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मुख्यमंत्री डॉ. यादव की ग्वालियर प्रस्तावित यात्रा के दृष्टिगत कलेक्टर ने किया निरीक्षण

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 30 मार्च को ग्वालियर के प्रस्तावित भ्रमण को देखते हुए कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने विभागीय अधिकारियों के साथ गोला का मंदिर स्थित आरोग्यधाम अस्पताल के लिये प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रस्तावित कार्यक्रम के संबंध में आयोजकों से विस्तार से चर्चा कर आयोजन की रूपरेखा समझी और विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर एडीएम श्री टी एन सिंह, एसडीएम श्री नरेन्द्र बाबू यादव सहित संयुक्त कलेक्टर श्री संजीव जैन एवं आयोजकगण उपस्थित थे।

यूपी में महंगी होगी बिजली, मल्टी ईयर टैरिफ डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन-2025 को अंततः जारी किया

लखनऊ प्रदेश में अब बिजली महंगी होने का रास्ता साफ हो गया है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने पांच वर्षों तक बिजली की दरों को तय करने संबंधी मल्टी ईयर टैरिफ डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन-2025 को अंततः जारी कर दिया है। नए रेगुलेशन के तहत अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आयोग बिजली की दरों को तय करने की अब प्रक्रिया शुरू करेगा। माना जा रहा है कि पावर कारपोरेशन की बिजली कंपनियों द्वारा चार माह पहले दाखिल किए गए 1.16 लाख करोड़ रुपये के एआरआर (वार्षिक राजस्व आवश्यकता) संबंधी प्रस्ताव को आयोग जल्द ही स्वीकार कर जनसुनवाई करेगा। नियमानुसार प्रस्ताव स्वीकारने के अधिकतम 120 दिनों में आयोग को नई बिजली की दरें घोषित करनी होती है। मौजूदा बिजली की दरों से एआरआर में 13 हजार करोड़ रुपये के दिखाए गए घाटे को देखते हुए साढ़े पांच वर्ष बाद 15 से 20 प्रतिशत तक बिजली की दरों में इजाफा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। सभी उपभोक्ताओं के यहां अभी स्मार्ट मीटर न लग पाने के कारण दिन-रात बिजली की दरें फिलहाल एक समान ही रहेंगी।   आयोग द्वारा जनसुनवाई के बाद तैयार किया गया मल्टी ईयर टैरिफ डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन-2025, अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली अप्रैल से अगले पांच वर्ष यानी 2029 तक लागू रहेगा। इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा जल्द ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।   बिजली कंपनियों के एआरआर को ध्यान में रखते हुए बिजली की दरों का निर्धारण नियामक आयोग रेगुलेशन के तहत ही करता है। आयोग द्वारा नए रेगुलेशन के मसौदे में भविष्य के निजीकरण का प्रविधान था लेकिन जनसुनवाई के दौरान विद्युत उपभोक्ता परिषद द्वारा इस पर उठाई गई आपत्तियों का नतीजा रहा कि लागू किए गए नए रेगुलेशन में भविष्य के निजीकरण की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में 42 जिलों की बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने संबंधी राह फिलहाल कठिन हो गई है। नए रेगुलेशन में कहा गया है कि पावर कारपोरेशन के प्रस्ताव पर ही आयोग रात-दिन के लिए बिजली की अलग-अलग दरें तय करेगा। अप्रैल से देश में रात-दिन का टैरिफ लागू उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने पहली अप्रैल से देश में रात-दिन का टैरिफ लागू करने को कह रखा है लेकिन पावर कारपोरेशन प्रबंधन पहले ही आयोग से कह चुका है कि वर्ष 2027-28 तक इसे प्रदेश में लागू करना मुश्किल है। कारण है कि सभी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने में अभी दो वर्ष लगने की उम्मीद है। बिना स्मार्ट मीटर के रात-दिन के लिए अलग-अलग दरों को व्यवस्था को नहीं लागू किया जा सकता। उद्योगों की तरह घरेलू सहित अन्य उपभोक्ताओं की बिजली के मामले में टीओडी (टाइम आफ डे) टैरिफ की व्यवस्था लागू होने पर 24 घंटे बिजली की दर एक समान न होकर अलग-अलग समय में कम-ज्यादा होती है। यह मौजूदा दर से 10 से 20 प्रतिशत तक महंगी या सस्ती हो सकती है। चूंकि आयोग ने नए रेगुलेशन में केंद्र सरकार व केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के सभी नियम-कानून को शामिल किया है इसलिए आरडीएसएस (संशोधित वितरण क्षेत्र योजना) के तहत तय ज्यादा लाइन हानियों का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा। बिजली चोरी के चलते लाइन हानियां के एवज में दरें बढ़ने पर कंपनियों को फायदा होगा। हालांकि, नए रेगुलेशन में कंपनियां के वास्तविक खर्चे को ही आयोग मंजूरी देगा। उतनी ही बिजली खरीदी जा सकेगी जितनी आयोग ने अनुमन्य की होगी। बिजली कंपनियों के मनमाने खर्चे पर अंकुश लगने से उनकी वित्तीय स्थिति में अब सुधार की उम्मीद भी जताई जा रही है। बिजली दरों में बढ़ोतरी से लेकर निजीकरण का करेंगे विरोध वर्मा उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का कहना है कि नियामक आयोग ने नए रेगुलेशन से बिजली महंगी होने का रास्ता खोल दिया है लेकिन दरों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए उपभोक्ता परिषद संघर्ष करेगा। वर्मा ने कहा नए रेगुलेशन से बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं के निकलने वाले 33,122 करोड़ रुपये के सरप्लस में कमी आएगी क्योंकि अब बिजली चोरी का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा। परिषद अध्यक्ष के अनुसार बिजली कंपनियों के मौजूदा वार्षिक राजस्व आवश्यकता के आकलन से उपभोक्ताओं पर बिजली कंपनियों का तीन से चार हजार करोड़ रुपये सरप्लस निकलने का अनुमान है। विदित हो कि पूर्व में आयोग ने बिजली चोरी से कारपोरेशन को होने वाले नुकसान की भरपाई उपभोक्ताओं से करने पर रोक लगा दी थी। परिषद अध्यक्ष ने कहा कि रात-दिन के लिए अलग बिजली दर को अभी दो-तीन वर्ष पावर कारपोरेशन ही लागू करने की स्थिति में नहीं है। जब कारपोरेशन इस संबंध में आयोग में प्रस्ताव दाखिल करेगा तब विरोध करेंगे क्योंकि इससे गरीब उपभोक्ताओं को ज्यादा नुकसान होगा।  

जस्टिस वर्मा के इलाहाबाद हाई कोर्ट में ट्रांसफर का नोटिफिकेशन जारी, नहीं काम आया विरोध

नई दिल्ली कैशकांड विवाद के बीच केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा का ट्रांसफर करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जस्टिस वर्मा का दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर किया गया है। जस्टिस वर्मा का ट्रांसफर किए जाने का इलाहाबाद हाई कोर्ट के वकील विरोध कर रहे हैं। होली वाले दिन जस्टिस वर्मा के दिल्ली स्थित घर में आग लग गई थी, जिसके बाद वहां से बड़ी मात्रा में नकदी मिली थी। मामला सामने आने के बाद जांच की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले में इन हाउस जांच करवा रहा है। साथ ही, कॉलेजियम ने जस्टिस वर्मा का ट्रांसफर भी कर दिया था, जिसको लेकर आज सरकार ने अधिसूचना भी जारी कर दी। जस्टिस वर्मा से इलाहाबाद हाई कोर्ट जाकर कार्यभार संभालने के लिए कहा गया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा के राष्ट्रीय राजधानी में स्थित सरकारी आवास पर 14-15 मार्च की रात आगजनी की घटना के दौरान कथित रूप से बेहिसाब धन मिलने के मामले में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस को निर्देश देने की गुहार वाली याचिका पर विचार करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने यह कहते हुए याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया कि इन-हाउस जांच पूरी हो जाने बाद सभी रास्ते खुले हैं। पीठ ने कहा कि चूंकि इन-हाउस जांच चल रही है, इसलिए इस स्तर पर इस रिट याचिका पर विचार करना उचित नहीं होगा। अगर जरूरत पड़ी तो देश के मुख्य न्यायाधीश प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दे सकते हैं। गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने 22 मार्च को इस मामले की जांच के लिए उच्च न्यायालय के तीन न्यायाधीशों की एक समिति गठित की थी, जो अपना काम कर रही है। पीठ ने याचिकाकर्ता मैथ्यूज जे नेदुम्परा से पूछा, ”हमने अर्जी देखी है कि हमें इस स्तर पर इस पर क्यों विचार करना चाहिए।” याचिकाकर्ता ने कहा कि जांच देश का काम नहीं है और आम जनता पूछता रहता है कि 14 मार्च को कोई प्राथमिकता क्यों दर्ज नहीं की गई। आग के दौरान कथित तौर पर मिले रुपये क्यों जब्त नहीं किए गए और दिल्ली फायर चीफ ने क्यों कहा कि कोई रुपया बरामद नहीं हुआ। हालांकि, अदालत तमाम दलीलें सुनने के बाद याचिका पर फिलहाल विचार करने से इनकार कर दिया।

उम्मीद और पुनर्जीवन का प्रतीक : मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना

आशा पटेल का जीवन फिर से मुस्कुराया   सक्ती, छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के अंतर्गत तहसील डभरा के निवासी 50 वर्षीय श्रीमती आशा पटेल, पति स्वर्गीय श्री सुरेश चन्द्र पटेल जो एक गृहणी हैं और अपने बच्चों के साथ रहती हैं। उनका जीवन कठिनाइयों से भरा रहा है। कुछ समय पहले, श्रीमती आशा पटेल को कैंसर से संबंधित बीमारी हो गई। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह इलाज करवाने में असमर्थ थी। यह समस्या उनके लिए जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष जैसी थी। उनकी बीमारी न केवल उनके शरीर को कमजोर कर रही थी बल्कि उनके परिवार की उम्मीदों को भी धूमिल कर रही थी। इसी दौरान, श्रीमती आशा पटेल को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत इस योजना के अंतर्गत आवेदन किया और योजना के तहत उन्हें सहायता राशि स्वीकृत की गई। इस आर्थिक सहायता से श्रीमती आशा पटेल ने ब्रेस्ट कैंसर का इलाज करवाया। इलाज सफल रहा, और आज श्रीमती आशा पटेल पूरी तरह स्वस्थ हैं। उनका कहना है कि यदि यह योजना नहीं होती, तो मैं अपना इलाज नहीं करवा पाती। मेरी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि मैं इतने बड़े खर्च को वहन कर सकती। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना ने न केवल मेरी जान बचाई, बल्कि मुझे और मेरे परिवार को नई जिंदगी दी है। आज श्रीमती आशा पटेल अपने जीवन को नए सिरे से जी रही हैं। उनकी कहानी अन्य जरूरतमंद लोगों के लिए प्रेरणा है, जो यह संदेश देती है कि सही समय पर मिली सरकारी सहायता से जीवन में कठिन से कठिन परिस्थिति का समाधान संभव है।   आशा पटेल कहती है उम्मीद और पुनर्जीवन का प्रतीक मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना ने न केवल उनके जीवन को बचाया, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि सरकार की योजनाएँ जरूरतमंदों के जीवन को बेहतर बना सकती हैं। श्रीमती आशा पटेल ने उनके जीवन में आए इस कठिन समय में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उन्हें इस योजना के माध्यम से सहयोग प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।           उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने तथा दुर्लभ बीमारियों के इलाज में होने वाले व्यय से बचाने हेतु राज्य शासन द्वारा संजीवनी सहायता कोष का विस्तार करते हुये मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना प्रारंम्भ करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत चिन्हित दुर्लभ बीमारियों के ईलाज के लिए राज्य के पात्र परिवारों को अधिकतम 25 लाख रूपए तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है। छत्तीसगढ़ ऐसा पहला राज्य है, जो इतनी बड़ी राशि राज्य के नागरिकों के इलाज हेतु प्रदान कर रही है, जिससे नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं तथा स्वस्थ और बेहतर छत्तीसगढ़ का निर्माण किया जा रहा है।

इंदौर शहर में 5 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापना कार्य पूर्ण

भोपाल मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी केंद्र एवं राज्य शासन की प्राथमिकता वाली स्मार्ट मीटर परियोजना का अत्यंत तेजी से प्रभावी रूप से संचालन कर रही हैं। शुक्रवार को इंदौर शहर में स्मार्ट मीटर स्थापना का आंकड़ा 5 लाख पार कर गया। इस उपलब्धि पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने पश्चिम क्षेत्र कंपनी के कार्मिकों को बधाई दी है। मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि स्मार्ट मीटर सेल के साथ ही जिलों की टीम स्मार्ट मीटर परियोजना का बहुत ही गंभीरता से संचालन कर गुणवत्ता से मीटर स्थापना, सटीक रीडिंग, डाटा कलेक्शन, त्रुटिरहित बिलिंग इत्यादि कार्य कर रही हैं। एमडी श्री सिंह ने बताया कि उपभोक्ता सेवाओं में वृद्धि करते हुए स्मार्ट मीटरीकरण तेजी से जारी हैं। इसी के तहत इंदौर शहर में 5 लाख 500 स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। यह संख्या मप्र के किसी भी शहर में सर्वाधिक हैं। इंदौर के बाद कंपनी क्षेत्र के उज्जैन जिले में 1.12 लाख, रतलाम जिले में 1.10 लाख स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। अन्य जिलों में 10 हजार से 55 हजार स्मार्ट मीटर स्थापित कर दिए गए हैं। कंपनी क्षेत्र में 11.46 लाख स्मार्ट मीटर स्थापना कार्य पूर्ण कर लिया गया है। वर्तमान में करीब ढाई से 3000 स्मार्ट मीटर प्रतिदिन लगाए गए हैं। स्मार्ट मीटर रूफ टॉप सोलर नेट मीटर एवं टाइम ऑफ द डे बिल प्रणाली में भी कारगार साबित होकर उपभोक्ताओं को रियायत दिला रहे हैं।  

रक्षा क्षेत्र में भारत हो रहा मजबूत, केंद्र सरकार ने दी सबसे बड़े रक्षा सौदे को मंजूरी, मिलेंगे 156 प्रचंड हेलीकॉप्टर

नई दिल्ली रक्षा के क्षेत्र में भारत लगातार मजबूत हो रहा है। इस बीच केंद्र सरकार ने एक और सबसे बड़े रक्षा सौदे को मंजूरी दी है। दरअसल, भारत ने 156 मेड इन इंडिया एलसीएच प्रचंड हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए अब तक के सबसे बड़े रक्षा सौदे को मंजूरी दे दी है। रक्षा अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की आज हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। रक्षा मंत्रालय ने इस वित्त वर्ष में 2.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। HAL को सबसे बड़ा ऑर्डर यहां पर ध्यान देने वाली बात है कि इस रक्षा मंजूरी की स्वीकृति के बाद यह हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के लिए अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर होगा और हेलीकॉप्टरों का निर्माण कर्नाटक के बेंगलुरु और तुमकुर स्थित उनके संयंत्रों में किया जाएगा। जानिए प्रचंड हेलिकॉप्टर की खासियत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा विकसित एलसीएच ‘प्रचंड’ विभिन्न हथियार प्रणालियों से लैस है। यह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दुश्मन के टैंक, बंकर, ड्रोन को नष्ट करने में सक्षम है। हेलीकॉप्टर में आधुनिक विशेषताएं, मजबूत कवच सुरक्षा और रात्रि में भी हमले की क्षमता है। यह दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन में भी काम करने में पूरी तरह सक्षम है। प्रचंड हवा से जमीन और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को दागने में भी सक्षम है और दुश्मन के हवाई रक्षा अभियानों को नष्ट कर सकता है। सरकार आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत मेक इन इंडिया के माध्यम से रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने के इरादे पर जोर दे रही है। पिछले साल हुआ था सेना में शामिल इसका उपयोग धीमी गति से चलने वाले विमानों और दूर से संचालित विमानों (आरपीए) के खिलाफ भी किया जा सकता है। एलसीएच ‘प्रचंड’ को पिछले साल थलसेना और वायुसेना में शामिल किया गया था।

राजस्थान पर्यटन को पर्यटन क्षेत्र की विभिन्न श्रेणियों में मिले तीन पुरस्कार

जयपुर, प्रदेश को पर्यटन क्षेत्र की विभिन्न श्रेणियों में तीन पुरूस्कारों से सम्मानित किया गया है। केन्द्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने राजस्थान के पर्यटन सचिव श्री रवि जैन को पुरूस्कार प्रदान कर किए। नई दिल्ली के ओबराय होटल में शुक्रवार को आयोजित इंडिया टूडे सर्वेक्षण और पुरूस्कार 2025 समारोह में पुरूस्कार ग्रहण करने के बाद पर्यटन सचिव श्री रवि जैन ने बताया कि जयपुर जिले के आमेर किले को बेस्ट हेरिटेज श्रेणी (सर्वश्रेष्ठ विरासत गंतव्य श्रेणी) में, कुंभलगढ़ को बेस्ट माउंटेन डेस्टिनेशन श्रेणी (सर्वश्रेष्ठ पर्वतीय गंतव्य श्रेणी) तथा बीकानेर का बेस्ट कलीनेरी डेस्टीनेशन श्रेणी (सर्वश्रेष्ठ पाक-कला) श्रेणी में यह तीन पुरूस्कार दिए गए हैं। इस अवसर पर सिक्किम में पर्यटन मंत्री, विभिन्न राज्यों के पर्यटन सचिव और पर्यटन अधिकारियों सहित राजस्थान पर्यटन के दिल्ली स्थित कार्यालय के सहायक निदेशक श्री छतरपाल यादव भी उपस्थित थे।

बाबरपुर का नाम बदलने की बात कही, नजफगढ़ के बाद दिल्ली में बदलेगा एक और नाम!: विधायक अजय महावर

नई दिल्ली दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद मुस्तफाबाद और नजफगढ़ जैसे इस्लामिक पहचान वाले नामों को बदलने की मांग जोर पकड़ चुकी है। मुस्तफाबाद का नाम बदलकर शिव विहार करने का प्रस्ताव विधानसभा में लाए जाने की तैयारी के बीच अब बाबरपुर का नाम बदलने की मांग भी उठ गई है। भाजपा विधायक अजय महावर ने कहा है कि वह इसके लिए विधानसभा में प्रस्ताव ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि बाबर एक लुटेरा और आक्रांता था वह हमारा हीरो कैसे हो सकता है। बाबरपुर विधानसभा सीट पर मुसलमानों की बड़ी आबादी है और 2015 से लगातार यहां ‘आप’ के गोपाल राय जीत रहे हैं। घोंडा विधानसभा सीट से विधायक अजय महावर ने एक से बातचीत में बाबरपुर का नाम बदलने की बात कही। महावर ने कहा, ‘बाबरपुर विधानसभा सीट का नाम बदलने की मांग मैंने पिछली सरकार के दौरान भी किया था। बाबर लुटेरा, आक्रांता, बर्बर था। वह हमारा हीरो कैसे हो सकता है। उसने भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या में जबरन बाबरी ढांचा बनाया था, उसका का नाम बदलकर फैजाबाद कर दिया था। नाम तो उसने बदला था।’ मोहनपुरी रखो या कलामपुरी: महावर यह पूछे जाने पर कि नया नाम क्या रखा जाए, अजय महावर ने कहा कि बाबरपुर का नाम मोहनपुरी कर सकते हैं या फिर अब्दुल कलाम के नाम पर अब्दुल कलामपुरी भी रख सकते है। महावर ने कहा कि किसी मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानी का भी नाम रखा जा सकता है। महावर ने कहा कि मोहन सिंह बिष्ट की ओर से लाए जा रहे प्रस्ताव पर यदि उन्हें बोलने का मौका मिला तो वह बाबरपुर का नाम बदलने का भी प्रस्ताव विधानसभा में रखेंगे। नजफगढ़ का नाम नाहरगढ़ करने की उठ चुकी मांग भाजपा की विधायक नीलम पहलवान नजफगढ़ क्षेत्र का नाम बदलकर ‘नाहरगढ़’ करने की मांग विधानसभा के पहले ही सत्र में उठा चुकी हैं। उन्होंने कहा था, ‘आलम-द्वितीय के समय में मुगल शासन के तहत नजफगढ़ को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। 1857 के विद्रोह के दौरान, राजा नाहर सिंह ने लड़ाई लड़ी और नजफगढ़ क्षेत्र को दिल्ली के क्षेत्र में शामिल किया। हम नजफगढ़ का नाम नाहरगढ़ कराने की लंबे समय से कोशिश कर रहे हैं। निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को पूरी उम्मीद है कि यह विधानसभा नाम बदलने के हमारे प्रयासों का समर्थन करेगी।’

अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया ई-आफिस प्रणाली का प्रशिक्षण

भोपाल शासन द्वारा समस्त शासकीय विभागों में ई-आफिस प्रणाली को लागू किया जाना है। ई-आफिस का प्रशिक्षण निरंतर जिला ई-गवर्नेंस सोसाइटी अंतर्गत निर्मित ई-दक्ष केंद्र भोपाल में दिया जा रहा है। इससे आधुनिक तकनीकी का उपयोग करके कार्यालयों का संचालन किया जा सकेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन ई-दक्ष केंद्र के वरिष्ठ प्रशिक्षक श्री रिंकेश जैन एवं प्रशिक्षक श्री अमित सराठे द्वारा किया जा रहा हैंl जिले में ई- ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर भोपाल के निर्देशानुसार जिला स्तर पर स्थित कार्यालयों में पदस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों को ई-कार्यालय प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभाग जैसे सामाजिक न्याय , खनिज संसाधन, सहकारिता विभाग, जिला लोक अभियोजन कार्यालय, परिवहन, खेल और युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन, योजना आर्थिक एवं सांख्यकी, महिला एवं बाल विकास भोपाल, उद्यानिकी, सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के विभिन्न कार्यालयों में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका हैंl प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 100 से अधिक अधिकारी, कर्मचारी सम्मिलित हो चुके हैं। ई-ऑफिस प्रणाली के विभिन्न modules जैसे डाक को diarise करना , सम्बंधित डाक के लिए Acknowledgement जनरेट करना, डाक को नोडल ऑफिसर को send करना, गलती से send की गयी डाक को pull back करना, एड्रेस बुक मेन्टेन करना, डाक को फाइल में Attach करना, ग्रीन / येलो नोट फाइल में जोड़ना, ड्राफ्ट तैयार करना, ड्राफ्ट को Approve करना, ड्राफ्ट को sign करना l eSign ,DSC Sign, Ink Sign की जानकारी, फाइनल आर्डर dispatch करना का विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा हैं । शेष सभी विभागों के जिला स्तरीय कार्यालयों हेतु प्रशिक्षण निरंतर संचालित किये जा रहे हैं l इसी क्रम में 28 मार्च को उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले शासकीय कॉलेज हेतु प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा हैं।

5वीं और 8वीं बोर्ड पेटर्न परीक्षाओं के परिणाम घोषित, कक्षा 5वीं में 92.70 एवं 8वीं में 90.02 प्रतिशत विद्यार्थी उत्‍तीर्ण

भोपाल   प्रदेश में स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षाओं का परिणाम शुक्रवार को जारी किया गया। राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र संचालक श्री हरजिंदर सिंह ने परीक्षा पोर्टल का रिजल्ट बटन क्लिक कर परिणाम घोषित किये। उन्‍होंने बताया कि प्रदेश में परीक्षा परिणाम 92.70 प्रतिशत रहा, जो कि, विगत वर्ष के परिणाम प्रतिशत 90.97 से लगभग 2 प्रतिशत अधिक है। वहीं कक्षा 8वीं का परीक्षा परिणाम 90.02 रहा है जो कि पिछले वर्ष के परिणाम प्रतिशत 87.71 से लगभग ढाई प्रतिशत अधिक रहा है। कक्षा- 5वीं में बालिकाओं के उत्तीर्ण होने का प्रतिशत 94.12 रहा जबकि बालकों के उत्‍तीर्ण होने का प्रतिशत 91.38 रहा। कक्षा 8वी में बालिकाओं के उत्तीर्ण होने का प्रतिशत 91.72 रहा जबकि बालकों के उत्‍तीर्ण होने का प्रतिशत 88.41 रहा है। 5वीं में शहडोल संभाग तथा डिण्‍डौरी जिला रहे अव्‍वल शुक्रवार को घोषित परीक्षा परिणामों में कक्षा 5वीं में टॉप 10 संभागों में शहडोल, चंबल, नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर, रीवा, उज्जैन और सागर क्रमश: रहे। वहीं कक्षा 5वीं के परिणामों में टॉप 10 जिले डिंडोरी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, अनूपपुर, झाबुआ, सीधी, सीहोर, अलीराजपुर और छिंदवाड़ा क्रमशः रहे। 8वीं में इंदौर संभाग तथा नरसिंहपुर जिला रहे अव्‍वल कक्षा 8वी के परीक्षा परिणामों में टॉप 10 संभाग इंदौर, नर्मदापुरम, शहडोल, चंबल, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा और सागर क्रमशः रहे। कक्षा 8वीं के परिणामों में टॉप 10 जिले क्रमशः नरसिंहपुर, अलीराजपुर, डिंडोरी, झाबुआ, बालाघाट, अनूपपुर, सीहोर, छिंदवाड़ा, बड़वानी, और मंडला रहे। लाखों लोगो ने देखा एक क्लिक पर अपना रिजल्‍ट संचालक श्री हरजिंदर सिंह ने बताया कि विद्यार्थी राज्य शिक्षा केंद्र की वेबसाइट https://www.rskmp.in/result.aspx पर अपना परीक्षा परिणाम देख सकते हैं। रिजल्ट जारी होते ही इस साइड पर प्रति मिनिट लगभग 70 हज़ार से अधिक विद्यार्थियों ने अपना परीक्षा परिणाम देखा। रिजल्‍ट लिंक पर परिणाम देखने में किसी भी विद्यार्थी या अभिभावक को कोई परेशानी न हो इस दृष्टि से राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र ने इस बार विशेष व्‍यवस्‍थाएं की थी। रिजल्‍ट लिंक पर अनेक सर्वर एक साथ जोडे गए थे। इनके माध्‍यम से लाखों लोगों ने बिना किसी परेशानी के एक साथ अपना परीक्षाफल देखा और डाउनलोड किया। असफल विद्यार्थियों को पुन: परीक्षा में मिलेगा अवसर संचालक श्री हरजिंदर सिह ने कहा कि हमारा प्रयास बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना एवं सीखने के लिए अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के स्तर की वस्तुस्थिति के सर्वाधिक आंकड़े विश्लेषण करने में मध्यप्रदेश देश भर में अग्रणी राज्य बनने जा रहा है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के बेटे-बेटियां अब कमजोर नहीं रह गए हैं। असफल हुए विद्यार्थियों के लिए जल्द ही पुन: परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। 1 लाख से अधिक स्‍कूलों के लगभग 23 लाख विद्यार्थियों ने दी है परीक्षा इस वर्ष इन परीक्षाओं में प्रदेश के 1 लाख 12 हजार 323 शासकीय और निजी विद्यालयों तथा मदरसों के लगभग 23 लाख विद्यार्थी इन परीक्षाओं में सम्मिलित हुए थे। जिनमें से 95 हज़ार 417 विद्यालय ग्रामीण तथा 16 हज़ार 906 विद्यालय शहरी क्षेत्रों के हैं। इनमें 86 हज़ार 553 शासकीय, 25 हज़ार 101 निजी विद्यालय एवं 669 मदरसे शामिल हैं। कक्षा 5वीं के कुल 11 लाख 17 हज़ार 961 विद्यार्थियों में से 8 लाख 24 हज़ार 598 ग्रामीण और 2 लाख 93 हज़ार 363 विद्यार्थी शहरी क्षेत्रों के हैं। वहीं कक्षा 8वीं के कुल 11 लाख 68 हज़ार 866 विद्यार्थियों में से 8 लाख 35 हज़ार 733 ग्रामीण और 3 लाख 33 हज़ार 133 विद्यार्थी शहरी क्षेत्रों के हैं। 12 हज़ार 623 केन्‍द्रों पर परीक्षा, 322 केन्‍द्रों पर मूल्‍यांकन उपरांत तैयार हुआ परीक्षा परिणाम राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र ने इस वर्ष संपूर्ण परीक्षा आयोजन सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कड़ी मेहनत और तकनीक स‍मर्थित रणनीति तैयार की थी। जिसके तहत प्रत्‍येक जिलें के लिए पृथक-पृथक प्रश्‍न-पत्रों के सेट तैयार किए गए थे। विद्यार्थियों की सुविधा अनुसार उनके स्‍कूलों के समीप ही 12 हज़ार 623 सर्व सुविधायुक्‍त विद्यालयों में परीक्षा केन्‍द्रों का निर्माण किया गया। बोर्ड पैटर्न पर उत्‍तर पुस्तिकाएं एक विकासखंड से दूसरे विकासखंड पर तथा जि़ले मुख्‍यालय की उत्‍तर पुस्तिकाएं जिले के डाइट केन्‍द्र पर मूल्‍यांकन हेतु भेजी गई थी। जिनके मूल्‍यांकन उपरांत 322 मूल्‍यांकन केन्‍द्रों से मोबाईल एप पर ऑनस्‍पॉट अंकों की प्रविष्टियां के बाद परीक्षा परिणाम तैयार हुआ है। संचालक राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र ने समयबद्धता के साथ एक पारदर्शी, लीकप्रूफ और सफल परीक्षा व्‍यवस्‍था के लिए विभाग के शिक्षकों और अन्‍य सहयोगियों का आभार व्‍यक्‍त किया है।  

सर्जरी के बाद नन्ही सिद्धि पूरी तरह स्वस्थ, आयुष्मान योजना बनी जीवन संवारने वाली संजीवनी

महासमुंद, महासमुंद ब्लॉक के ग्राम बरोंडाबाजार में 11 जनवरी 2024 को कार्तिक ध्रुव के घर नन्ही सी प्यारी बच्ची सिद्धि का जन्म हुआ। उनके आगमन से पूरे परिवार में अपार हर्ष और उल्लास का वातावरण छा गया। लेकिन जन्म के तुरंत बाद ही परिजनों ने सिद्धि के सिर पर असामान्य सूजन देखी, जिससे सभी चिंतित हो गए। परिवार ने तुरंत स्थानीय मितानिन और चिरायु टीम महासमुंद से संपर्क किया। डॉ. रूही नाज और सहयोगी डॉक्टर ने स्थिति को गंभीर मानते हुए बिना समय गंवाए उन्हें रायपुर के हायर सेंटर रेफर किया। रायपुर के डीकेएस अस्पताल में जांच के दौरान पता चला कि सिद्धि न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट और ऑब्स्ट्रक्टिव हाइड्रोसिफ़ेलस नामक गंभीर समस्या से ग्रसित है। डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी करने का निर्णय लिया और उनके स्कल में स्टंट डालकर ऑपरेशन किया गया। सर्जरी अत्यंत संवेदनशील थी, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कड़ी मेहनत और सही इलाज से यह पूरी तरह सफल रही। इस पूरे इलाज में 1.50 लाख रुपये का खर्च आया, जिसमें आयुष्मान योजना के तहत 1.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता ने परिवार को राहत प्रदान की। सर्जरी के बाद सिद्धि जब अपने घर लौटी, तो भी उनकी नियमित देखभाल जारी रही। चिरायु टीम महासमुंद, सीएमएचओ डॉ. कुदेशिया और आरबीएसके कंसल्टेंट अनुपम शर्मा के मार्गदर्शन में उनका सही इलाज हुआ। डॉक्टर अनिरुद्ध कसार की निगरानी में सिद्धि की सेहत में लगातार सुधार आता गया। आज सिद्धि पूरी तरह स्वस्थ है। वह हंसती, खेलती और अपनी मासूमियत से सभी को आनंदित कर रही है। माता-पिता की आँखों में संतोष और खुशी झलक रही है। आयुष्मान योजना ने जीवन संवारने वाली योजना को चरितार्थ कर दिया।

जिला पंचायत, भोपााल की साधारण सभा सामान्‍य प्रशासन समिति की बैठक सम्‍पन्‍न

भोपाल गुरूवार को जिला पंचायत अध्‍यक्ष श्रीमती रामकुंवर गुर्जर की अध्‍यक्षता में जिला पंचायत, भोपाल की साधारण की बैठक का आयोजन जिला पंचायत, सभागार में किया गया है। सर्वप्रथम सामान्‍य प्रशासन समिति की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जिला पंचायत की समस्‍त योजनाओं एवं उनसे संबंधित आय-व्‍यय की समीक्षा की गई। तत्‍पश्‍चात दोपहर साधारण सभा की बैठक आयोजित हई। बैठक में पूर्व की बैठक के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा की गई। चर्चा उपरांत सम्‍बन्धित विभाग प्रमुख द्वारा योजनाओं का विस्‍तृत प्रजेण्‍टेशन जनप्रतिनिधिगणों के समक्ष प्रस्‍तुत किया गया। बैठक में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती इला तिवारी द्वारा लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग को भीषण गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए पानी की व्‍यवस्‍था किये जाने के लिए निर्देशित किया। सदस्‍यगण द्वारा बंद पडी नल-जल योजनाओं को शीघ्र प्रारंभ करने एवं पाईप लाईन बिछाने के कारण क्षतिग्रस्‍त सडकों को ठीक कराये जाने के लिए अवगत कराया गया, जिसमें सीईओ जिला पंचायत द्वारा कार्यपालन यंत्री को उक्‍त कार्यवाही समय-सीमा में पूर्ण कराने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही मैदानी अमले का क्षेत्र में भ्रमण कर ग्रामीणजनों की समस्‍याओं का तत्‍काल निराकरण करने के निर्देश दिये। बैठक में उपाध्‍यक्ष श्री मोहन जाट द्वारा ग्राम कनेरा खुले पडे नल कनेक्‍शन के बारे में पीएचई विभाग को तत्‍काल कार्यवाही हेतु निर्देशित जिसमें पीएचई कार्यपालन यंत्री द्वारा टेस्टिंग कार्य पूर्ण होने के बाद उक्‍त कनेक्‍शन ठीक किये जाने हेतु अवगत कराया गया। इसके साथ ही बैरसिया क्षेत्र में बंद पडी हुई नल-जल योजनाओं में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के विरूद्व कार्यवाही किये जाने हेतु वरिष्‍ठ कार्यालय को प्रस्‍तावित किये जाने हेतु निर्देशित कहा गया। बैठक में उपाध्‍यक्ष मोहन जाट, एसीईओ शंकर पांसे, एपीओ संदीप श्रीवास्‍तव, विधायक प्रतिनिधि दीपक गुर्जर, सदस्‍य श्री अनुज विनय सिंह मेहर,विक्रम भालेश्‍वर, बिजिया विनोद राजौरिया, चन्‍द्रेश राजपूत, गंगा मिश्रीलाल मालवीय, रश्मि अवनीश भार्गव, देवकुंवर अनिल हाडा सहित विभिन्‍न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। इन विषयों पर की गई चर्चा शिक्षा विभाग – सीएम राईज स्‍कूल के निर्माण कार्यो की समीक्षा। स्‍कूटी एवं साईकल वितरण की समीक्षा। जर्जर शालाओं के लिए नवीन भवन निर्मित किये जाने के सम्‍बन्‍ध। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग – शासकीय अस्‍पतालो में महिला डॉक्‍टरों की सुनिश्चितता हो। शासकीय अस्‍पताल बैरसिया में पुष्‍पेन्‍द्र चौकीकर को अन्‍यत्र पदस्‍थ करने सम्‍बन्‍धी कार्यवाही हेतु सीएमएचओ को निर्देशित किया गया। विद्युत विभाग – बिजली के तारों की मरम्‍मत सुनिश्चित की जावे। लटके हुए तारो से आगजनी की दुर्घटना की संभावना रहती है ऐसे स्‍थानों पर तारों की मरम्‍मत की जावे। ग्रामीणजनों द्वारा बिजली बिल भरने के सम्‍बन्‍ध में असमर्थना व्‍यक्‍त की गई, जिसमें सदस्‍यों द्वारा बिजली विभाग के अधिकारियों को किसान की फसल विक्रय होने के बाद बिजली बिल भरे जाने हेतु अवगत कराया गया। वन विभाग- सदस्‍य विक्रम भालेश्‍वर ने वन विभाग की बहुत लंबे समय से बैठक आयोजित नही होने के सम्‍बन्‍ध में अवगत कराया। सदस्‍य विनय मेहर ने सलोई से उमरबाडी रोड खेत सडक की अनुमति वन विभाग से प्रदान करने के सम्‍बन्‍ध में अवगत कराया। सहकारिता विभाग- माननीय सदस्‍यों द्वारा गेंहू तुलाई केन्‍द्रों पर किसानों के लिए पीने के पानी, टेंट व्‍यवस्‍था किये जाने की मांग की गई, जिसके लिए सीईओ ने सम्‍बन्धित सहकारिता विभाग के अधिकारी को आवश्‍यक व्‍यवस्‍थाएं किये जाने हेतु निर्देशित किया। जल गंगा संवर्धन अभियान के विषय पर हुई चर्चा बैठक में सीईओ द्वारा समस्‍त जनप्रतिनिधिगण एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान प्रारंभ होने जा रहा है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में जल संग्रहण किये जाने के लिए जनप्रतिनिधिगण ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर ग्रामीणों को जागरूक करे।

नेपाल में उग्र हुए प्रदर्शनकारी, इमारतों को भी फूंका, लोकतंत्र नहीं चलेगा, राजशाही वापस लाओ

नेपाल नेपाल में राजशाही फिर से लागू करने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। इसे लेकर प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को एक इमारत को तोड़फोड़ की और फिर उसमें आग लगा दी। दरअसल, हिंदू राज्य की बहाली की मांग के लिए काठमांडू में आज प्रदर्शन बुलाया गया था जो जल्द ही हिंसक हो गया। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने सड़क किनारे इमारत की खिड़कियों को तोड़ दिया। तनाव तब और बढ़ गया जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर पत्थर फेंके, जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने आंसू गैस के गोले दागकर जवाबी कार्रवाई की। नेपाल पुलिस ने राजतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। पुलिस ने खाली गोलियां भी चलाईं। तिनकुने क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई, जहां हजारों प्रदर्शनकारियों ने ‘राजा आओ देश बचाओ’, ‘भ्रष्ट सरकार नीचे जाओ’ और ‘हमें राजतंत्र वापस चाहिए’ जैसे नारे लगाए। कई प्रदर्शनकारी अपने हाथ में नेपाल का राष्ट्रीय ध्वज और पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह की तस्वीरें लिए हुए थे। ये लोग जोर-जोर से नारेबाजी कर रहे थे और सड़कों पर दौड़ते हुए पत्थरबाजी की। झड़प में एक व्यक्ति घायल, कई हिरासत में मौके पर मौजूद शख्स ने बताया कि झड़प में एक व्यक्ति घायल हुआ है। जब प्रदर्शनकारियों ने प्रतिबंधित क्षेत्र न्यू बानेश्वर की ओर बढ़ने का प्रयास किया, तो पुलिस ने कई युवाओं को हिरासत में लिया। काठमांडू में सैकड़ों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। राजशाही के समर्थकों और विरोधियों के अलग-अलग प्रदर्शनों के कारण होने वाली झड़प बढ़ने की आशंका है। यह प्रदर्शन नवराज सुबेदी के नेतृत्व वाली संयुक्त आंदोलन समिति की ओर से आयोजित किया गया था, जिसमें विवादास्पद व्यवसायी दुर्गा प्रसाई ने समर्थकों को जुटाने का काम किया। राजेंद्र लिंगदेन के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी ने भी इस प्रदर्शन का समर्थन किया।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- क्षेत्र के विकास के लिए एकजुट होकर प्रयास करें तो सभी कार्य सफल होते है

भोपाल उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शहडोल जिले के धनपुरी नगर पालिका क्षेत्र में नगर पालिका द्वारा 25 करोड़ रुपए की लागत से 10.30 एकड़ भूमि में वाटर पार्क निर्माण व अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए एकजुट होकर प्रयास करें तो सभी कार्य सफल होते है। उन्होंने कहा कि धनपुरी नगर पालिका द्वारा बनाए जा रहे वॉटर पार्क, स्विमिंग पुल व अन्य विकास कार्यों से धनपुरी के लोग ही नहीं बल्कि शहडोल संभाग के लोग भी इससे लाभांवित होंगे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि धनपुरी नगर पालिका सशक्त नगर पालिका है और इसे अधिक विकसित करने का संकल्प लें और उसे पूरा करें। धनपुरी नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत 25 करोड़ की लागत से बनाए जाने वाले लगभग 10.30 एकड़ भूमि में वाटर पार्क, स्विमिंग पूल, क्लब हाउस, रैन डांस, रेस्टोरेंट, पार्किंग व अन्य विकास कार्य किए जाएंगे। विधायक श्री जयसिंह मरावी, विधायक श्रीमती मनीषा सिंह, अध्यक्ष नगर पालिका धनपुरी श्रीमती रविंदर कौर सहित स्थानीय जन प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

असफलता मिल रही तो खुद से कहें ये बातें

जब मनचाहा काम पूरा नहीं होता तो पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों ही जगह पर मुश्किलें आने लगती है। इंसान ज्यादा स्ट्रेसफुल महसूस करता है और कठिनाईयों में घिरा रहता है। ऐसे में केवल पॉजिटिव सोच और एटीट्यूड ही सफलता का रास्ता बनाती हैं। इन सिंपल पॉजिटिव चीजों को सोचने से आपकी फीलिंग्स से लेकर सोचने के तरीके और एक्शन में बदलाव आता है। जो सफलता का रास्ता तय करता है। खुद से ये बातें बोलें जो कॉन्फिडेंस बूस्ट करने में मदद करती हैं मैं अपने लक्ष्य पाने में समर्थ हूं खुद से इन बातों को जरूर बोलते रहें। ये केवल बातें नही है बल्कि आपको आपकी स्ट्रेंथ, कमियां और पोटेंशियल को याद दिलाने का तरीका है। जिससे आप मोटिवेटेड बने रहते हैं। मैं सफलता और लोगों का प्यार डिजर्व करता हूं अक्सर लोग काम या प्यार में असफल होने पर सोचते हैं कि वो इसके लायक ही नही थे। लेकिन अपने बारे में ऐसा बिल्कुल ना बोलें। पॉजिटिव एटीट्यूड सफलता के लिए रास्ता बनाते हैं। खुद से कहें कि आप भी सफलता डिजर्व करते हैं और लोग आपको प्यार जरूर करेंगे। मैं सम्मान पाने के काबिल हूं जब आप खुद पर भरोसा रखते हैं तो दूसरे भी भरोसा दिखाते हैं। अपने आप से कभी मत कहें कि आप काबिल नही है। आप सम्मान डिजर्व करते हैं। ऐसी बातें मन में रखने से ही आप काबिल बन पाएंगे। मन में पॉजिटिव बातें सोचने से ही वो हकीकत में बदलती हैं। इसलिए हमेशा अच्छी बातों पर गौर करना चाहिए और बुरी बातों को मन से निकाल देना चाहिए। ये बातें ना केवल सफलता दिलाती हैं बल्कि लाइफ में खुश रहने में मदद करती हैं।

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