LATEST NEWS

चेटीचंड पर्व के माध्यम से अखंड भारत का सपना जागृत रहता है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

चेटीचंड पर्व अखंड भारत की याद दिलाकर भारतीयों के हृदय में जागृत रखता है अखंड भारत का सपना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा महाकाल की नगरी से देश, प्रदेशवासियों को दी चेटीचंड महापर्व की मंगलकामनाएं भगवा ध्वज लहराकर चेटीचंड महापर्व पर सिंधी समाज के चल समरोह का किया शुभारंभ जनप्रतिनिधि और मशहूर हस्तियां भी शामिल हुई चल समारोह में भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चेटीचंड का पर्व अखंड भारत की याद दिलाता है और भारतीयों के हृदय में अखंड भारत का सपना जागृत रखता है। सामाजिक उत्सवों से एक दूसरे के प्रति प्रेम और आत्मीयता बढ़ती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य को उनकी वीरता, न्यायप्रियता और दानशीलता के लिए याद किया उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य से प्रेरित होकर शासन उन गुणों को आत्मसात कर सुशासन के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के टावर चौक पर चेटीचंड महापर्व पर आयोजित सिंधी समाज के चल समरोह का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रम संवत 2083 में बाबा महाकाल की नगरी से देश एवं प्रदेशवासियों को चेटीचंड के महापर्व की मंगलकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश, प्रदेश विकास के नवीन आयाम स्थापित कर रहा है। सिंहस्थ 2028 के लिए सरकार नवीन विकास के कार्य कर रही है। सभी गणमान्य नागरिक भी विकास कार्यों में अपना योगदान दे रहे है। आगामी सिंहस्थ के दिव्य आयोजन से प्रदेश और उज्जैन की वैश्विक पटल पर नवीन पहचान स्थापित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवा ध्वज लहराकर चल समारोह का शुभारंभ किया। रैली में विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद और एक्ट्रेस सुजयाप्रदा, मशहूर एक्टर आफताब शिवदासानी, तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम गोली उपस्थित रहे। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, संजय अग्रवाल, महेश पारियानी, डॉ. जितेंद्र जेठवानी और बड़ी संख्या में सिंधी समाजगण उपस्थित रहे।  

आस्था का ऐतिहासिक केंद्र कैलादेवी शक्तिपीठ: नवरात्रि में लाखों श्रद्धालु, लक्खी मेले की रौनक

करौली उत्तर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल कैलादेवी धाम करौली जिला मुख्यालय से करीब 23 किलोमीटर दूर त्रिकूट पर्वत पर स्थित है। यह मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है, जहां सालभर भक्तों का आना-जाना लगा रहता है। इतिहासकार वेणु गोपाल शर्मा के अनुसार कैलादेवी माता की मूर्ति की स्थापना वर्ष 1114 ई. में महात्मा केदार गिरि ने की थी। इसके बाद 1116 ई. में खींची राजा मुकुंद दास ने मंदिर का निर्माण कराया, जबकि 1153 ई. में रघुनाथ दास खींची ने इसका विस्तार किया। बाद में 1753 में राजा गोपाल सिंह ने मंदिर को भव्य स्वरूप दिया। करौली राजघराने ने माता को कुलदेवी के रूप में स्थापित किया, जिसके बाद से मंदिर का महत्व लगातार बढ़ता गया। अरावली पर्वतमाला के बीच स्थित इस धाम में माता कैलादेवी के साथ मां चामुंडा की प्रतिमा भी विराजमान है। मंदिर परिसर आज विशाल और भव्य स्वरूप में विकसित हो चुका है। कैलादेवी धाम में साल में दो बार मेला लगता है। चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां लख्खी मेला भरता है, जो करीब 20 दिन तक चलता है। इस दौरान 50 लाख से अधिक श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिससे यहां लघु कुंभ जैसा दृश्य देखने को मिलता है। शारदीय नवरात्रि में भी करीब 10 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। करौली राजपरिवार से जुड़े राजऋषि प्रकाश जती के अनुसार नवरात्रि में घट स्थापना के समय माता को धारण कराई गई पोशाक अष्टमी तक नहीं बदली जाती। इस दौरान माता के प्राचीन आभूषण भी धारण कराए जाते हैं। अष्टमी के बाद ही माता का विशेष शृंगार किया जाता है। मान्यता है कि विवाह, संतान प्राप्ति, नए वाहन पूजन या मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त माता के दरबार में दर्शन के लिए अवश्य आते हैं। बच्चों का पहला मुंडन संस्कार भी यहां कराना शुभ माना जाता है। कैलादेवी धाम में भक्ति का अनोखा रंग लांगुरिया गीतों के रूप में देखने को मिलता है। ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु नृत्य करते हैं। यहां भगवान कृष्ण को लांगुरिया के रूप में पूजा जाता है। माता के दर्शन के बाद बोहरा भगत के दर्शन करना अनिवार्य माना जाता है। श्रद्धालुओं के अनुसार इनके दर्शन के बिना कैलादेवी की यात्रा अधूरी मानी जाती है।

