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सुरक्षा में तैनात जवानों ने अयोध्या राम जन्मभूमि परिसर में महाराष्ट्र निवासी एक मुस्लिम महिला को हिरासत में लिया

अयोध्या अयोध्या राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा में तैनात जवानों ने महाराष्ट्र निवासी एक मुस्लिम महिला को हिरासत में लिया है। पूछताछ के लिए उसे पुलिस के हवाले किया गया है। पुलिस और एजेंसियां महिला का नाम, पता आदि के सत्यापन की कवायद में जुट गई हैं। बताया गया कि मूल रूप से महाराष्ट्र की रहने वाली इरिम नामक महिला शुक्रवार को दूसरी पहर राम जन्मभूमि परिसर में अन्य श्रद्धालुओं के साथ दर्शन करने गई थी। दर्शन के बाद वह वापस लौट रही थी तो निकासी मार्ग पर सुरक्षा में तैनात जवानों ने संदिग्ध हावभाव देख महिला को रोका और उससे पूछताछ की। सिर और चेहरे पर नीला कपड़ा बांधे यह महिला पूछताछ पर सुरक्षा कर्मियों से उलझ गई। मामला संदिग्ध देख प्रकरण की जानकारी अधिकारियों को दी गई और महिला को पूछताछ तथा सत्यापन के लिए राम जन्मभूमि थाने भेज दिया गया। थाना पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने महिला से कई राउंड पूछताछ की है। सूत्रों का कहना है कि वह उल्टे सीधे जवाब दे रही है। हालांकि आरजेबी थाना प्रभारी निरीक्षक अभिमन्यु शुक्ला ने ऐसी कोई जानकारी होने से इनकार किया है। कहाकि थाने पर कोई नहीं आया था। हो सकता है परिसर में ही पूछताछ हो रही हो। क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष तिवारी ने बताया कि महिला के नाम पता आदि का सत्यापन कराया जा रहा है। फिलहाल अभी तक कोई आपत्तिजनक बात सामने नहीं आई है। चश्मे वाले कैमरे के साथ प्रवेश करते युवक पकड़ा राम जन्मभूमि परिसर में कैमरा लगा चश्मा लगाकर प्रवेश करते हुए सुरक्षाकर्मियों ने एक युवक को पकड़ा है। सीओ आशुतोष तिवारी ने बताया थाना रामजन्मभूमि में युवक से पूछताछ और उसका सत्यापन कराया जा रहा है।

दूध के दामों में बढ़ोत्तरी, अमूल-मदर डेयरी के बाद अब इस कंपनी ने भी बढ़ाए रेट; जानिए कितना हुआ महंगा?

मुंबई हाल ही में अमूल और मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में इजाफा कर आम जनता को महंगाई का झटका दिया। दोनों कंपनियों ने दूध के दाम में 2 रुपए लीटर की बढ़ोतरी की थी। इन्हीं की राह पर चलते हुए अब एक और कंपनी ने दूध के दाम बढ़ा दिए हैं। उत्तर प्रदेश की प्रमुख दुग्ध आपूर्ति संस्था लखनऊ दुग्ध संघ (पराग) ने अपने दूध की कीमतों में इजाफा किया है। पराग ने आधा लीटर और एक लीटर पैकिंग वाले दूध की कीमतों में एक-एक रुपये की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें आज यानी शनिवार (3 मई) से ही लागू कर दी गई। लखनऊ दुग्ध संघ के महाप्रबंधक विकास बालियान ने बताया कि दूध के उत्पादन, संग्रहण और वितरण की लागत में बढ़ोतरी के कारण यह कदम उठाना पड़ा. अब फुल क्रीम दूध का एक लीटर पैक 68 रुपये से बढ़ाकर 69 रुपये कर दिया गया है, जबकि आधा लीटर का पैक 34 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये में मिल रहा है. सभी तरह का दूध हुआ महंगा इसी तरह टोंड मिल्क की एक लीटर की कीमत 56 रुपये से बढ़ाकर 57 रुपये और आधा लीटर 28 से 29 रुपये कर दी गई है. स्टैंडर्ड दूध की कीमतें भी बढ़ाई गई हैं.आधा लीटर स्टैंडर्ड दूध अब 31 की बजाय 32 रुपये में मिलेगा. वहीं 5 लीटर वाले पैक की कीमत 280 रुपये से बढ़ाकर 290 रुपये कर दी गई है. इससे पहले अमूल और मदर डेयरी ने भी अपने दूध उत्पादों की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की थी, जिसका असर अब उत्तर भारत के राज्यों में दिखाई दे रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में दूध से बने अन्य उत्पादों जैसे दही, पनीर और घी की कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है. यह आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है.

अब सरकार द्वारा किए गए प्रयास एवं जागरूकता के कारण अब हमारी बेटियां वरदान बन गई : मंत्री राजपूत

भोपाल बेटियां वरदान होती हैं अभिशाप नहीं, बेटियों को आगे बढ़ाएं। उक्त विचार खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर में जिला स्तरीय लाडली लक्ष्मी उत्सव कार्यक्रम में व्यक्त किये। खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि पहले हमारी बेटियां जब जन्म लेती थीं तब उनको अभिशाप माना जाता था किंतु अब सरकार द्वारा किए गए प्रयास एवं जागरूकता के कारण अब हमारी बेटियां वरदान बन गई हैं। आज बेटियां जहां फाइटर प्लेन उड़ा रही हैं वहीं सुप्रीम कोर्ट में वकालत भी कर रही हैं। इसी प्रकार हमारी बेटियां कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, नासा, इसरो सहित अन्य शासकीय अशासकीय संस्थानों में बड़े-बड़े पदों पर पुरुषों के बराबर कार्य कर रही हैं।मंत्री राजपूत ने कहा कि सागर जिले की एक लाख 68 हजार बेटियां लाड़ली लक्ष्मी बन गई हैं। लाडली लक्ष्मी योजना के माध्यम से सरकार बेटियों के जन्म में से लेकर उनके विवाह तक के लिए निश्चित राशि उपलब्ध कराती है। बेटियों के भविष्य को लेकर सरकार सदैव चिंतित मंत्री राजपूत ने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार बेटियों के भविष्य एवं उनके विवाह के लिए हमेशा चिंतित रहकर कार्य कर रही है और अनेक योजनाओं के माध्यम से उनको आगे बढ़ाने, आर्थिक रूप से समृद्ध एवं आत्मनिर्भर करने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आज सागर में लाडली लक्ष्मी के नाम से चौराहे एवं पार्क का नाम रखा है। उन्होंने कहा कि आज लाडली लक्ष्मी योजना को 18 वर्ष से अधिक हो गए हैं और तब की लाडली लक्ष्मी आज अपने घर की लक्ष्मी बनाकर आगे बढ़ रही हैं। बेटियों को आत्मनिर्भर बनाएं एवं आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिलाएं : डॉ. वानखेड़े सागर सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने कहा कि बेटियां हैं तो कल है, बेटियां ही कल का भविष्य हैं और बेटियां ही हमारा भारत देश है, इसलिए बेटियों को आत्मनिर्भर बनाएं एवं उनको आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण भी दिलाएं जिससे कि वह अपना कार्य पूरी निर्भयता के साथ कर सकें। मंत्री एवं सांसद ने किया पोषण मेले का अवलोकन कार्यक्रम के दौरान मंत्री राजपूत एवं सांसद श्रीमती लता वानखेड़े सहित समस्त अतिथियों के द्वारा पोषण मेले का अवलोकन किया गया एवं पौधारोपण भी किया गया। मंत्री राजपूत ने बाल विवाह रोकने की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में लाडली लक्ष्मी बेटियां मौजूद थीं।  

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से वर्चुअली जुड़े हितग्राहियों से बात भी की, आवास निर्माण के लिए पहली किस्त मिलने पर दी बधाई

