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सिंधी समाज की एकजुटता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की सराहना

सिंधी समाज की एकजुटता सराहनीय : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री पूज्य छत्तीसगढ़ी सिंधी पंचायत द्वारा आयोजित “सिंधीयत जो मेलो” में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में पूज्य छत्तीसगढ़ी सिंधी पंचायत द्वारा आयोजित “सिंधीयत जो मेलो” में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने सिंधी समाज की एकजुटता और उनकी संघर्षशील परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि सिंधी समाज ने देश के इतिहास के सबसे कठिन दौर—विभाजन की विभीषिका—का सामना किया है। इसके बावजूद इस समाज ने व्यापार और उद्यम के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर देश की आर्थिक उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि विभाजन के समय सिंधी समाज के अनेक परिवारों को अपनी पुश्तैनी संपत्ति और घर-बार छोड़ना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपने आराध्य के प्रति अटूट आस्था और परिश्रम के बल पर उन्होंने नई शुरुआत की और आज सिंधी समाज विकास के नए-नए सोपान रच रहा है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज का यह जुझारूपन और आत्मविश्वास पूरे समाज के लिए प्रेरणास्पद है और इसके लिए समाज के सभी सदस्य प्रशंसा के पात्र हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों से समाज को एकजुट होने का अवसर मिलता है। जब समाज संगठित और मजबूत होता है तो राष्ट्र भी सशक्त बनता है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की एकजुटता वास्तव में सराहनीय है और इस प्रकार के मेलों का सबसे बड़ा उद्देश्य यही होता है कि नई पीढ़ी अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रहे। इस मेले में युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज सिंधी समाज के लोग देश के कोने-कोने में बसे हुए हैं और अपनी मेहनत, लगन तथा उद्यमशीलता के बल पर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने छोटे-छोटे व्यवसाय से शुरुआत कर अपने कार्य को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, जो उनके परिश्रम और दूरदर्शिता का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार  प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत प्रदेश सरकार ने  अधिकांश गारंटियों को पूरा कर लिया है। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर प्रदेश में आज से प्रारंभ की गई गौधाम योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके अंतर्गत पूरे प्रदेश में  गौधाम स्थापित किए गए हैं। इन गौधामों के माध्यम से गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए समुचित व्यवस्था की जाएगी। यहां पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, काऊ कैचर, दवाइयाँ तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और हम उनका पूजन करते हैं। गाय से प्राप्त पंचगव्य को अमृत के समान माना गया है, जो हमारे धार्मिक और सामाजिक जीवन में विशेष महत्व रखता है। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को चेट्रीचंड्र पर्व की अग्रिम शुभकामनाएँ भी दीं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समाज द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया और उनकी सराहना की। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री  केदार कश्यप ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सिंधी समाज अत्यंत मेहनतकश समाज है। उन्होंने समाज द्वारा आयोजित प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज की सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम हैं।  इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक  मोती लाल साहू, धमतरी महापौर  रामू रोहरा, पूज्य छत्तीसगढ़ी सिंधी पंचायत के अध्यक्ष  महेश दरयानी सहित सिंधी समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित  थे।

उरी में घुसपैठ नाकाम, सुरक्षाबलों की मुठभेड़ में पाकिस्तानी आतंकी मारे गए, गोला-बारूद जब्त

 जम्मू जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर में सुरक्षाबलों ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर घुसपैठ की एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया है. ‘ऑपरेशन डिग्गी 2’ (OP DIGGI 2) के तहत चलाए गए एक संयुक्त अभियान में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक पाकिस्तानी आतंकवादी को मार गिराया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर 14 और 15 मार्च 2026 की दरमियानी रात उरी सेक्टर के बुच्छर (Buchhar) इलाके में सेना और पुलिस ने घेराबंदी शुरू की। घने जंगलों का फायदा उठाकर घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों को सतर्क जवानों ने समय रहते भांप लिया. जब आतंकी को रुकने की चुनौती दी गई, तो उसने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में एक पाकिस्तानी आतंकी ढेर हो गया। मारे गए आतंकी के पास से एक एके-राइफल (AK Rifle), पिस्तौल और भारी मात्रा में कारतूस सहित युद्ध जैसे अन्य सामान बरामद हुए हैं. सुरक्षाबलों का मानना है कि यह आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से सीमा पार से आया था. फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं और आतंकी छिपे न हों। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में मुठभेड़ जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा के पास सुरक्षा बलों ने घुसपैठ की एक कोशिश को नाकाम कर दिया. इस दौरान एक संदिग्ध आतंकी मारा गया, जबकि उसके एक साथी की तलाश जारी है. सेना के अनुसार यह घटना मंगलवार 10 मार्च को हुई. इंडियन आर्मी को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ लोग सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं. इसके बाद सेना ने इलाके में निगरानी और तलाशी अभियान शुरू किया. जम्मू स्थित रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि दो संदिग्ध आतंकियों को दोपहर करीब 3 बजे झांगर के पास देखा गया. यह इलाका नौशेरा सेक्टर में LoC के करीब है। खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू हुआ ऑपरेशन भारतीय सेना के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस से घुसपैठ की संभावित कोशिश को लेकर मिली विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर 14 और 15 मार्च 2026 की दरमियानी रात उरी सेक्टर के बुच्छर इलाके में संयुक्त अभियान चलाया गया. ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया. इसी दौरान सैनिकों ने झाड़ियों के पास एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि देखी, जिसके बाद उसे चुनौती दी गई। आतंकवादी ने की अंधाधुंध फायरिंग सुरक्षा बलों द्वारा चुनौती दिए जाने पर संदिग्ध व्यक्ति ने अचानक अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी. इसके जवाब में सेना और पुलिस के जवानों ने भी मोर्चा संभाला और मुठभेड़ शुरू हो गई. कुछ देर चली गोलीबारी के बाद सुरक्षा बलों ने आतंकवादी को मार गिराया। सुरक्षा बलों  के साथ मुठभेड़ सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. इस दौरान एक संदिग्ध आतंकी मारा गया. दूसरे आतंकी की तलाश के लिए इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. सेना के अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बल पूरे इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और घुसपैठिया छिपा हुआ न हो।

बाबर आजम और फखर जमां की चोट के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में असमंजस, PCB जांच करेगा