तीसरे T20 में NZ का दबदबा, लैथम की फिफ्टी ने SA की उम्मीदें तोड़ी

वेलिंग्टन न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। मेजबान न्यूजीलैंड ने शुक्रवार को तीसरे टी20 में 9 विकेट से दमदार जीत दर्ज की। न्यूजीलैंड ने 137 रनों का टारगेट 17.2 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर आसानी से चेज कर लिया। ओपनर टॉम लैथम की फिफ्टी ने साउथ अफ्रीका का बेड़ा गर्क किया। वह 55 गेंदों में 63 रन बनाकर रहे, जिसमें सात चौके और दो छक्के हैं। लक्ष्य का पीछा करते हुए लैथम और डेवोन कॉनवे (26 गेंदों में 39) ने न्यूजीलैंड को शानदार शुरआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 96 रनों की साझेदारी की। कॉनवे को कार्यवाहक कप्तान केशव महाराज ने 12वें ओवर में पवेलियन भेजा। इसके बाद, लैथम और रॉबिन्स ने दूसरे विकेट के लिए 40 रनों की पार्टनरशिप की। रॉबिन्स 17वें ओवर में सिपामला का शिकार बने। उन्होंने 16 गेंदों में दो चौकों के जरिए 17 रन बटोरे। निक केली (नाबाद 1) ने विजयी रन बनाया। आज न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के बीच तीसरा टी20 मुकाबला ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेला जा रहा है। साउथ अफ्रीका ने मेजबान न्यूजीलैंड के सामने 137 रनों का टारगेट रखा है। साउथ अफ्रीका ने निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट पर 136 रन जुटाए। दसवें नंबर पर उतरे नकोबानी मोकोएना ने सर्वाधिक रन बनाए। उन्होंने 20 गेंदों में एक चौके और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 26 रनों की पारी खेली।  उन्होंने जॉर्ज लिंडे ने 23, डियान फॉरेस्टर ने 17 और गेराल्ड कोएत्जी ने 16 रनों का योगदान दिया। टोनी डी जोरजी और कॉनर एस्टरहुइजन के बल्ले से 15-15 रन निकले। ओपनर वियान मुल्डर का खाता नहीं खुला। काइल जैमीसन, मिचेल सेंटनर और बेन सियर्स ने दो-दो शिकारिए। दोनों टीम पांच मैचों की सीरीज फिलहल 1-1 की बराबरी पर है। केशव महाराज की कप्तानी वाली साउथ अफ्रीकी टीम ने पहला मैच सात विकेट से अपने नाम किया जबकि मिचेल सेंटनर की अगुवाई वाली टीम ने दूसरे टी20 में 68 रनों से जीत दर्ज कर धमाकेदार वापसी की।

नवरात्रि के दौरान तरावली माता मंदिर में एसपी का निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था में कड़ी निगरानी

बैरसिया  नवरात्रि पर्व के मद्देनज़र जिला भोपाल (देहात) पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। थाना बैरसिया क्षेत्र के प्रसिद्ध तरावली माता मंदिर में 19 मार्च से 27 मार्च तक आयोजित होने वाले नवरात्रि महोत्सव के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री रामशरण प्रजापति ने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने मंदिर परिसर, प्रवेश एवं निकास मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, बैरिकेडिंग और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना पुलिस की पहली जिम्मेदारी है। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. नीरज चौरसिया, एसडीओपी बैरसिया सुश्री वैशाली एवं थाना प्रभारी वीरेंद्र सेन सहित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। एसपी के सख्त निर्देश— नवरात्रि के दौरान सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निम्न निर्देश दिए— मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार पुलिस पेट्रोलिंग की जाए। भीड़ नियंत्रण हेतु पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर प्रभावी बैरिकेडिंग सुनिश्चित की जाए। यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए डायवर्जन प्लान का सख्ती से पालन कराया जाए। वाहन पार्किंग केवल निर्धारित स्थलों पर ही कराई जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जूते-चप्पल रखने हेतु पृथक स्टैंड बनाए जाएं। महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था सुनिश्चित हो। संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। महिला सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस बल एवं हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएं। ड्यूटी में तैनात सभी अधिकारी-कर्मचारी पूरी मुस्तैदी और जिम्मेदारी से कार्य करें। एसपी श्री प्रजापति ने दो टूक कहा कि नवरात्रि पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिला भोपाल (देहात) पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस पावन पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफल .

जंग की आहट महंगी पड़ी: ईरान तनाव से पेट्रोल कीमतों में बड़ा इजाफा

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बाद बनी ईंधन संकट की स्थिति का पहली बार पेट्रोल की कीमतों पर असर पड़ा है। देश में प्रीमियम यानी पावर पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दी गई हैं। जानकारी के मुताबिक, प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2.30 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल डीलरों ने इस बात की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल यह कीमतें सिर्फ पावर पेट्रोल की कीमतों पर लागू होंगी और रेगुलर पेट्रोल की कीमत नहीं बढ़ाई गई है। इस बढ़ोतरी का असर मुख्य रूप से उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो हाई-ऑक्टेन या प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल करते हैं। बता दें कि प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल आमतौर पर बेहतर इंजन परफॉर्मेंस और ज़्यादा माइलेज के लिए किया जाता है। फिलहाल तेल कंपनियों की ओर से कीमतों में बढ़ोतरी का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। हालांकि जानकारों का मानना ​​है कि ईरान युद्ध के चलते ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और लॉजिस्टिक्स खर्च में बदलाव कीमत में बढ़ोतरी की मुख्य वजह हो सकती हैं।  

