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धार्मिक स्थल पर पूजा करने वाले बाबा सामने आई घिनौनी करतूत

बीकानेर जयनारायण व्यास कॉलोनी थाना क्षेत्र में एक धार्मिक स्थल पर पूजा-अर्चना करने वाले बाबा की घिनौनी करतूत का खुलासा हुआ है। बाबा पर चार वयस्कों और एक नाबालिग से कुकर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ितों ने पुलिस को वीडियो और फोटो के रूप में ठोस सबूत सौंपे, जिसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बाबा को गिरफ्तार कर लिया। थानाधिकारी सुरेंद्र पचार ने बताया कि यह मामला पवनपुरी में नागणेचेजी मंदिर के पीछे स्थित एक धार्मिक स्थल से जुड़ा है। यहां पूजा-अर्चना करने वाला बाबा ललित पुत्र नारायण राम लंबे समय से मासूमों को बहला-फुसलाकर अनैतिक कृत्यों को अंजाम दे रहा था। वह पीड़ितों को धमकाकर कई सालों से उनका शारीरिक शोषण कर रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी साल 2020 से ही बच्चों के साथ गलत हरकतें कर रहा था। हाल ही में एक पीड़ित ने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामला सामने आया। परिजनों ने 15 दिन पहले थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद मंगलवार को बाबा को गिरफ्तार कर लिया। थानाधिकारी ने बताया कि पीड़ितों ने आरोपी के खिलाफ वीडियो और फोटो सबूत उपलब्ध कराए हैं। इन ठोस सबूतों के आधार पर पुलिस ने बाबा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस अपराध में और कोई शामिल था या नहीं। बाबा की इस करतूत का खुलासा होने के बाद इलाके में गहरा आक्रोश है। स्थानीय लोग आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और कठोर सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।

बजट सत्र के आखिरी दिन सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा ने वेतन और भत्ता नहीं लेने का ऐलान किया

भोपाल  मध्य प्रदेश के बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने विधानसभा में बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि न तो वे वेतन लेंगे और न ही किसी तरह का भत्ता लेंगे। उमाकांत ने कहा कि जनसेवा के लिए विधायक बने हैं ऐसे में जब जनसेवा ही हमारा उद्देश्य है तो शासकीय लाभ लेने का कोई मतलब नहीं मिलता। वे पंडित दीनदयाल उपाध्याय को अपना आदर्श मानते हैं। एमपी विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन सिरोंज से भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने वेतन और भत्ता नहीं लेने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मैंने संकल्प लिया है, घोषणा की है कि, मैं नियमों के अंतर्गत मिलने वाले वेतन भत्ते नहीं लूंगा। दरअसल, विधानसभा में एक विषय पर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान विधायक उमाकांत शर्मा को वेतन छोड़ देने की नसीहत दी गई। इस बात को सुनने के बाद उन्होंने तुरंत वेतन और भत्ता छोड़ने का ऐलान किया। क्या बोले भाजपा विधायक? उमाकांत शर्मा ने कहा कि राजनीति सेवा के लिये की जा रही है और इसका आदर्श जिनके पास स्वयं का घर नहीं, हमारे प्रधानमंत्री हैं। स्वयं हमारे लिये, माननीय विधायकों के लिये, सांसदों के लिये ईमानदारी से तनख्वाह लेना भी छोड़ रहे हैं। इस पर एक सदस्य ने कहा कि आप भी पंडित जी तनख्वाह लेना छोड़ दो। इसके जवाब में उमाकांत शर्मा ने कहा कि आज मैं भी तनख्वाह लेना छोड़ रहा हूं। विधायकों – मंत्रियों को सलाह विधायक शर्मा ने कहा कि, मैं प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी के राहत कोष में मैं अपना वेतन दूंगा। यही नहीं उमाकांत ने दूसरे विधायकों-मंत्रियों को भी सलाह दी कि, वो भी अपना वेतन, भत्ता और पेंशन छोड़ें। इसके अलावा गाय की सार में सोने पर भाजपा विधायक ने कहा कि, गाय हमारी माता है और उसकी सेवा करना हमारा परम धर्म है।

झांसी में 40 के करीब पहुंचा तापमान, प्रदेश में बढ़ रही गर्मी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के लोगों को अब भीषण गर्मी की मार झेलनी पड़ेगी. धूप की तीखी किरणों से गर्मी का अहसास होने लगा है. दिन में तापमान चढ़ रहा है. वहीं इस बीच मौसम विभाग ने तेज हवा चलने की संभावना जताई है. विभाग की मानें तो अगले 24 घंटों में प्रदेश में तेज हवाएं चल सकती है. ये सिलसिला 72 घंटे तक जारी रह सकता है. विभाग के मुताबिक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है. हालांकि इस दौरान मौसम साफ रहने की संभावना है. वहीं 28 मार्च को भी मौसम शुष्क रहने के साथ ही तेज हवा चलने के आसार हैं. इस दौरान दोनों हिस्सों में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है. 29 मार्च को भी प्रदेश में तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है. तो वहीं 30 और 31 मार्च को प्रदेश में मौसम सामान्य रह सकता है. झांसी में सबसे ज्यादा तापमान तापमान की बात करें तो राजधानी लखनऊ में 17℃ न्यूनतम और 35.1℃ अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है. झांसी में सबसे ज्यादा 39.5℃ अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है.