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से पीड़ितों को जारी की प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त छत्तीसगढ़ के विशेष आग्रह पर केंद्र सरकार ने ऐसे परिवारों के लिए स्वीकृत किए हैं 15 हजार आवास कुल दस करोड़ रुपए आज हितग्राहियों के खातों में अंतरित, प्रथम किस्त के रूप में 2500 परिवारों को जारी किए गए 40-40 हजार रुपए मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से वर्चुअली जुड़े हितग्राहियों से बात भी की, आवास निर्माण के लिए पहली किस्त मिलने पर दी बधाई रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित 2500 परिवारों के बैंक खातों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पहली किस्त की राशि अंतरित की। उन्होंने मंत्रालय में वर्चुअली आयोजित कार्यक्रम में आवास निर्माण की पहली किस्त प्रति परिवार 40-40 हजार रुपए के मान से कुल दस करोड़ रुपए हितग्राहियों के खातों में अंतरित किए। छत्तीसगढ़ के विशेष आग्रह पर केंद्र सरकार द्वारा राज्य के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा भी कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न जिलों से मंत्रालय से वर्चुअली बड़ी संख्या में जुड़े हितग्राहियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य शासन ने केंद्र सरकार से विशेष आग्रह कर आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए जो प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता की शर्तों में नहीं आ पा रहे थे, उनके लिए 15 हजार आवास स्वीकृत कराया है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने संवेदनशीलता और गंभीरता से हमारे निवेदन को मंजूरी दी और वंचित परिवारों के लिए भी आवास की व्यवस्था की। साय ने नक्सल प्रभावित दूरस्थ वनांचलों के लिए स्वीकृत इस विशेष परियोजना के हितग्राहियों की हौसला अफजाई करते हुए अच्छा मकान बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इसमें सरकार हर तरह की मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने नक्सली हिंसा के शिकार परिवारों से आत्मीयता से बातकर उनका हाल-चाल पूछा। उन्होंने घर-परिवार और उनके व्यवसाय की जानकारी ली। बातचीत के दौरान विभिन्न जिला मुख्यालयों से जुड़े हितग्राहियों ने पक्का आवास मिलने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।    उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने भी हितग्राहियों को ऑनलाइन संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। आज 2500 ऐसे परिवारों को जो नक्सलवाद छोड़कर मुख्य धारा में लौट आए हैं या नक्सल हिंसा से पीड़ित हैं, उनके पक्के आवासों के निर्माण के लिए 40-40 हजार रुपए की पहली किस्त जारी की गई है। ये ऐसे परिवार हैं जो प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता में नहीं आ पा रहे थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में विभाग ने विशेष प्रयास कर भारत सरकार से ये आवास मंजूर कराए हैं। शर्मा ने कहा कि राज्य में नक्सलवाद को समाप्त करने का अभियान अब अंतिम चरण में है। बस्तर के लोगों के मन से अब आतंक का डर हट जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे मुख्य धारा में आएं। बस्तर की शांति और विकास के लिए यह जरूरी है। उन्होंने विशेष परियोजना के तहत हितग्राहियों के चिन्हांकन और इसे अमलीजामा पहनाने के लिए विभागीय अधिकारियों की पीठ थपथपाई और उन्हें धन्यवाद दिया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने कार्यक्रम में राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण के लक्ष्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। योजना के अगले चरण के लिए हितग्राहियों के सर्वेक्षण का काम भी तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव पी. दयानंद, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी राशि अंतरण कार्यक्रम में मौजूद थे। सुकमा के सर्वाधिक 809 आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को मिली आवास की पहली किस्त, बीजापुर के 594 और नारायणपुर के 316 परिवार शामिल प्रधानमंत्री आवास योजना में विशेष परियोजना के तहत आज जिन 2500 आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के खातों में आवास निर्माण के लिए राशि अंतरित की गई, उनमें सर्वाधिक 809 परिवार सुकमा जिले के हैं। बीजापुर जिले के ऐसे 594, नारायणपुर के 316, बस्तर के 202, दंतेवाड़ा के 180, कोंडागांव के 166 और कांकेर के 138 परिवारों को आवास निर्माण के लिए राशि जारी की गई है।

नागरिकों को सुशासन का लाभ दिलायें, जनप्रतिनिधियों के साथ करें संवाद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनता की संतुष्टी ही हमारा ध्येय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपनी दक्षता और क्षमता संवर्धन पर दें विशेष ध्यान योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये करें बेहतर प्रबंधन नागरिकों को सुशासन का लाभ दिलायें, जनप्रतिनिधियों के साथ करें संवाद मुख्यमंत्री ने समाधान ऑनलाइन में की सीधी सुनवाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनता की संतुष्टि ही हमारा ध्येय है। जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही सुशासन है, इसलिए प्रदेश के हर नागरिक को सुशासन का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें और उनके सुझावों पर भी अमल करें। हरसंभव तरीके से अपनी दक्षता और क्षमता बढ़ायें। जिले में चल रही सभी प्रकार की घटनाओं पर पैनी नजर रखें। योजनाओं का समय-सीमा में क्रियान्वयन सुनिश्चित हों, इसके लिए बेहतर से बेहतर प्रबंधन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाईन में आए प्रदेश के 14 जिलों के विभिन्न प्रकरणों की सीधी सुनवाई की और आवेदकों से रू-ब-रू बात कर उनके मामले के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स सरकार की योजनाओं के डिलेवरी सिस्टम के मजबूती के लिये प्रयास करें। नागरिकों के काम समय पर हों और उन्हें अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिये यहां-वहां भटकना न पड़े, यह सुनिश्चित किया जाये। समाधान ऑनलाइन में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिव उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीएम हेल्पलाईन में प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों का तय समय-सीमा में ही निराकरण किया जाये। यदि कोई मसला समाधान ऑनलाईन में आ रहा है तो यह गंभीर है। सुशासन के तहत स्थानीय स्तर पर ही आवेदकों को उनकी समस्या का निदान मिल जाये, यह सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सभी योजनाओं में जिलों के प्रदर्शन की ग्रेडिंग कराई गई है। जिला एवं पुलिस प्रशासन के बारे में फीडबैक भी लिया जा रहा है। ग्रेडिंग में अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन न करने वाले जिले अपना प्रदर्शन सुधार लें और नागरिकों को बेहतर प्रशासन एवं व्यवस्थाओं को कस्टमर फ्रेंडली बनाकर उनका विश्वास हासिल करें। किसान पराली न जलायें, इसके लिये उन्हें समझाइश दें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स अपने-अपने जिले में किसानों को जागरूक करें। कलेक्टर्स किसानों को यह समझायें कि वे किसी भी स्थिति में अपने खेत में पराली या अन्य फसल अवशेष न जलायें। किसानों को पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषण फैलने के साथ-साथ खेत की मिट्टी के जलने से उसकी उर्वरता कम होने से जुड़े भावी नुकसान के बारे में भी बतायें। उन्होंने कहा कि पराली को जलाना ही कोई हल नहीं है। किसान दूसरे तरीकों से भी पराली का निदान या निपटान कर सकते हैं। समाधान ऑनलाईन में आये ये 14 मामले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाईन में पांढुर्णा, मुरैना, उमरिया, नीमच, भिंड, बैतूल, निवाड़ी, रायसेन, नर्मदापुरम एवं धार जिले के एक-एक मामले तथा शहडोल और सतना जिले के 2-2 मामलों (कुल 14 प्रकरणों) की सीधी सुनवाई की। पांढुर्णा जिले की आवेदिका श्रीमती कलावती हिंगवे ने शिकायत की थी कि उन्हें कपिलधारा कूप निर्माण, मेढ़ बंधान, खेत-तालाब, भूमि शिल्प, नंदन फल उद्यान के संबंध में मनरेगा की ओर से भुगतान नहीं किया गया था। कलेक्टर पांढुर्णा ने बताया‍कि इस मामले में दोषी ग्राम रोजगार सहायक को पद से पृथक कर दिया गया है। पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है। दोषी सब इंजीनियर का 15 दिन का वेतन रोका गया और दोषी पाये गये सहायक यंत्री के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव कमिश्नर जबलपुर को भेज दिया गया है। वर्तमान में आवेदिका को उसका भुगतान करा दिया गया है। मुरैना जिले के आवेदक ब्रह्मलाल सिंह ने उसके फौती नामांतरण में देरी होने की शिकायत की थी। कलेक्टर ने बताया कि इस मामले में संबंधित नायब तहसीलदार को नोटिस दिया गया है और पटवारी पर भी कार्रवाई की गई है। उमरिया जिले के आवेदक दीपक कोरी ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजना में उसे पेंशन न मिलने की शिकायत की थी। आवेदक ने बताया कि शिकायत करने के बाद अब उसे पेंशन मिल रही है। कलेक्टर उमरिया ने बताया कि हितग्राही को पेंशन मिलने में देरी के लिये दोषी पाये गये समग्र सामाजिक न्याय अधिकारी की एक वेतन वृद्धि रोकी गई है। ग्राम पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस दिया गया है और इस संबंध में देरी के लिये विशेष रूप से दोषी पाये गये ग्राम रोजगार सहायक से अर्थदंड की राशि तीन हजार रूपए वसूल करके आवेदक को दे दी गई है। नीमच जिले के आवेदक लालाराम भील ने उसे दिये गये वनाधिकार हक प्रमाण पत्र में वन विभाग की गलती के कारण उसे लाभ न मिलने की शिकायत की थी। अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल ने बताया कि जारी किये गये वनाधिकार प्रमाण पत्र में शाब्दिक/तकनीकी त्रुटि के कारण आवेदक के साथ यह परिस्थिति बनी। निराकरण कर अब आवेदक को उसके हक की 9 लाख 28 हजार 200 रूपए की शासकीय राशि भुगतान कर दी गई है। भिंड जिले के आवेदक (छात्र) दिनेश चरकोटा ने उसे जनजातीय कार्य विभाग की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति न मिलने की शिकायत की थी। कलेक्टर भिंड ने बताया कि आवेदक को छात्रवृत्ति मिलने में विलंब के‍लिये दोषी क्षेत्र संयोजक पर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा जिला संयोजक (जो पहले से ही निलंबित चल रहे हैं) के निलंबन आरोप में इस मामले के आरोप भी जोड़ दिये गये हैं। बैतूल जिले के आवेदक (किसान) अनोखीलाल यादव ने सहकारिता विभाग द्वारा जारी उसके केसीसी किसान क्रेडिट कार्ड का नवीनीकरण नहीं होने के कारण उसे कठिनाई होने की शिकायत की थी। आवेदक ने बताया कि उसने वर्ष- 2022 में शिकायत की थी। कलेक्टर बैतूल ने मामले में अद्यतन जानकारी देते हुये बताया‍कि आवेदक द्वारा जमा की गई राशि का संबंधित शाखा प्रबंधक द्वारा गबन कर लिया गया था। इसलिए प्रबंधक पर एफआईआर की गई, फिर उससे वसूली भी की गई है। निवाड़ी … Read more