माफिया पर कसा शिकंजा: संयुक्त दबिश में 11 हाइवा और जेसीबी समेत बड़ी जब्ती

आरंग/रायपुर. महानदी से रेत के अवैध दोहन का काला कारोबार करने वालों पर प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद रायपुर खनिज विभाग, राजस्व और आरंग पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात एक बड़ा ‘स्ट्राइक’ करते हुए करोड़ों की मशीनरी और वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है. प्रशासन को सूचना मिली थी कि आरंग के कुम्हारी, कुरूद और मोहमेला घाटों पर रात के अंधेरे में अवैध उत्खनन का खेल धड़ल्ले से चल रहा है. योजनाबद्ध तरीके से की गई इस छापेमारी में प्रशासन ने रेत के अवैध परिवहन में लगे 11 हाइवा वाहन, नदी के बीच से रेत निकालने के लिए इस्तेमाल में लाया जा रहा एक चैन माउंटेन मशीन और घाटों पर लोडिंग के लिए तैनात दो जेसीबी मशीन को जब्त किया है. इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए जिले के आला अधिकारियों ने मोर्चा संभाला. इसमें मुख्य रूप से एएसपी, रायपुर ग्रामीण अभिषेक झा, खनिज अधिकारी उमेश भार्गव, नायब तहसीलदार गजानंद सिदार, आरंग थाना प्रभारी हरीश साहू शामिल रहे. पकड़े गए सभी वाहनों और मशीनों को जब्त कर गिधपुरी, उपरवारा और आसपास के स्थानीय थानों की सुपुर्दगी में दे दिया गया है. इन सभी पर खनिज अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है. इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है और कई लोग घाट छोड़कर भाग खड़े हुए. ग्रामीणों ने ली राहत की सांस आरंग महानदी से बेतहाशा रेत चोरी के कारण न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा था, बल्कि भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीण सड़कें भी जर्जर हो रही थीं. प्रशासन की इस सख्ती के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि अब अवैध उत्खनन पर पूरी तरह से लगाम लगेगी.

जयपुर में उद्योगपतियों से संवाद करेंगे सीएम मोहन यादव, मध्यप्रदेश में निवेश के नए अवसरों की जानकारी देंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश को देश का भरोसेमंद और तेजी से उभरता निवेश गंतव्य बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हैं। इसी कड़ी में वे विभिन्न राज्यों में रोड-शो और उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन संवाद कर राज्य की औद्योगिक संभावनाओं को साझा कर रहे हैं। 21 मार्च को जयपुर के आईटीसी राजपूताना में आयोजित इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्यूनिटीज इन मध्य प्रदेश में वे उद्योग जगत से सीधे संवाद करेंगे और राज्य में निवेश के अवसरों, नई औद्योगिक नीतियों और बेहतर अधोसंरचना के बारे में जानकारी देंगे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश अब संभावनाओं तक सीमित राज्य नहीं रहा। नीतिगत स्पष्टता, त्वरित निर्णय क्षमता और मजबूत औद्योगिक आधार के साथ राज्य निवेश को धरातल पर उतारने में अग्रणी बन गया है। उनका मानना है कि निवेश केवल पूंजी नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षेत्रीय विकास का माध्यम है। जयपुर सत्र में कृषि, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, टेक्सटाइल, गारमेंट्स, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, नवीकरणीय ऊर्जा, माइनिंग और पर्यटन क्षेत्रों के उद्योगपति और संगठन शामिल होंगे। वन-टू-वन बैठक और प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से सेक्टर-विशेष अवसर, परियोजना स्तर के सहयोग और समयबद्ध निवेश क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। डॉ. यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश ने हाल ही में 18 नई औद्योगिक नीतियों को लागू किया और दो ‘जन विश्वास अधिनियमों’ के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया। राज्य में औद्योगिक विकास को पूरे प्रदेश में संतुलित रूप से फैलाने की योजना भी है। इसके तहत उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, नर्मदापुरम में पावर और रिन्यूएबल एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, ग्वालियर में फुटवियर पार्क, जबलपुर में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब, रतलाम में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क और धार में पीएम मित्रा पार्क जैसी पहलें शामिल हैं। इसके साथ ही भोपाल में संत रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क और इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रीवा में विकसित हो रहे आईटी पार्क राज्य के नवाचार, कौशल और प्रतिभा विकास को गति दे रहे हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जयपुर और आसपास के उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश के औद्योगिक अवसरों, निवेश प्रोत्साहनों और मजबूत अधोसंरचना से परिचित कर उन्हें निवेश के लिए प्रेरित करना है। 

बड़वानी सांसद ने मोनालिसा की शादी को लेकर लव जिहाद के आरोप लगाए, जांच की मांग

बड़वानी   मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की रहने वाली मोनालिसा द्वारा फरमान खान से विवाह करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. इस विवाह को लेकर ‘लव जिहाद’ के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसके बाद क्षेत्र की राजनीति भी गरमा गई है. बड़वानी में आयोजित विक्रमोत्सव 2026 के एक कार्यक्रम के दौरान सांसद गजेंद्र पटेल ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं. सांसद बोले- मोनालिसा की शादी सुनियोजित साजिश बड़वानी सांसद ने कहा, ” प्रथम दृष्टया यह सामान्य विवाह नहीं प्रतीत होता, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश की आशंका है.” उन्होंने दावा किया कि युवती को कथित रूप से फिल्म शूटिंग के नाम पर केरल ले जाया गया, जहां उससे विवाह कराया गया. सांसद ने यह भी कहा कि इस मामले में अलग-अलग राज्यों की कड़ियां जुड़ी हुई हैं. लड़का उत्तर प्रदेश का, लड़की मध्य प्रदेश की और विवाह केरल में हुआ. ऐसे में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और गहन जांच आवश्यक है. उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रकरण में संगठित स्तर पर कार्य किया गया हो सकता है, जिसकी सच्चाई सामने आना जरूरी है. माता-पिता भी पहुंचे थाने, प्रताड़ना के आरोप इधर, मोनालिसा के परिजनों ने भी इस विवाह को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं. परिवार का कहना है कि यह संबंध सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुआ, बल्कि युवती को बहला-फुसलाकर या दबाव में निर्णय लेने के लिए मजबूर किया गया. परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें भी प्रताड़ित किया गया और मामले को दबाने का प्रयास हुआ है. बीते मंगलवार को मोनालिसा के माता-पिता फिल्ममेकर सनोज मिश्रा के साथ मंडलेश्वर पहुंचे, जहां उन्होंने डीएसपी श्वेता शुक्ला को लिखित शिकायत की है.शिकायत में उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. सांसद ने सीएम मोहन यादव से की मुलाकात सांसद गजेंद्र पटेल ने इस संबंध में मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने कहा, ” यदि समय रहते सच्चाई सामने नहीं आई तो यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है.” वहीं, सांसद ने मीडिया के माध्यम से मोनालिसा से अपने परिवार के बारे में सोचने की अपील करते हुए कहा कि इस मामले में सच्चाई सामने आने पर कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें शासन-प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं.