RBI ने किया स्पष्ट, छोटे ऋण पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं, नए नियम 1 अप्रैल 2025 से बदल जाएंगे

मुंबई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों (प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग – PSL) में ऋण देने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए दिशा-निर्देश 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगे। इन बदलावों का उद्देश्य छोटे उधारकर्ताओं को राहत देना और बैंकों को अधिक पारदर्शिता के साथ काम करने के लिए प्रेरित करना है। आइए जानते हैं नए नियमों के मुख्य बिंदु: छोटे ऋण पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं RBI ने स्पष्ट कर दिया है कि 50,000 रुपये तक के छोटे ऋण पर बैंक किसी भी प्रकार का सेवा शुल्क या निरीक्षण शुल्क नहीं लगा सकेंगे। इसका उद्देश्य छोटे उधारकर्ताओं को अनावश्यक वित्तीय बोझ से बचाना है। यह कदम छोटे व्यवसायियों, किसानों और कम आय वाले लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। होम लोन की लिमिट बढ़ाई गई RBI ने प्राथमिकता वाले क्षेत्र के तहत होम लोन की सीमा बढ़ा दी है। नए नियमों के अनुसार:     50 लाख या उससे अधिक आबादी वाले शहरों में अब 50 लाख रुपये तक का होम लोन PSL के तहत आएगा, जो पहले 35 लाख था।          मकान की कीमत 63 लाख रुपये तक हो सकती है, जो पहले 45 लाख रुपये थी।     10 लाख या उससे अधिक आबादी वाले केंद्रों में अब 45 लाख रुपये तक का होम लोन मिलेगा।     10 लाख से कम आबादी वाले क्षेत्रों में 35 लाख रुपये तक का होम लोन PSL के तहत आएगा।     व्यक्तिगत परिवारों के लिए कर्ज सीमा प्रति उधारकर्ता 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है। बैंकों को देनी होगी तिमाही और वार्षिक रिपोर्ट नए दिशा-निर्देशों के तहत, बैंकों को अब तिमाही और वार्षिक आधार पर अपने प्राथमिकता वाले ऋणों की विस्तृत जानकारी जमा करनी होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि PSL के तहत दिए गए ऋण सही क्षेत्रों तक पहुंचे और पारदर्शिता बनी रहे। गोल्ड लोन PSL के तहत नहीं आएगा RBI ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बैंकों द्वारा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) से खरीदे गए सोने के आभूषणों के बदले दिए गए ऋणों को प्राथमिकता क्षेत्र ऋण के रूप में नहीं गिना जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए निर्धारित फंड वास्तव में जरूरतमंद क्षेत्रों तक पहुंचे, जैसे कृषि, छोटे व्यवसाय और कमजोर वर्ग। प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग (PSL) क्या है? प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग RBI की एक नियामक नीति है, जिसके तहत बैंकों को अपने कुल ऋण का एक निश्चित हिस्सा समाज के कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों को देना आवश्यक होता है। इसमें निम्नलिखित शामिल हैं: छोटे और मध्यम उद्यम निम्न-आय वर्ग के लिए आवासीय ऋण शिक्षा ऋण समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों के लिए ऋण बदलाव से क्या होगा फायदा? छोटे उधारकर्ताओं को राहत: 50,000 रुपये तक के लोन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। घर खरीदना हुआ आसान: होम लोन की सीमा बढ़ने से मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी।     पारदर्शिता बढ़ेगी: बैंकों को तिमाही और वार्षिक डेटा देना होगा, जिससे PSL का सही उपयोग सुनिश्चित होगा।     गोल्ड लोन PSL के तहत नहीं: इससे प्राथमिकता क्षेत्र के लिए आवंटित फंड सही जगह पर पहुंचेगा।  

भारत गौरव ट्रैन से करें अमृतसर और वैष्णोदेवी की तीर्थ यात्रा – भोपाल मंडल के स्टेशनों से मिलेगी सीधी सुविधा

