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टिम सीफर्ट की विस्फोटक पारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान को आठ विकेट से हरा दिया, सीरीज भी 4-1 से अपने नाम की

वेलिंग्टन जेम्स नीशम (पांच विकेट) और जैकब डफी (दो विकेट) की बेहतरीन गेंदबाजी के बाद टिम सीफर्ट (नाबाद 97) की विस्फोटक पारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने बुधवार को पांचवें और आखिरी टी-20 मुकाबले में पाकिस्तान को 10 ओवर शेष रहते आठ विकेट से हरा दिया। इसी के साथ न्यूजीलैंड ने पांच मैचों सीरीज भी 4-1 से अपने नाम कर ली। पाकिस्तान के 128 रनों के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टिम सीफटर् और फिन एलन की सलामी जोड़ी ने आतिशी बल्लेबाजी का मुजाहिरा करते हुए पहले विकेट 93 रन जोड़े। सातवें ओवर में सुफियान मुकीम ने फिन एलन को बोल्ड कर पाकिस्तान को पहली सफलता दिलाई। फिन एलन ने 12 गेंदों में पांच चौके और एक छक्का लगाते हुए (27) रन बनाये। नौवें ओवर में माकर् चैपमैन (तीन) रन बनाकर आउट हुए। उन्हें सुफियान मुकीन ने आउट किया। टिम सीफर्ट ने 38 गेंदों में 10 छक्के और छह चौके लगाते हुए (नाबाद 97) रनों की विस्फोटक पारी खेली। न्यूजीलैंड ने 10 ओवर में दो विकेट पर 131 रन बनाकर मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया। जेम्स नीशम को उनकी बेहतरीन गेंदबाजी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ तथा टिम सीफटर् को उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज से नवाजा गया। पाकिस्तान की ओर से सुफियान मुकीम को दो विकेट मिले। इससे पहले आज यहां न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने मात्र 25 के स्कोर तक अपने तीन विकेट गवां दिए। हसन नवाज (शून्य), उमर युसूफ (सात) और मोहम्मद हरिस (11) रन बनाकर आउट हुये। ऐसे संकट के समय बल्लेबाजी करने आये कप्तान आगा सलमान ने पारी को संभालने का प्रयास किया। इसके बाद उस्मान खान (सात), अब्दुल समद (चार) नीशम ने आउटकर पवेलियन भेज दिया। शादाब खान ने 20 गेंदों में पांच चौके लगाते हुए (28) रनों की पारी खेली। उन्हें 17वें ओवर की पहली गेंद पर नीशम ने ही आउट किया। जहानदाद खान (एक) और सुफियान मुकीम (शून्य) को भी नीशम ने अपना शिकार बनाया। आगा सलमान ने 39 गेंदों में छह चौके और एक छक्का लगाते हुए (51) रनों की महत्वूपर्ण पारी खेली। न्यूजीलैंड के बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमण के आगे पाकिस्तान की टीम निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट पर 128 रन ही बना पाई। न्यूजीलैंड की ओर से जेम्स नीशम ने चार ओवर मेें 22 रन देकर पांच विकेट लिये। जैकब डफी ने चार ओवरों में 18 रन देकर दो विकेट झटके। बेन सियर्स, ईश सोढ़ी ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।

सीएम योगी ने कहा कि क्या 100 मुस्लिम परिवारों में 1 हिंदू, 1 हिंदू छोड़िए 50 हिंदू परिवार सुरक्षित नहीं रह सकते.

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुसलमानों की सुरक्षा पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मुसलमान यूपी में सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई के पॉडकास्ट में सीएम योगी ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमान सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं. अगर हिंदू सुरक्षित हैं, तो मुसलमान भी सुरक्षित हैं. पॉडकास्ट में सीएम योगी से सवाल किया गया था कि क्या आपके राज्य में मुसलमान सुरक्षित हैं.? सीएम योगी ने कहा कि क्या 100 मुस्लिम परिवारों में 1 हिंदू, 1 हिंदू छोड़िए 50 हिंदू परिवार सुरक्षित नहीं रह सकते. लेकिन 100 हिंदू घरों के बीच एक मुस्लिम परिवार सुरक्षित रहता है. वो आराम से अपना धर्म फॉलो कर सकता है. इतिहास में कोई उदाहरण नहीं बता सकता कि किसी हिंदू राजा ने किसी देश पर कब्जा किया हो. ‘क्या मोहर्रम के झंडे की परछाई हिंदू घरों पर नहीं पड़ती?’ संभल में तिरपाल से ढकी मस्जिदों के बारे में पूछे जाने पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अगर आप रंगों से खेल रहे हैं, तो यह संभव है कि यह किसी पर भी डाला जा सकता है, लेकिन इससे किसी की पहचान खराब नहीं होती है. मुहर्रम के दौरान जुलूस निकलते हैं. क्या उनके झंडे की छाया किसी हिंदू घर या हिंदू मंदिर के पास नहीं पड़ती है? क्या इससे घर अपवित्र हो जाता है? किसी को भी रंग न डालने के सख्त निर्देश हैं, जो इससे सहमत नहीं है. क्या वे रंगीन कपड़े नहीं पहनते हैं? आप रंगीन कपड़े पहनते हैं, लेकिन अगर आप पर रंग डाला जाता है, तो आप समस्या पैदा करते हैं, दोहरे मापदंड क्यों? एक दूसरे से गले मिलें. कई मुसलमानों ने हमारे साथ होली खेली है.” ‘होली खेलने से पहचान खराब होती है क्‍या?’ मुख्‍यमंत्री ने होली के दौरान संभल में तिरपाल से ढकी मस्जिदों को लेकर पूछे गए सवाल पर भी अपनी बात रखी। योगी ने कहा कि अगर आप रंगों से खेल रहे हैं तो यह संभव है कि यह किसी पर भी डाला जा सकता है। लेकिन इससे किसी की पहचान खराब होती है क्‍या? मुहर्रम के दौरान जुलूस निकलते हैं। क्‍या उनके झंडे की छाया किसी हिंदू घर या हिंदू मंदिर के पास नहीं पड़ती है? क्‍या इससे घर अपवित्र हो जाता है? किसी को भी रंग न डालने के सख्‍त निर्देश हैं जो इससे सहमत नहीं हैं। क्‍या वे रंगीन कपड़े नहीं पहनते हैं? आप रंगीन कपड़े पहनते हैं लेकिन अगर आप पर रंग डाला जाता है तो आप समस्‍या पैदा करते हैं। ये दोहरे मापदंड क्‍यों। एक दूसरे से गले मिलें। कई मुसलमानों ने हमारे साथ होली खेली है। राहुल पर सीएम योगी का बड़ा हमला सीएम योगी ने राहुल गांधी के सवाल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल जैसे कुछ नमूने रहने चाहिए. देश इनके इरादों को समझ चुका है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अयोध्या में विवाद को जीवित रखना चाहती है. एएनआई को दिए इंटरव्यू में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले दस दशकों में कांग्रेस द्वारा किए गए कार्यों पर सवाल उठाए. संभल की खुदाई पर बोले सीएम योगी आदित्यनाथ संभल से लेकर वाराणसी तक नए-नए मंदिरों को खोजे जाने की बात पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम जितने भी होंगे, हम सब खोजेंगे. प्रशासन ने अबतक 54 धार्मिक स्थानों की पहचान की है. कुछ और के लिए भी प्रयास चल रहे हैं. संभल में 54 तीर्थस्थलों की पहचान की गई है. जितने भी हैं, हम उन्हें खोजकर दुनिया को बताएंगे कि संभल में क्या हुआ था. संभल सच है. इस्लाम कहता है कि अगर आप हिंदू मंदिर या हिंदू घर को तोड़कर कोई पूजा स्थल बनाते हैं, तो उसे सर्वशक्तिमान स्वीकार नहीं करता है. महाकुंभ में मुसलमानों की एंट्री पर सीएम योगी महाकुंभ में मुसलमानों की भागीदारी पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “कुंभ उन सभी के लिए है जो खुद को भारतीय मानते हैं. मैंने कहा कि जो भारतीय के रूप में आएगा उसका स्वागत खुशी के साथ किया जाएगा. लेकिन अगर कोई नकारात्मक सोच के साथ आता है, तो यह स्वीकार्य नहीं है.” ईद और रामनवमी के जुलूस पर सीएम योगी ईद और रामनवमी के जुलूसों पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हम समय-समय पर प्रशासन के साथ बैठते हैं और हमने इसके लिए एक एसओपी भी तैयार कर लिया है. उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार धार्मिक स्थलों के परिसर से निकलने वाली आवाज को नियंत्रित किया है. अगर उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में हम ऐसा कर सकते हैं तो पश्चिम बंगाल में ऐसा क्यों नहीं कर सकते?” ईदगाह मस्जिद-कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर बोले सीएम योगी उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मथुरा की ईदगाह मस्जिद और कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हम तो मथुरा को लेकर कोर्ट के आदेश का ही पालन कर रहे हैं, वरना अबतक वहां बहुत कुछ हो गया होता. साथ ही उन्होंने वक्फ पर बिल का बचाव करते हुए कहा कि आजतक के इतिहास में वक्फ बोर्ड ने कौन सा कल्याणकारी काम किया है. कोई एक काम भी ऐसा नहीं है, जिसे गिनाया जा सके. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड तो जहां भी दावा कर देता है, उस जगह की उसकी संपत्ति मान लिया जाता है. ऐसा कैसे चलेगा? क्या तीसरे टर्म की तैयारी में सीएम योगी? जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल किया गया कि क्या वो तीसरे टर्म की तैयारी कर रहे हैं? क्या वो तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे? इस सवाल पर जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा कि मैं कोशिश नहीं करूंगा, मेरी पार्टी कोशिश करेगी, मैं क्यों बनूंगा, कोई भी पार्टी का कार्यकर्ता बन सकता है. वहीं राणा सांगा विवाद के सवाल पर जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा कि इतिहास यही लोग जानते हैं, जो जिन्ना का महिमामंडन करते हैं. बुलडोजर एक्शन पर बोले सीएम योगी सीएम योगी ने संभल से लेकर मथुरा तक के मामलों के सवालों का जवाब दिया. वहीं बुलडोजर एक्शन पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जो जैसे समझेगा, उसको उसी भाषा में समझाना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने डबल इंजन की … Read more

