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कगिसो रबाडा को खेलने की मिली मंजूरी, जल्द कर सकते हैं वापसी

नई दिल्ली गुजरात टाइटंस को आईपीएल 2025 में अपने अगले मुकाबले से पहले राहत की खबर मिली है। उसके अनुभवी तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा को खेलने की मंजूरी मिल गई है। रबाडा पर प्रतिबंधित ड्रग का सेवन करने के लिए अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन ड्रग सेवन उपचार कार्यक्रम पूरा करने के बाद अब रबाडा को गुजरात टाइटंस के लिए उपलब्ध होने की मंजूरी मिल गई है। कुछ दिनों पहले स्वदेश लौटे थे रबाडा रबाडा कुछ दिनों पहले निजी कारणों का हवाला देकर स्वदेश लौट गए थे। तेज गेंदबाज ने मौजूदा सत्र में गुजरात के लिए पहले दो मैच खेले। पंजाब किंग्स के खिलाफ उन्होंने 41 रन देकर सिर्फ एक विकेट हासिल किया। इसके बाद मुंबई के खिलाफ उन्होंने 42 रन खर्च किए और महज एक ही विकेट हासिल किया। बाद में पता चला था कि उन्हें क्रिकेट के सभी प्रारूपों से निलंबित किया गया है। रबाडा का निलंबन पूरा हुआ दक्षिण अफ्रीका ड्रगरहित खेल संस्थान के एक बयान के अनुसार रबाडा अब मैदान पर उतर सकते हैं। रबाडा निलंबन पूरा करके गुजरात टीम से जुड़ चुके हैं। गुजरात का सामना मंगलवार को मुंबई इंडियंस से होगा। रबाडा को जनवरी में एसए20 के दौरान डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया था। विज्ञप्ति में कहा गया, रबाडा प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन के दोषी पाए गए थे और उन्हें एक अप्रैल 2025 को इसके बारे में सूचित कर दिया गया था। उन पर अस्थायी निलंबन लगाया गया और वह तुरंत भारत से दक्षिण अफ्रीका लौट आए। दक्षिण अफ्रीका डोपिंग निरोधक नियमों के अनुसार खिलाड़ी को ड्रग सेवन उपचार कार्यक्रम पूरा करने की पेशकश की गई थी। उपचार कार्यक्रम के दो सत्र रबाडा ने संतोषजनक ढंग से पूरे किएजिससे उन पर लगा निलंबन हटाया गया। वह एक महीने निलंबन झेल चुके हैं और अब खेल में लौट सकते हैं।   विकेटकीपर बल्लेबाज, सुपरकिंग्स ने किया रिप्लेसमेंट का एलान     कोकीन, हेरोइन , एमडीएमए और गांजा उन पदार्थों में से है जिनके लिए रबाडा पर निलंबन लगाया गया था। इसके लिए अधिकतम चार साल का प्रतिबंध लगाया जाता है, लेकिन खिलाड़ी अगर साबित कर दे कि यह स्पर्धा से बाहर हुआ है और प्रदर्शन में सुधार के लिए नहीं है तो प्रतिबंध घटाकर तीन महीने का किया जा सकता है। वह उपचार कार्यक्रम में भाग लेने को राजी हो जाए तो इसे घटाकर एक महीने का किया जा सकता है।  

टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हर दिन आ रहे नए आयाम, अगले 5 सालों में बदल देगी हमारी जिंदगी

नई दिल्ली टेक्नोलॉजी की दुनिया में हर दिन नए आयाम सामने आ रहे हैं। आने वाले 5 सालों में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जबरदस्त बदलाव देखने को मिलेंगे। रोजमर्रा की जिंदगी से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार और पर्यावरण तक सभी इसके गवाह बनेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 5G से 6G नेटवर्क, स्मार्ट हेल्थ डिवाइसेज़, क्वांटम कंप्यूटिंग और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे कुछ बदलाव हम आने वाले समय में देखेंगे। ये बदलाव हमें स्मार्ट बनाने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए भी तैयार करेंगे। इससे आम लोगों की जिंदगी की क्वालिटी पर गहरा असर भी होगा। आज हम भविष्य में आने वाली 5 ऐसी टेक्नोलॉजी के बारे में बात करेंगे जो अगले पांच साल में हमारी जिंदगी का चेहरा पूरी तरह से बदल देंगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जनरेटिव AI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऐसी तकनीक है जो इंसानों की तरह सोच सकती है। इस पर आज तेजी से काम हो रहा है और आने वाले समय में यह हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन जाएगा। जैसे अब कुछ समय से लोगों के लिए ChatGPT से सवाल-जवाब करना आम हो गया है, कुछ उसी तरह आने वाले सालों में AI हमारी पढ़ाई, ऑफिस का काम, हेल्थ और खरीदारी सबमें मदद करेगा। जैसे कि अगर आप एक बिजनेस चलाते हैं, तो AI आपके लिए ऑटोमैटिक रिपोर्ट बनाएगा, ग्राहक के सवालों का जवाब देगा। इसी तरह जनरेटिव AI जैसे टूल्स से आप वीडियो, म्यूजिक, या डिजाइन बेहद आसानी से खुद बना पाएंगे। आने वाले 5 सालों में बच्चे होमवर्क में, शिक्षक पढ़ाने में और बुज़ुर्ग दवा की जानकारी के लिए AI की मदद लेते नजर आएंगे। 5G और 6G टेक्नोलॉजी 5G इंटरनेट पहले से कहीं तेज है, और 6G इससे भी 100 गुना तेज होगा। इसका सबसे बड़ा असर यह होगा कि ऑनलाइन सर्विसेज का इस्तेमाल इस तरह से किया जा सकेगा कि मानो वह आपके डिवाइस का इनबिल्ट हिस्सा हैं। कहने का मतलब है कि मोबाइल, टीवी, और स्मार्ट डिवाइसेज बिना रुकावट बहुत तेजी से काम कर पाएंगे। 5G और आगे 6G की वजह से आप गांव में डॉक्टर से लाइव वीडियो कॉल पर तुरंत इलाज ले पाएंगे। बच्चों की पढ़ाई भी AR और VR क्लासरूम से होगी। स्टूडेंट्स घर बैठे वर्चुअल क्लासरूम में पढ़ाई कर पाएंगे। साथ ही, स्मार्ट होम्स में हर चीज जैसे पंखा, बल्ब, दरवाजा जैसी चीजें ऐप से कंट्रोल हो सकेंगी। ये टेक्नोलॉजी हमारे जीवन को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगी। क्वांटम कंप्यूटिंग क्वांटम कंप्यूटर बहुत ही एडवांस कंप्यूटर होते हैं जो एक साथ लाखों गणनाएं कर सकते हैं। अभी के कंप्यूटर एक समय में एक काम करते हैं, लेकिन क्वांटम कंप्यूटर एक साथ कई मुश्किल काम बहुत तेजी से कर पाएंगे। इसे कुछ इस तरह समझ सकते हैं कि अगर आज एक दवा बनाने में 5 साल का समय लगता है, तो क्वांटम कंप्यूटर से वही काम कुछ घंटों में हो सकता है। ये तकनीक बैंकिंग में धोखाधड़ी रोकने, मौसम की सटीक भविष्यवाणी करने और साइबर सुरक्षा में भी जबरदस्त बदलाव लाएगी। आम आदमी के लिए ये तकनीक धीरे-धीरे काम में आएगी लेकिन इसका असर पूरे सिस्टम पर दिखने लगेगा। मेडिकल, रिसर्च और यहां तक कि सरकार की योजनाओं में भी इसे अपनाया जाने लगेगा। हेल्थ टेक्नोलॉजी और बायोटेक आज भी हेल्थ टेक्नोलॉजी इतने जबरदस्त तरीके से आगे बढ़ रही है कि आपकी घड़ी या अंगूठी भी बता सकती है कि आपका ब्लड प्रेशर या ऑक्सीजन लेवल कितना है। आने वाले सालों में ये टेक्नोलॉजी और बेहतर होगी। आप स्मार्टवॉच से पता लगा पाएंगे कि आपको डायबिटीज का खतरा है या नहीं? या फिर दिल तंदरुस्त है कि नहीं। इतना ही नहीं फोन में मौजूद AI डॉक्टर आपकी हेल्थ रिपोर्ट देखकर तुरंत इलाज का सुझाव देगा। वर्चुअल डॉक्टर से वीडियो कॉल पर सलाह लेना आज भी एक आम बात हो गई है। दवाओं की डिलीवरी भी ड्रोन या रोबोट के जरिए हुआ करेगी। इस तकनीक के गांवों तक पहुंचने से कई लोगों को इसका फायदा मिलेगा। सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी टेक्नोलॉजी के विकास की रफ्तार भले तेज हुई हो लेकिन अब कंपनियां पृथ्वी की खातिर ऐसी तकनीकें लेकर आ रही हैं जो पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं। इसे ही सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी कहते हैं। आने वाले सालों में सोलर पैनल से बिजली बनाना, इलेक्ट्रिक गाड़ियां, प्लास्टिक की जगह बायोडिग्रेडेबल चीजें इस्तेमाल करना आम हो जाएगा। ये सब ग्रीन टेक्नोलॉजी का हिस्सा होगा। सरकार भी ऐसी टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देगी और आम जनता के लिए इन्हें सस्ता बनाया जाएगा। ये बदलाव आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित बनाएगा।

