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27 मई को होगी आरयूएचएस सीयूईटी की परीक्षा, प्रवेश पत्र जारी

जयपुर राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज ने कॉमन अंडरग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट (CUET) 2025 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। बीएससी, बीपीटी, बी.फार्मा और डीफार्मा जैसे स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकृत उम्मीदवार अब अपना एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट ruhsraj.org और ruhscuet2025.com से डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा तिथि और समय आरयूएचएस सीयूईटी 2025 परीक्षा का आयोजन 27 मई, 2025 को ऑफलाइन मोड में किया जाएगा, और यह परीक्षा विशेष रूप से जयपुर में आयोजित होगी। परीक्षा में भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान विषयों से संबंधित कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, जिन्हें हल करने के लिए 2 घंटे का समय दिया जाएगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने एडमिट कार्ड तुरंत डाउनलोड करें और उसमें दिए गए सभी विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच करें। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए एडमिट कार्ड की प्रिंटेड कॉपी के साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र (ID Proof) ले जाना अनिवार्य है। एडमिट कार्ड पर उल्लिखित विवरण अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने आरयूएचएस सीयूईटी 2025 के एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी विवरणों को ध्यानपूर्वक सत्यापित कर लें। इसमें उम्मीदवार का नाम, जन्म तिथि, आवेदन आईडी/फॉर्म नंबर, श्रेणी (वर्ग), परीक्षा केंद्र का नाम व पता, रिपोर्टिंग समय, परीक्षा समय, साथ ही उम्मीदवार का फोटो और हस्ताक्षर शामिल हैं। यदि एडमिट कार्ड में किसी भी प्रकार की विसंगति या गलती पाई जाती है, तो तुरंत सुधार के लिए RUHS से संपर्क करें। परीक्षा दिवस के निर्देश     एडमिट कार्ड की एक प्रिंटेड कॉपी परीक्षा केंद्र पर अनिवार्य रूप से साथ लेकर जाएं।     परीक्षा केंद्र पर निर्धारित रिपोर्टिंग समय से पहले पहुंचना सुनिश्चित करें।     एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उनका पालन करें।     परीक्षा के दौरान सभी नियमों और दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करें।     साथ में एक वैध फोटो पहचान पत्र (ID Proof) भी अवश्य ले जाएं।  

डब्ल्यूटीसी फाइनल में मैच रैफरी की भूमिका में भारत की मौजूदगी दर्ज कराएंगे जवागल श्रीनाथ

दुबई भारतीय टीम भले ही विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में नहीं पहुंची हो, लेकिन इस मैच में भारत का कनेक्शन रहेगा। भारत के पूर्व तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ मैच रैफरी की भूमिका में भारत की मौजूदगी दर्ज कराएंगे। वहीं, नितिन मेनन चौथे अंपायर के तौर पर डब्ल्यूटीसी में डेब्यू करेंगे। इंग्लैंड के रिचर्ड इलिंगवर्थ और न्यूजीलैंड के क्रिस गाफाने लॉर्ड्स पर होने वाले डब्ल्यूटीसी फाइनल में मैदानी अंपायर होंगे। गौरतलब है कि डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया 11 से 15 जून तक पहली दफा फाइनल में पहुंची दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगा।   रिचर्ड केटलबोरो होंगे टीवी अंपायर आईसीसी के कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंट के फाइनल में अंपायरिंग कर चुके इंग्लैंड के रिचर्ड केटलबोरो को टीवी अंपायर नियुक्त किया गया। वह डब्ल्यूटीसी 2021 फाइनल में भी इसी भूमिका में थे। मेनन 2021 में आईसीसी मेन्स टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में टीवी अंपायर थे, उन्हें इस मुकाबले के लिए चौथा अंपायर बनाया गया है। इलिंगवर्थ तीनों डब्ल्यूटीसी फाइनल में मैदानी अंपायर के तौर पर इतिहास रचेंगे। भारतीय टीम पहले दो डब्ल्यूटीसी चक्र के फाइनल में पहुंची थी। हालांकि वह दोनों ही बार फाइनल जीत नहीं पाई। फाइनल में उसका मुकाबला क्रमश: न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से था। जय शाह ने जताया भरोसा आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने नियुक्त अधिकारियों के अनुभव और योग्यता की सराहना की और उनके प्रदर्शन पर भरोसा व्यक्त किया। आईसीसी की विज्ञप्ति में शाह ने कहाकि हमें लॉर्ड्स में आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए मैच अधिकारियों की एक अनुभवी टीम की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। यह टीम दुनिया भर में खेले जाने वाले टेस्ट मैचों के प्रतिस्पर्धी दो साल के चक्र का समापन है। इसके बाद नए डब्लूटीसी चक्र की शुरुआत होगी, जिसकी शुरुआत भारत-इंग्लैंड टेस्ट सिरीज से होगी। भारत इंग्लैंड दौरे पर एक युवा टीम के साथ जाएगा। इसमें रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज नहीं होंगे।  

शिवपुरी जिला मुख्यालय को कुछ महीनों में बड़ी सौगात मिलने वाली, शिवपुरी नपा को नगर निगम बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में

