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RBSE 12th Result 25 से 28 मई के बीच होगा जारी, 10वीं कक्षा का रिजल्ट मई अंतिम सप्ताह में हो सकता है जारी

नई दिल्ली राजस्थान बोर्ड परीक्षाओं में भाग लेने वाले स्टूडेंट्स को रिजल्ट जारी होने का इंतजार था जो अब खत्म हो गया है। बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन, राजस्थान, अजमेर की ओर से इंटरमीडिएट (12th) रिजल्ट डेट की घोषणा कर दी गई है। RBSE के सोशल मीडिया X अकाउंट पर दी गई डिटेल के मुताबिक RBSE 12th Result 25 मई से लेकर 28 मई के बीच जारी किया जायेगा। 10वीं कक्षा का रिजल्ट कब होगा जारी? रिपोर्ट्स के मुताबिक 12th क्लास का रिजल्ट जारी होने के बाद 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित किया जायेगा। रिजल्ट के लिए संभवित तारीख 26 से लेकर 31 मई 2025 है। ऑफिशियल डेट एवं समय की डिटेल जल्द ही बोर्ड की ओर से साझा की जाएगी। रिजल्ट के साथ टॉपर्स लिस्ट होगी जारी दोनों ही कक्षाओं का रिजल्ट जारी होने के साथ ही टॉपर्स लिस्ट भी जारी की जाएगी। इंटरमीडिएट की टॉपर्स लिस्ट स्ट्रीम (आर्ट्स, कॉमर्स एवं साइंस) वाइज अलग-अलग जारी की जाएगी। जो भी छात्र-छात्राएं बोर्ड एग्जाम में टॉप करेंगे उनको राज्य सरकार की ओर से सम्मानित किया जायेगा। कहां और कैसे चेक कर सकेंगे परिणाम माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की ओर से रिजल्ट प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा मंत्री एवं बोर्ड अध्यक्ष की उपस्थिति में जारी किया जायेगा। रिजल्ट जारी होने के बाद लिंक ऑफिशियल वेबसाइट rajresults.nic.in, rajeduboard.rajasthan.gov.in एक्टिव हो जायेगा। छात्र इसमें से किसी भी साइट का प्रयोग करके अपने परिणाम की जांच कर सकेंगे और रिजल्ट की डिजिटल कॉपी भी डाउनलोड कर सकेंगे। नतीजे चेक करने के लिए रोल नंबर दर्ज करना होगा। नतीजे चेक करने की स्टेप्स     राजस्थान बोर्ड रिजल्ट जारी होने के बाद आपको सबसे पहले वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाना होगा।     वेबसाइट के होम पेज पर रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करना होगा।     अब आपको रोल नंबर भरकर सबमिट करना होगा।     इसके बाद मार्कशीट की प्रति स्क्रीन पर ओपन हो जाएगी जहां से आप इसे डाउनलोड कर सकेंगे। फेल स्टूडेंट्स पास होने के लिए करें ये काम राजस्थान बोर्ड परीक्षा में पास होने के लिए छात्रों को न्यूनतम 33 फीसदी अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। ऐसे में अगर कोई छात्र एक या दो विषय में फेल हो जाता है तो वे नतीजे जारी होने के बाद कंपार्टमेंट एग्जाम में भाग लेकर इसी साल परीक्षा पास कर सकेंगे और अपना साल खराब होने से बचा सकेंगे।

IPL में राजस्थान का सफर खत्म, संजू सैमसन ने कहीं आखिरी बातें

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) का 62वां मुकाबला चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला गया. इस मैच में राजस्थान ने 6 विकेट से जीत हासिल कर इस सीजन की विदाई की. ये राजस्थान का इस सीजन का आखिरी मैच था. चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान के सामने 188 रनों का लक्ष्य रखा था. इसके जवाब में उतरी राजस्थान ने 18वें ओवर में ही ये मैच जीत लिया. वैभव सूर्यवंशी ने 57 रनों की आतिशी पारी खेली. वैभव का दमदार प्रदर्शन इस मुकाबले के हीरो रहे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। उन्होंने यशस्वी जायसवाल के साथ मिलकर पहले संभलकर खेला और फिर चेन्नई के गेंदबाजों पर आक्रामक प्रहार किए। वैभव ने महज 27 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और कुल 57 रन बनाकर जडेजा के हाथों कैच आउट हुए। उन्होंने इस सीजन में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर खुद को भविष्य का सितारा साबित किया है। इस जीत के साथ ही राजस्थान ने अपने सभी लीग मुकाबले पूरे कर लिए हैं। मैच खत्म होने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने धोनी के पर छुए और उनका आशीर्वाद लिया। जिसे देख स्टेडियम में फैंस धोनी धोनी नाम के जयकारे भी लगाने लगे। ऐसी रही राजस्थान की पारी 188 रनों के जवाब में उतरी राजस्थान की शुरुआत बेहद दमदार रही. यशस्वी जायसवाल और वैभव ने आतिशी अंदाज में शुरुआत की. लेकिन चौथे ही ओवर में यशस्वी का विकेट गिर गया. यशस्वी ने 19 गेंद में 36 रन बनाए. उन्होंने 5 चौके और 2 छक्के जड़े. अंशुल कंबोज ने उनका विकेट झटका. लेकिन इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन ने आतिशी अंदाज में बल्लेबाजी की. 10 ओवर में राजस्थान का स्कोर 95 के पार पहुंच गया. इस मैच में भी वैभव सूर्यवंशी का जलवा देखने को मिला. वैभव ने 27 गेंद में फिफ्टी जड़ दी. इस दौरान उन्होंने 4 चौके और 4 छक्के जड़े. लेकिन 13वें ओवर में पहले संजू कि विकेट गिर गया. संजू ने 41 रन बनाए. वहीं, वैभव भी अगले ही ओवर में आउट हो गए. वैभव ने 57 रन बनाए. लेकिन इसके बाद ध्रुव जुरेल और शिमरोन हेटमायर ने मोर्चा संभाला. दोनों ने अच्छी बल्लेबाजी की और 18वें ओवर की पहली ही गेंद पर अपनी टीम को जीत दिलाई. राजस्थान 9वें पायदान पर है वहीं, चेन्नई सबसे आखिरी पायदान पर है. हालांकि, राजस्थान का सफर अब खत्म हो गया है, जबकि चेन्नई का अभी एक मैच बाकी है. ऐसी रही चेन्नई की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी चेन्नई की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दूसरे ही ओवर में कॉन्वे को युद्धवीर ने अपना शिकार बनाया. इसके बाद इसी ओवर में उन्होंने उर्विल पटेल को भी अपना शिकार बना लिया. लेकिन इसके बाद आयुष म्हात्रे ने खतरनाक अंदाज में बैटिंग की. म्हात्रे ने 20 गेंद में 43 रनों की पारी खेली. लेकिन छठे ओवर में उनका विकेट गिर गया. इसके बाद अगले ही ओवर में अश्विन भी चलते बने. अश्विन ने 13 रन बनाए. इसके बाद रविंद्र जडेजा से बड़ी पारी की उम्मीद थी. लेकिन जडेजा भी युद्धवीर का शिकार हो गए. जडेजा ने केवल एक रन बनाए. इसके बाद ब्रेविस और शिवम दुबे ने पारी को संभालने की कोशिश की. 10 ओवर के बाद चेन्नई का स्कोर 103-5 था. दोनों के बीच 59 रनों की साझेदारी 14वें ओवर में टूटी जब ब्रेविस 42 रन बनाकर मधवाल का शिकार बने. इसके बाद धोनी और शिवम दुबे में अच्छी साझेदारी हुई. इसी बीच धोनी ने 350 टी20 छक्के भी पूरे किए. दुबे का विकेट 20वें ओवर में गिरा. दुबे ने 39 रन बनाए. जबकि धोनी ने 16 रनों की पारी खेली लेकिन वो भी आखिरी ओवर में आउट हो गए. इसकी बदौलत चेन्नई ने राजस्थान के सामने 188 रनों का लक्ष्य दिया है.

