LATEST NEWS

सीसीएफ पी.एन. मिश्रा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल — अवैध लकड़ी परिवहन से उत्खनन तक फाइलों में दबी कार्रवाई

Serious questions arise about the working style of CCF P.N. Mishra – actions ranging from illegal timber transportation to excavation remain buried in files. इंदौर। इंदौर वृत का वन विभाग इन दिनों सवालों के कटघरे में है। मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) पी.एन. मिश्रा के कार्यभार संभालने के बाद क्षेत्र में अवैध लकड़ी परिवहन,फर्जी टीपी,उत्खनन और अन्य वन अपराधों पर ठोस कार्रवाई न होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर संदेह गहराया है। आरोप है कि पिछले कई महीनों में न तो बड़ी कार्रवाई हुई और न ही आरोपियों पर वह सख्ती दिखाई दी,जो लगातार बढ़ते वन अपराधों को रोक सके। फर्जी टीपी,पकड़ी गई गाड़ियां और गायब कार्रवाई! एक शिकायतकर्ता के अनुसार,इंदौर स्थित संदीप इंटरप्राइजेस के परिसर में फर्जी ट्रांजिट पास के जरिए दो वाहन अवैध लकड़ी खाली करते पकड़े गए,लेकिन आज तक विभाग यह तय नहीं कर पाया कि आरोपी कौन थे। गाड़ियां कैसे छोड़ दी गईं और आरा मशीन क्यों नहीं सील की गई— इन सवालों पर विभाग मौन है। मामला दबाने की कोशिश होने का आरोप भी सामने आया है। धार से आलीराजपुर तक नेटवर्क सक्रिय — फिर भी हल्की कार्रवाई! धार,पीथमपुर,सागौर कुटी,बदनावर,झाबुआ, आलीराजपुर, धामनोद, पेटलावद,मानपुर, मनावर और कुक्षी सहित इंदौर वृत क्षेत्रों में अवैध लकड़ी परिवहन और उत्खनन में शामिल वाहनों को पकड़ा गया, जिन्हें नियमों के अनुसार राजसात किया जाना चाहिए था। पर आरोप है कि सीसीएफ मिश्रा ने अपने अधिकार क्षेत्र में सुमोटो कार्रवाई करते हुए गाड़ियों को मामूली दंड लगाकर छोड़ दिया, जिससे वन माफियाओं के हौसले और बुलंद हुए। ‘नेता के पट्ठे’ के दबाव में काम करने के आरोप विशेष सूत्रों का दावा है कि सीसीएफ मिश्रा एक प्रभावशाली नेता के इशारे पर फैसले ले रहे हैं,जो लगातार सरकार की आलोचना करने के लिए भी पहचाने जाते हैं। आरोप यह भी कि भोपाल के कुछ शीर्ष अधिकारी भी इसी प्रभाव में विभागीय तबादलों और निर्णयों को प्रभावित कर रहे हैं। सत्ता पक्ष में बढ़ती नाराज़गी — “अधिकारियों ने काम रोका तो चुनाव में पड़ेगी मार” सत्ता पक्ष के कई नेता विभाग की इस कार्यवाहीहीनता से बेहद नाराज़ हैं। उनका कहना है कि“सरकार हमारी है लेकिन अधिकारी उन्हीं लोगों के इशारे पर काम कर रहे हैं जो सरकार पर सवाल उठाते हैं।” कुछ नेताओं का यह भी कहना है कि“अगर जनता के काम नहीं होंगे तो वोट मांगने जाएंगे कैसे? इस ढीले रवैये का असर आगामी चुनाव तक पड़ेगा।” इंदौर वृत में लगातार बढ़ते वन अपराधों और विभाग की कमजोर कार्रवाई को लेकर अब माहौल तेज होता दिख रहा है। मामला जल्द ही बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले सकता है।

कलेक्टर की फटकार भी बेअसर! महीनों पुराना ड्यूटी चार्ट आज भी टंगा — कौन संभाल रहा अस्पताल?