भिंड ग्वालियर सिक्स लेन हाईवे की शीघ्र मंजूरी एवं गौ अभ्यारण को लेकर विशाल जन जागरण धर्म यात्रा कल

भिंड ग्वालियर सिक्स लेन हाईवे की शीघ्र मंजूरी एवं गौ अभ्यारण को लेकर विशाल जन जागरण धर्म यात्रा कल जन जागरण धर्म यात्रा चंबल पुल से प्रारंभ होकर रानी लक्ष्मीबाई समाधि स्थल ग्वालियर में होगा समापन भारतीय नमो संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश दीक्षित ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जी तथा मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री जी को लिखा पत्र ग्वालियर भिंड इटावा सड़क पर आए दिन हो रही अकाल मौतों पर लगे शीघ्र विराम/ संत कालिदास महाराज रौन नगर में सिद्ध बाबा मंदिर हुआ विशाल धर्म सभा बैठक का आयोजन रौन       भिंड ग्वालियर सिक्स लाइन हाईवे के अति शीघ्र निर्माण को लेकर एवं सनातन धर्म की धुरी कही जाने वाली गौ माता की रक्षा हेतु गौ अभ्यारण प्रत्येक तहसील स्तर पर बनाए जाने को लेकर रोन नगर में अखिल भारतीय संत समिति के अध्यक्ष परम पूज्य संत कालिदास जी महाराज के नेतृत्व में विशाल धर्म सभा बैठक का आयोजन सिद्ध बाबा मंदिर प्रांगण में रखा गया, उक्त धर्म सभा बैठक की अध्यक्षता संत 1008 महामंडलेश्वर रंजीतानंद जी महाराज भिंडी बाबा के द्वारा की गई , जिसमें सैकड़ो की संख्या में क्षेत्रवासी एवं संत महात्मा गढ़  उपस्थित रहे, उक्त धर्म सभा बैठक का संचालन भारतीय नमो संघ के प्रदेश अध्यक्ष  मुकेश दीक्षित समाजसेवी के द्वारा किया गया. इस अवसर पर अखिल भारतीय संत समिति के अध्यक्ष संत कालिदास महाराज ने कहा कि भिंड ग्वालियर सिक्स लाइन हाईवे ना होने के कारण आए दिन लोग दुर्घटना के कारण मौत का शिकार हो रहे हैं और काल के गाल में जा रहे हैं यह पूरे ग्वालियर चंबल संभाग वासियों  के लिए बड़ी दुखद दर्द पूर्ण और निंदनीय घटना है, जिसके चलते सैकड़ो लोग कई वर्षों से मौत का शिकार हो रहे हैं और हजारों परिवार बेघर और तबाह हो गए हैं ,उन्होंने आगे कहा भिंड ग्वालियर सिक्स लेन न होने के कारण आज भिंड जिले का विकास का पहिया रुका हुआ है और भिंड जिला मध्य प्रदेश में सबसे पीछे आता है, इसके बाद धर्म सभा बैठक की अध्यक्षता कर रहे संत 1008 रंजीतानंद जी महाराज भिंडी बाबा ने कहा सनातन धर्म की धुरी कहीं जाने वाली गौ माता जिसके शरीर में 33 कोटि देवताओं का वास होता है आज वह सड़कों पर दर-दर भटक रही है आए दिन कहीं दुर्घटना का शिकार हो रही है और काल के गाल में जा रही है जो कि हिंदू सनातनी सभी भाइयों बहिनों  के लिए  डूब मारने वाली बात है, उन्होंने आगे कहा जिस गाय माता को हम पूजते हैं .जिसे अपनी माता मानते हैं आज वह बिलख-बिलख कर रो रही है और भूखी प्यासी रहकर तड़प तड़प कर अपने प्राणो  की आहुति दे रही है, जब गाय ही सुरक्षित नहीं रहेगी तो निश्चित तौर पर सनातन का पतन हो जाएगा और इसके जिम्मेदार हम और आप होंगे, अब समय सोने का नहीं है, अब हम और आप सभी को आगे बढ़कर गौ माता की सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा, इसके बाद उक्त धर्म सभा बैठक का संचालन कर रहे भारतीय नमो संघ के प्रदेश अध्यक्ष  मुकेश दीक्षित ने कहा कि आज देश में और प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, जो विशेष कर सनातन को मानती है और आज देश में हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल में एक से एक बढ़कर अभूतपूर्व ऐतिहासिक कार्य हुए हैं, और मोदी जी के कार्यकाल में आम जन के हित को लेकर एक से एक अभूत पूर्व जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू किया गया, उन्होंने आगे कहा कि मोदी जी के कार्यकाल में देश में चाहे धारा 370 का मामला रहा हो या राम मंदिर का जिसको हम और आप सब अपरकल्पनीय मानते थे जो आज धरातल पर दिख रहा है. भिंड ग्वालियर सिक्स लाइन हाईवे तथा गौ माता की सुरक्षा हेतु गौ अभ्यारण को लेकर माननीय देश के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी एवं केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जी एवं मध्य प्रदेश सरकार के मुखिया मोहन यादव जी को नमो संघ के द्वारा एक पत्र लिखकर ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा कि आज देश में सनातनी सरकार है और जिस तरीके से संत कालिदास जी महाराज तथा पूज्य महामंडलेश्वर दंदरौआ सरकार रामदास जी महाराज एवं अन्य भिंडी ऋषि की पावन धरा के संतों ने मिलकर आम जन के हित के लिए जो पहल की गई है और बीड़ा उठाया है यह बहुत सराहनीय पुनीत कार्य है, जिसमें जिले के समाजसेवी बंधुओ एवं जिले वासियों को दलगत राजनीति से हटकर इस पुनीत कार्य में संतों का सहयोग करना चाहिए, और बढ़ चढ़कर सभी को हिस्सा लेना चाहिए, मुकेश दीक्षित ने आगे कहा यह सिर्फ मात्र एक जन आंदोलन नहीं बल्कि हमारे पवित्र भिंडी ऋषि की पावन धरा के संतों के द्वारा किया जा रहा आम जन के हित के लिए उनके जनकल्याण एवं सुखमय जीवन के लिए महायज्ञ है. इसमें मैं सभी भिंड जिले वासियों से आग्रह करता हूं कि वह बढ़-चढ़कर इस पावन महायज्ञ में अपनी आहुति अवश्य डालें और  संतों के द्वारा उठाए गए इस पुनीत कार्य को सफल बनाए , उन्होंने आगे कहा मुझे पूर्ण विश्वास है कि देश में बैठी  भाजपा की डबल इंजन की मोदी सरकार और देश के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी तथा मध्य प्रदेश के मुखिया मोहन यादव जी निश्चित तौर पर संतो के द्वारा किए जा रहे इस पावन यज्ञ में अपना सहयोग प्रदान करेंगे, और मौत का हाईवे कहा जाने वाला भिंड ग्वालियर सड़क मार्ग को सिक्स लेन हाईवे में परिवर्तित करने की शीघ्र मजूरी प्रदान करने का शीघ्र कार्य करेंगे, उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए आने वाले 10 अप्रैल को भिंड खंडा रोड पर शांतिपूर्वक संतो के द्वारा धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें आम जन दलगत राजनीति से हटकर इस पुनीत कार्य में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें, और 27 मार्च को  9 बजे चंबल पुल से लेकर रानी लक्ष्मीबाई समाधि ग्वालियर स्थल तक शांतिपूर्वक अपने-अपने वाहन द्वारा सम्मिलित होकर धर्म यात्रा की शोभा बढ़ाएं. समाजसेवी मुकेश दीक्षित ने आगे कहा की राजतंत्र में जब अकाल पड़ता था तब राजा अपनी जनता के हित के लिए अपना … Read more

परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा पर ईडी की बड़ी कार्यवाही, 92 करोड़ संपत्ति अटैच

भोपाल परिवहन विभाग में पूर्व आरक्षण सौरभ शर्मा ने काली कमाई से जो 92 करोड़ की संपत्ति बनाई उसें प्रवतन निर्देशालय ईडी ने अटैच कर ली है इसमें सौरभ के रिश्तेदार की नाम पर भोपाल इंदौर ग्वालियर में खरीदी गई प्रॉपर्टी भी शामिल है अटैक की गई प्रॉपर्टी की खरीद फरोखत और इसे ट्रांसफर नहीं किया जा सकता यह नहीं आयकर विभाग की टीम ने 19 और 20 दिसंबर 2024 की निगरानी रात कार्य से जो 52 किलो सोना वह 11 करोड रुपए नगद बरामद किया उसमें भी अटैच कर लिया गया है यही नहीं, आयकर विभाग की टीम ने 19 और 20 दिसंबर 2024 की दरमियानी रात कार से जो 52 किलो सोना व 11 करोड़ रुपए नकद बरामद किए थे, उन्हें भी अटैच कर लिया गया है। कार सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर की थी। चेतन ने स्वीकार किया था कि कार उसकी थी, पर इस्तेमाल सौरभ और सहयोगी करते थे। वहीं, सौरभ शर्मा ने नकदी और सोने से पल्ला झाड़ लिया था। बता दें, लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ के ठिकानों पर छापे मारे थे। इसके बाद 27 दिसंबर और 17 जनवरी को इंडी ने भी छापे मारे थे। मां, पत्नी, सास, सहयोगियों के नाम पर बनी संपत्ति भी     सौरभ शर्मा : ईडी ने भोपाल के अरेरा कॉलोनी स्थित ई-7/78 में सौरभ शर्मा का घर अटैच किया है। अविरल कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम पर खरीदी गई 9 संपत्तियां भी अटैच। इनमें से 7 भोपाल, 2 इंदौर में हैं।     मां उमा शर्मा व पत्नी दिव्या ग्वालियर में 1 प्लॉट, कृषि भूमि अटैच। भोपाल में जिस जमीन पर स्कूल की बिल्डिंग बन रही थी, वह भी अटैच। यह दिव्या के भी नाम पर थी।     सास रेखा तिवारी: भोपाल के मुगलिया कोट में 0.5 हेक्टेयर जमीन अटैच। भोपाल के कुशलपुरा में 2 हेक्टेयर जमीन जब्त।     सहयोगी शरद जायसवाल : भोपाल में खरीदा गया एक प्लॉट अटैच। हिनौतिया आलम में कृषि भूमि जब्त। पांच अन्य प्लॉट भी अटैच। इनमें 3 भोपाल, 2 इंदौर में।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा ने- अय्यर बीच के ओवरों में सर्वश्रेष्ठ भारतीय बल्लेबाज है

नई दिल्ली पंजाब किंग्स (PBKS) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के एक उच्च स्कोरिंग मुकाबले में गुजरात टाइटन्स (GT) पर एक संकीर्ण जीत हासिल की। ​​243/5 के मजबूत स्कोर का बचाव करते हुए पंजाब ने गुजरात को 232/5 पर रोक दिया जिससे रोमांचक 11 रन की जीत दर्ज की गई। मैच के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने श्रेयस अय्यर की पारी के असाधारण पहलू पर अपने विचार साझा किए, उन्होंने कहा कि यह एक शानदार पारी थी और खासकर स्पिन के खिलाफ क्लीन हिटिंग थी। चोपड़ा ने यह भी कहा कि जब स्पिनरों को हिट करने की बात आती है तो श्रेयस बीच के ओवरों में सर्वश्रेष्ठ भारतीय बल्लेबाज हैं। आकाश चोपड़ा ने जियो हॉटस्टार पर कहा, ‘यह सिर्फ साफ-सुथरी, तीखी हिटिंग थी–खासकर स्पिन के खिलाफ। मेरा मानना ​​है कि जब स्पिनरों को हिट करने की बात आती है तो वह बीच के ओवरों में सर्वश्रेष्ठ भारतीय बल्लेबाज है। अक्सर बल्लेबाजों को ओवर टॉप हिट करने से पहले गति बनाने के लिए आगे आना पड़ता है, लेकिन श्रेयस को इसकी जरूरत नहीं है। इससे गेंदबाजों के लिए उनके अगले कदम का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है।’ चोपड़ा ने श्रेयस अय्यर की बेहतर बल्लेबाजी तकनीक पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अय्यर ने अपना रुख थोड़ा खोला है, जिससे उन्हें उन क्षेत्रों तक पहुंचने में मदद मिली है जहां वे पहले नहीं पहुंच पाते थे और शॉर्ट गेंदों को ज़्यादा प्रभावी ढंग से हैंडल कर पाते हैं। यह संतुलित रुख उन्हें गतिशील और नियंत्रण में रखता है, जिससे उनकी शॉट बनाने की क्षमता बढ़ती है। उन्होंने कहा, ‘यह सिर्फ उनके फ्रंट-फुट के खेल की बात नहीं है; वे क्रीज की गहराई का इस्तेमाल करके मिड-विकेट फील्डर के ऊपर से गेंद को हिट करते हैं। एक मुख्य अवलोकन यह है कि उन्होंने अपना रुख थोड़ा खोला है। परंपरागत रूप से बल्लेबाजी एक साइड-ऑन गेम है, लेकिन श्रेयस ने अपने पिछले पैर को इस तरह से समायोजित किया है कि यह अब पॉपिंग क्रीज के समानांतर नहीं है, बल्कि थोड़ा खुला है, पॉइंट और कवर के बीच कहीं।’ चोपड़ा ने कहा, ‘उनका बल्ला, जो पहले लगभग ऑफ-स्टंप के ऊपर से नीचे आता था, अब थोड़ा बाहर की ओर है, जिससे उन्हें उन क्षेत्रों तक पहुंचने में मदद मिलती है, जहां वे पहले नहीं पहुंच पाते थे। इस समायोजन ने शॉर्ट बॉल को संभालने की उनकी क्षमता में भी सुधार किया है। अगर कोई बल्लेबाज सिर्फ शॉर्ट बॉल पर ध्यान केंद्रित करता है और उसका सारा वजन पिछले पैर पर होता है, तो वे शॉट को मिसटाइम करने का जोखिम उठाते हैं। हालांकि, श्रेयस के संतुलित रुख के साथ, वे गतिशील और नियंत्रण में रहते हैं, जो उनकी शॉट बनाने की क्षमता को काफी हद तक बढ़ाता है।’

