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22 अप्रैल 2025 मंगलवार सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- करियर में उन्नति और पब्लिक इमेज से संबंधित हैं। आपकी कम्युनिकेशन स्किल सूर्खियों में रहेगी। यह इंटरव्यू के लिए अच्छा समय है, लीडरशिप स्किल की जिम्मेदारी लें। समय की कमी के चलते रिलेशनशिप में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए काम के साथ फैमिली फ्रेंड्स के साथ समय बिताने के बीच संतुलन बनाए रखें। करियर से जुड़े इवेंट्स और नेटवर्किंग के मौके लोगों को आपस में करीब ला सकते हैं। पार्टनर से अपने योजनाओं के बारे में चर्चा करें। यह सिचुएशन को स्पष्ट करने में मदद करेगी। वृषभ राशि- यह एक जैसे लक्ष्यों को पर काम करने और सपनों को साकार करने के लिए रास्तों की तलाश करने का समय है। सिंगल जातक दोस्तों के साथ परिचय के दौरान किसी दिलचस्प व्यक्ति से मिल सकते हैं। वहीं, जो लोग रिलेशनशिप में हैं, उनके लिए फ्यूचर के प्रोजेक्ट पर प्लानिंग करने से रिश्ता गहरा होगा। आपके खुद को व्यक्ति करने की योग्यता कनेक्शन बनाने में आपका मदद करेगी और दूसरों को इंस्पायर भी करेगी। इसलिए इसका इस्तेमाल करें। मिथुन राशि- बिजनेस में,जब लोग नए काम की योजनाओं को पूरा कर रहे हैं और अन्य समस्याओं पर काम कर रहे हैं, जो अभी पूरा न हुओ हो। उन कार्यों में इनोवेटिव आइडियाज से सफलता पाई जा सकती है। अगर आप रिलेशनशिप में हैं, तो बातचीत के जरिए समस्याओं को सुलझाएं, जिस पर पहले ध्यान न दिया गया हो। सिंगल जातक किसी ऐसे व्यक्ति की ओर आकर्षित होंगे, जो धार्मिक या क्रिएटिव ऊर्जा वाले होंगे। कर्क राशि- आप जीवन के सभी पहलुओं में कॉन्फिडेंट और उत्साहित रहेंगे। प्रोफेशनल लाइफ में अपने कम्युनिकेशन और आइडियाज से लोगों का ध्यान आकर्षित करेंगे। यह इंटरव्यू, प्रेजेंटेशन और नया प्रोजेक्ट लॉन्च करने के लिए अच्छा समय है। रिलेशनशिप में ईमानदारी से रिश्ते को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। सिंगल जातक किसी ऐसे व्यक्ति की ओर आकर्षित हो सकते हैं, जो आपकी ऊर्जा और सहजता की सराहना करता है। जो लोग रिलेशनशिप में हैं, उनके लिए कपल्स गोल्स डिस्कस करने का यह परफेक्ट दिन है। सिंह राशि- आज आप प्रोफेशनल लाइफ में क्या सोचते हैं यह महत्वपूर्ण रहेगा। करियर के लिहाज से, आय में वृद्धि के बारे में बात करने, वित्त संभालने और आय के नए सोर्स पर विचार करने का सही समय है। लोगों को समझाने का गुण सहकर्मियों और क्लाइंट को मनाने का एक बेहतरीन उपकरण साबित होगा। अगर आप रिलेशनशिप में हैं, तो मूल्यों और फाइनेंसशियल प्लान के बारे में चर्चा करें। इससे रिश्ते में विश्वास बनाने में मदद मिलेगा। सिंगल जातक किसी ऐसे व्यक्ति की ओर अट्रैक्ट हो सकते हैं, जिसे वे अपने लाइफ प्लान में फिट पाते हैं। कन्या राशि- यह पार्टनरशिप या कांट्रैक्ट साइन करने का अच्छा समय है। किसी भी प्रकार का रिलेशनशिप चाहे नए रिश्ता हो या पुराना हो। अपनी महत्वकांक्षाओं पर चर्चा करने की जरूरत है। सिंगल जातकों की किसी ऐसे व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, जिसके साथ आपकी बौद्धिक कंपैटिबिलिटी बनेगी। यह सभी रिश्तों को मजबूत कराने और आपसी प्रेम-स्नेह सुनिश्चित करने का सही समय है। तुला राशि– तुला राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा है। खासतौर से नए प्रोजेक्ट्स और रियल स्टेट के लिए। इस दौरान फैमिली मेंबर्स एक-दूसरे से आसानी से बातचीत कर सकेंगे। जो रिश्तों में नजदीकियां लाने और समस्याओं को सुलझाने की संभावनाएं बढ़ाएगा। बातचीत के जरिए भविष्य में रिश्ते और गहरे होंगे। सिंगल जातक किसी ऐसे व्यक्ति की ओर आकर्षित होंगे, जो उन्हें उनके कंफर्ट की याद दिलाएगा। यह पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बीच संतुलन बनाने पर ध्यान देने का उत्तम समय है। वृश्चिक राशि- आपको करियर के छिपे हुए पहलुओं को एक्सप्लोर करने का मौका मिलेगा। खासतौर से पार्टनरशिप, फाइनेंशियल और रिसर्च एरिया में। यह रणनीतिक रूप से विचार करने का सही समय है क्योंकि आपके कम्युनिकेशन स्किल से विश्वास का स्तर बढ़ेगा। रिलेशनशिप में, दिल के करीब की समस्या आ सकती है और आपको इस पर ध्यान देने की जरूरत होगी। इन मुद्दों पर बातचीत करने से आपका रिश्ता गहरा होगा। सिंगल जातक किसी रहस्मयी व्यक्ति की ओर आकर्षित हो सकते हैं। धनु राशि– धनु राशि वालों के लिए आज का दिन लाभकारी साबित होगा। यह आपके कम्युनिकेशन और नेटवर्किंग स्किल को बेहतर बनाएगा। बिजनेस में, यह अपने आइडियाज शेयर करने का बेस्ट टाइम है। महत्पूर्ण लोगों से मिलें या नई चीजों की शुरुआत करें जिसमें इमेजिनेशन और टीमवर्क की जरूरत हो। सिंगल जातक छोटी यात्राओं या सामाजिक मेलजोल के दौरान किसी दिलचस्प व्यक्ति से मिल सकते हैं। अगर आप रिलेशनशिप में हैं, तो यह पार्टनर से जो आप कहना चाहते हैं या सरप्राइज देना चाहते हैं उसके लिए बेस्ट टाइम है। हालांकि, इस बात को लेकर सतर्क रहें कि ऐसे कोई नाराज न हो। मकर राशि- यह कार्यस्थल पर अपनी स्किल का प्रदर्शन करने का सही समय है। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। सिंगल जातकों को पार्टनर से मिलने का मौका मिल सकता है। रिलेशनशिप में मौज-मस्ती और बातचीत से लव लाइफ में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। आपका रिश्ता अधिक गहरा होगा। आपके पास लोगों को आकर्षित करने की क्षमता है। कुंभ राशि- अपने प्रोफेशनल लाइफ और डेली लाइफ की चीजों को सुलझाने का समय है। कैंडिडेट्स ऐसी पद की तलाश कर सकते हैं, जो उनके क्वालिफिकेशन से मैच खाती हो। नौकरीपेशा वाले बेहतर रिजल्ट के लिए अपने दैनिक कार्यों में कुछ बदलाव कर सकते हैं। जो लोग रिलेशनशिप में हैं, उन लोगों को रिलेशनशिप में आगे बढ़ने के लिए तैयार रहना चाहिए। सिंगल जातक कामकाज के रिश्तों के दौरान प्यार की तलाश पूरी कर सकते हैं। मीन राशि- मीन राशि वालों को तरक्की और उन्नति के मौके मिलेंगे। एजुकेशन, पब्लिकेशन या इंटरनेशनल प्रोजेक्ट में जॉब मिलने की संभावनाएं हो सकती है। आपका रिस्क लेने का मन कर सकता है। आप ऊर्जावान बने रहेंगे, लेकिन ज्यादा मत करें। रियलस्टिक रहें। सिंगल जातकों को ट्रैवलिंग या एकेडमिक इंस्टीट्यूशन में किसी व्यक्ति से बात करना दिलचस्प लग सकता है। वहीं, कपल्स को सीरियस इश्यूज को सुलझाने के लिए पार्टनर से बातचीत करना चाहिए।

चीन ने बनाया खतरनाक बम, एल्यूमीनियम भी पिघला दे! क्या चीन के विस्फोटक से घबरा जाएगा अमेरिका?

