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बीसीसीआई ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के वक्त विराट कोहली को टेस्ट कप्तानी का इशारा किया था लेकिन बाद में उसके सुर बदल गए

नई दिल्ली दिग्गज क्रिकेटर विराट कोहली का टेस्ट से अचानक संन्यास चर्चा में है। जो खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद और आईपीएल शुरू होने से पहले रणजी ट्रॉफी में खुशी से खेला, ऐसा आखिर क्या हुआ जो उसने इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले टेस्ट को अलविदा कह दिया? विराट कोहली के संन्यास के संभावित कारणों को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बीसीसीआई ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के वक्त विराट कोहली को फिर टेस्ट कप्तानी का इशारा किया था लेकिन बाद में उसके सुर बदल गए। विराट कोहली ने 12 मई को एक इंस्टा पोस्ट में टेस्ट क्रिकेट से अपने संन्यास का ऐलान किया। उनके इस ऐलान की टाइमिंग काफी अहम थी। 5 दिन पहले ही कप्तान रोहित शर्मा ने टेस्ट से संन्यास का ऐलान किया था। कुछ ही दिन में इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया के चयन के लिए राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की बैठक होनी थी। भारत को जून में इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैच की सीरीज खेलनी है। स्पोर्ट्स तक के एक वीडियो रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिसंबर-जनवरी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान विराट कोहली को इशारा दिया गया था कि उन्हें फिर से टेस्ट टीम की कमान दी जा सकती है। यह तब हुआ था जब रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया एडिलेड में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में हार गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘कम से कम उनके (विराट कोहली) जो करीबी लोग हैं उनका तो यही कहना है कि एडिलेड टेस्ट के बाद उन्हें फिर से कप्तानी सौंपे जाने का इशारा किया गया था। बाद में चीजें बदल गईं।’ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जब भारत को सीरीज में हार का सामना करना पड़ा तब टीम मैनेजमेंट का रुख बदल गया। अब वह किसी युवा को कप्तान बनाना चाहते थे। उस वीडियो रिपोर्ट में यह भी जिक्र है कि उसके बाद भी विराट कोहली कप्तानी मिलने को लेकर उम्मीद लगाए हुए थे और उन्होंने फरवरी में दिल्ली के लिए रणजी ट्रॉफी का एक मैच भी खेला। लेकिन अप्रैल में उन्हें दो टूक कह दिया गया कि सिर्फ खिलाड़ी के तौर पर ही उनकी भूमिका पर विचार किया जाएगा। इसी के बाद विराट कोहली ने रिटायरमेंट का मन बना लिया। कुछ रिपोर्ट्स में ऐसे भी दावे किए गए हैं कि बीसीसीआई और कुछ दूसरे बड़े नामों ने कोहली को इंग्लैड दौरे पर खिलाड़ी के तौर पर खेलने के लिए मनाने की खूब कोशिशें की, लेकिन वह नहीं माने। पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता और दिल्ली के कोच सरनदीप सिंह ने भी दावा किया था कि कोहली तो इंग्लैंड दौरे की तैयारी कर रहे थे। कुछ ऐसी ही बात पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ भी कर रहे हैं। उन्होंने बुधवार को कहा कि विराट कोहली इंग्लैंड में खेलना चाहते थे, इसीलिए उन्होंने रणजी का भी मैच खेला। कैफ ने कहा कि कोहली को बीसीसीआई और चयनकर्ताओं का सपोर्ट नहीं मिला। पूर्व क्रिकेटर ने तो यहां तक कहा कि हो सकता है कि अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति ने कोहली से यह कहा हो कि अब आपका टेस्ट करियर पूरा हो गया, जिसके बाद उन्होंने संन्यास का ऐलान किया हो।

विक्रम विश्वविद्यालय में सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्र के साथ की मारपीट, जांच के लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड को सौंपा मामला

उज्जैन  विक्रम विश्वविद्यालय के छात्रावास में मंगलवार रात को सीनियर छात्रों ने जमकर उत्पात मचाया। रात करीब डेढ़ बजे हॉस्टल के कमरे से एक जूनियर छात्र को बाहर निकालकर उसके कपड़े फाड़े और जमकर पीट दिया। मामले में माधवनगर पुलिस को शिकायत की गई है। छात्र का आरोप है कि रैगिंग को लेकर उसके साथ मारपीट की गई है। इस संबंध में विश्वविद्यालय के अधिकारियों को भी सूचना दी गई है। कमरे में पढ़ाई कर रहा था पुलिस ने बताया कि सचिन पुत्र प्रवीण उम्र 20 वर्ष निवासी आगर बीटेक का छात्र है। सचिन विक्रम विश्वविद्यालय के शालिगराम तोमर छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा है। वह मंगलवार रात को करीब डेढ़ बजे छात्रावास के कमरे में बैठकर पढ़ाई कर रहा था। उसी दौरान उसके कमरे का दरवाजा किसी ने काफी जोर से खटखटाया था। दरवाजा खोला तो बाहर उसके सीनियर छात्र मुकुल उपाध्याय व कृष्णा खड़े हुए थे। दोनों उसे जबरन कमरे से बाहर खींचकर ले गए और उसके कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद दोनों ने उसे जमकर पीट दिया। सीनियर्स ने हॉस्टल में जमकर उत्पात मचाया बताया जा रहा है कि पूर्व में भी सीनियर छात्रों ने हॉस्टल में जमकर उत्पात मचाया था। बुधवार शाम को पीड़ित छात्र ने माधवनगर पुलिस को शिकायत की थी। इस पर पुलिस ने युवक का मेडिकल करवाकर आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने बताया कि मामले को प्रॉक्टोरियल बोर्ड को भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक, कई अहम प्रस्तावों को दी मंजूरी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को सराहा गया और प्रशंसा की गई। इसके अलावा कैबिनेट ने कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुए यूपी सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि यूपी में बीजों के प्रसंस्करण के लिए चौधरी चरण सिंह के नाम पर सीड पार्क बनेगा। इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत 270 लाख हेक्टेयर पर खेती की जाएगी। प्रदेश के लिए लिए 70 लाख कुंतल बीज की जरूरत है। अभी यूपी में 40 लाख कुंतल बीज का ही उत्पादन हो रहा है। 10 क्लाइमेट जोन में स्थापित किए जाएंगे। पहला अटारी पार्क होगा। इसमें 270 करोड़ का खर्च आएगा। सीड पार्क में हाईब्रिड सीड बनेगा। इससे डेढ़ गुना उत्पादन बढ़ेगा। 6500 करोड़ बीज पर खर्च होंगे। सीड उत्पादक कंपनियों को लीज पर जमीन दी जाएगी। इससे 15000 लोगों को रोजगार मिलेगा। अभी 3500 करोड़ का ही उत्पादन हो रहा है। 36 कंपनियों ने रुचि जाहिर की है। बड़ी कंपनियों के आने का रास्ता खुलेगा। बैठक में नगर विकास विभाग के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। यह योजना 2016 से भारत सरकार के सहयोग से चल रही है। अमृत एक योजना में 328 कार्य दिए गए थे। 307 हो गए हैं 60 निकायों में। दूसरे चरण में 529 काम दिए गए थे। यूपी दुग्धशाला विकास एवं उत्पादन नीति को मंजूरी दुग्ध आधारित उद्योगों की स्थापना को मंजूरी दी। इसमें छोटे निवेशक आयेंगे। खाद्य प्रसंस्करण में पांच करोड़ का अनुदान दिया गया है। नई दुग्ध इकाई में 35 फीसदी तक की सुविधा होगी। अब बड़े निवेशक आयेंगे। कई मद में अनुदान दिया जाएगा।