जेएनयू ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अपना शैक्षणिक कैलेंडर किया जारी, रजिस्ट्रेशन 2 जुलाई से 8 जुलाई तक

नई दिल्ली जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अपना शैक्षणिक कैलेंडर जारी कर दिया है। जारी कैलेंडर में मानसून और शीतकालीन सेमेस्टर की तिथियों, परीक्षाओं और छुट्टियों का स्पष्ट विवरण दिया गया है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 2 जुलाई से 8 जुलाई तक चलेगी मानसून सेमेस्टर 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 2 जुलाई से 8 जुलाई तक चलेगी। सेमेस्टर की अवधि 9 जुलाई से 24 दिसंबर निर्धारित की गई है। 9 जुलाई से 9 दिसंबर तक कक्षाएं चलेंगी, जिसके बाद 10 दिसंबर से 18 दिसंबर तक सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। 30 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे परिणाम परीक्षा परिणाम 30 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे, जबकि 26 दिसंबर से 9 जनवरी तक छात्रों को शीतकालीन अवकाश मिलेगा। इसके बाद शुरू होने वाले शीतकालीन सेमेस्टर 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन 12 जनवरी से 17 जनवरी के बीच किए जाएंगे। यह सेमेस्टर 16 जनवरी से 26 मई तक चलेगा। शीतकालीन सेमेस्टर की परीक्षाएं 16 मई से 23 मई तक होंगी और परिणाम 10 जून को घोषित किया जाएगा। इसके बाद विश्वविद्यालय में ग्रीष्मकालीन अवकाश 27 मई से 3 जुलाई तक रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्रों और शिक्षकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित तिथियों के अनुसार शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए तैयार रहें, ताकि शैक्षणिक सत्र सुचारू रूप से संचालित हो सके।

कंपनी विद्युत नेटवर्क के आधुनिकीकरण और क्षमतावर्धन की दिशा में लगातार प्रयासरत

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि प्रदेश ने विद्युत पारेषण क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पारेषण हानि (ट्रांसमिशन लॉस) को ऐतिहासिक रूप से न्यूनतम स्तर तक लाने में सफलता प्राप्त की है। यह उपलब्धि विद्युत कर्मियों की तकनीकी दक्षता, सतत निगरानी, उन्नत प्रबंधन प्रणाली और अत्याधुनिक तकनीकी उपायों के समन्वय से संभव हो सकी है। ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग (MPERC) द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए निर्धारित 2.77 प्रतिशत लक्ष्य की तुलना में इस वित्तीय वर्ष में पारेषण हानि को घटाकर 2.60 प्रतिशत तक लाया गया है। यह राज्य की विद्युत कंपनियों की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पिछले दो वर्षों की तुलना में भी उल्लेखनीय सुधार है। वर्ष 2022-23 और 2023-24 में पारेषण हानि 2.61 प्रतिशत थी, जबकि वर्ष 2024-25 में इसमें 0.01 प्रतिशत की और गिरावट दर्ज की गई है। पारेषण हानि में कमी के लाभ किसी भी ट्रांसमिशन प्रणाली में पारेषण हानि के न्यूनतम स्तर पर होने से न केवल पर्यावरणीय प्रभाव कम होता है, बल्कि विद्युत उत्पादन की लागत भी घटती है। इसके अतिरिक्त, यह वोल्टेज स्तर समेत अन्य तकनीकी मानकों को स्थिर रखने में भी सहायता करता है। इससे समग्र बिजली प्रणाली अधिक विश्वसनीय बनती है। विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता होगी बेहतर एम.पी. ट्रांसको द्वारा किए गए नवाचारों, स्कॉडा प्रणाली जैसी उन्नत तकनीकी विधियों, विद्युत ग्रिडों की निरंतर निगरानी और समय-समय पर किए गए रख-रखाव के चलते यह सफलता संभव हो सकी है। कंपनी विद्युत नेटवर्क के आधुनिकीकरण और क्षमतावर्धन की दिशा में लगातार प्रयासरत है। यह सफलता न केवल प्रदेश के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर व निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।  

इस बार 65 प्रतिशत प्रशंसक देखना चाहते है आरसीबी की टीम सबसे पसंदीदा बनकर उभरी, नया विजेता चाहते है

मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के करीब 65 प्रतिशत प्रशंसकों को इस साल नया ट्रॉफी विजेता मिलने की उम्मीद है जिसमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की टीम सबसे पसंदीदा बनकर उभरी है। यह आंकड़े एक सर्वेक्षण में सामने आए हैं। इस सर्वेक्षण को करने वाले ‘23 वॉट्स इनसाइट्स स्टूडियो’ ने बताया कि किशोरों और युवाओं सहित 5,000 से अधिक क्रिकेट प्रशंसकों के बीच 5 मई तक किए गए सर्वेक्षण के मुताबिक 12 प्रतिशत प्रशंसक दिल्ली कैपिटल्स को विजेता के रूप में देखना चाहते हैं जबकि सात प्रतिशत पंजाब किंग्स के पक्ष में हैं। इस सर्वेक्षण में भाग लेने वाले ज्यादातर लोग चाहते हैं कि दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी लीग में खेलना जारी रखे। धोनी के संन्यास से जुड़े सवाल पर 73 प्रतिशत क्रिकेट प्रशंसकों ने कहा कि वे चाहते हैं कि यह करिश्माई विकेटकीपर बल्लेबाज खेलना जारी रखें। इससे पता चलता है कि भारत के पूर्व कप्तान को देश भर के प्रशंसकों से अब भी मजबूत समर्थन मिल रहा है। लगभग 37.77 प्रतिशत लोगों का मानना है कि धोनी संघर्ष करने के बावजूद अहम खिलाड़ी हैं जबकि 35.13 प्रतिशत का कहना है कि वह चेन्नई सुपर किंग्स की आत्मा की तरह हैं। उभरते हुए खिलाड़ियों में राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी प्रशंसकों के चहेते खिलाड़ी बनते दिख रहे हैं। 31.4 प्रतिशत प्रशंसकों ने आईपीएल 2025 में पदार्पण करने वाले इस खिलाड़ी को सबसे प्रतिभाशाली युवा क्रिकेटर माना है। उनके बाद मुंबई इंडियंस के अश्वनी कुमार के लिए 21 प्रतिशत प्रशंसकों ने मतदान किया। इस सर्वेक्षण में 78 प्रतिशत प्रशंसकों का मानना है कि ‘इंपैक्ट खिलाड़ी’ नियम ने खेल को ज्यादा रणनीतिक और आकर्षक बनाया है जबकि 20 प्रतिशत का मानना है कि यह नियम हरफनमौला खिलाड़ियों के लिए अनुचित है। गुजरात टाइटन्स, आरसीबी और पंजाब किंग्स ने आईपीएल 2025 के प्लेऑफ में जगह बना ली है, जबकि मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स बचे हुए एक स्थान के लिए दावेदारी कर रहे हैं।

प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2.0 सबके लिये आवास मिशन शुरू, वर्ष 2029 तक बनेंगे 10 लाख आवास

भोपाल प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2.0 सबके लिये आवास मिशन शुरू किया जा चुका है। यह मिशन वर्ष 2029 तक 5 वर्ष की अवधि के लिये क्रियान्वित किया जायेगा। देश भर में एक करोड़ और मध्यप्रदेश में 10 लाख नवीन आवासों के निर्माण का कार्यक्रम तैयार किया गया है। योजना का उद्देश्य सभी पात्र शहरी गरीब एवं आवासहीन परिवारों को सुरक्षित स्थायी और किफायती आवास उपलब्ध कराना है। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-1.0 (पीएमएवाई) में अब तक 8 लाख 50 हजार आवासों का कार्य पूरा किया जा चुका है। इस पर अब तक 22 हजार 975 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों को पीएमएवाई-यू-2.0 के लक्ष्य को समय-सीमा में हासिल करने के लिये निर्देश जारी किये गये हैं। आवास योजना में लाभार्थी को 4 घटकों में दी जायेगी मदद प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2.0 में पात्र लाभार्थी को 4 प्रमुख घटकों के माध्यम से लाभ दिया जायेगा। योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इच्छुक हितग्राही आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा विकसित यूनिफाइड वेब पोर्टल (https://pmay-urban.gov.in/) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिये हितग्राही अपने संबंधित नगरीय निकाय कार्यालय में भी सम्पर्क कर सकते हैं। केन्द्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र परिवार आवास के अभाव में न रहे। स्पेशल फोकस ग्रुप पीएमएवाई-यू-2.0 विभिन्न वर्गों के लिये समानता सुनिश्चित करता है, जिसमें कल्याणी, अकेली महिलाएँ, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, ट्रांसजेंडर, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और अन्य कमजोर वंचित वर्गों की आवास आवश्यकता को ध्यान में रखा गया है। इस योजना में विशेष रूप से सफाईकर्मियों, पीएम स्वनिधि योजना के तहत चिन्हित स्ट्रीट वेण्डर्स, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत विभिन्न कारीगरों, आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों, झुग्गी-बस्तियों और चालों के निवासियों और अन्य पात्र समूहों को प्राथमिकता दी जायेगी।  

पाकिस्तान खाद्य सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक हालात, खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 0.3 % रह गई

कराची पाकिस्तान अपने मुल्क में आतंकियों को पनाह देता है और यह बात पूरी दुनिया जानती है. ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया. इसस पहले पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को सस्पेंड कर दिया गया और पड़ोसी मुल्क के साथ कारोबार पूरी तरह से रोक दिया गया. ऐसे में पहले से ही खस्ताहाल मुल्क पाकिस्तान की हालत और भी बिगड़ गई है और वहां अकाल जैसे हालात बन गए हैं. भुखमरी जैसे हालात पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान खाद्य सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक हालात का सामना कर रहा है. दिसंबर 2024 तक खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 0.3 प्रतिशत रह गई, जो वर्ष की शुरुआत में दोहरे अंकों से कम थी, लेकिन गरीबी और बेरोजगारी, भोजन तक सबकी पहुंच में सबसे बड़ी बाधा बन रही है. साल 2022 की बाढ़ ने पाकिस्तान पर गहरे निशान छोड़े हैं. साल 2023 और 2024 में बेमौसम की घटनाओं ने आजीविका को खत्म कर दिया, खासकर ग्रामीण बलूचिस्तान, सिंध और खैबर पख्तूनख्वा में संकट ज्यादा गहरा है. इन क्षेत्रों में जलस्तर लगातार घटता जा रहा है, जिससे कृषि घाटा बढ़ रहा है और उसपर निर्भर किसान गहरे कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं. कुपोषण बना चिंता का विषय रिपोर्ट में  ताजा आकलन के मुताबिक बताया गया कि पाकिस्तान में 11 मिलियन लोग IPC फेस 3 संकट या उससे भी बदतर हालात में हैं, जबकि 2.2 मिलियन लोगों के सामने इमरजेंसी जैसी स्थिति है. सिंध और खैबर पख्तूनख्वा में कुपोषण का लगातार बढ़ना चिंताजनक है, जहां कम वजन वाले बच्चों की बड़ी संख्या जन्म लेती है और डायरिया और फेफड़ों से संबंधित इंफेक्शन बढ़ा है. इंडीग्रेटिड फूट सिक्योरिटी फेस क्लासिफिकेशन फेस-3 का मतलब है कि आजीविका को बचाने, खाद्य संकट दूर करने और कुपोषण से लड़ने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है. इन चुनौतियों को ज्यादा जटिल बनाने वाली बात है मानवीय आधार पर मिलने वाले वैश्विक निवेश का घटना, जिसने खाद्य सहायता कार्यक्रमों को कम कर दिया है. वैश्विक संस्थाओं से पाकिस्तान को मानवीय आधार पर मिलने वाली आर्थिक मदद कम हुई है, जिससे वहां खाद्य सुरक्षा, कुपोषण जैसे चुनौतियों से निपटने के लिए चल रहे कार्यक्रम कमजोड़ पड़े हैं. आतंकियों का मददगार PAK डॉन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए तत्काल नीतियों में बदलाव की जरूरत है. केंद्र और प्रांतों को अपना सोशल सिक्योरिटी नेटवर्क मजबूत करने की जरूरत है. साथ ही माताओं और बच्चों के लिए पोषण सहायता सुनिश्चित करनी चाहिए और कृषि में ज्यादा निवेश करना चाहिए. निर्णायक कार्रवाई के बिना, पाकिस्तान पर भूख और गरीबी के पुराने चंगुल में फिर से फंसने का खतरा मंडरा रहा है. पाकिस्तान की सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा से ज्यादा खर्च आतंकियों पर कर रही है. हाल ही में शहबाज सरकार ने आतंकी मसूद अजहर को 14 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है. जब तक वहां की सरकार आतंकियों को पालेगी और उनकी मदद करेगी तब तक आम नागरिकों के हितों की रक्षा होना बहुत मुश्किल है.  

हर स्कूल में 15 जुलाई तक चीनी बोर्ड लगाया जाएगा, डायबिटीज के बढ़ते मामलों को देखते हुए कदम उठाया

भोपाल बच्चे टिफिन (Lunch box) में क्या ला रहे हैं? सीबीएसई स्कूलों में इसकी निगरानी होगी। खाने में चीनी के उपयोग को सीमित करने के लिए सीबीएसई (CBSE New Circular) ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं। हर स्कूल में 15 जुलाई तक अनिवार्यत: चीनी बोर्ड लगाया जाएगा। डायबिटीज के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह कदम उठाया है।  दरअसल, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने सर्वे में पाया कि 4 से 10 साल की उम्र के बच्चे तय सीमा से 3 गुना अधिक चीनी का सेवन कर रहे हैं। इससे टाइप 2 मधुमेह (Type 2 Diabetes) का खतरा बढ़ा है। सहोदय ग्रुप ऑफ सीबीएसई स्कूल भोपाल के अध्यक्ष चैतन्य सक्सेना ने बताया कि स्कूलों के बोर्ड में छात्रों के टिफिन (Lunch Box) और शुगर कंटेंट (Children Health Alert) नोट होंगे। साथ ही पौष्टिक खाने के बारे में अभिभावकों को भी जानकारी दी जाएगी। चीनी बोर्ड लगेगा स्कूलों में लगने वाले चीनी बोर्ड की निगरानी प्राचार्य-शिक्षकों के साथ विद्यार्थी (CBSE School Students)भी करेंगे। स्कूल मैनेजमेंट इसके लिए मेन्यू तैयार कर सकता है। इसमें मीठी चीजों की मात्रा तय रहेगी। बोर्ड बच्चों के टिफिन में आने वाले खाद्य पदार्थों में चीनी की उपलब्धता और नियंत्रण पर कार्य करेगा। सर्वे में इस बात पर जोर – 10 साल तक के बच्चों को औसतन 5 फीसदी चीनी सेवन करना चाहिए – मीठा, चॉकलेट या जंक फूड से 15 फीसदी तक चीनी का सेवन करते हैं। – छोटी उम्र से ही चीनी का अधिक उपयोग करने से उनमें टाइप-2 मधुमेह का खतरा तेजी से बढ़ा है।

राज्य सेवा के 21 अधिकारी बनेंगे IAS-IPS, एसएएस के 16 और एसपीएस के 5 अफसरों को मिलेगा मौका

भोपाल  मध्य प्रदेश राज्य सेवा के 16 अफसर आईएएस और 5 आईपीएस बनेंगे। दरअसल, अगले महीने यूपीएससी में डिपार्टमेंट प्रमोशन कमेटी की बैठक होना लगभग तय है। जिसमें इन अफसरों को आईएएस और आईपीएस कैडर में प्रमोशन दिया जाएगा। स्टेट एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (SAS) और स्टेट पुलिस सर्विस (SPS) के 21 अफसरों को अखिल भारतीय सेवा में प्रमोशन मिलेगा। इनमें 16 एसएएस को IAS में प्रमोशन मिलेगा। वहीं 5 एसपीएस अफसर IPS बनेंगे। अगले महीने यूपीएससी में डिपार्टमेंट प्रमोशन कमेटी (DPC) की बैठक होना लगभग तय है। बैठक में इन अफसरों को आईएएस और आईपीएस कैडर में प्रमोशन दिया जाएगा। आईपीएस के लिए 1997-98 बैच के अफसरों के नाम शामिल किए जा सकते हैं। आईएएस के लिए वरिष्ठता सूची के आधार पर 2006-2007 बैच के अफसर आईएएस बनेंगे। कुल 21 पदों के मुकाबले तीन गुना नाम भेजे जाने हैं। यूपीएससी को देर से प्रस्ताव भेजे जाने के कारण 2023 में आठ पदों के लिए डीपीसी नहीं हो पाई थी। सामान्य प्रशासन विभाग ने डीपीसी के लिए प्रस्ताव तैयार कर मुख्य सचिव के अनुमोदन के लिए भेजा था। इसलिए इस साल 2023 और 2024 के 8-8 यानी 16 पदों के लिए डीपीसी होगी। राज्य सरकार मध्य प्रदेश कैडर के अफसरों के नाम तय कर यूपीएससी को भेजती है। इसके बाद खाली पदों के आधार पर नामों की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। केंद्र सरकार के कार्मिक विभाग से अधिसूचना जारी करेगी।

