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गाजा में भूख से हर घंटे हो रही मौत, फलस्तीनी आबादी मदद से वंचित; खतरे में हजारों बच्चे

गाजा गाजा में हालात इतने खराब हो गए हैं कि इजरायली हमलों से ज्यादा लोग भुखमरी से मरने लगे हैं। संयुक्त राष्ट्र के अध्यक्ष एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि गाजा इस समय सबसे खराब समय का सामना कर रहा है। इजरायल ने लंबे समय की पाबंदी के बाद जब गाजा वालों के लिए राहत सामग्री वाले ट्रकों को जाने की इजाजत दी तो दर्जनों ट्रक रास्ते में ही लूट लिए गए। भूख और अभाव से त्रस्त लोगों ने राहत सामग्री वाले ट्रकों को लूट लिया। बता दें कि इजरायल ने एक बार फिर गाजा में आक्रामक तरीके से हमला शुरूर कर दिया है। गाजा सिविल डिफेंस एजेंसी के अधिकारी मोहम्मद अल मुगायीर ने बताया कि शुक्रवार को इजरायल के हवाई हमलों में कम से कम 71 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए। इसके अलावा अब भी कई लोग लापता हैं। यूएन चीफ ने कहा कि इजरायल को कम से कम राहत सामग्री पर रोक नहीं लगानी चाहिए। यह क्रूरता की हद है जिसका सामना गाजा के लोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में इजरायल ने 400ट्रकों को अनुमति दी थी। हालांकि इनमें से 115 ही गाजा में पहुंचे। उन्होंने कहा कि इजरायल ने गाजा में नरसंहार तेज कर दिया है और जोरदार तबाही मचाने लगा है। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने  कहा कि बीती रात दक्षिणी गाजा में करीब 15 ट्रंक लूट लिए गए। लोगों में भुखमरी है। ऐसे में लोगों को भरोसा नहीं है कि राहत सामग्री के और ट्रक आएंगे या नहीं। 2 मार्च के बाद सोमवार को गाजा में ट्रकों की आवाजाही शुरू हुई थी। गाजा में लोग पानी को भी तरस रहे हैं। एक फिलिस्तीनी ने कहा, मेरी बेटी सुबह से ही ब्रेड मांग रही है। लेकिन मेरे पास कुछ भी नहीं है। इजरायली वायुसेना ने गाजा पट्टी में आतंकवादियों के 75 से भी अधिक ठिकानों पर हमला किया है। इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने  यहां जारी बयान में कहा कि उसकी वायुसेना ने आतंकवादियों के 75 से भी ज्यादा ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। बयान के मुताबिक हमलों में आतंकवादियों , रॉकेट लांचरों, सैन्य परिसरो, हथियार भंडारण सुविधाओं और अन्य सैन्य बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया है। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय का बयान गाजा की स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस्राइली हमलों में इस सप्ताह अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है। दूसरी ओर, भुखमरी की स्थिति भी गंभीर होती जा रही है। राहत समूहों के पास हफ्तों से भोजन खत्म हो चुका है और करीब 23 लाख की आबादी में से अधिकांश अब सामुदायिक रसोइयों पर निर्भर हैं, जिनके पास भी अब लगभग कुछ नहीं बचा। रसोई में पड़ोसी जा रही पतली और पानी जैसी दाल मीडिया रिपोर्ट की माने तो गाजा सिटी में एक रसोई में केवल पतली और पानी जैसी दाल परोसी जा रही है। वहां की निवासी सोमाया अबू अमशा ने बताया कि हमने पिछले 10 दिनों से रोटी नहीं देखी। ये खाना कुत्ते भी नहीं खाएं, हमारे बच्चे कैसे खाएं? इस भीषण संघर्ष को देखते हुए उन्होंने युद्ध खत्म करने की अपील की। वेस्ट बैंक में डिप्लोमैट्स पर गोलीबारी इसी बीच वेस्ट बैंक के जेनिन में इस्राइली सेना ने चेतावनी स्वरूप फायरिंग की जब अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों का एक समूह इलाके का दौरा कर रहा था। मामले में इस्राइली सेना का कहना है कि यह दौरा अनुमति प्राप्त था, लेकिन डेलीगेशन निर्धारित रास्ते से भटक गया, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। साथ ही वीडियो फुटेज में देखा गया कि डिप्लोमैट्स मीडिया को बयान दे रहे थे, तभी गोलियों की आवाजें आईं और सभी ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। हालांकि कोई घायल नहीं हुआ। सेना ने घटना पर जताया खेद हालांकि सेना ने इस घटना पर खेद जताते हुए कहा कि संबंधित देशों से संपर्क किया जाएगा। गौरतलब है कि जेनिन में इस्राइली सेना अकसर छापेमारी करती रही है, खासकर 7 अक्तूबर 2023 को हमास के हमले के बाद से वेस्ट बैंक में कई इलाकों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई जारी है, जिससे हजारों फलस्तीनी बेघर हो चुके हैं। टॉम फ्लेचर का दावा- 14 हजार बच्चों की हो सकती है मौत गाजा में संकट कितना गंभीर है, इसका अंदाजा उन मीडिया रिपोर्ट्स से लगाया जा सकता है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख टॉम फ्लेचर के हवाले से कहा गया है कि अगर मानवीय सहायता गाजा के प्रभावित लोगों तक नहीं पहुंची तो 48 घंटे के भीतर लगभग 14 हजार बच्चों की मौत हो सकती है। हालांकि, फ्लेचर के इस दावे पर मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNOCHA) के प्रवक्ता- जेन्स लार्के ने कहा है कि हजारों बच्चे ऐसे हैं, जो कुपोषण के शिकार हैं, और उन्हें तत्काल जीवन रक्षा मदद की जरूरत है।