Even the Collector’s reprimand is ineffective! Months-old duty charts still hang—who’s managing the hospital? चंदा कुशवाहनलखेड़ा ! सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नलखेड़ा की अव्यवस्थाएँ अब नियंत्रण से बाहर होती जा रही हैं। आलम यह है कि कुछ माह पूर्व कलेक्टर के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों का जो ड्यूटी चार्ट लगाया गया था, वह आज भी 24/09/25 की उसी तारीख के साथ जस का तस टंगा हुआ है। न तारीख बदली गई, न नई सूची जारी हुई। यह देखकर साफ होता है कि अस्पताल प्रबंधन के लिए मरीजों की सुविधा किसी मजाक से कम नहीं है। ड्यूटी चार्ट न होने के कारण रोजाना सैकड़ों मरीज अस्पताल में भटकते रहते हैं। कौन-सा डॉक्टर कब उपलब्ध होगा—इसकी जानकारी तक उन्हें नहीं मिलती। इससे बड़ी शर्म की बात और क्या हो सकती है कि सरकारी अस्पताल में लोगों को घंटों इंतज़ार करना पड़ता है, जबकि कई डॉक्टर अपने सरकारी समय में खुलेआम निजी क्लीनिकों पर बैठकर कमाई में लगे रहते हैं। अस्पताल में मरीज तड़पते रहें, यह उनकी प्राथमिकता में ही नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अव्यवस्था कोई नई नहीं है। अस्पताल में अनुशासन नाम की चीज़ बची ही नहीं है। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. विजय यादव तो मानो पूरे मामले से पूरी तरह पल्ला झाड़ चुके हैं। उनकी उदासीनता और कुप्रबंधन ने अस्पताल की प्रणाली को लगभग ठप कर दिया है। डॉक्टरों और कर्मचारियों पर किसी प्रकार की अनुशासनात्मक पकड़ नहीं रह गई है — जो चाहे जब चाहे मनमानी कर रहा है। नागरिकों का आरोप है कि डॉ. यादव की लापरवाही अब सीधे मरीजों की जान पर बन आई है। करोड़ों रुपये खर्च कर सरकार अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था करती है, लेकिन यहां डॉक्टर सरकारी अस्पताल में उपलब्ध ना होकर मरीजों को उनके निजी क्लीनिकों पर बुला रहे हैं। इस तरह की हरकतें न सिर्फ सेवा शर्तों का खुला उल्लंघन हैं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर सीधी लूट है। मरीजों और उनके परिजनों ने मीडिया के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि नलखेड़ा अस्पताल की अव्यवस्थाओं और बीएमओ डॉ. विजय यादव की लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही तत्काल अपडेटेड ड्यूटी चार्ट जारी किया जाए, ताकि मरीजों को इस जानलेवा अव्यवस्था से राहत मिल सके।

नलखेड़ा में बाल दिवस पर पूर्व नगर अध्यक्ष प्रेम राठौर ने बच्चों संग बिताया समय, दिए संस्कार और प्रेरणा से भरे संदेश

Former city president Prem Rathore spent time with children on Children’s Day in Nalkheda, imparting values and inspirational messages. चंदा कुशवाह नलखेड़ा । बाल दिवस के अवसर पर आज नलखेड़ा में एक स्नेहपूर्ण और प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पूर्व नगर अध्यक्ष प्रेम राठौर ने स्थानीय बच्चों को आमंत्रित कर उनके साथ समय बिताया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अच्छे संस्कार, आत्मविश्वास और जीवन में सही दिशा देने का था। प्रेम राठौर ने बच्चों से सरल और प्रेरक शब्दों में कहा कि— “जीवन में इंसान की असली पहचान उसके व्यवहार और कर्मों से होती है। हमेशा सच बोलें, अच्छे कर्म करें और कभी भी गलत रास्ते पर न चलें। वही बच्चा भविष्य में सफल होता है जो ईमानदारी और मेहनत को अपना साथी बनाता है।” उन्होंने बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाया और बताया कि पढ़ाई सिर्फ नौकरी के लिए नहीं, बल्कि एक बेहतर इंसान बनने की समझ देती है। कार्यक्रम के दौरान प्रेम राठौर ने बच्चों के साथ हँसी-खुशी समय बिताया, उनके साथ खेल-कूद भी किए और बाल दिवस की शुभकामनाएँ दीं। माहौल पूर्णतः पारिवारिक और सौहार्दपूर्ण रहा। बच्चों को दिए उपहार: इस अवसर पर प्रेम राठौर ने बच्चों को टॉफ़ी, टिफिन बॉक्स, कॉपी-पेंसिल, स्टोरी बुक्स और चॉकलेट्स भेंट किए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। स्थानीय लोगों ने पूर्व नगर अध्यक्ष की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “बच्चों के बीच जाकर समय बिताना ही असली बाल दिवस है। इससे बच्चों में सामाजिक मूल्यों और संस्कारों को बढ़ावा मिलता है।” नलखेड़ा में बाल दिवस का यह आयोजन बच्चों के लिए यादगार रहा और समाज में सकारात्मक संदेश छोड़ गया।

शासकीय अधिवक्ता किशोर सिंह राजपूत ने किया पत्रकार राजेश शर्मा का सम्मान, विभागीय तालमेल का उत्कृष्ट उदाहरण