समर सीजन में सुविधा, अहमदाबाद-कोलकाता और सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में थर्ड एसी कोच जोड़े गए

भोपाल  गर्मियों में बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे ने दो प्रमुख ट्रेनों में थर्ड एसी कोच बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे प्रशासन के अनुसार गाड़ी संख्या 19413/14 अहमदाबाद-कोलकाता-अहमदाबाद एक्सप्रेस में 27 मई से अहमदाबाद से चलने वाली तथा 30 मई से कोलकाता से चलने वाली ट्रेनों में थर्ड एसी कोच की संख्या 5 से बढ़ाकर 6 कर दी जाएगी। थर्ड एसी कोच 6 से बढ़ाकर 7 किए जाएंगे इसी तरह गाड़ी संख्या 22947/48 सूरत-भागलपुर-सूरत एक्सप्रेस में 23 मई से सूरत से तथा 25 मई से भागलपुर से चलने वाली ट्रेनों में थर्ड एसी कोच 6 से बढ़ाकर 7 किए जाएंगे। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेनों के कोच संयोजन, समय और ठहराव की जानकारी रेलवे की अधिकृत सूचना प्रणाली से जरूर प्राप्त कर लें। अहमदाबाद-कोलकाता और सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस के लिए नए नियम रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 19413/14 अहमदाबाद-कोलकाता-अहमदाबाद एक्सप्रेस में 27 मई को अहमदाबाद से और 30 मई को कोलकाता से चलने वाली ट्रेन में अब 5 की जगह 6 थर्ड एसी कोच लगाए जाएंगे। इसी तरह, गाड़ी संख्या 22947/48 सूरत-भागलपुर-सूरत एक्सप्रेस में 23 मई को सूरत से और 25 मई को भागलपुर से चलने वाली ट्रेन में 6 के स्थान पर 7 थर्ड एसी कोच जोड़े जाएंगे। रेलवे की यात्रियों से अपील रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेनों के कोच संयोजन, समय और ठहराव की जानकारी रेलवे की आधिकारिक सूचना प्रणाली से अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

एग्जाम वर्क में नहीं ब्रेक: छुट्टियों में भी कॉपी चेकिंग, स्कूल परिसरों में सुरक्षा सख्त

राजनांदगांव. संस्कारधानी राजनांदगांव जिला मुख्यालय स्थित स्टेट हायर सेकेंडरी स्कूल में पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 10वीं और 12वीं बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन कराया जा रहा है. बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन अवकाश के दिनों में भी कराया जाएगा जिसके लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं. चार दिनों से बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सुनिश्चित कराया जा रहा है. स्कूल समन्वयक की माने तो अब तक 24000 से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूर्ण कर लिया गया है आज भी 300 शिक्षकों 8000 से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूर्ण किया है. जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल सहित मूल्यांकन प्रभारी के देखरेख में मूल्यांकन कार्य का नियमित रूप से कराया जा रहा है. समन्वयक केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रत्येक शिक्षक प्रतिदिन 40 कॉपियां जांच रहे है. प्रथम चरण में मूल्यांकन के लिए 61,000 से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं पहुंची हैं. स्टेट हायर सेकेंडरी स्कूल में मूल्यांकन कार्य कराए जाने के कारण आसपास के क्षेत्र में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. 100 मीटर के दायरे में लोगों का प्रवेश भी पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है. प्रवेश द्वार से लेकर भीतरी क्षेत्र में मूल्यांकन कार्य में जुटे लोगों को ही की अनुमति दी जा रही है. प्रतिदिन एक से डेढ़ हजार कॉपियों का मूल्यांकन सुनिश्चित कराया जा रहा है. चार दिन के भीतर शिक्षकों ने अब तक 24000 से अधिक कॉपियों का मूल्यांकन पूर्ण कर लिया है.

बस्तर की वादियों में गूँजेगी बदलाव की नई आहट, बस्तर हेरिटेज मैराथन को लेकर पुनर्वासित जनों में अभूतपूर्व उत्साह

