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‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की योजना अधूरी, बेटियों का बड़ा बजट नहीं हुआ इस्तेमाल

The ‘Save the Girl Child, Educate the Girl Child’ scheme remains incomplete, with a large budget for girls. भोपाल। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना को सरकार पलीता लगा रही है। इस योजना का स्वीकृत फंड का बड़ा हिस्सा खर्च नहीं हुआ। जमीनी क्रियान्वयन और बालिकाओं तक योजना का लाभ नहीं पहुंच रहा है।बेटियों की कम हो रही संख्या को समान अनुपात में लाने के लिए सरकार की ओर से हर स्तर पर प्रयास किए जाते हैं, लेकिन उनका ग्राउंड जीरो पर असर दिखाई नहीं देता है। राष्ट्रीय स्तर पर शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य गिरते लिंगानुपात को रोकना, कन्या भ्रूण हत्या पर से लगाना तथा बालिकाओं की शिक्षा और शारीरिक एवं मानसिक विकास से जुड़े कार्यों को गति देना है। यह योजना निश्चित तौर पर बदलाव ला सकती है, लेकिन संचालन के तौर तरीके इस योजना को आगे नहीं बड़ा रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट बताती है कि इस योजना के तहत पिछले ग्यारह वर्षों में स्वीकृत राशि में से करीब एक तिहाई राशि का इस्तेमाल नहीं हो पाया है। वर्ष 2024-25 (31 दिसंबर तक) में तो सबसे कम करीब 13 फीसद राशि ही खर्च हो पाई। ऐसे में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और इसकी सफलता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। भ्रूण परीक्षण जैसे गैरकानूनी और अनैतिक कृत्य भी तकनीक के दुरुपयोग का ही परिणाम है। देश में लिंगानुपात गड़बड़ाने का एक कारण भ्रूण परीक्षण भी है। हालांकि इस पर कानूनन प्रतिबंध है, लेकिन चोरी-छिपे भ्रूण परीक्षण कराने के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं।हमारे समाज की रूढ़िवादी मानसिकता भी इसके लिए जिम्मेदार है। बेटे को प्राथमिकता और बेटियों को परिवार पर बोझ समझने की प्रवृत्ति आज भी मौजूद है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना में समाज की इस सोच को बदलने का आह्वान भी शामिल है। इसके क्रियान्वयन में लापरवाही देखी जा रही है। जब इस योजना के तहत स्वीकृत धनराशि का एक बड़ा हिस्सा खर्च ही नहीं किया जा रहा है, इससे कई बालिकाओं तक इसका लाभ पहुंचा हीं नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले ग्यारह वर्षों में इस योजना के तहत स्वीकृत धनराशि का 100 फीसद इस्तेमाल कभी नहीं हो पाया। जबकि योजना के मुताबिक, इस राशि का इस्तेमाल लड़कियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने, उनमें खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने, आत्मरक्षा का प्रशिक्षण, पोषण कार्यक्रम, स्वास्थ्य सुविधाएं और शौचालय के निर्माण जैसे कार्यों पर किया जाता है। जिला स्तर पर इस योजना को लागू करने के लिए धनराशि राज्य सरकार के माध्यम से प्रदान की जाती है। हकीकत यह भी सामने आई है कि कई जगह पोस्टर और नारों जैसे कार्यों पर ही अधिक राशि खर्च की गई है, जबकि बालिका शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं पर वास्तविक खर्च सीमित रहा। इससे साफ है कि इस योजना को जमीन पर उतारने में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। इसकी जिम्मेदारी तय होना चाहिए, तभी यह योजना आगे बढ़ पाएगी।

जरूरत मंदो की सेवा करने जन सेवा कल्याण समिति सतत प्रयासरत ।

Jan Seva Kalyan Samiti is continuously striving to serve the needy हरिप्रसाद गोहेआमला। कपट और स्वार्थ के इस दौर में जब गरीबी देख अपने सगे भी साथ छोड़ दे रहे है, ऐसे में जनसेवा कल्याण समिति के रूप में हम सब प्रयासरत है कि कोई भी जरूरतमंद खुद को अकेला न समझे।कल त्यौहारों की धूमधाम के बीच जनसेवा कल्याण समिति को सूचना मिली कि खुशबू बाई वासनिक(सररो) जी की मृत्यु हो गई है, इस दुख के साथ बड़ी पीड़ा ये कि परिवार आर्थिक रूप से बेहद अक्षम था, ऐसे में उनका दुख बांटने और भार कम करने रात में ही समिति सदस्य राहुल धेण्डे, नितिन ठाकुर व छोटू राने उनके घर पहुँचे, परिजनों को सांत्वना के साथ भरोसा दिलाया कि अंतिम संस्कार के लिए परेशान न होना, सब व्यवस्था हो जाएगी।सुबह होते-होते सहयोग का सूरज और फैला, एवं रंजीत सिंह, सुभाष सिंह, आशीष नायडू अन्ना,अम्मू गौहर,संदीप नरवरे,मोना कनोजे,सागर चौहान,अभिषेक टिकारे,शुभम खातरकर,महेश अडलक, रहीम खान शम्मी व अन्य लोगो का सहयोग अंतिम संस्कार हेतू प्राप्त हुआ।मौन के साथ दिवंगत आत्मा को श्रद्दांजलि प्रदान की गई, एव परिजनों को आगे भी सहयोग का भरोसा भी दिया गया।सेवाभावी संस्था के रूप में जनसेवा कल्याण समिति पिछले डेढ़ दशक से लगातार इसी तरह जरूरतमन्दों की सेवा व सहायता के लिए तत्पर है, एवं न केवल मनुष्यो अपितु गौवंशो, व अन्य पशु-पक्षियों के संरक्षण व अंतिम संस्कार के लिए भी जिम्मेदारी से जुटी हुई है

मां दुर्गा की वेशभूषा में नृत्य करती नन्हीं बालिका आकर्षण का केंद्र लग रही थी।

The little girl dancing in the costume of Goddess Durga was the centre of attraction. हरिप्रसाद गोहेआमला। मां शारदा समिति मेहरा मोहल्ला रोड गांव बोड़खी आमला द्वारा प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी मां दुर्गा की भव्य एवं मनमोहक प्रतिमा स्थापित की गई थी। इस दौरान समिति द्वारा प्रतिदिन विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन आयोजित किया गया जहां बड़ी संख्या में भक्त गण पहुंचे थे। समिति से जुड़े नगर पालिका अध्यक्ष आमला नितिन गाडरे ने बताया दुर्गा पंडाल में इस बार नन्हीं बालिका ने मां दुर्गा का रूप धारणा किया था। मां दुर्गा की वेशभूषा में मां काली के रूप में जीभ दिखाती नृत्य करती बालिका लोगों के आकर्षण का केंद्र लग रही थी जिसे देखने अपार भीड़ उमड़ पड़ी थी।

प्रेरणादाई है सामाजिक, समरसता का संदेश देती झांकी, मित्र मंडल आमला द्वारा सजाई झाकी की तहसीलदार ऋचा कौरव ने की सराहना