भारत गौरव ट्रैन से करें अमृतसर और वैष्णोदेवी की तीर्थ यात्रा – भोपाल मंडल के स्टेशनों से मिलेगी सीधी सुविधा रानी कमलापति, इटारसी, विदिशा और बीना से होकर गुजरेगी विशेष ट्रैन – तीर्थ यात्रियों के लिए सुनहरा अवसर रीवा आई.आर.सी.टी.सी. द्वारा “उत्तर दर्शन के साथ गुरुकृपा (अमृतसर) यात्रा” के लिए भारत गौरव पर्यटक ट्रैन का संचालन किया जा रहा है, जो भोपाल मंडल के प्रमुख स्टेशनों रानी कमलापति, इटारसी, विदिशा एवं बीना से होकर गुजरेगी। यह यात्रा विशेष रूप से मध्यप्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत सुविधाजनक और लाभकारी है। 27 मई 2025 को रीवा से रवाना होने वाली यह विशेष पर्यटक ट्रैन, रीवा, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, इटारसी, रानी कमलापति, विदिशा, बीना और झाँसी होते हुए चलेगी। इन स्टेशनों से यात्री इस पवित्र यात्रा में शामिल हो सकते हैं। 09 रातें / 10 दिन की इस धार्मिक यात्रा में यात्रियों को मथुरा, हरिद्वार, ऋषिकेश, अमृतसर और वैष्णो देवी के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इस यात्रा का शुल्क प्रति व्यक्ति ₹17,600/- (स्लीपर – इकॉनॉमी श्रेणी), ₹28,700/- (3AC – स्टैण्डर्ड श्रेणी), एवं ₹37,800/- (2AC – कम्फर्ट श्रेणी) निर्धारित किया गया है। इस शुल्क में भारत गौरव ट्रेन के विशेष एलएचबी कोच में आरामदायक रेल यात्रा, ऑन-बोर्ड एवं ऑफ-बोर्ड शाकाहारी भोजन, पर्यटन स्थलों तक गुणवत्तायुक्त वातानुकूलित बस सुविधा, यात्रा कार्यक्रम अनुसार आवास व्यवस्था, अनुभवी टूर एस्कॉर्ट्स की सेवा, यात्रा बीमा, ऑन-बोर्ड सुरक्षा एवं हाउसकीपिंग जैसी सभी सुविधाएँ सम्मिलित हैं। यह एक पूर्णतः सर्वसमावेशी टूर है। इस पवित्र यात्रा में भाग लेने के इच्छुक यात्री अपनी बुकिंग आई.आर.सी.टी.सी. की वेबसाइट www.irctctourism.com पर ऑनलाइन या किसी अधिकृत एजेंट के माध्यम से करा सकते हैं। यह ट्रैन न सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से लाभकारी है, बल्कि भोपाल मंडल के यात्रियों को उनके नजदीकी स्टेशनों से ही सीधी सुविधा भी प्रदान करती है, जिससे यात्रा और भी सुगम और सुलभ हो जाती है।

मुंगेली-बिलासपुर के बीच बना अंग्रेजों के जमाने का पुल कर रहा मरम्मत का इंतजार

मुंगेली अंग्रेजों को तो भारत छोड़े 75 साल से भी ज्यादा समय हो गया है, लेकिन अभी तक उनके किए गए निर्माणों की उपयोगिता जिम्मेदारों के नकारेपन का सबूत है. ऐसा ही एक मॉडल मुंगेली और बिलासपुर को जोड़ने वाला पुल है. अंग्रेजों के जमाने में बन यह पुल आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. बरेला और तखतपुर के बीच इस पुल को नए सिरे से बनाने की मांग स्थानीय लोग लंबे समय से कर रहे हैं, लेकिन न तो नेता को और न ही किसी अधिकारी को परवाह है. बीच-बीच में दिखाने के लिए मरम्मत कार्य कर छोड़ दिया जाता है. यही नहीं इस पुल से ही नहीं बल्कि शहर के बीच से भारी वाहनों का गुजरना प्रतिबंधित है. फिर भी धड़ल्ले से गुजर रहे हैं. केवल संकरा पुल ही अपनी मरम्मत की बांट नहीं जोह रहा है, बल्कि पुल पर जगह-जगह जानलेवा गड्ढे हो गए हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं. इसकी भी समय के साथ मरम्मत करने की जरूरत है.  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा मध्यप्रदेश सरकार सर्वजनकल्याण के संकल्पों के साथ कार्य कर रही है

सहकारिता आंदोलन को आगामी 4 वर्ष में नए मुकाम पर पहुंचाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दूध पर बोनस देने के साथ ही अन्य क्षेत्रों की सहकारी संस्थाओं के सदस्यों को करेंगे लाभान्वित अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 अन्तर्गत हुआ राज्य स्तरीय सम्मेलन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार सर्वजनकल्याण के संकल्पों के साथ कार्य कर रही है। वर्तमान में पंचायत से लेकर मंत्रालय तक पारदर्शितापूर्ण कार्य शैली के कारण अन्य क्षेत्रों के साथ सहकारी क्षेत्र में समृद्ध हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह ने सहकारिता का लाभ पहुंचाने के लिये बहुजन हिताय-बहुजन सुखाय के भाव के अनुसार कार्य करने के लिए मार्गदर्शन दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता के क्षेत्र में निश्चित ही नए दौर की नई कहानी लिखेगा। गुजरात में दूध पर बोनस की जिस तरह व्यवस्था है, मध्यप्रदेश भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन के लिए काफी बड़ा क्षेत्र है और हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी उद्योग क्षेत्र के साथ सहकारिता ने कार्य करने की पहल की है। मध्यप्रदेश में सहकारिता आंदोलन को गति दी जा रही है। अब सहकारिता क्षेत्र में व्यवस्थाएं काफी पारदर्शी हैं और मध्यप्रदेश में सहकारिता के विभिन्न आयामों पर कार्य किया जाएगा। आने वाले चार वर्ष में सहकारिता आंदोलन को नए मुकाम पर पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को समन्वय भवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में पधारे प्रदेश भर के प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने सहकारिता विभाग में नवनियुक्त सहकारी निरीक्षकों के नियुक्ति पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता विभाग के प्रयासों की सराहना की। भारत में प्रचलित व्यवस्थाओं से सीखते हैं अन्य देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में सहकारिता का इतिहास पुराना है। भारत में वर्षों पूर्व अश्वमेघ यज्ञ की परंपरा रही थी। लेकिन भारत ने किसी राष्ट्र पर कब्जा नहीं किया। छोटे-छोटे राज्यों की स्वायत्तता को खत्म नहीं होने दिया बल्कि उन्हें साथ लेकर कार्य किया और उनके स्वावलंबन को भी जीवंत रखा। सच्चे अर्थों में संयुक्त राष्ट्र संघ की भावना का पालन करने वाला कोई राष्ट्र है तो वह भारत है। जब यह कहा जाता है सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया: ….तो इसका अर्थ है सभी को परस्पर जोड़ना और अपने लाभ में उन्हें सहभागी बनाना। यह वसुधैव कुटुम्बकम जैसे वेद वाक्य का लघु रूप है। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व में भारत की गरिमा बढ़ाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री मोदी की भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश में होगा कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सहकारिता के मूल भाव के अनुरूप बहुउद्देशीय सहकारी समितियों की कल्पना की। इसे साकार करने के लिए सहकारिता का दायित्व केंद्रीय मंत्री अमित शाह को दिया गया। केंद्र सरकार ने सहकारिता में सभी के कल्याण का ध्यान रखा है। मध्यप्रदेश में भी इसी तर्ज पर कार्य हो रहा है। सहकारिता अधिनियम में परिवर्तन के फलस्वरूप सोसायटी के रजिस्ट्रेशन का कार्य 30 दिन में संभव होगा। पूर्व में यह अवधि 90 दिवस थी। पूर्व की व्यवस्था में अनेक कठिनाईयों को सामना करना होता था। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र में प्रक्रियाओं को सरल बनाने की पहल हुई। सहकारिता को उन्होंने बहुउद्देश्यीय और बहुआयामी बनाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा औद्योगीकरण में सिर्फ व्यक्ति ही नहीं, सहकारिता की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मध्यप्रदेश किसानों, गौ पालकों और मत्स्य पालकों को सहकारी क्षेत्र में अधिक से अधिक लाभ दिलवाकर इस क्षेत्र में शिखर पर पहुंचेगा। सहकारी ध्वजारोहण कर कैलेण्डर, मैन्युअल और परिपत्र पुस्तिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुरूआत में सहकारी ध्वजारोहण कर अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के वार्षिक कैलेंडर, पैक्स कार्य मैन्युअल और सहकारिता में सहकार, पैक्स पुनर्गठन और व्यवसाय संवर्धन के महत्वपूर्ण परिपत्रों की पुस्तिका का विमोचन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माइक्रो एटीएम पखवाड़े का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पैक्स, दुग्ध सहकारी संस्थाओं और मत्स्य पालक सहकारी संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान किए। इन संस्थाओं में विदिशा, इंदौर और खरगोन की संस्थाएं शामिल हैं। कार्यक्रम को सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारिता से समृद्धि का मंत्र दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता क्षेत्र में अग्रणी हो रहा है। हाल ही में जीआईएस-भोपाल में नया अध्याय जोड़ा गया जब सीपीपीपी अर्थात को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का विषय सामने आया। सहकारिता विभाग में कई नवाचार भी किए जा रहे हैं। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव सहकारिता अशोक बर्णवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव मत्स्य पालन डी.पी. आहूजा, राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता मनोज पुष्प, नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय की मुख्य महा प्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती एवं बड़ी संख्या में प्रदेश की सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि, जिला सहकारी बैंक, अपेक्स बैंक, पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य समितियों के साथ ही सहकारिता विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे। अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज कुमार गुप्ता ने आभार माना।  

उपराष्ट्रपति ने की मीटिंग, उठी ये मांग, जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है, न्यायिक जवाबदेही तय होनी चाहिए

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पर बड़े पैमाने पर कैश मिलने की खबरों के बीच उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को मीटिंग की। इस मीटिंग में जेपी नड्डा, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई राजनीतिक दलों के नेता मौजूद थे। बैठक में खुलकर कहा गया कि जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है। न्यायिक जवाबदेही तय होनी चाहिए, लेकिन न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर भी कोई असर न पड़े। बैठक में मौजूद खरगे समेत ज्यादातर नेताओं ने कहा कि जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और उनके व्यवहार को लेकर भी आचार संहिता तय हो और सख्ती से उसे लागू भी किया जाए। राज्यसभा चेयरमैन जगदीप धनखड़ ने मल्लिकार्जुन खरगे की सलाह पर यह मीटिंग बुलाई थी। इस बैठक में पहुंचे ज्यादातर नेताओं की राय थी कि जजों की नियुक्ति में उचित पारदर्शिता नहीं है और रिश्वत लिए जाने के मामले भी आ रहे हैं। फिर भी जो बदलाव किया जाए, उससे न्यायपालिका की स्वायत्तता और स्वतंत्रता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। हालांकि न्यायिक जवाबदेही भी तय करने की जरूरत है। इस बीच कई नेताओं ने कहा कि हमें उस तीन सदस्यीय पैनल की जांच का इंतजार करना चाहिए, जिसे शीर्ष न्यायपालिका ने गठित किया है। चर्चा के दौरान कॉलेजियम सिस्टम की खामियों पर भी बात हुई, जिसमें जज ही जजों के नामों की सिफारिश करते हैं और उन दिए हुए नामों में से ही किसी एक पर सरकार को मुहर लगानी होती है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के सांसदों ने इस दौरान न्यायिक नियुक्ति आयोग के गठन का भी सुझाव दिया। केंद्र सरकार इस आयोग के गठन का बिल 2014 में ही लेकर आई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। तब से ही यह विधेयक सुप्रीम कोर्ट और सरकार के बीच मतभेद का कारण रहा है। अब जस्टिस यशवंत वर्मा वाले मामले से यह मामला फिर से उभऱा है। कांग्रेस सांसदों ने यह मांग भी है कि जस्टिस यशवंत वर्मा प्रकरण पर लोकसभा में चर्चा की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और लेखिका महादेवी वर्मा की जयंती पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता सेनानी और हिन्दी की प्रख्यात लेखिका श्रीमती महादेवी वर्मा की जयंती पर सादर नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक्स पर की गई पोस्ट में कहा कि प्रकृति, संवेदना और जीवन के विविध आयाम और अनछुए पहलुओं को शब्दों में पिरोकर महादेवी वर्मा ने साहित्य को परिष्कृत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व.महादेवी वर्मा की रचनाएं साहित्य ही नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्र की अनमोल धरोहर की तरह हैं।  

IAS डॉ. एस. भारतीदासन संभालेंगे उच्च शिक्षा विभाग, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली जा रहे आर. प्रसन्ना

 रायपुर IAS डॉ. एस. भारतीदासन उच्च शिक्षा विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभालने जा रहे हैं. राज्य सरकार जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी कर सकती है. 2006 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी भारतीदासन, IAS आर. प्रसन्ना की जगह लेंगे, जो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली जा रहे हैं. IAS डॉ. एस. भारतीदासन और IAS आर. प्रसन्ना भारतीदासन इससे पहले स्कूल शिक्षा और कृषि विभाग के सचिव रह चुके हैं. वे जनसंपर्क आयुक्त के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इसके अलावा, वे जांजगीर और रायपुर के कलेक्टर भी रह चुके हैं. कोविड महामारी के दौरान रायपुर कलेक्टर के रूप में उनके कार्यों की सराहना की गई थी. आईएएस भारतीदासन ईमानदार और स्वच्छ छवि वाले अधिकारी माने जाते हैं. पूर्ववर्ती सरकार में वे मुख्यमंत्री के सचिव भी रह चुके हैं, लेकिन वर्तमान सरकार में अब तक उनके पास कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं थी. वहीं IAS आर. प्रसन्ना को केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव  के रूप में नियुक्त किया गया है. प्रशासनिक सेवा में आने के बाद यह पहली बार है जब वे प्रतिनियुक्ति पर जा रहे हैं। केंद्र सरकार में उन्हें पांच साल की पोस्टिंग मिली है.

आरपीएफ ने अजमेर में 1 करोड़ से अधिक की कीमत के आभूषणों के साथ युवक को किया गिरफ्तार

अजमेर अजमेर रेलवे सुरक्षा बल ने अजमेर रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान 1 करोड़ 20 लाख 96 हजार रुपये मूल्य की 1 किलो 344 ग्राम सोने की ज्वेलरी बरामद की है। यह कार्रवाई सोमवार रात मदार गेट प्रवेश द्वार पर की गई। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि बैगेज स्कैनर मशीन ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल उर्मिला ओला और होमगार्ड राजकमल ने एक संदिग्ध बैग को स्कैन किया, जिसमें रंग-बिरंगी चीजें दिखाई दीं। इसके बाद बैग लेकर जा रहे व्यक्ति को रोककर पूछताछ की गई। जब उससे बैग खोलने को कहा गया, तो वह टालमटोल करने लगा। बैग लेकर जा रहे युवक की पहचान रितिक लोढ़ा (25), निवासी बी-406 रमेश अपार्टमेंट, नरसिंह सेन, मलाड (वेस्ट), मुंबई तथा हाल निवासी बापूनगर, भीलवाड़ा के रूप में हुई। सूचना मिलते ही ड्यूटी अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक राकेश मौके पर पहुंचे और युवक से सख्ती से पूछताछ की और उसके बैग से मिले प्लास्टिक के बड़े डिब्बे से थैलियों में पैक सोने के आभूषण अंगूठियां, पेंडल, नेकलेस, ब्रेसलेट और कानों की बालियां बरामद कीं। आभूषणों के बारे में वह कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद आरपीएफ ने मामले की पूरी जानकारी जीआरपी को दी और आरोपी को आभूषणों के बैग के साथ जीआरपी थाने के ड्यूटी अधिकारी सहायक उप निरीक्षक भंवरलाल को सौंप दिया। बरामद आभूषणों का कुल वजन 1 किलो 344 ग्राम निकला, जिसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 20 लाख 96 हजार रुपये आंकी गई। पुलिस के अनुसार इसमें किसी हवाला नेटवर्क या अवैध व्यापार की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा रहा है। आरोपी रितिक लोढ़ा से गहन पूछताछ की जा रही है। जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि अगर आरोपी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर पाया तो आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय को भी सूचना दी जाएगी।

जिंदल की JSW Steel बनी दुनिया की सबसे मूल्यवान स्टील कंपनी, अमेरिका की Nucor Corp को पछाड़ा दिया

नई दिल्ली  सज्जन जिंदल की अगुवाई वाली कंपनी जेएसडब्ल्यू स्टील दुनिया की सबसे वैल्यूएबल स्टील कंपनी बन गई है। मंगलवार को BSE पर इसके शेयर की कीमत 1,074.15 रुपये के रेकॉर्ड तक पहुंच गई। इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप $30 अरब से ज्यादा हो गया। पिछले एक महीने में इस शेयर में लगभग 11% और पिछले एक हफ्ते में 4% से ज्यादा तेजी आई है। JSW स्टील ने अमेरिका की Nucor Corp को पछाड़कर दुनिया की सबसे वैल्यूएबल स्टील कंपनी बनने का गौरव हासिल किया। Nucor Corp का मार्केट कैप $29.92 अरब है। यूरोप की ArcelorMittal, जापान की Nippon Steel Corp और चीन की Baoshan Iron जैसी बड़ी स्टील कंपनियों का मार्केट कैप $21 अरब से $27 अरब के बीच है। JSW स्टील की वैल्यू दूसरी भारतीय कंपनियों जैसे टाटा स्टील, जिंदल स्टील एंड पावर और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) से भी ज्यादा है। टाटा स्टील भारत की दूसरी और दुनिया की पांचवीं सबसे वैल्यूएबल स्टील कंपनी है, जिसका मार्केट कैप लगभग $23.09 अरब है। जिंदल स्टील का मार्केट कैप $10.81 अरब है जबकि सरकारी कंपनी SAIL का मार्केट कैप $5.5 अरब है। पिछले एक हफ्ते में टाटा स्टील और SAIL के शेयरों में 1 से 5% तक तेजी आई है जबकि जिंदल स्टील एंड पावर के शेयर गिरे हैं। शेयर की कीमत सरकार ने कुछ समय पहले सस्ते स्टील के इम्पोर्ट को रोकने के लिए कुछ कदम उठाने की बात कही थी। इससे भारतीय स्टील कंपनियों को फायदा हुआ है। इन्वेस्टेक के एनालिस्ट रितेश शाह का कहना है कि JSW स्टील हमारी पसंदीदा कंपनी है। कंपनी ने लगातार अच्छी ग्रोथ की है और EBITDA भी अच्छा रहा है। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 1,074.15 रुपये और न्यूनतम स्तर 815.70 रुपये है। बुधवार को कंपनी का शेयर फ्लैट ट्रेड कर रहा है। सुबह 11 बजे यह 0.03% की गिरावट के साथ 1061.50 रुपये पर था। अब बाजार पूंजीकरण के हिसाब से यह दुनिया की सबसे मूल्यवान स्टील कंपनी बन गई है। इस मामले में कंपनी ने आर्सेलर मित्तल और निप्पॉन स्टील जैसी दिग्गज कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है। बता दें कि JSW स्टील के शेयरों में 2025 में अब तक 18% की वृद्धि हुई है। यह शेयर साल 2025 में अब तक निफ्टी 50 इंडेक्स पर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों में से एक है। शेयर का भाव सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को JSW स्टील के शेयर 1074.15 रुपये पर पहुंच गए थे। यह भाव शेयर के 52 हफ्ते का हाई भी है। इस शेयर की क्लोजिंग 1061.85 रुपये पर हुई थी। इस कंपनी के मार्केट कैप की बात करें तो ₹2.6 लाख करोड़ है। JSW स्टील का बाजार पूंजीकरण भारत में अपने प्रतिस्पर्धी जैसे टाटा स्टील (₹1.95 लाख करोड़) और अन्य की तुलना में भी अधिक है। शेयर का टारगेट प्राइस ब्रोकरेज फर्म इन्वेस्टेक ने JSW स्टील को ₹1100 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ “खरीदें” रेटिंग दी है। JSW स्टील अपनी विकास संभावनाओं, रिटर्न रेश्यो प्रोफाइल, सैटलमेंट आदि के कारण इन्वेस्टेक की पसंदीदा कंपनी है। कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान क्षमता में स्थिर वृद्धि और एबिटा से पहले की आय के कारण आकर्षक शेयरधारक रिटर्न दिया है। एक अन्य ब्रोकरेज आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के मुताबिक शेयर 1230 रुपये तक जा सकता है। 22 करोड़ से अधिक शेयर बेचने का ऐलान इस बीच, JSW स्टील ने कहा कि वह प्रस्तावित बाय-बैक ऑफर के तहत अपनी सहायक कंपनी पियोम्बिनो स्टील लिमिटेड (पीएसएल) में 22 करोड़ से अधिक शेयर बेचेगी। यह शेयर 1,676.45 करोड़ रुपये में बेचे जाएंगे। जेएसडब्ल्यू स्टील ने कहा कि उसके पास पीएसएल में 508 करोड़ इक्विटी शेयर हैं, जो पीएसएल की कुल इक्विटी शेयरधारिता का 83.28 प्रतिशत है। निदेशक मंडल ने प्रस्तावित बाय-बैक ऑफर के तहत 75.30 रुपये प्रति इक्विटी शेयर की कीमत पर पीएसएल में रखे गए 22,26,36,000 इक्विटी शेयरों की निविदा को मंजूरी दे दी है। जेएसडब्ल्यू स्टील ने कहा कि इस कदम से कंपनी को अपनी बैलेंस शीट को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा हुक्म : अब पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज करना आसान नहीं

सुप्रीम कोर्ट का आदेश, पत्रकारों की अभिव्यक्ति की आज़ादी का संरक्षण सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, पत्रकारों की स्वतंत्रता को मिला संरक्षण सुप्रीम कोर्ट का बड़ा हुक्म : अब पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज करना आसान नहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार की आलोचना के आधार पर किसी पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता। यह फैसला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अहम है। नई दिल्ली  पत्रकारों की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सरकार की आलोचना के आधार पर किसी भी पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है। इस अधिकार के तहत किसी भी पत्रकार को सरकार की आलोचना करने का पूरा हक है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ सरकार के खिलाफ बोलने या नीतियों पर सवाल उठाने के आधार पर किसी पत्रकार के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई नहीं की जा सकती। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा, “स्वतंत्र पत्रकारिता लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यदि सरकार की आलोचना करने पर पत्रकारों को प्रताड़ित किया जाएगा तो इससे प्रेस की स्वतंत्रता खतरे में पड़ जाएगी। सरकार को आलोचना सहन करने की क्षमता विकसित करनी होगी।” पत्रकारों की स्वतंत्रता पर सकारात्मक संदेश सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को पत्रकारों की स्वतंत्रता के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है। इस फैसले से साफ संकेत मिलता है कि सरकार की आलोचना करना किसी भी नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इस अधिकार पर अंकुश लगाने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। भारतीय प्रेस परिषद (PCI) ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। PCI ने कहा कि यह फैसला प्रेस की स्वतंत्रता को मजबूत करेगा और पत्रकारों को बिना डर के सच को सामने लाने की प्रेरणा देगा। राजनीतिक हलकों में हलचल सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई है। विपक्षी दलों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे लोकतंत्र के लिए सकारात्मक कदम बताया है। वहीं, सरकार के प्रवक्ताओं ने कहा है कि वे इस फैसले का सम्मान करते हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की रणनीति तैयार करेंगे। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भारत में पत्रकारिता की स्वतंत्रता को नया आयाम देगा। इससे पत्रकारों को सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने और जनहित के मुद्दों को उठाने का हौसला मिलेगा। अभिव्यक्ति की आज़ादी का यह संरक्षण न केवल लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत करेगा, बल्कि सरकार को भी अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाएगा।