हिंसा की राह छोड़, उम्मीदों की दौड़, बस्तर नई पहचान की ओर शांति, विश्वास और विकास-बस्तर हेरिटेज मैराथन एक मज़बूत संदेश बस्तर की वादियों में गूँजेगी बदलाव की नई आहट, बस्तर हेरिटेज मैराथन को लेकर पुनर्वासित जनों में अभूतपूर्व उत्साह खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने 25 लाख रुपये की पुरस्कार की घोषणा  रायपुर बस्तर में आपका स्वागत है, जहाँ विरासत जीवंत है और प्रकृति साँस लेती है। बस्तर हेरिटेज मैराथन में प्राचीन वन, जीवंत आदिवासी संस्कृति और मनमोहक परिदृश्य समाहित हैं। धावक साल के पेड़ों से घिरे सुरम्य मार्गों और प्राचीन गाँवों से गुजरेंगे, और हर कदम पर बस्तर की सुंदरता का अनुभव करेंगे। छत्तीसगढ़ के बस्तर में रोमांच और प्रकृति के बीच एक खास आयोजन होने जा रहा है। 22 मार्च 2026 को बस्तर हेरिटेज मैराथन  2026 का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के धावक हिस्सा ले सकेंगे। इस मैराथन की शुरुआत जगदलपुर के लाल बाग मैदान से होगी और फिनिश लाइन एशिया के नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट जलप्रपात पर होगी। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि की घोषणा की गई है।           बस्तर की शांत वादियों में इस बार केवल प्रकृति का संगीत नहीं, बल्कि बदलाव और विकास के संकल्प की एक अभूतपूर्व गूँज सुनाई देने वाली है।  इस मैराथन की सबसे गौरवशाली और मानवीय तस्वीर उन आत्म-समर्पित माओवादियों के रूप में उभर कर सामने आ रही है, जो कभी दुर्गम जंगलों के अंधेरों में भटकते थे, लेकिन अब समाज की मुख्यधारा का अभिन्न हिस्सा बनकर इस खेल महाकुंभ में अपनी शारीरिक शक्ति और जीवटता का परिचय देने को बेताब हैं। हिंसा का मार्ग त्याग कर शांति की राह चुनने वाले इन युवाओं का यह उत्साह इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि बस्तर अब पुराने संघर्षों के साये से बाहर निकलकर खेल, साहस और शौर्य के वैश्विक मंच पर अपनी एक नई और सकारात्मक पहचान गढ़ रहा है।              इस मैराथन में 42 कि.मी., 21 कि.मी., 10 कि.मी. और 5 कि.मी. जैसी अलग-अलग कैटेगरी रखी गई हैं, ताकि हर स्तर के रनर्स इसमें भाग ले सकें। प्रतियोगिता में 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी रखी गई है और बस्तर संभाग के धावकों के लिए अलग से पुरस्कार की व्यवस्था की गई है। यह आयोजन बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती, संस्कृति और खेल भावना को एक साथ जोड़ने का खास मौका बनने जा रहा है।          बस्तर की फिजाओं में अब हिंसा के बारूद की नहीं, बल्कि उम्मीदों और सपनों की उड़ान की खुशबू तैर रही है। कभी जिन हाथों में बंदूकें हुआ करती थीं और जो पैर घने जंगलों की खाक छानते थे, वे अब बस्तर मैराथन के ट्रैक पर अपनी किस्मत आजमाने और एक नई पहचान बनाने को पूरी तरह तैयार हैं। दंतेवाड़ा के लोन वर्राटू (घर वापस आइए) अभियान और पूना मारगेम” (पुनर्वास से पुनर्जीवन) जैसे प्रभावी पुनर्वास कार्यक्रमों के माध्यम से दर्जनों पूर्व नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में शामिल होने का ऐतिहासिक फैसला किया है। शासन की कल्याणकारी पुनर्वास नीति के तहत ये युवा अब अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग कर रहे हैं और जंगल की संकरी पगडंडियों पर छिपने के बजाय मैराथन की फिनिशिंग लाइन को छूने का लक्ष्य लेकर कड़ी ट्रेनिंग ले रहे हैं।             स्थानीय खेल मैदानों में आयोजित अभ्यास सत्रों के दौरान इन युवाओं का जोश देखते ही बनता है, जहाँ पसीने से तर-बतर चेहरे और दृढ़ संकल्प वाली आँखें बस्तर के बदलते स्वरूप की गवाही दे रही हैं। प्रशिक्षकों का मानना है कि इन युवाओं में अदम्य साहस और बेमिसाल स्टेमिना है, जिसे अब आधुनिक रनिंग तकनीकों के माध्यम से तराशा जा रहा है ताकि वे न केवल दौड़ें, बल्कि जीत का परचम भी लहरा सकें। इस बदलाव का मानवीय पक्ष तब और उभर कर आता है जब शिविर की महिला प्रतिभागी भावुक होकर बताती हैं कि डर के साये से निकलकर अब उन्हें समाज में सम्मान और सुरक्षा मिल रही है। यह अनूठी पहल केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जंगल की हिंसा और भटकाव को पीछे छोड़कर एथलेटिक्स में करियर बनाने का एक सुनहरा अवसर है। अनुभवी कोचों द्वारा दी जा रही प्रोफेशनल ट्रेनिंग इन युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बना रही है, जिससे वे स्थानीय समुदाय के साथ जुड़कर एक नई पहचान तलाश रहे हैं।           अंततः यह प्रयास बस्तर में शांति, विश्वास और प्रगति का एक सशक्त संदेश दे रहा है, जहाँ पूरा दंतेवाड़ा इन युवाओं के हौसले को सलाम करते हुए मैराथन के ट्रैक पर उनकी ऐतिहासिक जीत की राह देख रहा है। इस मैराथन के माध्यम से ये पूर्व माओवादी न केवल अपनी दमखम का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि पूरी दुनिया को यह संदेश भी देंगे कि यदि सही दिशा और अवसर मिले, तो बस्तर का हर हाथ राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण सहभागी बन सकता है। ऐतिहासिक लालबाग मैदान की मिट्टी से शुरू होकर विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के कल-कल करते तटों पर समाप्त होने वाली यह 42 किलोमीटर की श्फुल मैराथनश् इन समर्पित युवाओं की भागीदारी को विशेष रूप से रेखांकित करेगी।         आयोजन को पूरी तरह समावेशी बनाने के उद्देश्य से इसमें 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर की दौड़ और 5 किलोमीटर की श्फन रनश् जैसी श्रेणियां भी रखी गई हैं, जहाँ बस्तर के स्थानीय धावकों और मुख्यधारा में लौटे इन युवाओं का एक अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन ने 25 लाख रुपये की विशाल इनामी राशि की घोषणा की है, जिसमें बस्तर कैटेगरी के विशेष प्रावधानों ने स्थानीय समुदायों के साथ-साथ इन युवाओं के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार किया है। विशेषकर 10 किलोमीटर की श्रेणी में जूनियर और ओपन वर्ग के अलग-अलग प्रावधानों ने पहली बार दौड़ने वाले युवाओं और फिटनेस प्रेमियों के बीच जबरदस्त आकर्षण पैदा किया है। स्थानीय सहभागिता को अधिकतम करने के लिए बस्तर जिले के सभी धावकों हेतु पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है, ताकि कोई भी प्रतिभा आर्थिक तंगी के कारण इस ऐतिहासिक अवसर से वंचित न रह जाए।         … Read more

