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एमएस धोनी स्टंपिंग देख मंत्रमुग्ध हुए मैथ्यू हेडन

चेपॉक महेंद्र सिंह धोनी ने 43 साल की उम्र होने के बावजूद रविवार को चेपॉक में खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मैच में जिस तरह की फुर्ती दिखाकर मुंबई इंडियंस के कप्तान सूर्यकुमार यादव को स्टंप आउट किया उसे देखकर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन मंत्रमुग्ध हो गए। स्टार स्पोर्ट्स के अनुसार धोनी ने स्टंपिंग को महज 0.12 सेकेंड में अंजाम दिया। धोनी अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर हैं। उन्होंने पांच साल पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स को पांच आईपीएल खिताब दिलाने के बाद वह अपनी इस टीम की तरफ से केवल एक खिलाड़ी के रूप में खेल रहे हैं।   धोनी ने रविवार को एक बार फिर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया जब उन्होंने नूर अहमद की गेंद पर तुरंत गिल्लियांं उड़ा दी और सूर्यकुमार को वापस पवेलियन भेज दिया। हेडन ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो के टी20 टाइम आउट पर कहा, ‘धोनी बहुत आक्रामक विकेटकीपिंग कर रहे थे। उन्होंने गजब की फुर्ती दिखाई। मेरे कहने का मतलब है कि नूर अहमद लेग साइड में गेंदबाजी कर रहे थे और ऐसे में स्टंपिंग करना बहुत मुश्किल होता है।’ उन्होंने कहा, ‘हालांकि, सूर्यकुमार के खिलाफ तब उनकी स्टंपिंग बहुत शानदार थी। इतनी तेज टाइमिंग, हाथों से दिखाया गया शानदार कला। उन्होंने गेंद पर नजर बनाए रखा। वह अब भी पहले की तरह ही खेल रहे हैं।’ वहीं, नूर अहमद ने भी धोनी की तारीफ की। सीएसके के इस चाइनामैन स्पिनर ने कहा, ‘उनकी स्टंपिंग सबसे अच्छी थी। स्टंप के पीछे माही भाई जैसे किसी व्यक्ति का होना बहुत अच्छा लगता है। यह मेरे लिए बहुत बड़ा फायदा है। सूर्यकुमार का विकेट मेरा पसंदीदा विकेट था।’ 300 से ज्यादा दिनों के बाद माही ने मैदान पर वापसी की। आईपीएल 2024 के बाद वह पहली बार कोई प्रतिस्पर्धी मैच खेलते दिखे। हालांकि, धोनी मैच में दो गेंदों पर कोई रन नहीं बना सके, लेकिन वह नाबाद पवेलियन लौटे। धोनी को सीएसके ने अनकैप्ड प्लेयर के तौर पर टीम में शामिल किया है। माही के लिए आईपीएल कमिटी ने नियमों में बदलाव किया था।  

भारतीय चिप लाने पर चल रहा काम, चीन की होगी छूटी

नई दिल्ली स्मार्टफोन मार्केट की बात होती है भारत का जिक्र जरूर होता है। क्योंकि भारत एक बड़ी स्मार्टफोन मार्केट है और हर कंपनी इसमें एंट्री करना चाहती है। बढ़ती डिमांड और यूजर्स को ध्यान में रखते हुए सरकार की तरफ से एक नई शुरुआत की गई है। इसमें मोबाइल चिप पर काम किया जा रहा है। अभी तक इस मार्केट चीन और अमेरिका का दबदबा है। इसके अलावा साउथ कोरियन कंपनी सैमसंग के स्मार्टफोन भी डिमांड में रहते हैं। इन सबके बावजूद भारतीय कंपनियों के स्मार्टफोन की डिमांड नहीं रहती है। अब सरकार एक ऐसा प्लान बना रही है, जिसके तहत भारतीय मोबाइल चिप लाई जा सकती है। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स (MeitY) और डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DoT) की तरफ से काम किया जा रहा है। खास बात है कि अब दोनों ही डिपार्टमेंट इस पर साथ आ गए हैं। दोनों की तरफ से मोबाइल चिप पर काम किया जा रहा है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत इस काम को पूरा किया जा रहा है। एक वरिष्ठ मिनिस्ट्री ऑफिशियल ने ET को इसकी जानकारी दी है। भारतीय चिप की मदद से स्मार्टफोन मार्केट को बूस्ट मिल सकता है। साथ ही इससे स्मार्टफोन की डिमांड में भारतीय चिप का इस्तेमाल किया जा सकता है। भारतीय चिप पर क्या बोले सेक्रेटरी कृष्णन मिनिस्ट्री ऑफ इलेट्रॉनिक्स और IT के सचिव एस कृष्णन ने कांग्रेस में कहा, ‘जब हम भारत में विकसित किए जा रहे मोबाइल फोन ऑपरेटिंग सिस्टम की बात कर रहे हैं, तो मोबाइल फोन के चिपसेट की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। इस दिशा में हम डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसके अलावा, (इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय) इसे “इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन” और “डिजाइन-लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम” के तहत समर्थन दे रहा है।’ बजट में भी था सेमीकंडक्टर पर फोकस भारत ने इस बार के बजट में सेमीकंडक्टर पर फोकस किया है। यही वजह है कि बजट में 83 फीसद का इजाफा किया गया है। इस तरह सेमीकंडक्टर का बजट करीब 7,000 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि मोबाइल फोन के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इनीशिएटिव यानी पीएलआई स्कीम का बजट 55 फीसद बढ़कर 9,000 करोड़ रुपये हो गया है। इसके साथ ही ये साफ हो गया है कि सरकार की तरफ से भी इस पर फोकस किया जा रहा है। वहीं, चीन का सेमीकंडक्टर बजट करीब 47 बिलियन डॉलर यानी करीब 4 लाख करोड़ रुपये है, जो कि भारत के मुकाबले में काफी ज्यादा है। AI सपोर्ट वाली सेमीकंडक्टर चिप AI के लिए भी सेमीकंडक्टर चिप महत्वपूर्ण साबित होने वाली है। इसकी मदद से AI एप्लीकेशन को भी बढ़ावा मिल सकता है। कृष्णन की तरफ से इस पर भी फोकस किया जाता है। वह कहते हैं, ‘इनमें से कई AI एप्लिकेशन टेलीकॉम से जुड़ी बुनियादी संरचना का उपयोग करेंगे, डेटा को एक साथ लाएंगे, और यह एक सहज प्रक्रिया होगी जो सभी चीजों को जोड़कर रखेगी।’ यानी भारत सरकार की स्कीम को भी इससे लाभ मिलने वाला है। भारत में नौकरियों पर पड़ेगा असर ? भारत में AI की वजह से नौकरियों पर भी असर पड़ेगा ? ये सवाल हर किसी के मन में है। कृष्णन ने इसके जवाब सीधा नहीं कहा है। उन्होंने कहा कि भारत में AI की वजह से नौकरियों पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। क्योंकि यहां व्हाइट कॉलर जॉब बहुत कम हैं। हमारे यहां ऑफिस जॉब्स कम देखने को मिलती है। अभी AI ऐसे काम पर असर डाल सकता है जो रोजाना एक जैसा होता है। लेकिन भारतीय बाजार पर फिलहाल इसका असर कम देखने को मिल सकता है।’