HC का आदेश MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2025 का अनुमति के बिना रिजल्ट घोषित ना हो, नोटिस जारी

जबलपुर  MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2025 पर हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने एक बड़ा आदेश जारी किया है कोर्ट ने कहा है कि उसकी अनुमति के बिना प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट घोषित न किया जाये, इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। कोर्ट ने राज्य सरकार को, एमपीपीएससी को नोटिस जारी किया है और जवाब तलब किया है। दरअसल भोपाल निवासी अभ्यर्थी ममता देहरिया ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 में भाग लिया है, अभ्यर्थी द्वारा परीक्षा आवेदन जमा करने के तत्काल बाद हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मध्य प्रदेश राज्य सेवा भर्ती परीक्षा नियम 2015 के नियम 4 (1) (a) (ii), तथा नियम 4 (2) (a) (ii) एवं नियम 4 (3) (a) (ii) की संवैधानिकता सहित सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी सर्कुलर 07/11/2000 तथा लोक सेवा अयोग द्वारा प्रकाशित विज्ञापन दिनांक 31/12/2024 की संवैधानिकता क़ो चुनौती देते हुए उक्त प्रावधानों क़ो भारत के संविधान के अनुच्छेद 14,15,16 तथा 335 एवं लोकसेवा आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 4-अं, से असंगत तथा असंवैधानिक बताया गया है। याचिका में मप्र सिविल सेवा भर्ती नियम की संवैधानिकता को दी गई है चुनौती याचिका में कहा गया है कि उक्त प्रावधान आरक्षित वर्ग के प्रतिभावान अभ्यर्थियों क़ो छूट लिए जाने के नाम पर उनको अनारक्षित वर्ग में चयन से रोकते है, ममता देहरिया की याचिका पर आज प्रारंभिक सुनवाई मुख्य न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत तथा न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ में हुई, वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर एवं विनायक प्रसाद शाह ने कोर्ट को बताया कि मध्य प्रदेश शासन एक ओर आरक्षित वर्ग को विभिन्न प्रकार की छूट दे रही है वहीं दूसरी ओर छूट प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को मेरिट में उच्च स्थान प्राप्त करने पर भी अनारक्षित वर्ग में चयन न होने का नियम बना दिया गया है, जो सविधान में निहित सामाजिक न्याय की अवधारणा के विपरीत होने के साथ साथ कई संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है। वकील ने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट के अनेक न्यायिक दृष्टांत हैं जिनमें स्पष्ट किया गया है, राज्य कोई ऐसा कानून नहीं बना सकती जो आरक्षित वर्ग को उनके संवैधानिक अधिकारों के उपभोग से रोकता हो इसलिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आरक्षित वर्ग क़ो अनारक्षित वर्ग में चयन से रोकने वाले समस्त प्रावधान असंवैधनिक तथा निरस्त किए जाने योग्य है,  याचिका कर्ता की ओर से दी गई दलीलो क़ो कोर्ट ने गंभीरता से लिया और याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर राज्य सरकार और एमपीपीएससी को नोटिस जारी किया,  कोर्ट ने लोक सेवा अयोग क़ो निर्देशित किया कि उक्त विज्ञापन तथा नियमों के अनुसार आयोजित परीक्षाओ के रिजल्ट हाई कोर्ट की अनुमति के बिना घोषित न किए जाए, याचिका पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

मध्‍य प्रदेश में बढ़ने लगी गर्मी,मौसम विभाग ने अगले दो दिन तेज गर्मी और लू का अलर्ट जारी किया

भोपाल मध्यप्रदेश में गर्मी का असर अब तेजी से महसूस किया जा रहा है। मंगलवार को रतलाम में पहली बार तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 4.8 डिग्री ज्यादा रहा। वहीं, धार और शिवपुरी में भी पारा 39 डिग्री के पार दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी तेज धूप और गर्म हवाओं का असर देखा गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन गर्मी और तेज हो सकती है, जिसके बाद तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट आ सकती है। प्रदेश में बीते सप्ताह मौसम का मिजाज अलग ही रहा। लगातार पांच दिन आधे से अधिक जिलों में ओले और बारिश का दौर जारी रहा। हालांकि सोमवार से मौसम ने करवट ली और गर्म हवाओं के साथ तेज धूप की वापसी हुई। इसके चलते प्रदेश भर में दिन का तापमान तीन से पांच डिग्री तक बढ़ गया है। खासतौर पर मंगलवार को रतलाम में रिकॉर्ड गर्मी देखी गई, जहां पारा सीधे 40 डिग्री पर पहुंच गया। यह इस सीजन की अब तक की सबसे अधिक गर्मी है। प्रदेश के विभिन्न शहरों का तापमान मंगलवार को प्रदेश के कई शहरों में गर्मी का व्यापक असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, धार में तापमान 39.3 डिग्री, शिवपुरी में 39 डिग्री, खजुराहो में 38.8 डिग्री, गुना में 38.6 डिग्री, दमोह और नर्मदापुरम में 38.5 डिग्री, सागर में 38.2 डिग्री और मंडला-टीकमगढ़ में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 38.6 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन में 38.5 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, भोपाल में 37 डिग्री और जबलपुर में 35.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। रात के समय के तापमान में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। मालवा-निमाड़ में लू का खतरा मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों में मालवा-निमाड़ क्षेत्र में लू चलने की संभावना जताई है। इसमें इंदौर और उज्जैन संभाग के जिले जैसे रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा और धार शामिल हैं। इन इलाकों में लू का असर ज्यादा हो सकता है। रतलाम को छोड़ बाकी शहरों में तापमान 38 से 39 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यदि दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 4.6 डिग्री या उससे अधिक हो और 40 डिग्री पार कर जाए, तो उसे हीट वेव यानी लू की स्थिति मानी जाती है।  इतना रहा पारा मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को धार में 39.3 डिग्री, शिवपुरी में 39 डिग्री, खजुराहो में 38.8 डिग्री, गुना में 38.6 डिग्री, दमोह-नर्मदापुरम में 38.5 डिग्री, सागर में 38.2 डिग्री, मंडला-टीकमगढ़ में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 38.6 डिग्री दर्ज किया गया। उज्जैन में 38.5 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, भोपाल में 37 डिग्री और जबलपुर में 35.8 डिग्री पहुंच गया। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। मालवा-निमाड़ में चल सकती है लू अगले 2 दिन में मालवा-निमाड़ यानी, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में लू का असर रह सकता है। जिनमें रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा, धार आदि शामिल हैं। रतलाम को छोड़ बाकी शहरों में तापमान 38 से 39 डिग्री के बीच है। मौसम विभाग के अनुसार, सामान्यतः दिन का तापमान 40 डिग्री से अधिक या सामान्य से 4.6 डिग्री तक अधिक हो तो हीट वेव यानी लू की स्थिति मानी जाती है। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 26 मार्च: तीखी धूप खिली रहेगी। गर्मी का असर बढ़ा रहेगा। 27 मार्च: दिन-रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी और हो सकती है। दिन में तीखी धूप खिली रहेगी। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा बता दें कि मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। अगले 4 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मार्च से मई तक 15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा हो सकता है। इस कारण 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड… भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।

राजाभोज विमानतल पर एयरफोर्स के विमान की ट्रायल लैंडिंग, पहली बार उतरा बोइंग-777-300ER

