LATEST NEWS

एयर इंडिया हादसे और युद्ध संकट से बीमा प्रीमियम में भारी उछाल की आशंका, इंडिगो को लग सकता है अरबों का झटका

नई दिल्ली  भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो के लिए आने वाला महीना आर्थिक मोर्चे पर चुनौतीपूर्ण हो सकता है. सूत्रों के अनुसार, कंपनी के एविएशन बीमा प्रीमियम में अचानक 30% से 50% तक की वृद्धि संभव है. इसका कारण एयर इंडिया विमान हादसे से जुड़े भारी-भरकम बीमा दावों और ईरान-इज़राइल जैसे युद्ध संकट से उपजा वैश्विक बीमा दबाव है. यह सिर्फ एक कंपनी की आंतरिक वित्तीय चुनौती नहीं है, बल्कि पूरे भारतीय एविएशन क्षेत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी है. इंडिगो का 20 अरब डॉलर का बीमा दायरा मार्च 2025 तक इंडिगो के पास 437 विमानों का बेड़ा था, जिनमें मुख्य रूप से Airbus A320 और A321 जैसे नैरो-बॉडी विमान शामिल हैं.     हर विमान की बीमा वैल्यू: $30–$45 मिलियन     कुल बीमा कवरेज: लगभग $20 बिलियन     वार्षिक बीमा प्रीमियम: $14–15 मिलियन यह बीमा न्यू इंडिया एश्योरेंस के नेतृत्व में तैयार किया गया था, जिसमें ICICI लोम्बार्ड जैसी घरेलू कंपनियां शामिल थीं. पुनर्बीमा लंदन के बाजार में कराया गया था. एयर इंडिया हादसे ने बदल दिया समीकरण हाल ही में अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे ने पूरे इंश्योरेंस सिस्टम को हिला दिया है.     हुल (Hull) और लायबिलिटी क्लेम्स की अनुमानित सीमा: $120–200 मिलियन     यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा एविएशन इंश्योरेंस पेआउट बन सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह क्लेम वैश्विक बीमाकर्ताओं तक जाता है, तो वे भारत जैसे उभरते बाजारों में जोखिम मूल्यांकन और प्रीमियम दरों को ऊंचा कर सकते हैं. भूराजनीति से वॉर रिस्क बीमा पर असर बीमा प्रीमियम बढ़ने का दूसरा बड़ा कारण ईरान-इज़राइल संघर्ष जैसे भू-राजनीतिक तनाव हैं.     ईरानी एयरस्पेस के बंद होने से कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें डायवर्ट करनी पड़ीं.     बीमाकर्ता ऐसे समय में “वॉर रिस्क रेट्स” स्वत: ही बढ़ा देते हैं.     वॉर बीमा में केवल 7 दिन की कैंसलेशन क्लॉज़ होती है, जिससे बीमा किसी भी समय रद्द किया जा सकता है. इन स्थितियों के कारण भारत में संचालित हर एयरलाइन को अपने विमानों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा लागत चुकानी पड़ सकती है. यात्री दावे, कानूनी मामले और बीमा उद्योग का दबाव हाउडेन इंडिया इंश्योरेंस के CEO अमित अग्रवाल के अनुसार, एयर इंडिया हादसे के यात्रियों को मुआवज़ा मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के अनुसार मिलेगा, लेकिन यह प्रक्रिया यात्रियों की राष्ट्रीयता और मुकदमों की प्रकृति पर निर्भर करेगी. GIC Re के चेयरमैन एन. रामास्वामी ने कहा कि इतने बड़े क्लेम से रीइंश्योरेंस कंपनियों की रेटिंग और क्षमता दोनों प्रभावित होंगी. इससे संकेत मिलता है कि भविष्य में बीमा कवर प्राप्त करना कठिन या महंगा हो सकता है. अब इंडिगो क्या कर सकती है?     प्रीमियम पर पुनः बातचीत:     इंडिगो को लंदन मार्केट में नई शर्तों पर बीमा रिन्यू करना होगा.     बेड़े में बदलाव:     पुराने विमानों को हटाकर बीमा लागत कम की जा सकती है.     युद्ध क्षेत्र से बचाव:     ऐसे रूट्स को अस्थायी रूप से निलंबित किया जा सकता है जहां वॉर रिस्क अधिक है. एक हादसा और पूरा सिस्टम संकट में एयर इंडिया हादसा केवल एक तकनीकी चूक नहीं था, इसका प्रभाव पूरे भारतीय एविएशन सेक्टर की बीमा नीति और वित्तीय स्थिरता पर पड़ रहा है. इंडिगो, जो कम लागत वाले संचालन के लिए जानी जाती है, इस बीमा प्रीमियम वृद्धि से आर्थिक दबाव में आ सकती है. यदि युद्ध संकट और वैश्विक बीमा बाजार की सख्ती बनी रही, तो आने वाले समय में एयर टिकट की कीमतें, विमानों की उड़ान क्षमता और यात्रियों की सुरक्षा लागत – सब कुछ प्रभावित हो सकता है.

तेज गति से आ रहे कंटेनर ने कैंटर को पीछे से मारी जोरदार टक्कर, एक महिला की मौत, तीन घायल

जयपुर जयपुर ग्रामीण के चंदवाजी थाना इलाके में अजमेर-दिल्ली एक्सप्रेस हाईवे (NH-48) स्थित मानपुरा पुलिया के पास शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हादसे में एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पुलिसकर्मी समेत तीन लोग घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक उत्तरप्रदेश के आगरा से एक परिवार कैंटर में सवार होकर खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए जा रहा था। इसी दौरान चंदवाजी इलाके के मानपुरा पुलिया के पास इंटरसेप्टर में तैनात पुलिसकर्मियों ने कैंटर को रुकवाया और कागजात की जांच करने लगे। इस दौरान कैंटर सवार एक महिला व पुरुष नीचे उतरकर पुलिसकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। इसी बीच तेज गति से आ रहे एक कंटेनर ने पीछे से आकर कैंटर को टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर की चपेट में आने से कैंटर के पीछे खड़ी यूपी निवासी प्रेममती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक पुलिसकर्मी समेत अन्य तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत निम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद मृतका के परिजन गुस्से में आ गए और शव को उठाने से इंकार कर दिया। परिजनों का आरोप था कि पुलिसकर्मियों ने कैंटर को बेवजह रोककर चालान के नाम पर अवैध वसूली की कोशिश की। स्थानीय ग्रामीणों और अन्य वाहन चालकों ने भी पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए और हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम लगने से हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर पुलिस के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। एएसपी यातायात नारायणलाल तिवाड़ी, डीएसपी प्रदीप यादव सहित भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। चार पुलिसकर्मी लाइन हाजिर करीब चार घंटे तक चले हंगामे के बाद एएसपी नारायणलाल तिवाड़ी ने इंटरसेप्टर में तैनात चारों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया और निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद परिजनों ने शव को उठाने की अनुमति दी। पुलिस ने शव को निम्स अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराया। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। एएसपी नारायणलाल तिवाड़ी ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ईरान पर हमले के बाद PM नेतन्याहू ने PM मोदी को किया फोन, जानें क्या बातचीत हुई

