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बस्तर में अमन लौटा, और साथ लौटी खेलों की रौनक, जहां कभी डरते थे पांव भी रखने से, आज वहीं खेलते हैं हज़ारों खिलाड़ी: मुख्यमंत्री

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया खिलाड़ियों का सम्मान, कहा “आपने छत्तीसगढ़ का सिर गर्व से ऊंचा किया” मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय खेल पदक विजेता खिलाड़ियों को बताया छत्तीसगढ़ का गौरव: खिलाड़ियों को दी ओलंपिक विजेता बनने की शुभकामनाएं बस्तर में अमन लौटा, और साथ लौटी खेलों की रौनक, जहां कभी डरते थे पांव भी रखने से, आज वहीं खेलते हैं हज़ारों खिलाड़ी: मुख्यमंत्री 130 खिलाड़ियों को 1 करोड़ 95 लाख 20 हजार रूपए की सम्मान राशि उनके बैंक खाते में अंतरित रायपुर आप सभी ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और जुनून से छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। ये सिर्फ आपकी नहीं, पूरे प्रदेश की जीत है। आप प्रदेश के खेल जगत के हीरे हैं। सरकार आपको तराशेगी, निखारेगी और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाएगी। आपके लिए हर संभव संसाधन और समर्थन उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित राष्ट्रीय खेल विजेता सम्मान समारोह में गोवा और उत्तराखंड नेशनल गेम्स में पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने समारोह में गोवा में वर्ष 2023 में सम्पन्न 37वें नेशनल गेम में छत्तीसगढ़ के पदक विजेता 72 खिलाड़ियों को और वर्ष 2025 में उतराखंड में सम्पन्न 38 वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ पदक विजेता 58 खिलाड़ियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री साय ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि आप सभी छत्तीसगढ़ के गौरव है। आपने न सिर्फ पदक जीते हैं, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। आप सभी ने छत्तीसगढ़  का सर गर्व से ऊंचा किया है। मुख्यमंत्री साय ने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अब एशियाड, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे वैश्विक मंचों पर छत्तीसगढ़ और भारत का नाम रोशन करें। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  अपने संबोधन में कहा कि आज गोवा और उत्तराखंड में हुए नेशनल गेम्स विजेता खिलाड़ियों का सम्मान कर हम सब बहुत गौरव का अनुभव कर रहे हैं। आप सभी ने अपने शानदार प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है इसके लिए आप सभी की जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम लोगों ने गोवा में पदक जीतने वाले राज्य के 72 खिलाड़ियों को 1 करोड़ 7 लाख 60 हजार रुपए की राशि एवं उत्तराखंड में नेशनल गेम्स जीतने वाले 58 खिलाड़ियों को 87 लाख 60 हजार रुपए की राशि प्रदान कर सम्मानित किया है। इस प्रकार समारोह के माध्यम से छत्तीसगढ़ के 130 राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को कुल 1 करोड़ 95 लाख 20 हजार रुपए की सम्मान राशि हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के खाते में अंतरित की जा रही  है। ओलंपिक विजेता खिलाड़ियों के लिए विशेष पुरस्कारों की हमारी सरकार ने की है घोषणा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के जो भी खिलाड़ी ओलंपिक खेलों में पदक लाएंगे, उनके लिए विशेष पुरस्कारों की घोषणा हमारी सरकार ने की है। ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तीन करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को दो करोड़ रुपए तथा कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को एक करोड़ रुपए देने का निर्णय हमारी सरकार ने किया है। बस्तर क्षेत्र में खेलों की वापसी, नई आशा और विश्वास का प्रतीक मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बरसों तक माओवादी आतंक झेलने के बाद जब बस्तर में अमन लौटा तो खेल भी लौटा, वहां हमने बस्तर ओलंपिक का आयोजन कराया। उन्होंने कहा कि जहां कभी पांव भी रखने से लोग डरते थे, आज वहीं हज़ारों खिलाड़ी खेल रहे हैं। लोगों में जबर्दस्त उत्साह दिखा, पूरे देश में कम ही हुआ होगा कि किसी खेल आयोजन में 1 लाख 65 हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और वह भी ऐसा आयोजन जो बस्तर संभाग में हुआ जहां की आबादी शेष जगहों की तुलना में काफी विरल है। इसमें ऐसे लोगों ने भी हिस्सा लिया, जो नक्सल हिंसा में अपने अंग गंवा चुके थे। आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भी हिस्सा लिया। नक्सल हिंसा प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। इस आयोजन से प्रदेश के खेलप्रेमियों की उम्मीदें काफी बढ़ी हैं। खिलाड़ियों को बेहतरीन खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराने सरकार कर रही प्रयास मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों में काफी दमखम है। हम छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए शानदार अधोसंरचना तैयार कर रहे हैं। खेलो इंडिया के 7 नये सेंटर हमने आरंभ किये हैं। छत्तीसगढ़ में हर तरह की खेल प्रतिभाएं हैं। हमने इसे ध्यान में रखते हुए अलग-अलग तरह के खेलों के लिए कोचिंग की विशेष व्यवस्था की है। इसी साल हमने तीन नई अकादमी की शुरूआत की है। रायपुर में टेनिस, राजनांदगांव में हाकी और नारायणपुर में मल्लखंभ अकादमी हमने आरंभ की है। परंपरागत खेलों को मिलेगा नया जीवन: 20 करोड़ रूपए की छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजना मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने परंपरागत खेलों के लिए भी प्रसिद्ध है। इन खेलों का समुचित विकास होता रहे, इसके लिए हमने 20 करोड़ रुपए का प्रावधान छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजना के तहत किया है। हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। खेलों में जीत के लिए कुशल रणनीति, तकनीक में महारत के साथ ही फिटनेस बहुत जरूरी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुछ दिनों पहले हमने मल्लखंभ के खिलाड़ियों का ढोलकल की पहाड़ियों पर अद्भुत करतब देखा, यह मंत्रमुग्ध कर देने वाला दृश्य था।  मल्लखंभ या किसी भी तरह के खेल के लिए लचीलापन बहुत जरूरी होता है और यह सब फिटनेस से आता है। खेलों में जीतने के लिए कुशल रणनीति, तकनीक में महारत के साथ ही एक अच्छे लेवल का फिटनेस भी बहुत जरूरी है। मोदी जी ने फिट इंडिया मूवमेंट चलाया है। फिटनेस के माध्यम से खेलों में तो सफलता हासिल की ही जा सकती है। फिट रहने से आप एक हेल्दी लाइफ स्टाईल भी जीते हैं जिससे कोई भी कार्य आप करें, उसमें आपको सफलता मिलती है। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में अपार खेल प्रतिभा है। जिसे पहचान कर तराशना हमारी प्राथमिकता है। इस अवसर पर खेल विभाग के सचिव … Read more

