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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी जिलों, नगर निगमों, परिषद और पंचायतों के हितग्राहियों को वर्चुअली किया संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के अलावा भी ऐसी जरूरतें होती हैं, जिनके लिए धनराशि जरूरी होती है। प्रसूति, बीमारी, दिव्यांगता और किसी अपने को खो देने जैसे मुश्किल समय में कई बार हम स्वयं को असहाय महसूस करते हैं। संबल योजना ऐसे ही मुश्किल वक्त में जरूरतमंद के आंसू पोछती है और उनको सहारा प्रदान करती है। राज्य सरकार प्रदेश के गरीब और श्रमिक वर्ग के कल्याण तथा उनका भाग्य बदलने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की भावना के अनुरूप अंत्योदय के कल्याण के संकल्प को प्रदेश में क्रियान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के अंतर्गत प्रदेश के 23 हजार 162 श्रमिक परिवारों के खातों में 505 करोड़ रूपए की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करने के बाद परिवारों को मंत्रालय से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 5 हितग्राहियों से वर्चुअली संवाद कर उनके परिजन के निधन पर संवेदनाएं प्रकट की। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल वर्चुअली शामिल हुए। प्रदेश के सभी जिलों, नगर निगमों, नगर परिषद और ग्राम पंचायतों के हितग्राही और जनप्रतिनिधि भी वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के श्रमिक परिवारों का अभिवादन करते हुए कहा कि परिश्रम से अपने और अपने परिवार का जीवन चलाने वाले श्रमिक ही प्रदेश के विकास की नींव हैं। परिश्रम से ही प्रतिभा निखरती है और आने वाली पीढ़ी के सुखद भविष्य का मार्ग भी बनता है। राज्य सरकार ने जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई के लिए पर्याप्त व्यवस्था की है। पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को स्कूटी और लैपटॉप देकर प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी प्रदेशवासियों का जीवन बेहतर हो। हर परिवार आनंद और वैभव के साथ सभी जीवन व्यतीत करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शुचिता- पारदर्शिता और दक्षता के साथ जनकल्याण और विकास के लिए कार्य कर रही है। संबल योजना का बैकलॉग भी समाप्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि संबल योजना में अब तक 6 लाख 58 हजार से अधिक परिवारों को 5 हजार 927 करोड़ रूपए से अधिक के हितलाभ दिए जा चुके हैं। राज्य सरकार ने गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स को असंगठित श्रमिक मानते हुए 01 मार्च 2024 से उन्हें संबल योजना में उन्हें शामिल करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना में शामिल किया गया है। श्रमिक बहनों को गर्भावस्था के समय काम पर न जाना पड़े और उन्हें पोषण भी मिलता रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने ऐसी बहनों को 16 हजार रूपए देने की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में श्रीमती अंजली रैकवार के पति के निधन पर 4 लाख रूपए तथा शेष चार हितग्राहियों को 2-2 रूपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से वर्चुअली संवाद में मंदसौर की श्रीमती अंजली रैकवार ने बताया कि इस सहायता से उन्हें पर्याप्त सहारा मिला और वे अब ब्यूटी पार्लर का कार्य सीख रही हैं। शहडोल की श्रीमती मन्नू ढीमर ने बताया कि वे छोटी किराना दुकान संचालित कर रही हैं। दतिया की श्रीमती कल्लन वाल्मीक, सीहोर की श्रीमती शिव कुमारी और खरगोन की श्रीमती प्रेमलता कर्मा ने बताया कि संबल योजना में मिली सहायता से परिवार के लालन-पालन और बच्चों की पढ़ाई में मदद मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में जुड़े सभी हितग्राहियों से लाड़ली बहना योजना, आयुष्मान योजना, खाद्यान्न पर्ची, उज्जवला योजना जैसी सभी कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने का आहवान किया। जरूरत के समय मदद करती है संबल योजना : मंत्री श्री पटेल श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का योजना के क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना वर्ष 2018 में प्रारंभ हुई थी। सरकार की यह योजना जरूरतमंदों की मदद करने वाली योजना है। योजना के प्रारंभ से अब तक 5 हजार 927 करोड़ रुपए का लाभ हितग्राहियों को मिल चुका है। उन्होंने कहा कि योजना में अनुग्रह सहायता योजना अंतर्गत श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपए की राशि, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपए की राशि दी जाती है। स्थाई अपंगता पर 2 लाख रुपए एवं आंशिक स्थाई अपंगता पर 1 लाख रुपए की राशि श्रमिक परिवारों को दी जाती है। आज के कार्यक्रम में कई जिले ऐसे हैं जहां हितग्राहियों को 10 करोड़ रुपए से अधिक की राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि औसतन प्रति माह 3.5 हजार प्रकरणों का निराकरण संबल योजना के तहत किया जाता है।  

राजस्थान दिवस महोत्सव के चौथे दिन हुआ विकास एवं सुशासन उत्सव का आयोजन, पंच गौरव पुस्तिका का हुआ विमोचन

जयपुर, राजस्थान दिवस महोत्सव के तहत हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान लोक प्रशासन अकादमी के भगवत सिंह मेहता सभागार में शुक्रवार को जिला स्तरीय विकास एवं सुशासन उत्सव का आयोजन हुआ। जिला प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में विकास के नए आयाम और सुशासन के नए प्रतिमान स्थापित किये हैं। यही कारण है कि राज्य सरकार ने डेढ़ साल से भी कम समय में जन आकांक्षाओं पर खरा उतरने का काम किया है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने हमारी गौरवशाली परंपरा एवं संस्कृति को एक बार फिर से अपना यथोचित सम्मान दिलाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि 30 मार्च 1949 को चार बड़ी रियासतों का विलय संयुक्त राजस्थान में किया गया था। वृहद् राजस्थान के गठन उपलक्ष्य में हम राजस्थान दिवस मनाते हैं, वह भारतीय नववर्ष की तिथि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को रेवती नक्षत्र इंद्रयोग की शुभ घड़ी में अस्तित्व में आया था। सौभाग्य से इस बार भी वही शुभ संयोग बन रहा है। इस साल से मुख्यमंत्री जी ने अब से हिन्दु नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही राजस्थान दिवस मनाये जाने का अभूतपूर्व एवं लोकप्रिय फैसला लिया है। वहीं, नगर निगम जयपुर हैरिटेज की महापौर श्रीमती कुसुम यादव ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की तस्वीर में विकास के रंग भरने का काम कर रही है। सरकार की लोक कल्याणकारी नीतियों से हर तबके, हर वर्ग को राहत पहुंची है। भीलवाड़ा में आयोजित राज्य स्तरीय विकास एवं सुशासन उत्सव को मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने संबोधित किया, जिला स्तरीय कार्यक्रम में मौजूद किसानों और जनप्रतिनिधियों ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए देखा। सुशासन समारोह में जिला प्रभारी मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने जयपुर जिले के पंच गौरव पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया एवं राजकीय योजनाओं के तहत उत्कृष्ट कार्य करने के लिए कार्मिकों को सम्मानित किया गया। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजनाओं के लाभार्थियों को योजना के तहत अंतिम किश्त का चेक भी सौंपा गया। कार्यक्रम में संभागीय आयुक्त श्रीमती पूनम, जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी, नगर निगम जयपुर हैरिटेज के आयुक्त श्री अरुण कुमार हसीजा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री मुकेश कुमार मूंड के साथ-साथ नगरीय विकास विभाग, सांख्यिकी विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों, लाभार्थियों ने शिरकत की। 

मुरैना के नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने वाली उप्र की छात्रा से जीजा-साले ने किया दुष्कर्म, छात्रा का किया गर्भपात, 7 पर FIR

मुरैना मुरैना के नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने वाली उप्र की छात्रा से जीजा-साले ने दुष्कर्म किया, जिससे छात्रा गर्भवती हो गई। छह माह की गर्भवती छात्रा का डरा-धमकाकर गर्भपात करा दिया गया। इस मामले में ग्वालियर के हजीरा थाने में सबलगढ़ बीएमओ (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) डॉ. राजेश शर्मा, उनकी पत्नी डॉ. मनु शर्मा (भाजपा नेत्री) के साथ-साथ आरोपित जीजा-साले सहित कुल सात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाली 23 वर्षीय छात्रा मुरैना के एबी रोड स्थित नर्सिंग कॉलेज में पढ़ती है। छात्रा के दोस्त अनूप रावत ने पुष्पेंद्र रावत से पहचान कराई। पीड़िता के अनुसार दोनों की फोन पर बातें होने लगीं। 28 मार्च 2024 को ग्वालियर में रहने वाले भतीजे के कमरे पर ले जाकर दुष्कर्म किया। मोबाइल से अश्लील वीडियो बना लिया। धमकी देकर 25 अप्रैल 2024 को मुरैना स्थित कमरे पर भी दुष्कर्म किया।   आरोपी के जीजा ने भी किया दुष्कर्म वह गर्भवती हो गई और पुष्पेंद्र से शादी करने को कहने लगी, तो पुष्पेंद्र ने बहनोई पान सिंह रावत को पूरी बात बताई। पान सिंह रावत उसे जौरा ले गया, जहां पुष्पेंद्र के बनाए गए वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उसने भी दुष्कर्म किया। आरोपी के परिजनों ने कराया गर्भपात वह छह महीने की गर्भवती हो गई, तब 26 अगस्त 2024 को पुष्पेंद्र के गांव श्योपुर जिले के विजयपुर थाना क्षेत्र के बरौठा गांव में गई। वहां पुष्पेंद्र के परिजन मिले, जिन्हें पेट में तेज दर्द की बात बताई। पुष्पेंद्र के परिजन ने 27 अगस्त को सबलगढ़ के संतर नंबर चार स्थित केडी हास्पिटल में भर्ती करवाया, जहां सबलगढ़ बीएमओ डॉ. राजेश शर्मा व डॉ. मनु शर्मा ने 28 अगस्त को गर्भपात किया। डॉक्टर दंपती ने दी फेल कराने की धमकी पीड़िता के अनुसार उसने गर्भपात से निकाले गए बच्चे व डॉक्टर का फोटो मोबाइल से ले ली। जिसके बाद डॉक्टर ने उसे धमकाया कि नर्सिंग कॉलेज के डॉयरेक्टर उसके परिचित हैं, वहां से फेल करवा देंगे। चुपचाप पढ़ाई पर ध्यान दो। नर्सिंग कॉलेज डॉ. राजेश शर्मा के ससुर का बताया गया है। सभी सात आरोपियों पर मामला दर्ज नर्सिंग छात्रा ने कोर्ट में याचिका लगाई थी। कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज हुआ है। दुष्कर्म से गर्भवती छात्रा के अनुसार इलाज के नाम पर उसका गर्भपात किया। मामले में डॉक्टर दंपती, दुष्कर्म के दो आरोपियों सहित कुल सात आरोपित हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं। -नागेंद्र सिंह सिकरवार, सीएसपी, ग्वालियर

सामंथा रूथ प्रभु ने कहा, ‘मेरे लिए सफलता का मतलब दायरों को तोड़ आगे बढ़ना’

मुंबई, साउथ फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु अपने विचारों के लिए फैंस के बीच काफी पसंद की जाती हैं। वह महिलाओं से संबंधित मुद्दों को प्रमुखता से उठाती हैं और उन्हें ऐसे मुद्दों को उठाने में एक सुकून महसूस होता है। हाल में उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि उनके लिए सफलता का असली मतलब क्या है? हाल ही में सिडनी के भारतीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफएस) के 11वें संस्करण के उद्घाटन समारोह में मुख्य भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री ने कहा कि महिलाओं के लिए सफलता का मतलब सिर्फ उपलब्धियां हासिल करना नहीं है, बल्कि रूढ़िवादिता और सामाजिक बंधनों से मुक्त होना है। सामंथा ने स्वतंत्रता को अपनाने, कई भूमिकाएं निभाने और महिलाओं को क्या करना चाहिए या क्या नहीं करना चाहिए, इस बारे में पुरानी धारणाओं को चुनौती देने के महत्व पर प्रकाश डाला। अभिनेत्री ने साझा किया, “मैंने पहले भी कहा है – मेरे लिए सफलता का मतलब दायरों को तोड़ आगे बढ़ना है। मैं दूसरों के यह कहने का इंतजार नहीं करती कि मैं सफल हूं। सफलता का मतलब है अपने जुनून को खुले मन से हासिल करना। यह किसी बॉक्स में नहीं रखा जाना चाहिए और यह नहीं बताया जाना चाहिए कि महिलाएं क्या कर सकती हैं या क्या नहीं?” सिडनी के पॉवरहाउस म्यूजियम में फेस्टिवल डायरेक्टर के नेतृत्व में आयोजित एक सत्र के दौरान, सामंथा ने अपनी निजी और पेशेवर यात्रा के बारे में भी खुलकर बात की। अभिनेत्री ने बताया कि कैसे उन्होंने बाधाओं का सामना किया और दृढ़ संकल्प के साथ अपने करियर को आकार दिया। सामंथा ने अपने निर्माता की भूमिका में आने के बारे में भी बात की। उन्होंने इसे एक सशक्त कदम बताया। उनके मुताबिक, यह उन्हें विविधतापूर्ण और सार्थक कहानियों को आगे बढ़ाने का अवसर देता है। फेस्टिवल डायरेक्टर मितु भौमिक लांगे ने कहा, “सामंथा की यात्रा सिडनी के भारतीय फिल्म महोत्सव के सार से जुड़ी है। यह फेस्टिवल भी प्रमाणिकता, दृढ़ता और विभिन्न मतों का जश्न मनाता है। हमें गर्व है कि इस साल सामंथा इसका नेतृत्व कर रही हैं।”  

शनि अमावस्या कल, कर लें ये काम, शनिदेव होंगे प्रसन्न

शनि अमावस्या एक विशेष तिथि होती है, जब अमावस्या और शनिवार का संयोग बनता है. इस दिन शनिदेव की विशेष पूजा-अर्चना करने से शनि दोष, साढ़े साती और ढैय्या से राहत मिलती है. यह दिन उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण होता है जिनकी कुंडली में शनि कमजोर या पीड़ित अवस्था में होता है. कब है शनि अमावस्या? पंचांग के अनुसार, इस साल शनि अमावस्या 29 मार्च को है. इसी दिन शनि देव कुंभ से मीन राशि में प्रवेश करेंगे. चैत्र माह की अमावस्या तिथि 28 मार्च को रात को 7 बजकर 55 मिनट पर प्रारंभ होगी. वहीं इस तिथि की समाप्ति 29 मार्च को शाम 4 बजकर 27 मिनट पर हो जाएगी. ऐसे उदया तिथि के अनुसार, शनि अमावस्या 29 मार्च रहेगी. ये इस साल की पहली शनि अमावस्या है. इस दिन साल का पहला सूर्यग्रहण भी लगने जा रहा है शनि अमावस्या पर किए जाने वाले उपाय     शनिदेव को सरसों का तेल, काले तिल और उड़द की दाल अर्पित करें.”     ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें.     पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक जलाएं.     हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी को चमेली का तेल अर्पित करें.     गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े और तेल का दान करें. शनि अमावस्या पर सूर्य और शनि के मंत्रों का जाप करें     ॐ शं शनैश्चराय नमः शनि मंत्र का जाप करें     ॐ घृणिः सूर्याय नमः सूर्य मंत्र का जाप करें शनि अमावस्या का महत्व शनि अमावस्या के दिन शनिदेव की पूजा करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है. यह दिन शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव को कम करने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है. अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित है, इसलिए शनि अमावस्या पर पितरों की शांति के लिए भी पूजा की जाती है. शनिदेव कर्मों के न्यायाधीश माने जाते हैं, इसलिए इस दिन अच्छे कार्य करने से शुभ फल मिलता है. यदि किसी की कुंडली में शनि अशुभ स्थिति में है, तो इस दिन पूजा करने से शांति मिलती है.

रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के शोध शिखर विज्ञान पर्व 2025 में प्रमुख वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

भोपाल रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय और सहयोगी संस्थाओं द्वारा अंतर्राष्ट्रीय शोध और नवाचार सम्मेलन शोध शिखर 2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस वर्ष इस कार्यशाला का विषय ‘विकसित भारत-नया भारत’ है। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि श्री अतुल कोठारी, राष्ट्रीय सचिव, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास उपस्थित रहे। साथ ही विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ. नम्रता पाठक, वैज्ञानिक-जी, एनजीपी और एसएमपी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (DST), डॉ. अरविन्द रानाडे, नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन, अहमदाबाद, डॉ. अमिताभ मिश्रा, डीजेएम और हेड (बायो-फार्मा), राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे ने की। कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत करते हुए डॉ. रचना चतुर्वेदी ने बताया कि शोध शिखर युवाओं को शोध तथा नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत तथा अन्य राष्ट्रीय विकास की योजनाओं को जोड़ने की एक अनोखी पहल है।शोध शिखर के अंतर्गत अनुशोधन व नवनिर्माण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है जिसमें विद्यार्थी व शोधार्थी शोध पत्रों व शोध प्रोजेक्ट प्रस्तुत करते हैं। यह महोत्सव सस्टेनेबल डेवलवमेंट गोल, लोकल टू ग्लोबल, नई शिक्षा नीति, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, ग्रीन इंडिया, जैसे राष्ट्रीय मिशन में शोध के माध्यम से योगदान को प्रोत्साहित करने के लिए मंच प्रदान करता है। हम समाज के प्रवाह के साथ चलकर ही समाज को कुछ दे सकते हैं : डॉ. अमिताभ मिश्रा  डॉ. अमिताभ मिश्रा ने अपने उद्बोधन में बताया कि हिक्स कंपनी द्वारा विकसित एक नवाचारी थर्मामीटर जानकारी साझा की। इस थर्मामीटर का उद्देश्य आने वाली पीढ़ी के लिए एक उपयोगी और तकनीकी दृष्टिकोण से प्रभावी समाधान प्रदान करना था। डॉ. मिश्रा ने इस थर्मामीटर के पीछे के विचार को साझा करते हुए कहा, हम समाज के प्रवाह के साथ चलकर ही समाज को कुछ दे सकते हैं। हिक्स कंपनी ने यह थर्मामीटर इस सोच के साथ विकसित किया था कि यह समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। ऐसे नवाचारों के माध्यम से हम न केवल तकनीकी क्षेत्र में कदम बढ़ा सकते हैं, बल्कि समाज के हर पहलू में सकारात्मक बदलाव भी ला सकते हैं। कार्यक्रम में रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के योगदान को भी सराहा गया, जहां डॉ. मिश्रा ने विश्वविद्यालय के प्रति अपनी उम्मीद व्यक्त की। उन्होंने कहा, “मैं रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में इस स्पार्क को देखता हूँ, और मुझे पूरा यकीन है कि यह विश्वविद्यालय समाज और देश को आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण योगदान देगा।” रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय का विजन 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान : श्री अरविंद रानाडे अरविंद रानाडे ने विजन 2047 के संदर्भ में सरकार की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है और आने वाले वर्षों में यह विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों और समाज को सशक्त बनाने के लिए कई नई योजनाओं और पहलुओं पर काम कर रहा है। श्री रानाडे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, विजन 2047 केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक दृष्टिकोण है, जिसमें हम भारत को अगले 25 वर्षों में एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और प्रौद्योगिकियों से लैस राष्ट्र के रूप में देखेंगे। मुझे खुशी है कि रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय इस विजन को साकार करने के लिए शिक्षा, अनुसंधान, और नवाचार के क्षेत्रों में लगातार प्रयास कर रहा है। राष्ट्र की उन्नति के लिए युवाओं को रिसर्च और इनोवेशन से जोड़ना होगा : डॉ. नम्रता पाठक श्रीमती नम्रता पाठक ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विभाग विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उनका मानना है कि वैज्ञानिकों को सहयोग प्रदान करके ही राष्ट्र की उन्नति संभव है। श्रीमती नम्रता पाठक ने कहा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह विभाग विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवा वैज्ञानिकों को प्रेरित कर रहा है और उन्हें रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में अवसर प्रदान कर रहा है।” उन्होंने यह भी बताया कि DST के कई कार्यक्रम युवाओं को नवीनतम शोध, तकनीकी विकास और नवाचार के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, जो आने वाले समय में देश के लिए बेहद फायदेमंद साबित होंगे। शोध के लिए विचार प्रक्रिया और अनुसंधान में मातृभाषा को महत्व देना चाहिए: डॉ अतुल कोठारी डॉ. अतुल कोठारी ने अपने उद्बोधन में शोध और शिक्षा के लिए मातृभाषा के महत्व पर जोर दिया। उनके अनुसार, जब शोधकर्ता अपनी मातृभाषा में विचार करते हैं और लिखते हैं, तो वे अपने विचारों को अधिक स्पष्ट और सटीक रूप से व्यक्त कर पाते हैं, जिससे अनुसंधान का स्तर और प्रभाव बढ़ता है। डॉ. कोठारी ने यह भी कहा कि मातृभाषा को अनुसंधान की प्रक्रिया में शामिल करने से न केवल विचारों की स्पष्टता बढ़ती है, बल्कि यह भी सुनिश्चित होता है कि समाज के विभिन्न वर्गों तक शोध का प्रभाव पहुंचे। उनके मुताबिक, शोधकर्ताओं के लिए अपनी मातृभाषा में अनुसंधान करना और उसे साझा करना एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल व्यक्तिगत समझ को सशक्त बनाता है, बल्कि समाज में विज्ञान और ज्ञान के प्रसार को भी बढ़ावा देता है।

बस्तर की जीवनशैली में जनजातीय गीत-संगीत, नृत्य और खानपान अनूठी पहचान : वन मंत्री केदार कश्यप

जनजातीय व्यंजन, आभूषण, वेशभूषा और शिल्पकला का हुआ भव्य प्रदर्शन   रायपुर, वन एवं जलवायु परिर्वतन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य की चहुमुखी विकास हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार राज्य के आदिवासी संस्कृकति लोक कलाओं एवं लोक परंपराओं सहित बस्तर की संस्कृति को संरक्षण और संवर्धन करने की दिशा में बेहतर काम कर रही है इससे बस्तर की लोक संस्कृति को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिली है। मंत्री श्री कश्यप ने जिला कोण्डागांव में आयाजित ‘बस्तर पंडुम’ प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। इस आयोजन में जिले के पांचों विकासखंडों से आए लोक कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से जनजातीय संस्कृति को जीवंत बना दिया। वहीं जनजातीय व्यंजन, आभुषण, वेशभूषा और शिल्पकला का भव्य प्रदर्शनी लोगों में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।  वन मंत्री कश्यप ने कहा कि बस्तर की जीवनशैली में जनजातीय गीत-संगीत, नृत्य और खानपान अनूठी पहचान है।  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस विलुप्त होती लोकसंस्कृति को ‘बस्तर पंडुम’ के माध्यम से संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की ओर बढ़ रहा है, जिससे विकास के नए द्वार खुलेंगे और बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश-दुनिया में पहचान मिलेगी।  उन्होंने कहा कि बस्तर के कोदो, कुटकी और रागी जैसे पोषक अनाजों को अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘बस्तर पंडुम’ नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति को समझने और अपनाने का अवसर देगा।  कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने जानकारी दी कि जिला स्तरीय आयोजन में विकासखंड स्तर पर चुने गए आठ विधाओं के विजेता प्रतिभागी शामिल हुए हैं। यहां से चयनित प्रतिभागी संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से बस्तर की संस्कृति को नई पहचान मिल रही है।

गर्मियों में आपकाे जरूर करना चाह‍िए शहतूत का सेवन

गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। गर्मी ने अपना प्रचंड रूप भी द‍िखाना शुरू कर दि‍या है। अभी धूप के तेवर और भी तल्‍ख होंगे। मौसम व‍िभाग ने भी इस बार भीषण गर्मी पड़ने की चेतावनी जारी की है। गर्मी के मौसम में सेहतमंद रहने के ल‍िए खानपान का अध‍िक ख्‍याल रखना पड़ता है। ऐसे में लोग ऐसी चीजें खाना पसंद करते हैं जो शरीर को ठंडक पहुंचाने में मददगार है। कई लोग मौसमी फल खाते हैं जि‍नमें पानी की मात्रा अध‍िक होती है। वहीं कुछ लोग दही, लस्‍सी, छाछ, नार‍ियल का पानी पीते हैं। आप चाहें तो एक बार शहतूत ट्राई कर सकते हैं। ये खाने में भी बेहद स्‍वाद‍िष्‍ट होते हैं। ये आसानी से मुंह में घुल जाता है। आपको बता दें क‍ि शहतूत में विटामिन ए, विटामिन सी, आयरन, पोटैशियम, फॉस्फोरस और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। आइए इनके फायदों के बारे में व‍िस्‍तार से जानते हैं- खूबसूरती भी न‍िखारे आजकल लोगों में डार्क सर्कल या बाल झड़ने की समस्‍या बढ़ गई है। शहतूत एक ऐसा फल है जेा आपको इन समस्‍याओं से राहत द‍िला सकता है। ये स्‍क‍िन और बालों के ल‍िए बेहद लाभकारी माने जाते हैं। ये त्‍वचा को रूखेपन से बचाता है। वहीं बालों में नेचुरल शाइन लाने में भी मददगार है। इससे आपके बालों का झड़ना भी बंद हो जाता है। माइग्रेन और सिरदर्द से द‍िलाए राहत गर्मियों में लू और तेज धूप आपके स‍िरदर्द को बढ़ा सकती है। ऐसे में आपको शहतूत को अपनी डाइट में जरूर शाम‍िल करना चाह‍िए। इससे माइग्रेन की समस्‍या से भी छुटकारा म‍िलता है। ये शरीर को ठंडक प्रदान करने में भी मददगार है। डिहाइड्रेशन से बचाए शहतूत में पानी की अच्छी मात्रा होती है। ये शरीर को हाइड्रेट रखने में मददगार है। आप रोजाना अपनी डाइट में शहतूत को शाम‍िल कर सकते हैं। हीट स्ट्रोक से बचाए गर्मियों में लू लगने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। शहतूत के ठंडक देने वाले गुण शरीर के तापमान को कंट्रोल में रखते हैं। इसके अलावा ये हीट स्ट्रोक के खतरे को भी कम करने में मददगार हैं। आंखों की रोशनी बढ़ाए गर्मी में आंखों में जलन होना आम बात है। शहतूत में विटामिन ए और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो आंखों की रोशनी बढ़ाने और ड्राई आई सिंड्रोम से बचाने में मदद करते हैं। लिवर की करे सफाई गर्मी में ऑयली या मसालेदार खाना खाने से लिवर पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में शहतूत डिटॉक्सिफाइंग फूड की तरह काम करता है और लिवर को साफ रखता है। पेट की समस्याओं से द‍िलाए राहत गर्मियों में अक्सर पेट में जलन, एसिडिटी, कब्‍ज और गैस की समस्या बढ़ जाती है। शहतूत फाइबर से भरपूर होता है, जिससे पाचन दुरुस्त रहता है और पेट की समस्याएं कम होती हैं।

म्यांमार में भूकंप के पहले झटके के 12 मिनट के बाद ही दूसरा झटका आया, भारी तबाही, बैंकॉक और मांडले में आपातकाल

म्यांमार म्यामांर में शुक्रवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं. भूकंप की तीव्रता 7.7 थी। भूकंप के झटकों से सैकड़ों मील दूर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में एक निर्माणाधीन मकान गिर गया. इसमें अभी भी 43 मजदूर फंसे हुए हैं। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक़ म्यांमार में भूकंप के पहले झटके के 12 मिनट के बाद ही दूसरा झटका आया. दूसरे भूकंप की तीव्रता 6.4 थी. इस भूकंप का केंद्र सागाइंग से 18 किलोमीटर दक्षिण में था। म्यांमार के दूसरे बड़े शहर मांडले में बचाव दल के एक कर्मचारी ने बीबीसी को बताया कि भूकंप से भारी तबाही हुई है और सैकड़ों लोगों के मरने की आशंका है। अधिकारियों ने बताया कि बैंकॉक में एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत भूकंप के झटकों से भरभराकर ढह गई। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में एक बहुमंजिला इमारत धूल के गुबार के बीच ढहती नजर आ रही है और वहां मौजूद लोग चीखते-चिल्लाते हुए भाग रहे हैं। इमारत के मलबे में 40 से अधिक मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। पुलिस ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि वे बैंकॉक के ‘चटुचक मार्केट’ के पास स्थित घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य कर रहे हैं शुरुआती खबरों के अनुसार, अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और जर्मनी के जीएफजेड भूविज्ञान केंद्र ने बताया कि दोपहर को यह भूकंप 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर आया, जिसका केंद्र पड़ोसी देश म्यांमार में था। म्यांमार में भूकंप के प्रभाव की तत्काल कोई खबर नहीं है। ग्रेटर बैंकॉक क्षेत्र की आबादी 1.70 करोड़ से अधिक है जिनमें से कई लोग ऊंची इमारतों वाले अपार्टमेंट में रहते हैं। दोपहर करीब डेढ़ बजे भूकंप आने पर इमारतों में अलार्म बजने लगे और घनी आबादी वाले मध्य बैंकॉक की ऊंची इमारतों एवं होटल से लोगों को बाहर निकाला गया। भूकंप इतना शक्तिशाली था कि कुछ ऊंची इमारतों के अंदरूनी हिस्सों में ‘स्वीमिंग पूल’ में पानी में लहरें उठती दिखीं।    नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के डायरेक्टर डॉ. ओ.पी. मिश्रा ने शुक्रवार को म्यांमार में आए छह भूकंपों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये भूकंप सबसे लंबी फॉल्ट लाइन, सागांग फॉल्ट पर आए थे। सागांग फॉल्ट लगभग 1200 किलोमीटर तक फैली हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि रिक्टर स्केल पर 7 से ऊपर की तीव्रता का यह पहला भूकंप नहीं था। मीडिया से बात करते हुए मिश्रा ने कहा, “यह म्यांमार के सबसे लंबे फॉल्ट, सागांग फॉल्ट में हुआ। इसकी लंबाई 1200 किलोमीटर है। इस फॉल्ट ने अतीत में 7 से अधिक तीव्रता के कई भूकंप उत्पन्न किए हैं। यह 7 तीव्रता का पहला भूकंप नहीं है।” उन्होंने आगे बताया कि भूकंप की गहराई 20 से 30 किलोमीटर के बीच थी, जो कि उथली श्रेणी में आती है। इसका मतलब है कि भूकंप जमीन के ज्यादा नीचे नहीं था। इससे सतह पर ज्यादा नुकसान होने की आशंका रहती है। भूकंप का केंद्र जमीन के जितना करीब होता है, नुकसान उतना ही ज्यादा होता है। इसलिए, इस भूकंप से भी नुकसान हो सकता है। म्यांमार के नायपीडॉ शहर में शुक्रवार को एक शक्तिशाली भूकंप आया। भूकंप के कारण शहर में तबाही मची हुई थी। नायपीडॉ के सबसे बड़े अस्पताल के इमरजेंसी विभाग के बाहर घायलों की पंक्तियाँ लगी हुई थीं। कई पीड़ित दर्द से कराह रहे थे, तो कुछ धूल और खून से लथपथ सदमे में बैठे थे। सड़कों के टूटने और तारकोल के उखड़ने के बाद लगातार घायल आ रहे थे। कुछ लोग कारों और पिकअप ट्रकों में आ रहे थे, तो कुछ को स्ट्रेचर पर लाया जा रहा था। अस्पताल के एक अधिकारी ने पत्रकारों को इलाज क्षेत्र से चले जाने के लिए कहते हुए कहा, “यह एक मास कैजुअल्टी एरिया है।” अस्पताल के अधिकारी ने यह बात इसलिए कही क्योंकि वहाँ बहुत सारे घायल लोग थे। 1,000-बेड वाले अस्पताल को भी काफी नुकसान हुआ था। हिंसक झटकों से इमरजेंसी विभाग के कुछ हिस्से ढह गए। प्रवेश द्वार पर गिरी कंक्रीट के नीचे एक कार दब गई।

महिला के साथ कार में आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए कॉन्स्टेबल, आपत्तिजनक वीडियो वायरल, SP ने कर दिया सस्पेंड

नई दिल्ली राजस्थान के जालौर जिले में एक पुलिस कांस्टेबल का महिला के साथ आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया है। यह घटना सरवाना पुलिस थाने में तैनात कांस्टेबल हनुमान राम से जुड़ी है, जो एक महिला के साथ कार में आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए। जानकारी के मुताबिक, महिला कॉन्सटेबल की गर्लफ्रेंड बताई जा रही है। गुड़ामालानी क्षेत्र के एक गांव में हाइवे किनारे खड़ी स्विफ्ट कार में संदिग्ध गतिविधियों को देखकर ग्रामीणों को शक हुआ। जब वे पास पहुंचे, तो उन्होंने कांस्टेबल और महिला को आपत्तिजनक हालत में पाया। ग्रामीणों ने इस घटना के वीडियो बना लिए और हंगामा किया। SP ने कर दिया सस्पेंड वीडियो वायरल होने के बाद, जालौर के पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कांस्टेबल हनुमान राम को तत्काल निलंबित कर दिया। इसके साथ ही, सांचौर के डिप्टी एसपी कांबले शरण गोपीनाथ को मामले की जांच सौंपी गई है।   इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और विभाग की छवि पर सवाल उठे हैं। कांस्टेबल हनुमान राम करीब चार साल पहले उदयपुर से जालौर स्थानांतरित हुए थे और विभिन्न थानों में तैनात रहे हैं। फिलहाल वे सांचौर के सरवाना थाने के अंतर्गत डूंगरी पुलिस चौकी में पदस्थ थे। यह पहली बार नहीं है जब पुलिसकर्मियों से जुड़ी आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुई है। पहले भी सोशल मीडिया पर धोखाधड़ी और अश्लील वीडियो के मामलों में पुलिसकर्मी संलिप्त पाए गए हैं, जिससे विभाग की साख पर असर पड़ा है।

अवैध तरीके से घुसपैठ करने वाले किसी घुसपैठिए के लिए भारत अब कोई ‘खाला’ का घर नहीं होगा: केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ‘आप्रवास और विदेशी विषयक विधेयक, 2025′ पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि किसी घुसपैठिए के लिए भारत अब ‘खाला’ (मौसी) का घर नहीं होगा। दरअसल, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को लोक सभा में आप्रवास और विदेशियों से संबंधित विधेयक, 2025 पर चर्चा का जवाब दिया। चर्चा के बाद सदन ने इस विधेयक को पारित कर दिया। ‘नई आव्रजन नीति देश के लिए गौरव की बात है’ केशव प्रसाद मौर्य ने अपने आधिकारिक “एक्स” खाते पर एक पोस्ट में कहा कि “अवैध तरीके से घुसपैठ करने वाले किसी घुसपैठिए के लिए भारत अब कोई ‘खाला’ का घर नहीं होगा।” उपमुख्यमंत्री ने इसी पोस्ट में कहा, “यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में नए भारत की नई आव्रजन नीति ने अंग्रेजों के जमाने के आव्रजन संबंधी कानून का चोला उतार दिया है। नए भारत की नई आव्रजन नीति देश के लिए गौरव की बात है।” ‘विपक्षी दल नई नीति से हक्का-बक्का रह गए’ मौर्य ने कहा, ‘गृह मंत्री अमित शाह इसे अंजाम तक पहुंचाने के लिए बधाई के पात्र हैं। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए यह बहुत जरूरी था। घुसपैठ कराने वाले विपक्षी दल इस नई नीति से हक्का-बक्का रह गए हैं।”

सिलीगुड़ी में रोजगार की मांग करते हुए DYFI का विरोध प्रदर्शन, पुलिस ने दागे आंसू गैस गोले, लाठीचार्ज भी किया

सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां पर डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प देखने को मिली है। बताया जा रहा है कि डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के कार्यकर्ताओं ने राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाया है और इसके खिलाफ मोर्चा खोला है। डीवाईएफआई कार्यकर्ता शुक्रवार को राज्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए और रोजगार की मांग करते हुए उत्तरकन्या की ओर विरोध मार्च निकाल रहे थे। इस मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग की। डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं पर दागे गए आंसू गैस के गोले कार्यकर्ताओं ने पहले ही इस प्रदर्शन को लेकर चेतावनी दी थी। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को उत्तरकन्या तक जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। जब कार्यकर्ता पुलिस की बैरिकेडिंग पर नहीं रूके तो सुरक्षाकर्मियों ने डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले दागे। ये कार्यकर्ता राज्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए और रोजगार की मांग करते हुए उत्तरकन्या, मिनी सचिवालय की ओर विरोध मार्च निकाल रहे थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड्स लगा दिए। प्रदर्शनकारियों ने क्या कहा? DYFI द्वारा किए जा रहे विरोध मार्च पर एक प्रदर्शनकारी रत्ना चौबे ने कहा कि युवा शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे। हम उनके साथ मौजूद थे। जिस तरह से पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों को पीटा। DYFI की मीनाक्षी को गिरफ्तार किया गया। हमारी तरफ से कोई हिंसा नहीं हुई, यह सब शांतिपूर्ण था। युवा बेरोजगारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस को इस बारे में जानकारी थी, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार एक बड़ा मुद्दा है। जल्द शुरू होगी आवाजाही उल्लेखनीय है कि डीवाईएफआई के विरोध मार्च पर सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डीसीपी राकेश सिंह ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। अब स्थिति शांतिपूर्ण है। यातायात की नियमित आवाजाही जल्द ही फिर से शुरू हो जाएगी।

राजस्थान को समृद्ध और विकसित बनाने के लिए हम कृतसंकल्पित : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास हमारे लिए सुशासन का मंत्र है। विकास और सुशासन के इस संकल्प में जनता का साथ हमारी ताकत है। उन्होंने कहा कि हम राजस्थान को एक समृद्ध और विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। श्री शर्मा शुक्रवार को भीलवाड़ा में राजस्थान दिवस कार्यक्रम के तहत आयोजित विकास एवं सुशासन उत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राजस्थान के एकीकरण में अपना अमूल्य योगदान देने वाली महान विभूतियों को, विशेष रूप से लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी को नमन करते हुए कहा कि उनके अथक प्रयासों के कारण ही राजपूताना की रियासतों का एकीकरण संभव हो सका। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अब से हर साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर ही राजस्थान दिवस मनाने का निर्णय किया है।   आमजन को मिली ये सौगातें मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण योजनाओं के दिशा-निर्देश जारी करने के साथ ही 10 हजार करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने नगरीय विकास विभाग से संबंधित डेलीगेशन के आदेश, फायर एनओसी प्राप्त करने की प्रक्रिया के सरलीकरण, नए जिलों में डीएमएफटी के गठन, हरित अरावली विकास परियोजना, अन्नपूर्णा भण्डार, रजिस्ट्रार कार्यालय सप्ताह में 2 दिन सुबह 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक खुलने के दिशा-निर्देश जारी किए। इस अवसर पर सभी जिलों की पंचगौरव पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। इससे स्थानीय क्षमताओं और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। मरीज को मिलेगा घर बैठे अपॉइंटमेंट श्री शर्मा ने कहा कि पत्रकार हमारे लोकतंत्र के प्रहरी और चौथा स्तंभ हैं। विकसित राजस्थान के सपने को साकार करने में उनकी भूमिका अहम है। उनके श्रम और समर्पण को सम्मान देते हुए हमारी सरकार ने पत्रकार हेल्थ कवरेज (आरजेएचएस) योजना का शुभारंभ किया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए चिकित्सा ऐप लॉन्च किया गया है। इससे मरीज घर बैठे मोबाइल से अपॉइंटमेंट ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय शहरी विकास योजना के आज जारी हुए दिशा-निर्देश शहरों को और अधिक समृद्ध और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पिछली सरकार का शासन था भ्रष्टाचार का पर्याय मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के शासन में महिला उत्पीड़न, पेपर लीक की घटनाएं, बिजली की किल्लत, जल जीवन मिशन में घोटाले, ईआरसीपी के नाम पर राजनीति एवं आर्थिक कुप्रबंधन जैसे मामलों से प्रदेश अराजकता और अव्यवस्था की गिरफ्त में रहा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में केवल जनता को दिखाने के लिए इन्वेस्टमेंट समिट किया था। जबकि हमारी सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले ही साल में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया। साथ ही, इस समिट में हुए एमओयू को भी धरातल पर उतारा जा रहा है। हमने राज्य में बढ़ाई विकास की रफ्तार श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान विकास की पटरी पर तेजी से दौड़ रहा है। हमारी सरकार किसान, युवा, मजदूर, महिला के उत्थान के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है। हमने किसानों को वर्ष 2027 तक दिन में बिजली देने का लक्ष्य रखा है, साथ ही उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी विभिन्न नीतियां जारी की हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जल जीवन मिशन में 12 लाख ग्रामीण परिवारों को नल से जल, पेपर लीक प्रकरणों में गिरफ्तारी, राइजिंग राजस्थान समिट में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू, राम जल सेतु लिंक परियोजना तथा यमुना जल समझौते जैसे जनता से किए गए प्रत्येक वादे को पूरा किया जा रहा है। सुशासन हमारे देश और प्रदेश की प्रगति की कुंजी मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन हमारे देश और प्रदेश की प्रगति की कुंजी है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के अनुसार अच्छा शासन वही है, जो लोगों की आकांक्षाओं और उम्मीदों के अनुसार काम करे। इसी को ध्येय मानते हुए हमारी सरकार आमजन की बेहतरी और कल्याण के लिए काम कर रही है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि 30 मार्च 1949 को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन ही वृहद् राजस्थान का गठन हुआ था। मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने सनातन संस्कृति की परंपरा को कायम करते हुए हर वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को राजस्थान दिवस मनाए जाने की सराहनीय पहल की है। उन्होंने कहा कि सुशासन लोकतंत्र की रीढ़ है और अच्छी नीति व नीयत के साथ ही सुशासन स्थापित होता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इंवेस्टमेंट समिट के अन्तर्गत 35 लाख करोड़ रूपए के निवेश एमओयू हुए हैं, जिससे प्रदेश विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि राजस्थान वीरों की भूमि है। मुख्यमंत्री की पहल पर साप्ताहिक कार्यक्रमों के माध्यम से राजस्थान दिवस का वृहद स्तर पर आयोजन हो रहा है, जिसके अन्तर्गत विभिन्न वर्गों को जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री श्री कन्हैयालाल चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के भगीरथ प्रयासों से डबल इंजन की सरकार प्रदेश में प्रगति के पथ पर नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिला कलक्टर चित्तौड़गढ़ श्री आलोक रंजन, जिला कलक्टर डूंगरपुर श्री अंकित कुमार सिंह, शासन सचिव कार्मिक श्री के.के. पाठक, महानिदेशक साइबर क्राइम श्री शरद कविराज, महानिदेशक बीकानेर रेंज श्री ओमप्रकाश को अटल ई-गवर्नेंस स्टेट अवार्ड से सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद भी किया। कार्यक्रम में विधायक श्री अशोक कोठारी, श्री लादूलाल पितलिया, श्री गोपाल लाल शर्मा, श्री गोपी चन्द मीणा, श्री उदयलाल भड़ाना, श्री जब्बर सिंह सांखला, श्री लाला राम बैरवा, श्री शत्रुघ्न गौतम, प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास श्री वैभव गालरिया सहित अन्य अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। वहीं, विभिन्न जिलों से जनप्रतिनिधि एवं लाभार्थी वीसी के माध्यम से जुड़े।

सी.आई.डी.सी. की बैठक मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में हुई सम्पन्न

रायपुर, 28 मार्च 2025 कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज यहां नवा रायपुर, अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में छत्तीसगढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन (सी.आई.डी.सी.) की 45वीं बैठक आयोजित की गई। संचालक मंडल की बैठक में सर्वप्रथम पूर्व में लिये गए निर्णयों पर प्रबंध संचालक द्वारा पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जिसके पश्चात् संचालक मंडल ने विगत वर्षों के वित्तीय गतिविधियों पर चर्चा की। सी.आई.डी.सी. के बैठक विभिन्न योजनाओं और संकल्पों पर चर्चा के उपरांत महत्वपूर्ण निर्णय लिये गए। बैठक में सी.आई.डी.सी. में संविलियित विघटित परिवहन निगम के कर्मचारियों को राज्य शासन द्वारा जारी आदेशों के अनुरुप 22 प्रतिशत, 20 प्रतिशत, 33 प्रतिशत, 30 प्रतिशत, 42 प्रतिशत, 40 प्रतिशत, 60 प्रतिशत एवं 53 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ देने हेतु अध्यक्ष द्वारा प्रदत्ता अनुमोदन की पुष्टि करने तथा भविष्य में महंगाई भत्तों का लाभ देने हेतु प्रबंध संचालक को अधिकृत करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही संचालक मण्डल, सी.आई.डी.सी. में संविलियित विघटित परिवहन निगम के कर्मचारियों को राज्य शासन के आदेशानुसार अगस्त, 2023 से गृह गाढ़ा भत्ते का लाभ देने हेतु मंत्री केदार कश्यप द्वारा प्रदत्त अनुमोदन का पुष्टि किया गया है। बैठक में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सचिव ऊर्जा विभाग रोहित यादव, सचिव सह आयुक्त परिवहन एस. प्रकाश, सचिव राजस्व विभाग अविनाश चम्पावत, सचिव जल संसाधन विभाग राजेश सुकुमार टोप्पो, सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. कमलप्रीत सिंह, संजय कुमार ओझा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

गर्मी में पुरुष भी जरूर लगाएं सनस्‍क्रीन

गर्मी की शुरूआत हो चुकी है। ऐसे में लोग स्‍क‍िन से जुड़ी समस्याओं से बचने के ल‍िए तरह-तरह के उपाय करते हैं। हालांक‍ि ये ज्‍यादातर लड़क‍ियों को ही आपने करते देखा होगा। लेक‍िन आपको बता दें क‍ि पुरुषों को भी स्‍क‍िन केयर की जरूरत होती है। जी हां, गर्मी में त्‍वचा की नमी छ‍िन सकती है। इससे आपको कई तरह की समस्याएं झेलनी पड़ेगी। ऐसे में जरूरी है क‍ि आप अभी से अपनी स्‍क‍िन का ख्‍याल रखना शुरू कर दें। आप बाहर जब भी जाएं तो सनस्‍क्रीन लगा कर जाएं। ये आपकी त्‍वचा काे पूरा पोषण देगी और आप स्‍क‍िन से जुड़ी बीमार‍ियों से भी बचे रहेंगे। आज हम आपको अपने इस लेख में बताने जा रहे हैं क‍ि पुरुषों काे सनस्‍क्रीन लगाने से क्‍या-क्‍या फायदे हो सकते हैं। आइए जानते हैं वि‍स्‍तार से- सूरज की हानिकारक किरणों से करे बचाव धूप में मौजूद UVA और UVB Rays त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं। UVB Rays सनबर्न का कारण बनती हैं। जबकि UVA Rays झुर्रियां और समय से पहले त्वचा की उम्र बढ़ा देती ह‍ैं। सनस्क्रीन लगाने से इन हानिकारक किरणों से बचा जा सकता है। टैनिंग को करे कम लंबे समय तक धूप में रहने से त्वचा पर टैनिंग हो जाती है। इससे त्वचा का रंग काला होने लगता है। रोजाना सनस्क्रीन लगाने से टैनिंग से बचा जा सकता है। झुर्रियों और बुढ़ापे के लक्षणों को रोके अगर आप चाहते हैं कि आपकी त्वचा जवान और ताजगी से भरी रहे तो बाहर जाने से पहले सनस्क्रीन लगाना न भूलें। यह फ्री-रेडिकल्स को कम करके झुर्रियों और बुढ़ापे के अन्य लक्षणों को रोकता है। स्‍क‍िन कैंसर से करे बचाव लगातार बिना सनस्क्रीन के धूप में रहने से आपकी त्‍वचा को गंभीर पर‍िणाम झेलने पड़ सकते हैं। दरअसल ज्‍यादा देर तक धूप में रहने से स्‍क‍िन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। सनस्क्रीन लगाने से इससे बचा जा सकता है। स्‍क‍िन को रखे हाइड्रेट सनस्क्रीन आपकी स्‍क‍िन में नमी बनाए रखने में कारगर होता है। ये रूखेपन की समस्‍या से भी बचाता है। खासतौर पर जिन लोगों की त्वचा शुष्क होती है, उनके लिए सनस्क्रीन बहुत फायदेमंद होता है। इससे त्‍वचा में नमी बरकरार रहती है।

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