शिवपुरी मध्यप्रदेश में जहां प्रमुख शहरों को मेट्रोपोलिटिन सिटी के रूप में डेवलप किया जा रहा है वहीं छोटे और मझौले शहरों का भी कायाकल्प किया जा रहा है। यहां तक कि प्रदेश की कई पंचायतों को भी अपग्रेड किया जा रहा है। 15 पंचायतों का नक्शा तो जल्द ही बदल जाएगा। यहां के गांव पंचायतों से निकलकर नगर निगम में आ जाएंगे। इन्हें शिवपुरी नगर निगम में शामिल किए जाने का प्रस्ताव है। अधिकारियों के अनुसार जिला मुख्यालय की नगर पालिका से नगर निगम बनने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जल्द ही कैबिनेट से पास होते ही सभी 15 पंचायतों के साथ शिवपुरी शहर को भी बड़ी सौगात मिलेगी। शिवपुरी जिला मुख्यालय को आगामी कुछ महीनों में ही यह बड़ी सौगात मिलने वाली है। शिवपुरी नपा को नगर निगम बनाने के लिए दो बार निरस्त होने के बाद कलेक्टर रविन्द्र चौधरी के माध्यम से संशोधित प्रस्ताव भोपाल स्थित नगरीय निकाय विभाग को भेज दिया गया है। तीसरी बार भेजे प्रस्ताव में 15 पंचायतों को जोड़ा गया है। नपा और जिला प्रशासन के अधिकारी बताते हैं कि प्रस्ताव को जल्द ही नगरीय निकाय विभाग से कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के साथ ही शिवपुरी नगर निगम बन जाएगा। तीन साल पूर्व प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शिवपुरी नगर पालिका को नगर निगम बनाने की घोषणा की थी, लेकिन इसपर अभी तक अमल नहीं हो पाया। प्रशासनिक उदासीनता के फेर में इसके लिए प्रस्ताव बनाने में देरी हुई व कुछ कमियां भी रहीं। आबादी व क्षेत्रफल के हिसाब से शिवपुरी नगर पालिका को बहुत पहले ही नगर निगम का दर्जा मिल जाना चाहिए था। तत्कालीन मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद यहां के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने नगर निगम बनाने के ठोस प्रयास शुरू किए। शुरुआती दो प्रस्तावों में कुछ ग्राम पंचायतों की सहमति न होने व दूरी अधिक होने के कारण प्रस्ताव भोपाल स्तर से निरस्त हो गए। इसके बाद नगर पालिका ने फिर इस प्रक्रिया को शुरू किया। जिन ग्राम पंचायतों की दूरी अधिक थी, उनको इस प्रस्ताव से हटाया तथा कुछ और बिंदुओं पर संशोधन किया। जो नया प्रस्ताव तैयार किया गया है, उनमें सभी 15 ग्राम पंचायतों के अलावा हर शासकीय विभाग से सहमति पत्र लिया गया है। नगर निगम प्रस्ताव में झांसी रोड के वन ग्रामों को हटाया वर्तमान में नगर पालिका में 39 वार्ड हैं। नगर निगम बनते ही वार्डो की संख्या 50 से 50 के बीच हो जाएगी। इतना ही नहीं अभी नगर पालिका अध्यक्ष व सीएमओ का पद है लेकिन नगर निगम बनते ही जनप्रतिनिधि के रूप में महापौर व सीएमओ की जगह आयुक्त का पद होगा। नगर पालिका का हर साल का करोड़ों का बजट नगर निगम बनते ही अरबों रुपए में होगा। इससे न केवल ज्यादा विकास कार्य हो पाएंगे, बल्कि जिन 15 ग्राम पंचायतों को जोड़ा जाएगा उनका भी कायाकल्प हो जाएगा। इस बार जो प्रस्ताव बना है, उनमें झांसी रोड स्थित वन क्षेत्र के ग्रामों को हटा दिया गया है। जल्द ​मिलेगी शिवपुरी नगर निगम की सौगात नपा के सीएमओ इंशाक धाकड़ बताते हैं कि हमने भोपाल में वरिष्ठ कार्यालय को इस बार संशोधित प्रस्ताव भेजा है जिसमें शहरी क्षेत्र के अलावा 15 ग्राम पंचायतों को जोड़ा गया है। पूरी प्रक्रिया अब अंतिम चरणों में है। यह प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट से पास होने और शिवपुरी को नगर निगम की सौगात मिलने की उम्मीद है। इन ग्राम पंचायतों को जोड़ा नया प्रस्ताव 6 मई को भोपाल भेजा गया। इसमें 15 ग्राम पंचायतों चंदनपुरा, सिंहनिवास, नोहरीकलां, ठर्रा, दर्रोनी, ईटमा, पिपरसमा, रायश्री, सतेरिया, बांसखेड़ी, बड़ागांव, रातौर, पड़ोरा सडक़,सेंसई सडक़, वेंहटा को जोड़ा गया है। इन ग्राम पंचायतों में कुछ मंझरे भी शामिल हैं। 3 लाख से अधिक हुई आबादी बड़ी बात यह है कि अभी नगर पालिका क्षेत्र 86 वर्ग किमी में है जोकि नगर निगम होते ही 241 वर्ग किमी हो जाएगा। नगर निगम की अधिकतम सीमा 18 किमी तक होगी। प्रस्ताव में जो ग्राम पंचायतें जोड़ी गई हैं, वह ग्राम पंचायत शहर से 7 किमी से लेकर 16 किमी दूरी तक की है। प्रस्ताव में नगर निगम बनाने के लिए 3 लाख की आबादी भेजी गई है। हालांकि आबादी इससे अधिक हो चुकी है।

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज अब गांव-गांव तक अपनी पहुंच बनाने की तैयारी में

नई दिल्ली  भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज अब गांव-गांव तक अपनी पहुंच बनाने की तैयारी में है। रिलायंस की नजर खासकर देश में के तेजी से बढ़ रह एमएफसीजी सेक्टर पर है। इसके लिए कंपनी एक खास रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी का फोकस आम लोगों तक अपनी पहुंच बनाने पर है। इसके लिए एफएमसीजी सेक्टर में सस्ते प्रोडक्ट लाना चाहती है। दूसरी तरफ हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, आईटीसी, नेस्ले और डाबर जैसी ज्यादातर कंपनियां ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान दे रही हैं। यानी वे महंगे प्रोडक्ट बेच रही हैं। ऐसे में रिलायंस को इस मार्केट में एक बड़ा मौका दिख रहा है। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के डायरेक्टर टी कृष्णकुमार ने कहा कि उनकी नजर 60 करोड़ ग्राहकों पर है। कंपनी आस-पड़ोस की दुकानों के साथ मिलकर काम करेगी और उन्हें अच्छा मार्जिन देगी। कृष्णकुमार ने एक इंटरव्यू में कहा कि भारत की आबादी लगभग 1.4 अरब है। इसमें एक बड़ा मध्यम वर्ग है। लगभग 60 करोड़ ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके लिए हम अच्छी क्वालिटी के प्रोडक्ट बनाना चाहते हैं। इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर किसी ने भी स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ प्रवेश करने की कोशिश नहीं की है। रीजनल और लोकल कंपनियों ने कोशिश की, लेकिन वे टिक नहीं पाईं। कंपनी ने खरीदे 15 ब्रांड्स रिलायंस का कंज्यूमर बिजनस 2022 में रिलायंस रिटेल वेंचर्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में शुरू हुआ था। तबसे इसने 15 से ज्यादा ब्रांड खरीदे हैं। इनमें कैंपा सॉफ्ट ड्रिंक्स सबसे पहले थी। इसे 2022 में प्योर ड्रिंक्स लिमिटेड से लगभग 22 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। फिलहाल ज्यादातर ब्रांड कुछ ही बाजारों में उपलब्ध हैं। कैंपा के अलावा रिलायंस के पोर्टफोलियो में Sil जैम और स्प्रेड, लोटस चॉकलेट, टॉफमैन और रावलगांव जैसे कन्फेक्शनरी ब्रांड, एलन का बगल्स स्नैक्स, वेलवेट शैम्पू और इंडिपेंडेंस स्टेपल्स जैसे खुद के बनाए ब्रांड शामिल हैं। कृष्णकुमार ने कहा कि मार्च 2027 तक इस पोर्टफोलियो को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया जाएगा। कंपनी का फोकस पेय पदार्थ और स्टेपल्स के अलावा कन्फेक्शनरी पर भी है। उन्होंने कहा, ‘जब मैं कहता हूं कि हम स्केल अप कर रहे हैं, तो इसका मतलब कल नहीं है। किसी भी प्रोडक्ट को बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लिए 24-30 महीने चाहिए, क्योंकि इससे कम समय में आप ठीक से काम नहीं कर सकते।’ आगे का प्लान FY25 में RCPL ने 11,500 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जिसमें से 60% से ज्यादा जनरल ट्रेड से आया। कंपनी ने घोषणा की कि कैंपा और इंडिपेंडेंस दोनों ने बिक्री में 1,000 करोड़ रुपये और कुल मिलाकर 10 लाख दुकानों तक पहुंच हासिल की है। कृष्णकुमार ने कहा कि हमें एक सप्लाई चेन बनाने की जरूरत है। पिछले साल के अंत तक पेय पदार्थों और स्टेपल्स में हमारी बाजार हिस्सेदारी लगभग 20% थी। हमें मार्च 2026 तक इसे 60-70% तक ले जाना है। बाकी कैटेगरी में भी हम व्यवस्थित रूप से शुरुआत करेंगे।। सॉफ्ट ड्रिंक्स, चॉकलेट और डिटर्जेंट जैसी कैटेगरी में कंपनी ने सभी उत्पादों की कीमतें कोका-कोला, मोंडेलेज और HUL जैसे प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में 20-40% कम रखी हैं। रिलायंस की यह विस्तार योजना ऐसे समय में आई है, जब शहरों में आर्थिक मंदी है। पिछले पांच तिमाहियों में शहरों के उपभोक्ताओं ने बढ़ती खाद्य और ईंधन महंगाई के बीच गैर-जरूरी खर्चों में कटौती की है। कृष्णकुमार ने कहा कि कंपनी ऑर्गेनिक ग्रोथ और एक्विजिशन का मिश्रण जारी रखेगी। लेकिन भारी लागत पर अधिग्रहण नहीं करेगी।