 इस्लामाबाद पाकिस्तान क्रिकेट में हर-दिन कुछ ना कुछ एक्शन होता रहता है. अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) पूर्व कप्तान बाबर आजम और सलामी बल्लेबाज और फखर जमां की चोट को लेकर जांच करने जा रहा है. ये दोनों स्टार खिलाड़ी आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान फिट नहीं थे, जिसका खुलासा अब हुआ है। पाकिस्तानी चयनकर्ता और पूर्व तेज गेंदबाज आकिब जावेद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चयन समिति को टी20 वर्ल्ड कप के दौरान इन चोटों की जानकारी नहीं थी. उन्होंने बताया कि चयनकर्ताओं ने पीसीबी से इस पूरे मामले की जांच करने का अनुरोध किया है. आकिब ने कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि खिलाड़ियों को चोट कब लगी और इसकी जानकारी समय पर क्यों नहीं दी गई. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ चयन समिति के अन्य सदस्य मिस्बाह उल हक, सरफराज अहमद और असद शफीक भी मौजूद थे। आकिब जावेद ने कहा, ‘फखर जमां भी चोटिल हैं. हमने इस मामले में क्रिकेट बोर्ड से जांच की मांग की है. ऐसा कैसे हो सकता है कि हमें फखर के अनफिट होने का पता वर्ल्ड कप खत्म होने के बाद चला.’ उन्होंने यह भी कहा कि टीम के हेड कोच और फिजियो को खिलाड़ियों की फिटनेस के बारे में अपडेट रखना चाहिए। बाबर क्यों वनडे सीरीज से बाहर रहे? आकिब जावेद ने यह भी स्पष्ट किया कि बाबर आजम को बांग्लादेश के खिलाफ चल रही वनडे सीरीज के लिए पाकिस्तान टीम में क्यों नहीं चुना गया. उनके मुताबिक बाबर अभी चोट से जूझ रहे हैं, इसी वजह से वह बांग्लादेश सीरीज के साथ-साथ घरेलू नेशनल टी20 कप में भी हिस्सा नहीं ले सके। आकिब जावेद ने कहा, ‘बाबर आजम चोटिल हैं, इसलिए उन्हें बांग्लादेश सीरीज के लिए नहीं चुना गया. वह नेशनल टी20 कप खेलना चाहते थे, लेकिन उनकी फिटनेस ने इसकी अनुमति नहीं दी। आकिब जावेद ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान टीम वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच जाती, तो क्या दोनों खिलाड़ी अचानक फिट घोषित कर दिए जाते? आकिब ने यह भी बताया कि चयन समिति ने पहले ही तय कर लिया था कि वर्ल्ड कप के बाद बांग्लादेश दौरे पर युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाएगा. उनके मुताबिक टीम मैनेजमेंट भविष्य के लिए ज्यादा विकल्प तैयार करने के उद्देश्य से नई प्रतिभाओं को मौका दे रहा है।  

ड्रोन हमलों के जवाब में पाकिस्तान की कंधार में एयरस्ट्राइक, सैन्य ठिकाने को किया लक्षित

कंधार पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कंधार इलाके में तालिबान से जुड़े सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है. पाकिस्तान का कहना है कि यह कार्रवाई हाल ही में उसके शहरों के ऊपर देखे गए ड्रोन हमलों के जवाब में की गई। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में कई ड्रोन पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों के ऊपर देखे गए थे. सुरक्षा एजेंसियों ने इन ड्रोन को समय रहते रोक लिया, इसलिए वे अपने निशाने तक नहीं पहुंच पाए. हालांकि कुछ जगहों पर ड्रोन के मलबे गिरने से नुकसान हुआ. क्वेटा में मलबा गिरने से दो बच्चे घायल हो गए, जबकि कोहाट और रावलपिंडी में भी कुछ लोगों के घायल होने की खबर सामने आई। ड्रोन की गतिविधि सामने आने के बाद एहतियात के तौर पर इस्लामाबाद के आसपास का हवाई क्षेत्र कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया. इसके बाद पाकिस्तान ने कहा कि नागरिक इलाकों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना “रेड लाइन पार करने” जैसा है। कंधार में मौजूद ठिकाने से ड्रोन हमले की प्लानिंग का दावा पाकिस्तान का आरोप है कि इन ड्रोन हमलों की योजना अफगानिस्तान के कंधार में मौजूद ठिकानों से बनाई गई थी. इसी वजह से पाकिस्तान ने वहां एयरस्ट्राइक करते हुए तकनीकी ठिकानों और हथियारों के भंडार को निशाना बनाया. समा टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक इन ठिकानों का इस्तेमाल तालिबान से जुड़े लड़ाके करते थे। UN के लिए इस्तेमाल होने वाले फ्यूल डिपो पर PAK का हमला इस बीच अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने भी पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए हैं. काबुल का कहना है कि शुक्रवार को पाकिस्तान ने राजधानी काबुल और पूर्वी अफगानिस्तान के कुछ इलाकों में हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम छह आम लोगों की मौत हो गई और करीब 15 लोग घायल हो गए। अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तानी विमानों ने कंधार एयरपोर्ट के पास मौजूद निजी एयरलाइन Kam Air के फ्यूल डिपो को भी निशाना बनाया. उनके मुताबिक यह ईंधन नागरिक और संयुक्त राष्ट्र की उड़ानों के लिए इस्तेमाल होता है। ड्रोन हमलों के बीच बम धमाका पाकिस्तान ने आम लोगों को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया है. पाकिस्तान का कहना है कि उसकी कार्रवाई सिर्फ पाकिस्तानी तालिबान (TTP) के लड़ाकों और उनके नेटवर्क के खिलाफ है. इसी बीच पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी जिले लक्की मरवत में सड़क किनारे हुए एक बम धमाके में सात पाकिस्तानी पुलिसकर्मियों की मौत हो गई. इस घटना ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को X पर दावा किया कि पूर्वी प्रांत कुनार और नंगरहार में सीमा पर तैनात उसकी सेना ने पाकिस्तान की एक चौकी पर कब्जा कर लिया और 14 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया. हालांकि इस्लामाबाद में पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने इस दावे को बेबुनियाद बताया और कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

