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18 मई को परीक्षा, चार शहरों में परीक्षा केंद्र, पशुपालन व डेयरी विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती हुई शुरू

इंदौर पशुपालन व डेयरी विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपी पीएससी) ने सहायक संचालक व पशु चिकित्सा के लिए लिखित परीक्षा रखी है। 18 मई को भर्ती परीक्षा रखी गई है, जो प्रदेशभर के अलग-अलग शहरों में आयोजित की जाएगी। अप्रैल दूसरे सप्ताह तक परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। आयोग ने परीक्षा को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी। ऑफलाइन होगी परीक्षा अधिकारियों के मुताबिक उम्मीदवारों को 9 मई से प्रवेश पत्र दिए जाएंगे। सहायक संचालक पशु चिकित्सा, सहायक शल्यक और पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी के 192 पद रिक्त हैं। इनमें 72 अनारक्षित, 42 एसटी, 17 एससी, 45 ओबीसी और 16 ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित हैं। आयोग ने 27 दिसंबर 2024 को अधिसूचना निकाली थी। 20 जनवरी से 19 फरवरी तक पंजीयन की प्रक्रिया रखी गई। करीब साढ़े तीन हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। परीक्षा ऑफलाइन पद्धति पर करवाई जाएगी। इसमें उम्मीदवारों को प्रश्नों के जवाब ओएमआर शीट पर देने होंगे। उम्मीदवारों के लिए गाइडलाइन जारी गाइडलाइन के मुताबिक परीक्षा शुरू होने से घंटेभर पहले उम्मीदवारों को केंद्र पर पहुंचना होगा। अलग-अलग दो स्तर पर उम्मीदवारों की जांच की जाएगी। इसके बाद उम्मीदवारों को परीक्षा कक्ष में जाने की अनुमति रहेगी। प्रवेश पत्र के साथ ही फोटो, आइडी प्रूफ भी उम्मीदवारों को साथ में रखना होगा। ओएसडी रवींद्र पंचभाई का कहना है कि 9 मई को प्रवेश पत्र पोर्टल पर अपलोड कर दिए जाएंगे। उम्मीदवार इन्हें डाउनलोड कर सकेंगे। चार शहरों इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में परीक्षा केंद्र बनाएंगे।

चैत्र अमावस्या के पावन अवसर पर गौशाला में गौ पूजन कार्यक्रम सम्पन्न।

Cow worship program completed in the cowshed on the auspicious occasion of Chaitra Amavasya. हरिप्रसाद गोहेआमला । मध्यप्रदेश शासन की मंशानुसार गौवंश रक्षा वर्ष के अन्तर्गत आज दिनांक 29 मार्च 2025 दिन शनिवार – चेत्र अमावस्या के शुभ अवसर राधाकृष्णा सुरभि गौशाला कोंढरखापा जिला बैतूल रजि.नं.1947 में गौ पूजन कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें सर्व प्रथम गौवंश पुजन, गौशाला परिसर में साफ़ सफाई, वृक्षारोपण एवं गौग्रास के रूप में गुड़ रोटी, हरा चारा (नेपियर घास), पशु आहार खिलाया तथा उपस्थित जनमानस को व्यक्तिगत एवं सामुहिक गौरक्षा का संकल्प दिलाया।इस अवसर पर नीलकंठ देशमुख, युवराज अमरूते,गौशाला प्रबंधक चेतन सिंह सिसोदिया सहित ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

भीषण गर्मी के चलते छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में हुआ बदलाव, 1 अप्रैल से होगा लागू

रायपुर प्रदेश में बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में अस्थायी बदलाव किया है. महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 से 30 जून 2025 तक आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे तक किया जाएगा. इस अवधि में केंद्रों का संचालन 6 घंटे की बजाय 4 घंटे ही संचालित रहेंगे. जिससे बच्चों को भीषण गर्मी से बचाया जा सके. महिला एवं बाल विकास विभाग के सरगुजा जिला कार्यक्रम अधिकारी अतुल परिहार ने बताया कि ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 1 जुलाई 2025 से आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन पूर्व निर्धारित समयानुसार सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक पुनः 6 घंटे के लिए किया जाएगा. नौनिहालों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और गर्मी के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में परिवर्तन किए गए हैं.

पेंशनभोगियों के खिलाफ पारित कानून का कामरेड चंद्रशेखर पुरी ने किया विरोध ।

Comrade Chandrashekhar Puri protested against the law passed against pensioners. हरिप्रसाद गोहेआमला। ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय कार्यकारणी (विशेष आमंत्रित) सदस्य, वायु भवन, नई दिल्ली जे सी एम सदस्य एवं हिंद मजदूर सभा (मध्य प्रदेश) राज्य कार्यकारणी सदस्य कॉमरेड चन्द्रशेखर पुरी ने केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लोकसभा में पारित एक विधेयक को लेकर कड़ा विरोध जताया है। पुरी ने इस कानून को पेंशनभोगियों के बीच भेदभावपूर्ण करार देते हुए इसे सरकारी कर्मचारियों के हितों के खिलाफ बताया है । उनका कहना है कि वित्त विधेयक 2025 के तहत पारित यह नया कानून सरकार को यह अधिकार देता है कि वह वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने में पेंशनभोगियों के साथ भेदभाव कर सके। यह सरकार द्वारा अपनाया गया एक अन्यायपूर्ण और भ्रामक कदम है, जो नवउदारवादी ताकतों के इशारे पर लागू किया जा रहा है। कानून की प्रावधानों पर आपत्ति कामरेड पुरी ने कहा कि यह कानून पेंशनभोगियों को सेवानिवृत्ति की तारीख के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उनके साथ अन्याय करता है। खास बात यह है कि इस कानून को 1 जून 1972 से पूर्वव्यापी रूप से लागू किया गया है, जिससे हजारों पेंशनभोगी प्रभावित होंगे। यह सीसीएस (पेंशन) नियम, 1972, 2021 और 2023 के तहत बनाए गए नियमों को भी प्रभावित करता है। पुरी का आरोप है कि यह कानून गारंटीड ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS), न्यू पेंशन स्कीम (NPS) और हाल ही में लाई गई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के तहत आने वाले सभी पेंशनभोगियों के अधिकारों को कमजोर करेगा। सरकार इस कानून को 1 अप्रैल 2025 से लागू करने की अधिसूचना जारी कर चुकी है। सरकार पर साधा निशाना पुरी ने इस कानून को मोदी सरकार की कर्मचारी-विरोधी नीति का हिस्सा बताया और कहा कि यह श्रमिकों और पेंशनभोगियों के हकों पर सीधा हमला है। इस संबंध में ए आई डी एफ एवं सभी केंद्रीय श्रम संगठन ने चेतावनी दी कि कर्मचारी और पेंशनभोगी पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे। कामरेड चन्द्रशेखर पुरी ने केंद्र सरकार से इस विधेयक को रद्द करने की मांग की है और पेंशनभोगियों के समर्थन में आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि सभी केन्द्रीय संगठनों ने कहा कि यह लड़ाई कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ी जाएगी और किसी भी भेदभावपूर्ण नीति को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

चैत्र नवरात्र पर शिव मंदिर आमला में होगा सीताराम कीर्तन

Sitaram Kirtan will be held in Shiv Mandir Amla on Chaitra Navratri हरिप्रसाद गोहेआमला। चैत्र नवरात्र के अवसर पर हवाई पट्टी के पास स्थित मनोकामना नाथ नागेश्वर शिव मंदिर में सीताराम कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। कीर्तन 30 मार्च से प्रारंभ होकर 6 अप्रैल रामनवमी के दिन समाप्त होगा ।कीर्तन का यह 41 वॉ वर्ष है। मंदिर समिति के लक्ष्मण चौकीकर, भरत चौकीकर ने बताया कि साकेतवासी महामंडलेश्वर 1008 स्वामी रघुवरदास महाराज चतुर्भुजी भगवान का मंदिर विघाकुण्ड अयोध्या निवासी के मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद से सीताराम कीर्तन पिछले 40 वर्षो से प्रतिवर्ष चैत्र नवरात्र पर आमला में आयोजित किया जा रहा है।कीर्तन में उमराव चौकीकर भगत जी का रामायण मंडल, बोड़खी आमला के भजन मंडल, महिला मंडल, देवगांव, नांदीखेडा, छावल खापा, जामठी, ससाबड, अंधारिया, नहिया, और आस-पास के ग्रामों से श्रद्धालु शामिल होंगे ।मंदिर समिति ने सभी लोगो से कीर्तन में पधारने का निवेदन किया है।

सुभाषिनी विद्या मंदिर ससुंद्रा के तीन बच्चो का नवोदय विद्यालय में हुआ चयन ।

Three children of Subhashni Vidya Mandir Susundra got selected in Navodaya Vidyalaya. हरिप्रसाद गोहेआमला । जनपद पंचायत आमला क्षेत्रांतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ससुंद्रा के सुभाषिनी विद्या मंदिर स्कूल के कक्षा 5 वी में अध्यनरत तीन नवनिहालो ने नवोदय विद्यालय प्रभात पट्टन चयन परीक्षा वर्ष 2025 में परचम लहराकर अपनी शाला सहित पालकों का नाम रोशन किया है । बच्चों के बेहतर परीक्षा परिणाम एवं उनकी उपलब्धि पर सुभाषिनी विद्या मंदिर ससुंद्रा के संस्था प्रमुख प्राचार्य मनीष माथनकर ने चयनित बच्चो को शुभकामनाएं प्रेषित कर उनके उज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा शाला के शिक्षक कमलेश माथनकर के कुशल एवं सफ़ल मार्गदर्शन एवं मेहनत से प्रतिवर्ष नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा में शाला से बच्चो का चयन हो रहा है जो सराहनीय है । उन्होंने इस मौके पर बच्चों सहित समस्त स्टॉफ को बधाई दी । गौरतलब हो की सुभाषिनी विद्या मंदिर हाइस्कूल ससुंद्रा की कक्षा 5वी से सत्र 2015 से 2025 तक लगातार प्रतिवर्ष बच्चों का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय प्रभात पट्टन में होता आ रहा है । 2025 में भी तीन बच्चों का चयन हुआ है । जिसमे पलक दिनेश साहू,दिशा नारायण लिखितकर और भावेश गुलबराव माथनकर शामिल है । शाला से अब तक पिछले 11वर्षों में कुल 24 बच्चों का चयन नवोदय विद्यालय में हो चुका है ।

MP में औद्योगिक विकास और निवेशकों को बढ़ावा देने के लिए दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाने की कवायद शुरू

भोपाल  भोपाल को ग्रेटर केपिटल की तर्ज पर विकसित करने के लिए भोपाल विकास प्राधिकरण को भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन (Bhopal Metropolitan Region)का नोडल एजेंसी बनाया है। इंदौर में भी आइडीए का यह जिमा सौंपा गया है। भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन में भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम व राजगढ़ शामिल हैं। प्रमुख सचिव शहरी आवास एवं विकास संजय शुक्ला के अनुसार बीडीए कंसलटेंट तय कर आगामी प्लानिंग बनाएगा। यह उच्चाधिकारियों की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी। ऐसे होगा काम ● सीहोर- भोपाल की प्लानिंग कर तालाब व कैचमेंट संरक्षण का काम होगा। ● मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र को भोपाल से जोडकऱ काम किया जाएगा। ● अन्य जिलों में स्थित भोपाल के पास की वैश्विक धरोहरें सांची, भीमबैठका और अन्य पर भोपाल से काम तय हो जाएगा। ● मेट्रो का नेटवर्क भी पास के क्षेत्रों तक बढ़ाने की राह खुलेगी। एमपी में 9 शहरों को मिलाकर बनेंगे 2 मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र, 6 संभागों का होगा डेवलपमेंट  मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेशकों को बढ़ावा देने के साथ-साथ नगरों के सुव्यवस्थित विकास के लिए दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाने की कवायद शुरू हो गई है। पहला मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र इंदौर-उज्जैन-देवास और धार को मिलाकर और दूसरा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भोपाल-सीहोर, रायसेन-विदिशा-ब्यावरा (राजगढ़) को मिलाकर विकसित किया जाएगा।  केंद्र के विजन के मुताबिक राज्य के प्रमुख संभाग मुख्यालय ग्वालियर, सागर, रीवा, जबलपुर, नर्मदापुरम और शहडोल को रीजनल इकोनॉमिक ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है। सरकार का यह प्रयास अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ रोजगार, व्यापार और निवेश के नये अवसरों को भी बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। सुविधाओं में होगा सुधार जानकारी के तहत इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी में इंदौर का 100 प्रतिशत क्षेत्र शामिल किया जाएगा, जबकि उज्जैन का 44 प्रतिशत धार और नागदा का भी कुछ हिस्सा इसमें जोड़ा जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक और शहरी विकास को संगठित तरीके से आगे बढ़ाना है, जिससे आधारभूत सुविधाओं में सुधार हो और निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। 5 जिलों की बदल जाएगी सूरत, जानिए कैसे मेगा रोड प्रोजेक्ट से 80 लाख को होगा फायदा  मध्य प्रदेश के पांच जिलों – भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन और नर्मदापुरम की सूरत अब जल्द ही बदलने वाली है। राज्य सरकार ने इन क्षेत्रों में मेगा रोड प्रोजेक्ट की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य इन जिलों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करना है। इस परियोजना के तहत, आने वाले समय में इन क्षेत्रों के लोग 80 लाख की आबादी तक को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। इन जिलों को भोपाल से बेहतर कनेक्ट करने के लिए सड़क नेटवर्क पर काम तेज कर दिया गया है और कंसल्टेंट तय करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। अगले एक महीने में इन पांच जिलों से जुड़े रोड नेटवर्क का सर्वे भी पूरा कर लिया जाएगा। सीएम का ग्रेटर राजधानी की बात करना हाल ही में भोपाल में आयोजित आंबेडकर ब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वृहद राजधानी के निर्माण की बात की थी। इस घोषणा के बाद से ही इस दिशा में कार्य शुरू हो गया था और अब वृहद राजधानी के रूप में भोपाल और आसपास के इलाकों का विकास एक संगठित तरीके से किया जाएगा। यह परियोजना वृहद और समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। भोपाल का मास्टर प्लान रोका जाएगा ग्रेटर भोपाल के मास्टर प्लान को रोकने की योजना बनाई गई है, ताकि भोपाल और उसके आसपास के पांच जिलों को एक ही क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा सके। टीएंडसीपी (Town and Country Planning Department) के अधिकारियों को शासन की ओर से यह निर्देश दिए गए हैं। अब भोपाल सहित पांच जिलों का समग्र विकास एक ही योजना के तहत किया जाएगा। इन जिलों में सीहोर, भोपाल-नरसिंहगढ़, ब्यावरा-राजगढ़, भोपाल-नर्मदापुरम, भोपाल-विदिशा और भोपाल-रायसेन तक की योजनाएं शामिल की जाएंगी। संरक्षण कार्यों में सुधार वर्तमान में, भोपाल और सीहोर अलग-अलग विकास योजनाओं के तहत काम करते हैं, जबकि दोनों में बड़ा तालाब और उसका कैचमेंट एरिया साझा है। अलग-अलग योजनाएं होने के कारण संरक्षण कार्य आधे-अधूरे होते हैं। अब वृहद राजधानी योजना के तहत दोनों क्षेत्रों को एकजुट करके संरक्षण कार्यों में अधिक प्रभावशीलता लाई जा सकेगी। मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र का विकास मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र भोपाल के पास स्थित है, लेकिन यह रायसेन जिले में आता है। इससे पहले, भोपाल के साथ इसके विकास के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई जा सकती थी। अब इसे वृहद राजधानी में शामिल किया जाएगा, जिससे यह वैश्विक नक्शे पर भी नजर आएगा और इसके विकास की दिशा में योजनाएं बनाई जा सकेंगी। वैश्विक धरोहरों का संरक्षण और विकास भोपाल से सांची और भीम बेटिका जैसी वैश्विक धरोहरों का संरक्षण और विकास पहले संभव नहीं था। इन धरोहरों का संबंध अब भोपाल के विकास से सीधे जुड़ जाएगा, जिससे इनका संरक्षण और प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। भोपाल में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार भोपाल में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार लगातार हो रहा है। फिलहाल, मेट्रो का नेटवर्क मंडीदीप तक बढ़ाया जा रहा है। भविष्य में, बड़े बजट से मेट्रो को भोपाल के 100 किमी दायरे के बाहर भी विस्तार दिया जाएगा, जिससे भोपाल के आसपास के इलाकों में मेट्रो की आवाजाही आसान हो जाएगी और इससे शहर के यातायात में भी सुधार होगा। नई प्लानिंग से बढ़ेगी गति और स्तर सुयश कुलश्रेष्ठ का कहना है कि इस नई योजना में 80 लाख लोगों की आबादी को ध्यान में रखते हुए प्लानिंग का स्तर पहले से कहीं अधिक व्यापक होगा और इस पर काम की गति भी तेज होगी। अब इस वृहद परियोजना का उद्देश्य महानगरीय स्वरूप में नगरों का विकास करना है, ताकि यह योजना और उसके परिणाम पूरी तरह से एक बड़े शहर के विकास के अनुरूप हो। उन्होंने आगे कहा, “अगर पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सुधार होगा तो निश्चित रूप से भोपाल शहर में आबादी का दबाव घटेगा। इस दिशा में काम शुरू हो चुका है और अब इसे तेज गति से पूरा किया जाएगा।” समग्र योजना के तहत विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से सर्वे ग्रेटर राजधानी के विकास के लिए टीएंडसीपी (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट) के संचालक सह आयुक्त श्रीकांत बनोठ ने भी इस योजना को लेकर बयान दिया। उनका … Read more

दुबई : शेखों के साथ पार्टी में गई मशहूर मॉडल, 7 दिन बाद सड़क पर ऐसी हालत में मिली

दुबई दुबई में एक हाई-प्रोफाइल पार्टी में शामिल होने के बाद एक यूक्रेनी मॉडल की हालत गंभीर हो गई. उसे सड़क किनारे टूटी हुई रीढ़ की हड्डी, हाथ और पैर के साथ पड़ा पाया गया. 20 साल की इस OnlyFans मॉडल की हालत इतनी खराब थी कि वह बोल भी नहीं पा रही थी. बताया जा रहा है कि वह अरब शेखों के एक रहस्यमयी पोर्टा पॉटी पार्टी में शामिल हुई थी, जहां अमीर लोगों की घिनौनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल किया जाता है. यह मामला तब सामने आया जब मॉडल 8 दिनों तक लापता रही. उसने अपने दोस्तों को बताया था कि उसे दुबई के एक होटल में पार्टी के लिए आमंत्रित किया गया है. इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला. मॉडल के परिवारवालों और दोस्तों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. जब वह सड़क किनारे गंभीर हालत में मिली, तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया. उसकी मां ने बताया कि मॉडल के पास न तो उसके दस्तावेज थे, न फोन और न ही कोई और सामान. क्रूरता की शिकार बनी मॉडल? स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मॉडल को एक सीक्रेट पार्टी में ले जाया गया, जहां वह शेखों और प्रभावशाली लोगों के बीच फंस गई. ऐसी आशंका जताई जा रही है कि उसे कई दिनों तक शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी गई, फिर उसे मरने के लिए सड़क पर फेंक दिया गया. दुबई में होने वाली पोर्टा पॉटी पार्टियों के बारे में कहा जाता है कि इसमें सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और मॉडल्स को मोटी रकम देकर बुलाया जाता है, फिर उनसे अमानवीय काम करवाए जाते हैं. चार सर्जरी के बाद भी हालत गंभीर इस दर्दनाक घटना के बाद मॉडल की चार बड़ी सर्जरी कराई गई, लेकिन अब भी उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. डॉक्टरों का कहना है कि उसके ठीक होने में लंबा समय लग सकता है. इस बीच रूस की एक वकील, कट्या गॉर्डन ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाया और मॉडल्स को चेतावनी दी कि वे इस तरह के आयोजनों से दूर रहें. उन्होंने कहा कि दुबई में ऐसी पार्टियों का चलन बढ़ता जा रहा है, जहां महिलाओं को यातनाएं दी जाती हैं और उनकी जिंदगी खतरे में डाल दी जाती है. महिलाओं को चेतावनी इस घटना के बाद कई संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मॉडल्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को ऐसे खतरनाक ऑफर्स से बचने की सलाह दी है. यह पहली बार नहीं है जब पोर्टा पॉटी पार्टीज का मामला सामने आया हो. इससे पहले भी कई महिलाओं के लापता होने और प्रताड़ित किए जाने की घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं. वकील गॉर्डन ने कहा कि लड़कियों, महिलाओं से मेरी अपील है सिर्फ पैसों के लिए ऐसी पार्टियों में मत जाओ, यह तुम्हारी जिंदगी बर्बाद कर सकता है. दोस्तों की उम्मीदें बनी हुई हैं मॉडल के परिवारवाले और दोस्त उसकी जल्द से जल्द ठीक होने की दुआ कर रहे हैं. एक दोस्त ने कहा, ‘हम सभी उम्मीद कर रहे हैं कि वह ठीक हो जाए. हम उन सभी का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने उसे ढूंढने और जानकारी देने में मदद की.’ हालांकि, यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है और दुबई में होने वाली इन गुप्त पार्टियों की सच्चाई को उजागर करने की मांग तेज हो रही है. यह कैसी सेक्स पार्टी थी जिसमें मॉडल ने भाग लिया? यह कितना भयानक रहा होगा! यह सेक्स पार्टी क्या है? इसके बारे में कुछ ही जानकारी मिली है। दुबई में ये पार्टियां अमीर शेखों की यौन इच्छाओं को शांत करने के लिए होती हैं। इसके लिए वे तेल के पैसे को पानी की तरह बहाते हैं। वे किसी भी देश की अमीर मॉडल और अभिनेत्रियों को पैसे से खरीदने की क्षमता रखते हैं। ये पार्टियां निजी जगहों पर गुप्त रूप से आयोजित की जाती हैं। यहां आने वालों को कभी-कभी सेक्स गुलाम के रूप में भी रखा जाता है। सेक्स के नाम पर यहां हर तरह की विकृतियां होती हैं। ऐसा माना जाता है कि वह ऐसी ही एक विकृत पार्टी में अमीरों की विकृति का शिकार हुई थी। स्थानीय मीडिया ने बताया कि शायद इन अमीर शेखों ने उसे यौन गुलाम बनाकर कई दिनों तक इस्तेमाल किया और अंत में सड़क पर फेंक दिया। इन शेखों द्वारा आयोजित पार्टियों के आयोजकों की पहचान भी गुप्त रखी जाती है। वहां रूसी और यूक्रेनी मॉडल और ओनलीफैंस पोर्न स्टार की बहुत मांग है। एक मॉडल को एक पार्टी में भाग लेने के लिए लगभग $100,000 (लगभग 85 लाख रुपये) का भुगतान किया जाता है। लेकिन इतने पैसे के बदले में इन महिलाओं को उन अमीर पुरुषों की काली इच्छाओं को पूरा करना होता है। इसके लिए उन्हें गंभीर दुर्व्यवहार के लिए तैयार रहना पड़ता है। “पोर्टा पाटी पार्टी” में होती है सेक्स स्लेवरी इस कार्यक्रम को “Porta potty” भी कहा जाता है। यानी बहुत ही भयानक और अपमानजनक यौन क्रियाएं करने वाली पार्टी। यहां भारी मात्रा में धन का लेन-देन होता है। “पोर्टा पाटी पार्टियों के बारे में घोटाले सालों से चल रहे हैं। यहां शेख लड़कियों को मारते हैं, उनके बाल काटते हैं और उनसे हर तरह की सेक्स स्लेवरी करवाते हैं। उन्हें जंजीरों से बांधकर हफ्तों तक जमीन के नीचे रखा जा सकता है। वहां उनका ही कानून चलता है। इसलिए कानून इनका कुछ नहीं कर सकता। यहां जाने वाली महिलाओं ने वीडियो बनाकर चेतावनी दी है कि ऐसे कार्यक्रमों के लिए सहमत न हों, कमजोर होने पर आप मर भी सकते हैं। इन अरब देशों के शेखों के पास पैसा है, सत्ता है, तेल है। लेकिन उनके देश में कामुकता को दबाने वाले सख्त कानून हैं। इसलिए वे दुबई आकर मजे करते हैं। इसके साथ ही वे इस विकृति का प्रदर्शन करते हैं।    

राजधानी भोपाल की सेट्रंल जेल में कैदियों की ईद पर मायूस, जेल में मुलाकात पर रोक, कांग्रेस विधायक ने उठाए सवाल

भोपाल  भोपाल सेंट्रल जेल में इस बार ईद पर मुस्लिम कैदियों को अपने परिवार वालों से खुलकर मिलने का मौका नहीं मिलेगा। जेल प्रशासन ने जेल में चल रहे निर्माण कार्य को इसका कारण बताया है। इस फैसले से कैदियों और उनके परिवार वाले नाराज हैं। हर साल राखी, ईद और दीपावली जैसे त्योहारों पर कैदियों को अपने परिवार वालों से खुलकर मिलने दिया जाता था। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है और जेल डीजी को पत्र लिखा है। वहीं, भाजपा नेता अजय सिंह यादव ने जेल प्रशासन के फैसले को सही ठहराया है। उनका कहना है कि जेल में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। भाजपा नेता अजय सिंह यादव ने इस बारे में कहा कि भोपाल सेंट्रल जेल में कई गंभीर अपराधी बंद हैं। कैदियों की सुरक्षा के लिए और गंभीर कैदी स्थिति का फायदा उठाकर भाग न जाएं, इसके लिए जेल प्रबंधन ने यह नियम बनाया है।कांग्रेस पार्टी का रवैया गैरजिम्मेदाराना है और वह बेकार की राजनीति करती है। जब जेल में स्थिति सामान्य हो जाएगी तो पहले की तरह विशेष मुलाकात का प्रावधान होगा। 3500 से ज्यादा कैदी मौजूद सेंट्रल जेल में अभी 3500 से ज्यादा कैदी हैं। जेल के अधीक्षक राकेश भांगरे ने बताया कि जेल में निर्माण कार्य चल रहा है। इसलिए इस बार ईद पर खुली मुलाकात नहीं हो पाएगी। हालांकि, सामान्य मुलाकात की व्यवस्था जारी रहेगी। कांग्रेस विधायक की नाराजगी इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने जेल डीजी को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि पिछले 40-45 सालों से त्योहारों पर खुली मुलाकात की परंपरा रही है। इस दौरान कभी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। यह व्यवस्था न केवल मुस्लिम परिवारों, बल्कि दूसरे धर्मों के लोगों को भी अपने रिश्तेदारों से मिलने का मौका देती है। जेल डीजी को लिखा मुस्लिम विधायक ने लेटर इस फैसले के खिलाफ भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने जेल डीजी को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है. अपने पत्र में उन्होंने लिखा, “पिछले 40-45 वर्षों से त्योहारों पर खुली मुलाकात की परंपरा रही है और इस दौरान कभी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई. यह व्यवस्था न केवल मुस्लिम परिवारों, बल्कि बहुसंख्यक समुदाय के परिजनों को भी अपने रिश्तेदारों से मिलने का अवसर देती है. जेल प्रबंधन के इस फैसले से बंदियों और उनके परिवारों में रोष है. मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि सहानुभूतिपूर्वक विचार कर ईद पर खुली मुलाकात की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.” यह पहली बार है जब जेल प्रशासन ने निर्माण कार्य का हवाला देकर त्योहार पर खुली मुलाकात को प्रतिबंधित किया है. इस निर्णय ने शहर में चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है और लोग इस परंपरा को बनाए रखने की मांग कर रहे हैं. अब सबकी नजरें डीजीपी के जवाब और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं.

रामनवमी के अवसर पर चित्रकूट नगर में 11 लाख दीपक से होगा रोशन, तैयारियां जोरों पर

 चित्रकूट  रामनवमी के पावन अवसर पर मनाए जाने वाले चित्रकूट नगर गौरव दिवस की तैयारियां जोरों पर शुरू हो गई हैं। इस बार भी 11 लाख दीपक जलाने का लक्ष्य रखा गया है। नगर गौरव दिवस का आयोजन 6 अप्रैल को किया जाएगा। राज्य शासन के संस्कृति संचालनालय द्वारा चित्रकूट में प्राकट्य पर्व का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी। यह आयोजन वर्ष 2022 में शुरू किया गया था और इस वर्ष इसका चौथा संस्करण है। विभिन्न समूहों को सौंपे गए लक्ष्य चित्रकूट नगर गौरव दिवस के दीपोत्सव के लिए विभिन्न समूहों से चर्चा कर लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। सीएमओ विशाल सिंह ने बताया कि दीपोत्सव के लिए कई समूहों और संगठनों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सगुरु ने 1.51 लाख दीपक जलाने का संकल्प लिया है। वहीं डीआरआई, ग्रामोदय, नगर परिषद चित्रकूट, मदन गोपाल दास प्रमुख द्वार, होटल यूनियन, मिथलेश पटेल सीवर प्रोजेक्ट और व्यापार मंडल ने प्रत्येक 1.01 लाख दीपक जलाने की सहमति दी है। इसके अलावा कई अन्य लोगों ने 11 हजार से 5 हजार दीपकों का सहयोग देने की इच्छा जताई है। एक साथ रोशन होंगे दीपक दीपोत्सव को सफल बनाने के लिए लगभग 15 हजार स्वयंसेवक (वॉलेन्टियर) लगाए जाएंगे। सभी स्वयंसेवक अपने नियत स्थानों पर शाम 4 बजे तक एकत्रित हो जाएंगे और साढ़े 6 बजे तक दीपक जलाने की तैयारी पूरी कर लेंगे। 7 बजे सायरन बजते ही दीपक प्रज्जवलन का कार्य शुरू होगा और 10 मिनट के भीतर सभी दीपक एक साथ रोशन हो जाएंगे। प्राकट्य उत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रम संस्कृति संचालनालय द्वारा रामनवमी के अवसर पर प्राकट्य पर्व का भी आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन राघव प्रयाग घाट, बिजावर मंदिर और नयागांव चित्रकूट में किया जाएगा। इस पर्व के तहत बघेली लोकगायन, शबरी नृत्य नाटिका और भक्ति गायन जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। चित्रकूट नगर गौरव दिवस की तैयारियों में स्थानीय लोगों के साथ-साथ विभिन्न संगठनों का भी उत्साह देखने को मिल रहा है। दीपोत्सव के माध्यम से चित्रकूट को एक नई रोशनी और पहचान मिलने की उम्मीद है। रामनवमी पर आयोजित होने वाला यह भव्य आयोजन आस्था और संस्कृति के अनूठे संगम का प्रतीक बनेगा।

जंगली हाथियों की सुरक्षा और संवर्धन के लिए प्रोजेक्ट एलीफेंट की मांग, बांधवगढ़ में हाथियों की संख्या अब 80 के करीब पहुंची

उमरिया  जंगल में जिस तरह से पर्यटक बाघ देखने के लिए उत्सुक होते हैं, उसी तरह से जंगली हाथियों को भी खुले जंगल में देखना पर्यटकों के लिए रोमांचकारी होता है। यह रोमांच पर्यटकों को देश के दक्षिण भारत में ही मिल पाता है, लेकिन अब इसकी संभावना मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में भी नजर आने लगी है। वर्ष 2018 में यहां आए जंगली हाथी, अब सहज होने लगे हैं। अब इन्हें जंगल में जिप्सियों को देखकर कोई भय नहीं होता और वे सामान्य ढंग से अपनी गतिविधियों में जुटे रहते हैं। जबकि पहले यह जंगली हाथी पर्यटकों के वाहन को देखकर उन्हें दौड़ाने की कोशिश करते थे। सभी हिस्सों में दिखाई देने लगे हाथी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के लगभग सभी हिस्सों में जंगली हाथी दिखाई देने लगे हैं। दरअसल, हाथियों के छोटे-छोटे झुंड बन गए हैं और यह झुंड जंगल के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई देते हैं। कई जगह तो अकेला हाथी भी दिखाई देता है। बांधवगढ़ के खितौली, मगधी, ताला में हाथियों के छोटे झुंड और अकेला हाथी नजर आता है, जबकि पनपथा और पतौर में ज्यादा संख्या में जंगली हाथी नजर आते हैं। पिछले एक सप्ताह के अंदर खितौली और ताला में पर्यटकों ने जंगली हाथी को देखा और रोमांचित हुए। अब 80 के करीब पहुंच गई हाथियों की संख्या यहां खास बात यह है कि कहीं भी जंगली हाथियों ने पर्यटकों को देखकर उन पर हमले का प्रयास नहीं किया। पार्क प्रबंधन के अनुसार बांधवगढ़ में जंगली हाथियों की संख्या करीब 80 है। बता दें कि वर्ष 2018 में जब जंगली हाथियों ने बांधवगढ़ में प्रवेश किया तो वे पर्यटकों के लिए खतरा बन गए थे। वर्ष 2019 से लेकर 2022 तक खितौली में कई महीने तक पर्यटन रोकना पड़ गया था। इसी तरह से ताला में भी पर्यटन पर रोक लगा दी गई थी। इसकी वजह यह थी कि जंगली हाथियों ने अलग-अलग घटनाओं में पर्यटकों के वाहनों को काफी दूर तक दौड़ाया था। इस तरह की घटनाओं के चलते पार्क प्रबंधन ने सुरक्षा के लिहाज से पर्यटन रोक दिया था। सुरक्षा पर पूरा ध्यान जंगल में जंगली हाथियों की मौजूदगी की वजह से पर्यटकों की सुरक्षा के लिए शुरू से ही जिप्सी चालक और गाइड को अलर्ट किया जा रहा है। इस बारे में जानकारी देते हुए बांधवगढ़ के डिप्टी डायरेक्टर पीके वर्मा ने बताया कि जिप्सी चालकों और गाइड को लगातार इस बात की हिदायत दी जाती है कि वह जंगली हाथी दिखने पर उनसे एक निश्चित दूरी बनाकर रखें, ताकि पर्यटक खतरे में ना आएं। प्रोजेक्ट एलीफेंट है जरूरी टाइगर रिजर्व में जिस तरह से प्रोजेक्ट टाइगर चलाया जाता है और उनकी सुरक्षा और संवर्धन के लिए काम होता है, उसी तरह से जंगली हाथियों के लिए भी प्रोजेक्ट एलीफेंट की मांग लंबे समय से मध्य प्रदेश में हो रही है। प्रोजेक्ट एलीफेंट आ जाने से जंगली हाथियों की तरफ पर्यटकों को भी आकर्षित कराया जा सकेगा।

अब खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस के नए आवेदन, नवीनीकरण या संशोधन के लिए पेनकार्ड को जरूरी कर दिया गया

ग्वालियर अभी तक खाद्य कारोबारी (Food merchants) अपना टर्नओवर (Tornover) कम बताकर रजिस्ट्रेशन की जद से बच जाया करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने इस पर रोक लगाने के लिए नियमों में परिवर्तन लाते हुए पेनकार्ड को लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। लाइसेंस के लिए करने होंगे नये आवेदन नए नियमों में अब खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस के नए आवेदन, नवीनीकरण या संशोधन के लिए पेनकार्ड को जरूरी कर दिया गया है। खाद्य कारोबारियों को इसे सब्मिट करना पड़ेगा। पेनकार्ड से लिंक के नए नियम को एफएसएसएआई ने 13 नवंबर 2024 को आदेश निकालकर जारी किया था, अब इसे लागू कर दिया गया है। ग्वालियर शहर में फिलहाल करीब 16 हजार रजिस्टर्ड खाद्य कारोबारी काम कर रहे हैं। खाद्य कारोबारियों को अब ये करना है  एफएसएसएआई लाइसेंस के नए आवेदन, नवीनीकरण या संशोधन के लिए अब पेन अनिवार्य है। मोडिफिकेशन टैब के अंतर्गत नॉन-फॉर्म सी लाइसेंस मोडिफिकेशन (बिना शुल्क के) के माध्यम से अपने पेन की जानकारी अपडेट करें। एफएसएसएआई से नियमित अपडेट और अलर्ट प्राप्त करने के लिए यूजर प्रोफाइल अनुभाग के अंतर्गत अपने संपर्क विवरण को जारी रखें। परेशानी आने पर कारोबारी हेल्पलाइन नंबर 1800112100 पर भी संपर्क कर सकते हैं। पेनकार्ड को ऐसे कर सकेंगे लिंक इसके लिए खाद्य कारोबारियों को एफएसएसएआई के फोसकॉस.एफएसएसएआई.जीओवी.इन पोर्टल पर जाना होगा। होम पेज पर रजिस्ट्रेशन में जाकर केओबी लिस्ट पर क्लिक करना होगा। इसके बाद एलिजेबल केओबी पर क्लिक करना पड़ेगा। इसके बाद चेकबॉक्स में पेनकार्ड की जानकारी सब्मिट करना पड़ेगी। तत्पश्चात मोबाइल नंबर और आधार की जानकारी को भी भरना पड़ेगा।

1 अप्रैल से आम आदमी को बड़ा झटका, नई दरें लागू , इन रूट्स पर 5 से सीधा 65 रूपए हुआ टोल टैक्स, NHAI ने जारी की लिस्ट

भोपाल प्रदेश में अब आपको अपने वाहन से सफर करना अगले महीने से महंगा पड़ेगा। जी हां अब प्रदेश के चार शहरों के लिए टोल टैक्स महंगा होने जा रहा है। जी हां इंदौर-अहमदाबाद, इंदौर-देवास और देवास-ब्यावरा के बीच सफर महंगा होने वाला है। आपको बता दें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानि एनएचएआई द्वारा 1 अप्रैल से लागू होने वाले टोल रेट जारी कर दिए गए हैं। 29 जनवरी तक कारों के लिए टोल दरें 65 रुपए थी। इसमें अब 35 रुपए का इजाफा हो गया है। इसी तरह टैक्सी, मिनी बस और अन्य हलके माल वाहनों के लिए भी 105 रुपए का टोल जनवरी में देना होता था, जो बढ़कर 160 रुपए हो गया है। इसके अलावा 225 रुपए का रेट बस और ट्रक के लिए था, जो बढ़कर 340 हो गया है। इसमें भी दो बार वृद्धि हो चुकी है। इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर मप्र में 3 जगह लग रहा टोल इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर तीन जगह मध्यप्रदेश में टोल लगता है। इसके बाद गुजरात बॉर्डर लग जाती है। इन तीन स्थानों में बेटमा के पास मेठवाड़ा, धार के आगे दत्तीगांव और नवनिर्मित माछलिया घाट पर टोल रेट 5 से 10 रुपए तक बढ़ाए गए हैं। वहीं आगरा-मुंबई रोड के देवास-ब्यावरा सेक्शन के दो टोल नाकों रोजवास और छापरा पर टोल की दरों में 5 से 15 रुपए तक वृद्धि हुई है। इस मार्ग पर एक टोल एमपीआरडीसी का भी है, जिसकी अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है। इसके अलावा खंडवा और मुंबई तरफ के हाईवे के टोल रेट अक्टूबर में बदलते हैं। इन रूट्स पर नहीं कोई बदलाव जानकारी के मुताबिक वैसे तो एचएचएआई द्वारा कुछ टोल्स पर टैक्स बढ़़ाया गया है। लेकिन इंदौर-देवास रूट पर उन कार चालकों को राहत रहेगी। जो एबी रोड पर बने मांगलिया स्थित टोल से गुजरेंगे। आपको बता दें ये राहत केवल कार या जीप से सफर करने वालों के लिए होगी। क्योंकि इन गाड़ियों पर लगने वाले टोल में एक तरफ की ट्रिप के लिए रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बल्कि यहां से बस या ट्रक के लिए 5 रुपए टोल बढ़ाकर सीधा 65 रुपए कर दिया है। आपको बता दे इस लिस्ट के अनुसार इंदौर-देवास बायपास पर बने टोल पर कार चालकों के लिए 65 रुपए तो वहीं बस या ट्रक वालों को 220 रुपए चुकाने होंगे। इंदौर-अहमदाबाद रूट     आपको बता दें नए रूट में इंदौर-अहमदाबाद रूट पर पड़ने वाले मेहतवाड़ा टोल पर पर भी टैक्स में बदलाव किया गया है। यहां पर आपको यदि कार लेकर निकलना है तो इसके लिए आपको 160, तो वहीं ट्रक और बस चालकों के लिए 505 रुपए चुकाने होंगे।     इसके अलावा दत्तीगांव टोल पर कार या जीप के लिए 140 रुपए तो वहीं ट्रक या बस के लिए 445 रुपए लगेंगे।     आपको बता दें यदि आप देवास होते हुए ब्यावरा जाना चाहते हैं तो आपको अब छपरा और रोजवास दोनों टोल पर मिलाकर कार के 235 रुपए का टैक्स चुकाना होगा। 1 अप्रैल से लागू होंगे नए रेट आपको बता दें इसके लिए जो नए रेट जारी किए गए हैं वे 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगे। यानि नए वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल 2023-24 से आपको अपनी जेब खाली करनी होगी। गौरतलब है जुलाई में इंदौर-खलघाट टोल की दरें बढ़ाई जानी हैं तो इसी के साथ-साथ इसके तीन महीने बाद ही यानि अक्टूबर में इंदौर-उज्जैन दरें बदली जाती हैं।

मध्यप्रदेश में 40 हजार km लंबी नहरें होंगी पक्की, पंचायतें बनाएंगी 1 लाख जलदूत

भोपाल  मध्यप्रदेश को 90 लघु व मध्यम सिंचाई परियोजनाएं मिलेंगी, 50 हजार खेत तालाबों का निर्माण होगा। जबकि पंचायतें 1000 नए तालाबों का निर्माण करेंगी। साथ ही एमपी में 40 हजार किलोमीतर लंबी नहरों को पक्का करने का काम भी जल्द शुरू होगा। प्रदेश(MP News) के सभी 55 जिलों की वाटर बॉडीज का डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जाएगा। इससे इनके संरक्षण के प्रयास शुरू हो सकेंगे। इसके लिए हर गांव से दो-तीन महिला-पुरुषों का चयन कर प्रदेश में 1 लाख जलदूत तैयार किए जाएंगे। प्रदेश को पानीदार बनाने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन, नगरीय विकास सहित 12 से अधिक विभागों ने मिलकर एक योजना बनाई है, जिसमें ये काम शामिल किए गए है। इन पर 30 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत काम शुरू होंगे, जो 30 जून तक जारी रहेंगे। धरती और पानी बचाने हर हाथ बनेगा जगन्नाथ सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि “इस अभियान में जागरुकता कार्यक्रम तो चलाए ही जाएंगे, इनके अलावा आम लोगों को जलसंक्षण के प्रति जागरुक करने नदियों और तालाब पर छोटे बांधों का निर्माण और आस पास छोटे फलदार पौधे लगाए जाएंगे. इसके अलावा प्रदेश के सभी नागरिकों से भी अपील की है कि वे जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय योगदान दें और प्रदेश में अभियान के दौरान इसे एक जन आंदोलन बनाएं.” ऐसा है अभियान जल गंगा संवर्धन अभियान के 90 दिनों में प्रदेश की 90 लघु एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण होगा। नदियों में जलीय जीवों को पुनर्स्थापित करने की संभावनाएं तलाशेंगे। लघु एवं सीमांत किसानों के लिए 50 हजार नए खेत-तालाब बनाए जाएंगे। ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व के तालाबों, जल स्त्रोतों एवं देवालयों में कार्य किए जाएंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग 1000 नए तालाबों का निर्माण करेगा। प्रदेश की 50 से अधिक नदियों के वॉटर शेड क्षेत्र में जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य होंगे। नदियों की जल धाराओं को जीवित रखने के लिए गेबियन संरचना, ट्रेंच, पौध-रोपण, चेकडैम और तालाब निर्माण पर जोर दिया जायेगा। नर्मदा परिक्रमा पथ का चिन्हांकन कर जल संरक्षण एवं पौध-रोपण की कार्य योजना तैयार होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी चौपाल आयोजित होंगी। स्थानीय लोगों को जल संरचनाओं के रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रत्येक गांव से 2 से 3 महिला-पुरुष का चयन कर प्रदेश में 1 लाख जलदूत तैयार किए जाएंगे। सीवेज का गंदा पानी जल स्त्रोतों में न मिले, इसके लिए सोख पिट निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा। नहरों के संरक्षण, जलाशयों से रिसाव रोकने, तालाबों की पिचिंग, बैराज मरम्मत कार्य होंगे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग 54 जल संरचनाओं के संवर्धन का कार्य करेगा। नहरों को मार्क कर विलेज-मेप पर ष्शासकीय नहरष् के रूप में अंकित किया जाएगा। बांध तथा नहरों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। करीब 40 हजार किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली के सफाई कार्य। फ्लशबार की मरम्मत कार्य किए जाएंगे। स्लूस-वैल की सफाई कार्य भी इसी अभियान के दौरान होंगे। सदानीरा फिल्म समारोह, जल सम्मेलन, प्रदेश की जल परंपराओं पर आख्यान, चित्र प्रदर्शनी समेत विभिन्न आयोजन किये जायेंगे। कार्ययोजना में इन कार्यों पर भी रहेगा जोर -नदियों में जलीय जीवों को पुनर्स्थापित करने की संभावनाएं तलाशी जाएगी। -ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व के तालाबों, जल स्रोतों का संरक्षण होगा। -50 से अधिक नदियों के वॉटर शेड क्षेत्र में जल संरक्षण एवं संवर्धन के काम होंगे। -नदियों की जल धाराओं को जीवित रखने के लिए ट्रेंच, पौध-रोपण, चेकडैम के काम भी होंगे। -नर्मदा परिक्रमा पथ का चिह्नांकन कर जल संरक्षण एवं पौध-रोपण की तैयारी की जाएगी। -ग्रामीण क्षेत्रों में पानी चौपाल लगेंगी, लोगों को जल संरचनाओं की जिमेदारी सौंपी जाएगी। -सीवेज का गंदा पानी जल स्रोतों में न मिले, इसके लिए सोक पिट निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा। -नगरीय विकास एवं आवास विभाग 54 जल संरचनाओं के संवर्धन के काम भी होंगे। – बांध तथा नहरों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। – सदानीरा फिल्म समारोह, जल समेलन, प्रदेश की जल परंपराओं पर आयान, चित्र प्रदर्शनी समेत विभिन्न आयोजन होंगे।

पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक अस्पताल अपनी जरूरत की दवाएं खुद बनाने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा

भोपाल  कलियासोत पहाड़ी स्थित पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक अस्पताल अपनी जरूरत की दवाएं खुद बनाने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। यहां प्रदेश की पहली आधुनिक आयुर्वेदिक फार्मेसी का निर्माण कार्य जारी है, जिसे इस साल के अंत तक शुरू करने की योजना है। यह फार्मेसी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी और इसमें जड़ी-बूटियों के प्रसंस्करण, औषधियों की गुणवत्ता परीक्षण, स्वच्छ भंडारण तथा प्रत्यक्ष वितरण की सुविधा होगी। ऐसे पहुंचेगी दवा आम लोगों तक यह आयुर्वेदिक फार्मेसी अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों को प्रत्यक्ष रूप से औषधियां उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा अस्पताल के माध्यम से प्रदेशभर के सरकारी आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों और दवा वितरण केंद्रों में भी दवाएं भेजी जाएंगी, जिससे अधिक से अधिक मरीजों को लाभ मिल सके। प्रचार-प्रसार की रणनीति अस्पताल प्रशासन आयुर्वेदिक दवाओं के लाभ और उपयोगिता को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाएगा। इसमें निश्शुल्क स्वास्थ्य शिविर, सामाजिक संगठनों के सहयोग से जनसभाएं और इंटरनेट मीडिया और डिजिटल प्लेटफार्म्स के माध्यम से प्रचार किया जाएगा। इसके अलावा आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए शैक्षणिक कार्यशालाओं और सेमिनारों का भी आयोजन होगा। दवाओं की कीमत और सुलभता     अस्पताल प्रशासन के अनुसार यहां बनने वाली आयुर्वेदिक दवाएं बाजार दर से काफी सस्ती होंगी। चूंकि दवाएं अस्पताल में ही बनाई जाएंगी, इसलिए मध्यस्थता शुल्क बचेगा, जिससे मरीजों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण औषधियां मिल सकेंगी।     दवा निर्माण की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञों की निगरानी में उत्पादन होगा। इसके लिए विदेशी उपकरण मंगाए जाएंगे। इनका कहना है फार्मेसी भवन निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके बाद उपकरणों की स्थापना और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। हमारा लक्ष्य इस साल के अंत तक फार्मेसी शुरू करना है। इस पहल से प्रदेश में आयुर्वेदिक चिकित्सा को नया बल मिलेगा, जिससे न केवल मरीजों को शुद्ध और प्रभावी औषधियां मिलेंगी, बल्कि आयुर्वेदिक चिकित्सा का अनुसंधान और विकास भी तेज होगा। डॉ उमेश शुक्ला, डीन, शासकीय पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक कॉलेज।

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