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आरटीई : चार चरणों में मिले थे 3.34 लाख आवेदन, आज होगा सीट अलॉटमेंट

लखनऊ प्रदेश में निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत चल रही प्रवेश प्रक्रिया में सीट अलॉटमेंट की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है। अभिभावकों के मोबाइल फोन पर सीट अलॉटमेंट की जानकारी दी जाती है। कई अभिभावक सूचना न मिलने से परेशान हैं। आरटीई के तहत प्रदेश के लिए चार चरणों में आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। तीन चरणों का सीट अलॉटमेंट कर प्रवेश दिलाया जा रहा है। इसके बावजूद कई अभिभावक भटक रहे हैं। क्योंकि बच्चे को सीट अलॉट हो गई, लेकिन अभिभावक को इसकी जानकारी नहीं हुई। अभिभावकों ने बताया कि आवेदन करते समय साइबर कैफे वाले अपना फोन नंबर डाल देते हैं। इससे मैसेज उनको नहीं मिल पाती है। वहीं, कोई और ऐसा माध्यम नहीं है, जिससे सीट अलॉटमेंट की जानकारी मिल सके। इसके लिए अभिभावक बीएसए कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। तो वहां के कर्मचारी भी यह कहकर टरका देते हैं कि सीट अलॉटमेंट की जानकारी ऑनलाइन देखने का अधिकार सिर्फ बीएसए को है। जब वह आएंगे तो सीट अलॉटमेंट के बारे में पता चलेगा। इसलिए अभिभावक सीट अलॉटमेंट की जानकारी ऑनलाइन करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, समग्र शिक्षा के उप निदेशक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि बड़ी संख्या होने के कारण सीट अलॉटमेंट की सूचना ऑनलाइन नहीं की जाती है। संबंधित अभिभावक या बच्चे अपना परिणाम ही देख सकते हैं। अभिभावकों को मोबाइल फोन पर सीधे मैसेज जाता है। जिला स्तर पर डाटा देखने का अधिकार बीएसए व राज्य स्तर पर हमारे पास है। अगर संबंधित बच्चे को अपनी दूसरी प्राथमिकता पर प्रवेश लेना है तो बीएसए कार्यालय में संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं। आरटीई के तहत अधिकाधिक बच्चों के दाखिले के लिए अभियान चलाया जा रहा है। चार चरणों में मिले 3.34 लाख आवेदन, आज होगा अलॉटमेंट आरटीई के तहत इस साल चार चरणों में आवेदन लिए गए। दिसंबर से अब तक चार चरणों में 3.34 लाख आवेदन मिले हैं। इनमें से तीन चरणों में 2.17 लाख आवेदन स्वीकृत हुए और 1.57 लाख बच्चों को सीट अलॉट की गई है। चौथे चरण के आवेदनों का सत्यापन किया जा रहा है, सीट अलॉटमेंट 24 मार्च को होगा।

सुप्रीम कोर्ट में भी अब एआई का इस्‍तेमाल, मौखिक दलीलें लिखना होगी आसान

नई दिल्ली देश की सर्वोच्‍च अदालत सुप्रीम कोर्ट में भी अब आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। भारत का सुप्रीम कोर्ट, न्यायिक प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए एआई और मशीन लर्निंग (ML) टूल्‍स का इस्‍तेमाल कर रहा है। इसकी मदद से कोर्ट के काम, केस फाइल करने और कानूनी अनुवाद में तेजी आने की उम्‍मीद है। जज भी कानूनी रिसर्च आसानी से कर पाएंगे। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राज्यसभा में एक लिखित बयान में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट, AI और ML बेस्‍ड टूल्स का इस्तेमाल कर रहा है। इससे कोर्ट का काम और तेजी से होगा। बताया गया है कि एआई का इस्तेमाल संविधान पीठ के मामलों में मौखिक दलीलों को लिखने में किया जा रहा है। एआई की मदद से लिखी गई दलीलों को सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर देखा जा सकता है। यही नहीं, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री भी नेशनल इन्‍फर्मेटिक्‍स सेंटर (एनआईसी) के साथ मिलकर एआई और एमएल बेस्‍ड टूल्स का इस्‍तेमाल कर रही है। इसका मकसद अंग्रेजी भाषा से 18 भारतीय भाषाओं जैसे- असमिया, बंगाली, गारो, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, खासी, कोंकणी, मलयाली, मराठी, नेपाली, ओडिया, पंजाबी, संताली, तमिल, तेलुगु और उर्दू में फैसलों को ट्रांसलेट करना है। आईआईटी मद्रास की भी मदद बताया गया है कि हाल ही में 200 एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड को प्रोटोटाइप तक पहुंच दी गई है, ताकि वो एआई टूल्‍स का इस्‍तेमाल कर पाएं। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री भी आईआईटी मद्रास की मदद से एआई और मशीन लर्निंग (एमएल) टूल्स के प्रोटोटाइप्स का परीक्षण कर रही है। इन टूल्‍स को इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग मॉड्यूल और केस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर यानी इंटीग्रेटेड केस मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम (आईसीएमआईएस) के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा। न्‍यायिक फैसलों को एआई का इस्‍तेमाल नहीं सरकार की तरफ से स्‍पष्‍ट किया गया है कि AI का इस्तेमाल न्यायिक फैसले लेने के लिए नहीं किया जा रहा है। अभी इसका इस्‍तेमाल सिर्फ संविधान पीठ की सुनवाई के दौरान कही गई बातों को लिखने में किया जा रहा है। आने वाले समय में इसे नियमित सुनवाई के दिनों में भी इस्तेमाल करने की योजना है। गौरतलब है कि एआई टूल्‍स अब हर जगह बड़े पैमाने पर इस्‍तेमाल हो रहे हैं। मेटा के मालिकाना हक वाला वॉट्सऐप में अपने ऐप में एआई टूल को राइटिंग के स्‍तर पर लाने वाला है। उसकी मदद से यूजर्स को अपना मैसेज लिखने में आसानी होगी। मैसेज रिराइट कराया जा सकेगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विधानसभा परिसर में किया कदम्ब का पौधरोपण