‘अभी तो और तबाही मचेगी, ये सिर्फ शुरुआत…’, नेतन्याहू की ईरान को वॉर्निंग  ईरान ने इजरायल पर दागीं 100 मिसाइलें, IDF ने भी किया जोरदार पलटवार… जानें रातभर क्या-क्या हुआ  ईरान पर हमले के बाद PM नेतन्याहू ने PM मोदी को किया फोन, जानें क्या बातचीत हुई  तेल अवीव इजरायल और ईरान की जंग ने मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा दिया है. दोनों ओर से अंधाधुंध हमले जारी है. इस बीच ईरान के खिलाफ ऑपरेशन राइजिंग शुरू करने पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ खुलकर हल्ला बोला है. नेतन्याहू ने ईरान को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि ये तो अभी सिर्फ शुरुआत है. अभी और तबाही मचनी बाकी है. बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा.  हमारा मकसद इजरायल के अस्तित्व के समक्ष बने ईरान के खतरे को खत्म करना है. इस ऑपरेशन को तब तक जारी रखा जाएगा, जब तक इस खतरे को जड़ से खत्म नहीं कर दिया जाता. उन्होंने कहा कि ईरान का बर्बर शासन दशकों से खुले तौर पर इजरायल की तबाही की धमकी देता रहा है. हाल के महीनों में, हमें खुफिया जानकारी मिली है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने के करीब है. हाल के सालों में ईरान ने नौ परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त यूरेनियम हासिल कर लिया है. यह न केवल इजरायल के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर खतरा है. हम यह अनुमति नहीं दे सकते कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करे क्योंकि यह हमारे देश और हमारे बच्चों के भविष्य के लिए खतरा है. नेतन्याहू ने इससे पहले कहा था बीते कुछ महीने में ईरान ने ऐसे कदम उठाए हैं, जो उन्होंने पहले कभी नहीं उठाए थे. परमाणु हथियार तैयार करने के कदम. अगर इसे नहीं रोका गया तो ईरान बहुत कम समय में परमाणु हथियार तैयार कर लेगा. यह समय एक साल भी हो सकता है, कुछ महीने भी या उससे भी कम.यह इजरायल के अस्तित्व के समक्ष स्पष्ट और मौजूदा खतरा है. 80 साल पहले यहूदी लोग नाजी होलोकॉस्ट के शिकार हुए थे. आज हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यहूदी ईरान के परमाणु नरसंहार का शिकार नहीं हो. हम उन लोगों को कभी भी अपने विनाश के साधन विकसित करने की अनुमति नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि मैं अपने नागरिकों से अपील करता हूं कि वे शांत रहें और इजरायली रक्षा बल (IDF) के होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन करें. यह लड़ाई कुछ घंटों या दिनों की नहीं है, बल्कि यह तब तक चलेगी जब तक हमारे लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते. हमें जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है और इसके लिए हमें तैयार रहना होगा लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हमारी सेना पूरी तरह सक्षम है और हम अपने देश की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे.   ईरान ने इजरायल पर दागीं 100 मिसाइलें, IDF ने भी किया जोरदार पलटवार इजरायल ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के तहत ईरान के कई ठिकानों पर हमला किया, जिसमें छह वैज्ञानिक और कई मिलिट्री कमांडर मारे गए. ईरान ने भी पलटवार करते हुए इजरायल पर 150 से ज्यादा मिसाइलें दागीं. ईरान ने अपने जवाबी कार्रवाई को ‘ट्रू प्रॉमिस थ्री’ नाम दिया है. मध्य पूर्व में क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है. इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्थिति पर चर्चा की, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान को परमाणु समझौता करने की चेतावनी दी. यह तनाव मध्य-पूर्व में अस्थिरता को बढ़ा रहा है. ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष तेज हो गया है. इजरायल ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के तहत ईरान पर हमला किया, छह वैज्ञानिक और कई शीर्ष मिलिट्री कमांडर को मार गिराया. हमलों में अब तक 78 लोग मारे गए और 350 से ज्यादा घायल हुए. इजरायल ने हमले में ईरान के मुख्य परमाणु संयंत्र के ऊपरी हिस्से को नष्ट किया कर दिया.  इजरायल के हमले में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख हुसैन सलामी, ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद बाघेरी, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी अली शामखानी और आईआरजीसी की एयरफोर्स के कमांडर आमिर अली हाजीजादेह जैसे बड़े अधिकारी मारे गए. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती. अभी और तबाही मचनी बाकी है. बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा. हमारा मकसद इजरायल के अस्तित्व के समक्ष बने ईरान के खतरे को खत्म करना है. ईरान ने इस हमले का कड़ा जवाब देते हुए पलटवार किया और इस कार्रवाई को ‘ट्रू प्रॉमिस थ्री’ नाम दिया. ईरान ने दावा किया है कि उसने इजरायल पर 100 से ज्यादा मिसाइलें दागी हैं. इस हमले में कई नागरिक घायल हो गए हैं.  इस गंभीर स्थिति के बीच, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की और वर्तमान हालात की जानकारी दी. वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है कि वह अगर परमाणु समझौता करें नहीं तो और बड़ा हमला किया जाएगा. …… हमले के बाद PM नेतन्याहू ने PM मोदी को किया फोन, जानें क्या बातचीत हुई  ईरान से बढ़ते तनाव के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच ईरान-इजरायल में टकराव के बात हालिया स्थिति को लेकर बातचीत हुई. इसकी जानकारी खुद पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर दी. प्रधानमंत्री मोदी ने एक पोस्ट में कहा, “मुझे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का फोन आया.  उन्होंने मुझे मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी. मैंने भारत की चिंताओं को साझा किया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली की आवश्यकता पर जोर दिया.” इजरायली हमले में ईरान के 78 लोगों की मौत इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह कॉल ईरान के साथ जारी ताजा संघर्ष के सिलसिले में किया. शुक्रवार को इजरायल ने ईरान की परमाणु सुविधाओं, मिसाइल निर्माण स्थलों और सैन्य कमांडरों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए. इसमें 78 लोगों की मौत हुई है और तीनों से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. इजरायल ने इस अभियान को ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ नाम दिया है. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इसे देश के … Read more

दुकान संचालक की मनमानी से राशन उपभोक्ता परेशान, समय पर नहीं खुलती नांदपुर राशन दुकान ।

Ration consumers are troubled by the arbitrariness of the shop operator, Nandpur ration shop does not open on time. हरिप्रसाद गोहे  आमला/ बेतूल। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित अंधारिया अंतर्गत आने वाली नांदपुर राशन दुकान में दुकान संचालक की मनमानी से नियमित एवं निर्धारित समयानुसार राशन दुकान का संचालन नहीं किया जा रहा है जिस कारण दुकान से राशन लेने आने वाले राशन उपभोक्ता परेशान है। यह समस्या बीते लंबे समय से बनी हुई है बावजूद इस और न तो स्थानीय प्रशासन की नजर है और न ही खाद्य विभाग की विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते अंधरिया राशन दुकान संचालक अपनी मनमर्जी से दुकान का संचालन कर राशन उपभोक्ताओं को परेशान कर रहा हे। महिलाओं ने नांदपुर राशन दुकान संचालक की कार्यप्रणाली से न खुश होकर शनिवार बंद राशन दुकान के समक्ष घंटो बैठकर प्रदर्शन किया और राशन दुकान संचालक पर कार्यवाही की मांग की गई। हमारे प्रतिनिधि से चर्चा के दौरान ग्राम देवठान, अंधारिया की महिला राशन उपभोक्ताओं ने बताया नांदपुर दुकान संचालक द्वारा हमेसा ही हमे निर्धारित समय अनुसार राशन नहीं दिया जाता है, दुकान पर दुकान संचालन का सूचना बोर्ड तो लगाया है लेकिन पटल पर दुकान खुलने, बंद होने का समय चस्पा नंही है, न ही दुकान संचालक का मोबाइल नंबर ही मजबूरी में कही से नंबर लेकर लगाया जाता है तो दुकान संचालक द्वारा फोन नहीं उठाया जाता है। शनिवार एक सैकड़ा से अधिक महिला सुबह से दोपहर दो बजे तक राशन लेने दुकान खुलने का इंतजार करती रही लेकिन दुकान नही खुली थी। जब राशन दुकान संचालक नांदपुर से उनका पक्ष जानने संपर्क किया गया तो उन्हों फोन रिसीव नहीं किया। ग्राम नांदपुर राशन दुकान संचालक द्वारा दुकान संचालन में अगर अनिमितत्ता बरती जा रही है तो जांच करवाई जाएंगी  शैलेंद्र बड़ोनिया अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आमला ।