रायपुर : हाथियों के प्रति नकारात्मक धारणा बदलने की जरूरत

रायपुर छत्तीसगढ़ वन विभाग ने हाथियों के प्रति समाज में व्याप्त नकारात्मक धारणा को लेकर चिंता व्यक्त की है। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रेम कुमार ने कहा कि समाचार पत्रों और अन्य मीडिया माध्यमों में ‘आतंकी, उत्पाती, हत्यारा, हिंसक, पागल, बिगड़ैल, जिद्दी‘ जैसे नकारात्मक शब्दों का उपयोग किया जाता है, जिससे समाज में हाथियों के प्रति भय और नकारात्मकता बढ़ती है। यह प्रवृत्ति मानव-हाथी सह-अस्तित्व के प्रयासों को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा है कि भारत में हाथी सिर्फ एक वन्यजीव नहीं, बल्कि संस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का अभिन्न हिस्सा है। प्राचीन काल से भगवान गणेश का प्रतीक माने जाने वाले हाथी को धैर्य, शक्ति और सहनशीलता का प्रतीक माना जाता है। हाथी को ‘कीस्टोन प्रजाति‘ एवं ‘ईको-सिस्टम इंजीनियर‘ भी कहा जाता है, क्योंकि वे वनों के पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके रहने से वनों की कार्बन अवशोषण क्षमता में वृद्धि होती है, जिससे जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। हाथी और मानव के मधुर संबंध के प्रमाण छत्तीसगढ़ के इतिहास में हाथियों का मनुष्य के साथ घनिष्ठ संबंध रहा है। बस्तर के 11वीं शताब्दी के ताम्रपत्रों, मुगलकालीन अभिलेखों और ब्रिटिश शासनकाल के गजेटियरों में इसका विस्तृत उल्लेख मिलता है। अकबर के दरबारी लेखक अबुल फजल की ‘आईने-अकबरी‘ और कलचुरी राजाओं के शासनकाल के अभिलेखों में भी छत्तीसगढ़ के हाथियों और मनुष्यों के पारस्परिक संबंधों का प्रमाण मिलता है। मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रेम कुमार ने मीडिया से अपील की है कि हाथियों को लेकर सकारात्मकता बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जाएं। मानव-हाथी संघर्ष को केवल टकराव के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यापक संदर्भ में प्रस्तुत किया जाए, ताकि सह-अस्तित्व को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने मीडिया को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि हाथियों का संरक्षण न केवल जैव विविधता के लिए आवश्यक है, बल्कि यह हमारे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मूल्यों से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में समाज को हाथियों के महत्व को समझना होगा और उनके संरक्षण में सकारात्मक योगदान देना होगा।