रायपुर, छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह के अवसर पर आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विधानसभा परिसर में कदम्ब का पौधरोपण किया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उपस्थित थे।

अभी लाडली बहना योजना की राशि बढ़ाने और नए नाम जोड़ने का कोई प्रस्ताव नहीं: महिला एवं बाल विकास मंत्री

भोपाल मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना को लेकर नई बहस शुरु हो गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा है कि अभी योजना की राशि बढ़ाने और नए नाम जोड़ने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इस बयान के बाद राज्य में हलचल मच गई है। साल 2023 में शुरू हुई इस योजना ने पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को फायदा पहुंचाया था। अब मंत्री के इस बयान से कांग्रेस सरकार पर हमलावर हो गई है। गेम चेंजर कहलाती है लाडली बहना योजना साल 2023 में मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना शुरू हुई थी। इस योजना का असर चुनावों में देखने को मिला। माना गया कि इस योजना से आधी आबादी यानी महिला वोटरों को साधा जा सकता है। इसके बाद देश के कई राज्यों में भी ऐसी योजनाएं शुरू हुईं या चुनावी वादों में शामिल की गईं। दिल्ली विधानसभा चुनाव इसका ताजा उदाहरण है। लेकिन जिस मध्य प्रदेश से यह योजना पूरे देश में फैली, वहीं से अब इस योजना को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। विधानसभा में मंत्री ने दिया जवाब विधानसभा में एक सवाल के जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि अभी लाडली बहना योजना की राशि बढ़ाने और नई लाडली बहनों के नाम जोड़ने का कोई प्रस्ताव नहीं है। दरअसल, 2023 में मध्य प्रदेश में सीएम का चेहरा बदला। तब कांग्रेस ने योजना के भविष्य को लेकर सवाल उठाए थे। लेकिन मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यकाल में भी लाडली बहना योजना बिना किसी परेशानी के चल रही है। हर महीने हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में 1250 रुपए की राशि डाली जा रही है। सीएम ने मंच से किया था ऐलान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में देवास में कहा था कि वे इस योजना की राशि को 3 हजार रुपए प्रति महीना तक ले जाएंगे। लेकिन अब लाडली बहना योजना को लेकर जो जानकारी सामने आई है, उससे योजना एक बार फिर चर्चा में है। कांग्रेस विधायक ने पूछा था सवाल विधानसभा सत्र में कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल के सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि वर्तमान में लाडली बहना योजना की राशि बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। कांग्रेस के सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल ने विधानसभा में लाडली बहना योजना को लेकर लिखित सवाल पूछे थे। महिला विकास मंत्री ने दिए जवाब सरकार की तरफ से जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि जांच के बाद 35 महिलाओं को अपात्र पाया गया। इसलिए उनके नाम योजना से काटे गए हैं। 15748 महिलाओं के नाम उनकी मृत्यु के बाद योजना से काटे गए हैं। 60 साल की उम्र पूरी करने वाली 3 लाख 19 हजार 991 महिलाओं के नाम नियमानुसार पोर्टल से अपने आप हट गए हैं। इस प्रक्रिया के बारे में जानकारी योजना शुरू करते समय ही दे दी गई थी। राशि बढ़ाने का कोई विचार नहीं वहीं, योजना की राशि बढ़ाने को लेकर जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि लाडली बहना योजना के तहत राशि को 3000 रुपए तक करने का वर्तमान में विभाग स्तर पर कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। साथ ही सरकार ने यह भी बताया कि लाडली बहना योजना में नए हितग्राही जोड़ने का वर्तमान में प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। कांग्रेस ने बताया जनता के साथ धोखा हालांकि, इस जवाब को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं और लाखों महिलाओं के साथ धोखा बताया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि लाड़ली बहनों के साथ धोखा किया गया है। उन्हें 3 हजार रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है और यह बात खुद मंत्री ने स्वीकार की है। इसके अलावा लंबे समय से लाडली बहना के रजिस्ट्रेशन बंद हैं, जिससे पात्र होने के बाद भी महिलाओं के नाम नहीं जोड़े जा रहे हैं। इससे साफ होता है कि योजना का सहारा सिर्फ चुनाव जीतने के लिए लिया गया था।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री साय

रायपुर, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आज छत्तीसगढ़ आगमन पर स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री द्वय  अरुण साव एवं विजय शर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, महापौर मीनल चौबे,  रमेश बैस, सरोज पाण्डे, गौरीशंकर अग्रवाल, शिवरतन शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्वागत किया।

बिना टिकट यात्री और स्टॉल्स पर ठोका ₹79,600 का जुर्माना, रेलवे मजिस्ट्रेट की सख्त कार्रवाई

भोपाल भोपाल मंडल के संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन पर रेलवे मजिस्ट्रेट द्वारा विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व रेलवे मजिस्ट्रेट श्री अनुराग खरे ने किया, जिनके साथ डीसीटीआई श्री फांसी चाको, 5 टिकट चेकिंग स्टाफ और 12 आरपीएफ स्टाफ उपस्थित रहे। इस विशेष अभियान के दौरान रेलवे स्टेशन परिसर और वहां स्थित स्टॉल्स का गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान यात्रियों के टिकटों की गहन जांच की गई, जिसमें 32 मामलों में बिना टिकट यात्रा करने पर कुल ₹13,990 का जुर्माना वसूला गया। इसके अतिरिक्त, रेलवे मजिस्ट्रेट द्वारा स्टॉल्स एवं स्टेशन परिसर में विभिन्न अनियमितताओं के तहत 78 मामलों में कार्रवाई कर कुल ₹65,610 का जुर्माना लगाया गया। इस प्रकार, इस विशेष अभियान में कुल ₹79,600 का जुर्माना वसूला गया। रेलवे मजिस्ट्रेट द्वारा इस कार्रवाई के तहत प्रमुख रूप से निम्न प्रकार के मामलों में जुर्माना लगाया गया धारा 137 के तहत बिना टिकट यात्रा करने, धारा 144 के तहत अवैध रूप से खाद्य सामग्री बेचने, धारा 141 के तहत अवैध रूप से चेन पुलिंग करने, धारा 145 के तहत स्टेशन परिसर में गंदगी फैलाने, धारा 147 के तहत बिना प्लेटफार्म टिकट के स्टेशन परिसर में पाए जाने, धारा 155 के तहत विकलांग कोच में अवैध रूप से यात्रा करने, धारा 159 के तहत नो पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करने पर कार्रवाई की गई। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि इस तरह के विशेष जांच अभियान समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं ताकि रेलवे परिसर को सुव्यवस्थित, स्वच्छ एवं सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे यात्रा के दौरान रेलवे नियमों का पालन करें और बिना टिकट यात्रा एवं अवैध गतिविधियों से बचें। रेल प्रशासन द्वारा भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रखे जाएंगे ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव प्राप्त हो सके।  