प्रदेश में सामुदायिक सहभागिता से 5 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों को क्षयरोग मुक्त घोषित किया जा चुका

टीबी मुक्त भारत के लिए मध्यप्रदेश प्रतिबद्ध : उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निक्षय भारत अभियान में मध्यप्रदेश के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर स्वास्थ्यकर्मियों, निक्षय मित्रों की सराहना की  प्रदेश में सामुदायिक सहभागिता से 5 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों को क्षयरोग मुक्त घोषित किया जा चुका उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने 5 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें क्षयरोग मुक्त घोषित भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निक्षय भारत अभियान के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्यकर्मियों, निक्षय मित्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं की सराहना की है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश 2025 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य केवल शासकीय प्रयासों से ही संभव नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी से ही इसे साकार किया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि इस अभियान में सहयोग दें और टीबी मुक्त मध्यप्रदेश बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्व टीबी दिवस पर स्वास्थ्यकर्मियों, निक्षय मित्रों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की प्रतिबद्धता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि सबकी मेहनत और सेवा भाव से ही मध्यप्रदेश क्षयरोग उन्मूलन की दिशा में इतनी तेज गति से आगे बढ़ा है। निक्षय मित्रों ने अपने स्तर पर आर्थिक और पोषण सहायता प्रदान कर मरीजों को नया जीवन दिया है, जो एक अनुकरणीय उदाहरण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से हम टीबी मुक्त भारत का सपना साकार करेंगे। मध्यप्रदेश में 100 दिवसीय विशेष निक्षय शिविर अभियान के तहत 7 दिसंबर 2024 से 23 जिलों में गहन टीबी खोज और उपचार अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य उच्च टीबी बोझ वाले जिलों में टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान, मृत्यु दर में कमी और नए मामलों को रोकना है। इस अभियान के तहत 78 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 21 हजार 430 नए टीबी मरीज चिन्हित (नोटिफाई) किए गए और उनका तुरंत उपचार शुरू कराया गया। डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। इस दौरान 19 हजार से अधिक निक्षय मित्रों ने 25 हजार से अधिक टीबी मरीजों को पोषण सहायता प्रदान की और 4 लाख से अधिक नागरिकों ने टीबी मुक्त भारत के संकल्प की शपथ ली। प्रदेश में सामुदायिक सहभागिता के अंतर्गत 5 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों को क्षयरोग मुक्त घोषित किया जा चुका है। मध्यप्रदेश ने क्षयरोग (टीबी) उन्मूलन के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों को प्राप्त किया है। वर्ष 2020 में संभावित क्षयरोगी दर 532 प्रति लाख थी, जो 2024 में बढ़कर 3031 प्रति लाख हो गई, जो रोगियों की शीघ्र पहचान और बेहतर निगरानी का प्रमाण है। वर्ष 2024 में 1 लाख 90 हजार क्षय रोगियों को खोजने के लक्ष्य के विरुद्ध 1 लाख 81 हजार 85 (95%) रोगियों की पहचान की गई। प्रदेश में टीबी उपचार की सफलता दर 87% है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन को दर्शाती है। गत 1 नवंबर 2024 से सभी अधिसूचित टीबी मरीजों को उपचार के दौरान एक हजार रूपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जो पहले 500 रूपये प्रतिमाह थी। इसके अलावा, अधिसूचित जनजातीय क्षेत्रों में सभी खोजे गए टीबी रोगियों को 750 रूपये की एकमुश्त राशि भी प्रदान की जा रही है। प्रदेश की सभी जेलों में भी समय-समय पर आईसीएमआर की हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से टीबी स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। बलगम के नमूने लेकर उन्हें सीबीनेट और टूनेट मशीनों द्वारा जांच की जाती है, जिससे जेलों में क्षयरोग के मामलों की शीघ्र पहचान हो रही है।  

उदयपुर की ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण और पर्यावरण बचाने गुलाबबाग में बावड़ी की बदली तस्वीर

उदयपुर शहर में सिविक सेंस, ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान का आयोजन किया गया। गुलाबबाग में बर्ड पार्क के सामने स्थित बावड़ी, जो लंबे समय से उपेक्षा का शिकार थी, को स्वच्छ बनाने के लिए युवाओं ने श्रमदान किया। यह अभियान लगभग 4 घंटे तक चला, जिसमें दर्जनों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सार संवाद द्वारा शुरू की गई इस मुहिम में स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। श्रमदान के दौरान एक ट्रैक्टर कचरे का ढेर बाहर निकाला गया और बावड़ी को पूरी तरह साफ किया गया। इस नेक पहल में यूआईटी के पूर्व चेयरमैन रविंद्र श्रीमाली सहित कई शहरप्रेमी भी शामिल हुए और युवाओं का उत्साहवर्धन किया। सार संवाद का प्रयास सार संवाद ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस अभियान की शुरुआत की थी। संयोजक अविचल दूबे ने बताया कि इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य उदयपुर की ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण और पर्यावरण बचाने के लिए लोगों की सहभागिता को प्रोत्साहित करना है। भविष्य में शहर के अन्य इलाकों की बावड़ियों को भी इसी तरह साफ-सुथरा करने का संकल्प लिया गया है। बावड़ियों का महत्व पर्यावरणीय दृष्टि से बावड़ियाँ जल संरक्षण का एक उत्कृष्ट माध्यम हैं। खासकर गर्मियों में पानी की कमी को पूरा करने में ये एक प्रभावी विकल्प साबित हो सकती हैं। इसके अलावा, भारतीय वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण होने के कारण ये ऐतिहासिक बावड़ियाँ हमारी सांस्कृतिक धरोहर भी हैं। उनकी कलात्मक संरचनाएँ और सुंदर आकृतियाँ अद्वितीय हैं। ऐसे में इनका संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। सार संवाद: एक संवाद मंच सार संवाद एक ऐसा मंच है, जो स्थानीय नागरिकों को एकजुट कर शहर की समस्याओं पर चर्चा और समाधान निकालने के लिए प्रेरित करता है। इसका मुख्य उद्देश्य सामूहिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना और जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाना है। सार संवाद की सोच है कि जब लोग खुलकर संवाद करेंगे, तो समस्याओं का समाधान भी निकल सकेगा। शहीद दिवस पर इस अभूतपूर्व अभियान ने शहरवासियों को न केवल जागरूक किया, बल्कि पर्यावरण और धरोहर संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संदेश भी दिया।  