भारत के गिरते प्रदर्शन से नाराज करिश्माई पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया ने खेल को नष्ट करने का लगाया आरोप

नई दिल्ली फुटबॉल के मैदान पर भारत के गिरते प्रदर्शन से नाराज करिश्माई पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया ने राष्ट्रीय महासंघ पर खेल को नष्ट करने का आरोप लगाया है। कुछ अन्य हितधारकों ने भी मौजूदा प्रणाली को ‘सड़ी हुई’ और ‘अहंकार’ से भरी बताया। भूटिया ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के प्रमुख कल्याण चौबे पर खेल को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए उनसे इस्तीफे की मांग की है। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) और उसके अध्यक्ष कल्याण चौबे पर भूटिया का तीखा हमला एएफसी एशियाई कप क्वालीफायर के तीसरे दौर में निचली रैंकिंग वाली हांगकांग के खिलाफ 0-1 की चौंकाने वाली हार के एक दिन बाद आया है। भूटिया ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह देखना बहुत दुखद है कि हम अब एशिया कप के लिए भी क्वालीफाई करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं जिसके लिए हम नियमित रूप से क्वालीफाई करते रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उज्बेकिस्तान, इंडोनेशिया और जोर्डन जैसे देश विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं और हम अब भी एशिया कप के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।’’ मंगलवार को मिली हार से भारत की 2027 एशियाई कप के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीदों को झटका लगा है जबकि टीम इससे पहले लगातार दो एशियाई कप में खेली थी। पूर्व भारतीय कप्तान ने चौबे के इस्तीफे और भारतीय फुटबॉल में संरचनात्मक बदलाव की मांग की। उन्होंने मैदान पर लचर प्रदर्शन और मैदान के बाहर की अराजकता को गहरी सड़न के लक्षण बताया। मौजूदा भारतीय मुख्य कोच मनोलो मारक्वेज इंडियन सुपर लीग की टीम एफसी गोवा के भी कोच हैं। उन्होंने पिछले साल जुलाई में क्रोएशियाई दिग्गज इगोर स्टिमक की जगह पदभार संभाला था। गुवाहाटी में विश्व कप क्वालीफायर में अफगानिस्तान से हार सहित कई निराशाजनक परिणामों के बाद स्टिमक को बर्खास्त कर दिया गया था। मंगलवार हुए अहम मैच से पहले भारत ने कोलकाता में करीब तीन सप्ताह तक अभ्यास किया था लेकिन उसे विश्व रैंकिंग में अपने से 26 पायदान नीचे की टीम (भारत: 127, हांगकांग: 153) से हार का सामना करना पड़ा। इस हार से फीफा रैंकिंग में देश के 133वें स्थान पर खिसकने की संभावना है। भूटिया को सितंबर 2022 में एआईएफएफ के अध्यक्ष पद के चुनाव में चौबे ने हराया था। उन्होंने मौजूदा नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कुप्रबंधन, भ्रष्टाचार और मनोलो की नियुक्ति सहित अहम निर्णयों में प्रमुख फुटबॉल समितियों को दरकिनार करने का आरोप लगाया। भूटिया ने कहा, ‘‘कल्याण चौबे ने भारतीय फुटबॉल को बर्बाद कर दिया है। चौबे को इस्तीफा देकर चले जाना चाहिए। उन्होंने इसे पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। ढाई साल में तीन महासचिव – पूरी संरचना, व्यवस्था को बदलना होगा।’’ भूटिया ने इंटर काशी और चर्चिल ब्रदर्स के बीच चैंपियनशिप के लिए चल रहे कानूनी झगड़े का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘एक के बाद एक विवाद, भ्रष्टाचार के आरोप… महीनों बाद भी हमें नहीं पता कि आईलीग विजेता कौन है।’’ उन्होंने चौबे पर तकनीकी समिति को दरकिनार कर मनोलो को नियुक्त करने का आरोप लगाया और स्पेन के इस कोच को एक साथ एफसी गोवा और राष्ट्रीय टीम का कोच बनाने के फैसले की आलोचना की। भूटिया ने करिश्माई स्ट्राइकर सुनील छेत्री की अंतरराष्ट्रीय संन्यास से वापसी कराने के फैसले की भी आलोचना की और कहा कि यह योजना बनाने से ज्यादा हताशा से प्रेरित एक खराब फैसला था। भूटिया ने एआईएफएफ के उस फैसले की भी आलोचना की जिसमें उसने क्वालीफिकेशन से जुड़े इनाम के बजाय हांगकांग मैच के लिए 50,000 अमेरिकी डॉलर का मैच बोनस देने का फैसला किया था। उन्होंने कहा, ‘‘आप एक मैच के लिए 42 लाख रुपये दे रहे हैं। इसे क्वालीफिकेशन से क्यों नहीं जोड़ा गया? यह दिखाता है कि प्रबंधन कितना अनजान है।’’ भारत के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी गौतम सरकार ने भूटिया का समर्थन करते हुए टीम के खराब प्रदर्शन और महासंघ की विफलताओं पर निराशा व्यक्त की। सरकार ने कहा, ‘‘हमने एक इंच भी प्रगति नहीं की है। अगर आपके पास सुनील छेत्री का विकल्प नहीं है तो क्या इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण कुछ हो सकता है?’’ उन्होंने कहा, ‘‘बेशक, महासंघ पूरी तरह से जिम्मेदार है। वे पूरी तरह से विफल रहे हैं।’’ दिग्गज डिफेंडर और कोच सुब्रत भट्टाचार्य ने विदेशी कोचों के प्रति जुनून की आलोचना की और भारतीय प्रतिभाओं पर अधिक भरोसा करने की बात कही। भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि विदेशी कोच आपको सफलता दिलाएंगे। पीके बनर्जी और अमल दत्ता जैसे घरेलू कोचों ने गौरव दिलाया।’’  