कावेरी नदी पर सिद्धवरकूट से ओंकारेश्वर को जोडने वाले पुल को तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी, प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिली

खंडवा सिंहस्थ 2028 के लिए खंडवा स्थित तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में 500 करोड़ से भी ज्यादा के निर्माण कार्य होना है। इसमें प्रमुख रूप से तीन पुलों का निर्माण है, जिससे सिंहस्थ के दौरान क्राउड कंट्रोल मैनेजमेंट भी किया जाएगा। तीन में से एक पुल की तकनीकी स्वीकृति हो चुकी है, लेकिन मामला प्रशासकीय स्वीकृति में अटका हुआ है। वहीं, बचे हुए दो पुल में से एक को बजट में शामिल किया गया है, जबकि दूसरे पुल का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी सेतू निगम द्वारा भेजा गया है। 3 पुलों का होना है निर्माण सिंहस्थ के लिए जिन तीन पुलों का निर्माण होना है, उसमें प्रमुख रूप से कावेरी नदी पर सिद्धवरकूट से ओंकारेश्वर को जोडने वाले पुल (Siddhavarkut bridge) को तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है। पुल 400 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। इस पुल से ओंकारेश्वर मंदिर मार्ग तक 1260 मीटर लंबी सडक़ भी जोड़ी जाएगी। पुल की लागत 37.94 करोड़ रुपए है। पुल के टेंडर होने के बाद 24 माह में इसे पूरा करना होगा। निर्माण अवधि में वर्षाकाल का समय नहीं जोड़ा गया है। इस पुल से तीन माइनर ब्रिज भी जोड़े जाएंगे। वर्तमान में प्रशासकीय स्वीकृति मिल भी जाती है तो मानसून सीजन शुरू होने से पुल का निर्माण फिलहाल चार माह तक शुरू नहीं हो पाएगा। हल्के मोटर वाहन के लिए बनेगा वर्तमान में ओंकारेश्वर बांध से सिद्धवरकूट जाने का रास्ता है, लेकिन सुरक्षा कारणों से यहां पर आवागमन बंद है। कावेरी नदी पर बनने वाले इस पुल के निर्माण से जैन तीर्थ सिद्धवरकूट और तीर्थनगरी जुड़ जाएगी और करीब 25 किमी का सफर कम हो जाएगा। वर्तमान में सिद्धवरकूट के लिए बड़वाह से होकर जाना पड़ता है। पहले इस पुल को पैदल पुल के रूप में प्रस्तावित किया गया था, लेकिन जनप्रतिनिधियों की मांग पर बाद में इसे लाइट मोटर व्हीकल पुल के रूप में स्वीकृति दी गई। इंदौर से आने वाले वाहन सीधे ओंकारेश्वर पहुंच सकेंगे। संभावना : सिंहस्थ 2028 में आएंगे 10 करोड़ से ज्यादा लोग सिंहस्थ 2028 के दौरान करीब 10 करोड़ श्रद्धालुओं के ओंकारेश्वर पहुंचने की संभावना है। वर्तमान में पुराना झूला पुल और नया झूला पुल दो ही मार्ग ज्योतिर्लिंग मंदिर तक जाने के लिए है। भीड़ को देखते हुए दो नए पुल भी मंदिर मार्ग के लिए नर्मदा नदी पर प्रस्तावित है। इसमें पुराने झूला पुल के समानांतर 320 मीटर लंबाई और चौड़ाई 4 मीटर है, जिसकी लागत 49.93 करोड़ रुपए है। ये पुल सिंहस्थ के लिए बजट में भी शामिल है। नए झूला पुल क पास भी एक पुल प्रस्तावित है। ये पुल मंदिर मार्ग को ब्रह्मपुरी घाट से जोड़ेगा। इस पुल की लंबाई 247 मीटर और चौड़ाई 4 मीटर है। पुल की अनुमानित लागत 37.28 करोड़ रुपए है। सिंहस्थ के लिए प्रस्तावित इस पुल की अब तक तकनीकी स्वीकृति बाकी है। इसके अलावा तीन छोटे पुल भी बनाए जाने है। तकनीकी स्वीकृति मिली सेतु निगम एसडीओ विकास कनेश का कहना है कि सिद्धवरकूट-ओंकारेश्वर ब्रिज की तकनीकी स्वीकृति हमें मिल चुकी है। प्रशासकीय स्वीकृति होते ही इसके टेंडर चीफ इंजीनियर कार्यालय से जारी किए जाएंगे। टेंडर होने के बाद तुरंत ही पुल का काम शुरू कराया जाएगा।

मध्यप्रदेश असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के 2197 पदों पर भर्ती, डॉक्टर्स के 718 पदों के लिए प्रक्रिया पूरी, जल्द होगा परीक्षा की तारीख का ऐलान

भोपाल प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग में प्राध्यापकों के 2197 पदों पर जून और जुलाई माह में भर्ती परीक्षाएं होंगी। इसके साथ ही लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा आयुष विभाग के 718 पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। लोक सेवा आयोग ने साल 2025 के लिए प्री एग्जाम करा लिए हैं। लेकिन जून में होने वाली मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। ऐसे में लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरे जाने वाले पदों के लिए 2025 के अंत तक ही अंतिम परिणाम घोषित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिसम्बर 2024 में एक लाख पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रदेश के सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी बुलाई। ये ब्योरा पीएससी और कर्मचारी चयन मंडल को भेजकर भर्ती करने के निर्देश दिए हैं। इसमें लोक सेवा आयोग इंदौर ने 30 दिसम्बर 2024 से अब तक 64 विज्ञापन निकाले हैं। 3151 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा प्रक्रिया शुरू की है। दैनिक भास्कर ने पीएससी द्वारा निकाले गए विज्ञापन के आधार पर परीक्षा तिथियों और रिक्त पदों की जानकारी जुटाई तो पता चला कि जिस अनुपात में सरकार ने रिक्त पदों की भर्ती का दावा किया था, उस अनुपात में पदों को भरने के लिए विज्ञापन जारी नहीं हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्री की बैठकें जारी, एग्जाम डेट पर निर्णय बाकी डिप्टी सीएम और लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र कुमार शुक्ल पीएससी के माध्यम से होने वाली चिकित्सकों की भर्ती को लेकर लगातार प्रयासरत हैं। वे इसको लेकर मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ मीटिंग करने के अलावा पीएससी के अफसरों के साथ भी बैठक कर चुके हैं लेकिन अब तक की जो स्थिति है, उसके अनुसार विभाग के रिक्त पदों को इस साल चिकित्सक स्टाफ मिल पाने की उम्मीद कम ही है।

छिंदवाड़ा जिले के 13.45 लाख राशन हितग्राहियों में से आज तक 12.25 लाख हितग्राहियों की ईकेवायसी हुई