कूनो नेशनल पार्क में बाड़े से खुले जंगल में छोड़ी गई मादा चीता और उसके 4 शावक बीती शाम को पार्क की सीमा से बाहर निकल गए

श्योपुर  कूनो नेशनल पार्क में एक माह पहले बाड़े से निकालकर खुले जंगल में छोड़ी गई मादा चीता और उसके 4 शावक बीती शनिवार की शाम को पार्क की सीमा से बाहर निकल गए. हालांकि रविवार शाम को फिर से पांचों ने कूनो के जंगल की ओर रुख कर लिया. लेकिन ज्वाला और चारों शावक बीती रात श्यामपुर के पास देखे गए. वहीं, सुबह वीरपुर के नजदीक कूनो नदी में नजर आए. इस दौरान रात और सुबह के वक्त चहलकदमी करते नजर आई चीता फैमली के वीडियो बनाकर लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल भी किए. बीती आधी रात को मादा चीता ज्वाला और उसके ये शावक वीरपुर तहसील के ग्राम श्यामपुर से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर निर्माणधीन श्योपुर-ग्वालियर ब्रॉडगेज ट्रैक से गुजरते नजर आए. इस दौरान यहां से निकल रहे ट्रक चालकों ने इनके वीडियो भी बनाए. वहीं, सुबह ये पांचों चीते निकलकर कूनो सायफन के निकट से निकलते हुए कूनो नदी में दिखे. कूनो नदी में ज्वाला और चारों शावक निर्माणधीन रेलवे पुल के नीचे काफी देर तक बैठे रहे. यही वजह है कि कूनो सायफन से गुजरने वाले राहगीरों की चीतों को देखने के लिए भीड़ भी लग गई. बताया गया है कि इसके बाद ये पांचों कूनो पार्क के जंगल की ओर बढ़ गए. कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ आर थिरुकुराल ने आजतक को फोन कॉल पर बताया कि हम चीतों की लोकेशन शेयर नहीं कर सकते हैं. चीते जहां भी हैं, हमारी ट्रैकिंग टीमें उन पर निगरानी बनाए हुए हैं. सभी चीता पूरी तरह फिट हैं और स्वछंद विचरण कर रहे हैं. बता दें कि मादा चीता ज्वाला और उसके 4 शावकों को गत 21 फरवरी को खुले जंगल में खजूरी क्षेत्र में छोड़ा गया था. हालांकि, बीते एक माह से ये कूनो पार्क की सीमा में ही थे, लेकिन अब ये पहली बार पार्क की सीमा से बाहर निकले हैं. वहीं, चीतों के बाहर निकलने पर क्षेत्र के चीता मित्र रवि रावत श्यामपुर और उनकी टीम ने आसपास के लोगों केा जागरूक किया और कहा कि चीतों की सुरक्षा हम सबकी जिमेदारी है. चीता लोगों पर हमला नहीं करता है, लिहाजा इसे भगाएं नहीं और सुरक्षा करें. पता हो कि कूनो नेशनल पार्क में कुल 17 चीते खुले जंगल में आजाद घूम रहे हैं. इनमें 11 शावक शामिल हैं. जबकि पार्क के बाड़े में अभी 9 चीते बंद हैं.

फिल्म फेस्टिवल में उज्जैन का फिर लहराया परचम, कालभैरव डॉक्यूमेंट्री को श्रेष्ठ आध्यात्मिक राष्ट्रीय पुरस्कार

उज्जैन उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में लगातार तीसरी बार उज्जैन ने अपना परचम लहराया। मंथन इंडिया फिल्म्स की ओर से बनाई गई काल भैरव फिल्म को 45 अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में से चुनकर श्रेष्ठ आध्यात्मिक राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया। फिल्म के निर्देशक दीपक कोडापे ने बताया कि उत्तर प्रदेश टूरिज्म द्वारा गोरखपुर में धर्म एवं अध्यात्म पर आधारित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह का आयोजन किया गया। इस फिल्म महोत्सव में 110 देशों से 300 से ज्यादा फिल्में आई थीं। जिनमें से 45 फिल्मों को स्क्रीनिंग के लिए चयनित किया गया था। इन फिल्मों में से काल भैरव डॉक्यूमेंट्री फिल्म को श्रेष्ठ आध्यात्मिक फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 प्राप्त हुआ। काल भैरव डॉक्यूमेंट्री फिल्म का निर्देशन दीपक कोडापे ने किया है। सिनेमैटोग्राफर के रूप में देवांश भट्ट, शुभम मरमट, मयंक सोलंकी, अजय पटवा और संपादन का कार्य मंथन स्टूडियो में किया गया है। लेखन आनंद निगम, पार्श्व संगीत कुमार शिवम, ग्राफिक डिजाइन ऋतिक तिवारी द्वारा किया गया। फिल्म का शोध कार्य उज्जैन लाइव फेसबुक पेज प्रमुख एवं लेखक नितिन शर्मा द्वारा किया गया। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर प्रसिद्ध फिल्म लेखक और डायरेक्टर अनुराग कश्यप, बहुचर्चित फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ के डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री, प्रसिद्ध अभिनेता और वॉइसओवर आर्टिस्ट राजेश खट्टर, डाइरेक्टर पुंडलिक धूमल, कास्टिंग डायरेक्टर और प्रोड्यूसर पराग मेहता, अभिनेत्री स्मृति मिश्रा, निदेशक अरुण शंकर, प्रसिद्ध सिनेमैटोग्राफर और डायरेक्टर धरम गुलाटी, फिल्म निर्देशक केतकी कपाड़िया एवं उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के अधिकारी गण मौजूद थे। यह है फ़िल्म में उज्जैन की काल भैरव डॉक्यूमेंट्री में काल भैरव मंदिर से जुड़े आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, पौराणिक और पुरातात्विक विषय पर फिल्मांकन किया गया है। ये तीसरी बार लगातार मंथन इंडिया फिल्म एवं दीपक कोडापे ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर उज्जैन को गौरवांवित किया है। फिल्म अमृत मंथन को भी अंतरराष्ट्रीय सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार प्राप्त हो चुका है।  

मां मंदाकिनी से ज्यादा खूबसूरती उनकी बेटी राबजे, बॉलीवुड में जल्द कर सकती है डेब्यू?