15 भारतीय वन सेवा के अधिकारियों का यूपी सरकार ने किया ट्रांसफर

लखनऊ यूपी सरकार ने भारतीय वन सेवा (IFS) के 15 अधिकारियों का तबादला कर दिया है. इस फेरबदल में कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे गए हैं. मुख्य वन संरक्षकों का भी स्थानांतरण किया गया है और नए डीएफओ की तैनाती की गई है. मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव पश्चिमी कानपुर में तैनात एन. रविन्द्रा को अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ऑडिट एवं नॉन प्लान के पद पर तैनात किया गया है. उन्हें अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सूचना एवं प्रौद्योगिकी, मुख्य वन संरक्षक कार्ययोजना एवं मुख्य वन संरक्षक सुरक्षा एवं सतर्कता का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है. अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक परियोजना (UP IFS Transfer) राम कुमार को वर्तमान पद के साथ मुख्य वन संरक्षक परियोजना लखनऊ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. वन निगम में महाप्रबंधक उत्पादन संजय कुमार को वन निगम में ही अपर प्रबंध निदेशक बनाया गया है. उन्हें इस पद के साथ-साथ महाप्रबंधक उत्पादन एवं महाप्रबंधक बरेली का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है. पीपी सिंह भेजे गए रूहेलखंड जोन बरेली मुख्य वन संरक्षक प्रचार-प्रसार पीपी सिंह को मुख्य वन संरक्षक (UP IFS Transfer) रूहेलखंड जोन बरेली में तबादला किया गया है. उन्हें वर्तमान पद के साथ-साथ मुख्य वन संरक्षक प्रचार-प्रसार लखनऊ व वन संरक्षक बरेली का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है. मुख्य वन संरक्षक दक्षिणी क्षेत्र शेष नारायण मिश्र को वन निगम में महाप्रबंधक विपणन बनाया गया है. उन्हें इस पद के साथ-साथ क्षेत्रीय प्रबंधक मुख्यालय एवं क्षेत्रीय प्रबंधक खीरी का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है. डॉ. के. इलान्गो की मेरठ में तैनाती मुख्य वन संरक्षक परियोजना डॉ. के. इलान्गो को मुख्य वन संरक्षक पश्चिमी क्षेत्र मेरठ (UP IFS Transfer) में तैनात किया गया है. मुख्य वन संरक्षक कोर्ट केस प्रमोद कुमार गुप्ता को वर्तमान पद के साथ-साथ मुख्य वन संरक्षक प्रशासन (अराजपत्रित), मुख्य वन संरक्षक/ वन उपयोग अधिकारी उत्पादन व मुख्य वन संरक्षक नियोजन का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है. मनोज कुमार सोनकर को वन संरक्षक देवीपाटन वृत्त गोंडा से मुख्य वन संरक्षक दक्षिणी क्षेत्र प्रयागराज भेजा गया है. आदर्श कुमार बने वन संरक्षक मेरठ डीएफओ आगरा आदर्श कुमार को वन संरक्षक मेरठ (UP IFS Transfer) बनाया गया है। डीएफओ सोहेलवा डॉ. सेम्मारन एम को वन संरक्षक देवीपाटन बनाया गया है. उप निदेशक दुधवा टाइगर रिजर्व डा. रंगाराजू टी. को वन संरक्षक बस्ती बनाया गया है. इस पद के साथ-साथ वन संरक्षक लुप्त प्राय परियोजना का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. डीएफओ मेरठ राजेश कुमार को डीएफओ आगरा बनाए गए हैं. डीएफओ संभल वंदना को डीएफओ मेरठ बनाया गया है. विपुल सिंघल को उप वन संरक्षक पीसीसीएफ कार्यालय से उप मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक बनाया गया है. ठीक ऐसे ही गौरव गर्ग को उप वन संरक्षक पीसीसएफ कार्यालय से डीएफओ सोहेलवा बलरामपुर बनाया गया है.

हाथियों की आबादी में अचानक आई तेजी को कम करने जिम्बाब्वे दर्जनों हाथियों को मारेगा

जिम्बाब्वे दुनिया में हाथियों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला दक्षिणी अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे वन्य जीव प्रेमियों को कष्ट देने वाली योजना पर काम कर रहा है. हाथियों की आबादी में अचानक आई तेजी को कम करने जिम्बाब्वे दर्जनों हाथियों को मारेगा और अपने लोगों को उसका मांस वितरित करेगा. जिम्बाब्वे पार्क और वन्यजीव प्राधिकरण (जिमपार्क) ने एक बयान में कहा कि दक्षिण-पूर्व में एक विशाल निजी गेम रिजर्व में हाथियों को मारा जाएगा और शुरुआत में 50 हाथियों को निशाना बनाया जाएगा. इसमें कहा गया है, “प्रबंधन अभ्यास से प्राप्त हाथी का मांस स्थानीय समुदायों को वितरित किया जाएगा, जबकि हाथीदांत राज्य की संपत्ति होगी, जिसे सुरक्षित रखने के लिए जिम्पर्क को सौंप दिया जाएगा.” हाथी का मांस कानूनी और नैतिक चिंताओं के कारण दुनिया भर में शायद ही कभी खाया जाता है, लेकिन जिन क्षेत्रों में इसे खाया जाता है, वहां के लोग बताते हैं कि इसका स्वाद गोमांस या सूअर के मांस जैसा होता है, जिसमें खेल जैसा स्वाद और थोड़ा मीठा स्वाद होता है. शेफ्स रिसोर्स और द ट्रेलिस के अनुसार, मांस आमतौर पर घना और रेशेदार होता है, जिसे नरम बनाने के लिए अक्सर धीमी आंच पर पकाने या उबालने जैसी विधियों की आवश्यकता होती है. ईट डिलाइट्स के अनुसार, पोषण की दृष्टि से हाथी का मांस दुबला, कोलेस्ट्रॉल में कम और प्रोटीन, आयरन और बी-विटामिन से भरपूर होता है, जिसका श्रेय घास, फल और छाल जैसे शाकाहारी आहार को जाता है. हालांकि, इस बात पर कोई स्पष्टता नहीं है कि कुल कितने जानवरों को मारा जाएगा या किस अवधि में मारा जाएगा. 2024 में एक हवाई सर्वेक्षण से पता चला कि रिजर्व, सेव वैली कंजरवेंसी में 2,550 हाथी थे, जो इसकी 800 की वहन क्षमता से तीन गुना अधिक है, ज़िमपार्क्स ने कहा. पिछले पाँच वर्षों में कम से कम 200 को अन्य पार्कों में स्थानांतरित किया गया है. लेकिन हाथीदांत व्यापार पर वैश्विक प्रतिबंध के कारण ज़िम्बाब्वे अपने दाँतों के भंडार को बेचने में असमर्थ है. मंगलवार की घोषणा राजधानी हरारे में चार लोगों को 230 किलोग्राम (500 पाउंड) से अधिक हाथीदांत के साथ गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद हुई, जिसके लिए वे कथित तौर पर खरीदार की तलाश कर रहे थे. 2024 में, जिम्बाब्वे ने 200 हाथियों को मार डाला, क्योंकि उसे अभूतपूर्व सूखे का सामना करना पड़ा, जिससे भोजन की कमी हो गई. यह 1988 के बाद से पहला बड़ा वध था. भोजन के लिए हाथियों का शिकार करने के कदम की तीखी आलोचना हुई है, खासकर इसलिए क्योंकि ये जानवर पर्यटन के लिए एक प्रमुख आकर्षण हैं.