छिंदवाड़ा  प्रदेश सरकार की राशन हितग्राहियों पर लागू ईकेवायसी योजना से जिले भर में करीब 1.20 लाख लोगों के नाम हट जाएंगे। अब तक 90 फीसदी हितग्राहियों की ईकेवायसी कराने में खाद्य आपूर्ति विभाग सफल रहा है। शेष 10 फीसदी में ऐसे लोग शामिल है जो मृत हो चुके है या फिर शहर व गांव से पलायन कर गए हैं। फिर भी इन्हें एक और मौका 31 मई तक दिया गया है। पिछले दो माह से नगर निगम से लेकर पंचायत तथा खाद्य आपूर्ति विभाग में राशन हितग्राहियों की ईकेवायसी होती रही। छिंदवाड़ा जिले के 13.45 लाख राशन हितग्राहियों में से आज तक 12.25 लाख हितग्राहियों की ईकेवायसी हो चुकी है। शेष 1.20 लाख की आबादी की ईकेवायसी शेष है। इनमें से कुछ लोग मृत हो चुके है, नौकरी के चक्कर में पलायन कर चुुके है, कुछ घर से बाहर जा चुके हैं। इन लोगों के नाम अब राशन पोर्टल से अपने आप कट जाएंगे। इनके नाम से अब तक कुछ परिवार राशन ले रहे थे, उन्हें इससे वंचित होना पड़ेगा। अपात्रों के चक्कर में आठ माह से पर्ची बंद सरकार ने अपात्रों के चक्कर में आठ माह से पात्रता पर्ची जारी करना बंद कर दी है। इस समय छिंदवाड़ा-पांढुर्ना जिले में करीब 15 हजार से ज्यादा आवेदन पैंडिंग है। जब तक सर्वेक्षण में अपात्रों के नाम नहीं हटाए जाएंगे, तब तक पात्र हितग्राहियों के नाम नहीं जुड़ेंगे। दरअसल केन्द्र सरकार की ओर से मप्र में राशन का कोटा बढ़ाए जाने से मना कर दिया गया है। तीन बार बढ़ाई ईकेवायसी कराने की तिथि राज्य शासन ने राशन दुकानों से अपात्रों के नाम हटाने ईकेवायसी योजना लागू की। पहले इसकी अवधि 30 अप्रेल तय की थी। उसके बाद उसे 15 मई तक किया गया। अब इस तिथि को पुन: आगे बढ़ाते हुए 31 मई तक कर दिया गया है। राशन दुकानों से हटाए 18 हजार अपात्रों के नाम इधर, नगर निगम और पंचायतों की ओर से अब तक अपात्र 18473 लोगों के नाम हटा दिए हैं। आगे और भी हटाने की प्रक्रिया चल रही है। इससे पहले छिंदवाड़ा जिले की राशन दुकानों में प्राथमिक श्रेणी के करीब 13.62 लाख लोग रियायती अनाज पा रहे थे। उन्हें तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल प्रति सदस्य के हिसाब से वितरण हो रहा था। अपात्रों के नाम हटाने से उनकी संख्या कम हो गई है। 16 तारीख तक थी राशन वितरण में समस्या इस माह मई की 16 तारीख तक राशन वितरण में समस्या थी। इसके चलते राशन दुकानें नहीं खुल पाई। इसका कारण यहीं ईकेवायसी थी। फिलहाल 91 फीसदी राशन दुकानों में रियायती अनाज वितरण शुरू हो गया है। अब अगले माह से सरकार स्मार्ट राशन वितरण प्रारंभ करने जा रही है। जिसमें राशन दुकानों की पीएसओ मशीन में जिस व्यक्ति का नाम होगा, उसे ही रियायती अनाज दिया जाएगा। इनका कहना है… जिले की राशन दुकानों के हितग्राहियों की 90 फीसदी ईकेवायसी हो गई है। करीब 1.20 लाख लोग अभी भी ईकेवायसी नहीं करा पाए है। उन्हें 31 मई तक एक और मौक ा दिया गया है। इसी तरह अब तक 18473 अपात्र नाम हटाए गए हैं। -गंगा कुमरे,जिला आपूर्ति अधिकारी।

ओंकारेश्वर में 126 हेक्टेयर में 4 चरण में एकात्म धाम बन रहा, दिखेंगी ये 7 विशेषताएं

खंडवा आचार्य शंकर ने जिस अद्वैत वेदांत का सिद्धांत देकर आत्मा और बह्म के बीच भेद को पाटने का काम किया, उसी का केंद्र बिंदु ओंकारेश्वर अब प्रकृति संरक्षण के सिद्धांत को दोहराने जा रहा है। मोहन सरकार ने 2195 करोड़ के जिस अद्वैत लोक के निर्माण को मंजूरी दी, वह गृह रेटिंग स्टार कॉन्सेप्ट के आधार पर बनेगा। इसमें जीरो वेस्ट पद्धति लागू की जाएगी। इस लोक में उपयोग हर सामग्री अपशिष्ट के रूप में प्रकृति और दुनिया के लिए खतरा पैदा नहीं करेगी। इन सुविधाओं से होगा लैस मठ-मंदिरों के भवनों, कॉरिडोर, परिसरों की डिजाइन ऐसी होगी कि अंदर बिजली की कम जरूरत पड़ेगी। जहां जरूरत होगी, वहां सौर ऊर्जा का प्रयोग होगा। इसके पीछे दुनिया के लिए चुनौती पैदा कर रहे थर्मल पावर प्लांटों में पैदा होने वाली कम से कम बिजली का उपयोग करना है। निर्माण कार्यों में पर्यावरण अनुकूल सामग्रियां उपयोग होंगी। नर्मदा के दोनों तट पर भगवान शिव, वेदव्यास से लेकर सम-सामयिक संतों की मूर्तियां लगेंगी। उनके दर्शन के लिए अद्वैत नौका विहार की सुविधा होगी। सबसे छोटी यात्रा 15 मिनट की होगी। एकात्म धाम का होगा हिस्सा ओंकारेश्वर में 126 हेक्टेयर में 4 चरण में एकात्म धाम (Ekatma Dham) बन रहा है। पहले चरण का काम 90% हो चुका है। एकात्मता की मूर्ति, अद्वैत लोक, वेदांत संस्थान, सूचना केंद्र व शंकर निलमय परिसर सहित कुल 4000 करोड़ खर्च होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव व मंत्रियों ने इंदौर की कैबिनेट बैठक में इस लोक को स्वीकृति देते समय तय किया कि ओंकारेश्वर वर्षों से धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है, यहां से दुनिया भर में प्रकृति संरक्षण का संदेश भी जाना चाहिए। इंजीनियरों को लोक के सभी कामों में नर्मदा नदी व प्रकृति के संरक्षण का खास ध्यान रखने को कहा है। दिखेंगी ये 7 विशेषताएं     7 डायोरमा : आचार्य शंकर के चरित्र का रोबोटिक्स सहित नएमाध्यम से प्रदर्शन।     माया (3 डी डोम प्रोजेक्शन गैलरी) सृष्टि की उत्पत्ति, लय एवं विनाश का डोम प्रोजेक्शन से प्रदर्शन।     हाई स्क्रीन थिएटर आचार्य शंकर के जीवन पर फिल्म प्रदर्शन के लिए 500 की क्षमता का थिएटर बनेगा।     प्रादर्श वीथिकाएं सनातन के आयामों के प्रादर्श, विभिन्न शैलियां बताती कला वीथिका, शक्ति और संन्यास गैलरी     ध्यान केंद्र: श्रवण, मनन, निधिध्यासन पर आधारित ध्यान केंद्र बनेगा।     अन्नपूर्णा : राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों को परोसे जाने की सुविधा।     लेजर लाइट-वाटर शो वेदांत की कथाओं पर शो।

इंदौर : रिंग रोड बेटमा, सांवेर और तराना से होकर गुजरेगा, 48 हेक्टेयर वन भूमि की आवश्यकता