मुंबई राम तेरी गंगा मैली’ में मंदाकिनी के अभिनय को कोई नहीं भुला सकता है। मंदाकिनी बॉलीवुड की बेहद खूबसूरत एक्ट्रेस रही हैं। मंदाकिनी ने राज कपूर की फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ से खूब लोकप्रियता बटोरी थीं। फिल्म में पहाड़ी लड़की का किरदार निभाकर उन्होंने अपनी खूबसूरती के लिए खूब चर्चाएं बटोरी थीं। अब एक्ट्रेस की बेटी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जो खूबसूरती के मामले में मां से बिल्कुल दोगुना आगे हैं। बेटी को मिली मां की खूबसूरती और मासूमियत मंदाकिनी का नाम उन एक्ट्रेस की लिस्ट में शामिल हैं जिन्होंने अपने करियर की पीक पर शादी रचाई थी। अभिनेत्री ने साल 1990 में बिजनेसमैन कायगूर टी रिनपोचे ठाकुर से शादी की थी। इस शादी से एक्ट्रेस को दो बच्चे हैं, एक बेटा रब्बील ठाकुर और बेटी राबजे इनाया ठाकुर है। बेटे रब्बील जहां देखने में हैंडसम है तो वहीं बेटी राबजे को अपनी मां की खूबसूरती और मासूमियत मिली है। एक्ट्रेस सोशल मीडिया पर भी खासी एक्टिव रहती हैं और अक्सर अपने परिवार के साथ तस्वीरें शेयर करती हैं, जिनमें मंदाकिनी पति कायगूर और बच्चों के अलावा बहू बुशरा के साथ दिखती हैं। बेटी की सादगी देख हो जाएंगे दीवाने मंदाकिनी की बेटी अब बड़ी हो गई हैं और लुक में वह अपनी मम्मी पर गई हैं। राबजे की फोटो देख कर आप भी एक पल के लिए ठहर जाएंगे। वो बिलकुल अपनी मां की जैसी दिखती हैं। राबजे फिलहाल पढ़ाई कर रही हैं और अक्सर अपनी मम्मी, भाभी बुशरा और भाई राबिल के साथ फोटो में नजर आती हैं। मंदाकिनी की बहु की बात करें तो वो भी फिल्मी दुनिया से जुड़ी हुई हैं। वह बतौर प्रोड्यूसर इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। एनडीटीवी की एक खबर के मुताबिक, वो नेटफ्लिक्स के लिए कंटेंट प्रोड्यूस करती हैं। मंदाकिनी के बारे में… एक्ट्रेस की बात करें तो वो मेरठ में बड़ी हुईं। साल 1985 में उन्होंने फिल्म ‘मेरा साथी’ से बॉलीवुड में एक्टिंग डेब्यू किया, लेकिन उन्हें स्टारडम राज कपूर की फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ से मिला। इस फिल्म से लॉन्च करने के साथ-साथ राज कपूर ने उन्हें मंदाकिनी नाम भी दे दिया था। क्या आपको पता है कि फिल्मों में आने से पहले तक उनका असली नाम यास्मिन जोसेफ था। कहा जाता है कि उन पर डॉन दाऊद इब्राहिम का भी दिल आ गया था।

बरेली में सिलिंडर फटने से उड़ा गैस एजेंसी गोदाम

बरेली बरेली से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में रजऊ परसपुर स्थित महालक्ष्मी गैस एजेंसी में सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे सिलिंडर फटने से आग लग गई। आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। सिलिंडर फटने से लगातार कई धमाके हुए, जिससे पूरा इलाका दहल गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड के साथ पुलिस मौके पर पहुंच गई। आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक सारे सिलिंडर फट गए। गनीमत रही कि कोई हताहात नहीं हुआ है। घटना इतनी विकराल थी कि धमाकों के साथ फटे सिलिंडरों के टुकड़े 500 मीटर तक जाकर खेतों में गिरे, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। ट्रक के केबिन में लगी थी आग प्राप्त जानकारी के मुताबिक सोमवार को सिलिंडरों से भरा ट्रक गोदाम पर खड़ा था। ट्रक के केबिन में किसी तरह आग लग गई, जिससे पहले उसमें रखा एक सिलिंडर फटा। फिर ट्रक और गैस एजेंसी गोदाम में आग लग गई। सिलिंडर फटने से काफी देर तक धमाके होते रहे। घटना से गांव रजऊ परसपुर में दहशत फैल गई। ग्रामीण अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। गांव से बाहर आकर देखा तो पता चला कि गैस गोदाम में धमाके हो रहे हैं। ग्रामीणों ने मोबाइल से घटना के वीडियो बना लिए। जिस गैस एजेंसी गोदाम में आग लगी है, वह सोमवार को बंद रहती है। गोदाम पर चौकीदार और ट्रक चालक ही थे। दोनों ने भागकर अपनी जान बचाई। वहीं गोदाम आबादी से काफी दूर बना है, जिससे जनहानि होने से बच गई। सूचना मिलते ही शहर से अधिकारी मौके पर रवाना हो गए। पुलिस जांच कर रही है।  

पहली बार बिना विग के इवेंट में पहुंची हिना खान

मुंबई हिना खान एक इवेंट में पहुंचीं। वो कैंसर से जूझ रही हैं। उन्होंने इस बीमारी के ट्रीटमेंट की शुरुआत में खुद ही अपने बालों को मुंडवा लिया था और अपने ही बालों से विग बनवाए थे। अभी तक वो हर जगह विग पहने ही नजर आ रही थीं। लेकिन अब पहली बार वो बिना विग के एक इवेंट में पहुंची हैं। उनका वीडियो वायरल हो रहा है। हेल्थ में ये सुधार देखकर फैंस की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हर कोई उनपर प्यार बरसा रहा है। हिना खान ने साल 2024 में सोशल मीडिया पर ऐलान किया था कि वो ब्रेस्ट कैंसर के तीसरे स्टेज पर हैं। इसके बाद उनका इलाज शुरू हुआ। कीमोथेरेपी के दौरान जब उनकी हालत खराब हो जाती थी, तब वो इंस्टाग्राम के जरिए अपने फैंस से अपना दर्द बयां करती थीं। इस पूरी जर्नी के दौरान फैंस हमेशा उनकी हिम्मत की दाद देते दिखे हैं। हिना ने कहा- अभी इतने ही बाल आए हैं हाल ही में उमराह करने के बाद लौटीं हिना खान को एक इवेंट में स्पॉट किया गया। जब वो रेड कारपेट पर आईं तो उन्होंने पपाराजी से पूछा, ‘आज मैं सबसे अलग लग रही हूं, कैसी लग रही हूं?’ सभी ने हिना का उत्साह बढ़ाया। इसके बाद ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ की ‘अक्षरा’ ने कहा, ‘अभी तक इतने ही बाल आए हैं।’ हिना ने ये भी बताया कि वो नर्वस फील कर रही थीं। उन्होंने कहा, ‘मैं नर्वस थी… किसी दिन मैं अपने असली बालों के साथ वापस आऊंगी। अच्छी लग रही हूं या नहीं?’ उमराह करने गई थीं हिना हिना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। वो हाल ही में उमराह पर गई थीं, जहां से अपना वीडियो और ढेर सारी फोटोज शेयर की थीं। उन्होंने इसके लिए अल्लाह का शुक्रिया भी अदा किया।

