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शनिवार 05 अप्रैल 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए अच्छा दिन है। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। धन बचत करें और बेकार की चीजों पर पैसे खर्च करने से बचें। अच्छे भविष्य के लिए प्लान बनाएं। निवेश के नए मौकों पर नजर रखें। धन से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। करियर में तरक्की के नए मौकों का भरपूर लाभ उठाएं। वृषभ राशि- जीवन में महत्वपूर्ण बदलावों के संकेत हैं। नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। फैमिली और करीबी दोस्तों के साथ टाइम स्पेंड करेंगे। अपने डेली रूटीन से थोड़ा ब्रेक लें और लाइफ में नई चीजों को एक्सप्लोर करने के लिए तैयार रहें। भावुकता से बचें और इमोशनल होकर कोई डिसीजन न लें। मिथुन राशि– मिथुन राशि वालों की पुराने दोस्तों और रिश्तेदारों से मुलाकात होगी। जिससे मन प्रसन्न रहेगा। आज आपकी लंबे समय के बाद करीबी दोस्तों से मिलने का मौका मिल सकता है। ऑफिस में सहकर्मियों का सपोर्ट करें। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगी। घर धार्मिक कार्यों का आयोजन संभव है। कर्क राशि– कर्क राशि के जातकों को आज कोई भी फैसला बहुत सोच-समझकर लेना चाहिए। रिश्तों में नजदीकियां आएंगी। प्रेम-संबंधों में प्यार और मिठास बढ़ेगा। आकर्षण के केंद्र बने रहेंगे। करियर में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। सकारात्मक रहें और दूसरों की मदद करने और उन्हें मोटिवेट करने के लिए हमेशा तैयार रहें। सिंह राशि– ऑफिस में कार्यों का दबाव बढ़ेगा। नए जिम्मेदारियों को सावधानी से संभालें। किसी भी कार्य को लेकर ज्यादा तनाव न लें। अपने सभी काम को व्यवस्थित ढंग से पूरा करें। आराम करना न भूलें। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बीच संतुलन बनाए रखें। कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ अपने सेहत पर भी ध्यान दें और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। कन्या राशि– कन्या राशि वालों को आज करियर में तरक्की के कई मौके मिलेंगे। ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिलेगी। ऑफिस में कार्यों की प्रशंसा होगी। टीम मीटिंग में अपने आइडियाज को शेयर करने के लिए तैयार रहें। कार्यस्थल पर आपके द्वारा किए गए प्रयासों से सफलता की राह आसान होगी। तुला राशि- तुला राशि के जातकों को जीवन में संतुलन बनाने पर फोकस करना होगा। ऑफिस में काफी बिजी शेड्यूल रहेगा। नए प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका मिलेगा। कुछ कार्यों को पूरा करने के लिए ऑफिस में ज्यादा समय बिताना पड़ सकता है। आपमें आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। वृश्चिक राशि- लव लाइफ पर ध्यान दें। जीवनसाथी से अनबन के संकेत हैं। रिश्तों में बिना कारण तनाव बढ़ सकता है, लेकिन क्रोध से बचें। वाणी पर संयम रखें। साथी का ख्याल रखें। रिलेशनशिप की दिक्कतों को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश करें। प्रोफेशनल लाइफ में नई जिम्मेदारी के लिए तैयार रहें। धनु राशि– व्यापार में विस्तार होगा। आज पार्टनरशिप या नए बिजनेस की शुरुआत करने के कई मौके मिलेंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। धन लाभ के नए अवसरों पर नजर रखें। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी, लेकिन सेहत पर ध्यान दें। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। मकर राशि– निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। लॉन्ग टर्म गोल्स पर फोकस करें। करियर में तरक्की के नए मौके पर नजर रखें। नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। प्रोफेशनल लाइफ में नए कार्यों की जिम्मेदारी लेने में संकोच न करें। आज आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। धन लाभ के नए स्त्रोत बनेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कुंभ राशि– नए कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम दिन है। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।सफलता प्राप्त करने के लिए किए गए प्रयास सार्थक साबित होंगे। मानसिक शांति मिलेगी। लॉन्ग टर्म करियर गोल्स पर फोकस करें। नए आइडियाज के साथ कार्यों की चुनौतियों को हैंडल करें। इससे आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद मिलेगा। फैसले लेते समय अपने अंतर्मन की सुनें। मीन राशि– मीन राशि वालों के प्रोफेशनल लाइफ में नए बदलाव होंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। धन आगमन के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। नए कार्यों की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार रहें। प्रेम-संबंधों मधुरता आएगी। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा।