भारतीय सेना ने भारत-म्यांमार बॉर्डर पर 10 उग्रवादियों को किया ढेर

चंदेल भारतीय सेना ने भारत-म्यांमार बॉर्डर पर 10 उग्रवादियों को मार गिराया है। सेना की ईस्टर्न कमांड ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी है। सेना की पूर्वी कमान ने देर रात एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर बताया, “भारत-म्यांमार सीमा के पास स्थित चंदेल जिले के खेगजॉय तहसील के न्यू समतल गांव के पास खुफिया जानकारी के आधार पर उग्रवादियों की गतिविधियों का पता चला था। इसके बाद असम राइफल्स की यूनिट ने 14 मई 2025 को स्पीयर कॉर्प्स के तहत एक ऑपरेशन शुरू किया।” उन्होंने बताया, “ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध उग्रवादियों ने सैनिकों पर गोलीबारी की, जिसका जवाब देते हुए सैनिकों ने तुरंत नियंत्रित और संतुलित तरीके से जवाबी कार्रवाई की। गोलीबारी में 10 उग्रवादी मारे गए और बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है।” यह कार्रवाई मणिपुर में जारी अशांति के बीच सुरक्षाबलों की ओर से एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। भारत के पूर्वी सीमा पर यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब हाल ही में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी। इस कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान सीमा पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल केंद्र सरकार ने भारत और म्यांमार के बीच 1,610 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा बाड़ लगाने और सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी थी। सरकार ने यह फैसला मणिपुर में घुसपैठियों को रोकने के लिए लिया था। सरकार के सूत्रों की मानें तो पड़ोसी मुल्क म्यांमार से घुसपैठिए, मणिपुर में प्रवेश कर रहे हैं। इसके लिए अब भारत सरकार ने भारत-म्यांमार सीमा पर मुक्त आवाजाही व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। जानकारी के अनुसार, सुरक्षा संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति ने लगभग 31 हजार करोड़ रुपये की लागत से भारत-म्यांमार के बीच 1610 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने और सीमा सड़कों के निर्माण के काम को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दी है।

अमेजन, फ्ल‍िपकार्ट समेत इन ई-कॉमर्स कंपनियों को नोटिस, पाकिस्तानी झंडे वाले प्रोडक्‍ट हटाने होंगे

नई दिल्‍ली  उपभोक्ता संरक्षण नियामक सीसीपीए ने अमेजन इंडिया और फ्लिकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों को पाकिस्तानी झंडे वाले उत्पाद हटाने का आदेश दिया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बुधवार को यह जानकारी दी। सीसीपीए ने यूबाय इंडिया, एट्सी, द फ्लैग कंपनी और द फ्लैग कॉरपोरेशन को भी नोटिस भेजा है। इन कंपनियों को पाकिस्तानी झंडे और संबंधित सामान बेचने से मना किया गया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा, ‘ऐसी असंवेदनशीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ई-कॉमर्स मंचों को निर्देश दिया जाता है कि वे ऐसी सभी सामग्री को तुरंत हटा दें और राष्ट्रीय कानूनों का पालन करें।’ इसका मतलब है कि सरकार इस तरह के उत्पादों को बेचने की अनुमति नहीं देगी। सरकार चाहती है कि ई-कॉमर्स कंपनियां तुरंत इन उत्पादों को हटा दें और देश के कानूनों का पालन करें। यह आदेश ई-कॉमर्स कंपन‍ियों के ल‍िए चेतावनी हालांकि, मंत्री के पोस्ट में यह साफ नहीं किया गया कि कौन सा कानून तोड़ा जा रहा है। यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तानी झंडे वाले सामान को बेचने से किस कानून का उल्लंघन हो रहा है। यह घटनाक्रम कश्मीर के पहलगाम में हुई एक दुखद घटना के बाद हुआ है। पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 लोगों को मार डाला था। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। सीसीपीए का यह आदेश ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए चेतावनी है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्लेटफॉर्म पर कोई भी ऐसा उत्पाद न बेचा जाए जो देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाए या कानून का उल्लंघन करे। सरकार ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करेगी। ई-कॉमर्स कंपन‍ियों को रहना होगा सावधान यह मामला दिखाता है कि ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर बेचे जाने वाले उत्पादों के बारे में कितना सावधान रहना चाहिए। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे किसी भी तरह से देश के कानूनों और भावनाओं का उल्लंघन न करें। यह आदेश देश की राष्ट्रीय भावना के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान को दर्शाता है। पाकिस्तानी झंडे जैसे प्रतीकों की बिक्री को भारत में कई लोग आपत्तिजनक और राष्ट्रविरोधी मान सकते हैं, खासकर मौजूदा भू-राजनीतिक संदर्भ में और पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद। ऐसे उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी चिंताजनक हो सकती है। हालांकि, यह प्रत्यक्ष रूप से सुरक्षा को खतरा नहीं पहुंचाता, लेकिन यह शत्रुतापूर्ण भावनाओं को बढ़ावा दे सकता है। यह आदेश ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी यह जिम्मेदारी डालता है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर बेचे जा रहे उत्पादों की प्रकृति के प्रति अधिक सतर्क रहें और यह सुनिश्चित करें कि वे स्थानीय कानूनों और भावनाओं का उल्लंघन न करें।