इमरान हाशमी के बर्थडे पर तोहफा, 18 साल बाद आवारापन 2 का सीक्वल होगा रिलीज

मुंबई अगर आपको ‘जन्नत’, ‘आशिकी’, ‘राज’, ‘मर्डर’, ‘गैंगस्टर’ और ‘गुलाम’ जैसी फिल्में पसंद आई थीं तो आपके लिए गुड न्यूज है। इस फिल्म के दूसरे पार्ट ‘आवारपन 2’ का ऐलान कर दिया गया है। ये अनाउंसमेंट इमरान के बर्थडे पर की गई है। 18 साल बाद फैंस को एक बार फिर से दिल से छू लेने वाली पर्दे पर दिखने वाली है। इसमें इमरान हाशमी होंगे, ये तो तय है, लेकिन बाकी डिटेल्स की घोषणा होना अभी बाकी है। Emraan Hashmi ने 24 मार्च, सोमवार को ट्वीट किया। इसमें ‘आवारापन’ फिल्म की झलक है। कैप्शन में लिखा गया है, ‘बस मुझे कुछ और देर जिंदा रख…।’ इसी के साथ फिल्म की रिलीज डेट का भी ऐलान कर दिया गया है। ये अगले महीने 3 अप्रैल 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए एकदम तैयार है। 18 साल पहले रिलीज हुई थी ‘आवारापन’ ‘आवारापन’ साल 2007 में रिलीज हुई थी। इस एक्शन क्राइम मूवी का डायरेक्शन मोहित सूरी ने किया था। कहानी महेश भट्ट की स्टोरी से शगुफ्ता रफीकी ने लिखी थी। प्रोड्यूसर मुकेश भट्ट थे। ये साउथ कोरियन मूवी A Bittersweet Life की अनक्रेडिटेड रीमेक थी। इसमें इमरान हाशमी के साथ श्रिया सरन, मृणालिनी शर्म और आशुतोष राणा नजर आए थे। इमरान ने गैंगस्टर शिवम पंडित का रोल निभाया था। फिल्म के गाने हो गए थे वायरल इस फिल्म के गानों को बहुत पसंद किया गया था। गानों को मुस्तफा जहीद और प्रियम चक्रवर्ती ने मिलकर कंपोज किया था। इसके गाने थे- ‘तो फिर आओ’, ‘तेरा मेरा रिश्ता’, ‘माहिया’, ‘मौला मौला’। इनमें से कई गानों के रीमिक्स भी बने थे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह बोली- छत्तीसगढ़ विधानसभा ने संसदीय परंपराओं में रचा अनुशासन और आदर्श का इतिहास

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह के अवसर पर प्रदेशवासियों की ओर से भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि जब छत्तीसगढ़ विधानसभा अपने गौरवशाली 25 वर्षों का उत्सव मना रही है, तब देश की प्रथम नागरिक हमारे बीच उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में बने छत्तीसगढ़ का रजत वर्ष संयोग से उनके जन्मशताब्दी वर्ष में पड़ रहा है, जिसे हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी विधानसभा की 25 वर्षों की यात्रा लोकतंत्र की सुदृढ़ परंपराओं की प्रतीक है। वैदिक काल से चले आ रहे भारतीय लोकतंत्र को छत्तीसगढ़ ने अपने कार्यों से मजबूत किया है। सदन में जनहितकारी विषयों पर गंभीर चर्चाएं, सशक्त विमर्श और स्वस्थ वातावरण में लिए गए निर्णय, हमारी संसदीय संस्कृति को समृद्ध करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने केवल विधायी कार्य ही नहीं, बल्कि प्रतिनिधियों के नेतृत्व विकास को भी प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी कहते हैं कि सीखने की प्रक्रिया निरंतर चलनी चाहिए। हाल ही में विधानसभा सदस्यों के लिए आईआईएम रायपुर में आयोजित पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम इसका उदाहरण है, जहाँ नेतृत्व और प्रशासन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध हैं। विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा को यह गौरव प्राप्त है कि तीसरी बार भारत के राष्ट्रपति ने सदन को संबोधित किया है। इससे पहले स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल विधानसभा को संबोधित कर चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मु जी के सरल, संघर्षशील और प्रेरणादायक जीवन को देश की महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ विधान सभा की 25 वर्ष की यात्रा को लोकतांत्रिक मूल्यों की सुदृढ़ता की यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि सदन में ‘स्वअनुशासन’ की परंपरा स्थापित की गई, जहां सदस्यों ने स्वयं बनाए नियमों का पालन कर पूरे देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया।  डॉ. सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने संसदीय गतिविधियों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। उन्होंने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने 2011 में लोक सेवा गारंटी अधिनियम, और 2012 में खाद्य सुरक्षा अधिनियम पारित किए, जो अंत्योदय और समावेशी विकास के प्रतीक हैं। डॉ. रमन सिंह ने बताया कि शीघ्र ही विधानसभा नया रायपुर स्थित नवीन भवन में स्थानांतरित होगी। उन्होंने राष्ट्रपति जी की उपस्थिति को सदन की स्मृतियों में एक अमिट अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सदन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को नियमित रूप से पुरस्कार व सम्मान दिया जाता है, जो लोकतांत्रिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं।  नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का हृदय से स्वागत करते हुए उन्हें संघर्ष, सादगी और सेवा की प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जी का जीवन पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु की उपस्थिति को ऐतिहासिक बताते हुए आभार व्यक्त किया और कहा कि हम सब उनके वचनों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ के विकास में एकजुटता से कार्य करेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने विधानसभा सदस्य संदर्भ पुस्तिका का विमोचन किया और राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्म को पुस्तिका की प्रथम प्रति भेंट की। रजत जयंती समारोह के अवसर पर मंत्रीमंडल के सभी मंत्रीगण एवं विधानसभा के सभी सदस्यगण उपस्थित थे।

