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भारत 2024 में लगातार दूसरे साल दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन (3W) बाजार बना रहा: IEA रिपोर्ट

नई दिल्ली भारत इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों का दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) की रिपोर्ट के अनुसार, देश में 2024 में इनकी बिक्री 20 फीसदी बढ़कर 7 लाख के करीब पहुंच गई। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) की ग्लोबल EV आउटलुक 2025 रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2024 में लगातार दूसरे साल दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन (3W) बाजार बना रहा। इस वर्ष इन वाहनों की बिक्री में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और आंकड़ा 7 लाख यूनिट के करीब पहुंच गया। वैश्विक स्तर पर तिपहिया वाहन बाजार में 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इलेक्ट्रिक सेगमेंट में 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई और 10 लाख से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री हुई। भारत और चीन मिलकर 90 प्रतिशत से अधिक इलेक्ट्रिक और पारंपरिक तिपहिया वाहनों की बिक्री के लिए जिम्मेदार रहे। खास बात यह रही कि चीन में इलेक्ट्रिक 3W की हिस्सेदारी 15% से नीचे बनी रही, जबकि भारत ने चीन को पछाड़ते हुए इस सेगमेंट में 57% बाजार हिस्सेदारी के साथ शीर्ष स्थान बनाए रखा।   सरकार प्रोत्साहन से बढ़ा ईवी अडॉप्शन भारत सरकार की नई योजना PM ई-DRIVE को इस तेजी से बढ़ते ट्रेंड का बड़ा कारण माना जा रहा है। इस योजना के तहत 2024 में 3 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों को व्यावसायिक उपयोग के लिए प्रोत्साहन देने हेतु बजट आवंटित किया गया है। IEA के मुताबिक, भारत, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया आज भी दोपहिया और तिपहिया वाहनों (2/3W) के सबसे बड़े बाजार हैं। भारत में 2024 में 220 इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माता सक्रिय रहे, जिनमें से शीर्ष 4 कंपनियों ने कुल बिक्री का 80 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया। कुल 13 लाख EV दोपहिया वाहन बिके, जो पूरे बाजार का 6 प्रतिशत है। भारत में बढ़ी ई-वाहन निर्मान क्षमता बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सरकारी प्रोत्साहनों के कारण इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की कीमतें अब पारंपरिक वाहनों के करीब पहुंच रही हैं। जैसे ओला ने S1X मॉडल 70,000 रुपये में पेश किया है। सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के तहत दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5,000 रुपये प्रति kWh तक की सहायता मिल रही है। भारत में EV उत्पादन क्षमता भी तेजी से बढ़ी है। 2024 में 80 प्रमुख निर्माताओं की कुल क्षमता 1 करोड़ यूनिट थी, जो घरेलू बिक्री से आठ गुना ज्यादा थी। यह आने वाले समय में 1.7 करोड़ यूनिट तक जा सकती है। पिछले साल बिकी 1 लाख इलेक्ट्रिक कारें इलेक्ट्रिक कारों की बात करें तो 2024 में इनकी बिक्री 1 लाख यूनिट रही। 2025 की पहली तिमाही में बिक्री 35,000 यूनिट तक पहुंच गई, जो सालाना 45 प्रतिशत की वृद्धि है। भारत में घरेलू कंपनियों द्वारा निर्मित कारें चीन से आयातित मॉडलों की तुलना में सस्ती हैं। इलेक्ट्रिक बसों के मामले में भी भारत ने बड़ी प्रगति की है। 2020 में जहां इनकी संख्या 3,000 से कम थी, 2024 के अंत तक यह 11,500 से अधिक हो गई।  

पंजाब किंग्स की खराब शुरुआत, पावरप्ले में 3 विकेट धड़ाम

जयपुर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के मैच नंबर-59 में आज राजस्थान रॉयल्स (RR) का सामना पंजाब किंग्स (PBKS) से है. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में है. इस मुकाबले में पंजाब किंग्स टॉस जीतकर पहले बैटिंग कर रही है. पंजाब का स्कोर 6 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 58 रन है. श्रेयस अय्यर और नेहाल वढेरा क्रीज पर हैं. मौजूदा आईपीएल सीजन में राजस्थान रॉयल्स का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है और वो 12 में से 9 मैच हारकर पहले ही प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी है. दूसरी ओर पंजाब किंग्स ने 11 मैच खेलकर 7 में जीत हासिल की है और वो प्लेऑफ की रेस में मजबूती से बनी हुई है. पंजाब किंग्स की शुरुआत खराब रही और उसने पावरप्ले में ही तीन विकेट गंवा दिया. सबसे पहले प्रियांश आर्य (9 रन) को तुषार देशपांडे ने चलता किया. फिर डेब्यूटेंट मिच ओवेन को क्वेना मफाका ने पवेलियन भेज दिया. ओवेन खाता नहीं खोल सके. प्रभासिमरन सिंह भी 21 रन बनाकर तुषार देशपांडे का शिकार बने. प्रभसिमरन के आउट होने के समय पंजाब का स्कोर तीन विकेट के नुकसान पर 34 रन था.