 इंदौर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अगस्त-सितंबर के बीच पश्चिमी रिंग रोड का काम शुरू कर सकता है, क्योंकि जून में निर्माण कार्यों पर खर्च किए जाने वाला बजट आवंटित होगा। इस दौरान 48 हेक्टेयर वनभूमि को स्वीकृत मिलने की उम्मीद नजर आ रही है। एनएचएआई के प्रस्ताव को इंदौर वनमंडल ने वन विभाग मुख्यालय को भेजा दिया है, जो पर्यावरण समिति के पास पहुंच चुका है। जून-जुलाई में वनभूमि का सर्वे किया जाएगा। जमीन देने की प्रक्रिया जिला प्रशासन करेगा। अधिकारियों के मुताबिक वनभूमि पर पौधे लगाने और रखरखाव का खर्च एनएचएआई देगा। सड़क महू से हातोद होते हुए क्षिप्रा तक जाएगी 1500 करोड़ की लागत से 64 किमी लंबी पश्चिमी रिंग रोड बनाया जाएगा। 638 हेक्टेयर जमीन से सड़क गुजरेगी, जिसमें इंदौर और धार वनमंडल से 48 हेक्टेयर वनभूमि आएगी। इंदौर में 40 और धार में 8-10 हेक्टेयर वन भूमि चिह्नित की गई है। सड़क महू से हातोद और फिर क्षिप्रा तक जाएगी। यह मार्ग बेटमा, सांवेर और तराना से होकर गुजरेगा। एनएचएआई ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि वह वन विभाग को बदले में देने के लिए जमीन उपलब्ध कराए। जब तक यह जमीन तय नहीं होती, तब तक आगे की प्रक्रिया नहीं बढ़ सकती। वनक्षेत्र में खोदाई की जाएगी, जिसमें निकलने वाली मिट्टी और मुरम का निपटान एनएचएआई को वनक्षेत्र में करना है। पेड़ों की गिनती बाकी जंगल में लगे पेड़ों की गिनती और नई जगह पौधारोपण की योजना भी बनेगी। पेड़ों की कटाई, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण शुरू होगा। वहीं एक और बड़ी चिंता यह है कि जिन क्षेत्रों से सड़क निकलेगी, वहां नीलगाय, तेंदुआ, सियार जैसे कई वन्यप्राणी रहते हैं। करेंगे राशि जमा सड़क निर्माण का काम     अगले कुछ महीनों में शुरू किया जाएगा। प्रोजेक्ट को लेकर बजट आवंटित होगा। वैसे वनभूमि को लेकर प्रस्ताव वन विभाग की पर्यावरण समिति को भेजा है। पर्यावरण व वन मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद पौधोरोपण को लेकर राशि जमा करेंगे। – सुमेश बांझल प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई  

अहिल्याबाई की 300वीं जयंती पर भोपाल आ रहे PM मोदी, महिलाएं संभालेगी सुरक्षा, मंच संचालन तक सारी जिम्मेदारी महिलाओं की होगी

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300 वीं जयंती पर आयोजित महिला सम्मेलन में शामिल होंगे। पीएम मोदी 2 लाख से ज्यादा महिलाओं को संबोधित करेंगे। महिलाओं के महाकुंभ की खासियत यह होगी कि पहली बार कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर मंच संचालन तक सभी व्यवस्थाएं महिलाओं के ही हाथों में होंगी। कार्यक्रम को लेकर व्यवस्थाएं और तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा ने गुरुवार को कंट्रोल रूम में अधिकारियों के साथ इस संबंध में बैठक की। पांच किमी के दायरेमें ड्रोन प्रतिबंधित भोपाल पुलिस और एसपीजी ने प्लान बनाना शुरू कर दिया है। पूरी सुरक्षा व्यवस्था एसपीजी के निर्देशों के तहत होगी। कार्यक्रम स्थल को एसपीजी अपने घेरे में लेगी। पांच किलोमीटर के दायरे में ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुएं प्रतिबंधित रहेंगी। शहर के बाहरी इलाकों से आने वालों की जांच की जा रही है, वहीं होटल और लॉज की भी चेकिंग हो रही है। अब तक की जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भोपाल में 1 घंटे का कार्यक्रम रहेगा। दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के बाद उपजे तनाव से सुरक्षा व्यवस्था में कई बदलाव किए जा रहे हैं। सम्मेलन की खास बात यह होगी कि पूरी व्यवस्था महिलाओं के हाथों में होगी। मंच संचालन से लेकर भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक, मीडिया और सुरक्षा तक का जिम्मा महिलाएं ही संभालेंगी। साथ ही सुरक्षा के लिए 3000 जवान तैनात रहेंगे। महिला सम्मेलन में शामिल होंगे पीएम आपको बता दें कि देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के मौके पर जंबूरी मैदान में महिला सम्मेलन किया जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मादी करीब एक लाख महिलाओं को संबोधित करेंगे। यह देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा इंतजाम चॉक चौबंद कर दिए हैं। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरीनारायणचारी मिश्रा ने इसका नेतृत्व संभाल लिया है। पीएम के आगमन की ऐसी है तैयारी पीएम कए आगमन के चलते भोपाल शहर के सभी आउटर नाकों को सील कर दिया गया है। इन वाहनों की सख्त जांच के बाद ही शहर की सीमा में आने दिया जा रहा है। भोपाल की सभी होटल, लॉज, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर सघन चैकिंग अभियान चलाया जा रहा है। यह पता किया जा रहा है कि मोदी की यात्रा के दौरान कोई अपराधी किस्म का व्यक्ति या अनजान आदमी यहां न ठहर सके। बाहरी व्यक्तियों और किराएदारों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। यह जिम्मा भी महिला अफसरों को पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में करीब 3 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इनमें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी महिला अधिकारियों को सौंपी जाएगी। खास बात यह है कि ट्रैफिक, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी महिला पुलिस के पास होगी। मंच का संचालन, अतिथियों का स्वागत और कार्यक्रम प्रबंधन महिलाएं ही करेंगी। पहली बार महिलाओं को सौंपे गए सभी दायित्व भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित इस महिला सम्मेलन को महिलाओं के महाकुंभ (Women’s MahaKumbh) के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें 2 लाख से अधिक महिलाएं भाग लेंगी। यह पहली बार है जब इतने बड़े स्तर पर मंच संचालन, ट्रैफिक कंट्रोल, सुरक्षा प्रबंधन और अतिथि सत्कार की जिम्मेदारी महिला अधिकारियों और स्वयंसेवियों को दी गई है। पीएम मोदी का एक घंटे का विशेष कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब एक घंटे तक इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे और महिला सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को साझा करेंगे। वे लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को समर्पित डाक टिकट और स्मारक सिक्का भी जारी कर सकते हैं। महिलाओं के लिए, महिलाओं के द्वारा SPG और भोपाल पुलिस का विशेष प्लान भोपाल पुलिस और एसपीजी (SPG) ने कार्यक्रम के लिए विशेष सुरक्षा योजना बनाई है। कार्यक्रम स्थल के 5 किलोमीटर के दायरे में ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुएं प्रतिबंधित (Drone Ban in 5 KM Radius) रहेंगी। होटल, लॉज और बाहरी इलाकों से आने वाले लोगों की भी गहन जांच की जा रही है। महिला पुलिस का नेतृत्व करीब 3 हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात होंगे, जिनमें से बड़ी संख्या में महिलाएं होंगी। ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन जैसे प्रमुख कार्यों में महिला अफसरों को नेतृत्व (Women-led Security Management) की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण     2 लाख से अधिक महिलाओं की उपस्थिति     डाक टिकट और सिक्के का विमोचन     महिला सशक्तिकरण योजनाओं की प्रस्तुति     बीजेपी का “विकास-विरासत” जनजागरण अभियान   आदेश के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई ड्रोन, हॉट एयर बॅलून व फ्लाइंग ऑब्जेक्ट उड़ाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। होगा महिलाओं का अभिनंदन सम्मेलन में 2 लाख से ज्यादा महिलाएं शामिल होने की संभावना है। इस दौरान राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाओं की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी। डाक टिकट, सिक्के का होगा विमोचन पीएम लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर को समर्पित डाक टिकट व सिक्के का विमोचन कर सकते हैं। बीजेपी चलाएगी जनजागरण अभियान बीजेपी 21 से 31 मई तक विकास, विरासत अभियान चलाएगी। इसमें देवी अहिल्या बाई के जीवन मूल्यों की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का काम किया जाएगा।