पंत और केएल राहुल होंगे आमने-सामने, दिल्ली और लखनऊ में होगा रोमांचक मुकाबला

विशाखापत्‍तनम  नए कप्तान और नई टीम के साथ दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपरजायंट्स की टीम सोमवार को जब आमने-सामने होगी तो उनका लक्ष्य आईपीएल के नए सत्र का आगाज जीत से करना होगा। यह लगातार दूसरा वर्ष होगा जबकि दिल्ली की टीम अपने दो घरेलू मैच यहां खेलेगी। अपने आईपीएल करियर में अभी तक केवल दिल्ली की टीम से खेलने वाले ऋषभ पंत इस बार लखनऊ की टीम की कमान संभाल रहे हैं जिसने उन्हें नीलामी में रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपये में खरीदा था। अपनी महंगी कीमत के कारण पंत का चर्चा में रहना लाजमी है, लेकिन यह विकेटकीपर बल्लेबाज इन सब बातों को दरकिनार कर अच्छा प्रदर्शन करके सीमित ओवरों की राष्ट्रीय टीम में अपना स्थान पक्का करना चाहेगा। पंत-राहुल पर नजरें पंत चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में शामिल थे, लेकिन उन्हें एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला था। दूसरी तरफ के एल राहुल हैं जो पिछले दो सत्र में लखनऊ की कमान संभालने के बाद इस बार एक खिलाड़ी के रूप में दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से खेलेंगे। दिल्ली की टीम ने ऑलराउंडर अक्षर पटेल को कप्तान नियुक्त किया है, लेकिन बल्लेबाजी में राहुल की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। दिल्ली की टीम में दक्षिण अफ्रीका के अनुभवी बल्लेबाज फाफ डु प्लेसिस भी हैं जो पिछले साल तक आरसीबी की कमान संभाल रहे थे। दिल्ली ने उन्हें उपकप्तान बनाया है। कागजों पर मजबूत दिल्‍ली कागजों पर दिल्ली की टीम काफी मजबूत नजर आती है क्योंकि उसके पास विदेशी और भारतीय खिलाड़‍ियों का अच्छा संयोजन है। दूसरी तरफ लखनऊ के पास केवल छह विदेशी खिलाड़ी हैं। दिल्ली को बल्लेबाजी में जहां डु प्‍लेसिस के अनुभव का फायदा मिलेगा वहीं गेंदबाजी में उसके पास ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क हैं। करुण नायर की मौजूदगी में दिल्ली का मध्यक्रम मजबूत नजर आता है जिसमें राहुल, ट्रिस्टन स्टब्स, समीर रिजवी और आशुतोष शर्मा भी शामिल हैं। दिल्ली की गेंदबाजी इकाई भी मजबूत नजर आ रही है, जिसके स्पिन विभाग में भारत के दो अनुभवी स्पिनर अक्षर और कुलदीप यादव शामिल हैं। उसके तेज गेंदबाजी विभाग में स्टार्क के अलावा टी नटराजन, मोहित शर्मा, मुकेश कुमार और दुशमंत चमीरा शामिल हैं। लखनऊ इन पर रहेगा निर्भर लखनऊ को उम्मीद होगी कि उनके भारतीय खिलाड़ी विदेशी खिलाड़‍ियों के साथ अच्छी तरह से सामंजस्य बिठाएंगे। ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर मिचेल मार्श केवल एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में उपलब्ध हैं। ऐसे में लखनऊ को डेविड मिलर और एडेन मार्करम की दक्षिण अफ्रीकी जोड़ी से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। निकोलस पूरन के रूप में लखनऊ के पास विस्फोटक बल्लेबाज है, जो अपने दम पर मैच का पासा पलट सकता है। उनके अलावा लखनऊ की टीम में आयुष बडोनी, अब्दुल समद और शाहबाज अहमद के रूप में अच्छे भारतीय बल्लेबाज हैं।  बल्लेबाजों या गेंदबाजों में से किसका रहेगा जलवा? पढ़ें पिच रिपोर्ट नए कप्तान और नई टीम के साथ दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम सोमवार को जब यहां आमने-सामने होगी तो उनका लक्ष्य इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के नए सत्र का आगाज जीत से करना होगा। यह लगातार दूसरा वर्ष होगा जबकि दिल्ली की टीम अपने दो घरेलू मैच यहां खेलेगी। अपने आईपीएल करियर में अभी तक केवल दिल्ली की टीम से खेलने वाले ऋषभ पंत इस बार लखनऊ की टीम की कमान संभाल रहे हैं जिसने उन्हें आईपीएल की नीलामी में रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपए में खरीदा था। अपनी महंगी कीमत के कारण पंत का चर्चा में रहना लाजमी है लेकिन यह विकेटकीपर बल्लेबाज इन सब बातों को दरकिनार कर अच्छा प्रदर्शन करके सीमित ओवरों की राष्ट्रीय टीम में अपना स्थान पक्का करना चाहेगा। पंत चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में शामिल थे लेकिन उन्हें एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला था। दूसरी तरफ केएल राहुल हैं जो पिछले तीन सत्र में लखनऊ की कमान संभालने के बाद इस बार एक खिलाड़ी के रूप में दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से खेलेंगे। दिल्ली की टीम ने ऑलराउंडर अक्षर पटेल को कप्तान नियुक्त किया है लेकिन बल्लेबाजी में राहुल की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। दोनों टीमों के बीच एक रोमांचक मुकाबला होने की पूरी उम्मीद है। तो आइये ऐसे में आपको बताते हैं कि विशाखापत्तनम की पिच बल्लेबाज या गेंदबाजों में किसके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। दिल्ली कैपिटल्स बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स की पिच रिपोर्ट विशाखापत्तनम के एसीए वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए अच्छी साबित होती है। यहां पर बल्ले और गेंद के बीच अच्छा बैटल देखने को मिलता है। यहां पर पिछले सीजन हुए दोनों मुकाबले हाई स्कोरिंग रहे थे। काली मिट्टी की पिच स्पिनर्स के लिए मददगार रहती है। शुरुआत में तेज गेंदबाजों को भी फायदा हो सकता है। वहीं बल्लेबाज भी यहां खुलकर खेलते हैं और चौके-छक्के की बारिश करते हैं। वाइजेग की पिच बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए अनुकूल रहती है। दिल्ली कैपिटल्स ने इस मैदान पर अब तक 7 मैच खेले हैं, जिसमें से 3 दिल्ली ने जीते हैं जबकि 4 में उनको हार का सामना करना पड़ा है। आईपीएल के विशाखापत्तनम में हुए हैं 15 मैच विशाखापत्तनम में अब तक आईपीएल के 15 मैच हुए हैं, जिनमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने 8 मैच जीते हैं और दूसरी बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने 7 मैच जीते हैं। कोई भी मैच बिना नतीजे या टाई के खत्म नहीं हुआ है। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 167 रन है। स्टेडियम में सबसे बड़ा टीम स्कोर 272 (केकेआर ने पिछले सीजन दिल्ली के खिलाफ बनाया था) रन रहा है, जबकि सबसे बड़ा सफल लक्ष्य 173 रन रहा है। ये आंकड़े बताते हैं कि इस मैदान पर हाई स्कोरिंग मैच हो सकते हैं। यहां पर बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों टीमों के पास हावी होने का मौका होता है। दिल्‍ली और लखनऊ की संभावित प्‍लेइंग 11 दिल्‍ली कैपिटल्‍स – जैक फ्रेजर मैकगर्क, फाफ डु प्‍लेसिस, अभिषेक पोरेल, केएल राहुल, ट्रिस्‍टन स्‍टब्‍स, अक्षर पटेल (कप्‍तान), आशुतोष शर्मा, समीर र‍िजवी, कुलदीप यादव, मिचेल स्‍टार्क और टी नटराजन। लखनऊ सुपरजायंट्स – युवराज चौधरी, मिचेल मार्श, ऋषभ पंत (कप्‍तान), निकोलस पूरन, आयुष बडोनी, डेविड मिलर, अब्‍दुल समद, शाहबाज अहमद, राजवर्धन हंगरगेकर, रवि बिश्‍नोई और शमार जोसेफ।

अब सांसदों को हर महीने 1,24,000 रुपये मिलेंगे, जो पहले एक लाख रुपये थी

 नई दिल्ली केंद्र सरकार ने सांसदों के वेत्तन और भत्ते में बढ़ी बढ़ोत्तरी की है। इसके साथ ही पूर्व सांसदों के पेंशन में भी इजाफा किया गया है। बड़ी बात यह है कि यह बढ़ोत्तरी 1 अप्रैल, 2023 से ही प्रभावी होगी। अब सांसदों को हर महीने 1,24,000 रुपये मिलेंगे, जो पहले एक लाख रुपये थी। इसके अलावा, सांसदों का दैनिक भत्ता भी बढ़ाकर अब 2000 से ढाई हजार कर दिया गया है। पूर्व सांसदों का पेंशन 25 हजार से बढ़ाकर अब 31 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। यह बढ़ोत्तरी संसद सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन अधिनियम, 1954 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के तहत किया गया है। यह आयकर अधिनियम, 1961 में उल्लिखित लागत मुद्रास्फीति सूचकांक पर आधारित है।सरकार ने वेतन बढ़ोत्तरी से जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी है।संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार संसद सदस्यों के वेतन में लागत मुद्रास्फीति सूचकांक के आधार पर 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जो एक अप्रैल, 2023 से प्रभावी होगी। हर पांच साल पर होनी है वेतन की समीक्षा सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, वैसे पूर्व सांसदों के अतिरिक्त पेंशन में भी बढ़ोत्तरी की गई है, जो एक से ज्यादा कई कार्यकाल तक सांसद रहे हैं। इसके तहत पूर्व सांसदों को सेवा के हरेक वर्ष के लिए अतिरिक्त पेंशन के तौर पर अब 2500 रुपये मासिक पेंशन मिलेंगे, जो पहले 2,000 प्रति माह थी। वेतन-भत्ते में यह बढ़ोत्तरी 2018 के बाद से लागू किए गए उस नियम के तहत किया गया है, जिसमें सांसदों के वेतन और भत्ते की हर पांच साल पर समीक्षा करने का प्रावधान है। यह समीक्षा महंगाई दर पर आधारित होती है। बता दें कि यह कदम कर्नाटक सरकार द्वारा मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के वेतन में 100% वृद्धि को मंजूरी दिए जाने के कुछ दिनों बाद उठाया गया है। हालांकि, कर्नाटक विधानसभा में विधायकों के वेतन भत्ते में बढ़ोतेतरी पर तीखी बहस हुई थी।

दुर्घटना होते-होते बची जब हिमाचल प्रदेश के डिप्टी सीएम और डीजीपी सवार फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी आई

शिमला  हिमाचल प्रदेश के शिमला एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा टल गया। यात्रियों से भरे फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान तकनीकी दिक्कत आई और प्लेन क्रैश होने से बच गया। इमरजेंसी ब्रेक लगाकर प्लेन को रोका गया। इस फ्लाइट में हिमाचल प्रदेश के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और डीजीपी अतुल वर्मा भी सवार थे। एयरलाइन कंपनी ने भी टेक्निकल प्रॉब्लम की पुष्टि की है। घटना जुब्बरहट्टी एयरपोर्ट पर हुई। बताया जा रहा है कि प्लेन में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया। कई सहम गए। हालांकि चालक दल ने लोगों को शांत रहने को कहा। सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों की जान में जान आई। रनवे पर तेज आवाज के साथ फटा टायर इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान विमान का टायर भी फट गया। तेज आवाज हुई और प्लेन डगमगा गया। गनीमत रही कि प्लेन रनवे से बाहर नहीं गया और बड़ा हादसा होने से टल गया। हादसे के बाद सुरक्षा कारणों के चलते धर्मशाला जाने वाली अगली उड़ान को रद्द कर दिया गया। धर्मशाला की फ्लाइट्स कैंसल एयरलाइन कंपनी के मुताबिक इस घटना के बाद धर्मशाला समेत सारी फ्लाइट कैंसल कर दी गई हैं। अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। डेप्युटी सीएम और डीजीपी एयरपोर्ट से सुरक्षित निकल चुके हैं। जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट के ऑफिशिएटिंग डायरेक्टर केपी सिंह ने बताया कि विमान में तकनीकी खामी की बात सामने आई है। धर्मशाला की फ्लाइट को कैंसल कर दिया गया है। विमान की आधे रनवे पर लैंडिंग क्यों करवाई गई इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