PNG कनेक्शन वाले घरों के लिए LPG सिलेंडर पर रोक, गैस संकट के बीच सरकार का ऐलान

  नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में जारी तनाव की वजह से दुनियाभर में ऊर्जा संकट का खतरा मंडरा रहा है. भारत में भी गैस सिलेंडर को लेकर शहर-शहर कालाबाजारी और अवैध भंडारण को रोकने के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है. इस बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू गैस कनेक्शन को लेकर नया और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. इस आदेश के अनुसार, जिन लोगों के घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन उपलब्ध है, वे अब एक साथ घरेलू LPG कनेक्शन नहीं रख सकेंगे. इसका मतलब यह है कि ऐसे उपभोक्ताओं को अपना LPG सिलेंडर कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा। मंत्रालय ने साफ किया है कि जिनके पास PNG कनेक्शन है, वे सरकारी तेल कंपनियों या उनके डिस्ट्रीब्यूटर्स से LPG सिलेंडर का रिफिल नहीं प्राप्त कर सकेंगे. यह कदम घरेलू गैस के बेहतर प्रबंधन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को ऑर्गेनाइज्ड और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार का मानना है कि PNG और LPG दोनों कनेक्शन एक साथ रखने से गैस की आपूर्ति में असमानता, दुर्व्यवहार और संसाधनों के अनावश्यक दोहरे उपयोग की समस्या उत्पन्न होती है. इसलिए, इस प्रतिबंध के माध्यम से उपभोक्ताओं को एक ही स्रोत से गैस की व्यवस्था करने पर मजबूर किया जा रहा है, जिससे आपूर्ति में पारदर्शिता और बचत सुनिश्चित हो सके। यह आदेश खासतौर से उन उपभोक्ताओं के लिए है जिनके घरों में पहले से ही PNG का कनेक्शन है. उनकी सहूलियत के लिए मंत्रालय ने कहा है कि वे जल्द से जल्द अपने घरेलू LPG कनेक्शन को सरेंडर करें, अन्यथा उन्हें LPG सिलेंडर की आपूर्ति रोक दी जाएगी। भारत में गैस संकट: कारण, सरकार की तैयारी और आगे की राह मिडिल ईस्ट में ईरान-इजरायल युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया, जिससे भारत के लिए LPG और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बाधित हो गई है. भारत अपनी घरेलू जरूरतों का भारी मात्रा में एलपीजी आयात करता है, जिसकी वजह से स्टॉक तेजी से कम हो रहा है. दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों में गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं और कई रेस्टोरेंट गैस की कमी के कारण बंद हो रहे हैं. हालांकि, अभी PNG और CNG की आपूर्ति सही स्थिति में है, लेकिन इनकी स्थिति भी संकटग्रस्त है। सरकार ने चिंता कम करने के लिए पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के माध्यम से आश्वासन दिया है कि घरेलू ग्राहकों को प्राथमिकता दी जा रही है और उनके पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. मंत्री ने बताया कि 70-80 फीसदी इंडस्ट्री को गैस मिल रही है और आयात के स्रोतों को दूसरे देशों की ओर शिफ्ट कर दिया गया है. साथ ही, ईंधन संकट को लेकर फैल रही अफवाहों को निराधार बताया गया. इसके अलावा, सरकार ने PDS के तहत केरोसिन की आपूर्ति भी बढ़ा दी है ताकि ग्रामीण और बीपीएल परिवारों की जरूरतें पूरी की जा सकें। सरकार ने संकट से निपटने के लिए छह बड़े कदम उठाए हैं, जिनमें रिफाइनरियों से LPG उत्पादन बढ़ाना, बुकिंग और सप्लाई सिस्टम को बेहतर बनाना, और जमाखोरी पर रोक लगाना शामिल है. नया ‘प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश 2026’ भी लागू किया गया है, जिसके तहत आवश्यक गैस आपूर्ति के लिए रिफाइनरियों और GAIL के बीच समन्वय बढ़ाया गया है. साथ ही, एलएनजी के लिए अल्जीरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास जारी हैं. एक तीन सदस्यीय मॉनिटरिंग पैनल गठित किया गया है जो स्थिति पर कड़ी नजर रखेगा। कमर्शियल सेक्टर में गैस की कमी के कारण रेस्टोरेंट संचालन में 20-30 फीसदी गिरावट देखी गई है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार ने LPG के विकल्प के रूप में PDS के तहत केरोसिन की मात्रा बढ़ाई है, जो ख़ासतौर से ग्रामीण और बीपीएल परिवारों को दी जाएगी. स्थानीय स्तर पर कोयला और बायोमास का उपयोग भी बढ़ाने को कहा गया है. पर्यवेक्षण बढ़ाकर कालाबाजारी रोकने के प्रयास भी तेज किए गए हैं।

महाजंग के कारण एयर इंडिया ने रद्द की अबू धाबी की सभी और दुबई की 5 फ्लाइट्स

 नई दिल्ली मध्य पूर्व (Middle East) में गहराते युद्ध के बादलों ने अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. कई देशों द्वारा अपने एयरस्पेस (वायु क्षेत्र) को बंद करने या पाबंदियां लगाने के कारण वैश्विक उड़ानों का पूरा शेड्यूल बिगड़ गया है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एअरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा जारी नए निर्देशों के बाद एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों पर भी बड़ा असर पड़ा है। 15 मार्च 2026 के लिए निर्धारित कई ‘एड-हॉक’ (ad-hoc) उड़ानों को रद्द करना पड़ा है, जिससे भारत और यूएई के बीच यात्रा करने वाले सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं। एअर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि दुबई एअरपोर्ट अथॉरिटी के निर्देशों के कारण उसे अपनी उड़ानें कम करने पर मजबूर होना पड़ा है. एअर इंडिया की दिल्ली-दुबई मार्ग पर केवल एक रिटर्न फ्लाइट संचालित होगी, जबकि पांच में से चार निर्धारित उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। एअर इंडिया एक्सप्रेस की दुबई के लिए छह में से पांच उड़ानें रद्द हैं, केवल एक दिल्ली-दुबई रिटर्न फ्लाइट चलेगी. अबू धाबी के लिए एअर इंडिया एक्सप्रेस की सभी पांचों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। शारजाह: एयर इंडिया एक्सप्रेस दिल्ली, कन्नूर, कोच्चि, कोझिकोड, मुंबई और तिरुवनंतपुरम के लिए उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है. रास अल खैमाह: कोझिकोड और कोच्चि के लिए उड़ानें चलेंगी। कंपनी ने साफ किया है कि ये उड़ानें भी स्लॉट की उपलब्धता और परिचालन के समय की स्थितियों पर निर्भर करेंगी. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें।

बांधवगढ़ में ‘मोबाइल कांड’ कोर जोन में टाइगर के सामने अधिकारी का वीडियो वायरल, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर उठे सवाल