जिहादी मकड़जाल से बच्चियों का संघर्ष, भोपाल में सामने आया लव-जिहाद का सबसे बड़ा नेटवर्क

भोपाल  जिहादी मानसिकता के लव का मुख्य केंद्र (Centre) अब मध्यप्रदेश (MP) हो चुका (Become) है। दरअसल, सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 80 फीसदी जिलों (Districts) में लव (LOVE) जिहाद (JIHADI) से संबंधित शिकायत और मामले दर्ज किए गए हैं। भोपाल में हाई प्रोफाइल लव जिहाद के मामले के बाद अब इंदौर में लव जिहाद का चौकाने वाला मामला सामने आया है। प्रदेश में लगातार बढ़ते मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने शासन-प्रशासन पर कई सवाल खड़े किए हैं। आरएसएस के अनुषांगिक संगठनों की आंतरिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि लव जिहाद का पूरा नेक्सिस काम कर रहा है। जिसके तार मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि अन्य प्रदेशों में है। वीएचपी लव जिहाद के लिए फंडिंग को लेकर कई बार सरकार को कटघरे में खड़ा चुकी है। पुलिस के बयानों में भी लव जिहाद के नेक्सेस होने की सामने आई, लेकिन एक भी मामले में खुलासा कर पाने में पुलिस नाकाम रही। लव जिहाद के हर महीने आ रहे 23 नए मामले 27 मार्च 2021…यह वह दिन है जब मध्यप्रदेश में मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2021 लागू किया गया था। प्रति माह मध्यप्रदेश में लव जिहाद के औसतन 23 नए मामले सामने आ रहे हैं। पहले भोपाल लव जिहाद के मामले में एक के बाद चौकाने वाले खुलासे हुए तो अब इंदौर लव जिहाद कांड सुर्खियों में है। यहां मोहसिन नाम के शातिर ने शूटिंग वर्किंग के नाम पर हिंदू युवतियों को शिकार बनाया। 100 से ज्यादा युवतियां इसका शिकार हुई तो आरोपी सलीम के मोबाइल ने कई आपत्तिजनक वीडियो भी उगले। आरएसएस के अनुषांगिक संगठन राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के प्रदेश संयोजक तौफीक अहमद ने आंतरिक संगठनात्मक रिपोर्ट को लेकर बताया कि प्रदेश में लव जिहाद का पूरा ब्लैक नेटवर्क काम कर रहा है। इन्हें फंडिंग की जा रही है। ट्रेनिंग दी जा रही है। लेकिन, पुलिस आज तक एक भी मामले की जड़ और उनके आकाओं तक पहुंच सकी। मुस्लिम मंच का यह भी दावा है कि लव जिहाद का नेक्सस बड़े पैमाने पर है। जिसके तार पश्चिम बंगाल, केरल, बिहार, उत्तर प्रदेश से जुड़े हुए हैं। ट्रेनिंग से फंडिंग तक उपलब्ध लव जिहाद को लेकर अकसर आवाज बुलंद करने वाले विश्व हिंदू परिषद ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े किए। प्रांत प्रचार प्रसार प्रमुख, विश्व हिंदू परिषद जितेंद्र सिंह ने बताया कि लव जिहाद और फंडिंग के एंगल को लेकर कई बार सरकार को पत्र और ज्ञापन सौंपे गए। संगठन का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर मामले तब सामने आते हैं जब पूरा गिरोह एक ही उद्देश्य के लिए जुट जाता है। अब तक भोपाल समेत अन्य मामले सामने आए इसमें एक बात साफ है कि जिहादी मानसिकता के युवकों को ट्रेनिंग से लेकर फंडिंग भी उपलब्ध कराई जाती है। वीएचपी ने यह भी कहा कि इन मामलों के पीछे राजनीतिक हस्ताक्षेप भी है। वीएचपी ने यह भी कहा कि एक भी मामले में अब तक पूरा खुलासा न हो पाना सवाल खड़े करता है। 100 दिन में प्रदेश के बड़े लव जिहाद के मामले     भोपाल में संगठित रूप लव जिहाद को अंजाम देने का मामला सामने आया। एक निजी कॉलेज की हिंदू छात्राओं को लव जिहाद में फंसाया गया। मामले में एसआईटी जांच कर रही है। भोपाल में लव जिहाद के 50 से ज्यादा मामले हैं।     इंदौर में शूटिंग के नाम पर मुस्लिम युवक ने सौ से ज्यादा हिंदू युवतियों को अपना शिकार बनाया। इंदौर में 40 से ज्यादा लव जिहाद के मामले हैं।     उज्जैन में 11 मुस्लिम युवकों द्वारा कई हिंदू युवतियों को ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया। गुरुवार को 20 गांव के लोगों ने झालावाड़ नेशनल हाईवे को विरोध में जाम कर दिया।     मुरैना में हिंदू नाम से कोचिंग चलाने वाले असलम खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया। हिंडन कैमरा लगातार वीडियो फिर जिहादी मानसिकता को अंजाम देता था।     ग्वालियर में इवेंट कंपनी में बिहार निवासी सरफराज खान का मामला सामने आया।     बैरसिया में 11 कक्षा की छात्रा के साथ लव जिहाद का मामला सामने आया। फिर एक दर्जन से ज्यादा पीड़िता सामने आई।     मध्यप्रदेश के खंडवा, गुना, जबलपुर, रीवा, रतलाम, शुजालपुर, बैतूल, हरदा, शिवपुरी, अशोकनगर, बुरहानपुर, खरगौन, नीमच, सतना, सागर समेत कई जिलों में लव जिहाद के चौकाने वाले मामले सामने आ चुके हैं। कोई मुस्लिम संगठन नहीं- शमशुल मामले पर मुस्लिम स्कॉलर शमशुल हसन सहित मुस्लिम संगठनों का कहना है कि देश समेत प्रदेश में ऐसा कोई मुस्लिम संगठन नहीं है, तो संगठनात्मक रूप से किसी भी प्रकार के अपराधों को अंजाम दे रहा है। हिंदू हो या मुस्लिम, पहले लव होना फिर जिहाद यह संभव नहीं है। कांग्रेस ने सरकार को ठहराया दोषी लव जिहाद के लगातार सामने आ रहे मामलों को लेकर कांग्रेस ने सरकार को दोषी करार दिया है। प्रदेश प्रवक्ता फिरोज सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि बीते 20 सालों से प्रदेश में बीजेपी की सरकार है तो आखिर यह नेटवर्क कैसे फैला। कांग्रेस का यह भी कहना है कि सांप्रदायिक रंग देकर सियासी फायदे के लिए राजनीति की जा रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि इन तमाम मामलों को पोर्न इंडस्ट्री बिजनेस से जोड़कर पुलिस को जांच करने की जरूरत है। उधर, बीजेपी ने कहा कि सरकार लगातार लव जिहाद के मामलों पर काम कर रही है। यदि प्रदेश में कोई संगठित गिरोह या फंडिंग लव जिहादियों को कर रहा है तो जल्द ही इन्हें सलाखों के पीछे फेंक दिया जाएगा। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज है। लव जिहादी मानसिकता को बर्दाश्त नहीं किया जाए। पुख्ता और गहन जांच की जरूरत सिमी और पीएफआई जैसे प्रतिबंधित संगठनों का गढ़ रहे मध्यप्रदेश में एक बाद एक जिहादी मानसिकता के चौकाने वाले लव के इन मामलों ने कई सवाल खड़े किए हैं। तमाम जांचों के बाद भी पुलिस एक भी मामले की तह तक आखिर क्यों नहीं पहुंच पाई। आखिर क्यों पुलिस के बयानों में लव जिहाद और नेक्सेस की बात सामने आती है पर खुलासे नही। आखिर कड़े कानून के बाद भी इन मामलों पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही है। जरूरत जांच की है, पुख्ता जांच की, गहन जांच की है।