लोकतांत्रिक परंपराओं में छत्तीसगढ़ विधानसभा एक आदर्श उदाहरण : राज्यपाल रमेन डेका

 रायपुर भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज छत्तीसगढ़ विधान सभा के रजत जयंती समारोह में भाग लेते हुए प्रदेशवासियों को 25 वर्षों की लोकतांत्रिक यात्रा की बधाई दी और विधान सभा की उत्कृष्ट संसदीय परंपराओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना को स्वर्गीय प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के असाधारण मार्गदर्शन का परिणाम बताया और उनके प्रति सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक यात्रा, जन-आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का एक प्रेरणास्पद उदाहरण है। उन्होंने अपने विधायक काल की स्मृतियाँ साझा करते हुए कहा कि जन-प्रतिनिधि के रूप में कार्य करना जनसेवा की भावना से प्रेरित व्यक्तियों के लिए एक सौभाग्य होता है। उन्होंने विधान सभा को संस्कृति की संवाहक और नीति निर्धारण की दिशा देने वाला केंद्र बताया। छत्तीसगढ़ विधान सभा: अनुकरणीय संसदीय आचरण का प्रतीक  राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा द्वारा अपनाई गई अनुशासित और मर्यादित परंपराओं की सराहना की। विशेष रूप से उन्होंने ‘स्वयमेव निलंबन’ जैसे नियमों की सराहना की और इस बात को ऐतिहासिक बताया कि 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ विधानसभा में कभी भी मार्शल का उपयोग नहीं करना पड़ा। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ को मातृशक्ति का  साक्षात प्रतीक बताते हुए  राज्य की सांस्कृतिक गरिमा को नमन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की महिला विभूति मिनी माता को याद करते हुए उनके योगदान को नमन किया। साथ ही उन्होंने इस बात की सराहना की कि आज विधान सभा में 19 महिला विधायक हैं और राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही है। राष्ट्रपति ने महिला विधायकों से आह्वान किया कि वे राज्य की अन्य महिलाओं को सशक्त बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएँ। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की भावना को धरातल पर उतारने की अपील की। समावेशी समाज की दिशा में छत्तीसगढ़ की नीतियाँ  राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा द्वारा पारित 565 विधेयकों को समावेशी विकास की दिशा में ऐतिहासिक बताया। विशेष रूप से महिलाओं को रूढ़ियों पर आधारित प्रताड़ना से मुक्त कराने वाले अधिनियम का उल्लेख करते हुए डॉ. रमन सिंह जी के कार्यकाल में इसे विधान सभा का महत्वपूर्ण योगदान बताया। प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध, संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं विद्यमान है।उन्होंने कहा कि राज्य में खनिज, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में विकास की व्यापक संभावना है। उन्होंने पर्यावरण-संरक्षण और विकास के बीच संतुलन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यहां के पारंपरिक लोक शिल्प की देश-विदेश में सराहना होती है। यह सुंदर राज्य हरे-भरे जंगलों, झरनों तथा अन्य प्राकृतिक वरदानों से समृद्ध है। छत्तीसगढ़ को महानदी, हसदेव, इंद्रावती और शिवनाथ जैसी नदियों का आशीर्वाद प्राप्त है। छत्तीसगढ़ को आधुनिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित करना है। राज्य के आप सब नीति-निर्माताओं पर विकास और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने की ज़िम्मेदारी है। इसके साथ ही समाज के सभी वर्गों को आधुनिक विकास-यात्रा से जोड़ना भी सभी जनप्रतिनिधियों का उत्तरदायित्व है। वामपंथी उग्रवाद से मुक्ति की ओर निर्णायक प्रगति राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य अंतिम और निर्णायक दौर में पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग विकास के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ को उग्रवाद से पूर्णतया मुक्त करने के प्रयास में शीघ्र ही सफलता प्राप्त होगी और राज्य के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ेगा। सामाजिक समरसता का मूलमंत्र : ‘मनखे-मनखे एक समान’  गुरु घासीदास जी के संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ को उद्धृत करते हुए राष्ट्रपति ने सामाजिक समानता और समरसता के आदर्श छत्तीसगढ़ के निर्माण की बात कही। राष्ट्रपति मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा को आदर्श लोकतांत्रिक संस्थान बताते हुए राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और सभी जनप्रतिनिधियों से श्रेष्ठ छत्तीसगढ़ के निर्माण हेतु समर्पण की भावना से कार्य करने का आह्वान किया।  राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रजत जयंती समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति को अद्वितीय और प्रेरणादायक बताते हुए राज्य की जनता की ओर से उनका हृदय से स्वागत किया। उन्होंने  भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण उनके दूरदर्शी नेतृत्व और जन-आकांक्षाओं की गहरी समझ का परिणाम था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को राज्य सरकार ने ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में घोषित किया है, जिसमें अधोसंरचना विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी। राज्यपाल श्री डेका ने छत्तीसगढ़ विधान सभा की 25 वर्ष की यात्रा को गर्व और सम्मान की यात्रा बताया।  राज्यपाल ने विधानसभा द्वारा अपनाए गए ‘स्वयमेव निलंबन’ नियम को अनुशासन और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पालन का अद्भुत उदाहरण बताया। उन्होंने इसे पूरे देश की विधानसभाओं के लिए एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया, जिसे राष्ट्रभर में सराहा गया है।  उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा जन आकांक्षाओं को मूर्त रूप देने वाला मंच है। राज्यपाल ने विधानसभा की नीतियों और कार्यक्रमों की सराहना की, जिनसे राज्य को सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाया गया। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और विकास के निरंतर प्रयासों से बस्तर अंचल के आदिवासी समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने में सफलता मिल रही है। खनिज संपदा से औद्योगिक शक्ति बनने की यात्रा  राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश का प्रमुख स्टील और ऊर्जा उत्पादक राज्य बताते हुए उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय राज्य के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया। राज्यपाल ने जानकारी दी कि वर्तमान विधानसभा में 19 महिला विधायक हैं, जो कुल सदस्यों का 21.11 प्रतिशत हैं। इसे उन्होंने महिला सशक्तिकरण का श्रेष्ठ उदाहरण बताया और राज्य में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की सराहना की।उन्होंने छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को नमन करते हुए कई महापुरुषों का स्मरण किया, जिनमें माता शबरी, गुरु घासीदास, स्वामी विवेकानंद, वीर नारायण सिंह, मिनीमाता आदि प्रमुख हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वामी विवेकानंद के किशोर जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष छत्तीसगढ़ में बीते, जिसने उनके आत्मिक विकास में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि रजत जयंती वर्ष हमें एक नई ऊर्जा देता है, और यह हमारा सामूहिक संकल्प होना चाहिए कि छत्तीसगढ़िया सबले … Read more

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