कलेश्वर के जीआईडीसी में एक केमिकल कंपनी में लगी आग, मौके पर पहुंची अग्निशमन दल

भरूच गुजरात के भरूच के नजदीक आज कलेश्वर के जीआईडीसी में एक केमिकल कंपनी में आग लग गई। घटना की जानकारी मिलते ही अग्निशमन दल मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि आग की लपटें और धुएं का गुबार आसमान में आसमान को छूने लगा। हिमाचल-हरियाणा बॉर्डर पर लगी थी आग हिमाचल और हरियाणा के बॉर्डर पर खोखरा पंचायत में एक कबाड़खाने में भीषण आग लग गई है। आग इतनी भयानक है कि धुआं पूरे आसमान में छा गया है। आग लगने के बाद कई सिलेंडर फटने की आवाज आई जिससे आसपास के हजारों लोग जमा हो गए हैं। हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के फायर विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कोशिश कर रही हैं।

बुलडोजर एक्शन के बीच किताबें बचाने वाली 8 वर्षीय ‘वायरल गर्ल’ अनन्या की पढ़ाई का खर्चा उठाएंगे अखिलेश यादव

नोएडा समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को एलान किया कि वह अंबेडकर नगर की 8 वर्षीय ‘वायरल गर्ल’ अनन्या की पढ़ाई का खर्चा उठाएंगे। अनन्या का एक वीडियो पिछले दिनों वायरल हुआ था, जिसमें वह बुलडोजर एक्शन के बीच अपनी किताबों को सीने से लगाकर भागते हुए दिखी थी। इस वीडियो की चर्चा सुप्रीम कोर्ट तक में हुई थी। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) के जरिए अनन्या की मदद का एलान करते हुए प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो बच्चों का भविष्य उजाड़ते हैं, दरअसल वो बेघर होते हैं। हम इस बच्ची की पढ़ाई का संकल्प उठाते हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई का मोल पढ़नेवाले ही जानते हैं। बुलडोज़र विध्वंसक शक्ति का प्रतीक है, ज्ञान, बोध या विवेक का नहीं। बुलडोज़र अहंकार के ईंधन से, दंभ के पहियों पर सवार होकर चलता है, इसमें इंसाफ़ की लगाम नहीं होती है। गौर हो कि योगी सरकार की बुलडोजर एक्शन नीति पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है, इस मॉडल का इस्तेमाल कई अन्य राज्यों में भी देखा जा रहा है। इस मामले को लेकर दो धड़ों के बीच वैचारिक टकराव भी देखने को मिलता है। जहां एक ओर इसे सख्त शासनिक नीति का प्रतीक बताया जाता है तो दूसरी तरफ इसके इस्तेमाल को शक्ति प्रदर्शन भी कहा जाता है। इन दोनों बहसों के बीच अनन्या का मार्मिक वीडियो चर्चा का केंद्र बन गया। क्या है पूरा मामला बीते 21 मार्च को अजईपुर गांव में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम का बुलडोजर झोपड़ियों को ध्वस्त करने लगा। वर्षों से यहां ठिकाना जमाए लोग मवेशियों और सामानों को बचाने में जुट गए थे। इसी कतार में मजदूर अभिषेक यादव की झोपड़ी थी। बगल झोपड़ी से धुंआ उठने लगा तो, अभिषेक अपने गृहस्थी का समान समेटने में लगा था। परिवार के पालन पोषण में राशन, बिस्तर व कपड़ों तक उसका ध्यान रहा, लेकिन बेटी अनन्या की किताबों को वह भूल गए। अपनी किताबों को नहीं देख अनन्या चिल्लाई मेरी किताब जल जाएगी और बचाने के लिए दौड़ गई। बुलडोजर और आग से डरे बिना वह झोपड़ी के अंदर पहुंची और अपने किताबों को समेटने लगी। यह देख कर प्रशासन के हाथ पैर फूलने लगे। बच्ची के जान पर आई आफत देखकर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस कर्मी पीछे दौड़ उसके पास पहुंचे और बाहर निकालने लगे। अनन्या अपनी किताबों को सीने से लगाकर रोती निकली और माता-पिता के पास पहुंच गई। किताबें बचाने के बाद वह आत्मसंतोष के भाव से चुप होकर कातर निगाहों ने भीड़ को निहारती रही। बेटी की जुबां से पढ़ते माता-पिता अभिषेक और नीतू अशिक्षित हैं, लेकिन शिक्षा का महत्व अपनी बेटी अनन्या और बेटे आदर्श को बताया है। छोटे भाई आदर्श को लेकर अनन्या रोज स्कूल जाती है। वह अपने घर में स्कूल जाने व पढ़ने वाली पहली है। माता-पिता उसी के जुबां से काले अक्षर पहचानते हैं। IAS बनने का सपना संजोए बेटी को पढ़ाकर मजदूर माता-पिता अपने सुनहरे भविष्य देख रहे हैं।

पूर्व विधायक अब्दुल्ला के खिलाफ चुनाव में उम्र को लेकर झूठा शपथ पत्र दाखिल करने के मामले में अब 22 अप्रैल को होगी