बीजिंग अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ को लेकर तनाव चल रहा है. दोनों एक-दूसरे को युद्ध की धमकी भी दे चुके हैं. दोनों देशों का झगड़ा सामान्य तू-तू मैं-मैं से आगे जा चुका है. इसी बीच चीन ने एक नॉन न्यूक्लियर हाइड्रोजन बम तैयार कर लिया है. इसे नॉन न्यूक्लियर बम इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि इसे बनाने के लिए परमाणु मटेरियल का इस्तेमाल नहीं हुआ है. ये खबर सामने आते ही अमेरिका की टेंशन बढ़ना लाजमी है. चीन ने इसका सफलतापूर्वक टेस्ट भी कर लिया चीन ने इस नॉन-न्यूक्लियर हाइड्रोजन बम का सफलतापूर्वक टेस्ट भी कर लिया है. 2 किलो के वजन वाले इस बम ने 1000 डिग्री सेल्सियस की गर्मी वाला आग का गोला बनाया था. ये आग का गोला महज 2 सेकेंड के लिए ही रहा. हालांकि, ये TNT विस्फोटक के मुकाबले काफी ज्यादा गर्म था और इसके कायम रहने का टाइम भी अधिक रहा. TNT का ब्लास्ट तो सिर्फ 0.12 सेकंड में ही सिमट जाता है. ऐसे काम करता है ये हाइड्रोजन बम इस हाइड्रोजन बम को चीन स्टेट शिपबिल्डिंग कॉर्पोरेशन-CSSC के 705 रिसर्च इंस्टीट्यूट शोधकर्ताओं ने मिलकर बनाया है. ये बम मैग्नीशियम हाइड्राइड नाम के केमिकल से बना है, ये दिखने में चांदी जैसा नजर आता है. इसे बनाने वाली टीम में शामिल रहे वैज्ञानिक वांग जुएफेंग ने बताया कि जब मैग्नीशियम हाइड्राइड को विस्फोटक से एक्टिव किया जाता है, तो यह टूटता है और इससे हाइड्रोजन गैस निकलने लगती है. ये तेजी से जलने लगती है और तेज गति के साथ काफी दूर तक फैल जाती है. ये बम बड़े इलाके में तबाही मचा सकता है. क्या है इस बम की खासियत? शोधकर्ताओं ने चीनी भाषा के जर्नल ऑफ प्रोजेक्टाइल्स, रॉकेट्स, मिसाइल्स एंड गाइडेंस में कहा कि ये सक्रिय किए जाने पर मैग्नीशियम हाइड्राइड तेजी से थर्मल अपघटन से गुजरता है, जिससे हाइड्रोजन गैस निकलती है जो लगातार आग में बदल जाती है. सीएसएससी रिसर्च साइंटिस्ट वांग ज़ुएफेंग के नेतृत्व वाली टीम ने कहा, “हाइड्रोजन गैस के विस्फोट नई प्रज्वलन ऊर्जा के साथ प्रज्वलित होते हैं, इनका विस्फोट क्षेत्र व्यापक होता है. साथ ही इनकी लपटें तेजी से बाहर की ओर फैलती हैं. ये कॉम्बिनेशन विस्फोट की तीव्रता सटीक कंट्रोल रखता है, जिससे एक बड़े इलाके में टारगेट का आसानी से विनाश किया जा सकता है.” एल्युमिनियम को पिघलाने की क्षमता रखता है ये बम ये हाइड्रोजन बम लंबे समय तक थर्मल डैमेज कर सकता है क्योंकि इससे बहुत ज्यादा गर्मी पैदा होती है. इससे पैदा सफेद गर्म आग का गोला एल्युमिनियम तक को पिघलाने की क्षमता रखता है. ये टीएनटी ब्लास्ट से भी ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि टीएनटी का आग का गोला 0.12 सेकेंड तक रहता है तो ये हाइड्रोजन बम 2 सेकेंड तक आग का गोला बना रहा. वैज्ञानिकों का दावा है कि इसका इस्तेमाल बड़े इलाकों में गर्मी पैदा करने या फिर खास तरह के टारगेट को तबाह करने के लिए किया जा सकता है. हालांकि अभी ये साफ नहीं हो पाया है कि चीन की सेना किन परिस्थितियों में इस हथियार की तैनाती कर सकती है. एल्यूमीनियम भी पिघल जाता है ऐसा दावा है कि इस बम से जो आग का गोला बना, वह इतना गर्म था कि उससे एल्यूमीनियम भी पिघल जाता है. हालांकि, तकनीक की मदद से विस्फोट की स्पीड को कंट्रोल किया जा सकता है. आधुनिक दौर की जंग में ये बम बेहद कारगर साबित हो सकता है. नॉन-न्यूक्लियर हाइड्रोजन बम की विशेषताएं विस्फोटक शक्ति: यह बम 1000 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाला आग का गोला बनाता है, जो सामान्य TNT विस्फोट की तुलना में 15 गुना अधिक समय तक रहता है. छोटा आकार: इस बम का वजन केवल 2 kg है, जो इसे छोटे आकार में भी जबरदस्त शक्ति प्रदान करता है. स्वच्छ ऊर्जा: यह बम रेडियोधर्मी कचरा नहीं छोड़ता है, जो इसे पारंपरिक न्यूक्लियर बम से अलग बनाता है. वैश्विक सैन्य संतुलन पर प्रभाव नई सैन्य रणनीतियां: यह बम युद्ध की तकनीक में एक नए युग की शुरुआत कर सकता है, जो पारंपरिक न्यूक्लियर हथियारों पर आधारित रणनीतियों को बदल सकता है. वैश्विक सुरक्षा: इस बम के उपयोग से वैश्विक सुरक्षा के लिए नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं, खासकर अगर यह तकनीक अन्य देशों या संगठनों के हाथ लगती है. चीन के नए हथियार के मायने चीन अपने नए हाइड्रोजन बम के जरिए कई निशाने साधने की कोशिश में है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय संधियों का उल्लंघन नहीं करना. दुश्मन पर बड़ा हमला करने के लिए विकल्प बढ़ाना शामिल है. चीन के फायदे रणनीतिक बढ़त: बिना परमाणु टैग के भी यह हथियार चीन को युद्धक्षेत्र में बढ़त दिलाएगा. प्रतिरोधक क्षमता: यह हथियार दुश्मन देशों के लिए एक नया खतरा होगा, जिसके लिए वे तैयार नहीं हैं. अंतरराष्ट्रीय संधियों से बचाव: चीन अपनी सैन्य क्षमताएं बढ़ा सकता है बिना अंतरराष्ट्रीय संधियों का उल्लंघन किए. भारत के लिए खतरा – भारत-चीन सीमा पर पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति है. – चीन इस हथियार का उपयोग सीमावर्ती क्षेत्रों में त्वरित हमले के लिए कर सकता है. – भारत को अपनी सैन्य क्षमताएं बढ़ाने और नई रणनीतियों को विकसित करने की आवश्यकता है. भारत-चीन सैन्य तुलना चीन ने अपनी सेना को एआई, ड्रोन स्वार्म, हाइपरसोनिक मिसाइल और नॉन-न्यूक्लियर रणनीतिक हथियारों से लैस करना शुरू कर दिया है. भारत को अपनी सैन्य क्षमताओं की तुलना चीन से करनी चाहिए. अपनी ताकत बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए.