मतदाता सूची अब अपने आप होगी अपडेट, सीधे जन्म-मृत्यु रजिस्टर से मिलेगा डेटा

नई दिल्ली निर्वाचन आयोग वोटर लिस्ट अपडेट करने और चुनावी प्रक्रिया को और सटीक बनाने के लिए नई पहल शुरू कर रहा है. आयोग अब वोटर लिस्ट में सटीक सुधार के लिए सर्वेक्षण के साथ-साथ  स्थानीय निकायों से डेथ सर्टिफिकेट का डेटा भी लेगा.   आयोग ने मतदाता सूचियों की सटीकता में सुधार लाने तथा नागरिकों के लिए मतदान प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से इस नई पहल को शुरू किया है. ये उपाय भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने हाल ही में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) के सम्मेलन के दौरान चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी की उपस्थिति में हुई चर्चा पर अमल के अनुरूप की हैं. इलेक्ट्रॉनिक रूप से डेटा लेगा आयोग आयोग अब मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के नियम 9 और जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (जैसा कि 2023 में संशोधित किया गया है) की धारा 3(5)(बी) के अनुरूप भारत के महापंजीयक से इलेक्ट्रॉनिक रूप से मृत्यु पंजीकरण डेटा प्राप्त करेगा. इससे ये सुनिश्चित होगा कि निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को पंजीकृत मौतों के बारे में वक्त पर जानकारी मिले. इससे बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) भी फॉर्म 7 के तहत औपचारिक अनुरोध की प्रतीक्षा किए बिना, फील्ड विजिट के माध्यम से जानकारी को फिर से सत्यापित करने में सक्षम होंगे. नाम काटकर अपडेट कर देंगे वोटर लिस्ट चुनाव आयोग ने बताया, वोटर के इलाके के बीएलओ उनके घर जाकर इस बात को सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए परिवार के वोटर के डेथ होने के बाद वोटर लिस्ट से नाम कटवाने के लिए जो फार्म नंबर-7 भरना होता था। उसका इंतजार किए बिना बीएलओ वोटर लिस्ट से उसका नाम काटकर वोटर लिस्ट को अपडेट कर सकेंगे। जारी किए जा रहे विशेष आईडी कार्ड चुनाव आयोग का यह कदम इस साल मार्च में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा पैन इंडिया सीईओ कॉन्फ्रेंस में उठाए गए कदमों के अनुरूप है। इसके अलावा चुनाव के दौरान वोटरों को मिलने वाली वोटर इन्फर्मेशन स्लिप को भी और अधिक वोटर फ्रेंडली बनाया जा रहा है। इसके डिजाइन में बदलाव करते हुए पर्ची के टॉप में ही पार्ट नंबर और सीरियल नंबर को बोल्ड अक्षरों में लिखा जाएगा। इसके अलावा वोटरों के घरों में जाने वाले बीएलओ के लिए आयोग की तरफ से वोटरों और उनके परिवार की सुरक्षा की दृष्टि से विशेष आईडी कार्ड जारी किए जा रहे हैं। ताकि वोटरों को यह सुनिश्चित हो सके कि बीएलओ असली सरकारी कर्मचारी है। मतदाता सूचना पर्चियों में होगा बदलाव मतदाता सूचना पर्चियों (VIS) को मतदाताओं के लिए अधिक अनुकूल बनाने के लिए आयोग ने इसके डिजाइन में भी बदलाव करने का फैसला किया है. मतदाता की क्रम संख्या और भाग संख्या अब अधिक प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएगी. साथ ही मतदान केंद्र की जानकारी देने वाले फ़ॉन्ट का आकार भी बढ़ाया जाएगा, जिससे मतदाताओं के लिए अपने मतदान केंद्र की पहचान करना आसान हो जाएगा. साथ ही मतदान अधिकारियों के लिए मतदाता सूची में उनके नाम को कुशलतापूर्वक ढूंढना भी आसान हो जाएगा. आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13बी(2) के तहत ईआरओ द्वारा नियुक्त सभी बीएलओ को मानक फोटो पहचान पत्र जारी किए जाएं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मतदाता सत्यापन और पंजीकरण अभियान के दौरान नागरिक बीएलओ को पहचान सकें और उनके साथ विश्वासपूर्वक बातचीत कर सकें. चुनाव संबंधी कर्तव्यों के निष्पादन में मतदाताओं और ईसीआई के बीच पहले इंटरफेस के रूप में, यह महत्वपूर्ण है कि घर-घर जाकर काम करने के दौरान बीएलओ को जनता आसानी से पहचान सके.  

उज्जैन सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच झाबुआ में भी एयर सेवा शुरू होने की उम्मीद बंधी

