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भारत में नारी सदैव अग्रणी रही है, प्रथमा रही है। मातृशक्ति को आदि शक्ति माना जाता है

सी.एम. ब्लॉग अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष भोपाल “नारी अस्य समाजस्य कुशलवास्तुकारा अस्ति” “नारी समाज की आदर्श शिल्पकार है”, भारतीय दर्शन का यह उल्लेख नारी शक्ति और निर्माण का आह्वान है। भारत में नारी सदैव अग्रणी रही है, प्रथमा रही है। मातृशक्ति को आदि शक्ति माना जाता है। हमारी परंपरा, संस्कृति और चिंतन में नारी का सम्मान रहा है। यह हमारे लिये गौरव की बात है कि पूरे संसार ने महिला सशक्तिकरण को स्वीकार किया और 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मैं नारी शक्ति और उनकी उपलब्धियों का अभिनंदन करता हूँ। विश्व पटल पर यह दिन चर्चा का विषय हो सकता है, लेकिन देश में हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण का संकल्प कार्य रूप में परिणित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिये कई नवाचार हुए और अनेक योजनाओं को धरातल पर उतारा गया। इन योजनाओं का अनुकरण अन्य प्रांतों ने भी किया। इस तरह मध्यप्रदेश, देश में महिला सशक्तिकरण के लिए अग्रणी प्रांत बन गया। प्रधानमंत्री जी ने हमें विकास के साथ विरासत का सूत्र दिया है। भारत की वैचारिक विरासत नारी सम्मान की रही है।यदि सामाजिक वातावरण में मर्यादा होगी, नारी सम्मान होगा तो अपराध अपने-आप कम हो जायेंगे और नारी स्वयमेव सुरक्षित हो जाएगी। इसीलिए भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। अपनी संस्कृति और परंपरा के अनुरूप हमने प्रदेश में आध्यात्मिक स्थलों की पवित्रता और नारी सम्मान के लिये 19 स्थानों को नशामुक्त करने का निर्णय लिया है। इससे हमारे धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनी रहेगी, नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी, घरेलू हिंसा में नियंत्रण के साथ महिलाओं के सामाजिक तथा आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा। मुझे उम्मीद है कि शराबबंदी से आध्यात्मिक स्थलों की पवित्रता के साथ महिलाओं के सम्मान को लेकर सकारात्मक बदलाव आयेगा। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में भारत विकास की नई करवट ले रहा है। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में अग्रणी बनाने के लिए ज्ञान (GYAN) के सम्मान का मंत्र दिया है। इसके अंतर्गत गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है। विकास के आधार स्तम्भ में से एक, महिलाओं के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास और विमेन लीड डेवलपमेंट के प्रयास को समन्वित रूप से लागू करने के लिए प्रदेश में पहली बार देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन शुरू किया गया है। मिशन के प्रमुख उद्देश्यों में महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक विकास, सुरक्षा, विभिन्न शासकीय सेवाओं की पहुँच में सुनिश्चितता, महिलाओं के आर्थिक स्वावलम्बन और समाज में आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए एकीकृत प्रयास शामिल हैं। नारी शक्ति मिशन के तहत बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, लखपति दीदी योजना, महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण आदि कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किये जा रहे हैं। भारतीय जीवनशैली में महिलाओं की भूमिका सदैव अग्रणी रही है। हम जितने अधिक अवसर बहन-बेटियों को देंगे, सुविधाएँ देंगे तो वे समाज को कई गुना लौटाकर देंगी। महिला शक्ति से देश नई ऊँचाई तक पहुँच सकता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। समय के साथ शिक्षा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में उनकी भूमिका बढ़ रही है। मोदी जी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया जिससे महिलाओं की भूमिका न केवल परिवार और समाज के विकास में अग्रणी रहे, अपितु विकसित भारत अभियान में भी उनकी सहभागिता हो। प्रधानमंत्री जी ने आवास, उज्ज्वला, आयुष्मान, मातृ वंदना, महिला स्व-रोज़गार, सुकन्या समृद्धि आदि योजनाओं की श्रृंखला से महिलाओं के समग्र विकास को सुनिश्चित किया है। मेरा मानना है कि नारी का गौरव राष्ट्र के सपने पूरे करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। मुझे यह बताते हुए संतोष है कि विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के सम्मान और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनप्रतिनिधित्व में एक-तिहाई महिलाओं को शामिल किया है। मध्यप्रदेश, देश का पहला ऐसा राज्य है जिसमें शासकीय सेवाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दिया है। प्रदेश में लाडो अभियान, शौर्या दल, मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। बहनों के मान-सम्मान और स्वाभिमान के लिये लाड़ली बहना योजना से महिलाओं को और सैनिटेशन एवं हाइजीन योजना से प्रदेश की 19 लाख बालिकाओं को आर्थिक संबल दिया है। मध्यप्रदेश में किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए किए जा रहे प्रयासों की यूनिसेफ ने सराहना की है। प्रदेश में नए-नए उद्योग आ रहे हैं, इनमें महिलाओं को बड़ी संख्या में रोज़गार मिल रहा है। रेडीमेड गारमेंट उद्योग में कार्य करने वाली बहनों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। हम हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 18 नीतियाँ लेकर आये हैं। इनमें एमएसएमई विकास नीति में महिला उद्यमी इकाई को विशेष लाभ का प्रावधान है। ड्रोन संवर्धन नीति में हमारी ड्रोन दीदी योजना अधिक विस्तारित होगी। हमारी स्व-सहायता समूह की बहनें माननीय प्रधानमंत्री जी के लोकल से ग्लोबल के लक्ष्य को धरातल पर उतार रही हैं। प्रदेश में लगभग पाँच लाख से अधिक स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने स्वावलंबन का जनांदोलन खड़ा कर दिया है। प्रदेश की बीपीएल श्रेणी की 4 लाख से अधिक महिलाएँ लखपति दीदी बन गई हैं। मध्यप्रदेश में महिलाओं के लिए किये जा रहे प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के नये आयाम विकसित हुए हैं। वे सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी होकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण के लिए जो कदम उठाये जा रहे हैं, मुझे पूरी उम्मीद है कि इससे बेटा-बेटी, महिला-पुरुष के बीच का भेदभाव समाप्त होगा। महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए समाज, सरकार और कानून सभी का समान रूप से सहयोग आवश्यक है तभी हम बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं। मैं प्रदेश की सभी बहनों को यह विश्वास दिलाता हूँ कि मध्यप्रदेश सरकार और उनका भाई उनके साथ है। व्यक्ति, परिवार और समाज निर्माण के केन्द्र में नारी है। इसीलिए प्रधानमंत्री जी ने विकसित भारत निर्माण के लिए महिला स्वावलंबन और सम्मान की बात कही है। उन्होंने विश्व में भारत को सर्वश्रेष्ठ स्थान पर … Read more

22 मार्च से आईपीएल 2025 का आगाज, आईपीएल मैच के टिकटों की बिक्री शुरू

नई दिल्ली आईपीएल 2025 का आगाज 22 मार्च 2022 से होने वाला है। इस मैच में डिफेंडिंग चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से भिड़ेगी। यह मैच कोलकाता के ईडन गार्डंस में खेला जाएगा। अब आईपीएल मैच के टिकटों की बिक्री शुरू हो चुकी है। पहले मैच के टिकट की कीमत 400 रुपए से लेकर 50 हजार रुपए के बीच रखी गई है। आईपीएल मैचों के टिकट की कीमतें टीम और स्टेडियम के हिसाब से तय की गई हैं। फैन्स बुक माई शो और पेटीएम इनसाइडर के साथ-साथ स्टेडियम में बने बॉक्स ऑफिस से भी टिकट खरीद सकते हैं। वहीं, कुछ आईपीएल टीमें अपने ऑफिशियल वेबसाइट पर भी मैचों के टिकट्स बेचती हैं। ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों विकल्प मौजूद अगर आपको आईपीएल मैचों के टिकट लेना है तो आपके पास दो ऑप्शंस हैं। आप ऑनलाइन और ऑफलाइन में से कोई विकल्प चुन सकते हैं। ऑनलाइन विकल्प में बुक माई शो, पेटीएम, आईपीएलटी20डॉट कॉम के अलावा फ्रेंचाइजी टीमों की वेबसाइट भी शामिल हैं। अगर आप ऑफलाइन टिकट खरीदना चाहते हैं तो स्टेडियम में बने बॉक्स ऑफिस से ले सकते हैं। इसके अलावा कुछ रिटेल आउटलेट्स पर भी आईपीएल टिकट बिक्री के लिए उपलब्ध रहते हैं। क्या रहेगी टिकट की कीमत आईपीएल टिकटों की कीमत कई चीजों पर निर्भर करती है। यह स्टेडियम, टीम और सीटिंग कैटेगरी के हिसाब से तय होता है। उदाहरण के लिए एमए चिदंबरम स्टेडियम में टिकटों के दाम 3000 रुपए से 30 हजार रुपए तक हैं। इसी तरह हर वेन्यू का प्राइसिंग स्ट्रक्चर है। याद रखें यह चीजें -आईपीएल टिकट खरीदने से पहले यह याद रखें कि बड़े मैचों के टिकट बहुत तेजी से बिकते हैं। इसलिए जल्दी से टिकट खरीदकर अपनी सीट सुरक्षित कर लें। -हमेशा यह तय करें कि टिकट ऑफिशियल या ऑथराइज्ड वेबसाइट से ही बुक करें। अन्यथा आप स्कैम के शिकार हो सकते हैं। -सूचनाओं पर नजर बनाए रखें। आईपीएल या बीसीसीआई टिकट को लेकर आधिकारिक ऐलान पर नजर रखें। मुंबई ने भी शुरू की बिक्री मुंबई इंडियंस टीम ने भी अपने मैचों की बिक्री शुरू कर दी है। मुंबई इंडियंस फैमिली मेंबरशिप के गोल्ड, सिल्वर और जूनियर मेंबर्स फर्स्ट फेज में होने वाले अपनी टीम के होम मैचेज रिजर्व कर सकते हैं। एमआई ने 3 मार्च को पहले राउंड की टिकट बिक्री शुरू की जो चार मार्च तक चली। दूसरे फेज में केवल मुंबई इंडियंस ब्लू मेंबर्स के लिए टिकट थे। यह बुक माई शो पर चार मार्च से छह मार्च तक चला। छह मार्च को शाम छह बजे पब्लिक सेल लाइव हुई। 20 अप्रैल को मुंबई और चेन्नई के मैच की सारी टिकटें बिक चुकी हैं। वहीं, 7 अप्रैल को होने वाले मुंबई वर्सेस आरसीबी मैच के टिकट प्राइस 999 से शुरू होकर 21 हजार तक पहुंचे थे। फिलहाल बुक माई शो पर इस मैच के 10250 रुपए वाले टिकट बचे हैं। मुंबई और एसआरएच का मैच 17 अप्रैल और मुंबई-केकेआर का मैच 31 मार्च को है। इसके 4875, 10250 और 21000 रुपए कीमत के टिकट उपलब्ध हैं। एमएम चिदंबरम स्टेडियम में होने वाले मुंबई और चेन्नई मैच के टिकटों की बिक्री अभी शुरू नहीं हुई है।

अजेय भारत दुबई में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में मजबूत न्यूजीलैंड से भिड़ेगा

नई दिल्ली अजेय भारत रविवार को दुबई में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में मजबूत न्यूजीलैंड से भिड़ेगा। आठ टीमों के इस महाकुंभ को करीब आठ साल के लंबे इंतजार के बाद अपना नया विजेता मिलेगा। संयोग से, भारत 2017 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में पाकिस्तान से हार गया था और लगातार दूसरा खिताब जीतने से चूक गया था। इस बीच, यह आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत की लगातार तीसरी यात्रा होगी, जिससे वह ऐसा करने वाली पहली टीम बन जाएगी। भारत और न्यूजीलैंड को एक ही ग्रुप में रखा गया था और उनका पिछला मुकाबला भारत ने 44 रन से जीता था, जिससे भारत ने लगातार तीन जीत के साथ ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया था। भारत ने सेमीफाइनल में वनडे विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को चार विकेट से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड ने अपने अभियान की शुरुआत कराची में गत चैंपियन और मेजबान पाकिस्तान के खिलाफ जीत के साथ की, उसके बाद क्रमशः बांग्लादेश और भारत के खिलाफ जीत और हार का सामना किया। सेमीफाइनल में, ब्लैककैप्स ने दक्षिण अफ्रीका को 50 रनों से हराकर भारत के खिलाफ टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई। जबकि दुनिया टूर्नामेंट के विजेता का इंतजार कर रही है, आईसीसी नॉकआउट चरणों में दोनों टीमों के बीच पिछले रिकॉर्ड सभी प्रारूपों में न्यूजीलैंड को स्पष्ट बढ़त देते हैं। भारत और न्यूजीलैंड आईसीसी नॉकआउट मैचों में चार बार भिड़ चुके हैं, जिसमें ब्लैककैप्स ने मैन इन ब्लू पर 3-1 की बढ़त हासिल की है। उनके मुकाबलों में 2000 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल, 2019 और 2023 विश्व कप सेमीफाइनल और 2021 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल शामिल हैं। भारत की एकमात्र सफलता उनकी सबसे हालिया भिड़ंत, 2023 विश्व कप सेमीफाइनल में मिली थी। न्यूजीलैंड ने 2000 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में क्रिस केर्न्स के मैच जिताऊ शतक की बदौलत 265 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को हराकर अपना पहला आईसीसी खिताब जीता था। उन्होंने 2021 में इतिहास दोहराया, डब्ल्यूटीसी फाइनल में भारत को हराकर अपनी दूसरी और सबसे हालिया आईसीसी ट्रॉफी हासिल की। भारत बनाम न्यूजीलैंड वनडे में आमने-सामने का रिकॉर्ड दोनों के बीच खेले गए 119 मैचों में से भारत ने 61 जीते हैं जबकि न्यूजीलैंड ने 50 मैचों में जीत दर्ज की है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच एक वनडे मैच टाई रहा है जबकि सात मैच बिना किसी नतीजे के समाप्त हुए हैं।

आम नागरिकों तथा ग्रामीणजनों से आग्रह किया है कि वे होली जलाने को लेकर सावधानी बरतें : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आम नागरिकों तथा ग्रामीणजनों से आग्रह किया है कि वे होली जलाने को लेकर सावधानी बरतें। ट्रांसफार्मर व खंभों से दूर होली जलाएं, ताकि किसी तरह की कोई दुर्घटना न हो। साथ ही सरकारी संपत्ति को किसी तरह की कोई क्षति न पहुंचे। उन्होंने कहा कि विद्युत लाईनों, उपकरणों एवं खंभो से छेड़खानी करना विद्युत अधिनियम 2003 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि जरा सी असावधानी या छेड़खानी से बड़े-बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं। इसलिए आम लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। ऐसी लाईनें जिनमें विद्युत शक्ति प्रवाहित होती है, यदि ऑंधी तूफान या अन्य कारणों से अकस्मात टूट जाएं तो उनके समीप जाकर, उन्हें छूकर खतरा मोल न लें। लाईन टूटने की सूचना निकटस्थ कंपनी अधिकारी को अथवा विद्युत कर्मचारी को शीघ्र दें, संभव हो तो किसी व्यक्ति को उस जगह, अन्य राहगीरों को चेतावनी देने के लिए रखें अथवा 1912 पर संपर्क कर सूचना जरूर देवें। नये घर बनाते समय विद्युत पारेषण अथवा वितरण लाईन से समूचित दूरी रखें, यह कानून की दृष्टि से भी आवश्यक है। उचित फासले के विषय में स्थानीय बिजली कर्मचारी की सलाह लें। खेतों खलिहानों में ऊँची – ऊँची घास की गंजी, कटी फसल की ढेरियॉं, झोपड़ी मकान तंबू आदि विद्युत लाईनों के नीचे अथवा अत्यंत समीप न बनायें। विद्युत लाईनों के नीचे से अनाज, भूसे आदि की ऊंचाई तक भरी हुई गाड़ियॉं न निकालें इससे आग लगने एवं प्राण जाने का खतरा है। गॉव और शहरों में होली का उत्‍सव मनाने के दौरान बहुत सी लकड़ियों को इकट्ठा कर चौराहों पर होलिका दहन किया जाता है। यदि विद्युत लाईनें ऊपर से जा रही हों तो तारों के नीचे होली नहीं जलानी चाहिए। क्‍योंकि आग की लपटों से एल्यूमिनियम के तारों के गलने और टूटने की संभावना होती है। बहुत से स्थानों पर बच्चे पतंग अथवा लंगर का खेल खेलने के दौरान तरह-तरह के धागे, डोर विद्युत की लाईनों में फंसा देते हैं। ऐसा करने से उन्हें रोकें। लाईनों में फंसी पतंग निकालने के लिए बच्चों को कभी भी खंभे पर चढने ना दें। विद्युत लाईन पर तार या झाडियॉ न फेंके एवं लाईनों के नीचे ऊंचे तथा फलदार वृक्ष ना लगायें। यदि कोई ऐसा करता है तो इसकी सूचना पास के पुलिस थाने या विद्युत कंपनी के वितरण केन्द्र में दें। विद्युत लाईनों के पास लगे वृक्ष या उसकी शाखा न काटें यदि कटी डाल लाईन पर गिरती है तो आपके लिए घातक सिद्ध हो सकता है। अपने खेत, खलिहान, घर या संपत्ति की सुरक्षा के लिये अवरोधक तारों (फेंसिंग वायर्स) में विद्युत प्रवाहित न करें। यह कानूनी अपराध भी है इस प्रकार विद्युत का उपयोग करने वालों पर कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। इस तरह से विद्युत सुरक्षा को लेकर आप भी सचेत रहें, और दूसरों को भी सचेत करें, ताकि किसी तरह की कोई दुर्घटना घटित न हों। आवश्यक जानकारी के लिये कंपनी के टोल फ्री नं.1912 पर कॉल लगाएं या फिर वितरण केन्द्र से संपर्क स्थापित करें।  

अमेरिका के ‘टैरिफ प्रेम’ से दुनियाभर में भारी तनाव, इस बीच चीन ने भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘टैरिफ प्रेम’ से दुनियाभर में भारी तनाव है. दो अप्रैल से रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने के ट्रंप के बयान ने हड़कंप मचा दिया है. इस बीच चीन ने भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि चीन और भारत को ऐसे साझेदार होना चाहिए जो एक दूसरे की सफलता में योगदान दें. ड्रैगन और हाथी की कदमताल ही दोनों देशों के लिए सही विकल्प होगा. चीन ने कहा कि एक दूसरे के राह में रोड़े अटकाने के बजाए हमें एक दूसरे को आगे बढ़ने में सहयोग करना चाहिए. एक दूसरे के साथ मिलकर काम करना होगा. ऐसा करके ही दोनों देशों और उनके लोगों के हितों को साधा जा सकता है. चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि जब चीन और भारत हाथ मिलाते हैं तो अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में अधिक खुलापन आता है और ग्लोबल साउथ के और मजबूत होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसे बातचीत से सुलझाया नहीं जा सकता और बिना सहयोग के किसी भी लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता. दोनों देश मिलकर दुनिया को और बेहतर कर सकते हैं. बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बोल्ड फैसलों के बीच दुनियाभर में ट्रेड वॉर का आगाज हो गया है. ट्रंप ने कनाडा, मेक्सिको और चीन पर टैरिफ लगा दिया है. हालांकि, मेक्सिको को इससे कुछ समय के लिए राहत दी गई है. कनाडा को भी कुछ आंशिक राहत दी गई है. लेकिन ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ के बयान के बाद दुनियाभर में सुगबुगाहट है. इसके बाद अमेरिका में चीन के दूतावास ने बयान जारी कर कहा था कि अगर अमेरिका युद्ध ही चाहता है, तो युद्ध सही. फिर चाहे वह ट्रेड वॉर हो या किसी दूसरी तरह का युद्ध. हम अंत तक लड़ने के लिए तैयार है. दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए कहा था कि हम पर जो भी देश जितना भी टैरिफ लगाएगा, हम भी उन पर उतना ही टैरिफ लगाएंगे. अन्य देश हम पर दशकों से बेइंतहा टैरिफ लगा रहे हैं. यूरोपीय संघ, चीन, ब्राजील, भारत और अन्य देश हम पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाए रहे हैं, जो गलत है. भारत हम पर 100 फीसदी टैरिफ लगाता है. ट्रंप ने कहा कि आगामी 2 अप्रैल से जो भी देश अमेरिकी आयात पर टैरिफ लगाएगा उस पर हम भी उतना ही टैरिफ लगाएंगे. दूसरे देशों ने दशकों से हमारे खिलाफ टैरिफ का इस्तेमाल किया है. लेकिन अब हमारी बारी है कि हम इसी टैरिफ का उन देशों के खिलाफ इस्तेमाल करे.  

आदिवासी अंचल लोक परंपरा के सांस्कृतिक उत्सव के उल्लास में रंग गया, मांदल की थाप व बांसुरी की तान के साथ नृत्य करते

झाबुआ/आलीराजपुर  आदिवासी अंचल लोक परंपरा के सांस्कृतिक उत्सव के उल्लास में रंग गया है।  झाबुआ-आलीराजपुर जिले में साल के सबसे बड़े लोक उत्सव भगोरिया हाट की शुरुआत हो गई है। मांदल की थाप और बांसुरी की तान पर निकलने वाली रंगारंग गेर में पाररंपरिक आदिवासी नृत्य की छटा बिखर रहे हैं। उत्सव में शामिल हर कोई थिरकने को मजबूर हो गया। आदिवासी अंचल में होली से एक सप्ताह पूर्व से भगोरिया का रंग जमने लगा है। काम के लिए अन्य प्रांतों में पलायन कर गए ग्रामीण भी अब लौटने लगे हैं। लोक उत्सव को लेकर पुलिस ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। भगोरिया हाटों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था पुलिस का कहना है कि भगोरिया हाटों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। भगोरिया में हथियारों के प्रदर्शन को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश अथवा ऑडियो-वीडियो वायरल करने पर भी सख्त कार्रवाई होगी। भगोरिया उत्सव में निकलती है गेर बता दें कि आदिवासी अंचल में होली से एक सप्ताह पूर्व से नगर, कस्बे व ग्राम में हाट बाजार के दिन भगोरिया हाट की परंपरा रही है। यह लोक पर्व देश-विदेश में मशहूर है। भगोरिया हाट में आदिवासी समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होते हैं तथा ढोल-मांदल की थाप व बांसुरी की तान के साथ नृत्य करते हुए गेर निकाली जाती है। यह गेर भगोरिया का सबसे बड़ा आकर्षण है। इसमें आदिवासी समाज की पुरातन पारंपरिक संस्कृति के रंग बिखरते हैं। यही कारण है कि देश के साथ ही विदेश से भी लोग भगोरिया उत्सव देखने के लिए आते हैं। कब-कहां पर भगोरिया हाट     07 मार्च– वालपुर, कट्ठीवाड़ा, उदयगढ़, भगोर, बेकल्दा, मांडली व कालीदेवी।     08 मार्च- नानपुर, उमराली, राणापुर, मेघनगर, बामनिया, झकनावदा व बलेड़ी।     09 मार्च– छकतला, कुलवट, सोरवा, आमखुट, झाबुआ, झिरण, ढोल्यावाड़, रायपुरिया, काकनवानी व कनवाड़ा।     10 मार्च– आलीराजपुर, आजादनगर, पेटलावद, रंभापुर, मोहनकोट, कुंदनपुर, रजला, बड़ा गुड़ा व मेड़वा।     11 मार्च– बखतगढ़, आंबुआ, अंधारवाड़, पिटोल, खरडू, थांदला, तारखेड़ी व बरवेट।     12 मार्च– बरझर, खट्टाली, चांदपुर, बोरी, उमरकोट, माछलिया, करवड़, बोड़ायता, कल्याणपुरा, मदरानी व ढेकल।     13 मार्च– फुलमाल, सोंडवा, जोबट, पारा, हरिनगर, सारंगी, समोई व चौनपुरा। आदिवासी समाज के लिए खास है भगोरिया पर्व, लड़के-लड़कियां चुनते हैं मनपसंद हमसफर आदिवासी संस्कृति का पर्व भगोरिया की शुरुआत होने जा रही है. सात दिनों तक चलने वाला यह पर्व मुख्य रुप से आदिवासी क्षेत्र धार, झाबुआ, खरगोन, अलीराजपुर, करड़ावद जैसे क्षेत्र में विशेष रूप से मनाया जाता है. जिन अंचलों में आदिवासी समाज बड़ी संख्या में रह रहे हैं, वहां पर यह विशेष रुप से पूरे धूम धाम से मनाया जाता है. इसी कड़ी में राजधानी भोपाल से सटे सीहोर जिले के कई गांवों में भगोरिया पर्व की धूम देखने को मिल रही है. सीहोर जिले के बिलकिसगंज, लाडकुई, ब्रिजिशनगर, सिद्दीकगंज, कोलारडेम क्षेत्र में हाट के दिन भगोरिया पर्व आयोजित होगा.  प्रदेश भर के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में आज 18 मार्च से भगोरिया लोकपर्व की शुरुआत होगी. 24 मार्च को होली दहन के साथ पर्व का समापन होगा. क्यों पड़ा भगोरिया नाम? भगोरिया महोत्सव आदिवासी समुदाय का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है. भगोरिया में आदिवासी समुदाय की संस्कृति की झलक देखने को मिलती है. ऐसी मान्यता है कि भगोरिया की शुरुआत राजा भोज के समय से हुई थी. उस समय दो भील राजाओं कासूमार और बालून ने अपनी राजधानी भगोर में मेले का आयोजन करना शुरू किया. धीरे-धीरे आसपास के भील राजाओं ने भी इन्हीं का अनुसरण करना शुरू किया, जिससे हाट और मेले को भगोरिया कहने का चलन बन गया. सभी को रहता है बेसब्री से इंतजार भगोरिया हाट में जाने के लिए बड़े, बूढ़े, बच्चे, युवा, युवतियां, महिलाएं हर कोई लालायित रहता है. एक महीने पहले से ही आदिवासी समाज भगोरिया पर्व की तैयारियों में जुट जाता है. आदिवासी युवतियां नए पारम्परिक परिधान पहनकर इस मेले में आती हैं. श्रृंगार करती हैं, तो युवा भी सजधज कर बंसी की धुन छेड़ने लगते हैं. आदिवासी जन ढोल मांदल कसने लग जाते हैं. चारों तरफ उत्साह और उमंग का वातावरण रहता है. खेतों में गेहूं और चने की फसल के साथ वातावरण में टेसू, महुआ, ताड़ी की मादकता अपना रस घोलती है. तैयार किया जात विशेष ढोल हाट में जगह-जगह भगोरिया नृत्य में ढोल की थाप, बांसुरी, घुंघरुओं की ध्वनियां सुनाई देती हैं, यह दृश्य बहुत ही मनमोहक होता है. इस पर्व के लिए बड़ा ढोल (मांदल) विशेष रूप से तैयार किया जाता है, जिसमें एक तरफ आटा लगाया जाता है. ढोल वजन में काफी भारी और बड़ा होता है. पर्व में ऐसे तय होते हैं रिश्ते भगोरिया मेले में युवक युवतियां एक ही रंग के वेश-भूषा में नजर आते हैं. इस दौरान कई युवक युवतियों का रिश्ता भी तय हो जाता है. भगोरिया में आने वाले युवक-युवतियां अपने लिए जीवन साथी की तलाश भी करते हैं. इनमें आपसी रजामंदी जाहिर करने का तरीका भी बेहद निराला होता है. सबसे पहले लड़का लड़की को पान खाने के लिए देता है. अगर लड़की पान खा लेती है, तो रिश्ता हां समझा जाता है. इसके बाद युवक उस युवती को लेकर भगोरिया हाट से भाग जाता है और दोनों शादी कर लेते हैं. इसी तरह अगर युवक, युवती के गालों पर गुलाबी रंग लगा दे और जवाब में लड़की भी उसके गाल पर गुलाबी रंग लगा दे, तो भी यह रिश्ता तय माना जाता है.  

14 मार्च धुलेंडी पर भस्म आरती में हर्बल गुलाल से होली खेलेंगे राजा

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 13 मार्च को राजसी वैभव के साथ होली उत्सव मनेगा। भगवान महाकाल की संध्या आरती के बाद प्रदोषकाल में होलिका का पूजन उपरांत दहन किया जाएगा। 14 मार्च को धुलेंडी पर तड़के 4 बजे भस्म आरती में पुजारी भगवान महाकाल के साथ हर्बल गुलाल से होली खेलेंगे। उत्सव को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। ज्योतिर्लिंग की पूजन परंपरा में होली उत्सव का विशेष महत्व है। देशभर से सैकड़ों भक्त राजा की रंगरंगीली होली देखने मंदिर पहुंचते हैं। इस बार यह उत्सव 13 मार्च को पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। मंदिर परिसर में श्री ओंकरेश्वर मंदिर के सामने पुजारी, पुरोहित परिवार द्वारा होलिका का निर्माण किया जाएगा। शाम 7.30 बजे भगवान महाकाल की संध्या आरती के बाद पुजारी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होलिका का पूजन करेंगे। पश्चात होलिका का दहन होगा। मंदिर समिति उपलब्ध कराएगी हर्बल गुलाल परंपरा अनुसार 14 मार्च को होली उत्सव मनाया जाएगा। तड़के 4 बजे भस्म आरती में पुजारी भगवान महाकाल को हर्बल गुलाल अर्पित करेंगे। मंदिर समिति पुजारियों को प्राकृतिक उत्पादों से तैयार हर्बल गुलाल उपलब्ध कराएगी। बताया जाता है, मंदिर समिति होली उत्सव के लिए एक थाल भरकर गुलाल उपलब्ध कराती है। वैसे भी ज्योतिर्लिंग क्षरण मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी ने भगवान को समिति मात्रा में पूजन सामग्री अर्पित करने का सुझाव दिया है। ज्योतिष का मत : 13 मार्च को होली मनाना शास्त्र सम्मत ज्योतिष व धर्मशास्त्र के जानकार 13 मार्च को होली मनाना शास्त्र सम्मत बता रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला ने बताया 13 मार्च को सुबह 10 बजकर 20 मिनट तक चतुर्दशी तिथि रहेगी। इसके बाद पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र व सिंह राशि के चंद्रमा की साक्षी में पूर्णिमा तिथि लगेगी, जो प्रदोष काल में पूर्ण रूप से विद्यमान रहेगी। धर्मशास्त्र में होलिका का पूजन प्रदोषकाल में बताया गया है। इसलिए शुभयोग व नक्षत्र में 13 मार्च को प्रदोषकाल में होलिका का पूजन करना श्रेष्ठ है। इस दिन पाताल वासनी भद्रा भी रहेगी, इसलिए होलिका का दहन अवश्य रात 11.30 बजे के बाद करना चाहिए। सामान्यत: होलिका का दहन अगले दिन सुबह 5 बजे ब्रह्म मुहूर्त में किया जाता है। ऐसे में 13 व 14 मार्च की तारीख होली तथा धुलेंडी मनाने के लिए शास्त्र सम्मत है। सिंहपुरी में पांच हजार कंडों से बनेगी हर्बल होली पुराने शहर सिंहपुरी में गाय के गोबर से बनाए गए पांच हजार कंडों से होली बनाई जाएगी। आयोजन समिति का दावा है कि यह विश्व की सबसे बड़ी हर्बल होली है। इसमें सिर्फ गाय के गोबर से बने कंडों का उपयोग होता है। लकड़ी का उपयोग नहीं किया जाता है। होली के मध्य में डांडा के रूप में ध्वज लगाया जाता है। इस बार यह आयोजन 13 मार्च को होगा। शाम को प्रदोष काल में चार वेद के ब्राह्मण चतुर्वेद पारायण से होलिका का पूजन करेंगे। रात्रि जागरण के उपरांत अगले दिन सुबह 5 बजे ब्रह्म मुहूर्त में होलिका का दहन किया जाएगा।

ई-रिक्शा योजना से शहरी क्षेत्र के पर्यावरण को रखा जा सकेगा प्रदूषण मुक्त

भोपाल प्रदेश में ऑटो रिक्शा चलाने वाले हितग्राहियों की आमदनी बढ़ाने और शहर को प्रदूषण मुक्त रखने के मकसद से नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस वर्ष से मुख्यमंत्री ई-रिक्शा योजना लागू करने का निर्णय लिया है। योजना के अंतर्गत पहले चरण में 3500 हितग्राहियों को फायदा पहुँचाया जायेगा। योजना में लाभान्वित हितग्राहियों को ऋण राशि में केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से ब्याज में सब्सिडी भी दी जायेगी। प्रदेश में नगरीय निकायों में मुख्यमंत्री ई-रिक्शा योजना का निरंतर वर्ष 2027-28 तक क्रियान्वयन किया जायेगा। नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि योजना के जरिये राज्य सरकार संकल्प-पत्र 2023 के अनुसार ऑटो एवं टैक्सी चालक कल्याण के संकल्प को पूरा करेगी। योजना का स्वरूप योजना के अंतर्गत हितग्राही को नवीन ई-रिक्शा क्रय करने के साथ पुराने डीजल एवं पेट्रोल रिक्शा को पुन: सुसज्जित (रेट्रो फिटिंग) कर ई-रिक्शा में परिवर्तित किया जाकर फायदा पहुँचाया जायेगा। चयनित हितग्राहियों को दीनदयाल जन-आजीविका मिशन-शहरी घटक में 4 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त व्यक्तिगत ऋण प्रदान किया जायेगा। इसी के साथ हितग्राही को प्राप्त ऋण पर 8 प्रतिशत का ब्याज अनुदान केन्द्र सरकार द्वारा डीबीटी के माध्यम से खाते में प्रदान किया जायेगा। मुख्यमंत्री ई-रिक्शा योजना में लिये गये ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान की राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जायेगी। हितग्राही को कोलेटरल सिक्योरिटी मुक्त ऋण प्रदान किया जायेगा। मुख्यमंत्री ई-रिक्शा योजना के अंतर्गत शहरी गरीब महिलाओं को विशेष रूप में लाभ प्रदान कर शासन के नारी सशक्तिकरण मिशन को बल प्रदान किया जायेगा। हितग्राही चयन के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने शर्तें निर्धारित की हैं। इसके अंतर्गत हितग्राही का नगरीय क्षेत्र में निवास करना आवश्यक रखा गया है। योजना का लाभ 18 से 55 वर्ष तक के हितग्राही को मिलेगा, जो पूर्व से ऑटो रिक्शा संचालित कर रहा हो। चयनित हितग्राही के पास मोटर व्हीकल लायसेंस होना आवश्यक है। योजना का क्रियान्वयन नगरीय निकायों द्वारा जिला शहरी विकास अभिकरण के माध्यम से किया जायेगा। हितग्राही को आवेदन-पत्र नि:शुल्क प्राप्त होंगे। टॉस्क फोर्स समिति जिले में प्राप्त होने वाले आवेदन-पत्रों के निराकरण के लिये टॉस्क फोर्स समिति गठित होगी। परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण समिति अध्यक्ष होंगे। अन्य सदस्यों में बैंक प्रतिनिधि और योजना प्रभारी को भी शामिल किया गया है। बैंकों द्वारा प्रकरण 30 दिवस में अनिवार्य रूप से निराकृत किया जायेगा। इसके बाद नियत 15 दिन में ऋण वितरण किया जाना भी अनिवार्य किया गया है। बैंकों द्वारा किसी भी प्रकार की कोलेटरल सिक्योरिटी की माँग आवेदक से नहीं की जायेगी। योजना के क्रियान्वयन के लिये बजट में आवश्यक प्रावधान किये जा रहे हैं।  

मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में नए अवसरों को बल मिलेगा और उद्योग जगत की मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी

भोपाल 16वें केंद्रीय वित्त आयोग ने निर्यात भवन, पीथमपुर में उद्योग एवं व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर औद्योगिक विकास और आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में आयोग सदस्य सुएनी जॉर्ज मैथ्यू, डॉ. मनोज पांडा, डॉ. सौम्या कांति घोष, आयोग के सचिव ऋत्विक पांडे, संयुक्त सचिव के.के. मिश्रा, कमिश्नर दीपक सिंह और कलेक्टर प्रियंक मिश्रा भी मौजूद थे। औद्योगिक विकास नीति में अपार संभावनाएं – एमपीआईडीसी एमडी एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक चंद्रमौली शुक्ला ने उद्योग विभाग की इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसमें निजी क्षेत्र के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि बैठक से मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में नए अवसरों को बल मिलेगा और उद्योग जगत की मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। सुझावों पर करेंगे विचार : आयोग सदस्य वित्त आयोग की सदस्य सुएनी जॉर्ज मैथ्यू ने कहा कि उद्योग जगत के प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत सभी सुझावों पर विचार किया जाएगा। औद्योगिक संगठनों ने रखीं अहम मांगें औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने आयोग के समक्ष विभिन्न उद्योग और व्यापार से संबंधित कई सुझाव दिये इनमें एयर कार्गो हब और एयरोप्लेन मेंटेनेंस हब की स्थापना, महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु स्किल डेवलपमेंट सेंटर, डेटा सेंटर और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की आवश्यकता से अवगत कराया। संगठन के सदस्यों ने एमपी को ट्राइबल और फॉरेस्ट एरिया होने के कारण केंद्र सरकार से अधिक समर्थन की मांग करते हुए एग्रीकल्चर और हेल्थकेयर सेक्टर को बढ़ावा देने की जरूरत भी बताई। प्रतिनिधियों ने ऑटो इंडस्ट्री में नए निवेश और आधुनिकीकरण की आवश्यकता बताते हुए आरएंडडी क्षेत्र में बढ़ती लागत के लिए समर्थन भी मांगा। प्रतिनिधियों ने प्लास्टिक रिसाइक्लिंग और बॉयोडिग्रेडेबल प्लास्टिक निर्माण के लिए नए स्किल सेंटर एवं फंडिंग, औद्योगिक विकास को गति देने हेतु रेलवे कनेक्टिविटी में सुधार, रियल एस्टेट उद्योग को समर्थन, टेक्सटाइल इंडस्ट्री की जरूरतों पर विशेष ध्यान, ड्यूटी फ्री लोकल मार्केट की मांग, पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बेहतर अधोसंरचना के लिये सुझाव देते हुए कहा छोटे उद्योगों के विकास के लिए अधिक योजनाओं की जरूरत जताई। धार जिले की आर्थिक और सामाजिक विशेषताओं की जानकारी कलेक्टर मिश्रा ने बैठक में धार जिले की भौगोलिक और सामाजिक विशेषताओं की जानकारी दी और बताया कि किस तरह सरकार औद्योगिक विकास के लिए काम कर रही है। बैठक में गौतम कोठारी – अध्यक्ष, पीथमपुर औद्योगिक संगठन, श्रेयस्कर चौधरी – अध्यक्ष, एमपी टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन, आदित्य श्रीवास्तव – पूर्व उपाध्यक्ष, व्हीईसीव्ही ऑटोमोबाइल, आशीष जिटेशी – संयंत्र प्रमुख, सिप्ला लिमिटेड (फार्मा), अविनाश सेठी – निदेशक, इंफोबीन्स लिमिटेड (आईटी), सुमित सूरी – अध्यक्ष, इंदौर होटल एसोसिएशन, योगेश मेहता – अध्यक्ष, एआईएमपी (एमएसएमई), सचिन बंसल – अध्यक्ष, इंडियन प्लास्ट पैक फोरम (प्लास्टिक एवं पैकेजिंग), संदीप जैन – निदेशक, जयदीप इस्पात (इस्पात उद्योग), सुमित मंत्री / संदीप श्रीवास्तव – क्रेडाई (रियल एस्टेट संघ), दिनेश मिश्रा – उपाध्यक्ष, एसआरएफ लिमिटेड (पैकेजिंग फिल्म उद्योग), अक्षत चोरड़िया – अध्यक्ष, सीआईआई मालवा, केमिषा सोनी – पदाधिकारी, आईसीएआई मौजूद रही।

सुप्रीम कोर्ट से अडानी ग्रुप को धारावी प्रोजेक्ट के लिए अलग बैंक खाता रखने का निर्देश

मुंबई धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को गौतम अडानी को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अडानी ग्रुप की ओर से चलाए जा रहे इस प्रोजेक्ट पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी। दुबई की कंपनी सेक्लिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्प (Seclink Technologies Corp) ने इस प्रोजेक्ट को अडानी ग्रुप को देने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। इसी के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। इसे एशिया का सबसे बड़ा शहरी पुनर्वास कार्यक्रम माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है। इनमें अडानी प्रॉपर्टीज, महाराष्ट्र सरकार और दुबई की सेक्लिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्प शामिल हैं। सेक्लिंक टेक्नोलॉजीज ने पहले बॉम्बे हाई कोर्ट में महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। उसका कहना था कि उसकी बोली अडानी ग्रुप से बेहतर थी। दिसंबर 2024 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने सेक्लिंक की याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा कि सेक्लिंक के तर्क में दम नहीं है। सरकार को ऐसे प्रोजेक्ट के लिए सही बोली चुनने का अधिकार है। क्या कहा कोर्ट ने? CJI संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने सेक्लिंक से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उसकी 8,640 करोड़ रुपये की बोली अडानी की 5,069 करोड़ रुपये की बोली से काफी ज्यादा है। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सेक्लिंक को अडानी की ओर से पहले से तय की गई सभी शर्तों का पालन करना होगा। इनमें रेलवे को 1000 करोड़ रुपये का लीज भुगतान, 2800 करोड़ रुपये का क्षतिपूर्ति भुगतान और 812 रेलवे क्वार्टर का निर्माण शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि प्रोजेक्ट से जुड़ी फाइलें कोर्ट में पेश की जाएं। अगली सुनवाई 25 मई को होगी। अलग बैंक अकाउंट रखना होगा सुप्रीम कोर्ट ने अडानी ग्रुप को एक अलग बैंक खाता रखने का निर्देश दिया है। इस खाते में प्रोजेक्ट से जुड़े सभी लेन-देन होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि निर्माण और तोड़फोड़ का काम शुरू हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इनकम टैक्स एक्ट और रूल्स के अनुसार उचित खाते, जिसमें चालान आदि शामिल हैं, रखे जाएंगे। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि कोई विशेष इक्विटी का दावा नहीं किया जाएगा। कॉन्ट्रैक्ट का अंतिम फैसला अपील के नतीजे पर निर्भर करेगा। क्या है धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट? अडानी ग्रुप की रियल एस्टेट डेवलपमेंट कंपनी अडानी प्रॉपर्टीज नवंबर 2022 में सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी। इसे धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड में 80% हिस्सेदारी मिली। महाराष्ट्र सरकार के पास बाकी 20% हिस्सेदारी है। यह प्रोजेक्ट 600 एकड़ जमीन पर फैला है। इसमें 296 एकड़ जमीन के पुनर्विकास की योजना है, जबकि माहिम नेचर पार्क जैसे खुले स्थानों को संरक्षित रखा जाएगा। धारावी में 8,50,000 से ज्यादा लोग रहते हैं। अस्थायी आबादी को मिलाकर यह संख्या 10 लाख से भी ज्यादा है। यह मुंबई का सबसे घनी आबादी वाला क्षेत्र है।

जनजातीय महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि यह अवसर है उन उपलब्धियों को सराहने का, जो महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में हासिल हुई हैं। साथ ही, यह दिन हमें यह सोचने का अवसर भी प्रदान करता है कि आगे का रास्ता क्या होना चाहिए। भारत जैसे देश में, जहाँ नारी को शक्ति और सहनशीलता का प्रतीक माना जाता है, वहाँ जनजातीय महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। जनजातीय महिलाएँ अपनी संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान की प्रतीक रही हैं। सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के कारण जनजातीय वर्ग की महिलायें लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहीं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार इस दूरी को समाप्त कर रही है। उद्देश्य यह नहीं कि वे केवल लाभार्थी बनें, बल्कि वे समाज की निर्णायक शक्ति बनकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करें। सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम सरकार की सोच यह नहीं कि महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ मिले, बल्कि वे अपने निर्णय स्वयं ले सकें, अपने व्यवसाय और कार्यक्षेत्र में मजबूती से खड़ी हो सकें। प्रधानमंत्री वन धन योजना के तहत जनजातीय महिलाओं को उनके द्वारा संग्रहीत वन उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए सशक्त तंत्र विकसित किया गया है। इससे न केवल उनकी आय बढ़ी है, बल्कि वे अब स्वयं का व्यवसाय भी कर रही हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना ने बालिका शिक्षा को प्राथमिकता दी है, जिससे जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों के स्कूल छोड़ने की दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उनके पोषण और स्वास्थ्य की सुरक्षा कर रही है। स्टैंड-अप इंडिया योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को स्व-रोजगार हेतु वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे खुद के व्यवसाय की स्थापना कर सकें। मध्यप्रदेश सरकार भी इस दिशा में भी आगे बढ़कर कार्य कर रही है। पीछे नहीं है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में राज्य सरकार महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में बड़ा सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री आदिवासी महिला उद्यमिता योजना ने जनजातीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हर घर जल योजना ने जल संकट से जूझ रही ग्रामीण और जनजातीय महिलाओं के लिए राहत प्रदान की है, जिससे उनका दैनिक जीवन सरल हुआ है। पेसा अधिनियम ने ग्राम सभाओं में महिलाओं की भागीदारी को मजबूती प्रदान की है, जिससे वे अपने अधिकारों के प्रति अधिक सजग और जागरूक हो रही हैं। अब वे अपनी ग्राम सभाओं में न केवल सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं, बल्कि अपने समुदाय की नीतियाँ तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही हैं। संघर्ष से सशक्त नेतृत्व तक का सफर मैं स्वयं एक जनजातीय महिला हूँ। जीवन में संघर्ष मेरे लिए नया नहीं है। बचपन में परिवार की मदद के लिए ईंट-भट्टों पर मजदूरी से लेकर सरपंच, जिला पंचायत अध्यक्ष, राज्यसभा सदस्य और अब मध्यप्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने तक का सफर आसान नहीं था। लेकिन मेरी पार्टी का संगठनात्मक सशक्तिकरण और मजबूत नेतृत्व ही है, जिसने मुझे और हमारे समाज की लाखों महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए। मेरी पार्टी ने सदैव जनजातीय समाज को प्राथमिकता दी है। जब देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति के रूप में श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मिलीं, तो यह केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे जनजातीय समाज की उपलब्धि थी। यह इस बात का प्रमाण है कि अगर महिलाओं को सही अवसर और संसाधन मिलें, तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। महिला सशक्तिकरण कोई एक दिन की प्रक्रिया नहीं है, यह एक निरंतर चलने वाली यात्रा है। यह केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की उन्नति का आधार है। महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति-निर्माण और निर्णय लेने में भागीदार बनाना ही सही मायनों में सशक्तिकरण है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता के साथ समाज में उन्हें सम्मानजनक स्थान दिलाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। आज, जब दुनिया नारी शक्ति का सम्मान कर रही है, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समाज के सबसे वंचित वर्ग- जनजातीय और अनुसूचित जाति की महिलाएँ-विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। मेरा सभी माताओं, बहनों और बेटियों से आग्रह है कि वे सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ उठाएँ, आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएँ और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ें। जब महिलाएँ आगे बढ़ेंगी, तो समाज और देश भी नई ऊँचाइयों को छुएगा।  

अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस पर ग्रामीण आजीविका मिशन में कई नवाचारों एवं अभियानों का होगा शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस 08 मार्च को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में म. प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्‍व-सहायता समूहों को बैंक ऋण राशि वितरण, डीडीयूजीकेवाय अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्‍त बेटियों को नियुक्ति पत्रों का वितरण करेंगे। कार्यक्रम में भोपाल शहर में चलित जैविक हाट बाजार के तीन वाहनों को हरी झण्‍डी दिखाकर रवाना करने के साथ ही मिशन के अन्‍य कार्यों का शुभारंभ किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उनके उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं राज्‍य मंत्री श्रीमती राधा सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगीं। म.प्र. ग्रामीण आजीविका मिशन के डिजीटल ई-न्‍यूज लैटर ‘’आजीविका अनुभूति’’ का विमोचन किया जायेगा। सीहोर जिले के समूह सदस्‍यों को आवागमन हेतु 200 ई-सायकिल का वितरण, प्रदेश के छह प्रमुख शहरों भोपाल, इन्‍दौर, ग्‍वालियर, जबलपुर, उज्‍जैन एवं धार में जैविका हाट बाजारों का शुभारंभ, वित्‍तीय साक्षरता अभियान का शुभारंभ, दीनदयाल उपाध्‍याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयूजीकेवाय) अंतर्गत विशेष रूप से युवितयों के लिये 05 प्रशिक्षण बैच, आरसेटी के माध्‍यम से बालाघाट, डिण्‍डोरी एवं अलीराजपुर जिलों में पारंपरिक कला एवं शिल्‍प के प्रोत्‍साहन हेतु कौशल प्रशिक्षण का शुभारंभ, डीडीयूजीकेवाय अंतर्गत 1000 युवतियों को नियुक्ति पत्र प्रदाय किए जाएंगे। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘’पढेंगे हम–बढेंगे हम’’ साक्षरता अभियान का शुभारंभ और भोपाल शहर में चलित जैविक हाट बाजार हेतु तीन वाहनों को हरी झण्‍डी दिखाकर रवाना किया जायेगा। इस अवसर भोपाल जिले के 02 स्‍व-सहायता समूहों को 10-10 लाख रूपये का बैंक ऋण राशि भी प्रतीक स्‍वरूप दी जायेगी।  

मध्यप्रदेश चिकित्सा उपकरण निर्माण का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की अनुकूल नीतियां, विकसित अधोसंरचना और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी सुविधाएं राज्य को दवा कंपनियों और चिकित्सा उपकरण निर्माताओं के लिए फेवरेट इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बना रही हैं। जीआईएस-भोपाल में हेल्थकेयर, फार्मा और मेडिटेक क्षेत्र की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि मध्यप्रदेश चिकित्सा उपकरण निर्माण का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। उज्जैन में विकसित हो रहे 75 एकड़ के मेडिकल एवं फार्मास्यूटिकल पार्क को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैश्विक निवेशकों के लिए ‘बेस्ट डेस्टिनेशन’ करार दिया। ‘मॉलिक्यूल टू मशीन’ अवधारणा से आगे बढ़ता मध्यप्रदेश जीआईएस-भोपाल में आयोजित ‘मॉलिक्यूल्स-टू-मशीन (हेल्थकेयर, फार्मा, मेडिटेक)’ सत्र के दौरान, विशेषज्ञों ने इस अवधारणा पर चर्चा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश दवा निर्माण से लेकर चिकित्सा उपकरण उत्पादन तक पूरे हेल्थकेयर इको सिस्टम को मजबूत कर रहा है। राज्य में फार्मास्युटिकल कंपनियों, एक्टिव फार्मास्युटिकल इनग्रेडिएंट्स (एपीआई) निर्माण इकाइयों और मेडिकल डिवाइस विनिर्माण में तेजी से वृद्धि हो रही है। मेडिकल डिवाइस पार्क में बढ़ता निवेश एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री के समन्वयक श्री राजीव छिब्बर ने बताया कि उज्जैन स्थित विक्रम उद्योग नगरी में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क में 23 विनिर्माताओं ने निवेश करने की पुष्टि की है। सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत दी जा रही रियायतों और सुविधाओं के कारण निवेशकों की इकाइयां स्थापित करने की लागत काफी कम हो रही है, जिससे निवेश को बढ़ावा मिल रहा है। मेडिकल टेक्सटाइल में अपार संभावनाएं जीआईएस-भोपाल के शुभारंभ संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को ‘मेडिकल टेक्सटाइल्स’ का प्रमुख केंद्र बताया। सर्जिकल गाउन, मास्क, पीपीई किट, सैनिटरी नैपकिन और अन्य उत्पादों के निर्माण में राज्य की अहम भूमिका को रेखांकित किया गया। कोविड महामारी में भारत ने मास्क और पीपीई किट के उत्पादन में वैश्विक पहचान बनाई थी, जिसे मध्यप्रदेश आगे बढ़ा रहा है। ध्यप्रदेश, प्रमुख फार्मास्युटिकल राज्यों में शामिल मध्यप्रदेश देश के प्रमुख फार्मास्युटिकल राज्यों में से एक है। वर्तमान में प्रदेश में 270 से अधिक फार्मा कंपनियां कार्यरत हैं, जिनमें से 80 से अधिक पीथमपुर में स्थित हैं। राज्य में निर्मित दवाइयां 160 से अधिक देशों में निर्यात की जा रही हैं। प्रमुख निवेशकों में सनफार्मा, सिप्ला, लुपिन, एल्मेंबिक, टॉरेंट फार्मा और एल्केमिस्ट जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। हरसंभव सहायता और तय समय में मंजूरियाँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार फार्मा और मेडिकल उपकरण कंपनियों को निवेश के लिए हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। सरकार की ओर से लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम में सभी आवश्यक मंजूरियां तय समय में सुनिश्चित की जा रही हैं। 17 हजार करोड़ का निवेश और 49 हजार रोजगार सृजन मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के प्रयासों के कारण इस जीआईएस-भोपाल में निवेशकों ने इस सेक्टर में 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए। इससे लगभग 49 हजार नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा संस्थानों की संख्या में वृद्धि से प्रदेश में चिकित्सा सुविधाएं और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। प्रदेश के फार्मा उद्योग को मिली ग्लोबल पहचान जीआईएस-भोपाल में मध्यप्रदेश के फार्मा, हेल्थकेयर और चिकित्सा शिक्षा इन्फ्रास्ट्रक्चर की क्षमताओं का परिचय देश-विदेश के निवेशकों को मिला है। इससे यहाँ निवेश संभावनाओं को ग्लोबल पहुंच मिली है। भविष्य में प्रदेश को भारत में ही नहीं विदेश में भी इस सेक्टर में आदर्श निवेश स्थल की पहचान मिलेगी। मध्यप्रदेश के फार्मास्युटिकल सेक्टर में एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है, 270 से अधिक दवा निर्माता कंपनियां और 250 से अधिक फार्मेसी संस्थान सक्रिय हैं, 160 से अधिक देशों में दवाइयों का निर्यात किया जाता है, 39 एक्टिव फार्मास्युटिकल इनग्रेडिएंट्स (एपीआई) निर्माण की इकाइयां स्थापित हैं, राज्य के कुल निर्यात में 25% फार्मा उद्योग की हिस्सेदारी है और 5 वाणिज्यिक हवाई अड्डे और 6 अन्तर्देशीय कंटेनर डिपो उद्योग समूहों की सुविधा के लिये उपलब्ध हैं। मध्यप्रदेश में ग्लोबल-इन्वेस्टर्स की दिलचस्पी जीआईएस-भोपाल में 300 से अधिक उद्योग जगत के दिग्गज, नीति निर्माता और स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक मंच पर आए, जहां भारत के हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर में नवाचार और निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों से राज्य न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर फार्मा और मेडिकल डिवाइस निर्माण का नया केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है।  

3 लाख से कम होगी आय , तो दिल्ली की महिलाओं को मिलेंगे 2500 रुपये, आज से रजिस्ट्रेशन शुरू