सूरजपुर : मनबस ने दृढ़ इच्छाशक्ति से बनाई अपने आर्थिक उन्नति की राह

सूरजपुर : मनबस ने दृढ़ इच्छाशक्ति से बनाई अपने आर्थिक उन्नति की राह स्व सहायता समूह से जुड़कर कर रही हैं 25 से 35 हजार तक की आय सूरजपुर कर्मठ व्यक्ति अपने में बदलाव लाने और अपने जीवन शैली को बेहतर करने अर्थिक रूप से उन्नत होने के लिए में हमेशा कुछ नया करने का प्रयास करता रहता है। ऐसा ही एक उदाहरण देखने को मिलता है सूरजपुर जिले में जहां एक नारी ने अपने दृढ़ संकल्प और सकारात्मक सोच से  अपनी परिस्थिति को बेहतर कर समाज में अपनी अलग पहचान बनाई है। यह कहानी है जिला सूरजपुर के जनपद पंचायत प्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत सरहरी की रहने वाली मनबस कुशवाहा की । इन्होंने अपने आर्थिक स्थिति को बेहतर करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए एक नए प्रयास के रूप में 14 जुलाई 2019 के दिन मां गौरी महिला स्व सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। मनबस की शुरुआत शून्य अधिशेष से हुई, लेकिन समूह के सहयोग से उन्होंने धीरे-धीरे अपनी उन्नति की राह बनाई। समूह की साप्ताहिक बचत, चक्रिय निधि और सामुदायिक निवेश कोष ने सदस्यों को कृषि आधारित कार्यों ने उन्हें सहयोग दिया। महत्वपूर्ण बात यह है कि मनबस कुशवाहा अपने सकारात्मक सोंच से निरंतर आगे बढ़ने की राह चुनी। अपने भविष्य को संवारने की उनकी इच्छाशक्ति ने उन्हें प्रधानमंत्री मुद्रा लोन के लिए प्रेरित किया। जिससे ऋणस्वरूप 1,42,000 रुपये की राशि प्राप्त हुई । इस राशि का प्रयोंग करने उन्होंने नमकीन खाद्य उत्पाद मक्के से बने पोला, रिंग, पफ और कपड़ा दुकान संचालन का व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया। इस कदम में बी.पी.एम. अल्का कुजूर और पी.आर.पी. ललीता मिंज का सहयोग महत्वपूर्ण रहा। जब इंसान खुद पर विश्वास करता है, तो जीवन में चमत्कार होने लगते हैं। आज मनबस कुशवाहा वाड्रफनगर और प्रतापपुर विकासखंड के 100 से अधिक गांवों में किराना दुकानों को होलसेलर के रूप में खाद्य सामग्री सप्लाई कर रही हैं। इससे हर महीने 20 से 30 हजार रुपये तक की आय हो रही है। साथ ही, कपड़े के व्यवसाय से भी 5 से 8 हजार रुपये मासिक आमदनी हो रही है। अब उनका परिवार भी अपनी छोटी बड़ी इच्छाओं को खुल कर पूरा करने न समर्थ है, उनकी सफलता केवल आर्थिक मजबूती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में स्वरोजगार को लेकर महिलाओं की सोच में एक सकारात्मक बदलाव का बड़ा कारण बनी है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना से जुड़कर उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति को तो मजबूत किया ही, साथ ही अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी बन गईं। आज मनबस कुशवाहा अपने समूह को अपने परिवार का अभिन्न अंग मानती हैं और कहती हैं। कि तंगहाली से खुशहाली की ओर जाने वाला यह सफर आसान नहीं था, हर सपनों को पूरा करने के पहले अनेकों चुनौतियां सामने खड़ी होती थी, लेकिन समूह और बिहान योजना ने सभी चुनौतियों से लड़ने की शक्ति देते हुए इसे संभव बनाया। उनकी कहानी उन सभी महिलाओं के लिए एक मिसाल है, जो अपने सपनों को सच करने की चाह रखती हैं। प्रयास करने वाले ही अपने जीवन में चमत्कार कर सकते हैं, और मनबस कुशवाहा इसकी जीती-जागती मिसाल हैं।

दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस कलिंगा विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस

रायपुर कलिंगा विश्वविद्यालय में ‘विकसित भारतः प्रोग्रेस एंड डेवलपमेंट’ थीम पर आज दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की शुरूआत जनसम्पर्क विभाग के अपर संचालक आलोक देव के मुख्यअतिथ्य में हुई। यह संगोष्ठी जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़, हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय, सिस्टर निवेदिता युनिवर्सिटी कोलकाता, राजमोहिनी देवी गर्ल्स पीजी कॉलेज अंबिकापुर और इंडियन इकोनॉमिक एसोसिएशन का संयुक्त आयोजन है। इन दो दिनों में 20 से अधिक तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, इस संगोष्ठी में देश भर के विभिन्न नामी विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर्स द्वारा अपनी भागीदारी की जा रही है। संगोष्ठी में शोध प्रस्तुतकर्ताओं को मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। प्रस्तुत होने वाले शोध पत्रों के विषय हैं- आर्थिक विकास एवं समृद्धि, लैंगिक समानता, सामाजिक समावेशन, आंतरिक सुरक्षा, प्राकृतिक संसाधन, संस्कृति व जैव विविधता का संरक्षण, शासन एवं संस्थागत सुधार, डिजिटल समृद्धि, विश्व शांति में भारत की भूमिका। इन विषयों पर प्रस्तुत शोध पत्रों का संपादन कर पुस्तक प्रकाशन की योजना है ताकि राज्य के शैक्षणिक संस्थानों और पुस्तकालयों में पाठकों को इन विषयों पर समग्र जानकारी मिलेगी। संगोष्ठी की संयोजक डॉ. शिल्पी भट्टाचार्य ने बताया कि शासन की जनकल्याणकारी नीतियों की प्रगति एवं नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विस्तार से विचार-विमर्श किया जा रहा है। संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए जनसम्पर्क विभाग के अपर संचालक आलोक देव ने विकसित भारत / 2047 प्रोग्रेस एंड डेवलपमेंट’ के संबंध में बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी राज्यों को पूरा करने उच्च तकनीकों, गुणवत्ता युक्त उत्पादों का उत्पादन सहित पर्यावरणीय, जलवायु परिवर्तन और विकसित देशों के अनुभव जैसे महत्वपूर्ण गोल्स पर कार्य करना होगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में खनिज, वन संपदा, मानवीय संसाधन, उद्योग, उच्च शिक्षा के महत्वपूर्ण संसाधनों जिससे योजनाबद्ध ढंग से विकसित भारत के लिए छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। आलोक देव ने विकसित भारत के संबंध में राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रतिभागियों के समक्ष महत्वपूर्ण तथ्य प्रस्तुत किए। राष्ट्रीय संगोष्ठी को सीआईडीसी के डायरेक्टर जनरल डॉ. पी.आर. स्वरूप, उच्च शिक्षा संचालनालय के संयुक्त संचालक डॉ. जी.ए.घनश्याम, रिटायर्ड आई.एफ.एस अरविंद बोज., कलिंगा यूनिवर्सिटी की राजनीति शास्त्र की प्रोफेसर डॉ. अनिता, जनरल सेक्रेटरी इंडिया एकोनॉमी एसोसिएशन डॉ. रविन्द्र ब्रम्हे सहित अन्य विद्यवान वक्ताओं ने ‘विकसित भारतः प्रोग्रेस एंड डेवलपमेंट’ के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की। राष्ट्रीय संगोष्ठी विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर छात्र-छात्राएं एवं विभिन्न विषयों के जानकार लोगांे ने चर्चा में भागीदारी की।