विग्नेश पुथुर कभी नहीं भूल पाएंगे ये दिन, एमएस धोनी से मिली शाबाशी

नई दिल्ली मुंबई इंडियंस के लिए बीच मैच में एक खिलाड़ी ने अपना IPL डेब्यू किया। ये खिलाड़ी कोई और नहीं, बल्कि विग्नेश पुथुर थे। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ रोहित शर्मा को पहली पारी के बाद प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया और इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर एमआई की टीम में विग्नेश की एंट्री हुई। वे अपना पहला आईपीएल मैच खेलने उतरे। 24 साल के विग्नेश पुथुर ने अपना इम्पैक्ट भी दिखाया। हालांकि, वे टीम को जीत नहीं दिला सके। उन्होंने रुतुराज गायकवाड़, शिवम दुबे और दीपक हुड्डा का विकेट निकालकर मैच में रोमांचक तड़का लगाया, लेकिन रचिन रविंद्र और एमएस धोनी ने टीम को जीत दिला दी। इसी बीच एमएस धोनी से विग्नेश पुथुर को शाबासी मिली, जिसे वे कभी नहीं भूलेंगे। दरअसल, जब चेन्नई के लिए रचिन रविंद्र और एमएस धोनी ने मैच को फिनिश किया तो वे सभी से हाथ मिला रहे थे। इसी दौरान विग्नेश पुथुर की मुलाकात बीच मैदान पर एमएस धोनी से होती है। एमएस धोनी भी विग्नेश पुथुर की पीठ पर शाबाशी देते हुए थपकी मारते हैं। इस लम्हे को लेकर पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा कमेंटेटर रवि शास्त्री ने ऑन एयर कहा, “युवा विग्नेश पुथुर के कंधे पर (एमएस धोनी का) थपथपाना। मुझे नहीं लगता कि वह इसे लंबे समय तक भूल पाएंगे।” निश्चित तौर पर यहां एमएस धोनी और विग्नेश के बीच एक छोटी सी चैट जरूर हुई। सीएसके के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ आईपीएल में विग्नेश के पहले शिकार बने। इस तरह उन्होंने 67 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी को तोड़ा, जिससे मुंबई ने मैच में वापसी की। अपने अगले दो ओवरों में उन्होंने शिवम दुबे और दीपकहुड्डा को आउट करके मुंबई की और वापसी कराई। हालांकि, मुंबई इसका फायदा उठाने में विफल रही, क्योंकि उन्होंने गेंद के साथ जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या को मिस किया। बुमराह चोट के कारण और पांड्या बैन के कारण इस मैच में नहीं खेले। उधर, कप्तानी कर रहे सूर्यकुमार यादव ने भी विग्नेश की तारीफ की और उनको एमआई के स्काउट्स का प्रोडक्ट बताया।

चेन्नई सुपर किंग्स ने मुंबई इंडियंस को हराकर जीत के साथ की दमदार शुरुआत

नई दिल्ली चेन्नई सुपर किंग्स ने आईपीएल 2025 के तीसरे मुकाबले में मुंबई इंडियंस को 4 विकेट से हराया। मुंबई की ओपनिंग मैच में आईपीएल 2012 के बाद से ये लगातार 13वीं हार है। कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और रचिन रविंद्र की बेहतरीन अर्धशतकीय पारियों की बदौलत चेन्नई सुपर किंग्स ने तीसरे मुकाबले में पांच गेंदे शेष रहते मुंबई इंडियंस को चार विकेट से हरा दिया। मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 155 रन बनाए, इसके जवाब में चेन्नई सुपर किंग्स ने रचिन और ऋतुराज की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत 5 गेंद शेष रहते मैच अपने नाम किया। आईपीएल 2012 में मुंबई इंडियंस ने अपने पहले मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से हराया था, इसके बाद से आईपीएल में मुंबई अब तक अपना पहला मुकाबला नहीं जीत सकी है। रविवार को चेन्नई सुपर किंग्स ने जीत के साथ आगाज किया। गायकवाड़ ने लगाई फिफ्टी 156 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने दूसरे ही ओवर में राहुल त्रिपाठी (दो) का विकेट गवां दिया। इसके बाद ऋतुराज गायकवाड़ और रचिन रविंद्र ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए 67 रनों की साझेदारी हुई। आठवें ओवर में विग्नेश पुतुर ने ऋतुराज गायकवाड़ को आउटकर इस साझेदारी को तोड़ा। गायकवाड ने 26 गेंदों में छह चौके और तीन छक्के लगाते हुए (53) रनों की पारी खेली। इसके बाद शिवम दुबे (नौ) और दीपक हुड्डा (तीन) रन बनाकर आउट हुये। सैम करन (चार) को विल जैक्स ने बोल्ड किया। रचिन रविंद्र ने 45 गेंदों में दो चौके और चार छक्के लगाते हुए (नाबाद 65) रन बनाए। छठें विकेट के रूप में रवींद्र जडेजा (17) रनआउट हुए। रचिन ने छक्के से जीत दिलाई रचिन रविंद्र ने 20वें ओवर की पहली गेंद पर छक्का लगाकर अपनी टीम को जीत दिलाई। चेन्नई सुपर किंग्स ने 19.1 ओवर में छह विकेट पर 158 रन बनाकर चार विकेट से मुकाबला जीत लिया। मुंबई इंडियंस की ओर से विग्नेश पुतुर ने तीन विकेट लिये। दीपक चाहर और विल जोक्स को एक-एक विकेट मिले। खलील ने रोहित-रेयान को किया आउट इससे पहले चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी मुम्बई इंडियंस की शुरुआत अच्छी नहीं रही उसने पहले ही ओवर में रोहित शर्मा (शून्य) का विकेट गवां दिया। इसके बाद रायन रिकलटन (13) रन बनाकर आउट हुये। इन दोनों बल्लेबाजों को खलील अहमद ने आउट किया। पांचवें ओवर में आर अश्विन ने विल जैक्स (11) को आउटकर पवेलियन भेज दिया। इसके बाद कप्तान सूर्य कुमार यादव और तिलक वर्मा ने पारी को संभालने का प्रयास किया। नूर ने मुंबई को किया परेशान दोनों बल्लेबाजों के बीच चौथे विकेट के लिए 49 रनों की साझेदारी हुई। 11वें ओवर नूर अहमद ने सूर्यकुमार यादव को आउट इस साझेदारी को तोड़ा। सूर्यकुमार यादव ने 26 गेंदों में दो चौके और एक छक्का लगाते हुए (29) रन बनाये। रॉबिन मिन्ज (तीन) रन बनाकर आउट हुये। 13वें ओवर की आखिरी गेंद पर नूर ने तिलक वर्मा को पगबाधा आउट किया। तिलक वर्मा ने 25 गेंदों में दो चौके और दो छक्के लगाते हुए (31) रन बनाए। नमन धीर (17), मिचेल सैंटनर (11) और ट्रेंट बोल्ट (एक) रन बनाकर आउट हुये। दीपक चाहर ने 15 गेंदों में दो चौको और दो छक्कों की मदद से (नाबाद 28) रनों की पारी खेली। मुम्बई इंडियंस ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट पर 115 रन का स्कोर खड़ा किया। चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से नूर अहमद ने चार और खलील अहमद ने तीन विकेट लिये। नेथन एलिस और रवि अश्विन ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।