देश में जल संवर्धन अभियान में जनता और प्रशासन की संयुक्त भागीदारी

जल गंगा संवर्धन अभियान प्रदेश में जल संवर्धन अभियान में जनता और प्रशासन की संयुक्त भागीदारी भोपाल प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरचनाओं के निर्माण और साफ-सफाई के कार्य में निरंतर तेजी आती जा रही है। अभियान में जन-भागीदारी और प्रशासनिक अमला संयुक्त रूप से मिलकर भागीदारी कर रहा है। नदी, तालाबों और चेकडेम की सफाई के साथ बोरी-बंधान के कार्य भी किये जा रहे हैं। कलेक्टर ने बोरी बंधान कार्य में निभाई सहभगिता शहडोल जिले के मुड़ना नदी में ग्राम जोधपुर में स्टाप डैम में बोरी बंधान से नदी का जल क्षेत्र 12 घंटे के अंदर हुआ लबालब। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत तहसील सोहागपुर के ग्राम जोधपुर से बहने वाली मुड़ना नदी की जलधारा सूख सी गई थी। पूर्व से बनाए गए स्टाप डैम में जन अभियान परिषद की ग्राम जोधपुर की प्रस्फुटन समिति तथा ग्राम पंचायत ने स्टाप डैम में बोरी बंधान करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों के निर्णय से प्रभावित होकर कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, एसडीएम सोहागपुर अरविंद शाह और जन सामान्य ने गांव में पहुंचकर श्रमदान किया। बोरी बंधान से धीरे-धीरे मुड़ना नदी के बहाव क्षेत्र में जल स्तर बढ़ने लगा जिसे देखकर ग्रामीण जन प्रसन्न हो गए। पानी भर जाने से गांव के पशु-पक्षियों को पीने का पानी तथा ग्रामीण जनों को निस्तार के लिये पानी की सुविधा उपलब्ध हो गई है। जल का अपव्यय रोकने को किया प्रेरित श्योपुर जिले में कलेक्टर अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पीएचई विभाग द्वारा गांव-गांव में लोगों को नलो में टोटियां लगाकर जल का अपव्यय रोकने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत छीताखेडली में नल कनेक्शन में टोटी लगाकर पानी व्यर्थ न फैलाने के लिए ग्राम वासियों को प्रेरित किया गया। ऐसे नल जिनमें टोटियां नही लगी थी, उनमें टोटियां लगाई गई। इस अवसर पर जल संरक्षण के लिए शपथ भी दिलाई गई। जल की एक-एक बूंद बचाने का दिया जा रहा संदेश देवास जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान’’ में नगर निगम देवास द्वारा मीठा तालाब की सफाई की गई। नगरीय निकायों एवं प्रत्येक ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्य किये जा रहे हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जिले में जल की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए 30 जून 2025 तक अभियान जारी रहेगा। अभियान के माध्यम से जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम देवास द्वारा देवास के राजोदा स्थित मीठा तालाब की साफ-सफाई की गई तथा तालाब सौंदर्यीकरण भी किया गया। इसी क्रम में नगर निगम देवास द्वारा आलोट पायगा स्कूल के कुएं की साफ-सफाई की गई। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किये जा रहे कार्यों से जिले में बारिश के दिनों में पानी संग्रहित होगा तथा वाटर लेवल भी बढ़ेगा। प्राचीन बावड़ी का हो रहा है कायाकल्प उज्जैन जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरुप जिले में जल गंगा जल संवर्धन अभियान का योजनाबद्ध क्रियान्वयन किया जा रहा है। गौरतलब है की जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य जन भागीदारी से जल संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित करना है। इस अभियान के अंतर्गत समाज की भागीदारी एवं विभिन्न सहभागी विभागों की समेकित पहल से मुख्यतः नवीन जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण, भू-जल संवर्धन, पूर्व से मौजूद जल संग्रहण संरचनाओं की साफ-सफाई और जीर्णोद्धार किया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिले में स्थित प्राचीन जल के स्रोत- बावड़ी, कुए और कुंड की साफ-सफाई कर उनका जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसी क्रम में तराना जनपद की ग्राम पंचायत कायथा में स्थित प्राचीन बावड़ी का भी अभियान के अंतर्गत कायाकल्प किया जा रहा है।      इस बावड़ी का निर्माण देवी अहिल्या बाई होल्कर द्वारा लगभग 300 वर्ष पूर्व कराया गया था। इस निर्माण में किसी भी प्रकार के चूना, सीमेंट और केमीकल का उपयोग नहीं किया गया था। बावड़ी निर्माण में पत्थरों की जमावट विशिष्ट तरीके से कि गई  जिससे बावड़ी अपने मूल स्वरूप में आज भी सुरक्षित है। बावड़ी प्राचीन होने के बावजूद भी अपने वर्तमान स्वरूप में अच्छी स्थिति में है। प्राचीन समय में बावड़ी में उपलब्ध पानी का उपयोग पेयजल के लिए किया जाता था साथ ही बावड़ी के समीप ग्रामीणजन पूजा भी करते है। कायथा बावड़ी के जीर्णोद्धार के लिये 50 हज़ार रुपए की लागत से गाद निकालने और मुण्डेर की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। मल्हारगढ में पेयजल पाईप लाईन दुरुस्ती का कार्य मंदसौर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य नदी, तालाब, पुरानी बावड़ी सार्वजनिक कुंआ की स्वच्छता और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है। इसी क्रम में नगर परिषद मल्हारगढ में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत वार्ड क़मांक-2 में ईदगाह मार्ग पर पेयजल पाईप लाईन दुरुस्ती और शिप्टिंग का कार्य किया गया। ग्राम ठकुर्रा में स्वच्छता गतिविधि छतरपुर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जिले में जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, संरक्षण और जल संवर्धन के लिए सामूहिक रूप से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा। कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में जिलेभर में गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड गौरिहार के ग्राम ठकुर्रा में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कैल नदी में साफ-सफाई एवं शपथ का आयोजन किया गया। घुघरी में जल संरक्षण कार्यों का किया गया निरीक्षण मंडला जिले में सीईओ जिला पंचायत श्रेयांस कूमट ने विकासखंड घुघरी के ग्राम पंचायत डोंगर मंडला का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जलगंगा संवर्धन अभियान के तहत चल रहे विभिन्न जल संरक्षण कार्यों का जायजा लिया। सीईओ जिला पंचायत कूमट ने निर्माणाधीन खेत तालाब, डग वेल रिचार्ज और कूप मरम्मत कार्यों को देखा। उन्होंने ग्रामीणों से जल संरक्षण के कार्यों में सामुहिक श्रमदान की अपील की।  

मोहन सरकार पचमढ़ी में रहेगी, 3 जून को कैबिनेट बैठक भी यहीं होगी

भोपाल  मध्य प्रदेश के इंदौर के राजवाड़ा के बाद पचमढ़ी में अगली कैबिनेट बैठक होगी। तीन जून को होशंगाबाद जिले के पचमढ़ी में कैबिनेट मीटिंग प्रस्तावित है। डॉ मोहन यादव सरकार में 37 और डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक होगी। मध्य प्रदेश में डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक के तहत मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव  इंदौर के प्रसिद्ध राजवाड़ा में मंत्रिमंडल की बैठक हुई । यह मीटिंग राजवाड़ा के गणेश हॉल में  हुई । जहां सीएम और मंत्री पारंपरिक तरीके से पटिए-गद्दों पर बैठें। इस मीटिंग में मोहन सरकार कई अहम फैसले भी लिए । 3 जून को पचमढ़ी में मोहन कैबिनेट की पहली बैठक होगी। इसमें सभी मंत्री और प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक कराने के लिए जिला प्रशासन ने अभी तक ओल्ट होटल के सामने का मैदान सहित कई होटल, रिसोर्ट आदि देखे हैं। इसमें से किसी एक जगह का चयन किया जाना है। बैठक में शामिल होने वाले मंत्री अधिकारियों का आना 2 जून से शुरू हो जाएगा। इसलिए उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्थाओं के लिए होटल रिसोर्ट भी देखे जा रहे हैं। एक दो दिन में बैठक का स्थल तय कर लिया जाएगा।  सबसे पहले 3 जनवरी 2024 को जबलपुर के भेड़ाघाट के पास पहली कैबिनेट बैठक हुई थी। दूसरी 5 अक्टूबर 2024 को रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती पर उनके गांव सिंग्रामपुर में हुई थी। वहीं तीसरी 24 जनवरी 2025 को पर्यटन नगरी महेश्वर में कैबिनेट बैठक हुई थी। आपको बता दें कि डॉ मोहन यादव सरकार में 37 और डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक होगी।

मध्यप्रदेश में सड़क हादसे में घायलों की मदद पर मिलेगा ₹25000 का इनाम – जानिए कैसे!

भोपाल मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने ‘राहवीर योजना’ के तहत घायल को अस्पताल पहुंचाने पर ₹25,000 इनाम देने की घोषणा की। पीएम मोदी करेंगे इंदौर मेट्रो और दतिया-सतना एयरपोर्ट का उद्घाटन। जानें कैबिनेट बैठक के सभी बड़े फैसले। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा गणेश हॉल में हुई कैबिनेट बैठक कई बड़े फैसलों की गवाह बनी। इस दौरान मंत्रियों ने परंपरागत धोती-कुर्ता और भगवा साफा पहनकर देवी अहिल्या को पुष्पांजलि अर्पित की। इस ऐतिहासिक बैठक में घायल को अस्पताल पहुंचाने पर इनाम से लेकर मेट्रो-एयरपोर्ट, महिला सुरक्षा और पर्यटन विकास तक कई अहम घोषणाएं हुईं। लोगों को इनाम देने की योजना पुरस्कार पाने की सबसे अहम शर्त यह होगी कि गंभीर घायल(Road Accident) को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाना होगा। बता दें, आमतौर पर घायलों की मदद के लिए आगे आने वालों से ही कुछ मामलों में कई सवाल पूछे जाते हैं, इस वजह से कई बार घायलों की मदद के लिए लोग आगे आने से भय खाते हैं। इस परोपकार से जोड़ने लोगों को इनाम देने की योजना बनाई है। ऐसे मिलेगा पुरस्कार सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले व्यक्ति का चोटे की वजह से ऑपरेशन करना पड़े, कम से कम तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता हो, सिर या रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें हो। घायल के साथ इनमें से कोई भी स्थिति निर्मित होने की स्थिति में बचाने वाले नागरिक पुरस्कार के हकदार होंगे।  घायल को अस्पताल पहुंचाने पर ₹25 हजार का इनाम मध्यप्रदेश सरकार ने ‘राहवीर योजना’ की घोषणा की है। इसके तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को ₹25,000 का इनाम दिया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि उस व्यक्ति को पुलिस या प्रशासन द्वारा कोई परेशानी नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस योजना को “मानवता की नई मिसाल” बताया है। गेहूं खरीदी में रचा इतिहास, किसानों को मिला ₹20 हजार करोड़ का भुगतान सरकार ने इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2600 प्रति क्विंटल तय कर 30 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा की खरीदी की है। इसके तहत प्रदेश के किसानों को ₹20 हजार करोड़ का भुगतान किया गया, जो अब तक की सबसे बड़ी राशि है।

पीएम आवास योजना में अब 75,000 सैलरी वालों को भी सरकार से सब्सिडी, शहरों में बन रहे एक करोड़ नए घर

भोपाल शहरों में रहने वालों के लिए अच्छी खबर है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के बाद अब केंद्र सरकार ने पीएम आवास योजना-शहरी (PMAY-U) की डेडलाइन भी बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने एक करोड़ नए घरों के लिए आवेदन लेने शुरू कर दिए हैं। केंद्र सरकार ने इस योजना को 31 मार्च, 2022 तक रखा था। PMAYU 2.0 के तहत सरकार का लक्ष्य शहरों में रहने वाले ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को पक्का घर मुहैया कराना है। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ गरीब मजदूर से लेकर मध्यम वर्ग के लोगों तक मिलेगा। मध्यम वर्ग के लोग अगर पहला घर खरीदते हैं तो पीएम आवास योजना शहरी 2.0 के तहत होम लोन के ब्याज में सरकार की ओर से सब्सिडी मिलती है। केंद्र सरकार ने 25 जून, 2015 को प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी को लॉन्च किया था। ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ मिशन के साथ शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य शहरों में रहने वाले परिवारों को सस्ते घर मुहैया कराना था। इस योजना के तहत घर लेने पर सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। पीएम आवास योजना शहरी के लिए कम से कम 30 वर्ग मीटर का घर होना चाहिए। केंद्र सरकार न सिर्फ घर बनाने में मदद करती है बल्कि होम लोन पर 2.67 लाख रुपये तक की सब्सिडी भी देती है। इसके अलावा किराए का घर मुहैया कराने में भी मदद की जाती है। इन 4 तरीकों से सरकार दे रही मदद पीएम आवास योजना शहरी के अंतर्गत EWS, LIG और MIG श्रेणी में आने वाले उन लोगों को लाभ दिया जाता है, जिनके पास पक्का मकान नहीं है। सरकार चार तरीकों से इनकी मदद करती है।     खुद का घर तैयार करने में आर्थिक मदद करना     हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए पब्लिक या प्राइवेट सेक्टर के साथ पार्टनरशिप करना     होम लोन पर लगने वाले ब्याज में सब्सिडी देना     किराए का घर मुहैया कराना 31 मई तक पहले खाते में जरूर रखें 456 रुपये, नहीं तो मुश्किल वक्त में गंवा देंगे ये 2 बड़े लाभ 1.5 लाख का मुफ्त इलाज, एक्सीडेंट में घायल लोगों के लिए संजीवनी बनेगी मोदी सरकार की नई योजना पीएम आवास योजना के फायदे     EWS कैटेगरी में आने वाले परिवारों को घर बनाने के लिए 2.5 लाख रुपये की मदद     ऐसे प्रोजेक्ट जहां 35% घर EWS कैटेगरी के लिए हैं और 250 से ज्यादा घर हैं, वहां प्रति घर 2.5 लाख रुपये की मदद     होम लोन पर लगने वाले ब्याज में सब्सिडी: EWS/LIG/MIG परिवारों को 3 से 6.5% तक ब्याज में सब्सिडी क्या आपको मिलेगा PMAY-U का फायदा     EWS कैटेगरी: वो परिवार जिनकी सालाना आय 3 लाख रुपये तक है     LIG : ऐसे परिवार जिनकी आय 3 लाख से 6 लाख रुपये के बीच है     MIG: वे परिवार जिनकी आय 6 लाख से 9 लाख के बीच है     आवेदक के पास देश के किसी भी राज्य में अपने नाम से पक्का घर नहीं होना चाहिए     आप जिस राज्य या शहर में रह रहे हों, वहां यह योजना लागू होनी चाहिए     अगर आपने पहले सरकार से ऐसी किसी भी योजना का फायदा नहीं लिया हो इन्हें मिलेगी प्राथमिकता पीएम आवास योजना शहरी में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों, सिंगल महिलाओं, विधवाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर्स को इस योजना के तहत आवेदन करने पर प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा पीएम स्वनिधि योजना के तहत चुने गए स्ट्रीट वेंडर्स, सफाई कर्मियों और पीएम विश्वकर्मा के तहत रजिस्टर्ड कारीगरों पर भी फोकस किया जा रहा है।

सोलर पंप के लिए मोहन यादव सरकार किसानों को देगी सब्सिडी, स्थाई बिजली कनेक्शन नहीं होने वाले किसानों को मिलेगा लाभ

भोपाल  मध्य प्रदेश के किसानों को भी अब केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना का लाभ मिल सकेगा. राज्य सरकार ने सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाने की इस योजना में संशोधन कर इसे राज्य में लागू कर दिया है. इस योजना के तहत सभी किसानों को सोलर पंप लगाने का मौका फिलहाल नहीं मिल सकेगा. राज्य सरकार ने इसमें संशोधन किया है. इसके तहत योजना के पहले चरण में चुनिंदा किसानों को ही इस योजना का लाभ मिल सकेगा. अभी सिर्फ उन्हीं किसानों के खेतों पर सोलर पंप लगाए जाएंगे, जिन खेतों पर बिजली का स्थाई कनेक्शन मौजूद नहीं है. इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपनी जेब से कितनी राशि खर्च करनी होगी यह भी साफ कर दिया है. शुरूआत में किन किसानों को मिलेगा लाभ राज्य सरकार ने योजना में संशोधन कर इसे लागू करने अधिसूचना जारी कर दी है. इसमें प्रावधान किया गया है कि योजना के लिए वह किसान पात्र होंगे, जिनकी भूमि पर अभी स्थाई बिजली कनेक्शन नहीं है. सोलर पंप लगाए जाने के पहले कृषि भूमि पर टैगिंग किया जाएगा, ताकि किसान को सोलर पंप और बिजली कनेक्शन दोनों के अनुदान का लाभ न मिल सके. इस योजना के दूसरे चरण में उन सभी किसानों के खेतों पर सोलर पंप लगाने के लिए अनुदान का लाभ दिया जाएगा, जिसके खेतों पर स्थाई बिजली कनेक्शन मौजूद है. विभाग बनाएगा किसानों का डाटा बेस नवीन एवं नवकरणीय विभाग बिजली कंपनियों की मदद से प्रदेश के किसानों का डाटाबेस तैयार करेगी. इसमें किसानों द्वारा लिए गए अस्थायी और स्थायी बिजली कनेक्शन उससे लिंक किए गए किसानों के समग्र, आधार का डाटा प्राप्त करेगी और उसे मध्य प्रदेश भू लेख की मदद से खसरा नंबर से लिंक किया जाएगा. इसके आधार पर ही किसानों को सोलर पंप के लिए ऋण और अनुदान दिया जाएगा. सोलर पंप लेने वाले किसानों से हितग्राही अंश की राशि पोर्टल के जरिए ही जमा कराई जाएगी. इससे किसानों का डाटा वैरीफाई किया जाएगा. सोलर पंप के साथ ड्रिप, स्प्रिंकलर सिस्टम भी जोड़ा जाएगा राज्य सरकार ने तय किया है कि सोलर पंप की इस योजना के साथ किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा. इसमें भी किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, उद्यानिकी विभाग द्वारा अनुदान दिया जाता है. इससे किसानों को पानी की बचत होगी. ऐसे कर सकेंगे योजना के लिए आवेदन इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम के वेब पोर्टल पर सोलर पंप के लिए आवेदन करना होगा.     हितग्राही का नाम, पता, आधार नंबर और मोबाइल नंबर भरना होगा.     भू -स्वामित्व संबंधी दस्तावेज का विवरण जैसे खसरा नंबर, ग्राम, आर.आई सर्कल, तहसील एवं जिला का नाम भरना होगा.     उस खसरे, खसरे के बटांकन पर सिंचाई का वर्तमान स्त्रोत बताना होगा.     कृषि भूमि के खसरों पर बिजली कनेक्शन है या नहीं ? यदि है, तो वह स्थाई या अस्थाई है?     आवेदन के बाद विभाग प्राथमिकता के आधार पर हितग्राहियों की सूची तैयार करेगी और इसके बाद सोलर पंप लगाए जाएंगे. कितना मिलेगा अनुदान     3 एचपी सोलर पंप पर केन्द्र सरकार का अनुदान 30 फीसदी, कृषक ऋण 65 फीसदी और किसान द्वारा दी जाने वाली मार्जिन मनी 5 फीसदी.     3 एचपी सोलर पंप पर केन्द्र सरकार का अनुदान 30 फीसदी, कृषक ऋण 60 फीसदी और किसान द्वारा दी जाने वाले मार्जिन मनी 10 फीसदी. सोलर पंप योजना के लाभ     प्रदेश में जिन किसानों के पास स्थायी विद्युत कनेक्शन नहीं है, वे इस योजना के पात्र होंगे। सोलर पंप की लागत का 5-10 प्रतिशत हिस्सा किसान को देना होगा, जिसमें तीन हार्स पावर से कम के पंप के लिए 5 प्रतिशत और उससे अधिक के लिए 10 प्रतिशत अंशदान निर्धारित है। 30 प्रतिशत अनुदान भारत सरकार द्वारा कुसुम योजना के तहत दिया जाएगा। शेष 60-65 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध होगी, जिसका भुगतान राज्य सरकार करेगी। ऊर्जा विकास निगम का सर्विस चार्ज भी किसानों से नहीं लिया जाएगा। सोलर पंप की दरें निविदा के आधार पर तय होंगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

स्मार्ट पीडीएस व्यवस्था लागू होने के बाद केंद्र सरकार सीधे मॉनिटरिंग कर सकेगी

 ग्वालियर  मध्य प्रदेश में सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली (PDS System) को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए स्मार्ट पीडीएस सिस्टम अब एक जून से लागू हो जाएगा। पहले इसे एक मई से लागू होना था, लेकिन ई-केवाईसी (eKYC ) का काम पूरा न हो पाने के कारण देरी हुई। प्रदेश में 87 प्रतिशत उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी हो चुकी है। 31 मई तक बचे हुए उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरा कर लेने का लक्ष्य है। ई-केवाईसी के लिए यही अंतिम तिथि भी है। केंद्र सीधे मॉनिटरिंग कर सकेगा     इस प्रणाली के लागू होने के बाद केंद्र सीधे मॉनिटरिंग कर सकेगा। स्मार्ट पीडीएस के तहत पारदर्शिता को बढ़ाया जा रहा है, ताकि सभी राज्यों में खाद्यान्न वितरण को लेकर एक जैसी स्थिति रहे। अब राज्यों की स्थिति के आधार पर राशन देना होगा कुछ राज्य अपने स्तर पर बदलाव कर लेते थे, लेकिन अब राज्यों की स्थिति के आधार पर राशन देना होगा। अभी भी कुछ राज्यों में एपीएल को राशन दिया जाता है, जिसे अब बंद कर दिया जाएगा। वैसे पहले से ही वन नेशन वन राशन कार्ड लागू है, जिसके तहत पात्र हितग्राही देश में कहीं से भी राशन ले सकता है। मदरसा बोर्ड के मान्यता नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन 23 मई से होंगे इस बीच, भोपाल से खबर है कि मदरसा बोर्ड द्वारा शिक्षा सत्र 2025-26 में मदरसा मान्यता नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन 23 मई से 30 जून तक के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें वर्ष 2025 तक मान्यता प्राप्त सामान्य मदरसों के अतिरिक्त वर्ष 2022 तक मान्यता प्राप्त मदरसों के लिए यह अंतिम अवसर है। इसके बाद ऐसे मदरसों की मान्यता नवीनीकरण के ऑनलाइन आवेदन करने की पात्रता समाप्त कर दी जाएगी। ऑनलाइन आवेदन से संबंधित विस्तृत जानकारी मदरसा बोर्ड की अधिकृत वेबसाइट पर एवं एमपी ऑनलाइन के पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। मान्यता प्राप्त मदरसों में निर्धारित तिथियों में आवेदन करना सुनिश्चित करें एवं आवेदन की एक प्रति समस्त दस्तावेजों के साथ अविलम्ब बोर्ड में भेजना एवं एक प्रति अपने जिले के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करना सुनिश्चित करें। इसके बाद ही प्रकरण पर अग्रिम कार्रवाई की जा सकेगी।

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