खरगे की बक्सर में फ्लॉप रैली की गाज जिलाध्यक्ष पर गिरी, कांग्रेस ने मनोज पांडेय को किया निलंबित

बक्सर बक्सर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज कुमार पांडे को पार्टी ने किया निलंबित कर दिया है. उन पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है. कहा गया है कि कोऑर्डिनेशन स्थापित नहीं करने के कारण पार्टी से उनको निलंबित किया गया है. रविवार को खरगे की सभा में भीड़ नहीं होने के कारण सत्ता पक्ष ने जनसभा पर कसा तंज था. पार्टी ने क्या आरोप लगाया पार्टी का आरोप है कि पांडे ने खड़गे के कार्यक्रम को सही तरीके से संभाला नहीं और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल स्थापित नहीं कर पाए. नतीजतन, खड़गे की जनसभा में अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पाई. जब सभा में भीड़ कम दिखी, तो विपक्ष ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी अपना जन समर्थन खो रही है. गौरतलब है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को बक्सर में एक जनसभा को संबोधित किया था, जिसमें कम संख्या में लोग पहुंचे, जिससे पार्टी में असंतोष फैल गया और पांडे पर यह कार्रवाई की गई. 90 प्रतिशत कुर्सियां रहीं खाली जिला अध्यक्ष ने 40 हजार लोगों के जुटने का दावा किया था। उन्होंने 25 हजार कुर्सियां लगवाई थीं। लेकिन खड़गे के मंच पर पहुंचने तक केवल दो हजार लोग ही मौजूद थे। मैदान में 90 प्रतिशत कुर्सियां खाली रहीं। इस स्थिति से खड़गे भी नाराज दिखे। पार्टी में खलबली बिहार प्रदेश कांग्रेस के कार्यालय सचिव द्वारा जारी एक्शन पत्र ने कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं में हलचल मचा दी है. इस पत्र के बाद बक्सर जिला कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बक्सर और राजपुर के विधायकों में भी खलबली मच गई है. इस घटना ने आगामी विधानसभा चुनावों में विधायकों को टिकट मिलने को लेकर भी चिंता सताने लगी है. जिसके चलते जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। इसके बाद जिला कांग्रेस की राजनीति में सरगर्मी बढ़ने के साथी हड़कंप मच गया है। इसके अलावा अब भविष्य की राजनीति को लेकर अटकलें का बाजार भी गर्म हो गया है। स्थानीय नेताओं ने भीषण गर्मी को कम उपस्थिति का कारण बताया। लेकिन पार्टी नेतृत्व ने इसे संगठन की विफलता माना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार हाईकमान इस दौरे को आगामी चुनाव की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण मान रहा था। बक्सर के दोनों कांग्रेस विधायक भी संगठन को सक्रिय करने में विफल रहे। इससे उनकी टिकट की दावेदारी कमजोर हुई है। पार्टी जल्द ही नए जिला अध्यक्ष की घोषणा करेगी। साथ ही लापरवाह पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। गर्मी के कारण भीड़ रही कम- विधायक खड़गे के कार्यक्रम में खाली कुर्सियों को लेकर बक्सर के सदर विधायक संजय तिवारी से बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि ‘भीषण गर्मी के कारण लोग सभा स्थल तक नहीं पहुंचे। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार है, इसलिए लोग आसपास के बगीचे में बैठे थे।’ वहीं, कांग्रेस के राजपुर के विधायक विश्वनाथ राम ने कहा कि ‘आज बहुत चिलचिलाती धूप और शादी विवाह का दिन है। कार्यकर्ताओं ने सहयोग भी नहीं किया, जिससे हमलोग खुद शर्मिंदा हैं।’

PM मोदी ने राजस्व विभाग को साइबर तहसील पहल के लिये किया सम्मानित

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के राजस्व विभाग को साइबर तहसील पहल के लिये प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार-2023 से सम्मानित किया। राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव श्री विवेक पोरवाल ने लोक सेवा दिवस के अवसर पर नई दिल्ली विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में यह पुरस्कार प्राप्त किया। राजस्व विभाग ने साइबर तहसील पहल से राज्य में भूमि नामांतरण सेवाओं को पूरी तरह से डिजिटल, प्रभावी और नागरिकों के अनुकूल बनाकर एक बड़ा बदलाव किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के सुशासन के सिद्धांत को साकार करने के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में इस पहल के माध्यम से अब तक 1 लाख 50 हजार से अधिक प्रकरणों का निपटारा किया जा चुका है। साइबर तहसील के अंतर्गत नामांतरण की प्रक्रिया संपत्ति रजिस्ट्री के समय ही स्वचालित रूप से शुरू हो जाती है, जिससे अलग से आवेदन करने की आवश्यकता समाप्त हो गई है। पहले जहां इस प्रक्रिया में औसतन 70 दिन लगते थे, वहीं अब मात्र 20 दिनों में प्रकरणों का निपटारा हो रहा है। सम्पूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन होने से नागरिकों को तहसील कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। सभी सेवाएं जैसे सार्वजनिक सूचना, आपत्ति दर्ज कराना और प्रमाणित आदेश प्राप्त करना, एसएमएस, ईमेल और व्हाट्सएप के माध्यम से डिजिटल रूप से उपलब्ध होती हैं। इस पहल ने नागरिकों के समय और खर्च दोनों में महत्वपूर्ण बचत सुनिश्चित की है और पारदर्शिता को भी बढ़ावा दिया है, इससे नागरिक अपने नामांतरण मामले की स्थिति को आरसीएमएस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं। साइबर तहसील ने क्षेत्रीय सीमाओं को समाप्त कर दिया है और केंद्रीकृत प्रणाली से प्रकरणों का आवंटन साइबर तहसीलदारों को राउंड-रॉबिन पद्धति से किया जाता है, जिससे निष्पक्ष और त्वरित निपटारा सुनिश्चित होता है। साइबर तहसील जैसे नवाचारों से प्रशासनिक दक्षता में भी सुधार हुआ है। क्षेत्रीय तहसीलदार अब जटिल और विवादित प्रकरणों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। प्रदेश की 13 साइबर तहसीलदारों द्वारा 1,364 न्यायालयों का प्रबंधन किया जा रहा है, इससे बड़ी संख्या में प्रकरणों का निपटान हो रहा है। तहसील कार्यालयों पर नामांतरण प्रकरणों के कार्यभार में 25 प्रतिशत तक की कमी आई है। रियल-टाइम अपडेट और आरसीएमएस, वेब जीआईएस, संपदा और सारा जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के एकीकरण से यह प्रक्रिया और अधिक सरल, तेज़ और सुगम हो गई है। राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों ने भी पहल अपनाने में रुचि दिखाई साइबर तहसील पहल को राष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक सराहना मिली है। आंध्रप्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों ने इस प्रणाली को अपनाने में रुचि दिखाई है। इसे मसूरी स्थित लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) और भूमि संवाद कार्यक्रमों में सर्वश्रेष्ठ कार्यों के रूप में प्रदर्शित किया गया है। इस उपलब्धि पर प्रमुख राजस्व आयुक्त श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव, उप राजस्व आयुक्त श्रीमती अलका सिंह वामनकर एवं उनकी तकनीकी टीम को भी समारोह में आमंत्रित किया गया था।  

देसी पिस्टल के साथ रेलवे स्टेशन परिसर में युवक गिरफ्तार, आर्म्स एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही  छत्तीसगढ़ के रेलवे स्टेशन पेंड्रारोड के पास पुलिस ने युवक को देसी पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया है. आरोपी युवक के खिलाफ गौरेला थाना में आर्म्स एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है. पुलिस द्वारा युवक से नेटवर्क से जुड़ी जानकारियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है. जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर रेलवे स्टेशन क्षेत्र पहुंची। जहां बताए गए हुलिए से मिलते युवक घेराबंदी कर दबोचा गया. इस दौरान जब युवक की तलाशी ली गई तो उसके पास  से एक देशी पिस्टल बरामद किया गया. आरोपी हरजितेन्द्र सिंह (22 साल) यूपी के गोरखपुर का रहने वाला है, जो यहां पिस्टल को बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा था. आरोपी के खिलाफ गौरेला थाना में धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है. पूछताछ के दौरान आरोपी से पिस्टल की खरीद-बिक्री और नेटवर्क से संबंधित अन्य जानकारी जुटाई जा रही है.