रामपुर सपा नेता आजम खां के बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला के खिलाफ चुनाव में उम्र को लेकर झूठा शपथ पत्र दाखिल करने के मामले में शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अब 22 अप्रैल को सुनवाई होगी। अब्दुल्ला आजम ने वर्ष 2017 में स्वार विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें वह जीत भी गए थे। हालांकि चुनाव के समय ही उनकी उम्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। नामांकन के दौरान बसपा प्रत्याशी रहे नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि अब्दुल्ला की उम्र 25 साल से कम है। वह चुनाव लड़ने योग्य नहीं हैं, लेकिन इस संबंध में साक्ष्य पेश न करने पर निर्वाचन अधिकारी ने अब्दुल्ला का नामां कन पत्र खारिज नहीं किया था। अब्दुल्ला ने शपथ पत्र देकर अपनी उम्र चुनाव लड़ने योग्य बताई थी। एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रही सुनवाई इसी शपथ पत्र को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत की गई थी। चुनाव आयोग ने रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए थे। चुनाव आयोग के आदेश पर प्रभारी राजस्व निरीक्षक स्वार सोमपाल सिंह की ओर से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में प्राथमिकी स्वार कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है।

वक्फ बिल को संसद की मंजूरी मिलते ही मुस्लिम समुदाय के लोग भड़क उठे, सड़क पर उतरकर विरोध जताया

नई दिल्ली वक्फ बिल को संसद की मंजूरी मिलते ही पश्चिम बंगाल, गुजरात समेत कई राज्यों के मुसलमान भड़क उठे। उन्होंने सड़क पर उतरकर जमकर विरोध जताया। जुम्मे की नमाज के बाद कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद जैसे शहरों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वक्फ बिल के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार से इसे वापस लेने की अपील की। बंगाल की राजधानी में कई लोगों ने हाथों में बैनर ले रखे थे, जिसमें ‘हम वक्फ बिल को खारिज करते हैं’ जैसे नारे लिखे गए थे। वक्फ संशोधन विधेयक 2025 बुधवार को लोकसभा और फिर गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया गया, जहां लंबी बहस के बाद इसे पारित कर दिया गया। गुजरात के अहमदाबाद से सामने आए विजुअल्स में मुस्लिम संगठन वक्फ बिल के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए। लोगों ने ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ और ‘काला कानून वापस लो’ जैसे नारे भी लगाए। प्रदर्शन कर रहे शोएब रजा नामक युवक ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ”यह सरकार मंदिरों की जमीन चोरी करती है। राम मंदिर की जमीन को चोरी किया और अब मस्जिदों की जमीन चोरी करने की फिराक में हैं।” इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई लोगों को हिरासत में भी लिया। उधर, चेन्नई में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। यहां एक्टर विजय की तमिलगा वेत्री कझगम ने भी राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की। चेन्नई और कोयंबटूर और तिरुचिरापल्ली जैसे शहरों में टीवीके कार्यकर्ताओं ने इकट्ठे होते हुए ‘वक्फ विधेयक को खारिज करो’ और ‘मुसलमानों के अधिकार मत छीनो’ जैसे नारे लगाए। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी शुक्रवार को मुस्लिम संगठन के लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उनके हाथों में भी वक्फ बिल के खिलाफ लिखे नारे वाली बैनर और पोस्टर थे। बिल के खिलाफ कोर्ट पहुंचे कांग्रेस सांसद कांग्रेस ने वक्फ बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने याचिका दायर करते हुए वक्फ बिल को मुस्लिम समुदाय के प्रति भेदभावपूर्ण वाला बताया है। बीजेपी ने कांग्रेस समेत विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष चाहे तो संसद में पारित वक्फ (संशोधन) विधेयक को अदालत में चुनौती दे सकता है, लेकिन उन्हें इस मुद्दे पर अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को भड़काने और तुष्टीकरण की तुच्छ राजनीति करने से बचना चाहिए। वरिष्ठ बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, “कांग्रेस के कुछ कानूनी विशेषज्ञ बार-बार कह रहे हैं कि यह (विधेयक) असंवैधानिक है और वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्हें अदालत जाने दें। उन्हें कोई नहीं रोक रहा है।”

अमेरिका द्वारा व्यापारिक साझेदारों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाए जाने के बाद चीन ने WTO में मुकदमा किया दायर