भोपाल  भारतीय वायुसेना ने भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर बोइंग 777-300ER की सफल ट्रायल लैंडिंग करवाई, जिससे यह राज्य का पहला एयरपोर्ट बन गया, जो इतने बड़े विमान को होस्ट कर सकता है। लंबी दूरी की उड़ानों के लिए इस्तेमाल होने वाला यह विमान 74 मीटर लंबा और विशाल विंगस्पैन वाला है, जिससे एयरपोर्ट के आधुनिक इंफ्रट्रक्चर और वीवीआईपी मूवमेंट को सपोर्ट करने की क्षमता का प्रमाण मिला। भोपाल एयरपोर्ट को इस अपग्रेड के तहत नए रनवे टर्न पैड और टैक्सीवे विस्तार जैसी सुविधाएं दी गई हैं, जिससे यह बड़े विमानों के संचालन में सक्षम हो गया है। तीन विशेष पार्किंग स्टैंड बनाए गए हैं, जहां बोइंग 777- 300ER जैसे बड़े विमान आसानी से खड़े हो सकते हैं। 2023 में बुनियादी ढांचे का सुधार पूरा हुआ और DGCA से कमीशनिंग की मंजूरी मिलने के बाद यह ऐतिहासिक ट्रायल संभव हुआ। अब तक यहां से 321 (34 मीटर विंगस्पैन) तक के विमान ही संचालित होते थे, लेकिन अब यह एयरपोर्ट और बड़े विमानों को संभालने में सक्षम हो गया है। इस ट्रायल के साथ, भोपाल हवाई अड्डा अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े विमानों के संचालन और वीवीआईपी मूवमेंट के लिए पूरी तरह तैयार हो चुका है, जो राज्य की हवाई सेवाओं के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगा। 64.8 मीटर के विंगस्पैन और 74 मीटर की लंबाई के साथ, बी-777 300-ईआर को आमतौर पर लंबी दूरी की उड़ानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। भोपाल एयरपोर्ट पर उतरने वाला ये अब तक का सबसे बड़ा विमान है। हालांकि ये विमान तो एयर इंडिया का है लेकिन इसका संचालन एयरफोर्स करता है। पायलट भी एयरफोर्स के ही होते हैं। इसी तरह के एक विमान एयर इंडिया वन में पीएम मोदी लंबी विदेश यात्राएं करते हैं। लंबी दूरी की सेवा हो सकेगी शुरू भोपाल एयरपोर्ट से अब लंबी दूरी की हवाई यात्रा भी की जा सकेगी। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया कि बोइंग-777 का विंग स्पान 64.8 मीटर और लंबाई 74 मीटर होती है, जो भोपाल में अब तक आने वाले विमानों की तुलना में दोगुनी है। भोपाल एयरपोर्ट पर आने वाले विमानों की अधिकतम कैपेसिटी 232 यात्रियों की है, बोइंग-777 विमान 325 से 400 यात्रियों के लिए डिजाइन किए जाते हैं और इनसे लंबी दूरी की यात्रा की जा सकती है। बोइंग-777 विमान की लैंडिंग के लिए रन वे, फायर व अन्य सुरक्षा साधनों को बढ़ाया गया है। तकनीकी भाषा में कैटेगरी-9 तक बढ़ाया गया है, जबकि अभी तक भोपाल में कैटेगरी-7 की सुविधाएं उपलब्ध थीं। 17 घंटे लगातार उड़ान भर सकता है बी-777 300-ईआर इस विमान में न सिर्फ बेहतरीन सेल्फ-डिफेंस इक्विपमेंट हैं, बल्कि ये विमान दो GE90-115BL इंजन से लैस है, जो दुनिया का सबसे शक्तिशाली इंजन है। बोइंग 777-300 ईआर एक बार में 17 घंटे तक की उड़ान भर सकता है। भारत से अमेरिका के बीच की लंबी दूरी भी एक बार में तय कर सकता है। वो भी बिना रीफ्यूलिंग के। यानी एक बार के फ्यूल से ही इससे लंबी दूरी की उड़ान भरी जा सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये विमान काफी बड़ा है और इसकी फ्यूल कैपेसिटी भी ज्यादा है। इससे पहले बोइंग 747 में ये क्षमता नहीं थी। बोइंग 777-300 ईआर में सुरक्षा सबसे ज्यादा फोकस बोइंग 777-300 ईआर में सुरक्षा का सबसे ज्यादा ध्यान रखा गया है। नए एयरक्राफ्ट में इंटीग्रेटेड डिफेंसिव इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (AIDEWS) है, जो प्लेन को इलेक्ट्रॉनिक खतरों से बचाता है। इन विमानों में लार्ज एयरक्राफ्ट इंफ्रारेड काउंटरमेजर्स (LAICRM) सेल्फ-प्रोटेक्शन सूट है, जो विमान की तरफ आने वाली मिसाइल को डिटेक्ट करने और उसे जाम करने में मदद करता है। भोपाल एयरपोर्ट पर अभी ए-321 विमानों का संचालन वर्तमान में भोपाल एयरपोर्ट पर अधिकतम A321 विमान (विंगस्पैन 34 मीटर) का संचालन होता है। हालांकि, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से विशेष अनुमति मिलने के बाद, भोपाल एयरपोर्ट अब वीवीआईपी बी-777 300ER विमान को सीमित टेक-ऑफ वर्जन के साथ संचालित करने में सक्षम हो गया है।

ढाबा संचालक ने मांसाहारी नहीं बनाया तो किन्नरों ने किया हमला

सागर सागर जिले के खुरई में किन्नरों की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। एक ढाबा संचालक ने मांसाहारी खाना बनाने से मना किया, तो किन्नर प्रीति नायक ने अपने साथियों के साथ मिलकर उस पर लाठियों, लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। घटना मंगलवार की है और यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। कैसे घटी घटना ढाबा संचालक 28 वर्षीय प्रदीप पटेल पर हुए इस हमले में उनके सिर में गंभीर चोटें आई हैं। कई अन्य कर्मचारियों को भी मामूली चोटें लगी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, किन्नरों ने ढाबे में जमकर तोड़फोड़ की और बाहर खड़े लोगों को भी बेवजह पीटा। पहले भी हो चुका था विवाद रविवार को भी किन्नर प्रीति नायक ने ढाबे पर आकर विवाद किया था, जिसकी शिकायत पुलिस थाने में की गई थी। लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के चलते किन्नरों के हौसले बुलंद हो गए। घायल ढाबा संचालक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले विदिशा में ट्रेन में किन्नरों द्वारा एक युवक की पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया था, जो अब तक शांत नहीं हुआ है, और अब खुरई की यह घटना फिर से किन्नरों की गुंडागर्दी को उजागर कर रही है।  

SC ने HC के देश पर रोक लगा दी जिसमें कहा गया था कि ‘ब्रेस्ट पकड़ना’ और पजामे का नाड़ा तोड़ना बलात्कार का प्रयास नहीं