खेलते-खेलते तलाब में डूबी दो बहनें, एक की मौत, दूसरी की हालत गंभीर

बिलासपुर  न्यायधानी बिलासपुर में दो बच्ची खेलते-खेलते तालाब में डूब गए. हादसे में एक की मौत हो गई, जबकि दूसरी की हालत गंभीर बनी हुई है. दोनों बच्ची आपस में बहनें हैं. मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र का है. जानकारी के मुताबिक, तिफरा निवासी विकास साहू रोज की तरह फेरी का काम करने घर से बाहर गया था। घर पर उसकी पत्नी और दो बच्चे अनोखा साहू और बबीता साहू थे. मां घरेलू कामों में व्यस्त थी और इसी दौरान दोनों मासूम खेलते-खेलते पास के बछेरा तालाब तक पहुंच गए. यहां नहाने के दौरान दोनों तालाब में गहरे पानी में डूबने लगे. आसपास के लोगों ने बच्चों को डूबते देख उन्हें तलाब से बाहर निकाला और तुरंत सिम्स अस्पताल ले जाया गया. लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बबीता को मृत घोषित कर दिया, जबकि अनोखा की हालत गंभीर बनी हुई है और वो आईसीयू में भर्ती है.

नक्सली उन्मूलन पर निर्णायक रणनीति पर चर्चा करने केंद्रीय गृह मंत्री शाह से मुख्यमंत्री साय ने की मुलाकात

नई दिल्ली, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे और बस्तर क्षेत्र में नक्सली उन्मूलन, सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती तथा समग्र विकास के साथ-साथ बस्तर को देश का अगला प्रमुख पर्यटन डेस्टिनेशन बनाने के संबंध में चर्चा करेंगे। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार साय नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों के लिए अत्याधुनिक तकनीकी संसाधनों और इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में केंद्र से सहयोग को लेकर बातचीत करेंगे। बैठक में ‘नियाद नेलानार योजना’ को भी प्रमुखता से रखा जाएगा जिसका उद्देश्य आदिवासी समुदायों को आत्मनिर्भर बनाना और महिला समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त करना है। मुख्यमंत्री इस योजना को केंद्र की मदद से और अधिक प्रभावी एवं व्यापक रूप में लागू करने की दिशा में पहल करेंगे। मुख्यमंत्री बस्तर को एक उभरते हुए ईको-टूरिज्म और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना को भी बैठक में विस्तार से रखेंगे। बस्तर की प्रकृति, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से साहसिक पर्यटन, होम-स्टे मॉडल और पारंपरिक मेलों को प्रमोट करने की रणनीति भी इस बैठक का हिस्सा रहेगी।  

मुख्यमंत्री ने प्रशासन अकादमी में आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 को किया संबोधित

जनसेवा का प्रभावी माध्यम है सिविल सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेशनल सिविल सर्विस-डे पर अधिकारियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया पुरस्कार में लोकसेवकों को प्रदान किया 1 लाख रुपए का चेक और प्रशस्ति-पत्र मुख्यमंत्री ने प्रशासन अकादमी में आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिविल सेवा सिर्फ़ एक पेशा नहीं, यह जनसेवा का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि सिविल सेवकों का दायित्व है कि वे अपने अधिकारों का नि:संदेह सदुपयोग करें, लेकिन अपने कर्तव्यों से कदापि विमुख न हों। उन्होंने कहा कि लोक प्रशासन एक वृहद विषय है। इसका मूल मंत्र है – “लोगों की हर संभव तरीके से सेवा”। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को राष्ट्रीय लोक सेवा दिवस (नेशनल सिविल सर्विस डे) के अवसर पर आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी सिविल सेवकों को लोक सेवा दिवस की बधाई दी और सभी से अपने उत्तरदायित्वों के प्रति संकल्पबद्ध रहने का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक सेवा एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे पूरी निष्ठा, समर्पण, मनोयोग के साथ निभाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के चयनित 16 सिविल सेवकों (अधिकारियों) को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सभी अवार्डियों को उनके द्वारा किए गए नवाचारों के लिए बधाई देकर एक लाख रुपये का नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक कुशल सिविल सेवक वह होता है, जो न केवल शासन के नियमों, उपनियमों का पालन करे, बल्कि पूरी संवेदनशीलता के साथ जनता की कठिनाइयों एवं समस्याओं को समझे और उन्हें समुचित समाधान भी प्रदान करें। उन्होंने सभी सिविल सेवकों से अपेक्षा की कि वे नागरिकों की तत्पर सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और शासन को जनकल्याण की दिशा में अधिक प्रभावी बनाने की ओर अग्रसर करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे कामों और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। इसीलिए सभी लोक सेवक शासन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और लोक जवाबदेही की भावना को और मजबूत करने की दिशा में कार्य करें। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय दुबे, नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला के मुख्य वक्ता डॉ. दीपक पागला, राज्य शासन के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत@2047 में मध्यप्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य के लोकसेवकों ने अपने कर्तव्यों को बखूबी निभाया है। जमीनी स्तर पर अधिकारियों द्वारा किए जा रहे नवाचारों को संकलित कर सुशासन के लिए योजना तैयार करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मौर्य साम्राज्य की स्थापना और विकास में चाणक्य की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि महामंत्री चाणक्य ने सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया था और वे स्वयं मंत्री बने थे, जिससे एक शक्तिशाली राजवंश में प्रशासन की व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने आजादी के बाद देश के भविष्य की नींव तैयार करने के लिए लोक सेवक व्यवस्था को विस्तार दिया और उनके लिए सेवा नियम (सर्विस रूल्स) तैयार किए। उन्होंने लोक सेवकों के लिए तीन बातों- डिग्निटी, इंटीग्रिटी और इंकरप्टिबिलिटी को रेखांकित किया था। करप्शन फ्री और गुड गवर्नेंस के लिए कार्य करें सभी लोकसेवक: मुख्य सचिव जैन मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि हर साल 21 अप्रैल अधिकारी/कर्मचारियों के लिए आत्ममंथन करने का दिन है। लोक सेवकों को सोचना चाहिए कि सालभर में उन्होंने जनसेवा और प्रशासन की मजबूती के लिए क्या अच्छा किया और इसके आगे क्या बेहतर किया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विश्वास दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के मिशन को पूरा करने में प्रदेश की भूमिका और विकसित मध्यप्रदेश के लिए सभी लोकसेवक कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। प्रदेश के सभी अधिकारी ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के लिए मिशन मोड में कार्य कर रहे हैं। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि न्यू इंडिया का सपना साकार करने में अनुभवी अधिकारियों के साथ युवा अफसरों के कंधों पर भी बड़ी जिम्मेदारी है। 16 लोकसेवकों को मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त वर्ष 2022-23 तथा 2023-24 के लिए 16 लोक सेवकों में क्रमशः माधव प्रसाद पटेल (माध्यमिक शिक्षक), श्रीमती अदिति गर्ग (तत्कालीन सीईओ आयुष्मान भारत निरामयम योजना), डॉ. इंदिरा दांगी (शिक्षक) आष्टा जिला सीहोर, श्रीमती शारदा डुडवे (माध्यमिक शिक्षक) चंद्रशेखर आजाद नगर, आलोक पौराणिक प्राथमिक शिक्षक पथरिया जिला दमोह, चंद्रमोहन ठाकुर तत्कालीन प्रबंध निदेशक भवन विकास निगम, डॉ. यशपाल सिंह प्राचार्य आवासीय विद्यालय भोपाल, संजय जोशी प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, अमित तोमर तत्कालीन प्रबंध संचालक पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर, ऋषव गुप्ता पूर्व कलेक्टर देवास, गणेश शंकर मिश्रा तत्कालीन प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी, दिव्यांक सिंह तत्कालीन सीईओ स्मार्ट सिटी परियोजना इंदौर, प्रवीण सिंह अढायच पूर्व कलेक्टर सीहोर, प्रो. बेला सचदेवा सहायक प्राध्यापक इंदौर, भूपेंद्र कुमार चौधरी माध्यमिक शिक्षक चिमनाखारी जिला सिवनी तथा सुशीला दाहिमा अतिरिक्त सचिव शिक्षा विभाग को नवाचारों एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए। प्रशासन अकादमी में हुई नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 के अवसर पर प्रशासन अकादमी में नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया है, जिसमें प्रदेश भर के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए। व्याख्यान के मुख्य वक्ता डॉ. दीपक बागला ने सभागार में उपस्थित अधिकारियों को विकसित भारत के लिए सुशासन से जुड़े अनुभव साझा किए। प्रशासन अकादमी के संचालक मुजीबुर्रहमान ने सभी अथितियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