राजनीतिक नियुक्तियों के बीच मध्यप्रदेश में राज्य वित्त आयोग का गठन, जयभान सिंह पवैया बने अध्यक्ष

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। जिन नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद थी, अब उन्हें निगम-मंडल और आयोगों में एडजस्ट किया जा सकता है। भाजपा नेतृत्व जल्द ही राजनीतिक नियुक्तियों की बड़ी सूची जारी कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, 2023 विधानसभा चुनाव में जीतने के बाद भी कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मंत्रियों को कैबिनेट में जगह नहीं मिल पाई थी। ऐसे नेताओं को अब निगम-मंडल अध्यक्ष बनाकर संतुलन साधने की रणनीति बनाई जा रही है। मध्य प्रदेश में मंडल आयोग में नियुक्तियों की शुरुआत हो गई है। मध्यप्रदेश शासन के वित्त विभाग  राज्य वित्त आयोग के गठन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। आयोग में जयभान सिंह पवैया को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि केके. सिंह सदस्य और वीरेंद्र कुमार सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। अन्य सदस्यों की नियुक्ति अलग से की जाएगी। भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 के तहत तथा मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के अनुसार राज्यपाल द्वारा नए राज्य वित्त आयोग का गठन किया गया है।  इन कामों पर देगा अपनी सिफारिश आयोग के अध्यक्ष और सदस्य अपने पद ग्रहण करने की तिथि से 31 अक्टूबर 2026 तक कार्य करेंगे। आयोग का मुख्य कार्य पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति का पुनर्विलोकन करना होगा। आयोग राज्य के करों, शुल्कों, पथकरों और फीस से प्राप्त आय के राज्य एवं स्थानीय निकायों के बीच वितरण के सिद्धांत तय करेगा। साथ ही पंचायतों और नगरीय निकायों को मिलने वाले अनुदानों, वित्तीय सुधार उपायों और संसाधनों के न्यायसंगत बंटवारे पर सुझाव देगा। मंत्रिमंडल के दावेदारों को मिलेगा नया मौका भाजपा संगठन उन नेताओं को जिम्मेदारी देने की तैयारी में है, जो मंत्री पद के प्रबल दावेदार थे लेकिन कैबिनेट में शामिल नहीं हो पाए। इनमें कुछ कांग्रेस से आए विधायक भी शामिल बताए जा रहे हैं। चर्चा में शामिल प्रमुख नामों में गोपाल भार्गव, मालिनी, लक्ष्मण सिंह गौड़, बृजेंद्र सिंह यादव, अजय विश्नोई और अर्चना चिटनीस जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं। दिल्ली तक पहुंचा मामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पूरे मामले पर दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा की है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah  से मुलाकात कर क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को लेकर रणनीति पर विचार किया है।  2028 चुनाव की तैयारी भाजपा का फोकस अब 2028 के विधानसभा चुनाव पर है। पार्टी पुराने अनुभवी नेताओं और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाकर संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। सूत्रों का कहना है कि यह नियुक्तियां पार्टी के भीतर असंतोष को कम करने और नेताओं को “एडजस्ट” करने के लिए की जा रही हैं। कई महत्वपूर्ण आयोगों में खाली पद राज्य में कई अहम आयोग लंबे समय से नेतृत्व विहीन हैं— महिला आयोग अनुसूचित जाति आयोग अनुसूचित जनजाति आयोग पिछड़ा वर्ग आयोग अल्पसंख्यक आयोग इन सभी में अध्यक्ष और कई पद खाली हैं, जिससे लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कब आएगी सूची? पार्टी सूत्रों के अनुसार, चैत्र नवरात्र के बाद कभी भी निगम-मंडल और आयोगों की नियुक्तियों की सूची जारी हो सकती है। इन मुद्दों पर भी देगा अपनी सिफारिशें  आयोग स्थानीय निकायों की वित्तीय मजबूती के लिए कई अहम बिंदुओं पर अनुशंसाएं देगा, जिनमें भूमि कर एवं राजस्व के बंटवारे के प्रावधान, पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाले कर का हिस्सा, पंचायतों व नगरीय निकायों की ऋण सीमा और पुनर्भुगतान व्यवस्था, स्थानीय निकायों के व्यय और आय के संतुलन के उपाय, जन-सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के सुझाव और पर्यावरण संरक्षण और योजनाओं के प्रभावी संचालन के उपाय शामिल हैं। आयोग 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली पांच वर्ष की अवधि के लिए अपनी सिफारिशें राज्यपाल को प्रस्तुत करेगा। 