भोरमदेव महोत्सव की तैयारियों का कलेक्टर गोपाल वर्मा ने निरीक्षण

कवर्धा भोरमदेव महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं. 26 और 27 मार्च को आयोजित महोत्सव में प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, लोककला और परंपराओं का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा. कलेक्टर गोपाल वर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भोरमदेव महोत्सव की तैयारियों का निरीक्षण किया. इस दौरान पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र छवाई, डीएफओ शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ अजय त्रिपाठी एवं प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे. भोरमदेव महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे. कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि भोरमदेव महोत्सव के शुभारंभ और समापन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा सहित सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाना प्रस्तावित है. महोत्सव के दोनों दिनों में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति भी रहेगी. इस लिहाज से महोत्सव स्थल पर सुरक्षा एवं आवश्यक व्यवस्था की जा रही है.

ये 4 कप्तान मुंबई इंडियंस की किस्मत नहीं बदल

नई दिल्ली मुंबई इंडियंस ने इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के किसी भी सीजन में अपना पहला मैच आखिरी बार साल 2012 में जीता था। इसके अगले साल से टीम अब तक 13 मुकाबले सीजन के पहले-पहले हार चुकी है। 2013 से इसकी शुरुआत हुई थी और ये सिलसिला 2025 तक जारी है। इस दौरान चार कप्तान बदल गए, लेकिन टीम की किस्मत नहीं बदल सकी है। आखिरी बार हरभजन सिंह की कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने आईपीएल सीजन का पहला मैच जीता था। इसके बाद से कप्तान पर कप्तान बदले, लेकिन टीम को पहले मैच में जीत नसीब नहीं हुई। 2012 के बाद 2013 में कप्तानी रिकी पोंटिंग को मिली, लेकिन उनकी कप्तानी में भी टीम सीजन का पहला मैच हारी। अगले साल 2014 में रोहित शर्मा टीम के कप्तान थे, जिन्होंने 2013 में बीच सीजन में कप्तानी संभाली और टीम को चैंपियन बनाया, लेकिन वह भी टीम को पहला मैच अगले सीजन की जिता नहीं पाए। वे 2023 तक टीम के कप्तान रहे, लेकिन एक बार भी उनकी कप्तानी में मुंबई इंडियंस को आईपीएल सीजन के पहले मैच में जीत नहीं मिली। यहां तक कि 2024 में कप्तानी हार्दिक पांड्या को मिली, लेकिन उनकी कप्तानी में भी टीम अपना पहला मैच हार गई। इसके बाद 2025 में सूर्यकुमार यादव मुंबई इंडियंस के लिए पहले मैच में कप्तानी करने उतरे, लेकिन वे भी टीम को जीत नहीं दिला सके। आईपीएल में अन्य कोई टीम ऐसी नहीं है, जिसने सीजन का पहला मैच इतनी बार हारा हो। हालांकि, अच्छी बात यह रही है कि मुंबई इंडियंस ने 2013 के बाद से 2020 तक पांच खिताब जीते थे। 2013, 2015, 2017, 2019 और 2020 में टीम टूर्नामेंट की चैंपियन बनी। वहीं, चेन्नई सुपर किंग्स का पलड़ा भी अब मुंबई पर भारी हो गया है। वे पिछले सात में से 6 मुकाबले इस टीम के खिलाफ जीत चुके हैं।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 30 मार्च से 30 जून 2025 तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाने के निर्देश जारी किए

भोपाल मध्य प्रदेश में 30 मार्च से 3 महीने के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू किया जा रहा है. इस अभियान का उद्देश्य जल को संरक्षित रखना और उसका संवर्धन करना मुख्य है. इसी अभियान के तहत सरकार जल स्रोतों की डिजिटल मैपिंग भी करने जा रही है ताकि सरकार के पास डिजिटल डाटाबेस उपलब्ध हो सके. उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 30 मार्च से 30 जून 2025 तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं. इस जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर कैबिनेट में भी मंजूरी हो चुकी है. यह अभियान पिछले साल भी चलाया गया था. डिजिटल डाटाबेस किया जाएगा तैयार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए आवश्यक कदम उठाने जाना है. इसी कड़ी में सरकार डिजिटल मैपिंग भी करवा रही है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मुताबिक प्रदेश के सभी 55 जिलों की जल संरक्षण का डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जाएगा. लोगों को मिलेगा काफी लाभ इस अभियान के जरिए जल संरचनाओं में जल भराव की स्थिति और दो भिन्न ऋतु की सेटेलाइट के माध्यम से डिजिटल मैपिंग की जाएगी ताकि प्री और पोस्ट मानसून का डाटा तैयार किया जा सके. सरकार का दावा है कि डिजिटल मैपिंग के बाद पेयजल और अन्य सिंचाई संबंधी जल की उपलब्धता को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकेंगे. इससे लोगों को काफी लाभ मिलेगा. जल संरचनाओं का किया जाएगा वर्गीकरण मध्य प्रदेश में चलाए जाने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत समस्त जल संरचनाओं जैसे नदी, तालाब, बावड़ी, पोखर आदि का वर्गीकरण किया जाएगा. इसके अलावा ऐतिहासिक महत्व की जल संरचना जैसे बड़े जलाशय, खेत तालाब, रिचार्ज टैंक, स्टोरेज टैंक आदि का अलग से वर्गीकरण किया जाएगा. इसका भी डाटाबेस सरकार तैयार करेगी. जल संरचनाओं की लोकेशन भी हाईटेक होगी सरकार डिजिटल मैपिंग के जरिए जल संरचनाओं के नाम, उनका अधिपत्य आदि की जानकारी जिओ टेगिंग के माध्यम से उनकी लोकेशन भी सुनिश्चित करेगी. सरकार के पास पूरा हाईटेक डाटा तैयार होगा इसके कई लाभ भविष्य में मिलने के दावे किए जा रहे हैं.

अरविंद श्रीनिवास की कंपनी खरीद सकती है टिकटॉक

नई दिल्ली चाइनीज कंपनी बाइटडांस का शॉर्ट वीडियो प्‍लेटफॉर्म टिकटॉक अमेरिका में मुसीबतों में है। ट्रंप सरकार के आने से पहले यह लगभग बंद ही हो गया था, लेकिन फ‍िर उसे वापसी का मौका मिला। शर्त यह है कि टिकटॉक को अमेरिका में अपना कारोबार बेचना होगा। अमेरिका में टिकटॉक को बैन से बचाने के लिए कई कंपनियां उसका बिजनेस खरीदने की कोशिश कर रही हैं। इस दौड़ में अब AI कंपनी Perplexity भी शामिल हो गई है। एंड्रॉयड हेडलाइन्‍स की एक रिपोर्ट के अनुसार, एलन मस्‍क और Mr. Beast जैसे लोगों के नाम पहले से टिकटॉक खरीदने की रेस में हैं। अब परप्‍लेक्सिटी भी इसे खरीदना चाहती है। कंपनी के सीईओ 31 साल के अरविंद श्रीनिवास हैं, जिनका जन्‍म साल 1994 में चेन्‍नई में हुआ था। कौन हैं अरविंद श्रीनिवास साल 1994 में चेन्‍नई में जन्‍मे अरविंद श्रीनिवास, एआई कंपनी Perplexity के को-फाउंडर और सीईओ हैं। यह एक एआई आधारित सर्च इंजन है। अरविंद श्रीनिवास ने आईआईटी-मद्रास से पढ़ाई की है। उसके बाद वह कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से पीएचडी पूरी करने चले गए। खास बात है कि श्रीनिवास ने अपने करियर की शुरुआत ओपनएआई से की थी, जिसे चैटजीपीटी बनाने के लिए जाना जाता है। बाद में उन्‍होंने गूगल और डीपमाइंड जैसी कंपनियों में भी काम किया। आखिरकार उन्‍होंने Perplexity शुरू की। क्‍या काम करती है Perplexity Perplexity एक एआई कंपनी है। यह एआई से चलने वाला सर्च इंंजन बनाती है। कंपनी सैन फ्रांसिस्‍को से ऑपरेट करती है। बताया जाता है कि टिकटॉक के अमेरिकी हिस्‍से को खरीदने के लिए 18 अरब डॉलर जुटाने पर काम कर रही है। अगर कंपनी अपने मकसद में कामयाब हो गई तो वह टिकटॉक एल्‍गोरिदम को ओपन-सोर्स बना सकती है यानी वह हर किसी के लिए ओपन होगा। कंपनी यह भी कह रही है कि अगर उसे टिकटॉक को खरीद लिया तो अमेरिका में डेटा सेंटर्स बनाएगी ताकि टिकटॉक पर अमेरिका की निगरानी रहे। टिकटॉक पर छाए हैं संकट के बादल टिकटॉक को लेकर अमेरिका में संकट के बादल हैं। टिकटॉक यूजर्स भी इसके भविष्‍य को लेकर असमंजस में हैं। अमेरिका में यह प्‍लेटफॉर्म तभी ऑपरेट हो सकता है, जब बाइटडांस इसके अमेरिकी बिजनेस को बेच दे। ऐसा नहीं होने पर टिकटॉक को अमेरिका से लौटना होगा। भारत में टिकटॉक बहुत पहले ही बैन किया जा चुका है। अगर यह अमेरिका में भी बंद होता है तो कंपनी को बड़ा झटका लगेगा। अमेरिकी कंपनियां टिकटॉक को एक मौके की तरह देख रही हैं। एलन मस्‍क इसमें पहले ही दिलचस्‍पी दिखा चुके हैं।

राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त कदम उठाते हुए खाप पंचायतों पर अंकुश लगाने का लिया निर्णय

जयपुर राजस्थान में खाप पंचायतों की पुरानी परंपरा पर अब रोक लगने जा रही है। राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त कदम उठाते हुए खाप पंचायतों और उनसे जुड़ी सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश लगाने के लिए एक पांच सदस्यीय आयोग का गठन किया है। इस आयोग में चार वकील और एक सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे, जो गांवों में जाकर खाप पंचायतों की वास्तविक स्थिति की जांच करेंगे। खाप पंचायतें – कानून से परे फैसले राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में खाप पंचायतें एक गैर-सरकारी अदालत के रूप में काम करती हैं। ये पंचायतें अपने नियम खुद बनाती हैं और गांव के सभी लोगों को उन्हें मानने के लिए बाध्य करती हैं। हालांकि, ये पूरी तरह से अवैध हैं और कई बार क्रूर फैसले सुनाकर लोगों का जीवन तबाह कर देती हैं। हाल ही में खाप पंचायतों द्वारा सामाजिक बहिष्कार और भारी जुर्माने जैसे कई मामले सामने आए हैं। कई परिवारों को गांव से बाहर निकालने या उन पर आर्थिक दंड लगाने के फरमान दिए गए। इसके खिलाफ कई शिकायतें भी दर्ज हुईं, लेकिन अभी तक खाप पंचायतों को पूर्ण रूप से खत्म करने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। राजस्थान हाईकोर्ट का सख्त फैसला राजस्थान हाईकोर्ट ने अब इस मामले में दखल देते हुए सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस फरजंद अली की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अर्जुन सिंह ने खाप पंचायतों की अमानवीय गतिविधियों को उजागर किया। हाईकोर्ट ने पाया कि खासकर पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर ग्रामीण, बाड़मेर, जैसलमेर, जालौर, नागौर और पाली जैसे जिलों में खाप पंचायतों की सामाजिक बुराइयां गहराई तक फैली हुई हैं। राजस्थान में सामाजिक सुधार की जरूरत कोर्ट ने अपने फैसले में राजा राम मोहन राय द्वारा किए गए सामाजिक सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि समाज में समय-समय पर कुरीतियों को खत्म करने के प्रयास किए गए हैं। लेकिन अब ग्रामीण स्तर पर जाकर वास्तविक स्थिति का विश्लेषण करने की जरूरत है, ताकि इन समस्याओं को जड़ से समाप्त किया जा सके। खाप पंचायतों की निगरानी के लिए गठित आयोग     यह आयोग कोर्ट कमिश्नर के रूप में काम करेगा।     आयोग के सदस्यों को पुलिस अधीक्षक से संपूर्ण सहयोग और सुरक्षा मिलेगी।     वे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे, स्थानीय पुलिस, सरपंच, ग्राम सेवक और ब्लॉक विकास अधिकारियों से बातचीत करेंगे।     रीति-रिवाजों और परंपराओं की आड़ में हो रहे कदाचारों पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।  