बिहान योजना से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी

सफलता की कहानी बिहान योजना से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी सरिता और संतोषी बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल बिलासपुर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना ने जिले की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की नई राह दिखाई है। योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं अब न केवल अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। कोटा ब्लॉक के ग्राम चपोरा की सरिता जायसवाल और ग्राम कर्रा की संतोषी ऐसी ही महिलाएं हैं,जिन्होंने बिहान योजना से सहायता लेकर अपने जीवन को एक नई दिशा दी है।     कोटा ब्लॉक के ग्राम चपोरा की  सरिता जायसवाल ने प्रज्ञा समूह से जुड़कर योजना का लाभ उठाया। समूह से आर्थिक सहायता प्राप्त कर उन्होंने बर्तन और फर्नीचर की दुकान शुरू की, जो आज उनके परिवार के लिए स्थायी आय का साधन बन गई है। सरिता बताती हैं, “पहले घर चलाना भी मुश्किल था, लेकिन अब खुद की कमाई से बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पा रही हूं।” सरिता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहा कि बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आ रही है       इसी तरह, ग्राम कर्रा की श्रीमती संतोषी ने शारदा समूह से सहायता लेकर ईंट निर्माण इकाई की शुरुआत की। शुरुआत में संसाधनों और तकनीक की कमी से मुश्किलें जरूर आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आज संतोषी की ईंट भट्ठा स्थानीय निर्माण कार्यों में प्रमुख आपूर्तिकर्ता बन चुकी है और इस माध्यम से वह  लखपति दीदी बन चुकी है। संतोषी कहती है कि इस उद्यम के लिए आत्मविश्वास बिहान योजना के कारण आया है जिसके लिए वह मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देती है जिनके कुशल नेतृत्व में योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो रहा है जिससे लोग लाभान्वित हो रहे हैं।        इन  महिलाओं की सफलता ने उनके गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है। बिहान योजना के तहत सैकड़ों महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ चुकी हैं और छोटे-छोटे व्यवसायों के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर अपने परिवार का सहारा बन रही हैं। सरिता और संतोषी की तरह कई अन्य महिलाएं भी बिहान योजना के जरिए न सिर्फ अपने परिवार का सहारा बनी हैं, बल्कि गांव के विकास में भी अपना योगदान दे रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। रेहाना/

वनाधिकार एक्ट का क्रियान्वयन करते हुए वनों के संरक्षण पर भी ध्यान देना आवश्यक

जनजातियाँ वनों की सबसे बड़ी पोषक और संरक्षक हैं – कमिश्नर श्री जामोद वनाधिकार के तहत सामुदायिक दावे तत्परता से मान्य करें – कमिश्नर शहडोल वनाधिकार एक्ट का क्रियान्वयन करते हुए वनों के संरक्षण पर भी ध्यान देना आवश्यक वनों का संरक्षण करने वालों के ही वनाधिकार दावे मान्य किए जाएं – सीसीएफ रीवा सीधी  वनाधिकार अधिनियम की रीवा और शहडोल संभाग की संयुक्त कार्यशाला विन्ध्या रिट्रीट होटल रीवा के सभागार में आयोजित की गई। कार्यशाला के प्रथम दिन वनाधिकार समिति के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला के दूसरे दिन जिला स्तरीय वनाधिकार समिति के सदस्यों को सामुदायिक दावों के निपटारे के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम ने पीढ़ियों से वन भूमि में खेती करने वाले तथा रहने वाले जनजातीय परिवारों एवं अन्य परिवारों के अधिकारों को मान्यता दी है। इसने वर्षों से वनों के साथ सह अस्तित्व में वनवासी परिवारों को जमीन का मालिकाना हक दिया है। जनजातीय परिवार परंपरागत रूप से वनों के पोषक और संरक्षक हैं। उनकी आजीविका मुख्य रूप से वनों पर ही निर्भर रही है। उनके रीति रिवाज, परंपराएं और धार्मिक अनुष्ठानों में भी वन अनिवार्य रूप से शामिल रहा है। वनाधिकार अधिनियम से व्यक्तिगत दावे में बहुत अच्छा कार्य हुआ है। अब सामुदायिक दावों को भी मान्यता देकर जनजातीय परिवारों की हमें सहायता करनी है। जनजातीय परिवार अगर न होते तो आज वन भी नाममात्र के ही बचे होते।         कार्यशाला में शहडोल संभाग के कमिश्नर सुरभि गुप्ता ने कहा कि कार्यशाला में सामुदायिक दावों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। सामुदायिक दावों के निराकरण के लिए अब किसी के मन में संदेह नहीं रहना चाहिए। वनाधिकार अधिनियम के तहत दर्ज सामुदायिक दावों का तत्परता से निराकरण करें। मुख्य वन संरक्षक रीवा राजेश राय ने कार्यशाला में कहा कि वनाधिकार अधिनियम ने जनजातीय परिवारों को भू अधिकार पत्र देकर उनके जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन किया है। व्यक्तिगत दावों के साथ-साथ वन भूमि में निस्तार और सामुदायिक उपयोग को भी एक्ट में मान्य किया गया है। इसके सामुदायिक दावों को मान्य करते हुए वन संरक्षण पर भी ध्यान देना आवश्यक है। वनों का संरक्षण करने वालों को ही वनाधिकार का लाभ दिया जाना चाहिए। शहडोल संभाग के सीसीएफ श्री एसके पाण्डेय ने कहा कि कार्यशाला में दी गई जानकारी से सामुदायिक दावों के निराकरण के लिए सही मार्गदर्शन मिला है। सामुदायिक दावों में किसी तरह का टकराव नहीं है। गांव की राजस्व सीमा, वनों का क्षेत्र तथा सामुदायिक कार्यों के लिए समुदाय के अधिकार तीनों पर हमें ध्यान देना होगा।         कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर वाई गिरि राव ने कहा कि सामुदायिक दावे से वन, राजस्व, जनजातीय कार्य और ग्रामीण विकास विभाग जुड़े हैं। अधिनियम के तहत गठित समितियों को राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक कार्यशालाओं के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश के 54903 गांवों में से 26555 गांवों में वनाधिकार एक्ट के दावे मान्य किए गए हैं। राष्ट्रीय वन नीति, वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम तथा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान रखते हुए सामुदायिक दावे मान्य किए जाएंगे। वन भूमि अथवा उसके आसपास के क्षेत्र में परंपरागत रूप से रहने वाले परिवारों को वन क्षेत्र में स्थित धार्मिक स्थल में पूजा-पाठ करने, जल श्रोतों के दोहन, मछलीपालन, वनोपज संग्रहण एवं निस्तार के दावे इसमें शामिल होंगे। कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर श्री शरद लेले ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम वन क्षेत्र में गैर वनीय कार्य को मान्यता देता है। सामुदायिक दावों में पूजा-पाठ, वनोपज संग्रहण, परंपरागत मार्ग से आने-जाने, पानी भरने तथा अन्य निस्तार शामिल हैं। सामुदायिक दावों में समुदाय के अधिकार के साथ-साथ उनके स्थल और क्षेत्र का भी निर्धारण किया जाना आवश्यक है। यदि एक गांव के निस्तार के दावे पर विचार किया जा रहा है तो आसपास के गांवों की भी उसमें सहमति आवश्यक होगी। गांव में उपलब्ध दस्तावेजों अथवा बुजुर्गों के कथन के आधार पर गांव की सीमा का निर्धारण किया जा सकता है। श्री लेले ने व्यक्तिगत दावे तथा सामुदायिक दावे दर्ज करने के लिए आवश्यक अभिलेखों एवं प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में वन-राजस्व सीमा विवाद के निराकरण के लिए वनों के व्यवस्थापन, पेसा एक्ट तथा वन संरक्षण के उपायों पर भी चर्चा की गई। कार्यशाला में रीवा, सीधी, सतना, शहडोल, अनूपपुर, मऊगंज तथा मैहर जिलों के कलेक्टर शामिल रहे। कार्यशाला में रीवा और शहडोल संभाग के जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, वन मण्डलाधिकारी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, जिला संयोजक ट्राईबल उपस्थित रहे। कार्यशाला के समापन पर उपायुक्त ट्राईबल ऊषा अजय सिंह ने आभार व्यक्त किया।