स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर का गांव जल्द ही पर्यटन के राष्ट्रीय मैप का हिस्सा बनेगा

मुंबई/नाशिक  अगर सबकुछ ठीक रहा है तो जल्द ही वीर सावरकर का पैतृक गांव जल्द की पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र में शामिल हो जाएगा।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमृत भारत स्कीम के तहत देश के 103 स्टेशनों का उद्घाटन किया। इसमें वीर सावरकर के गांव के सबसे नजदीक पड़ने वाले देवलाली रेलवे स्टेशन भी शामिल है। इसका विकास सेंट्रल रेलवे की तरफ से किया गया है। सेंट्रल रेलवे ने इस स्टेशन के पहले और अब की तस्वीरें भी साझा की हैं। इस रेलवे स्टेशन से सावरकर का भगूर गांव सिर्फ तीन किलोमीटर की दूरी पर है। इस स्टेशन के पुनर्निर्माण के बाद चर्चा शुरू हो गई है कि आने वाले दिनों में वीर सावरकर का गांव पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर आ सकता है। महाराष्ट्र में कांग्रेस को छोड़कर सभी दलों वीर सावरकर के पक्ष में खड़े होते रहे हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस वर्धा में वीर सावरकर से जुड़े एक कार्यक्रम में पहुंचे थे तब उन्होंने वहां एक पुस्तिका का विमाेचन किया था। बीजेपी के लिए सबसे बड़े नायक बीजेपी स्वातंत्र्य वीर सावरकर को सबसे बड़ा नायक मानती है। इतना ही नहीं वह भाजपा के लिए हिंदू केंद्रित राजनीति के भी प्रतीक हैं। बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) वीर सावरकर को भारत का पहला आजादी पुरुष भी कहती आई है। देवलाली स्टेशन महाराष्ट्र के नासिक जिले में आता है। ऐसे माना जा रहा है कि वीर सावरकर के गांव भगूर को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए ही सबसे नजदीक के स्टेशन का कायाकल्प किया गया है ताकि वीर सावरकर के गांव तक लोग आसानी से पहुंच सकें। महाराष्ट्र में बीजेप के सहयोगी शिंदे की सेना वीर सावरकर के मुद्दे पर साथ है। इस मुद्दे पर उद्धव ठाकरे के भी विरोध कर पाने की गुंजाइश नहीं है। अगर वीर सावरकर का गांव पर्यटक के मैप पर चमकता है तो इससे बीजेपी को फायदा होगा। बीजेपी कई बार वीर सावरकर के मुद्दे पर कड़ा और आक्रामक स्टैंड भी ले चुकी है। अब आगे क्या है तैयारी? सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों की मानें तो इस स्टेशन पर कुछ और रेलगाड़ियों के ठहराव की योजना पर विचार कर रहा है। जिससे नाशिक आने वाले पर्यटक और अन्य लोग नाशिक से एक स्टेशन पहले देवलाली रेलवे स्टेशन पर ही उतरकर वीर सावरकर का गांव भी देख पाएं। इसके लिए केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र सरकार को रेलवे स्टेशन से भगूर तक आने-जाने की व्यवस्था को बेहतर करने की सलाह भी दी है। केंद्र और राज्य में एनडीए की सरकार होने के कारण बीजेपी को लगता है कि अगले कुछ सालों में भगूर गांव को पर्यटन में आगे किया जा सकता है। भगूर गांव नासिक से 22 किलोमीटर की दूरी पर है।

Donald Trump का ये विधेयक अमेरिका के लिए मुसीबत, जाएंगी 8.30 लाख से ज्‍यादा नौकरियां

वाशिंगटन डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) ने अमेरिका में एक नया प्रस्‍ताव पेश किया है, जो ‘One Big, Beautiful Bill Act’ है. यह एक ऐसा बिल है, जिसकी चर्चा सिर्फ अमेरिका में ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी हो रही है. यह बिल अमेरिका के 2017 के टैक्‍स कट को स्‍थायी बनाने का प्रयास है. यह एक व्‍यापक विधेयक है, जिसमें सीमा सुरक्षा, खर्च और टैक्‍स शामिल किए गए हैं. यह बिल कई चीजों को लेकर राहत भी देता है, लेकिन कुछ चीजों पर विवाद भी पैदा कर रहा है. सबसे ज्‍यादा विवाद का विषय अमेरिका में रह रहे दूसरे देश के लोगों द्वारा घर पैसा भेजने पर 5 प्रतिशत का टैक्‍स लगाने पर है. इसके अलावा, रिन्‍यूवेबल एनर्जी जैसी चीजों के लिए सब्सिडी खत्‍म करना. वहीं इस बिल को लेकर कुछ रिपोर्ट का दावा है कि इससे अमेरिका पर भारी कर्ज बढ़ेगा, करीब 36 ट्र‍िलियन डॉलर तक कर्ज में इजाफा हो सकता है. इकोनॉमी पर भी गहरा असर होगा और 8.30 लाख से ज्‍यादा नौकरियां चली जाएंगी. वहीं अमेरिका में रहने वाले लोगों के घरों का बिल भी बढ़ जाएगा. बाइडेन के फैसले को बदलता है ये बिल ट्रंप का यह विधेयक बाइडेन युग के उस आदेश को समाप्त कर देगा, जिसके अनुसार 2032 तक नई कार की बिक्री में दो-तिहाई इलेक्ट्रिक वाहन होंगे. विधेयक में तेल, गैस और कोयला निकालने के लिए कंपनियों द्वारा भुगतान की जाने वाली रॉयल्टी रेट्स में कटौती का प्रस्ताव है. बाइडेन ने रिन्‍यूवेबल एनर्जी जैसी चीजों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी लेकर आए थे, लेकिन अब इस विधेयक से सबकुछ समाप्‍त होने वाला है. खासकर रिन्‍यूवेबल एनर्जी सेक्‍टर्स पर इसका गहरा असर होगा.  830,000 से ज्‍यादा नौकरियां खतरे में द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि क्‍लीन एनर्जी प्रोत्साहन को खत्म करने के लिए रिपब्लिकन द्वारा किया गया प्रयास अमेरिका को बड़े पैमाने पर प्रभावित करेगा, क्योंकि इससे 830,000 से अधिक नौकरियां खत्म हो जाएंगी, अमेरिकी घरों के लिए ऊर्जा बिल बढ़ जाएंगे और लाखों टन अधिक प्रदूषण फैलने का खतरा होगा, जो जलवायु संकट का कारण बन रहा है. रिन्‍यूवेबल एनर्जी के लिए सब्सिडी हो जाएगी खत्‍म ट्रंप का यह विधेयक बाइडेन द्वारा हस्ताक्षरित जलवायु कानून के प्रमुख तत्वों को खत्म करता है, जिसने पूरे अमेरिका में रिन्‍यूवेबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों में निवेश को बढ़ावा दिया था. ‘बिग, ब्यूटीफुल’ बिल इस साल इलेक्ट्रि कारों के लिए टैक्‍स क्रेडिट समाप्त कर सकता है. विंड, सोलर एनर्जी और यहां तक ​​कि परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहन धीरे-धीरे कम हो जाएंगे और 2032 तक पूरी तरह से समाप्त हो जाएंगे. अमेरिका के लिए नुकसानदायक बिल द गार्जियन की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह रिपोर्ट आपके सोच से भी बदतर है. इससे डेली के खर्च सैकड़ों डॉलर तक बढ़ सकता है और जलवायु परिवर्तन पर किसी भी तरह की कार्रवाई को कम करता है. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि आप नहीं बता सकते हैं कि US की स्थिति कमजोर करने में यह कितना खास होगा. महंगाई, टैरिफ और बिजली के बढ़ते उपयोग के साथ यह प्रस्‍ताव आना नहीं चाहिए था. यह अमेरिका के लिए नुकसानदायक बिल है. अमेरिकी इकोनॉमी के लिए भी खतरा इकोनॉमिक्‍स टाइम्‍स की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन बदलावों से 10 सालों मे अमेरिका की GDP में 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्‍यादा की कमी आएगी. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रस्तावित बिल से ऊर्जा बिलों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. 2035 तक, औसत परिवार को ऊर्जा बिलों में 230 डॉलर से अधिक की वृद्धि का सामना करना पड़ने का अनुमान है.  