घर के सामने से ट्रांसफार्मर हटवाने दी अर्जी, बिजली कंपनी थमा रही डेढ़ लाख तक का बिल

रायपुर गर्मी के दिनों में लोड बढ़ने पर ट्रांसफार्मर में आग लगने का खतरा बना रहता है, और अगर यह ट्रांसफार्मर घर के सामने लगा हो तो घर-परिवार के लिए खतरा बन जाता है. लेकिन ट्रांसफॉर्मर को हटवाना आम लोगों के बस की बात नहीं, क्योंकि बिजली कंपनी हटाने का पूरा खर्चा मांगती है, जबकि मुख्यमंत्री विद्युतीकरण योजना के तहत ऐसे ट्रांसफार्मर निशुल्क शिफ्ट करने का प्रावधान है. पिछले दो साल में निगम में 50 से ज्यादा आवेदन किए गए. लेकिन इनमें से केवल 15 ही आवेदन समिति को भेजे गए. लोगों ने मुख्यमंत्री विद्युतीकरण के तहत शिफ्ट करने की मांग की, लेकिन ट्रांसफार्मर नहीं हटाए गए. उल्टे लोगों को डेढ़-डेढ़ लाख के खर्च का बिल थमा दिया गया. आवेदन देने के बाद लगाते हैं चक्कर ऐसे ट्रांसफार्मर पुराने मोहल्लों और बस्तियों में हैं. ऐसे में अर्जी देने वाले भी आर्थिक तौर पर इतने सक्षम नहीं हैं कि वे इतनी बड़ी रकम केवल ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने के लिए अदा कर सके. ऐसे ही एक मामले में पीड़ित ने बताया कि ट्रांसफार्मर हटाने के लिए निगम में आवेदन दे चुका है. बिजली कंपनी वालों ने सर्वे किया और डेढ़ लाख का बिल दे दिया. ऐसे पीड़ित एक-दो नहीं बल्कि कई हैं, जो अपने घर के आस-पास लगा ट्रांसफार्मर को हटाने के लिए अर्जी देकर भटक रहे हैं. राजधानी के इन इलाकों में ज्यादा समस्या इस तरह की समस्या रायपुर के कुशालपुर, प्रोफेसर कालोनी, पुरानी बस्ती, खोखोपारा, गुढ़ियारी, बजरंग नगर, लाखेनगर, आमापारा व कुकरीपारा बांसटाल शास्त्रीबाजार व बैजनाथपारा सहित कुछ इलाकों मैं ज्यादा है. एक साल में भेजे केवल 15 प्रस्ताव पिछले एक साल में जिला स्तरीय समिति की 15 प्रस्ताव भेजे हैं. इनमें से अधिकांश प्रस्ताव विधायकों, मंत्रियों और सांसद की ओर से भेजे गए हैं. कुछ प्रस्ताव बिजली कंपनी और पूर्व मंडल अध्यक्ष तथा पूर्व पार्षदों के सिफारिशी पत्रों पर तैयार किए गए हैं. फ्री शिफ्टिंग का प्रावधान राज्य में मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना पर अमल करने कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति बनी है. इसमें निगम कमिश्नर, टाउन प्लानिंग विभाग और पीडब्ल्यूडी के अफसर तथा कलेक्टोरेट के अधिकारी व बिजली कंपनी के अफसर सदस्य हैं. निगम के माध्यम से आवेदन समिति में पेश होते हैं. समिति की हर महीने बैठक होती है, और आवेदनों का परीक्षण करने के बाद काम शुरू होता है. आमतौर पर समिति ऐसे मामलों की स्वीकृति देती है, जिससे बहुत से लोग प्रभावित होते हैं. एक-दो लोगों या व्यक्तिगत आवेदनों पर विचार नहीं किया जाता.

पेट्रोल पंप के सामने दो गुटों के बीच हुआ मामूली विवाद में चाकूबाजी

जगदलपुर शहर में अपराध की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. शनिवार देर रात कृष्णा पेट्रोल पंप के सामने दो गुटों के बीच हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते उग्र हो गया. कहासुनी के बाद एक युवक ने चाकू निकालकर सामने खड़े युवक पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया. मौके पर युवकों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई. इस वारदात को पास से गुजर रहे एक कार सवार व्यक्ति ने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया. यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. हमले के दौरान चाकू से बचने के लिए दो युवक किसी तरह भागकर जान बचाने में सफल रहे. गौरतलब है कि 12 अप्रैल को भी दलपतसागर क्षेत्र में इसी तरह की एक और चाकूबाजी की घटना सामने आई थी, जिसमें दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे. लगातार हो रही इन घटनाओं ने शहर में बढ़ते असामाजिक तत्वों और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर में पुलिस की गश्त और निगरानी बढ़ाने की जरूरत है, ताकि ऐसे आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य को ज्ञानपीठ दिया पुरस्कार, सीएम डॉ मोहन ने दी बधाई