Government Advocate Kishore Singh Rajput honored journalist Rajesh Sharma, an excellent example of departmental coordination. नलखेड़ा । प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर तालमेल और आपसी सहयोग की मिसाल शुक्रवार को तब देखने को मिली, जब शासकीय अधिवक्ता (Govt. Lawyer) किशोर सिंह राजपूत ने अपनी ओर से पत्रकार राजेश शर्मा का सम्मान किया। यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत सौहार्द का प्रतीक है, बल्कि विभागीय समन्वय और जनहित के प्रति साझा जिम्मेदारी को भी प्रदर्शित करता है। सम्मान समारोह के दौरान अधिवक्ता किशोर सिंह राजपूत ने कहा कि “पत्रकार समाज की सशक्त आवाज़ होते हैं। जनहित, समस्याओं और स्थानीय मुद्दों को ईमानदारी से सामने लाने वाला पत्रकार प्रशासन की बड़ी ताकत होता है। राजेश शर्मा जैसे जिम्मेदार पत्रकारों का सम्मान करना वास्तव में गर्व की बात है।” पत्रकार राजेश शर्मा ने भी सम्मान के लिए धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि “नलखेड़ा में प्रशासन, न्यायिक विभाग और मीडिया हमेशा एक-दूसरे के सहयोगी रहे हैं। शासकीय अधिवक्ता किशोर सिंह राजपूत जैसे अनुभवी और विनम्र अधिकारी हमें सत्य और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए प्रेरित करते हैं।” स्थानीय स्तर पर शासकीय अधिवक्ता और पत्रकार के बीच इस सौहार्दपूर्ण रिश्ते को लोगों ने “सकारात्मक संवाद और मजबूत विभागीय तालमेल” की अनूठी मिसाल बताया। नलखेड़ा क्षेत्र में यह पहल मीडिया और प्रशासन के बीच भरोसे और सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

नलखेड़ा के जंगलों में वन विभाग की लापरवाही: रात में हो रही अवैध पेड़ कटाई और लकड़ी तस्करी बेखौफ जारी

Forest department negligence in Nalkheda forests: Illegal tree felling and timber smuggling continue unabated at night चंदा कुशवाह  नलखेड़ा । क्षेत्र के जंगलों में इन दिनों अवैध पेड़ कटाई और लकड़ी तस्करी के मामले गंभीर रूप ले चुके हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, वन विभाग के नाक के नीचे लगातार पेड़ों पर कुल्हाड़ी चल रही है, लेकिन विभाग की ओर से न तो किसी तरह की निगरानी बढ़ाई गई है और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई है। ग्रामीण बताते हैं कि रात के समय जंगलों में ट्रैक्टर, पिकअप और ट्रॉलियां घूमती दिखाई देती हैं, जिनमें सागौन, बबूल और अन्य मूल्यवान लकड़ी को भरकर बाहर ले जाया जाता है। कई लोगों ने रात में चेनसॉ से पेड़ काटने की आवाजें भी सुनी हैं, जिससे साफ होता है कि यह पूरा काम संगठित तरीके से चल रहा है। एक समय घने पेड़ों से आच्छादित यह क्षेत्र अब धीरे-धीरे उजाड़ होता जा रहा है। कई जगहों पर कटे हुए ठूंठ साफ दिखाई देते हैं, जिससे पता चलता है कि यहां बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सब बिना किसी आंतरिक सहयोग के संभव नहीं है। उनका आरोप है कि कुछ वनकर्मी तस्करों से मिलकर काम कर रहे हैं, जिसकी वजह से तस्करी रात में बेरोक-टोक जारी रहती है और दिन में इस पूरे मुद्दे पर सन्नाटा पसरा रहता है। लोगों में यह भी चर्चा है कि केवल लकड़ी ही नहीं, बल्कि अन्य जंगली उत्पादों और संसाधनों की भी तस्करी की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। ग्रामीणों के मुताबिक, उन्होंने कई बार विभाग और प्रशासन को इस बारे में सूचित किया, परंतु अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर यह पूरा अवैध नेटवर्क किसकी शह पर चल रहा है। क्या वन विभाग को इन गतिविधियों की जानकारी नहीं है या यह जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है। यदि नहीं, तो इतने समय से हो रही पेड़ कटाई और तस्करी पर कार्रवाई अभी तक क्यों नहीं हुई। ग्रामीणों ने मांग की है कि जंगलों में रात के गश्त को बढ़ाया जाए, संदिग्ध वाहनों की जांच की जाए, वन विभाग के कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्यवाही की जाए और जंगलों में सुरक्षा के उपायों को मजबूत किया जाए। उनका कहना है कि यदि इस अवैध कटाई पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले वर्षों में नलखेड़ा का पर्यावरण गंभीर संकट का सामना करेगा और क्षेत्र की हरियाली हमेशा के लिए खत्म हो सकती है।

नलखेड़ा – निजी स्कूल बस संचालकों की मनमानी से बढ़ रहा है खतरा, प्रशासन मौन!

Nalkheda – The danger is increasing due to the arbitrariness of private school bus operators, the administration is silent! चंदा कुशवाह  नलखेड़ा। नगर में निजी स्कूल बस संचालकों द्वारा परिवहन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। न तो वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र जांचा जा रहा है, न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है। इन बस संचालकों ने नियम-कायदों को ताक पर रखकर अपनी मनमर्जी से बसें चलाना आम बात बना ली है। हर सुबह और दोपहर के समय इन बसों के कारण नगर की सड़कों पर भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि बसें अब गलियों और मोहल्लों तक ले जाई जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बसें ऐसी हैं जिनका फिटनेस, परमिट और बीमा तक संदिग्ध है, पर फिर भी वे रोजाना बच्चों को लेकर सड़कों पर दौड़ रही हैं। यह लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। फिर सवाल उठता है — आखिर प्रशासन कहाँ है? क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी दुर्घटना के इंतजार में हैं? जब तक कोई अप्रिय घटना नहीं होगी, क्या तब तक यह अनदेखी जारी रहेगी? जनता ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल इस पर सख्त कार्रवाई करे, बसों का फिटनेस व परमिट जांच अभियान चलाए, और नलखेड़ा में नियम विरुद्ध बस संचालन पर रोक लगाए — ताकि बच्चों की सुरक्षा और आम जनता की सुविधा सुनिश्चित की जा सके।

नलखेड़ा में विकास के नाम पर विनाश! देवीलोक के पास ब्लास्टिंग से हिली मंदिर की नींव – प्रशासन खामोश क्यों?

Destruction in the name of development in Nalkheda! Blasting near Devilok shakes the foundation of a temple – why is the administration silent? चंदा कुशवाह संवाददाता नलखेड़ा। एक ओर अधिकारी कागज़ों पर “विकास” के दावे कर रहे हैं, वहीं जमीन पर विनाश की तस्वीर साफ दिखाई दे रही है। नलखेड़ा में विश्वप्रसिद्ध माँ बगलामुखी देवी मंदिर के पीछे बनाए जा रहे पुल निर्माण में खुलेआम ब्लास्टिंग की जा रही है — और यह सब प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, ठेकेदार द्वारा लगातार पत्थर तोड़ने के लिए विस्फोटक (ब्लास्टिंग) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे इतना कंपन होता है कि मंदिर की दीवारें तक हिल जाती हैं। यह वही मंदिर है, जहाँ लाखों श्रद्धालु हर साल अपनी आस्था लेकर पहुँचते हैं। पर अब सवाल ये है — टेंडर किसने जारी किया? ब्लास्टिंग की अनुमति किस आधार पर दी गई? और सबसे बड़ा सवाल — इतिहासिक मंदिर की सुरक्षा का सर्वे कराया भी गया या नहीं? इन सवालों का जवाब न तो निर्माण एजेंसी दे रही है, न ही प्रशासन के पास कोई स्पष्ट बयान है। स्थानीय लोग गुस्से में हैं। उनका कहना है कि अगर यही “विकास” है, तो फिर यह मंदिर की नींव हिला देने वाला विकास है, न कि नलखेड़ा का गौरव बढ़ाने वाला। लोगों ने आरोप लगाया है कि “यह पूरा खेल भ्रष्टाचार की ब्लास्ट के नीचे दबा हुआ है — जहाँ पैसे की चमक ने श्रद्धा की दीवारें तक हिला दी हैं।” अब वक्त आ गया है कि अगर यही विकास की परिभाषा है, तो जनता पूछेगी — “देवीलोक में विकास नहीं, विनाश हो रहा है — और प्रशासन तमाशा देख रहा है।”

श्रीजी शुगर एंड पावर ने घोषित किए गन्ना खरीदी दर, 365 रुपये प्रति क्विंटल पर होगी शुरुआत

Shreeji Sugar and Power announces sugarcane purchase rates, starting at Rs 365 per quintal हरिप्रसाद गोहेआमला/ बैतूल ! जिले के किसानों के लिए राहतभरी खबर है। श्रीजी शुगर एंड पावर प्रा. लि. सोहागपुर बैतूल ने आगामी पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना खरीदी दरों की घोषणा कर दी है। कंपनी ने गन्ने की कीमतों में आने वाले महीनों में में भी बढ़ोतरी के साथ चरणबद्ध दरें तय की हैं।प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष का पेराई सत्र 13 नवंबर से प्रारंभ होने से 30 नवंबर 2025 तक गन्ने की खरीदी 365 रुपये प्रति क्विंटल की दर से शुरू होगी। इसके बाद हर माह दरों में बढ़ोतरी करते हुए कंपनी ने निम्नानुसार दरें घोषित की हैं। 1 दिसंबर से 31 दिसंबर: 370 रुपये प्रति क्विंटल, 1 जनवरी से 31 जनवरी: 380 रुपये प्रति क्विंटल, 1 फरवरी से 28 फरवरी: 390 रुपये क्विंटल, 1 मार्च से 14 मार्च: 400 रुपये प्रति क्विंटल और 15 मार्च से पेराई सत्र की समाप्ति तक 410 रुपये प्रतिक्विंटल किसानों को मिल गेट पर गन्ना पहुंचाने पर दाम मिलेंगे।कंपनी के अनुसार दरों के अनुसार भुगतान मिल गेट पर सुनिश्चित किया जाएगा। किसानों से अपील की गई है कि वे कटाई से पहले अपने निर्धारण के अनुसार अनुमति अवश्य प्राप्त करें और गन्ने की फसल ओने-पोने दामों पर बेचने से बचें। श्रीजी शुगर एंड पावर प्रा. लि. सोहागपुर, सापना डेम के पास स्थित है और हर वर्ष बड़ी संख्या में किसानों से गन्ना खरीदी करती है। उन्नत तकनीक से गन्ना की बुवाई कर बेहतर उत्पादन प्राप्त करें: श्रीजी शुगर एंड पावर प्रा लिमिटेड के संचालक अभिषेक गोयल ने बताया कि गन्ना का बेहतर उत्पादन पाने के लिए किसानों को गन्ने की उन्नत किस्म का बीज नई वैज्ञानिक तकनीक से बोना चाहिए। शुगर मिल प्रबंधन के द्वारा किसानों को उन्नत बीज के साथ बुवाई और प्रबंधन का मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाता है। किसान मिल प्रबंधन की बेहतर सलाह से बुवाई कर प्रबंधन करें।