मुख्यमंत्री ने कौशल, रोजगार और आजीविका पर नीति-आयोग की कार्यशाला का किया शुभारंभ

रायपुर : युवा शक्ति से होगा ‘विकसित भारत’ का निर्माण: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ सरकार ने युवाओं के कौशल विकास को लेकर किए 4 महत्वपूर्ण एमओयू, खुलेंगे रोज़गार के नए द्वार मुख्यमंत्री ने कौशल, रोजगार और आजीविका पर नीति-आयोग की कार्यशाला का किया शुभारंभ युवाओं को रोजगार दिलाने राज्य समर्थन मिशन का हो रहा संचालन रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में नीति-राज्य कार्यशाला श्रृंखला के राज्य समर्थन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में युवाओं, महिलाओं और जनजातीय समुदायों के लिए कौशल विकास, रोजगार और आजीविका के अवसरों को विस्तार देने विषय पर आधारित कार्यशाला का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह कार्यशाला बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप बेहद प्रासंगिक है। भारत एक युवा देश है और यदि युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार कौशल प्रशिक्षण मिले, तो हम ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को तेजी से हासिल कर सकते हैं। इस मौके पर राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आज चार महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए युवाओं, महिलाओं और जनजातीय वर्ग को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने नीति आयोग की आकांक्षी जिलों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे जनजातीय क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिला है।  उन्होंने कहा कि राज्य समर्थन मिशन के बेहतर क्रियान्वयन से प्रदेश के युवाओं, महिलाओं और जनजातिय समुदाय के आजीविका के लिए प्रशिक्षण से रोजगार के नये अवसर शुलभ होंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को कौशल से जोड़कर उन्हें रोजगार के योग्य बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री नेे बताया कि सरकार वर्ष 2013 से कौशल विकास को तीव्रता से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लाइवलीहुड कॉलेज, आईटीआई और महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के साथ समझौते की जानकारी देते हुए कहा कि इसके तहत राज्य के युवाओं को ट्रैक्टर निर्माण की आधुनिक तकनीक सिखाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से बस्तर और सरगुजा अंचल के ग्रामीण युवाओं तथा उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आयेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, मैकेनिक जैसे कौशलों की भारी मांग है, लेकिन कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता कम है। सरकार इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने के लिए व्यापक योजना तैयार कर रही है। साथ ही उन्होंने महुआ, इमली, साल जैसे वन उत्पादों से मूल्यवर्धन कर स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आगामी योजनाओं में बस्तर और सरगुजा अंचल के आदिवासी युवाओं को विशेष कोर्स और प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रशिक्षण केंद्र खोलने की भी तैयारी है। उन्होंने बताया कि विभिन्न बड़ी कंपनियों से एमओयू कर निवेश और रोजगार के अवसर लाने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्किल और इंडस्ट्री को जोड़ना जरूरी है। जब दोनों साथ होंगे तब रोजगार की संभावना अधिक रहेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग (जैसे कृषि, फल-फलियाँ, हस्तशिल्प) में युवाओं को प्रशिक्षित कर नए रोजगार सृजन पर बल दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में अब माओवाद का प्रभाव घट रहा है और हम युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही ई-हब की शुरुआत करेगी, जहां नवाचार करने वाले युवाओं को प्रोटोटाइप, फंडिंग और मार्केटिंग की सुविधा मिलेगी। कार्यशाला को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा सचिव एस. भारती दासन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 4.83 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2.66 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार भी मिला है। नीति आयोग की प्रोग्राम निदेशक डॉ. सोनिया पंत ने कहा कि नीति आयोग का ‘राज्य समर्थन मिशन’ राज्यों को उनकी आर्थिक व सामाजिक विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में वन-आधारित आजीविका कार्यक्रमों को मजबूत करने पर ज़ोर दिया और कहा कि इससे आदिवासी समुदाय की आय में वृद्धि होगी। डॉ. पंत ने बताया कि राज्य-स्तरीय योजनाओं में जनजातीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने एवं उन्हें नई तकनीक और कौशल से जोड़ने पर नीति आयोग हर सम्भव मदद करेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार के सीईओ विजय दयाराम के. सहित विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में युवा, महिला और जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे। कौशल विकास के लिए 4 महत्वपूर्ण एमओयू राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आज चार महत्वपूर्ण एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। पहला एमओयू तकनीकी शिक्षा छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण एवं नन्दी फाउंडेशन के बीच हुआ। इस एम.ओ.यू. का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित युवाओं की रोज़गार योग्यताओं को बढ़ाना है। यह कार्यक्रम उन्हें आवश्यक कौशल प्रदान करके उनके आजीविका के साधनों और आर्थिक सुरक्षा में सुधार लाने का प्रयास करता है। इसी तरह दूसरा एमओयू कौशल विकास प्राधिकरण एवं महेन्द्रा एंड महेन्द्रा के बीच हुआ, इस एम.ओ.यू. के अंतर्गत दंतेवाड़ा, बलरामपुर और कोंडागांव जिलों में स्थित लाइवलीहुड कॉलेजों में ट्रैक्टर मैकेनिक पाठ्यक्रम में अल्पकालिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का संचालन रायपुर स्थित स्टेट प्रोजेक्ट लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी द्वारा किया जाएगा। तीसरा एमओयू उच्च शिक्षा विभाग और नैसकॉम के बीच हुआ, इस समझौते का उद्देश्य कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी देकर उन्हें जॉब सीकर से जॉब प्रोवाइडर के रूप में विकसित करना है। यह कार्यक्रम युवाओं को इंडस्ट्री रेडी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसी प्रकार उच्च शिक्षा विभाग और नन्दी फांउडेशन हैदराबाद के बीच चौथा समझौता हुआ, इस एम.ओ.यू. के तहत महाविद्यालयों के छात्रों को रोजगार परक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें कुशल और आत्मनिर्भर युवा के रूप में तैयार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के डंगनिया में भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के डंगनिया में भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने भगवान परशुराम मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ब्राम्हण समाज ने सदैव समाज को ज्ञान और संस्कार देने का कार्य किया है। उन्होंने भगवान परशुराम जन्मोत्सव की सभी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि भगवान परशुराम विष्णु के छठवें अवतार हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है और प्रभु श्रीराम हमारे भाँचा हैं। रामलला मंदिर निर्माण छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए गौरव और आस्था का विषय है। ‘श्रीरामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत अब तक 22,000 श्रद्धालु अयोध्या में रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना भी प्रारंभ की गई है, जिसमें श्रद्धालु सरकारी व्यय पर विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा कर सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है, जिसे धान का कटोरा कहा जाता है और 44 प्रतिशत भूभाग वनों से आच्छादित है। नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। हमारी सरकार ने 31 मार्च 2026 तक राज्य को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त कराने का संकल्प लिया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने विकास के लिए एक सशक्त ‘विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है और नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। डिजिटलीकरण के माध्यम से भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है, और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘2047 तक विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, हम ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दिशा में ब्राम्हण समाज की भागीदारी भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने डेढ़ वर्ष के अल्पकाल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारा है। चाहे वह प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत घर देने की बात हो या किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य दिलाना—हमने हर वर्ग की भलाई के लिए काम किया है। बस्तर और सरगुजा में जनजातीय समाज के लिए 5500 रुपये प्रति मानक बोरा तेंदूपत्ता की खरीदी कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रक्रियाओं, संस्थाओं और क्रियाओं के शुद्धिकरण का कार्य जारी है। राज्य निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। कौशल उन्नयन, पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पीएससी में भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच चल रही है, और कई दोषी जेल की सलाखों के पीछे हैं। उन्होंने कहा कि ब्राम्हण समाज एक प्रगतिशील समाज है, जिसने हमेशा विमर्श और विचारों का स्वागत किया है। इस अवसर पर महंत श्री वेदप्रकाशाचार्य, विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री अनुज शर्मा, श्री सुशांत शुक्ला, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, साहित्य अकादमी अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, श्रीमती सुमन अशोक पांडेय, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील ब्राम्हण समाज अध्यक्ष श्री शिवांजल शिव गोविंद शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

जिला पंचायत के वर्ष 2025- 26 और लेबर बजट का अनुमोदन

जिला पंचायत की बैठक में लिए गए कई निर्णय एक देश, एक चुनाव का प्रस्ताव बहुमत से पारित जिला पंचायत के वर्ष 2025- 26 और लेबर बजट का अनुमोदन बिलासपुर जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक अध्यक्ष जिला पंचायत श्री राजेश सूर्यवंशी  की अध्यक्षता में सभी सभापति एवं जिला पंचायत सदस्य एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप कुमार अग्रवाल एवं जिला स्तर के सभी अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुई। सर्व प्रथम सभी सदस्यों का स्वागत किया गया। बैठक में सर्व प्रथम एक राष्ट्र एक चुनाव भारत देश में लोक सभा एवं राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ आयोजित करने के लिए बहुमत से प्रस्ताव पारित कर शासन को प्रस्ताव भेजे जाने का निर्णय लिया गया।       लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के समीक्षा में सभी सदस्यों के द्वारा वर्तमान में चल रही पानी की समस्या को देखते हुए अपने अपने क्षेत्र में हैण्ड पंप खोदने एवं बंद पंप का तत्काल मरम्मत कराये जाने को कहा गया तथा शासन स्तर से जारी 100 पंप के लक्ष्य को बढ़ाने के लिए पत्र भेजे जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। विद्युत व्यवस्था हेतु नए ट्रासफार्मर एवं बंद एवं मरम्मत योग्य को तत्काल सुधार कराए जाने हेतु निर्देश दिए गए । स्वास्थ्य विभाग में चल रहे स्वास्थ्य केन्द्रों में रिक्त पदों को तत्काल प्रतिपूर्ति किए जाने हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया। श्रीमती ललिता संतोष कश्यप उपाध्यक्ष के द्वारा तखतपुर में शिशुरोग विशेषज्ञ एवं अन्य पदों को तत्काल भरे जाने की मांग रखी गई। आरटीई के तहत् कुछ अशासकीय शालाओं द्वारा विद्यार्थियों को प्रवेश न दिए जाने का मुद्दा भी सदस्यों द्वारा उठाया गया है जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने उन शालाओं के प्रमुखों को निर्देशित करने की बात कही गई। आंगनबाड़ी भवन विहिन गांवों में तत्काल भवन स्वीकृत करने का प्रस्ताव पारित किया गया।        खरीफ सीजन की तैयारी को देखते हुए कृषि बीज भंडारण की जानकारी ली गई सभी सदस्यों के द्वारा पर्याप्त मात्रा में बीज भंडारण किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया एवं साथ ही साथ जिला पंचायत के लिए वर्ष 2025-26 का बजट एवं महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत् लेबर बजट का भी अनुमोदन किया गया। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप सहित श्रीमती अनुसुईया जागेन्द्र कश्यप सभापति, श्री गोविन्दराम यादव सभापति, श्रीमती भारती नीरज माली सभापति, श्रीमती अंबिका विनोद साहू सभापति,श्रीमती चन्द्र प्रकाश सूर्या सभापति,श्रीमती स्मृति त्रिलोक श्रीवास श्रीमती अनिता राजेन्द्र शुक्ला श्री शिवेन्द्र प्रताप कौशिक श्री राजेन्द्र धीवर श्री दामोदर कांत श्रीमती सतकली बावरे श्री रामखिलावन पटेल, श्री निरंजन सिंह पैकरा श्रीमती रजनी पिंटू मरकाम श्रीमती जयकुमारी प्रभु जगत सदस्यगण, श्रीमती वंदना गवेल परियोजना अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम सात जीत के साथ प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने के काफी करीब, चेन्नई से आज भिड़ेगी

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच आज आईपीएल 2025 का 52वां मुकाबला खेला जाएगा। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम सात जीत के साथ प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने के काफी करीब पहुंच गई है। महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली की मौजूदगी के कारण यह मैच खास बन गया है, क्योंकि क्रिकेट प्रेमियों को भारतीय क्रिकेट के इन दोनों दिग्गज खिलाड़ियों को संभवत: आखरी बार एक दूसरे के खिलाफ खेलते हुए देखने का मौका मिलेगा। बेंगलुरु के लिए प्लेऑफ की राह आसान इस मैच में जीत दर्ज करने पर आरसीबी के कुल 16 अंक हो जाएंगे और उसका प्लेऑफ में जगह बनाना लगभग सुनिश्चित हो जाएगा। आरसीबी को इसके बाद तीन और मैच खेलने हैं और जिस तरह से उसकी टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है उसे देखते हुए टीम की निगाह शीर्ष दो में जगह बनाने पर लगी होगी ताकि उसे फाइनल में पहुंचने के लिए दो मौके मिलें। धोनी- कोहली पर रहेंगी नजरें जहां तक चेन्नई का सवाल है तो उसके 10 मैच में केवल चार अंक हैं और वह प्ले ऑफ की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी है। धोनी की अगुवाई वाली टीम हालांकि आरसीबी के समीकरण बिगाड़ने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। इस मैच में हालांकि सभी की निगाहें धोनी और कोहली पर टिकी रहेंगी। कोहली इस समय बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने अभी तक टूर्नामेंट में 443 रन बनाए हैं और वह फिर से ऑरेंज कैप हासिल करने की कोशिश करेंगे जो प्रतियोगिता में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज को मिलती है। उन्हें तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले देवदत्त पडिक्कल से अच्छा सहयोग मिल रहा है। देवदत्त ने अपनी पिछली दो पारियों में दो अर्द्धशतक बनाए हैं। लेकिन कोहली निश्चित रूप से अपने सलामी जोड़ीदार फिल साल्ट से अधिक योगदान देखना चाहेंगे। आरसीबी को अपने कप्तान रजत पाटीदार से भी बड़ी पारी की उम्मीद होगी। आखिरी मैचों में चेन्नई दिखाना चाहेगा दम चेन्नई के गेंदबाजों में अभी तक तेज गेंदबाज खलील अहमद और स्पिनर नूर अहमद ही अच्छा प्रदर्शन कर पाए हैं और आरसीबी के बल्लेबाज इसका पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। लेकिन चेन्नई के बल्लेबाजों को इस तरह की राहत नहीं मिलेगी क्योंकि उनका सामना जोश हेज़लवुड, भुवनेश्वर कुमार, कृणाल पांड्या और सुयश शर्मा से होगा। चेन्नई के बल्लेबाजों ने अभी तक टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन किया है। उसकी टीम को उम्मीद होगी कि उनके बल्लेबाज जैसे आयुष म्हात्रे, सैम कुरेन, डेवाल्ड ब्रेविस और शिवम दुबे अच्छा योगदान देंगे जिससे कि धोनी अंतिम ओवर में अपने सर परिचित आक्रामक अंदाज में रन बना सकें। टीम इस प्रकार हैं: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान) फिल साल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, कृणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, यश दयाल, सुयश शर्मा, लुंगी एनगिडी, लियाम लिविंगस्टोन, स्वप्निल सिंह, मनोज भांडागे, रसिख दार सलाम, नुवान तुषारा, जैकब बेथेल, मोहित राठी, स्वास्तिक चिकारा, अभिनंदन सिंह। चेन्नई सुपर किंग्स: एमएस धोनी (कप्तान, विकेटकीपर), शेख रशीद, आयुष म्हात्रे, दीपक हुडा, सैम कुरेन, रवींद्र जडेजा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, नूर अहमद, खलील अहमद, मथीशा पथिराना, अंशुल कंबोज, आर अश्विन, कमलेश नागरकोटी, रामकृष्ण घोष, जेमी ओवरटन, विजय शंकर, राहुल त्रिपाठी, श्रेयस गोपाल, डेवोन कॉनवे, रचिन रवींद्र, मुकेश चौधरी, नाथन एलिस, सी आंद्रे सिद्धार्थ, वंश बेदी।

उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति मध्यप्रदेश जबलपुर के सौजन्य से मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय मुख्य पीठ जबलपुर के क्षेत्रांतर्गत आने वाली समस्त जेल में बृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

A massive health camp was organized in all the jails falling under the jurisdiction of the Madhya Pradesh High Court Chief Bench, Jabalpur, courtesy of the High Court Legal Services Committee, Madhya Pradesh, Jabalpur. जितेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर ! न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत, मुख्य न्यायाधिपति, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के मार्गदर्शन में एवं मान्नीय न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा प्रशासनिक न्यायाधीश मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर तथा मान्नीय न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर तथा न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल अध्यक्ष म.प्र.उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति की गरिमामयी उपस्थिति में आज दिनांक 03.05.2025 को केन्द्रीय जेल जबलपुर से मान्नीय उच्च न्यायालय मुख्यपीठ जबलपुर के क्षेत्राधिकार की समस्त जेलों में विशेष मेडिकल कैम्प का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम न्यायमूर्तिगण का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया तथा मान्नीयों का गार्ड ऑफ आनर के साथ स्वागत किया गया। मान्नीय न्यायमूर्तिगण द्वारा सुभाष कक्ष में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की शयिका पर पुष्पांजली अर्पित कर वार्ड का अवलोकन किया गया। जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर द्वारा कार्यक्रम का परिचय दिया गया। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय मुख्यपीठ जबलपुर के क्षेत्रान्तर्गत केन्द्रीय जेल जबलपुर का भौतिक रूप से तथा अन्य जेलों में आयोजित स्वास्थ्य शिविरो का वीडियों कान्फ्रेसिंग के माध्यम से अवलोकन किया जाकर शिविर के संबंध में चर्चा की गई। साथ ही मान्नीय न्यायमूर्तिगण द्वारा बंदियों को सम्बोधित भी किया गया तथा शिक्षा एवं विधिक सहायता तथा प्रशिक्षण व पुनर्वास पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में जेल बंदियों द्वारा मनमोहक गायन की भी प्रस्तुतियॉं दी गई।मान्नीय न्यायमूर्तिगण द्वारा जेल में बंदियों द्वारा निर्मित सामग्रियों का भी अवलोकन किया गया तदोपरांत जेल पाकशाला, बंदी योगा एवं जेल अस्पताल तथा जेल बंदी बैरिक तथा जेल वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग का भी अवलोकन किया गया है।मुख्य न्यायमूर्ति द्वारा पेन्टिंग स्कैच बनाने वाले बंदी, जेल आर्केस्ट्रा के बंदियों तथा योगा टीम के बंदियों को उनके खाते में 1000/- रूपये प्रोत्साहन स्वरूप विधिक सहायता के माध्यम से प्रदान किये जाने के निर्देश दिये गये तथा जेल बंदी आर्केस्ट्रा टीम को जेल के बाहर भी कार्यक्रम करने की अनुमति संबंधी नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही के निर्देश भी दिये गये तथा जेल में बंदियों द्वारा निर्मित समोसे तथा अन्य व्यंजनों के विक्रय हेतु प्रोत्साहन के निर्देश दिये गये। कार्यक्रम के अंत में मान्नीय न्यायमूर्तिगण को जेल बंदियों द्वारा बनाई गई पेन्टिंग एवं चरखा भेंट की गई। इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारीगण में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जबलपुर आलोक अवस्थी, सदस्य-सचिव मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर प्रदीप मित्तल, रजिस्ट्रार जनरल म.प्र.उच्च न्यायालय जबलपुर धरमिन्दर सिंह, रजिस्ट्रार/सचिव मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति जबलपुर श्रीमती अर्चना सिंह, रजिस्ट्रार न्यायिक वंदन मेहता, अतिरिक्त-सचिव अरविन्द कुमार श्रीवास्तव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर श्रीमती शक्ति वर्मा, एवं अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण तथा सिविल सर्जन जबलपुर एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी प्रदीप सिंह, दिग्विजय सिंह, श्रीमती शक्ति रावत विशेष स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित रहें। अधिष्ठाता, नेताजी सुभाषचन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर के आदेशानुसार जेल में पुरूष महिला बंदियों का विशेष स्वास्थ्य परीक्षण किये जाने हेतु कैम्प में जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, अस्थि रोग, स्किन एण्ड व्ही.डी., गायनिक, डेन्टल, न्यूरोलॉजी, मनोरोग, नेत्र, शिशु, कैसर, नेफ्रोलॉजी, ई.एन.टी. विभाग के 17 चिकित्सकों के द्वारा 410 पुरूष बंदी, 52 महिला बंदी तथा 06 बच्चों सहित कुल 468 का चैकप किया गया है।इस अवसर पर जेल में बंदियों के हितार्थ विधिक साक्षरता शिविर का भी आयोजन हुआ। विधिक सहायता शिविर में विशेष रूप से चीफ लीगल एड डिफेन्स काऊंसिल अशोक पटेल, डिप्टी चीफ राजेश तिवारी, वीरेन्द्र सिंह, अभिषेक तिवारी, असिस्टेन्ट गौरव पाठक, वेदांत पटेल तथा जेल पैरालीगल वॉलेंटियर्स द्वारा सहयोग किया गया तथा लगभग 75 बंदियों को उनके विधिक अधिकारों के संबंध में बतलाया गया तथा 06 बंदियों को विधिक सहायता के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता दिलाये जाने की कार्यवाही की गई।इस अवसर पर जेल चिकित्सक डॉ. लक्ष्मण शाह, उप जेल अधीक्षक श्रीमती रूपाली शर्मा, गणेश सिंह, सहायक जेल अधीक्षक प्रशांत चौहान, कुलदीप सिंह, श्रीमती अंजू मिश्रा, जेल लेखापाल राहुल चौरसिया, प्रमुख मुख्य प्रहरी तीर्थेन्द्र सिंह बघेल, वरिष्ठ प्रहरी ओमप्रकाश दुबे, सुभाष चन्द्र यादव, पिनांकपाणि मिश्रा, विवेकानन्द शर्मा, आशीष हिडाउ एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहा। आभार प्रदर्शन जेल उप अधीक्षक मदन कमलेश द्वारा एवं मंच संचालन सहायक जेल अधीक्षक हिमांशु तिवारी द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृषि उद्योग समागम का 3 मई को मंदसौर में करेंगे शुभारंभ

भोपाल कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी उन्नयन और कृषक कल्याण को समर्पित ‘कृषि उद्योग समागम-2025’ का 3 मई को मंदसौर में भव्य आयोजन होगा। एक दिवसीय समागम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, क्षेत्रीय सांसद, विधायकगण तथा प्रदेश भर से आए कृषक, उद्यमी, निर्यातक और एफपीओ प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे। प्रमुख गतिविधियाँ कृषक सम्मेलन एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन: समागम में कृषि एवं उद्यानिकी के विशेषज्ञों द्वारा नवीनतम तकनीकों पर विस्तृत मार्गदर्शन किसानों और उद्यमियों को प्रदान किया जायेगा, जिसका लाभ वह अपने कृषि और खाद्य प्र-संस्करण इकाइयों को बेहतर बनाने में कर सकेंगे। नवीन कृषि तकनीकों का प्रदर्शन समागम स्थल पर देश के कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में आधुनिक यंत्रों, उपकरणों का उत्पादन करने वाली इकाइयों द्वारा स्टॉल लगाये जायेंगे। इनमें आधुनिक कृषि यंत्र ट्रैक्टर, हैप्पी सीडर, प्याज-लहसुन बुआई यंत्र, ड्रोन, एआई आधारित उपकरण, पॉवर स्प्रेयर, सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर, सेंसर-आधारित उर्वरक संयंत्र, कृषि एवं उद्यानिकी की नवीनतम एवं उन्नत किस्में, पॉली/नेट हाउस, मल्चिंग, पौंड लाइनिंग आदि, जैविक व नैनो फर्टिलाइज़र, कस्टमाइज्ड माइक्रो न्यूट्रिएंट्स, गौशाला उत्पाद, दुग्ध एवं हर्बल उत्पाद, पशु आहार, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, बायो-फ्लॉक्स, टैंक व केज कल्चर मॉडल, एक्वेरियम डिस्प्ले शामिल हैं। प्राकृतिक एवं जैविक खेती के मॉडल समागम में भाग लेने वाले किसानों और एफपीओ प्रतिनिधियों के लिये प्राकृतिक और जैविक खेती का लाइव प्रदर्शन किया जायेगा, जिसके माध्यम से किसान भाई जैविक खेती की आधुनिक और उन्नत तकनीक से अवगत हो सकेंगे। उद्योग व निर्यात पर संगोष्ठी समागम में कृषि, औषधीय फसलों पर आधारित उद्योगों, एफपीओ, निर्यातकों व क्रेता-विक्रेताओं के लिए संवाद व नेटवर्किंग सत्र का आयोजन भी किया गया है, जिसमें विशेषज्ञों द्वारा उत्पादन के साथ निर्यात, तकनीकों और प्रक्रियाओं के विषय में बताया जायेगा। एग्री-हॉर्टी एक्सपो-2025 में विभागीय सहभागिता कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, कृषि अभियांत्रिकी एमएसएमई, मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन, एमपी एग्रो सहित राज्य सरकार के कई अन्य विभाग एवं संस्थान सम्मिलित होंगे। ऑन-द-स्पॉट पंजीयन समागम में कृषकों को विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी जाएगी व ऑन-द-स्पॉट पंजीयन की सुविधा मुहैया करायी जायेगी। स्थानीय नवाचारों की प्रस्तुति समागम के दौरान मंदसौर जिले में कृषकों द्वारा किए गए नवाचारों पर केंद्रित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन मुख्य आकर्षण होगा। कृषक हितलाभ वितरण व निवेश संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा कृषि-उद्यानिकी विभाग से संबंधित योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरण और निवेशकों से सीधी चर्चा की जायेगी। मंदसौर उद्यानिकी उत्पादों में अग्रणी जिला 1.15 लाख हेक्टेयर में फल, सब्जी, मसालों, औषधीय फसलों का मुख्य केन्द्र है। इन फसलों से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा दिया जायेगा। साथ ही नये निवेशकों को इन फसलों से संबंधी व्यवसायों के लिये जागरूक कर प्रोत्साहित भी किया जायेगा। 33 करोड़ से निर्मित महर्षि सांदीपनि विद्यालय भवन चंदवासा का होगा लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीतामऊ में 33 करोड़ 14 लाख से निर्मित (सीएम राइज स्कूल) महर्षि सांदीपनी विद्यालय भवन चंदवासा का लोकार्पण करेंगे। साथ ही दुधाखेड़ी में 400 करोड़ के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। 15 विषय-विशेषज्ञों के होंगे व्याख्यान एवं हितलाभ वितरण कृषि उद्योग समागम में 15 विषय-विशेषज्ञ व्याख्यान के रूप में अनुभव साझा करेंगे। किसानों को खेती किसानी से जुड़ी तकनीकी सलाह प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृषि उद्योग समागम में विभिन्न योजनाओं में अलग-अलग हितग्राहियों को हितलाभ प्रदान करेंगे। लगाये जायेंगे 80 राज्य स्तरीय स्टॉल मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीतामऊ कृषि उद्योग समागम में 8 विभागों द्वारा किसानों से जुड़े विविध तरह के लगाये गये 80 राज्य स्तरीय स्टॉलों का अवलोकन करेंगे। इन स्टॉल के माध्यम से कृषकों को उन्नत तकनीकी, खेती किसानी की जानकारी, नवाचार, उन्नत किसान के संबंध बारे में बताया जाएगा।  

मुख्यमंत्री ने पानी बचाने के काम में अच्छा कार्य करने वाले जिलों को दी बधाई

जल गंगा संवर्धन अभियान से जुड़ें अधिकाधिक नागरिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव नर्मदा परिक्रमा पथ के स्थानों पर परिक्रमावासियों के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों मुख्यमंत्री ने पानी बचाने के काम में अच्छा कार्य करने वाले जिलों को दी बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान की गतिविधियों की समीक्षा कर उत्कृष्ट कार्य करने वालों को बधाई दी। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स को जरूरी निर्देश भी दिए। उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 से संबंधित गतिविधियों और एयर एंबुलेंस सेवा के संबंध में भी चर्चा की। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा परिक्रमा पथ में आश्रय स्थलों में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परिक्रमा पथ के 321 स्थानों की पोर्टल पर भी मैपिंग की गई है। परिक्रमावासियों के विश्राम, भोजन के साथ ही संतों के लिए ध्यान कक्ष और कुटिया की व्यवस्था भी इन स्थानों पर की जा रही है। जनभागीदारी बढ़ाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सभी जिला कलेक्टर्स को आवश्यक निर्देश दिए गए। प्रदेश में पानी बचाने, सहेजने, जल स्त्रोतों के संरक्षण और नए स्त्रोतों के निर्माण कार्यों में नागरिक भी भागीदारी कर रहे हैं। अभियान के अंतर्गत अब तक 21 लाख नागरिकों की सहभागिता सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संवर्धन कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में खेत-तालाब के माध्यम से एक लाख हेक्टेयर सिंचाई सुविधा का सृजन करने में सफलता मिली है। उल्लेखनीय है कि खेत-तालाब निर्माण के लिए प्रति किसान 100 रूपए के व्यय पर राज्य शासन पर मात्र 5 रूपए का वित्तीय भार आता है। प्रदेश में वर्तमान में पूर्ण हुए 23 हजार 494 कार्यों पर लागत 634 करोड़ रूपए है। प्रति किसान औसत लागत 2.7 लाख रूपए आई है। प्रदेश में रिमोट सेंसिंग से 7 लाख कूपों की मैपिंग की गई है। अभिनव कार्यों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी जिलों को बधाई जल गंगा संवर्धन अभियान में कूप रीचार्ज कार्य में बैतूल जिला प्रदेश में प्रथम है। खंडवा द्वितीय और छिंदवाड़ा तृतीय स्थान पर है। खंडवा जिले में घोड़ापछाड़ नदी के संरक्षण के कार्य को व्यापक प्रशंसा मिली है। यह नदी छह महीने सूखी रहती थी। अब 12 ग्रामों की साढ़े सात सौ हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होने लगी है। अमृत सरोवर निर्माण में धार प्रथम है। सीधी द्वितीय स्थान और छिंदवाड़ा तृतीय स्थान पर है। प्राचीन बावड़ियों के संरक्षण में टीकमगढ़ जिले में वजीतपुरा बावड़ी का संरक्षण किया गया है। इंदौर में अहिल्या कुंड ने संरक्षण के बाद नया स्वरूप ले लिया है। इंदौर में एक पॉली टैंक कानिर्माण भी हुआ है, जहां मत्स्य पालन हो रहा है। नर्मदापुरम में नर्मदा पथ में जल मंदिर का निर्माण किया गया है। 7339 पुराने जल संरक्षण कार्य हुए पूर्ण बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान 30 मार्च से 30 अप्रैल की एक माह की अवधि में 7 हजार 339 पुराने जल संरक्षण कार्य पूर्ण किए गए हैं। कुल 24 हजार 685 डगवेल रिचार्ज किए गए हैं। कुल 822 अमृत सरोवर बनकर तैयार हुए हैं। विदिशा जिले में 100 साल प्राचीन चेतन बावड़ी का जीर्णोद्धार हुआ है। अनूपपुर में मृदा क्षरण रोकने के लिए कल्प वृक्ष के संरक्षण में सफलता मिली। राजगढ़ जिले में टोंटी लगाओ पानी बचाओ अभियान से पानी की बचत सुनिश्चित की जा रही है। सिवनी, छिंदवाड़ा, रायसेन और पन्ना जिलों में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन जिलों के कलेक्टर्स को श्रेष्ठ कार्य के लिए बधाई दी। तीन-चार महीने पर्वों पर होंगे ये कार्य बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अक्षय तृतीया से रक्षाबंधन तक पानी, मिट्टी और पेड़-पौधों से जुड़े अनेक पर्व मनाए जाएंगे। इनमें 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर कुओं और जलाशयों की पूजा-अर्चना की गई। गंगा दशहरा पर 5 जून को जल की पूजा, नदियों की शुद्धता और जली संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। वट सावित्री व्रत पर 6 जून को बरगद की पूजा और धागा बांधकर वृक्ष रक्षा का संकल्प लिया जाएगा। निर्जला एकादशी पर 8 जून को जल का दान, पर्यावरण संरक्षण संदेश, हरियाली अमावस्या पर 25 जुलाई को पेड़-पौधे लगाने और उपासना करने का कार्य होगा। हरियाली तीज पर नवीन वस्त्र धारण, पेड़-पौधों की पूजा, रक्षाबंधन पर वृक्षों को राखी बांधने, कजरी तीज पर 12 अगस्त को नीम के वृक्ष की पूजा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दिये जल गंगा संवर्धन अभियान के संदर्भ में अन्य निर्देश          जल स्रोतों के संरक्षण के कार्य से जनप्रतिनिधि और आम नागरिक जुड़ें।          अधिकारी दल जल संरक्षण कार्यों का निरीक्षण भी करें।          खेत-तालाब और कूप रिचार्ज कार्यों में भी गति लाई जाए।          प्राचीन बावड़ियों के संरक्षण के कार्य भी चलें          सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था सभी जिलों में की जाए। जहां प्रारंभ हो गए हैं, उनका सुचारू संचालन हो, नए प्याऊ भी प्रारंभ करें।          नदियों के जल उद्गम स्थलों की सूची तैयार कर उनके निकट पौध-रोपण के कार्य हों।          नर्मदा परिक्रमा के साथ ही पंचक्रोशी यात्रा और ओंकारेश्वर में नर्मदा परिक्रमा पथ से संबंधित आवश्यक कार्य हो।          जल संरचनाओं के संरक्षण में प्रदेश में 20 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी सामने आई है। इसे बढ़ाया जाए।          सभी 55 जिलों में नर्सरियों के विकास के भी प्रयास हों। उद्योग संवर्धन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश          उद्योग और रोजगार वर्ष : 2025 के संदर्भ में जिला स्तरीय उद्योग और निवेश संवर्धन समितियां गतिशील रहें।          कलेक्टर उद्योग संवर्धन प्रयासों और गतिविधियों की नियमित रूप से बैठकों में समीक्षा करें।          नए निवेश प्रस्तावों का परीक्षण कर उनकी प्रगति में सहयोग करें।          स्थानीय बाजारों, पारम्परिक मेलों को परस्पर जोड़ें। राज्य शासन मेलों को प्रोत्साहित करेगा और आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। एयर एम्बुलेंस सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश          जिन स्थानों पर अधिक दुर्घटनाएं होती है, वहां गंभीर रूप से घायल नागरिकों की जीवन रक्षा के लिए एयर एम्बुलेंस का उपयोग सुनिश्चित करें।          डायल 100 और पुलिस … Read more

150 कलाकार 10 नृत्यों में प्रस्तुत की मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, पर्यटन, इतिहास, कला और परम्पराएं

WAVES 2025 : वैश्विक मंच पर अमृतस्य मध्यप्रदेश ने बिखेरी अतुलनीय मध्यप्रदेश की अनुपम छटा अमृतस्य मध्यप्रदेश में हृदयप्रदेश की संस्कृति, पर्यटन और परम्परा हुई प्रदर्शित 150 कलाकार 10 नृत्यों में प्रस्तुत की मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, पर्यटन, इतिहास, कला और परम्पराएं अन्तर्राष्ट्रीय वेव्स समिट में धड़का हिंदुस्तान का दिल भोपाल वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट-2025 में मध्यप्रदेश अपनी रचनात्मकता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं के साथ वैश्विक मंच पर एक नई पहचान बना रहा है। वेव्स के दूसरे दिन शुक्रवार को सांस्कृतिक संध्या में “अमृतस्य मध्यप्रदेश” समवेत नृत्य नाटिका ने अपनी अद्भुत और ओजपूर्ण प्रस्तुति से “अतुलनीय मध्यप्रदेश” की अनुपम छटा बिखेरी। इस नृत्य नाटिका के माध्यम से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, समृद्ध पर्यटन, इतिहास, कला और परंपराओं को दर्शाया गया। इसमें हृदयप्रदेश के सांस्कृतिक रंग, सघन वन, ऐतिहासिक स्थल, टेक्सटाइल, परम्पराएं आदि की अनुभूति और आनंद दर्शकों ने लिया। प्रसिद्ध कोरियोग्राफर मैत्री पहाड़ी के निर्देशन में इस नृत्य नाटिका में कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी, मणिपुरी, मोहिनीअट्टम, कुचिपुड़ी के साथ ही मध्यप्रदेश के बधाई, बरेदी, मटकी, गोंड, जैसे लोक नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति दी। इसके अलावा नृत्य नाटिका में मुमताज खान के निर्देशन में मध्यप्रदेश के टेक्सटाइल जैसे महेश्वरी, चंदेरी, बाग के वैभव को दर्शाता एक विशेष वॉक हुआ। प्रदेश की अध्यात्मिक चेतना का हुआ संचार अमृतस्य मध्यप्रदेश एक मनमोहक समवेत नृत्य-नाट्य प्रस्तुति है जो दर्शकों को भारत के हृदय मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर से जोड़ती है। यह प्रदर्शन केवल नृत्य नहीं, बल्कि एक यात्रा है जो हमें हजारों वर्षों पुराने इतिहास, भक्ति, प्रेम, प्रकृति और कला की लय में ले जाती है। प्रस्तुति की शुरुआत भीमबेटका की प्रागैतिहासिक गुफाओं से हुई, जहां मानव सभ्यता की पहली झलक मिलती है। खजुराहो के मंदिरों में नृत्य और मूर्तिकला का सुंदर संगम, और सांची के स्तूप की शांति दर्शकों को आध्यात्मिक गहराइयों में ले गई। चित्रकूट की पावन भूमि पर भगवान श्रीराम की कथा को भावपूर्ण मुद्राओं में पिरोया गया। उज्जैन और ओंकारेश्वर के ज्योतिर्लिंगों की दिव्यता और भगवान शिव की उपस्थिति, इस नृत्य गाथा में भक्ति का उग्र रूप भर देती है। ग्वालियर का ऐतिहासिक किला, मांडू की प्रेम कहानी और ओरछा के भव्य मंदिर को नृत्य के माध्यम से जीवंत किया गया। मनुष्य व प्रकृति के प्रेम का अनूठा संगम प्रकृति की शक्ति को बांधवगढ़, कान्हा और पेंच के जंगलों में घूमते बाघों और जबलपुर की संगमरमर की चट्टानों की सुंदरता से दर्शाया गया है। प्रकृति से ही प्रेरणा लेकर पारम्परिक महेश्वरी, चंदेरी और बाग प्रिंट की पोशाकें राज्य की शिल्प विरासत का गौरव गान करती हैं। इन्हें भी सुंदर रूप से मंझे हुए कलाकारों ने मंच पर प्रदर्शित किया। अंत में नर्मदा मैया की आरती के साथ यह यात्रा चरम पर पहुंची। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट 2025 (WAVES) का आयोजन मुंबई में 4 मई 2025 तक किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में 1 मई को इसका भव्य शुभारंभ किया। मध्यप्रदेश इस अयोजन में वैश्विक मीडिया, मनोरंजन और रचनात्मक नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। मध्यप्रदेश “अतुलनीय मध्यप्रदेश” पेवेलियन, “अमृतस्य मध्यप्रदेश” नृत्य-नाटिका, नई मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति-2025 और नई एवीजीसी-एक्सआर नीति-2025 जैसे नवाचारों के साथ प्रमुख भागीदारी कर रहा है। AVGC-XR नीति 2025: मध्य प्रदेश बनेगा भारत का रचनात्मक केंद्र कार्यक्रम के तीसरे दिन शनिवार, 3 मई को दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र (एनएमएसीसी) में “डिजिटल सपनों और सिनेमाई दृष्टिकोण के साथ : मध्यप्रदेश — अगला रचनात्मक केंद्र” विषय पर पैनल डिस्कशन होगा। इस सत्र में मध्यप्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव आईटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी संजय दुबे, प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति और प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला, फिल्म प्रोड्यूसर व डायरेक्टर सुएकता कपूर, फिक्की एवीजीसी फोरम एवं एमसीसीआईए एनिमेशन व गेमिंग कमेटी के चेयरमैन आशीष एस. कुलकर्णी, अगस्त मीडिया ग्रुप के फाउंडर व सीईओ ज्योर्तिमय साहा और क्रिएटिव लैंड स्टूडियोज़ की सीईओ शोभा सेंट सम्मिलित रहेंगे। मॉडरेडर की भूमिका लेखक व पत्रकार नमन रामचंद्रन निभाएंगे। इस पैनल डिस्कशन का उद्देश्य अग्रणी उ‌द्योग हितधारकों के साथ जुड़ना और मध्यप्रदेश में फिल्म, एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्रों में संभावनाओं और अवसरों को प्रोत्साहित करना है।  

भोपाल में हुआ लोक वित्त प्रबंधन प्रणाली पर पहला क्षेत्रीय सम्मेलन

पीएफएमएस एक सुदृढ़ नेटवर्क प्रणाली, 3.48 लाख करोड़ की हुई बचत : सीजीए दुबे एसएनए-स्पर्श प्रणाली के बेहतर क्रियान्वयन में पीएफएमएस की भूमिका महत्वपूर्ण : मुख्य सचिव जैन भोपाल में हुआ लोक वित्त प्रबंधन प्रणाली पर पहला क्षेत्रीय सम्मेलन भोपाल नियंत्रक महालेखा परीक्षक श्याम सुन्दर दुबे ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए पीएफएमएस की पारदर्शिता और दक्षता के साथ निधियों के वितरण में इसकी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि पीएफएमएस एक सुदृढ़ नेटवर्क प्रणाली है, जो विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, बैंकों, भारतीय रिजर्व बैंक और नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया जैसी संस्थाओं से जुड़ी हुई है। दुबे ने कहा कि पीएफएमएस जैसी सशक्त प्रणाली से लाभार्थियों के दोहराव की और फर्जी लाभार्थियों को समाप्त कर अब तक लगभग 3.48 लाख करोड़ रुपये की बचत की है। लोक वित्त प्रबंधन प्रणाली (PFMS) पर पहला क्षेत्रीय सम्मेलन दिनांक 2 मई 2025 को भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में आयोजित किया गया। भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक (सीजीए) दुबे ने सम्मेलन का शुभारंभ किया। मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव जैन आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सम्मेलन में मध्यप्रदेश, बिहार, ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने पीएफएमएस का स्वागत करते हुए केन्द्र सरकार में अपनी प्रतिनियुक्ति के दौरान हुए इससे संबंधित अनुभव साझा किए। उन्होंने SNA-SPARSH प्रणाली के माध्यम से पीएफएमएस की उस भूमिका की सराहना की, जिसके अंतर्गत सरकार को निधियों के निष्क्रिय रूप से रखे जाने के लिए ऋण लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि पीएफएमएस आधुनिक सार्वजनिक वित्त प्रबंधन का आधार बन चुका है, जिससे राज्य सरकारें जन-कल्याणकारी योजनाओं को तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्षम हुई हैं। उन्होंने PFMS, RBI और राज्य सरकारों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए इसे डिजिटल इंडिया के विजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। सम्मेलन में पीएफएमएस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसके विभिन्न मॉड्यूल्स पर प्रस्तुतियाँ दीं। सम्मेलन में राज्य वित्त विभाग, कोषालय लेखा निदेशालय और विभिन्न राज्य सरकारों के विभागों एवं मंत्रालयों के अधिकारी सम्मिलित हुए। प्रतिभागियों को SNA-SPARSH, DBT और DBT-SPARSH जैसे मॉड्यूल्स की नवीनतम कार्यप्रणालियों की विस्तृत जानकारी दी गई। यह सम्मेलन कार्यान्वयन एजेंसियों, सरकारी विभागों तथा प्रत्यक्ष लाभार्थियों से सुझाव प्राप्त कर पीएफएमएस प्रणाली में सुधार की दिशा में मार्ग प्रशस्त करने का एक मंच सिद्ध हुआ। सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों को SNA-SPARSH से संबंधित तकनीकी प्रश्नों के समाधान भी प्रदान किए गए। निकट भविष्य में इस प्रकार की क्षेत्रीय सम्मेलन विभिन्न राज्यों में आयोजित किये जाएंगे।  

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए अधोसंरचना विकास कार्यों में गति अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए बजट का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए तथा निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की धीमी गति पर चिंता जताते हुए निर्देश दिए कि निर्माण एजेंसियों द्वारा किए गए कार्यों के भुगतान में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि कार्यों की गति बनी रहे और गुणवत्ता भी सुनिश्चित हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में स्वास्थ्य विभाग की अधोसंरचना विकास संबंधी कार्यों की वृहद समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सशक्त और जनहितकारी बनाने के लिए अधोसंरचना, मानव संसाधन, उपकरण, प्रबंधन और तकनीकी सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कार्यों की सतत निगरानी करें और सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा करें। स्वास्थ्य संस्थानों में समय पर उपलब्ध हो उपकरण एवं फर्नीचर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देशित किया कि निर्माणाधीन और पूर्ण हो चुके सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक उपकरण एवं फर्नीचर की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह देखा गया है कि भवन निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने के बावजूद उपकरणों की अनुपलब्धता के कारण संस्थानों का संचालन प्रारंभ नहीं हो पाता, जो कि अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने इस स्थिति को सुधारने के लिए सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए और कहा कि भविष्य में संचालन में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। 2 हज़ार मेडिकल ऑफिसर्स एवं विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती जुलाई-अगस्त तक होगी पूर्ण उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए मैनपॉवर की उपलब्धता बढ़ाने पर सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एमपीपीएससी द्वारा जुलाई एवं अगस्त माह तक दो हजार मेडिकल ऑफिसर्स और विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। एमपीईएसबी द्वारा नियमित रूप से भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को गति मिलेगी और दूरदराज क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ होंगी। आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान में न हो देरी उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी एवं फील्ड वर्कर ही आमजन तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच का प्रथम संपर्क होते हैं। ऐसे कर्मचारियों के वेतन भुगतान में यदि देरी होती है, तो इससे उनके मनोबल पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इन कर्मचारियों के वेतन भुगतान में किसी भी स्तर पर विलंब न हो। पे-प्रोटेक्शन आदेश शीघ्र करें जारी उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत चिकित्सकों को देय एनपीए (नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस) के भुगतान में आ रही तकनीकी समस्याओं को शीघ्र सुलझाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी बाधाओं को प्राथमिकता से दूर कर समय से भुगतान किया जाए। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के अधिष्ठाताओं के वेतन संरक्षण (पे-प्रोटेक्शन) से जुड़े निर्णय, जिन्हें कैबिनेट से मंजूरी प्राप्त है, के विभागीय आदेश शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए।  

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