राहुल गांधी को मंत्री सारंग ने कहा आप विदेश में भारत को बदनाम कर रहे हैं ये देशद्रोह की श्रेणी में आता ….

भोपाल  राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर निशाना साधा है , महाराष्ट्र चुनावों में कांग्रेस को मिली हार के बाद से राहुल गांधी और उनकी पार्टी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। इस समय राहुल अमेरिका दौरे पर हैं और उन्होंने एक बार फिर वहां भारत के चुनाव आयोग को निशाने पर लिया। राहुल गांधी को एमपी के मंत्री विश्वास सारंग ने जवाब दिया है सारंग ने कहा आप चुने हुए सांसद है, आप विदेश में भारत को बदनाम कर रहे हैं ये देशद्रोह की श्रेणी में आता है। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों पर पलटवार किया है, बता दें राहुल गांधी ने अमेरिका के बोस्टन में एक बार फिर भारत निर्वाचन आयोग पर उंगली उठाई और भारत की चुनाव प्रक्रिया की बुराई की है वहीं दिग्विजय सिंह ने मस्जिद के सामने से हिंदू जुलूस पर सवाल उठाये हैं और खड़गे ने नेशनल हेराल्ड केस में भाजपा पर निशाना साधा है। बोस्टन में राहुल ने फिर उठाया महाराष्ट्र चुनाव का मुद्दा   नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अमेरिका के बोस्टन शहर के दौरे पर पहुंचे वहां उन्होंने ब्राउन यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स से बात करते हुए महाराष्ट्र चुनाव का मुद्दा उठाया, उन्होंने कहा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जितने युवा थे, उससे ज्यादा वोट डाले गए, ये एक सच्चाई है, हमें शाम 5:30 बजे तक के मतदान के आंकड़े मिले थे, लेकिन 5:30 से 7:30 बजे के बीच, जब वोटिंग बंद हो जानी चाहिए थी, उस समय 65 लाख लोगों ने वोट डाला। चुनाव आयोग पर पक्षपात करने के आरोप लगाए राहुल गांधी ने आगे कहा  ये शारीरिक रूप से मुमकिन ही नहीं है क्योंकि एक व्यक्ति को वोट डालने में करीब 3 मिनट लगते हैं, और यदि इसका हिसाब लगाएं तो मतलब ये है कि रात 2 बजे तक लोग लाइन में लगे रहे और पूरी रात वोटिंग चलती रही, जोकि सच नहीं है ऐसा हुआ ही नहीं, उन्होंने कहा हमारे लिए ये स्पष्ट था कि चुनाव आयोग ने अपनी निष्पक्षता से समझौता कर लिया है, सिस्टम में कुछ बहुत बड़ी गड़बड़ी है, ये बिल्कुल साफ दिख रहा है, हमने यह बात खुलकर कही है और मैंने खुद कई बार यह बात दोहराई है। सारंग ने राहुल गांधी पर किया पलटवार राहुल गांधी के इस बयान पर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया है, उन्होंने कहा कि फिर राहुल गांधी का बचपना सामने आया है वे हमेश अंतर राष्ट्रीय मंच पर भारत का अपमान करते हैं वे भूल जाते हैं कि उन्हें यदि वहां बोलने का मौका मिल रहा है तो एक सांसद के तौर पर लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में, आपकी निजी कोई पहचान नहीं है। भारत को विदेश में बदनाम कर रहे हैं शर्म आनी चाहिए सारंग ने कहा  वहां जाकर भारत को बदनाम कर रहे हैं शर्म आनी चाहिए, आप विपक्ष में है सरकार की आलोचना कीजिये लेकिन भारत में कीजिये विदेश की धरती पर भारत को बदनाम करना अपमानित करना देश द्रोह की श्रेणी में आता है, हो सकता है अप मीडिया की सुखियों में आने के लिए ये सब बोलते हैं लेकिन इससे भारत के मान सम्मान कम होता है। सारंग का सवाल , राहुल, प्रियंका, सोनिया संसद कैसे पहुंच गए सारंग ने सवाल किया कि यदि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है तो राहुल गांधी संसद में कैसे पहुंच गए? प्रियंका गांधी कैसे पहुंच गई, सोनिया गांधी कैसे लगातार सांसद चुनी जाती रहीं, कांग्रेस इतनी सीटें कैसे जीते गई? अपनी हार का ठीक किसी और पर फोड़ना बचपना ही है, इसलिए वे इस तरह की बातों को करना बंद करें। गुना एसपी को हटाने की वजह बताई दिग्विजय सिंह ने गुना के एसपी को हटाये जाने के मामले पर दिग्विजय सिंह ने सरकार को निशाने पर लिया और भाजपा पार्षद पर कार्रवाई होने की वजह से एसपी को हटाया गया है उन्होंने कहा कि आरोपी भाजपा पार्षद पहले भी माहौल ख़राब करने की कोशिश कर चुके हैं लेकिन भाजपा ने उन्हें बचा लिया, उन्होंने कहा मैं आज तक यह नहीं समझ पाया इन नफरत फैलाने वालों को मस्जिद के सामने ही नाचने का मन क्यों होता है, यह खोज का विषय है। भारत में हिंदुओं को अपने त्यौहार मनाने की आज़ादी, इसे कोई नहीं रोक सकता दिग्विजय के बयान पर सारंग ने पलटवार करते हुए कहा दिग्विजय सिंह भारत में पाकिस्तान की भाषा ना बोले, क्या हिन्दुओं का जुलूस मस्जिदों के सामने से नहीं निकलेग?  तुष्टिकरण की राजनीति करना, सनातन विरोधी मानसिकता के साथ जीवन जीना मियां दिग्गी की आदत है , इसलिए वे पूरे देश में बदनाम हैं।  उन्होंने कहा भारत में हिंदुओं को अपने त्यौहार मनाने की आज़ादी, इसे कोई नहीं रोक सकता। नेहरू परिवार में पैदा होने से क्या भ्रष्टाचार करने का सर्टिफिकेट मिल गया है? उधर नेशनल हेराल्ड मामले में ED की चार्जशीट में राहुल गांधी और सोनिया गांधी का नाम आने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इसे भाजपा की बदले की कार्रवाई कह रहे हैं, सारंग ने इस पर प्रहार करते हुए कहा नेहरू परिवार में पैदा होने से क्या भ्रष्टाचार करने का सर्टिफिकेट मिल गया है? मल्लिकार्जुन खड़गे जिस मामले की बात कर रहे हैं वो 2012 में शुरू हुआ, नेशनल हेराल्ड का सच जनता के सामने है।  