108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के निमित्त शक्ति कलश का नगर भ्रमण

108 City tour of Shakti Kalash for Kundiya Gayatri Mahayagya हरिप्रसाद गोहेआमला। आमला की पावन धरा पर धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है।21 वर्षों बाद आमला में 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन 19 दिसंबर 2025 से 22 दिसंबर 2025 तक रेलवे स्टेडियम आमला में होने जा रहा है।इस आयोजन के निमित्त हरिद्वार से दिव्य शक्ति कलश का नगर भ्रमण हुआ आज यह शक्ति कलश रेलवे कालोनी आमला सहित वार्ड क्रमांक 11 एवं वार्ड क्रमांक 12 में पहुंचा।रेलवे कालोनी आमला में वार्ड पार्षद एवं यात्रा प्रभारी ओमवती विश्वकर्मा के संयोजन में कलश यात्रा का भ्रमण हुआ जगह जगह लोगों ने कलश की आरती उतारी,कलश का पूजन किया,और पुष्प वर्षा की।वही वार्ड क्रमांक 12 की पार्षद पदमिनी भमबरकर के संयोजन में कलश का वार्ड में भ्रमण हुआ। इस अवसर पर पीले चावल डालकर लोगो को गायत्री महायज्ञ में आने का आमंत्रण भी दिया गया तथा आयोजन से संबंधित पत्रक और साहित्य का भी वितरण किया गया।इस अवसर पर प्रमुख रूप से गायत्री परिवार के मुख्य ट्रस्टी बी पी धामोडे जी भी साथ थे।साथ ही केशोराव दवंडे,यशवंतराव माथनकर,लक्ष्मण निरापुरे आदि साथ थे।आयोजन से संबंधित प्रेरक गीतों की मधुर ध्वनि के साथ शक्ति कलश का भ्रमण हुआ।जगह जगह पुष्प वर्षा ने कलश यात्रा भ्रमण को भावपूर्ण बना दिया।रेलवे कालोनी की अनिता साहू सहित अन्य लोगों ने शक्ति कलश का भव्य स्वागत किया।इस अवसर पर आमंत्रण यात्रा में बी पी धामोडे,ओमवती विश्वकर्मा पार्षद, पदमिनी भम बरकर,अनिता साहू,अनिता यादव,रजनी सोनिया, मीना अ डलक,संध्या कावड़कर,अंजू विश्वकर्मा,विमला पाटिल,नयन साहू, राजकुमारी ठाकुर,रमा साहू,कमला पाल,रेखा नागले, सावित्री मौर्य आदि उपस्थित थेयात्रा में केशोराव दवंडे,यशवंतराव माथनकर,लक्ष्मण निरापुरे,मनोज विश्वकर्मा आदि उपस्थित थे।

श्रीजी शुगर मिल प्रबंधन ने मेधावी विद्यार्थियों को दी प्रोत्साहन राशि ।

Shriji Sugar Mill management gave incentive money to meritorious students. हरिप्रसाद गोहेआमला/बैतूल । जिले के सोहागपुर में स्थित श्रीजी शुगर एंड पावर प्रा लिमिटेड कंपनी के द्वारा सामाजिक दायित्व का भी निर्वहन बखूबी किया जा रहा है। प्रबंधन के द्वारा तीन वर्ष पूर्व गन्ना उत्पादक किसानों के मेधावी बच्चों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की योजना की शुरूआत की थी। इस वर्ष इस योजना के तहत 24 मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। श्रीजी शुगर मिल सोहागपुर के प्रांगण में गन्ना छात्रवृत्ति प्रोत्साहन योजना के तहत राशि वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक अरविंद तिवारी, श्रीजी शुगर मिल संचालक राजेंद्र गोयल, अखिलेश गोयल, अभिषेक गोयल, फाउंडर सदस्य योगेश वर्मा, गन्ना प्रबंधक अनुज तोमर विशेष रूप से उपस्थित रहे।कार्यक्रम में मिल संचालक अखिलेश गोयल ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि हमारे द्वारा गन्ना उत्पादक किसान की बेटी के एमबीबीएस में प्रवेश लेने पर 51 हजार रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि, कक्षा 12 वीं की परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली बालिकाओं को 31 हजार रुपये और बालकों को 21 हजार रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इसके अलावा कक्षा 10 वीं की परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को भी 31 हजार रुपये नकद एवं छात्रों को 21 हजार रुपये नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने विद्यार्थियों को प्राेत्साहन राशि का चेक प्रदान करते हुए मिल प्रबंधन की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी यह प्रयास बेहद सराहनीय है।बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ के मंत्र को सार्थक करने के इस अभिनव प्रयास से किसानों को भी बेहद प्रोत्साहन मिल रहा है।मिल प्रबंधन की ओर से किसानों के हर सुख दुख में साथ खड़े रहने का भरोसा भी हर स्तर पर दिलाया जाता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, छात्र-छात्राएं और मिल के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे। अंत में सभी के प्रति मिल संचालक अभिषेक गोयल ने आभार व्यक्त किया।