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस विवादित आदेश पर रोक लगा दी जिसमें कहा गया था कि ‘ब्रेस्ट पकड़ना’ और पजामे का नाड़ा तोड़ना बलात्कार या बलात्कार का प्रयास नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश का स्वत: संज्ञान लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस फैसले में संवेदनशीलता की कमी दिखाई देती है. जस्टिस भूषण आर गवई ने सुनवाई के दौरान कहा कि हमें एक जज द्वारा ऐसे कठोर शब्दों का प्रयोग करने के लिए खेद है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमने हाईकोर्ट के आदेश को देखा है. हाईकोर्ट के आदेश के कुछ पैराग्राफ जैसे 24, 25 और 26 में जज द्वारा संवेदनशीलता की पूर्ण कमी को दर्शाता है. ऐसा भी नहीं है कि फैसला जल्द में लिया गया है. इस मामले में सुनवाई पूरी होकर निर्णय रिजर्व होने के 4 महीने बाद निर्णय सुनाया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पीड़िता की मां ने भी अदालत का दरवाजा खटखटाया है. उसकी याचिका को भी इसके साथ ही जोड़ा जाए. उससे दोनों पर साथ सुनवाई आगे बढ़ेगी. दरअसल,  इलाहाबाद हाईकोर्ट के 17 मार्च को दिए विवादित फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई. जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई के दौरान कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज की कुछ टिप्पणियों पर रोक लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल और अटॉर्नी जनरल को सुनवाई के दौरान कोर्ट की सहायता करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम केंद्र, उत्तर प्रदेश को नोटिस जारी करते हैं. कोर्ट ने कहा कि हम दो हफ्ते बाद मंगलवार को इस पर सुनवाई करेंगे. इलाहाबाद कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया था? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि पीड़ित के ब्रेस्ट को पकड़ना, और पाजामे के नाड़े को तोड़ने के आरोप के चलते ही आरोपी के खिलाफ रेप की कोशिश का मामला नहीं बन जाता. फैसला देने वाले जज जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा ने 11 साल की लड़की के साथ हुई इस घटना के तथ्यों को रिकॉर्ड करने के बाद यह कहा था कि इन आरोप के चलते यह महिला की गरिमा पर आघात का मामला तो बनता है. लेकिन इसे रेप का प्रयास नहीं कह सकते. पहले क‍िया था इनकार इससे पहले नाबालिग लड़की के साथ रेप की कोशिश से जुड़े फैसले को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार किया था. याचिका में जजमेंट के उस विवादित हिस्से को हटाने की मांग की गई है, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि ‘इस केस में पीड़ित के ब्रेस्ट को पकड़ना,और पजामे के नाड़े को तोड़ने के आरोप के चलते ही आरोपी के खिलाफ रेप की कोशिश का मामला नहीं बन जाता’. याचिका में क्या था इलाहाबाद हाई कोर्ट के 17 मार्च को दिए विवादित फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जनहित में सुप्रीम कोर्ट से जजमेंट के विवादित हिस्से को हटाने की मांग की गई थी। याचिका में मांग की गई थी कि कोर्ट केन्द्र सरकार/ हाई कोर्ट रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दे कि वो फैसले के इस विवादित हिस्से को हटाया जाए। इसके साथ ही याचिका में मांग की गई थी कि जजों की ओर से की जाने वाली ऐसी विवादित टिप्पणियों को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट अपनी ओर से दिशानिर्देश जारी करें। क्यों की खारिज समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी और प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि न्यायालय इस पर विचार करने के लिए इच्छुक नहीं है। याचिकाकर्ता के वकील ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना का हवाला देते हुए अपनी दलीलें शुरू कीं, तो न्यायमूर्ति त्रिवेदी ने उन्हें बीच में ही रोक दिया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर अपने मामले पेश करने वाले वकीलों को “लेक्चरबाजी” नहीं करनी चाहिए। इसके बाद न्यायालय ने याचिका खारिज कर दी। क्या है मामला यह फैसला पवन और आकाश नामक दो लोगों से जुड़े एक मामले पर आया है, जिन्होंने कथित तौर पर नाबालिग के स्तनों को पकड़ा, उसके पायजामे का नाड़ा फाड़ दिया और उसे एक पुलिया के नीचे खींचने की कोशिश की। शुरुआत में, उन पर आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। हालांकि, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि उनका कृत्य बलात्कार या बलात्कार के प्रयास के रूप में योग्य नहीं था, बल्कि यह गंभीर यौन हमले के कम गंभीर आरोप के अंतर्गत आता है, जो कि भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (बी) और पोक्सो अधिनियम की धारा 9 (एम) के तहत दंडनीय है।  

अधिकारियों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना पुलिस कांस्टेबल को पड़ा भरी पहुंचा जेल

जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ सहित कई पुलिसकर्मियों को अपशब्द बोलने वाले पुलिस कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह को विधायकपुरी थाना पुलिस ने सोमवार देर रात को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार पुलिस कांस्टेबल सुरेन्द्र ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर 20 मार्च को एक वीडियो पोस्ट कर छह पुलिस अधिकारियों सहित एक निजी व्यक्ति के खिलाफ गलत टिप्पणी की थी। इस पर हरजी खटीक की ओर से विधायकपुरी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखकर आरोपी पुलिस कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है। सहायक पुलिस आयुक्त अशोक नगर बालाराम चौधरी ने बताया कि आरोपी पुलिस कांस्टेबल सुरेन्द्र सिंह ने बीस अधिकारियों को अपशब्द कहे थे। हरजी खटीक की ओर से विधायकपुरी थाने में एक एफआईआर दर्ज कराई गई। आरोपी पुलिस कांस्टेबल सुरेन्द्र को घटना के बाद सस्पेंड कर दिया गया था। आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी इस प्रकार की कई शिकायतें सामने आई हैं। इनकी जांच की जा रही है। वहीं आरोपी पुलिस कांस्टेबल से पूछताछ की गई तो उसने नशे में होना कारण बताया। पुलिस जांच कर रही है कि आखिर पुलिस कांस्टेबल ने इतने गंदे शब्दों का इस्तेमाल सोशल मीडिया पर कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ क्यों किए। आखिर वह किस बात को लेकर ऐसा बोल रहा था, इस पर जांच की जा रही है।

जबलपुर में पेरेंट्स को महंगी किताबों से राहत दिलाने के लिए बड़ी पहल, आधी कीमत पर किताबें, यूनिफॉर्म, स्कूल बैग

जबलपुर मध्यप्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने वाला है। इससे पहले जबलपुर जिले में पेरेंट्स को महंगी किताबों से राहत दिलाने के लिए बड़ी पहल की गई है। यहां लगाए गए पुस्तक मेले में आधी कीमतों पर स्कूली किताबें मिल रही हैं। इसका फायदा जिले के 1800 स्कूल में पढ़ने वाले पहली से बारहवीं क्लास तक के 4 लाख स्टूडेंट्स के पेरेंट्स को मिलेगा। खास बात यह है कि यहां स्टूडेंट्स को करियर काउंसिलिंग भी कराई जाएगी। वहीं, अगर कोई अपनी पुरानी किताबें डोनेट करना चाहता है तो बुक बैंक में दे सकता है। शहर के गोल बाजार स्थित शहीद स्मारक में 25 मार्च से शुरू हुआ पुस्तक मेला 5 अप्रैल तक चलेगा। मंगलवार शाम को मेले का उद्घाटन लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने किया। मेले में 57 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां किताबों पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। एनसीईआरटी की किताबें भी काफी कम दामों में उपलब्ध हैं। 3500 रुपए का बुक सेट 1500 रुपए में मेले में पहुंचे अभिभावक हनुमंत राव ने बताया कि पिछले साल पहली कक्षा का बुक सेट खरीदने में 3 से 3.5 हजार रुपए खर्च हुए थे। यही किताबें इस साल यहां 1500 रुपए में मिल रही हैं। अब तक स्कूल प्रबंधन की निर्धारित दुकानों से ही कॉपी-किताबें खरीदनी पड़ती थी लेकिन इस पुस्तक मेले से काफी राहत मिली है। निजी स्कूलों और प्रकाशकों की मिलीभगत पर भी रोक लगी है। पेरेंट्स सचिन गुप्ता ने बताया कि कक्षा 11वीं की गणित विषय की पुस्तकों और कॉपियों का सेट बाहर दुकानों में 5000 रुपए तक मिलता था लेकिन इस मेले में एनसीईआरटी की किताबों का सेट लगभग 1800 रुपए तक मिल रहा है। कक्षा 9वीं की छात्रा प्रियांशी ने बताया कि पहले निजी प्रकाशकों की मेरी किताबें 4500 रुपए तक आती थीं। लेकिन इस पुस्तक मेले में यही किताबें आधे से भी कम दामों में मिल गई हैं। प्रकाशक एवं बुक सेलर्स श्रीकांत इंदुरख्या और चंचल अग्रवाल का कहना है कि मेले से प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। डिस्काउंट भी उसी हिसाब से देना पड़ रहा है। वैसे भी एनसीईआरटी की किताबें कम दामों की रहती है। उसके बाद भी लोगों को 2 से 3 प्रतिशत तक का डिस्काउंट दिया जा रहा है। जबलपुर बेस्ट पब्लिशर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप प्रवाह और सुदीप जैन ने बताया कि पुस्तक मेले में जबलपुर बेस्ड लगभग 30 पब्लिशर्स शामिल हुए हैं। सभी पुस्तकों पर डिस्काउंट दे रहे हैं। इस पुस्तक मेले के जरिए अभिभावकों तक नई-नई पुस्तकों की जानकारी सीधे पहुंच रही है। 250 से 500 तक यूनिफॉर्म के रेट पुस्तक मेले में स्कूल यूनिफॉर्म भी बेची जा रही है। इसमें कक्षा पहली से लेकर 12वीं तक के छात्रों के शर्ट और पेंट के रेट 250 से लेकर 500 तक हैं। लगभग 20% की छूट दी जा रही है। वहीं, गर्ल्स के लिए ट्यूनिक 400 रुपए और स्कर्ट 300 में बेचा जा रहा है। इन पर 20% की छूट है। इसके अलावा टाई ₹100 और मोजे ₹50 में बेचे जा रहे हैं। वहीं, बुधवार और शनिवार को स्कूलों में लगने वाले लोअर और शर्ट की कीमत भी 250 से 300 रुपए है। बुक बैंक, करियर काउंसिलिंग भी 12 दिन तक चलने वाले पुस्तक मेले में पुरानी किताबों को बदलने के लिए बुक बैंक का स्टॉल भी लगाया गया है। यहां विद्यार्थी अपनी पुरानी पुस्तकें दान कर सकते हैं। बुक बैंक के व्यवस्थित संचालन के लिए सभी विद्यालयों और नागरिकों से पुरानी पुस्तकें एकत्रित की गई हैं। अभी तक लगभग 10 हजार से ज्यादा पुस्तकें इकट्‌ठी की जा चुकी हैं। मेले में छात्र-छात्राओं की करियर काउंसिलिंग के लिए भी स्टॉल लगा है। फूड स्टॉलों के साथ बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले भी लगाए जा रहे हैं। मेले में हर दिन होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम जबलपुर पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत सिंह ने बताया- मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। 26 मार्च को कीर्ति श्रीवास्तव, 27 मार्च को धीरज शर्मा एवं समूह द्वारा गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। झील सिंह द्वारा नृत्य एवं लाइव पेंटिंग की प्रस्तुति 28 मार्च के कार्यक्रमों के आकर्षण का मुख्य केंद्र होगी। 29 मार्च को शास्त्रीय, उपशास्त्रीय और भक्ति प्रधान विधाओं पर सामूहिक नृत्य होंगे। 30 मार्च को बेटी बचाओ एवं बेटी पढ़ाओ पर आधारित सामूहिक नृत्य होगा। 31 मार्च को जबलपुर के दर्शनीय स्थलों का मंचन करती कलात्मक प्रस्तुतियां पेश की जाएंगी। 1 अप्रैल को एकल और सामूहिक गीत, 2 अप्रैल को अयोध्या के राम जबकि 3 अप्रैल को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देती कलात्मक प्रस्तुतियां होंगी। पुस्तक मेले में 4 अप्रैल को भैरवी विश्वरूप एवं समूह और नव नृत्यांजलि कला केंद्र द्वारा नृत्य और अंतिम दिन 5 अप्रैल को लोक नृत्य किए जांएगे।