मुख्यमंत्री साय ने किया राज्य के पहले ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण: आदिवासी परम्परा के अनुरूप प्रकृति शक्ति की पूजा कर किया म्यूजियम का शुभारंभ

रायपुर : छत्तीसगढ़ में ट्राइबल म्यूजियम बनेगा पर्यटन और शोध का बड़ा केन्द्र : विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ में ट्राइबल म्यूजियम बनेगा पर्यटन और शोध का बड़ा केन्द्र : विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने किया राज्य के पहले ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण: आदिवासी परम्परा के अनुरूप प्रकृति शक्ति की पूजा कर किया म्यूजियम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने 300 नवचयनित छात्रावास अधीक्षकों को नियुक्ति सह पदस्थापना पत्र सौंपा रायपुर छत्तीसगढ़ में ट्राइबल म्यूजियम बनेगा पर्यटन और शोध का बड़ा केन्द्र : विष्णु देव सायछत्तीसगढ़ में ट्राइबल म्यूजियम बनेगा पर्यटन और शोध का बड़ा केन्द्र : विष्णु देव सायछत्तीसगढ़ में ट्राइबल म्यूजियम बनेगा पर्यटन और शोध का बड़ा केन्द्र : विष्णु देव साय आदिवासी बाहुल्य राज्य छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने ट्राइबल म्यूजियम बनाकर आदिवासी संस्कृति, सभ्यता और उनकी जीवनशैली को आमजन तक पहुँचाने के लिए अभिनव पहल की है। इसके लिए नवा रायपुर अटल नगर में करीब 10 एकड़ क्षेत्र में भव्य एवं आकर्षक आदिवासी संग्रहालय (ट्राइबल म्यूजियम) बनाया गया है। राज्य के पहले ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया। मुख्यमंत्री साय ने लोकार्पण कार्यक्रम में सबसे पहले आदिवासी परम्परा अनुरूप मुख्य द्वार पर द्वार पूजा व श्रीफल तोड़कर नवनिर्मित ट्राइबल म्यूजियम में प्रवेश किया। वहीं प्रवेश गैलेरी में पंचतत्व के साथ प्रकृति शक्ति की पूजा करते हुए मंगलकामना की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम  उपस्थित थे।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में छत्तीसगढ़ के निर्माता तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी को धन्यवाद देते हुए कहा कि, अटल जी ने आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य बनाया। अटल जी के कार्यकाल में ही जनजाति विकास के लिए केन्द्र सरकार में आदिम जनजाति कल्याण मंत्रालय का गठन हुआ। वहीं यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान और विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के लिए पीएम जनमन योजना लागू किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत में आज आदिवासी समुदाय की श्रीमती द्रौपदी मूर्मु राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद को सुशोभित कर रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ राज्य की विशेष पहचान हमारी सुंदर जनजातीय संस्कृति से है।  छत्तीसगढ़ में जनजातीय संस्कृति में विविधता है और हर जनजातीय समुदाय की अपनी विशिष्ट पहचान है। प्रदेश 43 जनजातीय समुदाय हैं और इनकी अनेकों उपजातियाँ हैं। इसके साथ ही हमारे राज्य में विशेष पिछड़ी जनजातियाँ भी हैं।  जनजातीय समुदाय का सुंदर संसार, इनका खानपान, पहनावा, संगीत, लोककला, वाद्ययंत्र, नृत्य इन सबकी झलक म्यूजियम में दिखेगी। इसमें 14 गैलरी हैं और हर गैलरी एक विशेष थीम पर बनाई गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह संग्रहालय न केवल आदिवासी समाज की परंपराओं, कला और संस्कृति को संरक्षित करेगा, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगा। संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जनजातीय समुदायों की जीवनशैली, वेशभूषा, लोककला, रीति-रिवाज और धार्मिक मान्यताओं को दृश्य और डिजिटल माध्यमों से दर्शाया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस म्यूजियम में हमारे जनजातीय क्षेत्रों की बहुरंगी संस्कृति की झलक दिखाई गई है। यह झलक दर्शकों को इस बात के लिए प्रेरित करेगी कि वे बस्तर और सरगुजा घूमने जाएं और जिन चीजों को उन्होंने इस म्यूजियम में महसूस किया है उसे वहां प्रत्यक्ष रूप में देख सकें।   ट्राइबल म्यूजियम के लोकार्पण कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ट्राइबल म्यूजियम के शुभारंभ  को गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि आदिवासी बाहुल्य प्रदेश में आदिवासी संस्कृति को और उनकी जीवन पद्धति को सबके सामने रखने के लिए ट्राइबल म्यूजियम का निर्माण हुआ है। आदिवासी विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि अब ट्राइबल म्यूजियम में एक स्थान पर ही छत्तीसगढ़ में निवास करने वाले हर आदिवासी समुदाय के बारे में संपूर्ण जानकारी लोगों को मिल जाएगी।    14 गैलरियों में दिखेगी जनजातीय संस्कृति : गौरतलब है कि जनजातीय संग्रहालय में कुल 14 गैलरियां हैं, जिनमें जनजातीय जीवनशैली के सभी पहलुओं का बहुत ही खूबसूरत ढ़ंग से जीवंत प्रदर्शन किया गया है। इनमें जनजातियों के भौगोलिक विवरण, तीज-त्यौहार, पर्व-महोत्सव तथा विशिष्ट संस्कृति, आवास एवं घरेलू उपकरण, शिकार उपकरण, वस्त्र (परिधान) एवं आभूषण, कृषि तकनीक एवं उपकरणों, जनजातीय नृत्य, जनजातीय वाद्ययंत्रों, आग जलाने, लौह निर्माण, रस्सी निर्माण, फसल मिंजाई (पौधों से बीज अलग करना), कत्था निर्माण, चिवड़ा-लाई निर्माण, मंद आसवन, अन्न कुटाई व पिसाई, तेल प्रसंस्करण हेतु उपयोग में लाने जाने वाले उपकरणो व परंपरागत तकनीकों, को दर्शाया गया हैं। वहीं  सांस्कृतिक विरासत के अंतर्गत अबुझमाड़िया में गोटुल, भुंजिया जनजाति में लाल बंगला इत्यादि, जनजातीय में परम्परागत कला कौशल जैसे बांसकला, काष्ठकला, चित्रकारी, गोदनाकला, शिल्पकला आदि का एवं अंतिम गैलरी में विषेष रूप से कमजोर जनजाति समूह यथा अबूझमाड़िया, बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर एवं राज्य शासन द्वारा मान्य भुंजिया एवं पण्डो के विशेषीकृत पहलुओं का प्रदर्शन किया गया है। संग्रहालय में डिजिटल एवं एआई तकनीक के माध्यम से जनजातीय संस्कृति का भी प्रदर्शन किया गया है। क्यूआर कोड स्कैन करते ही सम्बंधित झांकी की सम्पूर्ण जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध हो जाएगी। कथानक समिति के सदस्यों का सम्मान : ट्राइबल म्यूजियम बनाने में सहायक रहे विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों एवं समाज के पदाधिकारियों का सम्मान भी मुख्यमंत्री साय के हाथों मंच से किया गया। ट्राइबल म्यूजियम में कथानक समिति में पंडित रविशंकर शुक्ल विवि. में मानव विज्ञान अध्ययनशाला के प्रो. (डॉ.) अशोक प्रधान, शासकीय गुंडाधूर महाविद्यालय की डॉ. किरण नुरुटी, कंवर समाज के प्रतिनिधि गंगाराम पैंकरा, बैगा समाज के प्रदेश अध्यक्ष ईतवारी राम मछिया बैगा, बिंझवार समाज के प्रदेश अध्यक्ष बेदराम बरिहा, हल्बा समाज के अध्यक्ष लतेल राम नाईक, मुरिया समाज के जिला अध्यक्ष धनीराम सोरी एवं राजगोंड समाज के जिला अध्यक्ष तुलाराम ठाकुर को सम्मानित किया गया।   ‘प्रयास’ के होनहारों को प्रशस्ति पत्र देकर किया प्रोत्साहित  : इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालय के 112 विद्यार्थियों से भी मुलाक़ात की, जिन्होंने जेईई(JEE) की मुख्य परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयास आवासीय विद्यालय के बच्चे न सिर्फ़ खुद के लिए, बल्कि पूरे आदिवासी समाज और राज्य के … Read more

तिरंगा यात्रा में उमड़ा जन सैलाब, नागरिकों ने दिया एकजुटता और देशभक्ति का संदेश

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा की जब भी बात आएगी हम सभी एक हैं। देश के, अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपनी सेना के साथ हैं। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा में सभी वर्गों के लोग, सेवानिवृत्त सैनिक, समाज सेवी संगठन, आम नागरिक, महिला एवं पुरुष, बच्चों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर एकजुटता, देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय सेना ने आपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान में 9 आतंकवादी ठिकानों को पूरी तरह धराशायी कर दिया। हम सभी अपनी सेना के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन करते हैं। आज का भारत नया भारत है, जो किसी भी दुस्साहस का मुंह तोड़ जवाब देने में सक्षम है। हमें सर झुकाने की जरूरत नहीं होगी, हमारा डंका पूरी दुनिया में बजेगा। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी की कुशल कूटनीति के कारण पूरे विश्व में देश का सम्मान बढ़ा है और पाकिस्तान का आतंकवाद को शह देने का चेहरा उजागर हुआ है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी स्थगित हुआ है बंद नहीं हुआ है। उन्होंने कह की आज के इस दौर में हमें अफवाहों से सचेत रहने की जरूरत है। हमें हमारी सेना एवं नेतृत्व में पूर्ण विश्वास है उनके हाथों में देश सुरक्षित है। लोकसभा सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि तिरंगा यात्रा के माध्यम से आज हम एकजुटता का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एक नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस अवसर पर जगदलपुर विधायक किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नया भारत का नया पैमाना तय किया जा रहा है जिसमें देश के दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब दिया जा रहा है। हमारे सैनिकाें पर हमें पूरा विश्वास है उनके शौर्य और पराक्रम से हमारा देश सुरक्षित है। पहलगाम आतंकवादी हमला का जवाब ऑपरेशन सिंदूर हमारे अभिमान का प्रतीक है एवं माता बहनों की उजड़ी मांग के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। कार्यक्रम के संयोजक एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम संजय श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए देश के 140 करोड़ नागरिक एकजुट हैं, हम सभी सेना के जवानों के साथ खड़े हैं। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और देश की आन, बान और शान, भारतीय सैनिकों के साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन करते हुए आज निकली गई तिरंगा यात्रा में लगभग 10 हजार लोग शामिल हुए। तिरंगा यात्रा मरीन ड्राइव से नगर घड़ी चौक तक निकाली गई। जिसमें सभी धर्म, जाति, संप्रदाय और सभी वर्गों के लोग भारत माता की जय के गगनभेदी नारों के साथ हाथ में तिरंगा थामे शामिल हुए। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री आवास एवं शहरी मामले तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा सहित विधायकगण, महापौर श्रीमती मीनल चौबे उपस्थित थीं।

त्राल एनकाउंटर: मारे गए 3 जैश आतंकी, टारगेटेड इलाके में ऑपरेशन जारी

 त्राल जम्मू-कश्मीर के त्राल में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ की खबर है. इस दौरान तीन आतंकियों को ढेर कर दिया गया. इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के दो से तीन आतंकी छिपे होने की खबर है. जिन तीन आतंकियों को ढेर किया गया है. वे सभी त्राल के रहने वाले हैं. इनके नाम आसिफ अहमद शेख, आमिर नजीर वानी और यावर अहमद भट्ट हैं. इस कामयाबी के बाद भारतीय सेना ने बताया कि खुफिया जानकारी मिलने के बाद 15 मई को अवंतीपोरा के त्राल के नादेर में तलाशी अभियान चलाया गया. भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने त्राल के नादेर को चारों ओर से घेर लिया. जवानों को कुछ संदिग्ध गतिविधियों का पता चला, जिसके बाद आतंकियों पर फायरिंग की गई. ऑपरेशन अभी जारी है. यह एनकाउंटर त्राल के नादिर गांव में चल रहा है. पुलवामा में 48 घंटे में यह दूसरा एनकाउंटर है. इससे पहले मंगलवार को शोपियां में लश्कर के तीन आतंकियों को ढेर किया गया था. शोपियां में सुरक्षाबलों के विशेष ऑपरेशन के तहत मंगलवार को लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकियों को ढेर कर दिया गया था. इन आतंकियों को सुरक्षाबलों ने जिनपथेर केलर इलाके में घेर लिया था. इस ऑपरेशन को ऑपरेशन केलर नाम दिया गया था. इस ऑपरेशन में मारे गए लश्कर के एक आतंकी का नाम शाहिद कुट्टे था, जो शोपियां का रहने वाला था. वह आठ मार्च 2023 को लश्कर में शामिल हुआ था. वह 18 मई, 2024 को हीरपोरा, शोपियां में बीजेपी सरपंच की हत्या में शामिल था. वहीं, दूसरे आतंकवादी की पहचान अदनान शफी डार के रूप में हुई है, जो वंडुना मेलहोरा, शोपियां का रहने वाला है. वह 18 अक्टूबर, 2024 को लश्कर में शामिल हुआ था. वह 18 अक्टूबर, 2024 को शोपियां में गैर स्थानीय मजदूर की हत्या में शामिल था.​ पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों के पोस्टर शोपियां के कई इलाकों में लगाए गए थे. सुरक्षाबलों ने आतंकियों की सूचना देने वाले को 20 लाख रुपये इनाम देने का भी ऐलान कर रखा है. सेना ने पहलगाम में मासूम पर्यटकों की मौत के गुनहगार पाकिस्तानी आतंकियों की तलाश तेज कर दी है.  

इस निर्णायक उपलब्धि को नक्सलमुक्त भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम : मुख्यमंत्री साय

 2026 तक नक्सलमुक्त भारत हमारा संकल्प है: सफल नक्सल ऑपरेशन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की सुरक्षा बलों के साहस की सराहना लाल आतंक के विरुद्ध निर्णायक विजय: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों के साहस और समर्पण को किया नमन इस निर्णायक उपलब्धि को नक्सलमुक्त भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम : मुख्यमंत्री साय रायपुर नक्सल उन्मूलन अभियान को निर्णायक मोड़ पर ले जाते हुए छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर  नक्सल विरोधी ऑपरेशन सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस ऐतिहासिक सफलता पर सुरक्षा बलों को बधाई दी है और इस निर्णायक उपलब्धि को नक्सलमुक्त भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए हम दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने सुरक्षा बलों  विशेषकर सीआरपीएफ, एसटीएफ और डीआरजी के जवानों की सराहना करते हुए कहा कि लाल आतंक के विरुद्ध चल रही इस निर्णायक लड़ाई में हमारे वीर जवानों ने विषम परिस्थितियों में पूरी बहादुरी से नक्सलियों का सामना किया है। उनके अदम्य साहस, धैर्य और पराक्रम को मैं नमन करता हूं। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि अब वह दिन दूर नहीं जब छत्तीसगढ़ पूरी तरह नक्सलमुक्त होगा, और बस्तर के गांव-गांव में शांति, समृद्धि और विकास की नई रोशनी फैलेगी। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट करके बताया है कि छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के दुर्गम क्षेत्र पर हाल ही में हुए अब तक के सबसे बड़े नक्सल विरोधी ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने 31 कुख्यात नक्सलियों को मार गिराकर नक्सल उन्मूलन अभियान में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। उन्होंने इलाके किया है कि  यह क्षेत्र रणनीतिक योजना, नक्सल प्रशिक्षण और हथियार निर्माण का गढ़ रहा है। आज उसी पहाड़ पर शान से तिरंगा लहरा रहा है – यह भारत की आंतरिक सुरक्षा और संप्रभुता की विजय का प्रतीक है।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हम नक्सलवाद को जड़ से मिटाने के लिए संकल्पित हैं। मैं देशवासियों को पुनः विश्वास दिलाता हूँ कि 31 मार्च 2026 तक भारत का नक्सलमुक्त होना तय है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन महज 21 दिनों में पूरा हुआ, और इसमें सुरक्षा बलों का एक भी जवान शहीद नहीं हुआ, जो हमारी रणनीति, समन्वय और शौर्य का प्रमाण है। उन्होंने सीआरपीएफ, एसटीएफ और डीआरजी के जवानों को खराब मौसम और कठिन भूगोल के बावजूद दिखाए गए अदम्य साहस और अनुशासन के लिए बधाई दी। शाह ने यह भी कहा कि यह सफलता केवल एक सैन्य विजय नहीं, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक और वैचारिक विजय भी है, जिसने नक्सल नेटवर्क की रीढ़ को हिला दिया है। देश और विशेषकर छत्तीसगढ़ की जनता को यह विश्वास दिलाता है कि नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर कभी लाल आतंक की सत्ता थी, वहाँ आज राष्ट्रध्वज की छाया में शांति, विकास और संविधान का शासन स्थापित हो चुका है।यह अभियान आने वाले समय में सुरक्षा बलों के लिए मॉडल ऑपरेशन के रूप में उदाहरण प्रस्तुत करेगा। केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य और केंद्र के बीच समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि यह साझा प्रयासों का ही परिणाम है कि इतने बड़े अभियान में ज़ीरो कैज़ुअल्टी के साथ इतनी बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियाँ 2026 तक देश को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाने के लक्ष्य के प्रति पूरी निष्ठा और सामर्थ्य के साथ कार्य कर रही हैं। अमित शाह ने कहा कि यह लक्ष्य अब केवल रणनीति नहीं, राष्ट्रीय संकल्प है।

यह माओवाद पर निर्णायक प्रहार है- मुख्यमंत्री साय

रायपुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माओवादी गढ़ माने जाने वाले करेगुट्टालू पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय बलों द्वारा संयुक्त रूप से 21 अप्रैल से 11 मई 2025 तक चलाए गए 21 दिवसीय व्यापक नक्सल विरोधी अभियान में कुल 31 वर्दीधारी माओवादी मारे गए, जिनमें 16 महिलाएं शामिल हैं। अभियान के दौरान माओवादियों के 216 ठिकानों और बंकरों को ध्वस्त किया गया तथा भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। यह अभियान छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य माओवादियों की सशस्त्र क्षमता को समाप्त कर राज्य के विकास को गति देना है। करेगुट्टालू पहाड़ी, जो छत्तीसगढ़ के बीजापुर और तेलंगाना के मुलुगू जिले की सीमा पर स्थित है, को माओवादी संगठन वर्षों से अपनी सुरक्षित शरणस्थली के रूप में उपयोग कर रहे थे। इस 60 किलोमीटर लंबे और अत्यंत दुर्गम क्षेत्र में पीएलजीए बटालियन की टेक्निकल यूनिट सहित लगभग 300-350 माओवादी सक्रिय थे। यहां से देसी हथियार, आईईडी और बीजीएल शेल तैयार किए जा रहे थे। अभियान के दौरान माओवादियों की 4 तकनीकी इकाइयों को भी नष्ट किया गया, जहाँ से 4 लेथ मशीनें, 450 नग आईईडी, 818 बीजीएल शेल, 899 बंडल कार्डेक्स, डेटोनेटर और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। इसके अतिरिक्त राशन, दवाइयां और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी बरामद हुईं। लगातार 21 दिनों तक चले इस अभियान में कुल 21 मुठभेड़ें हुईं। 3 शव 24 अप्रैल, 1 शव 5 मई, 22 शव 7 मई और 5 शव 8 मई को बरामद किए गए। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों के 18 जवान आईईडी विस्फोटों में घायल हुए। हालांकि सभी जवान खतरे से बाहर हैं और उन्हें बेहतर इलाज प्रदान किया जा रहा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के बावजूद जवानों ने साहस और धैर्य के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस सफलता पर कहा कि बीजापुर जिले की करेगुट्टालू की पहाड़ी पर हमारे जवानों ने जिस शौर्य और साहस का प्रदर्शन किया है, वह माओवाद पर निर्णायक प्रहार है। यह केवल ऑपरेशन नहीं, बल्कि भारत के तिरंगे की विजय यात्रा है। मैं सभी वीर सुरक्षाकर्मियों को हृदय से बधाई देता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में यह लड़ाई माओवाद की जड़ों तक पहुँच चुकी है और हम मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त करने में सफल होंगे। गौरतलब है कि वर्ष 2025 के शुरुआती चार महीनों में राज्य में कुल 174 हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। सुरक्षा बलों की मजबूत पकड़ के चलते माओवादी संगठन बिखर रहे हैं और छोटे-छोटे समूहों में विभाजित हो रहे हैं। बीजापुर के नेशनल पार्क क्षेत्र और नारायणपुर के माड़ क्षेत्र में भी ऑपरेशन तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य शासन का उद्देश्य माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में आमजनों का विश्वास अर्जित करते हुए समावेशी विकास सुनिश्चित करना और समयबद्ध रूप से माओवाद का समूल उन्मूलन करना है।

हत्या कर खेत में गाड़ने वाले आरोपी को उम्रकैद

Life imprisonment to the accused who murdered and buried the dead body in the field हरिप्रसाद गोहेआमला । बैतूल जिले के आमला में 40 हजार रुपए की उधारी मांगना आमला के शिवपुरी निवासी कोयला व्यापारी राधेश्याम (38) को महंगा पड़ गया। पैसों की मांग से नाराज होकर दिलीप यदुवंशी नाम के युवक ने अपने साथी वस्तुलाल के साथ मिलकर राधेश्याम की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को मक्का के खेत में दफना दिया। यह सनसनीखेज वारदात 7 सितंबर 2021 को सामने आई थी। अब कोर्ट ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी दिलीप को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई है, जबकि दूसरा आरोपी वस्तुलाल सबूतों के अभाव में बरी हो गया है।फरियादी पक्ष के अधिवक्ता राजेंद्र उपाध्याय ने बताया कि राधेश्याम ने आरोपी दिलीप को 4% ब्याज पर 40 हजार रुपए उधार दिए थे। उसी रकम की वसूली के लिए वह घर से निकला था। दिलीप ने राधेश्याम को अपने गांव बुलाया और फिर नवेगांव थाना क्षेत्र के एक मक्का खेत में ले जाकर शराब पिलाई। वहां दोनों आरोपियों ने मिलकर पहले गमछे से गला घोंटा और फिर पेट में छुरा घोंप दिया। हत्या के बाद शव को उसी खेत में गड्ढा खोदकर दफना दिया और राधेश्याम की बाइक को बेल नदी में फेंक दिया।राधेश्याम की गुमशुदगी की रिपोर्ट परिजनों ने आमला थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने जब लोकेशन और कॉल डिटेल खंगाली तो वह आखिरी बार बोरर्देही क्षेत्र में दिखा। वहीं उसकी निमोटी गांव के दो लोगों से बातचीत हुई थी। पुलिस ने जब दिलीप और वस्तुलाल से पूछताछ की तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया।सख्त साक्ष्य, डीएनए से लेकर फिंगरप्रिंट तकपुलिस ने मौके से शराब की बोतलें, गिलास और हत्या के दौरान पहने गए कपड़े जब्त किए, जिनमें मृतक का खून लगा था। साथ ही डीएनए रिपोर्ट, कॉल डिटेल, लोकेशन और फिंगरप्रिंट के आधार पर कोर्ट में मजबूत साक्ष्य पेश किए गए।खास बात यह रही कि शव जिस जगह से मिला वह छिंदवाड़ा जिले के नवेगांव थाना क्षेत्र में था, जबकि राधेश्याम आमला (बैतूल) का रहने वाला था। इसके बावजूद तत्कालीन एसपी के निर्देश पर जांच बैतूल पुलिस से ही कराई गई, इसलिए केस आमला कोर्ट में चला।आमला एडीजे कोर्ट ने आरोपी दिलीप को हत्या के मामले में उम्रकैद और 300 रुपए जुर्माना, साथ ही साक्ष्य छिपाने के लिए 3 साल की सजा और 200 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं दूसरा आरोपी वस्तुलाल सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है।

जैसीनगर में 600 से अधिक नव दंपति जोड़े बंधे मंगल परिणय सूत्र में

जैसीनगर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द्र सिंह राजपूत ने कहा जाता है कि एक बेटी का कन्यादान अगर कोई कर दे तो उसे यज्ञ का पुण्य मिलता है। जैसीनगर में बुधवार को आयोजित कन्यादान योजना में 600 से अधिक बेटियां हैं, जिनका कन्यादान हम ले रहे हैं, जो कि महायज्ञ के समान है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से बेटियों के पिता की चिंताएं दूर हुई हैं, इस योजना ने बेटियों के पिता के माथे का पसीना पोंछने का काम किया है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना एवं शादी समारोह एक महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री राजपूत ने यह बात सुरखी विधानसभा क्षेत्र के जैसीनगर में आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह समारोह में व्यक्त किये।  मंत्री राजपूत ने कहा कि जैसीनगर में यह शादी समारोह एक महापर्व की तरह मनाया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि पहले बेटियां बोझ समझी जाती थीं, लेकिन राज्य सरकार अब बेटियों के जन्म से लेकर शादी तक पूरा खर्च वहन करती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के महिला सशक्तिकरण के लिए किये जा रहे लगातार प्रयासों से हमारी बेटियां वरदान बन गई हैं। मंत्री ने विवाह समारोह में सपत्नीक किया नृत्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत तथा मंच पर सभी अतिथियों ने वैवाहिक जोड़ों पर पुष्प वर्षा कर मंगलकामनाओं के साथ उन्हें विवाह की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनकी पत्नी श्रीमती सविता सिंह राजपूत ने नृत्य किया एवं वर-वधू को आशीर्वाद दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत एवं आकाश सिंह राजपूत ने भी बुंदेली गीतों पर जमकर नृत्य किया।      सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने कहा कि मध्यप्रदेश में बेटियों बहनों  को अनेक योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि पहले जहां एक बेटी का कन्यादान करने में परिवार कई परेशानियों से गुजरता था।  आज सरकार के माध्यम से एक साथ  इतनी बेटियों का कन्यादान करने का हम सब को सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। मंत्री राजपूत द्वारा अपने क्षेत्र के लिए किये जाने वाले कार्य हमेशा से ही सुर्खियों में रहे हैं। इस कन्यादान में उनके द्वारा की गई व्यवस्थाएं प्रशंसनीय हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के माध्यम से जहां सभी वर्गों का कन्यादान किया जाकर परिजनों की चिंताएं भी दूर की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा बेटियों की शादी में 49000 की राशि उनके खाते में हस्तांतरित कर रही है। इससे वह अपना जीवन सुख में व्यतीत कर सकेंगी। उन्होंने सभी नव दंपतियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  श्रीमती सविता सिंह राजपूत ने कहा कि आज मेरा सौभाग्य है कि मुझे सुरखी विधानसभा क्षेत्र में दो दिन में एक हजार से अधिक बेटियों का कन्यादान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। श्रीमती सविता सिंह राजपूत ने बुंदेली बन्ना मांगलिक गीत की प्रस्तुत दी। इस अवसर पर मंत्री राजपूत के आमंत्रण पर बुंदेलखंड की गायिका सुकविता शर्मा ने बुंदेली मांगलिक गीतों की प्रस्तुत दी।  इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में वर वधू के परिजन मौजूद थे।  

नापा नुक्कड़ नाटक, कठपुतली नृत्य के माध्यम से शहर में दे रही जनजागृकता का संदेश ।

NAPA is spreading the message of public awareness in the city through street plays and puppet dances. हरिप्रसाद गोहेआमला । प्रदेश की मोहन यादव सरकार पानी बचाने समूचे प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चला रही है।अभियान का प्रमुख उद्देश्य कुपो, नदिया तालाबों एवं बावड़ियों को संरक्षित कर पानी सहेज भूमिगत जल स्तर को बढ़ाना हैं ।सरकार की जल बचाने वाली अभिनव पहल का असर प्रदेश भर के जिलों में देखा भी जा रहा है । जल गंगा संवर्धन अभियान प्रदेश स्तरीय मुहिम का असर बुधवार आमला शहर में भी देखा गया । यहां कार्यालय नगर पालिका परिषद आमला के बैनर तले अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आमला सर शैलेंद्र बड़ोनिया के मार्गदर्शन में नगर पालिका आमला की टीम ने तहसील कार्यालय आमला परिसर से नगर वासियों की गरिमामय उपस्थिति में नुक्कड़ नाटक,एवं कठपुतली नृत्य के माध्यम से पानी बचाने आम जन को जन जागरूकता का संदेश देकर लोगों से पानी बचाने अपील की गई। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व शैलेंद्र बड़ोनिया ने नुक्कड़ नाटक एवं कठपुतली नृत्य की प्रस्तुति दे रहे भोपाल के कलाकार कमल मासूम एवं उनकी टीम की प्रस्तुति की प्रशंशा कर कहा इसी तरह पूरे शहर आम जन को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जनजागृकता का संदेश दिया जाए । वहीं नपा द्वारा बैनर पोस्टरों के माध्यम से स्लोगन संदेश द्वारा पानी सहेजने एवं पानी बचाने आम जन से अपील की जा रही है । इस दौरान नुक्कड़ नाटक के कलाकारों द्वारा प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान की माहत्त्वता , पानी कितना एवं क्यों जरूरी है इसे कैसे बचाया जाए, कैसे पानी को संरक्षित करे विस्तार से बताया जा रहा है। इस मौके पर नगर पालिका कर्मचारी उल्लास जोशी, गणेश हारोड़े, अमरदीप वर्मा, संजय साहू, सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे ।

मैहर जिले में टेक्निकल एरर के कारण किसानों का 150 करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान अटका

सतना कुछ समय पूर्व ही अस्तित्व में आए मैहर जिले में टेक्निकल एरर के कारण किसानों का 150 करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान अटक गया है। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के एवज में मिलने वाली इस रकम का कुछ हिस्सा जारी हो चुका है, लेकिन तकनीकी खामी के कारण वह पैसा किसानों के खाते में नहीं जा पा रहा है। मैहर में इस सत्र में 8600 किसानों ने 150.12 करोड़ रुपए से अधिक कीमत का 5.77 लाख ङ्क्षक्वटल गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचा था। डिजिटल हस्ताक्षर करते ही भुगतान फेल हो गया किसानों को देने के लिए राज्य शासन से 5 से 12 मई के बीच 3.73 करोड़, 99 लाख और 55.22 करोड़ रुपए के ईपीओ नागरिक आपूर्ति निगम कार्यालय मैहर को प्राप्त भी हुए। लेकिन जेआईटी पोर्टल में तकनीकी खामियों के कारण डिजिटल हस्ताक्षर करते ही भुगतान फेल हो गया। मैहर के उलट सतना में 184 करोड़ का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। यहां 25667 किसानों से 523.33 करोड़ रुपए मूल्य के 20.12 लाख ङ्क्षक्वटल गेहूं की खरीदी की गई थी। शेष भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। इन्हें भुगतान का इंतजार अमरपाटन ब्लॉक के ग्राम लालपुर निवासी किसान नारायण प्रसाद चौरसिया को 189 ङ्क्षक्वटल गेहूं के भुगतान का इंतजार है। किसान ने 11 अप्रेल को यह गेहूं बेचा था। इसी तरह 13 अप्रेल को 75 ङ्क्षक्वटल गेहूं का विक्रय करने वाले जरियरी गांव निवासी भगवती पाण्डेय को भी भुगतान की प्रतीक्षा है। 15 अप्रेल को 240 ङ्क्षक्वटल गेहूं देने वाले मैहर के घनश्याम प्रसाद त्रिपाठी भी 6 लाख 24 हजार रुपए की अपनी राशि मिलने की बाट जोह रहे हैं। 24 अप्रेल को 19 ङ्क्षक्वटल गेहूं का विक्रय करने वाले मैहर के ग्राम देवरा निवासी रामदयाल कुशवाहा को भी 49 हजार 400 रुपए के बकाया में से एक पाई का भुगतान भी नहीं हुआ है। जेआईटी पोर्टल में तकनीकी समस्या आने से नहीं हो रहा भुगतान जेआईटी पोर्टल में तकनीकी समस्या के कारण अभी किसानों को भुगतान नही हो रहा। लगभग डेढ़ सौ करोड़ का भुगतान लंबित है। प्रबंधक संचालक को चिठ्ठी भेजकर अवगत कराया गया है। इसके साथ ही 12 मई को एनआईसी भोपाल को भी पत्र से जानकारी भेज दी गई है। राजीव पाण्डेय, प्रभारी डीएसओ, मैहर

मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में SC ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें फटकार लगाई

 मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट ने भी लगाई फटकार, MP High Court के एफआईआर के आदेश पर रोक लगाने से इनकार विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार, पूछा- संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति ऐसा बयान कैसे दे सकता मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में SC ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें फटकार लगाई भोपाल / जबलपुर मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान पर उनके खिलाफ महू के मानपुर थाने में बुधवार देर रात एफआईआर दर्ज की गई थी। मंत्री द्वारा एफआईआर रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई गई थी, जिस पर उन्हें वहां से भी फटकार मिली। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। उल्लेखनीय है कि स्वत: संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इस मामले में आज मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई होना है। आज हाईकोर्ट के पटल पर उस वीडियो का लिंक भी रखे जाएंगे, जिसमें मंत्री ने कर्नल सोफिया को लेकर टिप्पणी की थी। कांग्रेस कर रही मंत्री को पद से हटाने की मांग इधर कांग्रेस मंत्री विजय शाह को पद से हटाने की मांग कर रही है। प्रदेश के इंदौर, भोपाल और जबलपुर सहित कई शहरों में मंत्री शाह के खिलाफ प्रदर्शन भी किया गया था। इन धाराओं में दर्ज हुआ केस, उम्र कैद या 7 साल तक की सजा का प्रविधान बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 152 : अलगाव, सशस्त्र विद्रोह और विध्वंसक गतिविधियों को भड़काने वाले कृत्यों को अपराध मानती है। यह देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कार्यों को भी अपराध मानती है। इसमें उम्रकैद या सात साल तक के कारावास के दंड का प्रविधान है। बीएनएस 196(1)(ख) : धर्म, जाति, जन्मस्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और सद्भाव बनाए रखने के लिए हानिकारक कार्य करने से संबंधित है। इसमें पांच वर्ष के कारावास का प्रविधान है। बीएनएस 197(1)(ग) : राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने वाले कार्यों से संबंधित है। इसमें किसी भी समूह की भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा को संदेह में लाने वाले आरोप, दावे या कथन शामिल हैं। इसमें तीन वर्ष के कारावास का प्रविधान है। हाईकोर्ट ने कहा- “गटर जैसी भाषा”, दर्ज हुआ मामला 14 मई 2025 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। अदालत ने उनकी टिप्पणी को “गटर की भाषा” कहा और इसे महिलाओं के सम्मान और सेना की गरिमा के विरुद्ध करार दिया। कोर्ट के मुताबिक, एक कैबिनेट मंत्री की ओर से इस तरह की टिप्पणी न केवल कर्नल सोफिया के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाती है, बल्कि इससे भारतीय सेना की प्रतिष्ठा पर भी सवाल खड़े होते हैं। आदेश के तहत आईपीसी की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई, जिसमें सात साल तक की सजा का प्रावधान है। Supreme Court की फटकार, 16 मई को अगली सुनवाई विजय शाह ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए Supreme Court का रुख किया, लेकिन यहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। 15 मई को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मंत्री की भाषा अस्वीकार्य है और उन्होंने अपने पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 16 मई की तारीख तय की है और कहा है कि मामले में कानून के तहत उचित निर्णय लिया जाएगा। सोशल मीडिया पर समर्थन, विपक्ष का हमला यह मामला तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। हजारों लोग कर्नल सोफिया के समर्थन में सामने आए हैं और विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, विपक्षी दलों ने इसे महिलाओं और सेना के प्रति भाजपा सरकार के “दृष्टिकोण” का प्रतिबिंब बताया है। यह विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर गरमाया हुआ है और आने वाले दिनों में इसका असर मध्य प्रदेश की राजनीति पर भी दिख सकता है।

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