भोपाल नई दिल्ली विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य को संस्कृत भाषा व साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए 58वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया हैं। इसे लेकर मध्य प्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव ने उन्हें बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जगद्गुरु तुलसीपीठाधीश्वर रामानंदाचार्य स्वामी श्री रामभद्राचार्य को ज्ञानपीठ पुरस्कार-2023 से सम्मानित होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि संस्कृत के प्रकांड विद्वान स्वामी श्री रामभद्राचार्य द्वारा दृष्टिबाधित होने के बावजूद अंतर्मन के आलोक से वेद, उपनिषद और रामकथा की जो गूढ़ व्याख्या की गई है, वह भारत ही नहीं, वैश्विक साहित्य जगत के लिए अनुपम आध्यात्मिक धरोहर है। सीएम ने आगे कहा कि कहा कि भारतीय संत परंपरा के गौरव, श्रद्धेय संत पद्मविभूषित स्वामी श्री रामभद्राचार्य की संस्कृत साधना और तपस्वी जीवन की इस उपलब्धि से भावी पीढ़ियों को प्रेरणा मिलती रहेगी।

कर्नल सोफिया पर विवादित टिप्पणी के मामले में अशोका यूनवर्सिटी के प्रोफेसर गिरफ्तार

नई दिल्ली कर्नल सोफिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में अशोका यूनवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को गिरफ्तार कर लिया गया है। यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्य कर रहे अली खान महमूदाबाद ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद महिला अधिकारियों को प्रेस ब्रीफिंग के लिए भेजने को दिखावा और ढोंग बताया था। इसके बाद हरियाणा राज्य के महिला आयोग ने उन्हें नोटिस भेजकर तलब किया था। कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका सिंह को आगे करने को लेकर महमूदाबाद ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट की थीं। माना जा रहा था कि ऑपरेशन सिंदूर का संबंध महिलाओं से है क्योंकि पहलगाम में आतंकियों ने उन लोगों की भी हत्या कर दी जिनकी हाल ही में शादी हुई थी। कई नवविवाहित महिलाओं की मांग उड़ गई। इसीलिए भारतीय सेना की आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में जानकारी देने के लिए महिला अधिकारियों को आगे किया गया। वहीं अली खान महमूदाबाद महिला अधिकारियों को आगे करने के फैसले को ही गलत बताने लगे। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सरकार ऐसा करके केवल दिखावा और ढोंग कर रही है। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनकी पोस्ट पर आपत्ति जताई। पहलगाम हमले के बाद जब एक शख्स के ‘अल्लाहू अकबर’ चिल्लाने और गोलियां चलने को लेकर गिरफ्तारी हुई थी तब भी उन्होंने सोशल मीडिया पर आपत्ति जाहिर की थी। उनका कहना था कि अगर किसी के इस तरह अल्लाहू अकबर चिल्लाने से कुछ साबित करने की कोशिश हो रही है तो आप कश्मीर को समझ ही नहीं पाए हैं। इस बात को लेकर सोशल मीडिया पर उन्होंने काफी बहस भी की। कौन हैं अली खान महमूदाबाद अली खान महमूदाबाद अशोका यूनिवर्सिटी में प्राध्यापक होने के साथ ही राजनीतिक टिप्पणीकार और स्तंभकार हैं। उन्होंने कैंब्रिज से पीएचडी की है। वह राजनीति शास्त्र और इतिहास से डिग्री हासि कर चुके हैं। इसके अलावा दमिश्क यूनिवर्सिटी से उन्होंने अरबी भाषा की पढ़ाई की है। वह सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव रहते हैं। फेसबुक पर की गई टिप्पणी को लेकर वह मुसीबत में घिरे हैं।

नग्न तस्वीरें भेजी, प्राइवेट पार्ट छुआ, बच्चे का यौन शोषण करने वाली महिला टीचर कैसे पकड़ में आई