USCIRF ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में किया दावा; भारत में अल्पसंख्यक सेफ नहीं, RAW करा रहा विदेशों में हत्याएं

वॉशिंगटन  दुनिया भर के देशों के प्रवासियों को हथकड़ी पहनाकर आतंकियों की तरह मिलिट्री जहाजों में भेजने वाले अमेरिका ने धार्मिक स्वतंत्रता पर भारत को ज्ञान दिया है। अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग ने मंगलवार को भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर टिप्पणी की है। इसमें कहा गया है कि भारत में अल्पसंख्यकों के साथ बुरा व्यवहार हो रहा है। अमेरिकी आयोग ने भारत की जासूसी एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। इसके लिए उसने सिख अलगाववादियों की कथित हत्या में भारतीय एजेंसी की संलिप्तता के बेबुनियाद आरोपों को आधार बनाया है। क्या ट्रंप लगाएंगे प्रतिबंध? रिपोर्ट में उस भारत की जासूसी एजेंसी के खिलाफ ऐक्शन की बात कही है, जिसके साथ वॉशिंगटन ने चीन की साझा चिंताओं को देखते हुए घनिष्ठ संबंध बनाने की कोशिश की है। विश्लेषकों का कहना है कि वॉशिंगटन ने लंबे समय से नई दिल्ली को एशिया और अन्य जगहों पर चीन के बढ़ते प्रभाव के प्रतिकार के रूप में देखा है। रॉयट्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस बात की संभावना बहुत कम है कि अमेरिकी सरकार भारत की जासूसी संस्था RAW के खिलाफ प्रतिबंध लगाएगी, क्योंकि पैनल की सिफारिशें बाध्यकारी नहीं है। बाइडन प्रशासन के दौरान भारत पर लगा था आरोप बाइडन प्रशासन के दौरान अमेरिका में कथित तौर पर सिख अलगाववादियों को निशाना बनाए जाने के आरोपों को लेकर नई दिल्ली और वॉशिंगटन के संबंधो में असहजता देखने को मिली थी। वॉशिंटन ने एक पूर्व भारतीय खुफिया अधिकारी विकास यादव पर एक अमेरिकी नागरिक गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश रचने का आरोप लगाया था। भारत ने इसमें शामिल होने से इनकार किया था। हालांकि, भारत सरकार पन्नू को सिख आतंकवादी मानती है और उसे सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में देखती है। मोदी सरकार पर लगाया आरोप मंगलवार को जारी अमेरिकी आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘साल 2024 में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति और खराब होती गई, क्योंकि धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले और भेदभाव बढ़ता रहेगा।’ इसमें कहा गया कि ‘हिंदू राष्ट्रवादी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी भारतीय जनता पार्टी’ ने पिछले साल के चुनाव अभियान के दौरान ‘मुसलमानों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ घृणित बयानबाजी और गलत सूचनाओं का प्रचार किया।’ आयोग ने अमेरिकी सरकार से धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करने के लिए भारत को विशेष चिंता का देश घोषित करने और यादव एवं रॉ के खिलाफ लक्षित प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की। रिपोर्ट में कम्युनिस्ट शासित वियतनाम को भी विशेष चिंता वाले देशों में शामिल करने की सिफारिश की गई है।

सेंचुरी मायने रखती है, लेकिन टीम के हित से ऊपर कुछ भी नहीं! यही दिखाया पंजाब किंग्स के कैप्टन श्रेयस अय्यर ने