 झाबुआ उज्जैन सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच मध्य प्रदेश के झाबुआ में भी एयर सेवा शुरू होने की उम्मीद बंधी है। इसके लिए जिला मुख्यालय से महज 4 कि.मी दूर ग्राम गोपालपुरा में स्थित एयर स्ट्रीप के विस्तार के लिए करीब 52 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा है, जिसे जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है।  फिलहाल, वीआइपी विजिट के दौरान इसी एयर स्ट्रीप पर हेलीकॉप्टर उतरते हैं। चूंकि, एयर स्ट्रीप की लंबाई महज 792 मीटर है। इसलिए यहां बड़े प्लेन नहीं उतारे जा सकते। इसके लिए रन-वे की लंबाई बढ़ानी होगी। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा था। इसमें रनवे की लंबाई 2600 मीटर की जाएगी। साथ ही, आधारभूत ढांचे के रूप में विमान हेंगर, नियंत्रण कक्ष, विद्युतीकरण और बाउंड्रीवाल का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। वन विभाग से ली जाएगी जमीन रन-वे की लंबाई के लिए अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता होगी। इसके लिए वन विभाग से अनुमति लेकर भूमि का हस्तांतरण करना होगा। क्योंकि, रनवे के विस्तार के लिए जो जमीन चाहिए वो वन विभाग के अधीन है। एयर स्ट्रीप के विस्तार से फायदा उज्जैन सिंहस्थ के दौरान इंदौर एयरपोर्ट पर ट्रैफिक बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा। ऐसे में झाबुआ की एयर स्ट्रीप के विस्तार से यहां पर भी छोटे प्लेन उतारे जा सकेंगे। फिर तीर्थ यात्री और पर्यटक सड़क मार्ग से सीधे उज्जैन जा सकेंगे। खास बात ये है कि, पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा और पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा में भी झाबुआ की एयर स्ट्रीप का नाम शामिल है। 35 साल पहले हुआ था निर्माण लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, झाबुआ के गोपालपुरा में एयर स्ट्रीप का निर्माण 35 साल पहले वर्ष 1989-90 में हुआ था। मौजूदा समय में वीआइपी विजिट के दौरान यहीं पर हेलीकॉप्टर लैंड होते हैं। दो बार झाबुआ दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हेलीकॉप्टर से यहीं उतरे थे। एविएशन ट्रेनिंग सेंटर खोले जाने की योजना विफल गोपालपुरा में एविएशन ट्रेनिंग सेंटर खोले जाने की योजना थी। इसके लिए वर्ष 2006-07 में एयरोस्पेस एकेडमी आफ सेंट्रल इंडिया और राज्य शासन के बीच करार भी हुआ था। इसके तहत एयर स्ट्रीप को 10 साल के लिए लीज पर दिया था। हालांकि बात आगे नहीं बढ़ सकी और बाद में अनुबंध भी रद्द हो गया। एयर स्ट्रीप के विस्तारीकरण का प्रस्ताव भेजा है झाबुआ लोक निर्माण विभाग के ईई आरिफ मोहम्मद गौरी का कहना है कि, झाबुआ के गोपालपुरा में स्थित एयर स्ट्रीप के विस्तारीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा है। उज्जैन सिंहस्थ को देखते हुए जल्द ही प्रस्ताव मंजूर होने की उम्मीद है। जिले के विकास और पर्यटन दोनों ही दृष्टि से ये बेहतर होगा।

आईपीएल 2025 : अपने पहले ही सीजन में चमके ये आठ खिलाड़ी, दो ने शतक लगाकर मचाया तहलका

नई दिल्ली आईपीएल 2025 में अब तक 54 मैच खेले जा चुके हैं। धीरे-धीरे यह लीग अपने अंजाम तक पहुंचने जा रही है। इस सीजन कई ऐसे खिलाड़ी मिले, जिन्होंने अपने पहली ही सीजन में मिले मौके को पूरी तरह भुनाया। इनमें से कुछ ने शतक लगाकर तहलका मचा दिया। वहीं, कुछ ने गेंदबाजी में अपनी धाक जमाई। इस लिस्ट में आठ खिलाड़ी हैं, जिनमें से चार बल्लेबाज और तीन गेंदबाज हैं, एक गेंदबाजी ऑलराउंडर है। लिस्ट में दो की उम्र 18 साल से भी कम है, जबकि दो की उम्र 25 साल है और बाकी की उम्र 18 से 25 साल के बीच में है। हालांकि, कुछ ऐसे खिलाड़ी भी हैं जिन्होंने एक या दो मैच में अच्छा प्रदर्शन किया और फिर बेंच पर बैठा दिए गए। आइए इन खिलाड़ियों के बारे में जानते हैं… प्रियांश आर्या दिल्ली प्रीमियर लीग में अपनी धाक जमाने के बाद इस खिलाड़ी को आईपीएल नीलामी में पंजाब किंग्स ने काफी उम्मीदों के साथ खरीदा। प्रियांश पंजाब की उम्मीदों पर खरे उतरे। उन्हें ओपनिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस बल्लेबाजी ने अब तक इस लीग में 11 पारियों में 31.54 की औसत और 192.77 के स्ट्राइक रेट से 347 रन बनाए हैं। इसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है। प्रियांश ने चेन्नई के खिलाफ 103 रन की पारी खेली थी। उन्होंने 39 गेंद पर शतक जड़ा था। आगे चलकर यह 23 साल का युवा बल्लेबाज बड़े रिकॉर्ड बना सकता है। दिल्ली प्रीमियर लीग में प्रियांश ने एक ओवर में लगातार छह गेंद पर छह छक्के जड़े थे। आयुष म्हात्रे इस 17 साल के युवा बल्लेबाज ने अपनी बल्लेबाजी से तहलका मचा दिया है। आयुष को नीलामी में किसी ने नहीं खरीदा था। बीच सीजन में वह रिप्लेसमेंट के तौर पर चेन्नई सुपर किंग्स की टीम से जुड़े और अपनी हिटिंग पावर से उन्होंने लोगों को दिवाना बना दिया है। आयुष ने अब तक लीग में चार पारियों में 40.75 की औसत और 185.22 के स्ट्राइक रेट से 163 रन बनाए हैं। इनमें एक अर्धशतक शामिल है। उन्होंने आरसीबी के खिलाफ 94 रन की पारी में जो शॉट्स लगाए वह देखने लायक थे। चेन्नई की टीम में म्हात्रे एकमात्र सकारात्मक चीज बनकर सामने आए हैं। अनिकेत वर्मा 23 साल के इस युवा बल्लेबाज को सनराइजर्स हैदराबाद ने मध्यक्रम की जिम्मेदारी सौंपी। इस बल्लेबाज ने कुछ पारियों में भविष्य की झलक दिखाई। अनिकेत की खूबी है कि वह क्रिकेटिंग शॉट्स के साथ अनॉर्थोडॉक्स शॉट्स भी लगा सकते हैं। उन्होंने अब तक नौ पारियों में 24.12 की औसत और 144.11 के स्ट्राइक रेट से 193 रन बनाए हैं। दिल्ली के खिलाफ 74 रन की पारी उनकी अब तक की सर्वश्रेष्ठ पारी रही है। हालांकि, उनकी टीम का प्रदर्शन इस साल बेहद खराब रहा। वैभव सूर्यवंशी 14 साल के इस ओपनर ने नीलामी में बिकते ही नाम कमा लिया था। उन्हें राजस्थान ने 1.1 करोड़ रुपये के भारी भरकम राशि में खरीदा था। एक युवा पर इतने रुपये खर्च करने के पीछे की योजना किसी को समझ नहीं आई थी। हालांकि, गुजरात टाइटंस के खिलाफ 35 गेंद पर शतक ने बता दिया कि कोच द्रविड़ ने उन्हें क्यों तवज्जो दी। वैभव ने अपने दम पर राजस्थान को जीत दिलाई थी। इस बल्लेबाज ने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत ही छक्का लगाकर की थी। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज के पास दमखम है और आने वाले समय में यह युवा बल्लेबाज भारत के लिए खेलता भी दिखाई पड़ सकता है। वैभव ने अब तक इस सीजन पांच पारियों में 31 की औसत और 209.45 के बेहतरीन स्ट्राइक रेट से 155 रन बनाए हैं। इनमें एक शतक शामिल है। दिग्वेश राठी 25 साल के इस स्पिनर ने कमाल की गेंदबाजी की है। लखनऊ सुपर जाएंट्स ने उन पर दांव खेलकर काफी अच्छा काम किया। अपनी मिस्ट्री गेंदों की वजह से यह गेंदबाज पावरप्ले, मध्य के ओवरों या फिर डेथ ओवरों में भी घातक साबित हुआ है। दिग्वेश ने अब तक इस सीजन 11 मैचों में 12 विकेट लिए हैं। उनका इकोनॉमी रेट 8.09 का रहा है, जबकि 30 रन देकर दो विकेट उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी रही है। दिग्वेश न सिर्फ अपनी गेंदबाजी बल्कि अपने सेलिब्रेशन के लिए भी चर्चा में रहे। विपराज निगम दिल्ली कैपिटल्स के लिए विपराज एक बेहद शानदार ऑलराउंडर बनकर उभरे हैं। इस सीजन दिल्ली के पहले ही मैच में विपराज ने बल्ले के दम पर अपनी टीम को मैच जिताया था। यह गेंदबाज अपनी लेग स्पिन से कहर बरपाने में कामयाब रहा है। 20 साल के विपराज ने अब तक इस सीजन 10 मैचों में नौ विकेट लिए हैं। उनका इकोनॉमी रेट 9.48 का रहा है। 18 रन देकर दो विकेट उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी है। सिर्फ बल्ले से नहीं, लोअर ऑर्डर में वह पावर हिटिंग की भी क्षमता रखते हैं। उन्होंने छह पारियों में बल्लेबाजी की है और 20.80 की औसत और 203.92 के बेहतरीन स्ट्राइक रेट से 104 रन बनाए हैं। विपराज भारतीय टीम में जल्दी खेलते हुए दिख सकते हैं। विपराज यूपी से हैं और उत्तर प्रदेश प्रीमियर लीग में भी उन्होंने कमाल किया था। अश्विनी कुमार मुंबई इंडियंस के इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने अपने डेब्यू मैच में ही तहलका मचा दिया था। इस गेंदबाज को अब तक तीन मैच ही खेलने का मौका मिला है, लेकिन उन्होंने छह विकेट लिए हैं। इस दौरान उनका इकोनॉमी रेट 13.12 का रहा है। डेब्यू मैच पर 23 साल के अश्विनी ने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 24 रन देकर चार विकेट लिए थे। हालांकि, उनके लिए अगले दो मैच उम्मीद के मुताबिक नहीं गए और एक-एक विकेट लिए। साथ ही बुमराह की वापसी की वजह से अश्विनी को बेंच पर बैठना पड़ा। हालांकि, उनके पास स्विंग है और वह आगे चलकर बड़े स्टार बन सकते हैं। विग्नेश पुथुर अश्विनी की तरह पुथुर भी बस एक-दो मैच में चले। हालांकि, अपने डेब्यू पर इस बाएं हाथ के स्पिनर ने काफी परिपक्वता दिखाई और मुश्किल समय में घबराए नहीं। इस गेंदबाज ने पांच मैच खेले और छह विकेट लिए। 32 रन देकर तीन विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन रहा। उनका इकोनॉमी रेट 9.08 का रहा। हालांकि, पांच मैच के बाद उन्हें मौका नहीं … Read more

नौ बार प्लेऑफ में पहुंची आरसीबी, एक बार भी नहीं जीती खिताब

नई दिल्ली आईपीएल 2025 में प्लेऑफ की जंग दिलचस्प हो चली है। 54 मैच खेले जा चुके हैं और अब तक सिर्फ दो टीमें- चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स ही प्लेऑफ की रेस से बाहर हुई है। आठ टीमें अब भी अंतिम-चार में पहुंचने की दौड़ में हैं। अब तक सबसे ज्यादा बार प्लेऑफ में पहुंचने का रिकॉर्ड पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स के नाम है, लेकिन यह टीम इस साल सबसे आखिरी 10वें स्थान पर है। वहीं, दूसरे नंबर पर मुंबई इंडियंस है। तीसरे स्थान पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, चौथे स्थान पर सनराइजर्स हैदराबाद और पांचवें स्थान पर कोलकाता नाइट राइडर्स है। हालांकि, शीर्ष पांच में एक आरसीबी ही है, जिसके नाम अनचाहा रिकॉर्ड है। शीर्ष पांच टीमों में आरसीबी ही एकमात्र टीम है, जिसने अभी तक एक भी बार आईपीएल का खिताब नहीं जीता है। आइए जानते हैं… चेन्नई सुपर किंग्स सीएसके की टीम आईपीएल के प्लेऑफ में 12 बार पहुंच चुकी है। इनमें से पांच बार टीम ने खिताब भी अपने नाम किया है। टीम 2010, 2011, 2018, 2021 और 2023 में खिताब जीत चुकी है। सभी खिताब महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में आए हैं। सीएसके के नाम प्लेऑफ में सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड भी है। उसने प्लेऑफ में 26 मैच खेले हैं और 17 में जीत हासिल की है। नौ मैचों में टीम को हार मिली है। मुंबई इंडियंस मुंबई इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर है। यह टीम 10 बार प्लेऑफ में पहुंच चुकी है और इसमें से खिताब पांच बार जीत चुकी है। मुंबई ने 2013, 2015, 2017, 2019 और 2020 में खिताब जीता था और यह सभी खिताब रोहित शर्मा की कप्तानी में आए थे। हालांकि, इस बार भी टीम के प्लेऑफ में पहुंचने की प्रबल संभावना है। मुंबई ने प्लेऑफ में चेन्नई के बाद दूसरे सबसे ज्यादा मैच खेले हैं। इस टीम ने प्लेऑफ में 20 मैच खेले हैं और 13 में जीत हासिल की है। सात में टीम को हार का सामना करना पड़ा है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु आरसीबी सबसे ज्यादा बार प्लेऑफ में पहुंचने वाली तीसरी टीम है। यह टीम अभी तक नौ बार प्लेऑफ में पहुंची है, लेकिन कभी खिताब नहीं जीत सकी है। टीम के इस बार भी प्लेऑफ में पहुंचने की प्रबल संभावना है। क्या इस बार यह टीम जीत का सूखा खत्म कर पाएगी? यह तो वक्त ही बताएगा। पिछले सीजन आरसीबी को एलिमिनेटर में राजस्थान रॉयल्स ने हराया था। आरसीबी का प्लेऑफ में रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। टीम अंतिम चार में 15 मैच खेल चुकी है और इसमें से सिर्फ पांच मैच जीते हैं। 10 मैचों में आरसीबी को हार का सामना करना पड़ा है। सनराइजर्स हैदराबाद हैदराबाद की टीम अब तक प्लेऑफ में नौ बार पहुंच चुकी है और इनमें से दो बार खिताब जीती है। सनराइजर्स से पहले डेक्कन चार्जर्स की फ्रेंचाइजी एडम गिलक्रिस्ट की कप्तानी में 2009 में खिताब अपने नाम किया था। सनराइजर्स की टीम 2016 में डेविड वॉर्नर की कप्तानी में खिताब जीती थी। पिछली बार टीम पैट कमिंस की कप्तानी में फाइनल में तो पहुंची लेकिन उन्हें कोलकाता नाइट राइडर्स ने हरा दिया था। सनराइजर्स हैदराबाद ने प्लेऑफ में 14 मैच खेले हैं और छह मैच जीते हैं। आठ मैचों में एसआरएच को हार का सामना करना पड़ा है। इस बार सनराइजर्स की टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है और प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना कम है। कोलकाता नाइट राइडर्स केकेआर की टीम प्लेऑफ में आठ बार पहुंची है। इसमें से तीन बार 2012, 2014 और 2024 में टीम खिताब जीतने में कामयाब रही है। दो खिताब गंभीर की कप्तानी में और एक श्रेयस अय्यर की कप्तानी में केकेआर ने अपने नाम किए हैं। हालांकि, केकेआर का  प्लेऑफ में रिकॉर्ड अच्छा रहा है। 15 मैचों में टीम 10 मैच जीत चुकी है। पांच में केकेआर को हार मिली है। हालांकि, इस बार टीम को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए काफी जूझना पड़ रहा है। 