आधार को फ्री अपडेट करने की UIDAI ने बढ़ाई तारीख

नई दिल्ली आधार कार्ड अपडेट के लिए डॉक्‍युमेंट्स अपलोड करने आखिरी तारीख को एक बार फ‍िर से बढ़ा दिया गया है। आधार कार्ड जारी करने वाली संस्‍था यूनीक आइडेंटिफ‍िकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) की तरफ से यह बड़ी जानकारी शेयर की गई है। UIDAI ने कहा है कि लाखों आधार धारकों के लिए फ्री ऑनलाइन डॉक्‍युमेंट अपलोड की सुविधा को बढ़ाया जा रहा है। अब 14 जून 2026 तक लोग फ्री में अपने डॉक्‍युमेंट्स अपलोड करके आधार कार्ड में डेमोग्राफ‍िक इन्‍फर्मेशन को अपडेट करा सकेंगे। यानी पूरे एक साल का वक्‍त लोगों को दिया गया है। यूआईडीएआई ने यह भी कहा है कि वह लोगों को आधार कार्ड में डॉक्‍युमेंट अपडेट करने के लिए प्रोत्‍साहित कर रही है। हालांकि फ्री में आधार अपडेट कराने के लिए अब सिर्फ एक तरीका बचा है। क्‍या है वह, आइए जानते हैं। कैसे फ्री में अपडेट होगा आधार कार्ड फ्री में आधार अपडेट कराने के लिए लोगों के पास अब एक ही तरीका बचा है। यूआईडीएआई ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर इससे जुड़ी जानकारी शेयर की है। बताया है कि फ्री में आधार अपडेट की सुविधा सिर्फ myAadhaar पोर्टल पर उपलब्ध है। खास यह भी है कि ऑनलाइन पोर्टल के जरिए डेमोग्राफ‍िक इन्‍फर्मेशन को अपडेट कराया जा सकेगा, जिसके लिए अड्रेस प्रूफ और आइडेंटिटी प्रूफ से जुड़े डॉक्‍युमेंट्स अपलोड करने होंगे। इस प्रकार यूआईडीएआई ने स्‍पष्‍ट कर दिया है कि आधार में अपडेट अगले एक साल तक ऑनलाइन फ्री तो हो जाएगा लेकिन सीमित सुविधाएं ही ऑनलाइन अपडेट में मिलेंगी। बायोमैट्रिक अपडेट के लिए क्‍या तरीका अगर किसी आधार धारक को अपना बयोमैट्रिक अपडेट कराना है, तो उसे नजदीकी आधार सेवा केंद्र में जाना होगा और शुल्‍क चुकाने के बाद यह काम कराया जा सकेगा। बायोमैट्रिक अपडेट को ऑनलाइन नहीं कराया जा सकता है। फ‍िर भी आपके मन में कोई सवाल है तो टोल फ्री नंबर 1947 पर कॉल करके अपनी परेशानी का हल निकाल सकते हैं। इसके अलावा आप help@uidai.gov.in को ईमेल लिखकर अपने सवाल पूछ सकते हैं। 10 साल में अपडेट कराना होता है आधार आजकल हर जरूरी काम में आधार कार्ड का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। कोई सरकारी कागज बनवाना हो, बैंक में खाता खुलवाना हो या फ‍िर नई जॉब के डॉक्‍युमेंट्स देने हों, आधार कार्ड हर जगह मांगा जाता है। यह 12 अंकों का यूनीक आइडेंटिटी नंबर है, जिससे किसी व्‍यक्ति की पहचान को सुनिश्चित किया जाता है। नियम के अनुसार, इंडिविजुअल्‍स यानी व्‍यक्तियों को अपने आधार कार्ड को हर 10 साल में अपडेट कराना होता है। बाल आधार यानी बच्‍चों के आधार को 5 साल से 15 साल के बीच अपडेट कराया जाता है। आधार अपडेट की आखिरी तारीख आज 14 जून 2025 को खत्‍म हो रही थी, जिसमें डेमोग्राफ‍िक चेंज की सुविधा को अगले एक साल के लिए ऑनलाइन बढ़ाया जा रहा है। आधार सेवा केंद्र में जाकर आधार अपडेट कराने का आज आखिरी दिन है।

यूपी में इन स्टेट हाईवे का होगा चौड़ीकरण, बढ़ जाएंगे लेन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

इलहाबाद  यातायात जाम की समस्या को दूर करने के लिए यूपी सरकार अब प्रदेश के 21 राज्य राजमार्गों को चौड़ा करके चार लेन में बदलने जा रही है. अभी ये सड़कें सिर्फ 7 से 14 मीटर चौड़ी हैं, लेकिन अब इन्हें 14 से 25 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा. लोक निर्माण विभाग ने इन सड़कों का सर्वे करके सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है. इन 21 सड़कों में तीन वाराणसी और दो हरदोई जिले से जुड़ी हैं. इससे ट्रैफिक जाम कम होगा और यात्रा ज्यादा आरामदायक और तेज़ हो सकेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद लोक निर्माण विभाग के मंत्री भी हैं, उन्होंने प्रदेश की सभी राज्य सड़कों को चौड़ा करने के निर्देश दिए हैं. फिलहाल यूपी में कुल 142 राज्य राजमार्ग हैं. इनमें से 21 सड़कों को चार लेन और बाकी 107 सड़कों को इस साल 10 मीटर चौड़ा करने की योजना है. सरकार चाहती है कि हर जिले का मुख्यालय अच्छी चौड़ी सड़कों से जुड़ा हो, ताकि लोगों को बेहतर और तेज़ सफर मिल सके. सरकार की योजना के तहत अमेठी को भी चार लेन सड़क से जोड़ा जाएगा. इसके लिए जगदीशपुर राज्य राजमार्ग को 7 मीटर से बढ़ाकर 22 मीटर चौड़ा किया जाएगा. इससे सुलतानपुर, प्रतापगढ़ और रायबरेली से अमेठी तक सीधा और आसान रास्ता बन जाएगा.इसी तरह बहराइच में भिनगा-सिरसिया-चौधरी डीह सड़क को भी चार लेन में बदला जाएगा. कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और कृषि विश्वविद्यालय को जोड़ने के लिए देवरिया-कसया-पडरौना राज्य राजमार्ग को चौड़ा किया जाएगा.इसके अलावा जालौन में पिछले 10 साल से अधूरा पड़ा पनवाड़ी राज्य राजमार्ग अब फिर से बनकर चार लेन में तैयार होगा. काम पहले शुरू हुआ था लेकिन बीच में रुक गया था, अब उसे फिर से पूरा किया जाएगा. कानपुर, उन्नाव, प्रयागराज, कन्नौज, बरेली और शाहजहांपुर का भी फायदा इसके साथ ही हरदोई जिले के बिलग्राम-उन्नाव-प्रयागराज मार्ग और बीएसए राज्य राजमार्ग को भी अब चार लेन में बदला जाएगा. इन सड़कों पर ज्यादा हादसे होते हैं, इसलिए सरकार ने इन्हें चौड़ा करने का फैसला किया है. इन रास्तों के चौड़ा होने से कानपुर, उन्नाव, प्रयागराज, कन्नौज, बरेली और शाहजहांपुर के बीच सफर करना आसान और सुरक्षित हो जाएगा. साथ ही वाराणसी के चौबेपुर मार्ग, वाराणसी-कछवां मार्ग और कछवां से चौबेपुर तक के रास्ते को भी चार लेन में बनाया जाएगा, जिससे वाराणसी की सड़क कनेक्टिविटी और बेहतर होगी. प्रदेश सरकार जिन राज्य राजमार्गों को चार लेन में बदलेगी, उनमें कई और जिलों की सड़कें भी शामिल हैं. इनमें ये सड़कें प्रमुख हैं, फर्रुखाबाद का फतेहगढ़ से गुरसहायगंज तक का रास्ता,लखनऊ का गोसाईगंज-बनी-मोहान मार्ग, उन्नाव का बिलग्राम-उन्नाव-बिलग्राम मार्ग बुलंदशहर का मुरादाबाद-बुलंदशहर मार्ग (शहरी हिस्सा), मेरठ का बड़ौत से मेरठ तक का मार्ग, सोनभद्र का लुंबनी मार्ग, मुरादाबाद का मुरादाबाद-बुलंदशहर मार्ग, संभल का बुलंदशहर मार्ग, मुजफ्फरनगर का खटीमा मार्ग,चंदौली का कंचनपुर-मधुपुर मार्ग,जौनपुर का प्रयागराज-गोरखपुर मार्ग. इन सभी सड़कों को चौड़ा कर चार लेन में बनाया जाएगा, जिससे यात्रा आसान, तेज़ और सुरक्षित हो सकेगी.

मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामले, अब तक तीन की मौत; इंदौर में सबसे ज्यादा संक्रमित

भोपाल / ग्वालियर / जबलपुर  मध्यप्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इनमें इंदौर और दमोह और भोपाल के मामले शामिल हैं। बढ़ते कोरोना मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता जरूर बढ़ा दी है, लेकिन राहत की बात ये है कि ज्यादातर मरीजों में JN.1. सबवेरिएंट के हल्के लक्षण देखने को मिले हैँ। कई मरीज अस्पतालों में इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर भी पहुंचे हैं इंदौर में 52 साल की महिला की मौत एक दिन पहले ही इंदौर में 12 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जबलपुर में पहला कोरोना केस मिला। गुरुवार को इंदौर में भर्ती रतलाम की कोरोना संक्रमित 52 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला 8 जून को टीबी के इलाज के लिए भर्ती हुई थी, जिसे बाद में एमआरटीबी शिफ्ट किया गया। सीएमएचओ डॉ संध्या बेलसरे के अनुसार, महिला को पहले से गंभीर बीमारियां थीं। टीबी, अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित थी, जिससे उनकी हालत और जटिल हो गई थी। जबलपुर में मिला एक और मरीज मध्यप्रदेश में कोरोना का कहर थम नहीं रहा है। प्रदेश के विभिन्न शहर कोरोना संक्रमण की चपेट में है। रोज-रोज नए एक्टिव केस सामने आ रहे हैं। प्रदेश की राजधानी भोपाल और ग्वालियर के बाद अब जबलपुर में कोरोना का एक और मरीज मिला है। अब जिले में कोरोना पॉजिटिव की संख्या दो हो गई है।  जानकारी के अनुसार नए कोरोना मरीज को उसके ही घर में आइसोलेट किया गया है। कोरोना पॉजिटिव युवक किसी अन्य शहर से यात्रा (ट्रैवल हिस्टी) करके लौटा था। इसके पहले मंगलवार को कोरोना का पहला मरीज मिला था। 80 साल के एक बुजुर्ग कोरोना पॉजिटिव हुए थे। सभी निजी अस्पतालों को भी कोरोना के इलाज के लिए तैयारी रखने के निर्देश दिए गए। जिला अस्पताल में भी सेपरेट वार्ड बनाया गया है। पहले से गंभीर समस्या 6 दिन पहले खरगोन से इंदौर रेफर 44 वर्षीय महिला की कोरोना पॉजिटिव होने के बाद मौत हो गई थी। इससे पहले कोरोना संक्रमित 74 वर्षीय महिला की अरबिंदो अस्पताल में मौत हुई थी। दोनों को गंभीर समस्याएं थीं। इसकी पुष्टि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कोविड-19 डैशबोर्ड पर की गई है, जिसमें बताया गया कि प्रदेश में कोरोना से एक और महिला की जान गई है। मृतक 52 वर्षीय महिला थीं, जिन्हें ब्रोंकियल अस्थमा था। उन्हें 25 साल पहले टीबी हो चुकी थी और वे मधुमेह (HbA1C 7.4%) से भी पीड़ित थीं। एमपी में 11 जून को कुल 21 कस दर्ज किए गए। जो इस साल एक दिन में सबसे ज्यादा मामले हैं। इसके साथ ही 2025 में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या एमपी में 123 हो गई है। इनमें 86 केस एक्टिव हैं और 34 मरीज रिकवर होकर घर जा चुके हैं। इन तीन जिलो में हुई मौत     – रतलाम में 52 साल की महिला की मौत हुी है। गंभीर बीमारियों से पीड़ित थी महिला।     – खरगोन में 44 साल की महिला की मौत हुई है, महिला ने हाल ही में एमटीएच अस्पताल में शिशु को जन्म दिया था।     – इंदौर में 74 साल की महिला को किडनी की बीमारी थी। 27 अप्रेल को अरबिंदो अस्पताल में कोरोना के इलाज के दौरान इनकी मौत हो गई थी। राजधानी भोपाल में 13 मरीज राजधानी भोपाल में कोरोना के अब तक 13 मरीज सामने आए हैं। सरकारी अस्पतालों में RT-PCR जांच के लिए किट तक उपलब्ध नहीं है यहां मरीज निजी लैबों के भरोसे हैं। बता दें कि बीते दिन गुरुवार 12 जून को भोपाल के नए सीएमएचओ डॉ. मनीश शर्मा ने जेपी अस्पताल का दौरा किया। औचक निरीक्षण में सामने आया कि वहां पीएस प्लांट ही ठीक नहीं है। इसके बाद जल्द ही प्लांट को ठीक करने के निर्देश भी दिए। इंदौर में 51 से ज्यादा एक्टिव केस अकेले इंदौर में अब तक 88 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें 76 इंदौर के शेष सभी बाहर के नागरिक हैं। इन सभी की हिस्ट्री चेक की जा रही है। 11 जून को 12 नए मामले 11 जून को भी 12 नए कोरोना मरीज सामने आए। इनमें सभी इंदौर के ही रहवासी हैं। इनकी ट्रेवल हिस्ट्री खंगाली जा रही है। एक्टिव केस 51 से ज्यादा हैं। जानें क्या है सब वेरिएंट JN.1, ओमिक्रॉन के BA.2.86 का एक स्ट्रेन है। इसे पिरोला भी कहा जाता है। अगस्त 2023 में इस वेरिएंट का पहला मामला सामने आया था। इसमें भी करीब 30 म्यूटेशन्स हैं, जो इम्यूनिटी को कमजोर करते हैं। JN.1 के लक्षण -सिरदर्द -बुखार -सूखी खासी -आंखों में जलन -स्वाद न आना -गंध न आना देशभर में जनवरी से अब तक करीब 77 मौतें जबकि देश की बात करें तो जनवरी 2025 से अब तक करीब 77 मौतों की पुष्टि हुई है। इनमें एमपी की 3 मौतों को शामिल किया गया है। 

स्टीव स्मिथ के करियर पर ‘धब्बा’ लगा सकती है WTC फाइनल की शिकस्त- ऑस्ट्रेलिया आखिरी बार ICC फाइनल कब हारा था?

नई दिल्ली साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच ‘क्रिकेट का मक्का’ कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच में गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया पर हार के बादल मंडरा रहे हैं। दरअसल, साउथ अफ्रीका जीत से महज 69 रन दूर है और कंगारुओं को अगर यह मैच अपने नाम करना है तो उन्हें 8 विकेट चटकाने होंगे। ऐसे में अगर ऑस्ट्रेलिया को हर मिलती है तो इस चैंपियन टीम के लिए यह काफी दर्दनाक होगा। ऑस्ट्रेलिया टीम को उनके बेमिसा रिकॉर्ड्स और आईसीसी ट्रॉफी के लिए जाना जाता है। क्रिकेट के इतिहास में इस टीम ने अभी तक सर्वाधिक 10 आईसीसी ट्रॉफी जीती है। ऐसे में फैंस यह जानने को इच्छुक हैं कि आखिरी बार कब ऑस्ट्रेलिया फाइनल में हारा था।   ऑस्ट्रेलिया ने पिछले 10 सालों में 2 वनडे वर्ल्ड कप (2019, 2023) 1 टी20 वर्ल्ड कप और 1 WTC का खिताब जीता था। जब भी टीम फाइनल में पहुंची है तो खिताब उठाने में कामयाब रही है। ऑस्ट्रेलिया को आईसीसी टूर्नामेंट में आखिरी बार फाइनल में हार का सामना 2010 में करना पड़ा था जब इंग्लैंड ने उन्हें हराकर टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था। वेस्टइंडीज में खेले गए उस टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड ने कंगारुओं को 7 विकेट से धूल चटाई थी। अगर ऑस्ट्रेलिया को साउथ अफ्रीका के खिलाफ WTC 2025 के फाइनल में हार का सामना करना पड़ता है तो यह पिछले 15 सालों में उनकी फाइनल में पहली हार होगी। इसी के साथ स्टीव स्मिथ के करियर पर धब्बा भी लग सकता है। दरअसल, स्टीव स्मिथ 2010 टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा थे और वह लॉर्ड्स में जारी WTC फाइनल में भी ऑस्ट्रेलिया के लिए खेल रहे हैं। अगर ऑस्ट्रेलिया साउथ अफ्रीका से हारता है तो स्टीव स्मिथ ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के इतिहास के पहले खिलाड़ी बनेंगे जिनके नाम दो फाइनल हारने का शर्मनाक रिकॉर्ड होगा।

सीमा पर कैच के बदल गए नियम,गेंद को एक बार ही हवा में उछाल सकेंगे; जानें कब से होगा लागू

नई दिल्ली क्रिकेट के मैदान पर सीमा रेखा के पास लपके जाने वाले कैच हमेशा से ही दर्शकों को रोमांचित करते रहे हैं। कुछ कैच तो इतिहास में अमर हो गए हैं। ऐसा ही एक शानदार कैच सूर्यकुमार यादव ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 के फाइनल में लपका था। इस कैच ने टीम इंडिया को ट्रॉफी जीतने में बहुत मदद की। लेकिन अब मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने सीमा रेखा और रिले कैच से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। क्रिकेट के नियम में हुए बड़े बदलाव पहले, खिलाड़ी गेंद को हवा में रहते हुए बाउंड्री के बाहर कई बार छू सकते थे, बस उनका पैर जमीन पर नहीं लगना चाहिए था। इसके बाद वे फील्ड के अंदर कैच पूरा कर सकते थे। लेकिन अब नियमों में बदलाव किया गया है। दरअसल, बिग बैश लीग 2023-24 के एक मैच में माइकल नेसर ने बाउंड्री के बाहर हवा में गेंद को दो बार मारकर कैच पकड़ा था। हालांकि, बल्लेबाज को आउट दे दिया गया, लेकिन इस फैसले पर काफी विवाद हुआ और आलोचना भी हुई। इसी घटना के बाद नियमों में बदलाव की जरूरत महसूस हुई। नियमों में क्या बदलाव हुए हैं? MCC के नए नियमों के अनुसार, अब कोई भी फील्डर बाउंड्री के बाहर गेंद को सिर्फ एक बार ही छू सकता है। कैच को सही तरीके से पूरा करने के लिए, फील्डर को कैच लेने से पहले मैदान के अंदर आना होगा। नया नियम उन कैचों को अभी भी सही मानता है, जिनमें फील्डर पहले बाउंड्री के अंदर गेंद को खेलता है, फिर थोड़ी देर के लिए बाहर जाता है, और फिर वापस अंदर आकर कैच पूरा करता है। लेकिन, अगर गेंद को छूते समय फील्डर बाउंड्री के बाहर है, तो कैच तभी मान्य होगा जब फील्डर वापस मैदान में आकर कैच पूरा करेगा। रिले कैच में हुआ बदलाव? रिले कैच के नियम में भी बदलाव किए गए हैं। रिले कैच में, जब कोई फील्डर बाहर जा रहा होता है या अपना संतुलन खो रहा होता है, तो वह गेंद को अपने साथी खिलाड़ी की ओर फेंकता है। नए नियम के अनुसार, गेंद को फेंकने वाला खिलाड़ी बाउंड्री के अंदर होना चाहिए, और कैच लेने वाला फील्डर भी कैच लेते समय पूरी तरह से मैदान के अंदर होना चाहिए। अगर मदद करने वाला फील्डर बाउंड्री के बाहर है, तो गेंद को बाउंड्री माना जाएगा। फील्डरों को रहना होगा सतर्क नए नियमों का उद्देश्य खेल को और अधिक स्पष्ट और निष्पक्ष बनाना है। MCC का मानना है कि ये बदलाव खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए खेल को और अधिक रोमांचक बनाएंगे। इन बदलावों से बाउंड्री पर होने वाले कैच को लेकर जो भ्रम की स्थिति थी, वो अब दूर हो जाएगी। अब फील्डर को कैच लेने के लिए ज्यादा सतर्क रहना होगा। उसे यह ध्यान रखना होगा कि गेंद को छूते समय वह मैदान के अंदर ही रहे। अगर वह बाउंड्री के बाहर है, तो उसे तुरंत मैदान के अंदर आकर कैच पूरा करना होगा।

केदारनाथ धाम में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, 42 दिन में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे

रुद्रप्रयाग  पवित्र केदारनाथ धाम में इन दिनों श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ रहा है. चारधाम यात्रा की शुरुआत के बाद से अब तक 10 लाख से अधिक भक्त बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं. हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु कठिन पहाड़ी रास्तों को पार कर बाबा के चरणों में पहुंच रहे हैं. धाम में शाम की आरती के दौरान हजारों श्रद्धालु एक साथ शामिल हो रहे हैं, जिससे मंदिर परिसर दिव्यता और भक्ति से गूंज उठता है. हर तरफ हर-हर महादेव के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है. इस बार यात्रा की विशेष बात यह रही कि दर्शन व्यवस्था को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने टोकन सिस्टम लागू किया है, जिससे श्रद्धालुओं को कम समय में दर्शन का लाभ मिल रहा है. बाबा केदार के कपाट 2 मई को आम भक्तों के लिए खोले गए थे और तब से लेकर अब तक रिकॉर्ड संख्या में दर्शन हो चुके हैं. मौसम की कठिनाइयों और ऊंचाई की चुनौती के बावजूद केदारनाथ में सबसे ज्यादा भीड़ हो रही है. प्रशासन की ओर से पैदल मार्ग, टेंट, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाया गया है, ताकि हर श्रद्धालु को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो. 2 मई को कपाट खुलने के बाद से अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं. तमाम दुश्वारियों और विषम मौसम के बावजूद भी भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं दिख रही. हर दिन हजारों की संख्या में यात्री केदारनाथ की कठिन चढ़ाई पार कर मंदिर पहुंच रहे हैं. सांयकालीन आरती में भक्त शामिल हो रहे हैं. गर्भगृह तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हुआ है और दर्शन व्यवस्थित हो रहे हैं. मंदिर दिन-रात खुला है, ताकि कोई भी भक्त बाबा के दर्शन से वंचित न रहे. जिला प्रशासन की ओर से पैदल मार्ग, टेंट, स्वास्थ्य सेवाएं, जलापूर्ति और सफाई की व्यवस्था को मजबूत किया गया है, जिससे तीर्थयात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो. आंकड़ों के अनुसार, इस बार की केदारनाथ यात्रा न सिर्फ चारधाम यात्रा की तुलना में सबसे बड़ी साबित हो रही है, बल्कि यह अब तक की सबसे रिकॉर्ड ब्रेकिंग यात्रा बन चुकी है.  

