Month: March 2025
सांसद के मुख्य अतिथि में देवसर में 359 जोड़ो ने लिए सात फेरे, सांसद, विधायक ने दिए नव विवाहित जोड़ो को आशिर्वाद
सिंगरौली जनपद पंचायत देवसर में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह, निकाह आयोजित में 359 जोड़ो ने अग्नि को सांक्षी मानकर विवाह बंधन में बधे। समारोह का आयोजन सांसद सीधी सिंगरौली डॉ. राजेश मिश्र के मुख्य अतिथि में एवं सिहावल विधानसभा के विधायक विश्वामित्र पाठक के अध्यक्षता में तथा जनपद पंचायत देवसर के अध्यक्ष प्रणव पाठक, एसडीएम अखिलेश सिंह के गरिमामय उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। समारोह में उपस्थित वर वधुओ को अपनी शुभकामना कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत सामूहिक विवाह के आयोजन से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहारा मिल रहा है। सांसद ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में मदद करना था। उन्होंने इस योजना की सराहना करते हुए कहा कि इस योजना से गरीब परिवारों के शादी के खर्चों की चिंता दूर हुई है। सांसद ने कहा कि सभी जातियों के लोग एक मंडप में सबके साथ समानता का व्यवहार करते व सामाजिक रीति रिवाजों, परंपराओं से दाम्पत्य सूत्र में बधते है। इससे सर्वधर्म समाज और सामाजिक संस्कृति को बल मिलता है, उन्होंने सात फेरों के सात वचनों पर बल देते हुए पति पत्नी को सामंजस्यपूर्ण जीवन जीते हुए प्रगति पथ पर आगे बढ़ने की शुभकामनाएँ दिया। वही सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक ने नव दम्पत्ति को अपना आशिर्वाद देते हुये कहा कि शुभ विवाह पाणिग्रहण संस्कार जीवन का एक पवित्र गठबंधन है जिसमें पति पत्नी एक दूसरे के साथ समर्पित जीवन जीते हुए समाज एवं देश में अपना योगदान देते हैं । यह सामूहिक विवाह समाज की समरसता एवं समरूपता का प्रतिफल है। समारोह के दौरान जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजीव तिवारी सहित वरिष्ट समाजसेवी, जनपद पंचायत के सदस्य,ग्राम पंचायतों के सरपंच, पच, सहित वर वधु पंक्ष के माता पिता परिवार जन उपस्थित रहे।
ग्रामीण विकास कार्यों का जिपं. सीईओ ने मैदानी क्षेत्रों का भ्रमण कर लिया जायजा
अनूपपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा ने जनपद पंचायत जैतहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरिया, औढ़ेरा, जमुड़ी पहुंचकर अमृत सरोवर, कपिलधारा कूप, पीएम जन-मन आवास निर्माण एवं सर्वे कार्य, आवास प्लस सर्वे, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत सड़क सम्पर्कता सर्वे कार्य का जायजा लिया। भ्रमण के दौरान ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री श्री अमर साय, पीएमजीएसवाई के महाप्रबंधक श्री सुदेश कुमार महोबिया, जैतहरी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री लालबहादुर वर्मा, जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी आवास डॉ. उमेश द्विवेदी, परियोजना अधिकारी मनरेगा श्री रावेन्द्र पटेल सहित अन्य सर्व संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। जिपं. सीईओ श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा ने ग्रामीण विकास कार्यों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए। उन्होंने पीएम जन-मन आवास प्लस सर्वे, पीएमजीएसवाई सड़क सम्पर्कता सर्वे के संबंध में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।
पर्यटन क्षेत्र महिलाओं के लिए बना रोजगार का मुख्य साधन, महिलाओं को नए काम देकर पर्यटन रोजगार से जोड़ा जा रहा
