LATEST NEWS

मुख्यमंत्री आवास पर ओबीसी आरक्षण को लेकर अहम बैठक

Important meeting regarding OBC reservation at Chief Minister’s residence भोपाल ! ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर आज शाम 6:30 बजे मुख्यमंत्री आवास पर माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक के प्रमुख बिंदु: इस बैठक से यह स्पष्ट हो गया है कि मध्यप्रदेश सरकार और ओबीसी समाज एकजुट होकर सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पक्ष प्रस्तुत करेंगे और ओबीसी समाज को उसका संवैधानिक हक दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। ओबीसी आरक्षण प्रकरण के संदर्भ में आयोजित बैठक में ओबीसी महासभा से अपनी ओर से दो अधिवक्ताओं के नाम सुझाने का अनुरोध किया गया था। इस पर महासभा ने देश के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं भारत के पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल श्री पी. विल्सन का नाम प्रस्तावित किया है। शीघ्र ही एक और वरिष्ठ अधिवक्ता का नाम भी ओबीसी महासभा द्वारा प्रदान किया जाएगा।13% होल्ड हटाने एवं 27% आरक्षण लागू करने की दिशा में ओबीसी महासभा द्वारा एक अभिमत (Representation) एडवोकेट जनरल को सौंपा जाएगा। तत्पश्चात एडवोकेट जनरल उस अभिमत का गहन अध्ययन कर अपना अभिमत सरकार को प्रस्तुत करेंगे, जिसके आधार पर 13% होल्ड हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

जनता के पैसे से बना हुआ कारखाना बीजेपी नहीं बेच सकती :पंकज उपाध्याय

BJP cannot sell a factory built with public money: Pankaj Upadhyay शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति की जन जागरण यात्रा आज लगभग एक दर्जन गाँव में पहुंची। यात्रा आज शक्कर कारखाने की पुस्तेनी जमीन कुर्रोली से प्रारम्भ होकर लाभकरण, बुद्धगडी, टीकटगड़ी,बिलगांव क्वारी, तोरीका, नयागांव, शेखपुर, भटपुरा, और दीपेरा पहुंची। जहाँ सभी लोगों को कारखाने को बचाने एवं पुनः चालू कराने के लिए अपनी बात रखी। तथा सभी ग्राम वासियों ने एक साथ हाथ उठाकर मुरैना में होने वाली आम सभा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आश्वाशन दिया। यात्रा को जौरा विधायक पंकज उपाध्याय,मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष श्री अशोक तिवारी जी,कारखाने के पूर्व संचालक श्री गयाराम धाकड़ जी, नीकेराम त्यागी जी, डॉ मुरारी लाल अमर जी आदि ने सम्बोधित किया।विधायक पंकज उपाध्याय ने कहा की यह कारखाना हमारे पूर्वजों ने अपने खून पसीने से सींचा है इसे हम कोड़ियों के भाव नहीं बिकने देंगे 1965 में जब कारखाना बन रहा था तब एक शेयर ₹500 का था और एक तोला सोना ₹65 का आता था आज के हिसाब से वह ₹500 7-8 लाख होता है कारखाने को हमें हर हाल में बिकने से बचाना होगा श्राद्ध पच्छ चल रहा 21सितम्बर को अंतिम श्राद्ध है अगर अपने पित्रों को सच्ची श्रद्धांजलि देनी है तो 21तारीख को सब काम छोड़कर इस आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होना है तभी हमारे पित्रों को सच्ची श्रद्धांजलि मिलेगी।मुरैना में होने वाले जन आंदोलन में किसान सभा के अंतराष्ट्रीय अध्यक्ष किसान नेता राकेश टिकैत साहब,बादल सरोज जी, वृंदा करात जी पूर्व सांसद और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी जी एवं कई अन्य नेता शामिल होंगे।इस यात्रा में सभी समाज के लोग ,छोटे, बड़े, बुजुर्ग माता बहने एवं जनसंगठन कांग्रेस, माकपा, बसपा, आप, सपा, भीम आर्मी, एवं सभी संगठन शामिल है।

मोदी का विपक्ष पर करारा प्रहार कहा – मैं शिव भक्त हूं, जहर निगल लेता हूं: जनता ही मेरी भगवान, आत्मा की आवाज यहां नहीं तो कहां निकलेगी

Modi’s strong attack on the opposition said – I am a Shiv Bhakt, I swallow poison: The public is my God, if not here, then where will the voice of the soul come out पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के दरांग में कहा- जब भारत सरकार ने भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिया था, उस दिन कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था- मोदी, नाचने-गाने वालों को भारत रत्न दे रहा है। मैं भगवान शिव का भक्त हूं, सारा जहर निगल लेता हूं, मुझे कितनी भी गालियां दें। लेकिन बेशर्मी के साथ जब किसी और का अपमान होता है, तो मुझसे रहा नहीं जाता है। पीएम बोले- मेरे लिए तो मेरी जनता ही भगवान है। मेरे भगवान के पास जाकर मेरी आत्मा की आवाज वहां नहीं निकलेगी तो कहां निकलेगी, यही मेरे मालिक हैं, पूजनीय हैं, 140 करोड़ देशवासी मेरा रिमोट कंट्रोल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के असम दौरे पर हैं। रविवार को उन्होंने दरांग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जीएनएम स्कूल और बीएससी नर्सिंग कॉलेज का उद्घाटन और शिलान्यास किया। जिसकी लागत 6300 करोड़ है। शनिवार को गुवाहाटी पहुंचे पीएम ने खानापारा में पशु चिकित्सा मैदान में महान गायक भूपेन हजारिका की विशेष श्रद्धांजलि सभा में भी मौजूद रहे।

जनता से 8 साल की देरी का हिसाब कौन देगा? जीएसटी सुधार पर उठे सवाल

How can what was wrong yesterday be right today? What does the Modi government want to hide from the public on the GST controversy? Modi government a GST controversy आखिर 8 साल बाद भी मोदी सरकार माफी क्यों नहीं मांग रही? जनता से क्या छिपाना चाहती है? चिदंबरम ने पूछा – जो कल गलत था, आज सही कैसे?जीएसटी दरों में कमी के बाद भी मोदी सरकार ने जनता से माफी नहीं मांगी। आखिर सरकार क्या छिपाना चाहती है? जानिए 8 साल की देरी, विवाद और सुधार की अधूरी कहानी। यदि टूथपेस्ट, हेयर आयल, मक्खन, शिशु नैपकिन, पेंसिल, नोटबुक, ट्रैक्टर, स्प्रिंकलर आदि पर पांच फीसद जीएसटी आज अच्छा है, तो पिछले आठ वर्षों में यह बुरा क्यों था? लोगों को आठ वर्षों तक अत्यधिक टैक्स क्यों चुकाना पड़ा? आखिरकार केंद्र सरकार को बात समझ में आ गई। तीन सितंबर, 2025 को सरकार ने कई वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों को तर्कसंगत बना कर कम किया। कर संरचना अब उस अच्छे और सरल कर के करीब है, जिसकी वकालत पिछले आठ वर्षों से कई राजनीतिक दल, व्यवसायी, संस्थान और व्यक्ति (जिनमें मैं भी शामिल हूं) करते रहे हैं। अगस्त, 2016 में जब संसद में संविधान (122वां संशोधन) विधेयक पर बहस हुई थी, तब मैंने राज्यसभा में भाषण दिया था। उसके कुछ अंश इस प्रकार हैं अडिग रुख Modi government a GST controversy‘मुझे खुशी है कि वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि यूपीए सरकार ने ही सबसे पहले आधिकारिक तौर पर जीएसटी लागू करने के अपने इरादे का एलान किया था। 28 फरवरी, 2005 को बजट भाषण के दौरान लोकसभा में इसकी घोषणा की गई थी। ‘महोदय, चार प्रमुख मुद्दे हैं… Modi government a GST controversy‘अब मैं विधेयक के सबसे महत्त्वपूर्ण भाग पर आता हूं… यह कर की दर के बारे में है। मैं अभी मुख्य आर्थिक सलाहकार की रपट के कुछ अंश पढूंगा… कृपया याद रखें कि हम एक अप्रत्यक्ष कर पर विचार कर रहे हैं। अप्रत्यक्ष कर की परिभाषा के अनुसार, यह एक प्रतिगामी कर है। कोई भी अप्रत्यक्ष कर अमीर और गरीब दोनों पर समान रूप से लागू होता है… मुख्य आर्थिक सलाहकार की रपट कहती है: ‘उच्च आय वाले देशों में औसत जीएसटी दर 16.8 फीसद है भारत जैसी उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं में यह औसत 14.1 फीसद है।’ इस तरह दुनिया भर में 190 से अधिक देशों में किसी न किसी रूप में जीएसटी लागू है। यह 14.1 फीसद से 16.8 फीसद के बीच है।‘हमें करों को कम रखना होगा। साथ ही, हमें केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के मौजूदा राजस्व की रक्षा करनी होगी। …हम ‘राजस्व तटस्थ दर’ यानी आरएनआर के जरिए यह करते हैं। ‘मुख्य आर्थिक सलाहकार राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और अन्य विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श के बाद 15 फीसद से 15.5 फीसद के आरएनआर पर पहुंचे और फिर सुझाव दिया कि मानक दर 18 फीसद होनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने 18 फीसद कोई हवा से नहीं निकाला है। यह आपकी रपट से निकला है। ‘…किसी को तो जनता के लिए आवाज उठानी ही होगी। जनता की ओर से, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस दर को मुख्य आर्थिक सलाहकार द्वारा अनुशंसित दर पर ही रखें, यानी मानक दर 18 फीसद से अधिक नहीं होनी चाहिए रपट के पैरा 29, 30, 52 और 53 पढ़ें। इसमें स्पष्ट रूप से तर्क दिया गया है… Modi government a GST controversy अठारह फीसद की मानक दर केंद्र और राज्यों के राजस्व की रक्षा करेगी, यह पर्याप्त होगी, मुद्रास्फीति-रोधी होगी, कर चोरी से बचाएगी और भारत के लोगों को स्वीकार्य होगी… यदि आप वस्तुओं और सेवाओं पर 24 फीसद या 26 फीसद कर लगाने जा रहे हैं, तो फिर जीएसटी विधेयक लाने की क्या आवश्यकता है? ‘अंतत: आपको कर विधेयक में एक दर रखनी ही होगी। मैं अपनी पार्टी की ओर से स्पष्ट रूप से मांग करता हूं कि जीएसटी की मानक दर, जो 70 फीसद से अधिक वस्तुओं और सेवाओं पर लागू होती है, वह अठारह फीसद से अधिक नहीं होनी चाहिए और निम्न एवं अन्य दर अठारह फीसद के आधार पर तय की जा सकती है। आठ वर्ष की पीड़ा Modi government a GST controversyवर्ष 2016 में भी मैंने यही बात कही थी, जो आज कह रहा हूं। मुझे खुशी है कि सरकार इस विचार पर सहमत हो गई कि दरों को युक्तिसंगत और कम किया जाना चाहिए। हालांकि, शुरुआत में सरकार का तर्क था कि अठारह फीसद की सीमा से राजस्व का भारी नुकसान होगा, खासकर राज्य सरकारों को। यह चिंता का एक बड़ा कारण था। आज दो कर दरें पांच फीसद और अठारह फीसद हैं! केंद्र के पास कर राजस्व बढ़ाने के कई तरीके हैं; अगर राज्य सरकारों को राजस्व का नुकसान होता है, तो सही कदम यही होगा कि उन्हें मुआवजा दिया जाए पिछले आठ वर्षों में सरकार ने उपभोक्ताओं से ज्यादा से ज्यादा पैसा वसूलने के लिए कई जीएसटी दरों का इस्तेमाल किया। पहले वर्ष (जुलाई 2017 से मार्च 2018) में सरकार ने लगभग 11 लाख करोड़ रुपए एकत्र किए। वर्ष 2024-25 में लगभग 22 लाख करोड़ रुपए संग्रहित किए गए। उपभोक्ताओं द्वारा अपनी मेहनत से कमाया गया पैसा सरकार ने जीएसटी के माध्यम से छीन लिया- इसे सही मायने में और उपहासपूर्वक गब्बर सिंह टैक्स कहा गया। उच्च जीएसटी दरें कम खपत और बढ़ते घरेलू कर्ज के कारणों में से एक थीं। यह बुनियादी अर्थशास्त्र है कि करों में कमी से खपत को बढ़ावा मिलेगा। यदि टूथपेस्ट, हेयर आयल, मक्खन, शिशु नैपकिन, पेंसिल, नोटबुक, ट्रैक्टर, स्प्रिंकलर आदि पर पांच फीसद जीएसटी आज अच्छा है, तो पिछले आठ वर्षों में यह बुरा क्यों था? लोगों को आठ वर्षों तक अत्यधिक कर क्यों चुकाना पड़ा? अभी बहुत कुछ बाकीदरों में कमी तो बस शुरुआत है। अभी और भी बहुत कुछ करना बाकी है। सरकार को चाहिए कि- राज्यों, उत्पादकों और उपभोक्ताओं को एक ही जीएसटी दर (जरूरत पड़ने पर और छूट के साथ) के लिए तैयार करे; अधिनियमों और नियमों की धाराओं के लिए प्रचलित अस्पष्ट भाषा को खत्म करे; उन्हें सरल भाषा में फिर से लिखे; सरल फार्म और रिटर्न निर्धारित करे, फार्म भरने की आवृत्ति में तर्कसंगत कमी करे; कानून के अनुपालन को सरल बनाए: किसी छोटे व्यापारी या दुकानदार … Read more

प्रतिनियुक्ति लेकर मलाईदार पदों पर वर्षों से जमे शिक्षक

Teachers stuck on lucrative posts for years by taking deputation भोपाल। मध्यप्रदेश समग्र शिक्षक संघ ने राज्य में प्रतिनियुक्ति की अवधि को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। संघ ने लंबे समय से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों को मूल पदस्थापना पर भेजने की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश चंद्र दुबे एवं प्रदेश संरक्षक मुरारी लाल सोनी ने इस संबंध में मध्यप्रदेश शासन को पत्र प्रेषित किया है। संघ पदाधिकारियों ने पत्र में उल्लेख किया है कि शासन के नियमों के अनुसार प्रतिनियुक्ति की अवधि सामान्यत: 4 वर्ष तय है। विशेष परिस्थितियों में यह अवधि दोनों विभागों की सहमति से केवल 3 वर्ष और बढ़ाई जा सकती है, लेकिन वर्तमान में नीति के विपरीत अनेक अधिकारी, कर्मचारी एवं शिक्षक ऐसे हैं, जो व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए वर्षों से प्रतिनियुक्ति पर जमे हुए हैं। जो स्पष्ट रूप से प्रतिनियुक्ति नियमों के विपरीत है। संघ ने तर्क दिया है कि प्रतिनियुक्ति की लंबी अवधि से मूल विभाग के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि प्रतिनियुक्ति का उद्देश्य केवल विशेष प्रशासनिक आवश्यकता की पूर्ति होती है, न कि व्यक्तिगत सुविधा से इसे स्थायी पदस्थापना का रूप देना है। प्रतिनियुक्ति लेकर मलाईदार विभागों में जमेसंघ के अध्यक्ष सुरेशचंद दुबे का कहना है कि विभिन्न संगठनों से जुड़े कई शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी और उनके परिजन मलाईदार विभागों में नियम विरुद्ध प्रतिनियुक्ति पर 10 से 15 वर्षों से जमे हुए हैं। ऐसे सभी कर्मचारी, अधिकारियों और शिक्षकों को मूल विभाग में तत्काल प्रभाव से वापस भेजा जाए। प्रतिनियुक्ति पर जमे लोकसेवकों की संपत्ति की जांच होसंघ के प्रदेश संरक्षक मुरारीलाल सोनी का का आरोप है कि अनेक लोकसेवक कई वर्षों से नियमविरुद्ध प्रतिनियुक्ति पर जमे हैं। वे शासन को आर्थिक रूप से खोखला कर रहे हैं। ऐसे लोकसेवकों की प्रति नियुक्ति समाप्त कर उनके कार्यकाल और संपत्ति की जांच कराई जाए।

शिवपुरी में दलित सरपंच परिवार पर फायरिंग, महिला को लगी गोली

Firing on Dalit Sarpanch family in Shivpuri, woman shot शिवपुरी। जिले के करेरा थाना क्षेत्र में आने वाले लालपुर गांव में सरपंच परिवार पर हमला हुआ है. आरोपियों ने एक महिला पर दिन दहाड़े देसी कट्टे से फायर कर गंभीर रूप से घायल कर दिया और मौके से फरार हो गए. घायल महिला को अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है, वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि हमले की यह घटना किसी पुरानी रंजिश के चलते अंजाम दी गई है. जिसकी अब पुलिस पड़ताल कर रही है. 3 महीने पहले भी इस इन्हीं लोगों ने इसी दलित सरपंच परिवार पर हमला बोलते हुए उनके घर के बाहर अंधाधुंध फायरिंग की थी. उस समय मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. जहां से लौट के बाद एक बार फिर इन्होंने यह गंभीर घटना अंजाम दिया है. रामहेत परिहार अपने परिजन महाराज सिंह परिहार और रामसिंह परिहार के साथ घर के बाहर चबूतरे पर बैठे थे. इसी दौरान गांव का गुड्डू उर्फ नाहर सिंह गौतम अपने एक साथी के साथ वहां आया और गाली-गलौज करने लगा इस दौरान दोनों में बहस बाजी होने लगी. विवाद बढ़ने पर आरोपी ने कट्टे से फायर कर दिया. गोलियां चलने की आवाज का शोर सुनकर रामहेत की मां पुष्पा परिहार बाहर आईं और बीच बचाव करने की कोशिश करने लगी इसी दौरान आरोपी गुड्डू ने कट्टे से फायर कर दिया और गोली पुष्पा परिहार के पेट में जा लगी उन्हें तुरंत करैरा अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live