UP 17 जून को रचेगा इतिहास, CM योगी देंगे एक और एक्सप्रेस वे

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे सिर्फ आवागमन सुगमता में ही मील का पत्थर नहीं बनेगा बल्कि यह औद्योगिक विकास की रफ्तार को भी तेज करेगा. यह एक्सप्रेसवे हजारों करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने में भी मददगार बना है. शानदार कनेक्टिविटी की सौगात देने के फैसले के साथ ही योगी सरकार ने इस लिंक एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बसाना शुरू कर दिया था.  एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ ही इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी आकार लेता नजर आ रहा है. इसका नतीजा यह है कि देश और दुनिया की नामी कंपनियों की दस्तक यहां होने लगी है. गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे बसे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में हजारों करोड़ रुपये के निवेश और हजारों नौजवानों को रोजगार मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है. गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे सिर्फ एक रास्ता नहीं बल्कि पूर्वांचल का औद्योगिक भविष्य भी है. बनकर तैयार है सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट 91 किमी से अधिक लंबा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे बनकर तैयार है और 17 जून को इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों प्रस्तावित है. यह एक्सप्रेसवे सिर्फ रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से बेमिसाल तो है ही, लेकिन यह गोरखपुर को केंद्रित करते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश में औद्योगिक प्रगति का सुनहरा अवसर देने का सशक्त माध्यम भी बना है.  मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच से जब इस एक्सप्रेसवे के निर्माण को परिकल्पित किया गया तभी इसके समानांतर औद्योगिक गलियारा विकसित करने के विचार को भी मूर्त देने की कार्ययोजना बनी. गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने अपने दो महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल सेक्टर (27 और 28) लिंक एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर ही विकसित किए हैं. एक्सप्रेसवे का शिलान्यास और उद्घाटन किसने किया गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रगति के साथ ही औद्योगिक प्रगति भी साथ चलती रही. इसका प्रमाण है एक्सप्रेसवे के शुरुआती बिंदु पर ही बहुराष्ट्रीय कंपनी (एमएनसी) पेप्सिको का बॉटलिंग प्लांट. करीब 1100 करोड़ रुपये के निवेश वाले इस प्लांट का शिलान्यास और उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था. आज यहां उत्पादन जारी है और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है. लिंक एक्सप्रेसवे के समीप बसाए गए इंडस्ट्रियल सेक्टर में ही एमएनसी कोका कोला और बिसलेरी ने भी प्लांट लगाने के लिए जमीन की मांग गीडा से की है.  गीडा की देखरेख में 92 यूनिट्स वाला प्लास्टिक पार्क भी लिंक एक्सप्रेसवे के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में विकसित हो रहा है. यहां 60 यूनिट्स के लिए जमीन का आवंटन हो चुका है और इनमें से कई के प्लांट का निर्माण कार्य जारी है. लिंक एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी ने बड़ी संख्या में निवेशकों को आकर्षित किया है. इसी की देन है कि कपिला कृषि उद्योग, एपीएल अपोलो ट्यूब्स, एसएलएमजी, टेक्नोप्लास्ट सहित करीब सौ उद्योगों के लिए जमीन या तो दे दी गई है, या आवंटन की प्रक्रिया में है. 

एमपी की चौखट पर पहुंचा मानसून, शनिवार को लू और गर्मी का आखिरी दिन, इंदौर संभाग में आज भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में मानसून 16-17 जून को प्रवेश कर सकता है, जिससे पहले प्रदेश में तेज गर्मी और आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत कई जिलों में आंधी, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है, जबकि ग्वालियर-चंबल में लू चलने की आशंका है। इन जिलों में आंधी-बारिश से हाल बेहाल शुक्रवार को गुना और अशोकनगर समेत कई जिलों में बारिश हुई, वहीं मुरैना में आंधी से पेड़ उखड़ गए और रतलाम में रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से ट्रेनें प्रभावित हुईं। इस बार मानसून के समय पर आने की उम्मीद है, क्योंकि यह देश में 8 दिन पहले ही आ गया था और महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ में भी तय समय से पहले पहुंच गया था। कुछ दिनों अटकने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ी है। ऐसे में उम्मीद है कि अगले 3 दिन यानी, 15-16 जून को मानसून मध्यप्रदेश में प्रवेश कर लेना। शनिवार के लिए IMD का इन जिलों में अलर्ट शनिवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, आगर-मालवा, धार, बड़वानी, खरगोन, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, दमोह, पन्ना, सतना, मऊगंज, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट में भी तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश होने की संभावना है। मानसून से पहले हीट वेव का आखिरी दिन मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि शुक्रवार को रतलाम, धार, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया, गुना, अशोक नगर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया था. शनिवार को भी गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, रतलाम और धार को छोड़कर लू चलेगी. हालांकि 14 जून को मध्य प्रदेश में हीट वेव का आखिरी दिन होगा. इसके बाद पूरे मध्य प्रदेश में जोरदार बारिश का दौर शुरू होगा. यहां तक पहुंचा मानसून, मध्य प्रदेश पहुंचने की देर मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि “मानसून की उत्तरी सीमा मुंबई, अहिल्यानगर, आदिलाबाद, भवानीपटना, पुरी और सैंडहेड द्वीप से होकर गुजर रही है. अगले 2 दिनों के दौरान विदर्भ, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ और हिस्सों में और उसके बाद गुजरात, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है.” दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि “मध्य प्रदेश में मानसून की सामान्य तिथि 15 जून है. इस बार भी मानसून 15 या 16 जून तक मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है.” शुक्रवार को कई जिलों में पारा 40 के पार शुक्रवार को कई शहरों में पारा 40 डिग्री के पार रहा। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ग्वालियर में 44.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 44.4 डिग्री और नौगांव में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 40 डिग्री, इंदौर में 38.2 डिग्री, उज्जैन में 41.8 डिग्री और जबलपुर में 40.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी तरह टीकमगढ़, नरसिंहपुर, गुना, सतना, रीवा, सीधी, शिवपुरी, उमरिया, सागर, रतलाम, शाजापुर, खरगोन और खंडवा में तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। तय समय से पहले आया मानसून बीच में अटका इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। हालांकि, अब मानसून आगे बढ़ने लगा है। इसलिए अब यह प्रदेश में 15-16 जून तक पहुंच सकता है। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था।   बिजली गिरने से 2 की मौत, कई पेड़ उखड़े, ट्रैक पर ट्रेनें थमी इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का दौर रहा। शिवपुरी के ककरवाया गांव के पास भूसा से गट्टा बनाने वाली दो फैक्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा। आंधी में दोनों फैक्ट्रियों के जमीन में गढ़े पिलर और शेड उखड़कर हवा में उड़ गए। जिससे शेड के नीचे रखा भूसा और भूसे से बनी ब्रिक बारिश में धुल गई। गुना में तेज आंधी चली। शिवपुरी में धूलभरी आंधी चलने के साथ बारिश हुई। कोलारस में तेज पानी गिरा। खंडवा में भीषण गर्मी के बीच तेज बारिश का दौर रहा। मुरैना में तेज आंधी से कई पेड़ उखड़ गए और झोपड़ियों को नुकसान पहुंचा। रतलाम रेल मंडल के गौतमपुरा बड़नगर रेलवे ट्रैक के बीच आंधी-तूफान के साथ हुई तेज बारिश से पेड़ ट्रैक पर आ गिरा। इससे महू से रतलाम आने वाली पैसेंजर ट्रेन गौतमपुरा में खड़ी हो गई। रतलाम के मोयाखेड़ा में बिजली गिरने से एक 15 वर्षीय बालिका और तंबोलिया में एक युवती की मौत हो गई। एक अन्य युवती घायल हो गई। गुना में एक इंच से ज्यादा पानी गिरा। आलोट में ग्राम जोयन में महिला श्यामू बाई पर पेड़ गिर गया। जिससे उसकी की मौत हो गई। खजुराहो में पारा 45 डिग्री, ग्वालियर, नर्मदापुरम-नौगांव भी गर्म रहे शुक्रवार को कई शहरों में पारा 40 डिग्री के पार रहा। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ग्वालियर में 44.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 44.4 डिग्री और नौगांव में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 40 डिग्री, इंदौर में 38.2 डिग्री, उज्जैन में 41.8 डिग्री और जबलपुर में 40.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी तरह टीकमगढ़, नरसिंहपुर, गुना, सतना, रीवा, सीधी, शिवपुरी, उमरिया, सागर, रतलाम, शाजापुर, खरगोन और खंडवा में तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। गुना में आज सवा इंच से ज्यादा पानी गिर गया। इस बार समय पर ही एंट्री करेगा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में … Read more

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live