Bandhavgarh’s ‘Mobile Scandal’: Video of officer in front of tiger in core zone goes viral, questions raised on Supreme Court’s directives उमरिया । देश के सबसे प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व में शामिल बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एक बार फिर बड़े विवाद में घिर गया है। इस बार मामला सीधे वन्यजीव संरक्षण नियमों और अधिकारियों की जवाबदेही से जुड़ गया है।टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में सफारी के दौरान मोबाइल फोन के कथित उपयोग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पर्यटन विभाग के सहायक संचालक दिलीप कुमार मराठा टाइगर की फोटो और वीडियो बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं।यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब वन्यजीव संरक्षण को लेकर देश में नियमों को सख्ती से लागू करने की बात कही जा रही है। ताला जोन में दिखा ‘बजरंग’, और शुरू हो गया विवादसूत्रों के अनुसार 13 मार्च 2026 की शाम की सफारी के दौरान ताला जोन में वीआईपी पर्यटकों के साथ भ्रमण के समय चर्चित टाइगर ‘बजरंग’ दिखाई दिया।इसी दौरान सामने आए वायरल वीडियो में सहायक संचालक दिलीप मराठा कथित रूप से मोबाइल फोन से टाइगर की फोटो और वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं।वन विभाग की सफारी गाइडलाइन के अनुसार कोर क्षेत्र में अनावश्यक मोबाइल उपयोग को हतोत्साहित किया जाता है, क्योंकि इससे वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में व्यवधान की आशंका रहती है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भी सवालमामले ने इसलिए और तूल पकड़ लिया है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने 17 नवंबर 2025 को संरक्षित क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों के संचालन को लेकर कड़े निर्देश दिए थे।इन निर्देशों में वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप रोकने और संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया था।ऐसे में कोर क्षेत्र में मोबाइल फोन उपयोग का आरोप सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या इन निर्देशों का पालन वास्तव में हो रहा है। पर्यटकों ने भी जताई नाराजगीसफारी में मौजूद कुछ पर्यटकों ने भी इस घटना पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि“जब पर्यटकों को बार-बार मोबाइल फोन निकालने से रोका जाता है, तो अधिकारियों द्वारा स्वयं मोबाइल से टाइगर की फोटो लेना नियमों के दोहरे मापदंड को दिखाता है।”सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो तेजी से फैल रहा है और लोग वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। पहले भी विवादों में रहा नामवन विभाग के सूत्रों के अनुसार सहायक संचालक दिलीप मराठा का नाम पहले भी कई विवादों से जुड़ चुका है।अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और गाली-गलौज के आरोपएक डिप्टी रेंजर द्वारा कथित प्रताड़ना से आहत होकर आत्महत्या का प्रयासताला क्षेत्र के बठान इनक्लोजर में रखे दो बाघ शावकों में से एक का रहस्यमय तरीके से लापता होनासूत्रों का यह भी कहना है कि उस समय इन शावकों की वीआईपी पर्यटकों को कथित रूप से विशेष फोटोग्राफी कराई जाती थी, जिससे वन विभाग के भीतर भी चर्चा हुई थी। निलंबन, कोर्ट और फिर वही पोस्टिंगबताया जाता है कि पूर्व में विवादों के चलते उन्हें निलंबित भी किया गया था। बाद में उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और निलंबन आदेश पर स्थगन प्राप्त कर लिया।इसके बाद से वे लंबे समय से उसी क्षेत्र में पदस्थ बताए जाते हैं, जिस पर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। अब कार्रवाई पर देश की नजरताजा वायरल वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, वन्यजीव प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है।अब निगाहें मध्यप्रदेश वन विभाग के शीर्ष अधिकारियों — प्रमुख सचिव संदीप यादव और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (बल प्रमुख) शुभरंजन — पर टिकी हैं कि क्या वायरल वीडियो की जांच कर कोई सख्त कार्रवाई की जाएगी या मामला फिर प्रशासनिक फाइलों में दब जाएगा। बड़ा सवालक्या देश के प्रतिष्ठित टाइगर रिजर्व में नियम केवल पर्यटकों के लिए हैं, या अधिकारियों पर भी समान रूप से लागू होंगे?बांधवगढ़ का यह ताजा विवाद अब केवल स्थानीय मुद्दा नहीं रहा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ सकता है।

एमसीबी जिला: 60 ग्राम पंचायतों ने बाल विवाह मुक्त बनाने में प्राप्त की महत्वपूर्ण उपलब्धि

बाल विवाह मुक्त बनने की राह पर एमसीबी जिला, 60 ग्राम पंचायतों की उल्लेखनीय उपलब्धि एमसीबी जिले में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत बड़ी उपलब्धि सामने आई है। संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग रायपुर के पत्र क्रमांक 33/10568/मवादि/मि.वा./सारा/2025-26 दिनांक 09 सितम्बर 2025 के निर्देशानुसार ऐसे ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाना है, जहां विगत दो वर्षों में बाल विवाह का कोई भी प्रकरण दर्ज नहीं हुआ हो। इसी के तहत जिले के विभिन्न विकास खंडों से प्रस्ताव प्राप्त हुए और नियमानुसार जांच के बाद संबंधित दस्तावेज महिला एवं बाल विकास विभाग को प्राप्त हुए। इसके पश्चात 06 मार्च 2026 को दावा-आपत्ति के लिए पत्र जारी किया गया था, लेकिन निर्धारित तिथि तक महिला एवं बाल विकास विभाग जिला एमसीबी कार्यालय में कोई भी दावा या आपत्ति प्राप्त नहीं हुई। हालांकि चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से कुछ ग्राम पंचायतों में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर ब्लॉक खड़गवां के ग्राम पंचायत आमालाड, मुकुन्दपुर और दुग्गी, ब्लॉक भरतपुर के ग्राम पंचायत सेमरिया तथा ब्लॉक मनेन्द्रगढ़ के ग्राम पंचायत डंगौरा और चिमटीमार को सूची से विलोपित कर दिया गया है। कलेक्टर की अनुशंसा के आधार पर चयनित ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों को तीन चरणों में बाल विवाह मुक्त होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा तथा आगे की प्रक्रिया के तहत जिले के अन्य पंचायतों और नगरीय निकायों को भी प्रमाण पत्र प्रदान कराया जाएगा।  बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत विकासखण्ड मनेन्द्रगढ़ की ग्राम पंचायत चौघड़ा, तेन्दूडांड, बंजी, बिहरापुर, भलौर, हस्तिनापुर, पिपरिया, चिरईपानी, चैनपुर, कठौतिया, छिपछिपी, सेमरा, बुन्देली, सिरौली, भौता, शंकरगढ़, बॉही, बिरौरीडांड, गरूणडोल, बुलाकीटोला, घाघरा, उजियारपुर, बौरीडांड, महाई, बेलबहरा, डुगला, रोझी, चनवारीडांड, मनवारी, डोडकी, केल्हारी, रोकड़ा, ताराबहरा, केराबहरा, परसगढ़ी, डिहुली और कछौड शामिल हैं। इसके साथ ही विकासखण्ड भरतपुर की ग्राम पंचायत बरहोरी, चांटी, ओहनिया, नेरूआ, बड़गांव कला, केसौड़ा, डोमहरा और कुदरा तथा विकासखण्ड खड़गवां की ग्राम पंचायत बोडेमुडा, छोटेकलुआ, पेण्ड्री, बरदर, गिद्धमुड़ी, अखराडांड, जड़हरी, मंगोरा और बेलकामार ग्राम पंचायत भी इस सूची में शामिल हैं। जिले में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान, महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और आमजन की सक्रिय भागीदारी के कारण बाल विवाह रोकने की दिशा में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है, जो समाज में जागरूकता और बेटियों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

युवाओं के लिये बनेगा खेल स्टेडियम, बरही में बनेगा वॉलीबॉल का इंडोर स्टेडियम: CM यादव

कटनी में शीघ्र खुलेगा मेडिकल कॉलेज : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी मिलेगी बिजली युवाओं के लिये बनेगा खेल स्टेडियम बरही में बनेगा वॉलीबॉल का इंडोर स्टेडियम जलाशय और नहरों का होगा जीर्णोद्धार मुख्यमंत्री ने बरही के कृषि महोत्सव में विकास कार्यों की दी सौगात कटनी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार धरती पुत्र किसान की खुशहाली और विकास के लिए कृत संकल्पित है। राज्य सरकार किसानों और लाड़ली बहनों सहित हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। सरकार ने गांव-गांव तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने का संकल्प लिया है। किसानों को सिंचाई के लिए अब दिन में भी बिजली मिलेगी। किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है। जरूरतमंदों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, इसके लिए प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि कटनी में शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज खोला जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कटनी जिले के बरही में आयोजित किसान सम्मेलन कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषक कल्याण वर्ष 2026 में कटनी को 1000 करोड़ की सौगात दी एवं जिले के लिए 243 करोड़ रूपये की लागत के 97 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इसमें नवर्निमित पुल, महाविद्यालय और सांदीपनि विद्यालय भी शामिल हैं। किसानों की समृद्धि पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। विजयराघवगढ़ के नागरिकों ने भव्य रोड-शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी अभिवादन कर स्वागत के लिये जनता का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बड़े तालाब के सौंदर्यीकरण की सौगात दी एवं उन्होंने विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  विजयनाथ धाम की नगरी बरही में आयोजित किसान सम्मेलन में किसान कल्याण को समर्पित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक स्वरूप हल और स्मृति-चिन्ह के तौर पर लड्डू गोपाल की मूर्ति भेंट किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 9 लाख करोड़ की नई रोजगार आधारित औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। मध्यप्रदेश, देश में सबसे तेज गति से विकास करने वाला राज्य बना है। प्रदेश में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से भी कम है। राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले में जलाशयों और नहरों के जीर्णोद्धार के साथ ही सड़क निर्माण एवं पुलिया के उन्नयन के कार्य भी किये जायेंगे। बरही में वॉलीबॉल का इंडोर स्टेडियम बनायेंगे। साथ ही महानदी और उमड़ार नदी के संगम पर सिंचाई परियोजना की सौगात दी जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में युवाओं के लिये खेल स्टेडियम का निर्माण भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं है। प्रदेश सरकार को बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 27 हजार लाड़ली बहनों को साढ़े 1800 करोड़ से अधिक की राशि प्रदान की है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के 3 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं और सभी पात्र हितग्राहियों को हर माह 1500 रुपए की सौगात मिल रही है। ग्रामीणों के सिर पर पक्के मकान की छत मिले, इसके लिए बहुत जल्द सर्वे शुरू किया जाएगा। सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए सरकार ने ‘राहवीर योजना’ की शुरुआत की है। घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को सरकार 25 हजार की प्रोत्साहन राशि दी है। पीएम राहत योजना के तहत अस्पताल में घायल के लिए डेढ़ लाख रुपए तक के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था है। नागरिकों की जान बचाने के लिए एयर एम्बुलेंस का नवाचार प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार सिंचाई के लिए पर्याप्त जल, बिजली और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में वर्ष 2004 से अब तक गेहूं के मूल्य में 2000 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक की वृद्धि हुई है। किसानों को बोनस का लाभ देकर इस वर्ष 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। प्रदेश में पिछले 2 वर्ष में सिंचाई का रकबा बढ़कर 55 लाख हैक्टेयर हो गया है, जिसे आगामी वर्षों में 100 लाख हैक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को सालभर में 12 हजार रुपए की सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दूध-दही हजारों साल से भारत की पहचान है। राज्य सरकार ने प्रदेश में दूध का उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए माता यशोदा योजना में स्कूलों में बच्चों को नि:शुल्क दूध के पैकेट वितरित किये जाएंगे। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब ड्रॉप आउट 6 प्रतिशत से शून्य पर आ गया है। मध्यप्रदेश इस मामले में राष्ट्रीय औसत से आगे निकल चुका है। राज्य सरकार स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में युवाओं को मौके दिए जा रहे हैं। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत होने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने देश के हितों को सर्वोपरि रखा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बीच हमारे जहाज तिरंगा लगाकर शान से स्वदेश लौट रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों में खाड़ी के देशों में जारी संकट के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान शर्मनाक हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने हर बार की तरह अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए युद्ध में फंसे विद्यार्थियों और नागरिकों को सुरक्षित निकाला है। सांसद  विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1000 करोड़ की सौगातें दी हैं। बाणसागर डैम से 161 करोड़ की सिंचाई योजना से किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। क्षेत्र में नए पुल निर्माण के लिए 95 करोड़ की राशि दी गई है। कटनी क्षेत्र में कृषि को नए आयाम देने के लिए एग्रीकल्चर विलेज की स्थापना की जा सकती है। विधायक  संजय पाठक ने कहा कि कृषि कल्याण वर्ष में कटनी को अनेक सौगातें मिली हैं। स्कूल शिक्षा एवं … Read more

बस्तर में शांति और खुशहाली की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सफलता

बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल करने में हो रहे हैं कामयाब: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ‘आदि परब’ जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को साझा मंच प्रदान करने का बेहतर आयोजन ‘आदि परब’ चित्रकला और परिधान को मिला ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड’ पुरस्कार मुख्यमंत्री ने 43 जनजातियों के पारंपरिक परिधान में सजे अटायर शो का लिया आनंद जनजातीय विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा और शोधार्थियों के लिए 100 सीटर छात्रावास का लोकार्पण हर्षोल्लास के साथ ‘आदि परब’ का हुआ समापन रायपुर  हमारी सरकार जनजातीय समाज के भविष्य को संवारने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के दृढ़ संकल्प से अब हम बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल करने में कामयाब हो रहे हैं। बस्तर पिछले लगभग 40 वर्षों से विकास से अछूता रहा और लंबे समय तक नक्सल प्रभाव से प्रभावित था, लेकिन अब परिस्थितियाँ तेजी से बदल रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश जल्द ही नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे जनजातीय समाज में अमन-चैन के साथ-साथ खुशहाली और समृद्धि का नया दौर आएगा।मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) परिसर में आयोजित दो दिवसीय ‘आदि परब’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ‘आदि परब’ की थीम ‘परंपरा से पहचान तक’ रखी गई है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को साझा मंच देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी लोक कलाकारों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 43 विभिन्न जनजातियों के लोग एक मंच पर एकत्रित हुए, जो हमारी सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस सफल आयोजन के लिए विभाग की पूरी टीम को बधाई दी तथा ‘आदि परब’ चित्रकला और परिधान को मिले ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ पुरस्कार के लिए भी शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टीआरटीआई परिसर में 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 100 सीटर छात्रावास का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय बाहुल्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में इस प्रकार के आयोजन का विशेष महत्व है, क्योंकि यह हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं की व्यापकता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में पारंपरिक चित्रकला, शिल्प, हाट-बाजार और पारंपरिक व्यंजनों का अद्भुत संगम देखने को मिला। हमारी लोक परंपराएँ ही हमारी असली पहचान हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां स्थित दो संग्रहालयों में से एक शहीद वीर नारायण सिंह जी की जीवनगाथा को समर्पित है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देश के पहले डिजिटल ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय’ का लोकार्पण किया था, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे जनजातीय संग्रहालय में जन्म, विवाह और मृत्यु संस्कारों सहित जनजातीय जीवन के विभिन्न अवसरों पर पहने जाने वाले पारंपरिक परिधानों और रीति-रिवाजों का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया गया है। आधुनिकता की दौड़ में हमें अपनी विलुप्त होती सांस्कृतिक विरासत को सहेजना होगा। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि आज देश में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जैसे नेतृत्व के कारण आदिवासी समाज का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति के लिए आदिवासी समाज की बेटी मती द्रौपदी मुर्मु को अवसर मिला, जो पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ में चिन्हित 6 हजार 691 बसाहटों का कायाकल्प किया जा रहा है। अति पिछड़ी जनजातियों को मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों को सड़क, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस योजना के तहत प्रदेश की 2300 से अधिक पीवीटीजी बसाहटों के 56 हजार से अधिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्लानार योजना (आपका अच्छा गांव) हमारी सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के जनजातीय गांवों तक सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहुंचाई जा रही हैं। साथ ही इन क्षेत्रों के लोगों को अब सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद जनजातीय समाज के गौरव के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। इनमें शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय और जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं पर आधारित संग्रहालय प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि यह देश का ऐसा डिजिटल संग्रहालय है जिसका अध्ययन करने देश और विदेश से लोग आ रहे हैं। संग्रहालय में अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष करने वाले जनजातीय नायकों और आंदोलनों की जीवंत प्रस्तुति की गई है, जो समाज के गौरव को बढ़ाती है। उन्होंने बताया कि सरकार 3357 आश्रम-छात्रावास, 17 प्रयास विद्यालय और 75 एकलव्य विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय वर्ग के भविष्य को संवारने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सरकार ने एफआरए के तहत 4 लाख 25 हजार 425 हितग्राहियों को 3.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पट्टा प्रदान किया है। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने ‘परंपरा से पहचान तक’ की थीम पर आयोजित ‘आदि परब’ के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमने नक्सलवाद की पीड़ा को नजदीक से देखा है और अब डबल इंजन की सरकार के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद समाप्ति की ओर बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त कराने में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने ‘आदि परब’ के माध्यम से जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को दुनिया तक पहुंचाने के इस प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने यूपीएससी … Read more

राम नवमी 2026: 26 या 27 मार्च को मनाई जाएगी, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

इंदौर हिंदू धर्म में राम नवमी का पर्व भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में जाना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार त्रेता युग में चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अयोध्या में भगवान राम का जन्म हुआ था. तभी से इस तिथि पर देशभर में राम नवमी का पर्व मनाने की परंपरा चली आ रही है. इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. भगवान राम की कथा व भजन-कीर्तन किए जाते हैं. माना जाता है कि इस दिन श्रीराम की सच्चे मन से पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।  राम नवमी 2026 कब है? पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि का आरंभ 26 मार्च 2026 को सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर होगा. इसका समापन 27 मार्च 2026 को सुबह 10 बजकर 6 मिनट पर होगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान राम का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था. इसलिए वर्ष 2026 में 26 मार्च 2026 को राम नवमी का पर्व मनाना अधिक शुभ माना जा रहा है. हालांकि जो लोग उदयातिथि के आधार पर पर्व मनाते हैं, वे 27 मार्च 2026 को भी राम नवमी मना सकते हैं।  26 मार्च 2026 का शुभ मुहूर्त सूर्योदय: सुबह 06:18 बजे मध्याह्न मुहूर्त: सुबह 11:13 से दोपहर 01:40 बजे तक मध्याह्न का क्षण: दोपहर 12:26 बजे 27 मार्च 2026 का शुभ मुहूर्त सूर्योदय: सुबह 06:17 बजे     मध्याह्न मुहूर्त: सुबह 11:12 से दोपहर 01:40 बजे तक     मध्याह्न का क्षण: दोपहर 12:26 बजे राम नवमी की पूजा विधि सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ या पीले रंग के वस्त्र धारण करें. भगवान राम का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें. गंगाजल या पंचामृत से भगवान राम,  सीता और लक्ष्मण की प्रतिमाओं का अभिषेक करें.पूजा में चंदन, अक्षत, फूल, फल और मिठाई अर्पित करें. देसी घी का दीपक जलाकर मंत्र जाप और राम नाम का कीर्तन करें. अंत में आरती करके भगवान से सुख-समृद्धि की कामना करें।   व्रत का पारण कब करें? राम नवमी के दिन व्रत रखने वाले भक्त अगले दिन नवमी तिथि समाप्त होने के बाद भगवान राम को अर्पित किए गए प्रसाद को ग्रहण करके व्रत का पारण कर सकते हैं. मान्यता है कि राम नवमी के दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान राम की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं. धर्म व सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। 

एमपी में 23 मार्च तक रिजल्ट घोषित होगा, 1 अप्रैल से स्कूल खुलेंगे, ड्रॉप-आउट रोकने के लिए शिक्षक करेंगे घर-घर संपर्क

भोपाल मध्य प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारियां तेज हो गई हैं. लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) से मिली जानकारी के अनुसार 8वीं, 9वीं और 11वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम 23 मार्च तक घोषित कर दिए जाएंगे. इसके बाद 24 से 31 मार्च तक विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा. वहीं एक अप्रैल से प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में नई कक्षाएं शुरू होंगी और प्रवेशोत्सव के साथ विशेष नामांकन अभियान भी चलाया जाएगा। हर कक्षा में बनाया जाएगा एक वार्डन स्कूल शिक्षा विभाग ने इस बार सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और ड्रॉप-आउट कम करने के लिए विशेष रणनीति बनाई है. डीपीआई द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत प्रत्येक कक्षा में एक शिक्षक को ‘वार्डन’ की जिम्मेदारी दी जाएगी. यह शिक्षक विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर नजर रखेगा. जो बच्चे लगातार अनुपस्थित रहेंगे, उनके अभिभावकों से सीधे संपर्क करेगा। लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त शिल्पा गुप्ता ने बताया कि नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षकों को घर-घर जाकर संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं. इस दौरान शिक्षक अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देंगे. इनमें निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, स्कॉलरशिप सहित अन्य शासकीय योजनाएं शामिल हैं. विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कर स्कूलों में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई जाए। सरकारी स्कूलों में रंगाई-पुताई के निर्देश नए सत्र की तैयारियों को लेकर स्कूलों को भी कई निर्देश दिए गए हैं. एक अप्रैल से पहले सभी स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों का वितरण पूरा कर लिया जाएगा, ताकि सत्र की शुरुआत से ही पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू हो सके. इसके अलावा स्कूल भवनों की रंगाई-पुताई और साफ-सफाई का काम 30 मार्च तक पूरा करने को कहा गया है। बीते साल 3.43 लाख बच्चों ने रोकी पढ़ाई दरअसल प्रदेश में बढ़ते ड्रॉप-आउट को देखते हुए सरकार और शिक्षा विभाग चिंतित है. पिछले वर्ष प्रदेश में करीब 3.43 लाख बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया था. इनमें सबसे अधिक 2.66 लाख बच्चे सरकारी स्कूलों के हैं. 52 जिलों में सबसे ज्यादा खरगोन जिले से 20 हजार से अधिक बच्चे ड्रॉप-आउट हुए, जिन्होंने कहीं भी दोबारा प्रवेश नहीं लिया। बजट बढ़ा, लेकिन कम हुई विद्यार्थियों की संख्या जानकारी के अनुसार आठ साल पहले प्रदेश में पहली से 12वीं तक के स्कूलों में करीब 1.60 करोड़ बच्चों का पंजीयन हुआ था. आठ साल बाद इनमें से केवल 1 करोड़ 4 लाख बच्चे ही पढ़ाई में बने रहे. खास बात यह है कि इस दौरान स्कूल शिक्षा का बजट लगभग चार गुना बढ़कर 9 हजार करोड़ से 37 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया. इसके बावजूद विद्यार्थियों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।

18 लाख से ज्यादा बाइक-स्कूटर की बिक्री, 28 दिनों में इन कंपनियों की सेल रही टॉप

 नई दिल्ली भारतीय टू-व्हीलर मार्केट के लिए फरवरी शानदार महीना रहा है. इस महीने ऑटोमोबाइल कंपनियों ने बेहतरीन सेल की है. SIAM (सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स) ने  बताया कि फरवरी 2026 में इंडस्ट्री ने रिकॉर्ड सेल की है. टू-व्हीलर मार्केट की बात करें, तो इस सेक्टर की ग्रोथ 35.2 परसेंट है। सभी कंपनियों ने कुल 18,71,406 यूनिट्स बेची हैं. पिछले साल फरवरी में कंपनियों ने 13,84,605 यूनिट्स बेची थी. कैटेगरी के हिसाब से बात करें, तो स्कूटर्स की सेल 42.3 परसेंट बढ़ी है. कंपनियों ने 7,29,774 यूनिट्स बेची हैं। सबसे ज्यादा किन कंपनियों ने बेची दोपहिया? वहीं मोटरसाइकिल की सेल 30.8 परसेंट बढ़ी है. कंपनियों ने कुल 10,96,537 यूनिट्स बेची हैं. सबसे ज्यादा टू-व्हील्स हीरो मोटोकॉर्प ने बेचे हैं. कंपनी ने फरवरी 2026 में कुल 4,57,826 यूनिट्स बेची हैं. वहीं दूसरे नंबर पर होंडा टू-व्हीलर्स हैं, जिन्होंने 4.31 लाख गाड़ियों को बेचा है. ये आंकड़े रिटेल सेल्स के हैं। तीसरे नंबर पर TVS है. कंपनी ने फरवरी 2026 में कुल 3,33,935 यूनिट्स बेची हैं. वहीं बजाज ने 1,80,846 यूनिट्स और सुजुकी ने 94,398 यूनिट्स को बेचा है. 6वें पायदान पर रॉयल एनफील्ड है, जिसने 91,216 यूनिट्स को बेचा है. ओला को छोड़ दे तो इस महीने सभी टू-व्हीलर कंपनियों की सेल बढ़ी है.    कंपनी हीरो मोटोकॉर्प होंडा टू-व्हीलर्स TVS बजाज ऑटो सुजुकी फरवरी में सेल (यूनिट्स) 4,57,826 4.31 लाख 3,33,935 1,80,846 94,398 इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की भी है जबरदस्त मांग फेडरल ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की 1,11,709 यूनिट्स फरवरी महीने में बिकी हैं. पिछले साल फरवरी में 76,722 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स बिके थे. हालांकि, जनरवरी के मुकाबले फरवरी में इलेक्ट्रिक दोपहियो की सेल कम हुई है.  सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स TVS ने बेची हैं. कंपनी ने 31,614 यूनिट्स फरवरी में बेची हैं. वहीं बजाज ऑटो ने 25,328 यूनिट्स सेल की है. जबकि एथर ने 20,584 यूनिट्स बेची हैं. Hero Vida की बात करें, तो कंपनी ने 12,514 यूनिट्स सेल की हैं. ओला को पीछे करते हुए 5वें नंबर पर Greaves/ Ampere है, जिसकी 4,724 यूनिट्स बिकी हैं. कंपनी TVS बजाज ऑटो एथर एनर्जी हीरो विडा एंपियर फरवरी में सेल (यूनिट्स) 31,614 25,328 20,584 12,514 4,724

बेटियों की शानदार सफलता पर प्रिंसिपल ने अपनी जेब से कराया हेलिकॉप्टर टूर

  डीडवाना-कुचामन राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के केराप गांव स्थित महात्मा गांधी राजकीय स्कूल में एक अनोखी और प्रेरणादायक घटना घटी है, जिसने शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है. यहां के प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली तीन छात्राओं खुशी मेघवाल, रंजना नायक और ज्योति के सबसे बड़े सपने को पूरा कर दिया. ये तीनों छात्राएं आठवीं कक्षा की हैं और बोर्ड परीक्षा से पहले स्कूल में आयोजित एक विशेष टेस्ट में उन्होंने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किया था। ‘सर, हमें हेलिकॉप्टर से  उड़ान भरनी है’ प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने टेस्ट के बाद इन मेधावी छात्राओं से बातचीत की और पूछा कि वे इनाम में क्या चाहती हैं. ग्रामीण परिवेश से आने वाली इन बच्चियों ने शायद मजाक-मजाक या सपने की तरह कहा, ‘सर, हमें हेलिकॉप्टर में बैठकर उड़ान भरनी है.’ यह सुनकर अधिकांश लोग इसे हल्के में ले लेते, लेकिन प्रिंसिपल ढाका ने इसे गंभीर चुनौती के रूप में लिया. उन्होंने छात्राओं से वादा किया कि यदि वे परीक्षा में अच्छे अंक लाती हैं, तो उनका यह सपना जरूर पूरा होगा। छात्राओं ने भी इस वादे को चुनौती मानकर पूरी मेहनत और लगन से पढ़ाई की. नतीजा यह निकला कि परीक्षा में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया. अपने वादे को निभाते हुए प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने अपने निजी खर्च पर करीब एक लाख रुपये में तीनों छात्राओं को हेलिकॉप्टर राइड की व्यवस्था की. पहले नागौर में अनुमति नहीं मिलने पर जयपुर के पास चौमू में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्राओं ने क्या कहा? शुक्रवार को चौमू हेलीपैड पर तीनों छात्राएं हेलिकॉप्टर में सवार हुईं. लगभग 30 मिनट की इस यादगार उड़ान में उन्होंने आसमान से जयपुर और आसपास के इलाकों को देखा. हेलिकॉप्टर के खिड़की से नीचे की दुनिया को देखते हुए उनके चेहरों पर खुशी, उत्साह और आश्चर्य साफ झलक रहा था. पहली बार आसमान की सैर करने वाली इन ग्रामीण बेटियों के लिए यह पल जीवन भर याद रहने वाला बन गया. छात्राओं ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘यह सपना सच होने जैसा लग रहा है. सर ने हमारा इतना बड़ा ख्वाब पूरा कर दिया। प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने बताया कि इस पहल का मकसद सिर्फ इनाम देना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की बच्चियों में पढ़ाई के प्रति उत्साह जगाना और उन्हें बड़े सपने देखने की हिम्मत देना है. उन्होंने कहा, ‘अगर बच्चे मेहनत करें और सपने देखें, तो उन्हें पूरा करने का रास्ता निकल आता है. यह ‘सपनों की उड़ान’ पहल अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा बनेगी.’ इस अनूठी पहल का पूरा खर्च और प्रबंधन उन्होंने खुद संभाला, जिससे यह और भी खास हो गया। क्या बोले ग्रामीण? पूरे क्षेत्र में इस घटना की जोरदार सराहना हो रही है. लोग कह रहे हैं कि ऐसे शिक्षक ही समाज को बदल सकते हैं. ग्रामीण इलाकों में जहां संसाधन सीमित होते हैं, वहां शिक्षकों का ऐसा व्यक्तिगत योगदान बच्चों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है. यह कहानी न केवल तीन छात्राओं की है, बल्कि मेहनत, लगन और प्रोत्साहन से सपनों को हकीकत में बदलने की मिसाल है। ऐसी पहलें शिक्षा व्यवस्था में नई जान फूंक सकती हैं, जहां बच्चे सिर्फ किताबें नहीं, बल्कि बड़े सपने भी देखें और उन्हें हासिल करने की हिम्मत रखें. प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका जैसे शिक्षकों की बदौलत ग्रामीण भारत की बेटियां भी आसमान छूने की तैयारी कर रही हैं।

AI के चलते इस कंपनी में छंटनी की प्रक्रिया, हजारों कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा, जकरबर्ग ने किया अलर्ट

वाशिंगटन फेसबुक की पेरेंट कंपनी Meta एक बड़ा फैसला लेने जा रही है. कंपनी बड़े स्तर पर छंटनी की तैयारी कर रही है, जिसमें वह दुनियाभर से अपने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाएगा. मार्क जकरबर्ग की कंपनी लगातार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर मोटी रकम इनवेस्ट कर रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट्स, कंपनी की छंटनी की वजह से मेटा के 20 परसेंट वर्कफोर्स पर असर पड़ेगा. जानकारी के मुताबिक, 31 दिसंबर तक मेटा के पास करीब 79 हजार कर्मचारी थे. ऐसे में इसका 20 परसेंट कर्मचारियो को बाहर का रास्ता दिखाएंगे, तो करीब 15 हजार कर्मचारियों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ेगी। AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगी मोटी रकम  मार्क जबरकर्ब की फर्म का प्लान है कि वह साल 2028 तक AI इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर 600 बिलियन अमेरिका डॉलर (55 लाख करोड़ रुपये) का इनवेस्टमेंट करेंगे। जकरबर्ग पहले ही संकेत दे चुके हैं कि AI के पास ताकत है कि वह चीजों को आसान बनाती है. ऐसे में विशाल टीम के बिना भी कई काम किए जा सकेंगे। जकरबर्ग ने जनवरी में कहा था कि जिन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए एक बड़ी टीम की जरूरत थी. अब उस काम को एक प्रतिभाशाली शख्स कर सकता है। 2022 से भी बड़ी होगी छंटनी अगर मेटा अपनी कंपनी में से 20 परसेंट लोगों को बाहर का रास्ता दिखाता है तो यह कंपनी की तरफ से जाने वाली एक बड़ी छंटनी होगी. साल 2022 के नवंबर में कंपनी ने 11,000 लोगों को नौकरी से निकाल दिया था और चार महीने के बाद 10 हजार लोगों की छंटनी की थी। सीनियर ऑफिसर्स को बताया जा चुका है  रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने बड़े स्तर पर बैठे अधिकारियों को बता दिया है कि बड़ी छंटनी के लिए तैयार हो जाएं. हालांकि अभी तक इसकी कोई डेट का ऐलान नहीं किया गया है। 

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