शिवपुरी शिवपुरी जिले में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की परियोजनाएं महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल कर रही हैं। महिलाओं के लिए पर्यटन क्षेत्र रोजगार का मुख्य साधन बन रहा है। विभिन्न स्तरों पर महिलाओं को नए काम देकर पर्यटन रोजगार से जोड़ा जा रहा है। जिले में सुरक्षित पर्यटन स्थल के अंतर्गत सहयोगी संस्था रागनी फाउंडेशन द्वारा प्रशिक्षित महिला टूरिस्ट गाइड माधव राष्ट्रीय उद्यान में गाइड के रूप कार्य कर रही हैं, जो महिलाओं के जीवन यापन के लिए पर्यटन क्षेत्र में रोजगार का मुख्य साधन बनी हैं। शिवपुरी में सुरक्षित पर्यटन परियोजना को बढ़ावा देने की पहल के पीछे मंशा है कि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक यहां पर आएं। इसी क्रम में प्रशिक्षित महिला टूरिस्ट गाइड को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं को पर्यटन प्रबंधन और देखभाल प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां और अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए नियोक्ता को जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीण पर्यटन से लेकर होटल प्रबंधन और हस्तशिल्प कला तक, मध्यप्रदेश की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का उपयोग कर रोजगार भी पा रही हैं एवं पर्यटन बढ़ाने के महत्वपूर्ण भूमिका भी निभा रही हैं। ग्रामीण फार्मस्टे, होमस्टे से भी मिला रोजगार मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में मप्र पर्यटन बोर्ड द्वारा जिला प्रशासन के साथ मिलकर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए फार्म स्टे योजना से ग्रामीणों महिलाओ को जोड़ा जा रहा है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा फार्म स्टे के माध्यम से देसी-विदेशी पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति से जोड़ने की पहल की गई है। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूरिज्म बोर्ड लगातार प्रयासरत है। सशक्त ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित मिट्टी के होमस्टे और उनकी खूबसूरत हस्तकला पेंटिंग मध्य प्रदेश पर्यटन को भारतीय पर्यटन में एक नया मानक स्थापित कर रही हैं। इनवेस्टर्स समिट में आए मेहमानों को दी गई महिलाओं की बनाई जैकेट बीते दिनों भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आयोजित दो दिवसीय इनवेस्टर्स समिट में भी शिवपुरी की बदरवास क्षेत्र की महिलाओं द्वारा बनाई जाने वाले मोदी जैकेट भी यहां पर आए मेहमानों को दी गईं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम तथा स्टार्ट-अप समिट आधारित सत्र में भोपाल में एमएसएमई की तरफ से मेहमानों को रिटर्न गिफ्ट के तौर पर बदरवास जैकेट दी गई। यह मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के बदरवास में महिलाओ द्वारा बनाई गई थी। बदरवास की इन महिलाओं को आज जैकेट निर्माण से अच्छा खासा रोजगार मिल रहा है।
सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त भारत
श्रीमती कृष्णा गौर भोपाल भारतीय संस्कृति में नारी को सदा ही शक्ति, विद्या और सृजन का प्रतीक माना गया है। भारतीय परंपरा का मूल “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः” की अवधारणा है। हमारी प्राचीन सभ्यता में गार्गी, मैत्रेयी से रानी चैनम्मा, पुण्यश्लोका रानी अहिल्याबाई होल्कर और वीरांगना लक्ष्मीबाई जैसी नारियों ने न केवल समाज को दिशा दी, बल्कि अपने समय में नेतृत्व का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। भारतीय संस्कृति में महिलाओं को हमेशा सम्मान और उच्च स्थान दिया गया है। वैदिक काल में वेदाध्ययन, राजनीति और धर्मशास्त्र में महिलाओं की भागीदारी देखी गई। देवी सरस्वती, देवी लक्ष्मी और माँ दुर्गा के रूप में नारी को विद्या, समृद्धि और शक्ति का स्वरूप माना गया है। इतिहास गवाह है कि महिलाओं ने प्रत्येक क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। आज की महिलाएँ सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे हर क्षेत्र में सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। शिक्षा, विज्ञान, राजनीति, खेल और व्यापार में भारतीय महिलाओं ने अपनी सशक्त पहचान बनाई है। कल्पना चावला, पीटी ऊषा, पी.वी. सिंधु, किरण मजूमदार शॉ, फाल्गुनी नायर, साइना नेहवाल, एमसी मैरीकॉम और नंदिनी हरिनाथ जैसी महिलाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियों हासिल की हैं। मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़कर काम किया जा रहा है। राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएँ चला रही है। इससे वे आत्मनिर्भर बन रही है। लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और महिलाओं के लिए स्वरोजगार योजनाएँ प्रदेश की महिलाओं को सशक्त बना रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के उत्थान के लिए अनेक योजनाएँ शुरू की गईं। इनसे समाज में क्रांतिकारी बदलाव आया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना. मातृत्व वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, महिला हेल्पलाइन एवं स्टैंड-अप इंडिया जैसी योजनाएँ महिलाओं के जीवन को बेहतर बना रही हैं। इसके अलावा, केन्द्र सरकार ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को भी बढ़ावा दिया है। हाल ही में संसद में महिला आरक्षण विधेयक पास किया गया। इससे अब लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित होंगी। यह एक ऐतिहासिक कदम है जो महिला नेतृत्व को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा। महिलाएँ आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। सरकार की नीतियों, योजनाओं और समाज के बदलते दृष्टिकोण ने महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। भारतीय संस्कृति में सदैव नारी को सम्मान मिला है। वर्तमान में केन्द्र सरकार की नीतियों से महिलाओं को और अधिक सशक्त बनने का अवसर मिल रहा है। अब समय आ गया है कि हम सभी मिलकर महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का संकल्प लें ताकि वे आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें।
रायपुर : बजट में ई -वे बिल की लिमिट बढ़ाने और वेट में छूट की घोषणा पर CG चैंबर ऑफ कॉमर्स ने मुख्यमंत्री साय के प्रति किया आभार प्रकट
रायपुर बजट में ई – वे बिल की लिमिट बढ़ाने और वेट में छूट की घोषणा पर छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि मंडल ने अध्यक्ष अमर परवानी के नेतृत्व में आज शाम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात कर उनके प्रति आभार प्रकट किया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वित्तीय वर्ष 2025 – 26 के बजट में व्यापारियों को राहत देने के उद्देश्य से और कर के बोझ को कम करने के लिए ई-वे बिल सीमा 50 हजार रुपए से बढाकर एक लाख रुपए करने और 25 हजार रुपए तक की वैट देनदारी को माफ करने की घोषणा की है। अमर परवानी ने कहा कि ई -वे बिल की लिमिट पचास हजार रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए करने से बड़ी संख्या में व्यापारियों को राहत मिलेगी। इसी तरह छोटे व्यापारियों के वेट टैक्स में आउट स्टैंडिंग पच्चीस हजार रुपए तक की राशि माफ करने की घोषणा से पूरे प्रदेश में 66 हजार व्यापारियों को फायदा होगा। इन घोषणाओं के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि राज्य सरकार व्यापारियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। राज्य सरकार की नीतियों से व्यापार -व्यवसाय के लिए प्रदेश में उत्साहजनक वातावरण बना है। इस अवसर पर सर्वसुरेन्द्र सिंह, शंकर बजाज, अवनीत सिंह, जीतू दोशी और प्रीतपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में चैंबर के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की दी शुभकामनाएं
रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने 08 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी महिलाओं को बधाई और शुभकामनाएं दी है। श्रीमती राजवाड़े ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा और हौसला देता है। मातृ शक्ति ने हर क्षेत्र में खुद को साबित किया है और अपनी क्षमता और प्रतिभा के बल पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं काबिल और मेहनती हैं। राज्य सरकार ने महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई प्रावधान किये हैं। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में महतारी वंदन योजना शुरू की गई है। श्रीमती राजवाड़े ने आह्वान किया है कि बेटों के समान बेटियों को भी पढ़ने और आगे बढ़ने के सभी अवसर उपलब्ध कराएं। महिलाओं को विकास के समान अवसर मिलने से ही हम एक मजबूत और विकसित समाज की कल्पना को साकार कर पाएंगे।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने लक्ष्मणबाग गौ-शाला परिसर रीवा में कृष्णवट वृक्ष व भोजपत्र वृक्ष का किया रोपण
भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने लक्ष्मणबाग गौशाला परिसर रीवा में कृष्णवट वृक्ष व भोजपत्र वृक्ष का रोपण किया। उन्होंने कहा कि इन वृक्षों में भगवान का वास होता है। इनका रोपण गौ-शाला के लिए सौभाग्यशाली है। शुक्ल ने कहा कि लक्ष्मणबाग गौशाला के प्रताप से ही बसामन मामा गौवंश वन्य विहार की स्थापना हुई तथा हिनौती में गौधाम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि लक्ष्मणबाग गौ-शाला से संबद्ध सभी जन-साधुवाद के पात्र हैं जो इसे प्रभावी व सिद्ध क्षेत्र बनाने के लिए प्रयत्नशील रहते हैं। इस गौ-शाला में प्रदेश के मुख्य-मंत्रियों, मनीषियों व संतों का आगमन हो चुका है। उन्होंने दोनों वृक्षों को उपलब्ध कराने के लिए बाला व्यंकटेश शास्त्री जी को साधुवाद दिया। उप मुख्यमंत्री ने गौ-पूजन कर गाय को गुड़ खिलाया। अध्यक्ष नगर निगम रीवा व्यंकटेश पाण्डेय सहित शहर के प्रबुद्ध-जन उपस्थित रहे।
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दी शुभकामनाएँ, कहा – महिलाओं के सशक्तिकरण से ही समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव
रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं, बहनों और बेटियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन महिलाओं के अधिकारों, उनके सशक्तिकरण और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देने का अवसर है। महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक स्वावलंबन और नेतृत्व में आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह संकल्पित है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए महिलाओं की सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने महतारी वंदन योजना जैसी ऐतिहासिक पहल की है, जिससे प्रदेश की लाखों महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है और वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य की लगभग 70 लाख माताओं और बहनों को प्रतिवर्ष ₹12,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे अपने परिवार, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वरोज़गार को आगे बढ़ा सकें। यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के लिए बजट 2025-26 में कई विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनमें कामकाजी महिलाओं को बेहतर आवासीय सुविधा प्रदान करने के लिए पूरे प्रदेश में 7 वर्किंग वूमेन हॉस्टल हेतु 79 करोड़ का प्रावधान है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा रहा है। इन समूहों की महिलाएँ आज कृषि, उद्यमिता, कुटीर उद्योग और सहकारिता क्षेत्र में क्रांति ला रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर राज्य और देश की प्रगति में भागीदार बन सकें। मुख्यमंत्री साय ने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से अपील की कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए समानता, सम्मान और सुरक्षा का वातावरण बनाया जाए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक सशक्त महिला ही सशक्त परिवार, समाज और राष्ट्र का निर्माण कर सकती है। उन्होंने प्रदेश की उन्नति के लिए और सशक्त नारी, सशक्त समाज के लक्ष्य को साकार करने के लिए सभी को मिलकर अपने हिस्से का बहुमूल्य योगदान देने की अपील की।
होली पर वंदे भारत एक्सप्रेस सहित चलेंगी 6 नई स्पेशल ट्रेनें, प्रयागराज जाने वालों को रेलवे का तोहफा
प्रयागराज होली के पर्व पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने खास इंतजाम किए हैं। इस बार वंदे भारत ट्रेन को भी विशेष ट्रेन के रूप में चलाया जाएगा। इस ट्रेन का संचालन नई दिल्ली और पटना के बीच किया जाएगा। इसके अलावा, रेलवे ने छह जोड़ी स्पेशल ट्रेनों की नई समय सारिणी भी जारी की है। वंदे भारत ट्रेन की समय सारिणी वंदे भारत एक्सप्रेस 8 से 20 मार्च तक नई दिल्ली से पटना के बीच चलेगी। ट्रेन का नंबर 02436 होगा, जो सुबह 8:30 बजे नई दिल्ली से चलेगी और दोपहर 3:15 बजे प्रयागराज जंक्शन पहुंचेगी। रात 10:30 बजे यह पटना पहुंचेगी। वापसी में, ट्रेन 9 मार्च से 21 मार्च तक 02435 नंबर के रूप में पटना से सुबह 5:30 बजे चलेगी, और रात 1:05 बजे प्रयागराज जंक्शन और रात 8:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। यह ट्रेन दिल्ली से सोमवार और पटना से मंगलवार को नहीं चलेगी। ट्रेन के रास्ते में गाजियाबाद, कानपुर सेंट्रल, वाराणसी, गाजीपुर सिटी, बलिया, सुरायमानपुर, छपरा, और पाटलिपुत्र स्टेशनों पर भी ठहराव होगा। प्रयागराज जंक्शन और छिवकी में रुकने वाली विशेष ट्रेनों की सूची: – 09417: अहमदाबाद से दानापुर, दोपहर 12:10 बजे, 11, 18, 25 मार्च और 1 अप्रैल – 09418: दानापुर से अहमदाबाद, सुबह 8:10 बजे, 12, 19, 26 मार्च – 09189: मुंबई सेंट्रल से कटिहार, दोपहर 2:15 बजे, 9, 16, 23, 30 मार्च – 09190: कटिहार से मुंबई सेंट्रल, अपराह्न 3:00 बजे, 11, 18, 25 मार्च, 1 अप्रैल – 07709: चर्लापल्ली से दानापुर, शाम 5:00 बजे, 10, 20 मार्च – 07710: दानापुर से चर्लापल्ली, रात 9:20 बजे, 11, 21 मार्च – 07711: चर्लापल्ली से मुजफ्फरपुर, शाम 5:50 बजे, 11, 16, 21 मार्च – 07712: मुजफ्फरपुर से चर्लापल्ली, दोपहर 2:30 बजे, 12, 17, 22 मार्च – 04068: नई दिल्ली से भागलपुर, रात 10:30 बजे, 9, 12, 16, 19 मार्च – 04067: भागलपुर से नई दिल्ली, रात 3:45 बजे, 11, 14, 18, 21 मार्च चलेंगी 250 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें होली के दौरान कुल 250 से अधिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। रेलवे ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष कदम उठाए हैं। इसके तहत अस्थायी प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे, और आवश्यकता अनुसार रेल कर्मियों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों को तैनात किया जाएगा। यात्रियों को होली के दौरान आसानी से यात्रा करने के लिए ये स्पेशल ट्रेनें विशेष रूप से चलाए जा रही हैं, ताकि उन्हें किसी तरह की कठिनाई न हो।
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के प्रथम वन-रक्षक स्व. वर्मा को पुण्य-तिथि पर श्रद्धांजलि दी गयी
भोपाल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल के प्रथम वन-रक्षक स्व. राम मनोहर वर्मा को उनकी 42वीं पुण्य-तिथि पर अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी। वन विहार में स्थित उनके समाधि स्थल पर पुष्पांजलि दी गयी। संचालक वन विहार ने बताया कि वन-रक्षक स्व. वर्मा अपनी सेवाओं के दौरान वन्य-जीव नीलगाय के हमले में दिवंगत हो गये थे। वन विहार प्रबंधन द्वारा स्व. वर्मा को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को सम्मान देते हुए उनकी याद में वन विहार के प्रवेश द्वार क्रमांक-1 का नाम राम द्वार रखा गया है।
माधव टाइगर रिजर्व बनने पर प्रदेशवासियों को दी बधाई : वन राज्य मंत्री अहिरवार
भोपाल वन राज्यमंत्री दिलीप सिंह अहिरवार ने माधव नेशनल पार्क शिवपुरी को टाइगर रिजर्व घोषित होने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि माधव टाइगर रिजर्व बनने से न केवल वन्य-जीवों का संरक्षण होगा, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के लिये भी लाभकारी होगा। राज्यमंत्री अहिरवार ने कहा कि राज्य सरकार वन्य-जीव संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिये प्रतिबद्ध है। वन राज्यमंत्री अहिरवार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। प्रदेश सरकार का यह कदम आर्थिक समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
कई राज्यों में होली के इस विशेष अवसर पर स्कूल और कॉलेज में चार दिन की छुट्टी मिलेगी, 13 से 16 मार्च तक रहेंगी
नई दिल्ली होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है और इसका हर कोई बेसब्री से इंतजार करता है। इस साल होली का पर्व 14 मार्च (शुक्रवार) को मनाया जाएगा, जबकि होलिका दहन 13 मार्च (गुरुवार) को होगा। होली का उत्साह खासकर उत्तर भारत में देखने को मिलता है, जहां लोग हफ्तों पहले ही तैयारियां शुरू कर देते हैं। इस समय रंग, गुलाल, पिचकारी और स्वादिष्ट पकवानों की तैयारियों में सभी जुट जाते हैं। जानिए, होली पर होंगी कितनी छुट्टियां? होली के त्योहार पर कई राज्यों में छुट्टियां होती हैं, और इस साल होली पर एक लॉन्ग वीकेंड भी मिलेगा। कुछ राज्य और संस्थान 4 दिनों की छुट्टी का ऐलान कर चुके हैं। 13 मार्च (गुरुवार) – होलिका दहन (अवकाश) 14 मार्च (शुक्रवार) – रंगों की होली (अवकाश) 15 मार्च (शनिवार) – साप्ताहिक अवकाश (कुछ सरकारी और प्राइवेट संस्थान बंद) 16 मार्च (रविवार) – साप्ताहिक अवकाश कई राज्यों में होली के इस विशेष अवसर पर स्कूल और कॉलेज में चार दिन की छुट्टी मिलेगी। खासकर राजस्थान में होली के दौरान स्कूल 4 दिन बंद रहेंगे। इसके अलावा, बैंक और अन्य सरकारी दफ्तर भी बंद रहेंगे। इसलिए, अगर आप स्टूडेंट्स हैं तो अपने स्कूल या कॉलेज से छुट्टी की जानकारी जरूर ले लें। होली पर मिलने जा रहा लॉन्ग वीकेंड बताया जा रहा हैकि होली पर इस बार एक शानदार लॉन्ग वीकेंड मिलने जा रहा है। दिल्ली और कई अन्य राज्यों में 13 से 16 मार्च तक सार्वजनिक अवकाश रहेगा। दिल्ली में फाइव-डे वर्किंग शेड्यूल होने के कारण सरकारी कर्मचारियों को भी 4 दिन की छुट्टी मिल रही है। प्राइवेट संस्थान भी 4 दिन बंद रहेंगे। इस बार शुक्रवार को होली होने के कारण शनिवार और रविवार का साप्ताहिक अवकाश भी इस लॉन्ग वीकेंड का हिस्सा बनेगा, जिससे लोग इस छुट्टी का पूरा आनंद ले सकेंगे। 15 मार्च को कई घरों में भाई दूज का त्योहार भी मनाया जाएगा, जिससे यह वीकेंड और भी खास हो जाएगा। तो इस साल होली का त्योहार 13 मार्च से लेकर 16 मार्च तक चलने वाला है, और आपको अपनी छुट्टियों की पूरी प्लानिंग पहले से कर लेनी चाहिए।
नारी शक्ति है सशक्त समाज की नींव: सुश्री निर्मला भूरिया
भोपाल नारी शक्ति केवल शब्द नहीं बल्कि समाज की आधारशिला है। जब एक महिला सशक्त होती है तो न केवल परिवार, बल्कि संपूर्ण समाज प्रगति की ओर बढ़ता है। मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण के लिए संकल्पबद्ध है। मेरा मानना है कि महिलाओं के सशक्तिकरण के सही मायने महिलाओं को उनके अधिकार, अवसर और समानता देना है ताकि वे स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकें, समाज परिवार में अपनी पूर्ण क्षमता से भागीदारी दिखा सकें। महिलाओं का सशक्तिकरण, उनकी शिक्षा, उनके स्वास्थ्य, राजनीतिक व आर्थिक अवसरों, समानताओं और उनकी सामाजिक स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रगति 2025 में, जब हम महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में किए गए कार्यों की समीक्षा करते हैं, तो हम पाएंगे कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश-प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में सार्थक और महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं। महिलाएं अपनी पूरी क्षमता को समझ कर उसका उपयोग कर सके, महिलाओं को विभिन्न संस्थागत व्यवस्थाओं जैसे स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कैरियर एवं व्यावसायिक परामर्श / प्रशिक्षण, वित्तीय समावेशन, उद्यमिता आदि से जोडने, उन्हें मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिये विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं। महिलाएं आज हर क्षेत्र में अग्रणी और महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिलाएं ऐसे-ऐसे कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं जिनकी कुछ वर्ष पूर्व कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।। आज की महिलाएं जागृत हैं और अनेक क्षेत्रों में नेतृत्व भी कर रही है। महिलाओं के विचारों और उनके जीवन मूल्यों से सुखी परिवार, आदर्श समाज और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होता है। महिलाओं