रायपुर : गौ सेवा रत्न अलंकरण महोत्सव- राज्यपाल रमेन डेका ने गौशाला में की पूजा अर्चना

रायपुर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में आज गौ सेवा रत्न अलंकरण महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें राज्यपाल रमेन डेका  विशेष रूप से उपस्थित हुए। राज्यपाल ने मनोहर गौशाला में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और गौ माता की आराधना में भाग लिया। राज्यपाल रमेन डेका ने मंदिर में गौ आरती में हिस्सा लिया और गौ माता की पूजा की। उन्होंने इस अवसर पर गौ सेवा के महत्व पर भी अपने विचार रखे और गौ रक्षा और संवर्धन की दिशा में निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। पूजा-अर्चना और आरती के पश्चात, राज्यपाल ने गौशाला परिसर का भ्रमण किया और गौवंश की देखरेख और सेवा के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गौ सेवा न केवल हमारी संस्कृति का हिस्सा है, बल्कि यह पर्यावरण और ग्रामीण जीवन के संतुलन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस अवसर पर गौशाला प्रबंधन के सदस्य और ग्रामीणजन भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

रायपुर : विश्व जल दिवस: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से किया जल संरक्षण का आह्वान

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्व जल दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से जल संरक्षण अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है — जीवन का आरंभ जल से हुआ है और इसका सतत प्रवाह ही जीवन की निरंतरता का आधार है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज जब दुनिया जल संकट की ओर बढ़ रही है, तब हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह जल की हर बूँद को संजोए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को ‘विश्व जल दिवस’ मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य समाज में जल के महत्व और उसके संरक्षण की आवश्यकता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने जल संरक्षण को अपनी प्राथमिकताओं में रखते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। राज्य में जन-भागीदारी के माध्यम से जल संचय को बढ़ावा दिया जा रहा है, साथ ही जल प्रदूषण नियंत्रण और जल संसाधनों के पुनर्जीवन के लिए भी योजनाबद्ध और सतत प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धमतरी जिले में आयोजित ‘जल-जगार महोत्सव’ जल संरक्षण को लेकर एक अभिनव पहल थी, जिसमें स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जल चेतना को नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, अनियंत्रित दोहन और प्रदूषण के कारण स्वच्छ जल की उपलब्धता भविष्य की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुकी है, जिसे केवल सामूहिक प्रयासों से ही टाला जा सकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि जल की प्रत्येक बूँद को सहेजेंगे, इसके महत्व को जन-जन तक पहुँचाएँगे और आने वाली पीढ़ियों को जल-समृद्ध भविष्य का उपहार देंगे।

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर खुला खुड़िया जलाशय का गेट, कई गांवों को मिलेगी राहत

रायपुर लोरमी क्षेत्र के कई गांवों के लोगों की मांग पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश के बाद ग्राम खुड़िया स्थित राजीव गांधी जलाशय का गेट खोल दिया गया है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन ने तत्परता से निर्णय लेकर जलाशय से पानी छोड़ा है। इससे क्षेत्र के अनेक गांवों को निस्तारी के लिए जल उपलब्ध होगा।         जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता आर.के. मिश्रा ने बताया कि खुड़िया जलाशय में अभी 65 प्रतिशत पानी भरा हुआ है। उप मुख्यमंत्री साव के निर्देश पर जलाशय से 200 क्यूसेक पानी नहर व नदी के माध्यम से छोड़ा गया है, जिससे क्षेत्र के तालाबों और मनियारी नदी पर निर्मित एनीकटों को भरा जाएगा। इससे ग्रामीणों को निस्तारी के लिए जल मिलेगा। साथ ही पशुपालन और अन्य कार्यों में भी राहत मिलेगी। खुड़िया जलाशय का गेट खुलने के बाद लोरमी क्षेत्र के लोगों ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव और स्थानीय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि लोरमी विकासखण्ड के कई गांवों के लोगों ने 19 मार्च को बिलासपुर में उप मुख्यमंत्री साव से मुलाकात कर खुड़िया जलाशय से पानी छोड़े जाने की मांग की थी। साव ने इस पर मुंगेली के कलेक्टर को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कलेक्टर ने निर्देश के बाद जल संसाधन विभाग के अधिकारियों द्वारा तत्काल गेट खोलकर जलाशय से पानी छोड़ा गया।

रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने खैरागढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना की हितग्राही से भेंट की