ब्राह्मणों पर अभद्र टिप्पणी: जयपुर में अनुराग के खिलाफ एफआईआर दर्ज

जयपुर ब्राह्मण जाति को लेकर अभद्र टिप्पणी किए जाने को लेकर विवादित फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप के खिलाफ जयपुर के बजाज नगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। इसी मामले को लेकर अब देश भर में उनके खिलाफ प्रदर्शन और मुकदमे हो रहे हैं और अब जयपुर के बजाज नगर थाने में भी उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो गई है। बजाज नगर थाने के पुलिस उपनिरीक्षक रामकृपाल ने बताया कि बरकत नगर के रहने वाले अनिल चतुर्वेदी ने शनिवार रात फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत में बताया गया है कि कश्यप ने ब्राह्मण जाति को लेकर जो विवादित पोस्ट किया था, वह सोशल मीडिया पर है। फिल्म फुले रिलीज होने के बाद यह विवाद सामने आया है। यह फिल्म समाज सुधारक ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले के जीवन पर आधारित है। फिल्म रिलीज होने के पहले से इस पर जातिवाद को बढ़ावा देने के आरोप लग रहे हैं। हालांकि अब अनुराग कश्यप अपने बयान को लेकर सोशल मीडिया पर माफी भी मांग रहे हैं। उन्होंने इस संबंध में इंस्टाग्राम पर पोस्ट भी किया है… मैं माफी मांगता हूं लेकिन मैं अपनी पोस्ट के लिए नहीं बल्कि उस लाइन के लिए माफी मांगता हूं, जिसे गलत तरीके से लिया गया और नफरत फैलाई गई। कश्यप ने कहा- कोई भी कार्रवाई या भाषण आपकी बेटी, परिवार, दोस्तों और परिचितों से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है। उन्हें बलात्कार की धमकियां मिल रही हैं, जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और यह सब खुद को संस्कारी कहने वाले लोग कर रहे हैं।

निशिकांत दुबे के बयान पर बढा विवाद, SC बोला आपको हमारी अनुमति की नहीं, आपको अटॉर्नी जनरल से मंजूरी लेनी होगी

नई दिल्ली बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के सुप्रीम कोर्ट पर दिए बयान से बवाल मचा है. सोमवार को दुबे के खिलाफ अवमानना कार्यवाही की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान वकील ने कहा, इस कोर्ट के बारे में और CJI के खिलाफ बयान दिए गए हैं. सुप्रीम कोर्ट के समक्ष निशिकांत दुबे के बयानों का भी उल्लेख किया गया. इस पर जस्टिस बीआर गवई ने पूछा कि आप क्या चाहते हैं? इस पर वकील ने कहा, मैं अवमानना ​​का केस दर्ज करवाना चाहता हूं. जस्टिस गवई ने दोटूक जवाब दिया और कहा, तो आप इसे दाखिल कीजिए. आपको हमारी अनुमति की जरूरत नहीं है. आपको अटॉर्नी जनरल से मंजूरी लेनी होगी. इससे पहले अधिवक्ता नरेंद्र मिश्रा की तरफ से CJI और सुप्रीम कोर्ट के जजों को पत्र लिखा गया था. इस याचिका में निशिकांत के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई थी. पत्र में कहा गया था कि दुबे द्वारा देश के सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ दिए गए सार्वजनिक बयान अपमानजनक और भड़काऊ हैं. ये बयान झूठे, लापरवाह और दुर्भावनापूर्ण हैं, और ये आपराधिक अवमानना ​​के बराबर हैं. ये बयान न्यायपालिका को डराने, सार्वजनिक अव्यवस्था को भड़काने और संविधान की रक्षा करने वाली संस्था को बदनाम करने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है. दुबे ने शीर्ष अदालत को निशाना बनाते हुए कहा था कि यदि सुप्रीम कोर्ट को ही कानून बनाना है तो संसद एवं विधानसभाओं को बंद कर देना चाहिए। उन्होंने प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना पर निशाना साधते हुए उन्हें देश में ‘सिविल वॉर’ के लिए जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि बीजेपी ने दुबे के बयान से खुद को अलग कर लिया। लेकिन कानून के जानकार इसे सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के तौर देख रहे हैं। बहरहाल, इस मामले में सुप्रीम का रुख चाहे जो भी हो, लेकिन शीर्ष कोर्ट के अवमानना के मामले पहले भी सामने आए हैं जिसमें कोर्ट ने एक्शन लिया। आइए जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के पांच हाई प्रोफाइल मामले कौन से हैं? 1. बाबा रामदेव मामला (2024) बाबा रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद ने एलोपैथी और आधुनिक चिकित्सा के खिलाफ कई विवादित विज्ञापन दिए। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें विज्ञापन और बयान रोकने का आदेश दिया। रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया और निगेटिव विज्ञापन देना जारी रखा। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अवमानना का नोटिस जारी किया। रामदेव और बालकृष्ण ने अदालत में बिना शर्त माफी मांगने का हलफनामा दाखिल किया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। 2. प्रशांत भूषण मामला (2020) सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील और सोशल एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण ने जुलाई 2020 में ट्विटर पर दो ट्वीट किए। एक में उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को बिना हेलमेट और मास्क के हार्ले डेविडसन बाइक पर बैठे हुए दिखाया और लिखा कि जब देश में लॉकडाउन था, तब CJI छुट्टी पर हैं। दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा कि पिछले 6 वर्षों में भारत की शीर्ष कोर्ट ने लोकतंत्र को कमजोर करने में भूमिका निभाई है। सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और प्रशांत भूषण के खिलाफ क्रिमिनल कंटेम्प्ट की कार्यवाही शुरू की। प्रशांत भूषण ने माफी मांगने से इनकार कर दिया और कहा कि यह उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है। कोर्ट ने कहा कि न्यायपालिका की गरिमा और विश्वास बनाए रखना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण को दोषी पाया और ₹1 जुर्माना लगाया। प्रशांत भूषण ने बाद में जुर्माना भर दिया। 3. विजय माल्या मामला (2017) विजय माल्या किंगफिशर एयरलाइंस और कई बैंकों से लिए गए हजारों करोड़ रुपये के कर्ज़ विवाद के बाद भारत से भाग गया था। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि माल्या किसी भी तरह की संपत्ति का हस्तांतरण नहीं करेंगे। इसके बावजूद, माल्या ने अपने बच्चों के बैंक अकाउंट में 40 मिलियन डॉलर ट्रांसफर कर दिए। सुप्रीम कोर्ट ने विजय माल्या को जानबूझकर आदेश की अवहेलना करने का दोषी माना। कोर्ट ने माल्या को अवमानना का अपराधी करार दिया था। 4. जस्टिस सी. एस. कर्णन मामला (2017) कलकत्ता हाई कोर्ट के तत्कालीन जज सी.एस. कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के 20 जजों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट की अवमानना करते हुए सार्वजनिक रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाए और अदालत के समन को नज़रअंदाज़ किया। सुप्रीम कोर्ट ने सात सीनियर जजों की बेंच गठित कर कर्णन के खिलाफ अवमानना की सुनवाई की। कर्णन लगातार कोर्ट में पेश नहीं हुए और सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ बयान देते रहे। सुप्रीम कोर्ट ने 6 महीने जेल की सजासुनाई। 5. अरुंधति रॉय मामला (2002) प्रसिद्ध लेखिका और सोशल एक्टिविस्ट अरुंधति रॉय ने नर्मदा बचाओ आंदोलन के समर्थन में बयान देते हुए सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले की आलोचना की, जिसमें नर्मदा डैम परियोजना को हरी झंडी दी गई थी। उन्होंने एक लेख और प्रेस वक्तव्य में कहा कि कोर्ट ने गरीबों के अधिकारों की अनदेखी की है। सुप्रीम कोर्ट ने अरुंधति रॉय के बयान को ‘न्यायपालिका की अवमानना’ माना और उन्हें तलब किया। रॉय ने अपने बयान पर खेद नहीं जताया और अपने विचारों को सही बताया। कोर्ट ने अरुंधति रॉय को एक दिन जेल और ₹2000 जुर्माना की सजा दी। पत्र में CJI से बयानों का स्वतः संज्ञान लेने और आपराधिक अवमानना ​​कार्यवाही शुरू करने का आग्रह किया गया था.

गर्मियों के लिए वॉर्डरोब में जरूर शामिल करें ये फैशन ट्रेंड्स

डिजाइनर आरती विजय गुप्ता और स्नेहा अरोड़ा के लाइन में बनीज, हिरन और अन्य जानवर रनवे पर मिल जाते हैं। सिद्धार्थ बंसल के नेचर-इंस्पायर्ड मोटिफ्स भी पसंद किए जाते हैं। ज्यादातर इंडियन डिजाइनर्स के लिए ब्राइडल वेयर मस्ट-ट्राय हैं। इस तरह डिजाइंस में अलग-अलग तरह के चमकदार गोटा-पट्टी का काम किया जाता है। यहां हमें जयंति रेड्डी और अनीता डोंगरे क्लेकशन दिखाई दे रहा है। योगेश चैधरी और मोनिशा रेड्डी कलेक्शन में रिफ्लेक्टिव एम्बेलिशमेंट भी देखे जा सकते हैं। टैसल अभी भी ज्यादा बड़े हैं। मसाबा गुप्ता ने इन्हें ईयरिंग्स, साड़ी पल्लू और सूट एक्सेंट्स के लिए यूज किया। शिवन और नरेश ने बिजवेल्ड वर्जन शोकेस किए। नीता लुल्ला और पायल खंडवला की तरह ऑफ-शोल्ड्र और वन-शोल्ड्र टॉप्स पहनकर सूरज की रोशनी स्किन पर पड़ने दीजिए। इस ट्रेंड को ध्रुव कपूर और वेरांडा प्राइव ने भी एम्ब्रेस किया।  

रेलवे यार्ड्स के टर्नआउट्स और लेवल क्रॉसिंग गेट्स (एलसी) की स्थिति को सुधारने के लिए किए जा रहे विशेष कार्य

भोपाल मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी के मार्गदर्शन में भोपाल मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, ट्रेनों के सुचारू संचालन एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंडल में रेलवे यार्ड्स के टर्नआउट्स और लेवल क्रॉसिंग गेट्स (एलसी) की स्थिति को सुधारने के लिए विशेष कार्य किए जा रहे हैं। रेलवे यार्ड्स में टर्नआउट्स विभिन्न रेल लाइनों को आपस में जोड़ने का कार्य करते हैं, जिससे ट्रेनों को एक लाइन से दूसरी लाइन में सुरक्षित रूप से लाया जा सकता है। वर्तमान में भारतीय रेलवे द्वारा ट्रेनों की गति को 110 किमी प्रति घंटा से बढ़ाकर 130 किमी प्रति घंटा किया जा रहा है। किंतु कई यार्ड्स दशकों पूर्व निर्मित होने के कारण उनमें लगे टर्नआउट्स की डिज़ाइन लंबाई वर्तमान मानकों के अनुसार नहीं थी। इस तकनीकी आवश्यकता को देखते हुए भोपाल मंडल के पवारखेड़ा, टिमरनी, छनेरा एवं अशोकनगर यार्ड्स में सुधारात्मक कार्रवाई करते हुए प्रत्येक यार्ड में एक-एक टर्नआउट को 3 मीटर से 5 मीटर तक स्थानांतरित किया गया है। यह कार्य टर्नआउट्स को मानक मापदंडों के अनुरूप बनाकर पूर्ण किया गया, जिससे ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय हो सकेगा। इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम लेवल क्रॉसिंग गेट्स की समाप्ति है, जो अक्सर सड़क यातायात की भीड़ के कारण अनावश्यक रूप से लंबे समय तक बंद रहते हैं, जिससे ट्रेनों की समयबद्धता प्रभावित होती है और सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बढ़ते हैं। भोपाल मंडल में एलसी गेट्स को समाप्त कर उनकी जगह अंडर पास (एलएचएस) और रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण किया जा रहा है, जिससे ट्रेनों की पंक्चुअलिटी के साथ-साथ सड़क यातायात की सुविधा में भी सुधार हो सके। वित्तीय वर्ष 2024-25 में मंडल के इटारसी-खंडवा खंड में सात एलसी गेट्स को अंडर पास के माध्यम से समाप्त किया गया है, वहीं भोपाल-बीना  खंड में तीन, इटारसी-भोपाल खंड में एक और बीना-कटनी खंड में एक गेट को आरओबी द्वारा हटाया गया है। वर्तमान में 12 स्थानों पर अंडर पास निर्माण कार्य और 15 स्थानों पर आरओबी निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि “भोपाल मंडल द्वारा किए जा रहे इन संरक्षा उपायों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, समयबद्ध और निर्बाध रेल यात्रा प्रदान करना है। टर्नआउट्स का मानकीकरण और एलसी गेट्स की समाप्ति से जहां ट्रेनों की गति और संचालन में सुधार होगा, वहीं यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। मंडल रेल प्रशासन भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ संरक्षा संबंधी कार्यों को प्राथमिकता देता रहेगा।” भोपाल मंडल रेलवे द्वारा किए जा रहे ये प्रयास न केवल यात्रियों की सुरक्षा को मजबूती प्रदान करते हैं, बल्कि ट्रेनों की समयबद्धता और परिचालन की गुणवत्ता को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। रेलवे प्रशासन यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल सेवा उपलब्ध कराने हेतु सतत प्रयासरत है।

मध्यप्रदेश के राजस्व विभाग को साइबर तहसील पहल के लिये प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से किया सम्मानित

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के राजस्व विभाग को साइबर तहसील पहल के लिये प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार-2023 से सम्मानित किया। राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल ने लोक सेवा दिवस के अवसर पर नई दिल्ली विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में यह पुरस्कार प्राप्त किया। राजस्व विभाग ने साइबर तहसील पहल से राज्य में भूमि नामांतरण सेवाओं को पूरी तरह से डिजिटल, प्रभावी और नागरिकों के अनुकूल बनाकर एक बड़ा बदलाव किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के सुशासन के सिद्धांत को साकार करने के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में इस पहल के माध्यम से अब तक 1 लाख 50 हजार से अधिक प्रकरणों का निपटारा किया जा चुका है। साइबर तहसील के अंतर्गत नामांतरण की प्रक्रिया संपत्ति रजिस्ट्री के समय ही स्वचालित रूप से शुरू हो जाती है, जिससे अलग से आवेदन करने की आवश्यकता समाप्त हो गई है। पहले जहां इस प्रक्रिया में औसतन 70 दिन लगते थे, वहीं अब मात्र 20 दिनों में प्रकरणों का निपटारा हो रहा है। सम्पूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन होने से नागरिकों को तहसील कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। सभी सेवाएं जैसे सार्वजनिक सूचना, आपत्ति दर्ज कराना और प्रमाणित आदेश प्राप्त करना, एसएमएस, ईमेल और व्हाट्सएप के माध्यम से डिजिटल रूप से उपलब्ध होती हैं। इस पहल ने नागरिकों के समय और खर्च दोनों में महत्वपूर्ण बचत सुनिश्चित की है और पारदर्शिता को भी बढ़ावा दिया है, इससे नागरिक अपने नामांतरण मामले की स्थिति को आरसीएमएस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं। साइबर तहसील ने क्षेत्रीय सीमाओं को समाप्त कर दिया है और केंद्रीकृत प्रणाली से प्रकरणों का आवंटन साइबर तहसीलदारों को राउंड-रॉबिन पद्धति से किया जाता है, जिससे निष्पक्ष और त्वरित निपटारा सुनिश्चित होता है। साइबर तहसील जैसे नवाचारों से प्रशासनिक दक्षता में भी सुधार हुआ है। क्षेत्रीय तहसीलदार अब जटिल और विवादित प्रकरणों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। प्रदेश की 13 साइबर तहसीलदारों द्वारा 1,364 न्यायालयों का प्रबंधन किया जा रहा है, इससे बड़ी संख्या में प्रकरणों का निपटान हो रहा है। तहसील कार्यालयों पर नामांतरण प्रकरणों के कार्यभार में 25 प्रतिशत तक की कमी आई है। रियल-टाइम अपडेट और आरसीएमएस, वेब जीआईएस, संपदा और सारा जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के एकीकरण से यह प्रक्रिया और अधिक सरल, तेज़ और सुगम हो गई है। राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों ने भी पहल अपनाने में रुचि दिखाई साइबर तहसील पहल को राष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक सराहना मिली है। आंध्रप्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों ने इस प्रणाली को अपनाने में रुचि दिखाई है। इसे मसूरी स्थित लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) और भूमि संवाद कार्यक्रमों में सर्वश्रेष्ठ कार्यों के रूप में प्रदर्शित किया गया है। इस उपलब्धि पर प्रमुख राजस्व आयुक्त श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव, उप राजस्व आयुक्त श्रीमती अलका सिंह वामनकर एवं उनकी तकनीकी टीम को भी समारोह में आमंत्रित किया गया था।  

फाइन आर्ट्स में हुनर दिखाकर यूं कमा सकते हैं नाम और पैसा

नदी, झरने हों या फिर पहाड़, जंगल आदि के प्राकृतिक खूबसूरत दृश्य, एक कलाकार अपनी कूची से इन्हें जीवंत बना देता है। अक्सर इन कलाकृतियों को देखकर हर किसी का चेहरा खिल जाता है। लोग चकित होकर इन्हें करीब से निहारते हैं और कलाकारों को उनकी हुनरमंदी की दाद देते हैं। दरअसल, यह सब फाइन आर्ट्स का कमाल है। फाइन आर्ट्स की विभिन्न विधाओं, जैसे ड्रॉइंग, पेंटिंग, डिजाइनिंग, स्कल्पटिंग, इंस्टॉलेशन, एनिमेशन, गेमिंग आदि में लोग अपना हुनर दिखाकर दौलत और शोहरत दोनों कमा रहे हैं। फाइन आर्ट्स सेक्टर में अपनी पहचान बनाने की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कहां है मांग? फाइन आर्ट्स ग्रेजुएट की देश में आजकल सबसे ज्यादा मांग सॉफ्टवेयर कंपनीज, डिजाइन फर्म्स, टेक्सटाइल इंडस्ट्री, एडवरटाइजिंग कंपनीज, डिजिटल मीडिया, पब्लिशिंग हाउसेज और आर्ट स्टूडियो में है। अगर हम फील्ड की बात करें, तो फाइन आर्ट्स का कोर्स करने के बाद आप ऐड डिपार्टमेंट, अखबार या पत्रिका में इलस्ट्रेटर, कार्टूनिस्ट, एनिमेटर आदि के तौर पर अपना करियर बना सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, टेलीविजन, फिल्मध् थिएटर प्रोडक्शन, प्रोडक्ट डिजाइन, एनिमेशन स्टूडियो, टेक्सटाइल डिजाइनिंग आदि में भी ऐसे लोगों के लिए तमाम अवसर हैं। आप विजुअल आर्टिस्ट, एनिमेटर या ग्राफिक डिजाइनर जैसे पदों पर भी अपनी सेवाएं दे सकते हैं। शिक्षण संस्थानों में आपके सामने आर्ट टीचर बनने का अवसर है। आप चाहें, तो फ्रीलांस भी कर सकते हैं। ऐसे प्रोफेशनल कला समीक्षक, आर्ट स्पेशलिस्ट, आर्ट डीलर, आर्ट थैरेपिस्ट, पेंटर आदि के रूप में फुल-टाइम और पार्ट-टाइम सेवाएं दे सकते हैं। अगर आप अपनी क्रिएटिविटी डिजाइनिंग में दिखाना चाहते हैं, तो प्रोडक्ट डिजाइनिंग, ऑटोमोबाइल डिजाइनिंग या फिर इसी तरह के अन्य क्षेत्रों में हुनर दिखाकर नाम और पैसा कमा सकते हैं। जॉब प्रोफाइल फाइन आर्ट्स कोर्स और स्पेशलाइजेशन के बाद ऐसे प्रोफेशनल विभिन्न कंपनियों में इलस्ट्रेटर, एनिमेटर, ग्राफिक डिजाइनर, विजुअल डिजाइनर, डिजिटल डिजाइनर, क्रिएटिव मार्केटिंग प्रोफेशनल, फ्लैश प्रोग्रामर, 2डीध् 3डी आर्टिस्ट, वेब डेवलपर, क्राफ्ट आर्टिस्ट, लेक्चरार, आर्ट टीचर, कार्टूनिस्ट, आर्ट म्यूजियम टेक्निशियन, आर्ट कंजर्वेटर, आर्ट डायरेक्टर, क्रिएटिव डायरेक्टर, एडवरटाइजिंग एग्जीक्यूटिवध् सुपरवाइजरध् हैड, प्रोजेक्ट ऑफिसर आदि जैसे पदों पर काम कर सकते हैं। पर्सनल स्किल फाइन आर्ट्स की पढ़ाई किसी दूसरे विषय से पूरी तरह अलग है। इस तरह का कोर्स करने के लिए आपमें क्रिएटिव टैलेंट और स्किल होनी जरूरी है। इसलिए इस फील्ड में कलात्मक और सृजनात्मक प्रतिभा रखने वाले युवाओं को ही आना चाहिए क्योंकि फाइन आर्ट्स का फोकस एरिया मुख्य रूप से अप्लाइड आर्ट, ग्राफिक डिजाइन, पेंटिंग और स्कल्पचरिंग के इर्द-गिर्द ही होता है। यदि पेंटिंग के बजाए मॉडर्न डिजाइनिंग में नाम करना चाहते हैं, तो आपको बदलते वक्त के अनुसार प्रोडक्ट की डिजाइन को विजुअलाइज करना होगा। कोर्स व क्वॉलिफिकेशन देश के अधकितर विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में फाइन आर्ट्स में अंडरग्रेजुएट और पीजी कोर्स संचालित हो रहे हैं। ऐसे में अगर आप आर्टिस्ट, आर्ट टीचर या लेक्चरार बनना चाहते हैं, तो 12वीं के बाद बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स (बीएफए) कोर्स कर सकते हैं। किसी भी स्ट्रीम के युवा इस तरह के कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। अगर आप चाहें, तो इसी में आगे मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स भी कर सकते हैं। फाइन आर्ट्स में एमफिल और पीएचडी भी की जा सकती है। चूंकि फाइन आर्ट्स में विजुअल और परफॉर्मिंग दोनों आयाम शामिल हैं, इसलिए इस तरह के पाठ्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को पेंटिंग, स्कल्पटिंग, अप्लाइड आर्ट्स, ग्राफिक डिजाइन, इंटीरियर डिजाइन, ड्रामा, म्यूजिक, पॉटरी जैसे कई विषयों की जानकारी दी जाती है। फाइन आर्ट्स के प्रति युवाओं का आकर्षण बीते कुछ वर्षों में काफी बढ़ा है। देश और समाज में ऐसे हुनरमंद आर्टिस्ट्स की स्वीकार्यता भी बढ़ी है। यही कारण है कि आजकल तमाम सरकारी और निजी संस्थान अलग-अलग तरह के कई कोर्स ऑफर कर रहे हैं। इनमें प्रमुख हैं: -दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली -कॉलेज ऑफ आर्ट, दिल्ली -जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली -अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ -टीजीसी एनिमेशन एंड मल्टीमीडिया, दिल्ली -सर जेजे इंस्टीट्यूट ऑफ अप्लाइड आर्ट्स, मुंबई -इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स, मोदीनगर (उप्र)  

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