सुप्रीम कोर्ट ने मातृत्व अवकाश को महिलाओं का संवैधानिक अधिकार बताया, अब तीसरे बच्चे के जन्म पर भी पूरा मातृत्व अवकाश मिलेगा

नई दिल्ली देशभर की कामकाजी महिलाओं के लिए सुप्रीम कोर्ट ने राहत भरा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने  साफ किया कि मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) केवल सामाजिक न्याय या सद्भावना का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं का संवैधानिक अधिकार है. अदालत ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें एक सरकारी शिक्षिका को तीसरे बच्चे के जन्म पर मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) देने से इनकार कर दिया गया था. जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने कहा कि मातृत्व अवकाश का मकसद महिला कर्मचारियों को सामाजिक न्याय दिलाना है ताकि वे बच्चे को जन्म देने के बाद न केवल जीवित रह सकें, बल्कि अपनी ऊर्जा दोबारा प्राप्त कर सकें, शिशु का पालन-पोषण कर सकें और अपने कार्यकौशल को बनाए रख सकें. तमिलनाडु की एक महिला सरकारी कर्मचारी के उमादेवी की अर्जी पर जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने यह आदेश पारित किया है. महिला ने पुनर्विवाह के बाद बच्चे को जन्म दिया था. लेकिन उसके महकमे के आला अधिकारियों ने उसे मातृत्व अवकाश से वंचित रखने का आदेश दिया, जिसके बाद महिला ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. कोर्ट ने तमिलनाडु की एक सरकारी महिला कर्मचारी की याचिका पर यह फैसला सुनाया. महिला का अपनी दूसरी शादी से एक बच्चा था. महिला को यह कहकर मैटरनिटी लीव नहीं दी गई थी कि उसके अपनी पहली शादी से पहले से ही दो बच्चे थे. तमिलनाडु राज्य में नियम है कि मातृत्व लाभ केवल पहले दो बच्चों के लिए ही होगा. याचिका में महिला ने कहा था कि पहली शादी से पैदा हुए बच्चों को लेकर भी उन्हें मैटरनिटी लीव का लाभ नहीं मिला था. उनके वकील केव मुथुकुमार ने कहा कि उन्होंने दूसरी शादी के बाद ही सरकारी स्कूल में पढ़ाना शुरू किया था. बता दें कि मातृत्व अवकाश से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में मातृत्व लाभ अधिनियम में संशोधन कर 12 सप्ताह की छुट्टी को बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया था. सभी महिला कर्मचारियों कोपहले और दूसरे बच्चे के लिए मैटरनिटी लीव दी जाती है. बच्चा गोद लेने वाली माताएं भी 12 सप्ताह के मातृत्व अवकाश की हकदार हैं. यह बच्चे को सौंपे जाने की तारीख से शुरू होता है. सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में मातृत्व अवकाश के अधिकार पर जोर दिया है. एक मामले में यह कहा गया है कि मातृत्व अवकाश सभी महिला कर्मचारियों का अधिकार है, चाहे उनकी नौकरी कैसी भी हो.

अभिनेता मुकुल देव का 54 की उम्र में निधन

मुंबई हिंदी सिनेमा अपने लोकप्रिय अभिनेता मुकुल देव की अचानक मौत हो जाने से स्तब्ध है। मुकुल देव को हाल फिलहाल की फिल्मों ‘सन ऑफ सरदार’, ‘आर… राजकुमार’, ‘जय हो’ जैसी फिल्मों में अपने काम के लिए जाना जाता है। वह 54 वर्ष के थे। जानकारी के मुताबिक मुकुल देव का शुक्रवार रात निधन हुआ। शनिवार को उनके दोस्तों को जब उनके निधन की खबर मिली तो वे उनके घर पहुंचे। उनकी मृत्यु के कारण की पुष्टि नहीं हो सकी है। उनके परिवार और दोस्तों की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है। उनकी करीबी मित्र और अभिनेत्री दीपशिखा नागपाल ने सोशल मीडिया पर इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने एक थ्रोबैक तस्वीर शेयर करते हुए इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, “RIP”। मुकुल देव आखिरी बार हिंदी फिल्म दिव्या दत्ता के साथ ‘अंत द एंड’ में नजर आए थे। वे अभिनेता राहुल देव के छोटे भाई हैं। मुकुल देव का जन्म नई दिल्ली में एक पंजाबी परिवार में हुआ था, जिनकी जड़ें जालंधर के पास के एक गांव से जुड़ी थीं। उनके पिता हरी देव पुलिस में असिस्टेंट कमिश्नर थे और उन्होंने ही मुकुल को अफगानी संस्कृति से परिचित कराया था। उनके पिता पश्तो और फारसी भाषा बोल सकते थे। मुकुल का मनोरंजन की दुनिया से पहला परिचय कक्षा 8 में हुआ जब उन्होंने दूरदर्शन के एक डांस शो में माइकल जैक्सन की नकल करते हुए प्रस्तुति दी थी और इसके लिए उन्हें पहली बार पारिश्रमिक मिला था। मुकुल ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी से हवाई जहाज उड़ाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया था। धारावाहिक ‘मुमकिन’ (1996) से अभिनय की शुरुआत करने वाले मुकुल देव ने  ‘फियर फैक्टर इंडिया’ का पहला सीजन होस्ट किया था। फिल्मों में उनकी शुरुआत ‘दस्तक’ से हुई थी, जिसमें उन्होंने एसीपी रोहित मल्होत्रा का किरदार निभाया था। पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन की भी ये पहली फिल्म थी।

मऊसहानियां में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर तैयारियों का कलेक्टर एवं एसपी ने लिया जायजा

29 मई को मा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव का गौरिहार एवं मऊसहानियां में आगमन प्रस्तावित गौरिहार कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री मऊसहानियां में विरासत महोत्सव में करेंगे शिरकत मऊसहानियां में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर तैयारियों का कलेक्टर एवं एसपी ने लिया जायजा 29 से 30 मई को विरासत महोत्सव का होगा आयोजन मऊसहानियाँ प्रदेश के मा. मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav का 29 मई 2025 को छतरपुर जिले के गौरिहार में आगमन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गौरिहार में कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मऊसहानियाँ में विरासत महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे।यह संस्कृति संचालनालय द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से विगत वर्ष की भाँति इस वर्ष भी दो दिवसीय विरासत महोत्सव का आयोजन 29 एवं 30 मई 2025 को छतरपुर जिले के मऊसहानियाँ में महाराजा छत्रसाल स्मृति शोध संस्थान शौर्यपीठ में किया जाएगा।  मुख्यमंत्री के मउसहानियां में विरासत महोत्सव में आगमन को लेकर शुक्रवार को कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल एवं एसपी श्री अगम जैन ने मऊसहानियाँ में ही महाराजा छत्रसाल स्मृति शोध संस्थान शौर्यपीठ में तैयारियों के लिए एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तपस्या परिहार, एसडीएम श्री मिलिंद नागदेवे, एएसपी विदिता डागर, एसडीएम नौगांव श्री जी.एस. पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही महाराजा छत्रसाल समिति के अध्यक्ष श्री गोविंद सिंह बुंदेला भी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल ने संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसके पश्चात छत्रसाल स्मृति शोध संस्थान शौर्यपीठ के म्यूजियम का निरीक्षण किया एवं महाराजा छत्रसाल की विशाल मूर्ति को भी देखा।

देश के कई हिस्सों में कोविड-19 के मामलों में एक बार फिर तेज़ी देखी जा रही, अब तक 312 मामले

नई दिल्ली देश के कई इलाकों में कोविड-19 के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसको लेकर सरकारों ने चिंता जताई है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. इसी बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सरकार ने एक एडवाइजरी जारी कर सभी अस्पतालों को सतर्क रहने और कोविड से निपटने की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं. ये पहली बार है जब दिल्ली में लगभग तीन वर्षों के बाद COVID-19 मामले सामने आए हैं. वहीं,  गुजरात, हरियाणा, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में कोविड-19 के नए मामले सामने आए हैं. दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में सभी अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता के लिए तैयार रहने को कहा गया है. शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि गुरुवार तक कोविड-19 के 23 मामले सामने आए हैं और सरकार इस बात की पुष्टि कर रही है कि मरीज दिल्ली के निवासी हैं या उन्होंने शहर से बाहर की यात्रा की है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ये पॉजिटिव मामले निजी लैब द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि इस वेरिएंट में सामान्य इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण हैं. क्या बोले दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने आजतक से बातचीत में कहा कि आज दिल्ली के तमाम अस्पतालों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट के साथ हमने बैठक की है, जिसमें अस्पतालों को निर्देश दिया गया है की कोविड से लड़ने के लिए तमाम तैयारियां की जाए चाहे वह ऑक्सीजन बेड की हो ऑक्सीजन कंसंट्रेट की हो. उन्होंने बातचीत में ये भी बताया की पैनिक होने की जरूरत नहीं है, अभी दिल्ली में कोरोना के जो केस आए हैं. उनकी संख्या में 23 है, सरकार मॉनिटरिंग कर रही है कि यह जो केस दिल्ली में दर्ज किए गए हैं. वह बेशक प्राइवेट लैब के जरिए आए हो, लेकिन क्या वह दिल्ली के हैं या फिर वह बाहर से आए हैं. इन सब की मॉनिटरिंग सरकार कर रही है और जनता को वक्त-वक्त पर अपडेट दिया जाता रहेगा. दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों से कोविड-19 के सभी पॉजिटिव सैंपल्स को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लोक नायक अस्पताल भेजने का निर्देश दिया है. साथ ही दिल्ली स्टेट हेल्थ डेटा मैनेजमेंट पोर्टल पर सभी मापदंडों की दैनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है. सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी में साफ कहा गया है, ‘अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, एंटीबायोटिक्स, अन्य दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी. सभी उपकरण जैसे वेंटिलेटर, बीआई-पीएपी, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और पीएसए (प्रोस्टेट-स्पेसिफिक एंटीजन) चालू स्थिति में होने चाहिए.’ एडवाइजरी के अनुसार, समर्पित कर्मचारियों को रिफ्रेशर प्रशिक्षण दिया जा सकता है और सभी स्वास्थ्य सुविधाओं (ओपीडी/आईपीडी) में इन्फ्लूएंजा जैसी रोग (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) के मामलों की दैनिक रिपोर्टिंग इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (आईएचआईपी) पोर्टल पर सुनिश्चित की जानी चाहिए. पुष्टि किए गए इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 मामलों को भी आईएचआईपी पर एल फॉर्म के तहत दर्ज किया जाना चाहिए. एडवाइजरी में ये भी कहा गया है कि अस्पताल कैंपस और स्वास्थ्य सुविधाओं पर मास्क पहनने समेत श्वसन संबंधी शिष्टाचार का पालन किया जाना चाहिए. सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टर अविरल माथुर ने कहा, “जेएन.1 वेरिएंट और इसके सब-वेरिएंट से जुड़े कोविड-19 मामलों में हालिया उछाल के साथ, हमें सावधानी के साथ काम करना चाहिए. यह स्ट्रेन अत्यधिक संक्रामक है. हालांकि, लक्षण ज्यादातर हल्के ही रहते हैं. फिर भी,रोकथाम जरूरी है. दिल्ली में 23 नए केस, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइज़री में सभी अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है . स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार तक कोविड-19 के 23 मामले सामने आए हैं . सरकार यह पुष्टि कर रही है कि मरीज दिल्ली के निवासी हैं या उन्होंने शहर से बाहर की यात्रा की है . स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ये पॉजिटिव मामले निजी लैब द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है . उन्होंने कहा कि इस वेरिएंट में सामान्य इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण हैं . दिल्ली सरकार ने सभी अस्पतालों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट के साथ बैठक की है, जिसमें अस्पतालों को ऑक्सीजन बेड और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जैसी सभी तैयारियां करने का निर्देश दिया गया है . सरकार निगरानी कर रही है और जनता को समय-समय पर अपडेट दिया जाएगा . सभी कोविड-19 पॉजिटिव सैंपल्स को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लोक नायक अस्पताल भेजने और सभी स्वास्थ्य डेटा की दैनिक रिपोर्टिंग ‘दिल्ली स्टेट हेल्थ डेटा मैनेजमेंट पोर्टल’ पर अनिवार्य कर दी गई है . एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि अस्पताल परिसर और स्वास्थ्य सुविधाओं पर मास्क पहनने सहित श्वसन संबंधी शिष्टाचार का पालन किया जाना चाहिए . गुरुग्राम और अन्य राज्यों में भी दस्तक दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में भी कोरोना की दस्तक हुई है, जहां दो मरीज मिले हैं . दोनों को फिलहाल आइसोलेशन में रखा गया है, जिनमें से एक मुंबई से गुरुग्राम आई थी . गुरुग्राम के सीएमओ ने बताया कि लक्षण हल्के हैं और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है . गुरुवार को गुजरात में कोरोना वायरस के 15 नए मामले सामने आए . अहमदाबाद में 4 नए केस दर्ज हुए, जिनमें 84 साल के एक मरीज प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं, बाकी होम आइसोलेशन में हैं . पूरे मई महीने में अहमदाबाद में 38 कोरोना केस दर्ज हुए हैं, जिनमें 31 एक्टिव केस हैं . बुधवार को केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि राज्य में मई में कोविड-19 के 182 मामले सामने आए . कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने 21 मई को पुष्टि की कि राज्य में कोविड-19 के 16 सक्रिय मामले हैं . बेंगलुरु में नौ महीने के एक बच्चे में भी कोविड-19 की पुष्टि हुई है . JN.1 वेरिएंट: तेजी से फैलने वाला, पर कम खतरनाक इस नई लहर के लिए ओमिक्रॉन का JN.1 वेरिएंट और इसके सब-वैरिएंट्स .F.7 और NB.1.8 जिम्मेदार हैं . विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने JN.1 को दिसंबर 2023 में ‘वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ घोषित किया था . विशेषज्ञ बताते … Read more

नीरज चोपड़ा को सिल्वर मेडल से करना पड़ा संतोष

चोरजो भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा पोलैंड में आयोजित ओरलेन जानुस कुसोसिन्स्की मेमोरियल प्रतियोगिता की पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में शुक्रवार को यहां जर्मनी के जूलियन वेबर के पीछे दूसरे स्थान पर रहे। चोपड़ा इस स्पर्धा में अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं दिखे। 27 साल का यह खिलाड़ी अंतिम दौर से पहले तीसरे स्थान पर था। उन्होंने अपने छठे और अंतिम प्रयास में अपना भाला 84.14 मीटर की दूरी पर फेंका और दूसरे स्थान पर पहुंच गए। नीरज चोपड़ा ने इससे पहले अपने दूसरे और पांचवें प्रयास में क्रमशः 81.28 मीटर और 81.80 मीटर की दूरी तय की। उनके अन्य तीन प्रयास फाउल थे। प्रतियोगिता का आयोजन सिलेसियन स्टेडियम में दिन में हुई बारिश के बाद आसमान में बादल छाए रहने के बीच किया गया। हाल ही में (16 मई) दोहा डायमंड लीग में 90 मीटर स्पर्धा में चोपड़ा को हराकर शीर्ष स्थान हासिल करने वाले जर्मनी के जूलियन वेबर दूसरे दौर में 86.12 मीटर की दूरी के थ्रो के साथ फिर से शीर्ष स्थान पर रहे। दो बार के विश्व चैंपियन ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स 83.24 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे। वह दोहा में भी तीसरे स्थान पर रहे थे। जूलियन वेबर: 86.12 मीटर नीरज चोपड़ा: 84.14 मीटर एंडरसन पीटर्स: 83.24 मीटर यह भुवनेश्वर में 2024 फेडरेशन कप में 82.27 मीटर के प्रयास के बाद पहली बार है जब चोपड़ा ने किसी स्पर्धा में 85 मीटर से कम का सर्वश्रेष्ठ थ्रो दर्ज किया था। चोपड़ा ने दोहा डायमंड लीग में 90.23 मीटर दूर तक भाला फेंका। यह पहली बार था जब चोपड़ा ने किसी स्पर्धा में 90 मीटर से अधिक की दूरी तय की थी। दोहा में भी चोपड़ा वेबर (91.06 मीटर) के बाद दूसरे स्थान पर थे।

मुख्यमंत्री यादव मंत्री तोमर की बेटी के विवाह समारोह में शामिल होने ग्वालियर पहुंचे, वर-वधु को दिया आशीर्वाद

 ग्वालियर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार रात ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की बेटी के विवाह समारोह में शामिल होने ग्वालियर पहुंचे। शादी में पहुंचकर उन्होंने वर-वधु को आशीर्वाद दिया। इसके बाद वह दो दिवसीय नीति आयोग की बैठक में शामिल होने के लिए रात में ही ग्वालियर से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। बता दें कि दिल्ली रवाना होने से पहले सीएम डॉ. मोहन यादव भावुक नजर आए। उनका कहना था कि वर्तमान दौर में कन्यादान के माध्यम से बेटी और पिता के लिए आज का दिन बहुत ही अलग प्रकार का होता है। बेटी जब घर से विदा होती है तो उसकी सभी यादें, जो वह अपने घर में गुजारती है, उन्हें याद कर एक पिता के दिल पर क्या बीतती है, इसका मुझे अहसास है। मेरी स्वयं की भी एक बेटी है, इसलिए मैं इस भावना को समझ सकता हूं। हमारे 16 संस्कारों में से एक पाणिग्रहण संस्कार होता है। बेटी का कन्यादान करके हम अपने दायित्व का निर्वहन करते हैं। मेरा आशीर्वाद है कि बेटी अपने नए घर में सुख, वैभव और दांपत्य जीवन में आनंदपूर्वक रहे। शादी समारोह के शामिल होने के बाद सीएम यादव नीति आयोग की बैठक में शामिल होने के लिए शुक्रवार रात ग्वालियर एयरपोर्ट से दिल्ली रवाना हो गए थे। दो दिन की इस बैठक में उनके साथ मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी गए हैं। दिल्ली रवाना होने से पहले एयरपोर्ट पर सीएम यादव ने कहा कि हम नीति आयोग की बैठक में शामिल होने जा रहे हैं। इसमें सभी मुख्यमंत्री और वरिष्ठ मंत्रियों से चर्चा होगी। 25 मई को प्रधानमंत्री मोदी हमारी बैठक लेंगे।   31 मई को भोपाल आएंगे पीएम मोदी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि मोदीजी ने जिस तरह से देश के दुश्मनों से निपटने का अद्वितीय इतिहास रचा है, वह सराहनीय है। देश में सुशासन की जो परंपरा उन्होंने स्थापित की है, शासन और उसकी विभिन्न विधाओं पर उनकी पकड़ अद्भुत है। 31 मई को प्रधानमंत्री मोदी मध्यप्रदेश की यात्रा पर आ रहे हैं। अहिल्याबाई जी की 300वीं जयंती मनाई जा रही है। ऐसे में नारी सशक्तिकरण को लेकर अहिल्या माता ने अपने शासनकाल में जो कार्य किए, जैसे विधवा विवाह (जिसे हम कल्याणी विवाह भी कहते हैं), महिलाओं को आर्थिक संपन्नता प्रदान करना, उनका मान-सम्मान बढ़ाना, ये सभी प्रेरणादायक हैं। इसी कड़ी में 2 लाख बहनों को लेकर भोपाल में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी शामिल होंगे।

मासूम नागरिकों की हत्या, धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने के बाद उपदेश देना पाखंड… भारत ने UN में PAK को सुनाईं खरी-खोटी

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के मंच पर भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर फिर पाकिस्तान को बेनकाब किया है। आतंक के पनाहगार को दो टूक शब्दों में जवाब देते हुए कहा कि एक ऐसा देश जो आतंकवादियों और नागरिकों में अंतर नहीं करता, उसको नागरिक सुरक्षा पर ज्ञान देने का अधिकार नहीं है। भारत की ओर से पाकिस्तान को फिर एक बार साफ किया कि सिंधु जल समझौता तब तक स्थगित रहेगा जबतक वो आतंकवाद का साथ नहीं छोड़ता। ‘ऐसे देश का चर्चा में भाग लेना अपमान’ संयुक्त राष्ट्र में अरिया फॉर्मूला मीटिंग के दौरान भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथानेनी हरीश ने पाकिस्तान को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि दशकों से भारत पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को झेलता आया है। इस दौरान उन्होंने मुंबई 26/11 अटैक से लेकर पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र किया और कहा कि इन्होंने इनके निशाने पर हमेशा हमारे आम नागरिक रहे हैं। ऐसे देश के लिए नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा में भाग लेना भी अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का अपमान है। ‘PAK को नागरिक सुरक्षा पर बोलने का अधिकार नहीं’ उन्होंने कहा, ‘ऐसे देश का नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा में भाग लेना भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय का अपमान है जो देश आतंकवादियों और नागरिकों के बीच कोई अंतर नहीं करता, उसे नागरिकों की सुरक्षा के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है.’ पुरी ने हाल की एक घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तानी सेना ने जानबूझकर भारतीय सीमावर्ती गांवों को निशाना बनाया. उन्होंने कहा, ‘हमलों में 20 से अधिक नागरिक मारे गए और 80 से अधिक घायल हुए. गुरुद्वारों, मंदिरों और कॉन्वेंटों समेत पूजा स्थलों के साथ-साथ स्वास्थ्य केंद्र, अस्पतालों को भी जानबूझकर निशाना बनाया गया. इस तरह के काम करने के बाद इस मंच पर उपदेश देना घोर पाखंड है.’ ‘भारत ने झेला PAK प्रायोजित हमलों का दर्द’ कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए हरीश ने कहा कि भारत ने दशकों से अपनी सीमाओं पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी हमलों को झेला है. उन्होंने कहा, ‘इसमें मुंबई शहर पर हुए 26/11 के भयानक हमले से लेकर अप्रैल 2025 में पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों की बर्बर सामूहिक हत्या तक शामिल है. पाकिस्तानी आतंकवाद के शिकार मुख्य रूप से नागरिक रहे हैं, क्योंकि इसका उद्देश्य हमारी समृद्धि, प्रगति और मनोबल पर हमला करना रहा है. ऐसे देश के लिए नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा में भाग लेना भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय का अपमान है.’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने बार-बार आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए नागरिकों को आड़ (कवर) के रूप में इस्तेमाल किया है. उन्होंने कहा, ‘हमने हाल ही में वरिष्ठ सरकारी, पुलिस और सैन्य अधिकारियों को ऑपरेशन सिंदूर के तहत मारे गए आतंकवादियों के अंतिम संस्कार में श्रद्धांजलि देते देखा है. पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो आतंकवादियों और नागरिकों के बीच कोई फर्क नहीं करता, उसे नागरिकों की सुरक्षा के बारे में बोलने की कोई अधिकार नहीं है.’  

iPhone को 25% टैरिफ की धमकी देने के बाद ट्रंप ने Samsung को निशाने पर लिया, दे दी यह चेतावनी

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि देश के बाहर बने सभी स्मार्टफोन्स पर जल्द ही 25 फीसदी टैरिफ लगाया जा सकता है। इन स्मार्टफोन्स में एपल का आईफोन समेत सैमसंग और दूसरी कंपनियों के डिवाइसेज भी शामिल हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर ये स्मार्टफोन अमेरिका में ही बनते हैं तो कोई टैरिफ नहीं लगेगा। वहीं, अगर ये बाहर से बनकर अमेरिका में बेचे जाते हैं, तो टैरिफ देना होगा। ट्रंप ने कहा, ‘इस पॉलिसी से सिर्फ एपल ही प्रभावित नहीं होगा, बल्कि यह इससे काफी ज्यादा व्यापक होगी। सैमसंग और दूसरी कंपनियां भी इस टैरिफ के दायरे में आएंगी। अन्यथा, यह उचित नहीं होगा। जब वे यहां अपना प्लांट लगाते हैं, तो कोई टैरिफ नहीं होगा।’ ट्रंप ने की थी टिम कुक से बात ट्रंप ने शुक्रवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने एपल के सीईओ टिम कुक को पहले ही अपनी अपेक्षाओं के बारे में सूचित कर दिया था। ट्रंप ने कहा, “मैंने बहुत पहले एपल के टिम कुक को सूचित कर दिया था कि मुझे उम्मीद है कि उनके आईफोन जो अमेरिका में बेचे जाएंगे, वे अमेरिका में निर्मित और बनाए जाएंगे, भारत या कहीं और नहीं। अगर ऐसा नहीं होता है, तो एपल को अमेरिका को कम से कम 25% का टैरिफ देना होगा।” ट्रंप ने Apple को चेतावनी भी दी कि उसे आईफोन का उत्पादन घरेलू स्तर पर ही करना होगा. वरना उसे नए टैरिफ का सामना करना पड़ेगा. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने Apple के सीईओ टिम कुक को बहुत पहले बता दिया था कि उत्पादन अमेरिका में ही होना चाहिए. उन्होंने कहा कि वो भारत में प्लांट बनाने के लिए जा रहे हैं. मैंने कहा कि भारत जाना ठीक है, लेकिन आप टैरिफ के बिना इसे यहां नहीं बेचेंगे. अगर वो आईफोन को अमेरिका बेचने जा रहे हैं तो मैं चाहता हूं कि इसे अमेरिका में ही बनाया जाए. वर्तमान में Apple चीनी टैरिफ से बचने के लिए अपने iPhone असेंबली का अधिकांश हिस्सा भारत में ट्रांसफर कर रहा है, लेकिन विनिर्माण को अमेरिका में ट्रांसफर करने की कोई सार्वजनिक योजना नहीं है. विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका में iPhone बनाने से कीमतों में सैकड़ों से हजारों डॉलर की बढ़ोतरी होगी. बाद में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि स्मार्टफोन टैरिफ मोटे तौर पर एप्पल, सैमसंग और किसी भी विदेशी फोन पर लगाए जाएंगे जो जून के अंत तक लगाए जा सकते हैं. पिछले साल यूरोपीय संघ ने अमेरिका को 500 बिलियन डॉलर का सामान निर्यात किया, जिसमें जर्मनी, आयरलैंड और इटली सबसे आगे रहे. 50 प्रतिशत टैरिफ से कार, फार्मास्यूटिकल्स और विमान जैसे उत्पाद बुरी तरह प्रभावित होंगे, जिससे अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ने की संभावना है. यूरोपीय संघ के व्यापार प्रमुख मारोस सेफकोविक ने शांति की अपील की और आपसी सम्मान का आह्वान किया, जबकि डच प्रधानमंत्री डिक स्कोफ ने कहा कि टैरिफ की धमकियां पहले भी अमेरिकी वार्ता रणनीति का हिस्सा रही हैं. वैश्विक बाजार में उथल-पुथल ट्रंप के बयान के बाद बाजार में उथल-पुथल मच गई है. अमेरिकी और यूरोपीय शेयरों में गिरावट देखी गई है. ट्रेजरी प्रतिफल में गिरावट आई तथा निवेशकों की चिंता के बीच सोने की कीमतों में वृद्धि हुई है. साथ ही Apple के शेयरों में 3 प्रतिशत की गिरावट आई है. एपल भारत में करता रहेगा निवेश यह धमकी ट्रंप और कुक के बीच हाल ही में हुई बैठक के बाद आई है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, ट्रंप एपल की चीन से भारत में अधिक आईफोन प्रोडक्शन ट्रांसफर करने की योजनाओं से नाखुश थे। ट्रंप ने कहा, “मुझे टिम के साथ यह समझ थी कि वह ऐसा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह प्लांट बनाने के लिए भारत जा रहे हैं। मैंने कहा, ‘भारत जाना ठीक है, लेकिन आप टैरिफ के बिना यहां बिक्री नहीं करेंगे।'” ट्रंप के इन बयानों के बाद हाल ही में एपल ने कहा है कि उसकी भारत की निवेश योजनाओं में कोई बदलाव नहीं आया है। अमेरिका में बढ़ेगी महंगाई ये नई टिप्पणियां ट्रंप की स्थिति में बदलाव को दर्शाती हैं। जबकि उन्होंने पहले कहा था कि अन्य देश टैरिफ का बोझ उठाएंगे। इस बार उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि कंपनियों को खुद- जैसे एपल को भुगतान करना होगा। इसका मतलब उपभोक्ताओं के लिए महंगाई बढ़ सकती है, क्योंकि आयात कर टैरिफ लगा तो अमेरिकी लोगों को आईफोन खरीदने के लिए ज्यादा डॉलर खर्चने होंगे।

मुख्यमंत्री के सुशासन सड़कों के जाल का हो रहा है विस्तार

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर वासियों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी और सड़कों के विस्तार हेतु सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं जिसका साकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है जशपुर में नागरिकों के आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए छः सड़कों के निर्माण कार्य हेतु 18 करोड़ 46  लाख 87 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। इन मार्गो के निर्माण से लोगों के आवागमन में सुगमता होगी। जिले के लोगों में मिलने वाली सुविधा से खुशी की लहर है।           राज्य शासन से स्वीकृति कार्यो में वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल जिला जशपुर के ग्राम चटकपुर से रेंगारबहार पहुंच मार्ग लम्बाई 2.46 किमी. के निर्माण हेतु 02 करोड़ 89 लाख 86 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसी प्रकार कुनकुरी-औरीजोर-मतलूटोली-पटेलापारा पहुंच मार्ग लंबाई 2.54 किमी. निर्माण कार्य हेतु 03 करोड़ 01 लाख 95 हजार, एन.एच.43 के किमी. 540/4 से मयाली डेम तक मार्ग लंबाई 2.28 किमी. निर्माण हेतु 02 करोड़ 85 लाख 01 हजार, मयाली नेचर कैम्प से मधेश्वर मंदिर तक मार्ग लंबाई 2.20 किमी. निर्माण हेतु 2 करोड़ 71 लाख 89 हजार, रानीबंध चौक से चिडराटांगर होते हुए पंडरीआमा-उपरकछार मार्ग लंबाई 3.44 किमी. निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 29 लाख 58 हजार और जोकरी से मधेश्वर पहाड़ तक पहुंच मार्ग लंबाई 2.88 किमी. निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 68 लाख 58 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है।

CM ने चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ से चर्चा कर अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न विषयों पर जानकारी ली

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  राजधानी रायपुर के सड्डू स्थित आईटीएसए हॉस्पिटल का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने राजधानी वासियों और अस्पताल प्रबंधन को बधाई और शुभकामनाएं दी।         मुख्यमंत्री ने कहा कि 350 बिस्तरों की क्षमता वाले इस मल्टीस्पेशलिटी, पीडियाट्रिक और वेलनेस सेंटर से न केवल राजधानी रायपुर बल्कि पूरे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी।उन्होंने बताया कि पिछले सत्रह महीनों में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में तीव्र गति से विकास हो रहा है। सरकार द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में मेडिसिटी परियोजना की शुरुआत की गई है, जो भविष्य में 5 हजार बिस्तरों वाले मेडिकल हब के रूप में विकसित होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ से चर्चा कर अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न विषयों पर जानकारी ली।         इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, विधायक राजेश मूणत, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक मोतीलाल साहू और प्रबुद्धजन   उपस्थित रहे।

21 मई को माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में मिली ऐतिहासिक कामयाबी पर मुख्यमंत्री ने जवानों को दी बधाई

रायपुर : जवानों के बुलंद हौसलों से मिटेगा नक्सलवाद का कलंक: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचकर की जवानों की हौसला अफजाई कहा- फोर्स के अदम्य साहस और शौर्य को नमन 21 मई को माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में मिली ऐतिहासिक कामयाबी पर मुख्यमंत्री ने जवानों को दी बधाई रायपुर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारे जवानों का हौसला दुर्गम पहाड़ों से भी ऊंचा है। नक्सलवाद के विरूद्ध निर्णायक लड़ाई में हमारे जवानों ने अदभुत, साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया है। जवानों के बुलंद हौसलों से अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर से नक्सलवाद का नामोनिशान मिट जाएगा। मुख्यमंत्री साय आज ओरछा ब्लॉक के ग्राम बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचे, जहां पर उन्होंने 21 मई को डीआरजी-बीएसएफ और जिला बल के द्वारा माओवादियों के विरूद्ध नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सरहदी पहाड़ियों में चलाए गए नक्सल विरोधी ऑपरेशन में 27 नक्सलियों को मार गिराने वाले जवानों की हौसला-अफजाई की। उन्होंने बासिंग कैम्प में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह माओवाद के विरूद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है जिसमें सुरक्षा बलों ने हार्डकोर माओवादी बसवा राजू सहित 27 नक्सलियों को मार गिराया है। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह भी बासिंग पहुंचे। मुख्यमंत्री ने जवानों की हौसला अफ़ज़ाई करते हुए तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने जवानों से कहा कि बस्तर में अमन और शांति लाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बल के जवानों को 50 मोटर बाइक पर हरी झंडी दिखाकर गस्त करने के लिए रवाना किया। मुख्यमंत्री साय ने जवानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस तरह उच्च स्तरीय रणनीति बनाकर ऑपरेशन को अंजाम दिया और कामयाबी हासिल की वह काबिले-तारीफ है। फोर्स के इस अदम्य साहस और शौर्य को नमन है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर के माथे से माओवाद का कलंक पूरी तरह से मिट जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सल समस्या को समूल समाप्त करने का संकल्प लिया है, वह पूरा होता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि वह दिन दूर नहीं जब बस्तर अंचल छत्तीसगढ़ के विकास से पूरी तरह जुड़ जाएगा। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि बस्तर के अंदरूनी इलाके, जहां कुछ साल पहले तक जाना भी संभव नहीं था, वहां अब शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में अब गति आएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों को शासन की योजनाओं से जोड़ने नियद नेल्लानार, पीएम जनमन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका सकारात्मक बदलाव अब बस्तर में दिखने लगा है। माओवाद की समाप्ति के साथ ही बस्तर विकास की ओर तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने ऑपरेशन में शामिल सभी जवानों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनकी बहादुरी के लिए बधाई दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस ऑपरेशन और जवानों की बड़ी और ऐतिहासिक सफलता की सराहना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन होने जा रहा है जो विकास और प्रगति की राह पर बस्तर को ले जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जवानों को एलईडी सेट और गिफ्ट हैम्पर भेंट किए। इस अवसर पर ऑपरेशन में शामिल जवानों ने की गई तैयारियों और रणनीति की जानकारी मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री को दी। इसके पहले, जवानों ने मुठभेड़ के बाद माओवादियों से रिकवर किए गए हथियारों का प्रदर्शन किया, जिसमें बीजीएल लॉन्चर, 12 बोर बंदूक, .303 बंदूक, 7.62 रायफल, 5.56 एमएम इंसास, एके-47, 9 एमएम कार्बाइन सहित विभिन्न प्रकार के हथियार सम्मिलित थे। इस मौके पर पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, डीआईजी अमित तुकाराम कामले, कलेक्टर नारायणपुर श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

यंगेस्ट एथिकल हैकर शुभांक सिंगहाई के विशेष सत्र का आयोजन

भोपाल मध्यप्रदेश कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (एमपी-सर्ट) द्वारा साइबर सुरक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला ई-गवर्नेंस प्रबंधकों (डीईजीएम) के लिये एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन होटल पलाश रेसिडेंसी भोपाल में शुक्रवार को किया गया। यह कार्यशाला विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे एवं एमपी-सर्ट के निदेशक गुरु प्रसाद के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। कार्यशाला में राज्य के सभी 55 जिला ई-गवर्नेंस प्रबंधकों ने भाग लिया, जिन्हें अपने-अपने जिलों के लिए मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी के रूप में नामित किया गया है। कार्यशाला डीईजीएम को नवीनतम साइबर रणनीतियों, उपकरणों और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं से सुसज्जित करने के उद्देश्य से आयोजित हुई। जिससे साइबर सुरक्षा की जड़ें जिला स्तर तक मजबूत हो सके। विशेष सत्र में भोपाल के 11वीं के छात्र शुभांक सिंगहाई, यंगेस्ट एथिकल हैकर ने सहभागिता की जिसमें उन्होंने रियल-टाइम हैकिंग का डेमो प्रस्तुत करके यह स्पष्ट किया कि साइबर सुरक्षा आज के समय में कितनी आवश्यक है। उनका व्यावहारिक प्रदर्शन उपस्थित डीजीईएम के लिए अत्यंत प्रभावशाली एवं शिक्षाप्रद रहा। कार्यशाला में संयुक्त निदेशक, एमपी-सर्ट एवं पुलिस अधीक्षक एटीएस वैभव श्रीवास्तव ने सत्र को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार साइबर अपराधी मानवीय कमजोरियों जैसे लालच, आलस्य और डर का फायदा उठाकर ऑनलाइन धोखाधड़ी करते हैं। श्रीवास्तव ने फिशिंग ईमेल, फर्जी सिम कार्ड ऑफर, आधार आधारित पहचान की चोरी और ओटीपी धोखाधड़ी जैसे मामलों के उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड इस्तेमाल करने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय करने, संदिग्ध लिंक या कॉल से बचने और ओटीपी या कार्ड विवरण कभी भी साझा न करने की सलाह दी। यह कार्यशाला राज्य सरकार की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें जिला स्तरीय अधिकारियों को संभावित खतरों से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है।  

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