बीजिंग चीन ने शुक्रवार को अमेरिका पर पलटवार करते हुए सभी आयातित अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर 34 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया। यह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीनी एक्सपोर्ट पर 34 फीसदी टैरिफ लगाने के फैसले के जवाब में किया गया है। चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, 10 अप्रैल से अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ लगाए जाएंगे। अमेरिका द्वारा व्यापारिक साझेदारों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाए जाने के बाद चीन ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) में मुकदमा दायर किया है। बीजिंग के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि उसने सात दुर्लभ पृथ्वी तत्वों पर एक्सपोर्ट्स कंट्रोल भी लगाया है, जिसमें गैडोलीनियम – जिसका इस्तेमाल आम तौर पर एमआरआई में किया जाता है – और यिट्रियम, जिसका इस्तेमाल उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाता है- शामिल है। इसके अलावा, मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “चीन ने डब्ल्यूटीओ विवाद निपटान तंत्र के तहत मुकदमा दायर किया है।” इसके अलावा, चीन ने 11 अमेरिकी रक्षा कंपनियों को अविश्वसनीय यूनिट लिस्ट में जोड़ा है और 16 अमेरिकी फर्मों पर निर्यात नियंत्रण लगाने जा रहा है। जनवरी में ट्रंप के व्हाइट हाउस में लौटने के बाद से वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच तनाव और बढ़ गया है। टैरिफ को लेकर अमेरिका और दुनियाभर के कई देशों से विवाद चल रहा है। दो अप्रैल को डोनाल्ड ट्रंप ने चीन, भारत समेत कई देशों के खिलाफ बढ़े हुए टैरिफ का ऐलान किया था। इसके अलावा, ट्रंप चीन से फेंटेनाइल ड्रग्स को लेकर भी काफी नाराज हैं। पिछले साल चीन ने अमेरिका से लगभग 164 बिलियन डॉलर का सामान आयात किया था, जो चार साल में सबसे कम था। वित्त मंत्रालय ने 34% टैरिफ की घोषणा करते हुए एक बयान में कहा, “अमेरिका की कार्रवाई अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नियमों का पालन नहीं करती है, चीन के वैध और कानूनी अधिकारों और हितों को गंभीर रूप से कमजोर करती है, और यह एकतरफा है।” दोनों सरकारों के बीच आर्थिक संघर्ष दोनों देशों की निजी कंपनियों तक फैल गया है।

संसद में भी ओवैसी ने वक्फ बिल का विरोध किया और फाड़ी थी विधेयक की कॉपी, अब पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली संसद से पारित हुए वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 के खिलाफ एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अपनी याचिका में विधेयक की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है। संसद में भी ओवैसी ने वक्फ बिल का विरोध किया था और प्रतीकात्मक तौर पर इसकी एक कॉपी भी फाड़ दी थी। ओवैसी की याचिका अधिवक्ता लजफीर अहमद ने दायर की है। विधेयक को राज्यसभा में 128 सदस्यों ने पक्ष में और 95 ने विरोध में पारित किया। इसे 3 अप्रैल की सुबह लोकसभा में 288 सदस्यों ने समर्थन दिया और 232 ने विरोध किया। इससे पहले बिहार के किशनगंज से कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने भी सुप्रीम कोर्ट में विधयेक की वैधता को चुनौती देते हुए कहा था कि यह संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है। वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान संसद में बुधवार को ओवैसी ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ विधेयक के जरिए मुसलमानों के साथ गलत व्यवहार किया जाएगा। ओवैसी ने कहा, “यह विधेयक मुसलमानों पर हमला है। मोदी सरकार ने मेरी आजादी पर जंग छेड़ दी है। मेरी मस्जिदें, मेरी दरगाहें, मेरे मदरसे निशाने पर हैं। यह सरकार सच सामने नहीं ला रही है। यह विधेयक अनुच्छेद 14- समान संरक्षण का उल्लंघन करता है। सीमाएं लगाई जाएंगी। ऐसा करने से अतिक्रमणकारी मालिक बन जाएगा और एक गैर-मुस्लिम वक्फ बोर्ड का प्रशासन चलाएगा। यह विधेयक समानता कानून का भी उल्लंघन करता है।” वहीं, कांग्रेस सांसद की याचिका में आरोप लगाया गया है कि विधेयक वक्फ संपत्तियों और उनके प्रबंधन पर मनमाने प्रतिबंध लगाता है, जिससे मुस्लिम समुदाय की धार्मिक स्वायत्तता कमज़ोर होती है। अधिवक्ता अनस तनवीर के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि प्रस्तावित कानून मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव करता है, क्योंकि इसमें ऐसे प्रतिबंध लगाए गए हैं जो अन्य धार्मिक बंदोबस्तों के प्रशासन में मौजूद नहीं हैं। बिहार के किशनगंज से लोकसभा सांसद जावेद इस विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति के सदस्य थे और उन्होंने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि यह विधेयक किसी व्यक्ति के धार्मिक अभ्यास की अवधि के आधार पर वक्फ के निर्माण पर प्रतिबंध लगाता है। इस तरह की सीमा इस्लामी कानून, रीति-रिवाज या मिसाल में निराधार है और अनुच्छेद 25 के तहत धर्म को मानने और उसका पालन करने के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करती है। याचिका में दावा किया गया है कि प्रतिबंध उन लोगों के साथ भेदभाव करता है जिन्होंने हाल ही में इस्लाम धर्म अपनाया है और धार्मिक या धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए संपत्ति समर्पित करना चाहते हैं, जिससे संविधान के अनुच्छेद 15 का उल्लंघन होता है। अनुच्छेद 15 धर्म, नस्ल, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव के निषेध से संबंधित है।

राजेन्द्र शुक्ल ने कहा- स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिये विकासखंड स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना ज़रूरी

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिये विकासखंड स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना ज़रूरी है। प्रदेश सरकार के द्वारा निरंतर कोशिश की जा रही है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को सर्व सुविधायुक्त बनाया जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने उज्जैन ज़िले के घट्टिया जनपद पंचायत में 9 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत के 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भूमि-पूजन किया। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घट्टिया के लिए पर्याप्त चिकित्सकीय और पैरामेडिकल की भर्ती की जाएगी। सरकार के द्वारा पूरे प्रदेश में चिकित्सा स्टाफ की 30 हज़ार भर्तियां की जाएंगी। हम स्वास्थ्य और शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए हम सभी प्रयासरत हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों से कहा के भवन का निर्माण गुणवत्ता के साथ किया जाए। साथ ही समय सीमा से पहले ही निर्माण कार्य को पूर्ण करने का प्रयास किया जाए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घट्टिया का निर्माण कार्य आगामी 15 महीने में पूर्ण किया जाना है।उन्होंने घट्टिया में एंबुलेंस की मांग को स्वीकार करते हुए कहा कि यहां पर एंबुलेंस की सेवा शीघ्र ही प्रारंभ की जाएगी। क्षेत्र की अन्य आवश्यकताओं के लिए उन्होंने विस्तृत कार्य योजना बना कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विधायक श्री सतीश मालवीय ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घट्टिया से आसपास के 100 गांव लाभान्वित होंगे। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत घट्टिया श्री भगवान सिंह पंवार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार पटेल, विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

अब ट्रंप प्रशासन अमेरिकी सेना से भी छंटनी करने की योजना बना रहा, कहा-इतने सैनिकों की जरूरत नहीं: रिपोर्ट

वाशिंगटन अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से कई विभागों को बंद करने और फेडरल कर्मचारियों की छंटनी का सिलसिला जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सरकारी खर्चों को कम करने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी यानी DOGE का गठन भी किया था। USAID, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग जैसे विभागों से हजारों कर्मचारियों को काम से निकाले जाने के बाद अब ट्रंप प्रशासन अमेरिकी सेना से भी छंटनी करने की योजना बना रहा है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी रक्षा विभाग करीब 90 हजार सैनिकों को हटाकर सैन्य बल में कटौती करने जा रहा है। रिपोर्ट में इस बात का दावा किया है। वेबसाइट ने मामले से परिचित तीन अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया है कि अमेरिकी रक्षा विभाग बढ़ते वित्तीय दबाव के कारण सेना से लगभग 90,000 सक्रिय सैनिकों की कटौती पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि चर्चा के दौरान सैन्य बल की मौजूदा क्षमता को कम करने की बात की गई है। बता दें कि फिलहाल अमेरिकी सेना में 4,50,00 सैनिक सक्रिय रूप से जुड़े हैं। कटौती के बाद इसे 3,60,000 से 4,20,000 किए जाने की संभावना है। बजट में होगी कटौती इससे पहले DOGE के साथ कदम मिलाते हुए अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पेंटागन को फिजूलखर्ची को कम करने और बजट में 8% की कटौती करने की योजना तैयार करने का निर्देश दिया भी दिया था। अमेरिका के रक्षा बजट की बात करें तो वित्तीय वर्ष 2025 के लिए लगभग 849.8 बिलियन डॉलर बजट रहने का अनुमान लगाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक मिडिल ईस्ट और अफ्रीका में अमेरिका की घटती उपस्थिति के बीच इस तरह की चर्चा की जा रही है। हालांकि चीन का मुकाबला करने के लिए अमेरिका इंडो-पैसिफिक में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की कोशिश भी कर रहा है। इस्तीफा देने का मौका दे रही सरकार जानकारी के मुताबिक कम से कम छह अमेरिकी संघीय सरकारी एजेंसियां अपने कर्मचारियों को इस्तीफा देने का अवसर दे रही हैं। एक संक्षिप्त ज्ञापन में हेगसेथ ने कर्मचारियों को स्वैच्छिक प्रारंभिक सेवानिवृत्ति की पेशकश की थी। एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने बताया है कि पेंटागन के बजट में 5% से 8% की कटौती के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए लगभग 50,000 से 60,000 नौकरियों में कटौती की जाएगी।

जयपुर सीरियल ब्लास्ट केस में चारों आरोपी दोषी करार, विशेष अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा 8 अप्रैल को होगी सजा