नई दिल्ली पर्सनल माइलस्टोन मायने रखता है। सेंचुरी मायने रखती है। लेकिन टीम के हित से ऊपर कुछ भी नहीं! यही दिखाया पंजाब किंग्स के कैप्टन श्रेयस अय्यर ने। मंगलवार को अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस के खिलाफ अय्यर ने महज 42 गेंदों में 97 रनों की नाबाद पारी खेली। उनके पास आईपीएल में अपना पहला शतक लगाने का भरपूर मौका था। पहले बल्लेबाजी करते हुए 19वें ओवर के खात्मे पर पंजाब किंग्स का स्कोर 5 विकेट के नुकसान पर 220 रन था। अय्यर 97 रन बना चुके थे तो शशांक सिंह 10 गेंदों पर ताबड़तोड़ 22 रन बटोर चुके थे। सामने कोई रन का टारगेट नहीं था। चेज नहीं कर रहे थे। आखिरी ओवर में स्ट्राइक शशांक के पास थी। सिंगल से छोर बदलते ही अय्यर सेंचुरी पूरी कर सकते थे लेकिन उन्होंने आखिरी ओवर की शुरुआत से ठीक पहले शशांक से कहा- मेरी सेंचुरी की चिंता मत करो। जितना ज्यादा हो सके, रन बनाओ। आखिरी ओवर की शुरुआत से ठीक पहले अय्यर शशांक के पास पहुंचे और उनसे कुछ बात की। आखिर उन्होंने पार्टनर से क्या कहा, इसका खुलासा खुद शशांक ने मैच के बाद किया। उन्होंने बताया कि अय्यर ने आखिरी ओवर शुरू होने से पहले उनसे कहा कि मेरी सेंचुरी की फिक्र मत करना, टीम के लिए जितना अधिक से अधिक रन बटोर सकते हो, इस पर फोकस करना। शशांक ने भी अपने कप्तान को निराश नहीं किया और उनके भरोसे पर खरे उतरे। उन्होंने पूरा ओवर खेला और गुजरात के गेंदबाज मोहम्मद सिराज की ऐसी धुलाई की कि वह याद रखेंगे। आखिरी ओवर में शशांक का धूमधड़ाका गुजरात की तरफ से आखिरी ओवर लेकर आए मोहम्मद सिराज। लेकिन श्रेयस अय्यर की हौसलाफजाई के बाद शशांत को जैसे अलग ही मूड में थे। एक के बाद एक उन्होंने सिराज की गेंदों को सीमारेखा से बाहर पहुंचाना शुरू कर दिया। 4,2,4,4,4,4…बीच में एक वाइड भी। इस तरह शशांक आखिरी ओवर में पंजाब किंग्स के खाते में 23 रन जोड़ दिए। उन्होंने मात्र 16 गेंदों में 6 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 44 रन की नाबाद तूफानी पारी खेली। दूसरे छोर पर श्रेयस अय्यर शतक 97 रनों पर नाबाद खड़े रहे। पंजाब की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 243 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। बाद में जब शशांक से अय्यर का शतक नहीं पूरा हो पाने को लेकर सवाल किया गया तो उनका जवाब था, ‘हां, ये अच्छा कैमियो था। लेकिन श्रेयस को देखकर मुझे और प्रेरणा मिली। ईमानदारी से कहूं तो श्रेयस ने पहले बॉल से ही मुझे कह रखा था कि मेरे शतक की परवाह मत करना। सिर्फ गेंद को देखो और उसके हिसाब से खेलो।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने कोशिश की और ये सुनिश्चित किया कि मैं बाउंड्री लगा लगाऊं। जब आप उस नंबर पर बैटिंग करते हैं तो ये भी मुमकिन है कि आप हमेशा अच्छे से हिट नहीं कर पाए। मुझे पता है कि मैं कौन से शॉट खेल सकता हूं। मैंने अपनी ताकत पर फोकस किया न कि उन चीजों पर जिनको मैं नहीं कर सकता।’ पंजाब ने मैच को 11 रनों से जीत लिया। 244 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए गुजरात टाइटंस 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर सिर्फ 232 रन ही जुटा सकी। जीटी ने जिस तरह से लक्ष्य का पीछा किया और करीब तक पहुंची, वो बताता है कि पंजाब की टीम ने अगर आखिरी ओवर में 23 रन नहीं बटोरी होती तो ये मैच उनकी हाथ से लगभग फिसल ही जाता।

दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका के जंगलों में भीषण आग ने मचाई तबाही, 18 की मौत, कई हुए बेघर

सियोल अमेरिका के कैलिफोर्निया में उत्पात मचाने के बाद अब जंगल की आग ने साउथ कोरिया में भीषण तबाही मचाई है। देश के दक्षिणी क्षेत्र में लगी इस आग में अब तक कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों के अनुसार 18 मृतकों में चार अग्निशामक और सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं। बुधवार को अधिकारियों ने बताया है कि आग में 200 से ज्यादा इमारतें राख हो चुकी हैं। वहीं लगभग 27 हजार से ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। इसे कोरिया के इतिहास की सबसे भीषण जंगल की आग बताया जा रहा है। दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू ने बताया है कि यह आग बीते शुक्रवार को लगी थी और यह पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक है। हान ने कहा, “नुकसान बढ़ता जा रहा है। ऐसी भीषण आग पहले कभी नहीं देखी गई। हम इस सप्ताह पूरी क्षमता के साथ आग को बुझाने की कोशिश करनी होंगी।” हान ने कहा कि रात भर तेज हवाएं चलने की वजह से जंगल में लगी आग को बुझाने के लिए कर्मचारियों को संघर्ष करना पड़ रहा है। हान ने आगे बताया कि बुधवार को लगभग 4,650 दमकल कर्मी, सैनिक और अन्य कर्मचारी लगभग 130 हेलीकॉप्टरों की मदद से जंगल में लगी आग को बुझाने के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गुरुवार को थोड़ी राहत मिलने की की उम्मीद है। पांच जगह लगी भीषण आग दक्षिण कोरिया में पांच अलग-अलग स्थानों पर जंगल में भीषण आग लगी है। कोरिया वन सेवा के मुताबिक शनिवार को सानचियोंग में आग की चपेट में आने से चार दमकल कर्मियों की जान गई है। कार्यवाहक प्रधानमंत्री हान डक-सू ने आग को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास करने करने की बात कही है। उन्होंने लोगों से भी सतर्कता बरतने को कहा है। 5500 लोगों को घर छोड़ना पड़ा अंडोंग और उसके पड़ोसी उइसियोंग व सानचियोंग काउंटियों तथा उल्सान शहर के 5500 से ज्यादा लोगों को अपने घरों को छोड़ना पड़ा है। दक्षिण कोरिया के आंतरिक एवं सुरक्षा मंत्रालय के मुताबिक आग ने यहां सबसे भीषण रूप धारण कर रखा है। उइसोंग काउंटी में लगी आग तेजी से आगे फैल रही है। अब अंडोंग और उइसोंग काउंटी के अधिकारियों ने कई गांवों और अंडोंग विश्वविद्यालय के पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया है। 130 हेलीकॉप्टर आग बुझाने में जुटे अधिकारियों का कहना है कि दमकल कर्मियों ने काफी हद तक आग बुझा दी थी। मगर शुष्क मौसम और तेज हवाओं के कारण आग ने दोबारा प्रचंड रूप धारण कर लिया। आग बुझाने में लगभग 9,000 दमकल कर्मी, 130 से अधिक हेलीकॉप्टर और सैकड़ों वाहनों की मदद ली जा रही है। 7वीं शताब्दी का मंदिर नष्ट कोरिया हेरिटेज सर्विस के अधिकारियों के मुताबिक उइसोंग में लगी आग ने 1300 साल पुराने बौद्ध मंदिर गौंसा को तबाह कर दिया है। इस मंदिर लकड़ी का बना था। इसे 7वीं शताब्दी में बनाया गया था। हालांकि यहां किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मंदिर तक आग पहुंचने से पहले ही भगवान बुद्ध की प्रतिमा और कुछ राष्ट्रीय धरोहरों को निकाल लिया गया था। 2600 कैदियों को दूसरी जगह भेजा जा रहा आग की वजह से योंगदेओक शहर में सड़कों को बंद कर दिया गया है। चार गांवों के लोगों से अपने घरों को छोड़ने को कहा गया है। चेओंगसोंग काउंटी की एक जेल से लगभग 2600 कैदियों को दूसरी जगह भेजा जा रहा है। हालांकि दक्षिण कोरिया के न्याय मंत्रालय ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की। 1,300 साल पुराना बौद्ध मठ जलकर खाक सरकार के आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र ने बताया कि इस आग में 1,300 साल पुराना बौद्ध मठ भी जलकर खाक हो गया है। कोरिया हेरिटेज सर्विस के अधिकारियों के मुताबिक उइसोंग में लगी आग में 7वीं शताब्दी में निर्मित गौंसा नाम के मठ को काफी नुकसान पहुंचा। अनुमान के मुताबिक आग अब तक करीब 43,330 एकड़ जमीन को अपने अंदर लील चुकी है। शुष्क हवाओं ने बढ़ाई मुश्किलें इससे पहले देश के दक्षिण-पूर्वी शहरों और कस्बों के अधिकारियों ने मंगलवार को लोगों को शहर खाली करने के निर्देश जारी किए थे। दक्षिण कोरिया के गृह मंत्रालय के अनुसार सबसे ज्यादा नुकसान एंडोंग, पड़ोसी काउंटी उइसोंग और सांचोंग और उल्सान जैसे शहरों में हुआ है। वहीं इससे पहले मंगलवार को अधिकारियों ने कहा था कि दमकलकर्मियों ने कुछ क्षेत्रों में लगी आग की अधिकांश लपटों को बुझा दिया है लेकिन हवा और शुष्क परिस्थितियों के कारण आग फिर से भड़क गई।

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