The tableau is inspiring and gives the message of social harmony. Tehsildar Richa Kaurav praised the tableau decorated by Mitra Mandal Amla. हरिप्रसाद गोहेआमला। शारदेय नवरात्रि एवं पावन दुर्गा पूजा के शुभ अवसर पर मित्र मंडल दुर्गा उत्सव समिति आमला द्वारा इस बार भी भव्य सुंदर आकर्षक झांकी का निर्माण किया गया था। जो नगर में आकर्षण का केंद्र रही मनमोहक झांकी देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।आपको बतादे झांकी का भव्य शुभारंभ आमला तहसीलदार ऋचा जी कौरव के हस्ते किया गया था।इस मौके पर मित्र मंडल दुर्गा उत्सव समितिआमला द्वारा सामाजिक, समरसता,सद्भाव का संदेश देते हुए यह झांकी लोगो के लिए प्रेरणादाई है,मित्र मंडल समिति ने बताया हमारे ईश्वर ने स्वयं हर युग मे अपनेपन की अनुभूति के ताने को प्रेमभाव के बाने के साथ कितनी प्रगाढ़ता से बुना है, इसी भाव को समझाते हुए आमला की मित्रमंडल दुर्गा उत्सव समिति द्वारा नवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य व सामाजिक झांकी का निर्माण किया है। झांकी लोगो को आकर्षित कर रही है।झांकी को देखने डॉ योगेश पंडाग्रे विधायक आमला एवं श्रीमती मंजू पंडाग्रे भी पहुंची और उन्होंने इसकी प्रशंसा की। आयोजन समिति के देवेंद्र बंटी सागरे एवं पल्लव परसाई ने बताया कि झांकी के माध्यम से समिति ने सन्देश दिया है कि चाहे युग कोई भी हो लेकिन हमारे ईश्वर ने हमेशा कर्मो को प्रधानता दी है,ये जातियां तो हम इंसानों की बनाई हुई है। वार्ड क्रमांक 3 की मित्रमंडल समिति प्रतिवर्ष सामाजिक व समसामयिक मुद्दों पर झांकी निर्माण करती है, इसी क्रम में सनातन संस्कृति में कर्म के महत्व को इस वर्ष दर्शाया गया है। इस झांकी में समिति ने नरसिंह व प्रह्लाद, राम-शबरी, कृष्ण विदुर, रविदास महाराज जी व मठारदेव बाबा की मूर्तियां स्थापित कर “कर्म प्रधान विश्व करि राखा” का सन्देश दिया है। समिति द्वारा पूर्व में महंगाई डायन, सर्जिकल स्ट्राइक, वीरपन्न-चन्दन तस्करी, रामसेतू, कोरोनाकाल में कोरोनावीरो के गुणगान पर झांकी निर्माण किया जा चुका है। देवी प्रतिमा के पास भी भव्य सजावट करते हुए समिति ने सतपुड़ा के घने जंगलों में माताजी को विराजमान किया है, जहां सतत जलधार से वनराज माताजी के चरण प्रक्षालित कर रहे है।आयोजन समिति के युवा तनिष्क सागरे, भानू खरे, राज बघेले, आदित्य वर्मा, विजेश राठौर, अभिजीत चौहान, बाबू सागरे, चन्द्रशेखर सागरे, भुवन खरे, हर्षित खरे,अशोक वर्मा आदि की मेहनत से यह सार्थक झांकी बन सकी है।

जबलपुर में रानी दुर्गावती मित्र मंडल का भव्य आयोजन, देवी प्रतिमा स्थापना और गरबे में उमड़ा जनसैलाब

Rani Durgavati Mitra Mandal organised a grand event in Jabalpur, with a huge crowd gathering for the installation of the goddess’s idol and Garba. जितेंद्र श्रीवास्तवजबलपुर। नवरात्र महोत्सव के अवसर पर शहर का माहौल भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा। रानी दुर्गावती मित्र मंडल, गुलौआ चौक गढ़ा जबलपुर में भव्य देवी मां की प्रतिमा की स्थापना की गई। समिति अध्यक्ष संजय राठौर और मित्र मंडल के सदस्यों ने प्रतिमा स्थापना कर नगरवासियों को धार्मिक आस्था से जोड़ने का संदेश दिया। प्रतिमा स्थापना के साथ ही भव्य गरबा का आयोजन किया गया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे श्रद्धालुओं ने देवी गीतों पर देर रात तक गरबे की प्रस्तुतियां दीं। माता रानी के जयकारों और भक्तिमय संगीत से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के आयोजन न सिर्फ धार्मिक उत्सव का हिस्सा हैं बल्कि समाज में आपसी एकता और भाईचारे को भी बढ़ावा देते हैं।

जबलपुर : दुर्गा अष्टमी पर न्यू दुर्गा उत्सव समिति गोरखपुर ने किया विशाल भंडारा

Jabalpur: New Durga Utsav Samiti Gorakhpur organised a huge feast on the occasion of Durga Ashtami. जितेंद्र श्रीवास्तवजबलपुर। दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर न्यू दुर्गा उत्सव समिति गोरखपुर की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। समिति अध्यक्ष रतन यादव एवं सभी सदस्यों की अगुवाई में आयोजित इस भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी और लोग माँ दुर्गा की भक्ति में सराबोर होकर प्रसाद वितरण का आनंद उठाते रहे। आयोजन को सफल बनाने में समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सक्रिय सहयोग दिया। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को प्रबल करते हैं बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और सौहार्द की भावना को भी मजबूत बनाते हैं।

संजय विश्वकर्मा के हस्ते बनाई झांकी, रावण मुखोटा बने आकर्षण का केंद्र

Sanjay Vishwakarma created a tableau, Ravana’s mask became the center of attraction. हरिप्रसाद गोहेआमला । नगर के प्रसिद्ध चित्रकार संजय विश्वकर्मा द्वारा शारदेय नवरात्रि में शहर के विभिन्न सार्वजनिक देवी पंडालों में बनाई गई आकर्षक एवं मनमोहक झांकी एवं दशहरा उत्सव में रावण तैयार करने बनाई gai वेशभूषा रूपी मुखौटा शहर में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हमारे प्रतिनिधि से चर्चा के दौरान चित्रकार संजय विश्वकर्मा ने बताया दशहरा उत्सव पर आमला के विभिन्न स्थानों पर रावण दहन का भव्य आयोजन होता आया है। वहीं आमला शहर के सभी रावण के पुतले का मुखौटा आमला के प्रसिद्ध कलाकार संजय विश्वकर्मा द्वारा ही बनाए जाते है। मुख्य रूप से आमला में लोको ग्राउंड रेलवे कालोनी आमला,शनिचरा बाजार आमला, बोड़खी बाजार आमला,साईं स्पोर्ट्स क्लब आमला आदि स्थानों पर रावण दहन का कार्यक्रम होता आया है।इन स्थानों पर रावण के पुतलों का मुखौटा आमला के चित्रकार एवं कलाकार संजय विश्वकर्मा अपने हाथों से बनाते है और यह क्रम विगत कई वर्षों से चला आ रहा है।उल्लेखनीय है कि संजय विश्वकर्मा के हस्ते बने इन मुखौटे को सभी लोग बहुत पसंद करते है ज्ञात हो कि संजय विश्वकर्मा आमला के प्रसिद्ध चित्रकार है जिन्हें चित्रकारी में राष्ट्रीय स्तर सहित विभिन्न पुरस्कार प्राप्त है इनकी कलाकृति आमला ही नहीं बल्कि सभी ओर प्रसिद्ध है।इनके द्वारा विभिन्न आकर्षक झांकियों का भी निर्माण किया जाता है।चित्रकारी में इनके सहयोगी के रूप में आमला के चित्रकार मोइनुद्दीन खान भी अपनी कलम का जादू भरते है संवारते है।

कूनो नेशनल पार्क के खुले गेट, माला पहनाकर किया पर्यटकों का स्वागत; चीतों के दीदार को उमड़े लोग