5 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ, धामी कैबिनेट का हुआ विस्तार

देहरादून   उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार के कैबिनेट का आज विस्तार हुआ। कैबिनेट विस्तार में 5 मंत्रियों को राज्यपाल गुरमीत सिंह ने शपथ दिलाई। कैबिनेट में मंत्री की शपथ लेने वाले विधायकों में मदन कौशिक प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, भरत सिंह चौधरी और खजान दास शामिल रहे। इन विधायकों के शपथ के साथ ही पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट में अब मुख्यमंत्री समेत 12 सदस्य हो गए हैं। अभी कैसा है धामी कैबिनेट का स्वरूप उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट में अब मुख्यमंत्री समेत12 सदस्य हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज 5 नए मंत्रियों को शपथ दिलाने के बाद कैबिनेट सदस्यों की संख्या 7 से अब 12 हो गई। इन पांच विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ  1    मदन कौशिक 2. खजान दास 3. राम सिंह कैडा 4. प्रदीप बत्रा 5. भरत चौध ये रहे धामी सरकार के नए सिपाही खजान दास (अनुसूचित जाति): देहरादून जिले की राजपुर सीट से लगातार दो बार चुनाव जीतने वाले खजान दास भुवन खंडूरी सरकार में शिक्षा राज्यमंत्री रह चुके हैं. साल 2007 में टिहरी जिले से जीते थे चुनाव. संगठन के पदों पर भी रह चुके हैं खजान दास. फिलहाल बीजेपी के प्रवक्ता भी हैं खजानदास. प्रदीप बत्रा (पंजाबी समाज): हरिद्वार जिले में रुड़की विधानसभा से तीन बार के विधायक प्रदीप बत्रा पंजाबी समाज से आते हैं. हरीश रावत सरकार के दौरान जिन कांग्रेसी विधायकों ने बगावत करके बीजेपी का दामन थामा था, उसमें बत्रा भी शामिल रहे हैं. बीजेपी संगठन में बत्रा की अच्छी पकड़ मानी जाती है. मदन कौशिक (ब्राह्मण): हरिद्वार से पांच बार के विधायक मदन कौशिक, बीजेपी का बड़ा ब्राह्मण चेहरा हैं। पूर्व मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे, कौशिक बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने सदस्य हैं. कौशिक 2002 में पहली बार हरिद्वार से विधायक चुने गए थे. तब से लगातार हरिद्वार से विधायक हैं कौशिक. राम सिंह कैड़ा (ठाकुर): नैनीताल जिले की भीमताल सीट से दो बार के विधायक राम सिंह कैड़ा पहली बार बीजेपी के टिकट पर विधायक बने हैं। 2017 में कैड़ा, निर्दलीय के तौर पर भीमताल से जीते थे. छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले राम सिंह कैड़ा लंबे समय तक कांग्रेस से भी जुड़े रहे. भरत चौधरी (ठाकुर): रुद्रप्रयाग जिले की रुद्रप्रयाग विधानसभा से दो बार के बीजेपी विधायक भरत चौहान राजनीति में चार दशक से हैं. इनको मंत्री बनकर बीजेपी ने क्षेत्रीय संतुलन साधने का मैसेज दिया है. भरत चौधरी ने संस्कृत भाषा में शपथ लिया.

दुर्ग में विकास की नई पहल: 2 करोड़ खर्च कर तैयार होंगे 4 सुंदर उद्यान

दुर्ग. दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में 4 नये उद्यान निर्माण किया जाएगा. शहर विधायक एवं केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव के पहल से यह संभव हो सका है. मंत्री के वार्ड भ्रमण दुर्ग के नागरिकों ने बच्चों के खेलने और सुबह शाम टहलने के लिए व्यवस्थित उद्यान की मांग किये थे. उन्होंने तत्काल विभागीय अधिकारियों से इस्टीमेट बनाकर शासन को प्रस्ताव भेजे जिस पर उद्यान बनाने की सहमति मिलने के साथ ही राशि भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है. केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि दुर्ग शहर के प्रत्येक वार्ड में नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य लगातार किए जा रहे हैं. प्रदेश की भाजपा सरकार के नेतृत्व में दुर्ग को एक विकसित और सुव्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है. विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है और लगातार नई-नई योजनाओं की स्वीकृति मिल रही है. उन्होंने बताया कि इन उद्यानों के निर्माण से बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में खेलने का अवसर मिलेगा, वहीं बुजुर्गों और अन्य नागरिकों को सुबह-शाम टहलने, व्यायाम करने और समय बिताने के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होगा. इन उद्यानों में साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था, बच्चों के लिए झूले, ओपन जिम जैसी सुविधाएं विकसित करने का भी प्रयास किया जाएगा, ताकि हर आयु वर्ग के लोग इसका लाभ उठा सकें. इन वार्डों में होगा उद्यान निर्माण : वार्ड 45, पद्मनाभपुर ( पूर्व ) 64.98 लाख वार्ड 46, पद्मनाभपुर (पश्चिम) 15.54 लाख वार्ड 49, विद्युत नगर वार्ड 51, बोरसी (उत्तर) 57.48 लाख 62.47 लाख