की हितैषी मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की Women Led Government की अवधारणा के अनुरुप ही मध्यप्रदेश में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने, उनकी सहभागिता बढ़ाने के निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण के हर संकल्प को पूर्ण करने शिद्दत से कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश में किशोरी बालिकाओं, महिलाओं के सर्वांगीण विकास, संरक्षण, सामाजिक आर्थिक सशक्तिकरण, बेहतर स्वास्थ्य, पोषण के लिये विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें हर क्षेत्र में सशक्त बनाना है। इनमें मिशन शक्ति अंतर्गत हब, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, वन स्टॉप सेन्टर, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिला हेल्पलाईन 181, सखी निवास, के साथ ही मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना-2023 और मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना आदि योजनाएं प्रमुख है। इसी अनुक्रम में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की मंशा अनुसार प्रदेश में बालिकाओं और महिलाओं की उन्नति में चुनौतियों और बाधाओं के समाधान व समग्र सशक्तिकरण हेतु नारी सशक्तिकरण मिशन आरंभ किया जा रहा है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं व बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक विकास व सुरक्षा के साथ ही विभिन्न सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। मिशन के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक स्वावलम्बन व समाज में आर्थिक भागीदारी बढाने हेतु प्रयास किये जावेंगे। विभिन्न विभागों के द्वारा संचालित योजनाओं से सम्बंधित विभागों के समन्वय से मिशन गतिविधि का संचालन होगा। प्रदेश में आंगनवाडी सेवाओं और स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के बारे में जागरूक किया गया है, जिससे कुपोषण दर में भी कमी आई है। राज्य सरकार ने गर्भस्थ महिलाओं और शिशुओं की सुरक्षा के लिए वित्तीय संसाधनों की कोई कमी बाकी नहीं रखी। आंगनबाड़ी केन्द्रों का उन्नयन, रखरखाव एवं संचालन मध्यप्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में हमेशा से रहा है। इस दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद ने प्रदेश की 12 हजार 670 मिनी आंगनवाडी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाडी केन्द्र के रूप में उन्नयन किए जाने का निर्णय लिया है। इसके लिये पर्यवक्षको के 476 नवीन पद. 12 हजार 670 आंगनवाड़ी सहायिका सहित कुल 13 हजार 146 नवीन पद स्वीकृत किए गए है। गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य-पोषण लिए संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश को योजना प्रारंभ से वर्ष 2022-2023 तक लगातार 5 साल राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। बेटियों, महिलाओं की सुरक्षा मध्यप्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और इसके लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं। वन स्टॉप सेन्टर, महिला हेल्पलाईन 181 इसी उद्देश्य को लेकर कार्यरत हैं। प्रदेश के समस्त जिलों में संकट ग्रस्त महिलाओं की सहायता हेतु जिलों में 57 वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं, जिनके माध्यम से लगभग 1 लाख से अधिक महिलाओं को निःशुल्क सहायता उपलब्ध कराई गई है। महिला हेल्पलाइन नंबर 181 जैसी योजनाओं के जरिए महिलाएं अपनी समस्याओं का समाधान तुरंत पा रही है। महिला अपराधों को रोकने तथा उसे प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शौर्य दल बनाए गए हैं। प्रदेश में ग्राम/वार्ड स्तर की प्रत्येक आंगनवाड़ी क्षेत्र में कुल 22.52 लाख से अधिक बालिकायें / महिलायें शौर्या दल की सदस्य है। मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वालों को मृत्यु दंड देने वाला देश का पहला राज्य मध्यप्रदेश है। प्रदेश में मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023 जैसी योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता एवं विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हुई हैं। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से प्रदेश में लगभग 1.27 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। योजना अंतर्गत प्राप्त सहायता राशि से वे आर्थिक रूप से सशक्त होते हुए परिवार के निर्णयों में अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं। लाड़ली लक्ष्मी योजना में बालिकाओं को रूपये 1,43,000/- का आश्वासन प्रमाण पत्र दिया जाता है। इस योजना ने बालिका शिक्षा को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया है। बेटियों को स्कूल जाने के लिए साइकिल और कॉलेज के लिए स्कूटी वितरण का कार्य किया जा रहा है जिससे उनकी शिक्षा की सुविधा में कोई कठिनाई न आए। राज्य सरकार ने बेटियों को डॉक्टर, इंजीनियर, जेईई, जज, सीए आदि परीक्षाओं की तैयारी का खर्च उठाने का जिम्मा स्वयं ले रखा है ताकि माता-पिता को इसके बोझ तले ना दबना पड़े। लाडली बालिकाओं को कक्षा 12वीं के स्नातक अथवा व्यावसायिक पाठ्यक्रम में (पाठ्यक्रम अवधि न्यूनतम दो वर्ष) प्रवेश लेने पर राशि रूपये 25,000/- की प्रोत्साहन राशि, दो समान किश्तों में (पाठ्यक्रम अवधि के प्रथम एवं अंतिम वर्ष मे) दिए जाने का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार की यही मंशा रही है कि प्रदेश की हर बेटी अपने सपने पूरा कर सके। इसी परिप्रेक्ष्य … Read more
रैम्प योजना के तहत प्रदेश की महिला उद्यमियों ने हैदराबाद के इंडस्ट्रियल पार्क में सीखे उद्योग के नए गुर
भोपाल भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की रैंप योजना और मध्य प्रदेश सरकार के एमएसएमई विभाग के सहयोग से राज्य की 45 महिला उद्यमियों ने हैदराबाद के फिक्की इंडस्ट्रियल पार्क का एक्सपोजर यात्रा की। इस यात्रा का उद्देश्य महिला उद्यमियों को उद्योग के व्यावहारिक अनुभव, नेटवर्किंग के अवसर और व्यवसाय प्रबंधन में नई जानकारियां प्रदान करना था। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम स्टेट नोडल एजेंसी रैम्प ने इस टूर के लिए उन महिला उद्यमियों का चयन किया, जिनके व्यवसाय में विकास की संभावनाएं थीं। चयन प्रक्रिया पूर्व निर्धारित मानदंडों के आधार पर की गई जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि अधिकतम लाभ उन्हीं उद्यमियों को मिले जो अपने व्यवसाय को अगले स्तर पर ले जाने में सक्षम हैं। महिला उद्यमियों ने हैदराबाद में पोलमोन, साल्ज़गिटर लिफ्ट्स, पैनलक्स और डब्ल्यू ई हब जैसे प्रतिष्ठानों का दौरा किया। वहां उन्होंने अत्याधुनिक विनिर्माण तकनीकों और बाजार के नए रुझानों के बारे में सीखा। उन्होंने सफल महिला उद्यमियों से बातचीत भी की और उनकी प्रेरणादायक कहानियों को सुना और संभावित साझेदारी के अवसरों का पता लगाया। फिक्की फ्लो इंडस्ट्रियल पार्क पूरी तरह से महिलाओं के स्वामित्व और संचालन में है। यहां 27 विनिर्माण इकाइयां संचालित हो रही हैं, जो इलेक्ट्रॉनिक्स, पैकेजिंग, खाद्य प्रसंस्करण और चिकित्सा उपकरण जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं। लगभग 250 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित इस पार्क में 55 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं। महिला उद्यमियों को आधुनिक विनिर्माण प्रक्रियाओं और नवाचार को बढ़ावा देने वाले बुनियादी ढांचे को नज़दीक से देखने का अवसर मिला। यह यात्रा रैंप योजना के तहत महिला उद्यमियों को नए ज्ञान, नेटवर्किंग अवसर और प्रेरणा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तरह की रणनीतिक पहलों से महिला उद्यमी प्रतिस्पर्धी बाजार में मजबूती से खड़े होने और एमएसएमई क्षेत्र के विकास में योगदान देने के लिए तैयार हो सकेंगी। मध्यप्रदेश के एमएसएमई विभाग ने इस पहल के माध्यम से महिला उद्यमियों के लिए एक सकारात्मक माहौल बनाने और राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को मजबूत करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।