जयपुर राजधानी जयपुर में 13 मई 2008 को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के दौरान चांदपोल में मंदिर के पास मिले जिंदा बम मामले में आज विशेष अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराया है। विशेष अदालत के न्यायाधीश रमेश कुमार जोशी ने फैसला सुनाते हुए कहा कि 8 अप्रैल को आरोपियों को सजा सुनाई जाएगी। हालांकि, आरोपियों को 124(A) (राजद्रोह) के आरोपों से बरी कर दिया गया है, लेकिन अन्य धाराओं में दोषी ठहराया गया है। 17 साल बाद आया बड़ा फैसला दरअसल, जयपुर में 17 साल पहले हुए सीरियल बम ब्लास्ट के दौरान 8 बम धमाके हुए थे, लेकिन नौवां बम चांदपोल बाजार के गेस्ट हाउस के पास मिला था। यह बम धमाकों के 15 मिनट पहले ही डिफ्यूज कर दिया गया था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। अब इस जिंदा बम मामले में चारों आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। इससे पहले जयपुर बम धमाकों से जुड़े 8 मामलों में यही आरोपी फांसी की सजा पा चुके थे, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट ने मार्च 2023 में सभी को बरी कर दिया था। हाईकोर्ट ने जांच एजेंसियों की कई खामियों को उजागर किया था, जिसके बाद सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जो अभी पेंडिंग है। क्या है बम ब्लास्ट का पूरा मामला? गौरतलब है कि 13 मई 2008 को जयपुर के चारदीवारी इलाके में 8 सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इन धमाकों में 72 लोगों की मौत हुई थी और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस मामले में विशेष अदालत ने पहले 20 दिसंबर 2019 को चार आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने मार्च 2023 में इस फैसले को पलटते हुए चारों आरोपियों को बरी कर दिया। इसके बाद राज्य सरकार ने इन चारों को जिंदा बम रखने के मामले में गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ एक नया केस दर्ज किया गया। 4 आरोपी दोषी करार, पहले हो चुके हैं बरी जिंदा बम मामले में दोषी करार दिए गए चारों आरोपी मोहम्मद सैफ, सैफुर्रहमान, मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद हैं। मोहम्मद सैफ और सैफुर्रहमान फिलहाल जयपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद जमानत पर बाहर हैं। इससे पहले इन चारों आरोपियों को 2019 में जयपुर बम धमाकों में दोषी करार देते हुए फांसी की सजा दी गई थी, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट ने मार्च 2023 में सभी को बरी कर दिया था। 112 गवाह और 1200 दस्तावेज पेश किए गए इस मामले में अभियोजन पक्ष ने 112 गवाहों के बयान दर्ज कराए और करीब 1200 दस्तावेज अदालत में पेश किए। साइकिल मैकेनिक दिनेश महावर ने बताया कि किसी ने उसके पास बम वाली साइकिल कसवाई थी। पत्रकार प्रशांत टंडन और पूर्व एडीजी अरविंद कुमार जैन को भी गवाह बनाया गया था। पहले हाईकोर्ट ने क्यों किया था बरी? राजस्थान हाईकोर्ट ने मार्च 2023 में आरोपियों को बरी करते हुए कहा था कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि साइकिल बम किसने रखी थी। अदालत ने जांच एजेंसियों की खामियों पर भी सवाल उठाए थे। वहीं, अब जिंदा बम मामले में चारों आरोपियों को दोषी करार दिया गया है, जिससे इस केस में नया मोड़ आ गया है।

संसद के दोनों सदनों से वक्फ संशोधन विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद कांग्रेस सांसद ने दी चुनौती, सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका

नई दिल्ली वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है। इसके साथ ही इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को पहली याचिका भी दायर हो गई है। बिहार की किशनगंज लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने यह याचिका दाखिल की है। सांसद जावेद ने वक्फ कानून में हाल ही में किए गए बदलाव को चुनौती देते हुए इसे मुस्लिम समुदाय के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है। उन्होंने अपनी याचिका में इस विधेयक के माध्यम से किए गए संशोधनों को मुस्लिम समुदाय के मूल अधिकारों के खिलाफ बताया है। संसद के दोनों सदनों से वक्फ संशोधन विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है। मुस्लिम समुदाय के कई संगठन और विपक्ष के नेता इस संशोधन का विरोध कर रहे हैं। दूसरी ओर, सरकार का दावा है कि यह संशोधन वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और उनके सही उपयोग के लिए है तथा इससे गरीब मुसलमानों को लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर राज्यसभा में गुरुवार को चर्चा शुरू हुई और लगातार चली बैठक के बाद शुक्रवार तड़के यह विधेयक पारित हो गया। इसके पक्ष में 128 और विरोध में 95 मत पड़े। लोकसभा पहले ही इसे मंजूरी दे चुकी थी। इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ अधिनियम में संशोधन के जरिए वक्फ बोर्ड के ढांचे में बदलाव और कानूनी विवादों को कम करना है। विधेयक को पारित करने के लिए राज्यसभा की बैठक (शुक्रवार) रात 2:30 बजे के बाद तक चली। विपक्ष के सभी संशोधन खारिज हो गए। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष के इन आरोपों को खारिज कर दिया है कि सरकार अल्पसंख्यकों को डराने के लिए यह विधेयक लाई है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को डराने और गुमराह करने का काम विपक्ष कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विधेयक से मुसलमानों को कोई नुकसान नहीं होगा।

अब प्रधानमंत्री मोदी को बांग्लादेश से मिला खास तोहफा, 10 साल पहले पीएम मोदी ने मोहम्मद यूनुस को दिया था गोल्ड मेडल