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने अपने खैरागढ़ दौरे के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित श्रीमती पूसई निषाद और उनकी बहू जानकी निषाद से मुलाकात की। उन्होंने उनके आवास का निरीक्षण किया और इस योजना के तहत प्रदान किए गए आवास की गुणवत्ता और सुविधाओं की जानकारी ली। श्रीमती पूसई निषाद ने राज्यपाल और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके जीवन को बेहतर बनाया है और वे इसके लिए आभारी हैं। राज्यपाल डेका ने योजना के क्रियान्वयन की सराहना की और कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे सरकारी कार्यक्रम आम नागरिकों के जीवन में सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का लाभ सही समय पर सभी पात्र लोगों को मिले। राज्यपाल रमेन डेका ने श्रद्धा साईं महिला स्वालंबन केंद्र समिति की सदस्यों से भी मुलाकात की। इस समिति की अध्यक्ष श्रीमती त्रिवेणी पटेल ने राज्यपाल को केंद्र की गतिविधियों और महिलाओं के स्वालंबन में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी। राज्यपाल ने महिला स्व सहायता समूह के कार्यों की सराहना की और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए प्रोत्साहित किया। राज्यपाल ने समिति की सभी महिलाओं से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सीआर प्रसन्ना, दुर्ग संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अमरूद की पत्ति‍यों में कई पोषक तत्‍व पाए जाते हैं, सुबह-सुबह बासी मुंह चबा लें पत्ति‍यां, 5 बीमार‍ियां होगी दूर

नई द‍िल्‍ली अमरूद की पत्तियां सेहत के लिए किसी औषधि से कम नहीं मानी जातीं हैं। खासतौर पर, बासी मुंह अमरूद की पत्तियां चबाने से सेहत को कई तरह के लाभ म‍िलते हैं। आयुर्वेद में इन्हें पाचन तंत्र सुधारने, मुंह की दुर्गंध दूर करने और दांतों को मजबूत बनाने के लिए फायदेमंद बताया गया है। आपको बता दें क‍ि अमरूद की पत्तियां एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होती हैं। ये  मुंह के बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करती हैं। इसके अलावा अमरूद की पत्तियां चबा कर डायब‍िटीज को कंट्रोल क‍िया जा सकता है। ये पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करने और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में भी सहायक हो सकती हैं। अगर आप दिन की शुरुआत अमरूद की पत्तियों को चबाने के साथ करते हैं तो यह आपकी इम्युनिटी बढ़ाने के साथ-साथ शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद कर सकती है। लेकिन इन्हें खाने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होगा। आइए इनके फायदों के बारे में जानते हैं व‍िस्‍तार से- मुंह के छाले से द‍िलाए राहत गर्मियां शुरू होते ही पेट संबंधी द‍िक्‍कतें शुरू हो जाती हैं। पेट की गर्मी क कारण मुंह में छाले न‍िकल आते हैं। कई लोगों को तो ये समस्या बार-बार परेशान करती है। अगर आप भी छाले से परेशान हैं और ये परेशानी पीछा छोड़ने का नाम नहीं ले रही है तो आपको रोज सुबह बासी मुंह अमरूद की पत्‍त‍ियां चबानी चाह‍िए। इससे आपको तुरंत छाले से राहत म‍िलेगी। पाचन रखे दुरुस्‍त सुबह खाली पेट अमरूद की पत्तियां चबाने से आपको पाचन और पेट संबंधी समस्याओं से छुटकारा म‍िल सकता है। आप रोजाना तीन से चार अमरूद की पत्‍त‍ियां चबाना शुरू कर दें। आपको खुद की फर्क मालूम पड़ जाएगा। दांत दर्द से द‍िलाए राहत अगर आपको ओरल हेल्‍थ की समस्‍या है तो अमरूद की पत्‍त‍ियां आपके ल‍िए फायदेमंद हो सकती हैं। कई लोगों को मसूड़ों से खून आना या दांतों में दर्द की समस्या रहती है, उन्‍हें अमरूद की पत्तियां जरूर चबानी चाह‍िए। ये एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होती हैं। ये दांतों और मसूड़ों को मजबूत बनाने में मदद करती हैं। वजन घटाने में मददगार अगर आप रोजाना अमरूद की पत्तियां चबाते हैं तो आपका वजन तेजी से कम होता है। लगातार बढ़ रहे मोटापे से अमरूद की पत्तियां आपको राहत दिला सकती हैं। डायबिटीज करे कंट्रोल अगर आप डेली सुबह खाली पेट अमरूद के पत्ते चबाते हैं तो इससे डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा अमरूद के पत्ते चबाने से कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल क‍िया जा स‍कता है। ध्‍यान रखें ये बातें     अमरूद की पत्तियाें को धुलकर ही चबाएं।     अमरूद की पत्ति‍यां ताजी होनी चाहिए।     अत्यधिक सेवन से बचें।     गर्भवती महिलाएं परहेज करें।  

आज से शुरू होगा सात दिवसीय विशाल पुस्तक मेला, मिलेगी अतिरिक्त छूट

ग्वालियर स्कूली बच्चों को उचित दाम पर किताबें, ड्रेस व स्टेशनरी उपलब्ध कराने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप मेला परिसर स्थित दस्तकारी हाट बाजार (शिल्प बाजार) में आज दोपहर 2 बजे सात दिवसीय पुस्तक मेला (बुक फेयर) शुरू होगा। जिला प्रशासन की पहल पर आयोजित हो रहे इस पुस्तक मेले का औपचारिक शुभारंभ इस दिन सायंकाल 5.30 बजे विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह एवं सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह सहित अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधिगणों की मौजूदगी में होगा। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अभिभावकों व स्कूली विद्यार्थियों से पुस्तक मेले का लाभ उठाने की अपील की है। पुस्तक विक्रेताओं (ग्वालियर डिवीजन चिल्ड्रन बुक सेलर एसोसिएशन) ने पुस्तक मेले से किताबें, ड्रेस व स्टेशनरी खरीदने पर सभी तरह के डिस्काउंट (छूट) के अलावा अतिरिक्त छूट देने का निर्णय लिया है। व्यापारियों ने जिला प्रशासन द्वारा पुस्तक मेला लगाने के निर्णय का स्वागत किया है। साथ ही कहा है कि पुस्तक मेले से विद्यार्थियों व अभिभावकों को सभी तरह के डिस्काउंट के अलावा पुस्तकों की खरीदी पर 5 प्रतिशत, स्टेशनी पर 10 प्रतिशत तथा यूनीफॉर्म व अन्य सामग्री की खरीदी पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त छूट दी जायेगी। शिल्प बाजार परिसर में 22 मार्च से 29 मार्च तक आयोजित होने जा रहे इस पुस्तक मेले में ग्वालियर जिले में संचालित सभी प्राइवेट स्कूलों की पुस्तकों के सेट, स्टेशनरी व यूनीफॉर्म सस्ती दर पर खरीदी जा सकेंगीं। मेले में पुस्तकों व स्टेशनी इत्यादि की 81 दुकानें लगेंगीं। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने लिया मेले की तैयारियों का जायजा कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने शुक्रवार को शिल्प बाजार पहुँचकर पुस्तक मेले की तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही इससे पहले अधिकारियों की बैठक लेकर पुस्तक मेले के सुव्यवस्थित आयोजन के लिये आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले में पेयजल, शौचालय व प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पुख्ता व्यवस्था की जाए। साथ ही पेड फूड स्टॉल भी लगाए जाएं। उन्होंने पुस्तक मेला परिसर में अग्नि सुरक्षा व विद्युत सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखने पर भी विशेष जोर दिया। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने यह भी निर्देश दिए कि पुस्तक मेला परिसर में साफ-सफाई के विशेष इंतजाम किए जाएं। जगह-जगह डस्टबिन रखें, जिससे मेले में कचरा न फैले। उन्होंने पुस्तक मेला परिसर की सुबह-शाम नियमित सफाई करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने सड़क आवागमन व्यवस्थित रखने और बच्चों के सुरक्षित आवागमन का ध्यान रखने पर विशेष बल दिया।  इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक कुमार, अपर कलेक्टर श्री कुमार सत्यम व श्री टी एन सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

राजस्थान ग्रुप-डी में 10वीं पास के लिए 53 हजार से अधिक पदों पर

जयपुर राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 53,749 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 21 मार्च 2025 से शुरू हो गई है। इच्छुक अभ्यर्थी rssb.rajasthan.gov.in और sso.rajasthan.gov.in पर जाकर 19 अप्रैल 2025 तक आवेदन कर सकते हैं। अगर किसी अभ्यर्थी ने ओटीआर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) शुल्क जमा नहीं किया है, तो उसे पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आवेदन पत्र भरते समय एक माह से अधिक पुरानी न होने वाली नवीनतम फोटो अपलोड करनी होगी। इसके अलावा, फॉर्म में विजिबल मार्क (पहचान चिन्ह) भरना अनिवार्य है। राजस्थान ग्रुप-डी भर्ती: वैकेंसी में बढ़ोतरी अब इस भर्ती अभियान के तहत 52,453 की बजाय 53,749 पदों पर भर्ती की जाएगी, यानी कुल 668 पदों का इजाफा किया गया है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) ने संशोधित विज्ञप्ति जारी कर दी है। पहले राजस्थान क्लास-IV भर्ती 2024-2025 में 46,931 पद नॉन-टीएसपी और 5,522 पद टीएसपी के लिए आरक्षित थे। अब इसे बढ़ाकर 48,199 नॉन-टीएसपी और 5,550 टीएसपी कर दिया गया है। इस बदलाव के तहत नॉन-टीएसपी के 640 और टीएसपी के 28 पद बढ़ाए गए हैं। आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता आयु सीमा इस भर्ती के लिए 18 से 40 वर्ष की आयु वाले 10वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 को आधार मानकर की जाएगी। आरक्षित वर्गों को आयु में छूट राजस्थान सरकार के नियमों के अनुसार, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में विशेष छूट दी जाएगी: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), पिछड़ा वर्ग (OBC), अति पिछड़ा वर्ग (MBC), और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के पुरुष उम्मीदवारों को 5 साल की छूट मिलेगी। इन्हीं वर्गों की महिला अभ्यर्थियों को 10 साल की छूट दी जाएगी। सामान्य (अनारक्षित) वर्ग की महिला अभ्यर्थियों को 5 साल की छूट दी जाएगी। राजस्थान ग्रुप-डी भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं (सेकेंडरी) पास होना अनिवार्य है। जो अभ्यर्थी 10वीं कक्षा के अंतिम वर्ष की परीक्षा में शामिल हो चुके हैं, वे भी इस सीधी भर्ती के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। हालांकि, चयन के समय उन्हें उत्तीर्ण होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग और ओबीसी/अति पिछड़ा वर्ग (क्रीमीलेयर) के अभ्यर्थियों को 600 रुपये का आवेदन शुल्क देना होगा। वहीं सभी आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 400 रुपये रखा गया है। इस दिन होगी परीक्षा राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) के परीक्षा कैलेंडर के अनुसार, इस भर्ती की परीक्षा 18 से 21 सितंबर 2025 तक आयोजित किए जाने का प्रस्ताव है।

राजस्थान दिवस की तैयारियों में जुटेगी सरकार, 24 मार्च को पूर्ण होगा विधानसभा का बजट सत्र

 जयपुर विधानसभा का बजट सत्र 24 मार्च को संपन्न होने की संभावना है। इसके बाद सरकार राजस्थान दिवस की तैयारियों में जुटेगी। हालांकि पहले यह सत्र अप्रैल तक खींचे जाने की चर्चा थी लेकिन अब सरकार इसे आगे चलाने के मूड में नहीं है। वहीं जो बिल पेंडिंग रह गए हैं, वे या तो सदन में रखे नहीं जाएंगे या रखे जाएंगे तो उन्हें सिलेक्ट कमेटी को भेजा सकता है। शुक्रवार को सरकार सदन में दो बिलों पर चर्चा करवाएगी। इसमें पहला भू राजस्व संशोधन अधिनियम 1956 को और संशोधित करने के लिए लाया जाएगा। दूसरा लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान विधेयक 2024 लाया जाएगा। इसमें आपातकाल में जेल गए लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि, चिकित्सा राशि और नि:शुल्क परिवहन सुविधाओं में इजाफा किया जा सकता है। राज्य सरकार इसी सत्र में धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक भी लाना चाहती थी। हालांकि अभी तक उसे सदन में नहीं रखा गया है। ऐसे में इस बात की संभावना कम ही है कि अब यह विधेयक इसी सत्र में चर्चा के लिए लाया जाएगा क्योंकि कोई भी विधेयक सदन में चर्चा में लाने से 48 घंटे पहले विधानसभा में सर्कुलेट किया जाना जरूरी होता है। कोचिंग सेंटर को नियमित करने के लिए विधेयक सदन में रखा जा चुका है लेकिन अभी इस पर भी चर्चा नहीं हुई है। इसके अलावा भूजल को लेकर लाया गया विधेयक फिर से सरकार प्रवर समिति को भेज चुकी है। प्रश्नकाल के बाद सदन में बीएसी का प्रतिवेदन रखा जाएगा। बीएसी की बैठक गुरुवार को हो चुकी है। अब सरकारी सचेतक जोगेश्वर गर्ग इसका प्रतिवेदन सदन के समक्ष रखेंगे। इसके बाद शून्यकाल में 3 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी रखे जाएंगे।

“आयुष्मान वय वंदना कार्ड“ के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा

महासमुंद केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक विशेष सुविधा शुरू की गई है। “आयुष्मान वय वंदना कार्ड“ के माध्यम से 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को व्यक्तिगत रूप से 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा उनके पारिवारिक आयुष्मान कार्ड से अलग होगी, जिससे वे स्वतंत्र रूप से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। जिले में 62,137 पात्र हितग्राहियों का वय वंदना कार्ड बनाया जाना है, जिनमें से अब तक 7,834 हितग्राहियों (12.6 प्रतिशत) का कार्ड बन चुका है। इस योजना के तहत बीपीएल परिवारों को आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। इसी प्रकार से एपीएल परिवारों को 50 हजार रुपये तक का इलाज मुफ्त उपलब्ध होता है। यदि परिवार में 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक हैं, तो वे अपना वय वंदना कार्ड बनवाकर अतिरिक्त 5 लाख रुपये तक की अलग से स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं। आयुष्मान वय वंदना कार्ड“ बनाने के लिए केवल आधार कार्ड की आवश्यकता होगी। यह कार्ड सरकारी स्पतालों और च्वाईस सेंटरों में मुफ्त में बनाया जाएगा। यदि पहले से आयुष्मान कार्ड बना हुआ है, तो ई-केवाईसी अनिवार्य होगी। वय वंदना कार्ड को मोबाइल ऐप या पोर्टल https://beneficiary.nha.gov.in/ के माध्यम से आधार लिंक मोबाइल ओटीपी, बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट, या फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा बनाया जा सकता है। जिले में शत प्रतिशत हितग्राहियों को लाभ दिलाने कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार बचे हुए हितग्राहियों के लिए विशेष महाअभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत ग्राम सचिव, रोजगार सहायक, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, बैंक सखियां, और अन्य विकासखंड स्तरीय कर्मचारी शिविर लगाकर कार्ड बनाने में सहायता करेंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने आधार कार्ड के साथ नजदीकी सरकारी अस्पताल या च्वाईस सेंटर पर जाकर जल्द से जल्द वय वंदना कार्ड बनवा लें। इस कार्ड के माध्यम से उन्हें भविष्य में किसी भी स्वास्थ्य समस्या के दौरान आर्थिक कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।

GST में बड़ा बदलाव, कर चोरी करना पड़ेगा भारी, 1 अप्रैल से बदल रहा है नियम

नई दिल्ली भारत सरकार ने गुड्स एंड सर्विस टैक्स के नियमों में काफी बदलाव किया है. इसके तहत 1 अप्रैल 2025 से इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर सिस्टम लागू होने जा रहा है. इस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य राज्यों के बीच टैक्स रेवेन्यू का सही डिस्ट्रीब्यूशन सुनिश्चित करना है. इसकी मदद से राज्य सरकारें एक ही जगह पर दी जा रही शेयर्ड सर्विसेज पर उचित मात्रा में टैक्स वसूल करेंगी. ISD मैकेनिज्म को लागू करने के लिए 2024 के फाइनेंस एक्ट के तहत सेंट्रल जीएसटी एक्ट में संशोधन किया गया है. यह मैकेनिज्म उन व्यवसायों को सुविधा देता है जो कई राज्यों में संचालित होते हैं. इसके तहत व्यवसाय अपनी एक हेडक्वार्टर में कॉमन इनपुट सर्विस के इनवॉइस को सेंट्रलाइज कर सकते हैं. इससे उन शाखाओं के बीच इनपुट टैक्स क्रेडिट का समान वितरण संभव होता है जो शेयर्ड सर्विसेज का इस्तेमाल करती हैं. इनपुट टैक्स क्रेडिट का प्रॉफिट इनपुट टैक्स क्रेडिट यह वो टैक्स होता जो व्यवसाय अपनी खरीद पर चुकाते हैं. इसे आउटपुट टैक्स से घटाया जा सकता है, जिससे व्यवसाय की कुल जीएसटी देनदारी कम हो जाती है. नए नियमो के तहत ISD सिस्टम का इस्तेमाल होना अनिवार्य होगा जिससे ITC सही वितरण हो सके. नए नियम क्या है पहले बिजनेस करने वालों के पास कॉमन ITC को अपने अन्य GST रजिस्ट्रेशन में आवंटित करने के लिए दो ऑप्शन थे. इसमें दो ऑप्शन यह थे कि ISD मैकेनिज्म या क्रॉस-चार्ज मेथड, लेकिन अब 1 अप्रैल 2025 से ISD का इस्तेमाल न करने पर रेसिपिएंट लोकेशन के लिए ITC नहीं दी जाएगी. अगर ITC का गलत वितरण होता है तो टैक्स अथॉरिटी ब्याज सहित राशि वसूल करती है. इसके साथ ही अनियमित वितरण के लिए जुर्माना भी लगेगा, जो ITC की राशि या 10 हजार रुपए से भी अधिक होगा. जीएसटी सिस्टम माना जा रहा है कि यह बदलाव जीएसटी सिस्टम को और अधिक व्यवस्थित करने की दिशी में एक और बड़ा कदम है. ISD सिस्टम से न केवल राज्यों के बीच टैक्स रेवेन्यू वितरण होगा, बल्कि व्यवसायों को भी अपनी टैक्स देनदारियों को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में मदद मिलेगी. यह कदम टैक्स की चोरी रोकने और सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए काफी अच्छी साबित होगी.  

कौन होंगा आमला ब्लाक कांग्रेस का नया अध्यक्ष, चर्चाओ का बाजार गर्म

Who will be the new president of Amla Block Congress, discussions are abuzz. हरिप्रसाद गोहेआमला ! काग्रेस ब्लाक अध्यक्ष पद के लिए नामो को लेकर क्षेत्र में सरगर्मियां बढ़ने लगी है नए अध्यक्ष को लेकर तरह, तरह के कयास लगाए जा रहे हैं । वहीं ब्लाक कांग्रेस कमेटी आमला के नए अध्यक्ष पद को लेकर शहर सहित अंचल के ग्रामों में चर्चाओं का बाजार भी गर्म है । गौरतलब हो की लगातार हार का दंश झेल रही कांग्रेस नए ब्लॉक प्रमुख के लिए जहां एक ओर कांग्रेस विचारधारा से जुड़े खानदानी कांग्रेसी कार्यकर्ता किसी परंपरागत कांग्रेसी को ब्लॉक अध्यक्ष बनते देखना चाहते हैं, वही अन्य युवा कांग्रेस नेता भी इस बार कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष बनने अपनी मंशा जाहिर करते देखे जा रहे है । सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर एवं ग्रामीण अंचल के निष्ठावान कांग्रेसी कार्यकर्ता पूर्व आमला ग्रामपंचायत के सरपंच, समाजसेवी एवं प्रतिष्ठित जमीदार स्व ठाकुर गोपाल सिंह चंदेल जी के पौत्र एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी आमला के पूर्व अध्यक्ष एवं सरपंच संघ आमला के पूर्व अध्यक्ष ठाकुर शिवपाल सिंह चंदेल के पुत्र चंद्रशेखर सिंह चंदेल को कांग्रेस संगठन के जमीनी मजबूती के लिए अध्यक्ष बनते देखना चाहते हैं। पीढी दर पीढी कांग्रेस विचारधारा से जुड़े कांग्रेस परिवारों को लगता है कि चंद्रशेखर सिंह के ब्लॉक अध्यक्ष बनने से कांग्रेस को ग्रामीण जनप्रतिनिधियों, किसानों के साथ ही शहरी शिक्षित युवाओं का भी समर्थन प्राप्त होगा ।अपने सरल सहज व्यक्तित्व के कारण जनप्रिय,उच्च शिक्षित युवा चंद्रशेखर सिंह चंदेल अपने छात्र जीवन से ही छात्र एवं युवा राजनीति के साथ ही सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। बरहाल ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पद के दावेदारों में नमो की चर्चा आम है, कौन होंगा आमला का नया ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जिसका अभी करना हॉगा इंतजार ?

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