रूस रूस में एक महिला टीचर को 11 साल के बच्चे के साथ अश्लील हरकत करने के आरोप में कोर्ट ने सख्त सजा सुनाई है। महिला पर आरोप है कि उसने बच्चे को अपनी नग्न तस्वीरें भेजीं। उसके प्राइवेट पार्ट को छुआ। रूस की एक शादीशुदा स्कूल टीचर पर 11 साल के छात्र के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया है। कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक, टीचर ने उसे अपनी नग्न तस्वीरें दिखाईं। बच्चे को जबरन अपने स्तन छूने और होठों पर किस करने के लिए मजबूर किया। महिला टीचर ने खुद पर लगे सभी आरोप स्वीकार कर लिए हैं। उसने दावा किया कि स्टूडेंट के मुंह से उसकी तारीफ सुनने के बाद वह उसके प्रति आकर्षित हो गई थी। कोर्ट ने महिला को 9 साल की जेल की सजा सुनाई है। कैसे खुला राज पोस्ट के मुताबिक, 27 साल की अन्ना प्लाक्स्युक को पहले अभिभावक “ड्रीम टीचर” मानते थे, लेकिन उसने छात्र को क्लास के बाद रोककर उसके निजी अंगों को कपड़ों के ऊपर से छुआ। उसने बच्चे को अपनी नग्न तस्वीरें भेजीं और उससे भी ऐसी ही तस्वीरें मांगीं। पीड़ित बच्चे की मां ने उसके व्हाट्सएप पर शिक्षिका और बेटे के बीच अश्लील मैसेज और फोटो देखी तो चौंक गईं। उसने फिर स्कूल प्रिंसिपल को शिकायत की। अन्ना ने आरोपों को स्वीकार करते हुए दावा किया कि”बच्चे ने पहले उसे कॉम्प्लिमेंट्स दिए, जिससे वह उसके प्रति आकर्षित हुई।” ड्रीम टीचर को सजा अन्ना को “14 साल से कम उम्र के बच्चे के साथ यौन हिंसा” के आरोप में 9 साल जेल की सजा मिली है। जेल से रिहा होने के बाद उसे 1 साल तक पढ़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस मामले से स्थानीय अभिभावक हैरान हैं, क्योंकि अन्ना को पहले एक “ड्रीम टीचर” के रूप में जाना जाता था। यह मामला नवंबर 2023 से शुरू हुआ और करीब 4 महीने तक चला, जिसके बाद अन्ना को फरवरी 2024 में गिरफ्तार किया गया।

रिप्लेसमेंट खिलाड़ी को लेकर खोली पोल, आकाश चोपड़ा ने पकड़ी राजस्थान रॉयल्स की चलाकी

नई दिल्ली राजस्थान रॉयल्स का सफर IPL 2025 में समाप्त हो गया है। टीम का प्रदर्शन इस सीजन बेहद निराशाजनक रहा। RR ने अभी तक खेले 12 में से 3 ही मैच जीते हैं और टीम पॉइंट्स टेबल में 9वें पायदान पर हैं। टीम ऐसे में अगले आईपीएल सीजन की तैयारियों में जुट गई है। जी हां, अगले हाल होने वाले IPL 2026 ऑक्शन से पहले टीम रिप्लेसमेंट के रूप में खिलाड़ियों को कम दाम में अपने स्क्वॉड में शामिल कर रही है। पूर्व क्रिकेट आकाश चोपड़ा का भी यही मानना है। राजस्थान रॉयल्स ने हाल ही में चोटिल संदीप शर्मा के रिप्लेसमेंट के रूप में नांद्रे बर्गर को अपने स्क्वॉड में शामिल किया है। साउथ अफ्रीका के खिलाड़ी को बतौर रिप्लेसमेंट चुनने का मतलब है कि बर्गर आईपीएल के शेष मैचों के लिए टीम के साथ जुड़ेंगे और जरूरत पड़ी तो उन्हें प्लेइंग XI में भी मौका दिया जाएगा। मगर बर्गर को IPL 2025 के लिए उपलब्ध ही नहीं है, वह IPL बहाल होने के बाद टीम से भी नहीं जुड़े। बीसीसीआई का नियम है कि अगर किसी खिलाड़ी को बतौर रिप्लेसमेंट बीच आईपीएल में चुना जाता है तो कुछ शर्तों के साथ उस टीम के पास विकल्प होता है कि वह दोनों खिलाड़ियों को अपने साथ रख सकती है। कई टीमें ऐसा करती है, मगर उनके रिप्लेसमेंट खिलाड़ी बीच सीजन में टीम के साथ जुड़ते हैं। आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “वहां ना जोफ्रा आर्चर हैं और ना नांद्रे बर्गर। बर्गर नहीं आए है, या वह पहले से ही चोटिल है। वह उपलब्ध नहीं है, और मैं सोच रहा हूं, आपने क्या किया है? आपने उसे संदीप शर्मा के रिप्लेसमेंट के रूप में लिया। यदि कोई खिलाड़ी रिप्लेसमेंट के रूप में आता है और चोटिल हो जाता है तो आप उसका रिप्लेसमेंट नहीं लेंगे?” चोपड़ा का मानना ​​है कि रॉयल्स ने बर्गर का चयन करते समय मौजूदा अभियान के बारे में नहीं सोचा है, क्योंकि वे अगले सत्र की नीलामी में उसे शामिल करना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने मूल रूप से उन्हें अगले साल के लिए ही चुना है। राजस्थान ने इस साल के बारे में बिल्कुल नहीं सोचा है, क्योंकि वे अब नांद्रे बर्गर को नहीं खेला सकते, क्योंकि वह उपलब्ध नहीं है। उन्होंने एक अनुपलब्ध खिलाड़ी का चयन किया है, ताकि वे अगले साल की नीलामी में उसे शामिल कर सकें। बहुत ही रोचक विकल्प।” बर्गर ने आईपीएल में 6 मैचों में 7 विकेट लिए हैं। बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज को आईपीएल के निलंबित होने से पहले 8 मई को साइन किया गया था, जिसका मतलब है कि उन्हें आईपीएल 2026 की नीलामी से पहले रॉयल्स द्वारा रिटेन किया जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने अपने राहत कार्यक्रम की अगली किस्त जारी, सेना का खर्च बढ़ाना भी हो जाएगा मुश्किल!

इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने अपने राहत कार्यक्रम की अगली किस्त जारी करने के लिए पाकिस्तान पर 11 नई शर्तें लगाई हैं। इसके साथ ही आईएमएफ ने पाकिस्तान को चेताया है कि भारत के साथ तनाव से योजना के राजकोषीय, बाह्य और सुधार लक्ष्यों के लिए जोखिम बढ़ सकते हैं। रविवार को मीडिया की खबरों में यह जानकारी दी गई है। आईएमएफ ने ऐसी शर्तें लगाई हैं जिसके तहत उसे खर्च और बजट की सारी जानकारी आईएमफ को देनी होंगी। इसके अलावा विकास कार्यों पर 10700 अरब से ज्यादा खर्च करना होगा। ऐसे में जाहिर है कि सेना और आतंकियों पर खर्च करने वाला पाकिस्तान सकते में आ जाएगा। वह खुलकर सेना पर खर्च नहीं बढ़ा पाएगा। पाकिस्तान पर लगाई गई नई शर्तों में 17,600 अरब रुपये के नए बजट को संसद की मंजूरी, बिजली बिलों पर ऋण भुगतान अधिभार में वृद्धि और तीन साल से अधिक पुरानी कारों के आयात पर प्रतिबंध को हटाना शामिल है। ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएमएफ द्वारा शनिवार को जारी कर्मचारी स्तर की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव से इस कार्यक्रम के राजकोषीय, बाह्य और सुधार लक्ष्यों के लिए जोखिम बढ़ सकते हैं।’ रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पिछले दो सप्ताह में पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव काफी बढ़ गया है, लेकिन अबतक, बाजार की प्रतिक्रिया मामूली रही है और शेयर बाजार ने अपने हाल के अधिकांश लाभ को बरकरार रखा है। आईएमएफ की रिपोर्ट में अगले वित्त वर्ष के लिए रक्षा बजट 2,414 अरब रुपये रुपये दिखाया गया है, जो 252 अरब रुपये या 12 प्रतिशत अधिक है। आईएमएफ के अनुमान की तुलना में सरकार ने इस महीने की शुरुआत में भारत के साथ टकराव बढ़ने के बाद रक्षा क्षेत्र के लिए 2,500 अरब रुपये या 18 प्रतिशत अधिक आवंटित करने का संकेत दिया है। भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में छह और सात मई की दरमियानी रात को पाकिस्तान में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकी ठिकानों पर हमले किए। इसके बाद पाकिस्तान ने भी आठ, नौ और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया। 10 मई को दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई को रोकने पर सहमति बनी। रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएमएफ ने पाकिस्तान पर अब 11 और शर्तें लगाई हैं। इस तरह पाकिस्तान पर अबतक 50 शर्तें लगाई जा चुकी हैं। नई शर्तों के तहत अगले वित्त वर्ष के बजट के लिए संसद की मंजूरी शामिल है। आईएमएफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान का कुल बजट आकार 17,600 अरब रुपये का है। इसमें से 1,0700 अरब रुपये विकास कार्यों के लिए होंगे। प्रांतों पर भी एक नई शर्त लगाई गई है। इसमें चार संघीय इकाइयां एक व्यापक योजना के माध्यम से नए कृषि आयकर कानूनों को लागू करेंगी, जिसमें रिटर्न प्रसंस्करण, करदाता पहचान और पंजीकरण, संचार अभियान और अनुपालन सुधार योजना के लिए एक परिचालन मंच की स्थापना शामिल है। इस शर्त के तहत प्रांतों के लिए समयसीमा जून तक है। एक और नई शर्त यह है कि सरकार आईएमएफ के संचालन में सुधार के आकलन की सिफारिशों के आधार पर कामकाज के संचालन की कार्रवाई योजना प्रकाशित करेगी। इसके अलावा एक और शर्त यह है कि सरकार 2027 के बाद की वित्तीय क्षेत्र की रणनीति की रूपरेखा तैयार करेगी और उसे प्रकाशित करेगी। आईएमएफ ने ऊर्जा क्षेत्र के लिए भी चार नई शर्तें लगाई हैं।

रूस ने यूक्रेन पर एक साथ दागे 273 ड्रोन, यूक्रेनी शहरों में तबाही के मंजर सामने आए

रॉयटर्स, कीव रूस ने यूक्रेन पर अपनी अब तक की सबसे बड़ी ड्रोन बमबारी की है। यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया कि यह हमला युद्ध की शुरुआत से अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला है। हमले के बाद यूक्रेनी शहरों में तबाही के मंजर सामने आए हैं। हमले में कीव क्षेत्र में कम से कम एक महिला की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए हैं। यूक्रेनी अधिकारियों ने रविवार को इसकी जानकारी दी। इस हमले में रूस ने 273 ड्रोन दागे। यूक्रेन की वायु सेना के अनुसार, रूस ने अधिकतर हमले कीव के केंद्रीय क्षेत्र और देश के पूर्वी हिस्सों ड्निप्रोपेत्रोव्स्क व डोनेस्क क्षेत्रों को निशाना बनाया। इससे पहले फरवरी 2025 में रूस ने 267 ड्रोन हमले किए थे, जो तब का रिकॉर्ड था। तुर्की में शांति वार्ता विफल हाल ही में इस्तांबुल में रूस-यूक्रेन के बीच तीन साल बाद हुई शांति वार्ता विफल रही। दोनों पक्षों ने केवल कैदियों के आदान-प्रदान का समझौता किया, लेकिन युद्ध विराम पर कोई सहमति नहीं बन पाई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को रूस के राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से बातचीत करने का ऐलान किया है। रविवार की तड़के चली लगातार हमलों में कीव क्षेत्र के ओबुखिव जिले में 28 वर्षीय एक महिला की मौत हुई जबकि एक 4 साल का बच्चा समेत कम से कम तीन लोग घायल हुए। घायल सभी अस्पताल में भर्ती हैं। इस हमले में कई आवासीय इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुईं। यूक्रेन का दावा- 88 ड्रोन मार गिराए यूक्रेनी वायु रक्षा बलों ने 88 ड्रोन मार गिराए, जबकि 128 नकली ड्रोन बिना किसी नुकसान पहुंचाए गिर गए। कीव और इसके आसपास के क्षेत्रों में नौ घंटे तक हवाई हमले की चेतावनी जारी रही। यूक्रेन के डिसइन्फॉर्मेशन सेंटर के प्रमुख आंद्रेई कोवालेन्को ने कहा, “रूस ने हमेशा वार्ता के समय धमकाने के लिए युद्ध का सहारा लिया है।” पिछले दिन भी रूस के ड्रोन हमले में यूक्रेन के सुमी क्षेत्र में एक बस पर हमला हुआ था, जिसमें नौ आम नागरिक मारे गए थे। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इसे “जानबूझकर हमला” करार देते हुए रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाने की मांग की है। रूस ने हालांकि दावा किया था कि उन्होंने एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया था।  

सीएम रेखा गुप्ता ने 11 जिलों की विकास समितियों के लिए अध्यक्ष के रूप में की विधायकों की नियुक्ति

 नई दिल्ली दिल्ली में विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए सीएम रेखा गुप्ता ने 11 जिलों की विकास समितियों के लिए विधायकों की नियुक्ति अध्यक्ष के रूप में की है। शनिवार को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कुल 11 विधायकों को जिलेवार विकास समितियों का अध्यक्ष नियुक्त किया है, जिनमें 8 बीजेपी और 3 आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक शामिल हैं। दिल्ली सरकार का यह फैसला राजधानी में विकास योजनाओं के विकेंद्रीकरण और पारदर्शी कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बीजेपी के जिन विधायकों को अध्यक्ष बनाया गया है, उनमें कुलवंत राणा (उत्तर पश्चिम दिल्ली), अजय महावर (उत्तर पूर्व दिल्ली), गजेंद्र यादव (दक्षिण दिल्ली), पवन शर्मा (दक्षिण पश्चिम), मनोज शौकीन (पश्चिम दिल्ली), राजकुमार भाटिया (उत्तर दिल्ली), शिखा रॉय (नई दिल्ली) और जितेंद्र महाजन (शाहदरा) के नाम शामिल हैं। वहीं, आप पार्टी के संजीव झा (मध्य दिल्ली), रवि कांत (पूर्वी दिल्ली) और राम सिंह नेताजी (दक्षिण-पूर्व दिल्ली) को संबंधित जिला विकास समितियों का अध्यक्ष बनाया गया है। दिल्ली सरकार का यह फैसला राजधानी में विकास योजनाओं के विकेंद्रीकरण और पारदर्शी कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का मकसद सरकार के अनुसार, इन जिला विकास समितियों का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूत बनाना है, ताकि विकास कार्यों में जनता और उनके प्रतिनिधियों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की जा सके. इन समितियों में विधायकों के साथ-साथ नगर पार्षद, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), जिला मजिस्ट्रेट और अन्य विभागों के अधिकारी भी शामिल होंगे. ये सभी मिलकर स्थानीय स्तर की बुनियादी सुविधाओं, योजनाओं और नीतियों की योजना, क्रियान्वयन और निगरानी में अहम भूमिका निभाएंगे।

आज भारत न केवल एक जिम्मेदार परमाणु राष्ट्र बनकर उभरा है, बल्कि सैन्य शक्ति, से दुनिया को अपना लोहा भी मनवाया

नई दिल्ली 51 साल पहले आज ही के दिन भारत ने ‘स्माइलिंग बुद्धा’ मिशन को अंजाम दिया था और दुनिया को अपनी ताकत का परिचय दिया। 18 मई 1974 में पोखरण-I के उस धमाके ने न सिर्फ भारत को दुनिया की छठी परमाणु शक्ति बनाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि विज्ञान और सुरक्षा के मामले में भारत किसी से पीछे नहीं रहने वाला। आज भारत न केवल एक जिम्मेदार परमाणु राष्ट्र बनकर उभरा है, बल्कि उसने सैन्य शक्ति, तकनीकी कौशल और रणनीतिक दूरदर्शिता से दुनिया को अपना लोहा भी मनवाया है। ‘स्माइलिंग बुद्धा’ पोखरण परीक्षण के लिए एक कोड नेम था। यह मिशन भारत के इतिहास का वह मोड़ था जब देश ने दुनिया को दिखा दिया कि हम न केवल सभ्यता और शांति के प्रतीक हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर सैन्य और तकनीकी ताकत भी रखते हैं। अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन के बाद भारत छठा ऐसा देश बना जिसके पास परमाणु हथियार विकसित करने की क्षमता थी। प्रतिबंधों के बावजूद परमाणु शक्ति के विकास की दास्तान पोखरण-1 के बाद भारत पर अमेरिका समेत कई देशों ने प्रतिबंध लगाए, लेकिन DRDO, BARC और ISRO जैसे संस्थानों ने मिलकर देश को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर किया। 11 और 13 मई 1998 को तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने पांच और परमाणु परीक्षण किए, जिनके साथ भारत ने खुद को एक “परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र” घोषित कर दिया। इसके साथ ही भारत ने दो प्रमुख सिद्धांत अपनाए। पहला- भारत पहले परमाणु हमला नहीं करेगा। दूसरा- भारत केवल न्यूनतम लेकिन विश्वसनीय शक्ति रखेगा। अब कहां खड़ा है भारत? स्वीडिश संस्थान SIPRI के अनुसार भारत के पास 2024 तक लगभग 160–170 परमाणु हथियार मौजूद हैं। इतना ही नहीं भारत अब थल, जल और नभ – तीनों माध्यमों से परमाणु हमले करने की पूर्ण क्षमता रखता है। थल में अग्नि-1 से लेकर अग्नि-5 तक लंबी दूरी की मिसाइलें हैं। जल में INS Arihant जैसी परमाणु-सक्षम सबमरीन और नभ में Mirage-2000 और Su-30MKI जैसे लड़ाकू विमान हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रभाव भारत की परमाणु नीति अब भी ‘नो फर्स्ट यूज’ पर आधारित है, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इसके पुनर्मूल्यांकन की आवाजें उठी हैं। भारत की रणनीतिक ताकत ने उसे चीन और पाकिस्तान के विरुद्ध संतुलन देने वाली शक्ति बना दिया है। 51 वर्षों के पांच निर्णायक मोड़ 1974 में पोखरण-1 ने भारत की परमाणु शक्ति में पहली एंट्री दी। 1998 में पोखरण-2 टेस्टिंग से आधिकारिक रूप से परमाणु राष्ट्र की मान्यता मिली। 2003 में न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन की नीति तय की गई। 2016 में परमाणु-सक्षम सबमरीन INS Arihant भारतीय सेना में शामिल हुआ। 2020 के बाद MIRV टेक्नोलॉजी और अग्नि-5 जैसी अत्याधुनिक मिसाइल तकनीक सेना के बेड़े में शामिल हुए।

बेल नदी के उदगम स्थल पर जल गंगा संवर्द्धन के अंतर्गत स्वच्छता अभियान चलाया

Cleanliness drive was conducted at the origin of Bel river under Jal Ganga Samvardhan पवित्र सरोवर की सफाई की और जल स्त्रोत को सदानीर बनाने हेतु श्रम दान किया हरिप्रसाद गोहे  आमला । बेल नदी के उदगम  स्थल पर विभिन्न सामाजिक संगठनों जन अभियान परिषद अखिल विश्व गायत्री परिवार कृष्ण लीला फाउंडेशन आदि संगठन के कार्यकर्ताओं ने जल गंगा संवर्द्धन कार्यक्रम के अंतर्गत पारंपरिक जलस्रोतों के सदानीरा बने रहे इस हेतु स्वच्छता अभियान चलाया,पंखा स्थित बेल नदी के उदगम स्थल पर पवित्र सरोवर की साफ सफाई की सरोवर से कूड़ाकरकट प्लास्टिक आदि बाहर निकाले,तथा तालाब की सफाई हेतु श्रमदान किया।साथ ही जल कलश का पूजन अर्चन किया।इस कार्यक्रम में प्रशासन, कि ओर से श्याम प्रसाद समेले जी नायब तहसीलदार आमला,प्रभात कुमार शाखा प्रबंधक आई सी आई सी आई बैंक आमला,अरविंद माथनकर ब्लाक समन्वयक मप्र जनअभियान परिषद आमला,गायत्री परिवार के प्रमुख शिशुपाल डडोरे जी, सहित कार्यक्रम के प्रमुख सूत्रधार एडवोकेट राजेंद्र उपाध्याय प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर मनोज विश्वकर्मा, आशीष कोकने,सुनील सोनी,किशोराव,नितेश साहू,नीलेश मालवीय,नर्मदाप्रसाद सोलंकी,मो सफी खान,राजू मदान, परपर्यावरण प्रेमी मित्रगण मोजूद  थे।       कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने श्रम दान किया और पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली।आज बैतूल जिले की जीवन दायिनी नदियों में शामिल बेल नदी के उदगम स्थल पर यह अभियान चलाकर जल गंगा संवर्द्धन अभियान को सार्थक किया।

ऑपरेशन सिंदूर का नया वीडियो जारी, सेना का जवाब देते हुए बताया सबक ऐसा सिखाया गया है जिसे पीढ़ियां याद रखेंगी

नई दिल्ली पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने जिस तरह से पराक्रम दिखाते हुए पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया, उससे पाकिस्तान के भी हौसले पस्त हो गए। वहीं जब पाकिस्तान ने बौखलाकर भारत पर हमला शुरू किया तो भारतीय सेना ने ऐसा मुंहतोड़ जवाब दिया कि वह सीजफायर के लिए मिन्नतें करता नजर आया। भारतीय सेना ने रविवार को ऑपरेशन सिंदूर का एक और वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में सेना का जवाब आतंकियों को चुनौती देते हुए कहता है कि सबक ऐसा सिखाया गया है जिसे पीढ़ियां याद रखेंगी। भारतीय सेना के वेस्टर्न कमांड के इस वीडियो में कहा गया, यह बदले की भावना नहीं न्याय था। सबक ऐसा सिखाएंगे कि इनकी पीढ़ियां याद रखेंगी। रात के करीब 9 बजे दुश्मन ने जिस पोस्ट से हमला किया सेना ने उसे मिट्टी में मिला दिया। सिंदूर पाकिस्तान के लिए वह सबक था जो उसने दशकों से नहीं सीखा। वीडियो में देखा जा सकता है कि सेना कैसे आतंकियों के लॉन्चिंग पैड्स और पाकिस्तानी सेना की पोस्ट को तबाह कर रही है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने राजनीतिक और कूटनीतिक, दोनों तरह से भारत की सोच बदल दी है और पूरी दुनिया इसकी गवाह है। जम्मू कश्मीर के उधमपुर से लोकसभा सदस्य एवं केंद्रीय मंत्री सिंह ने यह भी कहा कि सिंधु जल संधि जल्दबाजी में की गई थी, क्योंकि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पाकिस्तान को खुश करना चाहते थे। कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने विजय के. सजावल द्वारा लिखी पुस्तक “कश्मीर क्रॉनिकल्स” का यहां कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब में विमोचन करने के बाद कहा कि यह संधि दोनों देशों के लिए न्याय करने में असफल रही।उन्होंने कहा कि 2019 के पुलवामा हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक के पश्चात, भारत ने अपनी रक्षा रणनीतियों में बदलाव की शुरुआत की थी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बलों को परिस्थितियों के अनुसार तथा पेशेवर ज्ञान एवं विवेक के आधार पर कार्य करने की पूरी स्वतंत्रता दी थी। उन्होंने कहा कि यह 2014 से पहले की प्रथा के बिल्कुल विपरीत है, जब सेनाओं को केवल सीमित स्वतंत्रता थी और बड़े हमले के लिए उन्हें नयी दिल्ली से राजनीतिक मंजूरी का इंतजार करना पड़ता था। मंत्री ने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा शुरू किया गया ऑपरेशन सिंदूर, अब तक की प्रचलित पद्धति में बदलाव का परिणाम है।

हार्वेस्टर से टकराई बाइक, बाइक सवार युवकों की मौत, कटे अंग

सक्ती सक्ती जिले के मालखरौदा थाना क्षेत्र अंतर्गत मिशन चौक-पिहरीद मुख्य मार्ग पर एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना में तीन युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा एक तेज रफ्तार हार्वेस्टर के सामने से बाइक के टकरा जाने के कारण हुआ। जानकारी के अनुसार, धान कटाई के बाद हार्वेस्टर में लगे कटर को नहीं हटाया गया था और वह भारी वाहन रिहायशी इलाके से गुजर रहा था। इसी दौरान मिशन चौक से पिहरीद की ओर जा रहे तीन बाइक सवार युवक हार्वेस्टर की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवकों के अंग अलग हो गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। मृतकों की पहचान नागेश्वर पिता दाऊलाल एवं शेर सिंह पिता परदेशी (ग्राम सतगढ़ निवासी) के रूप में हुई है, जबकि तीसरे युवक की पहचान की प्रक्रिया जारी है। घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मिशन चौक पर चक्का जाम कर दिया और हार्वेस्टर मालिक से मुआवजे की मांग करने लगे। इसके साथ ही पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के बाद शव को सीधे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, अस्पताल नहीं लाया गया। इससे आक्रोश और भी बढ़ गया। छपोरा, जैजैपुर और सक्ती मुख्य मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। मौके पर मालखरौदा पुलिस पहुंचकर स्थिति को संभाला।

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