तबादलों पर बनी नई व्‍यवस्‍था: अधिकारियों की जिले में पदस्थापना शासन ही तय करेगा

भोपाल जिले के अंदर किस अधिकारी को कहां पदस्थ करना है या उससे क्या काम लेना है, यह अब प्रभारी मंत्री तय करेंगे। अभी व्यवस्था यह है कि सरकार राज्य पुलिस सेवा या फिर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी का जिले में तबादला कर देती है और वहां पदस्थापना कलेक्टर करते हैं। अब इसके लिए कलेक्टर को प्रभारी मंत्री से सहमति लेनी होगी। इसके बाद ही पदस्थापना कर पाएंगे। उल्लेखनीय है कि पुलिस मुख्यालय ने सरकार से यह अधिकार मांगा था, जिले के भीतर पदस्थापना का अधिकार पुलिस अधीक्षक को दे दिया जाए, जिस पर सहमति नहीं बनी और प्रस्ताव लौटा दिया था। वर्ष 2025-26 की तबादला नीति में सरकार ने जिले के भीतर तबादले और पदस्थापना में प्रभारी मंत्री को अधिकार संपन्न बनाया है। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की पदस्थापना सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जिले में की जाएगी। जिले में डिप्टी कलेक्टर या संयुक्त कलेक्टर की अनुविभाग में पदस्थापना या अनुविभाग परिवर्तन कलेक्टर करेंगे लेकिन इसके लिए प्रभारी मंत्री से परामर्श कर सहमति लेनी होगी। सहमति होने पर ही आदेश जारी किए जा सकेंगे। तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के संबंध में भी यही व्यवस्था लागू रहेगी। उप पुलिस अधीक्षक स्तर से नीचे के अधिकारियों की जिले के भीतर पदस्थापना पुलिस अधीक्षक प्रभारी मंत्री से पूछकर करेंगे।

छत्तीसगढ़ में आज फिर मौसम लेगा करवट, आंधी-बारिश की चेतावनी

रायपुर छत्तीसगढ़ में बीते कुछ दिनों से तापमान सामान्य से कम रहने के चलते गर्मी से राहत बनी हुई है। आज फिर मौसम करवट लेगा। प्रदेश में आज अंधड़, वज्रपात और बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक मौसम इसी तरह बने रहने की संभावना है। इसके बाद तापमान में 1-3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि  मध्य उत्तर प्रदेश से दक्षिण तमिलनाडु तक एक उत्तर दक्षिण द्रोणिका 0.9 किलोमीटर ऊंचाई पर फैला हुआ है। साथ ही अन्य चक्रवाती परिसंचरण भी एक्टिव है, जिसके प्रभाव से नमी बनी हुई है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ अंधड़ चलने, हल्की बारिश और वज्रपात होने की भी संभावना है। इसके अलावा प्रदेश में अधिकतम तापमान में वृद्धि का दौर प्रारंभ होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान रायपुर में 37.2 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान पेण्ड्रा रोड में 18.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 23 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 3 घंटों के लिए 23 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने का अलर्ट जारी किया है। कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर, में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, अचानक तेज हवा (30-40 KMPH) और वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है। रायपुर में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट रायपुर में आज मौसम आंशिक मेघमय रहने और गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

EPFO खाताधारकों को अब प्रोफाइल अपडेट करना, नौकरी बदलने पर पीएफ खाता ट्रांसफर करना हुआ आसान

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्‍य निध‍ि संगठन के खाताधारकों और कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है । ईपीएफओ ने साल 2025 में कई बड़े और अहम बदलाव किए हैं।इनमें प्रोफाइल अपडेट करना, नौकरी बदलने पर पीएफ खाता ट्रांसफर करना या फिर अधिक पेंशन से जुड़ी नीतियों से जुड़े नियम शामिल है। इनका मकसद कर्मचारियों को कम से कम समय में अधिक से अधिक सुविधा देना, प्रक्रियाओं को डिजिटल करना है ताकी पारदर्शिता बनी रही।इससे करोड़ों खाताधारक लाभान्वित होंगे। आईए जानते है इस साल हुए बड़े बदलावों को विस्तार से…. प्रोफाइल अपडेट करना आसान     ईपीएफ सदस्य अब बिना किसी डॉक्यूमेंट अपलोड किए अपने आधार से जुड़े यूएएन को अपडेट कर सकते हैं। अगर UAN को आधार के साथ लिंक्‍ड किया गया है तो ईपीएफ सदस्य बिना कोई दस्तावेज अपलोड किए अपना नाम, डेट ऑफ बर्थ, जेंडर, राष्ट्रीयता, पिता या माता का नाम, मैरिटल स्‍टेटस जैसी अन्य व्यक्तिगत जानकारियां अपडेट कर सकते हैं।     इसके लिए किसी भी तरह के अन्‍य दस्‍तावेज की आवश्‍यकता नहीं होगी। इससे 6 करोड़ से ज्यादा मेंबर्स को लाभ मिलेगा। हालांकि, यदि ग्राहक का यूएएन 1 अक्तूबर 2017 से पहले का है, तो कुछ चीजों में बदलाव के लिए उन्हें नियोक्ता की मंजूरी की जरूरत हो सकती है। नौकरी बदलते समय पीएफ अकाउंट ट्रांसफर     ईपीएफओ ने नौकरी बदलने पर पीएफ अकाउंट्स को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को आसान बना दिया है। इससे 1 करोड़ 25 लाख से अधिक मेंबर्स को फायदा होगा।     अब तक पीएफ जमा राशि के ट्रांसफर में दो कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) कार्यालय शामिल थे- स्रोत कार्यालय, जहां से पीएफ राशि ट्रांसफर की जाती थी और गंतव्य कार्यालय, जहां आखिरी तौर से राशि जमा की जाती थी लेकिन अब ईपीएफओ ने फॉर्म 13 में बदलाव किया है।     इससे डेस्टिनेशन ऑफिस में ट्रांसफर क्लेम की मंजूरी की जरूरत खत्म हो गई है। ट्रांसफर ऑफिस से ट्रांसफर क्लेम मंजूर होने के बाद पिछले अकाउंट की रकम ऑटोमैटिक डेस्टिनेशन ऑफिस में मेंबर के अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगी। अब क्लेम सेटलमेंट करना होगा आसान     ईपीएफओ ने ऑनलाइन पैसे निकालने के लिए कुछ नियमों में बदलाव किया है।इसके तहत अब कैंसिल चेक और बैंक अकाउंट के लिए एम्प्लॉयर (वह कंपनी जहां काम करते हैं) से वेरिफिकेशन करवाने की जरूरत नहीं होगी।     दरअसल, EPFO के सदस्यों को PF खातों से ऑनलाइन धनराशि निकालने के लिए आवेदन करते समय, UAN या PF नंबर से जुड़े बैंक खाते की चेक लीफ या पासबुक की सत्यापित फोटो कॉपी अपलोड करनी होती है।     नियोक्ताओं को भी आवेदक के बैंक खाते के विवरण को स्वीकृत करना आवश्यक है लेकिन अब अब EPFO मेंबर्स को अपने बैंक अकाउंट को वेरीफाई करने की जरूरत नहीं होगी।     ऑनलाइन दावा दाखिल करते समय चेक या सत्यापित बैंक पासबुक की तस्वीर अपलोड करने की जरूरत को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। UMANG: UAN नंबर जनरेट व एक्टिव करना आसान     ईपीएफओ ने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जेनरेट और एक्टिवेट करने के लिए फेस ऑथंटिकेशन टेक्नॉलजी की सुविधा शुरू कर दी है।अब उमंग ऐप इस्तेमाल करके कर्मचारी आधार फेस ऑथेन्टिकेशन टेक्नॉलजी से अपने आप अपना UAN बना सकते हैं।     जिन सदस्यों के पास पहले से ही यूएएन है लेकिन उन्होंने अभी तक इसे सक्रिय नहीं किया है, वे अब आसानी से उमंग ऐप के माध्यम से अपना यूएएन सक्रिय कर सकते हैं। प्लेस्टोर से उमंग ऐप डाउनलोड कर सकते है। जॉइंट डिक्लेरेशन की प्रक्रिया सरल     ईपीएफओ ने 16 जनवरी 2025 को संयुक्त घोषणा (जेडी) की प्रक्रिया के संबंध में नए दिशानिर्देश जारी किए। पहले इस बारे में एसओपी संस्करण 3.0 लागू था, जिसे अब हटा दिया गया है और सदस्यों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है।     जैसे- जिनका यूएएन आधार आधारित है- वे ऑनलाइन जेडी कर सकते हैं। जिनका यूएएन पुराना है लेकिन आधार से सत्यापित है- वे भी ऑनलाइन जेडी कर सकते हैं। जिनके पास यूएएन नहीं है, आधार सत्यापित नहीं है या सदस्य की मृत्यु हो गई है- उनके लिए भौतिक जेडी का प्रावधान है। सीपीपीएस पेंशन भुगतान की नई व्यवस्था     1 जनवरी 2025 से ईपीएफओ ने एक नई व्यवस्था शुरू की है, जिसका नाम है सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS)। इसके तहत एनपीसीआई प्लेटफॉर्म के जरिए पेंशन योजना के दायरे में आने वाले पेंशनर्स किसी भी बैंक या उसकी ब्रांच से अपनी पेंशन निकाल सकेंगे।     नए सिस्टम से EPFO के 78 लाख से ज्यादा EPS पेंशन भोगियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्रीय कार्यालयों के बीच पीपीओ ट्रांसफर की जरूरत खत्म हो जाएगी। अगर गलती से कोई क्लेम किसी दूसरे ऑफिस में भेज दिया गया है तो उसे वापस उसी ऑफिस में भेजा जाएगा जहां से क्लेम आया था।

