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डब्ल्यूबीबीएल-11: मेलबर्न रेनेगेड्स को बड़ा झटका, इस सीजन नहीं खेलेंगी स्टार ऑलराउंडर हेली मैथ्यूज

मेलबर्न मेलबर्न रेनेगेड्स की ऑलराउंडर हेली मैथ्यूज कंधे की चोट के चलते विमेंस बिग बैश लीग (डब्ल्यूबीबीएल) सीजन का 11वां सीजन नहीं खेलेंगी। क्लब ने गुरुवार को इसकी घोषणा की है। मैथ्यूज को डब्ल्यूबीबीएल ओवरसीज प्लेयर ड्राफ्ट से पहले रेनेगेड्स ने प्री-साइन किया था। वह अपने चौथे सीजन के लिए तैयार थीं, लेकिन वेस्टइंडीज की हालिया वनडे सीरीज में कंधे की चोट के कारण उनका डब्ल्यूबीबीएल में खेलना नामुमकिन हो गया है। दुनिया की शीर्ष रैंकिंग टी20 अंतरराष्ट्रीय ऑलराउंडर मैथ्यूज को टूर्नामेंट से नाम वापस लेना पड़ा है, क्योंकि अब वह अपने चोटिल कंधे की सर्जरी कराएंगी। हालांकि, सर्जरी से पहले वह वेस्टइंडीज की कप्तानी करने के साथ कैरेबियन प्रीमियर लीग में बारबाडोस रॉयल्स के लिए खेलेंगी। मैथ्यूज को गुरुवार के बिग बैश ड्राफ्ट में रेनेगेड्स ने चुनना था, लेकिन अब क्लब के पास तीनों ओवरसीज स्लॉट खाली हैं, जिन्हें ड्राफ्ट में भरा जाएगा। रेनेगेड्स के जनरल मैनेजर जेम्स रोसेनगार्टन ने कहा, “यह साफ तौर पर निराशाजनक है कि हेले इस सीजन में हमारे साथ नहीं होंगी। उन्होंने न सिर्फ अपने प्रदर्शन से, बल्कि अपनी लीडरशिप और प्रोफेशनल रवैये से भी टीम में अहम योगदान दिया है। रेनेगेड्स और हेले के बीच एक गहरा नाता है, जो आगे भी जारी रहेगा। हेले इस क्लब को बहुत पसंद करती हैं। हम भी इस साल उन्हें टीम में न पाकर उतने ही निराश हैं।” मैथ्यूज की अनुपस्थिति क्लब के लिए एक बड़ा झटका है। मैथ्यूज ने पिछले सीजन टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मैथ्यूज ने डब्ल्यूबीबीएल-10 में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जिसमें 130.6 की स्ट्राइक रेट से 324 रन बनाए और 14 विकेट लिए थे। हेली मैथ्यूज के इंटरनेशनल करियर को देखें, साल 2014 में अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत करने वाली दाएं हाथ की इस बल्लेबाज ने अब तक 99 वनडे मुकाबलों में 33.79 की औसत के साथ 3075 रन बनाए हैं, जिसमें नौ शतक और आठ अर्धशतक शामिल हैं। गेंदबाजी में उन्होंने 125 शिकार किए हैं। हेली मैथ्यूज ने वेस्टइंडीज के लिए 109 टी20 मुकाबले भी खेले हैं, जिसमें 28 की औसत के साथ 2828 रन जुटाए। इस फॉर्मेट में उनके नाम तीन शतक और 17 अर्धशतक हैं। इस फॉर्मेट में उनके नाम 111 विकेट हैं।  

न्यू अशोकनगर से सराय काले खां तक सीएमआरएस मंजूरी के लिए हुआ निरीक्षण , जुलाई में ट्रेन संचालन पर हो सकता है फैसला

नई दिल्ली दिल्ली-मेरठ के बीच नमो भारत के सफलतापूर्वक ट्रायल के बाद अब इसके संचालन की तैयारी शुरू हो गई हैं। ट्रेन संचालन के लिए जरूरी सीएमआरएस मंजूरी के लिए एनसीआरटीसी (नेशनल कैपिटल रीजनल ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन) ने काम शुरू कर दिया है। न्यू अशोकनगर से सराय काले खां तक सीएमआरएस मंजूरी के लिए निरीक्षण हो गया है। जून के अंतिम सप्ताह में मेरठ के लिए भी निरीक्षण हो जाएगा। इसके बाद जुलाई में ट्रेन संचालन पर फैसला लिया जा सकता है। जून तक तैयार हो जाएगा रूट नमो भारत का पहला रूट जून के अंत तक पूरी तरह संचालन के लिए तैयार होगा। 82 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर सराय काले खां से मोदीपुरम तक ट्रेनों का संचालन होगा। अभी न्यू अशोक नगर से मेरठ के बीच 55 किलोमीटर के ट्रैक पर ट्रेन का संचालन हो रहा है। बचे हुए करीब 27 किलोमीटर ट्रैक को संचालन के लिए तैयार कर लिया गया है। स्टेशनों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक जुलाई में पूरे रूट पर ट्रेन चल सकती है। अभी नमो भारत से प्रतिदिन पचास हजार से ज्यादा यात्री सफर कर रहे हैं। सराय काले खां स्टेशन पर काम अंतिम चरण में नमो भारत के सराय काले खां स्टेशन पर काम अंतिम चरण में है। ट्रैक पर नमो भारत का परीक्षण सफलतापूर्वक चल रहा है। स्टेशन को रेल, बस अड्डे और मेट्रो के साथ-साथ रिंग रोड से जोड़ने का काम एक माह में पूरा कर लिया जाएगा। सराय काले खां नमो भारत का सबसे बड़ा स्टेशन होगा। यहां दिल्ली-मेरठ के साथ-साथ दिल्ली-करनाल और दिल्ली-गुरुग्राम एसएनबी वाली ट्रेनों का संचालन भी होगा। यात्री संख्या के हिसाब से ही यहां सबसे बड़ा स्टेशन डिजाइन किया गया है।  

बाजार में छा गया TVS iQube इलेक्ट्रिक स्कूटर, बिक गईं 6 लाख यूनिट, देखते रह गए ओला-एथर

मुंबई  हैदराबाद: स्वदेशी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी TVS Motor की इलेक्ट्रिक स्कूटर TVS iQube कंपनी का पहला इलेक्ट्रिक उत्पाद है और अब इस स्कूटर ने घरेलू बाजार में 6 लाख थोक बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है. SIAM उद्योग से मिले आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 के अंत में इस आंकड़े को छूने में केवल 1,345 यूनिट्स की कमी थी. मई के पहले दो दिनों में यह कमी जल्दी ही पूरी हो गई, जिसमें 27,642 यूनिट्स की बिक्री हुई, जिससे इस स्कूटर की कुल बिक्री 6,26,297 यूनिट्स हो गई है. TVS iQube की बिक्री इस स्कूटर की पहली 1,00,000 यूनिट की बिक्री में तीन साल से थोड़ा ज़्यादा समय लगा, वहीं अगले 1,00,000 स्कूटर – कुल 2,00,000 तक – सिर्फ़ 10 महीनों में ही बिक गए. इसके आगे इस इलेक्ट्रिक स्कूटर ने 3,00,000 यूनिट की थोक बिक्री की उपलब्धि मई 2024 की शुरुआत में ही हासिल कर ली, जो 52 महीने या 4 साल, 4 महीने है. इसके बाद, पिछले 3,00,000 यूनिट को कंपनी ने सिर्फ़ 13 महीनों में पूरा कर लिया और भारत में TVS डीलरों को भेज दिया गया. इससे इस ई-स्कूटर की बढ़ती मांग को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है. जनवरी 2020 में लॉन्च किया गया TVS iQube फुल LED लाइटिंग, कनेक्टेड तकनीक से लैस था और इसे एक बड़ी सीट और बढ़िया स्टोरेज स्पेस के साथ एक पारिवारिक ई-स्कूटर के रूप में पेश किया गया था. आईक्यूब की पहली 1,00,000 यूनिट की बिक्री में 3 साल से थोड़ा ज्यादा समय लगा था। 1,00,000 से 2,00,000 यूनिट तक का सफर सिर्फ 10 महीने में पूरा क लिया था। जबकि, 3,00,000 यूनिट थोक बिक्री का मील का पत्थर मई 2024 की शुरुआत में पार किया गया, जो 53 महीने या चार साल और चार महीने है। पिछले 3,00,000 यूनिट्स को सिर्फ़ 12 महीनों में पूरे भारत में TVS डीलरों को भेजा गया है, जो ई-स्कूटर की बढ़ती मांग को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। आईक्यूब को जनवरी 2020 में लॉन्च किया गया था, जो फुल LED लाइट्स, कनेक्टेड टेक्नोलॉजी से लैस है और इसे एक बड़ी सीट और बढ़िया स्टोरेज स्पेस के साथ एक फैमिली ई-स्कूटर के रूप में पेश किया गया है। इलेक्ट्रिक स्कूटर को 6,00,000 बिक्री मील का पत्थर हासिल करने में 65 महीने लगे हैं। जैसा कि डेटा दिखता है कि पिछले 3 फाइनेंशियल ईयर में मांग बढ़ी है, जो फाइनेंशियल ईयर 2025 में तेजी से बढ़ेगी। TVS के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025 में शानदार प्रदर्शन रहा, जिसमें चेन्नई स्थित दोपहिया वाहन प्रमुख ने पेट्रोल इंजन वाले जुपिटर, एनटॉर्क और जेस्ट और इलेक्ट्रिक आईक्यूब सहित 18 लाख स्कूटर (18,13,103 यूनिट्स, 25% सालाना वृद्धि) की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की। इस शानदार प्रदर्शन ने टीवीएस को 26% बाजार हिस्सेदारी दिलाई और फाइनेंशियल ईयर 2025 में भारत में घरेलू स्कूटर उद्योग के लिए रिकॉर्ड 68,53,214 बिक्री में मजबूत योगदान देने में मदद की, 272,605 यूनिट के साथ टीवीएस आईक्यूब ने पिछले फाइनेंशियल ईयर में टीवीएस स्कूटर की बिक्री में 15% का योगदान दिया। TVS मोटर कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की शुरुआत शानदार तरीके से की है। अप्रैल 2025 में आईक्यूब ने 5 साल पहले लॉन्च होने के बाद पहली बार मासिक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रिटेल सेल्स में शीर्ष स्थान हासिल किया और मई 2025 में लगातार दूसरे महीने ताज पर कब्जा किया। वाहन के आंकड़ों के अनुसार, यह जून की बिक्री में भी शीर्ष पर रहने के लिए तैयार है, जिसने 1 से 14 जून के बीच 11,841 यूनिट बेचीं और भारत में बेचे गए 43,917 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों में से 27% हिस्सेदारी हासिल की। ध्यान देने वाली बात यह है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर को 6,00,000 यूनिट की बिक्री की उपलब्धि हासिल करने में 65 महीने लगे हैं. जैसा कि आंकड़ों में देखा जा सकता है कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों में इलेक्ट्रिक स्कूटर की मांग बढ़ी है, जो वित्त वर्ष 2025 में भी तेज़ी से बढ़ेगी. TVS Motor के लिए वित्त वर्ष 2025 शानदार रहा, जिसमें चेन्नई स्थित दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी ने 18 लाख स्कूटरों (18,13,103 यूनिट, जो पिछले साल की समान अवधि से 25 प्रतिशत अधिक है) की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की, जिसमें पेट्रोल इंजन वाले TVS Jupiter, NTorq, Zest और इलेक्ट्रिक स्कूटर TVS iQube शामिल हैं. इस शानदार प्रदर्शन ने TVS को 26 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी दिलाई और वित्त वर्ष 2025 में भारत में घरेलू स्कूटर उद्योग के लिए रिकॉर्ड 68,53,214 बिक्री में मजबूत योगदान देने में मदद की, इसमें 2,72,605 यूनिट के साथ TVS iQube ने पिछले वित्त वर्ष में टीवीएस स्कूटर की बिक्री में 15 प्रतिशत का योगदान दिया. TVS iQube की खुदरा बिक्री TVS iQube की थोक बिक्री के आँकड़े अनिवार्य रूप से देश भर में कंपनी के डीलरशिप को फैक्ट्री डिस्पैच हैं, जबकि खुदरा बिक्री वास्तविक दुनिया की कहानी है. वाहन डेटा के अनुसार, जनवरी 2020 से मई 2025 के अंत तक भारत में कुल 5,58,461 यूनिट्स TVS iQubes स्कूटर बेचे गए हैं. ध्यान देने वाली बात यह है कि इसमें तेलंगाना के आंकड़े शामिल नहीं हैं. वित्त वर्ष 2023 में 82,107 यूनिट्स से, वित्त वर्ष 2024 में बिक्री 123 प्रतिशत बढ़कर 1,83,190 यूनिट्स हो गई, जिससे TVS को रिकॉर्ड 9,44,000 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में 19 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी हासिल की. इस बिक्री आंकड़ों के साथ यह OLA Electric के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गई. वित्त वर्ष 2025 में मांग 30 प्रतिशत बढ़कर 2,37,911 यूनिट्स हो गई, जबकि ई-टू-व्हीलर बाजार हिस्सेदारी में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.

प्रधानमंत्री मोदी ने तीन देशों की यात्रा की पूरी, दिल्ली लौटे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की पांच दिवसीय यात्रा से गुरुवार को दिल्ली वापस लौट आए. पीएम मोदी बुधवार को अपनी यात्रा पूरी कर क्रोएशिया से भारत के लिए रवाना हुए. इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी सबसे पहले साइप्रस पहुंचे. उसके बाद पीएम मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए कनाडा पहुंचे, आखिर में पीएम मोदी ने क्रोएशिया की यात्रा की. पीएम मोदी की तीनों देशों का यात्रा सफल रही. पीएम पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने क्रोएशिया की राजकीय यात्रा की. पीएम मोदी ने अपनी इस यात्रा को खास बनाने के लिए क्रोएशिया और साइप्रस के राष्ट्राध्यक्षों को गिफ्ट भी दिए. ये उपहार भारतीय सांस्कृतिक विरासत और हस्तशिल्प के थे. पीएम मोदी ने किसे क्या दिया गिफ्ट प्रधानमंत्री अपनी यात्रा के आखिरी पड़ाव में क्रोएशिया पहुंचे थे. जहां पीएम मोदी ने क्रोएशिया के राष्ट्रपति को ओडिशा की पट्टचित्र पेंटिंग तोहफे में दी. जबकि पीएम मोदी ने क्रोएशिया के प्रधानमंत्री को राजस्थान की सिल्वर कैंडल स्टैंड भेंट की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन तोहफों को उपहार में देकर भारतीय कला और संस्कृति को एक नई पहचान देने का काम किया. इसके साथ ही पीएम मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान कनाडा में मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम पार्डो को एक वारली पेंटिंग भेंट की. बता दें कि ये वारली पेंटिंग महाराष्ट्र के वारली समुदाय की एक पारंपरिक आदिवासी कला है. जो भारतीय लोक कला के सबसे पुराने एवं सरल रूपों में से एक है. इसमें मिट्टी की दीवारों या पृष्ठभूमि पर सफेद चावल के पेस्ट का इस्तेमाल किया जाता है. इस पेंटिंग में रोज़मर्रा की ज़िंदगी का नजारा देखने  को मिलता है. जिसमें खेती किसानी, मछली पकड़ना, नृत्य करना और गांव के उत्सव आदि शामिल होते हैं. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के तोहफे में दी मधुबनी पेंटिंग पीएम मोदी ने जी-7 शिखर सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यांग को मधुबनी पेंटिंग भेंट की. बता दें कि मधुबनी पेंटिंग को मिथिला कला भी कहा जाता है. जो बिहार की प्रसिद्ध पारंपरिक कला है. जिसे ज़्यादातर महिलाओं बनातीहैं. इस रंगीन पेंटिंग को मुख्यरूप से त्योहारों और शादियों के मौके पर मिट्टी की दीवारों पर उकेरा जाता है. क्रोएशिया के राष्ट्रपति को गिफ्ट में दी पट्टचित्र पेंटिंगइसके साथ ही पीएम मोदी ने क्रोएशिया के राष्ट्रपति जोरान मिलनोविच को ओडिशा की एक पारंपरिक पट्टचित्र पेंटिंग तोहफे में दी.  जो ओडिशा की एक  पारंपरिक कला है. इस पेंटिंग को कपड़े पर बनाया जाता है. इसी लिए इसका नाम पट्टा यानी कपड़े से मिलकर बना है. ये पेंटिंग मुख्यरूप से भगवान कृष्ण और जगन्नाथ परंपरा से जुड़ी कहानियां को दर्शाती हैं. PM मोदी के 4 बड़े बयान…. 1. भारत और क्रोएशिया दोनों लोकतंत्र जैसे मूल्यों से जुड़े हैं प्रधानमंत्री मोदी ने क्रोएशिया की पहली यात्रा पर गर्मजोशी से स्वागत के लिए वहां की सरकार और प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविच का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि भारत और क्रोएशिया लोकतंत्र, कानून और विविधता जैसे साझा मूल्यों से जुड़े हैं। 2. दोनों देशों के बीच डिफेंस, डिजिटल में साझेदारी बढ़ेगी दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को तीसरे कार्यकाल में तीन गुना गति से बढ़ाने का निर्णय लिया। रक्षा सहयोग योजना, व्यापार, फार्मा, कृषि, आईटी, डिजिटल व स्वच्छ तकनीक जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाई जाएगी। 3. संस्कृति, शिक्षा और सहयोग को मजबूत किया जाएगा भारत-क्रोएशिया के सांस्कृतिक और शैक्षणिक संबंधों को और मजबूत किया जाएगा। हिंदी चेयर की टाइमलाइन 2030 तक बढ़ाई गई है, 5 साल का सांस्कृतिक कार्यक्रम तय हुआ है और लोगों की आवाजाही के लिए मोबिलिटी समझौता जल्द होगा। 4. भारत-क्रोएशिया साझेदारी को और मजबूत करेंगे PM मोदी ने कहा कि क्रोएशिया में भले ही यह यात्रा छोटी है, लेकिन मुझे आपके शहर की संस्कृति, जीवनशैली और यहां के लोगों की गर्मजोशी का अनुभव हुआ। यहां मुझे अपनेपन का एहसास हुआ। हमने बहुत से महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जो भारत-क्रोएशिया साझेदारी को और मजबूत करेंगे और नए क्षेत्रों में मिलकर काम करने के रास्ते खोलेंगे। क्रोएशिया 1991 में बगावत कर अलग हुआ था क्रोएशिया ने 25 जून 1991 को आधिकारिक रूप से यूगोस्लाविया से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की। इससे पहले, यह देश सोशलिस्ट फेडरल रिपब्लिक ऑफ यूगोस्लाविया का हिस्सा था, जिसमें कुल छह गणराज्य शामिल थे। 1990 में क्रोएशिया में बहुदलीय चुनाव हुए और राष्ट्रवादी नेता फ्रांजो तुजमान की पार्टी सत्ता में आई। जून 1991 में संसद ने स्वतंत्रता की घोषणा कर दी। यूगोस्लाव सरकार और वहां की सेना ने इसका विरोध किया, जिससे क्रोएशिया युद्ध शुरू हुआ। युद्ध करीब चार साल (1991-1995) तक चला, जिसमें हजारों लोग मारे गए और लाखों बेघर हुए। संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ के दबाव और मध्यस्थता से शांति स्थापित हुई। क्रोएशिया को 15 जनवरी 1992 को यूरोपीय देशों द्वारा औपचारिक मान्यता मिली और बाद में संयुक्त राष्ट्र ने भी उसे सदस्यता दी। कनाडा-साइप्रस-क्रोएशिया में पीएम मोदी ने दिए खास तोहफे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साइप्रस, कनाडा और क्रोएशिया की यात्रा पूरी हो गई है। पीएम मोदी ने साइप्रस में राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस से मुलाकात की। इसके बाद कनाडा में जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इसके बाद पीएम मोदी क्रोएशिया पहुंचे और वहां राष्ट्रपति जोरान मिलनोविच और प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच से मुलाकात की। अपने दौरे पर पीएम मोदी देश के पारंपरिक उपहार लेकर गए थे। यात्रा के दौरान उन्होंने साइप्रस, कनाडा के जी-7 शिखर सम्मेलन और क्रोएशिया में जिन-जिन नेताओं से मुलाकात की, सभी को उपहार भेंट किए। आइए जानते हैं पीएम मोदी ने किस देश के नेता को कौन सा उपहार दिया और उसकी खासियत क्या है? क्रोएशिया के राष्ट्रपति को भेंट किया पट्टचित्र क्रोएशिया के राष्ट्रपति जोरान मिलनोविच को ओडिशा की एक पट्टचित्र पेंटिंग उपहार में दी। पट्टचित्र ओडिशा की पारंपरिक कला रूप है। यह कपड़े पर अपनी विस्तृत और रंगीन पेंटिंग के लिए जाना जाता है। इसका नाम पट्टा यानि कपड़ा और चित्र से आया है। ये कलाकृतियां आमतौर पर भारतीय पौराणिक कथाओं, खासकर भगवान कृष्ण और जगन्नाथ परंपरा से जुड़ी हैं। कलाकार बोल्ड लाइन और विस्तृत दृश्य बनाने के लिए प्राकृतिक रंगों और हस्तनिर्मित ब्रश का उपयोग करते हैं। क्रोएशिया के प्रधानमंत्री को उपहार में दिया सिल्वर कैंडल स्टैंड प्रधानमंत्री मोदी ने क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच को सिल्वर कैंडल स्टैंड उपहार में दिया। राजस्थान … Read more

सामाजिक न्याय पर सीजेआई बी आर गवई ने कहा- संविधान की वजह से ही तोड़ पाया जाति की बेड़ियां

नई दिल्ली भारत के प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई ने कहा है कि समाज के बड़े हिस्से को हाशिए पर रखने वाली असमानताओं पर ध्यान दिए बिना कोई भी देश असल में प्रगतिशील या लोकतांत्रिक होने का दावा नहीं कर सकता। उन्होंने कहा है कि समाज में स्थिरता, सामंजस्य और सतत विकास करने के लिए सामाजिक-आर्थिक न्याय सबसे अहम है। CJI बुधवार को मिलान में एक कार्यक्रम को संबोधित करने पहुंचे थे। इस दौरान CJI को सामाजिक-आर्थिक न्याय प्रदान करने में संविधान की भूमिका: भारतीय संविधान के 75 वर्षों के प्रतिबिंब’’ विषय पर बोलने के लिए आमंत्रित किया गया था। आमंत्रण के लिए चैंबर ऑफ इंटरनेशनल लॉयर्स को धन्यवाद देते हुए, न्यायमूर्ति गवई ने कहा कि सामाजिक-आर्थिक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में पिछले 75 वर्षों में भारतीय संविधान की यात्रा महान रही है। जस्टिस गवई ने कहा, ‘‘भारत के प्रधान न्यायाधीश के रूप में, मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि भारतीय संविधान के निर्माता इसके प्रावधानों का मसौदा तैयार करते समय सामाजिक-आर्थिक न्याय की अनिवार्यता को लेकर सचेत थे। संविधान को औपनिवेशिक शासन से स्वतंत्रता के लिए एक लंबे और कठिन संघर्ष के बाद तैयार किया गया था।’’ संवैधानिक आदर्शों का उत्पाद हूं- CJI गवई उन्होंने आगे कहा, ‘‘मैंने अक्सर कहा है, और मैं आज यहां फिर दोहराता हूं कि समावेश और परिवर्तन के इस संवैधानिक दृष्टिकोण के कारण ही मैं भारत के प्रधान न्यायाधीश के रूप में आपके सामने खड़ा हूं। ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर रहने वाली पृष्ठभूमि से आने के बाद, मैं उन्हीं संवैधानिक आदर्शों का उत्पाद हूं, जो अवसरों को लोकतांत्रिक बनाने और जाति की बेड़ियों को तोड़ने की मांग करते हैं।’’ सामाजिक-आर्थिक न्याय एक व्यावहारिक आवश्यकता इस दौरान प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि न्याय महज आदर्श चीज नहीं है और इसे सामाजिक संरचनाओं में जड़ें जमानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘समाज के बड़े हिस्से को हाशिए पर रखने वाली संरचनात्मक असमानताओं पर ध्यान दिए बिना कोई भी राष्ट्र वास्तव में प्रगतिशील या लोकतांत्रिक होने का दावा नहीं कर सकता। दूसरे शब्दों में, स्थिरता, सामाजिक सामंजस्य और विकास प्राप्त करने के लिए सामाजिक-आर्थिक न्याय एक व्यावहारिक आवश्यकता है।’’ प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि यह सिर्फ पुनर्वितरण या कल्याण का मामला नहीं है, बल्कि यह हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीने, उसकी पूरी मानवीय क्षमता का एहसास कराने और देश के सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक जीवन में समान रूप से भाग लेने में सक्षम बनाने के बारे में भी है। उन्होंने कहा, ‘‘इस प्रकार, किसी भी देश के लिए, सामाजिक-आर्थिक न्याय राष्ट्रीय प्रगति का एक महत्वपूर्ण पहलू है। यह सुनिश्चित करता है कि विकास समावेशी हो, अवसरों का समान वितरण हो और सभी व्यक्ति, चाहे उनकी सामाजिक या आर्थिक पृष्ठभूमि कुछ भी हो, सम्मान और स्वतंत्रता के साथ रह सकें।’’  

कॉनकाकाफ गोल्ड कप ग्रुप चरण में अपनी दूसरी जीत हासिल की

टेक्सास मेक्सिको ने गुरुवार (आईएसटी) को टीएंडटी स्टेडियम में सूरीनाम के खिलाफ 2-0 से जीत दर्ज की। इसी के साथ उसने कॉनकाकाफ गोल्ड कप ग्रुप चरण में अपनी दूसरी जीत हासिल की। जेवियर एगुइरे की टीम शुरुआत से ही मजबूत नजर आ रही थी, लेकिन वह पहले हाफ में स्कोरबोर्ड पर दबदबा दिखाने में विफल रहे। हालांकि, इस बीच लगातार विरोधी गोल के सामने खतरे जरूर पैदा किए। शुरुआती 45 मिनट के दौरान, मेक्सिको ने गेंद पर ज्यादा कंट्रोल रखा। एलेक्सिस वेगा, जूलियन क्विनोनेस और रॉबर्टो अल्वाराडो ने मौके बनाए, लेकिन गोल नहीं हो सका। मुकाबले के 57वें मिनट में सीजर मोंटेस ने कॉर्नर किक में हेडर लगाकर स्कोर 1-0 कर दिया। यहां से टीम को लीड मिल चुकी थी। इसके ठीक छह मिनट बाद, मोंटेस ने अपना डबल स्कोर किया। उन्होंने दूसरे सेट पीस से बॉक्स के अंदर रिबाउंड को गोल में बदला। यह डिफेंडर दो गोल करके मैच का स्टार बन गया। इसी के साथ मेक्सिको ने मैच 2-0 से अपने नाम कर लिया। इस परिणाम के साथ, मेक्सिको के छह अंक हो गए हैं। यह टीम अपना अगला मैच रविवार को कोस्टा रिका के खिलाफ खेलेगी। यह मैच ग्रुप में पहला स्थान हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण होगा। इस बीच, एक अन्य मुकाबले में कोस्टा रिका ने ग्रुप ए में डोमिनिकन गणराज्य के खिलाफ 2-1 से जीत दर्ज की। जोआओ उरबेज ने 16वें मिनट गोल करके डोमिनिकन गणराज्य को आगे कर दिया, लेकिन मैनफ्रेड उगाल्डे ने 44वें मिनट में पेनाल्टी स्पॉट से गोल करके कोस्टा रिका को बराबरी पर ला दिया। 85वें मिनट में जोसीमार अल्कोसर ने गोल दागकर कोस्टा रिका को 2-1 से बढ़त दिला दी। गोलकीपर कीलर नवास और जेवियर वाल्डेज ने चार-चार गोल बचाकर मैच का अंत किया। कॉनकाकाफ गोल्ड कप 14 जून से 6 जुलाई के बीच खेला जाएगा। डोमिनिकन रिपब्लिक रविवार को सूरीनाम से भिड़ने के लिए टेक्सास के अर्लिंग्टन में रहेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. माधवराव सप्रे जी की जयंती पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की माटी के गौरव, हिन्दी पत्रकारिता के पुरोधा, स्वतंत्रता सेनानी पं. माधवराव सप्रे जी की जयंती पर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सप्रे जी ने मासिक पत्रिका ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ के प्रकाशन के साथ हिंद केसरी और कर्मवीर के लिए समर्पण से पत्रकारिता जगत की अमूल्य सेवा की। उनकी कृति ‘एक टोकरी भर मिट्टी’ हिंदी की पहली कहानी है, इसने साहित्य जगत को नई दिशा दी।पं. माधवराव सप्रे जी का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।  

ईरान मिसाइलें तैयार कर रहा है ताकि मिडल ईस्ट में बने अमेरिका के ठिकानों को भी टारगेट किया जा सके: रिपोर्ट में किया दावा

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि यदि ईरान पीछे नहीं हटा तो फिर उसे अंजाम भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने अमेरिका के जंग में कूदने के सवाल पर खुलकर कुछ नहीं कहा, लेकिन इनकार भी नहीं किया है। इस बीच खबर है कि ईरान मिसाइलें तैयार कर रहा है ताकि मिडल ईस्ट में बने अमेरिका के ठिकानों को भी टारगेट किया जा सके। अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। यदि ऐसा कुछ ईरान की ओर से होता है तो फिर डोनाल्ड ट्रंप को एक बहाना मिल जाएगा और अमेरिका सक्रिय तौर पर जंग में उतर सकता है। अमेरिका ने तीन दर्जन रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट्स को यूरोप भेजा है, जिन्हें मिडल ईस्ट में अमेरिकी बेसों की रक्षा करने वाले फाइटर जेट्स की मदद के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अमेरिकी सूत्रों को अंदेशा है कि ईरान की तरफ से उनके बेसों पर अटैक किया जा सकता है। यही नहीं इजरायल की ओऱ से भी लगातार अमेरिका पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह इस जंग में दखल दे। इसकी वजह यह भी है कि ईरानी मिसाइलों को रोकते-रोकते इजरायल का एयर डिफेंस थक गया है और उसे भी फिलहाल दोबारा नए सिरे से सक्रिय करने की जरूरत है। एक आशंका यह भी है कि यदि अमेरिका ने ईरान की न्यूक्लियर साइट फोरदो पर अटैक किया तो फिर लाल सागर में हूथी विद्रोही अटैक कर सकते हैं। वहां कई देशों के जहाजों को वे निशाना बना सकते हैं। इसके अलावा इराक और सीरिया में स्थित ईरान समर्थित उग्रवादी संगठन भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकते हैं। इसके अलावा ईरान की तरफ होर्मुज स्ट्रेट भी रोकने का प्रयास हो सकता है। फिलहाल अमेरिका ने सऊदी अरब, जॉर्डन और यूएई में स्थित अपने सैनिकों को सक्रिय कर दिया है। पश्चिम एशिया में अमेरिका के करीब 40 हजार सैनिक तैनात हैं। इराक में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर है ईरान की नजर दो ईरानी अधिकारियों के हवाले से न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि इजरायल के समर्थन में अमेरिका ने अपनी सेना लगाई तो फिर इराक में स्थित उसके ठिकानों को टारगेट किया जाएगा। ईरानी सूत्रों ने कहा कि हमारे दुश्मनों को याद रखना चाहिए कि वे सैन्य बल से कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे। यदि ईरान पर उन लोगों ने जंग थोपी तो कुछ हासिल नहीं होगा।  

UK की तरह एमपी में भी शुरू होगी हेलीकॉप्टर सेवा, सीएम मोहन यादव ने कर दिया ऐलान

 भोपाल  मध्यप्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को एक शानदार घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जल्द ही उत्तराखंड की तरह हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की जाएगी, जिससे पर्यटकों को प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में सुविधा होगी। यह अनोखी घोषणा ‘ग्रामीण रंग, पर्यटन संग’ राज्य स्तरीय उत्सव में की गई, जो कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में आयोजित हुआ। इस कदम से मध्यप्रदेश में पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे और पर्यटकों को एक नई अनुभव की अनुभूति होगी। वेलनेस टूरिज्म और रेस्पॉसिबल टूरिज्म पर ज़ोर मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन स्थलों पर अब वेलनेस सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य यह है कि पर्यटक मानसिक और शारीरिक विश्राम के साथ-साथ प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकें। इसी क्रम में रेस्पॉसिबल टूरिज्म मिशन  की नई वेबसाइट लॉन्च की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही उत्तराखंड की तर्ज पर राज्य पर्यटन बोर्ड के माध्यम से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की जाएगी। प्रदेश सरकार ने पर्यटकों के लिए वेलनेस सुविधाएं बढ़ाने के लिए समिट की है। इससे प्रदेश का मेडिकल टूरिज्म बढ़ेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। इस दौरान ग्रामीण होम स्टे संचालकों, सरपंचों और 10 जिले के कलेक्टरों को बेहतर काम के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम स्तर पर पर्यटन गतिविधियों से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक उन्नति के अवसर उपलब्ध होते हैं। पर्यटन गतिविधियां, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, तीज-त्योहार-पर्व और खानपान को राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सहायक होती है। आयोजन में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पर्यटन और संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला शामिल हुए। ग्रामीण क्षेत्र में योग और ध्यान का प्रशिक्षण और छोटे वेलनेस सेंटर की स्थापना के लिए पर्यटन बोर्ड और दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट (पतंजलि) के बीच समझौता हुआ। 61 पर्यटक गांवों में सौर ऊर्जा चलित स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए सिग्निफाई इनोवेशंस इंडिया लिमिटेड के बीच करार हुआ है। इन कलेक्टरों को किया गया सम्मानित होम स्टे निर्माण में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने पर नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीणा, आगर-मालवा के राघवेंद्र सिंह, छतरपुर के पार्थ जायसवाल, छिंदवाड़ा के शीलेंद्र सिंह, रीवा की कलेक्टर प्रतिभा पाल, निवाड़ी के लोकेश कुमार जांगिड, मुरैना के अंकित अस्थाना, सीहोर के बालागुरु के, सीधी के एस सोमवंशी और पन्ना के कलेक्टर सुरेश कुमार को सम्मानित किया गया। होम स्टे का वर्चुअल लोकार्पण, बढ़ेगा रोजगार इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 241 होम स्टे का वर्चुअल लोकार्पण किया। इन होम स्टे को राज्य के 121 गांवों में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों को स्वरोजगार से जोड़ना है। अब तक का होम स्टे विकास     कुल गांव – 121     चालू होम स्टे – 241     लाभार्थी जिले – 10     संभावित रोजगार – 500+ ग्रामीण युवा एलईडी और सोलर लाइट्स से रोशन होंगे 61 गांव इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और सिग्निफाइंग संस्था के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू साइन किया गया। इसके तहत 61 गांवों में एलईडी और सोलर लाइट्स लगाई जाएंगी, जिससे वहां के पर्यटन स्थलों की रोशनी बढ़ेगी और पर्यावरण के प्रति जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

प्रशिक्षण के लिए बनाए गए नियमों का करना होगा पालन, महिला सिपाही गर्भवती होने पर ट्रेनिंग का हिस्सा नहीं बन सकती

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में सिपाही नागरिक पुलिस भर्ती के लिए 60244 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं, जिनमें 12048 महिलाएं हैं। इन महिला सिपाहियों को प्रशिक्षण के लिए बनाए गए नियमों का पालन करना होगा। महिलाओं के लिए नियम बनाए गए है कि कोई भी महिला सिपाही गर्भवती होने पर ट्रेनिंग का हिस्सा नहीं बन सकती। अगर वो गर्भवती हुई तो उसे वापस भेज दिया जाएगा।  डिलीवरी के बाद होगी ट्रेनिंग गर्भवती होने पर महिला सिपाहियों को वापस भेज दिया जाएगा। लेकिन डिलीवरी के बाद वो ट्रेनिंग में हिस्सा ले सकेगी। महिला प्रशिक्षुओं को डिलीवरी के एक साल बाद आगामी प्रशिक्षण सत्र में शामिल करने की व्यवस्था की जाएगी। अगर महिला सिपाही की प्रशिक्षण की अवधि साढे़ चार माह से कम होगी तो उसे फिर से नये सिरे से शुरू करना पड़ेगा, लेकिन अगर ट्रेनिंग की अवधि साढे़ चार महीने से ज्यादा है तो उसने यहां से छोड़ा था, वहीं से ही प्रशिक्षण शुरू करना पड़ेगा।  गर्भपात के लिए भी बनाए नियम  इसके अलावा ये भी नियम बनाए गए है कि अगर किसी महिला सिपाही का प्रशिक्षण शुरु होने से पहले या प्रशिक्षण के दौरान गर्भपात हो जाता है तो उसे फिर से प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए अपने जिले के सीएमओ का मेडिकल फिटनेस का सर्टिफिकेट देना होगा। अगर कोई दूसरे राज्य की निवासी है तो उसे भी यह सर्टिफिकेट प्रशिक्षण संस्था के जिले के सीएमओ से प्राप्त करना होगा। वहीं, अगर किसी महिला का ट्रेनिंग शुरू होने से एक साल के अंदर प्रसव हो चुका है तो उसे भी मेडिकल फिटनेस का सर्टिफिकेट देना होगा। इसके बाद ट्रेनिंग में शामिल हो सकेगी।    

अहमदाबाद विमान हादसे में बरामद हुआ ब्लैक बॉक्स अब डाटा रिकवर करने के लिए भेजा जाएगा अमेरिका

वाशिंगटन  अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया था। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही थी कि जल्दी ही हादसे के ठीक-ठीक कारणों का पता चल जाएगा। लेकिन अब ऐसा होता हुआ नहीं दिख रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, विमान हादसे इतना भयानक था कि विमान का ब्लैक बॉक्स भी क्षतिग्रस्त हो गया है। ऐसे में इससे डाटा निकालना मुश्किल हो रहा है। अब इस ब्लैक बॉक्स को अमेरिका भेजने की तैयारी हो रही है। भारतीय दल भी जाएगा साथ अहमदाबाद विमान हादसे में बरामद हुआ ब्लैक बॉक्स अब डाटा रिकवर करने के लिए अमेरिका भेजा जाएगा। इस मामले पर भारत सरकार की तरफ से जल्द ही फैसला लिया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार, क्रैश हुए एयर इंडिया विमान का ब्लैक बॉक्स वाशिंगटन डीसी भेजा जाएगा, यहां के नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड में इसकी जांच की जाएगी। इस ब्लैक बॉक्स के साथ एक भारतीय दल भी भेजा जाएगा, जो जांच के दौरान सभी प्रोटोकॉल की निगरानी करेगा। क्या होता है ब्लैक बॉक्स ब्लैक बॉक्स अपने आप में दो डिवाइस होता है। इसमें कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर मौजूद होता है। इसमें सीवीआर और एफडीआर होता है जो उड़ान के दौरान सारी जानकारियां इकट्ठा करता रहता है। ये एक ऐसा उपकरण होता है, जो किसी विमान, हेलीकॉप्टर आदि में लगाया जाता है। उड़ान के दौरान ये डिवाइस महत्वपूर्ण जानकारी इकट्ठा करता है। जब कोई विमान दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है, तो ब्लैक बॉक्स की मदद से ही पता लगाया जाता है कि विमान हादसे का शिकार क्यों हुआ। यह बहुत मजबूत और आग प्रतिरोधी होता है। क्यों जरूरी होता ब्लैक बॉक्स किसी विमान हादसे के बाद ब्लैक बॉक्स को बरामद किया जाता है। इसके बाद उसकी जांच की जाती है और गलतियों का पता लगाया जाता है। गलतियों से सीखते हुए भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जाता सकता है। अब अहमदाबाद विमान हादसे में मिले ब्लैक बॉक्स की भी जांच की जा रही है, जिससे उसमें हुई कमियों की जांच की जा सके। लेकिन इसमें अब देरी होगी। ब्लैक बॉक्स की जांच भारत में नहीं हो पाएगी। डाटा रिकवर करने के लिए इसे अमेरिका भेजा जाएगा। बता दें कि बीते गुरुवार को अहमदाबाद में प्लेन क्रैश हो गया था। यह विमान अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरा था, लेकिन थोड़ी ही देर में क्रैश हो गया और आग गोला बनकर कई जिंदगियां लील गया। इस हादसे में प्लेन में बैठ 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई थी। इसके अलावा जिस बिल्डिंग से विमान टकराया, उसके आसपास मौजूद कई लोगों की मौत हो गई थी।  

भारत-पाकिस्तान के 2 नेताओं ने संघर्ष रोकने का लिया फैसला, ट्रंप ने पहली बार नहीं लिया क्रेडिट: अमेरिकी राष्ट्रपति

वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के दो ‘बहुत चतुर’ नेताओं ने एक ऐसा युद्ध जारी न रखने का ‘निर्णय’ लिया जो परमाणु युद्ध में बदल सकता था। पिछले कुछ हफ्तों में यह पहली बार है जब ट्रंप ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच संघर्ष रोकने के लिए खुद श्रेय नहीं लिया है। ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर की दोपहर के भोजन पर मेजबानी करने के बाद ओवल कार्यालय में मीडिया से बातचीत में ये टिप्पणियां कीं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह मुनीर से मुलाकात कर ‘सम्मानित’ महसूस कर रहे हैं। यह पूछने पर कि क्या मुनीर के साथ हुई बैठक में ईरान पर चर्चा की गई, ट्रंप ने कहा, ‘खैर, वे ईरान को बहुत अच्छी तरह, ज्यादातर लोगों से बेहतर जानते हैं और वे किसी भी चीज से खुश नहीं हैं। ऐसा नहीं है कि इजराइल के साथ उनके खराब रिश्ते हैं। वे असल में दोनों को जानते हैं लेकिन शायद वे ईरान को बेहतर जानते हैं लेकिन वे देख रहे हैं कि क्या चल रहा है और उन्होंने मुझसे सहमति जतायी है।’ ट्रंप ने कहा, ‘मैं उन्हें यहां इसलिए बुलाना चाहता था कि मैं युद्ध न करने, संघर्ष खत्म करने के लिए उनका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। जैसा कि आप जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कुछ समय पहले यहां से गए हैं और हम भारत के साथ एक व्यापार समझौते पर काम कर रहे हैं इसलिए भी मैं धन्यवाद देना चाहता हूं। हम पाकिस्तान के साथ व्यापार समझौते पर काम कर रहे हैं।’ गौरतलब है कि ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कनाडा के कनैनिस्किस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के इतर मुलाकात करने का कार्यक्रम था लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति को इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष के कारण समय से पहले वाशिंगटन लौटना पड़ा, जिसके कारण उनकी मोदी से मुलाकात नहीं हो पायी। हालांकि, दोनों नेताओं ने फोन पर बातचीत की। ट्रंप ने कहा, ‘वे दोनों (मोदी और मुनीर) यहां थे लेकिन कुछ सप्ताह पहले मैं मोदी के साथ था। मैं बहुत खुश हूं कि दो बहुत चतुर लोगों ने युद्ध आगे न बढ़ाने का फैसला किया। यह परमाणु युद्ध हो सकता था। वे दो परमाणु संपन्न देश, बहुत बड़ी परमाणु शक्तियां हैं और उन्होंने यह फैसला लिया।’ पिछले कुछ हफ्तों में यह पहली बार है जब ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष रोकने का श्रेय नहीं लिया है। भारत और पाकिस्तान के 10 मई को सैन्य संघर्ष रोकने का फैसला लेने के बाद से ट्रंप कई मौकों पर यह दावा करते रहे हैं कि उन्होंने दोनों देशों के बीच तनाव ‘रोकने में मदद की’ और उन्होंने दोनों परमाणु संपन्न दक्षिण एशियाई देशों से कहा था कि अगर वे संघर्ष रोकते हैं तो अमेरिका उनके साथ ‘बहुत व्यापार’ करेगा। मोदी ने कनैनिस्किस से रवाना होने से पहले ट्रंप से 35 मिनट तक फोन पर बातचीत की थी। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कनैनिस्किस से एक वीडियो संदेश में कहा था कि मोदी ने ट्रंप को बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान किसी भी स्तर पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते या भारत और पाकिस्तान के बीच अमेरिका द्वारा मध्यस्थता के किसी प्रस्ताव पर कोई चर्चा नहीं हुई थी। पीएम मोदी ने क्या कहा था मोदी ने कहा कि सैन्य कार्रवाई को रोकने पर चर्चा भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे तौर पर दोनों देशों की सेनाओं के मौजूदा संवाद चैनलों के माध्यम से हुई थी और इसकी पहल पाकिस्तान की ओर से की गई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने साफ तौर पर कहा कि भारत कभी किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेगा और इस मामले पर भारत में पूरी तरह से राजनीतिक सर्वसम्मति है। मिसरी ने बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद ट्रंप ने मोदी को फोन कर संवेदनाएं व्यक्त की थीं और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उनका समर्थन किया था। कनैनिस्किस में मंगलवार को फोन पर हुई बातचीत अप्रैल के बाद से दोनों नेताओं के बीच ‘पहली बातचीत’ है। मिसरी ने बताया कि ट्रंप ने प्रधानमंत्री की बातों को ध्यान से सुना और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई के प्रति अपना समर्थन जताया। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत अब आतंकवाद को छद्म युद्ध के रूप में नहीं, बल्कि एक युद्ध के ही रूप में देखता है और भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अब भी जारी है। यूएस जाने से किया मना ट्रंप ने मोदी से पूछा कि क्या वह कनाडा से लौटते वक्त अमेरिका आ सकते हैं लेकिन प्रधानमंत्री को साइप्रस में शुरू अपनी तीन देशों के यात्रा के आखिरी चरण के तहत क्रोएशिया जाना था। मिसरी ने कहा कि पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने वाशिंगटन आने में असमर्थता जतायी और दोनों नेताओं ने निकट भविष्य में मुलाकात करने का प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की। इससे पहले, ट्रंप ने मोदी को ‘शानदार व्यक्ति’ बताते हुए कहा कि उन्होंने उनसे चर्चा की और इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता होगा। साथ ही उन्होंने अपना यह दावा भी दोहराया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने बुधवार को कहा, ‘मैंने युद्ध रुकवाया है… मैं पाकिस्तान को पसंद करता हूं। मुझे लगता है कि मोदी एक शानदार इंसान हैं। मैंने कल रात उनसे बात की। हम भारत के साथ व्यापार समझौता करने जा रहे हैं, लेकिन मैंने पाकिस्तान और भारत के बीच युद्ध रुकवा दिया है।’

सुदूर जनजातीय अंचल से निकलकर जिले की एक बेटी ने नीट की परीक्षा उत्तीर्ण कर इतिहास रचा

“दास्तां खुशियों की” भारिया जनजाति की बेटी शांति बनी प्रदेश का गौरव जिले में भारिया जनजाति की पहली छात्रा जिसने पाई नीट में सफलता  सुदूर जनजातीय अंचल से निकलकर जिले की एक बेटी ने नीट की परीक्षा उत्तीर्ण कर इतिहास रचा  भोपाल  मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के सुदूर जनजातीय अंचल से निकलकर जिले की एक बेटी ने नीट की परीक्षा उत्तीर्ण कर इतिहास रच दिया है। सीमित संसाधनों, कठिन परिस्थितियों और सामाजिक चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए कुमारी शांति पचलिया ने यह साबित कर दिया कि “अगर इरादा मजबूत हो, सपने सिर्फ देखे नहीं, पूरे भी किए जा सकते हैं।” विशेष पिछड़ी जनजाति भारिया से ताल्लुक रखने वाली छात्रा कु. शांति, छिंदवाड़ा जिले की पहली छात्रा बन गई हैं जिसने नीट की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार, गाँव और समुदाय को गौरवान्वित किया है, बल्कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों को एक नई प्रेरणा भी दी है। शांति का जन्म 23 अप्रैल 2007 को विकासखण्ड हर्रई के ग्राम बालूसार में हुआ। उनके पिता श्री लिट्टी पचलिया कृषक हैं और माता श्रीमती लता पचलिया गृहिणी हैं। शांति ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई शासकीय विद्यालयों से की और वर्तमान में आदिवासी उत्कृष्ट छात्रावास हर्रई में निवास करती हैं। पढ़ाई के लिए उन्होंने रोजाना 4 से 5 घंटे तक कड़ी मेहनत की और नीट 2025 परीक्षा में सफल हुईं। आर्थिक और सामाजिक रूप से सीमित संसाधनों के बावजूद शांति का सपना था डॉक्टर बनकर अपने गाँव की सेवा करना। उनका कहना है कि मैं अपने गाँव को आगे बढ़ाना चाहती हूँ और सबकी मदद करना चाहती हूँ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा जनजातीय संवर्ग के विद्याथियों को उच्च और तकनीकी शिक्षा के लिये नि:शुल्क शिक्षा के लिये बनाई गई शैक्षणिक योजनाओं की सहुलियतों ने शैक्षणिक क्रांति का बीजारोपण किया है। सरकार ने जुलाई 2024 से सभी शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में नीट और जेईई की तैयारी के लिए एक अतिरिक्त पीरियड की व्यवस्था शुरू करवाई। इसके साथ ही इंदौर की नामचीन कोचिंग संस्था की मदद से कार्यशालाएँ, निशुल्क नोट्स, हिंदी-अंग्रेजी में अध्ययन सामग्री और ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई गई। शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया, छात्रों की कठिनाइयों को समय-समय पर दूर किया गया। नीट 2025 परीक्षा में छिंदवाड़ा के लगभग 1400 विद्यार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 80 से ज्यादा विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की, इनमें से कई आदिवासी विकासखंडों के छात्र-छात्राएँ भी शामिल हैं। कलेक्टर श्री सिंह ने नीट 2025 में चयनित शांति सहित सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा है कि, “सरकारी स्कूलों के बच्चों में असीम क्षमता है, उन्हें सिर्फ दिशा, संसाधन और निरंतर प्रेरणा की ज़रूरत होती है। शांति जैसी बेटियाँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राज्य शासन के प्रयासों को सार्थक बना रही हैं।” 

आरएसओएस ने आज कक्षा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट घोषित, आधिकारिक वेबसाइट पर देखें नतीजे

जयपुर राजस्थान स्टेट ओपन बोर्ड (RSOS) ने आज कक्षा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया है। जिन छात्रों ने इस साल की परीक्षाएं दी थीं, वे अब rsos.rajasthan.gov.in और rsosadmission.rajasthan.gov.in/rsos पर जाकर अपना रिजल्ट चेक और मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं। शिक्षा संकुल परिसर में हुई घोषणा राजस्थान ओपन स्कूल द्वारा परीक्षा परिणामों की घोषणा शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा शिक्षा संकुल परिसर से की गई। इस साल 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 21 अप्रैल से 16 मई 2025 के बीच आयोजित की गई थीं। वहीं पाकिस्तान युद्ध के कारण बीकानेर, जैसलमेर, फलौदी, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और जोधपुर में स्थगित हुई परीक्षाएं 28 से 30 मई के बीच ली गईं। कक्षा 12वीं और 10वीं में 57 हजार 80 विद्यार्थी सफल कक्षा 12वीं की स्ट्रीम-1 में कुल 40,830 विद्यार्थी पंजीकृत थे और सभी ने परीक्षा में भाग लिया। इनमें से 13,477 छात्र पूरी तरह से उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं, जबकि 27,353 छात्रों को आंशिक रूप से उत्तीर्ण माना गया है। वहीं, 10वीं स्ट्रीम-1 में 48,294 छात्र पंजीकृत थे और सभी ने परीक्षा दी। इनमें से 13,603 छात्र पास हुए हैं, जबकि 34,691 छात्र आंशिक रूप से उत्तीर्ण हुए हैं। राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल (RSOS) की विशेषता यह है कि यहां किसी भी छात्र को फेल नहीं किया जाता। जो छात्र कुछ विषयों में सफल नहीं हो पाते, उन्हें “आंशिक रूप से उत्तीर्ण” का दर्जा दिया जाता है। ऐसे छात्रों को बाद में दोबारा परीक्षा देकर पूर्ण रूप से उत्तीर्ण होने का अवसर दिया जाता है। RSOS 10th 12th Result: ऐसे चेक करें रिजल्ट     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट rsos.rajasthan.gov.in पर जाएं।     होमपेज पर अपनी कक्षा (10वीं या 12वीं) का चयन करें।     अब एनरोलमेंट नंबर, जन्मतिथि, और दिया गया कोड भरें।     सबमिट पर क्लिक करें।     आपकी रिजल्ट स्क्रीन पर ओपन हो जाएगी।     आप चाहें तो मार्कशीट की डिजिटल कॉपी भी डाउनलोड कर सकते हैं।  

इंग्लैंड की टीम मजबूत है, लेकिन भारतीय टीम भी सर्वगुण संपन्न है और ये सीरीज बहुत दिलचस्प होने वाली है: जो रूट

नई दिल्ली इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट एक बार फिर से एक बड़ी सीरीज के लिए तैयार हैं। वे शुक्रवार 20 जून से शुरू हो रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में मेजबान टीम के लिए अहम खिलाड़ी होंगे। इस सीरीज से पहले जो रूट ने भारतीय टीम को चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि घरेलू परिस्थितियों में इंग्लैंड की टीम का रिकॉर्ड दमदार है। जो रूट ने दावा किया है कि इंग्लैंड की टीम मजबूत है, लेकिन भारतीय टीम भी सर्वगुण संपन्न है और ये सीरीज बहुत दिलचस्प होने वाली है, जिसकी शुरुआत लीड्स से हो रही है। जो रूट के लिए अभी की चुनौती ये है कि वे भारतीय टीम के गेंदबाजों को घुटनों पर लाएं और फिर उनका टारगेट होगा कि नवंबर-दिसंबर में होने वाली एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों का दम निकालें। जो रूट इस समय 13,006 रनों के साथ टेस्ट मैचों में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में पांचवें स्थान पर हैं, लेकिन जल्द वे टॉप 2 में प्रवेश कर सकते हैं, क्योंकि उनको नंबर दो बनने के लिए 400 से भी कम रन चाहिए। सचिन तेंदुलकर 15,921 रनों के साथ पहले स्थान पर हैं। पहले टेस्ट मैच से पहले स्काई स्पोर्ट्स से बात करते हुए जो रूट ने कहा, “आप केवल उत्साहित हो सकते हैं। ये वो सीरीज हैं, जिसके लिए आप खेलते हैं। हमारे सामने जो अवसर हैं, वे बहुत बड़े हैं। आप जानते हैं कि एशेज आ रही है और आपसे इसके बारे में पूछा जाएगा। लोग इंडिया सीरीज में होने वाली चीजों को उससे जोड़ने की कोशिश करेंगे, लेकिन आपको एक शानदार टीम के खिलाफ काम करना है। आप सभी प्रारूपों में एक टीम के रूप में भारत की प्रगति को देखें, तो पाएंगे कि उन्होंने सभी आधारों को कवर कर लिया है। उनके पास शानदार पेस अटैक,, प्रतिभाशाली बल्लेबाज और बहुत मजबूत स्पिन अटैक है।” उन्होंने आगे कहा, “वे दुनिया में कहीं भी प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं, लेकिन घरेलू मैदान पर हमारा रिकॉर्ड शानदार है, जिससे सीरीज दिलचस्प होगी। हम आत्मविश्वास के साथ इस सीरीज में उतरेंगे, लेकिन उनके योगदान को भी हम सम्मान देंगे।” भारत के खिलाफ 30 टेस्ट मैचों में उन्होंने 58.08 की औसत से 2,846 रन बनाए हैं, जिसमें 10 शतक और 11 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 218 है। भारत के खिलाफ घरेलू परिस्थितियों में रूट का बल्लेबाजी औसत 74.95 तक पहुंच जाता है। उन्होंने 15 टेस्ट और 25 पारियों में सात शतक और पांच अर्द्धशतक के साथ 1,574 रन बनाए हैं।  

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