11 माह में गंदगी फ़ैलाने वालों से 35 लाख 49 हजार से अधिक का जुर्माना वसूला

भोपाल पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर, भोपाल एवं कोटा तीनों मण्डलों के सभी स्टेशनों पर स्टेशन परिसर एवं गाड़ियों में स्वच्छ, सुखद एवं पर्यावरण अनुकूल वातावरण मुहैया कराने के प्रति लगातार प्रयासरत है। मण्डलों के रेलवे स्टेशनों एवं रेलगाड़ियों में नियमित साफ सफाई सुनिश्चित की जाती है, साथ ही नियमित उद्घोषणा के माध्यम से यात्रियों को जागरुक भी किया जाता है। इसके अंतर्गत यात्रियों से स्टेशन परिसर को साफ सुथरा रखने, धूम्रपान नहीं करने तथा यहां वहां गंदगी नहीं करने के लिए जागरूक किया जाता है। बार-बार समझाइश के बावजूद कुछ लोग लापरवाही बरतते हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ रेल प्रशासन द्वारा समय-समय पर रेलवे अधिनियम के अंतर्गत जुर्माने की कार्यवाही की जाती है। रेलवे द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 तक में गन्दगी फैलाने वालों के विरुद्ध चलाये गए अभियान में कुल 19502 व्यक्तियों के मामले पकडे गए, जिनसे कुल 35 लाख 49 हजार 245 रूपये जुर्माना वसूला गया। अकेले फरवरी माह में गन्दगी फैलाने वालों के विरुद्ध चलाये गए अभियान में कुल 1024 व्यक्तियों के मामले पकडे गए, जिनसे कुल 2 लाख 3 हजार 400 रूपये जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा जुर्माने के साथ साथ ऐसे लोगों को समझाईश भी दी जाती है। साथ ही गंदगी से होने वाले नुकसान की जानकारी देते हुए स्टेशन परिसर स्वच्छ रखने के लिए अनुरोध भी किया जाता है। रेल प्रशासन यात्रियों से अनुरोध करता है कि रेलवे आपकी अपनी संपत्ति है, रेल परिसर में कृपया गंदगी न फैलाएं। स्टेशन का वातावरण स्वच्छ, सुंदर रखने में रेल प्रशासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहभागी बनें। गंदगी करने वालों के विरुद्ध आगे भी ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे। 

माफी नहीं मांगूंगा… BJP विधायक चिंतामणि मालवीय का पार्टी के खिलाफ मोर्चा, कांग्रेस का भी मिल गया साथ

ujjain kumbh land acquisition controversy chintamani malviya उज्जैन ! बीजेपी विधायक चिंतामणि को राष्ट्रीय अध्यक्ष JP नड्डा ने नोटिस भेजा है. इस पर चिंतामणि ने कहा है कि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिली है. अगर मिलती भी है तो मैंने कुछ भी ग़लत नहीं कहा है. मैं माफ़ी नहीं मांगूंगा.उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ को लेकर बवाल मचा हुआ है. बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय ने विधानसभा में मुद्दा उठाया और कहा कि उज्जैन के किसान परेशान हैं और डरे हुए है. उनकी ज़मीन जबरदस्ती अधिग्रहण की जा रही है. इस बयान के बाद अब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष JP नड्डा ने उन्हें नोटिस जारी किया है. नोटिस में कहा गया है कि आज सार्वजनिक जगह पर बयानबाजी कर पार्टी की छवि धूमिल कर रहे हैं. बीजेपी की ओर से भेजे गए नोटिस में चिंतामणि को 7 दिनों जवाब देने के लिए कहा गया है. मुझे नोटिस नहीं मिलाइस मामले पर आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय ने कहा कि मैं बीजेपी का प्रतिबद्ध कार्यकर्ता हूं. मैंने जो कुछ कहा, वो सदन के अंदर का विषय है. मैंने कुछ भी ग़लत नहीं कहा है. मैं माफ़ी नहीं मांगूंगा. पार्टी का नोटिस अभी मुझे प्राप्त नहीं हुआ है. अगर मुझे मिलेगा तो मैं उसके तथ्यानुरूप जवाब से पार्टी को अवगत कराऊंगा. उन्होंने कहा था कि भू-माफियाओं की साजिश की वजह से किसानों को अपनी ही जमीन से बेदखल किया जा रहा है. सालों से यहां भूमि का अधिग्रहण कुछ ही महीनों के लिए होता था, लेकिन स्थाई तौर पर कब्जा सही नहीं है. दूसरे नेताओं को क्यों नहीं जारी किया नोटिस?वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी में कोई आवाज़ उठाता है तो उसकी आवाज़ दबा दी जाती है. किसानों के मुद्दे पर हम उनके साथ है. कांग्रेस पार्टी भी उज्जैन जाकर किसानों के साथ प्रदर्शन में शामिल होगी.नोटिस जारी करना ही थे बीजेपी को तो आख़िर क्यों गोविंद राजपूत ,प्रहलाद पटेल और विश्वास सारंग को नहीं किए. दूसरी तरफ़ बीजेपी इस मामले पर चुप है. सिंहस्थ क्या है?सिंहस्थ उज्जैन मध्य प्रदेश में आयोजित होने वाला महाकुंभ मेला है, जो हर 12 साल में एक बार शिप्रा नदी के तट पर होता है. इसे ‘सिंहस्थ कुंभ महापर्व’ भी कहा जाता है. यह हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें संत, महात्मा, अखाड़े, श्रद्धालु और तीर्थयात्री बड़ी संख्या में शामिल होते हैं.

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