UPI पेमेंट का अंदाज16 जून से बदल जाएगा, 15 सेकंड में पूरा होगा लेनदेन, पहले कितना टाइम लगता था?

नई दिल्ली आप जो यूपीआई पेमेंट करते हैं, वह अब और तेज होने वाला है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के आदेश के बाद अब सिर्फ 15 सेकंड में लेनदेन पूरा हो जाएगा। पहले इसमें 30 सेकंड लगते थे। यानी अब आपके मोबाइल से होने वाला लेदनेन 50 फीसदी फास्‍ट होने वाला है। 16 जून से यह प्रोसेस शुरू होने जा रहा है, जिसमें एपीआई रेस्‍पॉन्‍स टाइम की अहम भूमिका होगी। अभी तक लोगों को यूपीआई ऐप से पैसे भेजने में, क्‍यूआर कोड स्‍कैन करने में और लेनदेन की पुष्टि होने में इंतजार करना पड़ता है, जो कई बार काफी लंबा हो जाता है। एनपीसीआई ने इस देरी को कम करने का फैसला किया है। क्‍या होता है API रेस्‍पॉन्‍स टाइम, जिसे कम किया जा रहा API रेस्‍पॉन्‍स टाइम, उस समय को कहा जाता है, जिसमें एपीआई के लिए रिक्‍वेस्‍ट आती है, उसे प्रोसेस किया जाता है और रेस्‍पॉन्‍स वापस भेजने में जो टाइम लगता है। एपीआई का मतलब होता है एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस। यह रूल्‍स का एक सेट है, जिसके अनुसार सॉफ्टवेयर एक-दूसरे से कनेक्‍ट करते हैं। यूपीआई पेमेंट सिस्‍टम में इसका इस्‍तेमाल होता है। कैसे काम करेगा सिस्‍टम, उदाहरण से समझिए TOI की रिपोर्ट के अनुसार, आप एक दुकान पर गए और आपने दुकानदार से एक हजार रुपये का सामान खरीदा। आप ICICI बैंक के iMobile ऐप से पेमेंट करते हैं। तो आप दुकानदार के QR कोड को स्कैन करेंगे। अब वह QR कोड HDFC बैंक अकाउंट से जुड़ा है। इस सिचुएशन में ICICI बैंक रिक्‍वेस्‍ट करेगा। व‍ह रिक्‍वेस्‍ट NPCI नेटवर्क के जरिए HDFC बैंक को जाएगी। पेमेंट हुआ या नहीं, यह जानने के लिए HDFC बैंक की ओर से रेस्‍पॉन्‍स भेजा जाएगा। जो फ‍िर से NPCI नेटवर्क से ICICI बैंक को आएगा। पहले इस काम में 30 सेकंड लग जाते थे। जून से इसमें 15 सेकंड लगने की उम्‍मीद है। सिर्फ 15 सेकेंड में होगा पेमेंट इस बदलाव के बाद अब रिक्वेस्ट पे और रिस्पॉन्स पे सर्विस का रिस्पॉन्स टाइम 30 सेकंड से घटाकर 15 सेकंड, चेक ट्रांजेक्शन स्टेटस और ट्रांजेक्शन रिवर्सल के लिए 10 सेकंड और वैलिडेट एड्रेस के लिए 10 सेकंड किया गया है. इस बदलाव का उद्देश्‍य पेमेंट प्रॉसेस में तेजी आए और यूपीआई के पोटेशियल में तेजी आए. ये बदलाव भारत में डिजिटल पेमेंट सिस्‍टम के रूप में UPI की बढ़ती लोकप्रियता के कारण हैं. इस ग्रोथ को समायोजित करने और यूजर्स के अनुभव में सुधार करने के लिए, NPCI ने बैंकों और भुगतान सेवा प्रदाताओं (PSP) से नए प्रतिक्रिया समय का पालन करने के लिए अपने सिस्टम को अपडेट करने को कहा है. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन बदलाव का उद्देश्य लेनदेन की सफलता दरों से समझौता करना नहीं है. जब यूपीआई पेमेंट में आई थी रुकावट यह बदलाव ऐसे समय में आया है, जब यूपीआई को हाल ही में कई आउटेज का सामना करना पड़ा. 12 अप्रैल को एक बड़ी आउटेज आई, जिसमें कई ट्रांजेक्‍शन फेल हुए थे और यूजर्स को बड़ी समस्‍याओं का सामना करना पड़ा था. मार्च और अप्रैल में तीन बार 26 मार्च, 1 अप्रैल और 12 अप्रैल को भी रुकावट आई, जिससे लोगों को डिजिटल पेमेंट में काफी परेशानी हुई. क्‍यों आया था आउटेज? इन आउटेज को लेकर NPCI की जांच में यह सामने आया कि इन रुकावटों की बड़ी वजह चेक ट्रांजेक्शन API पर ज्यादा लोड थी. कुछ बैंकों के पुराने ट्रांजैक्शन के लिए बार-बार रिक्वेस्ट भेजे जा रहे थे, जिससे सिस्टम पर दबाव बढ़ा और प्रोसेसिंग धीमी हुई. बेहतर होगा लोगों का अनुभव, फटाफट होंगे पेमेंट एनपीसीआई, यूपीआई पेमेंट को फास्‍ट बनाना चाहती है। उसका मानना है कि नए बदलावों से लोगों का अनुभव और बेहतर होगा। एनपीसीआई ने फोनपे और पेटीएम जैसे बड़े प्‍लेयर्स से भी कहा है कि वो नए नियमों के अनुसार अपने सिस्‍टम को अपडेट कर लें। एनपीसीआई का सर्कुलर कहता है कि इन बदलावों का मकसद यूजर के ओवरऑल एक्‍सपीरियंस को बेहतर बनाना है। वह चाहती है कि यूपीआई पेमेंट का यूज करने वाले तमाम लोग झट से पेमेंट कर पाएं और उन्‍हें फटाफट से पैसा रिसीव हो। आने वाले दिनों में पता चलेगा कि यूपीआई का यह फैसला कितना कारगर साबित होता है।

एक ही वैक्सीन से 15 तरह के कैंसर की रोकथाम, ब्रिटेन में शुरू हुई नई सुविधा

लंदन ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक नई वैक्सीन (vaccine) विकसित की है, जिसे ‘सुपर जैब’ नाम दिया गया है। यह वैक्सीन 15 प्रकार के कैंसर को रोकने में मदद करेगा, जिससे हजारों लोगों की जान बचाने में मदद मिल सकती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) ने इस अभियान की शुरुआत की है, और इसमें हर महीने लगभग 1,200 मरीजों को यह वैक्सीन दी जाएगी। इस प्रकार के अभियान वाला ब्रिटेन पहला यूरोपीय देश है। कैसे करेगी काम     इस वैक्सीन में मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज का उपयोग किया गया है, जो शरीर की टी कोशिकाओं पर पीडी-1 नामक प्रोटीन से चिपककर कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर देती हैं। इससे रोग प्रतिरोधक प्रणाली सक्रिय हो जाती है और यह कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने में मदद करती है। इसका प्रमुख लाभ यह है कि यह प्री-कैंसर स्टेज में कैंसर कोशिकाओं को भी टारगेट करेगी, जिससे कैंसर के विकास की संभावना को समाप्त किया जा सकता है। नई दवा का असर और तरीका यह दवा निवोलुमैब नाम की इम्यूनोथेरेपी है, जो मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कहलाती है। यह शरीर की T-सेल्स पर PD-1 नाम के प्रोटीन से चिपकती है और कैंसर कोशिकाओं को बचने नहीं देती। इससे रोग प्रतिरोधक प्रणाली सक्रिय होकर कैंसर कोशिकाओं को खत्म कर पाती है। NHS के अनुसार, यह टीका अगले महीने से योग्य मरीजों को लगेगा और इससे हर महीने लगभग 1,000 घंटे का इलाज समय भी बच सकेगा। विशेषज्ञों की राय और उम्मीदें NHS के कैंसर विशेषज्ञ प्रोफेसर पीटर जॉनसन ने इसे इलाज में बहुत बड़ी प्रगति बताया है। उन्होंने कहा कि यह टीका हर साल हजारों डॉक्टरों का समय बचाएगा और ज्यादा मरीजों तक इलाज पहुंच सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री एशले डाल्टन ने कहा कि यह ब्रिटेन के नवाचार का बेहतरीन उदाहरण है। फार्मासिस्ट जेम्स रिचर्डसन ने कहा कि इससे त्वचा और गुर्दे के कैंसर सहित कई मरीजों की जिंदगी बेहतर हो सकेगी। बेहतर होगा इलाज एनएचएस के कैंसर विशेषज्ञ प्रोफेसर पीटर जॉनसन ने इसे कैंसर के इलाज में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि इस वैक्सीन के जरिए हर साल हजारों डॉक्टरों का समय बचाया जा सकेगा, जिससे अधिक मरीजों को इलाज मिल सकेगा। इसके अलावा, वैक्सीन के उपयोग से चिकित्सकों को समय की बचत होगी, और मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री ने इसे कैंसर मरीजों के लिए उपयोगी बताया है। फार्मासिस्ट जेम्स रिचर्डसन का मानना है कि इस वैक्सीन से त्वचा और गुर्दे के कैंसर से जूझ रहे मरीजों की जीवनशैली में सुधार होगा। कैंसर रोकने के वैक्सीन पर काम इसके अलावा, ब्रिटेन के वैज्ञानिकों द्वारा एक और कैंसर वैक्सीन पर काम चल रहा है, जो 20 साल पहले ही कैंसर को पनपने से रोक सकेगी। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का मानना है कि कैंसर का विकास धीरे-धीरे होता है और यह प्रक्रिया लगभग 20 साल तक चल सकती है। इस वैक्सीन के जरिए कैंसर कोशिकाओं को शुरूआत में ही पकड़ने का प्रयास किया जाएगा, जब वे अदृश्य होती हैं।  

US ने दी भारत को हॉकआई 360 देने की मंजूरी, जानें क्‍यों खास है यह ‘हथियार’, समुद्र में बढ़ेगी चीन की धड़कन

वॉशिंगटन  अमेरिका ने भारत को हॉकआई 360 की बिक्री को मंजूरी दे दी है। इस डील में रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) सेंसर, एनालिटिक्स सॉफ्टवेयर, सिस्टम इंटीग्रेशन सपोर्ट और ट्रेनिंग मॉड्यूल शामिल हैं। इसकी कुल कीमत 131 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। इससे भारत को अपनी समुद्री निगरानी क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। खासतौर से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में हॉकआई 360 से भारत को रियल-टाइम समुद्री निगरानी करने में आसानी हो जाएगी। ये समुद्री सुरक्षा के लिहाज से भारत के लिए एक अहम डील है। इसकी अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि इंडो-पैसिफिक में चीन ने अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर है, जो भारत के लिए चिंता का सबब रहा है। हॉकआई 360 छोटे-छोटे सैटेलाइट्स का एक समूह है। ये सैटेलाइट्स पृथ्वी की निचली कक्षा में घूमते हैं और रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) को ट्रैक करते हुए उनकी जगह बताते हैं। ये सैटेलाइट समूह जहाजों, विमानों, वाहनों और तटीय प्रणालियों (कोस्टल सिस्टम) से आने वाले संचार संकेतों को ट्रैक करते हैं। हॉकआई 360 सैटेलाइट उस जहाज के रेडियो फ्रीक्वेंसी एमिशन को भी पकड़ता है, जिसने अपने ट्रांसपोंडर को बंद कर रखा है। भारत के लिए कैसे होगा मददगार भारत को हॉकआई 360 सिस्टम भारत को बड़े समुद्री क्षेत्रों, खासतौर से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रियल-टाइम निगरानी करने में मदद करेगा। इससे समुद्री अभियानों में जागरूकता और किसी घटना पर प्रतिक्रिया देना आसान होगा। इस सिस्टम की सबसे खास बात ये है कि यह उन जहाजों का भी पता लगा सकता है, जो AIS को बंद कर देते हैं ताकि उन्हें ट्रैक ना किया जा सके। ये सिस्टम मिलने से इंडियन नेवी अवैध मछली पकड़ने और तस्करी जैसी गतिविधियों की पहचान कर सकेगी। इससे नेवी को तेजी से फैसले लेने और समुद्री क्षेत्र पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी। इंडियन नेवी को हॉकआई 360 की मदद से अपने एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में बेहतर जानकारी मिल सकेगी। यह सिस्टम भारत को आपदा राहत और बचाव कार्यों में भी मदद करेगा। इससे संकट संकेतों का पता लगेगा और रेस्क्यू टीमे तेजी से पहुंच सकेंगी। कैसे करता है काम हॉकआई 360 एक बड़े ISR सिस्टम में RF लेयर के रूप में काम करता है। इस सिस्टम में इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल (EO), इंफ्रारेड (IR) और सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR) जैसी अतिरिक्त लेयर्स भी हैं। हर लेयर खतरों का पता लगाने, उनकी पुष्टि करने और क्लासीफाइड करने में मदद करती है। हॉकआई 360 की क्षमताओं को मल्टी-लेयर्ड सर्विलांस से बढ़ाया जा सकता है। EO इमेजिंग RF-आधारित जहाजों की लोकेशन बताता है। EO सैटेलाइट दिन में हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें लेते हैं। एनालिस्ट्स इन तस्वीरों का इस्तेमाल RF डिटेक्शन को देखने के लिए करते हैं। EO लेयर सबसे अच्छा काम दिन के उजाले में करती है। IR सेंसर जहाजों से निकलने वाली गर्मी का पता लगाते हैं। इंफ्रारेड सेंसर इंजन और एग्जॉस्ट से निकलने वाली गर्मी को पहचानते हैं। इससे रात में छिपकर जाते जहाजों को ट्रैक करने में मदद मिलती है। IR लेयर कम रोशनी में भी काम करती है। SAR इमेजिंग बादलों और अंधेरे में भी देख सकता है। SAR सैटेलाइट्स हर मौसम में रडार-आधारित तस्वीरें लेते हैं। यह लेयर जहाज के आकार, गति और लोकेशन की पुष्टि करती है। SAR रात में या तूफान के दौरान भी महत्वपूर्ण जानकारी देता है। यह सिस्टम तेज और सटीक है, जो हर मौसम और हर समय काम करता है। एनालिस्ट्स RF इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके पूरी स्थिति का जायजा लिया जा सकता है।