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर 8 मार्च यानीआज  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता महिला समृद्धि योजना का शुभारंभ करने वाली हैं। सीएम के ऐलान के बाद इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा और वैरिफिकेशन के बाद पात्र महिलाओं के खाते में 2500 रुपये आना शुरू हो जाएंगे। बीजेपी शासित दिल्ली की नई सरकार 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दिल्ली की महिलाओं को एक बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, महिला दिवस पर सरकार गरीब महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की स्कीम लॉन्च करके इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इसके पहले कैबिनेट की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें इस योजना को औपचारिक मंजूरी दी जाएगी। । विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी द्वारा जारी किए गए संकल्प पत्र का यह सबसे प्रमुख वादा था, जिसमें बीजेपी ने दिल्ली में सरकार बनने पर महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। महिला दिवस पर बड़े आयोजन की तैयारी सूत्रों से यह भी पता चला है कि दिल्ली बीजेपी ने आज 8 मार्च को दोपहर 12 बजे जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम में एक बड़ा कार्यक्रम भी आयोजित किया है, जिसमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उनकी कैबिनेट के सभी मंत्री और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा भी शामिल होंगे। पार्टी के महिला मोर्चे के बैनर तले आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम में दिल्ली के अलग-अलग कोनों से महिलाओं को भी बुलाया जाएगा और नड्डा व सीएम के हाथों महिला समृद्धि योजना के तहत कुछ महिलाओं का रजिस्ट्रेशन भी कराया जाएगा। आज  होगा ऐलान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आज  8 मार्च को International Women’s Day के मौके पर जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम से इस योजना को लॉन्च करने वाली हैं। उनके साथ बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा भी होंगे। जानकारी के मुताबिक ऐलान होने के बाद ड्राफ्ट को मंजूरी मिलेगी और इसी के साथ ही योजना के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएंगे। रजिस्ट्रेशन कैसे होगा..ऑनलाइन या ऑफलाइन? महिला समृद्धि योजना के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए किसी दफ्तर के चक्कर काटने होंगे या फिर घर बैठे ही आवेदन हो जाएगा? अगर आपके मन में भी यह सवाल है तो बता दें कि टाइम्स ऑफ इंडिया के सूत्रों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। माना जा रहा है कि महिला समृद्धि योजना के लिए एक अलग वेबसाइट और मोबाइल एप लॉन्च किया जा सकता है। महिला समृद्धि योजना के लिए पात्रता क्या होगी?     इस योजना में आवेदन के लिए पहली शर्त तो यह होगी कि आवेदक महिला दिल्ली की नागरिक हो     वह किसी भी तरह की सरकारी नौकरी या रिटायर्ड कर्मचारी न हो     बीजेपी पहले ही साफ कर चुकी है कि महिला समृद्धि योजना गरीब महिलाओं के लिए है     महिला गरीबी रेखा से नीचे (BPL) या EWS कैटेगरी में आती हो     माना जा रहा है कि परिवार की सालाना आय 2.5 लाख से 3 लाख होनी चाहिए     महिला की उम्र 18 से 60 साल के बीच होनी चाहिए     महिला पहले से किसी अन्य योजना का लाभ न उठा रही हो महिला सम्मान योजना के लिए होगा इनकम क्राइटेरिया इस योजना को लागू करने के लिए सरकार कुछ इनकम क्राइटेरिया भी निर्धारित करेगी और इस क्राइटेरिया में फिट बैठने वाली महिलाओं को ही इस योजना का लाभ मिल सकेगा। सूत्रों के अनुसार, 18 से 60 साल की महिलाएं ही योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगी। लाभार्थियों का वेरिफिकेशन वोटर कार्ड, बीपीएल कार्ड, आधार कार्ड और इनकम सर्टिफिकेट के आधार पर किया जाएगा। जिन महिलाओं की सालाना घरेलू इनकम 3 लाख रुपये या उससे कम है, वही इस योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगी। अनुमान है कि दिल्ली में ऐसी महिलाओं की संख्या दिल्ली में करीब 15 लाख हो सकती है। दिल्ली में महिलाएं 2500 रुपये मिलने से पहले उठा सकती हैं इन योजनाओं का लाभ सरकारी जॉब करने वाली, खुद का इनकम टैक्स भरने वाली, आर्थिक सहायता से जुड़ी दिल्ली सरकार की किसी भी अन्य योजना का लाभ लेने वाली महिलाएं इस योजना के तहत लाभ नहीं ले सकेंगी। योजना का लाभ देने के लिए एक वेब-पोर्टल भी बनाया जाएगा, जिस पर पात्र महिलाएं योजना का लाभ लेने के लिए खुद से आवेदन कर सकती हैं। एक मोबाइल ऐप भी तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा। आवेदन करने वाली सभी महिलाओं के दस्तावेज गोपनीय रखे जाएंगे। वेरिफिकेशन के बाद पात्र महिलाओं के आधार कार्ड से लिंक बैंक खाते में हर महीने 2500 रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे।

प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की सरगर्मी तेज, आगामी दिनों में निर्वाचन अधिकारी धर्मेंद्र प्रधान का भोपाल दौरा

भोपाल भारतीय जनता पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई के नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कभी भी हो सकता है. ऐसे में हर किसी की नजर नए अध्यक्ष पर है क्योंकि चर्चाओं में एक नहीं, कई नाम हैं. राज्य में बीजेपी के संगठन पर्व के तहत बूथ समिति, मंडल अध्यक्ष और जिला अध्यक्षों की निर्वाचन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. वहीं अब संभावना जताई जा रही थी कि जनवरी या फरवरी में प्रदेश अध्यक्ष का भी निर्वाचन हो जाएगा. हालांकि, दिल्ली के विधानसभा चुनाव के चलते निर्वाचन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी और निर्वाचन अधिकारी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का दौरा तय नहीं हो पाया. राज्य में बीते एक पखवाड़े से प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की सरगर्मी तेज है और संभावना इस बात की जताई जा रही है कि आगामी दिनों में निर्वाचन अधिकारी धर्मेंद्र प्रधान का भोपाल दौरा हो सकता है. इस प्रवास के दौरान ही निर्वाचन प्रक्रिया भी पूरी कराई जा सकती है. राज्य के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा को अध्यक्ष पद पर रहते हुए पांच साल से ज्यादा का समय हो गया है. शर्मा के नेतृत्व में विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़े गए जिनमें बीजेपी को बड़ी सफलताएं मिलीं. इन नामों की चर्चा वहीं बूथ विस्तारक अभियान सहित कई अभियान देश के अन्य राज्यों के लिए नजीर बने हैं. राज्य की बीजेपी इकाई का नया अध्यक्ष कौन होगा? इसके लिए कई दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं. वर्तमान में मुख्यमंत्री मोहन यादव पिछड़े वर्ग से आते हैं, इसलिए संभावना इस बात की जताई जा रही है कि पार्टी सामान्य वर्ग के व्यक्ति को यह जिम्मेदारी सौंप सकती है. राज्य में सामान्य वर्ग से पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और विधायक हेमंत खंडेलवाल के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं. क्या कहते हैं जानकार? वहीं पार्टी का जोर अनुसूचित जनजाति वर्ग के वोट बैंक पर भी है और इसके लिए प्रमुख तौर पर सांसद सुमेर सिंह सोलंकी, फग्गन सिंह कुलस्ते और गजेंद्र पटेल के नाम चर्चा में हैं. इसके अलावा अनुसूचित जाति वर्ग से लाल सिंह आर्य का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में वर्तमान में सत्ता और संगठन में बेहतर तालमेल चल रहा है. आगामी चार साल तक कोई चुनाव नहीं है, लिहाजा पार्टी की कोशिश सत्ता और संगठन में समन्वय रहे, यह प्रयास किए जा रहे हैं. इसलिए ऐसे नाम पर मुहर लगने की ज्यादा संभावना है जो संगठन को बेहतर तरीके से चला सके, सभी में समन्वय रखे और उसका सत्ता से भी टकराव न हो.

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