Kuno National Park opens gates, welcomes tourists with garlands; people flock to see leopards श्योपुर। नए पर्यटन सीजन में बुधवार को पर्यटकों के लिए फिर से कूनो नेशनल पार्क के गेट खोल दिए गए। नए सीजन में टिकटोली, अहेरा और पीपलबावड़ी प्रवेश गेटों पर पहले नारियल फोड़ा गया, उसके बाद पर्यटकों को माला पहनाकर और तिलक लगाकर स्वागत भी किया गया। नए पर्यटन सीजन 2025-26 के पहले दिन कूनो के टिकटोली प्रवेश द्वार से 2 गाडिय़ों से आठ पर्यटक पहुंचे। जिनका स्वागत किया गया। इसके बाद इन पर्यटकों ने कूनो में भ्रमण किया और कई वन्यजीवों के साथ ही प्राकृतिक सौंदर्य को निहारा। पार्क के पीपलबावड़ी और अहेरा गेट भी खोले गए हैं। यही वजह है कि तीनों गेटों पर फूलों से सजावट की गई और भारतीय परंपरानुसार नारियल फोडक़र और रंगोली सजाकर नए सीजन का श्रीगणेश किया गया। चीता प्रोजेक्ट ने दी कूनो को नई दिशावर्ष 1981 में वन्यजीव अभयारण्य के रूप में स्थापित कूनो को वर्ष 2018 में नेशनल पार्क का दर्जा मिला। हालांकि 27 सालों तक एशियाई सिंहों की राह निहारते रहे कूनो नेशनल पार्क को अब चीता प्रोजेक्ट ने नई दिशा दी है। यही वजह है कि 1 जुलाई से 30 सितंबर तक के तीन माह के वर्षाकालीन समय में पर्यटकों के लिए बंद रहा कूनो एक नई उम्मीद के साथ नए सीजन में फिर खुल गया है और उम्मीद है कि अब इस सीजन में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। बुधवार, 1 अक्टूबर से कूनो नेशनल पार्क में आने वाले पर्यटक टिकटोली, अहेरा और पीपलवाड़ी गेट् से प्रवेश ले सकेंगे और खुले जंगल में आजादी की दौड़ लगाने वाले चीतों को निहार सकेंगे। बता दें कि कूनो के खुले जंगल में चीतो को पर्यटकों के दीदार के लिए काफी समय पहले आजादी की रफ्तार भरने के लिए छोड़ा गया था। वहीं कूनो के खुले जंगल में कुछ मादा चीता अपने चीता शावकों के साथ घूम रही हैं। मादा चीता भारतीय जमीन पर पैदा हुए भारतीय पीढ़ी के चीता शावकों को शिकार करने के साथ साथ जीवन जीने के गुर सीखा रही हैं तो कुछ चीते कूनों से निकल कर अभी भी वीरपुर, विजयपुर और मुरैना जिले की सीमाओं में घूम रहे हैं। कूनो नेशनल पार्क के तीन चीते मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य मे शिफ्ट किए जाने के बाद अब पार्क मे चीतों और शावकों को मिलाकर 24 चीते मौजूद हैं, जिनमें से 16 चीते कूनो के खुले जंगल में आजाद घूम रहे हैं तो वहीं 8 चीते और शावक कूनो के बाड़े मे बंद हैं। माना जा रहा है कि चीता स्टेयरिंग कमेटी की बैठक के बाद एक बार फिर कमेटी कुछ चीतों को खुले जंगल मे छोड़ने के लिए कूनो पार्क प्रबंधन को हरी झंडी दे सकती है, ताकि पर्यटक जंगल सफारी के दौरान चीतों को आसानी से निहार सकेंगे।

Bjp अध्यक्ष ने अपनी ही पार्टी के पार्षदों को PIC से किया बाहर ,भाजपा आपसी खींचतान के चलते

The BJP president expelled councillors from his own party from the PIC due to internal infighting within the BJP. मध्य प्रदेश के गुना में भाजपा आपसी खींचतान खुलकर सामने आई। नपा परिषद अध्यक्ष ने अपनी ही पार्टी के पार्षदों को सबक सिखाते हुए पीआईसी से बाहर किया और जातीय समीकरण साधते हुए नए सदस्य जोड़े। BJP Faction War: गुना नगरपालिका परिषद (Guna Municipal Council) में भाजपा पार्षदों की आपसी खींचतान कम होने का नाम नहीं ले रही है। पिछले दिनों भाजपा के अधिकतर पार्षदों ने अपनी ही नगरपालिका अध्यक्ष द्वारा रखे गए प्रस्ताव विपक्ष के साथ मिलकर गिरा दिए थे। आठ पार्षद केवल नगर पालिका अध्यक्ष के साथ थे। इसके बाद् भाजपा पार्षदों में रार बढ़ गई। इसके चलते नगरपालिका अध्यक्ष ने उन पार्षदों को सबक सिखाने के लिए प्रेसीडेंट इन काउंसिल (पीआइसी) से छुट्टी कर दी है। इसमें पीआइसी के सदस्य रहे दिनेश शर्मा, अलका कोरी, अजब बाई लोधा और सुमन लोधा को हटाया गया है। उनकी जगह विनोद लोधा, राजकुमारी जाटव, अनीता कुशवाह, कीर्ति सरवैया को पीआइसी में प्रभारी के रूप में शामिल किया है। पीआइसी सदस्यों के बदले गए विभागनई पीआइसी में कई सदस्यों के भी विभाग बदल दिए हैं। पीआइसी की किसी भी समिति या विभाग में कांग्रेस की पार्षद रश्मि शर्मा को शामिल नहीं किया है। पार्षदों के बीच यह चर्चा है कि पीआइसी के फेरबदल का मामला स्थानीय संगठन के साथ-साथ भाजपा प्रदेश संगठन के पास भेजा जा सकता है। वहीं अध्यक्ष इस फेरबदल का कारण भाजपा के रीति-नीति के अनुसार जातिगत समीकरण और महिलाओं का प्रतिनिधित्व देने वाला बता रही है। गुटबाजी के चलते किया गया बदलावनपा अध्यक्ष के अनुसार स्वास्थ्य समिति के प्रभारी दिनेश शर्मा, सामान्य प्रशासन समिति की प्रभारी अलका कोरी, शहरी गरीबी उपशमन विभाग की प्रभारी सुमन लोधा और यातायात परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रभारी अजब बाई लोधा को अध्यक्ष ने पीआइसी सदस्य बनाया था। लेकिन लगातार विवाद और गुटबाजी चलते बदलाव किया गया है। विरोध के चलते पास नहीं हो पाए थे कई प्रस्तावपिछले दिनों हुई नगरपालिका परिषद की बैठक में रेलवे को पानी दिए जाने, शहर की मुख्य सड़कों के डामरीकरण किए जाने आदि प्रस्ताव को भाजपा पार्षद दल की आपसी गुटबाजी के चलते स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। ऐसे ही पूर्व में 19 सितंबर को होने वाली नगरपालिका परिषद की बैठक आपसी सहमति न बनने और विवाद होने के कारण स्थगित कर दी थी। भाजपा कई पार्षद विवाद के बाद शिकायत करने पुलिस थाने भी पहुंच गए थे। अब ये है नई पीआइसी नई पीआईसी में राजकुमारी जाटव, राजू ओझा, अनीता कुशवाह, कैलाश धाकड़, विनोद लोधा, कीर्ति सरवैया, बबीता साहू को शामिल किया है।सामान्य प्रशासन विभाग समिति की प्रभारी राजकुमारी जाटव होंगी, तथा सदस्य के रूप में बबीता साहू, अनीता कुशवाह, अलका कोरी. राजू ओझा. नीता कुशवाह, कैलाश धाकड़, विनोद लोधा होंगे। जल कार्य एवं सीवरेज विभाग के प्रभारी राजू ओझा को बनाया है। सदस्य के रूप में सुशीला कुशवाह. संध्या सोनी, ओमप्रकाश कुशवाह. फूलबाई ओझा, राममूर्ति कुशवाह, तरुण सेन, नीता कुशवाह है।लोक निर्माण एवं उद्यान, विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग का प्रभारी अनीता कुशवाह हैं। इसमें सदस्य के रूप में अलका कोरी. सुमन लोधा, राधाबाई कुशवाह, संध्या सोनी. राजकुमारी जाटव, सुनीता शर्मा, तरुण मालवीय हैं।राजस्व, वित्त एवं लेखा विभाग के प्रभारी कैलाश धाकड़ होंगे। सदस्य के रूप में महेश कुशवाह, ओमप्रकाश कुशवाह, कीर्ति सरवैया, नीता कुशवाह, रमेश भील, दिनेश शर्मा, विनोद लोधा शामिल हैं। स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ठ प्रबर्धन विभाग के प्रभारी विनोद लोधा होंगे, सदस्य के रूप में ममता तोमर, तरन्नुम खान, कृष्णा मौर्या, फूलबाई ओझा, संध्या सोनी, ओमप्रकाश कुशवाह, अनीता कुशवाह शामिल रहेंगे।योजना यातायात परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रभारी कीर्ति सरवैया को बनाया गया है। इनके साथ सदस्य के रूप में शेखर वशिष्ठ, बृजेश राठौर, सचिन धूरिया, राजू ओझा, नीता कुशवाह. सुशीला कुशवाह, बबीता साहू शामिल हैं।शहरी गरीबी उपशमन विभाग में बबीता साहू प्रभारी रहेंगी। इसमें अजब बाई लोधा, सुनीता रघुवंशी, हलीम गाजी, रामवीर जाटव, अनीता कुशवाह, नीता कुशवाह को शामिल किया गया है। ठोस अपशिष्ठ प्रबर्धन विभाग के प्रभारी विनोद लोधा होंगे, सदस्य के रूप में ममता तोमर, तरन्नुम खान, कृष्णा मौर्या, फूलबाई ओझा, संध्या सोनी, ओमप्रकाश कुशवाह, अनीता कुशवाह शामिल रहेंगे।योजना यातायात परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रभारी कीर्ति सरवैया को बनाया गया है। इनके साथ सदस्य के रूप में शेखर वशिष्ठ, बृजेश राठौर, सचिन धूरिया, राजू ओझा, नीता कुशवाह. सुशीला कुशवाह, बबीता साहू शामिल हैं।शहरी गरीबी उपशमन विभाग में बबीता साहू प्रभारी रहेंगी। इसमें अजब बाई लोधा, सुनीता रघुवंशी, हलीम गाजी, रामवीर जाटव, अनीता कुशवाह, नीता कुशवाह को शामिल किया गया है।

भोपाल वन विहार घूमने वाले को बूरी ख़बर: आज से ‘नो-व्हीकल जोन: न कार अंदर जा सकेगी, न बाइक बस; 40 गोल्फ कार्ट से घूम सकेंगे टूरिस्ट

Bad news for visitors to Bhopal’s Van Vihar: From today, it’s a ‘no-vehicle zone’: no cars, bikes, or buses will be allowed inside; tourists can explore using 40 golf carts. भोपाल । वन विहार नेशनल पार्क आज (1 अक्टूबर) से ‘नो व्हीकल’ जोन हो जाएगा। न कार अंदर जा सकेंगी और न बाइक या बसें । टूरिस्ट 40 गोल्फ कार्ट के जरिए वन विहार घूम सकेंगे। वन विहार में घूमने आने वाले टूरिस्ट कई बार अपनी गाड़ियों के हॉर्न तेज आवाज में बजाते हैं। इससे अन्य पर्यटकों के साथ जानवर भी परेशान होते हैं। इसलिए वन विहार प्रबंधन यह कदम उठाने जा रहा है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव वन विहार में ही राज्य स्तरीय वन्य प्राणी सप्ताह की शुरुआत भी करेंगे। हर 10 मिनट में मिलेंगे गोल्फ कार्ट वन विहार की असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. रूही हक ने बताया कि वन विहार में भ्रमण के लिए 40 गोल्फ कार्ट का संचालन किया जाएगा। इन गोल्फ कार्ट में से 32 गोल्फ कार्ट हॉप ऑन हॉप ऑफ पद्धति संचालन के लिए रहेंगे। वहीं, 8 गोल्फ कार्ट (6 सीटर) पूर्ण रूप से 3 घंटे के लिए बुकिंग पर पर्यटकों को उपलब्ध रहेंगे। गोल्फ कार्ट का संचालन दोनों गेट से 10 मिनट पर लगातार होगा। सभी व्यू पाइंट पर 30 सेकेंड से 1 मिनट के लिए रुकेंगे। इससे पर्यटकों को अपनी स्वेच्छानुसार व्यू पाइंट पर वन्यप्राणियों को देखने का पर्याप्त समय मिलेगा। साइकिल से भी घूम सकेंगे गोल्फ कार्ट के अलावा पैदल भ्रमण, साइकिल, शाकाहारी सफारी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इस बदलाव से वन विहार में पर्यटकों को सशुल्क 150 नई साइकिलें भी उपलब्ध कराएगा। जिससे वन विहार भ्रमण और सुगम बनेगा। अलग-अलग रंग के बैंड भी मिलेंगे विभिन्न प्रकार के माध्यम से भ्रमण करने हेतु पर्यटकों को विभिन्न रंग के बाइओडिग्रेडबल बैंड भी दिए जाएंगे। जिससे किसी भी भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। पार्किंग के लिए रुपए चुकाने होंगे वन विहार को जहां नो व्हीकल जोन बनाया जा रहा है तो पार्किंग के रूप में पर्यटकों को रुपए भी चुकाने होंगे। चार पहिया वाहनों की पार्किंग के लिए केवल प्रवेश द्वार नंबर-2 पर पार्किंग स्थल बनाया गया है। टूव्हीलर्स के लिए गेट नंबर-1 और 2 दोनों पर ही व्यवस्था रहेगी।

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