मध्य प्रदेश के महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया 15 मई से शुरू, ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर से छात्रों को मदद मिलेगी

भोपाल  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के 12वीं के रिजल्ट 10 मई से पहले घोषित होने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश भर के कालेजों में प्रवेश प्रक्रिया 15 मई से शुरू की जाएगी। इस बार एमपी आनलाइन के बदले दूसरे पोर्टल से पंजीयन होंगे। विद्यार्थियों को कॉलेज में प्रवेश दिलाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग की ओर से कॉलेज चलो अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके लिए इस बार सभी जिलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। विभाग ने उठाया महत्वपूर्ण कदम आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 में मध्य प्रदेश के कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया को सुचारु और पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस संबंध में विभाग ने आदेश जारी किए हैं। हर जिले में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो प्रवेश से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए उच्च शिक्षा संचालनालय से समन्वय स्थापित करेंगे। इन नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे कॉलेज चलो अभियान के अंतर्गत जारी दिशा-निर्देशों का पालन कराएं और प्रतिदिन प्रवेश से संबंधित रिपोर्ट अतिरिक्त संचालक को भेजें। इसके अलावा अतिरिक्त संचालक संभाग स्तर पर निगरानी कर आयुक्त को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। हेल्पलाइन नंबर भी जारी वहीं उच्च शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन काउंसलिंग की व्यवस्था की है, जहां विद्यार्थी ऑनलाइन पंजीयन कर प्रवेश प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। प्रवेश से संबंधित सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 18008908399 और हेल्पलाइन नंबर 8000063632 भी जारी किए गए हैं। स्कूल से ही होगा एडमिशन दरअसल इस बार छात्रों को कॉलेज में एडमिशन के लिए अलग से भागदौड़ नहीं करनी होगी. 12वीं का परिणाम आते ही वे अपने स्कूल से ही एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे, और इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा. जहां पहले एमपी ऑनलाइन प्रति छात्र ₹70 शुल्क लेता था, वहीं नई आउटसोर्सिंग एजेंसी ₹39.60 प्रति छात्र में वही सेवाएं देगी. सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से टोल फ्री नंबर और कॉल सेंटर की शुरुआत की जा रही है, जो एडमिशन शुरू होने से दो महीने पहले और अंतिम तारीख के दो महीने बाद तक सक्रिय रहेगा. प्रवेश की जिम्मेदारी अब बेंगलुरू की कंपनी को शैक्षणिक सत्र 2025-26 से राज्य के प्रत्येक कॉलेज कैंपस और हायर सेकंडरी स्कूलों में रजिस्ट्रेशन डेस्क या कियोस्क स्थापित किए जाएंगे, जहां छात्र सीधे रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे. इस बार प्रवेश प्रक्रिया का संचालन बैंगलुरू की एसआरआईटी कंपनी को सौंपा गया है. पहले यह कार्य एमपी ऑनलाइन के माध्यम से किया जाता था, लेकिन अब बेहतर सेवा और तेज प्रोसेस के लिए यह बदलाव किया गया है. इस दिन से शुरू होगी प्रवेश प्रक्रिया बता दें कि मध्यप्रदेश में कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया 15 मई 2025 से शुरू होगी. उच्च शिक्षा विभाग ने पूरी तरह से ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं. राज्य के 1300 से अधिक सरकारी और निजी कॉलेजों में एडमिशन होंगे. 12वीं के परिणाम मई के पहले सप्ताह में आने की संभावना है, जिसके बाद एडमिशन गतिविधियां तेज हो जाएंगी.

नायब तहसीलदार ने मांगी 50 लाख की रिश्वत, कलेक्टर ने की सख्त कार्रवाई

Naib Tehsildar demanded a bribe of 50 lakhs, Collector took strict action इंदौर | मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में जमीन के फौती नामांतरण के बदले 50 लाख रुपए की रिश्वत मांगे जाने का बड़ा मामला सामने आया है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। कलेक्टर आशीष सिंह ने तत्काल प्रभाव से संबंधित पटवारी को निलंबित कर दिया है और नायब तहसीलदार नागेंद्र त्रिपाठी पर विभागीय जांच बैठा दी गई है। क्या है पूरा मामला?मल्हारगंज तहसील के जाख्या क्षेत्र में स्थित 31 हजार वर्गफुट जमीन का फौती नामांतरण करवाने के लिए वैभव, पिता अशोक, ने वकील राहुल दवे के माध्यम से आवेदन दिया था। आरोप है कि पटवारी ओम त्रिपुरेश मिश्रा ने पहले वकील से, फिर सीधे वैभव से संपर्क कर 50 लाख रुपये की मांग की। यह रकम नायब तहसीलदार के लिए बताई गई थी और आश्वासन दिया गया था कि रकम मिलते ही नामांतरण दो दिन में हो जाएगा। जब वैभव ने रिश्वत देने से इनकार किया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी वकील को दी, तब वकील ने कलेक्टर से सीधे संपर्क कर सभी साक्ष्यों सहित पूरी बात बताई। कलेक्टर का त्वरित एक्शनकलेक्टर आशीष सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पटवारी को निलंबित कर दिया और एसडीएम निधि वर्मा को मामले की जांच सौंपी। साथ ही, नायब तहसीलदार त्रिपाठी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। बढ़ता भ्रष्टाचार और जमीनों की आसमान छूती कीमतेंइंदौर में जमीन की बढ़ती कीमतों के साथ नामांतरण, बटांकन और सीमांकन जैसे मामलों में भ्रष्टाचार भी तेजी से बढ़ा है। आम नागरिकों को बिना लेन-देन के वैध कार्यों में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतों का भंडार, संवाद केंद्र से खुल रही पोलकलेक्टर द्वारा शुरू किए गए संवाद केंद्र पर लगातार शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें कई पटवारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की पुष्टि हो चुकी है। इस केंद्र से आवेदकों से सीधे संपर्क कर यह जाना जा रहा है कि उनसे रिश्वत तो नहीं मांगी गई। अंतिम निर्णय रिपोर्ट के बादएसडीएम निधि वर्मा की जांच रिपोर्ट के बाद दोषियों के खिलाफ अंतिम कार्रवाई तय की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि “नामांतरण भी होगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” इस खबर से जुड़ी हर अपडेट के लिए हमारी वेबसाइट से जुड़े रहें।

करनाल पहुंचे राहुल गांधी: लेफ्टिनेंट के परिवार से की मुलाकात, पहलगाम आतंकी हमले मारे गए थे विनय नरवाल

पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के परिवार से मिलने के लिए कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज करनाल पहुंचे। राहुल गांधी दिल्ली स्थित अपने आवास से सुबह करनाल के लिए रवाना हुए थे। उनके आगमन को देखते हुए शहीद के सेक्टर-7 स्थित आवास पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जानकारी के अनुसार, रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा और हरियाणा यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा पहले ही विनय नरवाल के घर पहुंच चुके हैं। राहुल गांधी शहीद की पत्नी हिमांशी नरवाल और उनके परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल मारे गए थे। वे अपनी पत्नी हिमांशी के साथ हनीमून के लिए पहलगाम गए थे, जहां आतंकियों ने उनकी हत्या कर दी।

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