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के दौरे पर हैं। यहां पर पीएम मोदी ने बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस और पीएम मोदी के बीच मुलाकात भी हुई। इस खास मौके पर मोहम्मद यूनुस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खास उपहार दिया। दरअसल, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने पीएम नरेंद्र मोदी को एक तस्वीर उपहार के तौर पर दी। ये तस्वीर 03 जनवरी 2015 की है। इसी दिन पीएम मोदी ने 102वीं इंडियन साइंस कांग्रेस में प्रोफेसर यूनुस को गोल्ड मेडल दिया था। इस तस्वीर में पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस नजर आ रहे हैं। मोहम्मद यूनुस के ऑफिस ने शेयर की पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रोफेसर यूनुस के कार्यालय ने एक पोस्ट साझा की है। इस पोस्ट दो फोटो शेयर की गई है। इस पोस्ट में लिखा गया है कि प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस शुक्रवार को बैंकॉक में अपनी द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक तस्वीर पेश कर रहे हैं। यह तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 3 जनवरी, 2015 को 102वें भारतीय विज्ञान कांग्रेस में प्रोफेसर यूनुस को स्वर्ण पदक प्रदान करने के बारे में है। अंतरिम सरकार के गठन के बाद पहली बार मिले दोनों नेता  जानकारी दें कि बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद ये पहला मौका है जब पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस के बीच मुलाकात हुई है। दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा भी हुई। बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर चिंता जाहिर की। दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर हुई चर्चा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बीच किन मुद्दों पर चर्चा की गई, इसकी जानकारी विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने विस्तृत तौर पर दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लोकतांत्रिक, स्थिर, शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। उन्होंने प्रो. यूनुस को बताया कि भारत बांग्लादेश के साथ सकारात्मक और रचनात्मक संबंध बनाने की इच्छा रखता है। विक्रम मिसरी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी आग्रह किया कि माहौल को खराब करने वाली किसी भी बयानबाजी से बचना चाहिए। सीमा पर कानून का सख्त पालन और अवैध सीमा पार करने की रोकथाम सीमा सुरक्षा और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

इंदौर के नंदानगर सिविल अस्पताल का निर्माण अंतिम दौर में

भोपाल इंदौर के नंदानगर स्थित सिविल अस्पताल का निर्माण कार्य अंतिम दौर में हैं। मई के अंतिम सप्ताह तक सभी कार्य पूर्ण कर जून माह में इसका शुभारंभ किया जायेगा। इस अस्पताल का निर्माण दस करोड़ रूपये की लागत से किया जा रहा है। यह अस्पताल पाँच मंजिला होकर 50 बिस्तरों का रहेगा। अस्पताल में ऑपरेशन, डिलेवरी आदि के लिये अत्याधुनिक साधन और सुविधाएं रहेंगी। यह जानकारी शुक्रवार को इन्दौर में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा किये गये अस्पताल निर्माण के निरीक्षण के दौरान दी गई। इस अवसर पर विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अस्पताल निर्माण कार्य की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी साधन और सुविधाओं सहित अस्पताल का निर्माण कार्य मई माह के अंत तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाये। जून माह में इस अस्पताल का शुभारंभ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल के निर्माण में किसी भी तरह की कोर कसर नहीं रखी जायेगी। गुणवत्ता का विशेष ध्यान दिया जाये। अस्पताल बेहतर से बेहतर बने यह प्रयास हो। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल पूर्व में प्रसूति अस्पताल के रूप में मिल क्षेत्र में प्रतिष्ठित था। इसी प्रतिष्ठा के अनुरूप अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। इस अस्पताल का नामकरण मंत्री श्री विजयवर्गीय जी की माताजी के नाम पर किया जायेगा।  

बजट सत्र को बेहद उत्पादक बताते हुए कहा कि संसद ने नए कीर्तिमान स्थापित किए, 17 घंटे से अधिक चली चर्चा

नई दिल्ली केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बजट सत्र 2025 के समापन की जानकारी दी। उन्होंने इस सत्र को बेहद उत्पादक बताते हुए कहा कि संसद ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। रिजिजू ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्यों, अध्यक्षों, स्पीकर और राजनीतिक दलों के नेताओं का आभार जताया, जिनके सहयोग से यह संभव हुआ। रिजिजू ने बताया कि इस सत्र में राज्यसभा ने 17 घंटे और 2 मिनट की लंबी चर्चा के साथ इतिहास रचा। संशोधन विधेयक पर यह चर्चा हुई, जिसने 1981 के 15 घंटे 51 मिनट के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया। यह बहस 3 अप्रैल को सुबह 11 बजे शुरू हुई और 4 अप्रैल को तड़के 4:02 बजे तक चली। खास बात यह रही कि इस दौरान एक भी व्यवधान नहीं हुआ। रिजिजू ने इसे एक बड़ी उपलब्धि करार देते हुए कहा कि इस रिकॉर्ड को तोड़ना मुश्किल होगा। लोकसभा में भी सत्र बेहद सफल रहा। यहां 13 घंटे से अधिक समय तक रेलवे, ऊर्जा, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय से जुड़े अनुदानों की मांगों पर चर्चा हुई। वहीं, राज्यसभा में शिक्षा, रेलवे, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और गृह मंत्रालय के कामकाज पर विचार-विमर्श हुआ। रिजिजू ने कहा कि दोनों सदनों में चर्चा के दौरान आलोचना, सुझाव और स्पष्टीकरण का स्वस्थ आदान-प्रदान हुआ, लेकिन कोई स्थगन या व्यवधान नहीं देखा गया। उन्होंने संसदीय टीम के सहयोगियों अर्जुन मेघवान और एल. मोहन, सचिव (संसदीय विभाग) और अन्य अधिकारियों को भी धन्यवाद दिया। रिजिजू ने कहा, “हमने नियमों, परंपराओं और प्रक्रियाओं का सम्मान करते हुए संसद का संचालन किया। सरकार की ओर से हम प्रधानमंत्री, सभी दलों के नेताओं और फ्लोर लीडर्स के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।” इस सत्र की उत्पादकता की लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति पहले ही सराहना कर चुके हैं। रिजिजू ने इसे दोहराते हुए कहा कि सदस्यों के धैर्य और योगदान से यह संभव हुआ। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवालों के लिए भी समय दिया और कहा कि कोई स्पष्टीकरण चाहिए हो, तो पूछा जा सकता है। रिजिजू ने इसे लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक बताया और कहा कि सरकार सभी आलोचनाओं को स्वीकार करती है, साथ ही बेहतर कामकाज के लिए सुझावों का भी सम्मान करती है। इस सत्र ने संसदीय इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है।

विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समावेशित शिक्षा का प्रबंध, स्कूल चलें हम अभियान में सीडब्ल्यूएसएन बच्चों का हो रहा है चिन्हांकन

भोपाल प्रदेश में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ‘चिल्ड्रन विद स्पेशल नीड्स’ (सीडब्ल्यूएसएन) की समावेशित शिक्षा का क्रियान्वयन राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा जिला शिक्षा केन्द्रों के माध्यम से किया जा रहा है। चिन्हांकित बच्चों की प्रविष्टि केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के प्रबंध पोर्टल पर की जा रही है। प्रविष्टि के बाद इन बच्चों को उनकी आवश्यकता अनुसार सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। विशेष अभियान के अंतर्गत वर्ष 2022-23 में एक लाख 43 हजार 439, वर्ष 2023-24 में एक लाख 31 हजार 85 सीडब्ल्यूएसएन बच्चों का चिन्हांकन किया गया। वर्ष 2024-25 में चिन्हित बच्चों की प्रविष्टि का कार्य अंतिम चरण में है। ब्रेल लिपि की पाठ्य-पुस्तकों का वितरण प्रदेश में चिन्हित किये गये सीडब्ल्यूएसएन बच्चों को भोपाल की शासकीय ब्रेल प्रेस के माध्यम से ब्रेल लिपि में मुद्रित पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध कराई गई। राज्‍य के 322 विकासखंडों में आईईडी संस्थान तैयार कराये गये हैं। वर्ष 2024-25 में प्रत्येक जिले की एक शाला, जहां सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास के दिव्यांग बच्चे अध्ययनरत हैं, वहां संसाधन केन्द्र तैयार कराने की कार्यवाही तेजी से की जा रही है। दिव्यांग बच्चों को आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण प्रदेश में दिव्यांग बच्चों को परिवहन भत्ता और स्टायफंड समेत अन्य आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इन बच्चों की शिक्षण व्यवस्था से लगे स्त्रोत सलाहकारों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा की गई है। इसके साथ ही दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों, जिला परियोजना समन्वयकों एवं डाइट के प्राचार्यों का उन्मुखीकरण किये जाने के लिये विशेष प्रशिक्षण भी आयोजित किये गये। दिव्यांग बच्चों के चिकित्सीय मूल्यांकन के बाद उनकी आवश्यकता के उपकरण वितरण की कार्यवाही भी की गई। दिव्यांग बच्चों के समग्र विकास के लिये खेल-कूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी वर्ष 2024-25 में नवम्बर-दिसम्बर माह में संपन्न कराये गये। सीडब्ल्यूएसएन श्रेणी के बच्चों में ऐसे बच्चे जिन्हें गृह आधारित शिक्षा की आवश्यकता है, उन्हें 3 हजार 500 रूपये प्रति बच्चे के मान से टीएलएम किट प्रदान की गई। वर्ष 2025-26 में सीडब्ल्यूएसएन बच्चों की मदद के लिये निर्देश प्रदेश में नया शैक्षणिक-सत्र एक अप्रैल 2025 से शुरू हो गया है। विशेष आवश्यकता वाले (सीडब्ल्यूएसएन) बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘स्कूल चलें हम’ अभियान में इन बच्चों को चिन्हित करने के निर्देश मैदानी अमले को दिये गये हैं। सर्वेक्षण के बाद इन बच्चों की शिक्षा एवं उनसे जुड़े संसाधनों को पूरा करने के लिये कार्य-योजना तैयार की जायेगी।  

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