यदि गरीब लोगों का अस्पताल में मुफ्त इलाज उपलब्ध नहीं किया तो वह एम्स को अपने नियंत्रण में लेने को कहेगा: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि गरीब लोगों का इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में मुफ्त इलाज उपलब्ध नहीं किया जाएगा तो वह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को इसे अपने नियंत्रण में लेने को कहेगा। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने सीज समझौते के कथित उल्लंघन को गंभीरता से लिया, जिसके तहत अस्पताल को अपने यहां एक तिहाई गरीब मरीजों को भर्ती करना था और ओपीडी में 40 प्रतिशत मरीजों को बिना किसी भेदभाव मुफ्त इलाज करना था। बेंच ने कहा, ‘अगर हमें पता चला कि गरीब लोगों को मुफ्त इलाज नहीं दिया जा रहा है तो हम अस्पताल को एम्स को सौंप देंगे।’ बेंच ने कहा कि अपोलो समूह की ओर से दिल्ली के पॉश इलाके में 15 एकड़ भूमि पर बनाए गए अस्पताल के लिए एक रुपये के प्रतीकात्मक पट्टे पर यह जमीन दी गई थी और उसे ‘बिना लाभ और बिना हानि’ के फॉर्मूले पर चलाया जाना था, लेकिन यह एक शुद्ध वाणिज्यिक उद्यम बन गया है, जहां गरीब लोग मुश्किल से इलाज करा पाते हैं। आईएमसीएल की ओर से पेश वकील ने कहा कि अस्पताल एक संयुक्त उद्यम के रूप में चलाया जा रहा है और दिल्ली सरकार की इसमें 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उसे भी कमाई से बराबर का फायदा हुआ है। जस्टिस सूर्यकांत ने वकील से कहा, ‘अगर दिल्ली सरकार गरीब मरीजों की देखभाल करने के बजाय अस्पताल से मुनाफा कमा रही है, तो यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात है।’ पीठ ने कहा कि अस्पताल को 30 साल के लिए पट्टे पर जमीन दी गई थी और इस पट्टे की अवधि 2023 में समाप्त होनी थी । सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से यह पता लगाने को कहा कि इसका लीज रिन्यू किया गया है या नहीं। शीर्ष अदालत आईएमसीएल की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट के 22 सितंबर, 2009 के आदेश को चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने कहा था कि अस्पताल प्रशासन ने अंदरूनी (इनडोर-भर्ती) और बाह्य (आउटडोर) गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज देने के समझौते की शर्त का उल्लंघन किया है। शीर्ष अदालत ने केंद्र और दिल्ली सरकार से पूछा कि अगर पट्टा समझौता नहीं बढ़ाया गया है तो उक्त जमीन के संबंध में क्या कानूनी कवायद की गई है। पीठ ने अस्पताल में मौजूदा कुल बिस्तरों की संख्या भी पूछी तथा पिछले पांच वर्षों के ओपीडी मरीजों का रिकॉर्ड मांगा।

कोंटा ब्लॉक में सक्रिय वेट्टी कन्नी सहित 9 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

सुकमा सरकार के नक्सल अभियान को बड़ी सफलता मिली. कोंटा ब्लॉक में नक्सल संगठन में लम्बे समय से सक्रिय वेट्टी कन्नी के साथ 26 लाख के इनामी 9 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. सुकमा एसपी किरण चव्हाण, एएसपी उमेश गुप्ता व सीआरपीएफ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले 9 नक्सलियों में 6 महिला नक्सली भी शामिल हैं. ये सभी नक्सली कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं. नक्सली बटालियन में सक्रिय एक नक्सली ने भी आत्मसमर्पण किया है. इस दौरान सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि लगातार चलाए जा रहे ऑपरेशन और कैंप खोलने से प्रभावित होकर नौ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. इनमें बटालियन नंबर वन के अलावा जगरमुंडा एरिया में शामिल नक्सली हैं. ये नक्सलियों की खोखली विचारधारा को त्यागकर आत्मसर्मपण किया है. इन्हें शासन की आत्मसमर्पण की नीतियों का लाभ दिया जाएगा.

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