नशे की गिरफ्त में नलखेड़ा नगर, बढ़ रहा बच्चों में लत का खतरा

Nalkheda town in the grip of drug addiction, increasing risk of addiction among children चंदा कुशवाहनलखेड़ा । जिले में हाल ही में 253 किलो गांजे की बड़ी खेप जब्त करने के दावे के बावजूद नलखेड़ा क्षेत्र में खुलेआम गांजा विक्रय जारी है। इसके पीछे पुलिस प्रशासन की भारी लापरवाही और संभवतः मिलीभगत की कड़ियों से इंकार करना मुश्किल है। क्या नलखेड़ा की पुलिस इस गंभीर अपराध से बेदखल हो गई है या जान-बूझकर आंखें बंद किए बैठी है? स्थानीय लोगों की शिकायत है कि पुलिस सिर्फ दिखावे की पकड़ में लगी है, जबकि असल गिरोह खुली हवा में कारोबार कर रहा है। यह स्थिति पुलिस की जिम्मेदारी और ईमानदारी पर सवाल खड़े करती है। जहां जिले के बड़े स्तर पर नशा तस्करों को दबोचने की खबरें आ रही हैं, वहीं नलखेड़ा में पुलिस की सक्रियता नाममात्र की प्रतीत होती है।पुलिस को चाहिए कि इस गंभीर स्थिति से आंखें न मूंदे और अपने दायित्वों का निर्वहन करे। सार्वजनिक जगहों पर खुलेआम मादक पदार्थ बिक रहे हों और पुलिस मूकदर्शक बनी रहे, इससे समाज और खासकर युवाओं का भविष्य गंभीर खतरे में पड़ता है। गांजा जैसे नशे की लत मानसिक, शारीरिक और सामाजिक नुकसान पहुंचाती है, खासकर किशोरों और बच्चों के लिए इसका प्रभाव विनाशकारी होता है। सवाल उठता है कि जब इतने बड़े नेटवर्क पर पुलिस कार्रवाई कर रही है, तो स्थानीय स्तर पर खुलेआम नशा बिकने से अवगत होकर भी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?यह स्थिति सिर्फ पुलिस की नाकामी नहीं, बल्कि गांजा तस्करों को संरक्षण देने वाली सांठगांठ की भी ओर इशारा करती है। यह दीगर है कि कई बार बड़े नशा सिंडिकेट में परस्पर जुड़े रसूखदारों और पुलिस अधिकारियों का नेटवर्क भी सामने आता रहा है। ऐसे में नलखेड़ा में भी पुलिस प्रशासन की मिलीभगत की अटकलें लगना स्वाभाविक है। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को इस मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल सख्त कार्रवाई करनी होगी, अन्यथा यह पूरी व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास घटना शुरू हो जाएगा। एक तरफ तस्करों की गिरफ्तारी की रिपोर्ट आयें, तो दूसरी ओर खुले बाजार में नशा बिके—यह विपत्ति की घड़ी है।समाज और प्रशासन के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि अब और कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। नलखेड़ा की पुलिस को चाहिए कि वह जनता के प्रति अपनी जवाबदेही निभाए, तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करे और युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाने की दिशा में ठोस कदम उठाए। यह लड़ाई सिर्फ कानून का अभाव नहीं, ईमानदारी और तत्परता की लड़ाई भी है, जिसमें पुलिस को अब कमजोरी दिखाने का कोई रास्ता नहीं है। ऐसा न होने पर नशे के व्यापार को बढ़ावा देने वाले अधिकारी खुद सवालों के घेरे में आ सकते हैं, और समाज का आक्रोश गहराता जाएगा।

स्कूल छोड़ने के बहाने अतिथि शिक्षक ने नाबालिग के साथ किया दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को लिया रिमांड पर

Guest teacher rapes minor on pretext of dropping her off at school, police remands accused चंदा कुशवाह (संवाददाता) नलखेड़ा। नलखेड़ा नगर की एक शर्मनाक घटना में एक अतिथि शिक्षक द्वारा नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और शिक्षा संस्थानों की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। शुक्रवार सुबह 9 बजे नलखेड़ा नगर की 15 वर्षीय छात्रा स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। रास्ते में उसे उसके पूर्व शिक्षक कृष्ण प्रजापति उर्फ कन्हैयालाल मिला, जो ग्राम धरोला तहसील नलखेड़ा का निवासी है। उसने छात्रा को स्कूल छोड़ने की बात कहकर अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा लिया। लेकिन, स्कूल ले जाने की बजाय वह छात्रा को अपने गांव, घर ले गया। वहां कमरे में ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया और छात्रा के साथ बलात्कार किया। इस घिनौनी हरकत के बाद आरोपी ने छात्रा को धमका कर स्कूल की छुट्टी के समय उसके घर से कुछ दूर छोड़ दिया और किसी को घटना की जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी दी।छात्रा ने अपने परिजनों को सारा वाकया बताया। परिजनों ने उस दिन ही थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी अतिथि शिक्षक कृष्ण प्रजापति को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 64, 65(1), 87, 127(2), 351(3), लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5, 6 और एससी/एसटी अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत मामला दर्ज हुआ है। पुलिस द्वारा आरोपी को शनिवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ रिमांड पर भेज दिया गया।आरोपी का स्कूल एवं पदप्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी पहले नगर के एक निजी स्कूल में शिक्षक था। वर्तमान में वह आगर तहसील के ग्राम मथुराखेड़ी में अतिथि शिक्षक के पद पर कार्यरत है। अभिभावकों एवं समाज से सहारा समाचार की मार्मिक अपील— अपने बच्चों से हमेशा खुलकर बातें करें, उनकी गतिविधियों पर रोज ध्यान दें। बच्चों को यह विश्वास दिलाएं कि किसी भी असामान्य घटना, डर या धमकी की तुरंत जानकारी अपने परिवारवालों या विश्वसनीय व्यक्तियों को दें। ऐसी जागरूकता बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। समाज की सुरक्षा बच्चों की सुरक्षा से ही संभव है। आइए, मिलकर ऐसे अपराधों के खिलाफ शिक्षा संस्थानों को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाएं.यदि आपके बच्चे को कोई परेशानी या डर महसूस हो तो तुरंत कार्रवाई करें। सहारा समाचार आपसे आग्रह करता है— बच्चों को हमेशा सुरक्षित रखिए और समाज में सकारात्मक जागरूकता फैलाइए।

जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष ने सदस्यों के साथ किया शॉपिंग कांपलेक्स निर्माण कार्य का निरीक्षण।

District President, Vice President along with members inspected the construction work of the shopping complex. हरिप्रसाद गोहेआमला। ग्रामीण बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने गुरुवार जनपद पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव, उपाध्यक्ष किसन सिंह रघुवंशी क्षेत्र के गणमान्य जनपद सदस्यों के मार्गदर्शन में ग्राम सरकार पूर्णतः मुस्तैद है। अध्यक्ष गणेश यादव ने बताया जनपद की आय बढ़ाने एवं ग्रामीण बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य को लेकर गणमान्य जनपद सदस्यो की सहमति व उनके नेतृत्व में कार्यालय जनपद पंचायत आमला परिसर में सर्व सुविधा युक्त शॉपिंग कॉम्लेक्स का निर्माण कार्य प्रगतिरत हे। किए जा रहे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण कार्य को देखने पूरी टीम के साथ जनपद अध्यक्ष कार्य स्थल पर पहुंचे थे।जहां प्रगतिरत निर्माण कार्य व कार्य की गुणवत्ता का निरीक्षण गणमान्य सदस्यों की मौजूदगी में कर निर्माण एजेंसी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए । वहीं जनपद उपाध्यक्ष किसन सिंह रघुवंशी ने कहा सभी गणमान्य सदस्यों की सहमति एवं उनके नेतृत्व में सर्वसुविधा युक्त शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य कराया जा रहा है जहाँ क्षेत्र के ग्रामीण बेरोजगारों को रोजगार करने का साधन मिलेगा साथ ही जनपद की आय का स्रोत बढ़ेगा जल्द ही निर्माण कार्य पूर्ण करा शापित कॉम्प्लेक्स का शुभारंभ कर ग्रामीण बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा यही हमारी प्राथमिकता रहेंगी। निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या जनपद सदस्य मौजूद रहे।

अंबेडकर महाविद्यालय में दिखाया गया राष्ट्रीय गीत “वन्दे मातरम”के 150 वीं वर्षगांठ समारोह नई दिल्ली का सीधा प्रसारण

Live telecast of 150th Anniversary Celebration of National Song “Vande Mataram” shown at Ambedkar College, New Delhi. हरिप्रसाद गोहेआमला। मध्य प्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार डॉ भीमराव अंबेडकर शासकीय महाविद्यालय आमला में “वन्दे मातरम” राष्ट्र गीत के 150 वें वर्षगांठ के उपलक्ष्य में महाविद्यालय प्राचार्य के मार्गदर्शन मे समस्त प्राध्यापक अधिकारी, कर्मचारियों एवं उपस्थित विद्यार्थियों ने सामूहिक राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम का संपूर्ण गायन किया। माननीय प्रधानमंत्री जी के मुख्य आतिथ्य एवं माननीय उपराज्यपाल दिल्ली तथा माननीय मुख्यमंत्री दिल्ली माननीय मंत्री महोदय संस्कृति विभाग मंत्रालयके विशिष्ट आतिथ्य में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम के 150वें वर्षगांठ समारोह का सीधा प्रसारण महाविद्यालय के कांफ्रेंस हॉल में दिखाया गया। इस अवसर पर प्रो मुकेश इवने, प्रो जगदीश ऊइके,डॉ जगदीश पटैया,प्रो. लोकेश झरवडे,डॉ पंचम सिंह कवडे,डॉ. सुनीता सोलंकी,प्रो. राजा अतुलकर, डॉ उमेश डोंगरे, डॉ राजेंद्र गिरि गोस्वामी,डॉ.संजय भटकर,डॉ. ज्योति दातीर, डॉ. कल्पना बारस्कर, प्रो सारंग लाड़विकर,प्रो. आशीष सोनी, प्रो. देवीका देशमुख , प्रो. अनीता मानकर,श्रीमती शीला दवंडे , श्रीमती पूजा दवंडे,श्रीमती,श्रीमती मीनाक्षी भोपते ,श्रीमती यश्वी कहार,श्री दीपक कारले, श्रीमती राशि साहू, श्रीमती मीरा दुंदुभी, श्री भूपेंद्र चौकिकर, श्री जुबैर कुरैशी,श्री हजारीलाल भलावी,श्री संजीत भारती, श्री महेंद्र सिंगड़े सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बहुसंख्यक विद्यार्थी उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर जब उठे सवाल — तो बौखलाए बीएमओ ने मीडिया से तोड़ा रिश्ता!

When questions were raised about the negligence of the health department, the distraught BMO broke ties with the media! नलखेड़ा। जनता के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभालने वाले ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. विजय यादव शायद भूल गए हैं कि सरकारी कुर्सी जवाबदेही के लिए होती है, अहंकार के लिए नहीं।स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्थाओं पर जब मीडिया ने आईना दिखाया, तो बीएमओ ने उस आईने को ही तोड़ देने का रास्ता चुन लिया।मीडिया और प्रशासनिक अधिकारियों के व्हाट्सएप ग्रुप से खुद को अलग कर लेना, क्या इस बात का प्रमाण नहीं कि अधिकारी आलोचना से भाग रहे हैं? नलखेड़ा में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति किसी से छिपी नहीं है।अस्पतालों में गंदगी, झोलाछाप डॉक्टरों का बोलबाला, पीने के पानी की दुर्दशा और जांच केंद्रों की मनमानी – इन सब पर जब पत्रकारों ने बार-बार लिखा, तो विभाग की नींद टूटने के बजाय बेबसी और दबाव की बदबू आने लगी।जिम्मेदार अधिकारी ने सुधार की दिशा में कदम उठाने के बजाय पत्रकारिता पर ही दूरी बनाकर यह साबित कर दिया कि अब सिस्टम की पारदर्शिता उन्हें खटकने लगी है। सबसे गंभीर सवाल यह है कि डॉ. यादव पिछले 23 सालों से नलखेड़ा में ही क्यों टिके हुए हैं?क्या स्वास्थ्य विभाग में कोई और अधिकारी नहीं जो इस जिम्मेदारी को संभाल सके?या फिर स्थानीय राजनीतिक संरक्षण और रसूख ने नियमों को ताक पर रख दिया है? इतने लंबे समय से एक ही जगह जमे रहना, खुद में एक बड़ा सवाल है —क्योंकि विभागीय नियम साफ कहते हैं कि हर अधिकारी का तबादला निश्चित अवधि में होना चाहिए ताकि निष्पक्षता बनी रहे।लेकिन जब अधिकारी खुद को पद से बड़ा समझने लगे, तो ऐसी ही नौबत आती है — जहां जनता बीमार है, और जिम्मेदार मौन। वंदे मातरम कार्यक्रम जैसे सरकारी आयोजनों से दूरी बनाना,मीडिया संवाद से पलायन करना,और ग्रुप छोड़ देना —ये सब वही संकेत हैं जो यह बताते हैं कि नलखेड़ा का स्वास्थ्य तंत्र बीमार है और इलाज करने वाला खुद इलाज से भाग रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा किक्या डॉ. विजय यादव इस आलोचना को आत्ममंथन का अवसर बनाएंगे,या फिर आलोचना से चिढ़कर नलखेड़ा को लाचारियों की नई दवा लिख देंगे।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet