LATEST NEWS

NEET UG 2026 Application Deadline: 8 मार्च के बाद बंद हो जाएगा रजिस्ट्रेशन

अगर आप डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हैं और अभी तक NEET UG 2026 के लिए आवेदन नहीं किया है, तो अब बिल्कुल भी समय बर्बाद न करें। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली इस सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, आवेदन करने की अंतिम तिथि 8 मार्च 2026 है। हर साल 20 लाख से अधिक छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं। ऐसे में अंतिम समय में वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक होने की वजह से सर्वर डाउन होने की समस्या हो सकती है। इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपना फॉर्म तुरंत भर लें। महत्वपूर्ण तिथियां एक नजर में आवेदन की अंतिम तिथि: 8 मार्च 2026 (रात 9:00 बजे तक) फीस भुगतान की अंतिम तिथि: 8 मार्च 2026 (रात 11:50 बजे तक) करेक्शन विंडो (सुधार का मौका): 10 मार्च से 12 मार्च 2026 तक परीक्षा की तिथि: 3 मई 2026 (रविवार) परीक्षा का समय: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक (कुल 3 घंटे 20 मिनट) आवेदन शुल्क विभिन्न श्रेणियों के लिए निर्धारित शुल्क इस प्रकार है: सामान्य वर्ग (General): 1,700 रुपये सामान्य-EWS और OBC-NCL: 1,600 रुपये SC/ST/PwBD और थर्ड जेंडर: 1,000 रुपये भारत के बाहर के उम्मीदवार: 9,500 रुपये आवेदन कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं। 2. होमपेज पर ‘NEET UG 2026 Registration’ के लिंक पर क्लिक करें। 3. ‘New Registration’ पर जाकर अपनी बेसिक जानकारी (नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल) भरें। 4. रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक ‘एप्लीकेशन नंबर’ मिलेगा, उससे लॉगिन करें। 5. आवेदन फॉर्म में शैक्षणिक विवरण और अपनी पसंद के परीक्षा शहर चुनें। 6. जरूरी डॉक्यूमेंट (फोटो, सिग्नेचर, अंगूठे का निशान) अपलोड करें। 7. अपनी श्रेणी के अनुसार ऑनलाइन फीस का भुगतान करें। 8. अंत में कंफर्मेशन पेज डाउनलोड करें और उसका प्रिंटआउट लेकर रख लें। फॉर्म भरते समय न करें ये गलतियां अक्सर छात्र जल्दबाजी में कुछ सामान्य गलतियां कर देते हैं जिससे उनका फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है: फोटो और साइन: फोटो का बैकग्राउंड सफेद होना चाहिए और उस पर छात्र का नाम व फोटो खिंचवाने की तारीख होनी चाहिए। श्रेणी (कैटेगरी): अपनी जाति श्रेणी का चुनाव बहुत सावधानी से करें, क्योंकि बाद में इसे बदलना मुश्किल हो सकता है। संपर्क डिटेल्ं: अपना मोबाइल नंबर और ईमेल वही दें जो सक्रिय हो, क्योंकि NTA सभी सूचनाएं इसी पर भेजता है। NEET के जरिए कहां मिलेगा दाखिला? इस परीक्षा को पास करने के बाद छात्र देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, BAMS, BSMS, BUMS, और BHMS जैसे कोर्सेज में एडमिशन पा सकते हैं। इसके अलावा, मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) के लिए भी यह परीक्षा अनिवार्य है। सोशल मीडिया पर चल रही फर्जी खबरों से बचें और केवल आधिकारिक वेबसाइट nta.ac.in या neet.nta.nic.in पर दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें।  

खेती-किराना और महुआ व्यापार से बनीं आत्मनिर्भर

रायपुर खेती-किराना और महुआ व्यापार से बनीं आत्मनिर्भर बीजापुर जिले से लगभग 15 किलोमीटर दूर नियद नेल्ला नार क्षेत्र के ग्राम चेरपाल की रहने वाली सुनीता दीदी आज आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई हैं। कभी एक साधारण गृहिणी के रूप में जीवन जीने वाली सुनीता दीदी ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और आज वे गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। पहले सुनीता दीदी  के परिवार की आय केवल खेती और एक छोटी किराना दुकान पर निर्भर थी। खेती मौसम पर आधारित होने के कारण आय स्थिर नहीं रहती थी। इससे बच्चों की पढ़ाई और घर की आवश्यक जरूरतों को पूरा करना भी कठिन हो जाता था। इसी दौरान सुनीता दीदी ने गांव के स्व-सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह की बैठकों में उन्हें बचत, ऋण और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी मिली। समूह के माध्यम से सुनीता दीदी नियमित बचत करने के बाद उन्हें आरएफ से 1,500 रूपए, सीआईएफ से 50 हजार रूपए और बैंक लिंकेज से 30 हजार रूपए का ऋण मिला। इस आर्थिक सहायता से उन्होंने अपनी आय बढ़ाने के लिए कई छोटे-छोटे कार्य शुरू किए। सबसे पहले उन्होंने खेती को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया। उन्नत बीज, जैविक खाद और आधुनिक खेती तकनीकों का उपयोग कर उन्होंने उत्पादन बढ़ाया। इससे उन्हें फसल और सब्जियों से सालाना लगभग 52 हजार से 55 हजार रूपए की आय होने लगी। इसके बाद उन्होंने अपने घर के पास की छोटी किराना दुकान को व्यवस्थित तरीके से चलाना शुरू किया। गांव के लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों का सामान उपलब्ध कराने से दुकान अच्छी चलने लगी और इससे उन्हें सालाना लगभग 45 हजार से 50 हजार रूपए की आय मिलने लगी। इसके साथ ही सुनीता दीदी ने गांव में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करते हुए महुआ, टोरा सहित अन्य वनोपज का क्रय-विक्रय भी शुरू किया। वे ग्रामीणों से महुआ और टोरा खरीदकर उसे साफ-सफाई के साथ सुरक्षित रखती हैं और बाजार में अच्छे दामों पर बेचती हैं। इससे उन्हें सालाना लगभग 15 हजार से 20 हजार रूपए का अतिरिक्त लाभ मिलने लगा। खेती, किराना दुकान और वनोपज व्यापार से उनकी आय लगातार बढ़ती गई। मेहनत, सही योजना और स्व-सहायता समूह के सहयोग से सुनीता दीदी की वार्षिक आय अब लगभग 1 लाख 20 हजार रूपए से अधिक हो गई है। आज सुनीता दीदी अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बना चुकी हैं। साथ ही वे गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि सरकारी योजनाओं और स्व-सहायता समूहों के सहयोग से महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।

फिल्म सिटी से फिनटेक सिटी तक, क्रिएटिव और डिजिटल इकोनॉमी का संगम

लखनऊ  यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा विकसित और प्रस्तावित औद्योगिक सिटीज का स्वरूप अब पारंपरिक औद्योगिक प्लॉटिंग से आगे बढ़कर एक संगठित सेक्टर आधारित आर्थिक ढांचे के रूप में सामने आ रहा है। योगी सरकार में मेडिकल डिवाइस पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, टॉय सिटी और अपैरल पार्क जैसे स्थापित प्रोजेक्ट्स के साथ फिल्म सिटी, फिनटेक सिटी और विदेशी साझेदारी पर आधारित थीम सिटीज मिलकर यमुना एक्सप्रेस-वे को बहु क्षेत्रीय औद्योगिक कॉरिडोर में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सेक्टर-28 में 350 एकड़ में विकसित मेडिकल डिवाइस पार्क और सेक्टर-24 में 200 एकड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर उच्च मूल्य उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही सेक्टर-33 में 100 एकड़ की टॉय सिटी और सेक्टर-29 में 175 एकड़ का अपैरल पार्क श्रम आधारित उद्योगों को संगठित ढांचा उपलब्ध करा रहे हैं। इन परियोजनाओं को इस तरह डिजाइन किया गया है कि कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक की सप्लाई चेन एक ही कॉरिडोर में विकसित हो सके। सेक्टर-21 में लगभग 1000 एकड़ में प्रस्तावित फिल्म सिटी को केवल मनोरंजन परियोजना के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इसे मीडिया, कंटेंट प्रोडक्शन, पोस्ट प्रोडक्शन और डिजिटल सेवाओं के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके समानांतर सेक्टर-11 में 500 एकड़ में प्रस्तावित फिनटेक सिटी मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र को डिजिटल वित्तीय सेवाओं से जोड़ने का प्रयास करेगी। इससे औद्योगिक इकाइयों को भुगतान, निवेश और वैश्विक लेनदेन के लिए एकीकृत प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की रणनीति सामने आ रही है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग के दृष्टिकोण से सेक्टर-5ए में जापानी सिटी, सेक्टर-4 में कोरियन सिटी और सेक्टर-7 में सिंगापुर सिटी के लिए 500-500 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल विदेशी निवेश आकर्षित करना नहीं है, बल्कि संबंधित देशों की तकनीक, प्रबंधन प्रणाली और औद्योगिक कार्य संस्कृति को स्थानीय ढांचे में समाहित करना भी है। औद्योगिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन सिटीज में एंकर कंपनियां स्थापित होती हैं तो इससे क्षेत्र में सहायक उद्योगों और सेवा क्षेत्र को भी गति मिलेगी। टप्पल क्षेत्र में 200 एकड़ का प्रस्तावित लॉजिस्टिक्स पार्क इस पूरे औद्योगिक ढांचे की आपूर्ति और वितरण प्रणाली को मजबूती देगा। इसके अतिरिक्त सेक्टर-29 में 200 एकड़ का एमएसएमई पार्क छोटे और मध्यम उद्यमों को बड़े उद्योगों से जोड़ने का माध्यम बनेगा। इससे स्थानीय उद्यमियों को उत्पादन श्रृंखला का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि की संभावना है। यमुना एक्सप्रेस-वे के आसपास विकसित हो रही इन औद्योगिक सिटीज का प्रभाव केवल निवेश तक सीमित नहीं रहेगा। भूमि उपयोग, आवासीय टाउनशिप, स्किल डेवलपमेंट संस्थान और सहायक सेवाओं के विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य बदलने की संभावना जताई जा रही है।

प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ सपना, वंचित परिवार को मिला पक्का घर

रायपुर प्रत्येक जनहितकारी योजना का लाभ यदि वास्तविक लाभार्थी तक पहुंचता है तो उसका एक अलग ही परिणाम देखने को मिलता है। प्रधानमंत्री आवास जैसी योजना का दायरा उन तमाम वंचित परिवारों को राहत की छांव देने का माध्यम बन रहा है, जिनके सपनों में भी पक्के छत का आसरा नहीं था। कोरिया जिला मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत भांड़ी में रहने वाले ऐसे ही एक वंचित परिवार के लिए उनका पक्का आवास का सपना हकीकत में बदल चुका है।  मेहनतकश जीवन का संघर्ष           कोरिया के जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत भांडी में रहने वाली  जलकी रानी अपने पति दुलार साय और दो बच्चों यानी कुल चार बच्चों के साथ एक कच्चे मकान में जीवन यापन कर रही थीं। मिट्टी की दीवारें, बारिश के दौरान टपकती खपरैल और हर बिगड़ते मौसम में बच्चों की सुरक्षा की चिंता यही उनकी रोजमर्रा की सच्चाई बन चुकी थी। बरसात में घर के भीतर पानी भर जाता, गर्मी में तपती छत और सर्दी में ठंडी हवाएँ दैनिक जीवन संघर्ष में परिवार की परेशानियाँ और बढ़ा देती थीं। आर्थिक संकट में सपनों की छत           जलकी रानी के वंचित परिवार की आय का मुख्य स्रोत मजदूरी है। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मनरेगा जैसी योजना के माध्यम से उन्हे सौ दिवस के रोजगार के बाद अन्य किसानों के खेतों में मजदूरी कर किसी तरह अपने बच्चों का पालन-पोषण करते थे। मजदूरी से मिलने वाली सीमित आय और परिवार में बच्चों की बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच इस दंपत्ति का जीवन अत्यंत संघर्षपूर्ण होने से उनके लिए पक्के मकान का सपना केवल सपने जैसा ही था।  प्रधानमंत्री आवास से बदली जिंदगी        इस परिवार के दैनिक जीवन में आशा की एक नई किरण के रूप में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत उन्हें पक्के घर की स्वीकृति मिली। यह उनके लिए किसी सपने के सच होने से कम नहीं थी। स्वीकृति मिलने के बाद जलकी रानी और दुलार साय ने पूरे मन से घर बनाने का कार्य शुरू किया और मनरेगा में काम करने से नब्बे दिन की मजदूरी राशि को भी अपने घर निर्माण में लगाया। दोनो पति पत्नी के द्वारा आवास बनाने के लिए निर्माण कार्य में हाथ बंटाया और उन्होंने अपने सपनों का घर खड़ा किया।  खुशियों की राह, सपनों की हकीकत        प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत  जलकी रानी के परिवार के लिए वह दिन आया जब कच्चे मकान की जगह एक मजबूत सपनों की हकीकत लिए एक पक्का घर खड़ा है। पक्की छत के नीचे पूरा परिवार सुरक्षित और खुशहाल महसूस कर रहा है अब बच्चों के चेहरे पर मुस्कान है और माता-पिता की आँखों में संतोष का भाव। खुश होकर जलकी रानी कहती हैं कि यह घर केवल उनकी मेहनत और आवास योजना से पूरे हुए सपनों का प्रतीक है।

होली बनी काल! गुजरात में पानी में डूबने की अलग-अलग घटनाओं में 30 से ज्यादा लोगों की मौत

अहमदाबाद गुजरात में होली के दूसरे दिन मनाई जाने वाली धुलेटी का त्योहार इस बार कई परिवारों के लिए मातम लेकर आया। राज्य के अलग-अलग जिलों में तालाब, झील, नहर और नदियों में डूबने से 3 बच्चों समेत 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। ये हादसे करीब 10 अलग-अलग जगहों से सामने आये हैं। होली के बाद लोग रंग खेलने के बाद नहाने के लिए पानी के स्रोतों पर पहुंचते हैं, लेकिन कई बार यही खुशी बड़ी त्रासदी में बदल जाती है। इस साल भी ऐसा ही हुआ, जब राज्य के कई इलाकों से डूबने की दुखद खबरें सामने आईं। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने कई जगह बचाव अभियान चलाया, लेकिन कई लोगों को बचाया नहीं जा सका। कई जिलों में डूबने की घटनाएं जानकारी के मुताबिक, राज्य के अलग-अलग जिलों में यह हादसे हुए। अहमदाबाद शहर में 4 लोगों की मौत हुई, जबकि अहमदाबाद जिले के मांडल में 3 बच्चों की जान चली गई। सूरत जिले के बारडोली में 4, मांगरोल में 3 और किम में 3 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा महीसागर जिले में 6, अरावली में 4, मेहसाणा में 3, नर्मदा में 3 और अमरेली में 1 व्यक्ति की डूबने से मौत हुई। इन सभी घटनाओं ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। त्योहार के दिन हुई इतनी बड़ी संख्या में मौतों से प्रशासन भी सतर्क हो गया है। साबरमती नदी में डूबे चार दोस्त अहमदाबाद शहर के कुबेरनगर इलाके में रहने वाले चार दोस्त पीयूष, साहिल, दुर्गेश और सनी धुलेटी के दिन साबरमती नदी में नहाने के लिए पहुंचे थे। वे शहर के कोतरपुर वॉटर वर्क्स के पीछे नदी में उतरे थे। इसी दौरान अचानक चारों गहरे पानी में फंस गए और डूबने लगे। शुरुआत में फायर ब्रिगेड को तीन युवकों के डूबने की सूचना मिली थी। जब रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ तो दमकलकर्मियों को चारों दोस्तों के शव मिले। इस घटना से इलाके में शोक की लहर फैल गई और परिवारों में मातम छा गया। महीसागर की झील में डूबे चार युवक महीसागर जिले के कोठंबा इलाके में भी एक दर्दनाक हादसा हुआ। राघवाना मुवाड़ा के पास नाका झील में नहाने गए चार युवकों की डूबने से मौत हो गई। ये सभी युवक कंतार गांव के रहने वाले थे और धुलेटी के दिन झील में नहाने पहुंचे थे। झील का पानी काफी गहरा था, जिसकी वजह से वे बाहर नहीं निकल सके। घटना की सूचना मिलते ही दमकलकर्मी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद चारों के शव झील से निकाले गए और पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। इसी जिले के लुणावाडा और वीरपुर में भी एक-एक युवक की डूबने से मौत हुई। अहमदाबाद जिले में तीन बच्चों की मौत अहमदाबाद जिले के मांडल तालुका के सीतापुर गांव में भी बड़ा हादसा हुआ। यहां झोलासर झील में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। धुलेटी खेलने के बाद बच्चे झील में नहाने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान वे गहरे पानी में चले गए और डूब गए। बाद में स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से बच्चों के शव झील से निकाले गए। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। जो त्योहार खुशी और रंगों के साथ मनाया जा रहा था, वह अचानक शोक में बदल गया। सूरत के किम इलाके में तीन युवकों की मौत सूरत जिले के किम इलाके में भी धुलेटी के दिन दुखद घटना सामने आई। यहां किम नदी में नहाने गए तीन युवक अचानक गहरे पानी में डूब गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। कुछ ही देर में तीनों की मौत हो गई। बाद में पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस घटना से इलाके में शोक का माहौल बन गया। मांगरोल में गई तीन लोगों की जान सूरत जिले के मांगरोल तालुका के पानसरा गांव में एक अलग तरह की दुखद घटना सामने आई। धुलेटी का त्योहार मनाने के बाद कुछ लोग पास की नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान हैप्पी सिंह नाम का युवक डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसका भाई चंद्र भूषण नदी में कूद गया। जब वह भी डूबने लगा तो उनके साथ आए संजय पटेल ने भी दोनों को बचाने के लिए छलांग लगा दी। लेकिन नदी का पानी इतना गहरा था कि तीनों ही डूब गए और उनकी मौत हो गई। बारडोली में नदी में डूबे पांच युवक सूरत जिले के बारडोली के इसरोली गांव के पास बहने वाली मिंढोला नदी में भी बड़ा हादसा हुआ। वहां पांच युवक नदी के किनारे नहाने के लिए पहुंचे थे। अचानक वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया

टॉस इंग्लैंड के नाम, सेमीफाइनल में भारत पहले करेगा बल्लेबाजी

मुंबई वानखेड़े  टी20 विश्व कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल भारत और इंग्लैंड के बीच वानखेड़े स्टेडियम में खेला जा रहा है। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 9 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। इंग्लैंड की टीम भले ही कई मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी है लेकिन टीम ने अभी तक 6 मुकाबले जीते हैं। इंग्लैंड ने एकमात्र मुकाबला वेस्टइंडीज के खिलाफ गंवाया है, वहीं भारत ने अपने आखिरी सुपर-8 मुकाबले में वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है। भारत ने जारी टूर्नामेंट में अभी तक सिर्फ एक मुकाबला दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गंवाया है। सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व वाली भारतीय टीम ने 6 मुकाबले जीते हैं और खिताब जीतने की प्रबल दावेदार है। भारत और इंग्लैंड का यह लागातार तीसरे टी20 वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल मुकाबला है। इससे पहले 2022 और 2024 टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भी इन दोनों टीमों का एक दूसरे से आमना सामना हुआ था। गौर करने वाली बात है कि भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल जीतने वाली टीम ने ही पिछले दो टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता है। इंडिया वर्सेस इंग्लैंड पिच रिपोर्ट पर नजर डालें तो पिच पर घास नजर आएगी जो शुरुआत में बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल सकते हैं। भारत-इंग्लैंड प्लेइंग इलेवन भारत (प्लेइंग XI): अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेट कीपर), ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड (प्लेइंग XI): फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर (विकेट कीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, लियाम डॉसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद

गोरखनाथ मंदिर में बुधवार को आयोजित होली मिलन समारोह में गीतों का आनंद उठाया मुख्यमंत्री ने, खेली फूलों की होली

गोरखपुर रंगोत्सव के पावन अवसर पर बुधवार दोपहर बाद गोरखनाथ मंदिर में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीएम योगी ने होली मिलन कार्यक्रम में उमड़े लोगों पर फूलों की वर्षा की और सभी को होली की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दीं। समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने वाली ताकतें ही सदैव विजयी होती हैं।  गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित होली मिलन समारोह में सीएम योगी ने कहा कि समाज में हमेशा दो प्रकार की ताकतें होती हैं। एक अच्छी सोच वाली ताकतें और दूसरी नकारात्मक सोच वाली ताकतें। नकारात्मक सोच वाली ताकतें हमेशा विध्वंसात्मक गतिविधियों को प्रश्रय देती हैं, जबकि सकारात्मक सोच वाली ताकतें अच्छी कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ती हैं और उनका परिणाम हमेशा सुखद होता है। शांति, आनंद, उल्लास और उमंग के साथ होलिकोत्सव का आयोजन भी सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का सुफल है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और दुनिया में रहने वाले सनातन धर्मावलंबियों ने उमंग और उत्साह के साथ समरसता के महापर्व होली का आयोजन कर अपनी विरासत पर गर्व की अनुभूति की। सनातन धर्म की श्रेष्ठता पर वही लोग प्रश्न करते हैं, जिन्हें होली जैसे पर्व का अहसास नहीं होता है। होली जैसे पर्व में न भेदभाव होता है और न ही छुआछूत होती है। सनातन धर्म के पर्व व त्योहार किसी न किसी महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी घटना से जुड़े हैं। इनके माध्यम से हमारी ऋषि परंपरा ने समाज को नई दिशा, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है। सनातन धर्म के पर्व व त्योहार एकांकी नहीं होते बल्कि उनमें सामूहिकता का भाव होता है। समाज का हर तबका इसमें सहभागी बनता है।    सही दिशा में सोचता है भारत मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में दुनिया में अव्यवस्था है, पर भारत में शांति और उल्लास के साथ पर्व मनाए जा रहे हैं। इसका कारण यह है कि भारत की सोच सकारात्मक रही है। भारत सही दिशा में सोचता है। भारत ने कभी किसी को बुरा नहीं कहा, बुरा नहीं किया। और, जब बुरा किया नहीं, कहा नहीं तो बुरा सहा भी नहीं है।   राष्ट्र प्रथम की भावना से हो नागरिक दायित्वों का निर्वहन सीएम योगी ने कहा देश की प्रगति के लिए हम सभी को अपने अपने क्षेत्र में राष्ट्र प्रथम की भावना से नागरिक दायित्वों का निर्वहन करना होगा। भक्ति को राष्ट्रभक्ति से जोड़ना होगा। भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और नृसिंह हर कालखंड में होंगे, जरूरत हनुमान, अर्जुन और प्रह्लाद जैसी भक्ति भावना जगाने की है।  सीएम योगी ने उठाया होली गीतों का आनंद, खेली फूलों की होली होली मिलन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुपरिचित लोकगायक राकेश श्रीवास्तव व उनकी टीम की तरफ से प्रस्तुत होली गीतों का आनंद उठाया। सांसद रविकिशन ने भी होली गीत सुनाया। होली गीत सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों पर पुष्पवर्षा कर फूलों की होली खेली। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि, साधु-संत और बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता रही।

बिहान योजना का कमाल: फूलों की खेती ने रत्ना को बनाया आत्मनिर्भर उद्यमी

रायपुर बिहान योजना से खिला रत्ना का भविष्य- फूलों की खेती से बनीं सफल उद्यमी छत्तीसगढ़ शासन की ‘बिहान’ (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी योजना से जुड़कर सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत डिगमा की निवासी  रत्ना मजुमदार आज सैकड़ों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। अपनी मेहनत और सरकारी सहयोग से उन्होंने न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि एक सफल महिला उद्यमी के रूप में पहचान भी बनाई है। पारंपरिक खेती को दिया व्यावसायिक रूप     रत्ना मजुमदार बताती हैं कि उनके ससुर पहले से ही छोटे स्तर पर फूलों की खेती करते थे। ‘माँ महामाया स्व-सहायता समूह’ से जुड़ने के बाद उन्होंने इस पारंपरिक कार्य को व्यवसाय का रूप देने का निर्णय लिया। समूह के माध्यम से उन्होंने पहली बार एक लाख रुपये का ऋण लिया और एक एकड़ भूमि में आधुनिक तकनीक से फूलों की खेती शुरू की। मेहनत और लगन के चलते आज वे दो एकड़ भूमि में सफलतापूर्वक फूलों का उत्पादन कर रही हैं। आधुनिक तकनीक से बढ़ी उत्पादन क्षमता रत्ना ने खेती में आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाया है। वे उन्नत किस्म के पौधे कोलकाता से मंगवाती हैं, जो मात्र 24 दिनों में फूल देना शुरू कर देते हैं और लगभग तीन महीनों तक लगातार उत्पादन देते हैं। खेतों में ‘ड्रिप इरिगेशन’ (टपक सिंचाई) प्रणाली का उपयोग किया जाता है, जिससे जल संरक्षण के साथ पौधों को पर्याप्त पोषण भी मिलता है। वर्तमान में वे गेंदा फूल की तीन प्रमुख किस्में-लाल, नारंगी और पीला उगा रही हैं। इसके अलावा सर्दियों के मौसम में ‘चेरी’ की खेती भी करती हैं। त्योहारों में बढ़ती मांग से बढ़ता मुनाफा रत्ना के अनुसार नवरात्रि, शिवरात्रि, रामनवमी और दीपावली जैसे पर्वों के दौरान बाजार में फूलों की मांग काफी बढ़ जाती है, जिससे अच्छी कीमत मिलती है। सामान्य दिनों में दरें कम होने के बावजूद वैज्ञानिक खेती के कारण उन्हें सालभर लाभ मिलता रहता है। उन्होंने समूह से लिया गया ऋण समय पर चुका दिया है और अब अपनी आय का निवेश खेती के विस्तार में कर रही हैं। सरकारी योजनाओं ने दिया आत्मनिर्भरता का मार्ग       अपनी सफलता का श्रेय रत्ना मजुमदार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं को दिया है। उनका कहना है कि ‘बिहान’ योजना से जुड़कर ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिला है। सरकार से मिले ऋण और मार्गदर्शन ने उन्हें नई पहचान दिलाई है। बिहान योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक परिवर्तन की नई कहानी लिखी जा रही है। रत्ना मजुमदार जैसी स्वावलंबी महिलाएँ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं

योगी सरकार ने प्रारंभिक शिक्षा को दी नई दिशा, खेल-खेल में सीख रहे हैं बच्चे

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश में शिक्षा की मजबूत नींव आंगनबाड़ी केंद्रों से रख रही है। इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में 20,000 से अधिक सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) किट का वितरण किया गया। प्रदेश सरकार का मानना है कि तीन से छह वर्ष की आयु बच्चों के बौद्धिक विकास की सबसे संवेदनशील अवस्था होती है। ऐसे में यदि इसी चरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री और वैज्ञानिक पद्धति उपलब्ध करा दी जाए, तो आगे की शिक्षा यात्रा सशक्त बनती है।  प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को 39000 रुपये दे रही योगी सरकार  प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) किट के लिए प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को 39000 रुपये योगी सरकार दे रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 में भी 03 से 06 वर्ष तक के बच्चों के लिए ईसीसीई को महत्व देते हुए स्कूली शिक्षा के बुनियादी स्तर में इसे सम्मिलित किया गया है। ईसीसीई के अन्तर्गत संसाधनों के रूप में प्री–स्कूल किट तथा ईसीसीई मैनुअल (पहल), वार्षिक गतिविधि कैलेंडर, बाल गतिविधि पुस्तिका उपलब्ध कराई जाती है। इसके अतिरिक्त नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) से प्रकाशित 06 कहानियों की किताबों के सेट के साथ ही टीचिंग लर्निंग मैटेरियल (टीएलएम) पर आधारित पुस्तिकाएं भी उपलब्ध कराई जा रहीं हैं।  खेल-खेल में सीख रहे हैं बच्चे ईसीसीई किटों के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर मिलता है जिससे उनकी बौद्धिक, शारीरिक और मानसिक क्षमताओं का विकास होता है। ईसीसीई किट के माध्यम से बच्चों को गतिविधि आधारित शिक्षा दी जाती है। रंगीन चार्ट, शैक्षिक खिलौने, पहेलियां और संज्ञानात्मक विकास से जुड़ी सामग्री बच्चों को सहज तरीके से सीखने का अवसर देती है। सरकार का जोर इस बात पर है कि शिक्षा बोझ न बने, बल्कि आनंद के साथ हो। खेल-खेल में अक्षर ज्ञान, संख्या पहचान और सामाजिक व्यवहार की समझ विकसित होगी। इससे बच्चों की जिज्ञासा, कल्पनाशक्ति और अभिव्यक्ति क्षमता को नया आयाम मिलेगा। सक्षम बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण वितरण तक सीमित नहीं रखना चाहती। इन्हें चरणबद्ध तरीके से आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग, बेहतर फर्नीचर, सुरक्षित वातावरण और प्रशिक्षण प्राप्त कार्यकर्त्रियों की उपलब्धता से इन केंद्रों का स्वरूप बदल रहा है। यह बदलाव दर्शाता है कि सरकार प्रारंभिक शिक्षा को मुख्यधारा की नीति के केंद्र में ला रही है। आंगनबाड़ी अब गांव और मोहल्लों में छोटे-छोटे लर्निंग हब के रूप में विकसित हो रहे हैं। सर्वांगीण विकास के लिए ठोस कदम योगी सरकार बच्चों के बौद्धिक, शारीरिक और मानसिक विकास को समान महत्व दे रही है। पोषण, स्वास्थ्य जांच और शिक्षा को एकीकृत कर समग्र विकास का मॉडल तैयार किया गया है। प्रारंभिक अवस्था में सही मार्गदर्शन मिलने से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित होती है। सरकार की यह पहल दर्शाती है कि आने वाली पीढ़ी को सक्षम और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए वह दीर्घकालिक और ठोस कदम उठा रही है।

रंजिश ने लिया हिंसक रूप: कटनी में बमबाजी से 9 घायल, क्षेत्र में पुलिस का कड़ा पहरा

कटनी  माधव नगर बंगला लाइन में गुरुवार को बमबाजी की घटना से क्षेत्र में दहशत फैल गई। पुरानी रंजिश पर कुछ लोगों ने कई देशी बम फेंके, जिसमें झुलसने से 9 लोग घायल हुए हैं और उनमें बच्चे भी शामिल हैं। क्या है मामला जानकारी के अनुसार माधव नगर थाना क्षेत्र के बंगला लाइन कैंप में गुरुवार को पुरानी रंजिश के चलते अचानक हिंसक झड़प हो गई। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान करीब 10 देशी बम फेंके गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। 9 लोग घायल इस घटना में महिला, पुरुष और नाबालिग सहित 8 से 9 लोग घायल हो गए हैं। सभी घायलों को तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल कटनी में भर्ती कराया गया है। पुलिस बल तैनात घटना की सूचना मिलते ही माधव नगर पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बुधवार को बंगला लाइन के काली, मिठ्ठू और अड्डा नामक युवकों का कुछ लोगों से विवाद हुआ था और उसी के चलते आज वाहनों से युवक पहुंचे और क्षेत्र में बम पटककर दहशत फैलाते हुए भाग निकले। पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।

करीना ने इब्राहिम को कहा ‘बिग ब्रो’, बर्थडे पर बुआ सबा की भावुक शुभकामना

मुंबई पटौदी रियासत के वंशज और एक्टर सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम अली खान गुरुवार को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इब्राहिम के जन्मदिन के मौके पर उनके परिवार वालों ने शुभकामनाएं दीं। इब्राहिम की बुआ से लेकर सौतेली मां करीना कपूर तक ने उनके जन्मदिन पर पोस्ट किया है। इब्राहिम की बड़ी बुआ सबा पटौदी ने इंस्टाग्राम के जरिए जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने एक्टर के बचपन की खूबसूरत तस्वीरें पोस्ट कीं। इसके साथ उन्होंने लिखा, ‘इग्गी (इब्राहिम) तुम वह सुपरहीरो हो, जिसमें मुझे हमेशा विश्वास रहा है। मेरा वो बच्चा जिसे मैंने कभी संभाला था। तुम मेरे लिए सब कुछ हो- भाई, भतीजा और बेटा और पोता भी। तुम वो चमकता सितारा हो, जो मजबूत और शानदार होगा।’ सबा ने इब्राहिम के लिए कहा- बिल्कुल तुम्हारे दादा, मेरे अब्बा की तरह सबा ने आगे लिखा, ‘तुम्हारी जिंदगी खुशहाल, सफल और नम्र बनी रहे, बिल्कुल तुम्हारे दादा, मेरे अब्बा की तरह, जिनसे तुम बहुत मेल खाते हो। तुम्हारा दिमाग और आकर्षण, मजबूती और हंसी सब उन्हीं की तरह है। जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं, इब्राहिम। तुमसे बहुत प्यार करती हूं।’ सोहा अली खान ने कहा- इस साल तुम्हारे सारे सपने पूरे होते देखूं इब्राहिम अली खान की छोटी बुआ और एक्ट्रेस सोहा अली खान ने भी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर उनके साथ तस्वीर शेयर की। उन्होंने लिखा, ‘इस साल तुम्हारे सारे सपने पूरे होते देखूं। जन्मदिन मुबारक हो।’ करीना ने कहा- हैप्पी बर्थडे, बिग ब्रो करीना कपूर खान ने इंस्टाग्राम स्टोरी में इब्राहिम की तस्वीर पोस्ट कर लिखा, ‘हैप्पी बर्थडे, बिग ब्रो। सबसे सुंदर लड़के इब्राहिम को जन्मदिन की शुभकामनाएं।’ इब्राहिम ने फिल्म ‘नादानियां’ से एक्टिंग शुरू की इब्राहिम सैफ अली खान और अमृता सिंह के बेटे हैं। इब्राहिम ने फिल्म ‘नादानियां’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था। हालांकि, फिल्म में उनकी एक्टिंग को ज्यादा पसंद नहीं किया गया था। कायोज ईरानी द्वारा निर्देशित फिल्म ‘सरजमीं’ पर नजर आए थे। फिल्म में उन्होंने कर्नल विजय मेनन (पृथ्वीराज सुकुमारन) के बेटे का किरदार निभाया था। फैंस को इस फिल्म में इब्राहिम का काम काफी पसंद आया था। स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘दिलर’ से डेब्यू वर्कफ्रंट की बात करें तो इब्राहिम अब कुणाल देशमुख द्वारा निर्देशित स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘दिलर’ से सिनेमाघरों में डेब्यू करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि फिल्म के बारे में अभी अधिक जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि खबरों के मुताबिक साउथ की मशहूर एक्ट्रेस श्रीलीला इब्राहिम के साथ लीड रोल में होंगी। दिलचस्प बात यह है कि ‘दिलर’ की कास्ट और क्रू ने पिछले साल लंदन में अपना पहला शूटिंग शेड्यूल पूरा किया था।

भैरमगढ़ में पुलिस-नक्सली मुठभेड़: एरिया कमेटी का इनामी माओवादी मारा गया, हथियारों का जखीरा मिला

दंतेवाड़ा दंतेवाड़ा–बीजापुर सीमाक्षेत्र के जंगल-पहाड़ी इलाके में सोमवार को पुलिस और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक सशस्त्र माओवादी मारा गया। मारे गए माओवादी की पहचान भैरमगढ़ एरिया कमेटी के एसीएम राजेश पुनेम के रूप में की गई है, जिस पर शासन द्वारा 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार थाना गीदम क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम गुमलनार, गिरसापारा एवं नेलगोड़ा के मध्य जंगल-पहाड़ क्षेत्र में नक्सली सामग्री एवं हथियारों का डंप छिपाए जाने की विश्वसनीय सूचना मिली थी। इस सूचना पर पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा के निर्देश पर उप पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) राहुल कुमार उयके के नेतृत्व में डीआरजी और बस्तर फाइटर्स के जवानों को योजनाबद्ध तरीके से रवाना किया गया। माओवादियों ने घात लगाकर की अंधाधुंध फायरिंग दोपहर लगभग 12:30 बजे पुलिस बल संभावित डंप स्थल की ओर बढ़ा और जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में सघन सर्चिंग व घेराबंदी शुरू की। रात करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच पहले से घात लगाए बैठे भैरमगढ़ एरिया कमेटी के 8 से 10 सशस्त्र माओवादियों ने पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि माओवादियों की मंशा जवानों की हत्या कर हथियार लूटने की थी। पुलिस पार्टी ने तत्काल सुरक्षित स्थान लेकर माओवादियों को आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन फायरिंग जारी रहने पर जवानों ने आत्मरक्षा में संयमित और सटीक जवाबी कार्रवाई की। प्रभावी जवाबी फायरिंग के बाद माओवादी कमजोर पड़ गए और घने जंगल, पहाड़ी भूभाग तथा अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। सर्चिंग में मिला शव और हथियार मुठभेड़ के बाद क्षेत्र की बारीकी से तलाशी लेने पर एक पुरुष सशस्त्र माओवादी का शव बरामद किया गया। साथ ही बड़ी मात्रा में हथियार और नक्सली सामग्री भी जब्त की गई। बरामद सामग्री में एक एसएलआर रायफल, एक इंसास रायफल, एक पिस्टल (मैगजीन सहित), एक वॉकी-टॉकी सेट, एसएलआर व इंसास की मैगजीन, जिंदा कारतूस, मिसफायर राउंड, खाली खोखे और अन्य सामग्री शामिल है। आत्मसमर्पित कैडर की मदद से मृत माओवादी की पहचान राजेश पुनेम, एसीएम, भैरमगढ़ एरिया कमेटी, निवासी ग्राम बुरजी, थाना गंगालूर, जिला बीजापुर के रूप में की गई। घटना स्थल से शव, हथियार और नक्सली सामग्री को अभिरक्षा में लेकर आईईडी और एंबुश के संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए टैक्टिकल मूवमेंट किया गया। आरओपी और एरिया डोमिनेशन के बाद बल सुरक्षित रूप से जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा लौट आया। पुलिस के अनुसार यह अभियान बिना किसी सुरक्षाबल क्षति के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कोदरिया में अवैध आलू चिप्स कारखानों पर छापा, नियमों के उल्लंघन पर तीन इकाइयां सील

महू क्षेत्र के कोदरिया गांव में बिना अनुमति संचालित हो रहे आलू चिप्स कारखानों से निकलने वाले दूषित पानी और अपशिष्ट को लेकर प्रशासन ने गुरुवार को सख्त कार्रवाई की। महू एसडीएम राकेश परमार के नेतृत्व में दोपहर करीब 2 बजे प्रशासनिक दल ने कोदरिया पहुंचकर कारखानों का निरीक्षण किया और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तीन कारखानों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार विवेक सोनी, तहसीलदार राधा बल्लभ धाकड़, पटवारी विजय भावसार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने क्षेत्र में संचालित कई चिप्स कारखानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई स्थानों पर कारखानों से निकलने वाला कचरा और दूषित पानी खुले में खेतों में फैलता हुआ पाया गया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण फैलने की स्थिति बन रही थी। निरीक्षण के दौरान एक कारखाने में नाबालिग से काम कराए जाने का मामला भी सामने आया। तहसीलदार विवेक सोनी ने मौके पर एक नाबालिग को काम करते हुए पाया। इस पर अधिकारियों ने कारखाना संचालकों को कड़ी फटकार लगाई और संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी। ग्रामीणों के अनुसार, लंबे समय से इन कारखानों से निकलने वाला अपशिष्ट और गंदा पानी खुले में छोड़ा जा रहा था, जिससे खेतों और आसपास के जल स्रोतों के प्रदूषित होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। ग्रामीणों ने बदबू और गंदगी फैलने की भी शिकायत की थी, जिसका खेती और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। एसडीएम राकेश परमार ने बताया कि जांच में तीन आलू चिप्स कारखाने बिना अनुमति के संचालित पाए गए, जिन्हें तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। मौके पर प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे और संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई। प्रशासन द्वारा क्षेत्र के अन्य कारखानों की भी जांच की जा रही है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हीट अलर्ट: राजस्थान में अगले तीन दिन बढ़ेगा तापमान, पश्चिमी जिलों में सतर्कता

जयपुर पश्चिमी हवाओं के गर्म और शुष्क रुख ने सीमावर्ती इलाकों में तपिश को और तेज कर दिया है। राज्य में अधिकतम तापमान लगभग 40 डिग्री तक जा पहुंचा है। बुधवार को बाड़मेर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जयपुर, अजमेर, चूरू और उदयपुर में भी पारा 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। तेज धूप लोगों को कर रही परेशान दिन के समय तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है, हालांकि रात में तापमान गिरने से हल्की ठंडक बनी हुई है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से कम रिकॉर्ड हो रहा है। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र का अनुमान है कि आने वाले दो-तीन दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। खासकर पश्चिमी राजस्थान में गर्म हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। बाड़मेर सबसे गर्म कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र में भी बुधवार को आसमान साफ रहा और पूरे दिन धूप का असर दिखा। पिछले 24 घंटों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क और साफ रहा। उदयपुर, श्रीगंगानगर, कोटा, जोधपुर, जैसलमेर, जयपुर, चूरू, बीकानेर और अजमेर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। बाड़मेर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, सवाई माधोपुर में भी तेज धूप के चलते तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शाम में तापमान 15 डिग्री नीचे दिन की तेज गर्मी के बाद शाम होते ही मौसम में कुछ राहत मिल रही है। रात के समय कई जगहों पर तापमान 15 डिग्री से नीचे चला जाता है। पाली में सबसे ठंडी रात दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा। फतेहपुर (सीकर) में 11 डिग्री और करौली में 11.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। पाकिस्तान से आने वाली गर्म हवाएं बढ़ा रही गर्मी   मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, गुजरात और पाकिस्तान से सटे Arabian Sea में बना एंटी साइक्लोन उच्च दबाव की स्थिति पैदा कर रहा है। इस प्रणाली में हवाएं घड़ी की दिशा में घूमते हुए नीचे की ओर आती हैं, जिससे आसमान साफ रहता है और सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं। साथ ही पाकिस्तान की ओर से आने वाली गर्म हवाएं राजस्थान में प्रवेश कर रही हैं, जिसके कारण प्रदेश के साथ गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भी तापमान बढ़ रहा है।

टॉस से मिली बढ़त, मैदान पर दिखाया दम – अजेय दक्षिण अफ्रीका को हराकर बोले फिन एलन

नई दिल्ली टी20 विश्व कप में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड बनाने वाले न्यूजीलैंड के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज फिन एलन ने कहा कि उन्होंने सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका के अजेय अभियान को रोकने के लिए उसकी हर चुनौती का डटकर सामना करने की रणनीति अपनाई थी। इसमें उनकी टीम सफल रही। टी20 विश्व कप में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड बनाने वाले न्यूजीलैंड के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज फिन एलन ने कहा कि उन्होंने सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका के अजेय अभियान को रोकने के लिए उसकी हर चुनौती का डटकर सामना करने की रणनीति अपनाई थी। इसमें उनकी टीम सफल रही। दक्षिण अफ्रीका टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में चल रही टीम के रूप में सेमीफाइनल में पहुंची थी, क्योंकि वह लगातार सात जीत के साथ प्रतियोगिता में एकमात्र अजेय टीम थी। दक्षिण अफ्रीका ने ग्रुप चरण में न्यूजीलैंड को हराया भी था और सुपर आठ में टूर्नामेंट के मेजबान और प्रबल दावेदार भारत को भी पराजित किया था। लेकिन न्यूजीलैंड ने बुधवार को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए मैच में पिछली बार के उपविजेता को नौ विकेट से हराकर उसे बाहर कर दिया। उसने 43 गेंद शेष रहते जीत हासिल की। केवल 33 गेंद में शतक लगाने वाले एलन ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘हमने बस यही उम्मीद की थी कि (कप्तान मिचेल) सैंटनर टॉस जीतें और पहले बल्लेबाजी का फैसला करें, तो यह पहला चरण पूरा हो गया और उसके बाद उसकी चुनौती का डटकर मुकाबला करना था। मैच पर पकड़ बनाना था और किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटना था।’ पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम पावरप्ले में लय हासिल करने में नाकाम रही, क्योंकि ऑफ-स्पिनर कोल मैककॉन्ची ने दूसरे ओवर में लगातार गेंदों पर क्विंटन डीकॉक और रयान रिकेल्टन के विकेट ले लिए। इसके बाद रचिन रविंद्र और मैट हेनरी ने शिकंजा कसने में देर नहीं लगाई। एलन ने कहा, ‘गेंदबाजों ने हमारे लिए लय बनाई। जिस विकेट को हम बल्लेबाजी के लिए बहुत अच्छा मान रहे थे, उस पर शुरुआती विकेट लेना बेहद महत्वपूर्ण था।’ उन्होंने कहा, ‘उनके (दक्षिण अफ्रीका के) पास अविश्वसनीय रूप से मजबूत बल्लेबाजी लाइन-अप है लेकिन हमारे गेंदबाजों की तारीफ करनी होगी। उन्होंने अच्छी गेंदबाजी करके हमारी जीत की नींव रखी।’ न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों ने अहमदाबाद में ग्रुप चरण में दक्षिण अफ्रीका से मिली हार का भी विश्लेषण किया और उससे मिली सकारात्मक बातों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा, ‘हमने उनके खिलाफ खेले गए पहले मैच का बारीकी से विश्लेषण किया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया लेकिन उनके खिलाफ खेलने से हमें उनकी रणनीतियों के बारे में थोड़ा जानकारी मिली और हमने उसका फायदा उठाने की कोशिश की।’ एलन ने कहा कि हालांकि ईडन गार्डन्स में अधिकतर दर्शक तटस्थ थे, लेकिन उनके माता-पिता संभवतः उन कुछ लोगों में शामिल थे जो न्यूजीलैंड में अपने घर पर लाइव मैच देख रहे थे, जहां तब सुबह का समय था। न्यूजीलैंड भारतीय समयावधि से साढ़े सात घंटे आगे है। एलन ने कहा, ‘मुझे यकीन है कि मेरे माता-पिता पूरा मैच देख रहे थे। उम्मीद है कि उन्हें मुझ पर गर्व होगा।’ एलन ने कहा कि रविवार को होने वाले फाइनल से पहले यह जीत न्यूजीलैंड के मनोबल को काफी बढ़ाएगी। उन्होंने कहा, ‘अब हमारा सामना नई टीम से होगा। परिस्थितियों के साथ और भी कुछ काफी अलग होगा लेकिन हम इस मैच से मिले सकारात्मक पहलुओं पर गौर करेंगे और नए सिरे से शुरुआत करने पर ध्यान देंगे। मुझे लगता है कि अगर हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें तो किसी को भी हरा सकते हैं।’  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88