। सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। एक भी किसान का गेहूं 2700 रुपए क्विंटल और धान 3100 रुपये क्विंटल में धान नहीं खरीदा गया। सहकारिता विभाग में हर 5 वर्ष में चुनाव होते थे। भाजपा राज्य में चुनाव क्यों नहीं हो रहे। मंडियों के चुनाव होते थे, लेकिन अब क्यों नहीं हो रहे।

छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक धरोहर, जिसे देख हैरान रह जाते हैं पर्यटक

रायपुर छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में स्थित घाघरा मंदिर अपने रहस्यमयी निर्माण और अनोखी स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है। बिना किसी जोड़ने वाले पदार्थ के सिर्फ पत्थरों को संतुलित करके बनाई गई इस प्राचीन संरचना का झुका हुआ स्वरूप इसे और भी रोचक बनाता है। छत्तीसगढ़ के इतिहास और वास्तुकला का यह अनमोल रत्न आज भी अपने भीतर कई रहस्यों को समेटे हुए है। जिले के मुख्यालय मनेंद्रगढ़ से लगभग 130 किलोमीटर दूर जनकपुर के पास स्थित इस मंदिर का रहस्य आज भी विशेषज्ञों के लिए अबूझ पहेली बना हुआ है। सदियों पुराना यह मंदिर किसी चमत्कार से कम नहीं, जो बिना किसी गारा-मिट्टी या चूने के इस्तेमाल के आज भी मजबूती से खड़ा है। घाघरा मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी निर्माण शैली है। इतिहासकार मानते हैं कि यह मंदिर पत्थरों को संतुलित करके इस तरह खड़ा किया गया है कि किसी भी प्रकार की जोड़ने वाली सामग्री की आवश्यकता ही नहीं पड़ी। यह तकनीक प्राचीन भारतीय वास्तुकला के अद्भुत कौशल को दर्शाती है। इस मंदिर का झुका हुआ स्वरूप इसे और भी रहस्यमयी बनाता है। माना जाता है कि किसी भूगर्भीय हलचल या भूकंप के कारण इसका झुकाव हुआ होगा, लेकिन इसके बावजूद सदियों से यह मंदिर अपनी मजबूती के साथ खड़ा है। घाघरा मंदिर के निर्माण काल को लेकर विशेषज्ञ एकमत नहीं हैं। कुछ इतिहासकार इसे 10वीं शताब्दी का बताते हैं, तो कुछ इसे बौद्ध कालीन संरचना मानते हैं। वहीं, स्थानीय निवासियों का मानना है कि यह एक प्राचीन शिव मंदिर है, जहां आज भी विशेष अवसरों पर पूजा-अर्चना होती है। मंदिर के भीतर किसी भी मूर्ति का न होना इसके रहस्य को और गहरा करता है। कई स्थानीय कथाओं के अनुसार, मंदिर का निर्माण उस समय की अद्भुत इंजीनियरिंग और तकनीकी कौशल का प्रमाण है। घाघरा मंदिर केवल श्रद्धालुओं का आस्था स्थल ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का भी अनमोल प्रतीक है। इस अद्भुत संरचना को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक और शोधकर्ता आते हैं। पुरातत्वविदों के लिए भी यह मंदिर एक शोध का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मंदिर को उचित पहचान दी जाए, तो यह स्थल धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकता है। मंदिर तक पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी प्रमुख कस्बा जनकपुर है, जहां से घाघरा गांव आसानी से पहुंचा जा सकता है। मनेंद्रगढ़ से यहां तक का सफर लगभग 130 किलोमीटर का है। सड़क मार्ग के जरिए इस यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद भी लिया जा सकता है।

मुख्यमंत्री को छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा भेंट कर सुशासन की सराहना की, महिला सदस्यों ने मुख्यमंत्री को समाज के कुटीर उद्योग पहल की जानकारी दी

रायपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कुनबी समाज महासंगठन के 20 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट कर, छत्रपति शंभाजी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म “छावा” को राज्य में कर मुक्त किए जाने पर आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि यह निर्णय इतिहास को सहज और सरल रूप में जन-जन तक पहुँचाने की महत्वपूर्ण पहल है। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री साय को छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा, मराठी टोपी, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया तथा कहा कि आपके नेतृत्व में प्रदेश सुशासन और प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रतिनिधि मंडल  ने शिवाजी जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग रखी। प्रतिनिधि मंडल की महिला सदस्यों श्रीमती सारिका गेडेकर व श्रीमती मनिषा बारसे ने मुख्यमंत्री साय को बताया कि कुनबी समाज की महिलाओं ने सामाजिक भवन में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कुटीर उद्योग की स्थापना की है। इसके तहत हल्दी, मिर्च, मसाले आदि का निर्माण और पैकेजिंग कर बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने महिलाओं की इस पहल की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बताया। प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश कुनबी समाज भवन निर्माण से संबंधित जानकारी मुख्यमंत्री को दी और समाज के भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की। प्रतिनिधि मंडल में रंजीत भाऊ मुनेश्वर, उमेश घोड़मोड़,  श्रीमती सारिका गेडेकर, श्रीमती मनिषा बारसे,  दिलीप गेडेकर,  हेमराज,  प्रेम बोहरे, वासुदेव फुंडे, श्रीमती रागिणी गेडेकर, श्रीमती संगिता भंडारकर, श्रीमती रिंकु सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वैद्यराज सुषेण मंदिर व दशरथ दरबार के दर्शन, जलसेन सरोवर में कछुओं को खिलाया दाना

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माता कौशल्या की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की माता कौशल्या व प्रभु श्रीराम के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली का किया प्रार्थना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वैद्यराज सुषेण मंदिर व दशरथ दरबार के दर्शन, जलसेन सरोवर में कछुओं को खिलाया दाना मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण व रखरखाव हेतु दिए आवश्यक निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के ग्राम चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर में दर्शन व पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने माता कौशल्या एवं प्रभु श्रीराम के समक्ष नमन करते हुए राज्य की प्रगति, जनता की मंगलकामना और सामाजिक समरसता की प्रार्थना की। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित वैद्यराज सुषेण मंदिर और दशरथ दरबार के भी दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने माता कौशल्या मंदिर परिसर में स्थित जलसेन सरोवर में कछुओं को दाना खिलाया और मंदिर परिसर के रखरखाव व सौंदर्यीकरण हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए। इस अवसर पर माता कौशल्या जन्मभूमि सेवा संस्थान के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को माता कौशल्या और प्रभु श्रीराम की प्रतिमा का छायाचित्र भेंट किया।

‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में अदानी, जिंदल और एनटीपीसी समेत कई कंपनियों ने किया निवेश का ऐलान

रायपुर : छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्रांति 3 लाख करोड़ का निवेश, चार तरह के पावर प्लांट से बनेगी अपार ऊर्जा छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्रांति! 3 लाख करोड़ का निवेश, चार तरह के पावर प्लांट से बनेगी अपार ऊर्जा ‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में अदानी, जिंदल और एनटीपीसी समेत कई कंपनियों ने किया निवेश का ऐलान थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट में 1 लाख करोड़ से ज्यादा का मिला निवेश प्रस्ताव 57,000 करोड़ की जलविद्युत परियोजनाएं, नदियों से बनेगी बिजली थर्मल और न्यूक्लियर पावर से भी मिलेगी छत्तीसगढ़ को ऊर्जा रायपुर छत्तीसगढ़ अब ऊर्जा क्रांति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आज रायपुर में हुए ‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में कई बड़ी कंपनियों ने 3 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश का ऐलान किया है. इस निवेश से राज्य में परमाणु, थर्मल, सौर और पंप्ड स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में बिजली उत्पादन के नए प्रोजेक्ट शुरू होंगे। इससे न केवल उद्योगों को फायदा मिलेगा, बल्कि आम लोगों को भी सस्ती और निरंतर बिजली मिल सकेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ में ऊर्जा के क्षेत्र में यह निवेश राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देकर हरित भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ न केवल ऊर्जा में आत्मनिर्भर बने, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऊर्जा हब के रूप में स्थापित हो। छत्तीसगढ़ पहले से ही 30,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहा है, जो देश के औसत से ज्यादा है। अब हर व्यक्ति को 2048 किलोवाट-घंटे बिजली मिल रही है, जिससे राज्य की ऊर्जा जरूरतें पूरी हो रही हैं। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एनटीपीसी ने 80,000 करोड़ रुपये की लागत से 4200 मेगावाट क्षमता का न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट लगाने की योजना बनाई है। इससे छत्तीसगढ़ में परमाणु ऊर्जा से बिजली उत्पादन की शुरुआत होगी। थर्मल पावर क्षेत्र में भी बड़े निवेश की घोषणा हुई है। अदानी पावर 66,720 करोड़ रुपये खर्च कर कोरबा, रायगढ़ और रायपुर में 1600-1600 मेगावाट के तीन थर्मल पावर प्लांट लगाएगा। जिंदल पावर रायगढ़ में 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए 12,800 करोड़ रुपये का निवेश करेगा, जबकि सरदा एनर्जी रायगढ़ में 660 मेगावाट क्षमता के प्लांट के लिए 5,300 करोड़ रुपये लगाएगी। इसके अलावा, सरकारी कंपनियां एनटीपीसी और सीएसपीजीसीएल 41,120 करोड़ रुपये की लागत से 4500 मेगावाट बिजली उत्पादन करेंगी। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ को बड़ी सफलता मिली है। जिंदल पावर और एनटीपीसी ग्रीन मिलकर 10,000 करोड़ रुपये खर्च कर 2500 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन करेंगे। इसमें डोलेसरा में 500 मेगावाट और रायगढ़ में 2000 मेगावाट के सौर प्लांट शामिल होंगे। किसानों के लिए भी खुशखबरी है। पीएम कुसुम योजना के तहत 4100 करोड़ रुपये की लागत से 675 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन किया जाएगा और 20,000 सोलर पंप लगाए जाएंगे। इससे किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती बिजली मिलेगी और डीजल पंपों की जरूरत कम होगी। इसके अलावा, 57,046 करोड़ रुपये की लागत से 8700 मेगावाट क्षमता के पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट भी शुरू होंगे। इसमें एसजेएन कोटपाली में 1800 मेगावाट और जिंदल रिन्यूएबल द्वारा 3000 मेगावाट के प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन सभी निवेशों के जरिए छत्तीसगढ़ जल्द ही देश के सबसे बड़े ऊर्जा उत्पादक राज्यों में शामिल हो जाएगा। इससे उद्योगों, किसानों और आम लोगों को फायदा होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। प्रमुख निवेश और योजनाएं 1. परमाणु ऊर्जा: साफ और कुशल ऊर्जा उत्पादन के लिए ₹80,000 करोड़ का निवेश। 2. ताप विद्युत: राज्य की ताप विद्युत क्षमता को मजबूत करने के लिए ₹1,07,840 करोड़। 3. सौर ऊर्जा: सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के लिए ₹10,000 करोड़। 4. पीएम कुसुम योजना: किसानों के बीच सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ₹4,100 करोड़। 5. पंप्ड स्टोरेज परियोजनाएं (PSP): ग्रिड स्थिरता के लिए ऊर्जा भंडारण में ₹57,046 करोड़। 6. क्रेडा सौर पहल: सौर ऊर्जा विस्तार के लिए ₹3,200 करोड़। 7. पीएम सूर्य योजना: राष्ट्रीय सौर छत परियोजना के तहत ₹6,000 करोड़। 8. सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा: सरकारी इमारतों में सौर ऊर्जा अपनाने के लिए ₹2,500 करोड़। 9. बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS): ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए ₹2,600 करोड़। 10. पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क: बिजली पारेषण नेटवर्क को उन्नत करने के लिए ₹17,000 करोड़। 11. RDSS (वितरण क्षेत्र योजना): वितरण बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए ₹10,800 करोड़।

हैरी पॉटर : ‘भूत’ साइमन फिशर-बेकर का 63 साल की उम्र में हुआ निधन, पार्टनर ने किया कंफर्म

हॉलीवुड इंडस्ट्री से एक बहुत दुखद खबर सामने आ रही है. ‘हैरी पॉटर’ और ‘डॉक्टर हू’ में काम कर चुके ब्रिटिश एक्टर साइमन फिशर-बेकर का 63 साल की उम्र में निधन हो चुका है.   दोपहर को उन्होंने अंतिम सांस ली. उनकी मौत की खबर उनके मैनेजमेंट ने सोशल मीडिया के जरिए फैंस को दी. इस खबर से ‘हैरी पॉटर’ मूवी सीरीज के फैंस भी निराश हो गए हैं. नहीं रहे हैरी पॉटर वाले साइमन फिशर बेकर साइमन के मैनेजिंग एजेंट किम बैरी ने एक ऑफिशियल बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने अपने क्लाइंट को खोने का दुख जताया है. किम ने लिखा है, ‘आज मैंने ना सिर्फ साइमन फिशर बतौर क्लाइंट को खोया है, बल्कि मैंने एक करीबी दोस्त को भी खोया जिसके साथ मेरा रिश्ता 15 सालों पुराना था. मैं शायद कभी भी वो फोन कॉल नहीं भूलूंगा जब मैंने साइमन को बीबीसी के शो डॉक्टर हू में डोरियम मोल्डोवर का रोल प्ले करने का ऑफर बताया था. वो एक बेहतरीन राइटर और पब्लिक स्पीकर भी थे. उन्होंने मेरी बहुत मदद की है और वो बहुत दयालु, बडे़ दिल वाले और सभी में इंट्रेस्ट रखने वालों में से थे.’ साइमन के पार्टनर टोनी ने भी अपने फेसबुक पर अपने पार्टनर को खोने का दुख जताया. उन्होंने फैंस को बताया कि वो एक्टर के सोशल मीडिया अकाउंट को कुछ समय तक चालू रखेंगे लेकिन उसपर कब पोस्ट करेंगे इसके बारे में वो कुछ कह नहीं सकते. टोनी ने लिखा, ‘मैं टोनी, साइमन का पति. मेरे पास आप सभी के लिए बुरी खबर है. आज दोपहर 2.50 मिनट पर साइमन इस दुनिया को छोड़कर चले गए. मैं उनका सोशल मीडिया अकाउंट कुछ समय तक खुला रखूंगा. मैं अभी कुछ कह नहीं सकता कि मैं उसपर कुछ पोस्ट करूंगा या नहीं. धन्यवाद.’ कौन थे साइमन फिशर-बेकर? ‘हैरी पॉटर’ में किया कौनसा किरदार? साइमन फिशर-बेकर को ज्यादातर हॉलीवुड में लोग ‘हैरी पॉटर’ और ‘डॉक्टर हू’ में किए गए काम से जानते हैं. बीबीसी के हिट साइंस फिक्शन शो ‘डॉक्टर हू’ में एक्टर ने नीले शरीर वाले काला बजारी ‘डोरियम मोल्डोवर’ का किरदार निभाया था. इसके अलावा वो ‘हैरी पॉटर’ सीरीज की फिल्म Philosopher’s Stone में फैट फ्रियर भूत का किरदार निभा चुके हैं. फैंस सोशल मीडिया पर एक्टर की अचानक मौत से दुखी हैं. साइमन ने कई सारी फिल्मों, टीवी शोज और थिएटर्स में बड़ा नाम कमाया था. उम्मीद है कि फैंस उन्हें एक लंबे समय तक याद रखेंगे.  

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