आईएफएस एपीएआर: सेन्ट्रल इम्पॉवर्ड कमेटी के सदस्य ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र

IFS APAR: Member of Central Empowered Committee wrote a letter to the Chief Secretary भोपाल। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के अगले ही दिन सेन्ट्रल इम्पॉवर्ड कमेटी के सचिव चंद्र प्रकाश गोयल ने गुरुवार मुख्य सचिव को पत्र लिखकर आईएफएस अफसरों की एपीएआर (एनवल अप्रेजल एसेसमेंट रिपोर्ट) राज्य शासन द्वारा जून 24 को जारी आदेश को रद्द कर 22 सितम्बर 2000 को जारी आदेश का कड़ाई से पालन करते हुए नए आदेश जारी कराएं।सेन्ट्रल इम्पॉवर्ड कमेटी के सदस्य गोयल ने मुख्य सचिव को सम्बोधित अपने पत्र में लिखा कि आपका ध्यान माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 21 मई 25 के आईएफएस एपीएआर लिखने विषय पर दिए गए निर्णय की ओर आकृष्ट किया जाता है, जिसमें माननीय न्यायालय ने निर्देश दिए हैं कि 29 जून 2004 के विवादित सरकारी आदेश को इस न्यायालय द्वारा दिनांक 22 सितम्बर 2000 (संतोष भारती केस) की वर्तमान कार्यवाही में पारित आदेश का उल्लंघन माना जाता है, जिसे दोहराया जाता है और परिणामस्वरूप रद्द किया जाता है और अलग रखा जाता है। यह कार्य इस निर्णय की तिथि से एक माह की अवधि के भीतर किया जाएगा। इस आलोक में, सभी राज्य सरकारों/संघ शासित प्रदेशों से अनुरोध है कि वे माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक अनुवर्ती कार्रवाई करें। माननीय न्यायालय के संज्ञान में लाया गया कि लगभग सभी राज्य माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 22 सितम्बर 2000 को पारित आदेशों का अनुपालन कर रहे हैं। यदि इन आदेशों से कुछ विचलन होता है, तो राज्यों को संशोधित आदेश जारी करने की आवश्यकता है ताकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अक्षरशः पालन किया जा सके। इस संबंध में, आपसे अनुरोध है कि कृपया माननीय सर्वोच्च न्यायालय के इन निर्देशों का अनुपालन करते हुए राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए प्रासंगिक आदेश माननीय न्यायालय द्वारा निर्धारित समय के भीतर भेजें।

गुरुनानक विद्यालय के बच्चों ने बोर्ड परीक्षा में किया उत्कृष्ट प्रदर्शन ।

Children of Gurunanak Vidyalaya performed excellently in the board exams. विद्यार्थियों की सफलता उत्साहवर्धक कदम ( प्राचार्य नाईक ) दसवीं में अरमान, बारहवीं में कशिश साहू ने मारी बाजी ।शाला परिवार ने बच्चों को दी शुभकामनाएं । हरिप्रसाद गोहेआमला । राष्ट्रपति पुरुस्कार से सम्मानित शिक्षक , गुरुनानक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बोडखी विद्यालय के सचिव सर एस एस पंडाग्रे द्वारा संचालित स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने वर्ष 20025 दसवीं बारहवीं बोर्ड परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन कर फिर एक बार शाल सहित अभिभावकों का नाम रोशन किया है । बोर्ड परीक्षा में गुरुनानक विद्यालय के बच्चों को मिली सफलता को शाला के प्राचार्य मुकेश कुमार नाईक ने प्रेरणा दायक और उत्साहपूर्ण कदम होना बताया । बच्चों को मिली यह सफलता उनके लिए मत्वपूर्ण उपलब्धि है शाला परिवार बच्चों की उपलब्धि पर उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित कर उनके उज्वल भविष्य की कामना करता है ।वहीं शाला के सचिव राष्ट्रपति पुरुस्कार प्राप्त शिक्षक सर एस एस पंडाग्रे ने बोर्ड परीक्षा में सफल रहे विद्यार्थियों को अपनी ओर से सुभकामनाएं देकर कहा आप सभी का यह सफल परीक्षा परिणाम गुरुनानक विद्यालय को एवं अभिभावकों के नामों को गोरान्नवित करता है आप इसी तरह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर शाला का नाम रोशन करे में बच्चों के उज्वल भविष्य की कामना करता हु । शाला से प्राप्त जानकारी अनुसार गृणानक उच्चतर माध्यमिक विधालय बोड़खी आमला में बोर्ड परीक्षा वर्ष 20025 में कक्षा दसवीं में छात्र अरमान पिता नासीर खान ने ( 84,02 प्रतिशत वहीं भानु चौधरी पिता घनश्याम चौधरी ने ( 70 प्रतिशत )कक्षा बाहरहवी में कुमारी कशिश साहू पिता खुशीलाल साहू ने ( 64,02 प्रतिशत ) अंक अर्जित कर बोर्ड परीक्षा पास कर गुरुनानक विद्यालय एवं अपने अभिभावकों का नाम रोशन किया । जिन्हे विद्यालय परिवार एवं गुरुनानक शिक्षण समिति बोड़खी /आमला के सदस्यों एवं गुरुनानक परिवार के सचिव एस एस पंडाग्रे, प्राचार्य मुकेश नाईक, प्रधान पाठक जी एस साहू, शिक्षक पी आर घोटे , राहुल रैकवार, विजेंद्र सिंह चौहान , सुनील पंवार, श्रीमती जरीना शेख, निशा परते, सोनम गंगारे, सुलेखा पंवार आदि शिक्षक शिक्षिकाओ ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं ।

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