ओलावृष्टि और बारिश ने मचाई हलचल, 34 जिलों में अलर्ट, फसलों को हुआ नुकसान

भोपाल मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। 24 घंटों के दौरान प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। आज सुबह से भी भोपाल सहित कई जिलों में बादलों का डेरा है और रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। वहीं राजधानी भोपाल में देर रात 1:30 बजे भी तेज आंधी के साथ बारिश हुई। इधर, उज्जैन, पांढुर्णा, बैतूल, झाबुआ और बड़वानी में ओले गिरे हैं। तेज आंधी और बेमौसम बारिश की वजह से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बैतूल और दमोह में करीब आधा इंच पानी गिरा है, जबकि इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन समेत दो दर्जन से अधिक जिलों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ीं। मऊगंज में सुबह गरज-चमक के साथ हलकी बारिश शुरू हो गई, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। अचानक हुई इस बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलों पर इसके असर की आशंका जताई जा रही है। वहीं मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी। आज यहां ओले गिरने का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, आज प्रदेश के 34 जिलों में बारिश की संभावना है। इनमें बालाघाट, मंडला, सिवनी, दतिया, टीकमगढ़ और निवाड़ी में ओले भी गिर सकते हैं। वहीं, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, विदिशा, शिवपुरी, रायसेन, अशोकनगर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, छतरपुर, सतना, पन्ना, रीवा, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और डिंडोरी में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में बारिश और आंधी भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छतरपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, दतिया, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, पचमढ़ी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, मऊगंज, सतना, मुरैना, उमरिया, झाबुआ, बड़वानी और पांढुर्णा में मौसम विभाग ने तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की है। सतना में भी सुबह-सुबह बूंदाबांदी सतना में शुक्रवार सुबह मौसम ने अचानक करवट बदली है। सुबह से आसमान में बादलों का डेरा और तेज हवाओं का दौर जारी है। तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई है और जिले में कहीं-कहीं रुक-रुक कर बूंदाबांदी भी हो रही है। वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से खेतों में खड़ी और कटी फसलों के नुकसान की संभावना है।   इन जिलों में दर्ज हुई बारिश और आंधी भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छतरपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, दतिया, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, पचमढ़ी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, मऊगंज, सतना, मुरैना, उमरिया, झाबुआ, बड़वानी और पांढुर्णा में मौसम विभाग ने तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान सिस्टम के सक्रिय रहने से अगले 24 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हलकी बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। मंडला में 3.8 मिमी बारिश मंडला जिले में शुक्रवार तड़के 4 से 5 बजे के बीच जोरदार बारिश हुई। तेज हवाओं के साथ हुई इस वर्षा ने भीषण गर्मी से राहत दिलाते हुए पूरे वातावरण में ठंडक घोल दी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटों के दौरान जिले में 3.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। बेमौसम हुई इस बारिश ने जहां आम जनमानस को सुहावने मौसम का तोहफा दिया है। वहीं किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। जबलपुर में सुबह 4 बजे से बारिश जबलपुर में आज सुबह 4 बजे से शुरू हुई रुक-रुक कर बारिश ने सुबह 9 बजे के बाद तेजी पकड़ ली। इस बेमौसम बरसात और ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन सड़कों पर जलभराव से आवाजाही प्रभावित हुई।   छतरपुर में किसानों की बढ़ी चिंता इधर, बुंदेलखंड के छतरपुर के मौसम में अचानक बदलाव आया है। आज सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और बूंदाबांदी से वातावरण में ठंडक घुल गई। इस बेमौसम बदलाव से खेतों में कटी रखी फसलों को लेकर किसान चिंतित हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि शनिवार तक मौसम साफ होने पर फसलें सूख जाएंगी और बड़ा नुकसान टल सकता है।   शुजालपुर में रुक-रुक बारिश शुजालपुर में बीती रात से मौसम अचानक बदल गया। यहां रुक-रुक कर दो बार बारिश हुई। इससे खेतों में कटाई के लिए खड़ी फसल को निकालने के लिए अचानक हार्वेस्टर मशीन की मांग बढ़ गई है। वहीं मौसम में ठंडक घुली हुई है।  अन्नदाता पर दोहरी मार, उज्जैन में गरज-चमक के साथ बारिश और ओले गिरे मालवा अंचल में एक बार फिर मौसम की बेरुखी ने किसानों की कमर तोड़ दी। ओलावृष्टि, तेज हवा और बारिश ने तैयार और कटी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। शहर में शाम 7 बजे तेज हवा के साथ आकाश में बिजली चमकने लगी। कुछ बौछारे आईं। रुनीजा, पासलोद, खेड़ाखजुरिया, महिदपुर रोड और जगोटी समेत आसपास के गांवों में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। तेज हवा, बारिश और कई जगह ओलावृष्टि ने गेहूं, सरसों, लहसुन व अन्य रबी फसलों को प्रभावित किया। खेतों में खड़ी फसल जहां आड़ी पड़ गई, वहीं कटी फसल पानी में भीगकर खराब होने लगी। खुले में पड़ी उपज बनी सबसे बड़ी चिंता खरीदी की तारीख 15 मार्च से बढ़ाकर 1 अप्रैल किए जाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। कई किसानों की उपज अभी भी खेतों और खलिहानों में खुले में पड़ी है। ऐसे में बारिश से फसल की गुणवत्ता खराब होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे खरीदी में रिजेक्शन की आशंका भी बढ़ गई है। 50% फसल अभी खेतों में, कटाई पर असर क्षेत्र में करीब आधी गेहूं की फसल अभी भी खेतों में खड़ी है। बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन रही है, जिससे कटाई कार्य प्रभावित हो रहा है। यदि मौसम ऐसा ही रहा तो उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा। इंदौर में गरज-चमक के साथ बारिश, 52 कि.मी की रफ्तार से चली हवा वहीं, बात करें इंदौर जिले की तो यहां चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के असर देखने को मिला, जिसके बाद गुरुवार रात को तेज हवा चलने लगी और गरज-चमक के … Read more

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet