माउंट किलिमंजारो (तंजानिया) से आमला पहुंचे पर्वतारोही प्रताप बिसंदरे।
Mountaineer Pratap Bisandre reached Amla from Mount Kilimanjaro (Tanzania). हरिप्रसाद गोहे आमला । अफ्रीका महाद्वीप के माउंट किलिमंजारो (तंजानिया) पर सफलतापूर्वक आरोहण करने के पश्चात, आज अपने गृहक्षेत्र आमला वापस लौटे प्रताप बिसंदरे। इस अवसर पर रेलवे स्टेशन आमला पर उनके स्वागत हेतु जिला पिट्टू एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज सोनी, व्यापारी संघ अध्यक्ष संजय साहू, आमला विकास समिति उपाध्यक्ष शेख हफीज, समाजसेवक चन्द्रशेखर पंड़ोले सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।बताया गया पर्वतारोही प्रताप बिसंदरे ने माउंट किलिमंजारो (तंजानिया) जो अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी है और इसकी ऊंचाई 5,895 मीटर (19,340 फीट) है, इसे दुनिया का सबसे ऊंचा अकेला खड़ा पहाड़ कहा जाता है पर पर्वतारोहण कर 26 जनवरी 2026 को प्रातः 8:34 बजे (तंजानिया समयानुसार) सफलतापूर्वक आरोहण कर राष्ट्रध्वज तिरंगा लहराया था। पर्वतारोही प्रताप बिसंद्रे का जन्म, तहसील आमला के ग्राम बड़गांव में हुआ। इनके पिता रामचरण बिसंद्रे जी और परिवार, ग्राम बडगांव में ही निवास करता है। प्रताप जी ने पर्वतारोहण का बेसिक कोर्स 2021 में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी से ‘A’ ग्रेड में किया, इसके बाद वर्ष 2023 में पर्वतारोहण का एडवांस कोर्स भी नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी से पूरा किया । कोर्स के दौरान भी उत्तराखंड में स्थित पर्वत माछाधार और हुर्रा टॉप जिनकी ऊंचाई 16000 फीट है उनको भी कोर्स ग्रुप के साथ सफलता पूर्वक आरोहण किया। इन्होंने 15 अगस्त 2023 को माउंट यूनाम ऊँचाई 20049 फीट (6111 मी०) की चोटी पर सफलतापूर्वक आरोहण किया। पुनः 15 अगस्त 2024 को माउंट यूनाम ऊँचाई 20049 फीट (6111 मी०) की चोटी पर दूसरी बार आरोहण किया। 27 अगस्त 2024 को कांग यात्से–2 की चोटी ऊँचाई 20505 फीट (6250मी०) पर आरोहण किया। 30 अगस्त 2024 को कांग यात्से–1 की चोटी ऊँचाई 21000 फीट (6400 मी०) पर आरोहण करने में सफलता प्राप्त की है।